प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- फतेहपुर : कक्षा- 8 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के प्रवेश कक्षा-9 में कराने एवं निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में
- बेसिक परिषदीय शिक्षकों के ऑन ड्यूटी जीवन दुर्घटना एवं विकलांगता होने पर कॉम्पेनसेशन दिए जाने के सम्बन्ध में PSPSA ने मा0 मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- हाथरस : टाइम एंड मोशन स्टडी ले आधार पर विद्यालय समयावधि परिवर्तन, अभिलेख व कार्य विवरण सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी
- फतेहपुर : Fit India Freedom Run के अंतर्गत खेल गतिविधि आयोजित कराए जाने के सम्बन्ध में
- वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज
- अलीगढ़ : बीएसए कोरोना संक्रमित, ऑफिस के कर्मचारी होम क्वारंटाइन
- यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार
- पॉलीटेक्निक : ऑनलाइन परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी, बनी हेल्पलाइन
- सीबीएसई : अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की हाजिरी की जांच करेगा बोर्ड, अनुपस्थित रहे छात्रों के अभिभावकों को स्कूल नहीं आने पर बताना होगा कारण
- बाराबंकी : शिक्षकों से तू-तड़ाक में की बात तो होगी कार्यवाही
- प्रयागराज : शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू
- अब माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने की तैयारी, सात सितम्बर से 30 सितम्बर चलेगा कार्यक्रम
- 24 फीसदी परिवारों के पास ही इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा, डिजिटल साक्षरता से आत्मनिर्भर बनेगा भारत
- फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण
- नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए की जाएगी प्रभावी कार्यवाही : राज्यपाल
- हाथरस : कक्षा 5 व 8 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को रिजल्ट कार्ड उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में
- हाथरस : दीक्षा एप को रीइंस्टॉल कर मानव सम्पदा से मर्ज कराने के उपरांत प्रेरणा प्रशिक्षण शत प्रतिशत अध्यापकों द्वारा पूर्ण करने के सम्बन्ध में
- हाथरस : डी0एम0एफ0 की धनराशि से 4 स्टार विद्यालयों को 5 स्टार बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही के सम्बन्ध में आदेश, विद्यालयों की सूची देखें
- हाथरस : कंपोजिट ग्रांट से विद्यालयों में विद्युत संयोजन कराये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी, विद्युत संयोजन विहीन विद्यालयों की सूची सह आदेश देखें
- Whatsapp वायरल दावे की जाने सच्चाई : क्या वास्तव में 21 सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे?
- अनलॉक 4 : स्कूलों में तैयारियां शुरू, बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ इस तरह के विशेष इंतजाम
| Posted: 08 Sep 2020 05:47 AM PDT |
| Posted: 08 Sep 2020 05:24 AM PDT |
| Posted: 08 Sep 2020 01:58 AM PDT |
| फतेहपुर : Fit India Freedom Run के अंतर्गत खेल गतिविधि आयोजित कराए जाने के सम्बन्ध में Posted: 08 Sep 2020 01:21 AM PDT फतेहपुर : Fit India Freedom Run के अंतर्गत खेल गतिविधि आयोजित कराए जाने के सम्बन्ध में। ▪️👉🏻 यहां क्लिक करके देखें मुख्य आदेश एवं विस्तृत निर्देश ▪️👈🏻 ![]() |
| वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज Posted: 07 Sep 2020 08:39 PM PDT वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज। कार्रवाई : उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित छह से मांगा गया है जवाब, पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार सदस्य शामिल। वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के चयन में की गई अनियमितता के मामले में अब चयन समिति के सदस्यों पर गाज गिरेगी। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने छह लोगों को नोटिस जारी की है। इसमें उपनिदेशक स्तर के अधिकारी हैं। एक पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित उचाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। एनजीओ को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय शिवपुर में 2008-09 के सत्र में वार्डन सह शिक्षिका के पद पर यादवेश कुमारी सिंह और अंशकालिक शिक्षक के पद पर रामचरित्र यादव की नियुक्ति हुई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी नियुक्तियों की जांच हुई तोयहां भी जांच कराई गई। जांचसमिति ने पाया कि शिक्षिका कम वार्डेन का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। मगर चयन समिति ने यहां पर ओबीसी वर्ग की अभ्यर्थी यादवेश कुमारी सिंह का चयन किया, जो आरक्षण के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा रामचरित्र यादव की नियुक्ति में मेरिट की उपेक्षा की गई। उनसे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया। इस मामले उपनिदेशक एनसीईआरटी विष्णु श्याम द्विवेदी को नोटिस जारी की गई है। वह उस समय चयन समिति के सदस्य सचिव थे। इसके अलावा सिंधोरा में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अंसारी को नोटिस दी गई है। वह भी चयन समिति के सदस्य थे। एनजीओ के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में शामिल जिला महिला समाख्या की विनीता, मुख्य कार्यकारी शिक्षा प्रचारिणी समिति, सीखड़ी गाजीपुर के आशुतोष राय को भी नोटिस जारी की गई है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, आराजीलाइन में भी नियुक्तियों की अनियमितता में चयन समिति के सदस्यों को नोटिस दी गई है। यहां सरिता आर्य नामक एक शिक्षिका नियुक्त की गई। चयन समिति ने उसका मेरिट 249.9 बताया, जबकि अभिलेखों से मेरिट 192.32 बन रही है। अंजनी राय नामक शिक्षिका की मेरिट 287.47 बताई गई, जबकि यह 214.52 है। ![]() |
| अलीगढ़ : बीएसए कोरोना संक्रमित, ऑफिस के कर्मचारी होम क्वारंटाइन Posted: 07 Sep 2020 09:49 PM PDT बीएसए संक्रमित, ऑफिस में कर्मचारी होम क्वारंटाइन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सारे कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है, इसके साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह घर से ही विभागीय कार्यों को पूरा करें। बीएसए कार्यालय में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित आने के बाद सभी को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले सभी कर्मचारी घर से काम करेंगे, शासन के निर्देशानुसार सभी को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा रही है। -डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी। कर्मचारियों को घर पर रहकर काम करने के निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही घर में काम करने वाले कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी दी है। इसके साथ ही बचे हुए कर्मचारियों की स्वास्थ्य विभाग की सहायता से जांच बीएसए के कोरोना संक्रमित आने के बाद विभाग में जांच कैंप लगाकर पूरे स्टाफ की जांच की गई थी। जिसके बाद बीएसए कार्यालय के कइ कर्मचारी संक्रमित पाए गए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने सुरक्षा के चलते सभी कराई जा रही है। |
| Posted: 07 Sep 2020 06:34 PM PDT यूपी शिक्षा सेवा अधिकरण के मुख्यालय से नीचे कुछ नहीं स्वीकार, प्रयागराज हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की हुंकार प्रयागराज : शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई। बैठक में सबने एक स्वर में कहा कि शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में बनना ही कानून व संविधान सम्मत है। इससे कम कुछ स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसोसिशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने कहा कि सरकार गैरकानूनी निर्णय लेकर प्रयागराज की गरिमा से खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। वादे के अनुरूप शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय प्रयागराज में स्थापित किया जाय, क्योंकि यहीं हाईकोर्ट की प्रधान पीठ है। अगर हमारी मांग की अनदेखी की गई तो सरकार को उसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि वकील अपने अधिकार व सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। वहीं, मंगलवार को लोक संपत्ति क्षतिपूर्ति दावा अधिकरण के मुद्दे पर शहर के सभासदों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आजमी ने की। |
| पॉलीटेक्निक : ऑनलाइन परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी, बनी हेल्पलाइन Posted: 07 Sep 2020 11:45 PM PDT अगले साल से ऑनलाइन होगी पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा, परिषद के सचिव ने की घोषणा। उत्तर प्रदेश में 12 व 15 सितंबर को होगी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा पहली बार ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में होगी। लखनऊ, जेएनएन। प्रदेशभर के पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से कराई जाएगी। ऑफलाइन मोड में 12 सितंबर को और ऑनलाइन मोड के तहत 15 सितंबर को परीक्षा होगी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद का दावा है कि कोरोना संक्रमण से उपजे हालात को ध्यान में रखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अगले वर्ष होने वाली पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही कराई जाएगी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि परिषद की वेबसाइट पर 5 सितंबर को अपलोड किया जा चुका है। परीक्षार्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।बॉक्सदो पालियों में होगी परीक्षासचिव एसके वैश्य ने बताया कि परीक्षा के लिए प्रदेश भर में करीब 950 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अधिकांशत पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल हैं। 12 सितंबर को होने वाली ऑफलाइन परीक्षा के तहत परीक्षार्थियों को संबंधित केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा 2:30 से 5:30 बजे के मध्य होगी। पहली पाली के अंतर्गत 3 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिले की चाह रखने वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे और दूसरी पाली में 2 वर्षीय फार्मेसी पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा 15 सितंबर को दो पालियों में होगी। इसके लिए प्रदेश भर के 21 जिलों में केंद्र बनाए गए हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में सुबह 9 से 12 के तहत ग्रुप बी सी डी एफ जी एच आई ग्रुप की परीक्षाएं होंगी। इसी तरह दूसरी पाली 2:30 से शाम 5:30 बजे तक होगी। इसके तहत के 1 से के 8 ग्रुप की प्रवेश परीक्षा होगी। ऑनलाइन परीक्षा के तहत दोनों पालियों में कुल 47175 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। वहीं ऑफलाइन परीक्षा के तहत करीब 344451 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी 47175- ऑफलाइन परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी: 344451-परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्र : 927-परीक्षा के लिए लगाए गए जोनल अधिकारी: 251-कुल केंद्र व्यवस्थापक:927-ऑनलाइन परीक्षा का समय प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक और शाम को 2:30 से 5:30 बजे तक-ऑफलाइन परीक्षा का समय प्रातः 9:00 से 12:00 तक और सायं 2:30 से 5:30 तक-कितने ग्रुपों की होगी परीक्षा:18-कितने जनपदों में होगी परीक्षा ऑफलाइन परीक्षा: 75 जनपद -ऑनलाइन परीक्षा: 24 जनपद ....... पॉलीटेक्निक : ऑनलाइन परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी, बनी हेल्पलाइन। लखनऊ : प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाओं के प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए। प्राविधिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन परीक्षा के प्रवेश-पत्र सोमवार को वेबसाइट jeecup.nic.in पर उपलब्ध करा दिए हैं। यह परीक्षा 15 सितंबर को प्रस्तावित है। छात्र अपने लॉगिन से प्रवेश-पत्र को डाउनलोड कर सकते हैं । जो छात्र अपना लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड भूल गये हैं वे अपना विवरण भरकर भी प्रवेश -पत्र डाउनलोड कर सकेंगे प्रवेश पत्र के साथ स्वघोषणा -पत्र एवं निर्देश भी अभ्यर्थी डाउनलोड करें । स्वघोषणा पत्र की प्रति परीक्षा के समय केन्द्र पर अभ्यर्थी द्वारा जमा की जाएगी। उधर 12 सितंबर को प्रस्तावित ऑनलाइन परीक्षा के प्रवेश पत्र बीती 5 सितंबर को ही जारी किए जा चुके हैं। प्राविधिक शिक्षा परिषद विभिन्न डिप्लोमा इंजीनियरिंग (ग्रुप-ए), डिप्लोमा इन फार्मेसी (ग्रुप-ई 1& ई 2), पाठ्यक्रमों में शैक्षिक सत्र 2020- 21 में अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा शनिवार को होगी। पहली पाली में कुल 2,78,145 अभ्यर्थी एवं दूसरी पाली में 66,306 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं। इनको छोड़ कर शेष अन्य डिप्लोमा, पोस्ट डिप्लोमा , पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा 15 सितंबर को प्रदेश के 24 जनपदों में होगी। यह सीबीटी ( कंप्यूटर आधारित टेस्ट ) ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होगी। जानकारी के अनुसार परीक्षा में करीब 46 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस हेल्पलाइन पर मिलेगी मदद : जिन अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या हो वे परिषद के टोल फ्री नंबर 18001806589 अथवा 0522-2630678 , 2630667 पर सम्पर्क कर अपनी समस्या का निवारण कर सकते हैं अथवा ईमेल jeecup help@gmail.com पर मेल कर सकते हैं। अभ्यर्थी रखें ध्यान :▪️परीक्षा के लिए अभ्यर्थी 1.30 घण्टा पूर्व परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचेंगे। ▪️अभ्यर्थी अपने साथ परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश-पत्र, छोटा सैनिटाईजर , मास्क, पानी की बोतल व लेखन सामग्री लेकर आयेंगे। ▪️अभ्यर्थी को मोबाइल फोन, पर तथा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं है। ![]() |
| Posted: 07 Sep 2020 05:20 PM PDT सीबीएसई : अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की हाजिरी की जांच करेगा बोर्ड, अनुपस्थित रहे छात्रों के अभिभावकों को स्कूल नहीं आने पर बताना होगा कारण। प्रयागराज : सीबीएसई अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की एक जनवरी तक की अटेंडेंस चेक करेगा। बोर्ड की ओर से स्कूलों को दिए निर्देश में कहा है कि जो छात्र-छात्राएं नियमित स्कूल नहीं आते हैं, उनका रिकार्ड रखा जाए। ऐसा देखा जाता है कि दसवीं और बारहवीं के बच्चे डमी स्कूलों में प्रवेश ले लेते हैं। स्कूल वाले भी कम आने वाले बच्चों की सूची और इसकी जानकारी बोर्ड को नहीं देते हैं। इसलिए बोर्ड ने कम उपस्थिति वाले छात्रों के लिए नियमावली तैयार की है। इसमें स्कूल छात्रों एवं अभिभावकों को अटेंडेंस से जुड़े नियमों के बारे में बताएंगे। यह नियम सत्र की शुरुआत में ही छात्रों को बताने होंगे। सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि हर शैक्षिक सत्र में एक जनवरी तक की उपस्थिति की गिनती की जाएगी। दसवीं और बारहवीं में क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट सात जनवरी तक भेजनी होगी, इस बारे में बोर्ड 21 जनवरी तक जवाब देगा। स्कूल नहीं आ रहा बच्चा यदि बीमार है तो अभिभावकों को आवेदन के साथ सरकारी अथवा फिर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मेडिकल सर्टिफिकेट देने होंगे। ![]() |
| बाराबंकी : शिक्षकों से तू-तड़ाक में की बात तो होगी कार्यवाही Posted: 07 Sep 2020 05:10 PM PDT शिक्षकों से तू-तड़ाक में की बात, तो होगी कार्यवाही बाराबंकी। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने अगर शिक्षकों से तू तड़ाक में बात की तो उनपर कार्यवाही भी हो सकती है।आदर सूचक शब्दों के साथ नाम न लेकर रौब में बात करने वाले कार्यालय के कर्मचारियों को अनुशासनहीनता की कठोर कार्यवाही झेलनी पड सकती है।अक्सर देखा जाता है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी, समस्या लेकर आने वाले शिक्षकों से बेअदब और तू तड़ाक में बात करके अपना रौब लड़ते रहते हैं। बेअदब शैली में बात करने वाले कर्मचारी अब सतर्क हो जायें और अपनी भाषा शैली में सुधार कर लें अन्यथा उनपर अनुशासनहीनता की कार्यवाही होगी।खंड शिक्षा अधिकारी बंकी आर पी यादव ने शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व एक आदेश जारी कर कर्मचारियों को आदेशित किया कि वह शिक्षकों से अदब और सम्मान से पेश आये। दाई ओ बंकी ने अपने आदेश में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कार्यालय और विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा शिक्षकों के प्रति सम्मान जनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है जबकि शिक्षक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उनके प्रति सभी कर्मचारियों द्वारा आदरपूर्ण व सम्मानजनक सम्बोधन की अनिवार्यता है। अतःसमस्त कर्मचारी किसी भी शिक्षक की उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति में वार्ता करने हेतु शिक्षकों के नाम में सुश्री, श्रीमती, श्रीमान, सर आदि आदर सूचक संसाधनों का ही प्रयोग करें। बिना आदर सूचक शब्दों के सीधे नाम से सम्बोधन करने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। बी ओ बंकी, आरपी यादव के इस आदेश की हर तरफतारीफहो रही है। इससे शिक्षक समाज बहुत खुश है और अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। |
| प्रयागराज : शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू Posted: 07 Sep 2020 05:02 PM PDT प्रयागराज : शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश महा निदेशक स्कूल शिक्षा की तरफ से दिए गए हैं। अनामिका प्रकरण उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और सतर्क हो गया है। इस प्रकरण के चलते जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में नियुक्त अध्यापिकाओं और कर्मचारियों के मूल प्रपत्रों की जांच शुरू की गई। इस पूरी प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर समाप्त करने के लिए भी कहा गया है। जिले में 1996 शिक्षामित्र व 642 अनुदेशक हैं। विकास खंडवार सभी के शैक्षणिक प्रमाणपत्र जांचे जा रहे हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक की तरफ से जारी पत्र में कहा था कि प्रमाणपत्रों की जांच 31 अगस्त तक पूरी कर ली जाए। बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि मूल प्रमाणपत्र जांच के लिए समय पर उपलब्ध नहीं कराए तो संदिग्ध मानकर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। |
| Posted: 07 Sep 2020 04:11 PM PDT अब माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने की तैयारी, खींचा खाका। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी विद्यालयों में तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इसके लिए बकाया शेडयूल भी जारी कर दिया गया है। जिसके तहत कक्षा छह से लेकर 12 तक के बच्चों के लिए विभिन्न दिवसों में कई प्रकार की ऑनलाइन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इसके अलावा विद्यालयों में किचन गार्डन एवं पोषक वाटिका भी तैयार की जाएंगी। डीआईओएस ने सभी बोर्डो से संचालित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को शेडयूल के साथ दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि सितम्बर माह पोषण माह के तहत मनाया जाएगा। इस दौरान सात से 11 सितम्बर तक सभी विद्यालयों में कक्षा छह से आठ के बच्चों के लिए ऑनलाइन चित्रकला, पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसी तरह से 12 से 15 सितम्बर तक कक्षा नौ से 12 के बच्चों के लिए यही प्रतियोगिता होगी। 16 से 22 सितम्बर तक सभी विद्यालयों में पोषक वाटिका तैयार होगी। जिसमें नींबू, सहजन, आंवला आदि के साथ सूक्ष्म पोषणतत्वों से भरपूर सब्जियां एवं फल के पौधे रोपित किए जाएंगे। वहीं 23 से 25 सितम्बर तक कक्षा छह से 12 के लिए स्लोगन प्रतियोगिताएं होंगी। 25 से 27 सितम्बर तक पोषण सम्बंधी निबंध प्रतियोगिताएं होंगी। जिसमें कक्षा छह से 12 तक के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद 28 से 30 सितम्बर तक पोषण वाटिका को तैयार करने का दूसरा चरण चलेगा। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि शेडयूल के मुताबिक कार्यक्रम आयोजित कर उसकी सूचना नोडल एवं जोन प्रभारियों के माध्यम से कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस कार्य में किसी प्रकार की कोई हीला दिवाली होती है तो विभागीय कार्यवाही निश्चित है। खाका खींचा : कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए होंगी ऑनलाइन प्रतियोगिताएं, सात सितम्बर से 30 सितम्बर चलेगा कार्यक्रम ![]() |
| Posted: 07 Sep 2020 04:05 PM PDT यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 24 फीसदी परिवारों के पास ही इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा डिजिटल साक्षरता से आत्मनिर्भर बनेगा भारत भारत में साक्षरता दर तो तमाम राज्यों में 75 से 90 फीसदी तक पहुंच गई ई है, लेकिन डिजिटल शिक्षा तक सबको पर पहुंच अभी दूर की कौड़ी है। कोविड काल में पांच स्कूल बंद होने के बीच यूनिसेफ की रिपोर्ट कहती है कि देश के करीब 24 फीसदी परिवारों के दौर पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी इंटरनेट या स्मार्टफोन नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिले तभी देश में आगे सही मायनों आधुनिक और आत्मनिर्भर बनेगा। यूनिसेफ से मिली जानकारी के मुताबिक, परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने, शिक्षा प्रशिक्षण की सेवाएं बंद होने का गरीब बच्चों पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है। ऑनलाइन शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन ही गरीब बच्चों के पास के पास नही है। बिहार, झारखंड, ओडिशा जैसे राज्यों के गरीब अलावा उत्तर प्रदेश, प्रदेश और महाराष्ट्र के पिछड़े इलाकों में इसका मिल रहा है। ज्यादा प्रभाव देखने को संगठन का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा के लिए स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे संसाधनों से वंचित गरीब परिवारों के पास स्कूल ही शिक्षा सर्वोत्तम मा धन था, जहां मिड डेमील के जरिये उन्हें पोषणयुक्त आहार भी मिलता था, लेकिन यह व्यवस्था गड़बड़ा गई है। जिन घरों में स्मार्टफोन था भी वे बिजली या बेहतर इंटरनेट दिवस पर शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी महसूस कर यूनिसेफ ने आगाह किया है कि डिजिटल शिक्षा को लेकर यह समानता बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य भी असर डाल रही है। युनिसेफ का कहना है कि डिजिटल एजुकेशन सीखने-समझने की क्षमता को बढ़ाने में काफी कारगर है। लिहाजा कोविड का खत्म होने के बाद भी सकी स्कूली कक्षाओं के साथ ही डिजिटल शिक्षा को अनिवार्य अंग बनाना चाहिए। ताकि गांव-कस्बों के बच्चे भी प्रतिस्पर्धा में आ सके और शिक्षा जगत के आधुनिक बदलावों से रूबरू हो सके। नेटवर्क न होने के कारण ऑनलाइन विशेष रहे हैं। शहरों के मुकाबले गांवों में और लड़कों के मुकाबले लड़कियों में यह असर ज्यादा दिख रहा है। बच्चों की भी तक टीवी-रेडियो तक नहीं हैं। |
| फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण Posted: 07 Sep 2020 04:02 PM PDT फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण। फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में भले ही बच्चों के लिए विद्यालय बंद चल रहे हों लेकिन शिक्षकों के लिए काम बढ़ता ही जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में इनदिनों सबकुछ आनलाइन कार्य सम्पादित करने में जोर दिया जा रहा है। जिससे खासकर बुजुर्ग शिक्षकों की परेशानी बढ़ रही है। इस उम्र में शिक्षक स्मार्ट एंड्रायड मोबाइल फोन चलाना सीखरहे हैं। परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए दीक्षा एप और मानव सम्पदा पोर्टल को लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ शिक्षक शिक्षकों ऐसे हैं जो एंड्रायड मोबाइल चलाने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें प्रशिक्षण लेने में दिक्कत आ रही है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षित करने का शासन का फरमान उनके गले की फांस बन गया है। पहले तो चुनिंदा शिक्षकों को शासन के बताए ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश थे। जैसे तैसे उनको डाउनलोड कर ही पाए थे कि शासन ने दीक्षा ऐप और मानव सम्पदा को लिंक करने के निर्देश जारी हो गए। लिंक करने के आदेश आते ही मोबाइल चलाने में अक्षम शिक्षक शिक्षकों का सिर दर्द बढ़ गया है। कोरोना के चलते एक जगह पर भीड़ इकट्ठा करने पर मनाही है। इसके चलते आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में लगभग 25 से 30 फीसद शिक्षकों की उम्र पचास से पचपन वर्ष के आसपास है। यह शिक्षक न तो तकनीकी रूप से दक्ष हैं और न ही मोबाइल पर प्रशिक्षण में सक्षम हैं। खासकर अधिकतर महिला शिक्षक ऐसी हैं जिनके लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चुनौती है। कुछ दिनों पहले ही शासन ने शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित करने के लिए दीक्षा ऐप को मानव संपदा पोर्टल से लिंक का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को अब प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। मोबाइल खरीदना आसान चलाना मुश्किल : बुजुर्ग शिक्षक स्मार्ट फोन खरीदने में तो सक्षम हैं लेकिन उसे चलाने में उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 50 से 55 वर्ष पेन कागज के तहत काम निपटाने वाले बुजुर्ग शिक्षकों के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाएं सिर दर्द बन रही हैं। ऐसे में ये मास्साब घर के बच्चों या फिर विद्यालय के युवा शिक्षकों से मदद ले रहे हैं। शिक्षक संकुलों का गठन : न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुलों का गठन किया गया है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को दीक्षा ऐप से मानव संपदा से लिंक करने समेत मोबाइल चलाने में आ रही दिक्कतों का निदान कर रहे हैं।विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को बता रहे है।-राकेश सचान, बीईओ मुख्यालय ![]() |
| नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए की जाएगी प्रभावी कार्यवाही : राज्यपाल Posted: 07 Sep 2020 03:21 PM PDT नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए की जाएगी प्रभावी कार्यवाही : राज्यपाल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए गम्भीरता से मंथन किया जा रहा है। दोनों प्रदेशों में गठित टास्क फोर्स निकट भविष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन हेतु अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस पर विचार-विमर्श कर इसे लागू किए जाने की प्रभावी कार्यवाही होगी। राज्यपाल ने सोमवार को यह बात उच्चतर शिक्षा के रूपांतरण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका पर हुए राज्यपालों के सम्मेलन में कही। इसमें राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' द्वारा प्रदेश के राज्यपालों, उप राज्यपालों एवं विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ की गयी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा की गई। यूपी व मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का विकास और भविष्य उसकी उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली एवं गुणवत्ता पर निर्भर करता है। देश के उज्ज्वल भविष्य के संजोये गये सपनों को साकार करने के उद्देश्य से गहन विचार-विमर्श के बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के रूप में शिक्षा के नवीन रूप का आविर्भाव हुआ है। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति में बुनियादी शिक्षा से लेकर स्कूल-कालेजों तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इस अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस0गर्ग तथा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की कुलपति नीलिमा गुप्ता भी आनलाइन जुड़ी हुईं थी। |
| हाथरस : कक्षा 5 व 8 उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को रिजल्ट कार्ड उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में Posted: 07 Sep 2020 06:41 AM PDT |
| Posted: 07 Sep 2020 06:39 AM PDT |
| Posted: 07 Sep 2020 06:38 AM PDT |
| Posted: 07 Sep 2020 06:22 AM PDT |
| Whatsapp वायरल दावे की जाने सच्चाई : क्या वास्तव में 21 सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे? Posted: 07 Sep 2020 06:05 AM PDT Whatsapp वायरल दावे की जाने सच्चाई : क्या वास्तव में 21 सितंबर से स्कूल खोले जाएंगे? दावा : एक #WhatsApp फॉरवर्ड मे शिक्षा मंत्री के हवाले से दावा किया जा रहा है कि 21 सितम्बर से चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोले जाएंगे। #PIBFactCheck:शिक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।#Unlock4Guidelines के अनुसार 9वी-12वी कक्षा के छात्र शिक्षकों से परामर्श के लिए स्कूल जा सकते है https://t.co/VxEAavN5Hb |
| अनलॉक 4 : स्कूलों में तैयारियां शुरू, बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ इस तरह के विशेष इंतजाम Posted: 07 Sep 2020 03:47 AM PDT अनलॉक 4 : स्कूलों में तैयारियां शुरू, बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ इस तरह के विशेष इंतजाम। अनलॉक 4 स्कूलों में छात्रों के आने को मंजूरी मिली। कक्षा 9 से 12 के ऐसे छात्र जो अपने शिक्षकों से कुछ पूछना चाहते हैं, वह अपने अभिभावकों की अनुमति के साथ स्कूल जा सकते हैं। 21 सितंबर से स्कूलों में 50% टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ बुलाने की भी अनुमति मिल गई है। इन सब के मद्देनजर शहर के स्कूलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्कूल प्रबंधन अपने अपने स्तर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने के दावे कर रहे हैं। तैयारियों पर विशेष रिपोर्ट। तीन घंटे का होगा स्कूल लखनऊ पब्लिक स्कूल की निदेशक रश्मि पाठक ने बताया कि अधिकतम 50% बच्चों को एक साथ स्कूल में आने की परमिशन मिलेगी। स्कूल भी सिर्फ 3 घंटे के लिए चलाया जाएगा। इस दौरान बच्चों के लिए मास्क और ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा। बच्चे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं आएंगे। स्कूल में प्रवेश से पहले उनके टेंपरेचर की जांच होगी। स्कूल की सभी शाखाओं में कोरोना हेल्पडेस्क बनाई जाएगी। स्कूल में सैनिटाइजेशन टनल भी लगाया जा रहा है। निदेशक रश्मि पाठक ने बताया कि नियमित कक्षाएं स्कूल में चलाने की जब भी सरकार अनुमति देगी, तब दो शिफ्ट में स्कूल को चलाया जाएगा। आधे बच्चे पहली शिफ्ट में आधे बच्चे दूसरी से पढ़ाई करेंगे। एक क्लास में अधिकतम 15 से 20 बच्चे राजधानी के बजट प्राइवेट स्कूलों ने भी छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सक्सेना इंटर कॉलेज के प्रबंधक पंकज सक्सेना ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने एक क्लास में अधिकतम 15 से 20 बच्चों को ही आने की अनुमति दी है। इसके अलावा स्कूल के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई है। छात्रों को भी अपने घर से मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर लेने को कहा जाएगा। कोविड 19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जा रहे हैं। एसोसिएशन ने भी दो शिफ्ट में चलाने का दिया सुझाव : अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से उप मुख्यमंत्री को बीते दिनों भेजे गए एक पत्र में स्कूल को दो शिफ्ट में चलाने का प्रस्ताव रखा गया। अगर बच्चे स्कूल आते हैं तो कक्षा में छात्रों को अलग-अलग सेक्शन में विभाजित करने, सभी स्कूल कैंपस में सैनिटाइजेशन की उचित व्यवस्था करने और बच्चों की सेफ्टी को विशेष तौर पर वरीयता देने का सुझाव रखा गया है। |
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