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- रामदेव के बाद चंबा के व्यक्ति ने किया कोरोना की दवाई का दावा, सिर्फ मोदी जी को बतायेंगे फार्मुला
- हिमाचल में चार अगस्त तक भारी बारिश और अंधड़ की चेतावनी
- TIPS: नौकरी मिलने से पहले बेटा हो जाएगा करोड़पति, 1400 रु से शुरू करें सेविंग
- मंत्रिमंडल गठन में भी चंबा पिछड़ा
- 4 बार दूध के साथ यह 1 चीज मिलाकर पी लें, कमजोरी, बदन दर्द, खून की कमी हो सकती है दूर
- इस औषधि का रोज सिर्फ 1 चम्मच बुढ़ापे में 20 साल की जवानी भर दे, क्योंकि….
- सोने से पहले बस एक चम्मच, खुल जायगी आपकी हर नस
- इन 6 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, सच होंगे सपने
- जिंदगी के 9 रहस्य: जो कभी नही भूलने चाहिए किसी को भी!
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- IAS इंटरव्यू में पूछा ऐसा कौन-सा जानवर है जो जिन्दगी भर बिना पानी पीए जीता है ?
- रक्षा बंधन पर सौंदर्य टिप्स -शहनाज हुसैन
- कल से बदल जाएंगे ये 10 नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर
| रामदेव के बाद चंबा के व्यक्ति ने किया कोरोना की दवाई का दावा, सिर्फ मोदी जी को बतायेंगे फार्मुला Posted: 30 Jul 2020 08:10 PM PDT |
| हिमाचल में चार अगस्त तक भारी बारिश और अंधड़ की चेतावनी Posted: 30 Jul 2020 07:42 PM PDT हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चार अगस्त तक भारी बारिश और अंधड़ का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत राज्य के शिमला, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, चंबा और सोलन में आगामी तीन दिनों के दौरान भारी बारिश होगी। इसके लिए विभाग द्वारा यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि हिमाचल में अभी तक पिछले साल की उपेक्षा इस वर्ष मानसून में कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के निदेशक ने कहा कि प्रदेश में जुलाई महीने में मानसून 34 प्रतिशत कम है। वहीं, प्रदेश में जारी बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मैदानी जिलों के लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली है। भुंतर के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा छह डिग्री तक की गिरावट आई है। सुंदरनगर में पांच, केलांग में चार, ऊना व नाहन में तीन, कल्पा, धर्मशाला व कांगड़ा में दो डिग्री तक पारा लुढ़का है। |
| TIPS: नौकरी मिलने से पहले बेटा हो जाएगा करोड़पति, 1400 रु से शुरू करें सेविंग Posted: 30 Jul 2020 07:39 PM PDT ये है करोड़पति बनाने वाली प्लानिंग इस तरह की वित्तीय प्लानिंग बनाना आसान है। इसमें निवेश की शुरुआत 1400 रुपये महीने से शुरू करनी होगी। फिर बाद में इसमें हर साल 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी करनी होगी। इसका मतलब हुआ कि पहले साल 1400 रुपये का निवेश अगले साल बढ़कर 1610 रुपये का हो जाएगा। इसी तरह इस निवेश को आगे बढ़ाते रहना होगा। इस निवेश पर अगर 12 फीसदी का रिटर्न मिले तो 25 साल में यह लगभग 1 करोड़ रुपये हो जाएगा। कहां करना होगा निवेश फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम के अनुसार लम्बे समय तक अगर निवेश किया जाए तो अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इतना अच्छा रिटर्न म्युचुअल फंड में आसानी से मिल जाता है। दर्जनों अच्छे म्युचुअल फंड ने लम्बे समय में बहुत ही अच्छा रिटर्न दिया है। लम्बे समय में इन म्यूचुअल फंड में निवेश करके आसानी से 12 फीसदी का रिटर्न पाया जा सकता है। अगर इन अच्छे फंड में निवेश किया जाए तो आराम से 12 फीसदी तक का रिटर्न पाया जा सकता है। कैसे बढ़त है निवेश आमतौर पर लोगों को लगता है कि छोटा-छोटा निवेश इतना कैसे हो सकता है। लेकिन इसको समझना आसान है। लोगों को लगता है कि निवेश हर माह काफी कम है, लेकिन एक समय आता है जब निवेश होने वाली रकम से ज्यादा रिटर्न से मिलने लगता है। इसके बाद यह फंड तेजी से बढ़ता है। इस प्लानिंग में निवेश पांचवे साल में जहां 1.5 लाख रुपये से थोड़ा ज्यादा होगा, वहीं यह 10वें साल में बढ़कर 5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगा। इसके बाद 15वें साल में यह निवेश 16 लाख रुपये के ऊपर निकल जाएगा। 20वें साल में यह बढ़कर 42 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगा। और 25 साल में यह निवेश करीब 1 करोड़ रुपये हो जाएगा। ये है निवेश की योजना -1400 रुपये से निवेश की शुरुआत करें -हर साल इसमें 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी करें -इस पर अगर मिले 12 फीसदी का रिटर्न -25 साल में तैयार हो जाएगा 1 करोड़ रुपये का फंड 10 साल में अच्छा रिटर्न देने वाले म्युचुअल फंड -एसबीआई स्मॉल कैप रेग्युलर म्यूचुअल फंड स्कीम ने 10 साल में दिया है 18.99 फीसदी का रिटर्न। -इंवेसको इंडिया मिडकैपरेग्युलर म्यूचुअल फंड स्कीम ने 10 साल में दिया है 16.36 फीसदी का रिटर्न। -कोटक इमर्ज एक्टरेग्युलर म्यूचुअल फंड स्कीम ने 10 साल में दिया है 15.52 फीसदी का रिटर्न। -डीएसपी मिडकैपरेग्युलर म्यूचुअल फंड स्कीम ने 10 साल में दिया है 15.44 फीसदी का रिटर्न। नोट : यह कंपाउंडिड एनुअल ग्रोथ रेट यानी सीएजीआर है, जिसका मतलब होता है कि हर साल मिला रिटर्न। म्यूचुअल फंड के यह आंकड़े 12 फरवरी 2020 तक के अपडेट हैं। नोट : निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है। |
| मंत्रिमंडल गठन में भी चंबा पिछड़ा Posted: 30 Jul 2020 07:31 PM PDT जिला को मंत्रिमंडल विस्तार में फिर से बाहर रखने से लोगों में रोष है। लिहाज़ा कहना गलत न होगा कि शिमला से चंबा की राजनीतिक दूरी बढ़ गई है। बताते चलें कि लंबे अरसे से जिले को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की आहट थी तो वहीं मंगलवार को कुछ और ही फैसला आया। भट्टियात विधानसभा से दूसरी बार लगातार जीते विधायक बिक्रम सिंह जरयाल के समर्थकों के अलावा जिले के भाजपाइयों को यह फैसला मायूसी दे गया तो वहीं जिले से भेदभाव के प्रदेश सरकार पर विपक्ष के आरोपों को भी हवा मिली है। कांग्रेस शासन की बात करें तो चंबा जिले को मंत्रिमंडल में स्थान मिलता आया है तो वहीं कांग्रेस नेताओं को भी विभिन्न बोर्ड अध्यक्ष बनाकर जिले को सम्मान देती आई है। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर हैं तो वहीं प्रदेश सरकार के प्रति भी अंदरुनी रोष सिर उठा रहा है। इससे कांग्रेस को भी राजनीतिक लाभ जबकि भाजपा को नुक्सान से भी मुकरा नहीं जा सकता। हालांकि आगामी पंचायती चुनावों में इसका असली नतीजा देखा जा सकता है। विगत लोकसभा चुनावों में उछले सीएम जयराम ठाकुर के सबसे ज्यादा लीड दिलवाने वाले विधायक को बड़े पद से नवाजने की बात भी यहां पानी फिर गया है। बताते चलें कि भटियात विधान सभा न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश भर में भाजपा की मत प्रतिशतता में पहले नंबर पर था। इसके पीछे विधायक बिक्रम जरयाल की मेहनत को प्रदेश सरकार ने दरकिनार कर दिया है। भारतीय सेना में पैरा कमांडो रहे बिक्रम जरयाल सीढ़ी दर सीढ़ी ग्रास रूट पर कड़ी मेहनत कर विधायक बने हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया को दो बार शिकस्त देना इतना आसान नहीं था। वहीं पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह से पठानिया की नजदीकियां भी किसी से छुपी नहीं है। यही वजह है कि आलाकमान के खास ओर ग्रास रूट पर पकड़ रखने वाले पठानिया को हरा बिक्रम जरयाल ने भट्टियात में भाजपा को पिछड़े से अगड़ा कर दिया तो वहीं इस जीत को 2017 में दोहरा कर तथा पिछले लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा लीड दिलवा कर इस हलके की छवि भाजपा गढ़ की बना दी। वहीं इसके बावजूद मंत्रिमंडल में जरयाल को तरजीह न देकर यहां भाजपा ने चंबा को मायूस किया है। पीटर हाफ से बढ़ी चंबा की दूरी पीटर हाफ से भटियात की दूरियों का असर मंत्रिमंडल विस्तार पर पड़ा है। ये दूरियां राजनीतिक गलियों में हमेशा चर्चाओं में रही हैं। तो ये किस्सा भी अनायास ही नहीं। साल 2017 में मंत्रिमंडल गठन के दौरान भट्टियात के विधायक बिक्रम जरयाल को राज्यपाल का शपथ पत्र भी मिला था। संस्कृत में लिखा गया यह मंत्री पद की शपथ का पत्र विधायक बिक्रम जरयाल ने सहेज कर रखा है। क्या कहते हैं विधायक विधायक बिक्रम जरयाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि फैसला हाई कमान को करना था। उन्होंने चंबा को प्रतिनिधित्व न मिलने की बात को स्वीकारते हुए कहा कि पार्टी के फैसले पर को कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। |
| 4 बार दूध के साथ यह 1 चीज मिलाकर पी लें, कमजोरी, बदन दर्द, खून की कमी हो सकती है दूर Posted: 30 Jul 2020 07:28 PM PDT नुस्खे को बनाने की विधि – सौंफ वाला दूध बनाने के लिए एक गिलास दूध में आधा चम्मच सौंफ मिलाकर दूध को उबाल लें । फिर इसे छलनी से अच्छी तरह छानकर पीएं। इस दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है इससे हड्डियां मजबूत होती है। और जोड़ों के दर्द में भी बचाव होता है। इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है इस दूध में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। इसमें आयरन होता है जिससे खून बनता है। गले में खराश – अगर गले में खराश है अगर गला बैठा हुआ है तो आप सौंफ चबाएं। आपका गला ठीक हो जाएगा और सौंफ वाला दूध भी पिए। पेट की सूजन – अगर आपको पेट की सूजन है अपाच है खट्टी डकार और गैस है तो उसके लिए सौंफ बहुत फायदेमंद होता है। रात को सोते समय सौंफ वाला दूध पिए आपको बहुत फायदा मिलेगा। अगर आपको किसी तरह का उल्टी या मतली है। तो आप सौंफ का प्रयोग शुरू कर दीजिए और जब तक उल्टी मतली आपकी खत्म नहीं हो जाती है। आपको सौंफ वाला दूध नहीं पीना है ये ध्यान रखना है। |
| इस औषधि का रोज सिर्फ 1 चम्मच बुढ़ापे में 20 साल की जवानी भर दे, क्योंकि…. Posted: 30 Jul 2020 07:27 PM PDT आज हम आपको ऐसी औषध के बारे में बताएँगे जो शरीर के अँगो को पुनः नया जीवन दे सकती है, जो कैन्सर के मरीज़ों के लिए आयुर्वेद जगत की संजीवनी है जिसका नाम पुनर्नवा है। पुर्ननवा संस्कृत के दो शब्द पुनः अर्थात 'फिर' और नव अर्थात 'नया' से बना है। पुर्ननवा औषधि में भी अपने नाम के अनुरूप ही शरीर को पुनः नया कर देने वाले गुण पाए जाता है। इसलिए इसे रोगों से लड़ने से लेकर कैंसर के इलाज तक में उपयोग किया जाता है। इसकी 1 चम्मच भोजन के साथ अर्थात सब्जी में मिलाकर सेवन करने से बुढापा नही आता अर्थात बूढ़ा व्यक्ति भी जवाँ बना रहता है क्योंकि इससे शरीर के सभी अंग का पुनः नयी कोशिका का निर्माण होता रहता है। "शरीर पुनर्नवं करोति इति पुनर्नवा" जो अपने रक्तवर्धक एवं रसायन गुणों द्वारा सम्पूर्ण शरीर को अभिनव स्वरूप प्रदान करे, वह है 'पुनर्नवा'। यह हिन्दी में साटी, साँठ, गदहपुरना, विषखपरा, गुजराती में साटोड़ी, मराठी में घेटुली तथा अंग्रेजी में 'हॉगवीड' नाम से जानी जाती है। मूँग या चने की दाल मिलाकर इसकी बढ़िया सब्जी बनती है, जो शरीर की सूजन, मूत्ररोगों (विशेषकर मूत्राल्पता), हृदयरोगों, दमा, शरीरदर्द, मंदाग्नि, उलटी, पीलिया, रक्ताल्पता, यकृत व प्लीहा के विकारों, बुढ़ापे को रोकता है, जवाँ बनाएंआदि में फायदेमंद है। इसके ताजे पत्तों के 15-20 मि.ली. रस में चुटकी भर काली मिर्च व थोड़ा-सा शहद मिलाकर पीना भी हितावह है । भारत में यह सब्जी सर्वत्र पायी जाती है। पुनर्नवा का शरीर पर होने वाला रसायन कार्य : दूध, अश्वगंधा आदि रसायन द्रव्य रक्त-मांसादि को बढ़ाकर शरीर का बलवर्धन करते हैं परंतु पुनर्नवा शरीर में संचित मलों को मल-मूत्रादि द्वारा बाहर निकालकर शरीर के पोषण का मार्ग खुला कर देती है ।बुढ़ापे में शरीर में संचित मलों का उत्सर्जन यथोचित नहीं होता । पुनर्नवा अवरूद्ध मल को हटाकर हृदय, नाभि, सिर, स्नायु, आँतों व रक्तवाहिनियों को शुद्ध करती है, जिससे मधुमेह, हृदयरोग, दमा, उच्च रक्तदाब आदि बुढ़ापे में होनेवाले कष्टदायक रोग उत्पन्न नहीं होते। यह हृदय की क्रिया में सुधार लाकर हृदय का बल बढ़ाती है । पाचकाग्नि को बढ़ाकर रक्तवृद्धि करती है । विरूद्ध आहार व अंग्रेजी दवाओं के अतिशय सेवन से शरीर में संचित हुए विषैले द्रव्यों का निष्कासन कर रोगों से रक्षा करती है। बाल रोगों में लाभकारी पुनर्नवा शरबत : पुनर्नवा के पत्तों के 100 ग्राम स्वरस में मिश्री चूर्ण 200 ग्राम व पिप्पली (पीपर) चूर्ण 12 ग्राम मिलाकर पकायें तथा चाशनी गाढ़ी हो जाने पर उसको उतार के छानकर शीशी में रख लें । इस शरबत को 4 से 10 बूँद की मात्रा में (आयु अनुसार) रोगी बालक को दिन में तीन-चार बार चटायें । खाँसी, श्वास, फेपडों के विकार, बहुत लार बहना, जिगर बढ़ जाना, सर्दी-जुकाम, हरे-पीले दस्त, उलटी तथा बच्चों की अन्य बीमारियों में बाल-विकारशामक औषधि कल्प के रूप में इसका उपयोग बहुत लाभप्रद है । पुनर्नवा के 25 चमत्कारी फायदे : पुनर्नवा रक्तशोधन में उपयोग किया जाता है। यह रक्त से विषैले पदार्थों को दूर कर कई रोगों को नष्ट कर देता है। पुनर्नवा का उपयोग जोड़ों के दर्द से निजात दिलाता है। यह किसी भी तरह के आर्थराइटिस में उपयोगी साबित होता है। पुनर्नवा शरीर को ऊर्जा देता है। यह मांसपेशियों को मज़बूत कर कमज़ोरी और दुबलापन दूर करता है। पुनर्नवा पेट से जुडी बीमारियों को दूर करता है। आँतों में ऐठन, अपच और पेट में ज़रूरी अम्लों की कमी जैसे रोगों में यह जल्द आराम दिलाता है। किसी भी तरह के चर्मरोग जैसे दाग, धब्बे, छाई , चोट के निशान आदि पर पुनर्नवा के जड़ को पीस कर लेप बनाकर लगाएं। कुछ ही दिनों में आप रोग को दूर होता पाएंगे। पुनर्नवा उपयुक्त वज़न बनाये रखने में मदद करता है। यह अतरिक्त वसा कम करता है तथा दुबलेपन को भी दूर करता है। पुनर्नवा का नियमित सेवन मूत्रप्रवाह को सुचारू कर शरीर को स्वस्थ और स्वच्छ रखता है। यह कोशिकाओं में तरल पदार्थ के प्रवाह को भी बेहतर करता है। ये कैन्सर के मरीज़ों के लिए आयुर्वेद जगत की सबसे अद्भुत औषधि है क्यूँकि ये नयी कोशिकाएँ बनाती है। ये नयी कोशिकाएँ कैन्सर से लड़ने में शक्ति प्रदान करती है। पैरालिसिस, शरीर के किसी विशेष हिस्से का सुन्न पड़ना और मांसपेशियों में कमज़ोरी आना जैसी समस्याएं भी पुनर्नवा के सेवन से दूर होती है। नेत्रों की फूलीः पुनर्नवा की जड़ को घी में घिसकर आँखों में डालें। नेत्रों की खुजलीः पुनर्नवा की जड़ को शहद या दूध में घिसकर आँख में डालें । नेत्रों से पानी गिरनाः पुनर्नवा की जड़ को शरहद में घिसकर आँखों में डालें । पेट के रोगः गोमूत्र एवं पुनर्नवा का रस समान मात्रा में मिलाकर पीयें। पेट की गैसः 2 ग्राम पुनर्नवा के मूल का चूर्ण, आधा ग्राम हींग व 1 ग्राम काला नमक गर्म पानी से लें। मूत्रावरोधः पुनर्नवा का 40 मि.ली. रस अथवा उतना ही काढ़ा पीयें पुनर्नवा के पत्ते बाफकर पेडू पर बाँधें । 1 ग्राम पुनर्नवाक्षार (आयुर्वेदिक औषधियों की दुकान से मिलेगा) गर्म पानी के साथ पीने से तुरंत फायदा होता है। पथरीः पुनर्नवा की जड़ को दूध में उबालकर सुबह-शाम पीयें । सूजनः पुनर्नवा की जड़ का काढ़ा पिलाने एवं सूजन पर जड़ को पीसकर लेप करने से लाभ होता है। पीलियाः पुनर्नवा के पंचांग (जड़, छाल, पत्ती, फूल और बीज) को शहद एवं मिश्री के साथ लें अथवा उसका रस या काढ़ा पीयें। पागल कुत्ते का विषः सफेद पुनर्नवा के मूल का 25 से 50 ग्राम घी में मिलाकर रोज पीयें। फोड़ाः पुनर्नवा के मूल का काढ़ा पीने से कच्चा अथवा पका हुआ फोड़ा भी मिट जाता है। अनिद्राः पुनर्नवा के मूल का 100 मि.ली. काढ़ा दिन में 2 बार पीयें। संधिवातः पुनर्नवा के पत्तों की सब्जी सोंठ डालकर खायें। एड़ी में वायुजन्य वेदना होती हो तो 'पुनर्नवा तेल' एड़ी पर घिसें व सेंक करें। खूनी बवासीरः पुनर्नवा के मूल को पीसकर फीकी छाछ (200 मि.ली.) या बकरी के दूध (200 मि.ली.) के साथ पीयें। हृदयरोगः हृदयरोग के कारण सर्वांग सूजन हो गयी तो पुनर्नवा के मूल का 10 ग्राम चूर्ण और अर्जुन की छाल का 10 ग्राम चूर्ण 200 मि.ली. पानी में काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीयें। दमाः 10 ग्राम भारंगमूल चूर्ण और 10 ग्राम पुनर्नवा चूर्ण को 300 मि.ली. पानी में उबालकर काढ़ा बनायें । 50 मि.ली. बचे तब सुबह-शाम पीयें । |
| सोने से पहले बस एक चम्मच, खुल जायगी आपकी हर नस Posted: 30 Jul 2020 07:25 PM PDT अगर आपकी दिनचर्या अनियमित है और आप रोजाना व्यायाम नहीं करते हैं तब आपके लिए चैन की नींद लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तो आइये आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसा तरीका जिसे आजमाने से आपके दिमाग़ की सभी नसे खुल जाएगी जिससे न केवल चैन की नींद आयेगी बल्कि आप पूरे दिन एनर्जेटिक भी बने रहेंगे। आइए जाने पहले इस औषधि को बनाने में उपयोग आने वाली आवश्यक सामग्री शहद और काला नमक अर्थात सेंधा नमक के गुणो के बारे में… शहद में पोटैशियम होता है, जो रोग के कीटाणुओं का नाश करता है। कीटाणुओं से होने वाले रोग- जैसे आंतरिक बुखार (टायफायड) ब्रान्कोनिमानियां आदि अनेक रोगों के कीटाणु शहद से खत्म हो जाते हैं। यदि किसी मनुष्य की त्वचा पीली है, तो इसका कारण होता है खून में आयरन की कमी होना। शहद में लौह तत्त्व अधिक होता है। सुबह-शाम भोजनोपरान्त (भोजन के बाद) नींबू के रस में शहद मिलाकर अथवा दूध में शहद मिलाकर सेवन करना लाभकारी होता है। आयुर्वेद के अनुसार काला नमक अपने आहार में शामिल करने से शरीर के कई रोग दूर होते हैं। रोज सुबह काला नमक और पानी मिला कर पीना शुरु करें यह कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई बीपी, डिप्रेशन और पेट की तमाम बीमारियों से मुक्ती दिलाता है क्योंकि इसमें 80 प्रकार के खनिज शामिल हैं। जिससे आपकी ब्लड शुगर – ब्लड प्रेशर – ऊर्जा में सुधार – मोटापा और अन्य तरह की बीमारियां झट से ठीक हो जाएंगी ! आवश्यक सामग्री : 5 चम्मच जैविक कच्चा शहद (बाजार का मिलावटी शहद प्रयोग न करें), 1 चम्मच सेंधा नमक, बनाने की विधि : इन दोनों तत्वों को अच्छे से मिलाकर एक कांच के जार में रख दीजिए। आप चाहें तो अधिक मात्रा में भी इन सामग्रियों को ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे इनका अनुपात 5:1 का ही होना चाहिए। उपयोग करने का तरीका : आपने जो मिश्रण बनाया है उसका एक चम्मच रात में सोने से पहले सेवन करें। इसे अपनी जीभ के नीचे रखें और इसे धीरे-धीरे अपने आप मुंह में घुलने दें। सेंधा नमक में 80 से अधिक मिनरल (मैग्नीशियम सहित) होते हैं, जिससे शरीर को आराम मिलता है और यह तनाव भी दूर करता है। क्या होता है फायदा : इन दोनों के मिश्रण का प्रयोग एक साथ करने से शरीर के लिए जरूरी लगभग सभी पौष्टिक तत्व मिल जाते हैं। इनके कारण ही लीवर के साथ शरीर के दूसरे अंग सही तरीके से कार्य करते हैं। इनके अलावा अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए जरूरी है कि आप तनाव से दूर रहें, स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें और नियमित रूप से व्यायाम करें। शहद के 35 अन्य चमत्कारी फायदे : बिस्तर में पेशाब करना : कुछ बच्चे रात में सोते समय बिस्तर में ही मूत्र (पेशाब) कर देते हैं। यह एक बीमारी होती है। सोने से पहले रात में शहद का सेवन कराते रहने से बच्चों का निद्रावस्था में मूत्र (पेशाब) निकल जाने का रोग दूर हो जाता है। पेट दर्द : एक चम्मच शुद्ध शहद शीतल पानी में मिलाकर पीने से पेट के दर्द को आराम मिलता है। अजीर्ण : एक गिलास पानी में एक चम्मच नींबू का रस तथा आधा चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिए। इससे अजीर्ण का रोग नष्ट हो जाता है। दस्त : शहद में सौंफ, धनिया तथा जीरा का चूर्ण बनाकर मिला लें और दिन में कई बार चाटें। इससे दस्त में लाभ मिलता है। अनार दाना चूर्ण शहद के साथ चाटने से दस्त बंद हो जाते हैं। पेट में कीड़े : अजवायन का चूर्ण एक चुटकी को एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए। दिन में तीन बार यह चूर्ण लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। भूख न लगना : एक दो कालीमिर्च तथा दो लौंग को पीसकर शहद के साथ चाटना चाहिए। अम्लपित्त : धनिया तथा जीरा लेकर चूर्ण बना लें और शहद मिलाकर धीरे-धीरे चाटना चाहिए। इससे अम्लपित्त नष्ट होता है। कब्ज : सौंफ, धनियां तथा अजवायन इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण को शहद के साथ सुबह, दोपहर और शाम को इसका सेवन करना चाहिए। इससे कब्ज दूर होती है। बवासीर : रात्रि को सोते समय एक चम्मच त्रिफला-चूर्ण या एरण्ड का तेल एक गिलास दूध के साथ लेना चाहिए। इससे कब्ज दूर हो जाती है। पीलिया : त्रिफला का चूर्ण शहद के साथ सेवन करें। इससे पीलिया का रोग नष्ट हो जाता है। गिलोय का रस 12 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार लें। नीम के पत्तों का रस आधा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। सिर का दर्द : सिर पर शुद्ध शहद का लेप करना चाहिए। कुछ ही समय में सिर का दर्द खत्म हो जायेगा। आधा चम्मच शहद और एक चम्मच देशी घी मिलाकर सिर पर लगाना चाहिए। घी तथा शहद के सूखने के बाद दोबारा लेप करना चाहिए। आंख में जलन : शहद के साथ निबौंली (नीम का फल) का गूदा मिलाकर आंखों में काजल की तरह लगना चाहिए। मुंह के छाले : छोटी इलायची को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। फिर शहद में मिलाकर छालों पर लगायें। आवाज का बैठ जाना : मुलहठी का चूर्ण शहद के साथ चाटना चाहिए। पायरिया : मसूढ़ों तथा दांतों पर शुद्ध शहद की मालिश करके गुनगुने पानी से कुल्ला करना चाहिए। शक्तिवर्द्धक : एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से ताकत बढ़ती है। जुकाम : शहद और अदरक का रस एक-एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम दिन में दो बार पीने से जुकाम खत्म हो जाता है और भूख बढ़ जाती है। उल्टी : गुड़ को शहद में मिलाकर सेवन करने से उल्टी बंद हो जाती है। हाईब्लडप्रेशर : दो चम्मच शहद और नींबू का रस एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम दिन में दो से तीन बार सेवन करने से हाई बल्डप्रेशर में लाभ होता है। दांत निकलना : बच्चों के दांत निकलते समय मसूढ़ों पर शहद मलने से दांत निकलते समय दर्द में आराम रहता है। मोतियाबिंद : 9 भाग छोटी मक्खी का शहद, 1 भाग अदरक का रस, 1 भाग नींबू का रस और 1 भाग सफेद प्याज का रस इन सबको मिलाकर और छानकर एक बूंद सुबह और शाम आंखों में डालते रहें इससे मोतियाबिंद दूर हो जाता है। इसमे 12 भाग गुलाब जल डालकर रोजाना इसी प्रकार डालने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और चश्मा हट जाता है। स्वस्थ आंखों में असली शहद की एक सलाई हफ्ते मे 1 से 2 बार डालने से आंखों की रोशनी कभी कम नही होगी, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ तेज होती चली जायेगी। साथ ही खाने के लिए चार बादाम रात को पानी में भिगो कर रख लें और सुबह उठते ही चार काली मिर्च के साथ पीसकर मिश्री के साथ चाटे या वैसे ही चबा जाऐं और ऊपर से दूध पी लें। निमोनिया : निमोनिया रोग में रोगी के शरीर की पाचन-क्रिया प्रभावित होती है इसलिए सीने तथा पसलियों पर शुद्ध शहद की मालिश करें और थोड़ा सा शहद गुनगुने पानी में डालकर रोगी को पिलाने से इस रोग में लाभ होता है। पक्षाघात-लकवा-फालिस फेसियल, परालिसिस : लगभग 20 से 25 दिन तक रोजाना लगभग 150 ग्राम शहद शुद्ध पानी में मिलाकर रोगी को देने से शरीर का लकवा ठीक हो जाता है। लगभग 28 मिलीलीटर पानी को उबालें और इस पानी के ठंडा होने पर उसमें दो चम्मच शहद डालकर पीड़ित व्यक्ति को पिलाने से कैल्शियम की मात्रा शरीर में उचित रूप में आ जाती है जोकि लकवे से पीड़ित भाग को ठीक करने में मददगार होती है। भगन्दर : शहद और सेंधानमक को मिलाकर बत्ती बनायें। बत्ती को नासूर में रखने से भगन्दर रोग में आराम मिलता है। मोटापा दूर करने के लिए : 120 ग्राम से लेकर 240 ग्राम शहद को 100 से 200 मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में 3 बार खुराक के रूप में सेवन करें। मोटापा बढ़ाना : शहद का रोज दूध में मिलाकर सेवन करने से मोटापा बढ़ता हैं। नींद में चलना : शहद के साथ लगभग 1-2 ग्राम पोस्ता पीसकर इसको शहद में घोलकर रोजाना सोने से पहले रोगी को देने से अच्छी नींद आती है। इससे रोगी को आराम से नींद आ जाती है। नींद ना आना (अनिद्रा) : एक-एक चम्मच नींबू का रस और शहद को मिलाकर रात को सोने से पहले दो चम्मच पीने से नींद आ जाती है। जब नींद खुले तब दो चम्मच पुन: लेने पर नींद आ जाती है और यदि केवल पानी के गिलास में शहद की दो चम्मच डालकर पीने से नींद आ जाती है। पेट के कीड़े : दो चम्मच शहद को 250 मिलीलीटर पानी में डालकर दिन में दो बार सुबह और शाम पीने से लाभ होता है। थोड़ी मात्रा में सेवन करने से भी पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं। आधासीसी (माइग्रेन) : इस रोग में सूर्य उगने के साथ दर्द का बढ़ना और ढलने के साथ सिर दर्द का कम होना होता है, तो जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उसके दूसरी ओर के नाक के नथुने में एक बूंद शहद डालने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। रोजाना भोजन के समय दो चम्मच शहद लेते रहने से आधे सिर में दर्द व उससे होने वाली उल्टी आदि बंद हो जाती हैं। कंपकंपाना : शहद के साथ लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम सुहागे की खील (लावा) को चटाने से आक्षेप और मिर्गी में बहुत आराम आता है। शहद के साथ लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग जटामांसी का चूर्ण सुबह और शाम रोगी को देने से आक्षेप के दौरे ठीक हो जाते हैं। पेट में दर्द : शहद का प्रयोग करने से खाना खाने के बाद होने वाले पेट दर्द समाप्त होते है। शहद और पानी मिलाकर पीने से पेट के दर्द में राहत मिलती है। हृदय की दुर्बलता : शहद हृदय को शक्ति देने के लिए विश्व की समस्त औषधियों से सर्वोत्तम हैं इससे हृदय इतना शक्तिशाली हो जाता है जैसे घोड़ा हरे जौ खाकर शक्ति प्राप्त करता है। शहद के प्रयोग से हृदय के पुट्टों की सूजन दूर हो जाती है। जहां यह रोग-ग्रस्त हृदय को शक्ति देता है वहां स्वस्थ हृदय को पुष्ट और शक्तिशाली बनाता है, हृदय फेल होने से बचाता है। जब रक्त में ग्लाइकोजन के अभाव से रोगी को बेहोश होने का डर हो तो शहद खिलाकर रोगी को बेहोश होने से बचाया जा सकता हैं शहद मिनटों में रोगी में शक्ति व उत्तेजना पैदा करता हैं। सर्दी या कमजोरी के कारण जब हृदय की धड़कन अधिक हो जाये, दम घुटने लगे तो दो चम्मच शहद सेवन करने से नवीन शक्ति मिलती है। हृदय की दुर्बलता, दिल बैठना आदि कोई कष्ट हो तो शहद की एक चम्मच पानी में डालकर पिलायें। एक चम्मच शहद प्रतिदिन लेने से हृदय सबल व मजबूत बनता है। पीलिया रोग : शुरू में दो दिन तक एक चम्मच मधु की खुराक दो बार दें फिर चार दिन आधे चम्मच के साथ मधु और आंवले का चूर्ण मिलाकर तीन बार दें। अगले चार दिन आधा चम्मच मधु और लौह चूर्ण मिलाकर तीन बार दें। शरीर को शक्तिशाली बनाना : शहद 10 ग्राम, 5 ग्राम घी और 3 ग्राम आंवलासार गन्धक को लेकर इसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से शरीर को मजबूती मिलती है। काला नमक (सेंधा नमक) के 13 अन्य अद्भुत फायदे : पाचन दुरस्त करे और कब्ज मिटाए : नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में मदद करता है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। जिससे कब्ज की समस्या से निजात मिलती है और सुबह-सुबह पेट खुल कर साफ होता हैं। मोटापा घटाए : यह पाचन को दुरस्त कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है। समुंद्री नमक छोड़ कर आपको इस नमक को अपने आहार में शामिल करना चाहिये। जोड़ों के दर्द में आराम दिलाए : मासपेशियों के दर्द और जोड़ों के दर्द से यह नमक आराम दिलाता है। आपको एक कपड़े में 1 कप काला नमक डाल कर उसे बांध कर पोटली बनानी है। इसके बाद उसे किसी पैन में गरम करें और उससे जोड़ों की सिकाई करें। इसे दुबारा गरम कर के फिर से दिन में दो बार सिकाई करें। आंत की गैस से छुटकारा दिलाए : अगर गैस से छुटकारा पाना है तो एक कॉपर का बरतन गैस पर चढाएं, फिर उसमें काला नमक डाल कर हल्का चलाएं और जब उसका रंग बदल जाए तब गैस बंद कर दें। फिर इसका आधा चम्मच ले कर एक गिलास पानी में मिक्स कर के पियें। सीने की जलन से मुक्ती : क्षारीय प्रकृति होने के नाते यह पेट में जा कर वहां बनने वाले एसिड को काटता है और सीने की जलन तथा एसिडिटी को ठीक करता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करे : काला नमक खाने से रक्त पतला होता है जिससे वह पूरे शरीर में आराम से पहुंचता है। ऐसे में आपका हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर ठीक होता है। हाइ बीपी है तो साधारण नमक की जगह पर खाएं काला नमक। मसल स्पैजम और क्रैंप में आराम दिलाए : काला नमक में पोटैशिमय होता है जो कि हमारी मासपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसलिये काले नमक को रोजाना खाने में शामिल करें जिससे मसल स्पैजम और क्रैंप ना हो। मधुमेह को कंट्रोल करे : रिसर्च मे पाया गया है कि काला नमक ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। शिशुओं के लिये भी अच्छा : काला नमक छोटे बच्चों के लिए सबसे अच्छा है। यह अपच और कफ की जमावट को सीने से हटाता है। अपने शिशु के भोजन में थोड़ा सा काला नमक रोजाना मिलाएं क्योंकि इससे उनका पेट भी ठीक रहेगा और कफ आदि से भी छुटकारा मिलेगा। नींद लाने में लाभदायक : अपरिष्कृत नमक में मौजूदा खनिज हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। नमक, कोर्टिसोल और एड्रनलाईन, जैसे दो खतरनाक सट्रेस हार्मोन को कम करता है। इसलिये इससे रात को अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है। रूसी से मुक्ती दिलाए : अगर आपको रूसी और बाल झड़ने की समस्या है तो काला नमक और टमाटर का जूस हफ्ते में एक दिन सिर में लगाएं। यह रूसी को दूर करेगा और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाएगा। शरीर करे डिटॉक्स : नमक में काफी खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टीरियल का काम भी करता है। इसकी वजह से शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया का नाश होता है। त्वचा की समस्या : नमक में मौजूद क्रोमियम एक्ने से लड़ता है और सल्फर से त्वचा साफ और कोमल बनती है। इसके अलावा नमक वाला पानी पीने से एग्जिमा और रैश की समस्या दूर होती है। सौंदर्य के लिये बड़ा ही फायदेमंद है सेंधा नमक। |
| इन 6 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, सच होंगे सपने Posted: 30 Jul 2020 07:20 PM PDT मेष, सिंह, धनु राशि : आपको अपनी मेहनत का फल मिलेगा ǀपहचान और इज्जत भी मिलेगी ǀवित्तीय स्थिति बेहतर होगी,ऑफिस में तारीफ़ मिलेगी ǀ वेतन में बढ़ोतरी भी संभव है ǀ सेल्स क्षेत्र वाले लोग भी लक्ष्य हासिल क्र पायेंगे ǀ अपने परिधान में नीला रंग शामिल करें ǀ इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी ǀ दोस्त और पारिवारिक मित्र आपका उत्साह बढ़ाएंगे। आपकी थकी और उदास ज़िन्दगी आपके जीवन-साथी को तनाव दे सकती है। आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें। आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है।प्यार-मोहब्बत के मामले में दबाव बनाने की कोशिश न करें। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आप ख़ुशी महसूस करेंगे। वृष, कन्या, मीन राशि : गृहों की इस स्थिति में आपका परा फोकस फिट रहने पर है Iआप खुद को फिट रखने के लिए उत्साहित हैं I आपकी योग में भी रुचि है |आप अपनी स्वस्थ जीवन जीने की इच्छा को पहचान भी रहे हैं Iएक बार में एक ही कदम उठायें Iचाहे खाना हो या मजे लेने हों,स्वास्थ्यकर विकल्प ही चुनें Iपार्टी करें या काम,अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें Iमानसिक स्पष्टता के लिए भ्रम और निराशा से बचने की कोशिश करें। अगर आपने ज़्यादा खुले दिल से पैसे ख़र्च किए तो आप आर्थिक तौर पर बाद में समस्या का सामना कर सकते हैं। घरेलू ज़िंदगी सुकूनभरी और ख़ुशनुमा रहेगी। एक ऐसा वक़्त जब नौकरियों या व्यापार के नए प्रस्ताव आएंगे, आपके दिन को ख़ुशनुमा बना देगा। किसी ऐसे नए उद्योग से जुड़ने से बचें जिसमें कई भगीदार हों- और अगर ज़रूर पड़े तो उन लोगों की राय लेने से न कतराएँ, जो आपके क़रीबी है। मिथुन, तुला, कुंभ राशि : हालाँकि , आप ईमानदार और मेहनती हैं पर सफलता आपकी पहुंच से दूर रह सकती है । कुछ मामूली गलतियाँ आपको परेशान कर सकती है । आप अपने कार्यस्थल पर किसी भी विवाद से बचे । दिन निवेश के लिए उपयुक्त नहीं है। हालांकि, ये दिन अपने दोस्तों के साथ आराम करने के लिए काफी ठीक रहेगा । इसके लिए यदि संभव हो , तो आप एक दिन का अवकाश भी ले सकते हैं।आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा।गाड़ी चलाते समय सावधान रहें, ख़ास तौर पर मोड़ पर। नहीं तो किसी और की ग़लती का ख़ामियाज़ा आपको भुगतना पड़ सकता है। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। कर्क, वृश्चिक, मकर राशि : आपका उदार स्वभाव आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। अतिरिक्त धन को रिअल एस्टेट में निवेश किया जा सकता है। जीवनसाथी के साथ अपने रिश्तों में तनाव दूर करने के लिए अच्छा दिन है। रिश्ते की इस नाज़ुक डोर से जुड़े दोनों ही लोगों को इसके लिए समर्पित होना चाहिए और एक-दूसरे के लिए दिल में यक़ीन और प्यार होना चाहिए। हालात ठीक करने की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लें और सकारात्मक तौर पर पहल करें। अपने प्रिय की बातों के प्रति आप ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशील रहेंगे- आपको अपने जज़्बात पर क़ाबू रखने की ज़रूरत है और ऐसा कुछ करने से बचें जो मामले को और भी बिगाड़ दे। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। कमेंट बॉक्स में श्री लक्ष्मी माँ जरूर लिखे ताकि आपकी सभी मनोकामना पूरी हो सके धन्यवाद |
| जिंदगी के 9 रहस्य: जो कभी नही भूलने चाहिए किसी को भी! Posted: 30 Jul 2020 07:18 PM PDT जिंदगी के 9 रहस्य: जो कभी नही भूलने चाहिए किसी को भी! लाइफ में सफलता चाहिये तो इन बातो को कभी नही भूलना चाहिए . छिपाइये: उम्र और कमाई चाहे पूछे सगा भाई पीजिये: दुध खड़े होकर दवा पानी बैठकर भूलिए: अपनी बड़ाई को और दुसरो की बुराई को करिये: आये का मान जाते का समान लाइये: घर में चीज लाइये उतनी जितनी काम आये खाइये: दल,रोटी,चटनी,चाहे कितनी भी हो कमाई अपनी रखिये : याद कर्ज के चुकाने की मर्ज के मिटाने की बोलिए: जबान संभाल कर भोडा बहुत पहचान कर जाइये: दुःख में पहले सुख में पीछे |
| शुक्रवार को करें ये खास उपाय, धन की देवी मां लक्ष्मी कर देगी मालामाल Posted: 30 Jul 2020 07:16 PM PDT शुक्रवार का दिन यानि की मां लक्ष्मी का दिन होता है। इस दिन लोग ज्यादा से ज्यादा कोशिश करते हैं कि वे मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकें जिससे भविष्य में आगे कभी आर्थिक समस्या उत्पन्न ना हों। गृहलक्ष्मी देवी गृहिणियों यानी घर की स्त्रियों में लज्जा क्षमा शील स्नेह और ममता रूप में विराजमान रहती हैं। वे मकान में प्रेम तथा जीवंतता का संचार कर उसे घर बनाती हैं। शुक्रवार का दिन यानि की मां लक्ष्मी का दिन होता है। इस दिन लोग ज्यादा से ज्यादा कोशिश करते हैं कि वे मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकें जिससे भविष्य में आगे कभी आर्थिक समस्या उत्पन्न ना हों। गृहलक्ष्मी देवी गृहिणियों यानी घर की स्त्रियों में लज्जा, क्षमा, शील, स्नेह और ममता रूप में विराजमान रहती हैं। वे मकान में प्रेम तथा जीवंतता का संचार कर उसे घर बनाती हैं। इनकी अनुपस्थिति में घर कलह, झगड़ों, निराशा आदि से भर जाता है। गृहस्वामिनी को गृहलक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और शुक्रवार माता का दिन। जानिए कुछ ऐसी बातों के बारे में जो इस दिन को करनी चाहिए…. मां लक्ष्मी की पूजा, व्रत: हफ्ते में एक दिन व्रत जरूर करना चाहिए। मां वैभव लक्ष्मी का व्रत शुक्रवार को रखा जाता है । व्रत करें, पूजा-पाठ करें और माता को खीर भोग में चढ़ाएं। इस दिन लाल वस्त्र पहनकनर माता की उपासना करें। पूजा के समय मां लक्ष्मी से अपने कष्टों के निवारण का समाधान करने को कहें। अपनी आर्थिक समस्या देवी को बताएं, आपकी मनोकामना जरूर पूर्ण होगी। दीपक जलाएं: इस दिन संध्याकाल में गाय के घी का दीपक पूजा स्थल में जलाएं साथ ही घर के ईशान कोण में भी दीपक जलाकर रख दें । दीपक की बाती के लिए रुई नहीं मौली का प्रयोग करें । घी में चुटकी भरी केसर मिलाएं । हर शुक्रवार को इस उपाय को दोहराएं, आपके घर में मां लक्ष्मी सदा के लिए विराजमान हो जाएंगी । कुंवारी कन्याओं को भोग लगाएं: मां वैभव लक्ष्मी प्रसन्न होंगी अगर आप शुक्रवार के दिन कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएंगे। उन्हें घर बुलाकर खीर जरूर खिलाएं। कन्याओं को दक्षिणा दें और वस्त्र का कोई भी एक प्रकार दान स्वरूप दें। कन्याओं के चरण स्पर्श कर धन-धान्य की कामना करें। माता वैभव लक्ष्मी आप पर कृपा जरूर बरसाएंगी। इस दिन आप घर पर श्रीयंत्र की स्थापना भी कर सकते हैं, इसका अभिषेक दूध से करें। अभिषेक वाले दूध से पूरे घर में छींटे मारे। हिन्दू धर्म में गाय को देवी माना जाता है, गाय के शरीर में सभी देवी देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में गाय की सेवा करने से आपको देवताओं की सेवा का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। अपने घर की पहली रसोई से बनी पहली रोटी गाय को खिलाएं। इससे आपके घर से दरिद्रता दूर हो जाती है और आपके घर में धन की समस्या नहीं होती। गरीबों को दान दें: इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए गरीबों की सेवा करें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो भी आप कर सकते हैं वो करें। गरीबों को कपड़े देना, खाना देना, दवाईयां देना जो संभव हो वो करें। हर शुक्रवार नियम से गरीबों को खाना खिलाने से आप पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होगी। आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। ब्राह्मणों और कन्याओं को दान दें: घर में शांति बनाए रखने और सभी परेशानियों से मुक्ति के लिए इस दिन ब्राह्मणों को दान दें। शुक्रवार के दिन दान देना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए। इस दिन जरूरतमंदों को खीर खिलाना शुभ माना गया है । ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति अच्छी हो जाती है। भगवान विष्णु की आराधना: भगवान विष्णु की आर्धांगिनी हैं मां लक्ष्मी । इस दिन मां लक्ष्मी के साथ विष्णु भगवान की पूजा करने से दोहरा लाभ मिलता है । दक्षिणावर्ती शंख लाकर उसमें जल भरें और इससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें । पूरी श्रद्धा से ये कार्य करें, बिना किसी लोभ लालच । ईश्वर से बस इतना मांगिए कि वो आपको और समस्त जीवों को सुखी रखे। |
| बिना पासवर्ड किसी भी Wi-Fi से अपना फ़ोन कनेक्ट करे Posted: 30 Jul 2020 07:14 PM PDT मोबाइल से कैसे WIFI पासवर्ड हैक करे: अगर आपके पास रूटेड मोबाइल फ़ोन है तो आप आसानी से कुछ ही देर में किसी भी wifi का पासवर्ड आसानी से हैक कर सकते है। यह काम सभी के लिए आसान नहीं होता लेकिन हमारे दिए गए स्टेप्स की मदद से आप आसानी से wifi पासवर्ड हैक कर सकते है– 1. अपने मोबाइल फ़ोन से प्लेस्टोर को ओपन करे। उसमे आपको बहुत से ऍप्स नज़र आएंगे। अब उनमे से wps connect नाम की ऍप को पहले डाउनलोड कर ले और उसके बाद उसे इनस्टॉल कर ले। यह एप फ्री मौजूद होती है आप आसानी से इसे डाउनलोड कर सकते है। 2. wps connect को जब आप ओपन करेंगे तो आपको अपने आस पास मौजूद सभी wifi शो होने लगेंगे। अगर आपको नहीं शो हो रहे है तो आप वह मौजूद स्कैन का इस्तेमाल कर सकते है इससे आपको सभी wifi दिखने लगेंगे। 3. अब अपने अनुसार किसी भी wifi पर आप क्लिक करे ऐसा करने पर आपको वहा 3 पिन दिखाई देंगे। उनमे से आप पहले वाले पिन को सेलेक्ट करे। और उसके बाद टॉय पिन पर क्लिक करे 4. अब आपको ट्राइंग तो कनेक्ट का मैसेज शो होगा इसके बाद आपको कुछ सेकंड का इंतज़ार करना होगा। कुछ देर के बाद wifi का पासवर्ड आपके सामने होगा अगर आप चाहे तो उसे कॉपी भी कर सकते है जिससे आप उसे बाद में इस्तेमाल कर सके। 5. अगर कभी आपका पहला पिन काम नहीं करता है तो आप दूसरे पिन का भी इस्तेमाल कर सकते है और अगर दूसरा भी नहीं होता तो तीसरा तो हमारे पास है ही। अगर ये सभी भी फेल हो जाते है तो आप कस्टम पिन का भी इस्तेमाल कर सकते है वो भी आपकी सहायता करेगा। 6. wifi का चुनाव करते हुए एक बात का ध्यान रखे की आप जो भी Wi-Fi चुन रहे है वो आपके आसपास का ही हो क्योकि दूर वालो को हैक करने में थोड़ा समय लगता है और बहुत सी दिक्कत भी आती है। इस तरह आप आसानी से किसी के भी wifi को कुछ ही मिनटों में हैक कर सकते है। ऊपर दिए गए स्टेप्स की मदद से आप अपने आसपास मौजूद किसी का भी wifi का पासवर्ड आसानी से हैक कर सकते है। अगर आपका नेट अचानक ख़त्म हो जाता है और आपके लिए तुरंत उसे चलवाना मुमकिन नहीं है तो आप इन स्टेप्स की मदद से अपने आसपास का wifi हैक करके किसी का भी नेट इस्तेमाल कर सकते है और अपने काम को आसानी से पूरा कर सकते है। |
| LPG उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, कल से कम होंगे सिलिंडर के दाम Posted: 30 Jul 2020 07:10 PM PDT एक अगस्त से एलपीजी सिलिंडर के दाम घट सकते हैं। इसे लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर तैयारी चल रही है। अनलॉक -2 के दोनों चरण 31 जुलाई तक पूरे हो रहे हैं। इसके बाद केंद्र सरकार क्या तय करती है? इस पर अब सबकी निगाहें हैं। तेल कंपनियों के वरीय अधिकारी की मानें या यह संभावना है कि एक अगस्त को रिवाइज होने वाले एलपीजी सिलिंडर के दाम घटेंगे और सब्सिडी सिलिंडर सस्ता हो सकता है। मिली जानकारी के अनुसार दस से बीस रुपये तक एलपीजी सिलिंडर के दाम घट सकते हैं। दो महीने तक महंगी होने के बाद अगर एलपीजी सस्ती होती है तो उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी कम आ सकती है। इस वक्त पटना में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 689 रुपये है, जबकि जून में इसकी कीमत 685 रुपये थी। इसी साल फरवरी, मार्च और अप्रैल में लगातार तीन महीनों तक एलपीजी सिलिंडर के दाम घटे थे। इसके चलते सिलिंडर के दाम 275 रुपये तक कम हो गये थे। वहीं आप इंडियन ऑयल के उपभोक्ता हैं, तो आपके लिए अहम खबर है। अगले माह से सिलिंडर बुकिंग सिस्टम पूरी तरह ऑनलाइन हो जायेगा। फिलहाल उपभोक्ताओं की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन की सुविधा दी गयी है। इसे लेकर वितरक को सूचना भेजी जा चुकी है। सूचना में कहा गया है कि सीबेल में वितरण की पुष्टि बंद कर दी जायेगी। केवल मोबाइल वितरण एप से अनुमति दी जायेगी और डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) ओवरराइड विकल्प भी उपलब्ध नहीं होगा। डिलिवरी की पुष्टि केवल डीएसी के साथ की जायेगी। |
| वनडे में सबसे तेज 10000 रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाज, नंबर 1 पर है भारत की शान Posted: 30 Jul 2020 07:07 PM PDT आज हम आपको बताएंगे वनडे क्रिकेट की इतिहास में सबसे तेज 10000 रन बनाने वाले टॉप 5 बल्लेबाजों के बारे में। आप इन बल्लेबाजों की सूची ऊपर देख सकते हैं। आपको बता दें कि टॉप 5 बल्लेबाजों की इस सूची में 3 भारतीय बल्लेबाज भी शामिल है। आइये विस्तार से जाने — 1. विराट कोहली ( 205 पारी) — भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने 213 वनडे मैचों में मात्र 205 पारी में 10000 रन पूरे हैं, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 10000 हजार है। आपको बता दें कि विराट कोहली को यह कारनामा करने में 10 साल और 67 दिनों का समय लगा था। 2. सचिन तेंदुलकर ( 259 पारी) — भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर इस सूची में नंबर 2 पर मौजूद हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 266 वनडे मैंचों के 259 पारी में 10000 रन पूरे किए थे। आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर को यह कारनामा करने में 11 साल और 103 दिनों का समय लगा था। 3. सौरव गांगुली (263 पारी) — भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस सूची में नंबर 3 पर मौजूद हैं। बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज सौरव गांगुली ने 272 वनडे मैंचों के 263 पारी में 10000 रन पूरे किए थे। आपको बता दें कि सौरव गांगुली को यह कारनामा करने में 13 साल और 204 दिनों का समय लगा था। 4. रिकी पोंटिंग (266 पारी) — ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग इस सूची में नंबर 4 पर मौजूद हैं। विस्फोटक बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने भी 272 वनडे मैंचों के 266 पारी में 10000 रन पूरे किए थे। आपको बता दें कि रिकी पोंटिंग को यह कारनामा करने में 12 साल और 37 दिनों का समय लगा था। 5. जैक कैलिस (272 पारी) — दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान बल्लेबाज जैक कैलिस इस सूची में नंबर 5 पर मौजूद हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 286 वनडे मैंचों के 272 पारी में 10000 रन पूरे किए थे। आपको बता दें कि जैक कैलिस को यह कारनामा करने में 13 साल और 14 दिनों का समय लगा था। |
| IAS इंटरव्यू में पूछा ऐसा कौन-सा जानवर है जो जिन्दगी भर बिना पानी पीए जीता है ? Posted: 30 Jul 2020 07:04 PM PDT IAS की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती हैं | आईएएस की परीक्षा से कठिन आईएएस का इंटरव्यू होता हैं | आईएएस के इंटरव्यू में कैंडीडेटस से ऐसे-ऐसे अटपटे सवाल पूछे जाते हैं जिनका जवाब दे पाना मुश्किल होता हैं | आज भी हम आईएएस के इंटरव्यू में पूछे गये सवालों के बारे में बात करेंगे तो चलिए आगे बढ़ते हैं हमें उम्मीद है आप इस जानकारी को ध्यान पूर्वक पढ़ेंगे और इसका सम्मान भी करते होंगे। हम आशा करते हैं आप इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करेंगे और इस चैनल को लाइक करेंगे इसके साथ ही खबर को पूरा पढ़ने के बाद अपने सुझाव हमें कमेंट में जरूर बताएंगे तो चलिए पढ़ते हैं इस खबर को बिना किसी देरी के। सवाल : ऐसा कौन-सा जन्तु है जो जिन्दगी भर बिना पानी पिए जीता है ? जवाब : अमेरिका का कंगारू रैट जिन्दगी भर बिना पानी पीए जीता है | सवाल : दुनिया में सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर कौनसा है ? जवाब : चीता 60 कि. मी. प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ता है | सवाल : वो क्या है जो हमेशा बढ़ती ही जाती है लेकिन कभी घटती नही है ? जवाब : उम्र हमेशा बढती ही जाती हैं कभी घटती नही हैं | सवाल : ऐसी कौनसी चीज़ है जो अधिक ठंड में भी पिघलती है ? जवाब : मोमबत्ती अधिक ठण्ड में भी आसानी से पिघल जाती हैं | सवाल : वह कौनसी चीज़ है जो एक जगह से दूसरी जगह जाती तो है, लेकिन अपनी जगह से नही हिलती हैं ? जवाब : सड़क या रास्ता एक जगह से दूसरी जगह जाती तो है, लेकिन अपनी जगह से नही हिलती हैं | अगर आपको रोजाना इसी तरह के एजुकेशन से सम्बन्धित सवाल के बारे में सबसे पहले जानना हैं तो हमें फॉलो कीजिए और इस पोस्ट को लाइक और शेयर कीजिए और नीचे कमेंट कीजिए | |
| रक्षा बंधन पर सौंदर्य टिप्स -शहनाज हुसैन Posted: 30 Jul 2020 07:02 PM PDT इस दिन बहनों का सजना --संवरना तो बनता ही है / भाई बहन के रिश्ते पर टिके इस खुशियों के त्यौहार को ज्यादातर उमस भरे बरसात के मौसम में हर साल मनाया जाता है /भाई बहन के अटूट प्यार और सम्पर्ण के अदभूत त्यौहार में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर उनकी दीर्घायु और सेहत स्वास्थ्य की कामना करती हैं बहीं भाई उन्हें पूरी सुरक्षा का बचन देते हैं /इस दिन को खास बनाने के लिए जहां भाई नए अंदाज़ में दीखते हैं बहीं बहनें ख़ूबसूरत दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती / इस पवित्र दिन में आकर्षक और सम्मोहक दिखने के लिए आप चटकीले रंग बाले रॉयल ब्लू , लाल , गुलाबी या मैरून रंग के परिधान या सादा लिबास दोनों ही पहन सकती हैं लेकिन मौसम के लिहाज़ से आपको ग्लैमरस या स्टाइलिश लुक पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों की मदद लेनी होगी / बरसात के मौसम में मनाए जाने वाले इस त्यौहार में चमकती तथा आभामान त्वचा पाने के लिए आपको त्यौहार से एक हफते पहले तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। बरसात के इस गर्म तथा आर्द्रता भरे वातावरण में त्वचा को रंगत तथा ताजगी प्रदान करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से आप त्यौहार में आकर्षण का केन्द्र बन सकती है। तरबूज का जूस त्वचा की रंगत तथा ताजगी के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। तरबज के जूस से त्वचा के रूखेपन को भी रोका जा सकता है। यह त्वचा में कोमलता तथा प्राकृतिक चमक प्रदान करता है। तरबूज के जूस को चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद ताजे तथा साफ पानी से धो डालिए। फ्रूट मास्क: केला, सेब, पपीता तथा संतरे को मिलाकर इस मिश्रण को आधा घंटा तक चेहरे पर लगाकर चेहरे को ताजे ठण्डे पानी से धो डालिए। यह त्वचा को ठंडक प्रदान करता है, मृतक कोशिकाओं को साफ करता है तथा त्वचा पर काले धब्बे को दूर करता है। कुलिंज मास्क:- खीरे के जूस में दो चम्मच पाउडर दूध तथा अण्डें का सफेद भाग मिलाकर मिश्रण बना लें। इस पेस्ट को चेहरे तथा तथा गर्दन पर आधा घंटा तक लगाकर बाद में ताजे तथा साफ पानी से धो डालिए। तैलीय त्वचा के लिए मास्क: एक चम्मच मुलतानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर आधा घंटा बाद चेहरे को साफ पानी से धो डालिए। फेस्क मास्क लगाने के बाद दो काॅटनवूल पैड को गुलाब जल में भाीगोऐ तथा इन्हें आई पैड की तरह उपयोग कीजिए। काटनवूल पैड से गुलाब जल को निचोड़ कर इसे बन्द पलकों पर रखकर लेट जाऐं तथा आराम कीजिए। उपयोग में लाए गए टी-बैग भी सौन्दर्य में चार चांद ला सकते है। प्रयोग किए गए टी-बैग को गुनगुने पानी में भीगोकर पानी को निचोड़ लें तथा बाद में इन्हें आई-पैड की तरह उपयोग में लाऐं। खुरदरे, उलझे तथा घुंघराले बालों को मुलायम तथा चमकदार करने के लिए क्रीमी हेयर कंडीशनर में साफ जल मिलाकर इसे स्प्रे बोतल में डाल दें। इस मिश्रण को बालों पर छिड़काने के बाद बालों को कंघी कर लें ताकि यह बालों पर पूरी तरह फैल जाए। बाद में एक घंटा बाद बालों को ताजे तथा साफ पानी से धो डालिए। रक्षा बन्धन का त्यौहार दिन मेें मनाया जाता है। दिन के समय का सौदर्य हल्का तथा सावधानी से किया जाना चाहिए । यदि आपकी त्वचा साफ है तो फाउंडेशन से परहेज करें। त्वचा को साफ करने के बाद त्वचा पर माइस्चराईजर सहित सनस्क्रीन का उपयोग करने के बाद पाउडर लगाऐ। बेबी पाउडर जैसा साफ तथा निर्मल पाउडर इसमें ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है। तैलीय त्वचा के लिए माइस्चराईजर की जगह अस्ट्रीजैन्ट लोशन का उपयोग करें तथा इसके बाद कम्पैक्ट पाउडर का उपयोग करें। चेहरे के नाक, माथे तथा ठोढ़ी जैसे तैलीय भागों की तरफ विशेष ध्यान दीजिए इस पाउडर को हल्की गीली स्पांज से चेहरे तथा गर्दन पर लगाऐ। इससे पाउडर लम्बे समय तक टिका रहता है। यदि आप वलशर का प्रयोग करना चाहती है तो इसे अच्छी तरह वलैंड कर कर लें। आंखों की सुन्दरता के लिए दिन में आई पेंसिल का उपयोग काफी होगा। आप अपनी आंखों की पलकों को भूरे तथा स्लेटी आई शैड़ो से भी लाईन कर सकती है। इससे काफी सौम्य प्रभाव दिखने में लगेगा। इसके बाद मस्कारा का एक कोट लगाने से आंखों में चमक आ जाएगी। लिपिस्टिक के लिए गहरे भूरे रंग के उपयोग से परहेज करें। आप हल्का गुलाबी, हल्के बैंगनी, हल्के भूरे, कांस्य या तांबे के रंग की लिपस्टिक का उपयोग कर सकती है। लिपिस्टिक के रंग बहुत तेज तथा गहरे या चमकीले रंग बहुत तेज तथा गहरे या चमकीले नहीं होने चाहिए। पहले अपने होंठों को लिपस्टिक से सीमांकित कीजिए तथा उसके बाद उसी रंग की लिपस्टिक होठों पर लगाइए। होंठों पर लिपस्टिक ब्रश की मदद से रंगों को भरिए। रक्षा बन्धन जैसे विशेष त्यौहारों के लिए आप आकर्षक हेयर स्टाईल अपना सकती है। आप अपने बालों को फैन्सी हेयर क्लिप या आकर्षक रिबन से बांध सकती है। बालों में फूल जड़ने से आपके व्यक्तित्व में आकर्षण पैदा हो सकता है। घुंघराले लम्बे तथा उछालदार बालों को त्यौहारों में एक विशेष फैशन देखने में मिलता है। बालों के नीचले हिस्से को मुलायम बनाकर इन्हें घुंघराले बनाऐ। बालों की परम्परागत चोटी भी इस पावन त्यौहार में चार चांद लगाती है। बालों की चोटी लगभग सभी चेहरों पर आकर्षक लगती है तथा कुछ चेहरे पर लम्बी तथा कुछ चेहरों पर छोटी घुमावदार चोटी खूबसुरती को बढ़ाती है। चोटी को रिबन से बांधने से इसका आकर्षण बढ़ जाता है। लम्बे चेहरे के लिए छोटी चोटी रखिए। लेखिका अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन के नाम से लोकप्रिय है। |
| कल से बदल जाएंगे ये 10 नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर Posted: 30 Jul 2020 06:53 PM PDT अनलॉक 3 की नई गाइडलाइंस केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से शुरु होने जा रहे हैं अनलॉक 3 की नई गाइडलाइंस जारी कर दी है, जिसमें सरकार ने कई बदलाव किए हैं। 1 अगस्त से शुरू होने वाले अनलॉक 3 में नाइट कर्फ्यू को पूरे देश में खत्म कर दिया गया है। वहीं COVID-19 कंटेनमेंट जोन्स के बाहर कई अन्य गतिविधियों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। अनलॉक में 5 अगस्त से जिम खोलने की अनुमति भी दे दी गई है। वहीं स्कूल-कॉलेज , मेट्रो, स्वीमिंग पूल आदि को बंद रखने का आदेस दिया गया है। मिनिमम बैलेंस को लेकर बदल जाएंगे नियम अगस्त से मिनिमम बैलेंस को लेकर नियम बदलने जा रहे हैं। कई बैंकों ने इसे लेकर अहम बदलाव किए हैं, जिनमें ऐक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कोटक महिंद्रा बैंक, आरबीएल बैंक एक अगस्त से ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। वहीं बैंक से कैश निकालने और जमा करने पर शुल्क लगाने का भी फैसला किया गया है। ऑटो इंश्योरेंस में बदलाव 1 अगस्त से ऑटो इंश्योरेंस में बदलाव होने जा रहा है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने तीन या पांच साल के लॉग टर्म मोटर इंश्योरेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इरडा 1 अगस्त से थर्ड पार्टी और ओन-डैमेज इंश्योरेंस में बी बदलाव करने जा रहा है। नए नियम के मुताबिक अब कार खरीदने पर 3 साल के और टू-व्हीलर खरीदने पर 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य नहीं होगा। पीएम किसान की दूसरी किस्त 1 अगस्त से पीएम किसान राहत योजना के तहत किसानों को मिलने वाली 2000 रुपए की किस्त का अगला इंस्टॉलमेंट 1 अगस्त को जारी किया जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देशभर के किसानों को केंद्र सरकार 6000 रुपए की सहायता राशि उनके खाते में देरी है। इसे तीन किस्तों में दिया जाता है। हर किस्त 2000 रुपए की होती है। इस योजना के तहत दी गई पहली किस्त अप्रैल महीने में आई थी। सेविंग अकाउंट की ब्याज दरों में बदलाव RBL ने अगस्त से अपने सेविंग अकाउंट की ब्याज दर में बदलाव करने का फैसला किया है। सेविंग अकाउंट की ब्याज दर के अलावा कई ऐसे चार्जेज और बदलाव हैं जो एक अगस्त से लागू हो रही हैं। वहीं बैंक ने डेबिट कार्ड दोबोरा इश्यू करने पर चार्ज में बदलाव किए हैं। टाइटेनियम डेबिट कार्ड के लिए सालाना 250 रुपए देने के नियमों में बदलाव किए हैं। LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव एक अगस्त से एक बार फिर से एसलीपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होंगे। आपको बता दें कि दो महीने से गैस सिलेंडर की कीमत में लगातार तेजी आई है। ऐसे में 1 अगस्त को एक बार फिर से गैंस सिलेंडर की कीमत में बदलाव होने वाले हैं। पीपीएफ पर खत्म होगी पेनेल्टी लॉकडाउन के बीच डाक विभाग ने पीपीएफ के साथ-साथ स्मॉल सेविंग पर तय समयसीमा के भीतर न्यूनतम राशि न डाल पाने पर लगने वाले पेनाल्टी रो खत्म कर दिया है। डाक विभाग ने पीपीएफ समेत स्मॉल सेविंग पर से तय समय में न्यूनतम राशि जमा नहीं करने पर लगने वाले कार्ज को 1 अगस्त से खत्म कर दिया है। इससे पहले 31 जुलाई तक आप इन निवेश स्कीम में बिना किसी चार्ज के न्यूनतम अमाउंट डालकर किसी भी पेनेल्टी से बच सकते थे। ई-कॉमर्स कंपनियों के बदलेंगे नियम 1 अगस्त से ई-कॉमर्स कंपनियों के नियम बदलने जा रहे है। 1 अगस्त से ई कॉमर्स कंपनियों के लिए प्रोडक्ट का ओरिजन बताना जरूरी होगा। इन कंपनियों को बताना होगा कि प्रोडक्ट कहां बना, किसने बनाया है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड ने सबी ई कॉमर्स कंपनियों के लिए न्यू प्रॉडक्ट लिस्टिंग के कंट्री ऑफ ओरिजन बताना अनिवार्य कर दिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस में नियम में बदलाव CBDT ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पीपीएफ, एनपीएस सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत टैक्स सेविंग निवेश में इन्वेस्टमेंट करने की तारीख को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया था। अगर आपने अब तक इसमें निवेश नहीं किया है तो 31 जुलाई तक कर सकते हैं। |
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