बेसिक शिक्षा न्यूज़ । Basic Shiksha News | |
- CIRCULAR, AWARD : वर्ष 2019 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार हेतु दिशा निर्देश /समय सारिणी की सूचना।
- CIRCULAR, NPS, PRAN : बेसिक शिक्षा परिषद्/अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के अधीन नेशनल पेंशन स्कीम से आच्छादित शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के प्रान आवंटन की कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में।
- CIRCULAR, UNIFORM : निःशुल्क यूनीफार्म वितरण मद में जनपदों में विगत वर्षों की देनदारियों से सम्बन्धित सूचना उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।
- CIRCULAR, UDISE : UDISE+ 2019-20 पर कतिपय विद्यालयों द्वारा डाटा इण्ट्री प्रारम्भ न किए जाने के सम्बन्ध में।
- CIRCULAR, INSPIRE AWARD, ONLINE, ADMISSION : वर्ष 2020-21 में इंस्पायर अवार्ड योजनान्तर्गत छात्र - छात्राओं के ऑन-लाईन नामांकन कराये जाने के सम्बंध में।
- CIRCULAR, GOVERNMENT ORDER, POLICY, SHIKSHA NEETI : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक कर देखें।
- CIRCULAR, UNIFORM : शैक्षिक सत्र 2020-21 में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म नि:शुल्क वितरण के सम्बन्ध में।
- CIRCULAR, MANAV SAMPDA, PORTAL : मानव संपदा पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने और संशोधन की तिथि बढ़ाई गयी, अब 17 अगस्त 2020 तक हो सकेंगे दस्तावेज अपलोड
- KGBV, CIRCULAR, AUDIT : समग्र शिक्षा (सर्व शिक्षा अभियान तथा के0जी0बी0वी0) वर्ष 2019-20 के लेखों के वैधानिक सम्प्रेक्षण हेतु नामित सी0ए0 फर्म का जनपदीय ऑडिट कार्यक्रम एवं ऑडिट स्टाफ की सूची का प्रेषण
- CIRCULAR, MEETING : बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु प्रत्येक माह बैठक आयोजित करने के संबंध में
- MANAV SAMPDA, SHIKSHAMITRA, ANUDESHAK, PORTAL, ONLINE, MOBILE : मानव सम्पदा पोर्टल पर बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण आनलाइन गूगल शीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में।
- FAKE, SIT : आगरा विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से 3635 रोल नंबर हटाए जाएंगे, एसआईटी की जांच के बाद बीएड 2005 में 3637 रोल नंबर फर्जी पाए गए थे
- CIRCULAR, ENGLISH MEDIUM, BOOKS : शैक्षिक सत्र 2020-21 में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों हेतु संपर्क फाउंडेशन द्वारा विकसित अंग्रेजी की कार्यपुस्तिका English Workbook-2 एफ० ओ० आर० डेस्टिनेशन आपूर्ति एवं निःशुल्क वितरण के सम्बन्ध में
- CIRCULAR, ADD SCHOOL : प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों हुई नियुक्तियों के संबंध में।
- SHIKSHAK BHARTI : याचिका दाखिल कर 69000 शिक्षक भर्ती में एसटी की खाली सीटों को एससी कोटे से भरने की मांग
- ENGLISH MEDIUM, SCHOOL, POLICY : प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का बदलेगा स्वरूप, नई शिक्षा नीति में कक्षा पांच तक मातृभाषा में पढ़ाई कराने को तैयारी, अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार के हाथ।
- SHIKSHA NEETI : नई शिक्षा नीति पर अमल का रोडमैप तैयार, जानिए कब कौन से बदलाव होंगे लागू?
- MANTRI, POLICY, SHIKSHA NEETI : नई शिक्षा नीति के मुताबिक परिषदीय विद्यालयों में पहले से ही हो रहा काम, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री का दावा
- MANAV SAMPDA : मानव संपदा पोर्टल की विश्वसनीयता पर शिक्षकों ने उठाये सवाल, अधिकारी पोर्टल को बता रहे पूर्ण सुरक्षित
- CIRCULAR : समग्र शिक्षा के अंतर्गत सभी भुगतान PFMS के माध्यम से लागू किया जाना
- CIRCULAR, ADMISSION : शैक्षिक सत्र 2020-21 में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अन्तर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में।
- CIRCULAR, DATA, PORTAL : मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीडिंग और डाक्यूमेंट्स अपलोडिंग में आ रही समस्याओं के संबंध में
| CIRCULAR, AWARD : वर्ष 2019 के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार हेतु दिशा निर्देश /समय सारिणी की सूचना। Posted: 31 Jul 2020 09:53 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 09:49 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 09:45 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 09:39 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 09:33 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 09:29 AM PDT CIRCULAR, GOVERNMENT ORDER, POLICY, SHIKSHA NEETI : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक कर देखें।
👉राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (Thursday,30-July-2020 ) - (2.82 MB) DOWNLOAD IN HINDI 👉National Education Policy 2020 (Thursday,30-July-2020 ) - (1.39 MB) DOWNLOAD IN ENGLISH |
| Posted: 31 Jul 2020 05:07 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 04:38 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 04:24 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 04:22 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 04:12 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 04:03 AM PDT FAKE, SIT : आगरा विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से 3635 रोल नंबर हटाए जाएंगे, एसआईटी की जांच के बाद बीएड 2005 में 3637 रोल नंबर फर्जी पाए गए थेआगरा विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से 3635 रोल नंबर हटाए जाएंगे, एसआईटी की जांच के बाद बीएड 2005 में 3637 रोल नंबर फर्जी पाए गए थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से 3635 रोल नंबर हटाए जाएंगे। बीएड 2005 के रिकॉर्ड से विवि 3635 रोल नंबर का परिणाम निरस्त करेगा। विश्वविद्यालय यह कदम एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर इन अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड को फेक घोषित करने के बाद उठाएगा। विवि के बीएड सत्र 2005 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हुआ था। स्थिति यह थी कि बिना परीक्षा दिए यह कि बिना दिए सैकड़ों ने पहले बीएड की डिग्री ली और फिर उसी डिग्री के सहारे सरकारी नौकरी भी पा ली। फर्जीवाड़े की एसआईटी जांच के बाद बीएड 2005 में 3637 रोल नंबर फर्जी पाए गए थे। इस सूची पर कोर्ट के आदेश के बाद विवि ने कार्रवाई शुरू की। सूची पर विवि ने आपत्ति मांगी। आपत्ति ना देने वाले 2823 कैंडिडेट की माक्क्सशीट को फर्जी मान लिया की मार्क्सशीट को फर्जी मान लिया था। इसके बाद बुधवार को कार्य परिषद ने आपत्ति देने वाले 814 में से 812 को भी फर्जी घोषित कर दिया। विवि द्वारा इन रोल नंबर पर जारी अंक तालिकाओं को फर्जी करार देने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू होगी विवि अब इन रोल नंबर पर जारी हुए सभी प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की प्रक्रिया साथ ही विवि अने हुप्लाकट से बढ़ेगी मुश्किल विश्वविद्यालय की सबसे अधिक मुश्किल 45 रोल नंबर बढ़ाएंगे। यह रोल नंबर डुप्लीकेट की श्रेणी में हैं। यानि कि इन रोल नंबर पर एक से अधिक मार्क्सशीट जारी हुई। अब विवि को इस मामले में यह तय करना है कि इनमें से कौन की मार्क्सशीट सही है और कौन सी गलता या फिर किसी रोल नंबर पर मौजूद सभी रिकॉर्ड ही फर्जी हैं। शुरू करेगा। साथ ही विवि अपने रिकॉर्ड को भी बदलेगा। हालांकि इस प्रक्रिया में अभी समय लगेगा। क्योंकि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर के अनुसार विवि ने इन अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड को फर्जी मान लिया है। ऐसे में परिणाम निरस्त करने के साथ-साथ विवि अपने रिकॉर्ड को लेकर अन्य प्रक्रिया करेगा। अब टेंपर्ड और डुप्लीकेट में फैसला लेना है बीएड 2005 की जांच के बाद एसआईटी की सूची में 4766 रोल नंबर आए। इसमें से 3637 रोल नंबर फेक के दायरे में थे। वहीं 1084 रोल नंबर टैंपई के दायरे में हैं। साथ ही 45 रोल नंबर डुप्लीकेट की स्थिति में हैं। विवि ने फेक में शामिल दो छात्रों को तथ्यों के आधार पर बरी कर दिया। अब विवि कोपर्ड और डुप्लीकेट के मामले में फैसला लेना है। परिणाम बदलने की बारी डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने फेक के मामले में फैसला ले लिया। अब विवि की बड़ी परीक्षा टैंपर्ड मामले में है। क्योंकि यहां पर विवि को बड़ा काम करना होगा। संपत्ति मामले में जांच के लिए विवि ने प्रो. पीके सिंह, प्रो. एचएस सोलंकी, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. लवकुश मिश्र की कमेटी बनायी थी। इस कमेटी के जिम्मे 1084 टेंपर्ड मामले हैं। इनमें नम्बरो का खेल हुआ था। ऐसे में अब परिणाम बदलने की बारी है। |
| Posted: 31 Jul 2020 04:01 AM PDT |
| Posted: 31 Jul 2020 03:59 AM PDT |
| Posted: 30 Jul 2020 07:27 PM PDT SHIKSHAK BHARTI : याचिका दाखिल कर 69000 शिक्षक भर्ती में एसटी की खाली सीटों को एससी कोटे से भरने की मांग इलाहाबाद हाईकोर्ट में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में एसटी कोर्ट की रिक्त रह गई सीटें एससी के अभ्यर्थियों से भरने की मांग में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों ने एसटी कोटे की रिक्त सीटों पर उन्हीं की नियुक्ति की मांग की है। याचिका की सुनवाई नौ सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्त ने ओमपाल सिंह व 155 अन्य को याचिका पर दिया है। याचियों का कहना है कि सहायक अध्यापक भर्ती में एससी अभ्यर्थियों के लिए 14490 पद आरक्षित थे, जबकि एसटी कोटे के लिए 1380 पद आरक्षित थे। |
| Posted: 30 Jul 2020 07:27 PM PDT ENGLISH MEDIUM, SCHOOL, POLICY : प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का बदलेगा स्वरूप, नई शिक्षा नीति में कक्षा पांच तक मातृभाषा में पढ़ाई कराने को तैयारी, अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार के हाथ। बेसिक शिक्षा परिषद के उन प्राथमिक विद्यालयों का स्वरूप फिर बदलेगा, जहां अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई कराई जा रही है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के अमल में आने पर होगा। वजह, नई शिक्षा नीति में कक्षा पांच तक की पढ़ाई मातृभाषा में ही होनी है। यूपी की मातृभाषा हिंदी है, ऐसे में अभी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल फिर पहले की तरह संचालित किए जा सकते हैं। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार करेगी। योगी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने की पहल की थी। प्रदेश में 2018 में पांच हजार परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया। इसके लिए हर विकासखंड व नगर क्षेत्र में पांच-पांच परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का चयन हुआ। चयन में छात्र संख्या, विद्यालय में शैक्षिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया, फिर शिक्षक व प्रधानाध्यापकों को चयनित किया गया। यह शर्त रखी गई कि शिक्षण कार्य परिषदीय स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं ही करेंगे। इन स्कूलों में कक्षा एक, दो व तीन में अंग्रेजी माध्यम, चार व पांच में अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यमों से पढ़ाई शुरू हुई। शिक्षक व प्रधानाध्यापकों के चयन के लिए आवेदन लेकर लिखित परीक्षा कराई गई. उन्हें महत्व दिया गया, जिसने इंटर परीक्षा अंग्रेजी विषय से उत्तीर्ण की हो या फिर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण की हो। प्रधानाध्यापक सहित हर स्कूल में पांच शिक्षक तैनात हुए और उन्हें आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान प्रयागराज व राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराज की ओर से प्रशिक्षित किया गया। इन स्कूलों के संचालन का फायदा विद्यालयों में छात्र- छात्राओं की संख्या बढ़ने से हुआ। इससे अगले ही वर्ष शासन ने विद्यालयों की तादाद बढ़ाकर दोगुनी यानी दस हजार कर दी। हालांकि इस वर्ष कोरोना संकट की वजह से विद्यालय खुल ही नहीं सके हैं। अब नई शिक्षा नीति से इस प्रक्रिया पर विराम लगने की की उम्मीद है. भले ही विद्यालय शिक्षक और छात्र- छात्राएं न बदलें लेकिन वहां पढ़ाई का माध्यम बदलना लगभग तय है। शिक्षाविदों का कहना है कि केंद्र सरकार ने जो पहल की है वह प्रावधान शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई में पहले से है। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान प्रयागराज के प्राचार्य स्कंद शुक्ल का कहना है कि शासन का जो आदेश होगा उसका अनुपालन कराया जाएगा। |
| SHIKSHA NEETI : नई शिक्षा नीति पर अमल का रोडमैप तैयार, जानिए कब कौन से बदलाव होंगे लागू? Posted: 30 Jul 2020 07:19 PM PDT SHIKSHA NEETI : नई शिक्षा नीति पर अमल का रोडमैप तैयार, जानिए कब कौन से बदलाव होंगे लागू? ज्यादातर प्रावधान 2024 तक हो जाएंगे लागू, निगरानी को बनेगी कमेटी स्कूली शिक्षा में बदलाव जैसे प्रावधान इसी साल से लागू करने का प्रस्ताव पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर शुरू हो चुका है काम नई दिल्ली : नई शिक्षा नीति आने में जितना वक्त लगा, उसके क्रियान्वयन में संभवत: उतनी देरी न हो। सरकार ने इसे लेकर एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत 2024 तक नीति के ज्यादातर प्रावधानों को लागू कर दिया जाएगा। मंत्रलय के नाम में बदलाव सहित स्कूली शिक्षा में प्री-प्राइमरी को शामिल करने जैसे प्रावधानों को इसी साल लागू करने का प्रस्ताव है। बता दें कि पूरी नीति पर अमल के लिए 2035 तक की समयसीमा तय की गई है, जिसमें उच्च शिक्षा की सकल नामांकन दर को बढ़ाकर 50 फीसद तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है जो अभी 26 फीसद है। शिक्षकों के शिक्षण और प्रशिक्षण का सौ फीसद लक्ष्य हासिल करने के लिए भी 2035 की समय सीमा तय की गई है। नीति तैयार करने वाली ड्राफ्ट कमेटी ने भी सरकार से एक समयसीमा में नीति को लागू करने की सिफारिश की थी। साथ ही कहा था कि यदि इन बदलावों के सही परिणाम चाहिए, तो इन्हें एक समयसीमा में लागू करना होगा। इस तरह का होगा रोडमैप : मंत्रलय ने नीति को अंतिम रूप देने के साथ ही इसे लागू करने का एक रोडमैप भी तैयार किया है। नीति के सभी प्रावधानों को लागू करने की एक समयसीमा तय की गई है। 75 फीसद प्रावधानों को 2024 तक लागू करने का लक्ष्य है। मंत्रलय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक मोटे तौर पर नीति में करीब 60 बदलावों का प्रस्ताव है, जिसमें शुरुआत के दो सालों में बीस प्रावधान लागू हो जाएंगे। हर साल होगी समीक्षा : समय सीमा में पूरी शिक्षा नीति को लागू कराने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की जाएगी जो केंद्र और राज्यों के बीच नीति के अमल पर नजर रखेगी। हर साल नीति के अमल की समीक्षा भी की जाएगी जिसमें संबंधित पक्षों के साथ केंद्र और राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे। इसके साथ ही तय रोडमैप के तहत जब पूरी नीति 2035 तक लागू हो जाएगी, तो इसकी एक व्यापक समीक्षा भी की जाएगी। नीति पर ठीक तरीके से अमल हो रहा है या नहीं, इस पर अगले दस सालों तक नजर रखी जाएगी। खासबात यह है कि इस कमेटी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विषय विशेषज्ञों की पूरी टीम होगी जो हर छोटे-बड़े प्रावधानों को लागू करने की बारीकियों को परखेगी। नई दिल्ली : नई शिक्षा नीति को भले ही अब मंजूरी मिली हो, लेकिन पाठ्यक्रम में बदलाव का काम पहले ही शुरू हो चुका है। फिलहाल नेशनल कैरीकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) को तैयार किया जा रहा है, जिसे इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत पाठ्यक्रम की कोर विषय वस्तु की पहचान करना और कौन सी ऐसी विषय वस्तु जिसे हटाया जा सकता है, उसे पहचानना है। नीति को लागू करने का सबसे पेचीदा पहलू स्कूलों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करना है। यही वजह है कि सरकार भी इसे लेकर पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है। |
| Posted: 30 Jul 2020 07:18 PM PDT MANTRI, POLICY, SHIKSHA NEETI : नई शिक्षा नीति के मुताबिक परिषदीय विद्यालयों में पहले से ही हो रहा काम, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री का दावा बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि यूपी में नई शिक्षा नीति के मुताबिक प्री-प्राइमरी शिक्षा पर पहले से ही काम शुरू हो चुका है। बुनियादी शिक्षा में मजबूती के लिए आधारशिला, ध्यानाकर्षण और शिक्षा संग्रह माड्यूल यूपी में लांच किए जा चुके हैं। डा. द्विवेदी ने प्रदेश द्वारा भेजे सुझावों को शामिल करने पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि नीति के आधार पर कई चीजें प्रदेश में शुरू की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने प्रेरणा मिशन 2019 में लांच किया था। नीति में आधारभूत शिक्षा व अंकीय कौशल मिशन बनाने की बात है। इसके हिसाब से भी हम काम कर रहे हैं। वहीं लाइब्रेरी, खेलकूद साजसज्जा आदि पर भी ध्यान दिया जा रहा है। लर्निंग आउटकम्स में सुधार पर जोर है और त्रैमासिक परीक्षाएं करवाई जा रही हैं। लर्निंग आउटकम का थर्ड पार्टी आकलन भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी व गणित पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। |
| Posted: 30 Jul 2020 07:13 PM PDT MANAV SAMPDA : मानव संपदा पोर्टल की विश्वसनीयता पर शिक्षकों ने उठाये सवाल, अधिकारी पोर्टल को बता रहे पूर्ण सुरक्षित प्रयागराज : निष्पक्ष कार्यप्रणाली, नियुक्ति में पारदर्शिता, एक नाम से दूसरी जगह वेतन जारी होने से रोकने के लिए शिक्षक व कर्मचारियों का समस्त ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। राज्य विद्यालय, राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन करके उसे 'मानव संपदा पोर्टल' पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन, शिक्षकों ने पोर्टल की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिया है। वह एनआइसी द्वारा तैयार की गई वेबसाइट को सुरक्षा मानकों के हिसाब से कमजोर बता रहे हैं। अंदेशा जताया है कि साइबर अपराध में सक्रिय लोग आसानी से उनका डाटा हासिल करके एकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन, उच्च शिक्षा के अधिकारी पोर्टल व वेबसाइट को पूरी तरह से सुरक्षित बता रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार शिक्षक व कर्मचारियों पोर्टल व वेबसाइट में शिक्षक व कर्मचारियों का समस्त अंक पत्र, प्रमाणपत्र, आधार व पैन नंबर, जीपीएफ नंबर, नियुक्ति की तारीख, कहां और किस रूप में कार्यरत हैं जैसे डाटा को अपलोड करना है। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता मलिक ने उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बताया कि वेबसाइट पूरी तरह से असुरक्षित है। डाटा अपलोड करने में कई घंटे लग जाते हैं, जो सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है वह सरकारी सिस्टम के हिसाब से ठीक नहीं है। वहीं, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने सारी कयासबाजी को बेबुनियाद बताया है। कहा कि डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, उच्च शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों व मैंने अपना डाटा पोर्टल व वेबसाइट में अपलोड किया है। सारी व्यवस्था सरकारी है। इसमें फीड होने वाला डाटा भी सुरक्षित रहेगा। |
| CIRCULAR : समग्र शिक्षा के अंतर्गत सभी भुगतान PFMS के माध्यम से लागू किया जाना Posted: 30 Jul 2020 07:10 PM PDT |
| Posted: 30 Jul 2020 07:10 PM PDT |
| Posted: 30 Jul 2020 06:41 PM PDT |
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