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Sunday, August 2, 2020

प्राइमरी का मास्टर ● इन

प्राइमरी का मास्टर ● इन


नवोदय में प्रवेश के लिए हुआ फर्जीवाड़ा, जांच में खुला सारा खेल

Posted: 01 Aug 2020 07:31 PM PDT

Fraud in Entrance: नवोदय में प्रवेश के लिए हुआ फर्जीवाड़ा, जांच में खुला सारा खेल


 विद्यालय की जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल। प्रवेश निरस्त करने के लिए मांगी बीएसए से अनुमति। ...


आगरा । जवाहर नवोदय विद्यालय कौलारा कलां में कक्षा छह के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में सेंधमारी हुई है। स्कूली शिक्षकों की जांच कमेटी ने ऐसे 10 अभ्यर्थियों को चिन्हित किया है, जो पिछले साल भी इसी कक्षा के लिए परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस साल सफल होने उन्हें प्रवेश मिल गया, लेकिन डाटा वैरिफाई में रिकॉर्ड पकड़ा गया। स्कूल ने मामले में बीएसए से प्रवेश निरस्त करने की अनुमति मांगी है।


दरअसल 20 जून को सीबीएसई बोर्ड ने 80 चयनीत अभ्यर्थियों की सूची भेजी, विद्यालय प्रबंध कमेटी और एसडीएम फतेहाबाद को भेजी, सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए सूचित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच के लिए विद्यालय स्तर पर एक पांच सदस्यीय कमेटी उप प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित हुई। आवेदन पत्रों की जांच हुई, तो पता चला कि 10 अभ्यर्थियों ने दूसरी बार इस प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया है, जबकि नवोदय विद्यालय समिति के नियमानुसार इसमें एक ही बार शामिल हो सकते हैं। कक्षा पांचवीं में भी उन्होंने फर्जी तरीके से दो बार प्रवेश लेकर पढ़ाई की। लिहाजा सभी दस अभ्यर्थियों को स्कूल कमेटी ने अपात्र घोषित करते हुए बीएसए से मामले में कार्यवाही की अनुमित मांगी है।


कोचिंग माफिया पर शक
मामले के पीछे दबी जुवां में स्कूल में प्रवेश का दम भरने वाली कोङ्क्षचग माफिया का हाथ होने की आशंका लग रही है, क्योंकि अभिभावकों को इसके नियमों की ज्यादा जानकारी नहीं, लिहाजा इस दिशा में भी जांच किए जाने की जरुरत है। इसके लिए पर्याप्त साक्ष्य भी हैं, सिर्फ चिन्हित अभ्यर्थियों ने जहां से दोनों बार पांचवीं की है, उनकी जांच करने की जरुरत है कि उन्होंने बिना जानकारी एक ही कक्षा में दूसरी बार प्रवेश कैसे दे दिया।


यह नाम मिले संदिग्ध
- सुमित सौलंकी
- रौनक
- कृष्णा चौहान
- रोहित गुर्जर
- समीर खान
- सचिन कुमार
- पूजा चरग
- नेहालिका धनगर
- अरुण
- अजय

(उक्त अभ्यर्थी वर्ष 2019 और 2020 दोनों साल अछनेरा, शमसाबाद, बिचपुरी, जगनेर, फतेहपुरसीकरी, बरौली अहीर, फतेहाबाद, जैतपुर कलां और नगर क्षेत्र को ब्लॉक दिखाकर भरे गए। कुछ ने दोनों साल अलग-अलग ब्लॉक भी दिखाए।


बीएसए ने बीईओ को सौंपी जांच
बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी को सौंपी गई है। वह जांच कर जल्द ही मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।


इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मार्च से, ऑनलाइन मिलेंगे एडमिट कार्ड, एकेडमिक कैलेंडर में हो रहा बदलाव

Posted: 01 Aug 2020 07:07 PM PDT

इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मार्च से, ऑनलाइन मिलेंगे एडमिट कार्ड, एकेडमिक कैलेंडर में हो रहा बदलाव


यूपी बोर्ड की 2021 की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं फरवरी के बजाय मार्च में होंगी। कोरोना महामारी को देखते हुए बोर्ड के एकेडमिक कैलेंडर में बदलाव किया जा रहा है। इसी क्रम में छात्रों को ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी होंगे। वहीं, मार्च-अप्रैल में ही स्कूलों को अपनी गृह परीक्षाएं समाप्त कर परिणाम जारी करने होंगे।


कोरोना संक्रमण की वजह से माध्यमिक स्कूल अभी बंद चल रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई कराने का प्रयास किया गया है। बोर्ड ने अपने पाठ्यक्रम भी 30 प्रतिशत तक कम कर दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पहले जो एकेडमिक कैलेंडर जारी किया था, उसमें अब काफी बदलाव करने जा रहा है। इसे अंतिम रूप देकर जल्द सभी स्कूलों को सूचित कर दिया जाएगा। बोर्ड पिछले कुछ वर्षाें से 10वीं-12वीं परीक्षाएं फरवरी में कराता रहा है। लेकिन इस बार  परीक्षाएं मार्च से शुरू होकर अप्रैल तक जा सकती हैं


एक बार ही होगी प्री-बोर्ड परीक्षा 
नए एकेडमिक कैलेंडर के तहत हाईस्कूल और इंटर के छात्रों के लिए इस बार प्री-बोर्ड परीक्षा एक बार ही होगी, जो पहले दो बार हुआ करती थी। जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्री-बोर्ड परीक्षा कराने का प्रस्ताव है। वहीं दिसंबर व जनवरी में प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जाएंगी।


प्री-बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर समीक्षा की जाएगी। वहीं एकेडमिक कैलेंडर में सभी जयंती व प्रमुख दिवसों पर छात्रों के बीच ऑनलाइन गतिविधियां कराने के निर्देश हैं। एनसीसी, स्काउट-गाइड व खेलकूद गतिविधियां ऑफलाइन करा सकते हैं, लेकिन इनमें कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कड़ाई से करना होगा।


ऑनलाइन पढ़ाई व मासिक परीक्षा पर जोर
एकेडमिक कैलेंडर में माहवार की जाने वाली शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई है। क्योंकि एकेडमिक कैलेंडर में बदलाव किया जा रहा है इसलिए अगस्त से मार्च तक की माहवार गतिविधियों का जिक्र है। इससे पहले के महीनों का जिक्र नहीं है। एकेडमिक कैलेंडर में ऑनलाइन पढ़ाई और हर महीने ऑनलाइन मासिक परीक्षा कराने पर जोर दिया गया है। यदि स्थिति थोड़ी सामान्य हुई तो स्कूलों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ऑफलाइन कैंपस की कक्षाएं करने का निर्देश दिया जाएगा। 


नया शैक्षिक पंचांग बनकर तैयार है। जल्द यूपी बोर्ड की तरफ से इसे जारी कर दिया जाएगा। नया पंचांग कोरोना संक्रमण को देखते हुए तैयार किया गया है। स्कूलों को इसका अनुसरण करना होगा। -डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस

संस्कृत शिक्षा बोर्ड में भी कम हुआ 30 फीसदी पाठ्यक्रम

Posted: 01 Aug 2020 06:55 PM PDT

संस्कृत शिक्षा बोर्ड में भी कम हुआ 30 फीसदी पाठ्यक्रम


बरेली : यूपी बोर्ड और सीबीएसई की तर्ज पर अब माध्यमिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड के छात्र-छात्रओं को भी कम सिलेबस से पढ़ाई करनी होगी।


बोर्ड ने कोविड-19 की वजह से प्रथमा से उत्तर मध्यमा तक सिलेबस में 30 फीसद कटौती कर दी है। इसके लिए बीते दिनों परिषद की बैठक हुई थी, जिसमें समिति के सदस्यों से सुझाव मांगे गए थे। अब बोर्ड ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।

रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों की फौज तैयार करेगी नई शिक्षा नीति, बोले पीएम नरेंद्र मोदी

Posted: 01 Aug 2020 06:51 PM PDT

रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों की फौज तैयार करेगी नई शिक्षा नीति,  बोले पीएम नरेंद्र मोदी

 
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति का जोर रोजगार मांगने वालों की जगह रोजगार देने वालों को तैयार करना है। इसके जरिए शिक्षा व्यवस्था में व्यवस्थित बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। इससे आने वाले समय में नवाचार को और बढ़ावा मिलेगा।


प्रधानमंत्री शनिवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2020 के ग्रैंड फिनाले को आनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति यह सुनिश्चित करेगी कि छात्र जो सीखना चाहता है पूरा ध्यान उसी पर हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा देश को आगे बढ़ाने के लिए नए इनोवेशन करेंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि गरीबों को बेहतर जीवन देने के लिए 'जीवन की सुगमता' का लक्ष्य हासिल करने में युवा वर्ग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।


हर चुनौती का मुकाबला कर सकेंगे युवा : प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के नौजवानों की सोच, उनकी जरूरतों को देखते हुए बनाई गई है। देश के छात्रों के लिए शिक्षा व्यवस्था को सबसे अधिक अग्रिम और आधुनिक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके जरिए यह प्रयास किया गया है कि युवा प्रतिभाओं को अवसर मिले और वो हर चुनौती का मुकाबले करने के लिए तैयार हों।


युवा प्रतिभाओं को पीएम ने सराहा: प्रधानमंत्री ने देश के कोने-कोने में युवाओं की ओर से हो रहे इनावेशन को सराहा। उन्होंने केरल के एर्नाकुलम के एमजीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी केंद्र पर मौजूद छात्र जगन्नाथ व जयपुर के जेइसीआरसी की वंशिका शर्मा से बात कर उनकी सराहना भी की।


● स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2020 के ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री ने युवाओं को किया संबोधित

● कहा, शिक्षा व्यवस्था को युवाओं की सोच और उनकी जरूरत के मुताबिक बनाने का प्रयास


21 वीं सदी ज्ञान का युग है। यह सीखने, अनुसंधान, नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने का समय है। भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 भी इसी पर जोर देती है। हम भारत में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

यूपी बोर्ड बढ़ाएगा परीक्षा फार्म व पंजीकरण की तारीख

Posted: 01 Aug 2020 06:45 PM PDT

यूपी बोर्ड बढ़ाएगा परीक्षा फार्म व पंजीकरण की तारीख



प्रयागराज : यूपी बोर्ड इधर हर साल करीब 50 लाख से अधिक छात्र-छात्रओं का कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण कराता रहा है। इतनी ही तादाद हाईस्कूल व इंटर के लिए परीक्षा फार्म भरने वालों की होती रही। इस बार की स्थितियां एकदम उलट हैं, प्रदेश में यूपी बोर्ड से संबद्ध 27 हजार से अधिक माध्यमिक कालेजों में अपेक्षित छात्र-छात्रएं न तो परीक्षा का फार्म भर रहे हैं और न ही पंजीकरण करा पा रहे हैं। ऐसे में बोर्ड प्रशासन को पंजीकरण व परीक्षा फार्म भरने की तारीखों में इजाफा करना पड़ेगा।





बोर्ड ने जुलाई माह में पहले 2021 की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा के लिए फार्म भरने का कार्यक्रम जारी किया और कुछ दिन बाद कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया। संयोग से दोनों की अंतिम तारीख पांच अगस्त है। इस तारीख तक छात्र-छात्रओं को फीस प्रधानाचार्यो के पास जमा करनी थी। पिछले 20 दिनों में दोनों प्रक्रिया बेहद धीमी रही हैं। वजह, कोरोना के कारण कालेजों का न खुलना है। बोर्ड ने अब तक परीक्षा फार्म भरने और पंजीकरण कराने वालों की संख्या उजागर नहीं की है लेकिन इस कार्य में लगे अफसरों का कहना है कि पिछले वर्षो से बहुत कम संख्या में छात्रों ने प्रवेश लिया है। हालांकि हाईस्कूल व इंटर में लगभग छात्र-छात्रओं की संख्या तय है, ज्ञात हो कि कक्षा 9 व 11 उत्तीर्ण करने वाले ही इन कक्षाओं में पहुंचे हैं। सबसे खराब स्थिति नए पंजीकरण की है।


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जौनपुर : बेसिक में समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक की कोरोना से हुई मौत, मौत के बाद कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए गए सैम्पल

Posted: 01 Aug 2020 06:15 PM PDT

जौनपुर : बेसिक में समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक की कोरोना से हुई मौत, मौत के बाद कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए गए सैम्पल।


जौनपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक पद पर तैनात महिला (52) को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद रेहटी में बने एल-2 श्रेणी के अस्पताल में भेज दिया गया था। हालत बिगड़ने पर बीएचयू रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसकी खबर मिलने के बाद बीएसए कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी जांच के लिए सैंपल दिया है।




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09 अगस्त को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होगी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2020, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 8 और 9 को चलेंगे सभी सार्वजनिक साधन

Posted: 01 Aug 2020 12:21 PM PDT

09 अगस्त को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होगी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2020, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 8 और 9 को चलेंगे सभी सार्वजनिक साधन।

गाजीपुर : छह माह से फरार फर्जी महिला शिक्षक गिरफ्तार, बेसिक शिक्षा विभाग ने दर्ज कराया था एफआइआर

Posted: 01 Aug 2020 09:43 AM PDT

गाजीपुर : छह माह से फरार फर्जी महिला शिक्षक गिरफ्तार, बेसिक शिक्षा विभाग ने दर्ज कराया था एफआईआर ।


गाजीपुर :  दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के अमारी रेलवे क्रासिंग के पास से शनिवार की सुबह दुल्लहपुर पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर  नौकरी कर रही  महिला शिक्षक अनीता यादव को गिरफ्तार कर लिया। वह विगत छह माह से फरार चल रही थी। आरोपित शिक्षक का प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष जनवरी माह में दुल्लहपुर थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।




इस मामले की विवेचना कर रहे दुल्लहपुर थाने के एसआई रामअनुग्रह पांडेय ने बताया कि पकड़ी गयी फर्जी शिक्षिका अनीता यादव पत्नी शोभनाथ मऊ जनपद के चिरैयाकोट थाना के ग्राम हीरापुर पोस्ट सुल्तानीपुर की रहने वाली है। जिसकी नियुक्ति विकास खंड जखनियां  के  दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के  ओडऱाई स्थित प्राथमिक विद्यालय पर थी। जिसका बीटीसी एवं टेट का प्रमाण पत्र विभागीय जांच में फर्जी पाया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे पकडऩे के लिए पुलिस ने कई बार इसके ठिकाने पर दबिश दी लेकिन फरार हो जाती थी। शनिवार की सुबह मुखबिर से सूचना मिली की उक्त फर्जी शिक्षिका अपने पति के इसी रास्ते से होकर कहीं जाने वाली है। सूचना पर एसआई रामअनुग्रह पांडेय के साथ पुलिस चंद्रमोहन यादव, चंद्रदेव के साथ महिला कांस्टेबल अंबालिका ने घेराबंदी कर फर्जी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। रामअनुग्रह पांडेय ने बताया कि उक्त महिला मेडिकल जांच के बाद उसे जेल भेज दिया गया।



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16 बार में एमडीएम के खाते से निकाल लिया 1.26 लाख रुपये, ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को दो महीने बाद हुई जानकारी, तहरीर दी

Posted: 01 Aug 2020 04:21 AM PDT




  • 16 बार में एमडीएम के खाते से 1.26 लाख की अवैध निकासी
  • महराजपुर के प्राथमिक विद्यालय बरेजी का मामला

खुखुंदू (देवरिया)। बैंक खातों को लेकर हर कोई सावधान हो जाए। आपकी जानकारी के बगैर भी बैंक सह खातेदार बना सकता है और इसके बाद खाते से आसानी से रुपये भी निकल जाएंगे। आपको जब तक इसकी खबर मिलेगी, तब तक खाते से रकम निकल गई होगी। ऐसा ही मामला खुखुंदू थानाक्षेत्र के महराजपुर के बरेजी के प्राथमिक विद्यालय का सामने आया है। यहां के एमडीएम खाते में सह खातेदार बनकर विद्यालय की पूर्व रसोइए ने 126020 रुपये दो माह पूर्व निकाल लिए। पासबुक प्रिंट कराने पर इस बात की जानकारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को हुई। इस मामले में थाने में तहरीर दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विकास खंड देवरिया सदर के समिलियन विद्यालय बरेजी का एमडीएम का खाता बड़ोदा यूपी बैंक सिविल लाइंस देवरिया में है। ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक का ज्वाइंट खाता है। बताया जा रहा है कि बिना इनके हस्ताक्षर के उस खाते से रुपये की निकासी नहीं होना चाहिए। हालांकि बिना इन दोनों जिम्मेदारों के हस्ताक्षर के ही खाते से 126020 रुपये निकल गए। यहां खास बात है कि मई में खाते से बारी-बारी कर 16 बार में यह रकम गांव और बतरौली के ग्राहक सेवा केंद्रों से निकाली गई। हालांकि इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। कुछ दिन पूर्व बच्चों के खाते में एमडीएम का पैसा भेजने का मामला आने पर पासबुक को प्रिंट कराने के लिए बैंक में भेजा गया तो निकाली गई रकम की जानकारी हुई।
शाखा से इसकी जानकारी लेने पर गांव की एक महिला का नाम सामने आया। वह पूर्व में विद्यालय की रसोइया रही है। इसकी जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान अच्युतानन त्रिपाठी और प्रधानाध्यापक रीता मिश्रा ने उसके घर पहुंच रुपये वापसी की मांग की। उसने देने से इनकार कर दिया। ग्राम प्रधान ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि तहरीर मिली है। प्रकरण की जांच की जाएगी।
सह खातेदार कैसे जुड़ गया :- इसे सिस्टम की लापरवाही कही जाए या फिर बैंक की मिलीभगत। आखिर एमडीएम खाते में ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यायक सह खातेदार हैं तो उसमें तीसरा कोई और कैसे जुड़ गया। एमडीएम खाते में केवल सरकारी पैसा आता है। जिसे प्रधान और प्रधानाध्यापक ही चेक द्वारा निकाल सकते हैं। ऐसे में तीसरा सह खाताधारक कैसे बन गया और उसे चेक कहां से मिला।
बैंक से रुपये तीसरा कोई कैसे निकाल लिया। बिना चेक से एमडीएम खाते से भुगतान नहीं होता है। इस खाते में दो के अलावा तीसरा सह खातेदार कैसे जुड़ा। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बैंक की मिलीभगत से यह सब हुआ है। जबकि रसोइया विद्यालय से 2018 में निकाली जा चुकी है।
-अच्युतानन त्रिपाठी, ग्राम प्रधान
जुलाई में विद्यालय खुलने पर एमडीएम का पैसा आया है कि नहीं चेक कराने के लिए बैंक में पासबुक भेजने पर रुपये निकासी का पता चला। सभी रुपये ग्राहक सेवा केंद्रों से निकाला गया है। आखिर यह सब कैसे हो गया। सोच कर डर लग रहा है। इसमें सरासर बैंक की लापरवाही झलक रही है।
-रीता मिश्रा, प्रधानाध्यापक


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फतेहपुर : किचन गार्डन से लैस होंगे चार सौ स्कूल, गार्डन में होने वाला खर्च ग्राम पंचायत निधि से होगा

Posted: 01 Aug 2020 04:21 AM PDT

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक विजय किरण आनंद ने जिले के 400 स्कूलों को चयनित किया है। यह भी साफ कर दिया है कि गार्डन में होने वाला खर्च ग्राम निधि से किया जाएगा।





स्कूलों को हरा भरा बनाकर उनमें एमडीएम के उपयोग में आने वाली सब्जी उगाई जाएगी। करीब आठ माह पूर्व लिए गए निर्णय को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए 8 माह पूर्व निर्णय लिया था। इसके बाद जिले के परिषदीय स्कूलों की सूची बनाई गई जहां पर जमीन की उपलब्धता है। ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर शासन को भेजी गई थी। जिस पर बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने निर्णय ले लिया है। बीएसए शिंवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 400 परिषदीय विद्यालय किचन गार्डन के लिए चयन हुआ है। इसमें ग्राम पंचायत की निधि खर्च होगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी और बीडीओ अधिकारी के बीच समन्वय स्थापित होगी। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के आपसी समन्वय से कार्य कराया जाएगा।


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फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में

Posted: 01 Aug 2020 03:47 AM PDT

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में  निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में।








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