Pradesh Police Activity | |
- 50 हजार से भी कम कीमत की 10 रुपये में 100 किमी दौड़ेगी ये इलेक्ट्रिक बाइक, डीएल का झंझट नहीं
- तत्कालीन थाना प्रभारी मझोला समेत पांच पुलिस कर्मियों के वारंट जारी
- डॉक्टर की बड़ी लापरवाही : घायल व्यक्ति को बताया मृत, 6 घंटे बाद मोर्चरी में चलती मिली सांस
| 50 हजार से भी कम कीमत की 10 रुपये में 100 किमी दौड़ेगी ये इलेक्ट्रिक बाइक, डीएल का झंझट नहीं Posted: 20 Nov 2021 02:45 AM PST
एक समय था जब आप अपने दोपहिया वाहन (बाइक या स्कूटर) से कहीं निकलने की तैयारी करते थें, तो पेट्रोल की कीमत और माइलेज की ज्यादा चिंता नहीं होती थी। लेकिन आज स्थितियां पहले से काफी बदल गई हैं, पेट्रोल की बढ़ती कीमत ने दोपहिया चालकों के भी माथे पर बल ला दिया है। हम आपको उन इलेक्ट्रिक दोपहया वाहनों के बारे में बता रहे है जो आपके बज़ट में फिट होने के साथ ही आपकी जरूरतों को भी पूरा करे। आज हम हैदराबाद बेस्ड स्टॉर्ट-अप ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड की नई इलेक्ट्रिक बाइक Atum 1.0 के बारे में जानते हैं, क्या है ख़ास इस बाइक में........ दरअसल ये एककैफे रेसर स्टाइलवाली इलेक्ट्रिक बाइकहै जिसे इंटरनेशनलसेंटर फॉर ऑटोमोटिवटेक्नोलॉजी द्वारा एक लोस्पीड इलेट्रिक दोपहियावाहन के तौरपर सर्टिफाइड कियागया है। चूकिंये एक लोस्पीड इलेक्ट्रिक बाइकहै और इसकीअधिकतम स्पीड 25 किलोमीटर प्रतिघंटाहै इसलिए इसेड्राइव करने केलिए आपको ड्राइविंगलाइसेंस की भीजरूरत नहीं है। कंपनी ने नईAtum 1.0 में 48V की क्षमताका 250W इलेक्ट्रिक मोटर काइस्तेमाल किया है, जो कि लिथियम-आईऑन बैटरीपैक के साथआता है। कंपनीका दावा हैकि ये बाइकसिंगल चार्ज में100 किलोमीटर तक काड्राइविंग रेंज देतीहै। कंपनी नेइसके स्पीड कोलिमिटेड किया गयाहै, इसलिए येइससे ज्यादा तेजरफ्तार नहीं पकड़सकती है। इसकी बैटरी को फुलचार्ज होने मेंतकरीबन 4 घंटे कासमय लगता है।इसे आप घरेलू3 पिन सॉकेट सेभी कनेक्ट करआसानी से चार्जकर सकते हैं।कंपनी का दावाहै कि येबाइक फुल चार्जहोने में महज1 यूनिट बिजली की खपतकरती है। यानीकि इसे चार्जहोने का खर्चअधिकतम 7 रुपये से लेकर10 रुपये हो सकताहै। यहां येध्यान देना जरूरीहै कि, आपइस बाइक काइस्तेमाल किस शहरमें कर रहेहैं, क्योंकि हरजगह इलेक्ट्रिसिटी रेटअलग-अलग है। Atum 1.0 इलेक्ट्रिकबाइक बेहद हीकिफायती है, इससमय फेस्टीव सीजनके मौके परकंपनी ने इसकीकीमत को कमकर दिया है।इस बाइक केलिए आपको महज49,999 रुपये खर्च करनेहोंगे, जो किपहले 54,999 रुपये थी। कंपनीका दावा हैकि इसके बैटरीकी लाइफ 5 सालसे ज्यादा है, जिस पर कंपनी2 साल तक कीवारंटी दे रहीहै। | ||
| तत्कालीन थाना प्रभारी मझोला समेत पांच पुलिस कर्मियों के वारंट जारी Posted: 20 Nov 2021 01:49 AM PST नौ साल पुराने एक युवक को अवैध हिरासत में रखने के मामले में अदालत ने मझोला थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। पुलिस कर्मियों को अदालत ने सोलह दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिए है। मामला वर्ष 2012 का है। मीरा गुप्ता नामक एक की महिला ने अपने अधिवक्ता आनंद मोहन गुप्ता के जरिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद प्रस्तुत किया था। जिसमें महिला ने बताथा कि उसेबेटे को थानामझोला की पुलिसजिसमें तत्कालीन थाना प्रभारीसंजय सिंह ,सबइंस्पेक्टर बीएस यादव, कांस्टेबल महेंद्र सिंह वरविंद्र सिंह औरअजय सिंह नेतीन दिन तकअवैध रूप सेहिरासत में रखा।इस मामले मेंउस समय सीजेएमडा. राकेश कुमारनैन ने उक्तसभी आरोपियों कोअदालत ने 19 मार्च2012 में तलब कियाथा, लेकिन पुलिसकर्मी अदालत मेंहाजिर नहीं हुएथे। वर्तमान में यहफाइल 17 नवंबर को पुन: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटविमल वर्मा कीअदालत में पेशहुई। जिसमें अदालतने पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफजरिये वारंट तलबकिया है ।अदालत ने वरिष्ठपुलिस अधीक्षक कोनिर्देश जारी कियाहै कि वहवारंट तामील करातेहुए आरोपियों कोअदालत में 16 दिसंबरको पेश करें। | ||
| डॉक्टर की बड़ी लापरवाही : घायल व्यक्ति को बताया मृत, 6 घंटे बाद मोर्चरी में चलती मिली सांस Posted: 20 Nov 2021 01:48 AM PST मुरादाबाद जिला अस्पताल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को निजी और सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया लेकिन कुछ घंटे बाद सवेरे मोर्चरी में उसकी सांस चलती मिली। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती करके उपचार शुरू किया गया। बाद में उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। संभलके हजरतनगर गढ़ीथाना क्षेत्र केगांव पोटा बराहीनिवासी श्रीकेश गौतम( 42) मुरादाबादनगर निगम मेंलैंप लाइटर केपद पर तैनातहै। वह मझोलाके मंडी समितिके पास किरायेके मकान मेंपत्नी दीक्षा केसाथ रहता है।गुरुवार रात करीबसाढ़े नौ बजेमंडी समिति केपास एक बाइकने उन्हें तेजटक्कर मार दीथी। गंभीर रूपसे घायल श्रीकेशको दिल्ली रोडपाकबड़ा स्थिति एक निजीमेडिकल कॉलेज ले जायागया। प्राथमिक उपचारके बाद उसेनया मुरादाबाद स्थितब्राइट स्टार हास्पिटल मेंभर्ती कराया गया।वहां भी स्थितिनहीं सुधरी परिजनउसे लेकर पहलेमझोला स्थित साईंअस्पताल और फिरकांठ रोड स्थितविवेकानंद अस्पताल पहुंचे।बहनोई दिसौदीलाल ने बतायाकि विवेकानंद अस्पतालमें डॉक्टर नेबताया कि श्रीकेशकी मौत होचुकी है। यहसुनकर घंटों अस्पतालोंके चक्कर काटरहे परिजन मायूसहो गए। विभागीयऔपचारिकता के लिएवे श्रीकेश कोलेकर जिला अस्पतालपहुंचे। जहां इमरजेंसीवार्ड में नाइटड्यूटी पर तैनातडॉ. मनोज कुमारने रात करीब3.30 बजे उसे मृतघोषित कर दिया। पंचनामा के दौरानशरीर में दिखीहलचल तो मचीखलबली पहले निजी औरफिर सरकारी अस्पतालके चिकित्सकों द्वाराश्रीकेश को मृतघोषित किए जानेके बाद परिजनपूरी तरह सेटूट चुके थे।मायूस परिजन खुदजिला अस्पताल केस्टाफ की मददसे श्रीकेश कोमृत मानकर मोर्चरीके प्लेटफार्म पररख आए थेताकि सवेरे पोस्टमार्टमहो सके। श्रीकेशकी मौत कीसूचना जिला अस्पतालके इमरजेंसी वार्डसे पीआई सिविललाइंस थाने औरमझोला पुलिस कोभी दे दीगई थी। रोजानाकी प्रक्रिया केअनुसार शुक्रवार सवेरे करीबदस बजे मंडीसमिति में तैनातएसआई अवधेश कुमारपोस्टमार्टम के लिएपंचनामा भरने मोर्चरीपहुंचे। परिजनों की मौजूदगीमें जब उन्होंनेइंजरी मार्क नोटकरने को श्रीकेशको ओढ़ाई गईचादर हटाई तोउन्हें शरीर मेंकुछ हलचल महसूसहुई। श्रीकेश केजिंदा होने कीउम्मीद जगने परपरिजनों ने लापरवाहीका आरोप लगातेहुए हंगामा करदिया। परिजन इमरजेंसीवार्ड में तैनातडॉ. अरुण तोमरको लेकर मोर्चरीपहुंचे। जांच मेंडॉक्टर ने पुष्टकिया कि श्रीकेशकी सांस चलरही है। उसेतत्काल फिर सेअस्पताल में भर्तीकराया गया औरऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया।हालांकि उसकी गंभीरहालत देखते हुएउसे हायर मेडिकलसेंटर रेफर करदिया गया। बादमें परिजन श्रीकेशको लेकर मेरठमेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहांउसका उपचार चलरहा है। देररात फोन परश्रीकेश के भाईसत्यानंद गौतम नेबताया कि श्रीकेशअभी बेहोश है।उसके ऑपरेशन केलिए जांच कराएजा रहे हैं।साढ़ेछह घंटे तकमोर्चरी में रहाश्रीकेश रात करीबसाढ़े तीन बजेजिला अस्पताल केइमरजेंसी वार्ड में डॉकटरने श्रीकेश कोमृत घोषित करउसे मोर्चरी मेंरखवा दिया। इसकेबाद सुबह करीबदस बजे जबमझोला पुलिस पहुंचीउसके जीवित होनेका पता चलातो परिजनों नेहंगामा शुरू करदिया। इस तरहकरीब साढ़े छहघंटे तक श्रीकेशजिंदा होने केबाद भी मोर्चरीमें शवों कोरखने के लिएबनाए गए प्लेटफॉर्मपर बेसुध पड़ारहा। हालांकि बादमें जिला अस्पतालप्रशासन बचाव कीमुद्रा में आगया और आनन-फानन मेंअपनी गलती कोसुधार कर उपचारशुरू किया। बहनोईदिसौदी लाल औरभाई सत्यानंद नेकहा कि यदिरात में डॉक्टरठीक से देखतेतो शायद उसीसमय उपचार शुरूहो जाता। |
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