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Thursday, July 30, 2020

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भारत सरकार की नई शिक्षा नीति पर उड़ान फाउंडेशन ने जताया हर्ष, कहां क्षेत्रीय बोली-भाषा को मिलेगा बढ़ावा

Posted: 30 Jul 2020 06:59 AM PDT



ऋषिकेश 30 जुलाई। भारत सरकार की ओर से करीब तीन दशक बाद देश मे शैक्षणिक माहौल, शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार परक शिक्षा को विस्तारित करने के लिए लायी गई नई शिक्षा नीति-2020 के तहत अब कक्षा पांचवी तक मातृभाषा एवं क्षेत्रीय भाषा मे बच्चों को पढ़ाये जाने के ऐतिहासिक फैसले पर शिक्षा एवं लोकभाषा के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संस्था उड़ान फाउंडेशन ने हर्ष व्यक्त किया है।
उड़ान फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ राजे सिंह नेगी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में तैयार मसोदे के तहत अब सभी राज्यो के मातृ भाषा मे पढ़ाये जाने से क्षेत्रीय बोली-भाषा को बढ़ावा मिलने के साथ ही लोकभाषाओ का संरक्षण भी होगा। इसके साथ ही पांचवी कक्षा तक अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता समाप्त होने से देशभर मे अंग्रेजी शिक्षा माध्यम ग्रहण करने के लिए जारी दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्रो से शहरी क्षेत्रों की और बढ़ते पलायन पर अब रोक लग सकेगी। समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी ने राज्य सरकार से उत्तराखंड में बोले जाने वाली गढ़वाली, कुमाउँनी, जौनसारी एवं भोटिया बोली-भाषा को राज्य भाषा का दर्जा या मान्यता प्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द हमारे प्रदेश की इन सभी बोलियों को केंद्र में भाषा की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। जिससे की केंद्र की ओर से लायी गयी नई शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषा पढ़ाये एवं सिखाये जाने का लाभ पूर्ण रूप से राज्य के स्कूली बच्चो को मिल सकेगा।

कृषि मंत्री ने जड़ी-बूटी एवं सगन्ध पौधों के कृषिकरण के लिए राजसहायता का पुर्न निर्धारण को दी मंजूरी

Posted: 30 Jul 2020 06:42 AM PDT



देहरादून 30 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने जड़ी-बूटी एवं सगन्ध पौधों के कृषिकरण के लिए राजसहायता का पुर्न निर्धारण किया है। इसके लिए के प्रदेश के कृषि, उद्यान एवं रेशम मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्ताव पर स्वीकृति दे दी है।
योजना के तहत वर्तमान में 28 प्रजातियों के पौधों को कृषिकरण पर अनुदान के लिए सम्मिलित किया गया है। इसमें सगन्ध घासें (लेमनग्रास, सिट्रोनला, पामारोजा, खस आदि) डेमस्क गुलाब जिरेनियम, कालाजीरा, तेजपात एवं तिमूर, चन्दन , मिन्ट (जापानी मिन्ट को प्राथमिकता) आदि प्रजातियां शामिल हैं। इसके साथ ही कृषिकरण पर लागत का 50 प्रतिशत के समान राज सहायता का प्राविधान किया गया है।
इस वर्ष से किसानों को दी जाने वाली राज सहायता का पुर्ननिर्धारण किया गया है। अब तक वर्ष 2005 की उत्पादन लागत के अनुसार अनुदान राशि की गणना की जा रही थी। लेकिन वर्तमान में महंगाई एवं कृषिकरण कार्यो की लागत में वृद्धि के मददेनजर राज सहायता का निर्धारित किया गया है। उदाहरण के तौर पर सगन्ध चास प्रजाति में पौध संख्या / नाली रू 550 राजसहायता को अब रू 1000 पौध संख्या / नाली एवं डेमस्क गुलाब की खेती में पौध संख्या / नाली 200 का मानक 88 पौध संख्या / नाली कर दिया गया है। इसी तरह गुणवत्ता परीक्षण शुल्क पर 50 छूट का प्राविधान किया गया है । योजनान्तर्गत अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित कराये जाने के निर्देश दिए गये हैं। साथ ही पंजीकृत किसान के मध्य प्रतिवर्ष अलग-अलग किसानों को योजना से आच्छादित किया जाना है। अनुदान की अधिकतम सीमा रू 1.00 लाख या 2 हैक्टे भूमि पर पौध की लागत जो भी न्यून हो अनुमन्य होगा।

निगम की बोर्ड बैठक में योजनाओं का मसौदा तैयार, विकास के रथ पर दौड़ेगी तीर्थनगरी

Posted: 30 Jul 2020 06:03 AM PDT



शहर के कूड़ा निस्तारण को बोर्ड से मिली वित्तीय स्वीकृति


ऋषिकेश 30 जुलाई। नगर निगम की बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लग गई। सब कुछ योजनाओं के अनुरूप रहा तो तीर्थनगरी विकास के रथ पर और तेजी के साथ सरपट दोड़ती नजर आयेगी।
बृहस्पतिवार को बैठक में भवन नंबर को लेकर आम नागरिक के तौर पर आये दीपक बिष्ट के चर्चा ऋषिकेश की डॉट कॉम पर मिले उत्कृष्ट सुझाव का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा गया, जो सर्वसम्मति से पास भी ही गया।
कोरोना संकटकाल की वजह से पिछले पांच महीने से लगातार टलती रही बोर्ड की बैठक सोशल डिस्टेंसिंग के चलते आज नगर निगम सभागार में ना होकर गंगानगर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित हुई। आम सहमति के साथ शहर के चौमुखी विकास के लिए दर्जनों प्रस्तावों पर सहमति की मुहर भी लगा दी गई। डेढ़ साल के कार्यकाल में ही महापौर अनिता ममगाईं ने अपने सभी चुनावी वादों को बोर्ड के प्रस्तावों की मोहर लगवा कर धरातल पर उतार दिया है। बैठक मे गोविंद नगर स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड
के लीगेसी वेस्ट की टेंडर प्रक्रिया के लिए वित्तीय स्वीकृति दी गई।तो वहीं ऋषिकेश के भवन स्वामियों को राहत देने के लिए 50% तक की भवन छूट का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया। बैठक में नगर एवंं ग्रामीण क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए 10 नए कूड़े वाहन की खरीदारी की मंजूरी का प्रस्ताव आम राय से पारित कर दिया गया। इसके अलावा बैठक मे तय  हुआ कि 10-10 लीटर के दो डस्टबिन हर परिवार को मुफ्त बांटे जाएंगे। विदेशी तकनीक को धरातल में उतारनेे के लिए कूड़ा कलेक्शन का कार्य आधुनिक जीपीएस मशीन जियो टैगिंग का कार्य आउटसोर्स से किया जाएगा। उक्त प्रस्ताव पर भी आम सहमति की मुहर लगा दी गई। महापौर की 6 घोषणाएं जो उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में करी थी, जिनमें प्रमुख रूप से पार्को के सौंदर्यीकरण, जलभराव की समस्या का निवारण, ग्रामीण क्षेत्रों के भू स्वामित्व की बात, पौराणिक धार्मिक स्थलों का भव्यता पूर्वक प्रदर्शन करने का प्रयास, सभी घाटों का सुंदरीकरण एवं जंगली जानवरों से मुक्ति के लिए समुचित व्यवस्था करवाने को लेकर सारे प्रस्ताव सर्व सहमति से पास हुए। महापौर की अध्यक्षता व मुख्य नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल के संंचालन मे संपन्न हुई बैैठक मे तमाम पार्षद मौजूद रहे।

तीर्थनगरी के व्यापारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए डॉ रामेश्वर दास को भेंट की देवभूमि की मिट्टी और मां गंगा का पवित्र जल

Posted: 30 Jul 2020 02:50 AM PDT


ऋषिकेश 30 जुलाई। तीर्थनगरी के प्राचीन हनुमान मंदिर मायाकुंड से आगामी 5 तारीख को श्रीराम मंदिर निर्माण में अयोध्या जा रहे सन्त डॉ रामेश्वर दास को भाजपा जिला मंत्री पंकज शर्मा के नेतृत्व में ऋषिकेश देवभूमि की पुनीत मिट्टी और पतित पावनी माँ गंगा का निर्मल जल भेंट किया गया।
बृहस्पतिवार को भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए देवनगरी की मिट्टी और जल सभी वरिष्ठ जनों ने अपनी ओर से डॉ रामेश्वर दास को श्रद्धा पूर्वक भेंट किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री पंकज शर्मा ने कहा कि हम सभी का परम सौभाग्य है कि हमने मंदिर के लिए संघर्ष और आंदोलन को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस आंदोलन की परिणीति आज मंदिर निर्माण को देखने का सौभाग्य भी हमको प्राप्त हो रहा है। हम समस्त सनातनियो के लिए यह गर्व का विषय है कि हम इस महान कार्य के प्रत्यक्ष दर्शी होंगे। आज ऋषिकेश की जनता की ओर से भगवान श्रीराम के चरणों मे यह हम सभी का प्रणाम है। व्यापारी नेता हितेंद्र पंवार और राजेश भट्ट ने कहा कि श्रीराम हम सभी के आराध्य है। उनके मंदिर का निर्माण हमारा सौभाग्य है। राम मंदिर निर्माण के लिए बलिदानियों के बलिदान को यह सच्ची श्रद्धांजलि है ओर भगवान के श्री चरणों मे उनका वास हुआ।  पंजाबी महासभा के अध्यक्ष केवल कृष्ण लाम्बा और महामंत्री प्रदीप कोहली ने ऋषिकेश देवभूमि की पवित्र मिट्टी और माँ गंगा का निर्मल जल भेंटकर कहा कि यह ऋषिकेश की सम्पूर्ण जनता की ओर से भगवान श्रीराम के चरणों मे एक छोटा सा योगदान है। इस मौके पर विवेक गोस्वामी, पूर्व मण्डल अध्यक्ष चेतन शर्मा, महेशानंद धौंधियाल, रवि शास्त्री, बृजेश शर्मा, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, राजपाल ठाकुर, राम किशन अग्रवाल, पवन शर्मा, रमेश अरोड़ा, अभिनव गोयल, रूपेश गुप्ता, रणवीर सिंह, गौरव केथोला, अक्षय खैरवाल, शरद तायल, राजेश गौत्तम, संजय पंवार, अजय कालरा, अनिकेत गुप्ता, अरविंद गुप्ता, प्रदीप हलधर, धुरुव शर्मा, संतोष पांडे, सुरेश नेगी, राजीव राणा, राकेश कुमार, राकेश पाल आदि सेकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पशुलोक के राजस्व ग्राम घोषित होने पर विस्थापित जन कल्याण समिति ने सीएम का जताया आभार, महापौर का किया अभिनंदन

Posted: 30 Jul 2020 01:01 AM PDT



ऋषिकेश 30 जुलाई। उत्तराखंड सरकार के टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग पूर्ण करने पर स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। वृहस्पतिवार को पशुलोक पहुंची महापौर का विस्थापित जन कल्याण समिति पशुलोक
के तमाम सदस्यों ने जोरदार अभिनंदन किया गया। करीब दो दशक पुरानी मांग पूर्ण होने पर क्षेत्र वासियों ने इस मौके पर आतिशबाजी के साथ मिठाईयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर महापौर ममगाई ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने वर्षों पुरानी विस्थापितों की मांग को पूर्ण कर साबित कर दिया है कि वह आम जनता की सरकार है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून जिले के टिहरी बाध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक, ऋषिकेश के सात गावों तथा हरिद्वार जिले के टिहरी विकास नगर एवं टिहरी बंद्राकोटी को राजस्व ग्राम बनाए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। राजस्व ग्राम बनाए जाने से इन गावों के निवासियों की वर्षो पुरानी मांग पूरी हुई है। राजस्व ग्राम बनने से यहा के निवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा तथा ग्राम पंचायतों का भी गठन हो सकेगा। इस दौरान महिमानंद खंडूरी, जगबीर सिंह परमार, पार्षद शौकत अली, सुरेंद्र सुमन, रविन्द्र राणा, रविंद्र कश्यप, प्रवेश कुमार, राजीव गुप्ता, गौरव केन्थुला, परीक्षित मेहरा, शूरवीर बागड़ी, सुशील पेन्यूली, गुड्डडी पोखरियाल, मीना सजवाण, आर एस चौहान, महादेव नौटियाल, चंद्रदेव भट्ट, निर्भय गुप्ता आदि मौजूद रहे।

महाविद्यालय के रोवर रेंजर्स छात्र-छात्रओं को कोरोना वॉरियर्स के रूप मे किया सम्मानित

Posted: 30 Jul 2020 12:48 AM PDT



ऋषिकेश 30 जुलाई। महाविद्यालय ऋषिकेश के रोवर रेंजर्स के छात्र-छात्रओं को कोरोना महामारी के दौरान जनहित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के रोवर रेंजर्स के छात्रों ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान ऋषिकेश शहर के विभिन्न क्षेत्रों श्यामपुर, गुमानिवाला, बापुग्राम, मुख्य बाजार, 14 बीघा आदि क्षेत्रों मे हस्त निर्मित मास्क वितरित किए।  साथ ही विभिन्न पोस्टर, स्लोगन आदि के माध्यम से सभी शहरवासियों को निरन्तर कोरोना महामारी के प्रति जागरूकता के लिए विभिन्न अभियान भी चलाएं। इसके अलावा छात्रा प्रियंका गवाड़ी ने श्यामपुर क्षेत्र में विभिन्न परिवारों को अपने निजी खर्च से राशन भी वितरित किया। उत्तराखंड स्काउट एंड गाइड ने इन सभी उत्कृष्ट कार्यों के लिए महाविद्यालय के रोवर रेंजर्स छात्र-छात्राओं को कोरोना वॉरियर्स का नाम दिया है। साथ ही रोवर रेंजर्स के 15 छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित छात्र-छात्राओं में शीतल, आस्था, श्वेता, अमीषा, आशीष, निशांत, अंकिता, प्रियंका, अखिलेश, विनीता, धीरज, पूजा, हर्षिता, कल्पना, प्रियांशी आदि शामिल रहे।
महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ सुधा भारद्वाज ने सभी छात्र-छात्राओं को कोरोना वारियर्स के रूप में सम्मानित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। रोवर रेंजर्स विभाग के प्रभारी डॉ सतेन्द्र कुमार और डॉ रितु कश्यप ने कहा कि समाजसेवा ही रोवर रेंजर्स का प्रथम कार्य है। इसलिए सभी छात्र-छात्रओं ने महामारी के दौरान समाज को विभिन्न माध्यमों  से जागरूक किया। इसके लिए सभी छात्र-छात्राएं बधाई के पात्र है।

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