प्राइमरी का मास्टर ● इन - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Tuesday, July 21, 2020

प्राइमरी का मास्टर ● इन

प्राइमरी का मास्टर ● इन


फतेहपुर : विभाग के आदेश पर गूगल मीट से बैचवार शुरू हुआ शिक्षकों का प्रशिक्षण, नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से जूझते रहे शिक्षक

Posted: 20 Jul 2020 07:11 PM PDT

फतेहपुर : विभाग के आदेश पर गूगल मीट से बैचवार शुरू हुआ शिक्षकों का प्रशिक्षण, नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से जूझते रहे शिक्षक।

फतेहपुर :: हिन्दुस्तान टीम पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक सोमवार से परिषदीय शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया। पहले दिन तमाम शिक्षक नेटवर्क व कनेक्टिविटी की समस्या से जूझते रहे। उधर संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को पहले टैबलेट व रिचार्ज मुहैया कराना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत शिक्षकों का ध्यानाकर्षण, आधार शिला एवं शिक्षण संग्रह जैसे माड्यूलों पर आधारित प्रशिक्षण आपाधापी में शुरू कर दिया गया। पहला दिन होने के कारण शिक्षकों को गूगल मीट के लिंक उसकी कनेक्टिविटी को लेकर खासी दिक्कत हुई। विभाग ने प्रशिक्षण के लिए स्कूलों अनुसार बैच बनाए हैं। अधिकतर ब्लॉक में स्कूल के सभी शिक्षकों के एक साथ प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है। इस स्थिति में पहले बैच में प्रशिक्षण लेकर उन शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ाजिनके स्कूल दूरदराज या मोबाइल नेटवर्क की समस्या से ग्रसित हैं। इन व्यवहारिक समस्याओं को लेकर शिक्षकों ने अपना मौखिक विरोध भी दर्ज कराया लेकिन आला अफसरों का हुक्म होने के कारण इस मामले पर उनकी कोई सहायता नहीं हो सकी।




ऑनलाइन :: विभाग के आदेश पर सोमवार से बैचवार शुरू हुआ प्रशिक्षण,  नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से भी जूझते रहे शिक्षक

दूसरे बैच के शिक्षकों को परेशानी :: अधिकांश ब्लॉकों में दूसरे बैच में शामिल शिक्षकों ने अंदरखाने विरोध जताया है। उनका तर्क है कि या तो विभाग प्रशिक्षण वाले दिन उन्हें स्कूल से मुक्त करे या फिर सुबह की पाली में प्रशिक्षण की। वर्तमान व्यवस्था के मुताबिक पहले शिक्षक सुबह 8 बजे से 1 बजे तक अपने स्कूल जाएंगे और फिर इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण में प्रतिभाग करेंगे। इस तरह इस बैच के शिक्षक सुबह 8 बजे से शाम 5 तक व्यस्त रहेंगे। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि तमाम शिक्षक 30 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हैं इसलिए उनके सामने प्रशिक्षण में सही समय में शामिल होना बड़ी चुनौती बनेगा।

प्रशिक्षण के बाद देना होगा फीडबैक :: प्रशिक्षण सत्र के बाद शिक्षकों को फीडबैक देने के लिए एक लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इस लिंक का प्रयोग करते हुए शिक्षक प्रशिक्षण से सम्बन्धित अपना फीडबैक देंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

मदरसों के शिक्षकों के दस्तावेजों का किया जाएगा सत्यापन

Posted: 20 Jul 2020 07:05 PM PDT

मदरसों के शिक्षकों के दस्तावेजों का किया जाएगा सत्यापन



प्रयागराज। सहायता प्राप्त मदरसों के अध्यापकों के दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। समिति को 15 दिन में रिपोर्ट शासन को भेजनी है। 


कस्तूरबा गांधी विद्यालय समेत अन्य संस्थानों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर वेतन लिए जाने के मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए मदरसों में मॉडिफिकेशन के अंतर्गत नियुक्ति शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के भी सत्यापन का निर्णय लिया गया है।

ठीक से काम नहीं कर रहा मानव संपदा पोर्टल, महाविद्यालय शिक्षक परेशान, जुलाई का वेतन रोके जाने के आदेश से मची खलबली

Posted: 20 Jul 2020 06:39 PM PDT

ठीक से काम नहीं कर रहा मानव संपदा पोर्टल, महाविद्यालय शिक्षक परेशान, जुलाई का वेतन रोके जाने के आदेश से मची खलबली  


राज्य मुख्यालय प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों का विवरण दर्ज करने के लिए बनाया गया मानव संपदा पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। सर्वर धीमा चलने से मांगी गई सूचनाएं और अभिलेख अपलोड करने में महाविद्यालयों को खासी दिक्कतें आ रही हैं। इस बीच विवरण अपलोड न होने पर जुलाई का वेतन रोकने के आदेश से खलबली मच गई है। शिक्षक इसकी समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं।

 मानव संपदा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के लिए कार्मिक विवरण नाम से उच्च शिक्षा निदेशालय ने 15 पेज का प्रोफार्मा जारी किया है। शिक्षकों व कर्मचारियों को यह प्रोफार्मा भरकर अपने महाविद्यालय में जमा करना है। यह प्रोफार्मा इतना विस्तृत है कि इसमें मांगी गई सूचनाएं जुटाने में ही पसीना छूट जा रहा है। इसमें दर्ज विवरण के साथ उससे संबंधित साक्ष्य भी पोर्टल पर अपलोड करने हैं। सर्वर धीमा चलने से काम पूरा करने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। 


प्रोफार्मा में नियुक्तियों व शैक्षिक विवरण से अलावा छुट्टियों, प्रोन्नतियों, प्राप्त पुरस्कारों, सेवा में आने के बाद प्राप्त प्रशिक्षण, परिवार के सदस्यों का विवरण, लिए गए लोन का विवरण, विभागीय कार्रवाई व वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट का भी ब्योरा देना है। इसमें कुछ सूचनाएं महाविद्यालय के स्तर से ही भरी जाएंगी। प्रदेश के 331 सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में लगभग 21 हजार शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें शिक्षकों की संख्या 10 हजार के आसपास है। 


फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने यह कवायद शुरू की है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे मानव संपदा पोर्टल पर विवरण फीड करा दिए जाने का प्रमाणपत्र लेने के बाद ही संबंधित सहायता प्राप्त महाविद्यालय का जुलाई का वेतन जारी करें। इसी फरमान से शिक्षकों में आक्रोश है। कारोना संकट को देखते हुए वे समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों से इस संबंध में शासन से लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय तक को ज्ञापन भेजा है।

फैसला: बीटेक अंतिम वर्ष में बहुविकल्पीय प्रश्न आएंगे, 70 सवालों के जवाब दो घंटे में देने होंगे

Posted: 20 Jul 2020 06:31 PM PDT

फैसला: बीटेक अंतिम वर्ष में बहुविकल्पीय प्रश्न आएंगे, 70 सवालों के जवाब दो घंटे में देने होंगे



डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की बीटेक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 1 सितम्बर से होंगी। परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में बहु विकल्पीय प्रश्नों 'एमसीक्यू प्रणाली' पर आधारित और स्वकेन्द्रों पर होंगी। इसके लिए 560 केन्द्र बनाए जाएंगे। नोएडा, आगरा, गाजियाबाद समेत जिन जिलों में अधिक कॉलेज हैं, वहां 10- 15 नोडल सेंटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा बीटेक समेत अन्य विषयों के प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष में प्रोन्नत होने वाले छात्रों के अंकपत्र जुलाई के अंत तक जारी कर दिए
 जाएंगे। 


ये निर्णय सोमवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित विद्या परिषद की बैठक में लिए गए। देर शाम एकेटीयू ने बीटेक अंतिम वर्ष के छात्रों का परीक्षा शिड्यूल वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। प्रवक्ता आशीष मिश्र ने बताया कि बीटेक अंतिम वर्ष की बहुविकल्पीय प्रणाली पर आधारित परीक्षा में छात्रों को 2 घंटे में 70 सवालों के जवाब देने होंगे। बीटेक अंतिम वर्ष के साथ बैक पेपर परीक्षा भी होगी।

सतर्कता : स्कूलों में बनाई जाएगी कोविड हेल्प डेस्क

Posted: 20 Jul 2020 06:25 PM PDT

सतर्कता :  स्कूलों में बनाई जाएगी कोविड हेल्प डेस्क


राजधानी लखनऊ  के सभी राजकीय, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में कोविड हेल्प डेस्क बनाना अनिवार्य है। यहां साबुन, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवॉश, आगंतुक रजिस्टर की व्यवस्था होनी चाहिए। यह निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सोमवार को सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रिंसिपल के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में जारी किए।


डीआईओएस ने सभी प्रिंसिपल को स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षकों से सम्पर्क करने को कहा। उन्होंने बताया कि इच्छुक शिक्षकों के स्वयंप्रभा चैनल पर प्रसारित हो रहीं 10 वीं और 12वीं की कक्षाओं के लिए लेक्चर की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। डीआईओएस ने कहा कि सभी स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज का ब्योरा देना है। जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर नहीं हैं, उन्हें पियर ग्रुप से जोड़ें जिससे वह साथी सहपाठी से फोन करके कोर्स की जानकारी ले सकें।

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन

Posted: 20 Jul 2020 06:15 PM PDT

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन



शिक्षा का अधिकार अधिनियम 'आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दुर्बल वर्ग के बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन किया गया। दूसरे चरण में चयनित छात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 25 जून से इन छात्रों की दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, पहले चरण में चयनित छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक सौ से अधिक छात्रों के दाखिले स्कूलों में हो चुके हैं।

 आरटीई के जिला समन्वयक एके अवस्थी ने बताया कि पहले चरण में करीब 11 हजार आवेदन आए थे। इनमें से 8874 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया था। वहीं, आवेदन के दूसरे चरण में करीब 4500 आवेदन आए थे। लॉटरी के बाद 2642 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में आवेदन गलत जानकारी अपलोड करने की वजह से निरस्त कर दिए गए। 


चयनित छात्रों के अभिभावकों ने आवेदन के समय जो दस्तावेज लगाए थे। उनके प्रपत्रों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। जिन प्रपत्रों में गड़बड़ियां मिलेंगी तो अभिभावकों को उसे ठीक कराने का समय दिया जाएगा। 

कोराना प्रभाव : यूपी बोर्ड में 12वीं के छात्र परसाई के व्यंग और मर्चेंट ऑफ वेनिस नहीं पढ़ेंगे, 30% तक कोर्स गया घटाया

Posted: 20 Jul 2020 06:05 PM PDT

 कोराना प्रभाव : यूपी बोर्ड में 12वीं के छात्र परसाई के व्यंग और मर्चेंट ऑफ वेनिस नहीं पढ़ेंगे, 30% तक कोर्स गया घटाया


कोरोना के कारण स्कूलों में समय से पढ़ाई-लिखाई शुरू नहीं हो पाने की स्थिति में यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक का कोर्स इस साल के लिए 30 प्रतिशत तक कम कर दिया है। बोर्ड ने संशोधित पाठ्यक्रम को अपनी वेबसाइट पर सोमवार रात अपलोड कर दिया। बदले पाठ्यक्रम के मुताबिक इस साल कक्षा 12 कला वर्ग के छात्र-छात्राओं के हिन्दी विषय से गद्य में हरिशंकर परसाई की निंदा रस और अंग्रेजी से मर्चेंट ऑफ वेनिस प्ले को बाहर कर दिया गया है।


हिन्दी के प्रमुख लेखकों सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, मैथिलीशरण गुप्त और रामधारी सिंह दिनकर आदि की कुछ रचनाओं को बाहर किया है लेकिन कुछ रचनाएं शामिल है। केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह ने बताया कि कक्षा 10 हिंदी गद्य में कुल 7 पाठ में से 3 पाठ ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से-रामधारी सिंह दिनकर, क्या लिखूं-पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और पानी में चंदा और चांद पर आदमी-जयप्रकाश भारती पाठ्यक्रम से बाहर किए गए हैं। 


पद्य के 13 पाठ में से सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा व माखनलाल चतुर्वेदी की कुछ की रचनाओं का कुछ हिस्सा हटा दिया गया है जबकि मैथिलीशरण गुप्त की भारतमाता का मंदिर है यह, केदारनाथ सिंह की नदी और अशोक बाजपेयी की युवा जंगल पूरा पाठ हटाया गया है। सीबीएसई से सीख लेते हुए यूपी बोर्ड ने पाठ्यक्रम किसी ऐसे हिस्से को बाहर नहीं किया जिससे किसी प्रकार की विवाद की स्थिति पैदा हो। साथ ही यह गुंजाइश भी रखी है कि यदि कोई तर्कपूर्ण आपत्ति करता है तो उसपर विषय विशेषज्ञों से सलाह करके आवश्यक संशोधन किया जा सके।


10वीं-12वीं के कई विषयों में महत्वपूर्ण बदलाव
10वीं के अंग्रेजी प्रोस से टॉर्च बियरर व ऑवर इंडियन म्यूजिक, पोएट्री से द नेशन बिल्डर्स, सप्लीमेंटरी रीडर से माई ग्रेटेस्ट ओलम्पिक प्राइज को बाहर किया गया है। विज्ञान से धतु एवं अधतु, तत्वों का आवर्त वर्गीकरण, प्राकृतिक संसाधन, विद्युत का प्रभाव्र विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव को इस साल के लिए बाहर रखा गया है। गणित से त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं, प्रायिकता व श्रेणी आदि, सामाजिक विज्ञान से औद्योगीकरण का युग, राजनीतिक दल, मुद्रा तथा साख को बाहर किया गया है। 12वीं के इतिहास से उपनिवेशवाद, विभाजन को समझना जबकि नागरिक शास्त्र से समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व, समकालीन विश्व में सुरक्षा, स्वतंत्र भारत में राजनीति आदि, समाजशास्त्र में भूमंडीकरण और सामाजिक परिवर्तन समेत कुछ पाठ हटाए गए हैं। 

Post Bottom Ad

Pages