बेसिक शिक्षा न्यूज़ । Basic Shiksha News | |
- MAN KI BAAT : सम्मान के जुमलों और हकीकत से जूझते शिक्षकों और आंगनबाड़ी/ ईसीसीई कर्मियों के हालात तो अब और बदहाल.....
- ONLINE, AWARD : प्रभावी ऑनलाइन शिक्षण के लिए खुद को अपग्रेड करें शिक्षक, बोले राष्ट्रपति, देशभर से चयनित 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
- EDUCATION POLICY : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आज राज्यपालों का सम्मेलन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे संबोधित
- TEACHER : आज के युग में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण - राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- SHIKSHAK BHARTI : 16000 शिक्षकों की भर्ती जल्द, शिक्षामित्रों की तर्ज पर तय होंगे तदर्थ शिक्षकों के लिए भारांक
- TEACHERS : तदर्थ शिक्षकों की भर्ती मामले में शासन से मांगा मार्गदर्शन
| Posted: 06 Sep 2020 10:26 PM PDT MAN KI BAAT : सम्मान के जुमलों और हकीकत से जूझते शिक्षकों और आंगनबाड़ी/ ईसीसीई कर्मियों के हालात तो अब और बदहाल.....'शिक्षकों के लिए ऊंचा सम्मान और शिक्षा के पेशे के ऊंचे दर्जे को एक बार फिर स्थापित करना होगा, ताकि सबसे उम्दा लोगों को इस पेशे में आने के लिए प्रेरित किया जा सके। हमारे बच्चों और देश का बेहतरीन भविष्य सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि शिक्षक अपने पेशे के लिए उत्साहित और सशक्त महसूस करें।'- राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (खंड 5.1) -अनिल सद्गोपाल, पूर्व डीन, शिक्षा संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, |
| Posted: 06 Sep 2020 09:56 PM PDT ONLINE, AWARD : प्रभावी ऑनलाइन शिक्षण के लिए खुद को अपग्रेड करें शिक्षक, बोले राष्ट्रपति, देशभर से चयनित 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित नई दिल्ली : कोरोना संकट काल में जब शैक्षणिक संस्थान बंद पड़े है और छात्रों को पढ़ाने का जरिया सिर्फ ऑनलाइन ही रह गया है। राष्ट्रपति.रामनाथ कोविंद ने प्रभावी ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को खुद को अपग्रेड और अपडेट करना होगा। साथ ही बच्चों को उनकी रुचि के साथ सीखने के लिए प्रेरित करने की भी सलाह दी। राष्ट्रपति शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर डिजिटल तकनीक के माध्यम से शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने देशभर से चयनित 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें 18 महिलाएं भी शामिल थीं। राष्ट्रपति ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि डिजिटल माध्यम से पढ़ाई के जो भी साधन हैं, उनकी पहुंच ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले हर वर्ग के बेटे-बेटियों तक हो। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक ऑनलाइन या डिजिटल शिक्षा की पहुंच नहीं है, क्योंकि इनके पास अभी न तो टीवी और न इंटरनेट की ही सुविधा है। शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अच्छे भवन, महंगे उपकरण या सुविधाओं से स्कूल नहीं बनता है, बल्कि एक अच्छे स्कूल को बनाने में शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण ही निर्णायक सिद्ध होते हैं। को सम्मानित किया. कोरोना संक्रमण के चलते ये अवॉर्ड ऑनलाइन दिए गए. यूपी से तीन शिक्षकों - मोहम्मद इशरत, विकास कुमार और स्नेहिल पांडे को सम्मानित किया गया है. उत्तराखंड से डॉ. केवलानंद और सुधा पेनुली को सम्मानित किया गया. शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशभर के 47 शिक्षकों को सम्मानित किया. कोरोना संक्रमण के चलते ये अवॉर्ड ऑनलाइन दिए गए .इन शिक्षकों में उत्तर प्रदेश के 3 शिक्षक और उत्तराखंड के 2 शिक्षक शामिल हैं. यूपी से मोहम्मद इशरत, विकास कुमार और स्नेहिल पांडे को सम्मानित किया गया है. उत्तराखंड से डॉ. केवलानंद और सुधा पेनुली को सम्मान दिया. इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहे. राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के मौके पर कहा कि शिक्षकों का आदर करना भारतीय शिक्षा पद्धति का हिस्सा है. शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा कि शिक्षक की बदलाव की कुंजी हैं. उनकी दी हुई शिक्षा से ही देश का निर्माण और बदलाव हो सकता है. |
| Posted: 06 Sep 2020 09:55 PM PDT EDUCATION POLICY : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आज राज्यपालों का सम्मेलन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे संबोधित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ''कल, सात सितंबर सुबह 10.30 बजे, मैं, राष्ट्रपति जी, राज्यपालों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और इसके क्रांतिकारी प्रभाव पर एक सम्मेलन में भाग लूंगा। इस सम्मेलन में होने वाला विचार-विमर्श भारत को ज्ञान का केंद्र बनाने के हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा।' सम्मेलन का विषय ''उच्च शिक्षा के बदलाव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका'' रखा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वक्तव्य के अनुसार राज्यपालों के इस सम्मेलन में सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। |
| TEACHER : आज के युग में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण - राज्यपाल आनंदीबेन पटेल Posted: 06 Sep 2020 06:23 PM PDT TEACHER : आज के युग में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण - राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ। विशेष संवाददाता | राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि शिक्षकों की मदद करने और ई-लर्निंग को प्रोत्साहन देने के लिए शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार के लिये निरंतर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ई-पाठशाला विविध ई-पुस्तक आदि ऐसी ही शिक्षण सामग्री की पहुंच दूरस्थ अंचलों के छात्रों तक बनानी होगी। राज्यपाल ने यह बात रविवार को उद्भव सोशल वेलफेयर सोसाइटी, बरेली द्वारा आयोजित 'कोविड-19 महामारी एवं शिक्षक की भूमिका' विषयक वेबिनार में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि एक गुरू और शिक्षक अपने विद्यार्थियों को हर परिस्थिति और समस्याओं से निपटने की राह भी दिखाता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।राज्यपाल ने कहा कि आज के युग में शिक्षक की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। एक आदर्श शिक्षक के सभी व्यवहारों का असर उसके शिष्य पर पड़ता है। इसलिए शिक्षक को चाहिए कि वह अपने विषय की पाठ्यवस्तु को इतना सहज, सरल, सुगम, सुरूचिपूर्ण एवं आनन्ददायक बनाकर पढ़ाए, ताकि बच्चों को यह पता भी न चले कि उसने अपना पाठ कब याद कर लिया।श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कोविड-19 के कारण शिक्षण की क्रमबद्धता बाधित होने से शिक्षकों सहित देश के भावी कर्णधारों के समक्ष भविष्य का प्रश्न अत्यंत स्वाभाविक है।उन्होंने कहा कि इसीलिए शिक्षण प्रक्रिया में, ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को लाया गया है। इसने शिक्षाशास्त्र के नए प्रारूपों को गति दी है। वास्तव में शिक्षक ही शिक्षा की वह धुरी है जो समस्त सुधारों और दूरगामी लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप देता है। इस अवसर पर केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार, शिक्षा संस्कृति, उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव अतुल भाई कोठारी, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद, नई दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक डॉ0 विजय कुमार भी आनलाइन जुड़े हुए थे। |
| Posted: 06 Sep 2020 06:20 PM PDT SHIKSHAK BHARTI : 16000 शिक्षकों की भर्ती जल्द, शिक्षामित्रों की तर्ज पर तय होंगे तदर्थ शिक्षकों के लिए भारांक विशेष संवाददाता,लखनऊ | उत्तर प्रदेश में सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती में तदर्थ शिक्षकों को शिक्षामित्रों की तर्ज पर भारांक दिया जाएगा। प्रवक्ता को साक्षात्कार और एलटी ग्रेड को लिखित परीक्षा में भारांक दिया जाएगा। यदि तदर्थ शिक्षक सामान्य भर्ती में चयनित होकर शिक्षक बनते हैं तो उनकी तदर्थ के रूप में दी गई सेवाओं को रिटायर होने के बाद मिलने वाले लाभ में जोड़ा जाएगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। जुलाई 2021 तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी है।सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद तदर्थ शिक्षकों को शिक्षामित्रों की तर्ज पर ही सामान्य भर्ती परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा और बनने वाली मेरिट में उनका भारांक जोड़ा जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नियमित भर्ती कराने के आदेश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के केस से लगभग दो हजार याचिकाकर्ता जुड़े थे। हालांकि तदर्थ शिक्षक एसोसिएशन का दावा है कि प्रदेश में 17 हजार तदर्थ शिक्षक हैं। 16000 शिक्षकों के पदों पर होगी भर्ती फिलवक्त सेवा चयन बोर्ड 16,000 पदों को चिह्नित कर भर्ती कराने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में 4500 से अधिक सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज हैं लेकिन अव्वल तो इनमें नियमित भर्ती होती नहीं और जो भी भर्ती होती है, वह विवादों में फंस जाती है। बीते 10 सालों में 2011, 2013 व 2016 में चयन बोर्ड ने भर्तियां की लेकिन अब भी 2011 तक की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। नियमित शिक्षकों के अभाव में रिक्त पद पर प्रबंधन तदर्थ शिक्षकों को नियुक्त कर देता है। |
| TEACHERS : तदर्थ शिक्षकों की भर्ती मामले में शासन से मांगा मार्गदर्शन Posted: 06 Sep 2020 06:18 PM PDT TEACHERS : तदर्थ शिक्षकों की भर्ती मामले में शासन से मांगा मार्गदर्शन हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराज | प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है।अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने संयुक्त सचिव शिक्षा अनुभाग 5 को 4 सितंबर को पत्र लिखकर फैसले की जानकरी देते हुए आगे की कार्रवाई के लिए आदेश देने का अनुरोध किया है।सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2021 से पहले चयन एवं पदस्थापन की कार्रवाई पूरी करने के आदेश दिए हैं।नई भर्ती में तदर्थ शिक्षक आवेदन कर सकेंगे और उन्हें उनकी सेवा के आधार पर भारांक मिलेगा। इस संबंध में यदि कोई वाद न्यायालय के समक्ष आएगा तो वह मान्य नहीं होगा। तदर्थ शिक्षकों को भारांक प्राप्त करने के लिए अपनी पूर्व की सेवाओं की प्रामाणिकता संबंधित आवश्यक अभिलेख चयन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। भारांक के अतिरिक्त तदर्थ रूप से की गई प्रामाणिक सेवाओं की गणना शिक्षकों के सेवानिवृत्तिक लाभ के लिए की जाएगी। शासन व चयन बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों के चयन के लिए नियमित परीक्षाएं कराई जाएं। ताकि भविष्य में इस तरह की परिस्थिति का सामना न करना पड़े और विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य सुचारु रूप से हो सके। |
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