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Wednesday, September 9, 2020

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


BHOPAL में तांत्रिक ने विवाहिता का रेप किया, पति और सास ले गए थे बाबा के पास - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 08:13 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में झाड़-फूंक के बहाने एक महिला से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। महिला को बच्चे नहीं हो रहे थे। सास और पति उसे कथित बाबा के पास ले गए थे। बाबा ने महिला से दुष्कर्म किया। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बैरसिया थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर आरोपी बाबा कल्‍लू उर्फ कल्‍ला शाह उर्फ सांई बाबा, महिला के पति और उसकी सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले महिला के पति और सास को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी भोपाल जेल में बंद हैं। आखिर में बाबा भी पुलिस के हाथ लग गया।  

अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधीश बैरसिया तृप्ति शर्मा की अदालत में गुनगा में रहने वाला आरोपी बाबा ने जमानत याचिका लगाई। न्‍यायालय ने आरोपी बाबा की जमानत निरस्‍त कर उसे जेल भेज दिया। जिला अभियोजन कार्यालय भोपाल के एडीपीओ मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित महिला की शादी 10 जून 2019 को ग्राम आगर में हुई थी। एक साल तक उसके कोई बच्‍चा नहीं हुआ तो 8 जुलाई को उसका पति और सास उसे इस कथित बाबा के पास ले गए थे। आरोपी कल्‍ला शाह उसे एक कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।

आरोपी ने बोला कि यदि किसी को बताएगी तो जान से मार देंगे। 18 जुलाई को फिर महिला का पति और सास उसे बाबा के पास ले गए। बाबा फिर महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगा। महिला कमरे से बाहर आई और अपने पति तथा सास को बाबा की हरकत के बारे में बताया। बाद में पीड़ित महिला ने सारी बात अपने मायके वालों को बताई। उसके बाद पीड़िता ने 30 जुलाई को बैरसिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

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MP NEWS: आंध्र प्रदेश से आए बादल मध्य प्रदेश के 21 जिलों में बरसेंगे - MP WEATHER FORECAST

Posted: 09 Sep 2020 08:04 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए हुए मानसून के बादल आगे बढ़ गए और धूप खिल गई लेकिन बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के किनारे चक्रवाती हवाओं ने बादलों के एक दल को मध्य प्रदेश की तरफ रवाना कर दिया है। स्कायमेट के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे यानी गुरुवार या फिर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 21 जिलों में बारिश होगी। आधे मध्यप्रदेश के लिए निश्चित रूप से यह एक गुड न्यूज़ है क्योंकि मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश के इन जिलों में होगी बारिश

अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, होशंगाबाद, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, शहडोल, दमोह और सागर तक वर्षा होने की संभावना है। इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन और रतलाम में छिटपुट बारिश हो सकती है। रीवा, छतरपुर, ग्वालियर, गुना, भिंड, मुरैना सहित बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।  

छत्तीसगढ़ पर यहाँ सक्रिय रहेगा मॉनसून

आगामी चार-पांच दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ में मध्य प्रदेश के मुकाबले अधिक बारिश होने की संभावना है। उम्मीद है कि इस दौरान छत्तीसगढ़ में उत्तर में कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जसपुर, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में काफी अच्छी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा दक्षिणी भागों में रायपुर से लेकर राजनंदगांव, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में भी अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी। चार-पांच दिनों के बाद बारिश में कुछ कमी आएगी। हालांकि 17 और 18 सितंबर को एक बार फिर से छत्तीसगढ़ पर भारी वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं। 

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MP IAS POSTING ORDER / मध्य प्रदेश आईएएस नवीन पदस्थापना आदेश - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 08:05 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना सूची जारी की है। दिनांक 9 सितंबर 2020 को जारी किए गए पोस्टिंग आर्डर में 4 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इनमें से एक श्री अनिल सुचारी भी है जो माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश में सचिव के पद पर थे। 

श्रीमती अलका श्रीवास्तव (2003) सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश खाद्य आयोग, भोपाल से सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश खाद्य आयोग, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) अपर सचिव। 

श्री अनिल सुचारी (2006) सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल से अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग तथा परिवहन विभाग। 

श्री रामराव भोंसले (2007) अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग से अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग। 

श्री उमेश कुमार (2009) उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग से सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल

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शहीद कोरोना योद्धा कर्मचारियों के 4.5 करोड रुपए खा गई शिवराज सरकार - MP EMPLOYEE NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:38 AM PDT

भोपाल।
मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार उन कर्मचारियों के बीमे की रकम खा गई जो सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए आम नागरिकों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाते हुए खुद संक्रमित हो गए और उनकी मृत्यु हुई। पत्रकार श्री हरिचरण यादव की एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसे कर्मचारियों की संख्या मात्र 10 है, जिसमें से एक को ₹5000000 मदद दी जा चुकी है लेकिन शेष 9 कर्मचारियों का पैसा रोक लिया गया। अजीब बात यह है कि उपचुनाव की दहलीज पर खड़े स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि इस मामले की जांच कराएंगे यानी सरकार को सब पता है लेकिन तत्काल मदद करने का इरादा नहीं है।

ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सेवाएं देने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की संक्रमण से व ड्यूटी करते हुए मौत पर उनके परिवार के सदस्यों को 50 लाख रुपये की बीमा राशि देने का प्रविधान है। मुख्यमंत्री कोविड-19 कल्याण योजना के तहत यह लाभ दिया जाता है। बीमा राशि नहीं मिलने से मृतक संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के परिजन आर्थिक रूप से परेशान हैं। इनमें मंदसौर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी स्व. हेमलता वर्मा के परिजनों को ही अब तक बीमा के 50 लाख रुपये मिले हैं।

ये स्वास्थ्यकर्मी गंवा चुके हैं जान
स्लाइन मसीह,अनूपपुर
राजेश अग्रवाल, अशोकनगर
इंद्रमोहन सिंह, छिंदवाड़ा
अरुण भलावी, सिवनी
अभिनेष द्विवेदी (खुरई), सागर
पूनम कांवरे, रीवा
आशा कोरी, कटनी
भीष्म दुबे, सागर
कृष्णा कुमार कटारे, मुरैना
हेमलता वर्मा, मंदसौर

कलेक्टर ने प्रशंसा पत्र दिया था, सरकार ने बीमा की राशि नहीं दी

कोरोना काल में भैया 20 घंटे तक लगातार ड्यूटी करते थे। 27 अगस्त की रात उनकी तबीयत बिगड़ी और रात 2 बजे के करीब मौत हो गई। उन्हें कलेक्टर ने अच्छा काम करने के लिए प्रशंसा पत्र भी दिया था। उनकी एक बेटी, एक बेटा है। साथ में बीमार पिता भी रहते हैं। परिवार को अब बीमा की राशि नहीं मिली है।
( जितेंद्र दुबे, स्व. भीष्म दुबे के छोटे भाई)

मात्र 9 कर्मचारियों की मौत का मामला और स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि जांच कराएंगे 

यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। मात्र 9 कर्मचारियों की मृत्यु का मामला है। सारा रिकॉर्ड कलेक्टरों के पास उपलब्ध है। फाइल तैयार है। सरकार को केवल अपनी घोषणा के अनुसार 5000000 रुपए की रकम मृत कर्मचारी के परिजनों को ट्रांसफर करनी है लेकिन मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी का कहना है कि मृतक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को बीमा राशि क्यों नहीं मिली इसकी जांच कराएंगे। पात्रता अनुसार जल्द लाभ दिलाया जाएगा। कुल मिलाकर स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को एक लंबी प्रक्रिया में उलझा दिया। नोटशीट बनेगी, जांच के आदेश होंगे, जांच के बिंदु तय किए जाएंगे, जांच अधिकारी तय किए गए बिंदुओं की छानबीन करेगा और इस सब में अगला विधानसभा चुनाव आ जाएगा।

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BHOPAL के डॉन रहे मुख्तार मलिक की कोठी जमींदोज, कांग्रेस नेता ने विरोध किया - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:32 AM PDT

भोपाल। मप्र की राजधानी भोपाल के कुख्यात बदमाश गैंगस्टर मुख्तार मलिक के श्यामला हिल्स इलाके में अहाता रुस्तम खान स्थित मकान को तोड़ने की कार्रवाई बुधवार सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने शुरू की। ये मकान मुख्तार की पत्नी शीबा मलिक के नाम पर है। दोमंजिला बने मकान को तोड़ने नगर निगम का अमला पहुंचा। शाम तक अमले ने जेसीबी और ड्रिलिंग मशीनों से मकान को जमींदोज कर दिया। मंगलवार को बदमाश मुख्तार को रायसेन के गौहरगंज स्थित ढाबे से गिरफ्तार किया गया था। 

कुछ देर बाद पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता शाबिस्ता जकी भी कार्रवाई का विरोध करने पहुंच गईं। नगर निगम और जिला प्रशासन के अफसरों से कहासुनी के बाद पुलिस ने शाबिस्ता जकी को हिरासत में ले लिया और श्यामला हिल्स थाने में बिठा लिया। सूत्रों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से मलिक के अवैध मकान को तोड़ने की प्लानिंग जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम कर रही थी। लेकिन मुख्तार की गिरफ्तार नहीं होने के चलते ये कार्रवाई को रोक दिया गया था। अमला जेसीबी और ड्रिलिंग मशीनें लगाकर मकान को जमींदोज करने में जुटा है। शाम को 4 बजे तक कार्रवाई चली। इसके बाद गुरुवार को भी कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।
 

मकान मुख्तार मलिक का नहीं

कांग्रेस नेता आसिफ जकी और पूर्व पार्षद शबिस्ता जकी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों लोग मुख्तार मालिक के मकान तोड़ने का विरोध कर रहे थे। पूर्व पार्षद शाबिस्ता जकी का कहना है कि इस मकान का न्यायालय में केस चल रहा है। इसलिए इसे तोड़ना असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि ये मकान फैसल हसन पिता नफीस हसन का है। इन्होंने मुख्तार मलिक से इस मकान को खरीद लिया था। साथ ही नगर निगम, बिजली कंपनी और अन्य जगहों पर सभी कागज अपने नाम कराने के लिए फैसल हसन आवेदन भी दे चुके हैं।

शाबिस्ता जकी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने सभी दस्तावेज दिखाने के बाद भी मकान को अवैध निर्माण बताकर तोड़ डाला। यही नहीं पुलिस ने फैसल हसन और उनके बुजुर्ग पिता नफीस हसन को थाने में बिठा लिया और उनके कागजात भी छीन लिए। हमने विरोध किया तो हमें भी चुप कराने की कोशिश की गई और थाने में बिठा लिया गया, जिससे मकान को तोड़ा जा सके।

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MP BJP में गुटबाजी से नाराज बीएल संतोष ने चेतावनी दी - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:07 AM PDT

भोपाल।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बीएल संतोष आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में थे। उन्होंने यहां चुनिंदा मंत्रियों के साथ एक बैठक को संबोधित किया। बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा भी उपस्थित थे परंतु गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा उपस्थित नहीं थे। 

गुटबाजी का असर चुनाव पर दिखा तो नेताओं के भविष्य के लिए अच्छा नहीं होगा 

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बीएल संतोष ने नाराज चल रहे कैबिनेट मंत्रियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी भी प्रकार के असंतोष या मनमुटाव का असर चुनाव परिणाम पर दिखाई दिया तो यह उनके भविष्य के लिए अच्छा नहीं होगा। श्री संतोष ने दो टूक कहा कि यदि किसी मंत्री के प्रभाव क्षेत्र से भाजपा का प्रत्याशी हार गया तो इसके लिए संबंधित मंत्री को जिम्मेदार माना जाएगा। 

ग्वालियर संभाग के भाजपा नेता बगावत के मूड में 

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण ग्वालियर चंबल संभाग में सबसे ज्यादा असंतोष दिखाई दे रहा है। वह तमाम नेता जो विधानसभा टिकट के दावेदार थे, अब बगावत के मूड में नजर आ रहे हैं। सतीश सिकरवार चुनाव लड़ने के लिए भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो पार्टी के अंदर रहते हुए उपचुनाव में प्रत्याशी को नुकसान पहुंच जाएंगे ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका टिकट पक्का हो सके।

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MP BOARD हायर सेकेण्डरी/हा.से.व्यावसायिक एवं हाईस्कूल पूरक परीक्षा कार्यक्रम - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 06:46 AM PDT

Board of Secondary Education Madhya Pradesh 12th / 12th Vocational and 10th Supplementary Examination Program

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. भोपाल द्वारा संचालित हायर सेकेण्डरी/हा.से.व्यावसायिक एवं हाईस्कूल पूरक परीक्षा की परीक्षाएँ इस वर्ष दिनॉक 14.09.2020 से प्रारम्भ होकर 22.09.2020 को समाप्त होंगी। छात्रों की बैठक व्यवस्था कोविड-19 के तहत करने के निर्देश जारी किये जा चुके हैं। परीक्षा की लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। 

परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए सभी 51 जिलों में जिला स्तर एवं ब्लाक स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इस वर्ष हाईस्कूल पूरक परीक्षा के परीक्षार्थियों के लिए 419 एवं हा.से. परीक्षा के परीक्षार्थियों लिए 430 एवं हा.से.व्यावसायिक परीक्षा के लिए 58 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जिसमें हाईस्कूल पूरक परीक्षा में 137912 हा.से.पूरक परीक्षा में 121645 एवं हा.से.व्यावसायिक पूरक परीक्षा के 2714 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं। 

मण्डल द्वारा संचालित हाईस्कूल/हायर सेकण्डरी/हायर सेकण्डरी व्यावसायिक/हाईस्कूल/हायर सेकण्डरी अंध,मूक बधिर छात्रों की पूरक परीक्षा वर्ष 2020 के -पत्र छात्र www.mpbse.mponline.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रायोगिक विषय में पूरक पात्र छात्रों की परीक्षा उसी होने के पश्चात अपरांह में केन्द्राध्यक्षों द्वारा सम्पादित की जाएगी। अतः छात्र सतत् संबंधित केन्द्राध्यक्षों से संपर्क में रहें। उक्त परीक्षा की समय-सारिणी मंडल की वेबसाईट www.mpbse.nic.in पर उपलब्ध है। 

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INDORE में महिला का शव संदिग्ध हालत में मिला - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 06:42 AM PDT

इंदौर। मप्र के इंदौर शहर के गौरी नगर में रहने वाली एक महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। भाई का आरोप है कि जीजा ने उसे मारा है। पुलिस उसे संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। हीरानगर पुलिस के अनुसार 40 साल की संपत बाई पति परमेश्वर बौरासी की मंगलवार रात को संदिग्ध हालत में मौत हो गई है।

संपत बाई के भाई मनोहर ने बताया कि उसकी 22 साल पहले शादी हुई थी। तीन बेटियां हैं। पति रिक्शा चालक है। वह उसे रोजाना पीटता था। आए दिन प्रताड़ित करता था। कई बार समझाया, लेकिन नहीं मानता था। उसे शाम को सूचना मिली की बहन की मौत हो गई है। वह जब घर पहुंचा तो बहन का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था। इससे शंका है कि जब किसी की मौत होगी तो वह उल्टे मुंह क्यों गिरेगी। 

उधर, पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में महिला को चोट के निशान नहीं हैं। हो सकता है उसे अंदरूनी चोट लगी हो। उसका पीएम करवाया गया है। अब पीएम रिपोर्ट के बाद ही जांच दिशा तय होगी।

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सबसे सस्ता 4G-5G एंड्राइड स्मार्टफोन: Google की पार्टनरशिप के साथ Jio लॉन्च करेगी - TECH NEWS

Posted: 09 Sep 2020 06:34 AM PDT

भारत के टेलीकम्युनिकेशन मार्केट में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली कंपनी रिलायंस जिओ अब अपनी पार्टनर कंपनी गूगल के साथ मिलकर सबसे सस्ता एंड्रॉयड स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है इसी साल दीपावली के बाद इसे लांच कर दिया जाएगा। JioGoogle स्मार्टफोन की यह सीरीज चाइना के सभी ब्रांच को एक साथ टक्कर देगी और जैसे कि रिलायंस जिओ की पहचान है, स्मार्टफोन के साथ डाटा ऑफर भी मिलेगा।

बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से बताया कि फोन, जो डेटा पैक के साथ बंडल किए जाएंगे, उन्हें दिसंबर 2020 या अगले साल की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है। बता दें कि रिलायंस भारत की मोस्ट वैल्यूड कंपनी है। इसकी डिजिटल यूनिट में Alphabet कंपनी की Google की तरफ से इस साल जुलाई में करीब 33,102 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान किया गया था। मुकेश अंबानी के कंट्रोल वाली रिलायंस ने जुलाई में कहा था कि Google की तरफ से एक एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) विकसित किया जा रहा है, जिस पर बेस्ड 4G और 5G स्मार्टफोन को रिलायंस डिजाइन करेगी।

Jio के नए स्मार्टफोन के आने से चीनी स्मार्टफोन कंपनियों जैसे Xiaomi, Realme, Oppo और Vivo को जोरदार झटका लग सकता है, जो भारत के लो-कॉस्ट स्मार्टफोन मार्केट में काफी दबदबा रखती हैं। इन चीनी कंपनियों का करीब 14,713 करोड़ रुपए (2 बिलियन डॉलर) के भारतीय मार्केट पर कब्जा है। इसमें से स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 7,360 करोड़ रुपये की है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो इन 10 करोड़ कम लागत वाले स्मार्टफोन के विनिर्माण को आउटसोर्स करना चाह रही है, जो Google के एंड्रायड प्लेटफॉर्म पर निर्मित किया जाने वाला है। रिलायंस ने जुलाई में ही बताया था कि कंपनी जल्द ही एक सस्ता 5G स्मार्टफोन लाने वाली है।

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स्पेशल ट्रेन के नाम पर दोगुना किराया वसूली कर रहे थे, अब यात्री ही नहीं मिल रहे - JABALPUR NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:48 AM PDT

जबलपुर
। कोरोनावायरस संक्रमण काल में जब लोग एक दूसरे की मदद कर रहे हैं भारतीय रेलवे ने मोटी कमाई का प्लान बनाया लेकिन उसका पूरा प्लान धरा का धरा रह गया। साधारण किराए वाली ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन बताकर दोगुना किराया वसूलने की कोशिश की गई थी परंतु यात्रियों ने रेल यात्रा करना बंद कर दिया। अब हालत यह है कि रेलवे की स्पेशल ट्रेन अपना खर्चा तक नहीं निकाल पा रही है। यात्रियों को आकर्षित करने के लिए रेल अधिकारियों ने बड़े बजट के विज्ञापन अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि लोगों को फिर से रेल यात्रा के लिए आकर्षित किया जा सके।

जबलपुर से ट्रेनें खाली जा रही है

रेलवे ने तकरीबन साढ़े पांच माह बाद जबलपुर से ट्रेन शुरू की। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए जबलपुर से रीवा, सिंगरौली, भोपाल, दिल्ली के लिए ट्रेन शुरू की, लेकिन इन ट्रेनों को यात्री नहीं मिल रहे हैं। सबसे खराब हालात जबलपुर से रीवा, सिंगरौली और इंदौर ओवरनाइट ट्रेन के हैं। लॉकडाउन से पहले इन ट्रेनों में हाउसफुल जैसी स्थिति रहती थी। रिजर्वेशन तो सौभाग्यशाली लोगों को मिलता था। जितने यात्री बर्थ पर होते थे उतने ही वेटिंग वाले गलियों में खड़े होकर सफर करते थे। रेल अफसरों को लगा कि उनकी ट्रेन यात्रियों की सबसे बड़ी मजबूरी है परंतु यात्रियों ने दूसरे विकल्प खोज लिए।

यात्रियों को बुलाने के लिए क्या करेगा रेलवे

- ट्रेन का सोशल मीडिया, समाचार पत्र में जानकारी देगा।
- ट्रेन, रूट, समय और इससे जुड़े नियम बताएगा
- यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर से भी जानकारी ले सकेंगे
- संबंधित रूट के यात्री को एसएमएस से जानकारी देगा
- ट्रेन रवाना होने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने की जानकारी
- स्टेशन पर आने-जाने, सफर करने के नियम बताएगा।

किस ट्रेन को कितने यात्री मिल रहे

- जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट को 30 से 40 फीसद यात्री
- इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट को 20 से 30 फीसद यात्री
- मदनमहल-सिंगरौली ट्रेन को 10 से 15 फीसद यात्री
- जबलपुर-हबीबगंज जनशताब्दी को 80 फीसद यात्री
- जबलपुर-रीवा इंटरसिटी को 20 से 25 फीसद यात्री
- सिंगरौली-मदनमहल इंटरसिटी को 15 से 20 फीसद यात्री

यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन चलाई गई है, लेकिन अभी उन्हें ट्रेन और इससे जुड़े नियमों की जानकारी नहीं है। रेलवे सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्र समेत अन्य संचार के माध्यम से उन तक यह जानकारी पहुंचाएगा, ताकि ट्रेन में ज्यादा से ज्यादा यात्री सफर कर सकें। -विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम, जबलपुर रेल मंडल

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EPFO की बैठक में ब्याज दर का निर्धारण, 6 करोड़ कर्मचारियों को लाभ - EMPLOYEE NEWS

Posted: 09 Sep 2020 05:32 AM PDT

नई दिल्ली।
EPFO- Employees' Provident Fund Organisation की बैठक में फाइनेंसियल ईयर 2019-20 के लिए ब्याज दरों का निर्धारण कर दिया गया है। बुधवार दिनांक 9 सितंबर 2020 को हुई बैठक में ब्याज दरों का निर्धारण एजेंडे में नहीं था परंतु सदस्यों की मांग पर फैसला किया गया। तय किया गया है कि इस बार भी कर्मचारियों को 8.5% ब्याज दिया जाएगा। लगभग 6 करोड कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

6 करोड़ कर्मचारियों के खातों में EPF का ब्याज कब जमा होगा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टीज की बैठक में EPF पर अभी 8.15 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया गया। यह राशि इस महीने अकाउंट में जमा हो जाएगी। शेष 0.35 प्रतिशत ब्याज इस साल दिसंबर में सब्सक्राइबर्स के खाते में क्रेडिट किया जाएगा। इससे पहले EPFO ने पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.5 प्रतिशत का ब्याज देने के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के अपने कुछ निवेश को भुनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, Covid-19 से उत्पन्न परिस्थितियों की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए ऐसा नहीं किया गया।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में फैसला लिया गया

EPFO की शीर्ष निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक एक बार फिर दिसंबर में होगी। इस बैठक में सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में शेष 0.35 फीसद का ब्याज क्रेडिट किए जाने के बारे में निर्णय किया जाएगा। यह मुद्दा बुधवार की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन कुछ ट्रस्टीज ने सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में ब्याज क्रेडिट करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया।

श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता में इस साल मार्च में आयोजित बोर्ड की बैठक में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8.5 फीसद की दर से ब्याज देने का फैसला किया गया था। सूत्र ने यह भी बताया कि वित्त मंत्रालय पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.5 फीसद की दर से ब्याज देने के निर्णय पर अपनी ओर से हरी झंडी दे चुका है।

कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी+महंगाई भत्ते का 12 प्रतिशत हिस्सा PF में जाता है। कंपनी की तरफ से भी 12 प्रतिशत हिस्सा जमा किया जाता है। हालांकि, कंपनी का योगदान दो हिस्सों में बाटा जाता है। इसमें से 8.33 प्रतिशत हिस्सा Employees Pension Scheme में जाता है और बचा हुआ 3.67 प्रतिशत हिस्सा PF खाते में जाता है।

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JABALPUR हॉस्पिटल में डॉक्टर को मरीज के परिजन पीटते रहे, सुरक्षा कर्मी देखते रहे - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 05:04 AM PDT

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने मरीज के मृत होने पर परिजनों द्वारा ड्यूटी डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना का विरोध कर 24 घंटे में कार्यवाही नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी पुलिस व प्रशासन को दी है। वहीं घटना के समय कालेज में निजी कंपनी द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं।    

डॉक्टर्स ने कहा ICU में हुई मारपीट की इस घटना के समय करीब 8 सुरक्षा कर्मी वहाँ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने डॉक्टर को बचाने की कोशिश नहीं की। मेडिकल प्रबंधन द्वारा निजी सुरक्षा कंपनी को सालाना कई लाख रुपए का भुगतान किया जाता है, लेकिन जब डॉक्टर ही पिट रहे हों तो यह कर्मी किसकी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। 

जानकारी के अनुसार आईसीयू में भर्ती गीता गुप्ता नामक महिला मरीज की मंगलवार सुबह 3 बजे के लगभग मौत हुई। उस समय सेकेंड ईयर पीजी रेसिडेंट डॉक्टर अक्षय वर्मा ड्यूटी पर थे। अक्षय से मृत मरीज के बेटे व अन्य परिजनों ने मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी, इस समय सुरक्षा कर्मी मौजूद थे लेकिन वे चुपचाप खड़े रहे। घटना से नाराज जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले की शिकायत गढ़ा थाने में करने के साथ ही 24 घंटे में आरोपियों पर कार्यवाही नहीं होने पर रुटीन ड्यूटी बंद करने तथा भविष्य में इमरजेंसी सेवाएँ भी नहीं देने की चेतावनी दी है। 

इस मामले में प्रभारी अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि घटना के समय मूकदर्शक रहने वाले सुरक्षा कर्मियों पर कार्यवाही करने के लिए कंपनी के अधिकारियों को कहा गया है। इस मामले में चर्चा है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा मामले को दबाने एक-दो सुरक्षा कर्मियों पर कार्यवाही की तैयारी की जा रही है। प्रबंधन से माँग की गई है कि घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले सभी सुरक्षा कर्मियों पर कार्यवाही की जाए।

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BHOPAL कलेक्टर ने कोरोना कंट्रोल के लिए नई गाइडलाइन जारी की, ₹5000 तक जुर्माने का प्रावधान - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 04:55 AM PDT

भोपाल
। भोपाल में महामारी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को 262 नागरिकों में कोविड-19 का संक्रमण पाया गया। कोरोनावायरस को कंट्रोल करने के लिए भोपाल कलेक्टर ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें ₹500 से लेकर ₹5000 तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

भोपाल में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर ₹500 जुर्माना

कोरोना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जरूरी कदम उठाते हुए एक नई एडवाइजरी जारी की। कोविड 19 के नियमों का उल्लंघन करने पर स्पॉट फाइन वसूला जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बुधवार को आदेश जारी किया। अगर कोई व्यक्ति फेस मास्क या फेस कवर बिना पकड़ा गया तो उसके खिलाफ 500 रुपए का स्पॉट फाइन लिया जाएगा। इसके साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। आदेश का सख्ती के साथ पालन करवाया जाएगा।

भोपाल में सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर ₹1000 जुर्माना

सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुए पाए जाने पर 1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर होम और संस्थागत क्वारैंटाइन लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उन पर 2 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। किसी भी संस्था, कार्यस्थल अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठान पर कोविड नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना मौके पर ही वसूला जाएगा।

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JABALPUR में कंगना रनौत के समर्थन में करणी सेना का प्रदर्शन - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 04:15 AM PDT

जबलपुर
। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना राणावत और शिवसेना के बीच चल रहा विवाद अब मध्यप्रदेश में भी नजर आने लगा है। जबलपुर में करणी सेना ने कंगना रनौत के समर्थन में और शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने संजय रावत का पुतला जलाने की कोशिश की।

करणी सेना ने बुधवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत का पुतला जलाने की भी कोशिश की। इसके साथ संजय राउत मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। करणी सेना ने शिवसेना के खिलाफ की जमकर नारेबाजी की और कहा कि कंगना रनौत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संजय राउत जबतक माफी नहीं मांगते तब तक करणी सेना का विरोध जारी रहेगा।

वहीं आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल सदस्य इंद्रेश कुमार ने साधु संतों के साथ मुलाकात करने के दौरान कंगना रनौत के मुद्दे पर कहा कि नारी के साथ कभी अपशब्द या दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। ये हमेशा अमानवीय होता है। उन्होंने कहा कि नारी जाति का सम्मान राजनेता का राजनीतिक कर्तव्य होता है। पूरा मीडिया कंगना के साथ खड़ा है। उसे कौन तंग करेगा। जिन्होंने कंगना का अपमान किया है, उन्हें क्षमा याचना करना चाहिए।

बता दें कि शिवसेना शासित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध निर्माण को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले पर बुलडोजर चला दिया है। बीएमसी ने कंगना के बंगले के 'अवैध निर्माण ' को गिराया है। इससे पहले बीएमसी ने बंगले के बाहर बीएमसी की कार्रवाई की जानकारी देते हुए दूसरा नोटिस लगाया था। बीएमसी की टीम बुलडोजर और उत्खनन वाली मशीनें लेकर बांद्रा के पाली हिल बंगले पर पहुंची और महानगरपालिका की बिना मंजूरी के इमारत में की गई फेरबदल वाले ढांचे को गिरा दिया।

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BHOPAL: पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बंगला खाली कराने संपदा संचालनालय की कार्रवाई - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 03:45 AM PDT

भोपाल
। कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे भोपाल के विधायक श्री पीसी शर्मा का बंगला खाली करवाने के लिए संपदा संचालनालय ने कार्यवाही शुरू कर दी है। भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने सरकारी बंगले पर से पीसी शर्मा का कब्जा हटाने की कार्यवाही की। 

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा इस समय उप चुनाव प्रचार के लिए ग्वालियर में है श्री पीसी शर्मा ने बयान दिया है कि जब हमारी सरकार थी तो हमने इस तरह की कार्यवाही नहीं की थी। कृष्णा गौर और सुरेंद्र पटवा के बंगले खाली नहीं करवाए गए थे। श्री शर्मा ने कहा कि मैं क्षेत्रीय विधायक हूं, सरकारी आवास पर प्राथमिक तौर पर मेरा अधिकार बनता है परंतु फिर भी शिवराज सरकार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। 

याद दिला दें कि पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस के उन सभी पूर्व मंत्रियों के बंगले खाली करवाए गए हैं जो उपचुनाव में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। इससे पहले सज्जन सिंह वर्मा द्वारा एक आपत्तिजनक बयान दिए जाने के तत्काल बाद सरकारी बंगले से उन्हें बेदखल कर दिया गया था।

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DAVV NEWS: फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों से नौगुनी फीस ले ली / INDORE NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:48 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों के साथ ठगी का मामला सामने आया है। प्रदेश की नंबर वन स्टेट यूनिवर्सिटी के नाम से न केवल फर्जी वेबसाइट बनाकर समानांतर व्यवस्था चलाई गई, बल्कि सैकड़ों छात्रों के साथ धोखा भी किया गया। सामान्य तौर पर यूनिवर्सिटी मूल प्रति के 500 रुपए लेती है, जबकि उसकी कॉपी बनाने के 300 रुपए लिए जाते हैं, लेकिन इस वेबसाइट के जरिए महज एक घंटे में ट्रांस्क्रिप्ट बनाकर दिए जाने की बात सामने आई है। ये लोग मूल प्रति के 4500 और कॉपी के 700 रुपए लेते थे।
 
छात्र ट्रांस्क्रिप्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। ओरिजनल वेबसाइट dauniv.ac.in पर ही आवेदन किया जाता है, मगर फर्जी वेबसाइट में ट्रांस्क्रिप्ट शब्द जोड़ा गया था, ताकि छात्र असमंजस में पड़ जाएं। ट्रांस्क्रिप्ट में छात्र की सभी सेमेस्टर की मार्कशीट के अंक एक साथ दिए होते हैं। यह विदेश में आगे की पढ़ाई और जॉब के दौरान मांगे जाते हैं। Davvindoretranscripts.com नाम से फर्जी वेबसाइट बनाने वाले गिरोह के लोग छात्रों के ऑनलाइन आवेदन के साथ ही 4500 रुपए फीस भी लेते थे। 24 घंटे के भीतर यूनिवर्सिटी में 500 रुपए फीस जमा कर आवेदन कर देते थे, ताकि यूनिवर्सिटी की ओर से तय समय पर छात्र के पास ओरिजनल ट्रांस्क्रिप्ट पहुंच जाए। बदले में फर्जी वेबसाइट चलाने वाले को चार हजार रुपए हर ट्रांस्क्रिप्ट के मिल जाते थे।

शिकायत करने वाले एनएसयूआई के विकास नंदवाना ने आरोप लगाया कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा था। इसमें यूनिवर्सिटी के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। कुलपति को सौंपे ज्ञापन में जांच कराने और एफआईआर की मांग की गई है। वहीं इस मामले में रजिस्ट्रार अनिल शर्मा का कहना है कि मामले जांच कराकर जल्द ही एफआईआर कराई जाएगी।

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INDORE में लिव इन में रह रहे GF के हंगामे से BF के चाचा की मौत - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 07:48 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी और प्रेमिका के बीच विवाद हो गया। प्रेमी उसे छोड़कर चला गया। इसके बाद प्रेमिका प्रेमी के घर पहुंची और हंगामा करने लगी। उसकी प्रेमी के चाचा से बहस हो गई। इस बीच चाचा को हार्ट अटैक आ गया।  

अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्रेमी के चाचा की मौत हो गई। इसके बाद युवक के परिजन बिफर पड़े। वे शव लेकर एमआईजी थाने पहुंच गए। वहां युवती पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। इधर युवती भी थाने पहुंच गई। युवक के परिजन ने उसकी स्कूटर में तोड़फोड़ कर दी। बाद में टीआई ने आक्रोशित परिजन को समझाया।परिजन का आरोप है कि युवती ने हरिराम बिजौरे से गाली-गलौज और झूमा झटकी की, जिससे उन्हें हार्ट अटैक आ गया।

MIG टीआई विजय सिसोदिया के मुताबिक, घटना पाटनीपुरा की है। यहां रहने वाले 54 वर्षीय हरिराम बिजौरे के भतीजे जॉनी का क्षेत्र की युवती से प्रेम-प्रसंग था। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे। कोर्ट मैरिज भी कर ली थी। जॉनी के परिवार का आरोप है कि युवती का चरित्र ठीक नहीं है। इस बीच जॉनी और युवती के बीच कहासुनी हो गई। मंगलवार सुबह युवती प्रेमी के घर पहुंची और वहां बखेड़ा खड़ा कर दिया। इस दौरान हरिराम बिजौरे को हार्ट अटैक आ गया। 

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INDORE के MTH कोविड अस्पताल में 7 दिनों में 70 मौत, रिकाॅर्ड में सिर्फ 6 / INDORE NEWS

Posted: 09 Sep 2020 12:33 AM PDT

इंदौर। एमटीएच कोविड अस्पताल में 1 सितंबर से अब तक 70 से ज्यादा मरीजों की मौत हो चुकी हैं, लेकिन रिकॉर्ड पर ये कहीं दर्ज नहीं है। डॉक्टर मौत तो स्वीकार रहे हैं, लेकिन कोरोना को इनकी वजह मानने को तैयार नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक एमटीएच अस्पताल में कोरोना से मात्र 6 मौत ही सात दिनों में हुई है। सोमवार को जब एक दिन में 14 मौत का मामला सामने आया तो डॉक्टरों ने रिकाॅर्ड चेक कराया। इसी में इन 70 मौत का खुलासा हुआ। आसपास के जिलों से आए मरीजों की भी 16-17 मौत ही दर्ज है। 

क्यों दर्ज नहीं हो पा रही ये मौतें

मरीजों में कोरोना की पुष्टि आरटीपीसीआर जांच में होती है। आसपास के जिलों में इसकी सुविधा ही नहीं है। मरीज को तभी रैफर किया जाता है, जब उसे सांस लेने में तकलीफ होती है। इंदौर आने और भर्ती होने में बहुत समय बर्बाद हो रहा है। उनके सैंपल तक नहीं लिए जा रहे हैं। जिन मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आ जाए, उनकी मौत भी कोविड से नहीं मानी जा रही।

डॉक्टरों का कहना है कि मरने वाले 80 फीसदी मरीज नॉन-कोविड हैं। 50 प्रतिशत मरीज ऐसे थे जिनकी एक-दो दिन में ही मौत हो गई। 15 प्रतिशत अस्पताल आने के तीन से छह घंटे में ही चल बसे।

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BHOPAL: संपर्क में आए बिना संक्रमित हो रहे हैं लोग, अब तक 6000 - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 05:33 AM PDT

भोपाल। मप्र की राजधानी भोपाल में 242 नए संक्रमित मिलने के साथ ही कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 13082 हो गया है। इनमें 6052 मरीज न तो किसी संक्रमित के संपर्क में आए और न ही इनकी कोई कॉन्टैक्ट हिस्ट्री है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय की भोपाल कोविड पेशेंट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग रिपोर्ट के मुताबिक 13082 मरीजों के संपर्क में 59374 थे। इनमें 50923 सिम्टोमैटिक थे। जबकि 8884 लोग हाईरिस्क श्रेणी के थे। स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि जिन 6052 मरीजों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री नहीं मिल रही, उनसे शहर में हजारों लोगों को संक्रमण फैसले की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।

भोपाल में 24 घंटे में 8 की कोरोना से मौत, 2 मजिस्ट्रेट पॉजिटिव

राजधानी में मंगलवार को अलग-अलग कोविड हॉस्पिटल्स में 8 मरीजों की मौत हुई, इनमें तीन भोपाल के थे। मृतकों में विदिशा का एक 14 माह का बच्चा भी शामिल है। जबकि नए संक्रमितों में जिला अदालत के दो मजिस्ट्रेट, दो कर्मचारी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दो कर्मचारी शामिल हैं। इन 242 नए संक्रमितों में से 200 कोविड अस्पतालों व केयर सेंटरों में भर्ती हैं, जबकि 42 होम आइसोलेशन में है। 

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SCHOOL OPEN: स्कूल खोलने के लिए सरकार ने SOP जारी किया - Government issues SOP to open school

Posted: 09 Sep 2020 12:42 AM PDT

Government issues standard operating procedure to open school

नई दिल्ली। कोरोनावायरस का संक्रमण ना तो कम हुआ है और ना ही थमा है, बल्कि बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके प्राइवेट स्कूलों के दबाव में सरकार ने स्कूल संचालन के लिए SOP (standard operating procedure) जारी कर दिया है। जिस प्रोटोकॉल का पालन मंत्रालय और पॉलिटिकल पार्टियों के कार्यक्रमों में नहीं हो रहा, सरकार को पूरा विश्वास है कि स्कूलों में उसी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्कूलों की 9 से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं आंशिक रूप से शुरू करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर यानी SOP (standard operating procedure) जारी किया है। अनलॅाक 4 के तहत केंद्र सरकार ने क्लास 9 से लेकर 12 तक के छात्रों को स्वैच्छिक आधार पर माता-पिता की लिखित सहमति के बाद स्कूल जाकर टीचर से सलाह लेने की इजाजत दी थी। उस समय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि उनकी NOC के बिना स्कूल ओपन नहीं होंगे परंतु अचानक स्कूलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर दी गई। पेरेंट्स की लिखित अनुमति प्राइवेट स्कूलों के लिए कोई बड़ी शर्त नहीं है क्योंकि ग्राउंड जीरो पर प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल गांव के साहूकार की तरह बर्ताव करते हैं और पेरेंट्स कर्जदार किसान की तरह। प्रिंसिपल जिस कागज पर कहेंगे पेरेंट्स को हस्ताक्षर करने पड़ेंगे।

स्कूल खोलने के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन / Government of India Guidelines for opening school

- कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र, टीचर या अन्य कर्मचारियों को स्कूल आने की इजाजत नहीं होगी।
- छात्र और टीचर 6 फीट की दूरी के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे।
- स्कूल के दरवाज़ों के बाहर थर्मल स्क्रीनिंग होगी ताकि छात्रों और शिक्षकों के तापमान की जांच हो सके।
- कुछ समय के अंतराल पर हाथ धोना, फेस मास्क पहनना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
- स्कूल में बिना किसी कारण थूकना मना होगा और तबीयत खराब होने पर तुरंत रिपोर्ट करना पड़ेगा।
- असेंबली और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियां नही होगी क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का जोखिम होगा।
- छात्रों को आपस में नोटबुक, पेन, पेंसिल, रबर, वाटरबॉटल एक दूसरे को लेने-देने की इजाज़त नहीं होगी।
- स्कूलों में राज्य हेल्पलाइन नंबरों के अलावा स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी डिस्प्ले होंगे ताकि किसी इमर्जेंसी की स्थिति में उनसे संपर्क किया जा सकें।

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SHIVRAJ SINGH की नजर प्रॉपर्टी टैक्स पर, कलेक्टर गाइडलाइन के नाम पर 10% टैक्स बढ़ाया जाएगा - MP NEWS

Posted: 09 Sep 2020 12:42 AM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पिछले 15 सालों में कुछ किया हो या ना किया हो लेकिन एक काम पूरी शिद्दत के साथ किया है, और वह यह कि मध्य प्रदेश की जनता पर सभी प्रकार के टैक्स जितने संभव हो सकते थे उतने अधिकतम लगाए गए। हालात यह है कि पानी से लेकर पेट्रोल तक हर चीज पर बेतहाशा टैक्स लगाए जा चुके हैं। अब शिवराज सिंह सरकार की नजर प्रॉपर्टी टैक्स पर है। आने वाले साल में इसे बढ़ाकर मोटी कमाई का जरिया बनाने की तैयारी कर ली गई है।

मंगलवार को हुई शिवराज सिंह सरकार की कैबिनेट मीटिंग में प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर गाइडलाइन से जोड़ने का फैसला कर लिया गया है। सरल शब्दों में, यह बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा पेट्रोलियम पदार्थों का मूल्य अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य से जोड़ने पर हुआ। यदि कलेक्टर गाइडलाइन में प्रॉपर्टी के दाम कम हुए तो प्रॉपर्टी टैक्स काम नहीं किया जाएगा लेकिन यदि कलेक्टर गाइडलाइन में प्रॉपर्टी के दाम बढ़े तो प्रॉपर्टी टैक्स भी बढ़ाया जाएगा। 

प्रॉपर्टी टैक्स क्या होता है, क्यों लगाया जाता है 

सबसे बड़ा प्रश्न यही है। जब प्रॉपर्टी को खरीदते समय रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी के नाम पर एक बहुत मोटी रकम पहले से ही अदा कर दी जाती है तो फिर प्रॉपर्टी टैक्स क्यों लगाया जाता है। नगरीय प्रशासन का कहना है कि सड़कों की साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और आपके घर तक पेयजल की उपलब्धता के लिए जो खर्चा होता है, उसमें प्रॉपर्टी टैक्स का उपयोग किया जाता है। पिछले कुछ सालों से नगरपालिका है जलकर के रूप में एक बड़ी राशि और सफाई के नाम पर भी अलग से बिल बना रही है। ऐसी स्थिति में सरकार को प्रॉपर्टी टैक्स कम करना चाहिए लेकिन जनता का भी टैक्स का विरोध नहीं करती इसलिए सरकार मनमानी करती रहती है।

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MADHYA PRADESH के 12 जिलों में भीषण गर्मी, तापमान 37 डिग्री तक पहुंचा - MP WEATHER REPORT and FORECAST

Posted: 09 Sep 2020 03:45 AM PDT

भोपाल
। इन दिनों मध्यप्रदेश में तीखी धूप निकल रही है। हालात मई-जून जैसे हो गए हैं। मंगलवार को मध्य प्रदेश के 12 जिलों में भीषण गर्मी के हालात रिकॉर्ड किया जाए। तापमान 37 डिग्री से अधिक निकल गया। दोपहर के समय लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए।

प्रदेश भर में बीते मंगलवार को नरसिंहपुर सबसे ज्यादा तापमान 37 डिग्री के पार रिकॉर्ड हुआ तो वहीं दतिया में 36.2 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में अधिकतम तापमान 36 डिग्री, सीधी 35.8 डिग्री, रीवा, सतना उमरिया, खजुराहो, टीकमगढ़ में तापमान 35.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। ग्वालियर 35.6 डिग्री, होशंगाबाद 35.4 डिग्री, भोपाल 34.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। 

हल्की बूंदाबांदी के आसार

मौसम विभाग का कहना है कि 10 सितंबर तक मध्यप्रदेश में अति निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है, जिसके चलते एक बार फिर से प्रदेश भर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। फिलहाल ग्वालियर चंबल, भोपाल, होशंगाबाद, शहडोल, सागर, जबलपुर संभाग के जिलों में सतना, रतलाम, शाजापुर जिलों में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी होने के आसार हैं। 

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इंडियन आर्मी की यूनिफार्म का कलर ग्रीन क्यों होता है - GK IN HINDI

Posted: 08 Sep 2020 09:45 PM PDT

इंडियन आर्मी यानी भारत की थल सेना, जो जमीन पर युद्ध लड़ कर दुश्मन के दांत खट्टे करती है। वैसे तो भारतीय सेना में यूनिफॉर्म के कई कलर्स है परंतु एक सैनिक हमेशा खास प्रकार के हरे रंग की वर्दी में दिखाई देता है। जबकि पुलिस खाकी वर्दी में होती है। यदि रणभूमि में खुद को छुपाने की बात है तो फिर मिट्टी और पहाड़ जैसा रंग सैनिकों को छुपने में ज्यादा मददगार होगा। सवाल यह है कि इंडियन आर्मी की यूनिफार्म का कलर ग्रीन ही क्यों होता है। 

इंडियन आर्मी का इतिहास 

भारत में उन दिनों ब्रिटिश शासन स्थापित था। सेना को 'ब्रिटिश आर्मी' कहा जाता था। सेना का वह हिस्सा जिसमें ज्यादातर सिपाही भारत के नागरिक होते थे, उसे पहचानने और कम्युनिकेट करने में आसानी हो इसलिए उसे ब्रिटिश इंडियन आर्मी कहा जाता था।अधिकारिक रूप से "भारतीय सेना" कहा गया, उसे 1895 में भारत सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था, इसके साथ ही ब्रिटिश भारत की प्रेसीडेंसियों की तीन प्रेसिडेंसी सेनाएं (बंगाल सेना, मद्रास सेना और बम्बई सेना) भी मौजूद थीं। हालांकि, 1903 में इन तीनों सेनाओं को भारतीय सेना में मिला दिया गया। 

वर्दी का रंग और परंपराएं 

आप जानकर चौक जायेंगे कि आजादी के बाद भी इंडियन आर्मी की यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया। इंडियन आर्मी की यूनिफॉर्म का कलर और डिजाइन प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। जिन इलाकों में युद्ध हो रहे थे वहां इस तरह की यूनिफार्म के कारण सैनिक अपने आपको आसानी से जंगलों में छुपा लेते थे और दुश्मन के नजदीक आने पर हमला कर देते थे। छापामार हमले में भारत के सैनिक हमेशा सफल रहे हैं। भारत के सैनिकों की युद्ध कला की प्रशंसा प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पूरी दुनिया भर में की गई थी। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)

नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त या वेश्यावृत्ति पर FIR में धारा कौन सी धारा दर्ज की जाएगी - ASK IPC

Posted: 08 Sep 2020 02:38 PM PDT

भारत के कुछ समुदायों में लड़की के 16 वर्ष होते ही उसे किसी पुरुष के हवाले कर दिया जाता है। पुरुष लड़की के बदले उसके माता-पिता को तय की गई रकम अदा करता है। लेन देन की लिखा पढ़ी भी होती है। कुछ माता-पिता गरीबी के कारण अपनी लड़की को बेच देते हैं, कुछ लड़कियां शहर में नौकरी के कारण ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार हो जाती है। कुल मिलाकर भारत में लड़कियों की खरीद-फरोख्त और उनसे वेश्यावृति करवाने अपराध लगातार किया जा रहा है।

भारतीय दण्ड संहिता में धारा 366- क, 1923 के संशोधन अधिनियम की धारा 3 द्वारा स्थापित की गई है, इस धारा को जोड़ने का उद्देश्य ये है कि समाज में नाबालिग लड़कियों पर हो रहे अत्याचार को खत्म किया जाएगा एवं लड़कियों के आयात-निर्यात पर रोक लग सके और जबरदस्ती उनसे कराया जा रहा वेश्यावृत्ति का काम वह रुक सके।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 366 - क, की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति किसी अवस्यक (नाबालिग) महिला का निम्न प्रकार से शोषण करेगा:-
1. बहला-फुसला कर उसको ले जाएगा और वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करेगा।
2. पैसे से किसी महिला को गलत काम के लिए खरीदेगा या बेचेगा (भारत में कही भी आयात-निर्यात करेगा) तब।
3. जबरदस्ती किसी नाबालिक महिला को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करेगा।
ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 366- क,के अंतर्गत दोषी होता है।
【नोट:- किसी वयस्क महिला की सहमति से कराया जा रहा वेश्यावृत्ति का कार्य इस धारा के अंतर्गत दंडनीय अपराध नहीं है।】

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 366- क, के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है।यह अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते है, इनकी सुनवाई का अधिकार सेशन न्यायालय को होता है। सजा- इस अपराध के लिए 10 वर्ष की कारावास और जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।

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तरबूज के बीज रस में डूबे रहते हैं फिर भी अंकुरित क्यों नहीं होते - INTERESTING SCIENCE IN HINDI

Posted: 08 Sep 2020 01:46 PM PDT

WATERMELON SEEDS ARE SOAK IN FRUIT SAP, THEN WHY DON'T GET GERMINATE

तरबूज को देखते ही मुंह में पानी आना एक स्वाभाविक सी बात है परंतु यह पानी, वह पानी नहीं है जो हमें चीजों की खुशबू या स्वाद के कारण आता है। बल्कि तरबूज में सचमुच में ही 90-95 % पानी पाया जाता है। इसी कारण इसे विशेष रूप से गर्मियों में खाया जाता है क्योंकि गर्मियों में हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और हमें पानी की अधिक आवश्यकता होती है।

आइए अब हम वैज्ञानिक दृष्टि से देखते हैं कि तरबूज क्या है

😄 तरबूज को इंग्लिश में watermelon कहा जाता है यानी कि नाम में भी पानी😃 तरबूज का वैज्ञानिक नाम सिट्रलस लेनेटस (Citullus lanatus) है, जो कि कुकरबेटेऐसी फैमिली का सदस्य है। तरबूज एक साधारण प्रकार का रसीला (Simple, succulent) पेपो फल है, जिसका खाया जाने वाला हिस्सा मध्यफलभित्ति (Mesocarp) है।

पेपो का अर्थ है एक ऐसा फल है जिसका बाहरी आवरण कठोर होता है ,बीच में माँसल पल्प होता है और बहुत सारे बीज, बीच में या पूरी मध्यफलभित्ति में बिखरे होते हैं।

• कुकरबेटेसी फैमिली को सामान्यता ककड़ी वंश कहा जाता है। जिसमें कद्दू, लौकी, गिलकी ,करेला आदि पाए जाते हैं।

तरबूज के बीज रस में डूबे रहने के बाद भी अंकुरित क्यों नहीं होते

चूँकि तरबूज के बीज का बीजआवरण या (seed coat) बहुत कठोर होता है। इसलिए तरबूज के रस में पड़े -पड़े भी यह टूटता नहीं है और जब तक यह नहीं टूटेगा तब तक बीज अंकुरित नहीं हो सकते।

इसके अतिरिक्त बीजों के अंकुरण के लिए पानी के साथ- साथ ऑक्सीजन, उचित तापमान, अंधेरा या उजाला, इन सबकी भी आवश्यकता होती है। तभी बीज अंकुरित होते हैं। तरबूज के अंदर यह सब अंकुरण के लिए आवश्यक परिस्थितियां भी उपलब्ध नहीं होती हैं। इसी कारण तरबूज के रस में बीजों का अंकुरण नहीं हो पाता। लेखक श्रीमती शैली शर्मा मध्यप्रदेश के विदिशा में साइंस की टीचर हैं। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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