दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- सिटी एसपी को जबरन क्वारैंटाइन करने पर नीतीश ने कहा-जो भी हुआ वह ठीक नहीं, डीजीपी महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों के बात कर रहे
- राखी के मौके पर सुशांत की छोटी बहन का ट्वीट-'लौट आओ भैया आज आपकी बहुत याद आ रही'
- रक्षाबंधन परिचय -
- जिले में अब तक 2914 पॉजिटिव मिले पर घबराइए नहीं, 61 % ठीक भी हुए हैं
- मायागंज में प्लाज्मा थैरेपी के लिए जरूरी सामान खरीदेंगेे पांच डॉक्टरों की बनी टीम
- बाढ़ आने के दौरान मुजफ्फरपुर का रेडजोन बना रहता है महमदपुर कोठी
- मुशहरी और मुरौल के 10 गांवों के लोग भिड़े, चले लाठी-डंडे जमकर रोड़ेबाजी, 7 पुलिसकर्मी व एक दर्जन ग्रामीण जख्मी
- वुड इंडस्ट्री कलस्टर के रूप में विकसित हुआ मोतीपुर का पनसलवा, चल रहे 800 उद्योग
- जिले में अब तक 2914 पॉजिटिव मिले पर घबराइए नहीं, 61 % ठीक भी हुए हैं
- मायागंज में प्लाज्मा थैरेपी के लिए जरूरी सामान खरीदेंगेे पांच डॉक्टरों की बनी टीम
- महिलाओ को फूल नहीं शूल बनना होगा तभी अपना आस्तित्व बचेगा , सुनीता गिरी ,...
- पं. प्रेम सागर पाण्डेय से जाने आज का दैनिक पंचांग एवं राशिफल 03 - अगस्त – 2020 सोमवार
- 'रक्षाबंधन' अंतर्मन सामंजस्य और विपत्ति रक्षा की प्रतिबद्धता!
- ‘इमाम-ए-हिन्द’ कहकर प्रभु श्रीराम का अपमान करनेवाले फैज खान सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें !
- पटना के सिटी एसपी जांच के लिए मुंबई रवाना, मामले से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ करेंगे
- 1 दिन में रिकॉर्ड 1000 जांच, सुल्तानगंज में 6 महिला पुलिस समेत 73 पॉजिटिव
| Posted: 02 Aug 2020 11:22 PM PDT एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड केस की जांच के लिए मुंबई पहुंचे पटना के सिटी एसपी विनय कुमार तिवारी को बीएमसी के अधिकारियों ने जबरन क्वारैंटाइन कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है वह ठीक नहीं है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों से बात कर रहे हैं। इस सवाल पर क्या आप महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से बात करेंगे, नीतीश ने कहा कि यह कोई राजनीतिक बात नहीं है। सीबीआई जांच के सवाल को नीतीश टाल गए। सोमवार को नीतीश विधानमंडल के एक दिवसीय सत्र में शामिल होने ज्ञान भवन पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही। गुप्तेश्वर पांडेय बोले-महाराष्ट्र के डीजीपी से बात करूंगा बता दें कि 14 जून को एक्टर सुशांत सिंह ने मुंबई स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुशांत के परिवार वालों ने 28 जुलाई को पटना के राजीव नगर थाने में रिया और उसके परिवार वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। चार अधिकारी जांच के लिए मुंबई गए हुए हैं और वहां की लोकल पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि, यह आरोप लग रहे हैं कि मुंबई पुलिस बिहार पुलिस के साथ कोऑपरेट नहीं कर रही है। डीजीपी ने भी कहा था कि मुंबई पुलिस इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट हमें सौंपा, न सीसीटीवी फुटेज और न ही कोई सूचनाएं जो अब तक जांच के दौरान बरामद की गई। इसके बाद रविवार को सिटी एसपी विनय तिवारी को जांच के लिए मुंबई भेजा गया। वहां जाते ही उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/sushant-suicide-case-on-forcibly-quarantining-city-sp-vinay-tiwari-nitish-said-whatever-happened-is-not-right-dgp-gupteshwar-pandey-is-talking-to-maharashtra-police-officials-127580296.html |
| राखी के मौके पर सुशांत की छोटी बहन का ट्वीट-'लौट आओ भैया आज आपकी बहुत याद आ रही' Posted: 02 Aug 2020 10:22 PM PDT रक्षाबंधन के मौके पर एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की छोटी बहन श्वेता कीर्ति सिंह ने इमोशनल ट्वीट किया है। श्वेता ने ट्वीट कर लिखा-"लौट आओ भैया आज आपकी बहुत याद आ रही है"। सुशांत को गए हुए करीब डेढ़ महीने बीत गए हैं। बहन श्वेता लगातार ट्वीट कर सुशांत को इंसाफ दिलाने की मुहिम में जुटी हैं। रविवार को भी श्वेता ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को ट्वीट कर लिखा था कि मेरे भाई सुशांत सिंह की हत्या की गई थी। लेकिन, महाराष्ट्र सरकार सीबीआई जांच करने से इनकार कर रही है। मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे तुरंत संज्ञान में लें। ##श्वेता लगातार यह आरोप लगा रही हैं कि उनके भाई सुशांत की हत्या हुई है। उनका कहना है कि सुशांत की हत्या के पीछे कई राज कैद हैं। इस मामले की सीबीआई जांच हुई तो कई नेता और अभिनेता फंसेंगे। यह वजह है कि मामले की सीबीआई जांच नहीं होने दी जा रही है। श्वेता कीर्ति सिंह सुशांत की सबसे छोटी बहन हैं। वह सुशांत के काफी करीबी मानी जाती थी। सुशांत हर बात श्वेता से शेयर करते थे। 15 जून को मुंबई में हुए सुशांत के अंतिम संस्कार में श्वेता नहीं पहुंच सकी थीं। उस वक्त वो विदेश में थीं। इसके बाद टिकट कन्फर्म होने पर वह पटना लौटीं। बता दें कि 14 जून को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुशांत के परिवार वालों ने पिछले दिनों रिया और उसके परिवार वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिटी एसपी विनय तिवारी और चार अधिकारी जांच के लिए मुंबई गए हुए हैं। सुशांत की मौत के बाद से लगातार सीबीआई जांच की मांग की जा रही है लेकिन, महाराष्ट्र सरकार इसकी मंजूरी नहीं दे रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/sushant-singh-younger-sister-shweta-kirti-singh-tweet-on-the-occasion-of-rakshabandhan-laut-aao-bhaiya-i-am-missing-you-very-much-today-127580282.html |
| Posted: 02 Aug 2020 09:51 PM PDT रक्षाबंधन परिचय -संकलन अश्विनी कुमार तिवारी उत्तरांचल में इसे श्रावणी ,महाराष्ट्र राज्य का नारियल पूर्णिमा या श्रावणी, राजस्थान में रामराखी और चूड़ाराखी या लूंबा ,तमिलनाडु, केरल,(कही कही महाराष्ट्र में भी) और उड़ीसा के दक्षिण भारतीय ब्राह्मण इस पर्व को अवनि अवित्तम कहते हैं और उत्तर भारत मे श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता है। वीर फूली पर्व साथियो। रक्षाबंधन के साथ जुडा है एक पर्व वीर फूली। मेवाड में यह विशेष रूप से मनाया जाता है। यह सूती धागे को बांधकर मनाया जाता है। बहनें इस फूली को अपने किसी अंग विभूषण पर बांध लेती हैं। राखी से पहले पडने वाले दो रविवारों में से पहले रविवार को बहने अपने किसी भी गहने पर फूली के रूप में सूती धागे के तार बांध लेती हैं। यह भैया के दीर्घायु की कामना के साथ बांधे जाते हैं। भारतीय व्रतों में डोरक व्रतों की परंपरा इस व्रत में भी देखी जा सकती है। एक सप्ताह तक बंधे रहने के बाद, रविवार को ही इसको उतारा जाता है। इसे वडी करना कहा जाता है। वडी के मौके पर चूरमा बाटी बनाई जाती है। भैया को न्यौता जाता है। वह बहन को राखी के मौके पर अपने घर आने का निमंत्रण देता है। इस प्रकार राखी केवल एक दिन का नहीं लगभग तीन हफ़तों का पर्व है। मेवाड में रानियां वीर फूली के पर्व पर बहुत खर्चा करती थीं। 17वीं सदी में महाराणा राजसिंह कालीन बहियों में इस पर्व पर रानियों द्वारा किए गए व्यय का विवरण मिलता है। इसी प्रकार महाराणा भीमसिंह कालीन बहियों में भी वीर फूली पर्व पर जनाना महल में होने वाले खर्चों का विवरण मिलता है। वीर फूली से ही विदित होता है कि राखी मूलत; लोकपर्व है। इसके साथ शास्त्रीय मान्यता बहुत बाद में जुडी। राखी का गीत - राखी ले बहना आई, मनडे में यूं मुळकाई, भैया रै हाथै राखी बांधूली, ओ वीरा चंदण टीको लगाऊंली। श्रावण शुक्ल तृतीया (तीज).. पौराणिक कथाओं के अनुसार तीज के दिन भगवती पार्वती सौ वर्षों की तपस्या साधना के बाद भगवान शिव से मिली थीं. माँ पार्वती का इस दिन पूजन - आह्वान विवाहित स्त्री - पुरुष के जीवन में हर्ष प्रदान करता है. समस्त उत्तर भारत में तीज पर्व बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है. इसे श्रावणी तीज, हरियाली तीज तथा कजली तीज भी कहते हैं. बुन्देलखंड के जालौन, झाँसी, दनिया, महोबा, ओरछा आदि क्षेत्रों में इसे हरियाली तीज के नाम से व्रतोत्सव के रूप में मनाते हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बनारस, मिर्ज़ापुर, देवलि, गोरखपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर आदि ज़िलों में इसे कजली तीज के रूप में मनाने की परम्परा है. लोकगायन की एक प्रसिद्ध शैली भी इसी नाम से प्रसिद्ध हो गई है, जिसे 'कजली' कहते हैं. राजस्थान के लोगों के लिए त्योहार ही जीवन का सार है. तीज के आगमन के हर्ष में मोर हर्षित हो नृत्य करने लगते हैं. स्त्रियाँ उद्यानों में लगे रस्सी के झूले में झूलकर प्रसन्नचित् होती हैं तथा सुरीले गीतों से वातावरण गूँज उठता है. यह कजली तीज सावन के महीने में शुक्लपक्ष के तीसरे दिन मनाई जाती है. तीज भारत के अनेक भागों में मनाई जाती है, परन्तु राजस्थान की राजधानी जयपुर में इसका विशेष महत्त्व है. तीज का आगमन भीषण ग्रीष्म ऋतु के बाद पुनर्जीवन व पुनर्शक्ति के रूप में होता है. यदि इस दिन वर्षा हो, तो यह और भी स्मरणीय हो उठती है. लोग तीज जुलूस में ठंडी बौछार की कामना करते हैं. ग्रीष्म ऋतु के समाप्त होने पर काले - कजरारे मेघों को आकाश में घुमड़ता देखकर पावस के प्रारम्भ में पपीहे की पुकार और वर्षा की फुहार से आभ्यंतर आनन्दित हो उठता है. ऐसे में भारतीय लोक जीवन कजली या हरियाली तीज का पर्वोत्सव मनाता है. आसमान में घुमड़ती काली घटाओं के कारण ही इस त्योहार या पर्व को 'कजली' या 'कज्जली तीज' तथा पूरी प्रकृति में हरियाली के कारण 'तीज' के नाम से जाना जाता है. इस त्योहार पर लड़कियों को ससुराल से पीहर बुला लिया जाता है. विवाह के पश्चात् पहला सावन आने पर लड़की को ससुराल में नहीं छोड़ा जाता है. नवविवाहिता लड़की की ससुराल से इस त्योहार पर सिंजारा भेजा जाता है. हरियाली तीज से एक दिन पहले सिंजारा मनाया जाता है. इस दिन नवविवाहिता लड़की की ससुराल से वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार का सामान, मेहंदी और मिठाई भेजी जाती है. इस दिन मेहंदी लगाने का विशेष महत्त्व है. ध्यान रहे मारवाड़ अंचल में रक्षाबंधन के बाद आने वाली भाद्रपद माह की तीज मनाई जाती है जिसे बड़ी तीज या सातुड़ी तीज कहते हैं. आप भी सिंजारा यानी धमोळी पर भेजे जाने वाले पकवानों की रेसीपी भेज सकते हैं। ✍🏻श्रीकृष्ण जुगनू रक्षा बन्धन-रक्षा-बन्धन समाज को एकता सूत्र में बान्धने का पर्व है। यह शिक्षक होने के कारण मुख्यतः ब्राह्मणों का दायित्व माना गया है। रक्षा बन्धन-(क) ब्राह्मण का अर्थ-हम उसी का विश्वास करते हैं जो स्वयं अपने भीतर सन्तुष्ट हो। लोभी व्यक्ति पैसा या शक्ति के लोभ में कोई भी झूठ कह सकता है। अतः ब्राह्मण में भी पुरोहिती का कर्म निन्दनीय माना गया था। हम उन्हीं कवियों की वाणी का अनुसरण करते हैं, जो संन्यासी थे जैसे कबीर, तुलसीदास आदि। जो अपने द्वारा अपने भीतर ही सन्तुष्ट हो, उसी की बात समाज को प्रभावित कर एक कर सकती है- प्रजहाति यदा कामान् सर्वान् पार्थ मनोगतान्। आत्मन्येवात्मने तुष्टः स्थितप्रज्ञस्तदोच्यते॥ (गीता २/५५) यहां जहाति शब्द का प्रयोग कामनाओं की हत्या के लिये किया गया है। इसी अर्थ में कुरान में अरबी शब्द जहाति का प्रयोग है, जिसका अर्थ जिहाद है। जो अपने आवरण (शर्म या चर्म) के भीतर सन्तुष्ट रहे वह शर्मन् है जो ब्राह्मण की उपाधि होती है। शर्म का अर्थ सुख भी है- स्यादानन्द थुरानन्द शर्म्मशातसुखानि च। (अमरकोष, १/४/२५)=आनन्द, शर्म, सुख आदि पर्यायवाची हैं। तस्मा अग्निर्भारतः शर्म यं सत् (ऋग्वेद, ४/३५/४), सायण भाष्य-शर्म= सुख स नः शर्माणि वीतयेऽग्निर्यच्छतु शन्तमा। (ऋग्वेद ३/१३/४) सायण भाष्य-शर्माणि शर्म शब्दो गृहवाची, छाया शर्मेति तन्नामसु पाठात्। वाग्वै शर्म। अग्निर्वै शर्माण्यन्नाद्यानि यच्छति (ऐतरेय ब्राह्मण २/४०, ४१) = यह अग्नि हमारी शान्ति के लिये शर्म (आश्रय, आवरण) दे। वाक् (शब्द, ज्ञान) भी हमारी रक्षा करते हैं, अतः शर्म हैं। ४ वर्णों को शर्मा, वर्मा (कवच द्वारा रक्षा), गुप्त (धन द्वारा रक्षा), दास (कर्म द्वारा रक्षा) इसी अर्थ में कहते हैं- ततश्च नाम कुर्वीत पितैव दशमेऽहनि। देवपूर्वं नराख्यं हि शर्मवर्मादि संयुतम्। शर्मेति ब्राह्मणस्योक्तं वर्मेति क्षत्रसंश्रयम्। गुप्त दासात्मकं नाम प्रशस्तं वैश्य शूद्रयोः। (विष्णु पुराण २/१०/८९) (ख) अदृश्य रक्षा-हाथ पर बान्धने वाला रक्षा-सूत्र हमारी रक्षा ४ सूत्रों से करता है-(१) एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी तक ज्ञान की परम्परा, (२) समाज तथा देश को एक करने का ज्ञान, (३) विविध व्यवसायों का समन्वय और रक्षा, (४) प्रकृति तथा मनुष्य की परस्पर निर्भरता = आधिदैविक विपत्तियों से रक्षा। यथोक्तान्यपि कर्म्माणि परिहाय द्विजोत्तमः। आत्मज्ञाने शमे च स्यात् वेदाभ्यासे च यत्नवान्॥९२॥ एतद्धि जन्मसाफल्यं ब्राह्मणस्य विशेषतः। प्राप्यैतत् कृतकृत्यो हि द्विजो भवति नान्यथा॥९३॥ पितृ-देव-मनुष्याणां वेदश्चक्षुः सनातनम्। अशक्यं चाप्रमेयं च वेदशास्त्रमिति स्थितिः॥९४॥ (मनुस्मृति, अध्याय १२) = शास्त्रों में वर्णित कर्त्तव्यों को छोड़कर भी ब्राह्मण को इन्द्रिय-जय, आत्मज्ञान, तथा वेद अध्ययन करना चाहिये। तभी उसका ब्राह्मण जन्म सार्थक है। पितर, देव, मनुष्य सभी का नेत्र वेद ही है, जो सनातन, अपौरुषेय है। (ग) एकता सूत्र-वैदिक मन्त्र- यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्यं शतानीकस्य सुमनस्यमानाः। तत्ते बध्नाम्यायुषे वर्चसे बलाय दीर्घायुत्त्वाय शतशारदाय॥१॥ नैनं रक्षांसि न पिशाचाः सहन्ते देवानामोजः प्रथमं ह्येतत्। यो बिभर्त्ति दाक्षायणं हिरण्यं स जीवेषु कृणुते दीर्घमायुः॥२॥ अपां तेजो ज्योतिरोजो बलं च वनस्पतीनामुत वीर्य्याणि। इन्द्र इवेन्द्रियाण्यधि धारयामो अस्मिन् तद् दक्षमाणो बिभरद्धिरण्यम्॥३॥ समानां मासामृतुभिष्ट्वा वयं सम्वत्सररूपं पयसा पिपर्मि। इन्द्राग्नी विश्वे देवास्तेऽनुमन्यन्तामहृणीयमानाः॥४॥ (अथर्व वेद १/३५) हाथ पर सूत्र बान्धते समय पहला मन्त्र पढ़ा जाता है। (१) आकाश में सूर्य अपने से १०० व्यास की दूरी पर हमें रखॆ हुये है (दाक्षायन), इसका हिरण्य (तेज स्रोत) हमें वर्चस (मानसिक शक्ति), बल, १०० वर्ष की आयु देता है। (२) राक्षस, भूत, पिशाच उस व्यक्ति का तेज नहीं सह पाते जिसमें देवताओं का ओज इस दाक्षायण हिरण्य द्वारा रक्षित है। (३) दाहिने हाथ के इस सूत्र से हम जल, तेज, ज्योति, ओज, बल वनस्पति से पाते हैं। (४) हम, मास (चन्द्र से), ऋतु, समा (वर्ष) से सम्वत्सर रूप पय का पान करते हैं (हमारे सभी यज्ञ या उत्पादन इसी चक्र में हैं), उनसे आकाश के इन्द्र तथा पृथ्वी पर की अग्नि का तेज पाते हैं। पौराणिक मन्त्र-येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः । तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे! मा चल मा चल॥ = मैं तुमको उसी प्रेम के बन्धन से बान्धता हूं जिससे महाबली असुर राजा बलि भी बन्ध गया था। यह सूत्र हमारी रक्षा से नहीं हटे। (घ) उपाकर्म-मनुस्मृति के अनुसार श्रावण या भाद्रपद से आरम्भ कर साढ़े ५ मास पौष मास तक उपाकर्म = वेद अध्ययन होता है। शुक्ल पक्षमें वेद, कृष्ण पक्ष में वेदाङ्ग पढ़ते हैं-सैद्धान्तिक, व्यावहारिक ज्ञान है। बाकी वर्ष में इनका उपयोग होता है। श्रावण्यां प्रोष्ठपद्यां वाप्युपाकृत्य यथाविधि। युक्तश्छन्दांस्यधीयीत मासान् विप्रोऽर्धपञ्चमान्॥९५॥ पुष्ये तु छन्दसां कुर्य्याद् बहिरुत्सर्जनं द्विजः। माघशुक्लस्य वा प्राप्ते पूर्वाह्णे प्रथमेऽहनि॥९६॥ यथाशास्त्रं तु कृत्वैवमुत्सर्गं छन्दसा बहिः। विरमेत् पक्षिणीं रात्रिं तदेवैकमहर्निशम्॥९७॥ अत ऊर्ध्वं तु छन्दांसि शुक्लेषु नियतः पठेत्। वेदाङ्गान् च सर्वाणि कृष्ण पक्षेषु सम्पठेत्॥९८॥ (मनुस्मृति, अध्याय ४) उपाकर्म के दिन ऋषि तर्पण कर अपराह्ण में कपास या रेशम की शुद्ध रक्षा बान्धते हैं- उपाकर्म्म दिने प्रोक्तमृषीणाञ्चैव तर्पणम्। ततोऽपराह्ण समये 'रक्षापोटलिकां' शुभाम्॥१॥ कारयेदक्षतैः सस्तैः सिद्धार्थैः हेमभूषिताम्। वस्त्रैर्विचित्रैः कार्पासैः क्षोमैर्व्वा मलवर्ज्जितैः॥२॥ विचित्रं ग्रथितं सूत्रं स्थापयेत् भाजनोपरि। (भविष्योत्तर पुराण) (ङ) स्वस्तिक-शकुन (शुभ चिह्न, पक्षी) के लिये जमीन को गोबर से लीप कर उसपर स्वस्तिक चिह्न बनाते हैं जिसका मन्त्र है- स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥ (यजु २५/१९) यह आकाश के वृत्त (पृथ्वी कक्षा) की ४ दिशा हैं-ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी इन्द्र, रेवती का पूषा, श्रवण का गोविन्द जो अरिष्ट की नेमि या सीमा (दूर करने वाले) हैं, तथा पुष्य का बृहस्पति। यह जीवन के ४ उद्देश्य (पुरुषार्थ = धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) पूरा करता है-समाज के क्रम (श्रवा) में श्रेष्ठ अर्थात् वृद्धश्रवा इन्द्र की रक्षा में ही धर्म पालन होता है। विश्व को पाने या जानने से हमारी पुष्टि पूषा द्वारा होती है। हमारी इच्छा (काम) गोविन्द से पूरी होती है तथा मोक्ष ज्ञान से होता है जिसका स्रोत बृहस्पति है। (च) शुभ पक्षी-द्वा सुपर्णा सयुजा सखाया समानं वृक्षं परिषस्वजाते। तयोरन्यः पिप्पलं स्वाद्वत्ति अनश्नन्नन्योऽभिचाकशीति। (ऋक् १/१६४/२०) = समान वृक्ष पर दो पक्षी एक साथ रहते हैं, जिनमें एक तो फलों को स्वाद से खाता है, दूसरा बिना खाये केवल देखभाल करता है। शरीर के भीतर इनको आत्मा (दर्शक) जीव (कर्त्ता) कहा गया है जिनको बाइबिल में आदम, ईव कहा है। सभी जीवों में मस्तिष्क के ये २ भाग नियन्त्रण करता है-एक कार्य करता है, दूसरा सुधार। कनिक्रदज्जनुषं प्रब्रुवाण इयति वाचमतिरेव नावम्। सुमङ्गलश्च शकुने! भवासि मा त्वा काचिदभिभा विश्व्या विदत ॥ (ऋक् २/४२/१) = हे कपिञ्जल शकुन! अपने स्वर से भविष्य की सूचना देकर जीवन को दिशा देते हो। तुम शिकारी के भय से मुक्त होकर विचरो। मा त्वा श्येन उद् वधीन्मा सुपर्णो मा त्वा विददिषु मान् वीरो अस्ता। पित्र्यामनु प्रदिशं कनिक्रदत् सुमङ्गलो भद्रवाही वदेह॥ (ऋक् २/४२/२) = कोई शिकारी पक्षी, गरुड़ या व्याध का बाण उड़ते समय आक्रमण नहीं करे। दक्षिण दिशा में पितर रक्षा करें। अव क्रन्द दक्षिणतो गृहाणां सुमङ्गलो भद्रवादी शकुन्ते। मा नः स्तेन ईशत माघशंसो बृहद् वदेम विदथे सुवीराः॥ (ऋक् २/४२/३) = हे शकुन! घर की दक्षिण दिशा से शुभ स्वर दो, जिससे हम चोर, आतङ्की से सुरक्षित रहें तथा वीरता से बड़ी बात कहें। प्रदक्षिणिदभि गृणन्ति कारवो वयो वदन्त ऋतुथा शकुन्तयः। उभे वाचो वदति सामगा इव गायत्र्यं च त्रैष्टुभं चानु राजति॥(ऋक् २/४३/१) = हे शकुन! दक्षिण दिशा से (साम वेदके) उद्गाता जैसा गान करो। तेरा स्वर ऋतु (क्षेत्र) २ प्रकार से शुभ हो-गायत्र साम (२४ अक्षर का मन्त्र या मनुष्य से २२४ गुणा बड़ी पृथ्वी) पर तथा त्रिष्टुप् (४४ अक्षर, शनि तक का क्षेत्र) अन्तरिक्ष को शुभ करे। उद्गातेव शकुने साम गायसि ब्रह्मपुत्र इव सवनेषु शंससि। वृषेव वाजी शिशुमतीरपीत्या सर्वतो नः शकुने भद्रमा वद विश्वतो नः शकुने पुण्यमा वद॥ (ऋक् २/४३/२) = हे शकुन! उद्गाता की तरह साम द्वारा हमें ब्रह्म-पुत्र (ऋत्विक, ज्ञानी) करो। वैसे ही प्रसन्न हो जैसा घोड़े का बच्चा अपनी मां के पास जाकर होता है। हमें भद्र तथा पुण्य के लिये प्रेरणा दो। आवदंस्त्वं शकुने भद्रमा वद तूष्णीमासीनः सुमतिं चिकिद्धि नः। यदुत्पतन् वदसि कर्करिर्यथा बृहद् वदेम विदथे सुवीराः॥ (ऋक् २/४३/३) = हे शकुन! हमारे लिये अच्छे शब्द कहो, बैठ कर सुमति दो (इससे घर में स्थिरता होती है), उड़ते समय कठफोड़वा की तरह बोलो, जिससे हम जीवन में दक्ष रहें। उपाकर्म= उप+आ+कृ करणे + मनिन्। जिस काम द्वारा वर्षा के अन्त में पुनः वेद का अध्ययन आरम्भ होता है, उसे उपाकर्म कहते हैं। पहले वर्षा से सम्वत्सर आरम्भ होता था, अतः उसे वर्ष कहते थे। यह कार्त्तिकेय के पंचांग में है। महाभारत वन पर्व (२३०/८-१०) के अनुसार कार्त्तिकेय के समय अभिजित् का पतन हुआ था, अर्थात् पृथ्वी के अक्ष की उत्तरी दिशा अभिजित् नक्षत्र से दूर हट गई थी (प्रायः १६,००० ई.पू. में)। उस समय धनिष्ठा से वर्ष का आरम्भ हुआ। १५८०० ई.पू. में धनिष्ठा से वर्षा (दक्षिणायन) का आरम्भ होता था। एक वर्षा क्रम के भूभाग को भी वर्ष कहते हैं, जैसे भारतवर्ष। अतः वेद के अध्यापन का सत्र श्रावण मास से आरम्भ होता था। आश्वलायन गृह्य सूत्र (१०/४) के अनुसार इस समय अश्व लाकर आलभन करते थे। सामान्यतः शिष्य या अश्व के आलभन का अर्थ उसकी बलि कहा गया है। पर यदि शिष्य की बलि होगी तो शिक्षा किसे देंगे? श्रावण मास के पूर्णिमा दिन यह होता है जब चन्द्र श्रवण नक्षत्र में रहता है, इसी लिये इस मास का नाम श्रावण है। अतः अध्ययन सत्र आरम्भ करने को श्रावणी भी कहते हैं। आज भी मिथिला में श्रावण मास से ही वर्ष का आरम्भ होता है।✍🏻अरुण उपाध्याय दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| जिले में अब तक 2914 पॉजिटिव मिले पर घबराइए नहीं, 61 % ठीक भी हुए हैं Posted: 02 Aug 2020 09:22 PM PDT जिले में रविवार को कोरोना के सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 170 नए मरीज मिले। सबसे ज्यादा संक्रमण छह ब्लॉक में फैला। शहर में महज 7 लोग संक्रमित मिले। मायागंज अस्पताल के दो कर्मचारी, सेंट्रल जेल का एक युवक, मशाकचक और छोटी खंजरपुर में 1-1 युवक और अलीगंज में दो युवक संक्रमित हुए। सुल्तानगंज थाने की एक महिला पुलिस, रेफरल अस्पताल की एक महिला व एक पुरुष वर्कर और सबौर पीएचसी की एक आशा भी पॉजिटिव मिली। अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2914 हो गई है। इस बीच 12 मरीजों ने कोरोना से जंग भी जीत ली। सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। नए मरीजों के मिलने और ठीक होने के बीच अच्छा यह है कि जिले में संक्रमितों के स्वस्थ होने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। आंकड़े बताते हैं, अब तक मिले 2914 संक्रमितों में 61 फीसद यानी 1785 मरीजों ने कोरोना को मात दे दी है। मायागंज अस्पताल और कोविड केयर से अब तक 975 मरीजों डिस्चार्ज होकर घर लौटे तो होम आइसोलेशन में रह रहे 810 मरीजों ने भी कोरोना को हराया है। हालांकि मौतों का आंकड़ा इस बीच बढ़कर 40 हो चुका है। इसलिए बढ़ने लगा रिकवरी रेट 12 मरीज हुए स्वस्थ, डिस्चार्ज कहलगांव में तीन पॉजिटिव, कंटेनमेंट जोन पर विवाद सुल्तानगंज में 7, खरीक में 4, बिहपुर में 2 नए मरीज नारायणपुर में 1, सबौर में आशा समेत 2 पॉजिटिव अभी संयमित रहिए Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/so-far-2914-positives-have-been-received-in-the-district-but-do-not-panic-61-have-also-recovered-127579496.html |
| मायागंज में प्लाज्मा थैरेपी के लिए जरूरी सामान खरीदेंगेे पांच डॉक्टरों की बनी टीम Posted: 02 Aug 2020 09:22 PM PDT मायागंज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने के लिए डीएम प्रणव कुमार ने रविवार को मेडिकल काॅलेज में बैठक की। उन्हाेंने प्लाज्मा थैरेपी चालू करने के निर्देश दिए। प्रिंसिपल डाॅ. हेमंत कुमार ने 5 डॉक्टरों की कमेटी बना दी। नोडल पदाधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा के साथ काम करने के लिए रात नौ बजे डॉ. ओबेद अली, डॉ. पीबी मिश्रा, डॉ. महेश कुमार और डॉ. बीके जायसवाल को सहायक नोडल प्रभारी बनाया। करीब दो घंटे की बैठक में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की रणनीति बनी। बैठक के बाद प्रिंसिपल डॉ. सिन्हा ने मेडिसिन एचओडी डॉ. विनय कुमार की अध्यक्षता में 5 डॉक्टरों की कमेटी बनाई। कमेटी आईसीएमआर की गाइडलाइन की स्टडी के बाद तय करेगी कि प्लाजमा थैरेपी में किस सामान की जरूरत होगी। इसमें नोडल पदाधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा, डॉ. रेखा झा, डॉ. सत्येंद्र कुमार, सर्जरी एचओडी डॉ. मृत्युंजय कुमार व मेडिसिन से डॉ. पीबी मिश्रा को शामिल किया। बैठक में आईएएस अफसर दीपक मिश्रा, आईपीएस अफसर भारत सोनी, प्रभारी अधीक्षक डॉ. कुमार गौरव, शिशु विभाग के एचओडी डॉ. केके सिन्हा, डॉ. आरके चौधरी व अन्य मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/a-team-of-five-doctors-will-buy-the-necessary-items-for-plasma-therapy-in-mayaganj-127579505.html |
| बाढ़ आने के दौरान मुजफ्फरपुर का रेडजोन बना रहता है महमदपुर कोठी Posted: 02 Aug 2020 05:22 PM PDT मुरौल प्रखंड में बांध टूटने का एक अपना इतिहास है। तिरहुत नहर का निर्माण 1974 में किया गया था। लक्ष्य था किसानों के खेत में पानी पहुंचाना, लेकिन हुआ ठीक विपरीत। रबी हो या खरीफ सीजन तिरहुत नहर से सिचाई नहीं हो सकता, क्याेकि सिंचाई के लिए चैनल का कही भी निर्माण नहीं किया गया। दूसरी ओर तिरहुत नहर महमदपुर कोठी पर बूढ़ी गंडक नदी में मिला दिया जाता है व इसी गांव में नहर समाप्त हो जाता है। जिस समय नहर से महमदपुर को डैंप बनाकर चारों तरफ से घेर कर नदी में मिलाया गया, उसी समय यहां के लोगों ने इसका विरोध किया था। नतीजा यह हुआ कि मुजफ्फरपुर से लेकर महमदपुर तक कहीं भी बांध टूटने पर गांवाें में पानी घुस जाता है। जनप्रतिनिधियाें का आराेप : प्रशासन ने दो जगहों पर जेसीबी से बांध कटवा दिया, लाठीचार्ज निंदनीय स्थानीय मुखिया सीता देवी ने कहा कि बांध काटने पर लाखों लोग प्रभावित हो जाते, इसलिए जनप्रतिनिधि के नाते बांध काटने से रोकने गई तो पुलिस ने पिटाई कर दी। मेरा पीठ, सीना के अलावे पैर पूरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय पैक्स अध्यक्ष प्रज्ञा ने कहा कि बार-बार विनती की, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी व पुलिस के द्वारा मारपीट की गई। बांध काटने का विरोध करने वाले को पुलिस ने लहुलुहान कर दिया। प्रशासन ने दो जगहों पर जेसीबी से बांध कटवा दिया। इस अन्याय के विरुद्ध हम लोग लड़ाई लड़ेंगे। महिला मुखिया और पैक्स अध्यक्ष को पीटे जाने पर सकरा व मुरौल के जनप्रतिनिधियों में भारी उबाल है। जिला पार्षद सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि प्रशासन के द्वारा महिला जनप्रतिनिधियों को इस तरह से पीटा जाना निंदनीय है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/during-the-floods-the-red-zone-of-muzaffarpur-remains-mehmadpur-kothi-127579078.html |
| Posted: 02 Aug 2020 05:22 PM PDT बूढ़ी गंडक नदी से तिरहुत नहर में आए पानी की दिशा मोड़ने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नहर के दाएं तटबंध को काटने के समर्थन और विरोध में मुशहरी व मुरौल प्रखंड के 10 गांवों के लोग रविवार को 11 बजे भिड़ गए। एक हजार से अधिक ग्रामीणों की भीड़ के बीच डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडे से मारपीट होने लगी। दोनों ओर से जमकर रोड़ेबाजी हुई। भिड़ंत में दोनों ओर से एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी समेत 7 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए। एक पुलिस के एक जवान का सिर रोड़ा लगने से फट गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को भगाया। इसके बाद महमदपुर कोठी गांव के पास प्रशासनिक देखरेख में तिरहुत नहर का तटबंध जेसीबी से काटकर पानी का रुख मुरौल की ओर मोड़ दिया गया। तिरहुत नहर का तटबंध एक दिन पहले महमदपुर कोठी के पास टूट गया था। इसका पानी सकरा की नौ पंचायतों में फैल गया। इधर, पानी का दबाव पश्चिम की ओर बाएं तटबंध पर अधिक होने से दूसरी ओर भी रिसाव होने लगा। बायां तटबंध को बचाने के लिए महमदपुर, दरधा, नरौली, मनिका, मुशहरी तक के ग्रामीण बांध पर आ गए। इन ग्रामीणों का कहना था कि जब दायां तटबंध टूट ही चुका है तो उसे एक जगह और काट दिया जाए। इससे बायां तटबंध नहीं टूटेगा। इसके बाद बाएं तटबंध के इलाके के लोग दाएं तटबंध को काटने का प्रयास करने लगे। इसके बाद दाएं तटबंध को काटने का विरोध मुरौल, पिलखी, मीरापुर गांव के ग्रामीण करने लगे। फिर दोनों ओर से तनाव उत्पन्न हो गया। वहीं, सकरा के पैगम्बरपुर पंचायत के भरवारी पुल के निकट कदाने नदी का तटबंध मरम्मत किए स्थान से रविवार आठ बजे फिर से टूट गया। जिससे नदी का पानी तेजी से बाहर फैलने लगा। इससे बरुआडीह पंचायत के कई गांव में जल स्तर बढ़ने लगा। कांग्रेस नेता हरिनंदन ठाकुर ने प्रशासन से बाढ़ पीड़ित को सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। बराज नहीं हाेने से बूढ़ी गंडक का पानी उल्टी दिशा में बहा नहर पर बराज का प्रस्ताव ![]() बूढ़ी गंडक नदी पर बराज नहीं हाेने से तिरहुत नहर का बांध टूटने के बाद बूढ़ी गंडक नदी का पानी उल्टी दिशा में बहने लगा। इससे पूसा रोड में तिरहुत नहर पर बने छोटे पुल से तेजी से पानी का बहाव उल्टी दिशा में होने लगा। जिससे बाएं तटबंध पर दबाव बना हुआ है। यह कभी भी टूट सकता है। हालांकि तिरहुत नहर पर बने छोटे पुल के ऑफ स्ट्रीम में दाया तटबंध दूसरी जगह टूट गया है। डीएम डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बराज नहीं हाेने से बूढ़ी गंडक नदी का पानी तिरहुत नहर के टूटे बांध से मुराैल व सकरा प्रखंड में फैल गया है। डीएम ने कहा कि यहां बराज की आवश्यकता है। विभाग काे वह बराज निर्माण के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं। पानी फैलने से 50 हजार की आबादी सीधे प्रभावित हुई है। बूढ़ी गंडक का पानी पूसा हाेते हुए समस्तीपुर तथा वैशाली के पातेपुर स्थित बरैला झील में जा रहा है। इससे बाएं तटबंध को बचाने में तकनीकी टीमों को प्रयासरत रहने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों के सुझाव और उस पर तकनीकी विभागों के समर्थन के बाद टूटे हुए तटबंध (दाहिना) से 50 मीटर और पुल की तरफ कार्य शुरू किया गया, ताकि बाएं तटबंध को पानी के दबाव से बचाया जा सके और तटबंध सुरक्षित रह सकें। बाएं तटबंध को बचाने का कार्य जारी था, इस बीच पुल के ऑफ स्ट्रीम में दाहिना तटबंध दूसरी जगह टूट गया। ऐसी स्थिति में कार्य रोकते हुए तकनीकी विभागों के टीम को बायां तटबंध बचाने के लिए प्रयासरत रहने का निर्देश दिया गया है। ![]() जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि ग्रामीणों के द्वारा पथराव के कारण कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है। स्थिति को तनावपूर्ण बनाने, किए जा रहे कार्य में बाधा पहुंचाने वाले तत्वों को चिन्हित करते हुए उन पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/people-from-10-villages-of-mushahari-and-muraul-clashed-lathi-poles-went-on-rampaging-7-policemen-and-a-dozen-villagers-injured-127579067.html |
| वुड इंडस्ट्री कलस्टर के रूप में विकसित हुआ मोतीपुर का पनसलवा, चल रहे 800 उद्योग Posted: 02 Aug 2020 05:22 PM PDT जिले के मोतीपुर प्रखंड के पनसलवा चौक के आसपास का इलाका अब "वुड इंडस्ट्री कलस्टर' के रूप में विकसित हो गया है। पहले से प्लाईवुड व फर्नीचर निर्माण के लिए विकसित हाे रहे इस इलाके में कोरोना लॉकडाउन के दाैरान मजदूरों के वापस आ जाने से हरियाणा से भी उद्योग इस क्षेत्र में शिफ्ट हाेने लगे हैं। एक ही स्थान पर आरा-फीलिंग मिल व प्लाईवुड की 800 से अधिक छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां यहां लग गई हैं। इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जिले के 50 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। पनसलवा इलाका फोरलेन के बगल में होने से यहां लकड़ियां लाने व यहां से बने उत्पाद को कहीं भेजना भी आसान है। यहां चल रहे उद्योग के लिए मुजफ्फरपुर समेत तिरहुत व दरभंगा प्रमंडल के सभी जिलाें से सेमल, पॉपुलर व अन्य लकड़ियों की खरीद होती है। मोतीपुर प्लाईवुड संघ के अध्यक्ष रवि चौधरी ने कहा कि पेड़ की कटाई, चिरान-फिलिंग मिल, प्लाइवुड फैक्ट्री समेत फर्नीचर निर्माण में 50 हजार से अधिक मजदूर व व्यापारी जुटे हैं। साथ ही किसानों को भी सेमल, पॉपुलर समेत अन्य लकड़ियों की बेहतर कीमत मिल रही है। इससे उत्साहित किसान बेकार व उसर जमीन में भी पौधे लगाने लगे हैं। उनका कहना है कि अगर इस व्यापार को सरकार व प्रशासन से सहयाेग मिले ताे और अधिक संख्या में लोगों को रोजगार मिलने के साथ सरकार को राजस्व के रूप में करोड़ों रुपए भी मिलेंगे। मिल जाए उद्योग का दर्जा व लाइसेंस ताे अाैर बढ़ सकता है काराेबार 10 से अधिक राज्य और महानगरों में यहां से भेजा जाता है फर्नीचर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/muzaffarpur/news/pansalwa-of-motipur-developed-as-a-wood-industry-cluster-800-industries-running-127578886.html |
| जिले में अब तक 2914 पॉजिटिव मिले पर घबराइए नहीं, 61 % ठीक भी हुए हैं Posted: 02 Aug 2020 05:22 PM PDT जिले में रविवार को कोरोना के सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 170 नए मरीज मिले। सबसे ज्यादा संक्रमण छह ब्लॉक में फैला। शहर में महज 7 लोग संक्रमित मिले। मायागंज अस्पताल के दो कर्मचारी, सेंट्रल जेल का एक युवक, मशाकचक और छोटी खंजरपुर में 1-1 युवक और अलीगंज में दो युवक संक्रमित हुए। सुल्तानगंज थाने की एक महिला पुलिस, रेफरल अस्पताल की एक महिला व एक पुरुष वर्कर और सबौर पीएचसी की एक आशा भी पॉजिटिव मिली। अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2914 हो गई है। इस बीच 12 मरीजों ने कोरोना से जंग भी जीत ली। सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। नए मरीजों के मिलने और ठीक होने के बीच अच्छा यह है कि जिले में संक्रमितों के स्वस्थ होने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। आंकड़े बताते हैं, अब तक मिले 2914 संक्रमितों में 61 फीसद यानी 1785 मरीजों ने कोरोना को मात दे दी है। मायागंज अस्पताल और कोविड केयर से अब तक 975 मरीजों डिस्चार्ज होकर घर लौटे तो होम आइसोलेशन में रह रहे 810 मरीजों ने भी कोरोना को हराया है। हालांकि मौतों का आंकड़ा इस बीच बढ़कर 40 हो चुका है। इसलिए बढ़ने लगा रिकवरी रेट 12 मरीज हुए स्वस्थ, डिस्चार्ज कहलगांव में तीन पॉजिटिव, कंटेनमेंट जोन पर विवाद सुल्तानगंज में 7, खरीक में 4, बिहपुर में 2 नए मरीज नारायणपुर में 1, सबौर में आशा समेत 2 पॉजिटिव अभी संयमित रहिए Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/so-far-2914-positives-have-been-received-in-the-district-but-do-not-panic-61-have-also-recovered-127579496.html |
| मायागंज में प्लाज्मा थैरेपी के लिए जरूरी सामान खरीदेंगेे पांच डॉक्टरों की बनी टीम Posted: 02 Aug 2020 05:22 PM PDT मायागंज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज को बेहतर बनाने के लिए डीएम प्रणव कुमार ने रविवार को मेडिकल काॅलेज में बैठक की। उन्हाेंने प्लाज्मा थैरेपी चालू करने के निर्देश दिए। प्रिंसिपल डाॅ. हेमंत कुमार ने 5 डॉक्टरों की कमेटी बना दी। नोडल पदाधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा के साथ काम करने के लिए रात नौ बजे डॉ. ओबेद अली, डॉ. पीबी मिश्रा, डॉ. महेश कुमार और डॉ. बीके जायसवाल को सहायक नोडल प्रभारी बनाया। करीब दो घंटे की बैठक में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की रणनीति बनी। बैठक के बाद प्रिंसिपल डॉ. सिन्हा ने मेडिसिन एचओडी डॉ. विनय कुमार की अध्यक्षता में 5 डॉक्टरों की कमेटी बनाई। कमेटी आईसीएमआर की गाइडलाइन की स्टडी के बाद तय करेगी कि प्लाजमा थैरेपी में किस सामान की जरूरत होगी। इसमें नोडल पदाधिकारी डॉ. हेमशंकर शर्मा, डॉ. रेखा झा, डॉ. सत्येंद्र कुमार, सर्जरी एचओडी डॉ. मृत्युंजय कुमार व मेडिसिन से डॉ. पीबी मिश्रा को शामिल किया। बैठक में आईएएस अफसर दीपक मिश्रा, आईपीएस अफसर भारत सोनी, प्रभारी अधीक्षक डॉ. कुमार गौरव, शिशु विभाग के एचओडी डॉ. केके सिन्हा, डॉ. आरके चौधरी व अन्य मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/a-team-of-five-doctors-will-buy-the-necessary-items-for-plasma-therapy-in-mayaganj-127579505.html |
| महिलाओ को फूल नहीं शूल बनना होगा तभी अपना आस्तित्व बचेगा , सुनीता गिरी ,... Posted: 02 Aug 2020 08:03 AM PDT दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| पं. प्रेम सागर पाण्डेय से जाने आज का दैनिक पंचांग एवं राशिफल 03 - अगस्त – 2020 सोमवार Posted: 02 Aug 2020 06:46 AM PDT श्री गणेशाय नम: पं. प्रेम सागर पाण्डेय से जाने आज का दैनिक पंचांग 03 - अगस्त – 2020विशेष ~ स्नानदान व्रत की श्रावणी पूर्णिमा, श्रवण नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा, रक्षाबंधन दिन 08:28:33 से रात्रि 08:20:50 तक श्रावणी उपाकर्म, संस्कृत दिवस, अमरनाथ यात्रा दर्शन, श्रृषि तर्पण, ओणम् (केरल), श्रावण सोमवारी व्रत, श्लेषा नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश दिन 10:05:54 से।तिथि पूर्णिमा रात्रि 08:20:50 नक्षत्र उत्तराषाढ़ा दिन 07:33:18 करण : विष्टि 09:27:30 बव 21:30:28 पक्ष शुक्ल योग प्रीति 06:37:59 वार सोमवार सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ चन्द्रोदय 19:15:59 चन्द्र राशि मकर चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं ऋतु वर्षा हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत 1942 शार्वरी कलि सम्वत 5122 दिन काल 13:26:25 विक्रम सम्वत 2077 मास अमांत श्रावण मास पूर्णिमांत श्रावण शुभ और अशुभ समय शुभ समय अभिजित 12:00:08 - 12:53:53 अशुभ समय दुष्टमुहूर्त : 12:53:53 - 13:47:39 15:35:11 - 16:28:56 कंटक 08:25:05 - 09:18:50 यमघण्ट 12:00:08 - 12:53:53 राहु काल 07:24:36 - 09:05:24 कुलिक 15:35:11 - 16:28:56 कालवेला या अर्द्धयाम 10:12:36 - 11:06:22 यमगण्ड 10:46:12 - 12:27:01 गुलिक काल 14:07:49 - 15:48:37 दिशा शूल दिशा शूल पूर्व चन्द्रबल और ताराबल ताराबल भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती चन्द्रबल मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन पं. प्रेम सागर पाण्डेय से जाने आज का राशिफल 03 - अगस्त - 2020, सोमवार मेष (Aries): सामाजिक प्रसंगों में सगे-संबंधियों और मित्रों के साथ आपका समय आनंदपूर्वक बीतेगा। मित्रों के पीछे धन खर्च होगा और उनसे लाभ भी होगा। प्रकृति के सानिध्य में पर्यटन पर जाएंगे। सरकारी और अर्ध सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। दांपत्य जीवन में संवादिता रहेगी। आय के नए स्रोत दिखाई देंगे। अचानक धन लाभ होने की संभावना है। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 वृषभ (Tauras): नए कार्यों का आयोजन करने की इच्छा रखनेवाले लोगों के लिए अनुकूल दिन है। नौकरी और व्यवसाय में लाभदायक परिणाम मिलेगा। पदोन्नति मिलेगी। व्यापार में नई दिशाएं खुलती हुई प्रतीत होंगी। सरकार द्वारा लाभ के समाचार मिलेंगे। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। गृहस्थ जीवन में मधुरता रहेगी। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 मिथुन (Gemini): प्रतिकूल संयोग बनने से आपके कार्य में विलंब होगा। शरीर में स्फूर्ति और मन में उत्साह का अभाव रहेगा। पेट के रोग सताएंगे। नौकरी में उच्च पदाधिकारियों के नकारात्मक व्यवहार का भोग बनना पड़ेगा। राजकीय कठिनाइयां बाधक बनेंगी। महत्वपूर्ण कार्य या निर्णय आज स्थगित रखें। संतान के साथ मतभेद होगा। प्रतिस्पर्धियों और विरोधियों से सचेत रहें। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 7 कर्क (Cancer): मन का नकारात्मक व्यवहार आपको हताश करेगा। बाहर के भोजन के कारण स्वास्थ्य खराब होगा। क्रोध को नियंत्रण में रखना पड़ेगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ बखेड़ा खड़ा होगा। नए सम्बंध तकलीफदायक साबित होंगे। पैसे की तंगी का अनुभव करेंगे। दुर्घटना, ऑपरेशन का योग है। ईश्वर भक्ति से राहत महसूस कर सकेंगे। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 सिंह (Leo): पति-पत्नी के बीच मामूली कारणों से खटराग उत्पन्न होने से मनमुटाव होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता रहेगी। सांसारिक विषयों के बारे में उदासीन रहेंगे। सार्वजनिक जीवन में अपयश या स्वाभिमान भंग होने का योग है। भागीदारों के साथ मतभेद होगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के साथ की गई मुलाकात आनंददायक नहीं रहेगी। शुभ रंग = गुलाबी शुभ अंक : 5 कन्या (Virgo): शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बना रहेगा। घर में सुख-शांति का माहौल रहने से प्रसन्नता अनुभव होगा। आर्थिक लाभ और काम में सफलता मिलेगी। बीमारी में राहत महसूस होगी। नौकरी में लाभ मिलेगा। अधीनस्थ कर्मचारियों और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 7 तुला (Libra): आज आप कल्पना और सृजनशक्ति का उत्तम उपयोग कर सकेंगे। संतान की प्रगति होगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात रोमांचक रहेगी। तन-मन से ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव करेंगे। अत्यधिक विचारों से मन विचलित बनेगा। आज किसी के साथ बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद में भाग लेने का अवसर आएगा, परंतु उसकी गहराई में न उतरें। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 वृश्चिक (Scorpio) : आज के दिन आप शारीरिक और मानसिक रूप से भय का अनुभव करेंगे। किसी न किसी बात की चिंता आपको परेशान करेगी। पारिवारिक सदस्यों तथा सगे-सम्बंधियों के साथ अनबन होने की संभावना है। माता का स्वास्थ्य खराब होगा। जमीन, वाहन, वगैरह की खरीदारी के दस्तावेज बनवाने में सावधानी रखें। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 1 धनु (Sagittarius): गूढ़ रहस्यमय विद्याएं और अध्यात्म की तरफ आपका विशेष आकर्षण रहेगा। नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ समय है। मित्रों और सगे-सम्बंधियों के आगमन से घर में प्रसन्नता रहेगी। हाथ में लिए हुए कार्य सफलतापूर्वक पूरे होंगे। लघु प्रवास होगा। धन लाभ का योग है। छोटे भाई-बहनों के साथ मेल-जोल रहेगा। मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होने की संभावना है। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 मकर (Capricorn): आपको वाणी और व्यवहार में संयम रखने की सलाह देते हैं। परिवारजनों के साथ मनमुटाव न हो, इसका ध्यान रखें। शेयर-सट्टा में पूंजी निवेश का आयोजन करेंगे। आर्थिक लाभ होगा। स्वास्थ्य सम्बंधी कुछ शिकायत रहेगी। आंख में तकलीफ होने की संभावना है। नकारात्मक वृत्ति दूर करें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक ध्यान रखना पड़ेगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 कुंभ (Aquarius): शारीरिक-मानसिक रूप से आपका दिन प्रफुल्लित रहेगा। सगे-सम्बंधियों, मित्रों और पारिवारिक सदस्यों के साथ घर में उत्सव का वातावरण रहेगा। सुरुचिपूर्ण और मिष्टान्न का आनंद लेंगे। घूमने-फिरने और पर्यटन का कार्यक्रम आयोजित होगा। आर्थिक दृष्टि से लाभदायक दिन है। अध्यात्म और चिंतन में गहरी रुचि लेंगे। शुभ रंग = आसमानी शुभ अंक : 7 मीन (Pisces): आर्थिक आयोजन और पूंजी निवेश करते समय खूब ध्यान रखने की सलाह देते हैं। एकाग्रता में कमी और बेचैनी का अनुभव करेंगे। धार्मिक कार्यों के पीछे खर्च होगा। मित्रों और स्वजनों के साथ मतभेद खड़े होंगे। लालच की प्रवृत्ति आपको नुकसान न पहुंचाए, इसका ध्यान रखें। जमानतगीरी या कोर्ट-कचहरी के मामलों में न पड़ना अच्छा रहेगा। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| 'रक्षाबंधन' अंतर्मन सामंजस्य और विपत्ति रक्षा की प्रतिबद्धता! Posted: 02 Aug 2020 06:24 AM PDT 'रक्षाबंधन' अंतर्मन सामंजस्य और विपत्ति रक्षा की प्रतिबद्धता! योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार) 'रक्षाबंधन या रक्षा कवच!येन बद्धो बलिराजा, दानवेंद्रो महाबल:, तेन्त्वाम् प्रतिबध्नामि, रक्षे माचल!माचल!!' श्रावण-पूर्णिमा के दिन एक रक्षा कवच बाँधने का विधान है,जिसे बोलचाल की भाषा में राखी कहते हैं। यह पर्व एक-दूसरे के प्रति आस्था जगाने,एक-दूसरे की रक्षा करने के लिए वचनबद्ध होने का है। भले कोई किसी से रक्षा की गुहार लगाए या न लगाए,पर रक्षा करना एक कर्तव्य मानकर रक्षाबंधन का एक अनुष्ठान किया जाता है, ताकि जो रक्षा करता है और जिसकी रक्षा की जाती है,दोनों के अंतर्मन में एक सामंजस्य स्थापित हो जाए कि हर विपत्ति में वे एक-दूसरे की रक्षा करने को प्रतिबद्ध रहेंगे और यहीं रक्षाबंधन अपना स्थान ले लेता है। एक-दूहरे की रक्षा करना और खासकर बड़ों द्वारा छोटों की रक्षा करना एक रक्षा-धागा बांधकर प्रदर्शित कर दिया जाता है। यहाँ तक कि बिन मांगे ही कोई किसी को कुछ दे देता है,भले वह रक्षा का वाग्दान ही क्यों न हो, जैसा कि रक्षाबंधन के उपरोक्त मंत्र से स्पष्ट होता है,यही विशेषता इस रक्षाबंधन पर्व में निहित है। जब किसी को कुछ देने की बात होती है तो सामान्यत: बड़े ही छोटे को कुछ देते हैं। इसीलिए जो श्रेष्ठ समझे जाते हैं,वही छोटे की रक्षा करने का अनुष्ठान करते हैं। इसीलिए बड़े छोटों का,सबल निर्बल का तो रक्षाबंधन करते ही हैं,जो निर्बल रहते हैं,वे भी सबल के हाथ में रक्षासूत्र बाँधकर उन्हें याद रखने का एक चिह्न दे देते हैं कि जिसने रक्षासूत्र बाँधा है,उसकी रक्षा करने का उनका दायित्व है। इसीलिए बहनें भाई को राखी बाँधती हैं और कभी रानी कर्मवती ने बादशाह हुमायूँ को राखी बाँधी थी। कहा तो यह भी जाता है कि सिकंदर की पत्नी ने राजा पोरस को राखी बाँधा थी,जिसके चलते पोरस ने लड़ाई में सिकन्दर को नहीं मारा। भाई द्वारा बहन की रक्षा का चलन आज प्रचलित होकर व्यापक हो गया है। बहनें शादी हो जाने पर भाई से दूर हो जाती हैं,तो रक्षाबंधन में राखी बाँधने और अगर वह नहीं हो सकता है तो डाक द्वारा भेजने का रिवाज प्रचलित हो गया है,जिसमें बहनें बड़ी लगन से महीनेभर से लगी रहती हैं। डाक विभाग भी इस अनमोल बंधन को बनाए रखने के लिए राखी समय पर पहुंचा कर इस पावन कार्य में योगदान देता है। इस अवसर के लिए राखी का बड़ा व्यापार भी सजता है,और व्यापारी वर्ग इसमें अच्छा लाभ कमाते हैं। अब तो सोने-चाँदी जड़ी राखियाँ भी बिकने लगी हैं और स्वस्तिक चिह्नवाली भी। चीन ने भी इस बाजार में बड़ी शिरकत की थी,पर वर्तमान संघर्ष की स्थिति में,जहाँ चीनी सामान के बहिष्कार का एक आन्दोलन चल रहा है,वहाँ जरूर चीन मात खाएगा। सनातन धर्म के अनुसार बड़ों द्वारा छोटों को राखी बाँधने का विधान है। वैसे धार्मिक रूप से भी श्रेष्ठ माने जाने वाले अपने प्रियों (यजमान) आदि को भी राखी बाँधते हैं। घर में बड़े सभी आशीर्वाद पाने योग्य-स्त्री-पुरूष, बाल-बच्चे को राखी बाँधते हैं। कहीं-कहीं तो घर-घर जाकर राखी बाँधने-बँधवाने का भी रिवाज है। 'रक्षाबन्धन एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाए जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे,रेशमी धागे,तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों,गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। यहाँ तक कि पेड़़ को भी राखी बाँधी जाती है। कुछ पौराणिक कथाओं में इसका जिक्र है जिसके अनुसार भगवान विष्णु के वामनावतार ने भी राजा बलि को रक्षासूत्र बांधा था और उसके बाद ही उन्हें पाताल जाने का आदेश दिया था। रक्षाबंधन का संबंध हिंदू धर्म के साथ जैन धर्म से भी जुड़ा है। रक्षाबंधन का पर्व जैन अनुयायी भी मनाते हैं,जैन अनुयायियों का मानना है कि श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन श्रुतसागर और उनके सभी शिष्यों को विष्णुकुमार ने राजा पद्मराज के मंत्री के अत्याचारों से मुक्त कराया था और उन्हें वापस चैतन्य अवस्था में लाए थे। इसी उपलक्ष्य में जैन धर्म में भी रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। रक्षाबंधन तो है, पर आज की विषम परिस्थिति में बिना संपर्क में आए रक्षाबंधन कैसे मनाएं। अगर राखी बाँधना आवश्यक हो तो हाथ स्वच्छ(सेनिटाईज)कर और मुँह पट्टी लगाकर ही राखी बाँधें। हर्ष-उल्लास के इस पर्व हित पर शुभकामनाएं। -योगेन्द्र प्रसाद मिश्र दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| ‘इमाम-ए-हिन्द’ कहकर प्रभु श्रीराम का अपमान करनेवाले फैज खान सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें ! Posted: 02 Aug 2020 05:11 AM PDT 'इमाम-ए-हिन्द' कहकर प्रभु श्रीराम का अपमान करनेवाले फैज खान सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें ! मोहम्मद फैज खान हिन्दुओं की भावनाओं का आदर करें तथा अयोध्या में मिट्टी लाने का आग्रह छोडकर वापस जाएं ! - हिन्दू जनजागृति समिति
प्रभु श्रीराम को 'इमाम-ए-हिन्द' कहना, उनका अपमान ही है ! दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| पटना के सिटी एसपी जांच के लिए मुंबई रवाना, मामले से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ करेंगे Posted: 02 Aug 2020 01:22 AM PDT एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड मामले की जांच के लिए पटना के सिटी एसपी विनय कुमार तिवारी रविवार को मुंबई रवाना हो गए। वे मुंबई पुलिस के साथ मिलकर सुसाइड केस की फाइल खंगालेंगे और इसके तह तक जाने की कोशिश करेंगे। इससे पहले बिहार पुलिस के चार अधिकारी मुंबई में जांच कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें सुसाइड केस से जुड़े कोई अहम सबूत अब तक नहीं मिले हैं। इस केस की मुख्य अभियुक्त रिया चक्रवर्ती से भी अब तक पूछताछ नहीं हुई है। मुंबई में 6 दिनों से जांच कर रहे बिहार पुलिस के चार अधिकारी जांच में मुंबई पुलिस के साथ समन्यव बिठाना बड़ी चुनौती सुसाइड केस की जांच पर राजनीति सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ीं यह खबरें भी पढ़ सकते हैं:- 3. सुशांत केस में ट्विस्ट:भाजपा विधायक अतुल भातखलकर का आरोप-सुशांत मामले के तार महाराष्ट्र के एक युवा मंत्री से जुड़े; अमित शाह को भेजा पत्र Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/news/sushant-suicide-case-patna-city-sp-vinay-kumar-tiwari-leaves-mumbai-for-investigation-will-interrogate-all-the-people-related-to-the-case-including-riya-chakraborty-127577057.html |
| 1 दिन में रिकॉर्ड 1000 जांच, सुल्तानगंज में 6 महिला पुलिस समेत 73 पॉजिटिव Posted: 02 Aug 2020 01:22 AM PDT जिले में शनिवार को काेराेना जांच की सैंपलिंग में तेजी आई। रिकॉर्ड 1000 लोगों के सैंपल लिए गए। मेडिकल कॉलेज, नौलखा में आरटीपीसीआर मशीन से जांच शुरू होने से सैंपल जांच में तेजी आई है। मायागंज, सदर, हुसैनाबाद, रिकाबगंज, मोहद्दीनगर समेत सभी रेफरल अस्पताल और पीएचसी में जांच शुरू हो गई है। इस बीच 73 नए मरीज मिले। सुल्तानगंज में 9 संक्रमित, एक बुजुर्ग की मौत शाहकुंड में 5, सन्हौला में एक पॉजिटिव कहलगांव में 6 लोग हुए पॉजिटिव नवगछिया में बनी चेन गोपालपुर व खरीक में 7 संक्रमित छह हुए स्वस्थ, दो करेंगे अपना प्लाज़्मा डोनेट, दी सहमति Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today source https://www.bhaskar.com/local/bihar/bhagalpur/news/record-1000-investigations-in-1-day-73-positive-including-6-women-police-in-sultanganj-127575950.html |
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