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Monday, September 7, 2020

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थाना प्रभारी ने किया कोविड19 के प्रति जागरुक -ढालवाला के लोगों से की कोविड टेस्ट करवाने की अपील

Posted: 07 Sep 2020 10:56 AM PDT

कोविड19 के प्रति ढालवाला के लोगों को जागरुक करते मुनिकीरेती थाना प्रभारी आरके सकलानी


ऋषिकेश।
ढालवाला शिव दुर्गा मंदिर के प्रागंण में मुनिकीरेती के थाना प्रभारी आरके सकलानी ने स्थानीय लोगों को कोविड19 के प्रति जागरुक किया। इस दौरान उन्होंने सभी से स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। कहा कि जरुरत पड़ने पर कोविड टेस्ट अवश्य कराएं।
बता दें कि जिलाधिकारी टिहरी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग फकोट की ओर से नगर पालिका ढालवाला-मुनिकीरेती में कोविड टेस्ट किया जा रहा है। मगर बीते कुछ दिनों से ढालवाला क्षेत्र के लोग अपना कोविड टेस्ट करवाने में आनाकानी कर रहे हैं। ढालवाला के एक व्यक्ति ने तो स्वास्थ्य विभाग की जांच पर उंगली उठा दी है। उसने चिकित्साप्रभारी से ढालवाला क्षेत्र में कोविड टेस्ट न करने के लिए कहा। ऐसा करने पर उन्हें देख लेने तक की धमकी दे डाली। सोमवार को हालात नियंत्रण करने पहुंचे मुनिकीरेती थाना प्रभारी आरके सकलानी ढालवाला स्थित शिव दुर्गा मंदिर पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों को उन्होंने कोविड19 से बचाव के लिए जागरुक किया। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास कोविड टेस्ट करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का अवश्य पालन करें, नहीं तो मुकदमे की कार्रवाई हो सकती है।
इस मौके पर ढालवाला चौकी प्रभारी विक्रम सिंह बिष्ट, सभासद विनोद सकलानी, वंदना थलवाल, प्रेम सिंह पंवार, भगवती काला, लक्ष्मी थलवाल, धूमन थलवाल, कमलेश्वर नौटियाल, सुभाष कोठारी, गंगा राम बलोनी, रवि बगियाल, किशन सिंह धानकी, राहुल लेखवार, राजेंद्र थलवाल आदि उपस्थित थे। 

डीएफओ के पत्रकार संग दुर्व्यवहार करने का मामला गरमाया -डीएफओ की कार्यशैली पर युवा पत्रकारों ने जताया आक्रोश, बैठक में किया निंदा प्रस्ताव पास -मामले की शिकायत सरकार से करने का लिया निर्णय

Posted: 07 Sep 2020 08:07 AM PDT

बैठक करते युवा पत्रकार


ऋषिकेश।
मुनिकीरेती में बीते दिन डीएफओ नरेंद्र नगर की ओर से एक पत्रकार के संग अभद्र व्यवहार करने का मामला गर्माने लगा है। डीएफओ की इस कार्यशैली पर योगनगरी ऋषिकेश के युवा पत्रकारों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। सोमवार को सभी ने बैठक कर डीएफओ के विरुद्ध एक निंदा प्रस्ताव पास किया। साथ ही मंगलवार को इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष से करने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि बीते दिनों एक राष्ट्रीय अखबार के प्रभारी जितेंद्र चमोली ने नरेंद्र नगर वन प्रभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए खबर प्रकाशित की। इस पर डीएफओ नरेंद्रनगर का पारा चढ़ गया। आलम यह रहा कि तपोवन के समीप लक्ष्मण झूला रोड पर उन्होंने खबर लिखने वाले पत्रकार के संग बदसलूकी तक कर डाली। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। यह देख योग नगरी के समस्त युवा पत्रकारों में आक्रोश फैल गया है। सोमवार को सभी युवा पत्रकारों ने हरिद्वार रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में एक बैठक की। यहां सभी ने डीएफओ नरेंद्र नगर के विरुद्ध एक निंदा प्रस्ताव पास किया। साथ ही इस मामले में शिकायत और कार्रवाई की मांग लेकर मुख्यमंत्री एवं विस अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। इस दौरान सभी ने पत्रकार हितों के लिए एक संगठन बनाने का निर्णय भी लिया।
बैठक में पत्रकार दीपक नारंग, नीरज गोयल, विनय पांडे, शिवानी, ममता रमोला, महावीर सिंह, मयंक, मनोज रौतेला, सागर रस्तोगी, जितेंद्र सजवाण, रजत प्रताप सिंह, राजीव कुमार, राजेश नौटियाल, सुदीप कपरूवान, अमित कण्डियाल आदि मौजूद थे।

चुनावी घोषणा पत्र के अधिकांश वादे हुए पूरे, कुछ पर काम जारी - महापौर

Posted: 07 Sep 2020 04:55 AM PDT




ढेड वर्ष के शैशव काल में धरातल पर आई विभिन्न योजनाएं, जनता स्वयं करें आंकलन

निगम क्षेत्र के आखिरी घर तक विकास की किरण पहुंचाना मेरा लक्ष्य - महापौर

ऋषिकेश 7 सितंबर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश की जनता से कई वादों और दावों के साथ करीब ढेड वर्ष पहले नगरपालिका से अपग्रेड होकर नगर निगम का नया बोर्ड गठित हुआ था। उस समय प्रथम महिला महापौर के रुप में अनिता ममगाई ने प्रंचड जीत के साथ एक नये इतिहास का सृजन करते हुए जनता के साथ जो वादे किए थे, उसमें से अधिकांश तो पूरे हो गए हैं और कुछ पर अभी काम प्रगति पर है।
महापौर ममगाई की मानें तो देवभूमि ऋषिकेश की अंतरराष्ट्रीय छवि के अनुरूप यहां विकास का खाका तैयार करके चरणबद्ध तरीके से विभिन्न योजनाओं को तेजी के साथ पूर्ण किया जा रहा है। निगम के समस्त चालीस वार्डो में सामान रूप से विकास कार्यों की झड़ी लगाकर जनता को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। घोषणापत्र के सारे प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास करवाने में सफल रही महापौर ने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार कर उत्तराखंड के गांधी स्व इन्द्रमणि बडोनी चौक की स्थापना की गई।करोड़ों रूपये की योजना के साथ 330 डबल आर्म डिवाइडर लाइट से शहरी क्षेत्र को चकाचौंध करने में निगम कामयाब रहा। इसके अलावा 5000 स्ट्रीट लाइटें वह भी 5 साल की वारंटी के साथ  लगवा कर ग्रामीण क्षेत्र को भी प्रकाश मय कराने में वह सफल रही। नगर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए 20 नए कूड़े वाहन  को उतारा गया। कोरोना काल में  आर्थिक संकट से जूूझ रही जनता को राहत देेेेने के लिए भवन कर में 50% तक की छूट का प्रावधान किया गया। उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओंं का निस्तारण कराने के लिए मेेेयर हेल्पलाइन जनता को सर्मपित की गई जोकि अपेक्षाओं से भी कही बेेेहतर कार्य कर रही है। वेंडिंग जोन की महत्ववकांक्षी योजना का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है।जल्द ही उक्त योजना पूूूरी तरह से धरातल पर होगी। विभिन्न घाटों केे जीर्णोद्धार की शुरुआत 72 सीढ़ी घाट के जीर्णोद्धार से की जा चुकी है। महापौर ने बताया कि पिछले डेढ़ दशक से तीर्थनगरी कूड़े की समस्याा से जूझती रही है। शहर में पहली बार कूड़ा निस्तारण के लिए सूखा कूड़ा निस्तारण प्लांट निशुल्क लगवाया गया। जल्द ही इसके सार्थक परिणाम शहर वासियों को दिखाई देने लगेंगे। महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार देश की महान विभूतियों के नाम पर शहर केे विभिन्न चौराहों को सजाने संवारने की कवायद शुरू हो चुकी है। जल्द ही तहसील चौक पर चिपको आंदोलन के लिए अपनी एक विशेष पहचान रखने वाली गौरा देवी की भव्य प्रतिमा के साथ चौक के जीर्णोद्धार का कार्य संपन्न कराया जाना है। उन्होंने बताया वर्ष 2020 में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.4 करोड़ की लागत से सड़क एवं नाली का निर्माण सम्पन्न कराने के साथ एम्स में ऋषिकेश एवं उत्तराखंड वासियों के लिए अलग-अलग दो ओपीडी पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था कराना भी एक बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने बताया कि निगम क्षेत्र में 50 हजार डस्टबिन निशुल्क बंटवाने की योजना
भी जल्द धरातल पर होगी।सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की निशुल्क गेंड़ीखाता  में व्यवस्था की गई है। इसमें और भी कोशिशें की जा रही हैं। शहर के सौंदर्यीकरण के लिए त्रिवेणी घाट में सेल्फी प्वाइंट की स्थापना। प्लास्टिक वेस्ट को खत्म करने के लिए निशुल्क जीआईजेड कंपनी से करार जहां महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, वहीं गोविंद नगर स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाने की प्रक्रिया की वित्तीय स्वीकृति बोर्ड ने करवा कर, फाइल शासन को सुपुर्द कर दी है। यहां कूड़ा हटाने की निविदा प्रक्रिया कभी भी शुरू हो सकती है। उन्होने बताया कि  त्रिवेणीघाट में गंगा की धारा को घाट तक लाने के लिए योजना को मंजूरी निगम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कोरोना काल में बेहद शानदार कार्य के लिए जिलाधिकारी ने कोरोना योद्वा चयनित किया गया। महापौर ने बताया कि निगम क्षेत्र के आखिरी घर तक विकास की किरण पहुंचाना उनका लक्ष्य है। इसमें वह पूरी मुस्तैदी के साथ डटी हुई हैं।

प्रत्येक व्यक्ति को जीते जी रक्तदान और मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए- डॉ राजे सिंह नेगी

Posted: 07 Sep 2020 03:49 AM PDT




ऋषिकेश 7 सितंबर। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा भले ही इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की भेंट चड़ गया हो। लेकिन लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने वालों के उत्साह में कोई कमी नही आई है। नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम चला रही तमाम संस्थाओं के साथ-साथ समाजसेवी संगठन भी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर नेत्रदान के प्रति जागरूक करने में जुटे हुए हैं।
उड़ान फाउंडेशन के संस्थापक व नेत्र चिकित्सक डॉ राजे सिंह नेगी ने बताया कि कार्निया (पुतली) में होने वाली खराबी का एकमात्र इलाज है नेत्रदान। देश मे प्रत्येक वर्ष 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नेत्रदान करने के लिए प्रेरित करना है। डॉ नेगी के अनुसार आंख की पुतली (कॉर्निया) में चोट या किसी बीमारी के कारण कॉर्निया को क्षति होने पर दृष्टिहीनता को ठीक किया जा सकता है। प्रत्यारोपण में आँख से क्षतिग्रस्त या खराब कॉर्निया को निकाल दिया जाता है और उसके स्थान पर एक स्वस्थ कॉर्निया प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। नेत्रदान पखवाड़े के तहत लोगों को अपनी आंखें दान करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो पुतली यानि कॉर्निया की बीमारी (कॉर्निया की क्षति जो आंखों की अगली परत है), मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी बीमारियां दृष्टि हानि और अंधापन के मुख्य कारणों में से एक है। वैसे माना जाता है कि अधिकतर दृष्टि की हानि के मामलों को नेत्रदान के जरिए उपचार करके ठीक किया जा सकता है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अलग-अलग अंगों को दान दिया जा सकता है। उन अंगों को उन रोगियों में प्रत्यारोपित किया जाता है, जिन्हें अंगों की जरूरत होती है। किसी भी व्यक्ति के अंगों को उसकी मौत के बाद ही दान किया जाता है। एक ऐसा ही प्रमुख अंग आंख भी है। मृत्यु के बाद नेत्रदान से कार्निया रहित व्यक्ति को रोशनी दी जा सकती है। पीड़ित व्यक्ति के क्षतिग्रस्त कॉर्निया की जगह नेत्रदाता के स्वस्थ कॉर्निया को प्रत्यारोपित किया जाता है। भारत में नेत्रदान करने वालों की संख्या बेहद कम है जिसका मुख्य कारण सामान्य लोगों के बीच जागरूकता का अभाव तथा कई तरह के सामाजिक और धार्मिक मिथक भी है। जबकि कोई भी स्त्री-पुरूष मृत्यु के बाद ही नेत्रदान कर सकते हैं, चाहे वह कोई भी उम्र, लिंग, ब्लड ग्रुप, धर्म का हो। नेत्रदान का लाभ केवल कॉर्निया से नेत्रहीन व्यक्ति को होता है। उन्होंने बताया कि कॉर्निया को मृत्यु के छह घंटे के अंदर निकालना जरूरी है। कॉर्निया निकालने में सिर्फ 10-15 मिनट लगते हैं। इससे चेहरे पर भी कोई निशान नहीं आता। दान की गई आंखों को खरीदा या बेचा नहीं जाता है।पंजीकृत नेत्रदाता बनने के लिए नजदीक के नेत्र बैंक से संपर्क किया जा सकता है।

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