प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल, जांच के आदेश
- छात्र-शिक्षक की संख्या का पता लगवा रहा निदेशालय, विज्ञापन संख्या-50 के तहत होनी है असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती
- कई शिक्षा अधिकारियों के साथ ही तमाम शिक्षको के संक्रमित होने के चलते यूटा ने परिषदीय स्कूलों को 31 अगस्त तक बन्द करने की मांग
- फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
- सरकारी परिषदीय स्कूल अब नहीं बन सकेंगे क्वारंटीन सेंटर
- योगी सरकार ने एक और योजना का नाम बदला, बाल श्रमिक व अनाथ बालकों को 1000 तो बालिकाओं को 1200 रुपये देगी
- रिटायरमेंट की उम्र में देना पड़ रहा योग्यता का सुबूत, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जांचे जा रहे डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के प्रपत्र
- कानपुर में तैनात बीईओ ने कोरोना पॉजिटिव आने पर लगाई फांसी
| आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल, जांच के आदेश Posted: 02 Aug 2020 06:17 PM PDT आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल, जांच के आदेश लखनऊ । प्रदेश के आश्रम पद्धति विद्यालयों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। बलरामपुर में गुणवत्ता खराब मिलने पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। साथ ही जांच के आदेश दिए गए हैं। बलरामपुर के आश्रम पद्धति विद्यालय में दो करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से रसोई, डॉरमेट्रो और डाइनिंग हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ दिनों पहले समाज कल्याण राज्यमंत्री जीएस धर्मेश ने वहां मौका मुआयना किया तो पाया कि काम की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। इस आश्रम पद्धति विद्यालय का संचालन जनजातीय =e निदेशालय करता है। इस बारे में संपर्क किए जाने पर अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर काम रुकवा दिया गया है। मामले की जांच भी कराई जा रही है। जहां भी गुणवत्ता खराब मिलेगी, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। |
| Posted: 02 Aug 2020 06:15 PM PDT छात्र-शिक्षक की संख्या का पता लगवा रहा निदेशालय, विज्ञापन संख्या-50 के तहत होनी है असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती। प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। उच्च शिक्षा निदेशालय को प्रदेशभर के डिग्री कॉलेजों से 3900 पदों की रिक्तियों का ब्योरा मिला है। निदेशालय ब्योरे की नए सिरेबसे पड़ताल करवा रहा है। जिन कॉलेजों से रिक्तियों का ब्योरा आया है उनके छात्र व शिक्षक की संख्या का पता लगाया जा रहा है। जहां छात्र संख्या कम होगी वहां भर्ती नहीं की जाएगी। जहां छात्रों की संख्या अधिक होगी उन्हीं कॉलेज में भर्ती कराई जाएगी। इसके तहत निदेशालय उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को अलग-अलग चरणों मेंअधियाचन भेजेगा। फिर आयोग उसी के अनुरूप भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा। प्रदेश के एडेड डिग्री कालेजों में अलग-अलग विषय के 4500 पद खाली हैं। शासन ने निदेशालय को 3900 पदों की भर्ती का अधियाचन जारी करने की स्वीकृति दी है। निदेशालय से मिले अधियाचन के अनुरूप आयोग विज्ञापन संख्या 50 के तहत भर्ती निकालेगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए भर्ती का विज्ञापन कई चरणों में निकलने की उम्मीद है। इससे भर्ती प्रक्रिया कई महीनों तक चलेगी। ![]() |
| Posted: 02 Aug 2020 06:10 PM PDT |
| फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका Posted: 02 Aug 2020 06:01 PM PDT फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी पुलिस आगरा : बाह क्षेत्र में चित्राहाट के नगला सुरई गांव में रविवार की सुबह शिक्षामित्र सत्यवान सिंह (42) का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरे का दरवाजा खुला था। साथियों का मानना है कि शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने हत्या का अंदेशा भी जताया है। शिक्षामित्र संघ से जुड़े लोगों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। चित्राहाट के नगला सुरई गांव निवासी सत्यवान पुत्र साहब सिंह पारना गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे। साथी शिक्षामित्रों और परिजनों ने बताया कि सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद से सत्यवान गुमशुम रहने लगे थे। शनिवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार की सुबह फंदे पर शव लटका मिला। कमरे का दरवाजा खुला देख घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची चित्राहाट पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ चित्राहाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षामित्र संगठन के अजय भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया, अनिल शर्मा, पंकज बौहरे , पीतम गुर्जर, नेवर सिंह आदि ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है। पत्नी भी है शिक्षामित्र, मायके गई थी मृतक शिक्षामित्र सत्यवान की पत्नी ऊषा देवी भी नगला सुरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र है। उनके दो बच्चे अभिनव (12), गीतांजलि (7) वर्ष हैं। दो दिन पहले ही सत्यवान ऊषा देवी को रक्षाबंधन पर मायके इटावा गई थी। सत्यवान खुद छोड़ने गए थे। मौत की खबर लगते ही वह रोते-बिलखते घर लौटी। |
| सरकारी परिषदीय स्कूल अब नहीं बन सकेंगे क्वारंटीन सेंटर Posted: 02 Aug 2020 05:47 PM PDT सरकारी परिषदीय स्कूल अब नहीं बन सकेंगे क्वारंटीन सेंटर बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के सभी चार विकास खंडों और नगर पालिका बिल्हौर व नगर पंचायत शिवराजपुर के प्राथमिक, जूनियर, सहायता-मान्यता प्राप्त विद्यालय कोरोना संदिग्धों के लिए क्वारंटीन केंद्र नहीं बन सकेंगे। शिक्षा विभाग ने कोराना अनलॉक शुरू होने और पठन-पाठन के कार्य शुरू होने के साथ होम क्वारंटीन की सुविधा प्रदेश सरकार द्वारा चालू करने से शिक्षा विभाग ने आदेश लागू किया है। ककवन क्षेत्र के सिहुरा दाराशिकोह गांव में मानेसर से आए 22 प्रवासी श्रमिकों की जांच में छह लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद ग्राम प्रधान द्वारा शेष 17 लोगों को सरकारी स्कूल में क्वारंटीन करने के लिए खंड शिक्षाधिकारी ककवन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति न मिल पाने से सभी संदिग्ध प्रवासी श्रमिकों को गांव के बाहर एक अन्य स्थान पर ठहराया जा सका था। खंड शिक्षाधिकारी ककवन धर्म प्रकाश ने बताया कि सरकार के आदेश पर पूर्व में विद्यालयों को क्वारंटीन सेंटर बनाया जा चुका है, लेकिन जुलाई से सभी स्कूलों के खुलने और कोरोना अनलाक से किसी भी स्कूल को क्वारंटीन सेंटर नहीं बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षाधिकारी कानपुर पवन कुमार की ओर से उन्हें स्पष्ट आदेश भी प्राप्त हुए हैं। स्कूलों के खुल जाने से शिक्षकों के अलावा अभिभावक और अन्य ग्रामीण विद्यालयों में आ जा रहे हैं सुरक्षा के मद्देनजर शिक्षा विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है। |
| Posted: 02 Aug 2020 05:45 PM PDT योगी सरकार ने एक और योजना का नाम बदला, बाल श्रमिक व अनाथ बालकों को 1000 तो बालिकाओं को 1200 रुपये देगी राज्य सरकार ने बाल श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना का नाम व स्वरूप बदलकर बाल श्रमिक विद्या योजना कर दिया है। इससे 13 मंडलों के दो हजार बाल श्रमिक व अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार प्रत्येक बालक को हर माह एक हजार रुपये और बालिकाओं को 1200 रुपये देगी। इस तरह बालकों को साल भर में 12 हजार और बालिकाओं को 14 हजार 400 रुपये दिए जाएंगे। पहले बालक-बालिकाओं को 9200 रुपये सालाना दिए जाते थे। राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 में 10 जिलों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना शुरू की थी। वर्ष 2015 में 8 मंडलों के 34 जिलों को लाभ मिलने लगा। इसमें श्रम विभाग द्वारा चिह्नित बाल श्रमिकों को प्रतिवर्ष 8000 रुपये की सहायता और 100 रुपये महीने छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान था। भाजपा सरकार बनने पर 15 मई 2017 को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कई विभागों के प्रतिनिधियों की बैठक में योजना का नाम बदलकर बाल श्रमिक विद्या योजना-2019 (बीएसवीवाई) करने का फैसला लिया गया था। |
| Posted: 02 Aug 2020 05:52 PM PDT रिटायरमेंट की उम्र में देना पड़ रहा योग्यता का सुबूत, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जांचे जा रहे डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के प्रपत्र। कानपुर : बेसिक शिक्षा में पकड़े गए फर्जी शिक्षकों के कारण शिक्षा विभाग अब सभी के प्रपत्र जांच रहा है। अब डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों के प्रपत्रों की जांच भी की जा रही है। इसमें ऐसे विभागाध्यक्षों व एसोसिएट प्रोफेसरों से उनके प्रपत्रों का ब्योरा मांगा जा रहा है जो सेवानिवृत्त होने वाले हैं कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने ऐसे अनुभवी शिक्षकों की दोबारा जांच कराए जाने पर नाराजगी जताई है। शिक्षक संघ ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है कि जब एक बार डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के प्रपत्रों का सत्यापन हो चुका है तो दोबारा कराने को क्यों कहा जा रहा है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के विभागाध्यक्षों व एसोसिएट प्रोफेसरों को इस प्रकार दौड़ाना गलत है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 51 सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज हैं, जिनमें ढाई हजार शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इसमें शहर में 21 कॉलेज संचालित हैं। प्राथमिक स्कूल के फार्मूले को डिग्री कॉलेजों में कैसे लगाया जा सकता है। कॉलेज में पढ़ाते हुए 32 वर्ष हो चुके हैं। वीआरएस से दो दिन पहले उनके प्रपत्रों की जांच हुई थी। डॉ. विजय लक्ष्मी सेवानिवृत्त दर्शनशास्त्र विभाग डीएवी कॉलेज। प्रपत्रों का सत्यापन करने में किसी शिक्षक को कोई आपत्ति नहीं है। जिनका रिटायरमेंट करीब है, उन्हें इससे अलग रखना चाहिए। सत्यापन बाद में भी किया जा सकता था। हां. सुनीत अवस्थी अध्यक्ष शिक्षक संघ डीएवी कॉलेज। एक बार जब प्रपत्रों की जांच हो चुकी है तो दोबारा करने का क्या औचित्य है ।अभिलेख की प्रमाणिकता की दोबारा जांच करनी है तो यह जिम्मेदारी शासन की है। डॉ.बीडी पांडेय, अध्यक्ष कानपुर विवि शिक्षक संघ छात्र छात्राओं को 30 वर्ष से पढ़ा रहे हैं। अभी तक 16 हजार से अधिक छात्रों को पढ़ाया है। अब प्रपत्र दिखाने को कहा जा रहा है। साल भर बाद रिटायरमेंट है। डॉ. ज्योति कुमार विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान विभाग वीपीएन कॉलेज ![]() |
| कानपुर में तैनात बीईओ ने कोरोना पॉजिटिव आने पर लगाई फांसी Posted: 02 Aug 2020 05:58 PM PDT उन्नाव में खंड शिक्षाधिकारी ने कोरोना पॉजिटिव होने पर फांसी लगा कर दे दी जान। उन्नाव : कानपुर नगर में तैनात खंड शिक्षाधिकारी ने कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद शनिवार देर रात घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पत्नी ने शव लटकता देखा तो होश उड़ गए। परिजन व पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणी देवी निवासी सुरेश कानपुर में खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) के पद पर तैनात थे। एक पखवाड़ा पहले तबीयत खराब होने पर 27 जुलाई को उर्सला में टायफाइड और कोरोना की जांच कराई थी। शनिवार दोपहर 2.30 पर उर्सला से फोन पर जानकारी दी गई कि जांच में सुरेश कोरोना से संक्रमित है। परिजनों ने उन्हें समझाया कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जल्दी ही ठीक हो जाएंगे। रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद अपने अपने कमरों में सोने के लिए चले गए। इसी दौरान सुरने ने पंखे से लटककर जान दे दी। रविवार सुबह पत्नी हेमलता ने सुरेश को फंदे से लटकता देखा को सन्न रह गईं। बेटे सुमित ने बताया कि पिता की कानपुर में तैनाती थी। उनके पास तीन ब्लॉक सदर बाजार, किदवईनगर और मुख्यालय था। तबीयत खराब होने पर छुट्टी ले रखी थी। टायफाइड व कोरोना की जांच कराई थी। शनिवार दोपहर उर्सला से फोन पर उनके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई थी। ![]() |
| You are subscribed to email updates from प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |






