प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- एजुकेशन वॉरियर्स में डिप्टी सीएम ने स्कूलों से की अपील : फीस न दे पाने वालों के नाम नहीं काटे
- घर-घर जाकर परिषदीय शिक्षक ढूंढेंगे कोरोना मरीज
- यूपी बोर्ड परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर
- नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाओं पर निर्णय 15 सितंबर को
- मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला केन्द्रांश मानदेय
- राजकीय और निजी पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए परीक्षा की डेट जारी, अभ्यर्थियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान।
- 50% उपस्थिति सम्बन्धी शिक्षा निदेशक (बेसिक) के पत्र में परिषदीय विद्यालयों का उल्लेख न होने पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने लगाया प्रश्न चिह्न, स्पष्ट निर्देश हेतु दिया मांगपत्र
- वर्तमान में शिक्षण कार्य स्थगित होने से पढ़ाई पर नहीं होगा असर, शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण हेतु PSPSA ने मा0 मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- अलीगढ़ : रिटायर हेडमास्टर के पीपीएफ एकाउंट के दस्तावेज हुए गायब
- स्कूल कैंटीन, परिसर के आसपास जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध
- शिक्षा मंत्री निशंक बोले, 2030 से पहले पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को करना होगा हासिल।
- यूपी बोर्ड : महज 3.55 लाख भरे गए परीक्षा फॉर्म, 21 सितम्बर तक भरे जाएंगे कक्षा-10 व 12 के आवेदन पत्र
| एजुकेशन वॉरियर्स में डिप्टी सीएम ने स्कूलों से की अपील : फीस न दे पाने वालों के नाम नहीं काटे Posted: 09 Sep 2020 06:38 PM PDT 'फीस न दे पाने वालों के नाम नहीं काटे एजुकेशन वॉरियर्स में डिप्टी सीएम ने स्कूलों से की अपील कार्यक्रम में डॉ. दिनेश शर्मा ने बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि जो लोग सक्षम हैं वे स्कूलों की फीस दें, लेकिन जो किन्हीं वजहों से फीस नहीं दे पा रहे हैं, उनके लिए स्कूल रियायत वरतें और क्या का नाम न काटें। उन्होंने ये वातें एनबीटी और टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा कोविड-19 की वदली परिस्थितियों में बेहतर काम करने वालों के सम्मान समारोह और परिचर्चा 'एजुकेशन वॉरियर्स' में कहीं। पार्क रोड स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के कैंप कार्यालय के सभागार में बुधवार को हुए कार्यक्रम में डॉ. शर्मा ने कहा कि लखनऊ की प्रबंधक असोसिएशन पहली ऐसी असोसिएशन है, जिसने फैसला लिया है कि वह 20% फीस कम करेगी। मैकाले शिक्षा पद्धति का अंतः नई शिक्षा नीति पर डॉ.शर्मा ने कहा कि यह मैकाले की शिक्षा पद्धति के अंत की शुरुआत है। सवा दो लाख लोगों के सुझाव के साथ इसे 21 से गाइडेंस के लिए स्कूल खुलना मुश्किल लखनऊ : नौवीं से 12वीं कक्षा के बच्चों के गाइडेंस के लिए 21 सितंबर से स्कूल खुलना मुश्किल है। शिक्षा विभाग का कहना है कि संक्रमण की यही स्थिति रही तो स्कूल खोलना संभव नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का कहना है कि 15 सितंबर के बाद इस पर फैसला किया जाएगा। तैयार किया गया है । नीति में व्यक्स्था है कि विदेशी विश्वविद्यालयों के ऑफ कैंपस यहां खोले जाएंगे और यहां के वेहतर शिक्षण संस्थानों के ऑफ कैंपस विदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले ग्रुप में बदलने का फैसला अभिनव प्रयोग है। हमने यूपी में इसे लागू करने के लिए टास्क फोर्स वनाई है। सिलेबस को गतिशील बनाएगी नई शिक्षा नीति' |
| घर-घर जाकर परिषदीय शिक्षक ढूंढेंगे कोरोना मरीज Posted: 09 Sep 2020 06:14 PM PDT Prayagraj: घर-घर जाकर परिषदीय शिक्षक ढूंढेंगे कोरोना मरीज प्रयागराज : कोरोना का संक्रमण थम नहीं रहा है। इस बीच ऐसे भी मामले आ रहे हैं कि लोग कोविड अस्पताल या होम आइसोलेशन से बचने के लिए अपनी तकलीफ छिपा रहे हैं, जिसके कारण संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शहरी क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर सर्वे शुरू किया जा रहा है। यह सर्वे परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक करेंगे। वह परिवार के सदस्य और उनकी सेहत को लेकर विवरण दर्ज करेंगे, जिसे कोरोना कंट्रोल रूम को सौंप दिया जाएगा। सर्वे के लिए 1200 शिक्षकों की मोहल्लेवार ड्यूटी लगाई जा रही है। वह वोटर लिस्ट लेकर प्रत्येक घर में जाएंगे। पूछेंगे कि परिवार में कितने सदस्य हैं। उनका स्वास्थ्य कैसा है। कितने लोग बाहर से आए हैं। कोई अब तक कोरोना संक्रमण का शिकार हुआ है या नहीं। किसी को बुखार या अन्य समस्या का विवरण भी दर्ज करेंगे। वोटर लिस्ट से सभी सदस्यों के नामों का भी सत्यापन भी किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि शिक्षकों को ड्यूटी रिसीव करा दी गई है। सभी अध्यापक मतदाता सूची के अनुसार सर्वे कर विवरण अपने खंड शिक्षाधिकारी को देंगे। यह विवरण कोरोना कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी को सौंप दिया जाएगा। बीएसए ने कहा है कि यह सामजिक दायित्व है, इसलिए शिक्षकों को इसमें सहयोग करना चाहिए। यह सर्वे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाना है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग उन परिवारों पर फोकस करेगी, जिनके यहां के किसी सदस्य में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीज होंगे। उद्देश्य सिर्फ यह कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोका जा सके। |
| यूपी बोर्ड परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर Posted: 09 Sep 2020 06:10 PM PDT यूपी बोर्ड परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा आवदेन की विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि 21 सितंबर है। डीआइओएस ने यूपी बोर्ड से संचालित सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द बचे हुए बच्चों का परीक्षा के लिए आवेदन कराएं। इसके साथ ही नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के पंजीकरण कार्य में भी तेजी लाएं। डीआइओएस ने बताया कि कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए विलंब शुल्क के साथ एकमुश्त परीक्षा शुल्क कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि 21 सितंबर है। इन छात्र-छात्रओं का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर है। वेबसाइट पर छात्रों का ब्योरा चेक करने की तिथि 25 सितंबर से चार अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन दिनों में विद्यार्थी अपने नाम, स्कूल, अभिभावकों के नाम, जन्मतिथि आदि एक बार चेक कर सकेंगे। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे पांच से 14 अक्टूबर के बीच संसोधित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं व 11वीं की कक्षा के विद्यार्थियों के पंजीकरण शुल्क कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि भी 21 सितंबर ही है। |
| नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाओं पर निर्णय 15 सितंबर को Posted: 09 Sep 2020 06:12 PM PDT नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाओं पर निर्णय 15 सितंबर को लखनऊ : यूपी में कोरोना संक्रमण की तेज हुई चाल के कारण 21 सितंबर से कक्षा नौ से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू करना मुश्किल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा अनलाक-4 के लिए जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार कक्षाएं लगाई जाएं या नहीं, इस पर माध्यमिक शिक्षा विभाग 15 सितंबर को निर्णय लेगा। कक्षाएं लगाने से कोई मुसीबत न खड़ी हो जाए, इसे लेकर फूंक-फूंककर कदम उठाए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 को स्थिति का आकलन किया जाए। फिर तय किया जाए कि कक्षाएं शुरू की जाएं या नहीं। -----///////// / ///////// ------------------ ////////// प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक के लिए 21 से नहीं खुलेंगे स्कूल प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 21 सितंबर से माध्यमिक विद्यालयों को न खोले जाने का निर्णय लिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उच्च स्तर पर इसकी सैद्धांतिक सहमति बन गई है। सितंबर के बाद संक्रमण की स्थिति का जायजा लेने के बाद ही प्रदेश में स्कूल खोलने का निर्णय किया जाएगा। केंद्र सरकार की अनलॉक-4 की गाइडलाइन के आधार पर प्रदेश सरकार ने भी अपनी गाइडलाइन जारी की है। इसमें 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को शिक्षकों से मार्गदर्शन के लिए बुलाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता की लिखित अनुमति को अनिवार्य किया गया था। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी इसके लिए मानक व प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इस बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि हम 15 सितंबर के बाद कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। यदि संक्रमण फैलने की स्थिति यूं ही बनी रही तो स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जाएंगे। |
| मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला केन्द्रांश मानदेय Posted: 09 Sep 2020 07:14 PM PDT मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला केन्द्रांश मानदेय। लखनऊ। मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत 25 हजार शिक्षकों के केंद्रांश मानदेय चार साल से नहीं मिला है। इन शिक्षकों ने शासन के जरिये केंद्र को 8,000 और परास्नातक शिक्षकों को सरकार से मानदेय जारी करवाने की मांग की है। इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद ने बताया कि योजना के अंतर्गत स्नातक शिक्षकों 15,000 मानदेय मिलता है। केंद्र सरकार को 8,000 में से 3600 रुपये और 15,000 में से 4,800 रुपये देने होते हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने चार साल से रुपये बकाया हो चुका है। राज्य सरकार ने केंद्रांश जारी करने के लिए कई बार केंद्र सरकार को पत्र लिख चुकी हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण से एक टीम दिल्ली भेज कर अड़चनें दूर कराने की मांग की। 'जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की मनमानी पर लगाएं रोक लखनऊ : मदरसा शिक्षकों ने बोर्ड रजिस्ट्रार से अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि अधिकारी प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए जारी शासनादेश के विपरीत अभिलेख मांग कर रहे हैं। प्रदेश के अनुदानित मदरसों के सभी स्तर के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए एक सितंबर को शासनादेश जारी किया गया था। टीचर्स एसोसिएशन मदरसे अरबिया के महामंत्री हाजी दीवान साहेब जमा खां ने बताया कि बहराइच, मऊ, अंबेडकर नगर, वाराणसी मे अधिकारी अपना अलग प्रोफॉर्मा जारी कर अनुभव प्रमाण पत्र भी मांग रहे हैं। ![]() |
| Posted: 09 Sep 2020 05:25 PM PDT राजकीय और निजी पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए परीक्षा की डेट जारी, अभ्यर्थियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान। प्रदेश के राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा 12 और 15 सितंबर को होगी। 12 सितंबर को ऑफलाइन और 15 सितंबर को ऑनलाइन परीक्षा होगी। ऑफलाइन परीक्षा के लिए 5 सितंबर को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। प्रदेश के 24 जिलों में 15 सितंबर को होने वाली ऑनलाइन परीक्षा के लिए सोमवार शाम प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए। अभ्यर्थी वेबसाइट www.jeecup.nic.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं वेबसाइट पर प्रवेश परीक्षा से संबंधित सारे दिशा-निर्देश भी देख सकते हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि सभी 75 जिलों में ऑफलाइन परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली के लिए 731 और दूसरी पाली के लिए 195 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली के लिए 2,78,145 अभ्यर्थी और दूसरी पाली के लिए 66,306 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। वहीं, ऑनलाइन परीक्षा पहली पाली में 22597 अभ्यर्थी 115 केंद्रों पर और दूसरी पाली में 23846 अभ्यर्थी 116 केंद्रों पर देंगे। वैश्य ने बताया कि पहली बार दाखिले के लिए ऑनलाइन परीक्षा हो रही है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो अगले सत्र से पूरी प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन होगी। परीक्षा संबंधी समस्या होने पर कंट्रोल रूम से करें संपर्क वैश्य ने बताया कि प्रवेश परीक्षा संबंधी समस्या होने पर अभ्यर्थी टोल फ्री नंबर 1800 180 6589 और 0522-2630678, 2630667 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा परिषद jeecuphelp@gmail.com पर ईमेल कर समस्या रख सकते हैं। परीक्षार्थी इन बातों का रखें ध्यान - परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। साथ ही सैनिटाइजर, पानी की बोतल, मास्क व लेखन सामग्री खुद लेकर आना होगा। - परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, पर्स, कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व पाठ्यसामग्री लाने की अनुमति नहीं है। - परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। मानक ताप से अधिक होने पर अभ्यर्थियों को अलग कक्ष में परीक्षा देने के लिए बैठाया जाएगा। ![]() |
| Posted: 09 Sep 2020 05:09 AM PDT |
| Posted: 09 Sep 2020 11:19 PM PDT |
| अलीगढ़ : रिटायर हेडमास्टर के पीपीएफ एकाउंट के दस्तावेज हुए गायब Posted: 08 Sep 2020 07:02 PM PDT अलीगढ़ : रिटायर हेडमास्टर के पीपीएफ एकाउंट के दस्तावेज हुए गायब। बेसिक शिक्षा विभाग से रिटायर हुए हेडमास्टर के खाते से हुए 34 लाख के घोटाले के दस्तावेज गायब हो चुके हैं और विभाग लगातार इसकी जांच कर रहा है। एकाउंट विभाग से 2007 से लेकर 2013 तक के सभी दस्तावेज गायब हैं, जिसके बाद तात्कालीन कर्मचारियों से जांच अधिकारियों की पूछताछ लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरवारी टप्पल से रिटायर्ड हेडमास्टर जगदीश प्रसाद 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने फंड की राशि निकलने के लिए प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि उनके खाते में बैलेंस शून्य हो चुका है। उन्हें विभाग को 20 लाख रुपये और चुकाने होंगे। शिकायत पर वित्त एवं लेखा अधिकारी अनिल कुमार ने दो सदस्यीय टीम में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडे व लेखा विभाग के नितिन जैन को जांच सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में सुनील कुमार व देवेंद्र कुमार लिपिक को निलंबित किया गया है। सुनील कुमार ब्लॉक का काम देखते हैं और देवेंद्र कुमार एकाउंट विभाग में अभिलेखों की देखरेख का काम करते हैं। लेकिन जांच के दौरान पता चला था कि सारे लोन वर्ष 2007 से 2013 के बीच में लिए गए। इसके साथ ही समय के अभिलेख भी विभाग के रिकॉर्ड से गायब हैं। अब तात्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों से लगातार जांच जारी है। अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि इस अवधि में और भी गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं और घोटाला इससे ज्यादा बड़ा हो सकता है। जिसके बाद मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मामले की जांच लगातार जारी है। गायब हुए दस्तावेजों की भी जांच चल रही है और इसका पता लगाया जा रहा है। जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ![]() |
| स्कूल कैंटीन, परिसर के आसपास जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध Posted: 08 Sep 2020 06:06 PM PDT स्कूल कैंटीन, परिसर के आसपास जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने स्कूल कैंटीन और इसके परिसर के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री और इसके विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफएसएसएआइ ने एक बयान जारी कर कहा कि इस सिलसिले में विभिन्न भागीदारों से मिली प्रतिक्रियाओं पर विचार-विमर्श करने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2020 को अधिसूचित कर दिया गया है। इस नियम को लागू करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय दिया जाएगा। इस बीच एफएसएसएआइ ने कहा है कि वह राज्य खाद्य विभाग को निर्देश देगा कि वह स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित आहार का दिशा-निर्देश तैयार करे। नियम के अनुसार, स्कूली बच्चों को संतृप्त वसा, अतिरिक्त चीनी या सोडियम मिले खाद्य पदार्थ नहीं बेचे जा सकेंगे। |
| शिक्षा मंत्री निशंक बोले, 2030 से पहले पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को करना होगा हासिल। Posted: 08 Sep 2020 06:06 PM PDT शिक्षा मंत्री निशंक बोले, 2030 से पहले पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को करना होगा हासिल। महिला साक्षरता की 60 फीसदी से कम दर वाले जिलों में विशेष साक्षरता को लेकर विशेष मुहिम जाएगी चलाई नई दिल्ली : देश में शत प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने की मुहिम अब और तेज होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2030 से पहले शत प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करना होगा। विभागीय अधिकारियों से उन्होंने इसे लेकर मिशन मोड़ में मुहिम चलाने के निर्देश दिए। फिलहाल इस लक्ष्य को 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री ने मिशन मोड़ में मुहिम चलाने के दिए निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक मंगलवार को विश्व साक्षरता दिवस पर मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान मंत्रालय की ओर से इसे लेकर तैयार किए जा रहे नए कार्यक्रम 'पढ़ना-लिखना अभियान' की भी जानकारी दी। जिसमें उन जिलों में विशेष साक्षरता को लेकर विशेष मुहिम चलाई जाएगी, जहां महिला साक्षरता का दर 60 फीसद से कम है। इसके साथ ही आकांक्षी जिलों में भी इस मुहिम को पूरी ताकत से चलाया जाएगा। हालांकि अब यह मुहिम सिर्फ साक्षरता तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें कौशल विकास, सामाजिक जुड़ाव जैसे गतिविधियों को प्रमुखता से जोड़ा जाएगा। पहली बार प्रौढ शिक्षा को लेकर तैयार होगा पाठ्यक्रम भी इस बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश में पहली बार प्रौढ़ शिक्षा का एक पाठ्यक्रम भी विकसित होगा। फिलहाल इसे लेकर एनसीईआरटी ने काम शुरु कर दिया है। इसके तहत अभी राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वहीं प्रौढ़ शिक्षा के बदलावों पर निरंतर नजर रखने के लिए एनसीईआरटी के भीतर एक नई यूनिट भी स्थापित की जाएगी। मौजूदा समय में देश में साक्षरता करीब 78 फीसद है। |
| यूपी बोर्ड : महज 3.55 लाख भरे गए परीक्षा फॉर्म, 21 सितम्बर तक भरे जाएंगे कक्षा-10 व 12 के आवेदन पत्र Posted: 08 Sep 2020 05:52 PM PDT यूपी बोर्ड : महज 3.55 लाख भरे गए परीक्षा फॉर्म, 21 सितम्बर तक भरे जाएंगे कक्षा-10 व 12 के आवेदन पत्र। प्रयागराज : यूपी बोर्ड की 2021 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए अब तक लगभग 3.55 लाख आवेदन पत्र ही जमा हो सकते हैं। यह संख्या पिछले साल बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत 56 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की तुलना में महज 6 प्रतिशत है। माना जा रहा है कि स्कूलों में बंदी और कोरोना संक्रमण के बीच कमाई न होने के कारण अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे। हालांकि बोर्ड परीक्षार्थियों की वास्तविक संख्या तो 24 सितंबर के बाद ही पता चल सकेगी। बोर्ड ने 5 अगस्त को आवेदन पत्र जमा करने की तारीख बढ़ाई थी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार स्कूलों के प्रधानाचार्य कक्षा 10 व 12 के छात्र छात्रों से प्राप्त फीस 7 सितंबर तक कोषागार में जमा करने के बाद उनके परीक्षा आवेदन पत्र 21 सितंबर की रात 12 बजे तक वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे। 7 सितंबर के बाद प्रति छात्र 100 रुपया विलंब शुल्क के साथ 14 सितंबर तक कारागार में परीक्षा शुल्क जमा किया जा सकेगा। विलंब शुल्क के साथ जमा परीक्षा शुल्क की सूचना तथा हाईस्कूल व इंटर के छात्र-छात्राओं के परीक्षा आवेदन पत्र वेबसाइट पर 24 सितंबर तक अपलोड किए जाएंगे। 25 सितंबर से 4 अक्तूबर तक प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं के विवरणों की चेकलिस्ट प्राप्त कर उनके नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, विषय व फोटो आदि की अच्छे से जांच करेंगे। इस दौरान वेबसाइट पर किसी प्रकार का ऑपरेशन प्रतिबंधित रहेगा। 5 से 14 अक्तूबर तक छात्र-छात्राओं के विवरणों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। ![]() |
| You are subscribed to email updates from प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |








