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Friday, July 31, 2020

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बिहार सरकार के मंत्री ने सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया को बताया विष कन्या, कहा- हत्या की ली थी सुपारी

Posted: 31 Jul 2020 12:22 AM PDT

जदयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री महेश्वर हजारी ने सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती को विष कन्या कहा है। हजारी ने बताया कि रिया को सुशांत की हत्या की सुपारी मिली थी। उसने एक सुपारी किलर की तरह काम किया और सुशांत को प्यार के जाल में फंसाकर इस घटना को अंजाम दिया।

हजारी ने कहा कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में देश भर से प्रतिभावान लड़के-लड़कियां जाते हैं। वहां के गैंग ऐसे प्रतिभावान लोगों के खिलाफ साजिश करते हैं। रिया को एक साजिश के तहत सुशांत के पास भेजा गया था। रिया ने प्यार के जाल में फंसाकर सुशांत के साथ जो किया वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कैसे कोई किसी पर विश्वास करेगा।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। मैं जो कह रहा हूं वही सच सामने आएगा। कई प्रतिभावान लड़के-लड़कियों के साथ ऐसा हुआ है। बिहार सरकार सुशांत के परिजन और उसके करोड़ों फैन को न्याय दिलाना चाहती है। इसके लिए हम सीबीआई जांच के भी पक्षधर हैं। इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए तभी सच सामने आएगा।



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रिया चक्रवर्ती और महेश्वर हजारी।


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/nitish-kumar-bihar-government-minister-sushant-singh-rajput-girlfriend-rhea-chakraborty-127570012.html

धूमनगर में करंट लगने से किशोरी की हुई मौत

Posted: 31 Jul 2020 12:22 AM PDT

नरकटियागंज के धुमनगर गांव में विद्युत स्पर्शाघात से एक 13 वर्षीय किशोरी की मौत गुरुवार को हो गई है। अपने घर में टीवी चलाने के दौरान करंट लगने से बच्ची झुलस गई थी। अस्पताल ले जाने क्रम में उसकी मौत हुई है। बच्ची की पहचान धुमनगर के वार्ड संख्या 4 निवासी वशिष्ठ चौधरी की 13 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी के रूप में हुई है। घटना के संबंध में किशोरी के पिता ने बताया कि गुरुवार को अपने ही निवास पर उनकी पुत्री टेलीविजन चला रही थी। टेलीविजन चलने के दौरान उसमें लाइट खराब हो गया था।

लाइट ही मरम्मत खुद उसकी पुत्री कर रही थी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया। वहीं, अचानक बच्ची की हुई मौत से पूरा परिवार में मातम छाया हुआ है। बच्ची आठवीं कक्षा का छात्रा थी। उसकी मौत से परिवार वाले भी सदमे में हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/narkatiaganj/news/teenager-dies-due-to-electrocution-in-dhumnagar-127567113.html

प्रेमचंद और उनकी प्रासंगिकता

Posted: 30 Jul 2020 11:25 PM PDT

प्रेमचंद और उनकी प्रासंगिकता


साहित्य समाज का दर्पण होता है । इतिहास किसी के दबाव में लिखा जा सकता है ।मगर साहित्य एक ऐसी विधा है जिसमें लेखक दबाव में नहीं रहता है। इसलिए हम कह सकते हैं साहित्य इतिहास से ज्यादा विश्वसनीय है । प्रेमचंद का पूरा साहित्य उनके समय का जीता जागता दस्तावेज है । हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि इतिहास जला दिया जाए और प्रेमचंद का साहित्य बचा लिया जाए इतिहास अपने आप बच जाएगा । प्रेमचंद का जो समय था वह एक सामंती युग था । गरीब , किसान और मजदूर महाजनी व्यवस्था में कदमों के नीचे दबे हुए थे। प्रेमचंद कि जितने भी पात्र हैं वे सभी दबे कुचले वर्गों से आते हैं ।खासतौर से उनकी महिला नायिकाएं हैं वे अपेक्षाकृत पुरुषों से ज्यादा सफल है। इसके पीछे प्रेमचंद की दृष्टि साफ महसूस की जा सकती है । समाज या परिवार में  महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से  ज्यादा है। मगर इस पुरुष प्रधान व्यवस्था ने उन्हें कमतर समझने की कोशिश की है ।इसके पीछे पुरुषवादी कुंठा है ।प्रेमचंद के यहां स्त्री पात्र  जहां भी है उसकी भूमिका बहुत ही उल्लेखनीय है। प्रेमचंद का साहित्य गांधी जी से प्रभावित दिखाई देता है । उनके 'स्वराज' का स्वप्न महात्मा गांधी के विचारों के काफी निकट है। प्रेम, त्याग और बलिदान के उच्च आदर्श उनके आरंभिक लेखन में भी दिखते हैं, पर उनका दायरा व्यापक और यथार्थपरक होता गया। वे आजादी की लड़ाई को केवल राजनीतिक सत्ता हस्तांतरण नहीं, साधारण जनों के आर्थिक-सामाजिक-सांस्कृतिक सवालों से जोड़ना चाहते थे। किसान, स्त्री और दलितों को समाज की सामंती और पूंजीवादी व्यवस्था के शोषण और उत्पीड़न से मुक्त कराना चाहते थे। इसलिए उन्होंने इन वर्गों की वास्तविकता को अपनी कहानियों और उपन्यासों में दिखा कर, उनकी मुक्ति के सवाल बार-बार उठाए।प्रेमचंद स्त्री की मुक्ति चाहते थे। स्त्री-समाज आज भी असुरक्षित अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ रहा है। वे बलात्कारियों की हवस का शिकार हो रही हैं। दूरदराज के अंचलों में घरों की सीलन भरी कोठरियों में गीली लकड़ी की तरह सुलग और घुट रही हैं। पुरूष वर्चस्व का शिकंजा उनकी गर्दनों पर पहले जैसा ही कसा हुआ है। हिंदू-मुसलिम सहअस्तित्व की जरूरी चिंताएं भी उनके लेखन से अछूती नहीं हैं । किसानों की स्थितियों को लेकर प्रेमचंद सदैव चिंतित रहे। भले ही देश आजाद है पर महिलाओं, दलितों और किसानों की स्थितियों में बहुत कुछ वैसा ही अन्याय और शोषण दिखाई देता है। प्रेमचन्द ने भारतीय समाज के सभी वर्गों, भारतीय जीवन के सभी पक्षों और भारतीय मनुष्य के सभी रूपों का चित्रण किया है , उतना दूसरे किसी भारतीय लेखक की पुस्तकों में नहीं मिलता है। देश के लिए उनके देखे सपने की आकांक्षा अभी खत्म नहीं हुई है। इसलिए प्रेमचंद का प्रासंगिक होना स्वाभाविक है। वे अपनी सर्जना और विचारों के साथ आज के संघर्षों और चुनौतियों के मार्गदर्शक हैं। साहित्य के इतने विस्तार के बावजूद प्रेमचंद का कोई विकल्प नहीं है । 

- वेद प्रकाश तिवारी
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पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर, सीबीआई को जांच सौंपने की मांग

Posted: 30 Jul 2020 11:22 PM PDT

सुशांत सिंह आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई करे इसके लिए पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में मामले की जांच पटना पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग की गई है। वकील पवन प्रकाश पाठक और गौरव कुमार ने लेटर पेटिशन पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा है।

अर्जी में कहा गया है कि बिहार और महाराष्ट्र पुलिस की जांच में समन्वय नहीं है। इसलिए सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि पुलिस को इस मामले की जांच करने दीजिए।



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Bihar: actor sushant singh rajput suicide case petition filed in Patna High Court, demand to hand over investigation to CBI


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/bihar-actor-sushant-singh-rajput-suicide-case-petition-filed-in-patna-high-court-demand-to-hand-over-investigation-to-cbi-127569982.html

दिल्ली एयरपोर्ट की तर्ज पर पताही हवाई अड्डे पर बनेगा 500 बेड का विशेष कोरोना अस्पताल

Posted: 30 Jul 2020 11:22 PM PDT

पताही हवाई अड्डे पर बनने वाला 500 बेड का विशेष कोरोना अस्पताल दिल्ली एयरपोर्ट पर बने कोरोना अस्पताल की तर्ज पर बनाया जाएगा। इस विशेष कोरोना में हर बेड पर अॉक्सीजन की व्यवस्था होगी। अस्पताल के लिए टेंट सिटी बनाई जाएगी, जो कि पूरी तरह वातानुकूलित (एयरकंडीशन) होगा। अस्पताल निर्माण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की टीम के आने से पूर्व पताही हवाई अड्डे पर आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए शुक्रवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) शहर पहुंचेगी। बीएमएसआईसीएल को अस्पताल निर्माण से पूर्व एक सप्ताह के अंदर यहां सड़क, नाला, बिजली, पानी की व्यवस्था करनी है। इसके बाद 15 दिनों में डीआरडीओ की टीम विशेष अस्पताल के लिए टेंट सिटी का निर्माण कर देगी। तैयारी को लेकर डीएम ने अधिकारियों के साथ जायजा लिया व संबंधित अिधकारियों को निर्देश दिए।

आज आएगी बीएमसीसीआईएल की टीम, इसी पर रहेगी आधारभूत संरचनाओं को उपलब्ध कराने की जवाबदेही
पताही हवाई अड्डे पर विशेष कोरोना अस्पताल का निर्माण शुरू होने से पूर्व आधारभूत संरचनाओं को उपलब्ध कराने की जवाबदेही बीएमएसआईसीएल को सौं‌पी गई है। स्वास्थ्य विभाग की इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी शुक्रवार को पताही हवाई अड्डे का जायजा लेगी। गृह मंत्रालय में मुजफ्फरपुर में सेना की ओर से कोविड-19 हॉस्पिटल खोलने को लेकर फाइल पहुंचने के बाद अगले दो-तीन दिनों में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।



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A 500-bed special corona hospital to be built at Patahi Airport on the lines of Delhi Airport


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/a-500-bed-special-corona-hospital-to-be-built-at-patahi-airport-on-the-lines-of-delhi-airport-127568931.html

प्रेमचन्द श्रद्धा-सुमन

Posted: 30 Jul 2020 11:21 PM PDT

 प्रेमचन्द श्रद्धा-सुमन

- योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे. पी. मिश्र
(31 जुलाई, 1880 - 8 अक्टूबर, 1936)
     -  योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)
धन्य हुआ वह जीवन, जिसने परतंखा जीवन-
संवेदनाओं को छूकर, दिखाया वेदनाएं अंतर्मन;
अंतस्थल से खींच-कर, लाया नोक अपनी कलम।

धन्य हुई वह धनपत, नबाब राय की कहानी,
प्रेमचन्द रूप में जिसकी, सूरत गई पहचानी;
धन्य हुआ वह अजायब, अजायब की निशानी।

आठ वर्ष की मातृछाया, बाद की परेशानियाँ,
उर्दू-फारसी छात्र-जीवन, दे गई उर्दू कहानियाँ;
मनोरंजन से ऊपर उठकर-देखी सार्थक जीवनियाँ।

दयानन्द-सामाजिक चेतना, गांधी सियासी दर्शन,
ग्रामीण समाज की त्रासदी, दीन-हीन का जीवन;
अन्याय के आगे असहाय, ईश्वर न्याय का दर्शन।

धरम-रूढ़ि विरोधी आवाज, सत्याग्रह पूर्ण आवेश,
उसकी कहानियाँ आईं ले, समय का पूरा परिवेश;
'सोज़े वतन' भी दिखा गया, प्यारा कितना स्वदेश!

फिर आया गोदान, गब़न, कर्मभूमि और सेवासदन,
निर्मला, प्रतिज्ञा, कायाकल्प, रंगभूमि और प्रेमाश्रम;
वरदान और न पूरा हुआ, मंगलसूत्र में टूटा जीवन।

मानसरोवर के आठ खण्ड, देते कहानियों के भंडार,
पंच परमेश्वर, कफ़न, ईदगाह, हार की जीत, उद्धार;
शतरंज के खिलाड़ी ने तो, छटा ली फिल्मी संसार।

संग्राम, कर्बला ने भी दी, नाटककार की पहचान,
मिल मजदूर, शेर दिल का, था भी फिल्मी योगदान;
सेवासदन, हीरा-मोती संग, फिल्म बनी गब़न गोदान

कितने-कितने गुण थे उनमें, यथार्थवादके कथाकार
हिन्दी साहित्य के भी प्राण,आदर्शवादी उपन्याकार;
ब्राह्मण, दलित एक समान, था उनका रचना-आधार

आज उनकी जयन्ती पर, अर्पित हैंं ये श्रद्धा-सुमन,
प्रेमचन्द के जीवन में करें, हम अपना जीवन दर्शन;
तभी होगी सत्य श्रद्धांजलि, तभी होगा सत्य नमन!
                       .............
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शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की अनुशंसा के लिए एक यशपाल कमिटी बनी थी।

Posted: 30 Jul 2020 11:17 PM PDT

शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की अनुशंसा के लिए एक यशपाल कमिटी बनी थी। 

संकलन अश्विनी कुमार तिवारी

शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की अनुशंसा के लिए एक यशपाल कमिटी बनी थी। पिछली यू.पी.ए. सरकार के दौर में एक नेशनल नॉलेज कमीशन भी बना था, साथ ही एक हरी गौतम समिति की रिपोर्ट में भी कई सुधारों की जरुरत बताई गई थी। इन शिक्षा के सुधारों का वही हुआ था जो विदेशी टुकड़ाखोर और उनके बगलबच्चा कॉमरेड आम तौर पर करते हैं। सलाह कहीं ठन्डे बस्ते में पड़ी रही, एक इंच भी कोई काम आगे नहीं सरका। तीन साल में भाजपा नेतृत्व भी इस दिशा में कुछ भी करती हुई नहीं दिखी इसलिए हम उन्हें कोसने से भी नहीं चुकते। जब २०१६ के आखिर में के.के. शर्मा को ठग मण्डली के चंगुल से निकाल कर शिक्षा विभाग में लाया गया तो बदलाव की आहट सुनाई देने लगी थी।

हम इंतज़ार कर रहे थे कि कब विदेशी फण्ड पर पलने वाले गिरोह इस खबर पर छाती कूटना शुरू करते हैं। औरों से नहीं तो कम से कम हमें ठग मण्डली से उम्मीद थी कि वो "मोदी जी तो काम नहीं करने देते जी", "हमारे आदमी ले जा रहे हैं जी", जैसे प्रलाप करते दिखेंगे। जब ये सब लम्बे समय तक होता हुआ नहीं दिखा तो हमारी उम्मीद जरा कम हो गई। पञ्च वर्षीय योजनायें बनाने वाले आयोग वगैरह ख़त्म करके जो नीति आयोग बना था, उसमें से भी निकलकर कोई वैसे नीतिगत बदलावों की कोई खबर नहीं आ रही थी। फिर पिछले मार्च की एक बैठक में सीधा प्रधानमंत्री स्तर का एक फैसला आया। इस बार यू.जी.सी. और ए.आई.सी.टी.ई. को ख़त्म करने का फैसला ले लिया गया था। कई साल पहले जब अमेरिका में सर-दे-साईं पिटे थे, अपने उसी वक्त के भाषण में प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हम तेजी से बेकार कानूनों को ख़त्म करते जा रहे हैं।

ऐसे ही घटिया, सड़ियल और विदेशी मानसिकता से ग्रस्त कानूनों से भरा पड़ा एक यू.जी.सी. एक्ट भी था। इंडिया को भारत बनाने के लिए इसे ख़त्म किया जाना जरूरी था। आज की तारिख में भारत में चार अलग अलग किस्म के विश्वविद्यालय होते हैं, एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, दूसरी स्टेट यूनिवर्सिटी, तीसरी डीम्ड यूनिवर्सिटी है तो चौथी प्राइवेट यूनिवर्सिटी। इसमें सेंट्रल जहाँ अभिजात्य है तो वहीँ गिरते गिरते प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिलकुल अछूत होती है। ४६ सेंट्रल, ३५८ स्टेट, १२२ डीम्ड और २५८ प्राइवेट यूनिवर्सिटी मिला कर भारत में अभी ७८५ विश्वविद्यालय होते हैं। ये सब भारत के ही हैं, लेकिन अगर आप किसी एक से ग्रेजुएशन करते करते सेकंड-थर्ड इयर में किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में जाना चाहें तो आप हरगिज़ नहीं जा सकते। किसी एक में पढ़े दो साल भूल जाइए, शुरू से तीन साल की पढ़ाई करनी पड़ेगी।

विश्वविद्यालयों की ये लम्बी फेरहिस्त देख कर चौंकिए मत। अकेले राजस्थान में ७३ अलग अलग यूनिवर्सिटी हैं, अचानक किसी का नाम बता दें, तो वो सच में कोई विश्वविद्यालय है या ऐसे ही कोई नाम बक दिया है वो शिक्षा मंत्री भी नहीं बता पायेंगे। ये सिर्फ एक राज्य का हाल नहीं है। गुजरात में सबसे ज्यादा यानि २८ स्टेट यूनिवर्सिटी होती है, इसके ठीक पीछे बंगाल और उत्तर प्रदेश हैं, जहाँ २६-२६ स्टेट यूनिवर्सिटी हैं। दक्षिण भारत जो कई कई डोनेशन वाले मेडिकल-इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए जाना जाता है, वहां तमिलनाडु है, जहाँ सबसे ज्यादा डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं (२८)। राजस्थान वाले ७३ विश्वविद्यालयों में से ४२ प्राइवेट विश्वविद्यालय हैं। केन्द्रीय यूनिवर्सिटी की गिनती शायद केंद्र से दूरी के साथ ही घटती है। दूर दराज के क्षेत्रों में जहाँ कॉलेज भी नहीं वहीँ दिल्ली में पांच और उत्तर प्रदेश में छह केन्द्रीय विश्वविद्यालय मौजूद हैं।

सिर्फ इतनी लिस्ट पर हैरान परेशान हो रहें हैं तो हम आपको ये भी बताते चलें कि कई लोग जबरिया डिग्री वाले भी कहलाते हैं। ये जबरिया डिग्री हम स्वायत्त संस्थानों (autonomous bodies) से मिली डिग्री वालों को कहते हैं। ऐसे स्वायत्त संस्थानों से मिली डिग्री की वजह से कई युवा यू.जी.सी. के हिसाब से काफी पढ़े-लिखे और सिर्फ प्लस टू एडुकेटेड एक साथ ही हो जाते हैं। इन स्वायत्त संस्थानों की लिस्ट में आयेंगे १८ आई.आई.टी. कुल ३२ एन.आई.टी. भी हैं, १८ ही ट्रिपल आई.टी. या आई.आई.आई.टी. होते हैं, इंडियन स्कूल ऑफ़ माइंस होता है, कई स्टेट फण्ड पर चलने वाले तकनिकी संस्थान हैं, बहुत से एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट हैं। आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (एम्स) के सारे ब्रांच भी इसी लिस्ट पर है, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के सारे केंद्र भी इसी पर आयेंगे। ओह हाँ, जो आई.आई.एम. हैं, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट वो भी इसी पर आएगा। वो डिग्री भी नहीं देता, डिप्लोमा देता है।

कोई बगलबच्चा गिरोह निराश ना हो ! हम नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा को भूले नहीं हैं। समस्या ये है कि उसने अपना स्टेटस अक्टूबर २०११ में बदल लिया था। अभी हमें ये साफ़-साफ़ पता नहीं कि वो डीम्ड है, प्राइवेट है, सेंट्रल है या स्टेट इसलिए पहले उसका नाम नहीं लिया था। जैसे ही पता चल जाए कि नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा का ड्रामा क्या है और उसकी डिग्री कहाँ मान्य है, तमाम बुद्धिजीवी हमें भी बताएं। हम उसे भी लिस्ट में डालेंगे।

कई साल पहले से कुछ लोग कहते रहे हैं कि आपको मोदी सरकार के क्रन्तिकारी फैसले अभी नहीं बल्कि इसकी सरकार के तीन साल बीतने पर नजर आयेंगे। शिक्षा में होगा परिवर्तन दिखता था, टैक्स व्यवस्था में बदलाव होगा ये वरुण भाई का मानना था, विदेश नीतियों में बदलाव आएगा, पड़ोसियों के साथ ही नहीं आन्तरिक मामलों में भी चीज़ें बदलेंगे ये पुष्कर अवस्थी जी की पुरानी पोस्ट में दिख जायेगा। कई साल से विदेशी बोटी पर पल रहे टुकड़ाखोरों ने हमारे शिक्षा के संस्थानों में अड्डा जमा रखा है। इन धूर्तों के समर्थन के अलावा ना तो इनमें घुसने का कोई तरीका होता है ना ही टिके रहने का।

[यू.जी.सी. जैसी संस्थाओं को ख़त्म कर के HEERA का गठन इस दिशा में किया गया पहला फैसला था। शिक्षा सुधारों का स्वागत होना चाहिए।]

तो किस्सा एक किसान का है। होता कुछ यूँ है कि एक शाम किसान अपनी गाय को घर वापस ले चलना चाहता था। संभवतः गाय का पेट भरा नहीं था और वो और घास चरना चाहती थी, या ऐसी ही किसी वजह से गाय लौटना नहीं चाहती थी। खींचने की कोशिश का कोई नतीजा नहीं निकला। गाय किसान से ज्यादा भारी भरकम होती है और चलने से इनकार कर दे तो रस्सी खींचने का कोई फायदा नहीं निकलता। किसान ने एक दो डंडे जड़ने की कोशिश भी की लेकिन किसान कब अपने पालतू पशु को मार पाता है? तो किसी भी कोशिश का नतीजा नहीं निकल रहा था।

किसान की छोटी सी बेटी वहीँ खड़ी किसान की कोशिशें देख रही थी। जब उसे लगा कि उसके पिता प्रयास करके थक गए हैं और उसे भी उनकी मदद करनी चाहिए तो वो भी आगे बढ़ी। उसने गाय को छुआ भी नहीं। वो आराम से टहलती हुई गाय के बछड़े के पास गयी। उसने आराम से बछड़े के मुंह में एक ऊँगली डाल दी। बछड़ा भी ऊँगली चूसने लगा। अब लड़की आराम से घर की तरफ चल पड़ी। ऊँगली चूसता बछड़ा भी उसके साथ चला और जैसे ही गाय ने अपने बछड़े को जाते देखा, वो भी लड़की के पीछे चुपचाप चल पड़ी। बच्चे के पीछे आ जाने को लेकर लड़की की समझदारी जैसे कई नीति वचन जोड़े जाते हैं मगर वो कभी बाद में।

फ़िलहाल बच्चों की बात निकली है तो स्कूलों और उनकी शिक्षा की बात भी होगी। अगर डीआईएसई(DISE) के डाटा के आधार पर देखें तो 2009-10 में कुल स्कूलों का 80.37% सरकारी स्कूल थे और बाकी निजी मगर 2013-14 पहुँचते पहुंचते ये 75.51% स्कूल ही सरकारी थे। निजी विद्यालयों की गिनती तेजी से बढ़ रही है और सरकारी स्कूल ख़त्म होते जा रहे हैं। ये बदलाव अचानक तेज नहीं हुए हैं। सन 1970 के दौर में ही मध्यम वर्ग की जनता के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए निजी स्कूलों की गिनती तेजी से बढ़ने लगी थी।

शुरुआत में एक वजह अलग किस्म की शिक्षा देना भी रहा। इनमें से कुछ ने कम आय वाले वर्गों को भी शिक्षा मुहैया करवाने की कोशिश की। जब संविधान में मौजूद शिक्षा के अधिकार को डायरेक्टिव प्रिंसिपल से निकाल कर मौलिक अधिकारों में शामिल किया गया, तब आरटीई एक्ट 2009 में धारा 12 (1) C भी अस्तित्व में आ गयी। इस कानून के जरिये हर निजी स्कूल के लिए, चाहे वो सरकारी सहायता लेता हो या नहीं, अपने पास 25% आर्थिक रूप से कमजोर या पिछड़े वर्गों के छात्र रखना अनिवार्य हो गया। बाद में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से माइनॉरिटी संस्थानों को इस धारा से मुक्त कर दिया गया।

चूँकि शिक्षा नीति पर सरकार बहादुर ने आम, गरीब-गुरबा लोगों से उसकी राय मांगी है, जिसके पास नेतागण पांच साल में कभी एक बार चले जाते हैं, तो मौके का फायदा उठाकर इसपर राय भी रखनी चाहिए। सोचिये कि स्कूल के नाम पर अपने शहर का कौन सा बड़ा स्कूल याद आता है? सेंट थॉमस, पीटर, अल्बर्ट, ज़ेवियर जैसा कोई नाम याद आया क्या? जाहिर है वो तो अल्पसंख्यक होगा। फिर सवाल है कि कौन से निजी विद्यालयों को इस कानून के तहत 25% ऐसे छात्र रखने होंगे जो फीस नहीं देते? 

ऐसे पच्चीस फीसदी छात्र-छात्राएं हों तो जाहिर है स्कूल पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा और वो इसकी वसूली अपनी जेब से नहीं, बाकी के बच्चों की फीस बढ़ाकर ही करेंगे। इतना समझने के लिए भी किसी राकेट साइंस का जानकार होने की जरूरत नहीं। एक बार में ये कानून 1.6 करोड़ बच्चों पर असर डालेगा। अभी ये किसी भी राज्य में पूरी तरह लागू नहीं है, मगर 2025 तक इसका असर कितना व्यापक होगा इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन भी नहीं है। मोहल्ले के छोटे स्कूलों को जब ज्यादा फीस लेनी पड़े तो या तो वो बंद होंगे, या अच्छे शिक्षक या संसाधन जुटाने की स्थिति में नहीं होंगे।

इसकी तुलना में वो माइनॉरिटी स्कूल जो कई बार चंदे के रूप में विदेशी फण्ड भी पाते हैं और शिक्षकों के लिए भी कम खर्च में काम चलाने में समर्थ हैं, वो बेहतर स्थिति में आते जायेंगे। जैसे गरीब और ज्यादा गरीब, और अमीर और ज्यादा अमीर होता जाता है, कुछ वैसी ही स्थिति होगी। डीएवी, डीपीएस, या गोएंका जैसे एक्का-दुक्का बड़े नाम छोड़ दें तो बाकी भारतीय लोगों के लिए विकल्पहीनता की स्थिति बन जाएगी। "कानून सबके लिए बराबर होता है" का जुमला असली था भी या दिल बहलाने को ग़ालिब का ख़याल अच्छा था, ये सोचने लायक बात होगी।

स्कूल का पाठ्यक्रम पहले ही मौजूदा सरकार बहादुर के नियंत्रण में नहीं हैं। स्कूल जाते अपने घर के बच्चों से उनके स्कूल की प्रार्थनाएं दोहराने कह कर देखिये तो पता चलेगा कि आपके धार्मिक भजन-स्त्रोतों का भले उन्हें एक शब्द न पता हो, हालेलुइया वो अच्छी तरह दोहरा सकते हैं। त्योहारों के नाम पर होली उन्हें पानी की बर्बादी लगती है, दिवाली पटाखों का शोर। हाँ मगर किसी त्यौहार पर पेड़ काटकर उसपर रौशनी सजाना उन्हें पर्यावरण का नुकसान नहीं लगता, न ही एक जनवरी की आतिशबाजी से प्रदुषण फैलता है। यानी आपके बच्चे क्या सीखेंगे ये न आपके नियंत्रण में है, न आपकी सरकार बहादुर के!

बाकी शुरुआत वाला जो किस्सा रह गया था, वहां फिर से आते हैं। बच्चे के मुंह में ऊँगली डालते ही गाय के पीछे पीछे चले आने जैसा इंसानों में होगा या नहीं ये सोचने लायक है। सोचियेगा, फ़िलहाल सोचने पर जीएसटी नहीं लगता।
✍🏻आनन्द कुमार जी की पोस्टों से संग्रहित

ऋग्वेद 1.29 के अनुसार वैदिक शिक्षा पद्धति में कोई भी  व्यक्ति शिल्प शिक्षा विहीन नहीं  रहता था । जर्मनी की शिक्षा पद्धति में यह व्यवस्था आश्वस्त करती है कि कोई भी जर्मन नागरिक साधन इहीन और दरिद्र नहीं रहता , जैसा वैदिक काल में भारत देश में था । 
 
ऋषि: आजीर्गति: शुन: शेप: सकृत्रिम: विश्वामित्र: देवरात: = संसार के भोग विलास के कृत्रिम साधनों के अनुभवों के आधार पर विश्व के मित्र के समान देवताओं के मार्ग दर्शन कराने वाले ऋषि। 
देवता:- इंद्र: 
छंद: पंक्ति: 
ध्रुव पंक्ति; आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ
Veterinary & skill development, education 
1.यच्चि॒द्धि स॑त्य सोमपा अनाश॒स्ताइ॑व॒ स्मसि॑।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥RV1.29.1॥
1. राष्ट्र में उपयुक्त धन, भौतिक, आर्थिक साधनों, और शिक्षकों की व्यवस्था से गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो । ऋ1.29.1
स्त्रियों का गोपालन में योगदान 
2. शिप्रि॑न् वाजानां पते॒ शची॑व॒स्तव॑ दं॒सना॑।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.2॥
2.  [शिप्रिन्‌] ज्ञान से युक्त स्त्री [शचीव: तव] तुम अत्यंत कार्यकुशल [वाजानाम्‌ पते] बड़ी बड़ी कठिन समस्याओं से निपटने के लिए [दंसना] शिक्षा का उपदेश दे कर, गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो ।( गौ इत्यादि पशुओं के प्रजनन के समय स्त्री जाति का दायित्व अधिक वांछित माना  जाता है और तर्क सिद्ध भी है । )ऋ1.29.2
शूद्रों का योगदान 
3. नि ष्वा॑पया मिथू॒दृशा॑ स॒स्तामबु॑ध्यमाने।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.3॥
3.[मिथूदृशा] विषयासक्त और[अबुध्यमाने] अपने ज्ञान को न बढ़ाने वाले [सस्ता] आलसी सोते रहने वाले जन अर्थात- शूद्र वृत्ति के जनों को गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो । ऋ1.29.3
क्षत्रिय वृत्ति वालों का प्रशिक्षण
4. स॒सन्तु॒ त्या अरा॑तयो॒ बोध॑न्तु शूर रा॒तयः॑।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.4॥
4.[अरातय: ससन्तु] समाजसेवा के लिए दान न देने की वृत्ति का विनाश होता है| [बोधन्तु शूर रातय:] उपयुक्त दान आदि धार्मिक कार्यों की पहचान से बाधाओं, सामाजिक शत्रुओं को नष्ट  करने की क्षमता उत्पन्न होती है |  गुण युक्त गौओं और अश्वों से निश्चित ही [गोषु] सत्य भाषण और शास्त्र और शिल्प विद्या की शिक्षा सहित वाक आदि इंद्रियों तथा [अश्वेषु] ऊर्जा और वेग से युक्त चारों ओर से अच्छे उत्तम सहस्रों साधनों से अनेक प्रकार की  प्रशंसनीय विद्या और धन से सम्पन्नता  प्राप्त होती है । ऋ1.29.4 
गर्दभ के समान कटु व्यर्थ शब्द बोलने वालों का प्रशिक्षण 
5. समि॑न्द्र गर्द॒भं मृ॑ण नु॒वन्तं॑ पा॒पया॑मु॒या।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.5॥
5.[ गर्दभम्‌ अमूया] गर्दभ के समान कटु और व्यर्थ वचन बोलने वालों को [पापया नुवन्तम्‌] पापाचरण करने से सुधार कर , गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो । ऋ1.29.5
जीवन में लक्ष्यहीन जनों का प्रशिक्षण 
6. पता॑ति कुण्डृ॒णाच्या॑ दू॒रं वातो॒ वना॒दधि॑।
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.6॥
6.[ कुन्डृणाच्य:] लक्ष्यहीन कुटिल गति से [पताति वात: वनात्‌] वनों से चलते हुए वायु के समान आचरण वाले जनों को भी गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो । ऋ1.29.6
7.  सर्वं॑ परिक्रोशं ज॑हि ज॒म्भया॑ कृकदा॒श्व॑म्। 
आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ॥ RV1.29.7॥
7. [ सर्वं॑] सब को [परिक्रोशं कृकदा॒श्व॑म्] सब प्रकार से रुला कष्ट देने वाले [ज॑हि ज॒म्भया॑] जो हैं उन के ऐसे आचरण को नष्ट करके गौ अश्वादि लाभकारी पशुओं के सम्वर्द्धन, उनके पालन और अन्य शिल्प इत्यादि के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण की व्यवस्था करो । ऋ1.29.7

भारत वर्ष में ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाने और वैद पढ़ाने में क्या कठिनाई हैं?

दुनिया में सबसे बेहतर शिक्षा व्यवस्था फिनलैंड की मानी जाती है। यहां की व्यवस्था की मुरीद पूरी दुनिया है, क्योंकि यहां पढ़ाई का तरीका बिल्कुल अलग और अनोखा है। दरअसल, फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था कई लोगों को अटपटी भी लग सकती है। लेकिन यहां पढ़ाई के तरीकों पर रोज नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इन्हें स्कूलों में अपनाया भी जा रहा है, ताकि बच्चे पढ़ाई के बोझ तले दबे नहीं बल्कि बिना किसी दबाव के उनमें निखार आए।

यहां बच्चों को वैज्ञानिक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जाता है। उनकी क्षमता व योग्यता को अंक के आधार पर नहीं आंका जाता है, ना ही बच्चों के तुलनात्मक विकास पर चर्चा होती है। दुनिया भर के शिक्षक फिनलैंड के शैक्षणिक तरीके से सबक ले रहे हैं। लेकिन इन सब में यहां शिक्षकों की विशेष ट्रेनिंग का बड़ा योगदान है। आपको बता दूं कि फिनलैंड में अध्यापन को सबसे सम्मानजनक पेशा माना जाता है।

1. भारत में जहाँ एक तरफ गरीबी ने समान शिक्षा व्यवस्था की नींव हिला दी है। वहीं फिनलैंड की कामयाबी यही समान शिक्षा व्यवस्था बनी है। फिनलैंड एक ऐसा मुल्क जिसने अपने छात्रों के लिए 16 साल तक शिक्षा सौ फीसदी मुफ्त कर दी है।

2. दूसरी बड़ी बात ये है कि यहाँ स्कूलों में कोई इम्तिहान नहीं लिया जाता है। छात्रों को क्लास 6 से पहले किसी भी तरह का कोई इम्तिहान नहीं देना पड़ता है। सिर्फ एक स्टैन्डर्ड देश व्यापी इम्तिहान होता है जो 16 साल की उम्र में स्कूल पास करने के बाद ही लिया जाता है।

3. फिनलैंड में भारत की तरह शिक्षा में गैरबराबरी देखने को नहीं मिलती। यहाँ के गाँव और शहरों की शिक्षा व्यवस्था एक जैसी होती है।

4. बच्चों की प्राइमरी तालीम ही उसकी असली शिक्षा होती है। यही प्राइमरी शिक्षा छात्रों के जीवन की दशा और दिशा तय करती है। और इसी लिए यहाँ सरकार की तरफ से स्कूलों को निर्देश हैं कि वो अपने स्कूल के हर छात्र की तालीम पर ध्यान दें बजाए इसके कि सिर्फ चंद टॉपर छात्र पैदा करके स्कूल का नाम रौशन करने की जुगत लगाए।

5. फिनलैंड में प्राइमरी शिक्षा प्राइवेट स्कूलों और सरकारी स्कूलों दोनों में एक समान ही है। कमाल की बात है कि मुल्क के 99 फीसदी बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। दूसरी तरफ कोई प्राइवेट ट्युशन इंडस्ट्री भी नहीं है क्योंकि छात्रों ने इसकी जरूरत ही नहीं है। ट्युशन के बजाए 30 फीसदी छात्रों को नौवीं क्लास तक टीचरों के द्वारा अलग से पढ़ाई में मदद दी जाती है।

6. यहाँ छात्रों पर सुबह जबरदस्ती स्कूल जाने का दबाव नहीं होता है बल्कि वो अपनी मर्जी से खुशी खुशी स्कूल जाते हैं। बच्चों को अपने ढंग से पढ़ाई करने की छूट दी जाती है। बच्चे क्लास में बांसुरी बजाते हैं। उनको अंग्रेजी भी मस्ती के अंदाज में सिखाई जाती है। यहाँ के स्कूलों में फिनीश और स्वीडिश बोली जाती है इसीलिए इनको अंग्रेजी सिखाने के लिए अंग्रेजी गाने सिखाए जाते हैं।

7. कुछ लोगों के लिए फिनलैंड में तालीम हासिल करना एक सपने की दुनिया में जाकर शिक्षा प्राप्त करने जैसा है।यहाँ एक दिन में बच्चों को सवा घंटे का लंच ब्रेक मिलता है। वहीं टीचर एक दिन में सिर्फ 4 घंटे एक क्लास में पढ़ाते हैं। शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सरकारी है।

8. यहाँ दुनिया के सबसे तेज़ और सबसे कमजोर छात्रों के बीच का फासला सबसे कम है। स्कूलों में सिर्फ मेधावी छात्रों को जगह नहीं मिली है बल्कि कमजोर छात्रों पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। कुछ छात्र जो पढ़ाई में कमजोर हैं उनकी ज्यादा मदद की जाती है। और यही वजह है कि यहाँ 93 फीसदी छात्र हाई स्कूल ग्रेजुएट हैं।

9. शिक्षक किसी भी शिक्षा व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी होते हैं। इसीलिए फिनलैंड में टीचर बनना सबसे सम्मानित प्रोफेशन माना जाता है। यहाँ लोग डाक्टर या इंजीनियर नहीं बल्कि टीचर बनना सबसे शान की बात समझते हैं। सभी शिक्षकों के लिए मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है।

10. यहाँ टीचरों के पास दिन में इतना समय होता है कि वो आपस में मिल बैठकर सिलेबस से जुड़ी बातों पर नई रणनिति तैयार कर सकें। किसी भी क्लास में 15 मिनट से ज्यादा पढ़ाया नहीं जा सकता है ताकि वो बाकी वक्त अपने हिसाब से गुजार सकें। लंच ब्रेक भी कम से कम सवा घंटे का होता है। शिक्षकों को सिलेबस का केवल एक मोटा मोटा खाका ही दिया जाता है और शिक्षक अपने हिसाब से ही तय करते हैं कि वो छात्रों को किस ढंग से पढ़ाएंगे।
✍🏻सुबोध कुमार
दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com

धूमनगर में करंट लगने से किशोरी की हुई मौत

Posted: 30 Jul 2020 09:22 PM PDT

नरकटियागंज के धुमनगर गांव में विद्युत स्पर्शाघात से एक 13 वर्षीय किशोरी की मौत गुरुवार को हो गई है। अपने घर में टीवी चलाने के दौरान करंट लगने से बच्ची झुलस गई थी। अस्पताल ले जाने क्रम में उसकी मौत हुई है। बच्ची की पहचान धुमनगर के वार्ड संख्या 4 निवासी वशिष्ठ चौधरी की 13 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी के रूप में हुई है। घटना के संबंध में किशोरी के पिता ने बताया कि गुरुवार को अपने ही निवास पर उनकी पुत्री टेलीविजन चला रही थी। टेलीविजन चलने के दौरान उसमें लाइट खराब हो गया था।

लाइट ही मरम्मत खुद उसकी पुत्री कर रही थी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया। वहीं, अचानक बच्ची की हुई मौत से पूरा परिवार में मातम छाया हुआ है। बच्ची आठवीं कक्षा का छात्रा थी। उसकी मौत से परिवार वाले भी सदमे में हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/narkatiaganj/news/teenager-dies-due-to-electrocution-in-dhumnagar-127567113.html

डुमरिया में दो बैंककर्मी सहित 7 नए मरीज, यूपी से लौटने पर दाेनाें थे हाेम क्वारेंटाइन

Posted: 30 Jul 2020 06:22 PM PDT

डुमरिया के ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना पैर पसारना शुरू कर दिया है। गुरुवार को पहली बार एक साथ सात काेरोना पाॅजिटिव मरीज मिलने से इलाकेे के लोग सहम गए हैं। इस खबर के बाद डुमरिया के सप्ताहिक हाट को बंद करा दिया गया है। यह खबर पूरे प्रखंड में आग की तरह फैल गई। क्योंकि एक साथ 7 पॉजिटिव का निकलना क्षेत्र के लिे शुभ संकेत नहीं है। हालांकि सात में से पांच डुमरिया प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में बने क्वारेंटाइन सेंटर में थे। दो भागाबांदी बैंक आफ इंडिया शाखा के पदाधिकारी हैं। वे लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से आए थे। डुमरिया के ईचाडीह गांव में एक भाड़े के मकान में होम क्वारेंटाइन में थे।

वहीं दो महिला तमिलनाडु से लौटी थीं तथा तीन युवक आंध्र प्रदेश से आए थे। सभी का स्वाब सैंपल 23 जुलाई को लिया गया था। जांच के बाद सभी के संक्रमित मिलने से अधिकारी भी सकते में हैं। प्रशासन द्वारा साप्ताहिक बाजार को बंद करवा दिया गया। राहत की खबर यह है कि भागाबांदी बैंक ऑफ इंडिया केे बैंक कर्मी बैंक नहीं जा रहे थे। राज्य के बाहर से आने के बाद वे होम क्वारेंटाइन में थे। इसी दौरान उनका सैंपल लिया गया था। बैंक नहीं जाने की वजह से बैंक को सील नहीं किया गया। इसलिए बैंक में अन्य दिनों की तरह सामान्य कामकाज हुअा। हालांकि यदि इसी बीच बैंक कर्मी से उनके निवास स्थान पर कुछ लोग मिलेे थे। उनका काॅटैक्ट हिस्ट्री की तलाश की जा रही है।



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7 new patients including two bankers in Dumariya, Hem Quarantine when returning from UP


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/dumria/news/7-new-patients-including-two-bankers-in-dumariya-hem-quarantine-when-returning-from-up-127569651.html

दिल्ली एयरपोर्ट की तर्ज पर पताही हवाई अड्डे पर बनेगा 500 बेड का विशेष कोरोना अस्पताल

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

पताही हवाई अड्डे पर बनने वाला 500 बेड का विशेष कोरोना अस्पताल दिल्ली एयरपोर्ट पर बने कोरोना अस्पताल की तर्ज पर बनाया जाएगा। इस विशेष कोरोना में हर बेड पर अॉक्सीजन की व्यवस्था होगी। अस्पताल के लिए टेंट सिटी बनाई जाएगी, जो कि पूरी तरह वातानुकूलित (एयरकंडीशन) होगा। अस्पताल निर्माण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की टीम के आने से पूर्व पताही हवाई अड्डे पर आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए शुक्रवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) शहर पहुंचेगी। बीएमएसआईसीएल को अस्पताल निर्माण से पूर्व एक सप्ताह के अंदर यहां सड़क, नाला, बिजली, पानी की व्यवस्था करनी है। इसके बाद 15 दिनों में डीआरडीओ की टीम विशेष अस्पताल के लिए टेंट सिटी का निर्माण कर देगी। तैयारी को लेकर डीएम ने अधिकारियों के साथ जायजा लिया व संबंधित अिधकारियों को निर्देश दिए।

आज आएगी बीएमसीसीआईएल की टीम, इसी पर रहेगी आधारभूत संरचनाओं को उपलब्ध कराने की जवाबदेही
पताही हवाई अड्डे पर विशेष कोरोना अस्पताल का निर्माण शुरू होने से पूर्व आधारभूत संरचनाओं को उपलब्ध कराने की जवाबदेही बीएमएसआईसीएल को सौं‌पी गई है। स्वास्थ्य विभाग की इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी शुक्रवार को पताही हवाई अड्डे का जायजा लेगी। गृह मंत्रालय में मुजफ्फरपुर में सेना की ओर से कोविड-19 हॉस्पिटल खोलने को लेकर फाइल पहुंचने के बाद अगले दो-तीन दिनों में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।



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A 500-bed special corona hospital to be built at Patahi Airport on the lines of Delhi Airport


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/a-500-bed-special-corona-hospital-to-be-built-at-patahi-airport-on-the-lines-of-delhi-airport-127568931.html

मुजफ्फरपुर में निजी अस्पतालों में संक्रमितों का इलाज शुरू करने पर फैसला आज

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

जिले में कोरोना मरीजाें की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब निजी अस्पतालों में भी इनके इलाज की व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे लेकर शुक्रवार काे सदर अस्पताल के डीपीएम कार्यालय में बैठक कर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। सिविल सर्जन ने शहर के 15 चिह्नित प्रमुख नर्सिंग होम संचालकों व आईएमए के चिकित्सक-पदाधिकारियाें काे पत्र भेज कर बैठक बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया है। बता दें कि डीएम की अध्यक्षता में 1 सप्ताह पूर्व निजी अस्पतालाें में बेड उपलब्ध कराने काे लेकर आईएमए के चिकित्सक-पदाधिकारियाें व नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक हुई थी। उसमें आईएमए ने एक सप्ताह का समय मांगा था।

इन संचालकाें काे किया गया आमंत्रित

भवानी हॉस्पिटल, पारिजात नर्सिंग होम, न्यू मानस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, प्रशांत मेमोरियल, गैलेक्सी हॉस्पिटल, मीनाक्षी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, राय नर्सिंग होम, मिश्रा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अशोका हॉस्पिटल, पूसा हॉस्पिटल, अभिराम नर्सिंग होम, बथुआ नर्सिंग होम, आईटी मेमोरियल, मां जानकी हॉस्पिटल व प्रसाद हॉस्पिटल।

प्रधान डाकघर में काम शुरू, कोरोना को लेकर बंद उप डाकघर भी खुले

सैनिटाइज करने के बाद प्रधान डाकघर में गुरुवार से कामकाज शुरू हो गया। कोरोना संक्रमित कर्मियों के मिलने के बाद प्रधान डाकघर को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। कामकाज शुरू होने के साथ ही अब डाक, पार्सल आदि भी विभिन्न जिलों में भेजने का काम शुरू हो गया। कार्यालय बंद होने से पार्सल की छंटाई कर भेजने का काम भी रुक गया था। रक्षाबंधन को लेकर अभी काफी संख्या में पार्सल आ रहे हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/decision-on-starting-treatment-of-infected-people-in-private-hospitals-today-127568936.html

खेती में डिजिटल प्रयाेग और प्रशिक्षण के लिए बीएयू काे मिला स्काॅच अवार्ड

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

बिहार कृषि विश्वविद्यालय काे गुरुवार काे डिजिटल कैटेगरी में स्काॅच अवार्ड मिला है। सूचना एवं तकनीक के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं काे खेतीबारी और राेजगार काे बढ़ावा देने के लिए व क्षमता विकसित करने के लिए विवि काे यह प्रतिष्ठित अवार्ड मिला है। 66वें स्काॅच अवार्ड के लिए डिजिटल कैटेगरी में देशभर के करीब 600 संस्थानाें, सरकारी प्रतिष्ठान व याेजनाओं ने नाेमिनेशन किया था। उनमें से करीब 100 का चयन सेमीफाइनल राउंड के लिए हुआ था। जिसमें गाेल्ड अवार्ड के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय का चयन हुआ। आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल काे सिल्वर मिला है। पूरा कार्यक्रम ऑनलाइन हुआ है।

सेमीफाइनल राउंड में आईआईटी दिल्ली के प्राेजेक्ट से हुई थी टक्कर

नाेएडा में गैर सरकारी संगठन स्काॅच संस्थान में गुरुवार काे देशभर के जानेमाने तकनीकीविद, ब्यूराेक्रेटस और टेक्नाेक्रेट्स ने अवार्ड की घाेषणा की। सेमिफाइनल में बीएयू की स्पर्धा आईआईटी दिल्ली के प्राेजेक्ट से हुई थी। बीएयू के निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. आरके साेहाने ने बताया कि इस अवार्ड में कई चरणाें में वाेटिंग की गई थी। सरकारी महकमे में यह अवार्ड काफी प्रचलित है। हर साल अलग-अलग शहराें में आयाेजित समाराेह में किसी व्यक्ति, संस्था व प्राेजेक्ट काे यह पुरस्कार दिया जाता है।

डिजिटल, फाइनेंस, काॅरपाेरेट लीडरशिप व गवर्नेंस में बेहतर काम करने वाले इसमें नाेमिनेशन करते हैं। फिर इसके लिए वाेटिंग हाेती है। इस बार काेराेना के कारण यह वर्चुअल माेड में आयाेजित हुआ। बीएयू काे स्काॅच अवार्ड मिलने पर कृषि मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार और कुलपति डाॅ. अजय कुमार सिंह ने खुशी जताई है। कुलपति ने कहा कि यह अवार्ड बिहार के किसानाें काे समर्पित है। विवि सूचना व तकनीकी तंत्र पर बेहतर काम कर रहा है।

इसके पहले भी बीएयू काे मिल चुके हैं अवार्ड

कृषि प्रसार में सूचना तकनीकी के बेहतर इस्तेमाल के लिए फरवरी 2020 में भारत सरकार का राष्ट्रीय ईगवर्नेंस अवार्ड मुंबई में दिया गया था। इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस समूह का टेक्नाेलाॅजी सभा अवार्ड 2018 में मिला था। पिछले साल यूट्यूब क्रियेटर अवार्ड मिला था।

यूनिवर्सिटी के मीडिया सेंटर से किसानों ग्रामीणोंं व युवाओं को दी जा रही ट्रेनिंग
बीएयू के अधिकारियाें ने बताया कि विवि का अपना मीडिया सेंटर है। जिसके जरिए किसानाें, ग्रामीण, युवाओं एवं महिलाओं काे कृषि व स्वराेजगार का प्रशिक्षण दिया जाता है। किसानाें में वैज्ञानिक खेती की समझ विकसित करने के लिए पूरे साल कृषि आधारित फिल्माें का निर्माण हाेता है। निदेशक प्रसार शिक्षा ने बताया कि आज बीएयू देश के किसी भी कृषि शिक्षा संस्थानाें में डिजिटल कंटेंट में नंबर एक है। विवि का यूट्यूब चैनल देश का सबसे विश्वसनीय माना जाता है। अब तक पाैने तीन कराेड़ लाेग यहां की बनी फिल्में देख चुके हैं। हर राेज इस चैनल पर करीब 50 हजार लाेग कृषि पर आधारित फिल्में देख रहे हैं। काेराेना काल में मार्च से अब तक चालीस लाख लाेग यहां की फिल्माें काे देख चुके हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/bau-received-the-skach-award-for-digital-prayer-and-training-in-agriculture-127568696.html

गायनी सोसाइटी की उपाध्यक्ष, मायागंज की 2 नर्स पॉजिटिव, रेल अस्पताल बंद

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

जिले में गुरुवार को एक साथ कोरोना के 96 नए संक्रमित मिले। इसमें भागलपुर ऑब्स गायनी साेसाइटी की उपाध्यक्ष महिला डॉक्टर, मायागंज अस्पताल की दाे नर्सें, एक ट्राॅलीमैन और एक फाेर्थ ग्रेड स्टाफ पॉजिटिव मिले। शहरी क्षेत्र में 19 और 8 ब्लॉक तक संक्रमण फैला। रेलवे हॉस्पिटल भागलपुर के एक कर्मचारी के संक्रमित होने के बाद चार दिन तक हॉस्पिटल बंद कर दिया है। मंडल रेल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मालदा डिवीजन के आदेश पर हॉस्पिटल बंद किया गया है। इस दौरान हॉस्पिटल सैनिटाइज होगा। इस बीच नवगछिया कोर्ट की सुरक्षा में तैनात दो बीएमपी जवान सहित राजेन्द्र कॉलोनी के 1 और शहीद टोला की 1 वृद्धा पॉजिटिव मिली।

सुल्तानगंज थाने के दो स्टाफ और आदर्श नगर मोहल्ले के एक युवक सहित तीन लोग भी पॉजिटिव मिले हैं। अब जिले में मरीजों की संख्या 2608 हो गई है, जबकि गुरुवार को 23 लोगों ने कोरोना को हराया और उन्हें कोविड केयर व मायागंज अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई। इधर, टीएमबीयू कैंपस को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया। 16 अफसरों-कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस और लालबाग परिसर को कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। तिलकामांझी की महिला डॉक्टर के पति के संक्रमित पति पहली रिपाेर्ट निगेटिव आने के बाद दूसरी रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है।

नवगछिया कोर्ट की सुरक्षा में जुटे बीएमपी के दो जवान संक्रमित

इन्होंने कोरोना को हराया
बूढ़ानाथ से आकृति कश्यप, जैना, जाेगसर से शुभम कश्यप, जगदीशपुर थाना से अजय कुमार, अब्बास, लखन प्रसाद, मुकेश तांती, उमाकांत पासवान, अनिल कुमार सिंह, राजेश कुमार महताे, सत्यनारायण पासवान, बिंदेश्वरी यादव, ब्रहमदेव झा, शुभम कुमार, शंभु कुमार पासवान, अखिलेश कुमार वर्मा, नवगछिया से प्रकाश कुमार महताे, लक्षमण लाल, लाेकनाथ, सबाैर से गाैतम कुमार, पुलिस लाइन से पंकज कुमार।

सन्हौला में वार्ड-1 कंटेंनमेंट जोन
भुड़िया में 10-10 साल के दो बच्चे, दो-दो युवक पॉजिटिव हुए हैं। एसडीएम के निर्देश पर भुड़िया में मिले संक्रमित के घर जाने वाले रास्ते को सील किया है। बीडीओ मो. मुर्शीद अंसारी ने बताया, वार्ड-1 कंटेनमेंट जाेन बना है। यहां सभी संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

गोपालपुर में 4 और कहलगांव में 10 संक्रमित
गोपालपुर के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया, सैदपुर से 2, कमलाकुंड, गोढ़ियारी गांव से 1-1 मरीज मिले। कहलगांव में एनटीपीसी के 4, कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में 6 मरीज हैं। शाहकुंड में बेलथू की एक महिला, सजौर, डरहा की वृद्धा और एक युवक संक्रमित हुआ है।

खरीक में बरारी का बच्चा पॉजिटिव
पीरपैंती में 25 वर्षीय युवक और खरीक में भागलपुर बरारी का एक 8 साल बच्चा व 11 साल की किशोरी पॉजिटिव मिली। सबौर में 3 महिला व 4 पुरुष संक्रमित हुए। 3 बहादुर, 3 गोपालपुर और 1 सबौर के रहने वाले हैं।



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Vice Chairman of Gayani Society, 2 nurse positive of Mayaganj, Rail Hospital closed


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/vice-chairman-of-gayani-society-2-nurse-positive-of-mayaganj-rail-hospital-closed-127568714.html

माेतिहारी में बूढ़ी गंडक का पीपरा बैरिया रिंग बांध टूटा, एक हजार लोग हुए बेघर

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

माेतिहारी के चकिया प्रखंड की महुआवा पंचायत अंतर्गत बैरिया बंजरिया गांव स्थित बूढ़ी गंडक नदी का रिंग बांध गुरुवार की अहले सुबह टूट गया। इस रिंग बांध के टूटने से 1000 लोग बेघर हो गए। बाढ़ प्रभावित लोग मुख्य बांध पर प्लास्टिक का घर बनाकर या खुले आकाश के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। एनएच 104 एवं एएच 42 तक बाढ़ का पानी फैलने का खतरा है। स्थानीय लाेगाें ने बताया कि लगभग 2500 बोरी में रेत व मिट्टी भरकर नीचे ही रखा रह गया लेकिन विभागीय जेई की उदासीनता के कारण बांध पर नहीं रखा जा सका।

बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 10 दिन पूर्व 21 जुलाई को नदी के जलस्तर ने इस वर्ष पहली बार खतरे के निशान 45.73 मीटर को पार किया था। उसके बाद से अब तक प्रतिदिन औसतन 25 सेंटीमीटर की दर से जारी बढ़ोतरी से नदी का जलस्तर गुरुवार दोपहर तक 2.56 मीटर तक बढ़कर 48.29 मीटर हो गया। दूसरी ओर लगातार बढ़ रहे जलस्तर से जहां बांध पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है।

गोपालगंज: बैराज से छोड़ा गया 2.18 लाख क्यूसेक पानी

चार प्रखंडों के करीब 6 लाख की आबादी पिछले 7 दिनों से बाढ़ की त्रासदी झेल रही है। अभी गंडक नदी उफान पर और 8 सेमी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं वाल्मीकि नगर बैराज से 2.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बुधवार से ही बाढ़ प्रभावित इलाके में पानी का स्तर और बढ़ने लगा है। गुरुवार को भी वाटर लेवल में 8 सेमी का इजाफा का होने से लो लैंड एरिया के गांवों की स्थिति भयावह हो गई है। 100 मुख्य व 300 से ज्यादा गंवई सड़क पर 3 से 4 फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। हाईवे की बात करें तो एसएच-101, एसएच-90, एसएच-47 पर भी 2 से 4 फूट पानी बह रहा है। 300 से ज्यादा घर बाढ़ में बह गए हैं।

सीतामढ़ी: एक दर्जन गांव में घुसा बाढ़ का पानी

लगातार हो रही बारिश के कारण जहां रातो व ऑक्सी नदी में आई उफान के कारण सुरसंड स्थित भिट्‌ठामोड़ एसएसबी चेक पोस्ट, भिट्ठा ओपी कार्यालय समेत एक दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। सीतामढ़ी-भिट्‌ठामोड़ एनएच 104 पर भिट्‌ठामोड़ चौक पर चार फीट पानी का बहाव जारी है। इस कारण आवागमन ठप हो गया है।

छपरा: कई एकड़ में लगी फसल डूब गई
गंडक के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। सारण के अब पांच प्रखंडों के अलावा अन्य प्रखंडों में भी पानी फैलना शुरू हो गया है। वाल्मिकीनगर बराज से गुरुवार को दो लाख 23 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे मशरक, तरैया व अमनौर के प्रखंडों में बाढ़ आ गई है। अब पानी गड़खा, दरियापुर में पानी फैल गया है। इससे गड़खा, दरियापुर व दिघवारा के चंवर में हजारों एकड़ में लगी फसल डूबीं गई हैं।

सीवान: घराें में घुस चुका है बाढ़ का पानी
दाहा नदी ने पिछले 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बारिश से लबालब हुई दाहा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि सीवान जिला मुख्यालय में नदी क्षेत्र के दोनों तरफ की सड़काें पर पानी जमा है। घरों में भी पानी घुसा हुआ है। सिसवन ब्लॉक में लगभग सभी सड़कों पर नदी का पानी है। लगातार बारिश के बाद से पानी से लबालब हो गई दाहा नदी ने सिसवन ब्लॉक के सभी सड़कों को डुबो दिया है।



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Budhi Gandak's Pipra Baria Ring Dam in Matehari broken, one thousand people became homeless


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/budhi-gandaks-pipra-baria-ring-dam-in-matehari-broken-one-thousand-people-became-homeless-127569407.html

गार्ड को चाकू मार, ग्राहक को बंधक बना इंडियन बैंक से 69 लाख लूटकर फरार हो गए 8 लुटेरे

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

गुरुवार को फेस मास्क लगाए आठ लुटेरों ने इंडियन बैंक से 69 लाख् रुपए लूट लिये। घटना से पहले गार्ड पर चाकूओं से हमला किया। उसकी बंदूक को तोड़कर फेंक दिया। फिर ग्राहकों को एक कमरे बंद कर दिया। इसके बाद मैनेजर के कनपट्टी में पिस्टल सटाकर पहले केबीन और फिर चेस्ट से 69 लाख रुपए लूट लिये। फिर आराम से झोले व थैले में रुपए भरकर फरार हो गए।
घटना दाउदनगर थाना के औरंगाबाद-पटना हाईवे पर स्थित जिनोरिया इंडियन बैंक की है। घटना के 10 मिनट बाद किसी तरह ग्राहक बाहर निकले और फिर इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। जख्मी गार्ड को दाउदनगर इलाज के लिए ले जाया गया। सूचना पाकर मौके पर दाउदनगर एसडीपीओ राजकुमार तिवारी दल-बल के साथ पहुंचे और मामले की तहकीकात में जुट गए।

एक लुटेरे की पहचान हुई
एक बैंक लुटेरे की शिनाख्त पुलिस के एलबम से हुई है। लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। बहुत जल्द लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -पंकज कुमार, एसपी, औरंगाबाद

अपराधी बोले- गन दो, नहीं तो मार देंगे
तीन बाइक पर आठ अपराधी जिनोरिया इंडियन बैंक में फेस मास्क लगाकर ग्राहकों के वेश में पहुंचे। सात अपराधियों की उम्र 20 से 30 साल थी। जबकि एक अपराधी 40 से 45 वर्ष का था। एक अपराधी बैंक के बाहर सड़क पर था। जबकि सात अपराधी अंदर थे। तीन अपराधी गार्ड के पास रुके। तीन अपराधी ग्राहकों के कतार में और एक अपराधी मैनेजर के चैंबर के पास। ईशारों में बात हुई। फिर क्या था। गार्ड के पास खड़े अपराधियों ने गन को पकड़ा लिया और बोले गन दो, वरना गोली मार देंगे। विरोध करने पर दो अपराधियों ने गन को छीनने लगे। एक ने ताबड़तोड़ उसे चाकू गोदने लगा। हाथ उंगली व सिर में छह बार वार किया।

मैनेजर की कनपट्‌टी पर सटाई पिस्टल
दूसरे अपराधी ने मैनेजर अनिमेश कुमार के पास पहुंचकर कनपट्टी पर पिस्टल सटा दी और बोला केबीन में ले चलो। इधर, दो अपराधियों ने ग्राहकों को बंधक बना लिए और एक कमरे में बंद कर बाहर से छिटकिनी लगा दी। फिर पांच अपराधी केबीन में पहुंच गए और कैशियर चंदन कुमार व फिल्ड ऑफिसर मुकेश कुमार के केबीन से आठ लाख रुपए लूटकर थैला में भर लिया। इसके बाद मैनेजर को चेस्ट ले गए। जहां से 61 लाख रुपए लूटकर थैला व गमछी में बांधकर आराम से रख लिए। फिर हथियार लहराते सभी अपराधी बाहर निकल गए। इसके बाद अपराधी बाइक से औरंगाबाद-पटना हाईवे के दाउदनगर की ओर निकल गए।

लुटेरों ने की थी बैंक लूटने की रेकी

जिस इंडियन बैंक में 69 लाख रुपए डकैती की घटना हुई है। वह पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है, लेकिन चौंकाने वाला विषय यह है कि उक्त बैंक में सीसीटीवी महीनों से बंद था और इमरजेंसी अलार्म भी खराब थी। लिहाजा अपराधी आराम से घटना को अंजाम दिए। आमतौर पर बैंक लूट में अपराधी सीसीटीवी को तोड़कर उसके हार्ड डिस्क अपने साथ ले जाते हैं, लेकिन यहां अपराधियों ने सीसीटीवी कैमरे के तरफ देखा भी नहीं।

घटना के अंदाज बताता है कि बैंक लुटेरे बैंक को रेकी किए थे। ग्राहक बनकर बैंक में कई दिन आए होंगे। बैंक के हर गतिविधि से वे वाकिफ होंगे। उन्हें यह भी मालूम था कि सीसीटीवी खराब है। इसे तोड़ने व साथ ले जाने का कोई मतलब नहीं। इसीलिए वे सीसीटीवी को नहीं तोड़े। 20 मिनट तक बैंक में तांडव मचाया और फिर आराम से फरार हो गए।

बड़ा सवाल: बैंक को पांच लाख रखने की क्षमता, फिर 69 लाख रुपए क्यों थे?
इंडियन बैंक को पांच लाख रुपए कैश रोजाना रखने की क्षमता है। फिर 69 लाख रुपए बैंक में महीनों से क्यों रखे गए थे? आखिर कैश को क्यों नहीं बाहर भेजा गया था? जब इतने पैसे बैंक में थे तो बैंक का सीसीटीवी कैमरा क्यों बंद था? इमरजेंसी अलार्म क्यों खराब थी? बैंक में पुलिस रोजाना जांच करती थी।

आखिर पुलिस की जांच में सीसीटीवी कैमरा व इमरजेंसी अलार्म को क्यों नहीं चेक किया गया? ज्यादा कैश की बातें क्यों नहीं सामने आयी? ऐसे कई सवाल हैं जो फिलहाल सिस्टम के सामने खड़े हो चुके हैं। जिसका जवाब बैंककर्मी को दे पाना मुश्किल है। पुलिस की जांच व अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद ही इससे पर्दा उठेगा।

चाकूओं के हमले से लगा मौत सामने नाच रही है

वक्त करीब 10:45 हो रहा था। मैं आम दिनों की तरह गेट के समीप चेयर पर बंदूक लेकर बैठा था। तभी अचानक आठ लोग फेस मास्क लगाए बैंक में प्रवेश किए। दो मिनट बाद तीन लोगों ने मुझ पर हमला कर दिया। बंदूक छीनने लगे। मैं विरोध किया तो हाथ पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करने लगे। चाकूओं के हमला से मेरे आंखों के सामने मौत नाचने लगा। मुझे लगा आज मेरा आखिरी दिन है। सबसे पहले दोनों हाथ की अंगुली, कलाई और फिर सिर में चाकूओं से गोदा। मुझे लगा अब मेरा ये आखिरी समय है। मैं लड़ूंगा।

लिहाजा मैं पांच मिनट तक उनलोगों के साथ गुथम-गुत्था की, लेकिन वे लोग कामयाब हो गए। मेरे बंदूक को छिन लिया और तोड़ दिया। फिर ग्राहकों को एक कमरे में बंद किया। फिर मैनेजर साहब को अपने कब्जे में लिया। पहले केबीन में और फिर चेस्ट में घुसे। अपराधी ताबड़-तोड़ रुपए की गड्डी थैले में डाल रहे थे। थैला भर गया तो नोटो की गड्डी गमछा में रखा। जब पूरे पैसे लूट लिए तो इसके बाद पिस्टल लहराते बैंक से बाहर निकल गए और मूझे छोड़ दिया। जैसा कि बैंक के जख्मी गार्ड चौरम गांव निवासी रिटायर्ड आर्मी जवान अनुग्रह नारायण सिंह ने बताया।



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8 robbers absconded by robbing guard, robbing 6.9 million from Indian bank


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/aurangabad/news/8-robbers-absconded-by-robbing-guard-robbing-69-million-from-indian-bank-127568494.html

विधानसभा चुनाव में पोलिंग एजेंट भी करेंगे पीपीई किट का इस्तेमाल, चुनाव प्रचार पर सुझाव देने का आज आखिरी दिन

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान वोटरों और मतदानकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कई एहतियाती उपायों पर विचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में मतदान के दिन पोलिंग बूथ पर मौजूद रहने वाले राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट के लिए भी पीपीई किट पर विचार किया जा रहा है। पोलिंग एजेंट मैदान शुरू होने से लेकर समाप्ति तक बूथ पर मौजूद रहते हैं। इस दौरान वे वोटरों के भी संपर्क में आते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसे ध्यान में रखकर पोलिंग एजेंटों के लिए भी पीपीई किट पर मंथन चल रहा है।
दूसरी ओर कोविड-19 महामारी के मद्देनजर चुनाव आयोग मतदानकर्मियों और वोटरों के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार कर रहा है। मतदान के दौरान मतदान कर्मी पीपीई किट्स और थर्मल स्कैनिंग का इस्तेमाल करेंगे, इसपर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सभी बूथों पर मतदाताओं की संख्या भी सीमित की जा रही है। इसे ध्यान में रखकर बिहार में अतरिक्त मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

पहले से मौजूद मतदान केंद्रों के अलावा करीब 34000 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो कुल मतदान केंद्रों की संख्या का लगभग 45% है। ऐसे में मतदान केंद्रों की संख्या करीब 1 लाख 6 हजार होगी। चुनाव आयोग मतदाताओं के लिए दिशा-निर्देश से जुड़ा विस्तृत गाइडलाइन बना रहा है। प्रस्तावित गाइडलाइन में लोगों के जुटान वाले स्थान पर मास्क को अनिवार्य रूप से लगाने की अपील भी की जाएगी। सभा में मास्क अनिवार्य होगा।



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Polling agents will also use PPE kit in assembly elections, today is the last day to give suggestions on election campaign


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/polling-agents-will-also-use-ppe-kit-in-assembly-elections-today-is-the-last-day-to-give-suggestions-on-election-campaign-127569386.html

बाढ़ से 11 जिलों में 4.87 लाख हेक्टेयर में फसल हुई बर्बाद, पानी उतरने के बाद सामने आएगा नुकसान का वास्तविक आंकड़ा

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

राज्य में बाढ़ की वजह से 11 जिले में 4.87 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। फसल क्षति का आंकड़ा जारी करते हुए कृषि सचिव एन. सरवण कुमार ने कहा कि अभी यह नुकसान का आरंभिक अनुमान है। वास्तविक आंकड़ा बाढ़ का पानी उतरने के बाद सामने आएगा। सभी जिलों के डीएम को बाढ़ के बाद नुकसान का विस्तृत सर्वे कराकर इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंपने का आदेश दिया गया है। बाढ़ से हुई फसल क्षति की भरपाई के लिए किसानों को एनडीआरएफ के प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा।
राज्य में औसतन 33 लाख हेक्टेयर में होती है धान की खेती: उन्होंने बताया कि राज्य में 33 लाख हेक्टेयर में औसतन धान की खेती होती है। इसकी तुलना में अबतक 29.22 लाख हेक्टेयर में रोपनी हो चुकी है। इस वर्ष मानसून समय पर आया, लेकिन अधिक बारिश के कारण समय से पहले बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। जुलाई तक 506 मिलीमीटर बारिश का है औसत, जबकि अबतक 740 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस तरह राज्य में औसत से 46 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इस वर्ष फसल क्षति के लिए 18.39 लाख किसानों को 568 करोड़ रुपए मुआवजा दिया गया है।
बीज की हो रही होम डिलीवरी
कृषि सचिव ने बताया कि खरीफ मौसम में 5.40 लाख किसानों के बीच बीज का वितरण किया गया है। खास बात यह रही कि 40000 किसानों ने बीज के लिए ऑनलाइन ऑर्डर दिया और उन्हें इसकी होम डिलीवरी की गई।
सिंचाई सुविधा के लिए हर खेत का कराया जा रहा सर्वे
कृषि सचिव ने कहा कि सरकार ने हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए सभी खेत का सर्वे कराया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि किस खेत पर सिंचाई के लिए का कौन सा माध्यम उपलब्ध है? सर्वे हो जाने के बाद सभी असिंचित खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए योजना तैयार की जाएगी।



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Flood damage in 4.87 lakh hectare in 11 districts due to flood


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/flood-damage-in-487-lakh-hectare-in-11-districts-due-to-flood-127569385.html

नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत : मदन सहनी

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि रसोई गैस की किल्लत नहीं है। आवागमन के कारण रसोई गैस की आपूर्ति में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि इंडेन, भारत एवं एचपी गैस के राज्य प्रबंधक को ससमय रसोई गैस की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज गति से चल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं प्रभावित क्षेत्रों पर हर क्षण नजर रख रहे हैं। बिहार सरकार ने 2019 के बाढ़ में 33,39,263 परिवारों को दो हजार तीन करोड़ पचपन लाख रुपए खाते में भेजे थे। इस बार भी सरकार बिहार में आई बाढ़ को लेकर गंभीर है। बिहार के चालीस लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच छह-छह हजार राशि भेजी जा रही है जो दस अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।



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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/darbhanga/news/there-will-be-no-shortage-of-lpg-madan-sahni-127567999.html

बाढ़ से गणेशपुर में धान व केले की फसल बर्बाद

Posted: 30 Jul 2020 05:22 PM PDT

गणेशपुर पंचायत में बाढ़ व बारिश ने स्थानीय लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न पार्टी के नेताओं व आम लोगों ने पदाधिकारियों व सांसद-मंत्री से इस प्राकृतिक आपदा में किसानाें को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। विदित हो कि लगातार हो रही बारिश से कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से गणेशपुर के लोगों काे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञात हो कि बाढ़ की वजह से धान, केला, सब्जी व मसाले की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। बुधवार की देर रात से गुरुवार की सुबह तक हुई बारिश के बाद गणेशपुर के मुखिया मोहम्मद वाजिद, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष कुमोद कुमार, सरपंच पप्पू मिस्त्री, रवि कुंवर, भरत कुमार, हरिओम झा, संजय मेहता, विनोद मेहता, माधव राय, मनोज झा, कैलाश राम व किशोर झा ने पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान पीड़ित परिवारों से मिलकर पूर्ण मदद करवाने का आश्वासन दिया। सोनू झा ने बताया कि बारिश की वजह से पंचायत के सभी टोले व मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। कई सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है।

पानी निकासी को पुलिया निर्माण की मांग
मुखिया मोहम्मद वाजिद सहित अन्य लोगों ने किसानों को 10 हजार रुपए प्रति बीघा का मुआवजा, मवेशियों को यथाशीघ्र चारा, टूटी हुई सड़कों का जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। इसके साथ ही पंचायत के सभी परिवारों को एक क्विंटल चावल, दाल व गेहूं और नकद 5000 रुपए देने की सरकार से मांग की है। कहा कि एसएच- 58 पर अंबेडकर चौक से अखेड़ा चौक तक पानी निकासी के लिए कम से कम चार पुलिया का निर्माण कराया जाए।



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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते मुखिया व लोजपा नेता।


source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/puraini/news/paddy-and-banana-crop-wasted-in-ganeshpur-due-to-flood-127567190.html

बिहार में नहीं है लोकतान्त्रिक शासन , जनता की सुननेवाला कोई नहीं , बिहार...

Posted: 30 Jul 2020 07:38 AM PDT

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योग एवं आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद

Posted: 30 Jul 2020 08:17 AM PDT

योग एवं आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद

आयुर्वेद के इतिहास से पता चलता है कि हर 100 

 

पीआईबी एवं आरओबी

  

      

 

      पीआईबीपटना के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने अपने विषय प्रवेश संबोधन में कोरोना महामारी में आयुर्वेद और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चूंकि कोरोना वायरस का अब तक कोई दवा या टीका नहीं बना हैइसलिए इसमें तरह-तरह के सुझाव और उपाय बताए जा रहे हैं। योग एवं आयुर्वेद से जुड़ी हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति कोरोना जैसी महामारी में एक वरदान साबित हो सकती है। उन्होंने आयुर्वेद में वर्णित  चिकित्सा पद्धतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

 

      

 

      

 

      अतिथि वक्ता के रूप में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजपटना के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष योगाचार्य प्रोफेसर श्री गंगाधर सिंह ने कोरोना और दूसरी वायरल बीमारियों से बचने के लिए विभिन्न प्रकार के आसन-योगासन और प्राणायाम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री गंगाधर ने कहा कि कोरोना में ज्यादातर लोग सांस की परेशानी से मर रहे हैं। आयुर्वेद के ग्रंथों में सांस को सही करने के लिए बहुत से आसान उपाए बताए गए हैंजिसको अपनाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कोरोना महामारी से बचने के लिए कुछ कारगर योगासन और प्राणायाम का लाइव डेमो देकर समझाने की कोशिश की। उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए योग-प्राणायाम के प्रोटोकॉल की भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से बताए गए क्रम में योगप्राणायाम करने से समुचित लाभ मिलता है क्योंकि इसका वैज्ञानिक आधार है।

 

      

 

      

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पं. प्रेम सागर पाण्डेय् के द्वारा आज 31 जुलाई 2020, शुक्रवार का दैनिक पंचांग

Posted: 30 Jul 2020 06:44 AM PDT

श्री गणेशाय नम:

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् के द्वारा आज 31 जुलाई 20
20, शुक्रवार का दैनिक पंचांग

 पंचांग

तिथि  द्वादशी  रात्रि 10:32:23

नक्षत्र  ज्येष्ठा  दिन  08:17:45

करण :  बव  11:15:23

           बालव  22:43:54

पक्ष :-  शुक्ल 

योग:-    एन्द्र  11:11:08

वार:-  शुक्रवार 

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

चन्द्रोदय  16:36:00          चन्द्र राशि  वृश्चिक - 07:05:26 तक     चन्द्रास्त  27:07:59 

ऋतु  वर्षा 

हिन्दू मास एवं वर्ष

शक सम्वत  1942  शार्वरी  कलि सम्वत  5122   दिन काल  13:30:16   विक्रम सम्वत  2077 

मास अमांत  श्रावण   मास पूर्णिमांत  श्रावण 

शुभ और अशुभ समय    :-शुभ समय     अभिजित  12:00:13 - 12:54:15

अशुभ समय    :-दुष्टमुहूर्त : 08:24:09 - 09:18:10 12:54:15 - 13:48:16

कंटक  13:48:16 - 14:42:17

 यमघण्ट  17:24:20 - 18:18:21

राहु काल  10:45:57 - 12:27:14

कुलिक  08:24:09 - 09:18:10

कालवेला या अर्द्धयाम  15:36:18 - 16:30:19

यमगण्ड  15:49:48 - 17:31:05

गुलिक काल  07:23:23 - 09:04:40

दिशा शूल    :-      दिशा शूल  पश्चिम 

चन्द्रबल और ताराबल   

ताराबल  ::-              अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती 

चन्द्रबल  :-               वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ 

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् के द्वारा आज 31 जुलाई 2020, शुक्रवार  का राशिफल

1.                   मेष (Aries):घर, परिवार और संतान के मामले में आनंद और संतोष का अनुभव होगा। आज आप संबंधियों और मित्रों से घिरे रहेंगे। व्यापार-धंधे में प्रवास होगा और लाभ भी। मान-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। नौकरी में पदोन्नति मिलेगी। आग, पानी और वाहन दुर्घटना से संभलने की चेतावनी देते हैं। कार्यभार से थकान का अनुभव होगा।

शुभ रंग  =  पींक

शुभ अंक  :  8

2.                   वृषभ (Tauras):व्यापारियों के लिए आज का दिन शुभ है। नए आयोजनों को हाथ में ले सकेंगे। आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो सकता है। विदेश में रहनेवाले मित्रों या स्वजनों का समाचार आपको भाव-विभोर करेगा। लंबी दूरी की यात्रा का योग है। तीर्थ यात्रा भी हो सकती है। अत्यधिक काम का बोझ थकान और ऊबन का अनुभव कराएगा।

               शुभ रंग  =  क्रीम

               शुभ अंक  :  2

3.                   मिथुन (Gemini):बेकाबू क्रोध पर लगाम रखने की सलाह देते हैं। बदनामी और निषेधात्मक विचारों से दूर रहें। अत्यधिक खर्च से आर्थिक तंगी का अनुभव करेंगे। परिजनों और ऑफिस सहकर्मियों के साथ मनमुटाव या विवाद के प्रसंग बन सकते हैं। यदि कोई बीमार है तो नई चिकित्सा या ऑपरेशन न कराएं। ईश्वर की आराधना, जप और आध्यात्मिकता से शांति मिलेगी।

               शुभ रंग  =  हरा

               शुभ अंक  :  3

4.                   कर्क (Cancer):सामाजिक और व्यवसायिक क्षेत्र में लाभदायक रहेगा आज का दिन। मौज-शौक के साधन, उत्तम आभूषण और वाहन की खरीददारी करेंगे। मनोरंजन की प्रवृत्ति में समय बीतेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्ति के साथ की गई मुलाकात से सुख का अनुभव करेंगे। दांपत्य जीवन में प्रेम की अनुभूति होगी। भागीदारी में लाभ होगा। पर्यटन की भी संभावना है।

               शुभ रंग  =  आसमानी

               शुभ अंक  :  7

5.                   सिंह (Leo):उदासीन वृत्ति और संदेह के बादल आपके मन पर घिरे होने से आप मानसिक राहत का अनुभव नहीं करेंगे। फिर भी घर में शांति का वातावरण होगा। दैनिक कार्यों में थोड़ा अवरोध आएगा। अधिक परिश्रम करने के बाद अधिकारियों के साथ वाद-विवाद में न पड़ें।

               शुभ रंग  =  पीला

               शुभ अंक  :  9

6.                   कन्या (Virgo): किसी न किसी कारण से आज आपके मन में चिंता रहेगी। विशेष रूप से संतान और स्वास्थ्य के बारे में। पेट सम्बंधी बीमारियों की शिकायत रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में कठिनाइ आएगी। आकस्मिक धन खर्च हो सकता है। शेयर सट्टे से दूर रहने की सलाह है। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होगी।

               शुभ रंग  =  हरा

               शुभ अंक  :  3

7.                   तुला (Libra):आज आप अत्यधिक भावनाशील बनेंगे और उसके कारण मानसिक अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। माता के साथ सम्बंध बिगड़ेंगे या माताजी के स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता होगी। यात्रा के लिए वर्तमान समय अनुकूल नहीं है। परिवार और जमीन-जायदाद से सम्बंधित चर्चा में सावधानी रखने की आवश्यकता है। पानी से दूर रहें।

               शुभ रंग  =  क्रीम

               शुभ अंक  :  2

8.                   वृश्चिक (Scorpio):कार्य सफलता, आर्थिक लाभ और भाग्यवृद्धि के लिए अच्छा दिन है। नए कार्य की शुरुआत भी कर सकते हैं। भाई-बंधुओं का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहेगा। प्रतिस्पर्धियों को परास्त कर सकेंगे। प्रिय व्यक्ति के साथ मिलन होने से आनंद का अनुभव होगा। लघु यात्रा होगी। स्वास्थ्य बना रहेगा।

               शुभ रंग  =  पींक

               शुभ अंक :  8

9.                   धनु (Sagittarius):मन की द्विधापूर्ण स्थिति और उलझे हुए पारिवारिक वातावरण के कारण आप परेशानी का अनुभव करेंगे। निरर्थक धन खर्च होगा। विलंब से कार्य पूरा होगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेना हितकर नहीं है। परिजनों के साथ गलतफहमी टालने का प्रयास करें। दूर बसनेवाले मित्र का समाचार या संदेश व्यवहार आपके लिए लाभदायक साबित होगा।

               शुभ रंग  =  गुलाबी

               शुभ अंक  :  1

10.               मकर (Capricorn):ईश्वर को याद करने से आपके दिन शुभ रहेगा। धार्मिक कार्य और पूजा पाठ होंगे। गृहस्थ जीवन में आनंद रहेगा। हर एक कार्य सरलता से पूरे होंगे। मित्रों, सगे संबंधियों की तरफ से भेंट सौगात मिलेगी। शारीरिक, मानसिक रूप से प्रफुल्लित रहेंगे। नौकरी व्यवसाय में भी अनुकूल परिस्थिति रहेगी। दांपत्य जीवन में आनंद बना रहेगा। चोट लगने की संभावना है।

               शुभ रंग  =  आसमानी

               शुभ अंक  :  7

11.               कुंभ (Aquarius):आज किसी का जमानती न होने और पैसे की लेन-देन न करने की सलाह देते हैं। खर्च में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य के मामले में ध्यान रखें। परिजनों के साथ संघर्ष में उतरने का अवसर आएगा। किसी के साथ गलतफहमी होने से झगड़ा होगा। क्रोध को नियंत्रण में रखना पड़ेगा। ऐसा न हो कि किसी का भला करने में आफत को गले लगा बैठें। दुर्घटना से बचें।

               शुभ रंग  =  क्रीम

               शुभ अंक  :  2

12.               मीन (Pisces):आज आपके लिए लाभदायक दिन है। नौकरी व्यवसाय के क्षेत्र में आय वृद्धि होगी। बुजुर्ग वर्ग और मित्रों की तरफ से आपको कुछ लाभ होगा। नए मित्र बनेंगे, जिनकी मित्रता भविष्य के लिए लाभदायक साबित होगी। मांगलिक अवसरों में जाना होगा। मित्रों के साथ प्रवास पर्यटन का आयोजन करेंगे। संतान और पत्नी की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। धन लाभ होगा।

          शुभ रंग  =  उजला

          शुभ अंक  :  4

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श -  रविवार ,दूरभाष  9122608219, 9835654844

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लोककल्याणकारी हिन्दू राष्ट्र की स्थापना सर्वोपरि राष्ट्रहित है !

Posted: 30 Jul 2020 06:13 AM PDT

30 जुलाई से आरंभ हो रहे 'नवम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन'के उपलक्ष्य में...

लोककल्याणकारी हिन्दू राष्ट्र की स्थापना सर्वोपरि राष्ट्रहित है !

इस भारतभूमि का इतिहास जितना प्राचीन और पराक्रम से भरा है

कितना बडा यह दुर्भाग्य !

देश में कोरोना का प्रकोप बढाने में तब्लीगी जमात ने बडी भूमिका निभाई । देश

कांग्रेस ने सत्ता में आने के उपरांत बहुसंख्यक हिन्दुआें के संदर्भ में अपने कर्तव्यों की जानबूझकर उपेक्षा की । आज 'सीएए' और 'एनआरसी' जैसे देशहित के कानूनों का विरोध करने के पीछे अल्पसंख्यक समुदाय के तुष्टीकरण की नीति है

हिन्दूद्वेषी एवं 'सेक्युलर' आतंकवाद !

देश की धर्मांध शक्तियों का यह विचार है कि 'भारत की जनता के लिए बनाए गए कानून और नियम हमारे लिए हैं ही नहीं ।' जहां ऐसे पंथों की मुलभूत सीख ही यह है कि 'पंथ ही सर्वोच्च है'

'

इन प्रयासों को गति प्रदान करने हेतु उसे 'आध्यात्मिक हिन्दुत्व' का समर्थन मिला है । हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु देश


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केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल “निशंक” ने डिजिटल शिक्षा पर “भारत रिपोर्ट-2020” जारी की

Posted: 30 Jul 2020 01:16 AM PDT

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल "निशंक" ने डिजिटल शिक्षा पर "भारत रिपोर्ट-2020" जारी की

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल "निशंकने आज डिजिटल शिक्षा पर भारत रिपोर्ट-2020 जारी की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालयराज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों द्वारा घर पर बच्चों के लिए सुलभ और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने और उनके सीखने के क्रम में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अपनाए गए अभिनव तरीकों की विस्तृत व्याख्या करती है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वह इस रिपोर्ट को जरूर पढ़ें ​ताकि उन्हें दूरस्थ शिक्षा और सभी के लिए शिक्षा की सुविधा के लिए सरकार की ओर से की की गई विभिन्न पहलों की जानकारी मिल सके।

 

      रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने शिक्षा को एक व्यापक कार्यक्रम के रूप में परिकल्पित किया गया है जिसका लक्ष्य प्री-नर्सरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं तक स्कूलों के व्यापक स्पेक्ट्रम में डिजिटल शिक्षा को सार्वभौमिक बनाना है। गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा ने वैश्वीकरण के वर्तमान संदर्भ में एक नई प्रासंगिकता हासिल कर ली है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिक्षकोंविद्वानों और छात्रों को सीखने की उनकी ललक में मदद करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैंजैसे कि "दीक्षा मंच", "स्वयं प्रभा टीवी चैनल", ऑनलाइन एमओओसी पाठ्यक्रमऑन एयर– "शिक्षा वाणी", दिव्यांगों के लिए एनआईओएस द्वारा विकसित "डेजीई-पाठशाला",  "ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज (एनआरओईआर) की राष्ट्रीय रिपोजिटरी", टीवी चैनलई-लर्निंग पोर्टलवेबिनारचैट समूह और पुस्तकों के वितरण सहित राज्य/केन्द्र शासित सरकारों के साथ अन्य डिजिटल पहल।

      रिपोर्ट में प्रधानमंत्रीश्री नरेन्द्र मोदीमानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल "निशंक", मानव संसाधन विकास राज्य मंत्रीश्री संजय धोत्रे और स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिवएमएचआरडीश्रीमती अनीता करवाल के संदेश हैं। रिपोर्ट को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों के परामर्श से मानव संसाधन विकास मंत्रालय के डिजिटल शिक्षा प्रभाग द्वारा तैयार किया गया है।

      इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकारों तथा केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारों ने छात्रों के द्वार पर डिजिटल शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य भी किया है। छात्रों से जुड़ने के लिए कुछ प्रमुख माध्यमों के रूप में सोशल मीडिया टूल जैसे व्हाट्सएप ग्रुपयू ट्यूब चैनलआनलाइन कक्षाएंगूगल मीटस्काइप के साथ ई-लर्निंग पोर्टलटीवी (दूरदर्शन और क्षेत्रीय चैनल)रेडियो और दीक्षा का उपयोग किया गया जिसमें दीक्षा का उपयोग सभी हितधारकों की सबसे प्रमुख पसंद थी।

      राज्य सरकारों द्वारा की गई कुछ प्रमुख डिजिटल पहल में राजस्थान में "स्माइल" (सोशल मीडिया इंटरफेस फॉर लर्निंग एंगेजमेंट)जम्मू में "प्रोजेक्ट होम क्लासेस", छत्तीसगढ़ में "पढ़ाई तुहार दुवार" (आपके द्वार पर शिक्षा)बिहार में "उन्नयन" पहल पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शिक्षादिल्ली में एनसीटी का अभियान "बुनियाद", केरल का अपना शैक्षिक टीवी चैनल (हाई-टेक स्कूल प्रोग्राम), "ई-विद्वान पोर्टल" और साथ ही मेघालय में शिक्षकों के लिए मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम शामिल हैं। तेलंगाना में कोविड संकट के दौरान शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है।

      कुछ राज्यों ने दूरस्थ शिक्षा की सुविधा के लिए नवीन मोबाइल ऐप और पोर्टल लॉन्च किए हैं। मध्य प्रदेश ने टॉप पैरेंट ऐप लॉन्च किया हैजो एक नि:शुल्क मोबाइल ऐप है जो छोटे बच्चों के माता-पिता (3-8 साल) को बाल विकास के ज्ञान और व्यवहारों की सीख देता है ताकि उन्हें अपने बच्चों के साथ सार्थक जुड़ाव बनाने में मदद मिल सके। केएचईएल (इलेक्ट्रॉनिक लर्निंग के लिए नॉलेज हब)एक गेम आधारित एप्लीकेशन भी शुरू किया गया हैजो कक्षा एक से लेकर कक्षा तक के छात्रों के लिए है। उत्तराखंड "संपर्क बैंक ऐप" का उपयोग कर रहा हैजिसके माध्यम से प्राथमिक स्कूल के छात्र एनिमेटेड वीडियोऑडिओवर्कशीटपहेलियों आदि का उपयोग कर सकते हैं। असम ने कक्षा से 10. के लिए "बिस्वा विद्या असम मोबाइल एप्लिकेशन" लॉन्च किया है। बिहार ने कक्षा से 12 तक के छात्रों के लिए ई-पुस्तकों के साथ "विद्यावाहिनी ऐप" लॉन्च किया है। "उन्नयन बिहार पहल" के तहत बिहार सरकार ने छात्रों के लिए "मेरा मोबाइल मेरा विद्यालय" शुरू किया है। इसी तरह शिक्षकों के लिए "उन्नयन बिहार" के तहत शिक्षक ऐप शुरू किया गया है। चंडीगढ़ ने कक्षा से तक के छात्रों के सीखने के परिणाम का आकलन करने के लिए "फीनिक्स मोबाइल एप्लिकेशन" लॉन्च किया है। महाराष्ट्र ने राज्य में छात्रों के लिए "लर्निंग आउटकम स्मार्ट क्यू मोबाइल ऐप" लॉन्च किया है। पंजाब ने कक्षा से 10 तक के लिए आई स्कूएला लर्न मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। "सिक्किम एडुटेक ऐप" राज्य शिक्षा विभाग के तहत सिक्किम के सभी स्कूलों को जोड़ता है। इसमें छात्रोंशिक्षकों और प्रशासनिक इकाइयों के साथ-साथ अभिभावकों को भी लॉगिन करने की सुविधा दी गई है। त्रिपुरा में छात्रों के मूल्यांकन की सुविधा के लिए 'एम्पॉवर यू शिक्षा दर्पणनाम का एक एप्लिकेशन शुरू किया गया है। उत्तर प्रदेश ने 3-8 वर्ष की आयु के बच्चों को लक्षित करते हुए "टॉप पैरेंट ऐप" लॉन्च किया है। वर्तमान में बच्चों के लिए "चिंपल", "मैथ्स मस्ती" और "गूगल बोलो" जैसे तीन बेहतरीन एडुटेक ऐप हैं।

      राज्य भी शिक्षा के एक माध्यम के रूप में व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे हैं और शिक्षकोंअभिभावकों और छात्रों को जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। "ओडिशा शिक्षा संजोग"- ओडिशा में एक व्हाट्सएप आधारित डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम शुरू किया गया है जो एक सुव्यवस्थित तरीके से वर्ग समूहों के साथ ई-सामग्री साझा करता है। व्हाट्सएप के माध्यम से पंजाब और पुद्दुचेरी में भी ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। राजस्थान व्हाट्सएप का उपयोग "हवामहल- खुशनुमा शनिवार" कार्यक्रम के लिए कर रहा हैजहां छात्र कहानियों को सुनकर व्हाट्सएप के माध्यम से दिए गए निर्देशों के आधार पर खेल, खेल सकते हैं। मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और छात्रों के बीच संपर्क का एक व्हाट्सएप समूह है। हिमाचल प्रदेश ने तीन व्हाट्सएप अभियान शुरू किए हैंजैसे, "करोना", "थोड़ी मस्तीथोड़ी पढ़ाई" और जहां राज्यों द्वारा ई-सामग्री की व्यवस्था की गई है 'वहां हर घर पाठशाला'। छात्र इसकी मदद से अपने सवाल हल करते हैं और उस पर शिक्षक अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। विशेष आवश्यकताओं वाले छात्रों के लिएइस अभियान का नाम "हम किसी से कम नहीं- मेरा घर पाठशाला" रखा गया है। सामग्री को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से साझा किया जा रहा है जिसके साथ विशेष शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।  

कई राज्यों को इंटरनेट के बिना कम तकनीकी रूपों के साथ शिक्षण और निर्देशन के लिए रचनात्मक उपायों को अपनाना पड़ा है। उदाहरण के लिए- अरुणाचल प्रदेश मेंप्राथमिक कक्षा के छात्र ऑल इंडिया रेडियोईटानगर के माध्यम से अपनी मातृभाषा में दिलचस्प रेडियो वार्ताएँ प्राप्त कर रहे हैं। झारखंड के जिलों में क्षेत्रीय दूरदर्शन और उपलब्ध रेडियो स्लॉट के माध्यम से बच्चों को संबोधित करने वाले वास्तविक शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। स्थानीय टीवी चैनलों पर वर्चुअल कंट्रोल रूम के माध्यम से कक्षाओं को प्रसारित करने की पुद्दुचेरी की ऐसी ही पहल है। मणिपुर ने कक्षा से 5 तक के छात्रों के लिए कॉमिक पुस्तकों की शुरुआत की है ताकि उन्हें मजेदार तरीके से अवधारणाओं को सीखने में मदद मिल सके। लद्दाख जैसे कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के लिए ईएमबीआईबीई बैंगलोर गैर सरकारी संगठनों के साथ सहयोग कर रहा है। वर्तमान समय में सामुदायिक जुड़ाव सबसे कठिन काम है ऐसे में स्थानीय और व्यक्तिगत संसाधनों का महत्व ज्यादा हो गया है। हरियाणा राज्य द्वारा क्विज प्रतियोगिताओं जैसी लोकप्रिय सुविधाएँ आयोजित की जाती हैं।

      दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने की चुनौतियों से निपटने के लिएएनआईओएस और स्वयं प्रभा सामग्री उन बच्चों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैजो इंटरनेट से नहीं जुड़े हैं और जिनकी रेडियो और टीवी तक सीमित पहुंच है। नवोन्मेषी माध्यमों से सामग्री उपलब्ध कराने के लिए राज्यों की पहल समावेशी शिक्षा को सुनिश्चित कर रही है। उदाहरण के लिए- आंध्र प्रदेश ने महत्वपूर्ण विषयों को समझने और अपनी शंकाओं को दूर करने के लिए छात्रों के लिए टोल फ्री कॉल सेंटर और टोल फ्री वीडियो कॉल सेंटर शुरू किया है। खराब मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट सेवाओं की अनुपलब्धता के कारणछत्तीसगढ़ ने मोटर ई-स्कूल शुरू किया है। राज्य ने वीएफएस (वर्चुअल फील्ड सपोर्ट) के रूप में एक टोल फ्री नंबर भी शुरू किया है। झारखंड ने रोविंग शिक्षक की शुरुआत की हैजहां कई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए आगे आते हैं। गुजरात ने जुबानी पढ़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए- वंचन अभियान और बच्चों के लिए "मैलो-सलामत ए हंफैलो" (परिवार का घोंसला-सुरक्षित है) जैसा सामाजिक मनोवैज्ञानिक सहायता कार्यक्रम चलाया है। पश्चिम बंगाल ने भी छात्रों के लिए विशेष और समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है।

      सुदूर क्षेत्रों में समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति सही नहीं है राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी बच्चों के घर पर पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया है। जिन राज्यों ने छात्रों तक पहुँचने के लिए यह पहल की हैओडिशामध्य प्रदेश (दक्शता उन्नाव कार्यक्रम के तहत)दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव आदि शामिल हैं। लक्षद्वीप ने छात्रों को ई-सामग्री से लैस टैबलेट वितरित किए हैं। नगालैंड ने छात्रों को नाममात्र की लागत पर डीवीडी/पेन ड्राइव के माध्यम से अध्ययन सामग्री वितरित की है। जम्मू और कश्मीर ने दृष्टिबाधित शिक्षार्थियों के लिए लैपटॉप और ब्रेल स्पर्श पठनीयता के साथ छात्रों को मुफ्त टैब वितरित किए हैं।

      डिजिटल शिक्षा पहल भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मददगार बन रही है। गोवा ने राज्य में प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एम्बाइबएक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सीखनेअभ्यास और परीक्षण के लिए ऑनलाइन मंच के साथ साझेदारी की है। कर्नाटक ने दूरदर्शन के माध्यम से एक परीक्षा तैयारी कार्यक्रमऔर एक एसएसएलसी परीक्षा तैयारी कार्यक्रम शुरू किया है। एनईईटी परीक्षा की तैयारी करने वाले तमिलनाडु के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त छात्रों के लिए विस्तृत विश्लेषण के साथ ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उपलब्ध हैं।

      राज्यों द्वारा विविध आवश्यकताओं को पूरा करने की जरूरतभाषा पर पूरा नियंत्रण रखने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास भी सुनिश्चित करने को ध्यान में रखते हुए एनसीटी दिल्‍ली द्वारा उच्च कक्षाओं के लिए शिक्षा सामग्री तैयार की गई है। लॉकडाउन के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों को मजेदार तरीके से पढ़ाने के लिए ऐसी सेवाओं की एसएमएस/आईवीआर के माध्यम से व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्य भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात सक्रिय रूप से विशेष आवश्यकताओं वाले छात्रों के लिए समावेशी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस प्रकार से सभी राज्यों के शिक्षा विभाग मिलकर दूरस्थ शिक्षा के रास्ते में आने वाली ​मुश्किलों को दूर करने के लिए पूरी तरह समर्पित और प्रतिबद्ध हैं।

विस्तृत रिपोर्ट नीचे लिखे वेबसाइट पते पर देखी जा सकती है:

https://mhrd.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/India_Report_Digital_Education_0.pdf
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