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Tuesday, April 27, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


JABALPUR रेल मंडल ने 3 ट्रेन रद्द करने का निर्णय लिया, 10% से भी कम यात्री सफर कर रहे हैं - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 08:37 AM PDT

जबलपुर।
रेलवे इन दिनों स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ अतिरिक्त कोच भी लगा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिन ट्रेनों में इस समय यात्री नहीं मिल रहे हैं उन्हें रद्द भी कर रहा है। सोमवार को पश्चिम मध्य रेलवे ने अपनी सीमा से रवाना होने वाली तीन ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है।

यह ट्रेन 09341 नागदा-बीना एक्सप्रेस, ट्रेन 09342 बीना-नागदा एक्सप्रेस के अलावा ट्रेन 04813-04814 जोधपुर-भोपाल और ट्रेन 09741-42 जयपुर-बयाना एक्सप्रेस हैं। इन ट्रेनों को 27 अप्रैल से आगामी आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है। रेलवे में ट्रेनों को चलाने के साथ पहले से चल रही ट्रेनों की भी समीक्षा शुरू कर दी है जिन ट्रेनों में 10 फ़ीसदी से भी कम यात्री सफर कर रहे हैं उन्हें रद्द करने की तैयारी शुरू हो गई है जबलपुर रेल मंडल ने भी ऐसी कई ट्रेनों को चिन्हित किया है जिनमें यात्रियों की संख्या नगण्य है हालांकि समीक्षा के बाद इन्हें रद्द करने का निर्णय रेलवे बोर्ड लेगा।

जिन ट्रेनों में यात्रियों द्वारा पहले रिजर्वेशन करा लिया गया था और अब रेलवे ने रद्द कर दिया है, उन ट्रेनों की टिकट रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेलवे इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को पूरा पैसा रिफंड करेगा। जिन यात्रियों ने काउंटर से टिकट ली है, वे वहीं से रिफंड ले सकते हैं और जिन्होंने ऑनलाइन टिकट की है वे ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अपनी टिकट का पूरा पैसा रिफंड ले सकते हैं। यात्रियों को किसी तरह की प्रॉब्लम ना हो इसलिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

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BHOPAL में कोरोना पीड़ितों के लिए निःशुल्क प्लाज्मा हेल्पलाइन नंबर

Posted: 27 Apr 2021 08:31 AM PDT

भोपाल
। भोपाल में युवाओं की एक टीम कोरोनावायरस जैसी महामारी से पीड़ित लोगों की मदद कर रहे हैं। पीड़ित लोगों को प्लाज्मा एवं ब्लड निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

नीरज माहेश्वरी ने बताया कि वह एवं उनकी टीम ने व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया हुआ है जिसे निशुल्क ब्लड डोनेशन के नाम से जाना जाता है। महामारी के दौर में कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को प्लाज्मा एवं ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री माहेश्वरी ने बताया कि अब तक करीब 300 लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

नीरज माहेश्वरी ने कहा कि जरूरतमंद लोग व्हाट्सएप नंबर 9009748008 पर अपनी पूरी जानकारी भेज सकते हैं। ग्रुप के सभी सदस्य मानवता के नाते सभी जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। श्री माहेश्वरी ने बताया कि मदद करने वाले साथियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।

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MP CORONA: मौत की दहशत में 31 जिलों के लोग, सिर्फ 8 जिलों में जिंदगी की उम्मीद- UPDATE NEWS

Posted: 27 Apr 2021 07:46 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश में 31 जिले ऐसे हैं जहां सारा दिन लोगों के बीच किसी ना किसी प्रियजन की कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण अकाल मृत्यु की चर्चा होती रही एवं सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया जाता रहा। मध्य प्रदेश के 52 में से मात्र 8 जिले से हैं जहां के नागरिक संतोष कर सकते हैं कि यदि वह संक्रमित होते हैं तो उन्हें इलाज मिलेगा और वह स्वस्थ हो जाएंगे। किसी बिस्तर, ऑक्सीजन या इंजेक्शन के कारण उनकी अकाल मृत्यु नहीं होगी।

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 31 (2 जिले बढ़ गए)

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, खरगोन, रतलाम, रीवा, बैतूल, विदिशा, धार, सतना, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, शिवपुरी, कटनी, शहडोल, बालाघाट, सीहोर, झाबुआ, रायसेन, मुरैना, राजगढ़, नीमच, सिंगरौली, सीधी, दमोह, टीकमगढ़, दतिया और पन्ना ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है। इंदौर में 12000, भोपाल 12000, ग्वालियर 9000 और जबलपुर 5000 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है। 

मध्य प्रदेश के 8 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है

छिंदवाड़ा, देवास, खंडवा, हरदा, श्योपुर, भिंड, बुरहानपुर और आगर मालवा मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। इनमें से बुरहानपुर एकमात्र ऐसा जिला है जहां एक्टिव केस की संख्या 200 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

MADHYA PRADESH COVID19 UPDATE NEWS 27 APRIL 2021 

- पूरा डबरा शहर शोकमग्न रहा क्योंकि शहर की सबसे लोकप्रिय महिला शिक्षक श्रीमती सुषमा पाठक का कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण निधन हो गया था। 
- शिवपुरी शहर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता श्री विजय भारद्वाज की मृत्यु के कारण माहौल काफी गमगीन एवं भयभीत कर देने वाला। 
- ग्वालियर के सबसे बड़े कमलाराजा अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो जाने के कारण सप्लाई बंद रही। इसी दौरान 3 मरीजों की मौत हो गई। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का कहना है कि कम से कम 10 मरीजों की मौत हुई है। 
- मध्य प्रदेश का ओवरऑल पॉजिटिविटी रेट 25% से घटकर 23% के नीचे आ गया है परंतु इसे संतोषजनक नहीं कह सकते क्योंकि संक्रमण की दर 2.5% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 
- उज्जैन में कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता नूरी खान को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट में डाली चल रही है। 
- रतलाम में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की खाली शीशी में ग्लूकोस भरकर ₹35000 में बेचने का मामला सामने आया है।
- भिंड में एक गर्भवती महिला का प्रसव इसलिए नहीं करवाया गया क्योंकि उसकी कोविड-19 रिपोर्ट नहीं आई थी। महिला ने आम रास्ते पर शिशु को जन्म दिया।
- होम आइसोलेशन वालों के लिए मेडिकल उपकरण (पल्स ऑक्सीमीटर, एग्जामिनेशन ग्लव्स, कोरोनावायरस फ्लू की टेबलेट) निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से 3 गुना अधिक दामों पर बेचे जा रहे हैं। बाजार बंद कराने के लिए कष्ट लगाने वाला प्रशासन इस मामले में सबूतों के साथ किसी शिकायत का इंतजार कर रहा है।

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 27 APRIL 2021 DISTRICT WISE STATUS LIST




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MP में 31 मई तक ऑनलाइन क्लासेज बंद - EDUCATION NEWS

Posted: 27 Apr 2021 07:11 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब 1 मई से 31 मई तक ऑनलाइन कक्षाएं भी बंद रहेंगी। प्रदेश के मप्र बोर्ड से संबंधित सरकारी व निजी, सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड के स्कूलों में एक माह के लिए ऑनलाइन कक्षाएं बंद रहेंगी।  

सभी स्कूलों में पहली से आठवीं, नौवीं व ग्यारहवीं तक के कक्षाओं में ऑनलाइन कक्षाओं को निरस्त किया गया है, लेकिन दसवीं व बारहवीं की कक्षाएं संचालित होंगी। इस सबंध में लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई) ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। आदेश में लिखा है कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों में भय एवं तनाव की स्थिति बन रही है। 

अब ऐसे में पढ़ाई का दबाव उन्हें और अधिक परेशान करेगा। इस कारण ऑनलाइन कक्षाएं बंद रहेंगी। साथ ही इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। डीपीआई आयुक्त जयश्री कियावत ने कहा कि कोविड-19 के विस्तार से बच्चे भयभीत हैं। इस कारण कुछ दिन ऑनलाइन कक्षाएं नहीं संचालित की जाएंगी।

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INDORE में ऑक्सीजन सप्लायर की लाश फांसी पर लटकी मिली - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 05:30 AM PDT

इंदौर।
 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में पलासिया थाना क्षेत्र में 49 वर्षीय कारोबारी ने फांसी लागकर आत्महत्या कर ली है। उनकी बेटी और पत्नी कोरोना संक्रमित हो जाने के कारण उपचाररत है। संभवतः इस कारण वह अवसाद में आ गए और खुदकुशी कर ली। परिजन शव पिपरिया ले गए है।  

एएसआइ सुरेंद्रसिंह रघुवंशी के मुताबिक मूलतः पिपरिया निवासी ब्रजेश पुत्र कन्हैयालाल डागा मनीषपुरी स्थित वृंदावन अपार्टमेंट में बेटी गौरी,पलक और बेटे मानष के साथ रहते थे। उनकी पत्नी ऋतु होम्योपैथी डॉक्टर है और जयपुर में रहती है। पिछले दिनों ऋतु कोरोना संक्रमित हो गई और वह जयपुर में ही उपचार करवा रही है। बेटी गौरी भी कोरोना पॉजिटिव होने के कारण होमआइसोलेट है।

सोमवार तड़के ब्रजेश ने फ्लैट में फांसी लगाकर जान दे दी। भानजा गौरव सोडानी शव लेकर एमवाय पहुंचा और पोस्ट मार्टम करवाया। गौरव के मुताबिक ब्रजेश ऑक्सीजन और अन्य दवा उपकरणों की सप्लाई करते थे। संभवतः उन्होंने बेटी और पत्नी के तनाव में ही यह कदम उठाया है। एएसआइ के मुताबिक परिजन पीएम के बाद शव पिपरिया (होशंगाबाद) ले गए।


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BHOPAL: युवती से परिजन ने 2 साल रेप किया, शादी के बाद भी नहीं छोड़ा तो FIR कराई - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 05:05 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज क्षेत्र में एक सगे मौसेरा भाई ने बहन और भाई को रिश्‍ते को कलंकित कर दिया। आरोपित अपनी मौसेरी बहन के साथ दो साल से ज्यादती कर रहा था। आरोपित उसे डरा धमकाकर उसके साथ गंदा काम करता था। पीड़िता की उसके परिवार ने शादी कर दी। इसके बाद भी आरोपित अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इससे तंग आकर युवती ने सोमवार को थाने पहुंची और आरोपित के खिलाफ लिखित शिकायत की।   

पुलिस ने बलात्कार की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपित को हिरासत में ले लिया है। हबीबगंज पुलिस के अनुसार 24 साल की युवती ईश्‍वर नगर हबीबगंज में अपने मायके में रह रही है। वह बीए की पढाई पूरी कर चुकी है। शादी के बाद अपने मायके में रह रही है। उसका आरोप है कि उनकी मौसी का बेटे का उसके घर पर आना जाना था। इसी दौरान आरोपित उनके साथ उनकी मर्जी के खिलाफ ज्यादती कर रहा था। वह मुझे धमकाता था कि अगर यह बात किसी को बताई तो वह उसे बदनाम कर देगा। डर के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई। 

जून 2020 को उसके परिवार ने उसकी शादी राजगढ में कर दी थी। उसका पति का काम निशातपुरा इलाके में था, वह उनके साथ ही रहने लगी थी। इस दौरान आरोपित ने भी शादी कर ली। 15 दिन पहले आरोपित ने उसके ससुराल में फोन किया और गलत बातें की। जिसके बाद ससुराल वालों ने पीड़िता को घर से निकाल दिया। वह अपने मायके आकर रहने लगी। बाद में आरोपित उसे परेशान करने लगा तो तंग आकर पीड़िता ने थाने पहुंचकर शिकायत की। जिस पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफतार कर लिया है।

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DABRA की लोकप्रिय महिला शिक्षक की कोरोना मृत्यु, शहर में शोक

Posted: 27 Apr 2021 08:32 AM PDT

डबरा
। ग्वालियर जिले के डबरा शहर में स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय में पदस्थ महिला शिक्षक श्रीमती सुषमा पाठक की कोरोनावायरस से संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई। श्रीमती पाठक ना केवल अपने विद्यालय बल्कि डबरा शहर की लोकप्रिय महिला शिक्षक थीं। विद्यार्थियों में उनका काफी सम्मान था। 

संक्रमण के चलते उन्हें अच्छे इलाज के लिए जयारोग्य चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। उनके परिवार में उनके पति एडवोकेट गिरजेश पाठक एक बेटा और एक बेटी शेष रह रहे हैं। श्रीमती सुषमा पाठक को 5 अप्रैल को वैक्सीन का इंजेक्शन लगाया गया था। उनके निधन के बाद डबरा शहर में शोक का माहौल है। श्रीमती पाठक एक अच्छी वक्ता थीं। संगीत, धर्म और योग में उनकी विशेष रुचि थी।

ग्वालियर में सोमवार को इन लोगों का निधन हुआ

ग्वालियर में सोमवार को कोरोना संक्रमित सरला पत्नी बलवीर(60), गोला का मंदिर के धनपाल वर्मा (77), श्यामलता गोयल पत्नी रमेश, विवेक विहार के विजयशंकर (55), घनश्याम दास (92), तारादेवी पत्नी भारतसिंह (49), दयावती पत्नी मोहनसिंह (70), डबरा की सुषमा पाठक (52), बिरलांनगर के जसवंत सिकरवार (65), रजनी पत्नी बाबूलाल (76), विजय पुत्र रूपचंद (62), अरुणा देशपाण्डे (60), गौरीशंकर पाल (56), रूबिया खान (55), मुरार की सियादेवी (65), रागिनी (76), विजय (62), मीरा सक्सेना (56), रामन्ती (60), डबरा के बद्रीप्रसाद (70) शामिल हैं। इनके अलावा मुरैना निवासी वेदप्रकाश शर्मा पुत्र रतीराम (48), नगीना पत्नी ऐशवार (45), सच्चिदानंद (44), शिवपुरी निवासी ब्रजेशकुमार पुत्र घनश्याम, दतिया के सुरेंद्र कुमार गुप्ता (48), गुना के विनोद सिंहल पुत्र चम्पालाल (58) की मौत हुई है। सभी का अंतिम संस्कार कोविड गाइडलाइन से किया गया है।

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GWALIOR KRH में ऑक्सीजन खत्म, 3 की मौत, डॉक्टर और स्टाफ भागा - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 03:52 AM PDT

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सबसे बड़े जयारोग्य के कमला राजा अस्पताल में मंगलवार को ऑक्सीजन खत्म हो गई। तड़प-तड़प कर 3 मरीजों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतकों के परिजनों का आक्रोश देखते हुए डॉक्टर, स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। अस्पताल में पुलिस तैनात कर दी गई है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर रोते-बिलखते परिजन ही नजर आ रहे हैं। सोमवार शाम को ही ग्वालियर कलेक्टर ने जिले में हालात कंट्रोल में होने और ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होने की बात कही थी।  

KRH ग्वालियर में ऑक्सीजन खत्म होने से 10 की मौत: विधायक,  अस्पताल प्रबंधन 2 स्वीकारे  

हालांकि कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का दावा है कि कम से कम 10 लोग मरे हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन 2 की मौत मान रहा है। कुछ दिन पहले भी यहां पर ऑक्सीजन खत्म होने से तीन मरीजों की मौत हो गई थी। ग्वालियर के JAH (जयारोग्य अस्पताल) परिसर स्थित KRH (कमला राजा अस्पताल) की तीसरी मंजिल पर मेल वार्ड में सुबह 9 बजे अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई। ऑक्सीजन खत्म होने के बाद वहां भर्ती लोगों की सांसेंं उखड़ने लगी। डॉक्टर और परिजनों ने अंबू बैग से ऑक्सीजन देने का प्रयास किया, लेकिन चंद मिनट में उखड़ती सांसों के थमने का सिलसिला शुरू हो गया। उस समय वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था। लोग मर रहे थे और डॉक्टर असहाय खड़े थे। इस पर परिजनों का सब्र टूटने लगा। 

डॉक्टर और स्टाफ हॉस्पिटल छोड़कर भागा 

लोगों में आक्रोश देखते हुए डॉक्टर और हॉस्पिटल स्टाफ अस्पताल छोड़कर मेडिकल कॉलेज में भाग गए। हंगामा की सूचना पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक व विधायक सतीश सिकरवार भी पहुंचे। उन्होंने अफसरों, डॉक्टरों को कॉल किए, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

ऑक्सीजन की कमी से मौत के बाद वहां लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बन गई। तत्काल पुलिस ने स्थिति को संभाला। CSP लश्कर पुलिस फोर्स के साथ KRH पहुंचे और पूरे अस्पताल को निगरानी में ले लिया। पुलिस जवानों की तैनाती देखकर भी लोग मानने को तैयार नहीं थे।

ऑक्सीजन लगाने के लिए कोई डॉक्टर या स्टाफ नहीं था

जैसे ही KRH में एक के बाद एक मौत का सिलसिला शुरू हुआ, डॉक्टर डरकर भाग गए। डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ जानता था कि ऑक्सीजन खत्म हो गया है। कुछ देर बाद ऑक्सीजन टैंकर पहुंचा, लेकिन वहां तड़प रहे मरीजों को ऑक्सीजन लगाने के लिए कोई डॉक्टर या स्टाफ नहीं था। यदि वहां डॉक्टर होते तो शायद कुछ की जान बच जाती या हालत इतने न बिगड़ते।

कमला राजा में हालत और मौत की स्पष्टता पर सभी का अलग-अलग बयान हैं। जेएएच अधीक्षक आरएस धाकड़ ने 2 मौत होने की बात कही है, लेकिन SDM प्रदीप तोमर कुछ भी नहीं होने की बात कहते नजर आए। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का दावा है कि कम से कम 10 मरे हैं।

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BF के हाथों अपने ही भाई की हत्या करवा दी, एक्ट्रेस शनाया काटवे गिरफ्तार

Posted: 27 Apr 2021 08:32 AM PDT

नई दिल्ली।
कर्नाटक राज्य के हुबली जिले की पुलिस ने मशहूर कन्नड़ एक्ट्रेस शनाया काटवे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि शनाया ने साजिश रचकर अपने बॉयफ्रेंड से अपने ही सगे भाई की हत्या करवा दी।

कन्नड़ एक्ट्रेस ने अपने ही भाई की हत्या की साजिश रची

कन्नड़ एक्ट्रेस शनाया काटवे का नियाज अहमद कटिगार नामक युवक से अफेयर था। लेकिन सनाया के भाई राकेश काटवे को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। पुलिस का कहना है कि इसी तरह के चलते शनाया ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने ही भाई के मर्डर की साजिश रची।

कन्नड़ एक्ट्रेस के बॉयफ्रेंड ने शव को कई टुकड़ों में काटा

बीती 9 अप्रैल को अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए शनाया हुबली आई थी। इसी दौरान आरोपी नियाज ने अपने तीन दोस्तों के साथ राकेश की हत्या कर दी। नियाज और उसके साथी हुबली स्थित राकेश के घर पहुंचे और वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद नियाज और उसके साथियों ने शव को कई टुकड़ों में काटा और उसे अलग-अलग जगह फेंक दिया।

सभी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में नियाज अहमद (21 वर्ष) उसके साथियों तौशीफ चन्नापुर (21 वर्ष) अमन गिरानीवाले (19 वर्ष) और अल्ताफ मुल्ला (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। बीती 22 अप्रैल को पुलिस ने शनाया काटवे को भी हत्या के इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि शनाया काटवे ने साल 2018 में कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की थी। हाल ही में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म 'ओन्डु घंतेया काथे' में भी शनाया काटवे दिखाई दी थीं।

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BHOPAL: हमीदिया ने स्टाफ नर्स को ही पति की मौत की सूचना नहीं दी, 3rd फ्लोर से शव खुद लेकर आयी - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 05:07 AM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के साथ ही मौतों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच अस्पतालों में अव्यवस्थाओं को लेकर मरीजों के परिजनों का भी गुस्सा फूट रहा है। ऐसा ही मामला भोपाल के हमीदिया अस्पताल का सामने आया है। यहां पदस्थ नर्स ने ही अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।

हमीदिया में स्टाफ नर्स प्रीति गनवीर ने वीडियो जारी किया है। ​​​​अस्पताल के कार्डियक डिपार्टमेंट में वह स्टाफ नर्स है। उनकी नौकरी को 7 साल हो गए हैं। प्रीति ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल में कोविड वार्ड में कई बार ड्यूटी की है। पिछले सप्ताह 21 अप्रैल को वह पति योगेश काले को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराने लेकर गई। वहां नर्सिंग इंचार्ज शोभा सिस्टर से पीपीई किट मांगी, तो उन्होंने मना कर दिया। फिर प्रीति ने खुद पीपीई किट का इंतजाम कर पति को भर्ती कराने पहुंची, तो गार्ड को उनके पीछे भेजकर तुरंत बाहर निकलने के लिए कहा गया।

वहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उनसे परिचय पूछा, तो उन्होंने बताया कि वह अस्पताल में ही स्टाफ नर्स है। इस पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उनकी डीन और अधीक्षक से शिकायत करने की धमकी देकर बदतमीजी की। वह पति को कोविड ए ब्लॉक में एडमिट कर चली गई। इसके बाद उनकी पति से बातचीत भी नहीं हो सकी। उन्होंने पति से बात करने के लिए वार्ड के नंबर पर कॉल किया, लेकिन किसी ने फोन तक नहीं उठाया।

प्रीति ने बताया, इसके बाद उनकी पति से बात नहीं हुई। उनको अंदर जाने नहीं दिया। 23 अप्रैल सुबह 5 बजे योगेश की मौत हो गई। प्रीति ने बताया कि उनके पति की मौत की सूचना न तो उनको दी गई और ना ही उनके परिवार में किसी को। उनकी परिचित जब वार्ड में ड्यूटी करने पहुंची, तो उन्हें इस बारे में बताया गया। प्रीति 12 बजे अस्पताल पहुंच गई। इसके बाद 3.30 बजे बॉडी लेकर ए ब्लॉक के थर्ड फ्लोर से नीचे आई। इतने समय तक औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद वॉर्ड ब्वाय नहीं तक नहीं आए। प्रीति और उसके सहेली पति का शव स्ट्रेचर पर रखकर तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर तक लेकर आई। नीचे शव लाने पर भी गार्ड और इंचार्ज शोभा सिस्टर ने उनके साथ बदतमीजी की।

"हमारे संज्ञान में मामला आया है। हम इसकी जांच करा रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे। अस्पताल में मरीज के गंभीर होने पर तुरंत सूचना दी जाती है। स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में है।
-लोकेन्द्र दवे, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल

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BF के लिए GF ने 4 साल की बेटी को पीट-पीटकर मार डाला, बड़ी बेटी गंभीर - REWA MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 03:00 AM PDT

रीवा।
मध्य प्रदेश के रेवा जिले के रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी ही मासूम बेटियों की जमकर पिटाई की। चार साल की एक बच्ची ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी, लेकिन उसे लगा कि बच्चियां इसमें रोड़ा बन रही हैं। वह इन्हें रास्ते से हटाना चाहती थी। बड़ी बेटी ने जब यह बात अपने चाचा को बताई, तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी मां और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। 

राहुल मिश्रा निवासी कोष्टा की पत्नी अंजू मिश्रा गांव में अकेली रहती है। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी तनु मिश्रा (5) और छोटी बेटी तन्वी मिश्रा (4) है। अंजू का पति एक राहुल किसी मामले में जेल में बंद है। इसके बाद अंजू का बेलवा पैकान के रहने वाले दीपक ठाकुर से प्रेम प्रसंग हो गया। अंजू पति से तलाक लेकर प्रेमी से शादी करना चाहती थी। दोनों बेटियां रुकावट थीं। अंजू ने बेटियाें को मारने का प्लान बनाया। उसने प्रेमी के साथ मिलकर दोनों बेटियों को जमकर पीटा। इससे छोटी बेटी की हालत खराब हो गई। 

अंजू प्रेमी के साथ मिलकर छोटी बेटी को अस्पताल लेकर पहुंचे। घर पर मौजूद बड़ी बेटी ने चाचा को पूरा घटना क्रम बता दिया। चाचा गोलू मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। गोलू ने घटनाक्रम रायपुर कुर्चलियान पुलिस को बता दिया। सोमवार सुबह पुलिस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए, तो पूरी कहानी सामेन आई। साथ ही कुछ देर बाद मासूम ने भी दम तोड़ दिया।

पुलिस की मानें तो अंजू ने पूरी घटना को छिपाए हुई थी, लेकिन बड़ी बेटी ने परिवार के अन्य लोगों को मारपीट की बात बताई, तो सच्चाई सामने आ गई। जिस पर तन्वी के चाचा गोलू मिश्रा अस्पताल पहुंचे जहां पता चला कि उसकी मौत हो गई है। जानकारी ली तो पता चला कि मासूम का नाम तन्वी पाण्डेय लिखाया गया। वहीं , भर्ती कराने वाले दीपक ठाकुर ने अपना नाम दीपक पाण्डेय लिखाया। इसके साथ ही पता कोष्टा की जगह रतहरा लिखाया गया था।

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नर्स रेमडेसिविर की शीशी लाती भाई 25 रु की दवाई भरकर 8000 में बेचता, गिरफ्तार - RATLAM MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 02:28 AM PDT

उज्जैन।
 मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। एक युवक यह गिरोह नर्स बहन के साथ मिलकर चलाता था। बहन मेडिकल कॉलेज से उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन की खाली शीशी लाकर देती थी। भाई इसमें सामान्य एंटीबायोटिक सेफ्ट्रिक्सोन पाउडर मिलाकर उसे फेवीक्विक से फिर से पैक कर देता था। इंजेक्शन के खाली खोखे पर लिखे हुए मरीज के नाम को सैनिटाइजर से मिटा कर उसे कालाबाजारी करने वालों को 6 से 8 हजार रुपए में बेच देता था।   

जीवांश हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ मिलकर 35000 रु जरूरतमंद को बेचते 

दलालों के माध्यम से यह नकली इंजेक्शन जरूरतमंद ग्राहकों तक 30 से 35 हजार रुपए तक में बिकता था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें रतलाम के जीवांश हॉस्पिटल के डॉक्टर उत्सव नायक, डॉक्टर यशपाल सिंह, मेडिकल व्यवसायी प्रणव जोशी, मेडिकल कॉलेज की नर्स रीना प्रजापति, रीना का भाई पंकज प्रजापति, जिला अस्पताल में पर्ची बनाने वाले गोपाल मालवीय और रोहित मालवीय शामिल हैं।

पुलिस ने शनिवार रात को जीवांश हॉस्पिटल पर दबिश देकर वहां के दो ड्यूटी डॉक्टर को 30 हजार लेकर इंजेक्शन की डिलीवरी देते रंगे हाथ पकड़ा था। यहां से डॉक्टर उत्सव नायक और डॉक्टर यशपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में हुए खुलासे पर फरार आरोपी प्रणव जोशी को मंदसौर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की नर्स रीना प्रजापति, उसके भाई पंकज प्रजापति, गोपाल मालवीय और रोहित मालवीय का नाम सामने आए। चारों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली इंजेक्शन, औजार और अन्य सामान जब्त किया है। जब्त किए गए नकली इंजेक्शन और सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए सागर भेजा जाएगा। इस मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस जीवन रक्षक इंजेक्शनों की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगाने की तैयारी में है।

डॉ. अतुल नाहर ने बताया इंजेक्शन कहीं से भी लें, पाउडर फॉर्म में ही लें

सभी कंपनियां रेमडेसिविर इंजेक्शन पाउडर के रूप में बेचती हैं। लगाने के पहले ही इसका घोल तैयार किया जाता है। कहीं से भी लें, पाउडर फॉर्म में ही लें। वैसे भी तैयार इंजेक्शन एक समय सीमा के बाद उपयोग नहीं किया जा सकता। कुछ लोग निजीतौर पर इंजेक्शन लगवा लेते हैं, यह गलत है। अस्पतालों को भी सिरींज की तरह, इसकी खाली शीशियों को नष्ट करना चाहिए ताकि दुरुपयोग न हो।

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योद्धा ऐसे होते हैं, 150 कर्मचारियों ने 100 घंटे लगातार काम करके 3 साल से बंद ऑक्सीजन प्लांट चालू कर दिया - MP NEWS

Posted: 27 Apr 2021 08:32 AM PDT

भोपाल
। योद्धा सिर्फ जंग के मैदान में नहीं होते बल्कि हमारे और आपके बीच में भी होते हैं। हजारों लोगों की जिंदगी बचाने के लिए 150 कर्मचारियों ने 100 घंटे तक लगातार काम किया और मध्य प्रदेश के धार में 3 साल से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट फिर से चालू कर दिया। 

जिंदगी बचाने की जिद: 90 दिन का काम मात्र 4 दिन में पूरा कर दिया

चारों तरफ त्राहि-त्राहि का माहौल है। ऑक्सीजन की कमी के कारण हर रोज सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। आधे से ज्यादा की तो रिपोर्ट तक नहीं आ पाती। ऐसी स्थिति में उन सभी सैकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए एमसीएल ग्लोबल पीथमपुर जिला धार में पिछले 3 साल से बंद पड़े हुए ऑक्सीजन प्लांट को चालू किया गया। प्लांट हाइट निर्मल कुमार तोमर ने बताया कि 90 दिन का काम 150 कर्मचारियों ने मिलकर मात्र 4 दिन में पूरा कर दिया। 

पूरा मध्य प्रदेश आभार जता रहा है 

यह समाचार जिस जिस को प्राप्त हो रहा है, वह सोशल मीडिया के जरिए उन सभी 150 कर्मचारियों का आभार व्यक्त कर रहा है जिन्होंने बंद ऑक्सीजन प्लांट को चालू किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी कर्मचारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। 

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स्वस्थ मनुष्य को 1 दिन में कितना नमक खाना चाहिए - GK IN HINDI

Posted: 27 Apr 2021 02:30 AM PDT

नमक मनुष्य के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। बुजुर्ग कहते हैं कि यदि आप नमक नहीं खाएंगे तो आपके खून में जहर की मात्रा बढ़ जाएगी। डॉक्टर भी कहते हैं कि नमक खाना जरूरी है। अपने गांव में तो कुछ लोग कच्ची सब्जियां सलाद के साथ काफी सारा नमक खा जाते हैं। सवाल यह है कि एक शरीर को दिन भर स्वस्थ रहने के लिए कितने नमक की जरूरत है। आइए डॉक्टर से पूछते हैं:-

डाईटिशियन डॉ. सुनीता का कहना है कि मनुष्य के शरीर में नमक यानी NaCl सोडियम क्लोराइड की इलेक्ट्रोलाइड्स बैलेंस में बहुत अहम भूमिका होती है। नमक हमारे शरीर के सेल्स और आउटर सरफेस में बैलेंस मेंटेन करने में मदद करता है लेकिन यदि शरीर में नमक की मात्रा ज्यादा हो गई तो यह संतुलन गड़बड़ा जाता है। ऐसा होने पर अतिरिक्त इलेक्ट्रोलाइड्स को बाहर निकलने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि मनुष्य हाइपर टेंशन, ब्लड प्रेशर और किडनी जैसी बीमारियों से पीड़ित हो जाता है।

डॉ सुनीता का कहना है कि 1 दिन में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के दौरान टोटल 6 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो टी स्पून से ज्यादा नमक दिन भर में नहीं खाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किडनी, हाईपरटेंशन जैसी बीमारियों से पीड़ित है तो उसे अधिकतम 3 ग्राम नमक खाना चाहिए। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 

मजेदार जानकारियों से भरे कुछ लेख जो पसंद किए जा रहे हैं

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कठोर कारावास में कैदी से क्या करवाया जाता है - DO YOU KNOW

Posted: 27 Apr 2021 02:30 AM PDT

न्यायालय द्वारा अपराधी को जब सजा सुनाई जाती है तो पुलिस उसे गिरफ्तार करके जेल भेज देती है। यहां तक तो फिल्मों में सभी ने देखा है परंतु कभी-कभी हम अखबारों में या टीवी चैनल पर पढ़ते-सुनते हैं कि कोर्ट ने अपराधी को सश्रम कारावास, कठोर कारावास, सामान्य कारावास की सजा सुनाई। सवाल यह है कि क्या कारावास की भी श्रेणियां होती हैं। आज अपन सबसे पहले कठोर कारावास के बारे में पता करते हैं:-

कठोर कारावास में कैदी से क्या काम करवाते हैं

कठोर कारावास के शब्द से ऐसा लगता है जैसे कैद किए गए अपराधी को बेड़ियों में बांधकर नंगे पैर कटीले रास्तों पर चलाते हुए भारी पत्थर या लोहा उठाया जाएगा। यह सब कुछ फिल्मों में होता है, भारत की जेलों में नहीं होता। जिन कैदियों से काम करवाया जाता है उन्हें सश्रम कारावास दिया जाता है। कठोर कारावास का मतलब कठोर काम नहीं बल्कि एक निर्धारित समय तक के लिए उसे बिल्कुल एकांत में छोड़ देना है।

यहाँ एकान्त से अर्थ होता है - अपराधी को ऐसी बाहरी दुनिया में रखा जाना न वहाँ कोई कैदी, न कोई सिपाही, न उससे कोई काम करवाना उसके आस पास कोई भी ऐसी वस्तु भी नही होती है जिससे वह अपने मन को बहला ले। सिर्फ उसे सुबह शाम भोजन दिया जाता है बाकि समय वह सिर्फ एकान्त (अलग) ही रहेगा। 

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा  73 की परिभाषा:-

न्यायालय द्वारा किसी अपराधी को कठोर कारावास से दण्डित किया जाता है। तब ऐसे में आरोपी को साधारण कारावास के साथ निम्न परिसीमा के लिए एकान्त के कारावास में भी रहना होगा तभी अपराधी की कारावास कठोर कारावास होगी जानिए:-
1. अगर अपराधी को 6 माह की कठोर कारावास की सजा दी गई है तब उसे एक माह तक एकान्त कारावास में रखा जाएगा इससे अधिक नहीं।
2. अगर किसी अपराधी को एक वर्ष की कठोर कारावास की सजा दी गई हैं तब उसे दो माह से अधिक एकान्त कारावास में नहीं रखा जाएगा।
3. अगर अपराधी को एक वर्ष से अधिक का कठोर कारावास दिया गया है तब उसे एकान्त में 3 माह से अधिक नहीं रखा जाएगा।
उपर्युक्त एकान्त कारावास होने के बाद बाकी शेष कारावास साधारण कारावास में बिताना होगा न कि एकान्त कारावास होने के बाद अपराधी को छोड़ दिया जाएगा।  :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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CSC Grameen eStore App Download यहां से करें, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन सेवाएं

Posted: 26 Apr 2021 06:36 PM PDT

भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के अधीन CSC e-Governance Services India Limited ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन ई-कॉमर्स सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए CSC ग्रामीण ईस्टोर मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च कर दी है। इस एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से इंस्टॉल किया जा सकता है। सुविधा के लिए इसकी डायरेक्ट लिंक उपलब्ध करा रहे हैं। CSC Grameen eStore App Download करने के लिए यहां क्लिक करें

CSC Grameen e Store App पर जरूरत का सारा सामान मिलेगा

सीएससी के हमीरपुर जिला प्रबंधक अमित कुमार सिंह व संजय वर्मा ने बताया सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के माध्यम से सीएससी संचालक लोगों के घर तक उनकी जरूरत का सामान पहुंचाएंगे। 

CSC Grameen e Store App: कोई भी ग्रामीण व्यक्ति आर्डर कर सकता है

CSC Grameen e Store App के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपना आर्डर कर सकता है। अभी किचन से संबंधित वस्तुओं के अलावा, टाटा व बजाज के सभी उपकरण जैसे फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य घरेलू उत्पादों की बिक्री शुरू की गई है, जो लोगों के लिए बाजार मूल्य से कम दामों पर उपलब्ध है। 

MP के सबसे सतर्क रहने वाले मंत्री कोरोना पॉजिटिव, हमेशा प्रोटोकॉल का पालन करते थे - CORONA NEWS

Posted: 27 Apr 2021 01:31 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश शासन के वह मंत्री में कोरोनावायरस से संक्रमित हो गए जो हमेशा सतर्क रहते थे और फेस मास्क पहने रहते थे। पहली लहर में जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री अरविंद भदौरिया सहित कई वीवीआईपी कोरोना पॉजिटिव हुए थे तब उस हेलीकॉप्टर में मौजूद मंत्री भूपेंद्र सिंह अकेले थे, जो संक्रमित नहीं हुए थे। बाद में उन्होंने बताया भी था कि फेस मास्क पहनने के कारण वह कई बार संक्रमित होने से बच गए। मध्यप्रदेश में मंत्री भूपेंद्र सिंह एक प्रकार से 'मेरा मास्क मेरी सुरक्षा' के ब्रांड एंबेसडर थे।

लक्षण नहीं है लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है: मंत्री भूपेंद्र सिंह

मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 'मैंने आज रूटीन चेकअप कराया, जिसमे मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। मुझे कोरोना के कोई लक्षण नही है। लेकिन जो भी मेरे संपर्क में आये हो, सावधानी बतौर कृपया अपनी जांच करा लें। सतर्कता रखें, सुरक्षित रहें।' 

बीना में अस्थाई कोविड हॉस्पिटल की तैयारियों में लगे थे भूपेंद्र सिंह 

दिनांक 26 अप्रैल 2021 को मंत्री भूपेंद्र सिंह अपने गृह जिले सागर में थे। वह बीना में प्रस्तावित 1020 तक के अस्थाई कोविड-19 हॉस्पिटल की तैयारियों में लगे हुए थे। कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मौजूद थे। आज 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बीना विजिट में उनके साथ रहने वाले थे।

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JABALPUR का कोरोना रिकवरी रेट सबसे ज्यादा हो सकता है यदि...- Khula Khat to Collector Sir

Posted: 26 Apr 2021 05:49 PM PDT

वर्तमान में कोविड 19 वायरस से पीड़ित सैकड़ों लोग मानसिक अवसाद से ग्रसित है।  जिले में ये तीनो कॉलेज (मनोविज्ञान कॉलेज, पीएसएम कॉलेज ,एवं राज्य विज्ञान शिक्षा महाविद्यालय जबलपुर) 100 वर्षो से अधिक पुराने है, जो कि प्रदेश स्तर पर अपनी अलग पहचान रखते हैं। यहाँ पदस्थ प्राचार्य, व्यख्याता एम.ए. मानोविज्ञान, डिप्लोमा इन गाइडिंग एन्ड काउसंलिग एवं शिक्षा में पीएचडी है एवं इन महाविद्यालय से प्रति वर्ष सैकड़ों प्राचार्य / व्याख्याता / शिक्षक एम.ए. एवं डिप्लोमा उत्तीर्ण कर शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। 

अकेले जबलपुर जिले में ऐसे डिप्लोमा धारियों की संख्या शिक्षा विभाग में लगभग 500 होगी। एक दल बनाकर इनका रिकॉर्ड संधारित किया जाता है तो भविष्य में अन्य आपदाओं से भी लड़ने का आत्म बल बढ़ाया जा सकता है। यदि इन सभी की सेवाएं कोरोना पीड़ितों की काउंसलिंग हेतु ली जाती है तो काउंसलिंग के माध्यम से पीड़ितों को कोरोना फोबिया से उबरने में मदद मिलेगी। एक काउंसलर द्वारा काम से कम 10 कोरोना पीड़ितों से टेली काउन्सलिग की जाती है तो प्रति दिन हजारों पीड़ितों की कॉन्सलिग कर कोरोना से उबरने का लाभ मिलेगा। 

अलग-अलग काउंसलर द्वारा प्रति दिन बात की जाती है तो 8 से 10 दिन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। जो अपने जिले में अलग प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जा सकता है। यह टेली काउंसलिंग, वैक्सीन एवं मेडिसिन से बढ़कर रहेगी। श्याम नारायण तिवारी, सदस्य जिला पुरातत्व संघ, जिला जबलपुर मो नंबर- 7987436146

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रेलवे अधिकारी ने कोरोना पॉजिटिव पत्नी की हत्या की, फिर आत्महत्या कर ली - CRIME NEWS

Posted: 26 Apr 2021 09:45 AM PDT

पटना।
बिहार के पटना से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक स्टेशन मास्टर ने अपनी पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पत्नी की हत्या करने के पीछे जो वजह सामने आई है। उसे देखकर लोग सन्न रह गए। दरअसल, पत्नी कोरोना पीड़ित थी जिसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और गुस्से में पति ने अपनी पत्नी का गला रेत दिया।

उसके बाद पति ने उसी अपार्टमेंट की चार मंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई। ये मामला पटना के पत्रकार नगर थाना इलाके के ओम रेजिडेंसी अपार्टमेंट का है। घटना के बाद परिजनों ने पत्रकार नगर थाने की पुलिस को मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तहकीकात शुरू कर दी। 
 
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पत्नी कोरोना पॉजिटिव थी। इसी बात से पति परेशान था। जिसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि अतुल लाल पटना जंक्शन रेलवे में नौकरी करते थे। सब इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार कहा कि जांच में सामने आया है कि स्टेशन मास्टर की पत्नी कोरोना पीड़ित थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच झड़प हुई। गुस्से में आकर पति अतुल लाल ने अपनी पत्नी तूलिका की गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद अतुल लाल ने भी अपने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। उनकी भी मौत हो गई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

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UJJAIN: कोरोना पॉजिटिव माँ की सेवा के लिए आई बेटियां भी संक्रमित, 5 दिन में तीनों की मौत - MP NEWS

Posted: 26 Apr 2021 05:45 PM PDT

उज्जैन।
 मध्य प्रदेश के उज्जैन में कोरोना संक्रमित महिला को संभालने के लिए उनकी दो बेटियां ससुराल से आ गईं तो कोरोना ने उन्हें भी घेर लिया। हालात यह बने कि महज पांच दिन में मां के साथ ही दोनों बेटियां भी कोरोना का शिकार हो गईं। अब उज्जैन के परिवार में 22 साल का बेटा बचा है। हालांकि वह भी कोरोना पॉजिटिव होकर ठीक हो चुका है।    

उज्जैन के महामृत्युंजय द्वार के पास वृन्दावन धाम कॉलोनी में संध्या जोशी के घर कोरोना काल बनकर ऐसा आया कि एक के बाद एक पांच दिन के अंतराल में मां और उनकी दो बेटियों की मौत हो गई। तीनों एक-दूसरे से कोरोना संक्रमित हुई। 19 अप्रैल को मां की उसके बाद अगले ही दिन 20 अप्रैल को बड़ी बेटी और उसके तीन दिन बाद 23 अप्रैल को छोटी बेटी की भी मौत हो गई है।

उज्जैन के एमपीईबी से रिटायर्ड कर्मचारी रंजन जोशी की मौत पहले ही हो चुकी थी। उनकी 55 वर्षीय पत्नी संध्या जोशी के वृन्दावनधाम स्थित घर पर उनकी बहन शाजापुर से आई हुई थी, जिन्हें गले में खराश और सर्दी थी। उनके जाने के बाद संध्या को भी सर्दी खांसी होने लगी। उन्हें आरडी गार्डी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया।

मां की हालत बिगड़ते देख और अपने भाई को उज्जैन में अकेला पाकर संध्या की दोनों बेटियां 35 वर्षीय श्वेता नागर और 34 वर्षीय नम्रता मेहता अपने अपने ससुराल इंदौर से मां की सेवा के लिए उज्जैन आ गई। मां की सेवा करने में श्वेता कब पॉजिटिव हो गई, पता ही नहीं चला। इस बीच तेजनकर अस्पताल में श्वेता को भर्ती कराया गया, लेकिन 19 अप्रैल को संध्या जोशी की आरडी गार्डी में मौत हो गई। इसके बाद अगले ही दिन 20 अप्रैल को श्वेता की तबियत बिगड़ी और उज्जैन में ही मौत हो गई।

संध्या की छोटी बेटी 34 वर्षीय नम्रता मेहता ने भी 19 अप्रैल को जांच करवाई तो रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन नम्रता को सर्दी खांसी बनी हुई थी। 19 और 20 अप्रैल को घर में हुई दो मौतों के बाद और नम्रता की रिपोर्ट निगेटिव की जानकारी के बाद उसके पति उसे इंदौर से उज्जैन लेने आ गए। इंदौर पंहुचते ही नम्रता को बुखार आने लगा, जिसके बाद 22 अप्रैल को इंदौर में आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया तो पॉजिटिव निकली और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इंदौर के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 23 अप्रैल को नम्रता की भी कोरोना ने जान ले ली। वृन्दावनधाम स्थित घर में अब अपनी मां और दो बहनों को खो चुका 22 वर्षीय बेटा ही अकेला बचा है। वह भी संक्रमित था। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, लेकिन अभी कोरोना का डर बना हुआ है।

26 अप्रैल को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

MP CORONA: 8 जिले जहां श्मशान में लाशों के ढेर नहीं, जिंदगी की उम्मीद है - UPDATE NEWS

Posted: 26 Apr 2021 05:45 PM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के 52 जिलों में से मात्र 8 जिले ऐसे हैं जहां के श्मशान घाटों में लाशों के ढेर नजर नहीं आते बल्कि जिंदगी की उम्मीद है। सिर्फ 8 जिले से हैं चाहा रहने वाले लोग यह विश्वास कर सकते हैं कि यदि वह कोरोनावायरस से संक्रमित हुए तो उन्हें अस्पताल में बिस्तर, ऑक्सीजन और इंजेक्शन मिल जाएगा। जबकि 29 जिले ऐसे हैं जहां मानवता और मान्यताएं नजर नहीं आती। लाशों की होली सी जलती नजर आती है। अंतिम संस्कार भी पुराणों में वर्णित विधिपूर्वक नहीं हो पा रहे हैं। 

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 29  

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, खरगोन, रतलाम, रीवा, बैतूल, विदिशा, धार, सतना, होशंगाबाद, शिवपुरी, कटनी, शहडोल, बालाघाट, सीहोर, झाबुआ, रायसेन, राजगढ़, मुरैना, दमोह, सिंगरौली, सीधी, सिवनी, टीकमगढ़ और दतिया ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है। इंदौर में 12000, भोपाल 12000, ग्वालियर 9000 और जबलपुर 5000 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है। 

मध्य प्रदेश के 8 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है (2 जिले बढ़ गए)

आगर मालवा, बुरहानपुर, भिंड, श्योपुर, हरदा, खंडवा, देवास और छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। इनमें से बुरहानपुर एकमात्र ऐसा जिला है जहां एक्टिव केस की संख्या 200 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

MADHYA PRADESH COVID19 UPDATE NEWS 26 APRIL 2021 

- ग्वालियर के जयारोग्य चिकित्सालय में एक महिला शिक्षक की मौत हो गई। जब भर्ती कराया था तो उसका ऑक्सीजन लेवल 88 था। प्राइवेट अस्पताल से सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद के साथ लाए थे कि ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। 
- जबलपुर के शुभम हॉस्पिटल में बिजली की सप्लाई डिस्कनेक्ट हो जाने के कारण एक महिला की मौत हो गई। अस्पताल का जनरेटर खटारा था। लाइट जाने पर चालू ही नहीं हुआ। 
- उज्जैन में 5 दिन के अंदर एक महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। एमपीईबी से रिटायर्ड कर्मचारी रंजन जोशी की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। परिवार में अब सिर्फ एक बेटा बचा है।
- मुरैना के सरकारी अस्पताल में 20 मिनट तक ऑक्सीजन की सप्लाई बंद रही। इस दौरान तीन मरीजों की मौत हो गई। 
- भोपाल के चिरायु अस्पताल में डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच जमकर मारपीट हुई। परिजनों का आरोप है कि जनरल वार्ड के पलंग के लिए प्राइवेट डीलक्स रूम का पैसा लिया जा रहा है। 
- ग्वालियर में रेमडेसिवीर इंजेक्शन के लिए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा को मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के घर के बाहर धरना देना पड़ा। ग्वालियर में उन सभी लोगों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन दिया जा रहा है जो श्रीमंत महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया से सोशल मीडिया पर निवेदन करते हैं।
- उमरिया जिले में 'कुरकुचा' नाम का एक गांव ऐसा है जहां ग्रामीणों ने जनता कर्फ्यू लगा रखा है। कारण इस गांव में एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं है। ग्रामीण सरकारी अमले को भी गांव में नहीं आने दे रहे। 
- मुरैना के जिला चिकित्सालय में दरवाजे पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है कि ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है। 
- इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में भर्ती एक मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ होने से पहले ही बिस्तर से उठा कर भगा दिया गया। सुबह उसकी लाश अस्पताल के बाहर पड़ी पाई गई। 
- 9000 से ज्यादा एक्टिव के सो जाने के बावजूद ग्वालियर कलेक्टर का कहना है कि धैर्य रखें, हालात काबू में आ जाएंगे। 
- रीवा और सतना के बीच ऑक्सीजन को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक लड़ाई शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि रीवा में सतना से ज्यादा ऑक्सीजन सप्लाई हो रही है। 
- भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने कहा कि 150 अस्पतालों के लिए हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है। 

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 26 APRIL 2021 DISTRICT WISE STATUS LIST





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शुभम हाॅस्पिटल में कोरोना पीड़ित की मौत, हंगामा, 1 घंटे बिजली गुल तड़पते रहे मरीज - JABALPUR NEWS

Posted: 26 Apr 2021 08:59 AM PDT

जबलपुर।
कोरोना मरीजों के साथ अस्पताल की लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही। शहर के शुभम हाॅस्पिटल में सोमवार को एक महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। आरोप है, एक घंटे तक गुल रही बिजली के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से महिला की मौत हुई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि जनरेटर चालू किया, लेकिन वह लोड नहीं ले पाया।  

जानकारी के अनुसार कालीमठ आमनपुर निवासी शुगर बाई (60) को उनके दामाद कांचघर निवासी हेमंत श्रीवास ने 20 दिन पहले शुभम हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। हेमंत के मुताबिक उनकी सास को कोरोना था। हालांकि हॉस्पिटल में उन्हें ऑक्सीजन लगा था। सोमवार शाम करीब 6.40 बजे के अचानक लाइट चली गई। इसके बाद वहां भर्ती उसकी सास समेत अन्य मरीज तड़पने लगे। शुगर बाई का पल्स गिरने लगा। दो मिनट में मौत हो गई, जबकि लाइट जाने से पहले वह अच्छी थीं। अस्पताल ने जनरेटर चलाने की कोशिश की, पर वह लोड ही नहीं ले पाया।

इसी अस्पताल में भर्ती रामगोपाल सोनी (70) के परिजन सोमेश सोनी ने भी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि ऑक्सीजन ब्लैक से बेची जा रह है। ऑक्सीजन के दो हजार रुपए लिए जा रहे हैं। मेरे मरीज के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित हुआ, लेकिन उसे किसी और को बेच दिया गया। मैंने एसडीएम से भी शिकायत की है। खबर पाकर मौके पर एसडीएम आशीष पांडे भी पहुंचे। मीडिया कर्मियों से दूरी बनाते हुए वह सीधे अंदर चले गए। लौटने पर बताया कि वह रेमडेसिविर इंजेक्शन की जांच करने आए हैं। महिला की लापरवाही हुई मौत के सवाल पर कन्नी काट गए।

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