प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- बस्ती : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष विज्ञप्ति जारी, देखें
- सतर्कता के चलते आँगनबाड़ी केंद्र 15 सितम्बर तक बंद करने के निर्देश, डोर टू डोर होगा पोषाहार वितरण
- आज 16,875 शिक्षकों को सम्मानित करेगी यूपी सरकार : पैदा की पढ़ाई की ललक, अब मान बढ़ाने के लिए शिक्षकों का सम्मान
- उत्तर प्रदेश में पहली बार: एक लाख गरीब बच्चों ने पाया शिक्षा का अधिकार, RTE के इतिहास में बना रिकॉर्ड
- माध्यमिक : कॉलेज आवंटन और समायोजन शिक्षा निदेशक को देने की तैयारी
| बस्ती : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष विज्ञप्ति जारी, देखें Posted: 04 Sep 2021 07:55 PM PDT |
| सतर्कता के चलते आँगनबाड़ी केंद्र 15 सितम्बर तक बंद करने के निर्देश, डोर टू डोर होगा पोषाहार वितरण Posted: 04 Sep 2021 07:44 PM PDT सतर्कता के चलते आँगनबाड़ी केंद्र 15 सितम्बर तक बंद करने के निर्देश, डोर टू डोर होगा पोषाहार वितरण कोरोना संकट और संक्रामक बीमारियों के चलते एक बार फिर आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले लग गए। सरकार ने अगले 15 सितंबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों की सुरक्षार्थ बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि कार्यकत्री अपनी टीम के साथ बच्चों को पोषाहार का वितरण घर-घर जाकर करेंगी, इसके दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। शुक्रवार की शाम निदेशालय बाल विकास एवं सेवा पुष्टाहार की निदेशक डा. सारिका मोहन ने इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के चलते 15 सितंबर तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केंद्र पर बच्चों को नहीं बुलाएंगी। केवल केंद्र खोलकर वे पोषाहार जमा करेंगी और कोरोना प्राटोकाल का पालन करते हुए पोषाहार का डोर टू डोर वितरण किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन कराने के लिए सभी कार्यकत्रियों को निर्देशित कर दिया गया है। |
| Posted: 04 Sep 2021 07:42 PM PDT आज 16,875 शिक्षकों को सम्मानित करेगी यूपी सरकार : पैदा की पढ़ाई की ललक, अब मान बढ़ाने के लिए शिक्षकों का सम्मान माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक दिवस पर 75 जिलो में 75 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। बताया जाता है कि शिक्षक संगठन और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बीते वर्षों में शिक्षण क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने, बच्चों में पढ़ाई के प्रति ललक पैदा करने और कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास के संचालन में योगदान देने वाले शिक्षकों को योगी सरकार रविवार को सम्मानित करेगी। सरकार स्वाधीनता दिवस की 75वीं वर्षगांठ वर्ष के उपलक्ष्य में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती (शिक्षक दिवस पर) पर पांच सितंबर को सभी 75 जिलों में 75-75 शिक्षकों को सम्मानित करेगी। यानी बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के कुल 16,875 शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्य और प्राचार्य को सम्मानित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने साफ किया है कि जिला स्तर पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। लेकिन उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए निर्धारित दो वर्ष का सेवा विस्तार, नकद पुरस्कार सहित अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य और मुख्यमंत्री पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक भी होंगे सम्मानित यूपी के 75 जिलों के 75-75 शिक्षकों को सम्मानित करने के अलावा शिक्षक दिवस पर रविवार को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2019 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2019 के लिए चयनित किए गए शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। वहीं, बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए बीते वर्ष 73 शिक्षकों का चयन किया गया था। लेकिन, गत वर्ष पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के कारण सम्मान समारोह आयोजित नहीं हो सका। चयनित शिक्षकों का अब जिला स्तर पर जिलाधिकारी की ओर से सम्मान किया जाएगा। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पहले इस वर्ष राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित नहीं करने का निर्णय किया गया था। लेकिन, बाद में सत्तारूढ़ दल के विधायकों और सांसदों ने सरकार से शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसके बाद सरकार ने सम्मानित करने का फैसला लिया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि माध्यमिक के चयनित शिक्षकों में से 50 प्रतिशत शिक्षक वित्तविहीन विद्यालयों और 50 प्रतिशत शिक्षक राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों से चयनित किए जाएंगे। शिक्षकों के सम्मान के लिए यह होगा मापंदड ■ - बीते वर्षों में विद्यालय या अध्यापित विषय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा हो। ■ - प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य या शिक्षक का कार्य एवं व्यवहार उत्कृष्ट हो। ■ - कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन की अवधि में शिक्षक द्वारा ऑनलाइन पठन-पाठन में उल्लेखनीय योगदान रहा हो। ■ - विद्यालय में नामांकन में लगातार वृद्धि हो। ■ - संबंधित शिक्षक को किसी मामले में डिबार या दंडित नहीं किया गया हो। उनके खिलाफ न्यायालय में कोई आपराधिक मामला विचाराधीन नहीं हो। ■ - शिक्षक की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का प्रयोग किया जाता हो। ई-पाठशाला जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया हो। ■ - शिक्षक की ओर से विद्यालय में खेल, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक महत्व के मुद्दों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। शिक्षक दिवस पर सम्मानित होंगे आईटीआई के प्रशिक्षक राजकीय औद्योगिक संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर पांच सितंबर को सम्मानित किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के निदेशक कुणाल सिल्कू ने प्रशिक्षकों को सम्मानित करने के कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सभी मंडलीय संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षु/शिशिक्षु) को इस बाबत निर्देश जारी किए गए हैं। सिल्कू ने कहा है कि प्रत्येक जिले के नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षक दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। प्रत्येक जिले के सभी आईटीआई से कम से कम एक प्रशिक्षक को सम्मान के लिए चयनित किया जाएगा। किसी भी जिले में सम्मानित किए जाने वाले प्रशिक्षकों की संख्या पांच से कम नहीं होगी। |
| Posted: 04 Sep 2021 06:46 PM PDT यूपी में पहली बार: एक लाख गरीब बच्चों ने पाया शिक्षा का अधिकार, RTE के इतिहास में बना रिकॉर्ड आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रदेश में तीन चरणों में 2,00,099 आवेदन मिले थे। इनमें से 1,64,405 आवेदन लॉटरी योग्य पाए गए। तीन चरणों में कुल 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत प्रदेश में पहली बार 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के लिए प्रवेश मिला है। आरटीई के 12 साल के इतिहास में यूपी में शैक्षिक सत्र 2021-22 में सबसे अधिक बच्चों को प्रवेश मिला है। आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रदेश में तीन चरणों में 2,00,099 आवेदन मिले थे। इनमें से 1,64,405 आवेदन लॉटरी योग्य पाए गए। तीन चरणों में कुल 99,188 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। पहले चरण में 1,01,783 आवेदन मिले थे इनमें से 79,853 आवेदकों की लॉटरी निकाली गई और 54727 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला। दूसरे चरण में 76,190 आवेदन मिले इनमें से 56,703 आवेदक लॉटरी योग्य पाए गए और 31,512 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला। तीसरे चरण में 22,126 विद्यार्थियों के आवेदन मिले इनमें से 16,492 आवेदक योग्य पाए गए और लॉटरी के बाद 12,949 बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिला है। आरटीई के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयं सेवी संस्था राइट वॉक की समीना बानो का मानना है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने के लिए पूरी मेहनत के साथ काम किया। उसी का नतीजा है इस वर्ष रिकार्ड प्रवेश मिला है। |
| माध्यमिक : कॉलेज आवंटन और समायोजन शिक्षा निदेशक को देने की तैयारी Posted: 04 Sep 2021 06:38 PM PDT माध्यमिक : कॉलेज आवंटन और समायोजन शिक्षा निदेशक को देने की तैयारी। प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का कॉलेज आवंटन और समायोजन माध्यमिक शिक्षा निदेशक से कराने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजा है। जिला विद्यालय निरीक्षकों की मनमानी के कारण कॉलेज आवंटन और समायोजन को लेकर आए दिन होने वाले विवाद और मुकदमों से परेशान होकर चयन बोर्ड ने यह काम माध्यमिक शिक्षा निदेशक को देने का अनुरोध किया है। डीआईओएस के गलत अधियाचन के कारण कॉलेज आवंटन के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। कहीं पहले से तदर्थ शिक्षक कार्यरत हैं तो कहीं प्रमोशन से पद भर दिया गया। बाद में पहुंचने वाले शिक्षक महीनों भटकते रहते हैं। यही शिक्षक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं करते हैं। 74 चयनित शिक्षकों के समायोजन को भेजी सूची प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) 2016 के चयनित 74 शिक्षकों की तैनाती का मामला फंस गया है। चयन बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर ने 31 अगस्त को माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर इनकी तैनाती के संबंध में निर्देश देने का अनुरोध किया है। 53 पीजीटी और 21 टीजीटी चयनित शिक्षकों के लिए रिक्त पद नहीं मिल रहे हैं। डीआईओएस ने जो रिक्त पदों की सूचना भेजी थी उस आधार पर 15 मार्च को समायोजन की सूची जारी हो चुकी है। अब चयन बोर्ड में कोई खाली पद नहीं बचा है। इसलिए पद, विषय, वर्ग, श्रेणी के अनुसार अन्य जिलों के डीआईओएस से रिक्ति अधिसूचित कराने का अनुरोध किया है ताकि नियमानुसार समायोजन की कार्रवाई की जा सके। |
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