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Saturday, November 20, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


मूलशंकर आर्य समाज वैदिक संस्था से शादी के कारण जमानत नहीं मिली- GWALIOR NEWS

Posted: 20 Nov 2021 06:53 AM PST

ग्वालियर
। हुरावली स्थित मूलशंकर आर्य समाज वैदिक संस्था के माध्यम से शादी करके लौटे युवक को उसी की पत्नी के बलात्कार के मामले में आरोपी बनाकर FIR दर्ज कर ली गई। हाईकोर्ट ने भी अग्रिम जमानत नहीं दी। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस संस्था के माध्यम से विवाह हुआ है वह विवाह संस्कार कराने के लिए वैध संस्था नहीं है। इसलिए विवाह को भी वैध नहीं माना जा सकता।

मामला ग्वालियर के थाटीपुर थाने का है। गिरफ्तार किए गए युवक का नाम योगेश गहलोत बताया गया है। 22 जून 2021 को लड़की घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। 2 जुलाई 2021 को लड़की वापस आ गई। परिजनों ने दावा किया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके आधार पर पुलिस ने लड़की के साथ लव मैरिज करने वाले योगेश गहलोत के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। 

योगेश गहलोत ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। योगेश की तरफ से उनके वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि दोनों ने विवाह कर लिया है। यह विवाह हुरावली स्थित मूलशंकर आर्य समाज वैदिक संस्था से विवाह किया है। यह भी बताया कि लड़की की उम्र 25 वर्ष है। पुलिस डिपार्टमेंट की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीपी सिंह ने दावा किया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है। इसलिए दुष्कर्म का मामला है जिस में जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। 

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मूलशंकर आर्य समाज वैदिक संस्था के माध्यम से विवाह कराया गया है जबकि इस संस्था पर विवाह कराने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए इस संस्था के माध्यम से हुआ विवाह भी वैध नहीं माना जा सकता। इसी के आधार पर हाई कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL MLA रामेश्वर शर्मा द्वारा दिग्विजय सिंह के विरोध प्रदर्शन को लूटने की तैयारी

Posted: 20 Nov 2021 05:57 AM PST

भोपाल
। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के दूसरे सबसे बड़े नेता दिग्विजय सिंह के विरोध प्रदर्शन को लूटने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेसियों के घुटने तोड़ने वाले बयान के बाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राम धुन कीर्तन का स्वागत करते हुए कहा कि आइए आपका स्वागत है। आपको एवं आपके साथियों को स्वल्पाहार की व्यवस्था है। 

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने क्या कहा था 

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का वीडियो वायरल हो जाने के बाद दिग्विजय सिंह ने आज सुबह अपने बयान में कहा था कि 'मैं कॉंग्रेसी हूँ जिसमें ताक़त हो तो मेरे घुटने तोड़ दे।  मैं गांधीवादी हूँ। हिंसा का जवाब अहिंसा से दूँगा। 24 नवंबर को मैं महात्मा गॉंधी की मूर्ति लेकर रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जा कर प्रभु से उन्हें सदबुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूँगा। 

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने क्या कहा

आदरणीय दिग्विजय सिंह जी, मैं तो धन्य हो गया की मेरी वजह से आप प्रभु श्रीराम का भजन करेंगे, 24 की श्रीराम धुन इतिहास के पन्नो में दर्ज होगी, मैं आपको श्रीरामचरित मानस भेंट करूँगा। स्वल्पाहार के लिए आपके साथ आने वाले श्रीराम भक्तों की संख्या एवं समय बताने का कष्ट करें।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का प्लान क्या है 

दिग्विजय सिंह द्वारा रामधन कीर्तन के माध्यम से 1 घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के ऐलान के बाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और उनकी टीम ने रणनीति तैयार की है। हमारे सूत्रों का कहना है कि रामेश्वर शर्मा इस विरोध प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह न केवल दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों का स्वागत करेंगे बल्कि अपने समर्थकों के साथ राम धुन कीर्तन में शामिल होंगे। 

दिग्विजय सिंह रामेश्वर शर्मा को महात्मा गांधी की प्रतिमा देंगे और बदले में रामेश्वर शर्मा दिग्विजय सिंह को श्रीरामचरितमानस भेंट करेंगे। 
स्वल्पाहार के बहाने साथियों की संख्या जानने की कोशिश की है ताकि उसी के अनुसार अपने समर्थकों की संख्या निर्धारित की जा सके। 
घर के सामने के पूरे इलाके को भाजपा और भगवा झंडा से पाट दिया जाएगा। उसके बीच में कांग्रेस पार्टी के झंडे भारत के राष्ट्रध्वज की तरह दिखाई देंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस पार्टी के लोग रामेश्वर शर्मा के विरोध में नारेबाजी नहीं करेंगे लेकिन रामेश्वर शर्मा की समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता जय जय श्री राम के नारे बुलंद करेंगे।
कुल मिलाकर भोपाल पुलिस के लिए 24 नवंबर का दिन काफी तनाव भरा हो सकता है।
भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया BHOPAL NEWS पर क्लिक करें.

GWALIOR में छाया कोहरा हिमालय से नहीं अरब सागर से आया है- WEATHER NEWS

Posted: 20 Nov 2021 05:39 AM PST

ग्वालियर
। अरब सागर में चल रही तूफानी हलचल के कारण बादलों की एक लाइन ग्वालियर तक पहुंच गई है मौसम विज्ञान की भाषा में इसे ट्रफ लाइन कहते हैं। यह लाइन जिन इलाकों के ऊपर होती है वहां बारिश की प्रबल संभावना होती है। इसी ट्रफ लाइन के कारण ग्वालियर चंबल संभाग का मौसम बदल गया है और कोहरा छाया हुआ है।

GWALIOR WEATHER FORECAST- कड़ाके की ठंड की तारीख तय

अरब सागर से ग्वालियर-चंबल संभाग तक ट्रफ लाइन बन गई है, जिससे गुरुवार-शुक्रवार की रात बूंदाबांदी होती रही और दिनभर बादल छाए रहे। अरब सागर से ग्वालियर तक छाए बादलों के कारण ग्वालियर का अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस कम है। रात के तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण फिलहाल रात में ठंड कम हो गई है लेकिन इन बादलों के जाते ही कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्वालियर में  22 नवंबर से तेजी से तापमान नीचे आएगा।

ग्वालियर में मौसम की सर्दी नहीं है, समुद्री हवाओं की ठंड है

बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में एक साथ कम दबाव के क्षेत्र विकसित होने से अचानक मौसम बिगड़ गया। गत दिवस देर शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरी रात चला। रात में 1.9 मिमी बारिश दर्ज हुई। इस बारिश से हवा में नमी आ गई है। शुक्रवार को मध्य प्रकार का कोहरा छाया था, जिससे दृश्यता हजार मीटर पर आ गई थी, लेकिन सात बजे के बाद कोहरा छट गया, लेकिन बादल छाए रहे। बादलों ने दिन का तापमान नहीं बढ़ने दिया, जिससे ठंडक रही। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

JABALPUR HC NEWS- रिटायरमेंट की आयु अलग-अलग नहीं हो सकती

Posted: 20 Nov 2021 05:10 AM PST

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभिमत दिया है कि अलग-अलग डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु अलग-अलग नहीं हो सकती। उच्च न्यायालय में आयुष डॉक्टर मीता बिसारिया की तरफ से प्रस्तुत की गई याचिका की सुनवाई चल रही थी। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ एवं जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने के अधिकार का समर्थन किया।

भोपाल में कार्यरत आयुष अधिकारी डॉ मीता बिसारिया (होम्योपेथी) ने राज्य सरकार के मप्र शासकीय सेवक अधिवार्षिकी आयु संशोधन अधिनयम 2011 की वैधानिकता को चुनौती दी थी। इसके तहत एलोपेथी डॉक्टर्स की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष जबकि आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित है। मामले पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग तथा आयुष विभाग के प्रमुख सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जनवरी 2021 को होगी।

सेवानिवृत्ति आयु निर्धारण में भेदभाव करना अनुचित: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और रोहित जैन ने दलील दी कि एलोपेथी और आयुष (यूनानी, होम्योपेथी एवं आयुर्वेदिक) दोनों तरह के डॉक्टर्स का मूल काम इलाज करना है। ऐसे में सेवानिवृत्ति आयु निर्धारण में भेदभाव करना अनुचित है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे एक मामले में कहा है कि आयुष डॉक्टर्स भी 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के हकदार हैं। इसी तरह मप्र हाईकोर्ट की बेंच ने भी शशिबाला चौहान विरुद्ध मप्र शासन के प्रकरण में नर्स की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष निर्धारित की है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा प्रथमदृष्टया हमारा मत है कि आयुष डॉक्टर्स भी 65 वर्ष तक सेवा करने के अधिकारी हैं। मध्यप्रदेश कर्मचारियों की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP Employee news पर क्लिक करें

INDORE NEWS- दिल्ली, बनारस, महाराष्ट्र और ओडिशा की 6 लड़कियां पकड़ी

Posted: 20 Nov 2021 04:44 AM PST

इंदौर
। महालक्ष्मी नगर स्थित एक फ्लैट से लसूडिया थाना पुलिस ने 6 लड़कियां और 3 लड़कों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह लड़कियां दिल्ली, वाराणसी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा राज्यों की रहने वाली हैं। यहां इन्हें प्रतिबंधित देह व्यापार के लिए लाया गया था। 

लसूड़िया थाना टीआइ इंद्रमणि पटेल ने बताया कि लोगों से पैसे लेकर उनके पास लड़कियां भेजने के आरोप में पिछले दिनों नीरज चौधरी, प्रमोद सिंह, शिवम वर्मा, केशवसिंह और इमरान को पकड़ा गया था। इन्वेस्टिगेशन के दौरान इन लोगों ने बताया कि 3 ऑनलाइन वेबसाइट है जिनके माध्यम से ग्राहकों द्वारा लड़कियों की बुकिंग की जाती है। इंदौर में ऐसे कई लोग हैं जो फ्लैट और होटलों में लड़कियों को भेजते हैं।

ज्यादातर ग्राहक दूसरे राज्यों की लड़कियों की मांग करते हैं ताकि बाद में उन्हें पहचाने जाने का कोई डर ना हो। प्रॉपर इंफॉर्मेशन के बेस पर पुलिस ने रेड का प्लान बनाया। एक कांस्टेबल को ग्राहक बनाकर वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन बुकिंग की गई। मोहम्मद यमन उर्फ समीर ने संपर्क किया। डील फाइनल होने के बाद महालक्ष्मी नगर स्थित समीर के फ्लैट में पहले कॉन्स्टेबल पहुंचा और उसका इशारा होते ही पुलिस टीम ने छापा मार दिया। 

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान समीर के फ्लाइट से मयूर पुत्र शंकर काटरे निवासी परदेशीपुरा, मोहम्मद यमन उर्फ समीर पुत्र अखलाक अहमद निवासी सौर्य विहार लखनऊ और मोहम्मद सालाहा पुत्र मोहम्मद परवेज निवासी फिरोजाबाद को 6 लड़कियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDORE NEWS पर क्लिक करें.

MPMSU JABALPUR NEWS- मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में तोड़फोड़, स्टाफ ने खुद को कमरे में बंद किया

Posted: 20 Nov 2021 04:24 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में आज अचानक 200 से ज्यादा पैरामेडिकल स्टूडेंट्स घुस आए और नारेबाजी करते हुए तोड़फोड़ कर दी। ऑफिस स्टाफ ने खुद को एक कमरे में बंद करके छात्रों के गुस्से से बचाया। दरअसल स्टूडेंट पिछले 3 साल से एक ही क्लास में पढ़ रहे हैं। डिपार्टमेंट ना तो जनरल प्रमोशन दे रहा है और ना ही परीक्षा करवा रहा है। 

भोपाल के माता मंदिर स्थित मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में अचानक छात्रों के उग्र प्रदर्शन से घबराए अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। अधिकारी इतने डरे हुए थे कि पुलिस की मौजूदगी में भी स्टूडेंट से बात करने के लिए नहीं आए। मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्टूडेंट से बात की और उनका गुस्सा शांत करवाया। शांति का वचन देने के बाद 5 विद्यार्थियों के पैनल को रजिस्ट्रार डॉ. पूजा शुक्ला से मिलाया गया। यहां छात्रों से उनका ज्ञापन लिया गया परंतु पावती नहीं दी गई। 

3 साल से एक ही क्लास में पढ़ रहे हैं, डेट घोषित होती है लेकिन परीक्षा नहीं होती

छात्र गुलशन राय ने बताया कि पैरामेडिकल कॉलेजों (मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर) में छात्रों ने वर्ष 2019 में एडमिशन लिया था। कुछ महीने बाद से ही कोविड-19 महामारी के कारण संबद्ध विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई। अब तीसरा साल शुरू हो गया है, लेकिन हम सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में कई बार परीक्षा की तिथि घोषित भी गई थी, लेकिन परीक्षा नहीं हुई। अब वे 1 दिसंबर से परीक्षा लेने का कह रहे हैं। जिस तरह से नर्सिंग छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया है उसी आधार पर उन्हें भी प्रमोशन दिया जाए।

यह मांगें हैं
कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए 2019-20 के फर्स्ट, सेकंड और थर्ड ईयर के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के हिसाब से मार्क्स दिए जाएं।
यदि जनरल प्रमोशन नहीं दे सकते तो परीक्षाएं ऑनलाइन या ओपन बुक के माध्यम से ली जाए।
अब परीक्षा लिए जाने का कोई मतलब ही नहीं है।
अगर विभाग उनकी बात नहीं मानता है, तो वह लिखित में दे कि वे उनकी मदद नहीं कर सकते।
नर्सिंग छात्रों की तरह ही विभाग उन्हें भी जनरल प्रमोशन दे।

नर्सिंग के छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया तो पैरामेडिकल को क्यों नहीं

कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश आर्युविज्ञान मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर द्वारा नर्सिंग छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया। कोर्ट के आदेश पर यह निर्णय लिया गया। हालांकि पैरामेडिकल के लगभग 20 हजार छात्रों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया गया। पैरामेडिकल छात्र भी 2-3 साल से इसी प्रकार की लेटलतीफी और अनियमिताओं का शिकार हुए। मध्य प्रदेश प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित खबरों के लिए कृपया MP career news पर क्लिक करें।

आउटसोर्स कर्मचारी सार्वजनिक अवकाश के लिए श्रम आयुक्त के पास पहुंचे- MP NEWS

Posted: 20 Nov 2021 03:42 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की बिजली कंपनी में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का सीधा सवाल यह है कि जब हम बिजली कंपनी के कर्मचारी ही नहीं है तो फिर बिजली कंपनी के कर्मचारियों के लिए बनाए गए टाइम टेबल का पालन क्यों करें। शासन द्वारा सभी कर्मचारियों के लिए घोषित किए गए कैलेंडर का पालन क्यों नहीं। आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि उनसे दीपावली और गुरु नानक जैसे त्योहारों पर काम कराया जा रहा है। इसके बदले में कोई दूसरे दिन भी अवकाश नहीं दिया जा रहा।

श्रम आयुक्त के पास बिजली कंपनी की शिकायत की गई है। बिजली कंपनी आउटसोर्स कर्मचारियों की नियोक्ता नहीं है, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों पर वह सारे नियम लागू किए जाते हैं जो बिजली कंपनी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित होते हैं। अजीब बात यह है कि जो सुविधाएं और अधिकार बिजली कंपनी के कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं वह अधिकार और सुविधाएं आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं दी जाती। यानी कर्तव्य के लिए सामान नीति और अधिकार के लिए भेदभाव। 

19 नवंबर 2021 को प्रकाश पर्व का सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारियों से काम करवाया गया। गांधी जयंती और दीपावली जैसे छुट्टी के दिन भी काम करवाया गया। आउटसोर्स कर्मचारियों को कोई बोनस नहीं दिया जाता और ना ही कोई ओवरटाइम। बिजली कंपनी के अधिकारियों को सार्वजनिक अवकाश के दिन यदि काम पर बुलाया जाता है तो उनकी छुट्टी किसी दूसरे दिन एडजस्ट की जाती है परंतु आउटसोर्स कर्मचारियों को इतनी राहत भी नहीं दी जाती।

बिजली आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधि राजकुमार महस्की ने बताया कि सब स्टेशन आपरेटर और कम्प्यूटर आपरेटरों को राजस्व वसूली के लिए अवकाश के दिनों में भी काम पर बुलाया जा रहा है। अधिकारियों ने राष्ट्रीय अवकाश वाले दिन गांधी जयंती को और दीपावली को ऐसा ही किया था। वाट्सएप सूचना देकर सभी को काम पर बुला लिया। सभी कर्मचारियों ने इस दिन काम भी किया। इस ऐवज में बाद में अवकाश दिया जाना था, जो कि नहीं दिया गया। 19 नवंबर को प्रकाश पर्व के दिन भी अधिकारियों ने वाट्सएप पर सूचना दी और सभी को बुला लिया। 

बिजली कंपनी आउटसोर्स कर्मचारियों से छुट्टी के दिन फ्री में काम कराती है

आउटसोर्स कर्मचारियों का आरोप है कि जरूरी होने पर अवकाश के दिन भी काम कर सकते हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन इस दिन कराए गए काम के स्थान पर बाद में अवकाश दिया जाना चाहिए, जो नहीं दिया जा रहा है। बाद में अवकाश नहीं देते हैं, तो अवकाश के दिन कराए गए काम का भुगतान करना चाहिए, जो कि नहीं किया जा रहा है। इस वजह से कर्मचारियों में असंतोष है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP Employee news पर क्लिक करें.

INDORE NEWS- मेंदोला और विजयवर्गीय की टीम के बीच दरार नजर आ रही है

Posted: 19 Nov 2021 10:10 PM PST

इंदौर
। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर की राजनीति करवट ले रही है अचानक टिकट प्राप्त करके सांसद बने शंकर लालवानी की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है। इधर विधायक रमेश मेंदोला और विधायक आकाश विजयवर्गीय की टीम के बीच दरार नजर आ रही है। 

कैलाश विजयवर्गीय सन 2013 से अपने पुत्र आकाश विजयवर्गीय को इंदौर में मजबूती से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपना विधानसभा टिकट आकाश विजयवर्गीय को दे दिया ताकि उसे राजनीति की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। इंदौर विधानसभा क्रमांक 3 से चुनाव लड़ना मुश्किल था लेकिन कैलाश विजयवर्गीय ने वह सब कुछ किया जो अपने चुनाव में कभी नहीं किया था। चुनाव जीतने के बाद भी कैलाश विजयवर्गीय लगातार आकाश विजयवर्गीय को भाजपा और जनता के बीच स्वीकार्य बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। 

इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला को कौन नहीं जानता। विधायक रमेश मेंदोला, कैलाश विजयवर्गीय की टीम से आते हैं परंतु इंदौर में अब उनकी अपनी पहचान है। वह पुराने जमाने की बात है जब रमेश मेंदोला अपनी सफलता के लिए कैलाश विजयवर्गीय पर निर्भर करते थे। भारतीय जनता पार्टी में भी उनकी सीट रिजर्व हो चुकी है। सब जानते हैं कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को रमेश मेंदोला की विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। 

पिछले कुछ दिनों से यह नोटिस किया जा रहा है कि रमेश मेंदोला की टीम और आकाश विजयवर्गीय की टीम के बीच दरार आ गई है। मामला घर का है लेकिन अब बाहर वालों में चर्चा का विषय बनने लगा है। राजनीति के पुराने पंडितों का कहना है कि कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला के रिश्तो में कभी खटास नहीं आ सकती लेकिन आकाश विजयवर्गीय के साथ ऐसे ही रिश्ते रहेंगे, कहना मुश्किल है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया INDORE NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- दिग्विजय सिंह, भाजपा विधायक के घर जाकर प्रदर्शन करेंगे

Posted: 20 Nov 2021 04:45 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा के घर जाकर प्रदर्शन करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह रामेश्वर शर्मा के घर के सामने 1 घंटे तक राम धुन का पाठ करेंगे। 

दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में लिखा कि मैं कॉंग्रेसी हूँ जिसमें ताक़त हो तो मेरे घुटने तोड़ दे।  मैं गांधीवादी हूँ। हिंसा का जवाब अहिंसा से दूँगा। 24 नवंबर को मैं महात्मा गॉंधी की मूर्ति लेकर रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जा कर प्रभु से उन्हें सदबुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूँगा। 

दरअसल एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो रातीबड़ क्षेत्र के काल खेड़ा गांव का बताया जा रहा है। यहां आयोजित कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं कि 'कांग्रेस का आदमी इधर आए तो उसके घुटने तोड़ दो। दलालों को नो एंट्री। दलाली नहीं करने देंगे, तभी नगर सुरक्षित रहेगा। दिग्विजय सिंह आए, कुछ करके गए क्या?। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया BHOPAL NEWS पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- लड़की, उसके पिता और अब उसकी मां को भी आपत्तिजनक SMS

Posted: 20 Nov 2021 04:45 AM PST

भोपाल
। उत्तर प्रदेश का एक युवक या तो सनकी है और अपनी सनक के कारण जेल जाने वाला है या फिर बहुत शातिर है और उसने भोपाल पुलिस को चैलेंज किया है। दरअसल भोपाल में रहने वाली एक युवती, उसके पिता और अब उसकी मां को भी आपत्तिजनक मैसेज कर रहा है।

मामला कोलार थाना पुलिस का है। शिकायतकर्ता महिला की उम्र 45 वर्ष है। उसने बताया कि कुछ समय पहले उनकी बेटी के मोबाइल पर आपत्तिजनक मैसेज आना शुरू हुए। कभी-कभी मैसेज साथ के साथ कॉल भी आता था। एक नंबर ब्लॉक किया तो दूसरे नंबर से आने लगे। उसे मना करने पर नहीं माना। धमकी देने पर भी उसे कोई डर नहीं लगा। फिर उसने लड़की के पिता को मैसेज करना शुरू कर दिया और अब उसे (लड़की की मां) मैसेज करता है। मैसेज के साथ ही कॉल भी लगा देता है। वह अपना नाम सुशील उर्फ अन्नू बताता है। आगरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताता है।

कोलार थाना पुलिस ने साइबर एक्ट के तहत शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन और एविडेंस कलेक्ट करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया BHOPAL NEWS पर क्लिक करें.

MP NEWS- खिलाड़ियों को कोर्ट में नहीं मैदान में दौड़ाएं: हाईकोर्ट ने सरकार से कहा

Posted: 19 Nov 2021 08:46 PM PST

जबलपुर
। हाई कोर्ट जबलपुर ने मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों से जुड़े एक मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से कहा कि खिलाड़ियों को कोर्ट में नहीं, मैदान में दौड़ाएं। उल्लेखनीय है कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि वितरण में गड़बड़ी कर दी जिससे नाराज खिलाड़ियों को हाई कोर्ट में याचिका लगानी पड़ी। 

खेल विभाग के प्रमुख सचिव और खेल संचालक को हाई कोर्ट का नोटिस

चीफ जस्टिस रवि मलिमठ की पीठ ने खेल और युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव व खेल संचालक को नोटिस जारी कर पूछा है कि पुरस्कार नियम में प्रावधान होने के बावजूद भी खिलाड़ियों के राष्ट्रीय पदक पर पुरस्कार राशि क्यों नहीं दी गई। कोर्ट ने 4 सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। 

नेशनल लेवल के खिलाड़ियों ने सरकार के खिलाफ याचिका लगाई है

गौरतलब है कि जबलपुर निवासी नेशनल मेडलिस्ट वृशु खिलाड़ी अदिति श्रीवास्तव, आदि श्रीवास्तव एवं वीर सिंह राजपूत ने याचिका लगाई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के राजपत्र  में 8 मार्च 2019 में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार व प्रोत्साहन राशि देने के लिए नियम बनाए गए हैं। जिसे दरकिनार करते हुए खेल अधिकारियों ने प्रतिभावान खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि नियम विरुद्ध कम दी और कुछ को दी ही नहीं। 

खिलाड़ियों के पुरस्कार खा गई शिवराज सरकार

खेल विभाग के पुरस्कार नियम 2019 के अनुसार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर ₹100000, रजत पदक ₹75000 और कांस्य पदक पर ₹50000 प्राइस मनी दी जानी थी परंतु इस वर्ष प्रतिभावान खिलाड़ियों को अत्यंत ही कम राशि दी गई है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

MP EMPLOYEE NEWS- 6 पटवारी और 3 शिक्षक सस्पेंड

Posted: 19 Nov 2021 08:47 PM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश के सतना जिले में कलेक्टर ने चार पटवारियों को भू अभिलेख सुधार कार्य में लापरवाही के कारण सस्पेंड कर दिया। निवाड़ी जिले में इसी कारण से 2 पटवारियों को सस्पेंड किया गया और दो पटवारियों को अंतिम चेतावनी दी गई। दतिया जिले में पढ़ाई छोड़कर पॉलिटिक्स करने वाले 3 शिक्षक सस्पेंड कर दिया गया। 

सतना में 4 पटवारी सस्पेंड 

सतना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय कटेसरिया ने भू-अभिलेख सुधार कार्य मे उदासीनता और लापरवाही बरतने पर जिले मे चार पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व अधिकारियों की बैठक मे शुक्रवार को कलेक्टर ने भू-अभिलेख सुधार अभियान के कार्यो की समीक्षा के बाद शून्य प्रगति और कार्य शुरू नहीं करने वाले पटवारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। जिनमे तहसील नागौद के सिंहपुर पटवारी रण बहादुर सिंह, बिरसिंहपुर तहसील के नयागांव पटवारी राजेंद्र कुमार मिश्रा, रामपुर बघेलान तहसील के देवमऊ दलदल के पटवारी मुकेश कुमार सतनामी और मैहर तहसील के झुकेही के पटवारी दादूलाल मवासी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

निवाड़ी में 2 पटवारी सस्पेंड 

निवाड़ी कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य प्रदेश शासन के महत्वपूर्ण अभियान "भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़ा के तहत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने 2 पटवारी को निलंबित, एक को कारण बताओ नोटिस एवं 2 को चरित्रावली चेतावनी दी। बैठक में कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा तहसील निवाड़ी की ग्रामवार कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी, जिसमें अपेक्षित प्रगति न होने से हल्का पटवारी नयाखेरा तहसील निवाड़ी श्री महेश सेन एवं पटवारी हल्का बिहारीपुरा तहसील निवाड़ी सुश्री वसुधा श्रीवास्तव को शासन के कार्यों में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता प्रतीत हुई है तथा बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने के कारण इनको निलंबित किया गया है। 

इसी प्रकार हल्का पटवारी कठऊ पहाडी श्री मंजूलाल सौंर एवं हल्का पटवारी सेंदरी श्री विमलेश वर्मा को भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाडे में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं होने पर, भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं करने हेतु चरित्रावली चेतावनी दी गई है। साथ ही श्री श्रीकृष्ण सोलंकी को कार्य में प्रगति नहीं होने से कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। 

दतिया कलेक्टर ने 3 शिक्षक निलंबित किए

दतिया कलेक्टर श्री संजय कुमार के निर्देशानुसार जनशिक्षक बसई द्वारा शाप्रावि सीतापुर (बसई), का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें श्री वीर सिंह लोधी प्राथमिक शिक्षक 11 अक्टूर 2021 से लगातार अनुपस्थित पाए गए। इनके द्वारा शैक्षणिक कार्यो में भी रूचि नहीं ली जा रही थी। श्री हरिसेवक शाक्यवार शा.प्रा.वि. गुदरया विगत 20 दिन से विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए जिसका प्रतिवेदन जनशिक्षक वरधुंवा द्वारा दिया गया। श्रीमती रेखा बारोलिया शा.मा.वि. गरेरा विद्यालय में लगातार अनुपस्थित पायी जा रही थी। कलेक्टर श्री कुमार द्वारा लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपरोक्त तीनों शिक्षकों को श्री वीर सिंह लोधरी, श्री हरीसेवक शाक्यवार एवं श्रीमती रेखा बारोलिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। मध्यप्रदेश कर्मचारियों की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP Employee news पर क्लिक करें

एक मजेदार गैस जिसके कारण चीजें हवा में तैरने लगती है- GK in Hindi

Posted: 19 Nov 2021 03:22 PM PST

मैजिशियन इसका उपयोग सबसे ज्यादा करते हैं। आपने देखा मैजिक शो के दौरान अक्सर मैजिशियन किसी चीज को हवा में लाकर छोड़ देता है और वह गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के विपरीत जमीन पर नहीं गिरती। हवा में तैरती रहती है। कई बार कुछ दूसरे लोग पब्लिक के बीच में इस तरह का प्रदर्शन करके खुद को चमत्कारी साबित कर देते हैं। आइए पता लगाते हैं कि वह यह चमत्कार कैसे कर पाता है।

सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस के चमत्कार 

दरअसल यह Sulfur Hexafluoride Gas के कारण हो पाता है। इसकी खास बात को सरल तरीके से समझने के लिए सबसे पहले हीलियम गैस वाले गुब्बारे पर फोकस करना होगा। आपने देखा होगा हीलियम गैस से भरा हुआ गुब्बारा अचानक हवा में उड़ने लगता है। अपन सभी जानते हैं कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हिलियम गैस वातावरण में मौजूद हवा से 6 गुना हल्की होती है। 

सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस, हिलियम गैस से बिल्कुल विपरीत होती है। यह वातावरण में मौजूद हवा से 6 गुना भारी होती है। यदि आप किसी क्षेत्र में सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस को भर देते हैं तो वह सबसे नीचे तले में जाकर चिपक जाती है और उसके ऊपर आने वाली दूसरी चीजें ठीक उसी प्रकार रखी हो जाती हैं जैसे आपने उन्हें एक टेबल के ऊपर रख दिया है। क्योंकि सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस दिखाई नहीं देती इसलिए लोगों को लगता है कि आपकी नाव, कोई कपड़ा या दूसरी चीज हवा में तैर रही है। 

इस गैस का ना तो कोई रंग होता है और ना ही कोई गंध। इसलिए पता ही नहीं चलता कि हॉल के एक एरिया को मैजिशियन में कंटेनर के रूप में उपयोग किया और उसमें सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस भर दी। जिसके कारण कुछ चीजें हवा में तैर रही है। आप इस प्रयोग को आसानी से पकड़ सकते हैं क्योंकि हवा में तैरने वाली चीजें हमेशा वजन में हल्की होती हैं। उसी स्थान पर कोई भारी चीज रख दी जाए तो वह जमीन पर चली जाएगी। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP TET VARG-3 Topic - बाल विकास का अधिगम से संबंध, Relation of child development with Learning

Posted: 20 Nov 2021 03:20 AM PST

जैसा कि हमने अपने पिछले आर्टिकल्स से जाना कि विकास और अधिगम (Development and Learning) परस्पर संबंधित है। इसी प्रकार बाल विकास भी अधिगम से संबंधित है। इसीलिए बालक के विकास की अवस्थाएं भी अधिगम को प्रभावित करेंगी या कहें कि अधिगम, बाल विकास की अवस्था के अनुसार ही होगा। 

इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं जैसे-  यदि कोई बच्चा एक साल तक बोलना नहीं सीखा तो हम कहते हैं कि अरे! यह अभी तो  अभी तक बोलना भी नहीं सीखा!!  यानी कि उसका अधिगम (Learning) उसकी बाल विकास की अवस्था के अनुसार नहीं हो रहा है। या कभी कोई बच्चा अपनी अवस्था से पहले ही कोई काम करना सीख जाता है. जैसे-  कोई  बच्चा अपनी उम्र से पहले ही चलना सीख जाए या उम्र से पहले ही बोलना सीख जाए ,तो हम कहते हैं की अरे! यह तो तेजी से ग्रोथ कर रहा है। यानी कि उसका अधिगम (Learning)  बाल विकास की अवस्था से पहले ही हो रहा है। 

अधिगम के प्रकार- Types of Learning

जैसा कि हम जानते हैं कि एक बच्चा जन्म से पूर्व ही सीखना शुरू कर देता है। इस अवस्था (प्रसव पूर्व) में बालक एक निष्क्रिय अधिगमकर्ता है (Passive Learner) है  जिसका अधिगम में कोई खास योगदान नहीं होता, बस वह तो अपने आसपास के परिवेश (माँ के गर्भ) के अनुसार ही सीखता है। इस अवस्था में उसके मां के शरीर का शारीरिक, मानसिक और हर प्रकार का स्वास्थ्य बच्चे के अधिगम और विकास को प्रभावित करेगा परंतु यह निष्क्रिय अधिगम (Passive Learning) कहलायेगा। 

परंतु जन्म के तुरंत बाद ही वह बच्चा सक्रिय अधिगम (Active Learning) करना शुरू कर देता है और धीरे-धीरे अवस्थाओं के अनुसार अपना टारगेट अचीव करने लग  जाता है। जैसे - 3 महीने में गर्दन को साधने लगता है, 6 महीने में पेट के बल रेंगने लगता है, 9- 10 महीने में घुटनों पर चलना सीख जाता है और लगभग एक साल के अंदर - अंदर ही बोलना और अपने पैरों पर चलना भी सीख जाता है। किसी-किसी बच्चे में यह अवस्थाएं थोड़ा बहुत बदल भी जाती हैं। 

परंतु इसके बाद ना विकास रुकता और ना अधिगम। इसके बाद भी आगे की अवस्था जैसे -बाल्यावस्था, किशोरावस्था, प्रौढ़ावस्था में भी विकास और अधिगम दोनों साथ-साथ चलते ही रहते हैं। इस प्रकार हमारा भी विकास और अधिगम होता जा रहा है और अब हम अपने अगले टॉपिक "विकास को प्रभावित करने वाले कारक" तक पहुंच जाएंगे।

MP TET VARG-3 संबंधित व्याख्यान
अस्वीकरण: सभी व्याख्यान उम्मीदवारों को सुविधा के लिए सरल शब्दों में सहायता के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। किसी भी प्रकार का दावा नहीं करते एवं अनुशंसा करते हैं कि आधिकारिक अध्ययन सामग्री से मिलान अवश्य करें।

समूह बीमा कटौती राशि सातवें वेतनमान के अनुरूप हो: कर्मचारी संघ - MP Employee news

Posted: 20 Nov 2021 04:45 AM PST

जबलपुर।
madhya Pradesh तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के शिक्षक-अध्यापक प्रकोष्ठ के प्रांताध्यक्ष मुकेश सिंह ने जारी विज्ञप्ति में बताया की पिछले 17 वर्षों से राज्य कर्मचारियों/अधिकारियों की समूह बीमा योजना अंतर्गत वेतन से जो राशि काटी जा रही है वो इस प्रकार है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का 100 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का 200 द्वितीय श्रेणी अधिकारी 400 एवं प्रथम श्रेणी अधिकारियों का 600, जबकि पिछले 16 वर्षों में कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन लभगम तीन गुना हो गया है किन्तु बीमा राशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। 

राज्य कर्मचारियो/अध्यापक संवर्ग को 2016 से सातवां वेतनमान दिया जा रहा है किन्तु समूह बीमा राशि पांचवें वेतनमान से काटी जा रही है। ऐसी स्थिति में यदि सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रित परिवार को मात्र 2.5 लाख बीमा राशि ही मिल पाती है जो मंहगाई को देखते हुए बहुत कम है। 

संघ के मुकेश सिंह, मनीष चौबे, श्यामनारायण तिवारी, नितिन अग्रवाल, गगन चौबे, प्रणव साहू, मनीष लोहिया, मनोज सेन, मनीष शुक्ला, धीरेन्द्र सोनी, मो.तारिख, संतोष तिवारी, सुदेश पाण्डे नितिन शर्मा, विनय नामदेव, आदित्य दीक्षित, विजय कोष्टी, सतीश पटैल, सोनल दुबे, राजकुमार सिंह, देवदत्त शुक्ला, अभिषेक मिश्रा, ब्रजेश गोस्वामी, पवन ताम्रकार, मनोज पाटकर, अनुराग मिश्रा आदि ने मुख्य सचिव म.प्र.शासन को ई-मेल के माध्यम से पत्र प्रेषित कर मांग की है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की समूह बीमा योजना अंतर्गत काटी जानी वाली राशि सातवें वेतनमान के अनुरूप रू 1000 प्रतिमाह की जावे। मध्यप्रदेश कर्मचारियों की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP Employee news पर क्लिक करें

MP TRIBAL TEACHERS APPOINTMENT LIST- जनजातीय विभाग शिक्षकों के नियुक्ति आदेश

Posted: 19 Nov 2021 02:24 PM PST

भोपाल
। लंबे इंतजार के बाद अंततः जनजातीय कार्य विभाग के प्रतीक्षारत चयनित शिक्षकों के नियुक्ति आदेश एवं लिस्ट जारी कर दी गई। पिछले कई दिनों से उम्मीदवार नियुक्ति आदेशों के लिए संघर्ष कर रहे थे। जिन अभ्यर्थियों का अंतिम चयन सूची में नाम सम्मिलित नहीं है, यदि वे इस सम्बन्ध में अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहते हैं तो दिनांक 26/11/2021 तक कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, द्वितीय ताल, सतपुड़ा भवन, भोपाल में प्रस्तुत कर सकते हैं।

जनजातीय कार्य विभाग शिक्षकों की नियुक्ति लिस्ट (अपॉइंटमेंट ऑर्डर)



प्लॉट या खेत पर कोई दबंग कब्जा कर ले, तो क्या-क्या कार्रवाई कर सकते हैं- Legal General Knowledge

Posted: 19 Nov 2021 08:47 PM PST

सरकारी अथवा कमजोर नागरिकों की जमीनों पर अक्सर प्रभावशाली और राजनीतिक पकड़ रखने वाले लोग कब्जा कर लेते हैं। वहां पर निर्माण कार्य कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में सरकार सुनवाई नहीं करती। कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कोर्ट की वर्षों लंबी प्रक्रिया के कारण कमजोर नागरिक टूट जाते हैं। सवाल यह है कि क्या इस तरह के मामलों में सिर्फ कोर्ट की लंबी प्रक्रिया ही एकमात्र विकल्प है या फिर कोई दूसरा रास्ता भी है। पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्णय:-

दीपक कुमार मुखर्जी बनाम कोलकाता नगर निगम:- 

उक्त मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि इमारतों, भवनों एवं अन्य ढाँचों का अवैध तथा अप्राधिकृत निर्माण न केवल नगर विधियों तथा विशेष क्षेत्र के नियोजित विकास की अवधारणा का अतिलंघन करते हैं, इसमे लोगों के विभिन्न मौलिक तथा संवैधानिक अधिकारों को भी प्रभावित करते हैं।

इन अवैध निर्माणों को गिराने के लिए तुरंत कार्यवाही करने में राज्यतंत्र की विफलता के कारण नागरिकों को यह विश्वास हो गया है कि नियोजन विधियां केवल निर्धनों के प्रति लागू की जाती हैं। राज्य सरकार को जहाँ धन से शक्तिमान व्यक्तियों या सत्ता-धारी व्यक्तियों से अपवित्र संबंध रखने वाले व्यक्तियों से व्यवहार करना होता है वहाँ राज्य पूरी तरह समझौता कर लेता है राज्य का यह कार्य असंवैधानिक होता है। 

इस निर्णय के अनुसार राज्य सरकार इस प्रकार के अतिक्रमण हटाने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार है क्योंकि लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कर रहा है सरकार की जिम्मेदारी है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

NHM कर्मचारियों को भी समान काम समान वेतन मिलना चाहिए- Kuhla Khat

Posted: 19 Nov 2021 01:45 PM PST

महोदय जी
, जैसा कि हम सभी जानते हैं विगत वर्ष हमने कोरोना जैसी महामारी का सामना किया है। 2020 और 2021 ना केवल हमारे देश बल्कि पूरे विश्व ने बड़ी कठिनाई से गुजारे, कोरोना के काल में कई लोगों ने इस महामारी से बचाव एवं सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान भी दिया है। पूरे स्वास्थ्य विभाग ने पूरी मेहनत के साथ समाज की सेवा की है और अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने भी समान कार्य करते हुए समाज की सेवा की है।

वर्तमान में एनएचएम में कार्यरत कर्मचारी वेतन विसंगति जैसी जटिल समस्या से जूझ रहे हैं। कहने को तो यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन है पर मानदेय के मामले में यह राज्य के स्तर से भी नीचे आ जाता है। जिस संस्थान के पास राष्ट्रीय तमगा है उसका वेतन कम से कम राज्य के वेतनमान मापदंडों से ऊपर होना चाहिए पर ऊपर की बात तो छोड़िए यह वेतन के मामले में राज्य से भी नीचे चला जाता है। ऐसे में इतने कठिन समय में कार्य कर रहे कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। 

मैं यहां सवाल करना चाहता हूं ऐसा कौन सा फार्मूला लागू होता है जो यह संस्थान डॉक्टर्स को लाखों रुपए से अधिक और दूसरे कर्मचारियों को ₹12000 या ₹9000 भुगतान करता है। क्या आपको नहीं लगता कि ₹9000 या ₹12000 वर्तमान महंगाई और व्यक्ति की गरिमा के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट अपने निर्णय में कह चुका है कि समान कार्य समान वेतन दिया जाना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं क्या मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने ऐसी कोई योजना बनाई है जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिल सके।

महोदय जी मेरा निवेदन है की समान कार्य समान वेतन के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और बाकी कर्मचारियों की तरह एनएचएम के कर्मचारियों को भी व्यक्तिगत गरिमा और वर्तमान महंगाई के साथ वेतन का निर्धारण किया जाए। धन्यवाद मध्य प्रदेश के कर्मचारियों से संबंधित समाचारों के लिए कृपया Karmchari news MP पर क्लिक करें।

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