प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- NEP 2020 : विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को प्राचार्य जैसी मिलेगी जिम्मेदारी
- सहायक अध्यापक भर्ती मामले में उप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में बेसिक शिक्षा सचिव व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी तलब
- परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर घमासान छिड़ा, अफसर और प्रतियोगी दोनो अड़े
- यूपी बोर्ड सत्र 2021-22 का नवीनतम शैक्षिक कैलेंडर, देखें
| NEP 2020 : विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को प्राचार्य जैसी मिलेगी जिम्मेदारी Posted: 16 Aug 2021 07:40 PM PDT NEP 2020 : विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को प्राचार्य जैसी मिलेगी जिम्मेदारी NEP 2020 : नई शिक्षा नीति के तहत सत्र 2020-21 में होने वाले बदलाव के तहत विश्वविद्यालय के एक कैंपस को एक महाविद्यालय इकाई जैसा माना जाएगा। एकेडमिक बैंक फार कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स आफ यूपी (एबेकस-यूपी) में पंजीकरण के लिए इस कैंपस में विश्वविद्यालय के किसी प्रोफेसर को प्राचार्य जैसी जिम्मेदारी के लिए अधिकृत किया जाएगा। इस प्रदेश स्तरीय एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट के माध्यम से विद्यार्थियों को अंकपत्र व डिग्रियां तो मिलेंगी ही विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में स्थानान्तरण भी हो सकेगा। एबेकस-यूपी के उपयोग के लिए शिक्षण संस्थाओं का पंजीकरण होगा। सबसे पहले विश्वविद्यालय के कुलसचिव अपने मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी के माध्यम से इस पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे। लॉग इन के बाद वे अपने विश्वविद्यालय का नाम चुनकर वांछित सूचनाएं तथा अपने नोडल अधिकारी का विवरण भरकर सबमिट करेंगे। कुलसचिव द्वारा भरी गई सूचना का सत्यापन कुलपति द्वारा किया जाएगा। शिक्षण कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के एक कैंपस को एक महाविद्यालय इकाई जैसा माना जाएगा। ये कैंपस महाविद्यालय पंजीकरण प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करेंगे। कुलपति एक वरिष्ठ प्रोफेसर (प्राचार्य के स्थान पर) को नामित करेंगे, जो महाविद्यालय पंजीकरण प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करेंगे और उसका सत्यापन कुलसचिव करेंगे। पंजीकरण प्रक्रिया के बाद विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय कैंपस और महाविद्यालय अपने आधारभूत संरचना, शिक्षक, विभाग, पाठ्यक्रम व विषय आदि का विस्तृत डाटा अपलोड करेंगे। राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य द्वारा भरी गई सूचना का सत्यापन निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा किया जाएगा। सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा भरी गई सूचना का सत्यापन प्रथम स्तर पर संबंधित विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा और द्वितीय स्तर पर निदेशक उच्च शिक्षा द्वारा किया जाएगा। यदि कोई सूचना गलत होती है तो प्राचार्य के मोबाइल नंबर और ई-मेल पर उसकी सूचना पहुंच जाएगी और प्राचार्य द्वारा लॉग-इन के माध्यम से उसे सही किया जाएगा। |
| Posted: 16 Aug 2021 07:19 PM PDT सहायक अध्यापक भर्ती मामले में उप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में बेसिक शिक्षा सचिव व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी तलब लखनऊ : उप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सहायक अध्यापक भर्ती मामले में बेसिक शिक्षा सचिव को तलब किया है। उनके साथ सचिव, परीक्षा नियामक को भी अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। आयोग के अध्यक्ष जसवन्त सैनी ने सोमवार को कुल 19 वादों की सुनवाई की। प्रमुख वादों में शिवबीर सिंह यादव बनाम निदेशक, बेसिक शिक्षा का प्रकरण सुना गया। इसमें 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में आरक्षित पिछड़ी जाति के अभ्यर्थियों को पांच फीसद छूट न दिए जाने के मामले में सचिव, बेसिक शिक्षा व सचिव परीक्षा नियामक को तलब किया गया। इसी प्रकार अतुल कुमार प्रजापति बनाम प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का मामला सुना गया। इसमें पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा पिछड़ी जाति के टीजी-2 कार्मिकों की अवर अभियंताओं का प्रमोशन न करने के मामले में प्रबंध निदेशक के उपस्थित न होने पर नाराजगी व्यक्त की गई। एक अन्य मामले में आयोग ने डा.पारुल सिंह बनाम अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा व महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा की सुनवाई की गई। |
| परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर घमासान छिड़ा, अफसर और प्रतियोगी दोनो अड़े Posted: 16 Aug 2021 07:00 PM PDT परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर घमासान छिड़ा, अफसर और प्रतियोगी दोनो अड़े लखनऊ : प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर घमासान छिड़ा है। 69,000 भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थी 68,500 भर्ती के खाली पदों पर नियुक्ति चाहते हैं, जबकि अफसर नियमों का हवाला देकर इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों भर्तियों का विज्ञापन, परीक्षा का प्रारूप, कटआफ अंक व शैक्षिक अर्हताएं तक अलग हैं। बेसिक शिक्षा विभाग 69,000 शिक्षक भर्ती पूरी करा चुका है, सिर्फ कुछ पदों पर नियुक्ति होना शेष है इसी के बाद मुहिम ने जोर पकड़ा है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने के बाद खाली पदों के सापेक्ष दो भर्तियां निकाली गईं थीं। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में 41,556 अभ्यर्थी सफल हुए थे। पुनमरूल्यांकन के बाद करीब 45 हजार से अधिक को नियुक्ति मिल चुकी है, जबकि कुछ अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया चल रही है। इसमें करीब 22 हजार से अधिक पद खाली हैं। इसके बाद 69,000 भर्ती का विज्ञापन आया। लिखित परीक्षा में तय पदों के सापेक्ष दोगुने से अधिक 1,46,060 अभ्यर्थी सफल हुए। लगभग सभी पद तीन चरणों की काउंसिलिंग में भर चुके हैं। इस भर्ती में चयनितों से अधिक 75 हजार अभ्यर्थी बाहर हुए हैं। वे 68,500 भर्ती के रिक्त पदों पर चयन की मुहिम छेड़े हैं। इसे लेकर 57 दिन से एससीईआरटी पर धरना चल रहा है। पिछले दिनों पानी की टंकी पर चढ़कर अभ्यर्थियों ने कई दिन आंदोलन चलाया। सोमवार से अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग के अफसर उनकी मांगे नहीं मान रहे हैं, उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, अफसरों का कहना है कि दो अलग भर्तियों के पद जोड़ना संभव नहीं है। दोनों में चयन अलग तरीके से हुआ है, इसलिए एक भर्ती परीक्षा में सफल होने वालों को दूसरी भर्ती में समाहित नहीं किया जा सकता। |
| यूपी बोर्ड सत्र 2021-22 का नवीनतम शैक्षिक कैलेंडर, देखें Posted: 16 Aug 2021 07:34 PM PDT मार्च के आखिरी सप्ताह में होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, जनवरी 2022 तक पूरा करना है कोर्स माध्यमिक शिक्षा परिषद में जारी किया शैक्षिक कैलेंडर, अप्रैल में होगा अगले सत्र का प्रारंभ, फरवरी में होंगी नौवीं और 11 वीं की वार्षिक परीक्षा और मूल्यांकन यूपी बोर्ड :15 जनवरी तक शिक्षण कार्य पूरे करने के निर्देश, प्री-बोर्ड फरवरी में तो बोर्ड परीक्षा मार्च के अंत में प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने माध्यमिक विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2021-22 के एकेडमिक कैलेंडर का निर्धारण कर दिया है। इसके तहत कक्षा नौ से 12 तक की सभी कक्षाओं में ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षण कार्य 15 जनवरी-2022 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा तथा कक्षा नौ एवं 11 की वार्षिक गृह परीक्षा फरवरी-2022 के प्रथम सप्ताह में होगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा मार्च के चौथे सप्ताह में होगी। निदेशक विनय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर परिषद सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी), मंडलीय उप शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) को लिखे पत्र में बताया है कि ऑनलाइन शिक्षण कार्य 20 मई से चल रहा है। अब 16 अगस्त से विद्यार्थियों की भौतिक उपस्थिति में कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा है कि नवंबर के द्वितीय सप्ताह में अर्धवार्षिक परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जाएंगी। सचिव ने कहा है कि 15 जनवरी-2022 तक सभी कक्षाओं में शिक्षण कार्य पूरा कर 24 से 31 जनवरी के बीच प्री-बोर्ड की परीक्षाएं पूरी कराई जाएं। फरवरी के प्रथम सप्ताह में प्री-बोर्ड और वार्षिक गृह परीक्षा कराकर इसके प्राप्तांकों को फरवरी के तीसरे सप्ताह तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने का समय तय किया गया है। बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी के चौथे सप्ताह में होंगी। मार्च के चौथे सप्ताह से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2021-22 का पूरे साल का शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। स्कूलों में विद्यार्थियों के कक्षा में उपस्थिति के पहले दिन ही परिषद की ओर से कैलेंडर जारी कर दिया गया है। कैलेंडर के अनुसार मार्च 2022 के आखिरी सप्ताह में 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षा होगी। फरवरी के आखिरी सप्ताह बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा होगी। वार्षिक गृह परिक्षाएं फरवरी महीने में पूर्ण होंगी। नवंबर महीने के तीसरे सप्ताह में अद्घवार्षिक परीक्षा का आयोजन होगा। 15 जनवरी तक स्कूलों को निर्धारित कोर्स को पूरा करना है। हालांकि यह तिथियां कोविड महामारी के संबंध में सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों के अधीन होंगी। विज्ञापन माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2021-22 का एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन सुचारू रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। सत्र की शुरुआत 20 मई से ऑनलाइन शिक्षण कार्य से हुई है। जबकि 16 अगस्त से विद्यार्थिर्यों की भौतिक उपस्थिति के साथ कक्षाओं का संचालन शुरु हुआ। नवंबर के द्वितीय सप्ताह में अर्द्घवार्षिक परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी। तीसरे सप्ताह में अद्घवार्षिक की लिखित परीक्षा होगी। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में अंकपत्र परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाना है। कक्षा 9,10,11 एवं 12 का ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण कार्य पूरा करना है। 24 से 31 जनवरी तक प्री बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी।फरवरी के पहले सप्ताह में प्री बोर्ड की लिखित परीक्षा एवं 9 और 11 की वार्षिक गृह परीक्षा होनी है। फरवरी के तीसरे सप्ताह तक प्री बोर्ड परीक्षा और वार्षिक परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 की शुरुआत अप्रैल माह से होगी। छात्रों को करियर के प्रति करें जागरूक विद्यार्थियों को कॅरियर के प्रति जागरूक करने के लिए हर पखवारे में एक दिन स्थानीय प्रशासनिक अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अफसर, बैंक अफसर, उद्यमी को विद्यालय में आमंत्रित करें। ताकि वह छात्रों को संबोधित करें और उन्हें करियर के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा दिसंबर माह में विद्यालय में 12 वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के नेतृत्व में कॅरियर काउन्सलिंग सप्ताह का आयोजन किया जाए। नए प्रारूप पर होगी 9 वीं की परीक्षा वर्तमान सत्र में कक्षा 9 की लिखित अद्घवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षा नए पारूप पर होगी। प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे। प्रथम खंड में पूर्णांक के 30 प्रतिशत अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न तथा द्वितीय खंड में पूर्णांक के 70 प्रतिशत अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। विद्यार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड बनेगा स्कूलों में विद्यार्थियों का हर महीने विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण होगा। साथ ही स्वास्थ्य कार्ड बनेगा। छात्रों के रिपोर्ट कार्ड में अद्घवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक के साथ स्वास्थ्य का विवरण भी अंकित रहेगा। हर विद्यालय की हो वेबसाइट और हर छात्र का बने ईमेल ऑनलाइन शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू किए जाने के लिए डीआईओएस प्रधानाचार्य को वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे। फिर प्रधानाचार्य शिक्षकों को। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षा का भी संचालन हो। पुस्तकें दीक्षा पोर्टल पर परिषद की वेबसाइट पर लिंक रूप में उपलब्ध हैं। उसे विद्यार्थियों को डाउनलोड कराया जाए। शिक्षक दीक्षा, यूटयूब, एवं अन्य पोर्टलों पर छात्रों को अध्ययन सामाग्री लिंक के माध्यम से उपलब्ध कराएं। डिजिटल लिट्रेसी को बढ़ाने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी की ईमेल बनवायी जाए। साथ ही हर विद्यालय की वेबसाइट हो। वेबसाइट का नवंबर तक प्रत्येक विद्यालय को पूरा करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन हो। साथ ही स्कूल प्लान विकसित किया जाए। जिसमें स्कूल स्तर की गतिविधियां शामिल हों। हर विद्यालय की स्मारिका प्रकाशित हो। ताकि बच्चों को लेख लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। स्मारिका की प्रति परिषद को भेजनी है। |
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