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- PUBG BACK: भारत के प्यार में चीन से रिश्ता तोड़ा
- DAVV NEWS: फर्जी वेबसाइट चल रही थी, यूनिवर्सिटी को पता ही नहीं, हजारों स्टूडेंट्स ठगे - MP NEWS
- BHOPAL का हनीट्रैप मामला: डॉ. मरावी की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला सुनाया - MP NEWS
- MP CORONA: 77323 में से 1609 की मौत, 17205 जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं - UPDATE NEWS
- BHOPAL में हेलमेट नहीं लगाने पर टेंट हाउस संचालक ने 17000 का चालान भरा / MP NEWS
- SBI INDORE: ब्रांच मैनेजर श्वेता सुरोईवाला के खिलाफ FIR - MP NEWS
- INDORE में केंद्रीय विद्यालय के लिए आदेश जारी / INDORE NEWS
- JABALPUR में लापता महिला का शव नग्न अवस्था में नहर में तैरता हुआ मिला - MP NEWS
- BLACK HOLE में सूर्य की किरण नहीं पहुंचती, फिर प्रकाश कहां से आता है, प्रोफेसर अमित शुक्ला ने पता लगाया
- JABALPUR में निर्भया केस के वकील ने पुरुष आयोग बनाने की मांग की / MP NEWS
- JABALPUR में दर्दनाक हादसा: पिता की मौत, पुत्र गंभीर / MP NEWS
- मप्र कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन | MP CABINET MEETING OFFICIAL REPORT 09 SEPTEMBER 2020
- BHOPAL के रेल यात्रियों के लिए 6 नई स्पेशल ट्रेनें - MP NEWS
- MPTET-3 EXAM 2020: वर्ग 3 का परीक्षा कार्यक्रम घोषित - PEB NEWS
- MADHYA PRADESH में कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन - MP NEWS
- INDORE में डॉ. मरावी की मौत, 40 डॉक्टर महामारी का शिकार - CORONA NEWS
- GWALIOR के भाजपा नेता सतीश सिकरवार कांग्रेस में शामिल, उपचुनाव चुनाव लड़ेंगे - MP NEWS
- INDORE MTH हॉस्पिटल: सिर्फ 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत - MP CORONA NEWS
- MADHYA PRADESH के 11 जिलों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा, चिलचिलाती धूप - MP WEATHER NEWS
- कंप्यूटर के मेन बोर्ड को मदर बोर्ड क्यों कहते हैं फादर बोर्ड क्यों नहीं कहते हैं - GK IN HINDI
- शादी के लिए लड़की का किडनैप और रेप किस धारा के तहत दर्ज किया जाएगा /ASK IPC
- गाय के ऊपर वाले दांत क्यों नहीं होते - INTERESTING SCIENCE IN HINDI
- हाई कोर्ट ने शिक्षक की विधवा को न्याय देने के लिए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को पाबंद किया - MP EMPLOYEE NEWS
- पितृपक्ष में दिवंगत शिक्षकों के बकाया भुगतान का अभियान - MP EMPLOYEE NEWS
- न्यूज चैनल : वो कुछ और है पत्रकारिता नहीं - PRATIDIN
| PUBG BACK: भारत के प्यार में चीन से रिश्ता तोड़ा Posted: 08 Sep 2020 08:25 AM PDT भारत में सबसे लोकप्रिय मोबाइल गेम पबजी को भारत सरकार द्वारा बैन कर दिया गया है लेकिन कंपनी को यह प्रतिबंध मंजूर नहीं। ऑनलाइन गेम PUBG को डिवेलप करने वाली कंपनी PUBG CORPORATION ने चीन की कंपनी टैंसेंट गेम्स से संबंध खत्म करने का फैसला कर लिया है ताकि भारत में उस पर लगाया गया प्रतिबंध खत्म हो जाए। PUBG CORPORATION दक्षिण कोरिया की कंपनी है और चीन की कंपनी के साथ मिलकर PUBG MOBILE और PUBG MOBILE LITE का संचालन कर रही थी। भारत में PUBG बैन होने के बाद कंपनी ने कहा था कि वह सरकार के साथ गेम की वापसी को लेकर बात कर रही है, वहीं अब कंपनी ने कहा है कि वह भारतीय बाजार में वापसी के लिए टैंसेंट गेम्स के साथ अपने रिश्ते खत्म करेगी। इसकी जानकारी कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर दी है। कंपनी की वेबसाइट पर लिखा है कि वह भारत में पबजी गेम की पूरी जिम्मेदारी खुद लेगी और अपने फैन्स को नए अनुभव देने पर काम करेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में पबजी मोबाइल और पबजी मोबाइल लाइट तो प्रतिबंधित है, लेकिन पबजी पीसी प्रतिबंधित नहीं है यानी आप कंप्यूटर पर पबजी गेम खेल सकते हैं। पबजी मोबाइल और पबजी मोबाइल लाइट की फ्रेंचाइजी चीन की सबसे बड़ी गेमिंग कंपनी टैंसेंट के पास है। पबजी मोबाइल और पबजी मोबाइल लाइट को दोनों पबजी कॉरपोरेशन और टैंसेंट गेम्स ने मिलकर तैयार किया है। पिछले सप्ताह भारत सरकार ने पबजी समेत 117 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाए हैं। सूचना मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ये एप्स डाटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी के लिहाज से ठीक नहीं हैं और इन्हें लेकर कई शिकायतें मंत्रालय को मिली हैं। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| DAVV NEWS: फर्जी वेबसाइट चल रही थी, यूनिवर्सिटी को पता ही नहीं, हजारों स्टूडेंट्स ठगे - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 08:10 AM PDT इंदौर। मध्य प्रदेश की नंबर वन यूनिवर्सिटी देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी जिसे इंदौर यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता है, की फर्जी वेबसाइट धड़ल्ले से संचालित हो रही थी और यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को इसके बारे में कुछ पता ही नहीं था। फर्जी वेबसाइट के जरिए विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स को फर्जी ट्रांसस्क्रिप्ट बना कर दी जाती थी। इसके बदले में फीस का 10 गुना अधिक लिया जाता था। NSUI ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया एवं दावा किया कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का कोई ना कोई व्यक्ति इस फर्जीवाड़े में शामिल है। मामला इसलिए भी संगीन है, क्योंकि प्रदेश की नंबर वन यूनिवर्सिटी के नाम से न केवल फर्जी वेबसाइट बनाकर समानान्तर व्यवस्था चलाई गई, बल्कि सैकड़ों छात्रों के साथ धोखा भी किया गया। उन्हें फर्जी ट्रांसस्क्रिप्ट बनाकर दी गई। समान्य तौर पर यूनिवर्सिटी ट्रांसस्क्रिप्ट का शुल्क 500 रुपए लेती है। जबकि, उसकी दूसरी कॉपी बनाने के 300 रुपए लिए जाते हैं। लेकिन इस वेबसाइट के जरिए महज़ एक घंटे में ट्रांसस्क्रिप्ट बनाकर दिए जाने की बात सामने आई है। मूल प्रति के 4500 और कॉपी के 700 रुपए लिए जाते थे। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का कर्मचारी फर्जीवाड़े में शामिल: NSUIमामले में शिकायत करने वाले एनएसयूआई के विकास नंदवाना ने आरोप लगाया कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था। आशंका है कि इसमें यूनिवर्सिटी का कोई कर्मचारी भी शामिल हो सकता है। कुलपति को सौंपे ज्ञापन में एनएसयूआई की तरफ़ से मामले की पूर्ण जांच करने और पुलिस एफआईआर की मांग की गई। यूनिवर्सिटी ट्रांसस्क्रिप्ट क्या होती है और क्यों बनाई जाती हैपढ़ाई या जॉब के लिए विदेश जाने वाले छात्र ट्रांसस्क्रिप्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। यूनिवर्सिटी की ओरिजनल वेबसाइट पर ही इसके लिए आवेदन किया जाता है, मगर फर्जी वेबसाइट में ट्रांसस्क्रिप्ट शब्द को जोड़ा गया था। ताकि छात्र असमंजस में पड़ जाएं। ट्रांसस्क्रिप्ट में छात्र की सभी सेमेस्टर की मार्कशीट के अंक एक साथ दिए होते हैं। यह विदेश में आगे की पढ़ाई और जॉब के दौरान मांगे जाते हैं। रजिस्ट्रार अनिल शर्मा का कहना है कि मामले की जांच करवाएंगे। पुलिस में भी मामला दर्ज करवाएंगे। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| BHOPAL का हनीट्रैप मामला: डॉ. मरावी की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला सुनाया - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 08:07 AM PDT भोपाल। राजधानी भोपाल में हनीट्रैप मामले में हमीदिया अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी की पुलिस गिरफ्तारी से बचने की पहली कोशिश नाकाम हो गई है। जिला कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। अब उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई है। हनीट्रैप मामले में आठ दिन से फरार मरावी की तलाश में क्राइम ब्रांच ने अब भोपाल के अलावा आसपास के जिलों में भी तलाश शुरू कर दी है। इधर, इस मामले में रिपोर्टर बनी दो महिलाओं से एक महिला और उसका पति भी गायब हो गए हैं। मरावी के अवधपुरी घर पर उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। उन्होंने क्राइम ब्रांच को बताया कि उन्हें डॉक्टर साहब के बारे में कुछ पता नहीं है। वे घर पर भी नहीं आ रहे हैं। उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। डॉक्टर मरावी का ईदगाह हिल्स स्थित क्लीनिक भी बंद है। क्राइम ब्रांच के अनुसार इस मामले में न्यूज चैनल की आरोपी बनी दो महिला रिपोर्टर में से एक महिला भी गायब हो गई है। उसके घर पर ताला पड़ा हुआ है। नगर निगम में नौकरी करने वाला महिला का पति भी गायब है। वह नौकरी भी नहीं जा रहा है। राजधानी भोपाल में हनीट्रैप मामले में हमीदिया अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर दीपक मरावी फंसे हैं। उन पर एक लड़की ने क्लीनिक में बुलाकर छेड़छाड़ करने की शिकायत की थी। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है। वहीं, केस का दूसरा एंगल ये है कि पूर्व अधीक्षक डॉ. मरावी ने भी पुलिस से 50 लाख रुपए को लेकर ब्लैकमेलिंग करने की शिकायत की थी। मामले में क्राइम ब्रांच ने 2 लड़कियों समेत 5 लोगों को आरोपी बनाकर केस दर्ज किया था। पुलिस मरावी की शिकायत पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| MP CORONA: 77323 में से 1609 की मौत, 17205 जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं - UPDATE NEWS Posted: 08 Sep 2020 07:53 AM PDT भोपाल। मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 77323 नागरिक कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी का शिकार हुए जिनमें से 1609 लोगों की मौत हो गई जबकि 17205 लोग अस्पतालों में भर्ती जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार संतुष्ट है क्योंकि भारत के कुछ राज्यों में मरने वालों की संख्या इससे ज्यादा है परंतु बड़ा सवाल यह है कि क्या महामारी के कारण 1609 लोगों की मौत दुखदाई नहीं है। MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 08 SEPTEMBER 2020संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 08 सितंबर 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 22597 सैंपल की जांच की गई। 176 सैंपल रिजेक्ट हो गए। 20733 सैंपल नेगेटिव पाए गए। 1864 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। 20 मरीजों की मौत हो गई। 1600 मरीज डिस्चार्ज किए गए। मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 77323 मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1609 मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 58509 08 सितंबर 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 17205 08 सितंबर 2020 को मध्यप्रदेश में संक्रमित इलाकों की संख्या 6189 mp corona status today and updateसरकार संतुष्ट है कि मृत्यु दर कम हुई है परंतु मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। आज भी 20 नागरिकों को महामारी के कारण अकाल मृत्यु का शिकार होना पड़ा। सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी प्रयास बंद कर दिए हैं। जांच फ्री होगी लेकिन सैंपल देने के लिए व्यक्ति को खुद सरकारी सेंटर के पास जाना पड़ेगा। इस फैसले से संक्रमित नागरिकों की संख्या सरकारी रिपोर्ट में तो कम हो जाएगी परंतु मध्यप्रदेश में संक्रमण बढ़ने की काफी संभावना है। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक एनपी प्रजापति महामारी का शिकार हो गए। मध्यप्रदेश में जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद मरीजों को ना तो आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है और ना ही होम आइसोलेशन के लिए पहले की तरह सरकारी टीम घर आ रही है। मरीजों के जनता के बीच खुला घूमने की खबरें लगातार मिल रही है। आज की रिपोर्ट में भी पॉजिटिविटी रेट 8% से अधिक था। सरकार अस्पतालों में और ज्यादा बेड उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। सवाल यह है कि क्या इससे संक्रमण खत्म हो जाएगा। सार्वजनिक स्थानों का सैनिटाइजेशन एकमात्र विकल्प है जिसका उपयोग बंद कर दिया गया है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| BHOPAL में हेलमेट नहीं लगाने पर टेंट हाउस संचालक ने 17000 का चालान भरा / MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 07:47 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेकंड स्टॉप के पास टेंट हाउस का काम करने वाले तीर्थ स्वरूप ने सोमवार को ट्रैफिक थाने पहुंचकर 17 हजार रुपए का समन शुल्क जमा किया। उनकी बाइक का बीते 4 साल में 68 बार चालान बना था। दरअसल, यह बाइक उनके टेंट हाउस में काम करने वाले कर्मचारी बगैर हेलमेट शहर की सड़कों पर दौड़ा रहे थे। सोमवार को तीर्थ अकेले ऐसे नहीं थे, जो अपने वाहन का चालान जमा कर रहे हों। यह पहला मौका था जब सुबह 9:30 से रात 8:45 बजे के बीच महज 10 घंटे के भीतर ही ट्रैफिक थाने में 126 चालान जमा किए गए। इस दौरान 33,500 रुपए का समन शुल्क जमा हुआ। कोई 5 तो कोई 15 चालान की राशि जमा करवा रहा था। जनवरी 2020 से जुलाई 2020 के बीच उनकी बाइक एमपी 04 क्यूए 9970 ने 25 बार ट्रैफिक नियम तोड़े थे। ये ई-चालान आईटीएमएस व सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत बनाए जा रहे हैं। बहुत से प्रभावशील लोग किसी परिचित अफसर के माध्यम से अपने चालान को माफ करवा लेते थे। अब ऐसा संभव नहीं होगा। यदि चालान भरे बगैर उसी वाहन ने दोबारा नियम तोड़ा है तो ये चालान पहले वाले में जुड़ जाएगा। यही वजह है कि लोगों के 25-25 चालान लंबित शो कर रहे हैं। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| SBI INDORE: ब्रांच मैनेजर श्वेता सुरोईवाला के खिलाफ FIR - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 07:12 AM PDT इंदौर। मध्य प्रदेश के EOW- आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ ने भारतीय स्टेट बैंक की सियागंज ब्रांच मैनेजर रही श्वेता सुरोईवाला सहित कर्मचारी कौस्तुभ सिंगारे के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों ने एसबीआई के 49 खाताधारकों के खाते में से तीन करोड़ रुपए निकाल लिए थे। इसके अलावा होम लोन, व्हीकल लोन, पर्सनल लोन आदि में भी दस्तावेजों की गड़बड़ी पाई गई है। एसपी धनंजय शाह के मुताबिक निरीक्षक लीना मारोठ को इस केस की जांच सौंपी गई थी। खाताधारकों के द्वारा शिकायत की गई थी कि मैनेजर श्वेता और कौस्तुभ खातों से राशि हड़प रहे हैं। आए दिन इस बात को लेकर बैंक में विवाद भी होते रहते हैं। शिकायत के बाद प्रकरण को जांच में लिया गया। शिकायतों की जांच के बाद EOW ने श्वेता और उसके साथी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कियाखातों की जांच की तो पता चला कि खातों में एंट्री ही सही से नहीं होती थी। लोन के मामलों में भी श्वेता काफी गड़बड़ी करती थी। कमीशन लेकर अधूरे दस्तावेजों पर ही लोन जारी कर दिए। पर्सनल लोन के लिए अनजान लोगों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम पर लोन जारी कर दिए गए। मंगलवार को जांच पूरी होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अमानत में खयानत सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। अनक्लेम्ड खातों में रुपए डाल करते थे पूरा खेलजांच अधिकारी के अनुसार ग्राहकों द्वारा की गई शिकायत के बाद 16 अप्रैल 2018 से 5 जुलाई 2019 तक की जांच की तो इसमें पता चला कि ग्राहकों द्वारा जो छोटी-बड़ी राशि जमा की गई। वो राशि शाखा के विभिन्न खातों में एनईएफटी ट्रांसफर, मिनिमम बैलेंस चार्जेस रिर्वसल, पीपीएफ खाते में जमा किया गया। इसके बाद इन खातों से अनक्लेम्ड खातों के जरिए निकाल ली गईं। इतना ही नहीं, जिनका लोन चल रहा है उनके ही दस्तावेज से और लोन स्वीकृत कर रुपए निकाल लिए गए। फ्रॉड से बचने के लिए यह करेंएसपी शाह के अनुसार ग्राहकों को इसके लिए जागरूक रहने की बहुत जरूरत है। आजकल ऑनलाइन तरीके से खातों को चेक किया जा सकता है। हमेशा खातों को चेक करते रहना चाहिए। मैसेज सेवा के साथ ही बैंक द्वारा दिए जाने वाली सुविधा से खातों को हमेशा चेक करते रहना चाहिए। समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहना चाहिए। हर लेन-देन की जानकारी यदि आपके मोबाइल पर नहीं आए तो बैंक में संपर्क करना चाहिए। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| INDORE में केंद्रीय विद्यालय के लिए आदेश जारी / INDORE NEWS Posted: 08 Sep 2020 06:53 AM PDT इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के विश्व साक्षरता दिवस शिक्षा मंत्री ने इंदौर शहर को एक नई सौगात दी है। यहां IIT कैम्पस में केंद्रीय विद्यालय खोला जाएगा। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय आईआईटी, इंदौर खोलने के आदेश हो रहे हैं। इसी के साथ आईआईटी परिसर में खुल रहा केंद्रीय विद्यालय देश का 1242वां और इंदौर का चौथा स्कूल होगा। देश का 1242वां केंद्रीय विद्यालय इंदौर का चौथा सेंट्रल स्कूल होगा। इंदौर का पहला केंद्रीय विद्यालय नवलखा में, दूसरा बिजासन टेकरी तो तीसरा महू में है. सिमरौल के आईआईटी कैम्पस बनने वाला केंद्रीय विद्यालय शहर का चौथा केंद्रीय विद्यालय होगा। इंदौर को मध्यप्रदेश का एजुकेशन हब भी कहा जाता है। देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को 12 बजे ट्वीट कर दी जानकारी। लिखा मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन की विशाल श्रृंखला में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है। आज केंद्रीय विद्यालय IIT इंदौर खोलने के आदेश हो रहे हैं। कुछ देर बाद दूसरा ट्वीट करते हुए लिखा मेरा विश्वास है कि आईआईटी, इंदौर परिसर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा का एक अनोखा संयोग होगा। लाभांवित होने वाले समस्त विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएं. केंद्रीय विद्यालयों की श्रृंखला में यह 1242वां विद्यालय है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| JABALPUR में लापता महिला का शव नग्न अवस्था में नहर में तैरता हुआ मिला - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 06:39 AM PDT जबलपुर/ सिहोरा। गोसलपुर थाना अंतर्गत बेली गांव की लापता महिला का शव नग्न हालत में पुलिस ने बरामद किया है। महिला के सिर पर भारी चोट के निशान भी प्रारंभिक तौर पर पुलिस को मिले हैं। जिससे ऐसा भी अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला के साथ पहले दुष्कर्म किया गया हो और इसके बाद उसकी हत्या कर लाश नहर में फेंक दी गई हो, पुलिस ने हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध युवक की निशानदेही पर महिला का शव बरामद किया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बेली निवासी झल्लो बाई यादव (48) शुक्रवार को अपने भाई के यहां बरेला में श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। सोमवार को वह बरेला से घर के लिए निकली और गांधीग्राम बस स्टैंड पर उतरी। वहां से वह ऑटो से अपने घर जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वह अपने घर नहीं पहुंची। परिवार के लोगों ने उसकी खोजबीन की लेकिन महिला का कहीं सुराग नहीं लगा। महिला का बैग और कपड़े पुलिया में मिलेसोमवार देर शाम को खोजबीन के दौरान महिला के परिजनों और पुलिस को घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर महिला का बैग और कपड़े मिले। वहीं कुछ ही दूरी पर पुलिस को 2 जींस के पेंट और 1 जोड़ी जूते बरामद हुए। जिसके आधार पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। रात भर की पूछताछ के बाद भी हिरासत में लिए गए युवकों ने कुछ भी नहीं बताया। संदिग्ध युवक की निशानदेही के बाद नहर में पहुंची पुलिस :हिरासत में लिए गए युवक से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो युवक पुलिस को उस स्थान पर ले गया, जहां पर महिला की लाश नहर में थी। बम्होरी गांव से करीब 500 से 700 मीटर दूर रोड के पास नहर में महिला की लाश नग्न हालत में पुलिस ने बरामद की। महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से चोट के निशान पुलिस को मिले हैं। इनका कहना हिरासत में लिए गए युवक से कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर महिला का शव नहर से बरामद किया गया है। सिर पर किसी भारी वस्तु से चोट के निशान मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। भावना मरावी, एसडीओपी सिहोरा 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| Posted: 08 Sep 2020 06:03 AM PDT अंतरिक्ष में करोड़ों रहस्य भरे हुए हैं। ब्लैक होल एक ऐसा रहस्य है जिस का पता लगाने की कोशिश दुनिया के सभी अंतरिक्ष वैज्ञानिक करते हैं। आधुनिक विज्ञान के लिए ब्लैक होल सबसे बड़ी चुनौती है। मध्य प्रदेश के IIT INDORE में सेवाएं दे रहे हैं प्रोफेसर अमित शुक्ला ने ब्लैक होल के एक रहस्य का पता लगा लिया है। डिपार्टमेंट ऑफ एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोफिजिक्स और स्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अमित शुक्ला ने एक अन्य संस्थान के प्रोफेसर के साथ मिलकर इस खोज पर आधारित रिसर्च पेपर तैयार किया है। दुनिया के श्रेष्ठ रिसर्च जर्नल में से एक नेचर कम्युनिकेशन ने इस पेपर को प्रकाशित किया है। ब्लैक होल क्या है, इसके अंदर क्या होता हैअंतरिक्ष में ब्लैक होल एक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र वाली जगह है जहां पर भौतिक विज्ञान का कोई भी नियम काम नहीं करता है। ब्रह्मांड में यूं तो कई ब्लैक होल हैं लेकिन वे सभी पृथ्वी से हजारों प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित हैं। यदि ये पास होते तो पृथ्वी को निगल गए होते और मनुष्यों का नामोनिशान तक नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये होल बनते कैसे हैं? दरअसल, वैज्ञानिक तौर पर ऐसा माना जाता है कि जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह धीरे-धीरे ब्लैक होल में बदलने और आसपास की सारी चीजों को अपनी ओर खींचने लगता है। इसका खिंचाव इतना ज्यादा शक्तिशाली होता है कि इससे कुछ नहीं बच सकता। यहां तक कि एक बार ब्लैक होल के अंदर प्रकाश भी चला जाए तो वो फिर कभी बाहर नहीं आ सकता। होल में इलेक्ट्रॉन-चुम्बकीय क्षेत्र के कारण पैदा होती है ऊर्जाप्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि ब्लैक होल अधिकांश आकाश गंगाओं का मध्य ब्लैक होल कहलाता है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस ब्लैक होल में प्रकाश की किरणों को देख चुके हैं, लेकिन ये किरणें कहां से आती हैं या इनकी ऊर्जा का स्त्रोत क्या है? ये अभी तक कोई नहीं जान पाया था। हमने अपने 'शोध में पता लगाया है कि इलेक्ट्रॉन और चुम्बकीय क्षेत्र के कारण ऊर्जा पैदा होती है जो प्रकाश तरंगों के समान नजर आती हैं। अपने शोध में प्रोफेसर शुक्ला ने क्वासर 3सी 27 ब्लैक होल का अध्ययन किया है। दुनिया का श्रेष्ठ जनरल है नेचर मैग्जीनडॉ. अमित शुक्ला ने बताया, दुनियाभर में रिसर्च पेपर प्रकाशित करने वाले जर्नल्स को उनके इम्पैक्ट फैक्टर के माध्यम से महत्व दिया जाता है। नेचर कम्युनिकेशंस का इम्पैक्ट फैक्टर 12.12 जो कि नेचर मैग्जीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है। नेचर मैग्जीन और नेचर कम्युनिकेशन एक ही पब्लिशिंग हाउस के जर्नल हैं। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| JABALPUR में निर्भया केस के वकील ने पुरुष आयोग बनाने की मांग की / MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 06:00 AM PDT जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज निर्भया केस में आरोपियोें की पैरवी करने वाले वकील एमपी सिंह पहुंचे। इस दौरान वकील एमपी सिंह ने पुरुषों के लिए पुरुष आयोग बनाने की मांग की है। एमपी सिंह का कहना है कि निर्भया कांड में आरोपियों के बचाव की जिम्मेदारी मिली तब से देशभर में उनका विरोध हुआ। वकील एमपी सिंह की छवि को महिला विरोधी देखा गया मीडिया से चर्चा के दौरान कहा एमपी सिंह ने कहा कि पुरषों को महिलाओं की ओर से प्रताड़ित करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में महिलाओं की तरह एक पुरुष आयोग का भी गठन हो। निर्भया केस में दोषियो के तरफ से कोर्ट में पैरवी करने वाले अधिवक्ता ए पी सिंह ने कहा कि महिलाओं से प्रताड़ित पुरषों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में पुरूष आयोग की जरूरत है। किसी एक मामले में जबलपुर पहुंचे सिंह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि रेप के मामलों आम लोग केवल महिला पक्ष के प्रति संवेदना की अवधारणा अब बदल रही है अब आम व्यक्ति अचानक किसी महिला द्वारा किसी व्यक्ति पर लगाए गए आरोप पर यकीन नही करता। ऐसे कई मामलों में व्यक्तियों की सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दी है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| JABALPUR में दर्दनाक हादसा: पिता की मौत, पुत्र गंभीर / MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 05:39 AM PDT जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी थाना अंतर्गत मानेगांव स्टोन क्रेशर के पास सोमवार रात मोटरसाइकिल से जा रहे पिता पुत्र को सामने से आ रही किसी अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। वाहन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिता की मौके पर ही मौत हो गई। वही पुत्र की हालत नाजुक बनी हुई है पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस से हासिल जानकारी के मुताबिक दिलवाड़ा निवासी दशरथ झारिया अपने पुत्र दिनेश झारिया के साथ मोटरसाइकिल से शादी के संबंध में तिलवारा से बरगी की ओर जा रहे थे। रात करीब 9:00 बजे के लगभग मानेगांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल जोरदार टक्कर मार दी। पुत्र उछलकर सड़क पर गिरा, पिता वाहन की चपेट में आया। हादसे में बाइक चला रहे दिनेश झारिया टक्कर लगने के बाद उछलकर सड़क पर जा गिरा, वही पिता दशरथ वाहन की चपेट में आ गया जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई, वही दिनेश गंभीर रूप से घायल वहीं पड़ा रहा। सड़क हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए दिनेश को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहां उसकी हालत भी नाजुक बनी हुई है फिलहाल पुलिस में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सरगर्मी से उसकी तलाश शुरू कर दी है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| मप्र कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन | MP CABINET MEETING OFFICIAL REPORT 09 SEPTEMBER 2020 Posted: 08 Sep 2020 05:26 AM PDT भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्रि-परिषद की पंचम वर्चुअल बैठक हुई। मंत्रिपरिषद ने खर्राघाट नहर मध्यम सिंचाई परियोजना रूपांकित सिंचाई क्षमता 3500 हेक्टेयर के लिए 46 करोड़ 43 लाख 21 हजार की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी हैं। भोपाल बायपास मार्ग पर टोल की स्वीकृतिमध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत भोपाल बायपास मार्ग पर कार, हल्के (वाणिज्यिक) वाहन,बस,ट्रक,मल्टी एक्सल ट्रक पर दूरी आधारित टोल दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही मासिक पास की राशि 85 रूपये नियत की गई है। सरकारी कर्तव्य पर भारत सरकार तथा मध्यप्रदेश शासन के सभी यान, संसद तथा विधानसभा के सदस्यों के यान,भारतीय सेना की ड्यूटी के सभी यान,एम्बुलेंस,फायर बिग्रेड,भारतीय डाक तथा तार विभाग के यान,भूतपूर्व विधायकों एवं सांसदों के यान, कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग की जाने वाली ट्रेक्टर-ट्राली,आटो रिक्शा,दो पहिया एवं बैलगाड़ियां,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार को मार्ग पर टोल से छूट रहेगी। दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना में 44 नए अतिरिक्त केंद्र खुलेंगेमंत्रिपरिषद ने दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना को कुछ संशोधनों के साथ निरंतर रखने की मंजूरी दी है। योजना में पूर्व में 56 केंद्रों के अतिरिक्त 44 नए केंद्रेां के साथ कुल 100 रसोई केंद्र स्थापित किए जाएंगे। योजनान्तर्गत दिन का भोजन 10 रूपये प्रति व्यक्ति की दर से दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के परिचालन के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मांग अनुसार गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जायेगा। योजना में औद्योगिकी नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कार्पोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत धन राशि उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी अनुषांगिक कार्यवाही के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग को अधिकृत किया गया हैं। आत्म निर्भर भारत अभियान के पैकेज 2 के अंतर्गत अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीममंत्रिपरिषद ने आत्म निर्भर भारत अभियान के पैकेज 2 में भारत सरकार,आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी) अंतर्गत प्रारंभ की गई अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम को प्रदेश में लागू करने की मंजूरी दी । योजना 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लागू की जायेगी। आपरेशन गाइडलाईन के प्रावधानों के अनुसार भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा मेमोंरेंडम ऑफ एग्रीमेंट हस्ताक्षरित करने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग को अधिकृत किया हैं। योजना स्थल पर ट्रंक अंधोसंरचना का कार्य निकाय द्वारा किया जायेगा। इन कार्यो का वित्तीय भार निकायों पर आयेगा। ट्रंक अंधोसंरचना को पूरा करने के लिए राज्य शासन की ओर से प्रति परियोजना 5 करोड़ रूपये की अधिकतम सीमा में 50 प्रतिशत का वित्तीय अनुदान अलग से दिया जायेगा। योजनान्तर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए नगरीय सेवाएं यथा जल प्रदाय शुल्क, सम्पत्तिकर,सीवरेज शुल्क इत्यादि को आवासीय श्रेणी के अंतर्गत आरोपित किया जायेगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय के लिए पद सृजन की मंजूरीमंत्रिपरिषद ने राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय के लिए नगरीय निकायों/त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2020-21 के लिए कुल 15 पदों को अस्थाई रूप से 1 जुलाई 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि के लिए सृजित करने की मंजूरी दी हैं। इसमें अपर सचिव/उप सचिव, अवर सचिव, प्रोग्रामर, अनुभाग अधिकारी के 2-2 और सहायक प्रोग्रामर (कम्प्यूटर) के 4 तथा डाटा एन्ट्री आपरेटर के 3 पद शामिल हैं। अन्य निर्णय लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग का गठन एवं कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की कार्यवाही करने का मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी (संशोधन) अध्यादेश 2020 का मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक 2020 के रूप में प्रतिस्थापन तथा मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी (संशोधन) विधेयक 2020 लाए जाने के संबंध में, दोनों विधेयकों को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| BHOPAL के रेल यात्रियों के लिए 6 नई स्पेशल ट्रेनें - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 05:19 AM PDT भोपाल। भोपाल से मुंबई या दिल्ली की तरफ यात्रा करने के लिए भोपाल जंक्शन एरिया के रेल यात्रियों को 6 नई स्पेशल ट्रेनें मिल गई है। भारतीय रेलवे ने मंजूरी दे दी है एवं दिनांक 12 सितंबर 2020 से इन ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इनमें से एक ट्रेन जो दिल्ली से चेन्नई तक जाएगी भोपाल के तीनों स्टेशन (भोपाल जंक्शन, हबीबगंज जंक्शन और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन) पर रुकेगी। 1. ट्रेन संख्या - 02615 ट्रेन का नाम - एमजीआर चैन्नई सेंट्रल-न्यू दिल्ली इनके बीच चलेगी - चैन्नई सेंट्रल से न्यू दिल्ली शुरू होगी - 12 सितंबर कहां से - एमजीआर चैन्नई सेंट्रल से शाम 7.15 बजे 2. ट्रेन संख्या - 02616 ट्रेन का नाम - न्यू दिल्ली-एमजीआर चैन्नई सेंट्रल इनके बीच चलेगी - न्यू दिल्ली से चैन्नई सेंट्रल शुरू होगी - 14 सितंबर कहां से - न्यू दिल्ली से शाम 6.40 बजे इन स्टेशन से होकर चलेगी : एमजीआर चैन्नई सेंट्रल, इटारसी जंक्शन, होशंगाबाद, हबीबगंज, भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना जंक्शन, न्यू दिल्ली कोच : इस गाड़ी में फर्स्ट एसी का 1, सेकंड एसी के 3, थर्ड एसी के 2, स्लीपर क्लास के 13 और सामान्य श्रेणी के 2 कोच रहेंगे। 3. ट्रेन संख्या - 02591 ट्रेन का नाम - गोरखपुर-यशवंतपुर-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन इनके बीच चलेगी - गोरखपुर से यशवंतपुर (सोमवार,शनिवार) शुरू होगी - 12 सितंबर से कहां से - गोरखपुर स्टेशन से सुबह 6.35 बजे 4. ट्रेन संख्या - 02592 ट्रेन का नाम - यशवंतपुर-गोरखपुर-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन इनके बीच चलेगी - यशवंतपुर से गोरखपुर (सोमवार,गुरुवार) शुरू होगी - 14 सितंबर से कहां से - यशवंतपुर स्टेशन से शाम 5.20 बजे इन स्टेशन से होकर चलेगी : गोरखपुर, भोपाल, इटारसी जंक्शन और यशवंतपुर कोच : इस गाड़ी में सेकंड एसी का 1, थर्ड एसी के 4, स्लीपर क्लास के 11, सामान्य श्रेणी के 4 कोच रहेंगे। 5. ट्रेन संख्या - 02975 ट्रेन का नाम - मैसूर-जयपुर-मैसूर स्पेशल ट्रेन इनके बीच चलेगी - मैसूर से जयपुर (शनिवार,गुरुवार) शुरू होगी - 12 सितंबर सुबह 10.40 बजे कहां से - मैसूर स्टेशन से 6. ट्रेन संख्या - 02976 ट्रेन का नाम - जयपुर-मैसूर-जयपुर स्पेशल ट्रेन इनके बीच चलेगी - जयपुर से मैसूर (सोमवार,बुधवार) शुरू होगी - 14 सितंबर शाम 7.35 बजे कहां से - जयपुर स्टेशन से इन स्टेशन से होकर चलेगी : जयपुर, संत हिरदाराम नगर, भोपाल, हबीबगंज, होशंगाबाद, इटारसी जंक्शन और मैसूर जंक्शन कोच : इस गाड़ी में सेकंड एसी का 1, थर्ड एसी के 4, स्लीपर क्लास के 11, सामान्य श्रेणी के 4 कोच रहेंगे। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| MPTET-3 EXAM 2020: वर्ग 3 का परीक्षा कार्यक्रम घोषित - PEB NEWS Posted: 08 Sep 2020 05:05 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग में प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। MPPEB प्राइमरी टीचर्स एलिजिबिलिटी एग्जाम कब से कब तकMPPEB द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार एमपी प्राइमरी स्कूल टीईटी 2020 परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर से किया जाना है और परीक्षा 22 अक्टूबर तक चलेगी। मध्य प्रदेश राज्य के स्कूलों में प्राइमरी टीचर के पदों के लिए पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन कर चुके उम्मीदवार एमपीटीईटी प्राइमरी स्कूल परीक्षा 2020 का कार्यक्रम एमपीपीईबी की ऑफिशियल वेबसाइट, peb.mp.gov.in पर विजिट करके परीक्षा कार्यक्रम के सेक्शन में देख सकते हैं। एमपी प्राइमरी स्कूल टीईटी 2020 प्रवेश-पत्र कब जारी होंगेहालांकि, मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा एमपी प्राइमरी स्कूल टीईटी 2020 प्रवेश-पत्र को जारी किये जाने की तिथि को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गयी है, फिर उम्मीद की जा सकती है कि एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। दो पालियों में होगी परीक्षाएमपी प्राइमरी स्कूल टीईटी 2020 परीक्षा आयोजन निर्धारित तिथियों पर 2.30-2.30 घंटे की दो पालियों में किया जाएगा, जो कि सुबह 9 बजे से और दोपहर 2 बजे से शुरू होंगे। दोनो ही पालियों के पेपर के लिए अधिकतम 150-150 अंक निर्धारित किये गये हैं। परीक्षा में हिंदी एवं अंग्रेजी दोनो ही माध्यमों में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होंगे और उम्मीदवारों को चार संभावित उत्तर / विकल्प दिये गये होंगे। परीक्षार्थी को सही उत्तर चुनकर उससे सम्बन्धित गोले को कंप्यूटर के माउस की मदद से काला करना होगा। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| MADHYA PRADESH में कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 04:35 AM PDT भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिपरिषद बैठक के पूर्व कोविड-19 की मध्यप्रदेश में स्टेट्स की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्य स्थानों से रोगी भोपाल और अन्य बड़े नगरों में उपचार के लिए आ रहे हैं। ये रोगी अपना उपचार जिला स्तर पर ही करवा सकते हैं। प्रत्येक जिले में उपचार उपलब्ध है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि वर्तमान केस संख्या को देखते हुए बिस्तर क्षमता भी बढ़ाएं। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में कंट्रोल कमांड केन्द्र सक्रिय हों, यहां डॉक्टर भी परामर्श देने के लिए उपलब्ध हों। कारखानों की ऑक्सीजन अस्पतालों में सप्लाई करने के निर्देशमुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आवश्यक हो तो प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग में लाई जा रही ऑक्सीजन का भी उपचार में प्राथमिकता से उपयोग होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिए निर्देशमुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आम जन द्वारा मॉस्क के उपयोग की अनिवार्यता भी सुनिश्चित हो। इसके लिए भी अभियान चलता रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नगरीय प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रचार कार्य करें। जागरूकता के प्रयास बढ़ें। बसों में यात्री अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं, यह परिवहन विभाग सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनलॉक के बाद अब बाजार खुल रहे हैं, साथ ही चुनौती भी बढ़ रही हैं। इसलिए निरंतर सावधानियाँ बरती जाएं। जिला स्तर पर मरीजों को अच्छी सुविधाएं दी जाएं: शिवराज सिंह चौहानमुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 4 बड़े नगरों भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर में जिलों से काफी रोगी आते हैं। यह स्थिति बहुत आदर्श नहीं है क्योंकि अन्य जिलों में भी नागरिक इलाज करवा सकते हैं, लेकिन यहां व्यवस्थाएं भी पुख्ता हों। इन अस्पतालों में जरूरत के मान से अधिक बिस्तर व्यवस्था भी की जाए। आने वाले महीनों में मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाएगी: मोहम्मद सुलेमानबैठक में जानकारी दी गई कि इस समय प्रदेश में रिकवरी रेट 76 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश में मृत्यु दर भी कम हुई है। मृत्यु दर 2.4 से 1.4 प्रतिशत हुई है। इस समय मध्यप्रदेश में करीब 17 हजार एक्टिव केस हैं। मध्यप्रदेश में लगभग 40% रोगी घरों में क्वारेंटाइन होकर उपचार लाभ ले रहे हैं। निजी अस्पतालों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में बेड उपलब्धता की समस्या नहीं है लेकिन भविष्य के महीनों के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। हर मरीज को बिल दिया जाएगा, कितना पेमेंट करना है मरीज पर निर्भर हैइस समय भोपाल, इंदौर जैसे नगरों में आईसीयू बेड लगभग 55% भरे हुए हैं। वर्तमान में करीब 21% रोगी जिनमें कोविड के लक्षण हैं, ऐसे रोगी होम आइसोलेशन है। अब फीवर क्लीनिक में सेंपल कलेक्शन दिया जा सकेगा। इसके साथ ही कोविड-19 के उपचार के लिए अधिकृत अस्पताल दाखिल रोगी को व्यय हुई राशि का बिल भी देंगे। यह रोगी पर निर्भर होगा कि उसका शत-प्रतिशत या कुछ हिस्सा भुगतान करना चाहे तो कर सकता है। 60 साल से अधिक आयु वालों के लिए आईसीयू में अनिवार्यताप्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आईसीयू बेड की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| INDORE में डॉ. मरावी की मौत, 40 डॉक्टर महामारी का शिकार - CORONA NEWS Posted: 08 Sep 2020 04:35 AM PDT इंदौर। मप्र के इंदौर शहर अरबिंदो हॉस्पिटल के डॉ. प्रवेश मरावी की मौत हो गई। उनके फेफड़ों में संक्रमण था। परिजनों का आरोप है कि कोरोना से उनकी जान गई। हालांकि अस्पताल का कहना है कि उन्हें सिकलसेल एनीमिया था। सोमवार शाम साथी डॉक्टरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी, डॉक्टर मरावी की सोमवार को इलाज़ के दौरान मौत हो गई। शुरुआती लक्षण दिखने के बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं दूसरी और 1 दिन में MGM मेडिकल कॉलेज मिलाकर 40 जूनियर डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना के शुरुआती लक्षण के बाद एनेस्थीसिया विभाग के पीजी डॉक्टर प्रवेश मरावी का 2 सितंबर को सैंपल लिया गया था। 3 को रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन सिटी स्कैन में लंग्स में इंफेक्शन दिखा था। इसी कारण उन्हें वहीं पर अस्पताल में एडमिट कर इलाज़ शुरू किया गया था। बताते हैं कि वे पहले से सिकल सेल एनीमिया के मरीज़ थे, इसी कारण अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इनकी ड्यूटी कोविड वार्ड में नहीं लगाई गई थी। इसलिए 3 तारीख़ से लगातार उनका इलाज़ भी चल रहा था। हालांकि अस्पताल प्रंबधन ने परिवार को सूचना 2 दिन पहले दी। उनकी पत्नी छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में पदस्थ हैं। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि डॉ. मरावी को सिकल सेल एनीमिया था, कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सिटी स्कैन में लंग्स में 10% तक इंफेक्शन जरूर आया था। उसका भी इलाज़ चल रहा था। इधर, यह बात सामने आई है कि परिवार का कहना कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव या पॉजिटिव आने की संभावना रहती है और डॉ. मरावी को कोरोना के शुरुआती लक्षणों के बाद ही अस्पताल में भर्ती किया गया था। फिर ध्यान क्यों नहीं रखा गया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज 33 जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहां पहली बार कोरोना मरीज रखे गए हैं। कुछ की स्थिति थोड़ी खराब है। अरबिंदो के भी 7 पीजी डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव आए हैं। राहत की बात है कि 60 % मरीज एसिम्टोमैटिक होंगे। इलाज होम आइसोलेशन में हो जाएगा। अक्टूबर अंत तक 55 हजार एक्टिव मरीज में 15 से 20 हजार मरीज को बेड की जरूरत होगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज मिलाकर 40 पीजी डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| GWALIOR के भाजपा नेता सतीश सिकरवार कांग्रेस में शामिल, उपचुनाव चुनाव लड़ेंगे - MP NEWS Posted: 08 Sep 2020 02:03 AM PDT भोपाल। सोमवार को ग्वालियर से मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके गायब हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता सतीश सिकरवार मंगलवार सुबह प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में नजर आए। सिकरवार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से अधिकृत प्रत्याशी होंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सतीश सिकरवार को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई एवं स्वागत किया। माना जा रहा है कि सतीश सिकरवार ग्वालियर की मुरार सीट से मुन्नालाल गोयल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उपचुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी बनेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रोका था परंतु...सतीश सिंह का परिवार भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। उनके पिता श्री गजराज सिंह सिकरवार और छोटे भाई डॉ सत्यपाल सिंह सिकरवार मुरैना जिले की सुमावली सीट से भाजपा विधायक रह चुके हैं। सतीश सिकरवार स्वयं नगर निगम ग्वालियर में तीन बार और उनकी पत्नी श्रीमती शोभा सिकरवार एक बार पार्षद रह चुके हैं। पिछले दिनों सतीश सिकरवार की मुलाकात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हुई थी परंतु सिकरवार टिकट की जिद पर अड़े रहे। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| INDORE MTH हॉस्पिटल: सिर्फ 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत - MP CORONA NEWS Posted: 07 Sep 2020 11:00 PM PDT इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को अब तक सबसे ज्यादा 295 नए मरीज मिले। शहर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 15165 पर पहुंच गया है। उधर, एमटीएच कोविड हॉस्पिटल में 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत हो गई। हालांकि रिकॉर्ड में कोरोना से 6 मौत दिखाई गई है। एमटीएच अस्पताल में 24 घंटे में ही 14 मौतों के बाद हड़कंप है। सोमवार को एक परिवार ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा व तोड़फोड़ की। मरने वालों में 4 मरीज 50 वर्ष के कम उम्र के भी बताए जा रहे हैं। अस्पताल प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला ने कहा- जिम्मेदारों से बात कर रहे हैं कि मरीज कब से भर्ती थे, कितने गंभीर थे? MGM मेडिकल कॉलेज 33 डॉक्टर सहित 40 कोरोना पॉजिटिवएमजीएम मेडिकल कॉलेज 33 जूनियर डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहां पहली बार कोरोना मरीज रखे गए हैं। कुछ की स्थिति थोड़ी खराब है। अरबिंदो के भी 7 पीजी डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव आए हैं। राहत की बात है कि 60 % मरीज एसिम्टोमैटिक होंगे। इलाज होम आइसोलेशन में हो जाएगा। अक्टूबर अंत तक 55 हजार एक्टिव मरीज में 15 से 20 हजार मरीज को बेड की जरूरत होगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज मिलाकर 40 पीजी डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| MADHYA PRADESH के 11 जिलों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा, चिलचिलाती धूप - MP WEATHER NEWS Posted: 07 Sep 2020 10:57 PM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश के 11 जिलों में एक बार फिर से गर्मी का मौसम महसूस होने लगा है। लोगों को फिर से कूलर ऑन करने पड़े। कोरोनावायरस के डर से लोगों ने एसी के स्विच पर हाथ नहीं रखा परंतु मौसम बिल्कुल मार्च-अप्रैल जैसा हो गया है। ठंडी हवाओं का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा है। अगस्त में मूसलाधार बरसने के बाद बादल चले गए हैं। उम्मीद है 10 सितंबर के बाद एक बार फिर वापस आएंगे लेकिन मध्य प्रदेश के नागरिकों को गुड बाय बोलने के लिए। मध्य प्रदेश के 11 जिलों में कूलर चले, तापमान 35 डिग्री से अधिकमध्य प्रदेश के 11 जिलों में तापमान 35 डिग्री के पार रिकॉर्ड हुआ है। जबकि बीते अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में लगातार बारिश से प्रदेश के 19 से ज्यादा जिलों में बाढ़ आ गई थी। मध्य प्रदेश में सोमवार 7 सितंबर 2020 को खरगोन में सबसे ज्यादा 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके साथ ही सीधी, टीकमगढ़ तापमान 35.8 डिग्री दर्ज हुआ तो उमरिया, सतना, रीवा, खजुराहो में 35.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। नॉगांव 35.3 डिग्री, दमोह 35 डिग्री, ग्वालियर 35.6 डिग्री, होशंगाबाद 35.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मध्य प्रदेश के लोगों को बाय-बाय बोलने एक बार और आएंगे बादलमौसम विभाग का कहना है कि 10 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है। जिससे मानसून की गतिविधियां मध्यप्रदेश में बढ़ सकती हैं। सप्ताह के अंत में या अगले सप्ताह की शुरुआत में पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। यानि मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 20 सितंबर को होनी है मानसून की विदाईमध्य प्रदेश में मानसून की विदाई 20 सितंबर को होनी है पश्चिमी राजस्थान में मानसून की विदाई के संकेत मिलने लगे हैं। उनके पक्ष में राजस्थान से अगले हफ्ते से हो सकती है। राजस्थान में मानसून की विदाई की दो से तीन हफ्ते बाद प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू होती है। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार |
| कंप्यूटर के मेन बोर्ड को मदर बोर्ड क्यों कहते हैं फादर बोर्ड क्यों नहीं कहते हैं - GK IN HINDI Posted: 07 Sep 2020 11:28 PM PDT कंप्यूटर का उपयोग तो हम सब करते ही हैं। आपके हाथ में जो स्मार्टफोन हैं वह भी एक कंप्यूटर है। आपको जरूर यह पता होगा कि कंप्यूटर में सबसे मुख्य जो होता है उसे मदरबोर्ड कहते हैं। प्रश्न यही है कि जब घर के मुखिया को फादर कहते हैं तो फिर कंप्यूटर के मुखिया बोर्ड को मदरबोर्ड क्यों कहते हैं, फादर बोर्ड क्यों नहीं कहते हैं। जब भोपाल समाचार की टीम इस सवाल का जवाब तलाश में निकली तो हमें श्री जीपी गौतम मिले जो 'ट्यूटोरियल पंडित' के नाम से ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स करवाते हैं। वह अपने स्टूडेंट्स को मदर बोर्ड के बारे में समझा रहे थे और उनकी क्लास के बीच में अपने इस सवाल का जवाब मौजूद था। श्री गौतम अपने स्टूडेंट्स को बता रहे थे कि 'कम्प्यूटर केबिनेट में एक बोर्ड लगा रहता है। जिससे कम्प्यूटर के सभी अन्य पार्ट्स कनेक्ट रहते है और यह कम्प्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट भी कहलाता है। इसलिए, ही इस पार्ट का नाम मदरबोर्ड रखा गया है। यानि सबको संभालने वाली मां (मदर) से प्रेरित होकर। कम्प्यूटर के सभी पार्ट्स को संभालने वाला बोर्ड। मतलब मदरबोर्ड। सरल शब्दों में उत्तर यह है कि मदरबोर्ड कंप्यूटर का मुखिया नहीं होता बल्कि कंप्यूटर के सभी पार्ट्स को संभालने वाला बोर्ड होता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,) |
| शादी के लिए लड़की का किडनैप और रेप किस धारा के तहत दर्ज किया जाएगा /ASK IPC Posted: 07 Sep 2020 02:11 PM PDT यदि कोई पुरुष 18 साल से कम उम्र की लड़की को उसकी सहमति से या उसकी सहमति के बिना और 18 साल से अधिक उम्र की लड़की को उसकी सहमति के बिना या फिर झूठ बोलकर/ धोखे में रखकर शादी करने की मंशा से किडनैप कर लेता है और रेप करता है तो ऐसा मामला धारा 376 के तहत दर्ज नहीं होगा बल्कि इसके स्थान पर एक नई धारा 366 के तहत दर्ज किया जाएगा। भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 366 की परिभाषा:-अगर कोई व्यक्ति किसी महिला का अपहरण या किडनैपिंग बलपूर्वक करता है और जबरदस्ती विवाह के लिए दबाब मानता है या विवाह करता है या बलात्कार करता है। ऐसा करने वाला व्यक्ति धारा 366 के अंतर्गत दोषी होगा। नोट:- किसी भी महिला का अपहरण या व्यपहरण उस महिला की मर्जी के बगैर होना चाहिए तभी यह धारा लागू होगी। भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 366 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है। यह अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते है, इनकी सुनवाई का अधिकार सेशन न्यायालय को होता है। सजा- इस अपराध में 10 वर्ष की कारावास और जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) कानूनी जानकारी से संबंधित 10 सबसे लोकप्रिय लेखकोर्ट में गीता पर हाथ रखकर कसम क्यों खिलाते थे, रामायण पर क्यों नहीं है सरकारी अधिकारी निर्दोष नागरिक को जबरन रोककर रखे तो IPC की किस धारा के तहत मामला दर्ज होगा अधिकारी, कोर्ट में गलत जानकारी पेश कर दे तो विभागीय कार्रवाई होगी या FIR दर्ज होगी क्या जमानत की शर्तों का उल्लंघन अपराध है, नई FIR दर्ज हो सकती है एक व्यक्ति अपराध करे और दूसरा सिर्फ साथ रहे तो दूसरा अपराधी माना जाएगा या नहीं रात के समय किसी के घर में चोरी छुपे घुसना किस धारा के तहत अपराध है यदि कोई मर्जी के बिना घर में घुस आए तो क्या FIR दर्ज करवाई जा सकती है धूम्रपान करने वालों के खिलाफ IPC की किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी आम रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत FIR दर्ज होती है गर्भपात के दौरान यदि महिला की मृत्यु हो गई तो जेल कौन जाएगा डॉक्टर या पति यदि जबरदस्ती नशे की हालत में अपराध हो जाए तो क्या सजा से माफी मिलेगी |
| गाय के ऊपर वाले दांत क्यों नहीं होते - INTERESTING SCIENCE IN HINDI Posted: 08 Sep 2020 04:35 AM PDT WHY COW DON'T HAVE TEETH IN UPPER JAWयह तो हम सभी जानते हैं कि गाय इस पृथ्वी पर उपलब्ध तमाम जीव जंतुओं में से वह जीव है जो मनुष्य के लिए सभी प्रकार से उपयोगी है। इसीलिए भगवान कृष्ण ने गाय को माता का दर्जा दिया और पूज्य देव तुल्य बनाया। भारत के ज्यादातर राज्यों में बच्चा अपनी जिंदगी का सबसे पहला निबंध 'गाय का निबंध' लिखता है। गाय के बारे में सभी लोग बहुत कुछ जानते हैं परंतु क्या आप जानते हैं गाय के ऊपर वाले दांत नहीं होते। सवाल यह है कि भगवान ने गाय के साथ यह अन्याय क्यों किया। दातों के अभाव में गाय भोजन को कैसे चबाती होगी। आइए इसका कारण पता लगाते हैं:- गाय की फैमिली का नाम, वैज्ञानिक नाम एवं अधिकतम आयुजीव विज्ञान के अनुसार गाय एक पूर्ण शाकाहारी, कशेरुकी तथा स्तनपाई जानवर है। गाय की फैमिली का नाम Bovidae है। इस फैमिली में सभी जीव शाकाहारी है। भैंस, बकरी और भेड़ आदि इसी परिवार के सदस्य हैं यानी गाय के रिश्तेदार हैं। गाय का वैज्ञानिक नाम- बॉस टोरस (Bos taurus) है। सामान्यतः गाय का का जीवनकाल 12 से 20 साल होता है। और इनमें एक जटिल पाचन तंत्र पाया जाता है। गाय के दांतो की खास बातजब गाय का बच्चा या (calf) पैदा होता है तब उसमें 20 दांत होते हैं। जिन्हें बेबी टीथ या मिल्क टीथ (Deciduous teeth) कहा जाता है। इनके गिरने के बाद 32 स्थाई दांत (Parmanent teeth) आ जाते हैं। सभी मवेशियों (cattels) मैं तीन प्रकार के दांत पाए जाते हैं। 1. Incisors (कृंतक) 2. premolars (अग्र चवर्णक्) 3.molars (चवर्णक्) इनमें दांतो का चौथा प्रकार रदनक ( Canine) अनुपस्थित होता । जो कि मुख्य रुप से मांसाहारी जंतुओं में पाया जाता है, साथ ही मनुष्य में भी पाए जाते हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन को चीरना तथा फाड़ना होता है। चूंकि गाय पूर्णतः शाकाहारी जानवर है, इसलिए इसमें यह नहीं पाए जाते। मनुष्य में कम विकसित अवस्था में पाए जाते हैं। अब सवाल यह है कि गाय के ऊपर के वाले दांत क्यों नहीं होतेगाय के कृंतक (incisors) मुंह के केवल निचले जबड़े में पाए जाते हैं। जबकि ऊपरी जबड़े में इसके स्थान पर एक डेंटल पैड (Dental pad) पाया जाता है। जो एक कठोर प्लेट जैसी रचना है। जो भोजन को चबाने के काम आती है। परंतु दांतो के इस प्रकार से पाए जाने का सीधा संबंध गाय के पाचन तंत्र से है क्योंकि गाय में में एक जटिल पाचन तंत्र पाया जाता है। आपने देखा होगा कि गाय को जब खाना या चारा दिया जाता है तो वह खाती जाती है, खाती जाती है। क्योंकि गाय एक जुगाली करने वाला (ruminant) जानवर है। जिसके आमाशय में चार हिस्से होते है। साधारण भाषा में कहें तो चार पेट पाए जाते हैं। गाय के पाचन तंत्र में एक बार भोजन अंदर जाने के बाद फिर वापस मुंह में आता है। जिसको वह बाद में बैठकर चबाती रहती है या जुगाली करती रहती है। ऊपर के जबड़े में स्थित डेंटल पैड जुगाली करने में काफी सहायक होता है। अगर डेंटल पैड के स्थान पर दांत होते तो यह काम इतनी आसानी से नहीं हो पाता। इसके अतिरिक्त चूँकि गाय एक शाकाहारी जानवर है अतः उसे अपने शिकार को जकड़ कर नहीं रखना पड़ता। इस कारण भी उसके ऊपरी जबड़े में दांत नहीं पाए जाते हैं। लेखक श्रीमती शैली शर्मा मध्यप्रदेश के विदिशा में साइंस की टीचर हैं। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) विज्ञान से संबंधित सबसे ज्यादा पढ़ी गईं जानकारियांबरसात में नजर आने वाली हरी-हरी काई, जहरीला कचरा है या दवाई बारिश में जो फफूंद या कुकुरमुत्ता दिखाई देते हैं, क्या वो आपकी लाइफ के लिए उपयोगी हैं क्या आप जानते हैं, आपका कान आपकी बॉडी का बैलेंस बनाता है, खुद पढ़कर देख लीजिए वायरस जीवित होता है या अजीवित, क्या अपने आप नष्ट हो जाता है |
| Posted: 08 Sep 2020 02:03 AM PDT जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 से न्याय के लिए भटक रही शिक्षक की विधवा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को विधवा के आवेदन पर न्याय संगत निर्णय के लिए पाबंद किया एवं 3 महीने का समय दिया है। प्रकरण इस प्रकार है कि श्री बाबूलाल मौर्या की नियुक्ति पन्ना जिले में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति दिनांक 25/02/1961 को हुई थी। वर्ष 1967 में शीतकालीन अवकाश के दौरान ब्रेन ट्यूमर के आपरेशन के दौरान श्री बाबूलाल नेत्रहीन हो गए थे। अस्पताल से छुट्टी के बाद सेवा में वापस लौटने पर विभाग द्वारा उन्हें सेवा में उपस्थित नहीं करवाया गया। कर्मचारी अनियंत्रित परिस्थितियों के कारण दिनांक 25/12/67 से 04/06/93 तक सेवा से अनुपस्थित रहे। दिनाँक 07/09/95 को असमर्थता एवं मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर श्री मौर्य को सेवानिवृत्त कर दिया गया था एवं दिनाँक 25/12/67 से 04/06/93 के बीच की अवधि को पेन्शन हेतु, कार्य नहीं वेतन नहीं के आधार पर सेवा अवधि मान्य कर लिया गया। चूँकि, कर्मचारी की सेवा पुस्तिका को विभाग द्वारा गुमा दिया गया था। अतः, कई वर्षों तक, विभाग के चक्कर लगाने के बाद दिनांक 29/01/14 को विभाग द्वारा नियमानुसार, डुप्लीकेट सर्विस बुक तैयार की गई। श्री बाबूलाल मौर्य का पेंशन केस विभाग द्वारा पेन्शन ऑफिस भेजने के बाद, पेंशन विभाग /ऑफिस द्वारा लेख किया गया कि पांच साल से अधिक अवकाश असाधारण अवकाश है। तदनुसार सक्षम अधिकारी से स्वीकृत कराने हेतु लेख किया गया। उस बीच कर्मचारी की मृत्यु दिनाँक 09/9/14 को हो गई। उसके बाद कर्मचारी की विधवा श्रीमती जगरानी मौर्य द्वारा, पति की अनुपस्थिति की अवधि के नियमितीकरण हेतु प्रयास जारी रहा। चूँकि, उसके बाद ही उन्हें पेंशन मिल सकती थी। दिनाँक 02/05/15 को जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना द्वारा प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को स्थिति को अवगत कराते हुए, पेंशन प्रदाय हेतु असाधारण अवकाश स्वीकृत करने हेतु लेख किया गया परंतु उक्त पत्र को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। परेशान होकर, उनके द्वारा, हाई कोर्ट जबलपुर की शरण ली गई। श्रीमती जगरानी मौर्य की ओर से पैरवी करने वाले हाई कोर्ट के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 साल से अधिक का अवकाश को असाधारण परिस्थितियों में शासन के माध्यम से गवर्नर के द्वारा ही स्वीकृति दी जा सकती है। माननीय हाई कोर्ट जबलपुर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सुनवाई के दौरान दिनाँक 01/09/2020 को श्री अमित चतुर्वेदी अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि असाधारण अवकाश की स्वीकृति हेतु मूलभूत नियम 18 एवं अवकाश नियम 1977 के नियम 11 के अनुपालन में जिला शिक्षा अधिकारी, पन्ना द्वारा वर्ष 2015 में प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया था। जो कि अभी लंबित है। राज्य शासन का कृत्य अमानवीय एवं कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना के विरुद्ध है। अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी द्वारा, बहस के दौरान न्यायालय से अनुरोध किया गया कि महिला की आयु 73 वर्ष है अतः प्रकरण का निराकरण अन्तिम रूप से हो। माननीय हाई कोर्ट जबलपुर ने प्रकरण को अंतिम रूप से निराकृत करते हुए, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा आदेश दिया है कि 5 साल से अधिक के अवकाश का निराकरण वे, तीन माह के अंदर करे। जरूरत होने पर सचिव स्कूल शिक्षा जिला शिक्षा अधिकारी से बात करें। लेकिन यह अवधि किसी भी स्थिति में तीन महीने से ज्यादा की नही हो। उपरोक्त अवकाश की स्वीकृति के बाद, विधवा को पेंशन देने हेतु मार्ग खुल जायेगा। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचारवेटिकन सिटी में बच्चे पैदा क्यों नहीं होते? यदि ब्रांच मैनेजर BANK ACCOUNT CLOSE करने से मना कर दे तो क्या करें पत्नी को परीक्षा दिलाने स्कूटी से ग्वालियर आये थे फ्लाइट से जाएंगे झारखंड वाले धनंजय कुमार यदि रेल की पटरी में करंट का तार लगा दें तो क्या होगा कूलर की मोटर जाम क्यों हो जाती है, जबकि पंखे की सालों-साल चलती है मंत्री नरेंद्र तोमर को महिलाओं ने घेरा, बोलीं: चलो हमारे साथ, दलदल बन गई सड़क पर चलकर दिखाओ MADHYA PRADESH के स्कूलों में 5+3+3+4 पाठ्यक्रम को लागू किया जायेगा AFTER CORONA: ग्वालियर में 40% लोग नई बीमारी का शिकार कूलर की मोटर जाम क्यों हो जाती है, जबकि पंखे की सालों-साल चलती है संविदा कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट ने आदेश पर स्टे लगाया मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्हाट्सएप पर मूल्यांकन होगा |
| पितृपक्ष में दिवंगत शिक्षकों के बकाया भुगतान का अभियान - MP EMPLOYEE NEWS Posted: 07 Sep 2020 12:44 PM PDT जबलपुर। ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने पितर पखवाडा कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी 17 सितंबर तक पितृपक्ष अवधि में दिवंगत अध्यापक व शिक्षकों के परिजनों, संकुल प्राचार्य व बीईओ से संपर्क कर उनके एनपीएस, जीआईएस, वेतन एरियर, अनुग्रह राशि आदि दावों का निराकरण कराएंगे। ज्ञात होवे कि किसी भी कर्मचारी के दिवंगत हो जाने के बाद उनका परिवार जानकारी के अभाव में अनुग्रह राशि, एनपीएस कटौती आदि के क्लेम को समय पर पूरा नहीं करा पाते। शिक्षकों का परिवार बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है, ऐसे में शिक्षक के साथ अनहोनी के हो जाने पर परिवार के सदस्य कार्यालयों के बार बार चक्कर लगाने से बचने या थोड़ा बहुत प्रयास करने के बाद भी समय पर काम ना होने पर परेशान होकर वह उन प्रकरणों पर ध्यान देना बंद कर देते हैं, जिससे पीड़ित परिवार को जरूरत के वक्त सही लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए प्रांताध्यक्ष डी के सिंगौर ने एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों को विशेषकर प्रांतीय पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष को निर्देशित किया है, कि वे आज से ही इस काम में तत्परता से जुट जाए। स्वयं ऐसे प्रकरणों को खोजें तथा पितर मोक्ष अमावस्या यानी 17 सितंबर तक कार्यवाही को पूर्ण करा कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि व आश्रित परिवार को राहत प्रदान करने में अपना अमूल्य योगदान दें। सभी पदाधिकारी प्रतिदिन की रिपोर्टिंग प्रांतीय ग्रुप में करेंगें। साथ ही एसोसिएशन के सभी शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे किसी दिवंगत शिक्षक के एनपीएस, अनुकम्पा, अनुग्रह राशि, एरियर या अन्य कोई प्रकरण लंबित हो तो, ब्लाक अध्यक्ष को अवगत करा कर उनके डेटा कलेक्ट करने में सहयोग करें। ताकि हम सब मिलकर इस पितृ पक्ष में यह पुण्य कार्य कर अपने दिवंगत साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। कार्यक्रम की शुरुआत प्रांत अध्यक्ष डीके सिंगौर ने जिला प्रभारी नंदकिशोर कटारे एवं राजकुमार यादव की उपस्थिति में मंडला जिला के विकासखंड घुघरी से स्व समर भान सिंह , अकल सिंह धुर्वे व सुरेश दास सोनवानी के परिवारजनों से विकास खंड शिक्षा अधिकारी प्राचार्यसलवाह से मुलाकात कर दावों के भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करवाई। 08 सितम्बर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचारवेटिकन सिटी में बच्चे पैदा क्यों नहीं होते? यदि ब्रांच मैनेजर BANK ACCOUNT CLOSE करने से मना कर दे तो क्या करें पत्नी को परीक्षा दिलाने स्कूटी से ग्वालियर आये थे फ्लाइट से जाएंगे झारखंड वाले धनंजय कुमार यदि रेल की पटरी में करंट का तार लगा दें तो क्या होगा कूलर की मोटर जाम क्यों हो जाती है, जबकि पंखे की सालों-साल चलती है मंत्री नरेंद्र तोमर को महिलाओं ने घेरा, बोलीं: चलो हमारे साथ, दलदल बन गई सड़क पर चलकर दिखाओ MADHYA PRADESH के स्कूलों में 5+3+3+4 पाठ्यक्रम को लागू किया जायेगा AFTER CORONA: ग्वालियर में 40% लोग नई बीमारी का शिकार कूलर की मोटर जाम क्यों हो जाती है, जबकि पंखे की सालों-साल चलती है संविदा कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट ने आदेश पर स्टे लगाया मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्हाट्सएप पर मूल्यांकन होगा |
| न्यूज चैनल : वो कुछ और है पत्रकारिता नहीं - PRATIDIN Posted: 07 Sep 2020 12:35 PM PDT आज देश के ज्यदातर न्यूज चैनलों की रुचि उन खबरों के प्रसारण में नहीं है जिससे एक जीते-जागते प्रजातंत्र का विकास हो । वर्तमान अर्थतंत्र के तर्कों में किसी भी तरीके से पैसा कमाने की मानसिकता और सत्तारूढ़ सरकार से नजदीकी बनने का अबसर ही न्यूज चैनलों मुख्य उद्देश्य बन गया है |आज ऐसे समय में जब विरोध की आवाज लगभग अपराध बन गई है और नित नए तमाशों से जनमानस पर सामूहिक सम्मोहन बनाया जा रहा है| ऐसे में अब सत्य की पक्षधरता के स्थान पर एक ऐसी जहरीली संस्कृति फल-फूल रही है, जो किसी प्रजातंत्र दम घोटने में सक्षम है । मेरे एक मित्र अपने साथ हुए कथित सरकारी पक्षपात की कहानी टेलीविजन पर चलते कार्यक्रमों के माध्यम से प्रसारित कराने के अनुरोध ने मुझे इस तथ्य का दर्शन कराया कि न्यूज चैनलों पर "नैतिक और बौद्धिक रूप से अधकचरे स्टार एंकर्स और विभिन्न राजनीतिक दलों से आए प्रवक्ताओं के बीच होने वाले डायलाग कहीं से भी आकलनकारी न होकर मानसिक हिंसा पैदा करने के कारक हैं।" आप शायद इस बात को कभी न भूल पायें | एक टेलीविजन बहस में कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी को भाजपा के संबित पात्रा से गर्मागर्म वाद-विवाद के बाद दिल का दौरा पड़ा था और उनकी अकाल मौत हो गई। इस वाकये ने टेलीविजन जनित उस दुष्टता पर नया विमर्श छेड़ दिया है, जिसका पोषण इन दिनों किया जा रहा है। टेलीविजन पर आने वाली बहसों और राजीव त्यागी की मौत के बीच संबंध को कोई कैसे रफा-दफा कर सकता है? फिर भी कोई इससे बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा पा रहा है | इन दिनों बहस की बजाय जहरबुझे शब्द, व्यक्तिगत तंज और ढर्रे के प्रत्यारोप ही दृष्टव्य हैं। जैसे अगर कांग्रेस राफेल के मुद्दे को उठाएगी तो भाजपा का प्रवक्ता बिना देर किए बोफोर्स रिश्वत कांड का जिक्र बीच में ले आएगा, यदि कांग्रेस गुजरात दंगों की बात करेगी तो भाजपा 1984 के सिख नरसंहार को याद दिलाना नहीं भूलती। ऐसे में उन महान आत्माओं को भी घसीट लिया जाता है जो अपना श्रेष्ठ देश को दे गये हैं| इस वाद-विवाद से धर्मनिरपेक्षता, राष्ट्रवाद और विकास पर कोई समझ विकसित नहीं होती न कोई निष्कर्ष समाज के सामने आता है| हद तो तब होती है,जब न्यूज चैनल पुलिस और CBI कि तरह जाँच एजेंसी और न्यायालय की भूमिका में आ जाते हैं | आज गंभीर पत्रकारिता घाटा भुगत रही है, सनसनी को बढ़ावा दिया जा रहा है | बहसें वाक्युद्ध से भरी हैं, जैसे देश को दोफाड़ करना उनका मकसद हो, हिंदू बनाम मुस्लिम, राष्ट्रभक्त बनाम देशद्रोही, हिंदुत्व बनाम वाम, उदारवाद का 'छद्म धर्मनिरपेक्ष।आजकल यही परोसा जा रहा है, क्योंकि इस तरह के कार्यक्रम परोसने पर मीडिया कंपनियों को दर्शकों के आलोचनात्मक आकलन का खतरा नहीं रहता। मत भूलिए यह सब जनता की सामूहिक चेतना को कुंद बनाकर न्यून करने की गरज से है। यह सब इस बात के साक्षात संकेत है की न्यूज चैनल किस दौर से गुजर रहे और जनमानस को कितना मानसिक आघात दे रहे हैं । बतौर सजग नागरिक हमें इस विद्रूपता का संज्ञान लेते हुए विरोध करना होगा ताकि सार्वजनिक संचार माध्यमों पर शालीनता बनी रह सके। आखिर समाज इन एंकरों का पोषण क्यों कर रहा हैं? समाज ही तो इन चैनलों को जिंदा रखे हुए हैं, ऐसा आभास देता है की वो राजनीतिक मुक्केबाजों का वाक्युद्ध सुने बिना जिन्दा नहीं रह पायेगा । राजनीति ही धर्म, जाति और वर्ग को केंद्र बनाकर सामूहिक भावना को भड़काने का पर्याय बन चुकी है और सत्ताधीश झूठ को प्रचार के दम पर हर कुछ को सच बनाने को उतारू हैं। समाज हर शाम यही तो देख रहा है। वास्तव में समाज ने खुद को असभ्य संवाद और राजनीतिक मुक्केबाजी का व्यसनी बना लिया है। अब फिर से इस मंथन के उद्गम पर आता हूँ |मेरे मित्र इन दिनों एक सनसनी खेज मामले का परायण करने वाले न्यूज चैनल से अपने साथ हुए पक्षपात पर प्रकाश डालने में मेरा सहारा लेना चाहते हैं | उस चैनल की कार्यप्रणाली चैनल में कार्यरत दूसरे मित्र ने बताई तो मुझे पता चला कि वो सब तो कुछ और है पत्रकारिता नहीं | देश और मध्यप्रदेश की बड़ी खबरें MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करें) या फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com श्री राकेश दुबे वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं। |
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