Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Friday, August 28, 2020

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


भोपाल MP नगर में व्यापारी का शव उसी के ऑफिस में पंखे से लटका मिला / BHOPAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 08:29 AM PDT

भोपाल। मप्र की राजधानी भोपाल में एक व्यापारी ने कोरोना काल में व्यापार में घाटा होने और 30 लाख रुपए का कर्ज होने पर खुदकुशी कर ली। अवधपुरी निवासी व्यापारी राकेश चौरसिया ने शुक्रवार को अपने दफ्तर में फांसी लगाकर जान दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस को व्यापारी का शव पंखे में फंदे पर लटका मिला।   

व्यापारी राकेश चौरसिया का ऑफिस एमपी नगर में है। जहां उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक व्यापारी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें व्यापारी ने लिखा कि कोरोना काल में व्यापार में घाटा हो रहा था और कर्ज बहुत बढ़ गया है। इसलिए जान दे रहा हूं। एमपी नगर पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, इसमें उसने बिजनेस में घाटे का जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने बिजनेस को बढ़ाने के लिए लाखों रुपए का कर्ज भी ले लिया था।

CHT मल्टीटेक के संचालक ने सुसाइड किया 

अवधपुरी निवासी 33 साल के राकेश चौरसिया सीएचटी मल्टीटेक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक थे। गैस सेफ्टी डिवाइस, कृषि उपकरण आदि लेकर सेल्समैन के माध्यम से बेचने का आर्य भवन के पीछे, एमपी नगर जोन-2 में उनका दफ्तर था। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे उनका कर्मचारी मयंक जब दफ्तर पहुंचा तो उसे वह फंदे पर लटके नजर आए। एएसआई सर्वेश सिंह के मुताबिक दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी खुदकुशी कैद हो गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में व्यापारी पर 30 लाख का कर्ज होने की बात सामने आई है। जांच जारी है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट 

सोयाबीन की फसल को पीली पड़ने से बचाने क्या करें, वैज्ञानिकों की सलाह / SOYBEAN TIPS

Posted: 28 Aug 2020 08:27 AM PDT

वर्तमान समय में विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है, जिससे सोयाबीन की फसल पीली पडऩे एवं सूखने की स्थिति बन रही है। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा इस समस्या के प्रमुख कारण एवं नियंत्रण के उपाय की सलाह दी गई है।

सोयाबीन की फसल पीली क्यों पड़ जाती है, क्या बीमारी होती है

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री केपी भगत ने बताया कि सोयाबीन में तना मक्खी एवं गर्डल बीटल का प्रकोप सामान्य से अधिक होने से सोयाबीन पीली पडऩे की संभावना है। सेमीलूपर की दूसरी पीढ़ी की इल्लियों का भी प्रकोप दिखाई दे रहा है, जो पत्तियों के साथ-साथ फल्लियों को भी क्षति पहुंचा रही है। यह समस्या जल्दी पकने वाली प्रजातियों में ज्यादा देखी जा रही है, जो कि परिपक्वता की स्थिति में है। 

सोयाबीन में यदि इल्ली 25 प्रतिशत तक घुस गई है तो क्या होगा

इसके अतिरिक्त जहां भी तना मक्खी की इल्ली ने तने में 25 प्रतिशत से अधिक सुरंग बना ली है और जहां गर्डल बीटल की इल्ली पूर्ण विकसित (लगभग पौन इंच) हो गई है। वहां रसायनों के छिडक़ाव के पश्चात् भी आर्थिक लाभ होने की संभावना कम है।

सोयाबीन तना मक्खी एवं गर्डल बीटल को रोकने क्या करें

तना मक्खी एवं गर्डल बीटल के नियंत्रण हेतु कृषक बीटासायफ्लुथ्रिन+ इमिडाक्लोप्रिड 350 मि.ली./हे. या थायमिथोक्सम+लेम्बड़ा सायहेलोथ्रिन 125 मि.ली./हे. का छिडक़ाव करें। जहां केवल सेमीलूपर इल्लियों का प्रकोप हो रहा है, वहां हेम्बड़ा सायहेलोथ्रिन 4.9 एस.सी. (300 मि.ली./हेक्टे.) या इन्डोक्साकार्ब (333 मि.ली./हेक्टे.) या फ्लूबेन्डियामाइड 39.25 एस.सी. (150 मि.ली./हेक्टे.) या फ्लूबेन्डियामाईड 20 डब्ल्यू.जी. (275 मि.ली./हेक्टे.) का छिडक़ाव करें।

सोयाबीन जड़ सडऩ एवं तना सडऩ नामक रोगों के नियंत्रण के लिए क्या करें

जड़ सडऩ एवं तना सडऩ नामक रोगों के नियंत्रण हेतु टेबूकोनाझोल (625 मि.ली./हेक्टे.) अथवा टेबूकोनाझोल+सल्फर (1 कि.ग्रा./हे.) अथवा पायरोक्लोस्ट्रोबीन 20 डब्ल्यू.जी. (500 ग्राम/हेक्टे.) अथवा हेक्जाकोनाझोल 5 ई.सी. (800 मि.ली./हेक्टे.) से छिडक़ाव करें।
सोयाबीन की फसल अब लगभग 70 दिन की और घनी हो चुकी है, अत: रसायनों का अपेक्षित प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए 500 लीटर पानी प्रति हेक्टे. का प्रयोग अवश्य करें।
जिन क्षेत्रों में अभी भी जल भराव की स्थिति है, वहां शीघ्रातिशीघ्र अतिरिक्त जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। कृषकगण अधिक जानकारी हेतु स्थानीय कृषि अधिकारी या कृषि वैज्ञानिक से सम्पर्क कर सकते हैं।

संसद के मानसून सत्र की तैयारियां पूरी, 14 से शुरू होगा, पढ़िए इस बार क्या होगा / NATIONAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:56 AM PDT

नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च सदन संसद (लोकसभा एवं राज्यसभा) के मानसून सत्र की तैयारियां पूरी कर ली गई है। अधिसूचना जारी नहीं हुई है परंतु सूत्र बताते हैं कि 14 सितंबर से सत्र की शुरुआत होगी। इस बार का मानसून सत्र, पिछले वर्षों की तुलना में काफी अलग होगा। सांसदों को सत्र शुरू होने के 72 घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा। सभी सांसदों का कोरोनावायरस टेस्ट किया जाएगा। पॉजिटिव पाए जाने वाले सांसदों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

सभी सांसदों के स्टाफ और परिवार का भी कोविड-19 टेस्ट करवाया जाएगा

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के मुताबिक, सभी सांसदों के स्टाफ और परिवार का भी टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा संसद सत्र के दौरान भी रैंडम टेस्ट किए जाएंगे। सभी सांसदों के टेस्ट करवाने की व्यवस्था संसद परिसर में ही करवाई जाएगी, ये टेस्ट सत्र शुरू होने से पहले ही किए जाएंगे। संसद का सत्र शुरू होने से पहले सेंट्रल हॉल के लिए सभी पास कैंसल कर दिए गए हैं।

संसद में सुरक्षा के अलावा स्वास्थ्य के लिए भी विशेष सतर्कता

शुक्रवार को ओम बिड़ला ने मॉनसून सत्र से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, AIIMS, ICMR, DRDO एवं दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान बिड़ला ने निर्देश दिया कि संसद के मॉनसून सत्र के मद्देनजर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए और संसद परिसर में भी स्वास्थ्य जांच के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं।

हर रोज संसद भवन का सैनिटाइजेशन किया जाएगा

संसद सत्र के दौरान संसद परिसर तथा संसद भवन में प्रवेश के समय थर्मल गन और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त संसद परिसर में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। यहां 40 स्थानों पर टचलैस सैनिटाइजर लगाए जाएंगे तथा इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर में COVID-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों को सख्ती से पालन किया जाएगा। 

सिर्फ जरूरी कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी

सांसदों के अलावा मॉनसून सत्र के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाए। इस संदर्भ में, कर्मचारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन बनाई जा रही हैं, जरूरत होने पर कर्मचारियों की संख्या भी कम की जा सकती है। 

इस बार मात्र 100 पत्रकारों को संसद की रिपोर्टिंग की अनुमति दी जाएगी

सदन में सत्र के दौरान लोकसभा व राज्यसभा के मीडियाकर्मियों की अधिकतम संख्या 100 रहेगी, साथ ही हर मीडियाकर्मी का कोरोना टेस्ट होगा। गौरतलब है कि मार्च में कोरोना वायरस संकट आने के बाद पहली बार संसद का सत्र शुरू हो रहा है, जिसके लिए कई तरह की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

मानसून सत्र में कुल 18 बैठकें होंगी

आपको बता दें कि इस बार के सेशन में कई तरह की सावधानियां कोरोना वायरस संकट के चलते बरती जा रही हैं। 14 सितंबर से शुरू होने वाला सत्र 1 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान संसद की कुल 18 बैठकें होनी हैं।

लोकसभा और राज्यसभा को शिफ्ट के हिसाब से चलाया जाएगा

इस दौरान दोनों सदनों को शिफ्ट के हिसाब से चलाया जाएगा। हर दिन के पहले 4 घंटे राज्यसभा काम करेगी और अगले 4 घंटे लोकसभा। हालांकि सत्र के शुरुआती दिन पहले हॉफ में लोकसभा की बैठक होगी। क्योंकि नियमों के मुताबिक, स्पीकर ओम बिड़ला को औपचारिक रूप से सदन के सदस्यों से अनुमति लेनी होगी ताकि अपने कक्ष का इस्तेमाल किसी अन्य प्रायोजन के लिए किया जा सके।

सांसदों को छुट्टी नहीं दी जाएगी, शनिवार रविवार को भी कामकाज होगा

इस दौरान किसी तरह की छुट्टी नहीं होगी, यानी शनिवार-रविवार को भी सदन चल सकता है। संसदीय मंत्री के मुताबिक, अगर हफ्ते के अंत में छुट्टी होती है तो सांसद बाहर यात्रा पर निकल सकते हैं जिससे खतरा बढ़ सकता है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 60000 के करीब, 1323 की मौत / MP CORONA UPDATE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:36 AM PDT

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस आम नागरिकों को लगातार अपना शिकार बना रहा है। आलम यह है कि मध्य प्रदेश के 36 जिलों में वर्तमान में संक्रमित मरीजों (एक्टिव केस) की संख्या 100 से अधिक बनी हुई है। शेष जिलों की हालत भी अच्छी नहीं है। चुनावी कार्यक्रमों के बाद ग्वालियर-चंबल संभाग में महामारी से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके चुनावी कार्यक्रम जारी हैं। भाजपा के बाद कांग्रेस ने आज दतिया में तमाम प्रोटोकॉल तोड़कर कार्यक्रम किया। 

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 28 AUG 2020

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 28 अगस्त 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 
25853 सैंपल की जांच की गई।
178 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
24601 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
1252 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
17 मरीजों की मौत हो गई।
943 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 59433
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1323 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 45396 
28 अगस्त 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 12714
28 अगस्त 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या 4885 

मुख्यमंत्री ने मरीजों को लूट रहे प्राइवेट अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश नहीं दिया 

इंदौर में सरकारी दौरे के दौरान सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को भरे मंच से बताएं कि किस तरह प्राइवेट अस्पताल के संचालक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों को लूट रहे हैं। एप्पल हॉस्पिटल में मरीजों से 9000 प्रतिदिन लिया जा रहा है। जबकि महामारी से पीड़ित नागरिकों का इलाज सरकार की जिम्मेदारी है। इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी तो जताई परंतु मरीजों को लूटने वाले अस्पतालों को सील करने और अस्पताल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का आदेश नहीं दिया।



28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

इंदौर में ISKCON TEMPLE के कुंड में डूबने से छात्र की मौत / INDORE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:25 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में निपनिया क्षेत्र में स्थित इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple) के कुंड में डूबने से 7वीं के छात्र की मौत हो गई। परिजन ने इस्कॉन मंदिर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 

लसूड़िया पुलिस के अनुसार खजराना के रविदास नगर में रहने वाले 15 साल के भोला पिता राकेश सोलंकी की गुरुवार दोपहर कुंड में डूबने से मौत हो गई। रिश्तेदार देवेंद्र सिंह ने बताया, कुंड में आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं थी, इसलिए मोहल्ले के बच्चे खेलते-खेलते वहां पहुंच गए। यदि वहां चौकीदार रखा होता या पानी निकाल दिया होता तो बच्चे वहां नहीं जाते। 

वहीं रहने वाले मेहरबान सिंह राठौर ने बताया एक बार पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है। मंदिर प्रबंधन के महामन दास ने कहा कुंड सालभर खाली रहता है। इसलिए गार्ड रखने की जरूरत नहीं रहती। बारिश से कुंड भर गया है। इसलिए यह हादसा हुआ है। हम कुंड से पानी निकाल देंगे।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट 

बर्खास्त महिला संविदा शिक्षक की जबलपुर हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज / JABALPUR NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:14 AM PDT

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने संविदा शिक्षक के पद से हटाई गई महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। बुरहानपुर की रहने वाली ज्योति कुमार खत्री के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी डाक्यूमेंट्स लगाकर नौकरी प्राप्त कर ली थी।

न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान आवेदक बुरहानपुर निवासी ज्योति कुमार खत्री की ओर से जमानत दिए जाने की मांग की गई। जबकि राज्य की ओर से पैनल लॉयर प्रदीप गुप्ता ने अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि यह मामला धोखाधड़ी का है। पुलिस थाना कोतवाली, बुरहानपुर में आवेदक के खिलाफ धारा-420 सहित अन्य के तहत अपराध पंजीबद्घ किया गया है। आरोप लगा है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए संविदा शाला शिक्षक भर्ती को प्रभावित किया गया। 

सरकारी वकील श्री प्रदीप गुप्ता ने कहा कि मामला गंभीर है, अतः जमानत अर्जी खारिज किए जाने योग्य है। इस तरह के मामले वास्तविक योग्य आवेदकों का हक मारे जाने से संबंधित होते हैं। इन मामलों में आरोपितों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जानी चाहिए। ऐसा किए जाने से समाज में गलत संदेश जाता है। कोर्ट ने सरकारी वकील की अपील को स्वीकार करते हुए जमानत निरस्त कर दी।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

इंदौर में महिलाओं ने सीएम शिवराज सिंह को घेरा , मामला मनमानी स्कूल फीस वसूली का / INDORE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:01 AM PDT

इंदौर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इंदौर यात्रा के दौरान प्राइवेट स्कूलों द्वारा ली जा रही मनमानी फीस के खिलाफ महिलाओं ने प्रदर्शन किया। वह मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की कार के सामने आ गई। सीएम शिवराज सिंह को उनकी बात सुननी पड़ी।

बताया जाता है कि इंदौर में जैसे ही सीएम का काफ‍िला गुजरने वाला था तभी कुछ महिलाएं सड़क पर आ गई। हालांकि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्‍हें सड़क से दूर करने की कोशिश की परंतु सीएम शिवराज ने महिलाओं को देखकर अपना वाहन रुकवाया और उनकी बात सुनी।

महिलाओं ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को बताया कि किस तरह प्राइवेट स्कूल के संचालक मनमानी फीस ले रहे हैं और उनकी बात ना मानने पर बच्चों को स्कूल से निकाल देने की धमकी देते हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी पूरी बात सुनी। उम्मीद है जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई ठोस कार्यवाही की जाएगी।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

इंदौर में पति-पत्नी ने मिलकर किसान को हनीट्रैप का शिकार बनाया, पूरा रैकेट बना रखा था / INDORE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 08:22 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हनी ट्रैप का मामला सामने आया है। लड़की ने युवक को मिस्ड कॉल देकर जाल में फंसाया। बातचीत का सिलसिला चल निकला तो उसे घर बुलाकर बंधक बनाते हुए 5 लाख रुपए की मांग की। वरना, उसे रेप के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। लड़की के पति और उसके दोस्तों ने उससे 30 हजार रुपए, बाइक और मोबाइल छीन लिए। युवक की शिकायत पर एमआईजी पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

युवक उज्जैन जिले के खरसोद गांव का रहने वाला है। किसान के अनुसार करीब एक महीने पहले उसके मोबाइल पर मिस्ड कॉल आया था। कॉल रिटर्न करने पर लड़की ने कॉल रिसीव किया। उसने अपना नाम रीना बताते हुए कहा कि वह पाटनीपुरा की रहने वाली है। इसके बाद से उससे हर रोज बात होने लगी। हाल ही में वह अपनी फसल बेचने के लिए इंदौर आया था। रीना को उसने यह बात बताई तो उसने उसे पाटनीपुरा स्थित अपने घर पर मिलने बुला लिया।

युवक जब लड़की के घर पहुंचा तो पीछे से उसका पति संजय, दोस्त रवि, बने सिंह और शाहरुख भी वहां आ गए। सभी ने उसे वहां बंधक बना लिया और 5 लाख रुपए की मांग करने लगे। उसने कहा कि इतने रुपए उसके पास नहीं हैं। इस पर आरोपियों ने उसके पास पड़े 30 हजार रुपए, बाइक और मोबाइल छीन लिए। उसे छोड़ते हुए दो लाख रुपए और लाने की मांग की। युवक की शिकायत पर पुलिस ने लड़की के पति संजय सहित रवि, बने सिंह और शाहरुख को हिरासत में ले लिया है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट 

भोपाल में पुलिसकर्मी पर उसकी GF ने दुष्कर्म की FIR कराई / BHOPAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 05:50 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुलिसकर्मी द्वारा युवती से ज्यादती किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी डरा धमकाकर कई दिनों से पीड़िता का शारीरिक शोषण कर रहा था। जब पीड़िता शादी करने की बात कहने लगी, तो आरोपी सिपाही गायब हो गया। परेशान होकर युवती ने महिला थाने में अपने प्रेमी के खिलाफ ज्यादती का मामला दर्ज कराया है।  

जहांगीराबाद इलाके में रहने वाली 22 साल की युवती ने महिला थाने में एक सिपाही के खिलाफ ज्यादती किए जाने का मामला दर्ज कराया है। युवती ने पुलिस को बताया कि उसका आरोपी हरेंद्र गुर्जर से पहले से परिचय था। इस कारण से उसका उनके घर आना-जाना था। वह अभी अनूपपुर में पदस्थ है। लॉकडाउन के दौरान वह भोपाल आया था। इसी दौरान उसने इसका फायदा उठाकर उससे ज्यादती की। दुष्कर्म करने के बाद उसने शादी करने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह इससे मुकर गया।

पीड़िता ने जब उससे शादी करने की बात कही, तो उसने अपना फोन बंद कर लिया। अब वह किसी तरह का कोई संपर्क ही नहीं रख रहा है। इसी से परेशान होकर उसने शिकायत की है। सीएसपी जहांगीराबाद अलीम खान ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर अभी सिपाही हरेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जल्दी उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम अनूपपुर भेजी जाएगी।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट 

मध्यप्रदेश में बिजली बिल माफ नहीं हुए हैं, पढ़िए आस्थगित आदेश का मतलब क्या है / MP NEWS

Posted: 28 Aug 2020 07:57 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार जनता के साथ पहले दुकानदार और फिर कारपोरेट कंपनी की तरह व्यवहार करती थी लेकिन अब उस साहूकार की तरह काम कर रही है जो नरम दिल होने का दिखावा करता है परंतु अपने ब्याज की चवन्नी तक नहीं छोड़ता। 

मीडिया में ब्रेकिंग न्यूज़ थी: 1 किलो वाट तक के बिजली बिल का बकाया माफ 

आज शुक्रवार 28 अगस्त 2020 को लंच से पहले मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ यह थी कि शिवराज सिंह सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के कारण आर्थिक समस्या से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए 1 किलो वाट तक के 31 अगस्त 2020 तक के सभी बकाया बिजली बिल माफ कर दिए हैं। समीक्षा के दौरान यह भी माना गया कि सरकार ने उप चुनाव को ध्यान में रखते हुए जनता को फायदा पहुंचाया है ताकि वोटों में कमी ना आए।

बिजली बिल माफी नहीं आस्थगित आदेश जारी हुए हैं 

सरकार ने बड़ी ही चतुराई के साथ सरकारी शब्दावली का उपयोग किया है। श्री आकाश त्रिपाठी सचिव ऊर्जा मध्यप्रदेश की ओर से तीनों बिजली कंपनियों की है मैनेजिंग डायरेक्टर को जो आदेश दिए हैं उसमें बिजली बिलों को आस्थगित करने के लिए कहा है। यानी 31 अगस्त 2020 तक का बकाया सितंबर और अक्टूबर में प्राप्त होने वाले बिजली बिलों में दिखाई नहीं देगा, बल्कि उपभोक्ता के उधारी खाते में दर्ज रहेगा। उपचुनाव के बाद बकाया की वसूली पर निर्णय लिया जाएगा। यदि आप हिंदी से इंग्लिश डिक्शनरी की मदद लेंगे तो आपको पता चलेगा कि आस्थगित का अर्थ होता है अंग्रेजी: deferred, वाणिज्य: स्थगित, हिंदी: विलम्बित, उर्दू: मुल्तवी सरल शब्दों में ऐसी उधारी जिसकी वसूली फिलहाल रोक दी जाए, बाद में की जाएगी।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

भोपाल में 85 केंद्रों पर श्रीगणेश प्रतिमा विसर्जन होगा / BHOPAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 05:35 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना को देखते हुए इस बार सार्वजनिक रूप से नदी और तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रशासन ने 19 जोन में 85 केंद्रों पर विसर्जन करने की व्यवस्था की है।  

अब शनिवार को डोल ग्यारस पर जूलुस और कार्यक्रम तो नहीं होंगे, लेकिन लोग इन केंद्रों पर जाकर अपनी गणेश प्रतिमाओं को दे सकेंगे। हालांकि प्रशासन ने 'मेरे गणेश मेरे घर' अभियान के तहत लोगों से अपने ही घर में प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की है। एक दिन पहले जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक विधानसभा के प्रोटोम स्पीकर रामेश्वर शर्मा की अध्यक्षता में उनके कक्ष में हुई थी। इसमें आने वाले समय में सभी धर्मों के त्यौहारों के आयोजन को सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित करने पर रोक लगाई जा चुकी है।

चौराहों और सड़क पर किसी प्रकार का किसी को कोई मेला, जुलूस, जलसा का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। लोगों को गणेश विसर्जन के लिए घाटों पर जाने पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में अब नगर निगम ने हर वार्ड में मूर्ति विसर्जन केंद्र बनाएं हैं।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

जबलपुर मेडिकल हॉस्पिटल में आज दूसरे मरीज ने आत्महत्या की कोशिश की / JABALPUR NEWS

Posted: 28 Aug 2020 05:35 AM PDT

जबलपुर। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के साथ क्या हो रहा है, अब यह जांच का विषय होना चाहिए क्योंकि 1 सप्ताह में दूसरी बार संक्रमित मरीज ने आत्महत्या करने के लिए अस्पताल की खिड़की से कूदने की कोशिश की है। 

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ऐसा क्या हो रहा है जो मरीज आत्महत्या पर उतारू हो रहे हैं

जबलपुर मेडिकल अस्पताल में कोरोनावायरस से संक्रमित एक मरीज ने आत्महत्या करने के लिए दूसरे मंजिल की खिड़की से कूदने की कोशिश की। इसी दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों की उस पर नजर पड़ गई और उसे बचा लिया गया। इस बार जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें मरीज को आश्वासन दिया जा रहा है कि वह आत्महत्या ना करें उसकी छुट्टी की जा रही है। सवाल यह है कि जबलपुर मेडिकल अस्पताल में मरीजों के साथ ऐसा क्या किया जा रहा है जिसके चलते वह इलाज कराने के बजाय आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे हैं। 

रविवार को चौथी मंजिल से कूदने की कोशिश की थी

याद दिलाना जरूरी है कि इसी सप्ताह रविवार को एक मरीज ने इसी जबलपुर मेडिकल अस्पताल में ठीक इसी प्रकार से चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उस समय ड्यूटी डॉक्टर ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचा लिया था। इस घटना के बाद डॉक्टर की काफी प्रशंसा भी हुई थी परंतु 1 सप्ताह में लगातार दूसरे मामले में कुछ सवालों को जन्म दे दिया है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड
मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ
COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए
ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया!
मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी
कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे
आरक्षण BREAKING / राज्य सरकार को SC/ST में क्रीमी लेयर बनाने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट 

2 से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी / EMPLOYEE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 06:44 AM PDT

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश शासन को 2 से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। न्यायालय के कर्मचारियों द्वारा सेवा नियम 2016 के तहत लगाए गए जुर्माने के खिलाफ अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के कर्मचारी सिविल सेवा नियम 2016 के अंतर्गत आते हैं और मध्यप्रदेश शासन एवं मध्य प्रदेश के न्यायालयों के जज नियम का उल्लंघन करने वाले सभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। 

आपको बता दें कि चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने 7 अगस्त 2019 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश में संशोधन किया था, जिसमें जिला जजों के वेतन वृद्धि को वापस नहीं लेने का निर्देश दिया गया था। इस मामले में दो से अधिक बच्चों वाले कर्मचारियों के वेतन रोकने के साथ ही दो इंक्रीमेंट (वेतन बढोतरी) रोकने के आदेश दिये गये थे। जिसके खिलाफ कई कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने की सजा को बरकरार रखा था।

मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि दो या तीन वेतन बढ़ोतरी (इंक्रीमेंट) रोकने का जुर्माना गैर-आनुपातिक है और आपराधिक आचरण के आनुपातिकता सिद्धांत के खिलाफ है। यह फैसला हाईकोर्ट ने कर्मचारियों द्वारा दायर 9 याचिकाओं पर सुनाया था, जिनमें कर्मचारियों पर लगाए गए जुर्माने को ग़लत बताया गया था। 

आपको बता दें कि सिविल सर्विसेज अधिनियम 1965 के नियम 22 के उपखंड (4) के अनुसार यदि किसी कर्मचारी के दो से अधिक बच्चे होते हैं और यदि उनमें से किसी एक बच्चे का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ हो तो उसे सेवा में बुरे आचरण वाला माना जाएगा। 

मध्य प्रदेश जिला अदालत प्रतिष्ठान 2016 के नियम के अनुसार उपरोक्त प्रावधान राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा। क्योंकि राज्य न्यायपालिका के कर्मचारी 2016 के सेवा नियमों द्वारा शासित होते हैं, वैधानिक प्रावधानों के अनुसार 26 जनवरी 2001 के बाद पैदा हुए दो से अधिक बच्चों वाला कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करेगा और इसे सर्विस में अपराध माना जाएगा।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में छतरपुर पूर्व CMHO वाजपेयी की मौत / BHOPAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 04:12 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पूर्व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) वीएस वाजपेयी की कोरोना से शुक्रवार को मौत हो गई। वह भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती थे। डॉ. वीएस वाजपेयी अपने वाहन से 27 अगस्त को छतरपुर से भोपाल के लिए निकले थे। सागर में तबियत बिगड़ गई तो वह वहां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो गए। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मध्य प्रदेश में कोरोना के 1317 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या 58 हजार पार हो गई है। अब तक प्रदेश में 58 हजार 181 संक्रमित मिल चुके हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से 44,453 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। कोरोना की रिकवरी रेट बढ़कर 76.4 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 4.57 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 2.24 प्रतिशत। फिलहाल एमपी में 10 लाख लोगों पर टेस्टिंग क्षमता 15 हजार 467 हो गई है।

राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 24 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या 1 हजार 306 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में चार, भोपाल में तीन, ग्वालियर में तीन, जबलपुर एवं सागर में दो-दो और उज्जैन, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, विदिशा, रीवा, सीहोर, अलीराजपुर, शहडोल, शाजापुर, छिंदवाड़ा एवं सिवनी में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।

बारना डैम के 8 गेट खोले, भोपाल-बेगमगंज मार्ग बंद / BHOPAL NEWS

Posted: 28 Aug 2020 03:51 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बेगमगंज-गैरतगंज क्षेत्र में कहूला पुल पर पानी आ जाने भोपाल मार्ग बंद हो गया। जिले में 24 घंटे में 122 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बरेली में निचली बस्ती से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।  

तेज बारिश की वजह से बाड़ी कला के पुल पर भी पानी आ गया है। इस सीजन में पहली बार बाड़ी कला पुल पर पानी आया है। बाड़ी खुर्द और बाड़ी कला का संपर्क टूट गया है। बता दें कि बाड़ी खुर्द और बाड़ी कला के लोग दोनों जगह जरूरी काम से आते-जाते हैं। रास्ता बंद होने से लोग परेशान हैं।

नेशनल हाइवे-12 जयपुर-जबलपुर बंद 

रायसेन में गुरुवार रात से हो रही तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफना गए हैं। शुक्रवार सुबह 6 बजे बारना डैम के 8 गेट खोल दिए गए। डैम से छोड़े जा रहे पानी की वजह से बरेली में बारना पुल पर 20 फीट पानी आ गया है। इससे नेशनल हाइवे-12 जयपुर-जबलपुर बंद हो गया।

शहडोल में दोहरा हत्याकांड: पिता-पुत्र की कुल्हाड़ी मारकर हत्या / MP NEWS

Posted: 28 Aug 2020 02:46 AM PDT


शहडोल।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अज्ञात आरोपियों ने धारदार हथियार से पिता पुत्र की हत्या कर दी है।जिले के सोहागपुर थाना अंतर्गत ग्राम हर्री में रहने वाले पिता-पुत्र सूरज यादव व सुशील यादव की अज्ञात व्यक्तियों ने हत्या कर'दी।  

हर्री में रहने वाले पिता-पुत्र की हत्या आधी रात को किसी धारदार हथियार से  गई है, डबल मर्डर केस कांड की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं संवेदनशील पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए हैं, आरोपियों को तलाशा जा रहा है और आसपास के लोगों से बयान के लिए जा रहे हैं, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चारों तरफ के थानों को निर्देश दे दिए गए हैं, संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के साथ ही आरोपियों की सुराग रस्सी शुरू कर दी गई है।

खबर के अनुसार हत्याकांड को अंजाम देने से पहले दोनों लुटेरे ही सम्भवतः दो पहिया वाहन में कंचनपुर स्थित दीक्षित पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे उन्होंने वहां पर पेट्रोल भराया और जब नोजलमैन ने उनसे पैसे मांगे तो उन्होंने कट्टा दिखाकर उसे धमकाया और वहां से भाग निकले, इसके बाद वे दोनों पास के स्टार ढाबे में पर भी गए थे जहां पर उन्होंने कट्टा दिखाकर आतंक मचाया, संभवत इसी के बाद दोनों टाटा शोरूम पहुंचे और कथित लोगों की हत्या कर दी हालांकि यह पुलिस की जांच का मामला है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

इंदौर में पिता-पुत्र ने युवक में चाकू घोंपा फिर घसीटते हुए ले गए और गला रेत दिया / INDORE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 12:43 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर शहर के फिरोज गांधी नगर में गुरुवार देर रात अवैध संबंधों के चलते श्याम नगर में रहने वाले एक युवक की सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई। परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में कमलेश और उसके बेटों पंकज, दीपक व गौरव ने आकाश श्रीवास की हत्या कर दी। आरोपितों ने पहले तलवार व चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। इसके बाद उसे घसीटते हुए ले गए और गला रेत दिया। हत्या उस वक्त हुई जब मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे जिले की पुलिस अलर्ट थी। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

टीआइ अशोक पाटीदार ने बताया कि घटना फिरोज गांधी नगर में गुरुवार रात करीब 9 बजे की है। श्यामनगर निवासी 20 वर्षीय आकाश पूरणमल श्रीवास की आरोपित कमलेश, दीपक, गौरव व उसके साथियों ने हत्या कर दी। टीआइ के मुताबिक आकाश आपराधिक प्रवृत्ति का था। पहले फिरोज गांधी नगर में ही रहता था, लेकिन कुछ समय पूर्व श्यामनगर रहने चला गया था। गुरुवार रात को उसकी कमलेश की पत्नी से कुछ कहासुनी हुई तो आरोपितों ने उसे घेर लिया। पहले तलवार व चाकू से हमला किया। जैसे ही वह घायल हुआ उसका गला भी रेत दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे एमवाय अस्पताल भेजा। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर रात क्राइम ब्रांच ने आरोपितों के ठिकानों पर छापे मारे और वारदात में शामिल पंकज को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में बताया कि हत्या अवैध संबंधों के कारण की है।

पंकज की आरोपित की पत्नी से दोस्ती थी। दोनों में इस बात को लेकर पहले भी कहासुनी हो चुकी थी। शाम को वह कुछ साथियों को लेकर पंकज की हत्या करने आया था। उसके साथी हथियार लेकर खड़े थे। पंकज व उसके पिता ने उसे देख लिया और आकाश को घेर लिया। साथी घबरा कर भाग गए और पंकज व अन्य ने उसकी हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक वारदात में पंकज के साथियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। आसपास के लोगों ने बताया कि घटना के बाद आरोपित हथियार लहराते हुए भागे थे। पंकज ने बताया कि उसका भाई दीपक घटना में शामिल नहीं है। वह देवास गया हुआ था। क्राइम ब्रांच ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकाली तो कन्नाौद की निकली। एएसपी के मुताबिक शेष आरोपितों की तलाश कर रहे हैं।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

मध्यप्रदेश में छोटे उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक बिजली बिल माफ / MP NEWS

Posted: 28 Aug 2020 08:23 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने बड़ा चुनावी फैसला लिया है परंतु यह हानिकारक भी हो सकता है। खबर आ रही है कि सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के नाम पर 1 किलो वाट लिमिट वाले उपभोक्ताओं का 31 अगस्त तक का बिजली बिल माफ कर दिया है।

विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है परंतु सोशल मीडिया के जरिए पता चले आदेश के मुताबिक अब एक किलोवाट वाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 1 सितंबर से बिजली का बिल देना पड़ेगा। 1 अप्रैल 2020 से 31 अगस्त 2020 तक उनका जितना भी बकाया है वह माफ हो जाएगा। आदेश का पालन हो सके इसके लिए संबंधित अधिकारियों को भी आदेश जारी किया गया है। 

यह आदेश सरकार के लिए हानिकारक कैसे होगा 

मध्यप्रदेश में आज भी लाखों उपभोक्ता ऐसे हैं जो पास-पड़ोसी और रिश्तेदारों से उधार मांग लेते हैं लेकिन बिजली बिल समय पर जमा करते हैं। शिवराज सिंह सरकार का बकाया बिल माफी वाला प्लान ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को आक्रोशित कर सकता है। उपचुनाव में ऐसे उपभोक्ता नेगेटिव वोटिंग कर सकते हैं। क्योंकि सरकार ने इस योजना के तहत शहरी इलाकों में उस उपभोक्ता का बिजली बिल माफ कर दिया है जिसने कोरोना काल में DTH और मोबाइल डाटा पैक तो रिचार्ज कराया परंतु कांग्रेस के बयानों के प्रभाव में आकर बिजली बिल जमा नहीं किया।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

COLLEGE EXAM: जनरल प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़िए

Posted: 28 Aug 2020 04:52 AM PDT

Read Supreme Court's decision on general promotion of UGC EXAM

नई दिल्ली। फाइनल ईयर/ फाइनल सेमेस्टर यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में जनरल प्रमोशन की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि यूजी और पीजी के सभी पाठ्यक्रमों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं यूजीसी के आदेशानुसार 30 सितंबर तक संपन्न करवाई जाएंगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी को जल्द से जल्द सर्कुलर भी जारी करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि राज्य सरकारें कोरोना संकट को देखते हुए परीक्षाएं नहीं टाल सकती हैं। उन्हें हर हाल में परीक्षा आयोजित करानी होगी। 

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूजीसी एक स्वतंत्र संस्था है, विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के आयोजन का ज़िम्मा यूजीसी का है न कि किसी राज्य सरकार का। साथ ही  यूजीसी ने यह भी कहा कि बिना परीक्षा के मिली डिग्री को मान्यता नहीं दी जा सकती है। इसलिए राज्य सरकारें किसी भी छात्र को प्रमोट भी नहीं कर सकती हैं।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जिन राज्यों को कोरोना संकट के दौरान परीक्षा आयोजित कराने में दिक्कत आ रही है। वे यूजीसी के पास एग्जाम टालने का एप्लिकेशन दे सकते हैं।

बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 6 जुलाई, 2020 को देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को 30 सितंबर, 2020 तक पूरा करने से सम्बन्धित सर्कुलर जारी किया गया था। इसे लेकर देश भर के अलग-अलग संस्थानों के 31 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

1 सितंबर से स्कूल/कॉलेज खुलेंगे या नहीं, भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया
सऊदी अरब में बारिश क्यों नहीं होती है 
BF ने शादी से मना किया, रेप केस दर्ज / लड़का बोला ब्लैकमेल कर रही है
मध्य प्रदेश के 6 जिलों में वज्रपात की संभावना, नागरिक सावधान रहें
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागपुर प्रवास के बाद कमलनाथ और शिवराज सिंह मिले
दूध को दही बनाने वाले चमत्कारी पत्थर में क्या खास है, कहां मिलता है, नाम क्या है
सिंधिया के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के आसार
स्कूल फीस मामले में CBSE ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जवाब पेश किया
क्या आप एक शब्द में भारत की सभी विश्व सुंदरियों के नाम बता सकते हैं, यहां पढ़िए
MPPEB द्वारा स्थगित प्रवेश परीक्षाएं कब से आयोजित की जाएंगी, यहां पढ़िए
पेट में गुटर गुटर क्यों होती है ?
मोबाइल फोन में नंबर डायल करने का सुपर फास्ट तरीका कौन सा है, यहां पढ़िए
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
इंदौर के 37 कॉलेजों में 50 करोड़ का स्कॉलरशिप फ्रॉड

प्रेस्टीज कॉलेज: बिना परीक्षा फॉर्म भरवाए एडवांस परीक्षा फीस वसूल ली / BHOPAL NEWS

Posted: 27 Aug 2020 11:01 PM PDT

भोपाल। सरकारी दस्तावेजों में नो प्रॉफिट नो लॉस पर शिक्षा उपलब्ध कराने का वचन पत्र जमा कराने के बाद निजी शिक्षा संस्थान अपना पूरा फोकस पैसों की वसूली पर लगा देते हैं। कोरोना काल में जहां एक और प्राइवेट स्कूल फीस वसूली के लिए ऑनलाइन क्लास चला रहे हैं वही भोपाल स्थित प्रेस्टीज कॉलेज ने तो गजब ही कर डाला। प्रेस्टीज कॉलेज के मैनेजमेंट ने 13000 स्टूडेंट से बिना परीक्षा फॉर्म भरवाए परीक्षा फीस वसूल ली। चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज ने अपने स्टूडेंट से बस फीस भी वसूल कर ली है जबकि सरकार के अलावा न्यायालय भी इसके लिए मना कर चुके हैं।

एडवांस परीक्षा फीस के नाम पर PAYTM अकाउंट में पैसे जमा करा लिए

इंस्टिट्यूट से एलएलबी की पढ़ाई कर रहे प्रक्षल जैन, प्रियांशु जैन और निशांत कुमार ने बताया कि अकेले प्रेस्टीज लॉ इंस्टीट्यूट भोपाल के 830 विद्यार्थियों से 2200 रुपए के हिसाब से एडवांस परीक्षा फीस के नाम पर पेटीएम अकाउंट में जमा करवा लिए गए। फीस के साथ विद्यार्थियों से कोई फाॅर्म भी नहीं भरवाया गया है। उन्हें कहा गया आने वाले समय में परीक्षा की जैसी स्थिति बनेगी, उसके मुताबिक निर्णय लिया जाएगा। 

विद्यार्थियों से बस की फीस भी ले ली

प्रेस्टीज ग्रुप के सभी स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थयों से ड्राइवर-कंडक्टर का वेतन देने और बसों का खर्चा निकालने के लिए बस फीस ली गई है। यह भी उल्लेखनीय है कि ड्राइवर लखन परमार, शिव कचोले और रानू शुक्ला के मुताबिक, शहर के सभी रूटों की बसें चलाने के लिए तैनात किए गए कर्मचारियों का वेतन इंस्टिट्यूट के पास एडवांस जमा है। इसके बावजूद आधे से ज्यादा ड्राइवर और कंडक्टरों को नौकरी से निकाल दिया है। जो लोग अब भी नौकरी में हैं, उन्हें वेतन काटकर दिया जा रहा है। 

हमने तो परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी, हमारा भी खर्चा हुआ है: डायरेक्टर प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट

प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर योगेश्वरी पाठक का कहना है कि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा होना है। बाकी कक्षाओं के लिए रिजल्ट और मार्कशीट बनाने का काम होगा इसलिए उनकी परीक्षा फीस ली है। हमने तो परीक्षा लेने की पूरी तैयारी कर ली थी। उसमें भी तो खर्च हुआ है। हमें यूनिवर्सिटी को भी तो कुछ हिस्सा देना है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
मध्यप्रदेश में कोरोना से हर घंटे 1 मौत, प्राइवेट अस्पतालों में लूटपाट शुरू
मध्यप्रदेश उपचुनाव: बसपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
मौत के बाद भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी माँ: देवास हादसा
भिंड कलेक्टर ने SDM-डिप्टी कलेक्टर सहित 16 अधिकारियों को दंडित किया

सरकारी कंपनी SAIL का जॉब नोटिफिकेशन / GOV JOB

Posted: 27 Aug 2020 10:40 PM PDT

भारत सरकार की प्रतिष्ठित कंपनी SAIL (Steel Authority of India Limited, हिंदीरू स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने जॉब नोटिफिकेशन जारी किया है। RHOS, रजिस्ट्रार और सीनियर रजिस्ट्रार के कई पदों पर नियुक्तियों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 

सरकारी कंपनी SAIL का जॉब नोटिफिकेशन का संक्षिप्त विवरण

पद का नाम: आरएचओएस, रजिस्ट्रार और सीनियर रजिस्ट्रार के पद       
आयु सीमा: उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 30 और 35 वर्ष पद के अनुसार निर्धारित की गई है।
शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवार शैक्षिक योग्यता से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आगे दी गए नोटिफिकेशन देखें।
चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। 
साक्षात्कार की तिथि : 31 अगस्त, 2020
साक्षात्कार का समय : सुबह 09 : 00 बजे से 11: 00 बजे तक
साक्षात्कार स्थल : निदेशक I / c का कार्यालय, JLN अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई

HOW TO APPLY FOR SAIL JOB

उम्मीदवारों सबसे पहले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर या इस खबर में आगे दी गई अधिसूचना को डाउनलोड कर उसे ध्यान से पढ़ें। नोटिफिकेशन में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार साक्षात्कार के लिए पहुंचे। 
आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
आधिकारिक अधिसूचना देखने के लिए यहां क्लिक करें

ग्वालियर में बिजली कंपनी ने ऊर्जा मंत्री की भाभी को एक करोड़ का फायदा पहुंचाया! / GWALIOR NEWS

Posted: 28 Aug 2020 02:38 AM PDT

ग्वालियर। जिस मामले को लेकर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की सर्वत्र निंदा हो रही थी, बिजली कंपनी ने उस मामले में ऐसी कार्रवाई की कि एक तरफ ऊर्जा मंत्री की छवि में सुधार हो जाए और दूसरी तरफ उनकी भाभी श्रीमती मनोरमा तोमर को एक करोड़ का फायदा भी हो जाए। 

मामला क्या है, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की निंदा क्यों हुई

यह तो सभी जानते हैं कि बिलौआ में स्थित ऋतुराज स्टोन क्रशर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बड़े भाई श्री देवेंद्र सिंह तोमर का है। डाक्यूमेंट्स में इसकी मालिक श्रीमती मनोरमा तोमर (पत्नी देवेंद्र सिंह तोमर) है। बिजली कनेक्शन इन्हीं के नाम पर था। जिस पर 10000000 रुपए का बिल बकाया हो गया था। 7 महीने से बिजली कंपनी लगातार नोटिस (सिर्फ नोटिस) जारी कर रही थी। बीते रोज जब यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आया तो बिजली कंपनी के अधिकारियों ने माननीय मंत्री जी को खुश करने के लिए एक ऐसा रास्ता निकाला जिससे उप चुनाव के पहले ना केवल मंत्री जी की छवि में सुधार होगा बल्कि उनके भाई को एक करोड रुपए का फायदा भी होगा। 

ऊर्जा मंत्री के भाई को एक करोड़ का फायदा पहुंचाने बिजली कंपनी ने क्या किया

बताने की जरूरत नहीं कि यदि गांव में 50% से अधिक लोग बिजली बिल जमा नहीं करते तो पूरे गांव की बिजली काट दी जाती है। किसान यदि प्राकृतिक आपदा और बैंक लोन चुकाने के कारण बिजली का बिल चुकाने में चूक जाता है तो उसका ट्रैक्टर जप्त कर लिया जाता है। माननीय मंत्री जी के भाई के मामले में बिजली कंपनी ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। बिजली कंपनी का वह पर्चा जो किसान के ट्रैक्टर, बाइक यहां तक कि कभी-कभी टीवी पर भी चिपका दिखाई देता है, मंत्री जी के भाई की क्रेशर मशीन पर चिपका दिखाई नहीं दिया। 

कितनी चौंकाने वाली बात है कि ₹5000 का बकाया होने पर दुकानदार का बिजली कनेक्शन काटने वाली बिजली कंपनी ने 1 करोड़ का बकाया होने तक ऊर्जा मंत्री के भाई का बिजली कनेक्शन नहीं काटा बल्कि डाक्यूमेंट्स में नोटिस जारी करके अधिकारी अपनी नौकरी बचाते रहे। मामला जब मीडिया की सुर्खियों में आया तब सिर्फ कनेक्शन काटा गया और कोई कार्यवाही नहीं की गई। क्या यह बताने की जरूरत है कि 2 दिन बाद किसी दूसरे बिजली कनेक्शन से यही क्रशर फिर से चलता हुआ दिखाई देगा। सरल सवाल: किसान का ट्रैक्टर सील होता है तो मंत्री के भाई का क्रेशर सील क्यों नहीं किया।

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर आदर्श नेता है या नौटंकीबाज ?

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर खुद को बड़ा ही शुद्ध और सात्विक प्रमाणित करते हैं। कभी नाली साफ करने लगते हैं तो कभी चप्पल पहनना छोड़ देते हैं। अक्सर जमीन पर बैठे दिखाई दे जाते हैं लेकिन यदि वह सचमुच एक आदर्श नेता है तो बजाय कनेक्शन कटवाने के अपनी भाभी से तत्काल ₹10000000 की वसूली करके दिखाएं। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर आदर्श नेता है या नौटंकीबाज, यह मामला इस सवाल का जवाब दे देगा।

अधिकारियों ने बहती गंगा में हाथ धो लिए, 4 अन्य क्रैशर को भी फायदा पहुंचा दिया

बिलौआ में बिजली बकाया घोटाला केवल मंत्री जी के परिवार द्वारा नहीं किया जा रहा बल्कि यहां की संस्कृति में शामिल है। और भी कई क्रेशर हैं जिन पर लाखों का बिजली बिल बकाया है और बिजली अधिकारियों ने वसूली के लिए शिवाय नोटिस जारी करने के कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। जब मंत्री के भाई का मामला उठा तो बिजली अधिकारियों ने बहती गंगा में हाथ धो लिए। मंत्री जी की भाभी का बिजली कनेक्शन कट करने आए थे लगे हाथ चार अन्य क्रेशर के भी कनेक्शन काट दिए।
हेपनिंग इंफ्राटेक बिलौआ पर 26 लाख रुपए, 
शान स्टोन क्रशर बिलौआ पर 11 लाख, 
मंशा ग्रेनाइट बिलौआ पर 10 लाख, 
श्रीजी एसोसिएट बिलौआ 25 लाख 
कुल मिलाकर 1.72 करोड रुपए बट्टे खाते में डाल दिया गया है। 

अब क्या होगा क्रेशर कैसे चलेंगे 

केवल ग्वालियर ही क्या पूरे मध्यप्रदेश में या जालसाजी देखी जा सकती है। इस मामले में क्या होगा पता नहीं लेकिन रिकॉर्ड में ऐसे कई मामले हैं जहां इस तरह के बकाया को बट्टे खाते में डाल दिया गया और बताया गया कि घाटे के कारण क्रेशर बंद हो गया है। फिर उसी क्रेशर का नए नाम से रजिस्ट्रेशन हुआ और नया बिजली कनेक्शन।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
मध्यप्रदेश में कोरोना से हर घंटे 1 मौत, प्राइवेट अस्पतालों में लूटपाट शुरू
मध्यप्रदेश उपचुनाव: बसपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
मौत के बाद भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी माँ: देवास हादसा
भिंड कलेक्टर ने SDM-डिप्टी कलेक्टर सहित 16 अधिकारियों को दंडित किया

मध्यप्रदेश में महिला कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराई जाएगी / EMPLOYEE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 02:38 AM PDT

Night shift for women allowed in madhya pradesh

भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने महिला कर्मचारियों की नाइट ड्यूटी का समर्थन करते हुए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत प्रदेश के प्राइवेट संस्थान भी महिला कर्मचारियों की नाइट ड्यूटी लगा सकते हैं। अधिसूचना के लिए मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को आधार बनाया है जिसमें महिलाओं के मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया गया है।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सिर्फ एक औपचारिक शर्त

राज्य सरकार ने विधानसभा का सत्र न होने की वजह से 22 जुलाई 2020 को अधिसूचना जारी कर कारखाना अधिनियम 1948 की धारा (5) में मिली शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कर्मचारियों के दैनिक काम के समय का प्रावधान किया था। यह तीन महीने के लिए था। चूंकि श्रम संबंधी विषय संवर्ती सूची में होने के कारण इनमें संशोधन सिर्फ केंद्र की सहमति के बाद राज्य विधानसभा से पारित करवाकर हो सकता है लेकिन चूंकि विधानसभा सत्र न होने से इसे राज्यपाल के पास भेजा, जहां से इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाना था। महिला कर्मचारियों को रात्रि की बाली में है बुलाने पर उनकी सुरक्षा का प्रबंध करने की जिम्मेदारी नियोक्ता को दी गई है परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि यदि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए तो क्या सजा दी जाएगी।

यह प्रावधान किए गए हैं
किसी भी कर्मचारी से दिन में 12 घंटे और सप्ताह में 72 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता।
काम के 8 घंटे तय रहेंगे, लेकिन इसके बाद कर्मचारी से काम करवाया जाता है तो उसे ओवर टाइम देना होगा।
ओवर टाइम किसी कर्मचारी के लिए बाध्यकारी नहीं होगा। 

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
मध्यप्रदेश में कोरोना से हर घंटे 1 मौत, प्राइवेट अस्पतालों में लूटपाट शुरू
मध्यप्रदेश उपचुनाव: बसपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
मौत के बाद भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी माँ: देवास हादसा
भिंड कलेक्टर ने SDM-डिप्टी कलेक्टर सहित 16 अधिकारियों को दंडित किया

ग्वालियर संभाग के जंगलों में बैंकिंग फ्रॉड गिरोह के 25 कॉल सेंटर / GWALIOR NEWS

Posted: 27 Aug 2020 10:22 PM PDT

भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य साइबर पुलिस को इनपुट मिला है कि ग्वालियर संभाग के जंगलों में बैंकिंग फ्रॉड करने वाले गिरोह का कॉल सेंटर बना हुआ है। संभाग के 3 जिले श्योपुर, शिवपुरी और ग्वालियर पॉइंट किए गए हैं। लोगों को मोबाइल फोन पर कॉल करके उनके बैंक खातों से धन चुराने वाले इन्हीं तीन जिलों में मूव कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के यह तीन ऐसे जिले हैं जहां के लोग इस तरह के अपराध (साइबर क्राइम) सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

शिवपुरी व डबरा के ग्रामीण क्षेत्रों में 25 रैकेट एक्टिव

ये खुलासा दो महीने पहले श्योपुर से पकड़े गए छह सदस्यीय गिरोह ने किया था। गिरोह के सरगना ने छह साल पहले हरियाणा में इस जालसाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिर उसने खुद ट्रेनर बनकर 25 गिरोह तैयार कर दिए। यही गिरोह शिवपुरी व ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से ऑपरेट कर रहे हैं। एएसपी भोपाल सायबर क्राइम संदेश जैन के मुताबिक 26 अगस्त को पकड़े गए गिरोह के सदस्यों से भी पूछताछ में अहम सुराग हाथ लगे हैं। ये सभी गैंग जामताड़ा, दुमका और देवघर से की जाती है।

बैंकिंग फ्रॉड रैकेट के लोग किन-किन राज्यों के नागरिकों को शिकार बनाते हैं

ये जालसाज हिंदी भाषी प्रदेशों के लोगों को ही ज्यादा निशाना बनाते हैं। इनमें उप्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मप्र, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, कोलकाता शामिल हैं। आरोपी व्यक्ति के एटीएम से जुड़ी जानकारियां हासिल कर लेते हैं। 

गिरोह के लोग बैंक अकाउंट को कैसे हैक करते हैं 

यह लोग बैंक अधिकारी बनकर या फिर लॉटरी अथवा अन्य किसी भी प्रकार का लालच देकर आम आदमी को अपने जाल में फंसाते हैं। फिर बातों-बातों में उसके बैंक अकाउंट की प्राथमिक जानकारी हासिल कर लेते हैं और OTP पूछकर बैंक अकाउंट से जमा धन की निकासी कर लेते हैं। कई बार विश्वास दिलाने के लिए सबसे पहले अपनी तरफ से कुछ रुपए शिकार के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करते हैं ताकि वह आसानी से लालच में आ जाए और लापरवाह हो जाए। 

जंगल में कॉल सेंटर क्यों बनाया 

साइबर सेल की मदद से पुलिस अपराधियों की लोकेशन आसानी से पता कर लेती है। शहरी इलाकों में पुलिस टीम तत्काल रेड करती है परंतु जैसे ही उन्हें पता चलता है कि लोकेशन घने जंगल में है, पुलिस एक्शन लेने में टाइम लगा देती है और तब तक कॉल सेंटर की लोकेशन आसानी से बदल दी जाती है। दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि जंगल में ऊंचाई पर बने हुए कॉल सेंटर से हाथी हुई पुलिस टीम की लोकेशन आसानी से दिखाई दे जाती है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
मध्यप्रदेश में कोरोना से हर घंटे 1 मौत, प्राइवेट अस्पतालों में लूटपाट शुरू
मध्यप्रदेश उपचुनाव: बसपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
मौत के बाद भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी माँ: देवास हादसा
भिंड कलेक्टर ने SDM-डिप्टी कलेक्टर सहित 16 अधिकारियों को दंडित किया

कर्मचारी को तंग करने जारी अटैचमेंट आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे / EMPLOYEE NEWS

Posted: 28 Aug 2020 02:38 AM PDT

जबलपुर। कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के नए-नए तरीके अधिकारियों द्वारा खोज ही लिए जाते हैं। मध्यप्रदेश के मंडला में एक कर्मचारी को परेशान करने के लिए बार-बार 50 से 100 किलोमीटर दूरी वाले ऑफिस में अटैच किया जा रहा था। हाईकोर्ट ने अटैचमेंट को दूषित मानते हुए उसके पालन पर रोक लगा दी एवं कलेक्टर को निर्देशित किया कि वह मामले का निराकरण करें।

श्री अनिल सोनी, सहायक ग्रेड-2 मंडला कोषालय में कार्यरत, का कार्यालयीन व्यवस्था के नाम पर पिछले दो वर्षों में लगातार 50 से 100 किलोमीटर की दूरी पर अटैचमेंट किया गया था। वस्तुतः यह एक प्रकार का ट्रांसफर ही है। दिनांक 4/03/2020 को श्री अनिल सोनी, सहायक वर्ग 2 को, ऑफिस व्यवस्था/ड्यूटी लगाने के नाम पर मण्डला कोषालय से सब ट्रेज़री निवास में संलग्न/स्थानांतरित कर दिया गया था। पूर्व के वर्षों में भी इसी प्रकार के आदेश जारी किये गए थे। ऐसे मनमाने आदेशों का पालन, अवसाद पैदा करने वाला था।

कर्मचारी द्वारा, आदेश दिनाँक 04/03/2020 को हाई कोर्ट, जबलपुर के समक्ष चुनौती दी गई। कर्मचारी के वकील श्री अमित चतुर्वेदी के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस प्रकार के  अटैचमेंट आदेशो पर प्रतिबंध है। आदेश दिनाँक 04/03/20 आयुक्त, पर्यावास भवन कोष लेखा एवं कलेक्टर, मंडला द्वारा भी अनुमोदित नही था। इस प्रकार के आदेश, अधिकारिता से परे, दूषित माने जाते हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा दिनाँक 26/08/2020 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि अटैचमेंट आदेश अधिकारिता से परे दूषित है। कोर्ट ने, मंडला कलेक्टर को निर्देशित कर प्रकरण के निराकरण के आदेश दिये हैं। कोर्ट ने निर्णय की अवधि तक संलग्नीकरण आदेश को स्टे कर अनिल सोनी को मंडला में कार्य करने की अनुमति दी है।

28 अगस्त को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP IAS TRANSFER LIST / मप्र आईएएस अफसरों के तबादले
मध्यप्रदेश में कोरोना से हर घंटे 1 मौत, प्राइवेट अस्पतालों में लूटपाट शुरू
मध्यप्रदेश उपचुनाव: बसपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी
भोपाल में ऑनलाइन गेम में हारने पर नाबालिग ने सुसाइड कर लिया
मौत के बाद भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी माँ: देवास हादसा
भिंड कलेक्टर ने SDM-डिप्टी कलेक्टर सहित 16 अधिकारियों को दंडित किया

Post Bottom Ad

Pages