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Sunday, December 5, 2021

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Liked on YouTube: वर्तमान समय में मोबाईल के कारण कही हमारी भाषा ही नष्ट न हो जाये:राजेन्द्र प्रसाद गुप्तकॉलेजऑफ़ कॉमर्स

Posted: 05 Dec 2021 06:12 AM PST

वर्तमान समय में मोबाईल के कारण कही हमारी भाषा ही नष्ट न हो जाये:राजेन्द्र प्रसाद गुप्तकॉलेजऑफ़ कॉमर्स
पटना के अनुग्रह नारायण महाविद्यालय के प्रांगण में साहित्य अकादमी नई दिल्ली के द्वारा आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव: व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद कार्यक्रम में बोलते हुए माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद प्राध्यापक कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स डॉ राजेन्द्र प्रसाद गुप्त ने कहा कि साहित्यकारों के उपर आज हिंदी को बचाने का बड़ा ही दायित्व आन पड़ा है | जिस प्रकार समृद्ध मैथली भाषा की लिपि नष्ट हो गई कही उसी प्रकार हिंदी भी नष्ट न हो जाये| आज के मोबाईल युग में लोगों को लिखने की आदत खत्म हो गई इससे डर है कही लिपि भी नष्ट न हो जाये | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
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6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ?

Posted: 05 Dec 2021 05:21 AM PST

6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि द्वितीय दिन 09:07:18

🔅 नक्षत्र मूल दिन 08:24:15

🔅 करण :

                तैतिल 16:10:42

                गर 26:34:05

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग गण्ड 20:04:07

🔅 वार सोमवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:45:45

🔅 चन्द्रोदय 09:07:59

🔅 चन्द्र राशि धनु

🔅 सूर्यास्त 17:15:40

🔅 चन्द्रास्त 19:29:00

🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:24:14

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत मार्गशीर्ष

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:51:04 - 12:32:41

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त :

                    12:32:41 - 13:14:18

                    14:37:32 - 15:19:09

🔅 कंटक 09:04:36 - 09:46:13

🔅 यमघण्ट 11:51:04 - 12:32:41

🔅 राहु काल 08:17:47 - 09:35:49

🔅 कुलिक 14:37:32 - 15:19:09

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:27:50 - 11:09:27

🔅 यमगण्ड 10:53:51 - 12:11:53

🔅 गुलिक काल 13:29:55 - 14:47:57

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन

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पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आपका दिन परोपकार और सदभावनाओं में बीतेगा। सेवा-पुण्य का कार्य भी हो सकता है। मानसिक रूप से कार्यभार अधिक रहेगा। सत्कार्य करने के फलस्वरूप शारीरिक और मानसिक रूप से स्फूर्ति का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

वृषभ (Tauras): आज आपकी वाणी किसी को मोहित करेगी और आपके लिए लाभदायी रहेगी। इससे नए संबंधों में सद्भाव बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने में रुचि बढ़ेगी। परिश्रम की अपेक्षा कम प्राप्ति होने पर भी अपने कार्य में आप अग्रसर हो सकेंगे। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सूचना देते हैं।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

मिथुन (Gemini): भावना और संवेदनशीलता में बहकर स्त्रीवर्ग से संबंध न बनाने की सलाह देते हैं। पानी से दूर रहें। किसी व्याधि के कारण मन दुविधा में रहने से निर्णय लेने में बाधा आ सकती है। मानसिक थकान से नींद न आए ऐसा भी हो सकता है और इसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। संपत्ति की चर्चा या वाद-विवाद से दूर रहें। प्रवास भी टालें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कर्क (Cancer): आज का दिन प्रफुल्लितता से भरा रहेगा। नए कार्य का आरंभ भी कर सकते हैं। मित्रों और स्नेहीजनों से भेंट होने से आनंद हो सकता है। कार्य में मिली सफलता के कारण आपके उत्साह में वृद्धि होगी। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त करेंगे। संबंधों में भावनात्मकता अधिक रहेगी। प्रवास भी आनंदमय होगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

सिंह (Leo): आज का दिन आपके लिए मिश्र फलदायी है। परिजनों के साथ आप अच्छी तरह से समय बीता सकेंगे। उनका सहयोग मिल सकता है। आर्थिक क्षेत्र में आय की अपेक्षा व्यय ही अधिक होगा। फिर भी वाणी द्वारा आप सबके मन को जीत सकेंगे। कार्य का व्यवस्थित आयोजन करने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

कन्या (Virgo): आप वाक्चातुर्य से मीठे संबंध बांध सकेंगे जो कि भविष्य में आपके लिए लाभदायी सिद्ध होंगे। वैचारिक रूप से समृद्धि बढ़ेगी। शरीर, स्वास्थ्य और मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन में उल्लासमय वातावरण रहेगा। शुभ समाचार मिलने से तथा प्रवास होने के कारण मन प्रफुल्लित रहेगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 6

तुला (Libra): आज का दिन आपके लिए प्रतिकूल रहने से सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। मानसिक रूप से भी आप अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। आपकी वाणी और वर्तन से किसी को भ्रांति न हो उसका ध्यान रखें। अपने क्रोध पर संयम रखिएगा। आपकी आय की अपेक्षा व्यय अधिक होने की संभावना है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): आज का दिन आपके लिए लाभदायी है। मित्रों के साथ भेंट होगी तथा उनके साथ घूमने-फिरने, आनंद-प्रमोद करने में खर्च होगा। नौकरी या व्यवसायिक क्षेत्र में आपकी आय बढ़ेगी। उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। दांपत्य जीवन में वातावरण आनंदमय रहेगा।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

धनु (Sagittarius): आपकी यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में उच्च पदाधिकारियों के खुश रहने से पदोन्नति की संभावना है। स्वास्थ्य बना रहेगा। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। पिता तथा सरकार की तरफ से लाभ होगा। आर्थिक योजना अच्छी तरह से कर सकेंगे। व्यापार-धंधे हेतु प्रवास की संभावना है। दूसरों की मदद करने की कोशिश करेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

मकर (Capricorn): बौद्धिक कार्य या साहित्य लेखन जैसी प्रवृत्तियों के लिए आज अनुकूल दिन है। आपके व्यवसाय में नई विचारधारा आपके कार्यों को नया स्वरूप देगी। व्यवसाय के क्षेत्र में प्रतिकूल वातावरण आपके मन को अस्वस्थ करेंगे। शारीरिक थकान महसूस होगी। संतान की समस्या आपको परेशान करेगी। गलत रूप से धन खर्च होगा। वाद-विवाद टालें।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2

कुंभ (Aquarius): निषेधात्मक कार्यों और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। झगड़े-विवाद से बचें। क्रोध और वाणी पर संयम रखें। पारिवारिक वातावरण कलुषित रहेगा। आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। अत्यधिक मनोमंथन करने से मानसिक थकान का अनुभव करेंगे। ईश्वर का स्मरण और आध्यात्मिकता आपके मानसिक बोझ को हल्का करेंगे।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

मीन (Pisces): दैनिक कार्यों से बाहर निकलकर आज आप घूमने-फिरने और मनोरंजन के पीछे समय बिताएंगे। स्वजनों तथा मित्रों के साथ पिकनिक पर जा सकते हैं। सिनेमा, नाटक या बाहर भोजन करने जाने का कार्यक्रम आपको आनंदित करेगा। व्यवसाय में भागीदारी के लिए शुभ समय है। दांपत्य जीवन में निकटता रहेगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान मिलेगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने आयोजित किया दो दिवसीय मीडिया कप बैंडमिंटन टूनामेंट|

Posted: 05 Dec 2021 05:13 AM PST

प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने आयोजित किया दो दिवसीय मीडिया कप बैंडमिंटन टूनामेंट|

जमशेदपुर से हमारे संवाददाता मुकेश कुमार की खास खबर
जमशेदपुर प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय मीडिया कप बैंडमिंटन टूनामेंट में आखिरी दिन समापन मैच में सिंगल मैच में पंकज मिश्रा ने फाइनल में जीत कर मैडल अपने नाम किया है वही डबल मैच में पंकज मिश्रा और शुभदर्शी विजेता रहे,जबकि सीनियर सिटीजन बैंडमिंटल टूनामेंट में रंगाधर नंदा ने बाजी मार लिए है,इसके अलावा रनर मो अकबर,विनय पूर्ति रहे,सीनियर सिटीजन के रनर उमा शंकर दुबे,नागेंद्र शर्मा,अरुण सिंह रहे,और संजीव कुमार रहे,वही दो दिनों तक चली मीडिया कप टूनामेंट में पहला दिन केंदीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने खिलाड़ियों को प्रोत्सहित और खेल का शुभारंभ किया,जबकि समापन मैच में स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता जाने माने फ़िल्म निर्देशक इकबाल दुरानी और सभी अखबारों के संपादक ,ओरियंट लेबर कम्पनी के प्रोपराइटर अजहर होदा और गण्यमान्य लोगों ने जीते हुए खिलाड़ियों को मैडल देकर समानित किया है,।
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दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति की मासिक समीक्षा बैठक एवं नवगठित प्रबंध कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

Posted: 05 Dec 2021 05:04 AM PST

दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति की मासिक समीक्षा बैठक एवं नवगठित प्रबंध कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति, गोरखपुर की महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक दिनांक 5 दिसम्बर, 2021 दिन-रविवार को अशोक नगर, बशारतपुर, गोरखपुर स्थित श्री दुर्गा मन्दिर के सभागार में आयोजित किया गया। उक्त अवसर पर समिति के पुनर्गठित नवीन कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन समिति की पूर्व पूर्णकालिक समिति द्वारा नामित व नियुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी आचार्य रामधार पाण्डेय  व सहयोगी सदस्यगण के देखरेख में सम्पन्न कराया गया। समिति के पुनः चयनित अध्यक्ष श्री शरद चन्द्र पाण्डेय जी के साथ ही प्रबंध कार्यकारिणी के समस्त चयनित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण कराया गया। अध्यक्ष महोदय के साथ ही उपाध्यक्ष आशुतोष मिश्र, महामंत्री अमरनाथ मिश्र, कोषाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्र, संगठन मंत्री अनन्त मिश्र, संयुक्त मंत्री रजनीश मिश्र, सांस्कृतिक प्रचार प्रसार मंत्री डा० आलोक मिश्र और विधिक कार्य मंत्री उद्भवेश मिश्र ने अपने पद व गोपनीयता की शपथ ली। समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित समिति के विशिष्ट संरक्षक पूर्व जनपद न्यायाधीश श्री विजय प्रकाश मिश्र जी ने कहा कि दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति एक सम्पूर्ण व सशक्त संगठन है जो संविधान के अनुरूप उत्तरोत्तर विशालता प्राप्त कर रहा है। विशिष्ट संरक्षक सदस्य श्री अरविंद कुमार पाठक ने उक्त कथन को संपुष्ट किया तथा प्रदेश स्तर पर संगठन का विस्तार करने पर सुझाव दिया। मुख्य चुनाव अधिकारी श्री रामाधार पाण्डेय एवं सहायक चुनाव अधिकारी श्री सत्य चरण पाण्डेय जी ने चुनाव की विधिसम्मत प्रक्रिया पर सम्यक प्रकाश डालते हुए निर्वाचन की पारदर्शिता का विस्तृत वर्णन किया। पुनः चयनित अध्यक्ष शरद चन्द्र पाण्डेय ने चुनाव अधिकारीगण के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा संगठन को माली की तरह सिंचित करने व कहार की तरह निष्ठापूर्वक दायित्वों का निर्वहन कर समर्पण की भावना से प्रत्येक पदाधिकारी को कार्य करने पर बल दिया। जनपद सिद्धार्थ नगर जिलाध्यक्ष श्री अभय कुमार पाण्डेय के साथ अन्य उपस्थित सदस्यों में विशिष्ट संरक्षक श्री प्रेमनाथ मिश्र, कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार मिश्र, डॉ० आशुतोष मिश्र, उमानाथ पाण्डेय, राजेंद्र पाण्डेय, चन्द्र धर पाण्डेय आदि  की उपस्थिति गरिमामयी रही। बैठक में विचारणीय अन्य मुख्य बिन्दुओं में गत नवम्बर माह में समिति द्वारा आयोजित 'स्थापना दिवस समारोह एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन' की समीक्षा किये जाने के साथ ही आगामी वर्ष 2022 में समिति द्वारा मनाए जाने वाले विविध कार्यक्रमों की संक्षिप्त रूपरेखा तथा तिथि निर्धारण पर विचार किया गया। समीक्षा बैठक के इस अवसर पर सदस्यता अभियान तथा संगठन सशक्तिकरण एवं विस्तार पर विचार विमर्श के साथ ही समिति की वार्षिक पत्रिका दिव्य प्रकाश का वितरण सदस्यों को किया गया। समस्त आगंतुकों व विशिष्ट अतिथियों के स्वागत में अनन्त मिश्र एवं रजनीश मिश्र का विशेष योगदान रहा। समारोह की व्यवस्था में मंदिर के पुजारी श्री राकेश मिश्र जी ने पूर्ण समर्पण प्रदर्शित किया। महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने समारोह का कुशल संचालन करते हुए अंत मे समस्त आगंतुकों का एवं चुनाव समिति के सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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नारी श्रृंगार के भावार्थ

Posted: 05 Dec 2021 03:10 AM PST

नारी श्रृंगार के भावार्थ


अक्सर यह कहा जाता है कि विवाहिता हिन्दू स्त्री को इतना श्रृंगार क्यों करना पड़ता है। उसे इतने बंधनों में क्यों बांधा जाता है। इस का विश्लेषण करते हुए बहुत ही सुंदर व्याख्या सीता जी और उनकी माता सुनयना के संवाद के रूप में किया गया है-
रामायण के अनुसार भगवान राम ने, जब सीता स्वयंवर में जब धनुष तोड़ा था। उसके बाद सीता जी को सात फेरे के लिए, सजाया जा रहा था। तो वह अपनी मां से प्रश्न पूछ बैठी माता श्री इतना श्रंगार क्यों।
उनकी उनकी माताजी ने उत्तर दिया बेटी विवाह के समय वधू का सोलह सिंगार करना आवश्यक है क्योंकि श्रंगार वर वधू के लिए नहीं किया जाता यह तो आर्यव्रत की संस्कृति का अभिन्न अंग है।
" अर्थात सीता जी ने पुनः पूछा इस मिस्सी आर्यवर्त से क्या संबंध है? "
बेटी मिस्सी धारण करने का अर्थ है, कि आज से तुम्हें बहाना बनाना छोड़ना होगा ।
" और मेहंदी का अर्थ? "
मेहंदी लगाने का अर्थ है, कि जग मैं अपनी लाली तुम्हें बनाए रखनी होगी ।
" और काजल का क्या अर्थ है माता जी? "
बेटी काजल लगाने का अर्थ है, कि सील का काजल आंखों में हमेशा, धारण करना होगा, अब से तुम्हें ।
" बिंदिया लगाने का अर्थ माता श्री? "
बिंदिया का अर्थ है, कि आज से तुम्हें शरारत को तिलांजलि देनी होगी। और सूर्य की तरह प्रकाशमान रहना होगा ।
" यह नथ क्यों? "
नथ का अर्थ है मन की, नथ यानी कि किसी की बुराई आज के बाद नहीं करोगी। मन पर लगाम लगाना होगा ।
" और यह टीका? "
पुत्री टीका यश का प्रतीक है। तुम्हें ऐसा कोई कर्म नहीं करना है, जिससे पिता या पति का घर कलंकित हो। क्योंकि अब तुम दो घरों की प्रतिष्ठा हो ।
" और यह बंदिनी क्यों? "
बेटी बंदिनी का अर्थ है, कि पति सास-ससुर आदि की सेवा करनी होगी।
" पत्ती का अर्थ? "
पत्ती का अर्थ है, कि अपनी पंत यानी लाज को, बनाए रखना है ।लाज ही स्त्री का वास्तविक गहना होता है ।
" करण फूल क्यों? "
हे सीते करण फूल का अर्थ है, कि दूसरों की प्रशंसा सुनकर हमेशा प्रसन्न रहना होगा ।
" और इस हंसली से क्या तात्पर्य है? "
हंसली का अर्थ है, कि हमेशा हंसमुख रहना होगा, सुख ही नहीं दुख में भी धैर्य से काम लेना ।
" मोहन माला क्यों? "
मोहन माला का अर्थ है, कि सबका मन मोह लेने वाले कर्म करती रहना ।
" नौलखा हार का क्या मतलब है? "
पुत्री नौलखा हार का अर्थ है, कि पति से सदा हार स्वीकारना सीखना होगा।
" कड़े का अर्थ? "
कड़े का अर्थ है, कि कठोर बोलने का त्याग करना होगा ।
" बांका का क्या अर्थ है? "
बांका का अर्थ है, कि हमेशा सीधा साधा जीवन व्यतीत करना होगा।
" छल्ले का अर्थ? "
छल्ले का अर्थ है कि अब किसी से छल नहीं करना।
" और पायल का क्या अर्थ है? "
पायल का अर्थ है कि, सास व बूढ़ी औरतों के पैर दबाना उन्हें सम्मान देना, क्योंकि उनके चरणों में ही सच्चा स्वर्ग है
" और अंगूठी का अर्थ क्या है?
अंगूठी का अर्थ है , की हमेशा छोटों को आशीर्वाद देते रहना।
" माता श्री फिर मेरे अपने लिए क्या श्रंगार है?"
बेटी आज के बाद तुम्हारा तो, कोई अस्तित्व इस दुनिया में है ही नहीं। तुम तो अब से पति की परछाई हो, हमेशा उनके सुख-दुख में साथ रहना, वही तेरा श्रृंगार है ।और उनके आधे शरीर को तुम्हारी परछाई ही पूरा करेगी
"हे राम " कहते हुए सीता जी मुस्कुरा दी, शायद इसलिए कि शादी के बाद पति का नाम भी, मुख से नहीं ले सकेंगी। क्योंकि पति की अर्धांगिनी होने से कोई स्वयं अपना नाम लेगा, तो लोग क्या कहेंगे।
इस प्रकार बता कर माता सुनयना ने सनातन परंपरा संस्कृति और रीति को सीता जी को समझाया।
आज के पढ़े लिखे हिंदुओं को भी हमारी इस गौरवमयी थाती को अंगीकार करना चाहिए।- मनोज मिश्रा
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मेरे बचपन आजा

Posted: 05 Dec 2021 03:06 AM PST

मेरे बचपन आजा

आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा, 
प्यार के गीत सुना जा रे।
 
मां की गोद भरी दुलारे, मीत मिलते प्यारे प्यारे। 
पिता संग इठला इठलाकर, देखें नए नए नजारे। 

बचपन की पाठशाला,गिनती पहाड़े सीखें सारे। 
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

दादी नानी लाड प्यार से, वो बुलाती थी दुलार से। 
खेल खिलौने थे सुहाने, मस्त रहे थे जीत हार से। 

नटखट नखरे बालमन के, किलकारी सुना जा रे।
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

मंद मंद हंसी लबों की, तूतलाती तूतलाती बोली।
छोटी-छोटी अंगुलियों से, आशाएं हमने भी घोली। 

आंखों की अश्रु धारा के,दृश्य मधुर दिखला जा रे। 
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

जिद पे अड़ना वो भोलापन,वो बचपन अब कहां।
मन की मुरादे पूरी होती, एक बार जो हमने कहा।

राज दुलारा फिर से हमको, एक बार बना जा रे। 
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान

प्रस्तुत रचना स्वरचित व मौलिक है तथा अप्रकाशित है।
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यूएई ने फ्रांस से रिकॉर्ड 80 राफेल जेट खरीदे

Posted: 05 Dec 2021 03:02 AM PST

यूएई ने फ्रांस से रिकॉर्ड 80 राफेल जेट खरीदे

अबू धाबी। खाड़ी देशों में फ्रांस ने विशालकाय रक्षा समझौता किया है और संयुक्त अरब अमीरात के साथ 19 अरब डॉलर का रक्षा समझौता किया है। जिसके तहत यूएई ने फ्रांस से 80 राफेल लड़ाकू विमान और 12 सैन्य हेलीकॉप्टर खरीदने का फैसला किया है। फ्रांस और यूएई के बीच राफेल विमान को लेकर हुआ ये सबसे बड़ा सौदा है और ये सौदा उस वक्त किया गया है, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दो दिवसीय यूएई के दौरे पर हैं। फ्रांस और यूएई के बीच राफेल जेट की अब तक की सबसे बड़ी विदेशी बिक्री को सील कर दिया गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति दो दिवसीय खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, जहां वो यूएई के साथ साथ कतर और सऊदी अरब का भी दौरा भी कर रहे हैं। मैक्रों और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (एमबीजेड) द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा कि, यह अनुबंध एक तरफ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है जो पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और दूसरी तरफ क्षेत्रीय स्थिरता को बनाने में योगदान देता है।
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भारत का साथ खोकर ‘अनाथ’ बना अफगानिस्तान

Posted: 05 Dec 2021 02:55 AM PST

भारत का साथ खोकर 'अनाथ' बना अफगानिस्तान

काबुल। अफगानिस्तान इस वक्त गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है और तालिबान देश की शासन व्यवस्था संभालने में बुरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि, कि अगर जल्द से जल्द अफगानिस्तान में मानवीय मदद नहीं पहुंचाई गई, तो देश में लाखों लोग भूख से मर सकते हैं। इन सबके बीच अब अफगानिस्तान को भारत की याद आ रही है, जिसे तालिबान ने अलग कर रखा है।
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, तालिबान शासन भारत को अलग-थलग करके बहुत बड़ी गलती कर रहा है, जो पिछले 20 सालों से अफगानिस्तान में मानवीय मदद के साथ साथ, नागरिक उड्डयन, दूरसंचार सहित देश की प्रगति में सहायता कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, भारत ने अफगानिस्तान के परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में विकास के लिए अभूतपूर्व काम किया है, जो अब पूरी तरह से बंद है, लिहाजा आम अफगानों को भारत की याद आ रही है। (हिफी)

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प्रशांत किशोर का कटु सत्य

Posted: 05 Dec 2021 02:53 AM PST

प्रशांत किशोर का कटु सत्य

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय... यह गूढ़ सीख देने वाले बहुत अनुभवी और दूरदर्शी थे। कटु सत्य कहने का साहस कितने लोगों मंे है? ठकुरसोहाती को सभी हितकर मानते हैं लेकिन सच्चे हितचिंतक वही हैं जो कटु सत्य को बोलने मंे भी संकोच नहीं करें। चुनाव रणनीति का प्रशांत किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर इसी तरह का सत्य कह दिया। राजनीतिक परिपेक्ष्य मंे यह सत्य बहुत ही महत्वपूर्ण है लेकिन चाटुकारिता एक बार फिर भारी पड़ सकती है। देश मंे मजबूत विपक्ष का न होना दुर्भाग्य है और अहितकर भी। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस है और कोई छत्रप अपने राज्य मंे झंडा ऊंचाकर यदि विपक्ष का नेता घोषित करता है तो यह उसका भ्रम ही होगा। वरिष्ठ नेता शरद पवार ने ठीक ही कहा कि कांग्रेस के बिना विपक्षी एकता की बात व्यर्थ है लेकिन कांग्रेस मंे उसके नेता के बारे मंे पहली बार प्रशांत किशोर ने खुलकर कहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि नेतृत्व एक विशेष व्यक्ति का ही दैवीय हक नहीं है। कांग्रेस मंे नेतृत्व को लेकर यही बात कई लोग कहना चाहते हैं और ग्रुप-22 (पहले ये ग्रुप-23 था लेकिन जितिन प्रसाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा मंे चले गये हैं) के नेता भी यही कहना चाहते हैं लेकिन खुलकर नहीं कह पा रहे हैं। प्रशांत किशोर के इशारे को स्वयं श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी यदि समझ जाएं तो बेहतर होगा। हालांकि ग्रुप-22 के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात को दूसरे तरह से कहा है। श्री गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि उन्हंे नहीं लगता कि अगले आम चुनाव (2.024) मंे कांग्रेस के 300 सांसद आएंगे। इस प्रकार गुलाम नबी आजाद भी प्रशांत किशोर का ही समर्थन कर रहे हैं। राहुल गांधी एक बेदाग नेता हैं और युवा भी लेकिन कांग्रेस को भाजपा, विशेषकर नरेन्द्र मोदी से मुकाबला करने लायक नहीं बना सके। उनके बयान विवादास्पद रहे, जिनको देश की जनता ने भी पसंद नहंी किया। इसलिए कांग्रेस को अब उनके नेतृत्व को लेकर कठोर ही सही लेकिन हितकर फैसला करना चाहिए।
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूक रहे। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी की जीत में अहम रोल निभाने वाले प्रशांत ने 2 दिसम्बर को एक ट्वीट किया जिसमें मजबूत विपक्ष की अगुवाई को लेकर कांग्रेस की कथित दावेदारी पर सवाल उठाया गया है. प्रशांत ने अपने ट्वीट में लिखा, कांग्रेस जिस विचार और जगह का प्रतिनिधित्व करती है वो एक मजबूत विपक्ष के लिए अहम है। लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व एक विशेष व्यक्ति का ही दैवीय हक नहीं है खासकर तब जब पार्टी पिछले 10 सालों में अपने 90 प्रतिशत चुनाव हार चुकी है. विपक्ष के नेतृत्व का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होने दें। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशांत किशोर का आशय ममता बनर्जी की ओर से विपक्ष को लामबंद करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से है. गौरतलब है कि 2024 के आम चुनावों के लिए बीजेपी के सामने विपक्ष को एकजुट करने के प्रयासों के तहत ममता इस समय सक्रिय हैं। इस सिलसिले में अपनी मुंबई यात्रा में उन्होंने एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे व संजय राउत से मुलाकात की है।
प्रशांत किशोर कुछ समय पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा अब कई दशकों तक कहीं नहीं जाने वाली है, और राहुल गांधी के साथ समस्या यह है कि उन्हें इसका एहसास ही नहीं है। सोशल मीडिया पर हाल के एक सवाल-जवाब सेशन में प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले वर्षों में बीजेपी, भारतीय राजनीति के केंद्र में बनी रहेगी चाहे वह जीते या चाहे हारे। ठीक उसी तरह जैसी स्थिति आजादी के बाद शुरुआती 40 वर्षों में कांग्रेस के लिए थी उन्होंने कहा था कि राहुल सोचते हैं कि बस कुछ वक्त की बात है और लोग उन्हें ( बीजेपी को) उखाड़ फेंकेगे. यह नहीं होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक आप मूल्यांकन नहीं करेंगे। आप उनकी (पीएम मोदी) ताकत को समझेंगे नहीं। तब तक उन्हें काउंटर नहीं कर सकते, पराजित नहीं कर सकते ।
कुछ इसी तरह की बात गुलाम नवी भी कहते हैं पुंछ में एक रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अगले आम चुनाव में पार्टी 300 सीटें जीतेगी। आजाद ने आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर के यह बात अनुच्छेद 370 की बहाली के संदर्भ में कही. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि 2024 में कांग्रेस के 300 सांसद आएंगे, इसलिए मैं कोई गलत वादा नहीं करता. आजाद ने कहा कि संसद में अनुच्छेद 370 के बारे में मैं अकेला ही बात कर रहा था और किसी ने बात कही ही नहीं। उन्होंने अनुच्छेद 370 की फिर से बहाली को लेकर के कहा कि जब मामला कोर्ट में है तो मैं ये नहीं कहूंगा कि मैं तारे तोड़कर लाऊंगा, मैं चांद को जमीन पर उतारुंगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अलावा कोई कर सकता है तो वो मौजूदा सरकार कर सकती है, लेकिन उसने जब अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया तो वो कैसे इसे बहाल करेगी। उन्होंने कहा कि मैं यह वादा नहीं कर सकता हूं कि 2024 में 300 एमपी आएंगे तो अनुच्छेद 370 को बहाल करूंगा, उन्होंने कहा कि मुझे अभी नहीं लगता है कि कांग्रेस के 300 सांसद आएंगे।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ था। राहुल गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे लेकिन 2019 में इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा राहुल गांधी नेशनल स्टूडेंस् यूनियन ऑफ इंडिया और यूथ कांग्रेस के चेयरपर्सन हैं। राहुल ने 2004 में राजनीति में कदम रखा। अपने पिता की सीट अमेठी से पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़े और संसद पहुंचे। 2009 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 80 में से 21 सीटें जीतीं, इसका श्रेय राहुल गांधी को ही दिया जाता है।
राहुल गांधी ने कैंब्रिज के ट्रिनीटी कॉलेज से एम ए और एमफिल किया है। ग्रेजुएशन करने के बाद राहुल गांधी ने लंदन में मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मॉनीटर ग्रुप के साथ काम किया। सन 2002 में राहुल गांधी मुंबई आधारित कंपनी बैकोप्स सर्विसेज प्राइवेट के डायरेक्टर्स में से एक थे। 16 दिसंबर 2017 को राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव में बहुत मेहनत की थी और भाजपा के सामने कड़ी चुनौती पेश की। उनके नेृत्तव में ही कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को पराजित किया। इसके बाद कर्नाटक में भी भाजपा जेडीएस की सरकार बनी लेकिन बाद में कांग्रेस दरकती गयी। मध्य प्रदेश व कर्नाटक भाजपा ने छीन लिया। र्क नेता कांग्रेस का दामन छोड़ गये। पंजाब में कांग्रेस कमजोर पड़ गयी और कई नेता नाराज हैं।
कांग्रेस पेट्रोल, डीजल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के मकसद से 12 दिसंबर को दिल्ली में 'महंगाई हटाओ रैली' करने वाली थी। इस रैली की अनुमति नहीं मिली। रैली को जिसे पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेता संबोधित करने वाले थे। पिछले दिनों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा की कांग्रेस इकाइयों के अध्यक्षों एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में इस रैली के आयोजन को लेकर चर्चा हुई थी। वेणुगोपाल ने दावा किया, 'मोदी और महंगाई लोगों के जीवन के लिए अभिशाप बन गए हैं। महंगाई और कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि ने देश में हर व्यक्ति की कमाई को निगल कर हर परिवार की आय और बजट को बिगाड़ कर रख दिया है।' इस प्रकार कांग्रेस सक्रिय तो हो रही है लेकिन मोदी सरकार कुछ करने नहीं देती। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

दिव्यांग लड़की ने पैदा होने का वसूला हर्जाना

Posted: 05 Dec 2021 02:50 AM PST

दिव्यांग लड़की ने पैदा होने का वसूला हर्जाना

क्या कभी आपने सोचा है कि किसी लड़की ने खुद को पैदा करने के लिए डॉक्टर पर ही केस कर दिया हो? शायद नहीं। मगर, ब्रिटेन में एक 20 साल की लड़की ने ऐसा ही किया। लड़की दिव्यांग है। उसने अपनी मां के डॉक्टर पर बड़ी ही अजीबोगरीब वजह से केस किया था। लड़की का दावा था कि उसे 'पैदा नहीं होना चाहिए' था। डॉक्टर चाहता तो उसे पैदा होने से रोक सकता था। अब लड़की ने ये केस जीत लिया है। मुआवजे के तौर पर उसे कई मिलियन डॉलर का पेमेंट किया गया है। 
ब्रिटेन की स्टार शोजम्पर एवी टॉम्ब्स ने 'स्पाइना बिफिडा' के साथ पैदा होने के कारण अपनी मां के डॉक्टर के खिलाफ केस किया था। स्पाइनल डिफेक्ट का मतलब है कि एवी को कभी-कभी ट्यूबों के साथ 24 घंटे बिताने पड़ते थे। द सन' की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। शोजम्पर एवी टॉम्ब्स अपनी मां को ठीक से सलाह देने में विफलता के लिए डॉ। फिलिप मिशेल को अदालत ले गईं। एवी टॉम्ब्स का दावा है कि अगर डॉ। मिशेल ने उनकी मां को बताया होता कि अपने बच्चे को प्रभावित करने वाले स्पाइना बिफिडा के जोखिम को कम करने के लिए उन्हें फोलिक एसिड की खुराक लेने की जरूरत है, तो वह दिव्यांग पैदा नहीं होती। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, जज रोसलिंड कोए क्यूसी ने लंदन हाईकोर्ट में दिए अपने ऐतिहासिक फैसले में एवी का समर्थन दिया। जज ने फैसला सुनाया कि अगर एवी की मां को 'सही सलाह दी गई होती तो वह गर्भवती होने के प्रयासों में कुछ देर करतीं।' उन्होंने एवी को एक बड़े मुआवजे का अधिकार देते हुए कहा कि परिस्थितियों के अनुसार कुछ समय बाद वह गर्भवती होतीं। परिणामस्वरूप एक सामान्य और स्वस्थ बच्चा पैदा होता। 

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आसमान से पृथ्वी की तरफ आ रही है आफत

Posted: 05 Dec 2021 02:46 AM PST

आसमान से पृथ्वी की तरफ आ रही है आफत

आसमान से एक विशालकाय आफत तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रही है। ये आफत है 4660 नेरेयूस नाम का एस्टेरॉयड, जो फ्रांस के एफिल टावर से भी बड़ा है। इस एस्टेरॉयड के इसी हफ्ते के अंत में धरती के बेहद नजदीक पहुंचने की संभावना है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी इस एस्टेरॉयड को संभावित रूप से खतरनाक बताया है। नासा का कहना है कि एस्टेरॉयड के 11 दिसंबर को पृथ्वी की कक्षा से गुजरने की संभावना है। हालांकि, यह धरती के वायुमंडल में प्रवेश नहीं करेगा। बताया कि 4660 नेरेयूस एस्टेरॉयड का व्यास 330 मीटर से अधिक है। यह एस्टेरॉयड लगभग 3।9 मिलियन किलोमीटर की दूरी से पृथ्वी से गुजरेगा। इससे हमारी धरती को कोई तत्काल खतरा नहीं है। 4660 छमतमने का पूर्ण परिमाण 18.4 है। नासा 22 से कम परिमाण वाले एस्टेरॉयड को संभावित रूप से खतरनाक की श्रेणी में रखता है। 4660 नेरेयूस को पहली बार 1982 में खोजा गया था। यह एस्टेरॉयड विशेष है इसलिए नहीं कि यह खतरनाक है, बल्कि इसलिए कि यह पृथ्वी के करीब से सापेक्ष आवृत्ति के साथ गुजरता है। सूर्य के चारों ओर इसकी 1।82 साल की कक्षा लगभग हर 10 साल में इसे हमारे करीब लाती है। हालांकि अंतरिक्ष विज्ञान की दृष्टि से इसका 'निकट' होना भी एक सुरक्षित दूरी है। 1982 से ही नासा और जापानी स्पेस एजेंसी  इस पर नजर रखे हुए हैं। 
एस्टेरॉयड 4660 छमतमने पृथ्वी की तरफ तकरीबन चार मील प्रति सेकंड की रफ्तार से बढ़ रहा है। नासा ने इसे खतरनाक की श्रेणी में रखा है। हालांकि, ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से 3।93 मिलियन किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। यह पृथ्वी से चांद की दूरी से लगभग 10 गुना ज्यादा दूर है, फिर भी नासा ने इसे खतरा बताया है। (हिफी)

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झारखंड में जवाद का असर , छाए रहे बादल , होती रही बूंदा - बांदी ,

Posted: 05 Dec 2021 02:42 AM PST

झारखंड में जवाद का असर , छाए रहे बादल , होती रही बूंदा - बांदी ,

जमशेदपुर से हमारे संवाददाता मुकेश कुमार की खास खबर 
जमशेदपुर : चक्रवाती तूफान जवाद का असर जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में दूसरे दिन भी जारी है . ओड़िशा के तटीय इलाके से चला चक्रवाती तूफान अब पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में अपना असर दिखा रहा है . बारिश और तेज हवा के साथ मौसम का मिजाज शनिवार से ही बदला हुआ है . उधर मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक चक्रवाती तूफान जवाद का असर रहने संकेत दिया था . वहीं तूफान का असर झारखंड पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के सीमावर्ती हिस्सों में देखा गया . मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि पलामू , चतरा , लातेहार और लोहरदगा में चक्रवात का असर नहीं होगा . इन जिलों को छोड़ बाकी शेष जिलों में कहीं - कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी . 6 नवंबर यानी सोमवार को राज्य के दक्षिण तथा उत्तर पूर्वी भागों में कहीं - कहीं बारिश की उम्मीद है . वही 7 दिसंबर से मौसम साफ रहेगा . इस दौरान सुबह में कोहरा छाए रहेंगे . मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक चक्रवाती तूफान का असर और रहेगा .
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जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने किया धरना - प्रदर्शन

Posted: 05 Dec 2021 02:38 AM PST

जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने किया धरना - प्रदर्शन

जमशेदपुर से हमारे संवाददाता मुकेश कुमार की खास खबर 
जमशेदपुर : केंद्र सरकार आगामी 15 दिसंबर को शीतकालीन सत्र के दौरान बैंकिंग एमेनमेन्ट बिल लाने की तैयारी में है . इधर देश के दस लाख बैंक कर्मी आगामी 16 और 17 दिसंबर को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर देशव्यापी बैंक हड़ताल की घोषणा कर दिया है . इधर रविवार को जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार से बैंकों के निजी करण रोकने और एनपीए के नाम पर उद्यमियों एवं पूंजी पतियों से वसूली की छूट देने के अलावा बैंकों में नई बहाली सहित कई मांग रखी गई . जानकारी देते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक आरके रजक ने बताया , कि अगर सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो अनेवाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा .हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

फुटबॉल के लिए आईकेएफ प्रतिभा हंट ,मोइन-उल-हक स्टेडियम में अल्फा खेल अकादमी द्वारा आयोजित किया गया।

Posted: 05 Dec 2021 02:33 AM PST

फुटबॉल के लिए आईकेएफ प्रतिभा हंट ,मोइन-उल-हक स्टेडियम में अल्फा खेल अकादमी द्वारा आयोजित किया गया।

पटना, 5वीं दिसंबर 21 रविवार, 16 को फुटबॉल के लिए आईकेएफ प्रतिभा हंट ,मोइन-उल-हक स्टेडियम में अल्फा खेल अकादमी द्वारा आयोजित किया गया। इस टैलेंट हंट में 80 से अधिक लड़कों और लड़कियों ने हिस्सा लिया और मिश्रित टीमों मेंअपना सर्वश्रर्वेष्ठ खेल दिखाया। बच्चों ने बिहार के लगभग 12 जिलों का प्रतिनिधित्व किया और एक टीम प्रयागराज सेआई थी। एक आईकेएफ प्रमाणित स्काउट ने 10 प्रमखु खिलाड़ियों को चना ु हैजो ईस्ट जोन फाइनल के लिए कोलकाता जाएंगे। उनकेनाम का खलासा आज शाम अल्फाएकेडमी और इंडियाखेलोफुटबॉल इंस्टाग्राम अकाउंट पर किया जाएगा।
आज के कार्यक्रर्यम में बिहार फुटबाल संघ के सदस्य श्री मनीष वर्मा, कर्नलर्न उज्जवल प्रकाश, श्री सजॉय सिन्हा उपस्थित थे. अल्फा स्पोर्ट्स अकादमी के संस्थापक श्री समिुत प्रकाश से बात करतेहुए उन्होंने कहा कि, 'एक बार फिर सेजमीनी स्तर पर खेल शरूु करना और बिहार के बच्चों को एक बहुत जरूरी अवसर देना एक शानदार एहसास है। अल्फा स्पोर्ट्स नेआईकेएफ के लिए बिहार मेंएक विशषे भागीदार के रूप मेंकरार किया है। अल्फा स्पोर्ट्स बिहार मेंएकमात्र आवासीय खेल अकादमी हैजो सगुना मोड़, पटना, बिहार सेसिर्फ 9 किलोमीटर दरू है। अल्फा स्पोर्ट्स में, छात्रों को फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बडै मिटनं , खो-खो, कबड्डी और टेबल टेनिस मेंप्रशिक्षित किया जाएगा। उनका दृष्टिकोण खेल चयन शिविर लगाकर बिहार के विभिन्न जिलों के बच्चों को आकर्षितर्षि करना है। अल्फा स्पोर्ट्स नेएक ही समय मेंशिक्षा और खेल प्रदान करनेके लिए एक स्कूल के साथ करार किया है।
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Liked on YouTube: आचार्य जी का व्यक्तित्व त्रिवेणी संगम है इसीलिए उनके पुत्र का नाम भी संगम है:- प्रो. अरुण कुमार भगत

Posted: 04 Dec 2021 10:12 AM PST

आचार्य जी का व्यक्तित्व त्रिवेणी संगम है इसीलिए उनके पुत्र का नाम भी संगम है:- प्रो. अरुण कुमार भगत
दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
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Liked on YouTube: गिरते हुए राजनीत को हमेशा साहित्य ही सम्भालता है :- अवधेश नारायण सिंह माननीय सभापति बिहार विधानसभा

Posted: 04 Dec 2021 08:12 AM PST

गिरते हुए राजनीत को हमेशा साहित्य ही सम्भालता है :- अवधेश नारायण सिंह माननीय सभापति बिहार विधानसभा
गिरते हुए राजनीत को हमेशा साहित्य ही सम्भालता है यह कहना था श्री अवधेश नारायण सिंह माननीय सभापति बिहार विधानसभा का मौका था आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव: व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद कार्यक्रम का दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
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भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 137 वीं जयंती पर एक संगोष्ठी आयोजित

Posted: 04 Dec 2021 07:38 AM PST

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 137 वीं जयंती पर एक संगोष्ठी आयोजित

औरंगाबाद जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, बतकही एवं समकालीन जवाबदेही के संयुक्त तत्वावधान में शहर के सत्येंद्र नगर स्थित डॉक्टर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह के आवास कला कुंज के परिसर में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 137 वीं जयंती पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी भैरव नाथ पाठक तथा संचालन धनंजय जयपुरी ने किया। सर्वप्रथम डॉ राजेंद्र प्रसाद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तत्पश्चात वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपनी- अपनी राय रखी। चर्चा की शुरुआत करते हुए डॉ सी एस पांडेय तथा शिव नारायण सिंह ने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद एक सहज और सरल व्यक्तित्व थे जिन्होंने राजनीति पर अपनी शुचिता की अमर छाप छोड़ी। अपनी बातों को रखते हुए गणित के प्राध्यापक डॉक्टर शिवपूजन सिंह ने कहा कि संविधान निर्मात्री सभा के अध्यक्ष के रूप में इन्होंने जो महनीय दायित्व का निर्वाह किया वह सदा सर्वदा के लिए चिर स्मरणीय बना दिया। डॉ राजेंद्र प्रसाद पर अपनी एक लघु कविता सुनाते हुए रामाधार बाबू ने कहा-"जीरादेई में जन्मा एक बिहारी था।
दृढ़व्रती था संतहृदय वह मानवता का पुजारी था।।गोष्ठी को बौद्धिक ऊंचाई प्रदान करते हुए डॉ महेंद्र पांडेय ने डॉक्टर प्रसाद के जीवन के कुछ अनुकरणीय परंतु अनछुए पहलुओं को उद्धृत किया जिससे आज की पीढ़ी काफी कुछ सीख सकती है। समकालीन जवाबदेही के संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र के अनुसार वर्तमान अतीत का सबसे बड़ा समालोचक होता है और इस दृष्टि से समय ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के साथ न्याय नहीं किया। उन्हें जितना सम्मान मिलना चाहिए था नहीं मिल सका। मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखते हुए डॉक्टर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि एक साधारण काया में असाधारण व्यक्तित्व हो सकता है, इसके जीवंत प्रतिमान थे राजेंद्र बाबू। उनके आचार -विचार से गांधीवाद की खुशबू निकलती थी। इस अवसर पर और जिन लोगों ने अपनी राय रखी उनमें शिव शिष्य पुरुषोत्तम पाठक, इंजीनियर अर्जुन सिंह,कवि राम किशोर सिंह, शिक्षक उज्ज्वल रंजन, सुख्यात नेत्र चिकित्सक हनुमान राम एवं अलख देव नारायण सिंह प्रमुख थे। कुमारी पिंकी ने आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
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Liked on YouTube: आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव के व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम में नन्दकिशोर पाण्डेय

Posted: 04 Dec 2021 07:12 AM PST

आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव के व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम में नन्दकिशोर पाण्डेय
आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव: व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन पटना के अनुग्रह नारायण महाविद्यालय के प्रांगण में साहित्य अकादमी नई दिल्ली के द्वारा आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव: व्यक्तित्व और कृतित्व विषय पर एक दिवसीय परिसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया | कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अनुग्रह नारायण जी , माँ सरस्वती एवं आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया |अतिथियों का परिचय समाजसेवी अभिजित कश्यप ने करवाया|श्री कश्यप ने बतायाकि आचार्य जी हिंदी , संस्कृत एवं प्राकृत के मूर्धन्य विद्वान थें वे सम्पादकों के सम्पादक रहें है इसी वजह से आज देश के जाने माने विद्वान इस सभागार में उपस्थित है | कार्यक्रम में अजय कुमार शर्मा सहायक सम्पादक साहित्य अकादमी, अवधेश नारायण सिंह माननीय सभापति बिहार विधानसभा , राजेन्द्र प्रसाद गुप्त माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद, डॉ अरुण कुमार भगत माननीय सदस्य बिहार लोक सेवा आयोग नन्दकिशोर पाण्डेय , राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, प्रो शशि प्रताप शाही , प्राचार्य ए . एन कॉलेज पटना, अनिल शर्मा जोशी , उपाध्यक्ष केन्द्रीय हिंदी संस्थान, कुमुद शर्मा प्रख्यात साहित्यकार, कुणाल कुमार प्रख्यात साहित्यकार, उदय प्रताप सिंह प्रख्यात साहित्यकार, कैलाश प्रसाद सिंह स्वछंद प्रख्यात समालोचक, शिवनारायण प्रख्यात समालोचक ने अपने विचार व्यक्त किये | इस अवसर पर आचार्य जी के सुपुत्र संगम रंजन , कॉलेज के विद्यार्थी एव कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थें| दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
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5 दिसम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 04 Dec 2021 05:55 AM PST

5 दिसम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

5 दिसम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि : प्रतिपदा दिन 11:26:38

🔅 नक्षत्र : ज्येष्ठा दिन 10:06:14

🔅 करण :

                बव 09:30:12

                बालव 19:40:00

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग शूल 24:06:09

🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:45:58

🔅 चन्द्रोदय 07:59:00

🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक - 07:48:11 तक

🔅 सूर्यास्त 17:15:53

🔅 चन्द्रास्त 18:22:59

🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:24:53

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत मार्गशीर्ष

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:50:38 - 12:32:17

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 16:00:35 - 16:42:15

🔅 कंटक 10:27:18 - 11:08:58

🔅 यमघण्ट 13:13:57 - 13:55:36

🔅 राहु काल 16:05:48 - 17:23:54

🔅 कुलिक 16:00:35 - 16:42:15

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:50:38 - 12:32:17

🔅 यमगण्ड 12:11:27 - 13:29:34

🔅 गुलिक काल 14:47:41 - 16:05:48

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ रूद्रव्रत (पीड़िया), महारविवार व्रतारम्भ, देवोत्थान उपरान्त शुक्लपक्ष में वृश्चिक राशि का रविवार व्रतारम्भ। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

5 दिसम्बर 2021, रविवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): सक्रियता और मनोबल से सभी आकर्षित होंगे। अकारण बहस और विवाद से दूर रहें। जिम्मेदारियों को निभाने में पुरजोर प्रयासरत रहेंगे। लेन देन में सतर्कता आवश्यक है। दिन सामान्य से शुभ।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

वृषभ (Tauras): मनोनुकूलता बनी रहेगी। मित्रों को समय देना भाएगा। नए सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे। शिक्षा संतति और संसाधन बेहतर रहेंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें। दिन शुभकारक। करियर कारोबार लाभप्रद रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini): औरों से अपेक्षा न रखें। न ही व्यर्थ ही उनकी परीक्षा लें। नेकी कर दरिया में डाल की नीति अपनाएं। बड़ों को नमन करें। कामकाज बेहतर बना रहेगा। भौतिकता पर जोर देंगे। दिन सामान्य। जिद छोड़ें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

कर्क (Cancer): संपर्कों का लाभ मिलेगा। शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगे। सामाजिकता और सहकारिता बढ़त पर रहेगी। मेहमानों को आदर देंगे। भाई बहन से करीबी बढ़ेगी। दिन श्रेष्ठ।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

सिंह (Leo): अपनों के साथ मांगलिक कायों में शामिल हो सकते हैं। धनधान्य की प्रचुरता बनी रहेगी। वाणी व्यवहार से सभी को प्रभावित करेंगे।कुटुम्बियों की सलाह से शुभ निर्णय ले सकते हैं। दिन शुभ।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): निसंकोच आगे बढ़ते रहें। सफलता का प्रतिशत ऊंचा बना रहेगा। प्रभावशाली लोगों से भेंट संभव है। सामर्थ्य और स्वाभिमान को बल मिलेगा। मित्रों से भेंट होगी। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra): सतर्कता से आगे बढ़ते रहें। निवेश के अवसर बढ़ेंगे लेकिन अतार्किक प्रलोभनों से दूरी रखें। उधार न दें और न लें। मूल्यवान वस्तु की प्राप्ति संभव है। पेशेवर अच्छा करते रहेंगे। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): लाभ की अच्छी संभावना बनी रहेगी। रुका हुआ धन मिल सकता है। श्रेष्ठ कार्यों से धन और यश दोनों प्राप्त होगा। संतान अच्छा करेगी। पठन पाठन में रूचि रहेगी। दिन हितकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius): सफलता का स्तर उम्मीद से अधिक बना रह सकता है। अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दें। सभी का सहयोग मिलेगा। घर परिवार में खुशियों की आवक रहेगी। दिन शुभकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn): सकारात्मक समय का अधिकाधिक लाभ उठाने का प्रयास करें। संबंधी सहयोगी रहेंगे। धर्म संस्कार और आस्था को बल मिलेगा। भ्रमण मनोरंजन संभव है। दिन भाग्यकारक। तेजी दिखाएँ।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कुंभ (Aquarius): कुम्भ- रूटीन कार्यों को पूरा करने की सोच रखे। अनुशासन और निरंतरता के साथ आगे बढ़ते रहें। आकस्मिकता बनी रह सकती है। अपने हितकर बने रहेंगे। सेहत का ध्यान रखें। दिन सामान्य।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces): जीवनसाथी संग शुभ कार्यों में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। सहयोग और सहकार की भावना को बल मिलेगा। साझीदार हितकर रहेंगे। आवश्यक कार्यों की आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें। दिन उत्तम।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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दिव्यांगजनों को मान-सम्मान

Posted: 04 Dec 2021 05:12 AM PST

दिव्यांगजनों को मान-सम्मान

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
दिव्यांग एक शब्द मात्र नहीं है। बल्कि इसमें सम्मान व स्वावलंबन का विचार भी समाहित है। इस शब्द के प्रचलन के बाद सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत हुई है। समाज की धारणा में बदलाव हुआ। इस संबन्ध में सरकार ने भी अनेक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। देश की विकास यात्रा में दिव्यंजन भी सहभागी हो रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांग शब्द के माध्यम से स्वाभिमान और सामर्थ्य का सन्देश दिया था। उनका कहना था कि शारीरिक रूप से विकलांग लोगों में ईश्वर प्रदत्त कोई न कोई विशेष क्षमता भी होती है। उन्हें इस क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने की सुविधा व अवसर मिलना चाहिए। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके दृष्टिगत अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। सरकारी भवनों व यातायात के साधनों में उनके लिए विशेष व्यवस्था की कार्य योजना पर अमल किया गया। आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है। दिव्यांग दिव्यंजनो में स्वाभिमान व उत्साह का संचार हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने भी इसके दृष्टिगत अनेक प्रयास किये है। दिव्यांगजनों को सुविधा सम्मान व प्रोत्साहन हेतु अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। यह सन्देश दिया गया कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। इसको अवसर में बदलने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर विचार के बाद इस शब्द को प्रचलित किया था। इसे व्यापक रूप में स्वीकृति मिली है। सभी व्यक्तियों में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। इसे पहचानें तथा आगे बढ़ंे। दिव्यांगजन किसी से कम नहीं है। वह सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे है। दिव्यांग जनों को अपनी क्षमता का विकास करना चाहिए। 2015 से दिव्यांगों को विशेष सम्मान सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
इस शब्द से दिव्यांगों के भाव और मानसिकता में बदलाव आया है। उनको मानसिक मजबूती मिली है। उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ है। इसीलिए जीवन के हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ी है। विकलांगता कोई कमजोरी नही है, इन्हें सहयोग दिया जाए तो यह अपनी मानसिक मजबूती के बल पर उन दुर्बल लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, जिनको प्राप्त करना किसी भी रूप में आसान नहीं है। सभी दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से सरकार द्वारा चल रही समस्त योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सरकार द्वारा विकलांग बच्चों के लिए अलग से स्कूल, अलग से शिक्षा दीक्षा की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर प्रत्येक जिले में सौ दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दिये जाने की घोषणा की। सरकार इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाली संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरित किये। दिव्यांगजनों को उपकरण का वितरण भी किया। योगी अदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी परिस्थितियों में शारीरिक व मानसिक रूप से कोई कमी रह गई है तो उनकी प्रतिभा को ऊर्जा प्रदान करने का काम हो रहा है। कोरोना महामारी के बावजूद देश के पैराओलम्पिक खिलाड़ियों ने टोक्यो में शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने उन्नीस मेडल प्राप्त किए। छप्पन खिलाड़ियों का दल पैराओलम्पिक में भागीदार बना। राज्य सरकार ने सभी मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि से सम्मानित किया। पैराओलम्पिक में सफलता इस बात को प्रदर्शित करती है कि थोड़ा भी इन्हें प्रोत्साहन दिया जाए तो वे अपनी प्रतिभा का लाभ राष्ट्र को दे सकते हैं। वर्तमान में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल देने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा हैं।
तकनीक के साथ दिव्यांग जनों को जोड़ा जा रहा है। 2017 से दिव्यांगजनों की पेंशन, कुष्ठ जनों को पेंशन, कृत्रिम अंग, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, दिव्यांगजनों की शादी के लिए भी सरकार धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप उपलब्ध कराती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं है। वर्तमान सरकार दिव्यांगजन की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिव्यांगजन की प्रतिभा को बहुत नजदीक से पहचाना है। यही कारण है उन्होंने विकलांग शब्द को दिव्यांग नाम दिया है। ऋषि अष्टावक्र भी दिव्यांग थे। उनकी प्रतिभा विलक्षण थी। सूरदास महाकवि व महान भक्त थे। उनकी रचना कालजयी है। सूरदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के प्रति जनमानस को आकर्षित करने का कार्य किया। विश्व प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस की प्रतिभा से सभी परिचित हैं। ऐसे प्रतिभाशाली दिव्यांगजन की एक लम्बी श्रृंखला है, जो इस बात को प्रदर्शित करती है कि यदि दिव्यांगों को उचित माहौल दिया जाए तो वह बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। प्रदेश सरकार दिव्यांगजन के हितों के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित कर रही है। दिव्यांगजन की पेंशन तीन सौ रुपये से बढ़ाकर पांच सौ रुपये प्रतिमाह की गयी है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट भी बढ़ाया गया है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के साथ मिलकर प्रदेश के सभी जनपदों में दिव्यांगजन हेतु कृत्रिम अंग उपकरण वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजन को शादी के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। दिव्यांग युवक हेतु पन्द्रह हजार रुपये,युवती हेतु बीस हजार रुपये तथा युवक एवं युवती दोनों के दिव्यांग होने पर पैतीस हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। दिव्यांगजन को स्वयं के व्यवसाय व दुकान निर्माण के लिए बीस हजार रुपये,स्ट्रीट वेण्डर के कार्य हेतु दस हजार रुपये तथा किसी प्रकार की सर्जरी के लिए दस हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। दिव्यांगजन के लिए कॉक्लियर इम्प्लाण्ट योजना संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत प्रत्येक लाभार्थी को छह लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। दिव्यांगजन को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। डॉ शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पचास प्रतिशत सीटें दिव्यांगजन के लिए आरक्षित की गयी हैं। भारत सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार द्वारा भी दिव्यांगजन के लिए इक्कीस श्रेणियां निर्धारित की गयी हैं। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

Liked on YouTube: प्राथमिक चिकित्सा के नियम गुण व फ‌र्स्ट एड में क्या-क्या कार्य करने चाहिए बता रहें है आई जी आईएम्एस

Posted: 04 Dec 2021 05:12 AM PST

प्राथमिक चिकित्सा के नियम गुण व फ‌र्स्ट एड में क्या-क्या कार्य करने चाहिए बता रहें है आई जी आईएम्एस
प्राथमिक चिकित्सा के नियम गुण व फ‌र्स्ट एड में क्या-क्या कार्य करने चाहिए पटना के आई जी आई एम एस के प्रोफेसर डॉ संजीव के द्वारा एक दिवसीय बेसिक फ‌र्स्ट एड ट्रेनिग का प्रशिक्षण दिया गया। आई जी आई एम एस के प्रोफेसर डॉ संजीव ने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा के नियम गुण व फ‌र्स्ट एड में क्या-क्या कार्य करने चाहिए व सीपीआर की विधि डमी के माध्यम के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जैसे सांप व मधुमक्खी के काटने, जहरीली दवा खा लेने, बिजली के संपर्क में आने, डूबते व्यक्ति को कैसे बचाना है, होम नर्सिंग के कार्य के बारे में बताया गया। एक होम नर्स ने घर पर मरीज का किस प्रकार ध्यान रखना चाहिए उसकी सफाई के बारे में बेडशीट चेंज करने के बारे में बताया गया। होम नर्स सही उपचार करे तो रोगी जल्द ठीक होता है, क्योंकि रोगी को सही समय पर सही दवाई देने से उसकी जान बच सकती है और वह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। हमारे बच्चों को अगर उचित जानकारी दी जाये ताकि किसी घायल व्यक्ति को बचाया जा सके। डा. बिभा ने बताया कि इस शिविर का मकसद प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जागरूक करना है। दुर्घटना होने के बाद प्राथमिकचिकित्सा की जानकारी न होने से लोगों को जान गंवाना पड़ता है। डॉ संजीव ने बताया की कई बार जानकारी के आभाव में दुर्घटना में व्यक्ति की जान चली जाती है , अगर लोग प्रशिक्षित रहें तो दुर्घटना में होनेवाले मौतों को कम जरुर किया जा सकता है| इसी कड़ी में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि काम करते वक्त यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना होती है, उससे मौके पर किस तरीके से निपटा जाए, इसके बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है । उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना से यदि हमें बचना है तो हमें सभी तरह के सुरक्षा मानकों को अपनाना होगा। इसके बाद संजीव एवं डॉ.बिभा ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के होने पर सबसे पहले दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति की नब्ज की जांच करनी चाहिए और उसकी सांस चल रही है या नहीं ये भी जांचना चाहिए। यदि कर्मचारी आग या करंट से झुलस गया है, तो सबसे पहले बिजली की सप्लाई बंद होनी चाहिए और घायल व्यक्ति को दुर्घटना वाले स्थान से दूर ले जाएं। उन्होंने कहा कि करंट लगने के बाद घायल को पानी न पिलाएं। इससे उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है जबकि अधिकतर मामलो में घायल को पानी पीला दिया जाता है जिससे घायल की जान जाने की संभावना बढ़ जाती है। पत्रिका के सम्पादक डॉ राकेश दत्त मिश्र ने आई जी आई एम् एस के टीम का आभार जताया। इस मौके पर पत्रिका परिवार के सदस्य उपसम्पादक सुबोध कुमार, पटना ब्यूरो सुबोध सिंह राठौड़ , पियूष रंजन, विवेकानन्द पाण्डेय, अनुपमा नन्द पाण्डेय, रविन्द्र सिंह, उमेश कुमार, चन्दन कुमार, बिनोद सिंह, पप्पू कुमार, अमरेन्द्र सिंह और कन्हैया तिवारी आदि मौजूद रहें । दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
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पं. दीनदयाल का संदेश

Posted: 04 Dec 2021 05:09 AM PST

पं. दीनदयाल का संदेश

(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
भारत की ऋषि परंपरा प्राचीन है। ऋषियों को मंत्र द्रष्टा कहा गया है। ऋषि अनेक हैं। सब संवादरत हैं लेकिन अनुभूति एक है। एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति। प. दीनदयाल उपाध्याय आधुनिक काल के तत्वद्रष्टा ऋषि हैं। उन्होंने एकात्म मानव दर्शन का विचार दिया। भारतीय राष्ट्रभाव के संवर्द्धन में पूरा जीवन लगाया। वे राष्ट्रवादी विचार के संवादी थे। दीनदयाल जी सभी संवादों में सिद्ध थे। सम्वाद की कई कोटियां होती हैं- जैसे बुद्धि और बुद्धि के मध्य सम्वाद। वाद और प्रतिवाद का संवाद। लेकिन असली संवाद हृदय से हृदय के मध्य होता है। हृदय बोलता है, हृदय सुनता है। तब मन बुद्धि और प्राण सहचित्त हो जाते हैं।
दीनदयाल जी की राष्ट्र अनुभूति गहन थी। उन्होंने इसी ध्येय के लिए संपूर्ण जीवन राष्ट्रार्पित किया था। उन्होंने हजारों प्रबोधन/बौद्धिक दिए। वे प्रेरित करते थे, प्रभाव डालते थे। सक्रिय करते थे। इस सबका मूल कारण था कथन और कर्म की एका। प्रामाणिक जीवन का आचार व्यवहार अपने आप में बहुत बड़ा संवाद होता है। इसका प्रभाव दीर्घकालिक भी होता है। पंडित जी
ध्येयनिष्ठ सृजनशील थे। उनके प्रबोधन से सहस्त्रों कार्यकर्ता सक्रिय हुए और सहस्त्रों कार्यकर्ता राष्ट्रजीवन में यशस्वी भी हुए।
भारत में ऋग्वेद के रचनाकाल से ही प्रश्न व तर्क की महत्ता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय दर्शन के उत्कृष्ट विद्वान थे। उन्होंने शंकराचार्य पर एक छोटी सी प्यारी किताब लिखी थी। किताब में उन्होंने शंकराचार्य के दर्शन-ज्ञान की विकास यात्रा को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। शंकराचार्य ने अल्पजीवन में सम्पूर्ण भारत का भ्रमण किया। 11 उपनिषदों का भाष्य लिखा, गीता और ब्रह्मसूत्र पर विशाल भाष्य सहित ढेर सारा साहित्य लिखा। विश्व इतिहास में ऐसा उदाहरण दूसरा नहीं मिलता। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक एकता का तानाबाना बनाया। दीनदयाल जी स्वाभाविक ही शंकराचार्य पर मोहित थे। भारत में अद्वैत दर्शन के साथ शंकराचार्य का नाम जुड़ा हुआ है। अद्वैत दर्शन वैज्ञानिक हैं। उपाध्याय जी ने अद्वैत दर्शन के लिए बादरायण का स्मरण किया है। लिखा है, "शंकर के नाम के साथ अद्वैत तथा वेदान्त का इतना अटूट सम्बन्ध जुड़ गया है कि लोग शंकर को ही वेदांत तत्वज्ञान का जन्मदाता समझने लग गये हैं। वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है। सब तत्वज्ञानों के समान वेदांत तत्व आदि का स्रोत वेदमंत्र ही हैं। इसको संसार के समक्ष प्रकट करने वाले महर्षि बादरायण थे।" (शंकराचार्य, लोकहित प्रकाशन लखनऊ, पृष्ठ 21)। ब्रह्मसूत्र बादरायण की रचना है।
उपाध्याय जी ने बताया है "महर्षि बादरायण के काल में वैदिक धर्मावलम्बियों में तीन तत्वज्ञान मुख्यतया प्रचलित थे, कणाद का वैशेषिक दर्शन, गौतम का न्याय दर्शन तथा कपिल का सांख्य दर्शन। इसके अतिरिक्त चार्वाक का लोकायत दर्शन, जैनों का अर्हत् दर्शन तथा बौद्धों का तथागत दर्शन बहुत प्रसिद्ध है।" (वही, पृष्ठ 21) स्पष्ट है कि दीनदयाल जी भारतीय दर्शन के सूक्ष्म तत्वों से सुपरिचित थे।
उपाध्याय जी के दार्शनिक विवरण में भारतीय दर्शन की विकास यात्रा के बीजसूत्र हैं। लिखते हैं "वैदिक दर्शनों में कणाद भौतिकवाद का, कपिल द्वैतवाद का तथा गौतम नीरस तर्क का आश्रय लेकर संसार में द्वैधीभाव, अनास्था और अविश्वास का प्रचार कर रहे थे। कृष्ण तथा महर्षि वेदव्यास के बताये हुए मार्ग को लोग भूलते जाते थे। ऐसे समय में देश की समस्त बुराइयों को दूर कराने तथा वेदों का सारगर्भित अर्थ प्रकट करने के लिए तीन नये दर्शनों की रचना हुई, वे हैं पतंजलि का योग दर्शन, जैमिनि का मीमांसा दर्शन तथा बादरायण का वेदान्त दर्शन।" (वही पृष्ठ 22)
दर्शन और विज्ञान मनुष्य और समाज के समग्र विकास के लिए ही होते हैं। दीनदयाल जी ने इसीलिए पतंजलि के योग दर्शन, जैमिनी के मीमांसा व वादरायण के वेदान्त दर्शन को 'सारगर्भित अर्थ प्रकट करने वाला बताया है। दीनदयाल जी कहते हैं "वेदान्त इन सबमें प्रमुख है।" (वही, 22) वेदान्त ही प्रमुख क्यों है? लिखा है "युगो युगों से हिन्दुस्थान के महापुरूषों ने इसी में शान्ति पाई है।" (वही, पृष्ठ 22)
वेदांत के 'अद्वैत' में संपूर्ण सृष्टि एक इकाई है। दूसरा कुछ और नहीं-अद्वैत यानी दो नहीं। अद्वैत का यह दर्शन भारत की सनातन परम्परा है। वेदान्त को सूत्रों में बांधने का काम बादरायण ने किया था लेकिन दर्शन को भारत के जन जन तक पहुंचाने का काम शंकराचार्य ने किया। वेदान्त दर्शन भारतीय दर्शन का प्रतिनिधि है। यूरोप के दर्शनशास्त्री बहुत लम्बे समय तक 'वेदान्त' को ही भारतीय दर्शन मानते थे। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने बादरायण को स्वाभाविक ही प्रतिष्ठा दी है, उन्होंने लिखा, "श्रुति, स्मृति, उपनिषद् तथा श्रीमद्भगवत्गीता के अर्थ को सुस्पष्ट करने के लिए तथा ऊपर-ऊपर से देखने के कारण इन ग्रन्थों में आपस में विरोध देखने वालों के विरोधाभास को नष्ट करने के निमित्त उन्होंने स्वयं वेदान्त सूत्रों की रचना की।" (शंकराचार्य, पृष्ठ 23) असल में ऋग्वेद से लेकर उपनिषद् तक दर्शन की धारणा 'एक सत्य' की ही है। ब्रह्मसूत्रों में सभी ऐसे नामों को एक अर्थ दिया गया है। तब ब्रह्मसूत्र, उपनिषद् और गीता ज्ञान यात्रा की प्रस्थानत्रयी कहे गए थे। उपाध्याय जी 'प्रस्थानत्रयी' परम्परा से पूर्णतया
अवगत थे। लिखते हैं "उपनिषद् वेदान्त सूत्र तथा गीता अपने धर्म की प्रस्थानत्रयी के नाम से विख्यात है।" (वही पृष्ठ 23)
पं0 दीनदयाल उपाध्याय भारत की सांस्कृतिक एकता में ही राष्ट्रभाव की स्थिरता देखते थे। राजा और राज्य व्यवस्थाएं आती जाती रहती हैं लेकिन सांस्कृतिक प्रवाह अविच्छन्न रहते हैं। शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता को पुनर्नवा ऊर्जा दी थी। उन्होंने शंकराचार्य के वाराणसी प्रवास का वर्णन किया है, "भगवती भागीरथी के किनारे दशाश्वमेध घाट पर इन मिटते हुए साम्राज्यों तथा भारत की एकता के प्रश्न पर अवश्य ही विचार किया होगा। वहां यदि उन्होंने निर्णय किया हो तो क्या आश्चर्य कि बिना सांस्कृतिक एकता के, बिना विचारों के एक छत्र साम्राज्य के राजनैतिक एकता टिकाऊ नहीं होती। सांस्कृतिक एकता होते हुए राजनीतिक भिन्नताएं भी राष्ट्र का गला नहीं घोंट सकतीं।"
उपाध्याय जी ने लिखा, "कल कल करती हुई जाह्नवी ने उनका समर्थन किया। पुण्य सलिला की स्वच्छ जलराशि ने उनको स्नान के लिए आमंत्रित किया। शंकराचार्य स्नान करके निकले तो उनकी कान्ति द्विगुणित थी। संसार के समान गंगा का जल सामने से भागता जा रहा था, प्रतिक्षण परिवर्तनशील किन्तु अभिन्न कितना अनित्य किन्तु शांत। काशी की गंगा और हरिद्वार की गंगा एक है। दोनों को कौन अलग कहेगा? वे समान हैं, उनका स्रोत समान है, ध्येय समान है। यही है भेद में अभेद, भिन्नता में अभिन्नता, अनेकत्व में एकत्व, जिसको वे संसार को बताना चाहते थे।" (वही, पृष्ठ 41 व 42)
दीनदयाल जी के भावबोध में भारतीय दर्शन की अनुगूंज है। उन्होंने लिखा "गंगा में उठने वाली भंवर और तरंगें सत्य नहीं हैंै, वह तो वायु के परिणाम स्वरूप हैं। वे ऊपर की हैं, नित्य नहीं। शंकराचार्य की 'अद्वैत' प्रेरणा व वैदिक प्रतीति से उपाध्याय के चित्त में 'एकात्म मानवदर्शन का उदय' हुआ। उपाध्याय जी 'एकात्म मानवदर्शन' को लेकर सांस्कृतिक राष्ट्रभाव के लोकजागरण में सक्रिय थे। प0 दीनदयाल उपाध्याय एकात्म अनुभूति वाले ऋषि द्रष्टा थे। दीनदयाल जी ने बहुत कुछ लिखा, बहुत कुछ कहा। भारत केवल भूगोल नहीं। यूरोपीय तर्ज का नेशन स्टेट नहीं। भारत एक विचार है। ज्ञान विज्ञान और दर्शन की पुण्य धरती। आकाश से धरती पर उतरी वैदिक ऋचा है भारत। एक मधुर गीत। शब्द ब्रह्म हैं। अमर हैं। उनके बोले लिखे शब्द अजर-अमर हैं। उनके शब्द हमारा आत्मरूपांतरण करते हैं। दीनदयाल जी के विचार अमर हैं। उन्हें पढ़ना दीनदयाल जी को सुनना है। अंग्रेजी के कवि शेली ने 'एडोनिस' में लिखा है "प्रकृति में पुनर्नवा शक्ति है। दीप्ति आभा बदल जाती है सुगंध में- ह्वेयर स्पलेंडर इज चेंज्ड इन टू फ्रेंगरेंस।" दीनदयाल जी की शब्द दीप्ति में शब्द गंध भी है। भारत इसी संदेश को ग्रहण करते हुए परम वैभवशाली हो सकता है। (हिफीहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बच्चों व किशोरों में कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव ज्यादा

Posted: 04 Dec 2021 05:06 AM PST

बच्चों व किशोरों में  कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव ज्यादा

जोहान्सवर्ग। दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों ने छोटे बच्चों में कोविड-19 संक्रमण की बढ़ती संख्या के बारे में चिंता जताई है। ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेज प्रसार के बीच विशेषज्ञों ने बताया कि शुक्रवार की रात दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण के कुल 16,055 मामले और 25 मौतें दर्ज की गईं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज की डॉ वसीला जसत ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, अब, इस लहर की शुरुआत में, हम सभी आयु समूहों में संक्रमण की काफी तेज वृद्धि देख रहे हैं, लेकिन विशेष रूप से अंडर-फाइव में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
डॉ वसीला जसत ने कहा, हमने हमेशा देखा है कि अतीत में कोरोना का प्रभाव बच्चों पर बहुत ज्यादा नहीं पड़ा और उन्हें अस्पतालों में भर्ती नहीं कराना पड़ा था लेकिन तीसरी लहर में, हमने पांच साल से कम उम्र के बच्चों और 15 से 19 साल के किशोरों में संक्रमण तेजी से और अधिक संख्या में देखा है। हालांकि, जैसा कि अपेक्षित था, बच्चों में संक्रमण के मामले अभी भी सबसे कम हैं लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण अब दूसरे स्थान पर है और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में भी संक्रमण तेजी से बढ़ते हुए दूसरे स्थान पर है। जसत ने कहा, अब हम जो रुझान देख रहे हैं, वह पांच साल से कम उम्र के बच्चों में अस्पताल में दाखिले में विशेष वृद्धि से अलग है। डॉ. मिशेल ग्रोम ने कहा कि इस घटना के पीछे के कारणों की जांच के लिए और अधिक शोध किये करने की जरूरत है।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

श्रीलंका में भारत विरोध के डर से चीन ने रोकी परियोजना

Posted: 04 Dec 2021 05:02 AM PST

श्रीलंका में भारत विरोध के डर से चीन ने रोकी परियोजना

कोलंबो। चीन ने श्रीलंका के तीन द्वीपों में हाइब्रिड ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की एक परियोजना पर भारत के विरोध की खबरों के बीच तीसरे पक्ष की सुरक्षा संबंधी चिंता का हवाला देते हुए रोक लगा दी है।
एक रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में चीनी फर्म सिनो सोअर हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को जाफना के तट से दूर डेल्फ्ट, नागादीपा और अनलथिवु द्वीपों पर एक हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। तीन टापू तमिलनाडु के करीब स्थित हैं। भारत का नाम लिए बिना चीनी दूतावास ने एक ट्वीट में पुष्टि की कि श्रीलंका में उत्तरी द्वीपों में सौर ऊर्जा प्रणाली परियोजना को तीसरे पक्ष द्वारा व्यक्त की गई सुरक्षा चिंताओं के कारण निलंबित कर दिया गया है। चीनी दूतावास ने कहा कि इसके बजाय, बीजिंग ने मालदीव में 12 द्वीपों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 29 नवंबर को एक कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2021 की शुरुआत में भारत ने डेल्फ्ट, नागदीपा और अनलथिवु में श्रीलंका से चीनी कंपनी को सोलर पावर प्लांट बनाए जाने का ठेका दिए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। बीजिंग के विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत श्रीलंका में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में चीन सबसे बड़े निवेशकों में से एक है।

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मोसाद ने ईरान में इस तरह उड़ाया परमाणु संयंत्र

Posted: 04 Dec 2021 03:54 AM PST

मोसाद ने ईरान में  इस तरह उड़ाया परमाणु संयंत्र

नई दिल्ली। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने इसी साल अप्रैल माह में शीर्ष ईरानी वैज्ञानिकों की भर्ती की और धोखे से उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वे एक गुप्त अभियान चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय असंतुष्ट समूहों के लिए काम कर रहे थे, जिसमें उनके अपने परमाणु संयंत्र को उड़ाना भी शामिल था।
यहूदी क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि नटांज परमाणु सुविधा को नष्ट करने के लिए दस वैज्ञानिकों को काम पर रखा गया था। ड्रोन के जरिए विस्फोटकों को परमाणु परिसर में लाया गया था
इस ऑपरेशन से परमाणु संयंत्र में लगभग 90 प्रतिशत सेंट्रीफ्यूज ध्वस्त हो गया। इसके साथ ही इस कार्रवाई के बाद परमाणु संयंत्र के मुख्य परिसर का इस्तेमाल नौ महीने के लिए बंद कर दिया गया। यह धमाका एक ड्रोन का उपयोग करके परिसर में विस्फोटकों की तस्करी करके किया गया था। इन ड्रोनों को तब वैज्ञानिकों ने इकट्ठा किया था। इतना ही नहीं, खाद्य बक्से और लॉरियों के माध्यम से कई विस्फोटकों को भी उच्च सुरक्षा सुविधा में तस्करी कर लाया गया था। यहूदी क्रॉनिकल की रिपोर्ट किये गए कई अन्य खुलासे में मोसाद द्वारा भवन निर्माण सामग्री में विस्फोटकों को छिपाने का भी उल्लेख है जिनका उपयोग 2019 में नटांज सेंट्रीफ्यूज को बनाने में किया गया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

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