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Sunday, October 4, 2020

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MP में 95% पैरंट्स ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, सहमति पत्र साइन नहीं किया - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 08:08 AM PDT

भोपाल।
यह एक बेहद बना खड़ा है। मैसेज सील सिक्के के साथ लाउड एंड क्लियर है। कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के 95% पैरंट्स ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। उन्होंने सहमति पत्र पर साइन करने से मना कर दिया। पेरेंट्स का कहना है कि जो बच्चे आंखों के सामने नियमों का पालन नहीं करते, वह बच्चे स्कूल में प्रोटोकॉल का पालन कैसे करेंगे। स्कूल कैंपस में पेरेंट्स नहीं टीचर्स मौजूद होते हैं। उनकी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश के करीब 9000 शासकीय हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में से साढ़े 8 हजार स्कूल खुल रहे हैं। हालांकि, यहां केवल 5% विद्यार्थी उपस्थित हो रहे हैं। भोपाल जिले में भी यही स्थिति है। यहां 717 निजी व सरकारी स्कूलों में से 442 स्कूल खुले हैं। इन स्कूलों के 1 लाख 49 हजार विद्यार्थियों में से केवल 7473 के अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल आने की सहमति दी है। इसके अलावा कई ऐसे स्कूल भी हैं, जहां अब तक एक भी सहमति पत्र नहीं मिला है।

सरकारी स्कूलों के 70% विद्यार्थियों के पास ना तो स्मार्टफोन है ना ही टीवी

स्कूल शुरू होने के दस दिन बाद भी सिर्फ पांच फीसद अभिभावक बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। ऐसे में 15 अक्टूबर के बाद स्कूलों को पूरी तरह खोले जाने को लेकर विभाग में भी असमंजस बना हुआ है। सरकारी स्कूलों में तो 70 फीसद विद्यार्थियों के पास न तो स्मार्टफोन है और न ही टीवी। ऐसे में केवल 30 फीसद बच्चे ही ऑनलाइन क्लास का लाभ ले रहे हैं।

भोपाल जिले की स्थिति
भोपाल जिले में 135 सरकारी स्कूल में से 39 हजार विद्यार्थियों में से 1800 अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने सहमति पत्र दिए हैं। वहीं 582 निजी स्कूलों के 1 लाख 10 हजार विद्यार्थियों में से 5673 के सहमति पत्र मिले हैं।

इन स्कूलों में संख्या कम राजधानी के शिवाजी नगर स्थित सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक 2200 विद्यार्थियों में से सिर्फ 130 सहमति पत्र मिले हैं। वहीं महात्मा गांधी शासकीय उमावि में 630 में से 200 सहमति पत्र आए हैं। शासकीय उमावि चूना भट्टी में 531 में से 25 बच्चे आ रहे हैं।

DEO भोपाल का बयान
अभी प्रत्येक स्कूल में 5 से 10 फीसद विद्यार्थी ही सहमति पत्र ला रहे हैं। स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन बिना सहमति पत्र के प्रवेश नहीं दे रहे हैं।
-नितिन सक्सेना, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल

भोपाल जिले के प्राइवेट स्कूलों का आंकड़ा 
प्राइवेट स्कूलों की संख्या- 582 
विद्यार्थियों की संख्या - 1,10,000 
स्कूल खुले - 308 
सहमति पत्र मिले - 5673 
सरकारी स्कूलों की संख्या- 135 
स्कूल खुले - 134 
विद्यार्थियों की संख्या - 39,000 
सहमति पत्र मिले - 1800

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COLLEGE ADMISSION के लिए दो विषय के छात्रों की तुलना नहीं की जा सकती: हाई कोर्ट - JABALPUR HIGH COURT

Posted: 04 Oct 2020 07:51 AM PDT

जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रीवा जिले के एक शासकीय शिक्षक बृजेश तिवारी की याचिका को खारिज करते हुए अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि किसी भी कोर्स में एडमिशन के लिए दो अलग-अलग खुशियों के छात्रों के बीच तुलनात्मक अध्ययन नहीं किया जा सकता है। दरअसल, जीव विज्ञान से B.Ed पास शिक्षक अपनी तुलना अंग्रेजी साहित्य से BEd पासबुक में द्वार से कर रहा था। याचिका पर फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की युगलपीठ ने सुनाया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चचाई जिला रीवा के शिक्षक बृजेश तिवारी ने यह याचिका दायर कर कहा कि उसने 65.4% अंकों से बीएड परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बावजूद रीवा शिक्षण कॉलेज में उसे MEd में प्रवेश नहीं दिया गया। अधिवक्ता ज्ञानेंद्र पटेल ने दलील दी कि बीएड में याचिकाकर्ता से कम 65.27% अंक लाने वाली शहडोल की संपूर्णा शुक्ला को प्रवेश दे दिया गया। 

राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता आशीष आनन्द बर्नार्ड ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने जीवविज्ञान में BEd किया। जबकि अनावेदक संपूर्णा शुक्ला ने अंग्रेजी साहित्य में BEd किया। संपूर्णा को अंग्रेजी साहित्य विषय के लिए MEd में प्रवेश दिया गया। जबकि जीवविज्ञान विषय मे 69.36% अंक पाने वाली स्मृति शुक्ला को प्रवेश दिया गया, जिसके अंक याचिकाकर्ता से अधिक हैं। हाई कोर्ट ने इस तर्क को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका खारिज कर दी।

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MP CORONA: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ग्वालियर से कोरोना खत्म हो रहा है - UPDATE NEWS

Posted: 04 Oct 2020 07:23 AM PDT

भोपाल
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच द्वारा चुनाव प्रचार के लिए नियम विरुद्ध भीड़ जुटाने वाले नेताओं के खिलाफ FIR के आदेश जारी करने के बाद से सरकारी रिपोर्ट में ग्वालियर के सामने प्रतिदिन संक्रमित नागरिकों की संख्या तेजी से कम हो रही है। आज ग्वालियर के आगे मात्र 33 लिखा है। यदि यह आंकड़ा राजनीतिक दबाव में कम नहीं हो रहा है तो बहुत अच्छी बात है। दुख की बात यह है कि 24 घंटे में 35 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के कुछ खास आंकड़ों में चमत्कारी गिरावट दर्ज की गई है। 

MADHYA PRADESH CORONA BULLETIN 04 OCTOBER 2020

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन दिनांक 4 अक्टूबर 2020 (शाम 6:00 बजे तक) के अनुसार पिछले 24 घंटे में:- 
25226 सैंपल की जांच की गई।
173 सैंपल रिजेक्ट हो गए।
23506 सैंपल नेगेटिव पाए गए।
1720 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
35 मरीजों की मौत हो गई।
2120 मरीज डिस्चार्ज किए गए।
मध्यप्रदेश में संक्रमित नागरिकों की कुल संख्या 135638 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 2434 
मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस से स्वस्थ हुए नागरिकों की संख्या 113832 
4 अक्टूबर 2020 को संक्रमित नागरिकों की संख्या 19372

MADHYA PRADESH COVID UPDATE NEWS TODAY 04 OCTOBER 2020 

जब अचानक सुखद स्थिति बनने लगे तो विश्वास नहीं होता। ग्वालियर के मामले में कुछ ऐसा ही हो रहा है। प्रतिदिन पॉजिटिव नागरिकों की संख्या इतनी तेजी से घट रही है कि किसी घोटाले का संदेह होने लगा है। संदेश इसलिए भी हो रहा है क्योंकि हाल ही में हाईकोर्ट में काफी सख्त लहजे में कलेक्टरों को चुनाव प्रचार में भीड़ जुटाने वाले नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए कहा है। 
इंदौर पूरी अकड़ के साथ आगे बढ़ रहा है। आज 477 नागरिक पॉजिटिव दर्ज किए गए हैं। ऐसा लग रहा है जैसे जल्द ही इंदौर का औसत 500 पॉजिटिव प्रतिदिन हो जाएगा। इंदौर के अखबार बताते हैं कि कोविड-19 इंदौर के अस्पताल और दवा विक्रेताओं के लिए सबसे अच्छा अवसर बन गया है। 1 दिन का ₹25000 के हिसाब से 15 दिन का एडवांस पैसा जमा कराया जा रहा है। 
जबलपुर के बिगड़ते हालात, कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है। कोई चमत्कारी गिरावट दर्ज नहीं हो रही परंतु अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ने नहीं दी जा रही है। 
भोपाल में सार्वजनिक स्थानों का सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग एवं फेस मास्क के लिए रुको रुको जैसा कोई अभियान नहीं है। संक्रमण को फैलने की पूरी आजादी दे दी गई है। आम नागरिक थोड़े सतर्क हैं शायद इसलिए आज की रिपोर्ट में भी 202 पॉजिटिव दर्ज हुए हैं।




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JABALPUR में मामा मैगी सेंटर सील, चाय पे बात पर जुर्माना - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 07:14 AM PDT

जबलपुर।
  मध्यप्रदेश के जबलपुर में डुमना रोड पर स्थित दुकान मामा मैगी को फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन का न करने पर सील कर दिया है। वहीं एक दुकान चाय पे बात दुकान संचालक पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है

बताया जाता है कि जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे रोको टोको अभियान के तहत आज जिला प्रशासन की टीम डुमना रोड पहुंच गई, जहां पर दो दुकान मामा मैगी सेंटर और आंटी मैगी सेंटर में ग्राहकों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया जा रहा था

संचालक द्वारा गाइड लाइन की अनदेखी किये जाने पर दोनो मैगी सेंटर को सील कर दिया गया कार्यवाही से हड़कम्प मच गया था इसके बाद टीम ने चाय पे बात दुकान पर कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना किया गया कार्यवाही के दौरान एसडीएम रांझी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे

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नवरात्रि 2020: माता घोड़े पर सवार होकर आएंगी, दो दुर्लभ योग, पूरे 9 दिन का व्रत - NAVRATRI 2020

Posted: 04 Oct 2020 06:52 AM PDT

ऐसा बहुत कम होता है जब साधकों को नवरात्रि में पूरे 9 दिन साधना का अवसर मिलता है। 2020 की नवरात्रि 9 दिवसीय पर्व है। नवरात्रि महोत्सव 17 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस साल माता रानी घोड़े पर सवार होकर आएंगी। इसके अलावा दो दुर्लभ योग भी बन रहे हैं। जिनमें से एक अत्यंत मंगलकारी बुधादित्य योग है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस नवरात्रि में शनि मकर में और गुरु धनु राशि में रहेगा। ये दोनों ग्रह 58 साल बाद नवरात्रि में एक साथ अपनी-अपनी राशि में स्थित रहेंगे। 2020 से पहले 1962 में ये योग बना था। उस समय 29 सितंबर से नवरात्रि शुरू हुई थी। 

नवरात्रि की शुरुआत में 17 तारीख को ही सूर्य का राशि परिवर्तन भी होगा। सुर्य तुला में प्रवेश करेगा। तुला राशि में पहले से वक्री बुध भी रहेगा। इस कारण बुध-आदित्य योग बनेगा। 

इस बार पूरे नौ दिनों की रहेगी नवरात्रि

इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी। इसी दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करके नीच का हो जाएगा। 17 तारीख को बुध और चंद्र भी तुला राशि में रहेंगे। चंद्र 18 तारीख को वृश्चिक में प्रवेश करेगा। लेकिन सूर्य-बुध का बुधादित्य योग पूरी नवरात्रि में रहेगा।

नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी देवी

शनिवार से नवरात्रि शुरू होने से इस बार देवी का वाहन घोड़ा रहेगा। नवरात्रि जिस वार से शुरू होती है, उसके अनुसार देवी का वाहन बताया गया है। अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू होती है तो देवी का वाहन हाथी रहता है। शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि शुरू होती है तो वाहन घोड़ा रहता है। गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर देवी डोली में सवार होकर आती हैं। बुधवार से नवरात्रि शुरू होती है तो देवी का वाहन नाव रहता है।

BHOPAL: व्यापारी को लव मैरिज के बाद पता चला पत्नी तो 3 शादियां कर चुकी है - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 06:41 AM PDT

भोपाल।
 मप्र की राजधानी भोपाल में छोला मंदिर पुलिस ने एक युवक की शिकायत पर उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी महिला ने खुद को बेसहारा बताकर युवक से शादी की और बाद में उसे परेशान कर रही थी। आरोपी महिला पहले भी कई लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में रिपोर्ट दर्ज करवा चुकी है।  

छोला मंदिर पुलिस के मुताबिक 29 वर्षीय युवक हार्डवेयर की दुकान चलाता है। लॉकडाउन के दौरान वह जरूरतमंद लोगों को खाना पहुंचाया करता था। इसी बीच उसकी मुलाकात शबाना नामक महिला से हुई। उसने खुद को बेसहारा बताते हुए मदद करने को कहा तो युवक उसे खाना पहुंचाने लगा। इस दौरान दोनों के बीच दोस्ती हो गई। सहारा पाने के लिए शबाना ने युवक के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने मान लिया और दोनों ने शादी कर ली। बाद में पता चला कि महिला के घर परिचितों का आना-जाना रहता है। इसको लेकर जब उसने जानकारी जुटाई तो पता चला कि शबाना इसके पहले तीन लोगों के साथ शादी कर चुकी है, इसके बाद उसने महिला के घर जाना बंद कर दिया।

महिला पिछले दिनों युवक की दुकान पर पहुंच गई और जमकर हंगामा किया। वह उससे मोबाइल और पैसे छीन ले गई तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। परेशान होकर युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि शबाना ने झूठ बोलकर उससे शादी की थी। जांच के बाद शबाना के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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दुनिया का सबसे विशाल बरगद का पेड़, कहां स्थित है, कितना पुराना है, खास बातें, विशेषताएं - GK IN HINDI

Posted: 04 Oct 2020 06:29 AM PDT

THE GREAT BANYAN TREE, Where is it located, how old, special things, features

इस प्रश्न का उत्तर निश्चित रूप से ज्यादातर लोगों को याद होगा। कुछ लोगों की मेमोरी से थोड़ा ब्लर हो गया होगा। रिवीजन के लिए इस आर्टिकल को लिखा जा रहा है। यह तो सभी जानते हैं कि बरगद के पेड़ सारी दुनिया में पाए जाते हैं और हिंदू संप्रदाय में बरगद के पेड़ को पूजनीय माना गया है। खुशी की बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा और उम्र दराज बरगद का पेड़ भारत में स्थित है। 

'द ग्रेट बनियन ट्री' कितना पुराना है और कहां स्थित है

यह विशालकाय बरगद का पेड़ भारत देश की पश्चिम बंगाल राज्य की राजधानी कोलकाता के आचार्य जगदीश चंद्र बोस बॉटनिकल गार्डेन में है। 1787 में इस पेड़ को यहां स्थापित किया गया था। उस समय इसकी उम्र करीब 20 साल थी। इस पेड़ की इतनी जड़ें और शाखाएं हैं कि इससे एक पूरा का पूरा जंगल ही बस गया है। इसे देखकर यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है कि यह सिर्फ एक ही पेड़ है।

विश्व का सबसे बड़ा बरगद का पेड़ 14500 वर्ग मीटर जमीन पर फैला हुआ है। 
द ग्रेट बनियन ट्री की ऊंचाई 24 मीटर है। 
दुनिया के सबसे पुराने बरगद के पेड़ की स्थापना सन 1787 में की गई थी। 
सन 2020 में विश्व के सबसे पुराने बरगद के पेड़ की उम्र 253 साल थी।
दुनिया के सबसे विशाल बरगद की जटाओं की संख्या 3000 से ज्यादा है जो जड़ों में तब्दील हो गई है। 
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित सबसे प्राचीन बरगद के पेड़ को दुनिया का सबसे चौड़ा पेड़ या 'वॉकिंग ट्री' भी कहा जाता है। 
दुनिया के सबसे विशाल बरगद के पेड़ पर पक्षियों की 80 से ज्यादा प्रजातियां निवास करती हैं।
साल 1987 में भारत सरकार ने इस विशालकाय बरगद के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था। 
इसे बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया का प्रतीक चिह्न भी माना जाता है। 
इस पेड़ की देखरेख 13 लोगों की एक टीम करती है, जिसमें बॉटनिस्ट (वनस्पति वैज्ञानिक) से लेकर माली तक सब हैं। 
समय-समय पर इसकी जांच की जाती है, ताकि इसे कोई नुकसान न पहुंचे। 
यह पेड़ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण BJP में असंतोष कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकारा - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 08:04 AM PDT

इंदौर।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय ने PRESS के सामने यह स्वीकार किया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने से भारतीय जनता पार्टी में असंतोष की स्थिति बन गई थी। श्री विजयवर्गीय का कहना है कि कार्यकर्ताओं का माइंडसेट बदलने के लिए हमें पर्याप्त समय मिला और अब सब कुछ ठीक है।

जिसके खिलाफ लड़ाई लड़ी, वही पार्टी में आ गया

INDORE में MEDIA से मुखातिब होते हुए BJP के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने माना कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के BJP में आने से कार्यकर्ताओं को पदाधिकारियों में असंतोष की स्थिति थी। बीजेपी महासचिव ने कहा, ''ये बात सही है लंबे समय तक जिस व्यक्ति के खिलाफ आप संघर्ष कर रहे हैं, वो आपके दल में आ जाए और आने के बाद उसके लिए आप काम करो तो इसके लिए आपको एक माइंडसेट तैयार करना पड़ता है। पर हमें समय बहुत मिला। कार्यकर्ताओं में असंतोष था, असंतोष समाप्त हो गया। सब लग गए।'' 

'माफ करो महाराज' भाजपा का सबसे बड़ा चुनाव अभियान था 

याद दिलाने की 2018 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भारतीय जनता पार्टी द्वारा सबसे बड़ा प्रचार अभियान 'माफ करो महाराज' चलाया गया था। भाजपा के नेता खुले तौर पर सामंतवाद और राजनीति में भाई भतीजावाद का विरोध करते थे। स्वयं शिवराज सिंह चौहान ने कई बार सन 1857 की क्रांति और देश के गद्दार राजाओं की कहानियां सुनाई थी। सुभद्रा कुमारी चौहान की 'रानी लक्ष्मीबाई' कविता, भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों में गर्व के साथ सुनाई जाती थी।

04 अक्टूबर को सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार

OMG! BHOPAL में 2nd क्लास की बच्ची ने सुसाइड किया, खुद फंदा बनाया और फांसी पर झूल गई - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 05:49 AM PDT

भोपाल।
मप्र की राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र में सेकंड क्लास में पढ़ने वाली 9 साल की एक बच्ची ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मां ने उसे डांट दिया था। इससे नाराज होकर वह छत पर चली गई। 15 मिनट बाद पिता छत पर पहुंचे तो वह फंदे पर लटकी थी।  

श्यामला हिल्स पुलिस के अनुसार, समर्थ केवट एक बिल्डिंग में गार्ड हैं। वे परिवार के साथ स्मार्ट रोड स्थित बालाजी सेरेमोनियल के क्वार्टर में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि शनिवार रात वे उनका 11 साल का बेटा, पत्नी और 9 साल की बेटी राधिका घर पर थीं। राधिका खरगोश के साथ खेलना चाह रही थी। वह उन्हें छत से नीचे लाने की जिद करने लगी। इस पर उनकी मां ने उसे डांट दिया। इससे नाराज होकर वह वहां से चली गई। कुछ देर तक उसकी आवाज नहीं आने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। वह छत पर पहुंचे तो बेटी दुपट्टे से फंदा लगा चुकी थी। उन्होंने उसे फंदे से उतारा और पानी पिलाने का प्रयास किया। कई बार मुंह में पानी डाला, लेकिन बेटी के शरीर में कोई हरकत नहीं आई। 

पुलिस ने रविवार दोपहर बच्ची का पोस्टमार्टम कराया। थाना प्रभारी तरुण भाटी के अनुसार, राधिका कक्षा सेकंड में पढ़ाई करती थी। अब घर में उसके बाद उसका 11 साल का बड़ा भाई, मां और पिता हैं। परिजन ने बताया कि वह छोटी-सी बात पर भी नाराज हो जाती थी, लेकिन उन्हें कभी एहसास नहीं हुआ कि वह इस तरह का कोई कदम उठा सकती है।

थाना प्रभारी तरुण भाटी ने बताया कि पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उनके पिता समर्थ बच्ची का शव फंदे से उतार चुके थे। पूरा परिवार गम में है। इसलिए अब तक उनके बयान नहीं हो सके। परिजन के शुरुआती बयान के अनुसार यह एक सुसाइड का केस है। लेकिन यह किन हालात में और कैसे घटना हुई? इसकी जांच की जा रही है।

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INDORE BJP नेता और अधिकारी कॉलेज में बैठकर फर्जी वोटर लिस्ट बना रहे थे: प्रेमचंद गुड्डू

Posted: 04 Oct 2020 05:20 AM PDT

इंदौर।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू ने गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में सांवेर विधानसभा सीट की फर्जी वोटर लिस्ट तैयार की जा रही थी। प्रेमचंद गुड्डू ने यह भी कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर कर रहे थे परंतु गुड्डू ने नामों का खुलासा नहीं किया और ना ही अपने बयान के साथ प्रमाण के तौर पर कोई वीडियो जारी किया।

प्रेमचंद गुड्डू ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायत पुलिस से की है

सांवेर विधानसभा सीट से उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा के नेता इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में बैठकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रहे थे। प्रेमचंद गुड्डू ने कहा कि पटवारी और बीएलओ दोनों मिलकर करीब 850 फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ रहे थे जिन्हें मैंने रंगे हाथों पकड़ा है और पूरे मामले की शिकायत खुडैल पुलिस थाने में की है।

प्रेमचंद गुड्डू ने कलेक्टर को सूचना नहीं दी थी, नहीं तो तत्काल कार्रवाई हो जाती

प्रेमचंद गुड्डू ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कॉलेज में अधिकारियों के साथ बैठकर बीजेपी नेता मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर उन्होंने इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में छापामार कार्रवाई की है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि जब उनके पास पुख्ता सूचना थी तो फिर उन्होंने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को इसकी सूचना क्यों नहीं दी लेकिन यह जरूर कहा कि वह इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग और मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से करेंगे।

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Jio Mart App Download कर लीजिए, फेस्टिव सीजन में बड़ा डिस्काउंट मिलेगा - TECH NEWS

Posted: 04 Oct 2020 04:56 AM PDT

रिलायंस ने फेस्टिव सीजन में बड़े धमाके करने की तैयारी कर ली है। यह तो आप जानते ही हैं कि रिलायंस ने हाल ही में बिग बाजार और फ्यूचर ग्रुप के रिटेल एवं होलसेल बिजनेस को अधिग्रहित कर लिया है। अब रिलायंस स्मार्टफोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और ग्रॉसरी जैसी कैटेगरी में बड़ी प्रोडक्ट रेंज उतारने की तैयारी कर रहा है। कई कंपनियों से डील फाइनल हो रही है और खबर है कि अपनी पहचान के अनुसार फेस्टिव सीजन में बड़े डिस्काउंट के साथ धमाकेदार धंधा करने की तैयारी है।

नवरात्रि में बंपर डिस्काउंट ऑफर आ सकता है

पिछले कुछ सप्ताह में रिलायंस रीटेल ने करीब 33 हजार करोड़ का निवेश जुटाया है। माना जा रहा है कि नवरात्रि से विजयदशमी के बीच जिस तरह फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डे सेल और ऐमजॉन ग्रेट इंडिया फेस्टिवल सेल्स लेकर आती है, उसी तरह जियोमार्ट भी अपने कस्टमर्स के लिए बंपर डिस्काउंट ऑफर करेगी। यह मिड अक्टूबर से मिड नवंबर के बीच संभव है।

भारत में फिलहाल 12 हजार के करीब रिलायंस रीटेल स्टोर्स

पूरे देश में रिलायंस रीटेल के तहत करीब 12 हजार स्टोर्स हैं। जियोमार्ट के ऑर्डर इसके जरिए पूरे किए जाएंगे। बेंगलुरू में अपने फैशन स्टोर चेन रिलायंस ट्रेंड्स के जरिए वह पायलट प्रॉजेक्ट पर काम भी कर रही है। जियोमार्ट का फोकस 200 शहरों में डिलिवरी देने की होगी। यह करीब 3500 पिनकोड एरिया कवर करेगी।

जियोमार्ट बेंगलुरु और चेन्नई में घर-घर दूध पहुंचा रही है 

हाल ही में जियोमार्ट ने बेंगलुरू और चेन्नै में सब्सक्रिप्शन बेस्ड सुबह में घर-घर दूध पहुंचाने की सर्विस शुरू की है। अब तक इस सेगमेंट पर बिग बास्केट के बीबी डेली का कब्जा रहा है। इसके अलावा ग्रॉसरी, फैशन, स्मार्टफोन्स, फ्रिज, टेलीविजन, एसी जैसे ड्यूरेबल गुड्स पर जियोमार्ट सबसे ज्यादा डिस्काउंट ऑफर करेगी और ग्राहकों को अपने पाले में लाने की कोशिश करेगी। 
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1 दिन में 24 घंटे क्यों होते हैं, 60 क्यों नहीं होते! जबकि मिनट में 60 सेकंड, घंटे में 60 मिनट होते हैं - GK IN HINDI

Posted: 04 Oct 2020 04:33 AM PDT

ज्यादातर नापतोल 100 के गुणांक में होते हैं। 100 सेंटीमीटर का 1 मीटर, 1000 मीटर का 1 किलोमीटर। इसी तरह 1000 मिलीलीटर का 1 लीटर। लेकिन यदि आप समय की बात करेंगे तो इसकी गणना 100 तक नहीं जाती 60 पर आकर खत्म हो जाती है। 1 मिनट में 60 सेकंड और 1 घंटे में 60 मिनट क्यों होते हैं, यह भी बताएंगे परंतु सवाल यह है कि जब समय की गणना 60 के गुणांक में हो रही है तो फिर 1 दिन 24 घंटे का क्यों होता है। 1 दिन में 60 घंटे क्यों नहीं होते। 

1 सेकंड का शोधन कैसे हुआ, 1 सेकंड कितना लंबा होता है 

समय की गणना के लिए सबसे पहले सेकंड का शोधन किया गया। आपको जानकर अच्छा लगेगा कि सेकंड का नाम सेकंड इसलिए रखा गया क्योंकि घंटे का दूसरा भाग है। घंटे का पहला भाग मिनट है। अब आते हैं अपने सवाल पर किस सेकंड का शोधन कैसे किया गया। एक घंटा 60 मिनट का और 1 मिनट 60 सेकंड का होता है यह तो हमें पता है परंतु 1 सेकंड कितना लंबा होता है। इसका उत्तर हम आज तलाश कर लेंगे। आपको जानकर खुशी होगी कि इसका जवाब हर उस व्यक्ति ने पढ़ा है जिसने अपनी जिंदगी में घड़ी को देखा है लेकिन ज्यादातर लोग नहीं जानते कि उन्होंने जो पढ़ा है तो कितना उपयोगी है। "QUARTZ" क्वार्ट्ज, यह शब्द घड़ियों में आपने अक्सर पढ़ा होगा। सारी दुनिया में QUARTZ यानी स्फटिक का पत्थर अकेली ऐसी चीज है जो हमेशा एक समान कंपन उत्पन्न करती है। हर मौसम और हर परिस्थिति में, इसके कंपन में कोई परिवर्तन नहीं होता। यही कारण है कि इसके एक बार कंपन की अवधि को 1 सेकंड माना गया। इसीलिए घड़ियों या टाइम से जुड़ी किसी भी डिवाइस में QUARTZ जरूर लिखा होता है।

1 मिनट में 60 सेकंड, 1 घंटे में 60 मिनट क्यों होते हैं 

सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि समय की गणना सबसे बड़ी इकाई वर्ष, माह या फिर दिन से शुरू नहीं हुई बल्कि सबसे छोटी इकाई सेकंड से की गई है। सुमेरियन सभ्यता के लोग 60 की संख्या का उपयोग करते थे। जैसे हम 10 और 100 की संख्या का करते हैं। उनके लिए 60 की संख्या ही 100% के बराबर थी। यही कारण है कि उन्होंने समय को भी 60 की संख्या में नापा और विभाजित कर दिया। दुनिया में कई अन्य सभ्यताएं भी थी और उन्होंने भी समय की गणना अपने-अपने तरीके से की परंतु अंत में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने समय की गणना के लिए 60 की संख्या को मान्यता दे दी क्योंकि यह गणना सबसे सटीक थी। यही कारण है कि 1 मिनट में 60 सेकंड और 1 घंटे में 60 मिनट होते हैं। याद रखना होगा कि समय को नापने की सबसे बड़ी इकाई घंटा है। 

1 दिन में 24 घंटे के होते हैं 60 घंटे क्यों नहीं होते 

अब अपन अपने मूल सवाल की तरफ आते हैं। तो जैसा कि अभी हाल ही में आपको हमने बताया कि समय को नापने की सबसे बड़ी इकाई घंटा है, यानी समय को नापने की इकाई "दिन" नहीं है। वैज्ञानिक कहते हैं कि लगभग 1.4 करोड़ों साल पहले 18 घंटे का एक दिन हुआ करता था यानी चंद्रमा 18 घंटे में पृथ्वी की परिक्रमा कर लेता था। (तभी तो 8 घंटे विश्राम, 2 घंटे दैनिक नित्य कर्म एवं भोजन और 8 घंटे काम का नियम बनाया गया) धीरे-धीरे चंद्रमा, पृथ्वी से दूर जा रहा है। इसी के साथ 1 दिन में घंटो का खर्चा भी बढ़ रहा है। एक दिन 18 घंटे से बढ़कर 24 घंटे का हो गया है। शायद 50 लाख साल बाद एक दिन 60 घंटे का हो जाएगा। 
लेखक उपदेश अवस्थी इंटरनेट पर हिंदी के योगदान के लिए गूगल द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)

BHOPAL में दलित लड़की का रेप, हंगामा, आरोपी को पब्लिक ने पीटा, कांग्रेस का प्रदर्शन - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 05:12 AM PDT

भोपाल।
रविवार की सुबह भोपाल की शुरुआत दुखद घटना क्रम से हुई। 20 साल की दलित लड़की का उसी के परिचित चौकीदार ने सारी रात बंधक बनाकर बलात्कार किया। उसके दो साथियों ने पहरेदारी की। इस दौरान लड़की को बेरहमी से पीटा गया। लड़की के माता-पिता ने रात में ही पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दे दी थी परंतु पुलिस लड़की की तलाश नहीं कर पाई। बदहवास लड़की सुबह पुलिस को मिली। पब्लिक ने दुष्कर्म के आरोपी को ढूंढ कर बेरहमी से पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने शिवराज सिंह सरकार और भोपाल पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश को देश की बलात्कार की राजधानी कहा है। 

पुलिस से पहले पब्लिक ने आरोपी को ढूंढ निकाला, बेरहमी से पीटा

ASP BHOPAL दिनेश कौशल ने बताया कि देर रात पीड़िता के मां-बाप पुलिस थाने आए थे। उन्होंने बताया कि उनकी 20 साल की लड़की एक दुकान पर काम करती है। वह घर नहीं लौटी है। पुलिस ने सभी संभावित जगह और ठिकानों पर तलाश की। पुलिस सबसे पहले जिस दुकान पर लड़की काम करती थी, वहां पहुंची तो उन्होंने बताया कि वह एक्टिवा लौटाने किसी देवी सिंह के यहां गई है। इधर, पुलिस से पहले ही लोगों ने आरोपी को खोज लिया।

रविवार सुबह निर्माणाधीन मकान में बंधक पड़ी थी लड़की, शरीर पर चोटों के निशान

लड़की सुबह बैरागढ़ के 12 नंबर कैंपस के एक निर्माणाधीन मकान में बंधक मिली। वह बदहवास हालत में थी। उसे कुछ चोटें भी थीं। यह देखकर लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने आरोपी की जमकर पिटाई की। आरोपी देवी सिंह को पुलिस के हवाले कर दिया गया। घायल होने के कारण उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

पुलिस ने कहा पीड़िता घुमक्कड़ जाति से संबंधित है, दलित नहीं

एएसपी कौशल ने बताया कि पीड़िता घुमक्कड़ जाति से संबंधित है। अगर वह दलित श्रेणी में आती है तो आरोपियों के खिलाफ अन्य धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

रेप पीड़िता ने बताया घटना का विवरण

पीड़िता ने बताया कि वह 35 साल के देवी सिंह को पहचानती है। काम के सिलसिले में शनिवार को वह देवी से एक्टिवा ले गई थी। रात करीब 9:30 बजे वह देवी सिंह को निर्माणाधीन मकान पर गाड़ी लौटाने गई थी। उसके साथ दो और दोस्त वहां पर थे। वह उन्हें नहीं जानती थी। देवी ने कहा कि उसके पैसे गिर गए हैं। अंधेरे में दिख नहीं रहे हैं। टॉर्च दिखा दो। जैसे ही दरवाजे के पास टॉर्च दिखाने लगी तो उसके दोनों दोस्तों ने मुझे पकड़ लिया और कमरे के अंदर कर दिया। देवी ने मेरे साथ मारपीट करके दुष्कर्म किया और उसके दोनों साथी बाहर बैठकर पहरा देते रहे।

भोपाल में दलित लड़की के रेप पर डीआईजी इरशाद वली का बयान

डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि अभी तक के बयानों के आधार पर पीड़िता की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपी देवी सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया है। उसने ही लड़की से दुष्कर्म किया है। उसके दोनों साथियों ने इसमें उसकी मदद की है। इसलिए लड़की के बयान के आधार पर सभी को आरोपी बनाया गया है। यह अपराध चिह्नित अपराध में रखा गया है ताकि इस मामले की जल्द जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलवाई जा सके।

भोपाल में दलित लड़की के बलात्कार के बाद महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेसी महिला कार्यकर्ता का कहना है कि भाजपा की सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। आये-दिन महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदातें हो रही हैं। इसको लेकर उन्होंने रविवार दोपहर बाद कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाए कि शिवराज सरकार बनने से लगातार महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने शिवराज का पुतला भी जलाया।

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INDORE इंजीनियरिंग स्टूडेंट I REST MYLIFE लिखकर फांसी पर झूल गया

Posted: 04 Oct 2020 02:33 AM PDT

इंदौर।
तिलक नगर पुलिस थाना क्षेत्र के वसुंधरा अपार्टमेंट में रहने वाले इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया है। उसने मात्र 3 लाइन का सुसाइड नोट छोड़ा है। सुसाइड नोट के टाइटल में लिखा है 'I REST MYLIFE', सुसाइड नोट में मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं बताया बल्कि जिंदगी में मदद करने के लिए अपनी मां और दोस्तों को थैंक यू लिखा है।

उज्जैन के दीपेश चौहान ने इंदौर में आत्महत्या कर ली

घटना तिलकनगर थाना क्षेत्र के वसुंधरा अपार्टमेंट की है। यहां पर रहने वाले 21 वर्षीय छात्र दीपेश चौहान ने अपने ही घर मे फांसी लगा ली। मृतक मूल रूप से उज्जैन का रहने वाला है और इंदौर में इंजीनियरिंग में सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों ने अनुसार, मृतक दीपेश को बहुत गुस्सा आता था और रात को भी उसका फोन पर किसी से झगड़ा हुआ था।

Engineering student Dipesh Chauhan commit suicide

मृतक ने खुदकुशी करने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमे उसने लिखा है कि 'I rest my life: Thanks for supporting whole life mum and friends' इतना लिखने के बाद उसने फांसी लगा ली। मामले में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय भिजवाकर जांच शुरू कर दी है।

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BJP की महिला नेता ने BF को मिलने बुलाया, पीछे-पीछे उसकी पत्नी भी आ गई - INDORE NEWS

Posted: 04 Oct 2020 12:57 AM PDT

इंदौर।
तिलक नगर पुलिस थाना में विवाहेत्तर प्रेम संबंधों को लेकर दो शिकायतें सामने आई है। दोनों शिकायतें महिलाओं ने की है। पहली शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि बीजेपी की महिला नेता ने उसके पति के साथ अवैध संबंध बना लिए हैं। दोनों घर में थे तब उन्हें रंगे हाथों पकड़ा है। भाजपा की महिला नेता का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज डाल कर उनके पुरुष मित्र की पत्नी उन्हें बदनाम कर रही है।

तिलक नगर थाने के प्रभारी एसआई गुलाब सिंह रावत ने बताया कि सबसे पहले एक महिला ने काफी हंगामा किया और फिर पुलिस को बताया कि भाजपा की शादीशुदा महिला नेता ने उसके पति के साथ अवैध संबंध बना लिए हैं। दोनों आफ्टर मैरिटल अफेयर में है। उसने दोनों को रंगे हाथों पकड़ा है।

भाजपा की महिला नेता का कहना है कि उसने पुरुष मित्र को व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर लोन दिया था। महिला का पति वही वापस करने आया था। इसी दौरान महिला ने षड्यंत्र पूर्वक माहौल बनाते हुए भीड़ इकट्ठा कर ली और सोशल मीडिया पर मैसेज चलवा दिए। 

महिला नेता के पति ने कहा कि मेरी पत्नी तो ऐसी ही है

इस कहानी में नया ट्विस्ट तब आया जब भाजपा की महिला नेता के पति ने बयान दिया। उसने बताया कि उसकी पत्नी की हरकतें ठीक नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन जमा कर लिए हैं, जांच की बात भी कही है। 

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BANK LOAN चुकाने वाले इमानदार लोगों को CASH BACK मिलेगा! - NATIONAL NEWS

Posted: 03 Oct 2020 11:23 PM PDT

नई दिल्ली।
लॉक डाउन के 6 महीने जबकि RBI ने लोन मोमोरेटोरियम की सुविधा दी थी, जिन दुकानदारों, छोटे उद्योग पतियों, व्यापारियों आदि ने इस सुविधा का लाभ नहीं उठाया है उन्हें CASH BANK का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा दो करोड़ रुपये तक कर्ज वाली वो MSMEs जिन्‍होंने वक्‍त पर किस्‍त भरी, उन्‍हें भी मुआवजा मिल सकता है। वित्त मंत्रालय ने प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

कठिनाइयों के बावजूद जिन्होंने लोन चुकाया, नजरअंदाज करना गलत होगा

एक सरकारी सूत्र ने कहा, "मोरेटोरियम का विकल्‍प चुनने वाले कर्जदार को कितना फायदा हुआ, यह पता लगाया जा सकता है। सरकार इसे उन्‍हें पास कर सकती है जिन्‍होंने अपना बकाया वक्‍त पर चुकाया। कठिनाई के बावजूद जो वक्‍त पर EMI भरते रहे, उन्‍हें नजरअंदाज करना गलत होगा।"

कर्ज माफी की आलोचना क्यों की जाती है

मोरेटोरियम से जुड़े पूरे आंकड़े अभी तक नहीं आ पाए हैं, इस वजह से अभी डीटेल्‍स पर काम नहीं हुआ है। एक बार सुप्रीम कोर्ट वित्‍त मंत्रालय का प्रस्‍ताव मान ले तो सरकार इस दिशा में आगे बढ़ सकती है। पिछले कुछ सालों में राज्‍यों ने कई बार किसानों की कर्ज माफी के फैसले किए, जिनकी आलोचना केंद्र और रिजर्व बैंक इस आधार पर कर चुके हैं कि इससे ईमानदार कर्जदाताओं को सजा दी जा रही है।

लोन मोरेटोरियम का किसने फायदा उठाया किसने नहीं, सरकार के पास पूरे आंकड़े नहीं है

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे लोगों की अच्‍छी-खासी तादाद है जिन्‍होंने छह महीने के मोरेटोरियम का लाभ उठाया लेकिन ऐसे भी कर्जदार हैं जिन्‍होंने कुछ वक्‍त के लिए मोरेटोरियम अपनाया। कुछ ने कई दिन तक EMI टाल दी। एक सूत्र ने कहा, 'यह कैलकुलेशन इतनी आसान नहीं है। सरकार के पास अभी सारे आंकड़े भी नहीं हैं, खासतौर से NBFCs और हाउसिंग फायनेंस कंपनीज का।" 

लोन मोरटोरियम: राहत देने का क्या तरीका हो सकता है

रेटिंग एजेंसी ICRA के उप-निदेशक अनिल गुप्‍ता के अनुसार, समय पर भुगतान करने वालों को राहत देने का एक तरीका ये है कि सरकार उनके मूल बकाये में से 'ब्‍याज पर ब्‍याज' का एक हिस्‍सा कम कर दे। उन्‍होंने कहा, "अगर यह मान लें कि बैंकों और NBFCs के सभी कर्जों का 30-40% से ज्‍यादा राहत के योग्‍य नहीं होगा, तो इस कदम पर सरकार को 5,000-7,000 करोड़ का खर्च करना होगा। यह उस स्थिति में होगा जब यह माना गया कि सभी कर्जदारों को राहत देनी है, चाहे उन्‍होंने मोरेटोरियम लिया हो या नहीं।"

लोन मोरटोरियम: सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार ने क्या कहा है

सुप्रीम कोर्ट को सौंपे हलफनामे में इस बात का जिक्र किया गया है कि अब चक्रवृद्धि ब्याज पर छूट का वहन सरकार करेगी। केंद्र ने कहा, "संभावित सभी विकल्पों पर सावधानीपूर्वक विचार किए जाने के बाद सरकार ने छोटे कर्जदारों की मदद करने की पंरपरा बनाए रखी है। इन दो करोड़ रुपये तक के ऋणों की श्रेणियों में एमएसएमई ऋण, शैक्षिक, आवास, उपभोक्ता, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया, उपभोग, व्यक्तिगत और पेशेवर ऋण शामिल हैं, जिन पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज को माफ करने का फैसला लिया गया है।"

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शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के शोषण का तरीका, बदलते भर्ती नियम - EMPLOYEE NEWS

Posted: 04 Oct 2020 02:33 AM PDT

भोपाल
। मप्र में न्यायपालिका, पुलिस व राजस्व विभाग में तो भर्ती प्रक्रिया में स्थायित्व है। शोषण के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में भर्ती नियमों में लगातार बदलाव कर कर्मचारियों के शोषण का तरीका निकाला गया है। 

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष श्री प्रमोद तिवारी एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने संयुक्त प्रेस नोट में बताया कि न्यायपालिका, पुलिस व राजस्व विभाग में परिवीक्षा व प्रशिक्षण अवधि सिमित व स्थायी है। इसके उलट शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में परिवीक्षा व प्रशिक्षण अवधि में लगातार बदलाव कर आर्थिक शोषण का मार्ग प्रशस्त किया गया है। शिक्षा विभाग में पहली बार 1972 में भर्ती नियमों में बदलाव कर पांच वर्ष में अनिवार्य पदोन्नति को पलिता लगाया गया था। 

इसका दंश 1972-73 से लेकर 1994-1995 तक की अवधि में नियुक्त शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में बगैर पदोन्नति के सेवानिवृत्त होने तक झेलना पड़ रहा है। 1972 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्नातक होने की तिथि से माननीय उच्च न्यायालय ने पांच-पांच वर्ष में अनिवार्य पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त कर दिया। इसका लाभ ऐसे शिक्षकों को सेवानिवृत्ति पर काल्पनिक वेतनवृध्दि देते हुए संशोधित पीपीओ-जीपीओ जारी किये। इससे इन्हें तीन लाख रूपये से अधिक एरियर राशि प्राप्त हुई है। यह शिक्षा विभाग पर कलंक है कि "नियमों में बदलाव के बाद पूरे सेवाकाल में बगैर पदोन्नति के शिक्षकों को अपने मूल पद से सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है।" वर्ष 1994-95 में शिक्षक संवर्ग को डाइंग केडर(मृत संवर्ग) घोषित कर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती शिक्षाकर्मी के रूप में प्रारंभ की गई। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि दोनों संवर्ग में खाई बनी रही व कार्यक्षमता प्रभावित हुई। तीन साल तक अत्यल्प मानदेय पर शोषण कर पुनः 1998 में इन्हें नियमित नियुक्ति दी गई। इसमें पुनः 2003 में बदलाव कर ठेका पद्धति से भर्ती कर शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में पैरामेडिकल स्टाफ के शोषण का तरीका अपनाया गया। 

शिक्षा विभाग में पंद्रह फीसदी मानदेय में वृद्धि कर तीन वर्ष में शिक्षाकर्मी के रूप में नियुक्ति मान्य की गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग में वर्षो से पैरामेडिकल स्टाफ को ठेका पद्धति (संविदा) पर रोक कर न्यूनतम मानदेय शोषण बदस्तूर जारी है। शिक्षा विभाग में 1994-95 से नियुक्त शिक्षाकर्मियों को पदनाम बदलकर वर्ष 2007-08 से अध्यापक संवर्ग नाम से नवाजा गया। नियमित शिक्षकों के समान सेवाशर्तो पर तर्क दिया जाता रहा है कि ये शासन के नहीं, स्थानीय निकाय के कर्मचारी है। इसमें सात वर्ष सेवाकाल पर पदोन्नति व नियमित शिक्षकों के समान क्रमोन्नति वेतनमान का प्रावधान किया गया, लेकिन 2006 से राज्य कर्मचारियों के समान छठे वेतनमान का लाभ एक दशक बाद 2016 में व सातवां वेतनमान व नवीन "शिक्षक संवर्ग" पदनाम ढाई वर्ष विलंब से जुलाई 2018 से देते हुए शिक्षा विभाग में मान्य किया गया। 

इसमें पांच वर्ष में पदोन्नति का प्रावधान रखा गया। विडम्बना देखिये 1995 में शिक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त शिक्षकों को बड़ी सफाई से पुरानी पेंशन योजना व अन्य परिलाभों से वंचित कर दिया गया है। जबकि अंशदायी पेंशन योजना जनवरी 2005 से लागू है। वर्ष 1972 के बाद नियुक्त योग्यताधारी शिक्षक कर्मचारी  "पदनाम" की मांग करते-करते कुछ हजारों तक सिमट गये, जो लगातार सेवानिवृत होते-होते नगण्य हो रहे है।कुल मिलाकर शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में खुला शोषण शासन की गलत भर्ती प्रक्रिया के चलते बदस्तूर जारी हैं। 

हताश निराश शोषित कर्मचारी अपनी जायज मांगों पांचवें, छठे व सातवें केंद्रीय वेतनमान यथावत प्रासंगिक भत्तों एचआर सहित, पुरानी पेंशन योजना बहाली, कोरोना के नाम पर आर्थिक नुकसान वाले आदेशों को लेकर आंदोलन करने व न्यायालय के चक्कर लगाने को मजबूर है। सत्ता में रहते दोनों दलों ने अपने-अपने कार्यकाल में शोषण के नये कीर्तिमान स्थापित किये है जो बदस्तूर जारी है, यह "स्थायी कलंक है।"

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JABALPUR: शिक्षिका के शव मिलने के दूसरे दिन बेटे का भी मिला शव - MP NEWS

Posted: 04 Oct 2020 02:33 AM PDT

सिहोरा/ जबलपुर।
मझगवां थाना अंतर्गत मृत शिक्षिका ज्योत्सना हल्दकार का बेटा भी मृत अवस्था में मझगवां के पास नहर मैं मिला। जबकि स्कूटी का अभी तक कोई पता नही। कल सुबह 10 बजे शिक्षिका अपने बच्चे के साथ स्कूटी से स्कूल जाने निकली थी जिनका शव नहर में दोपहर के समय उतराता मिला था लेकिन बच्चे का और स्कूओटी कि कोई सुराग नही लगा था दूसरे दिन बच्चे का शव भी मृत अवस्था में मझगवां के पास नहर मैं मिला।

यह था घटनाक्रम 
मझगवां थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघुली के पास नहर में महिला शिक्षिका की लाश तैरते मिली महिला की शिनाख्त ज्योत्सना उर्फ ज्योति हल्दकार, अतरसूमा (सिलौडी थाना) निवासी के रूप में हुई है। मृतका नेगई गांव के स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू की है वहीं यह भी आशंका जताई जा रही है कि महिला शिक्षक की हत्या कर शव फेंका गया है क्योंकि जिस अवस्था मे महिला का शव मिला है प्रथम दृष्टया देखने में महिला एप्रिन पहने हुए ,पैरों में व्यस्थित सेंडल भी पहने हुए है। कहीं चोट के निशान नही मिले। 

मृतका घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी ।जिसका शव नहर में तैरता मिला। पुलिस भी इस मामले कुछ ज्यादा नही बता सकी और मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। सवाल यह भी उठता है कि आख़िर महिला अपने स्कूल से दूसरी में नहर तक कैसे पहुंची, या महिला के साथ किसी प्रकार की अनहोनी हुई फिर हत्या कर शव फेंका गया जिसकी तफ्तीश मझगवां पुलिस करने में जुटी है।

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INDORE में कांट्रेक्टर की बीच सड़क पर हत्या, साथी युवक गंभीर - MP NEWS

Posted: 03 Oct 2020 10:15 PM PDT

इंदौर।
 मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 1 दिन में ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हत्या की वारदात हुई है। हीरा नगर में ठेकेदार आशुतोष परमार व साथी योगेश पर चाकू से हमला हुआ। इलाज के दौरान आशुतोष ने दम तोड़ दिया।तथा शनिवार को कनाड़िया इलाके में 22 वर्षीय चेतन सोलंकी नाम के युवक की बाइक से आए दो बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी।    

हीरा नगर थाना प्रभारी राजीव भदौरिया के अनुसार, दीनदयाल उपाध्याय नगर में रहने वाले 21 वर्षीय आशुतोष परमार की मौत हुई है, जबकि उसका दोस्त योगेश जख्मी है। रात 11 बजे सूचना मिलने पर जांच अधिकारी जगदीश मालवीय सुखलिया के डीएम सेक्टर पहुंचे। वहां सड़क पर खून फैला था। पता चला कि आशुतोष और योगेश जख्मी हालत में कार से बापट चौराहे तक गए हैं, लेकिन हालत बिगड़ने पर उतरते वक्त रास्ते में गिर गए। फिर मालवीय ने उनकी जान बचाने के लिए अस्पताल पहुंचाया, पंपिंग की और हाथ पैर में मालिश भी की, लेकिन आशुतोष नहीं बच सका।

उसकी पीठ में ही चाकू घुसा हुआ था। जांच में पता चला कि आशुतोष और योगेश अपनी कार में शराब पीकर लौट रहे थे, तभी संकरी गली में बाइक पर बैठे युवकों को वे गालियां देने लगे। युवकों ने विरोध किया तो कार से उतरकर उन्हें मारने गए, तभी घर की गैलरी में खड़े दो भाई रोहित और राहुल ने गाली देने से मना किया तो कार सवार युवकों ने उन्हें भी गालियां दी। इस पर दोनों भाई नीचे उतरे। उनका दोस्त भी साथ आ गया। तीनों ने मिलकर आशुतोष और योगेश को चाकू घोंप दिए। फिर भाग गए।

इंदौर में  चेतन सोलंकी की हत्या 

शनिवार शाम को कनाड़िया थाना क्षेत्र के बिचौली गांव में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से निकले 22 वर्षीय युवक चेतन सोलंकी पर बाइक से आए दो बदमाशों ने चाकू से वार कर दिए। चेतन अपने साथी वरुण के साथ था। वरुण ने पुलिस को बताया कि वह बैंक से आया था, तभी पीछे से बाइक सवार दो बदमाशों ने चाकू मार दिए। वे कुछ समझते, तब तक बदमाश भाग गए। सीएसपी अनिल सिंह राठौर ने बताया कि हत्या तात्कालिक विवाद में हुई है। चेतन का गुरुवार को खुड़ैल के एक ढाबे में शराब पीते समय पवन और अरुण बंजारा नाम के युवकों से विवाद हुआ था। उसमें इसने उन्हें धमकी दी थी। आशंका है कि इसी विवाद में चेतन की हत्या की गई। दोनों की तलाश की जा रही है।

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धमकी देकर चोरी करने वाले के खिलाफ FIR में कौन सी धारा दर्ज की जाएगी - ASK IPC

Posted: 03 Oct 2020 02:23 PM PDT

Threatening during a theft incident

अक्सर हम सुनते हैं कि कोई चोर घर में चोरी करने आया है और उसके साथी बाहर है, उनकी धमकी देकर वह चोरी करता है या वह स्वयं स्वामी को मारने की धमकी देकर चोरी करता है। उसके लिए चोरी के अपराध की एक नई धारा के अंतर्गत मामला दर्ज होगा जानिए।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 382 की परिभाषा:-

अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्तों या साथियों के साथ किसी व्यक्ति के घर में चोरी करता है या अकेला चोरी करता है तब वह या दोस्तों के साथ मिलकर किसी स्वामी को मृत्यु की, चोट पंहुचने की आदि की धमकी दे कर चोरी करता है। वह या उसके सभी साथी धारा 382 के अंतर्गत दोषी होंगे।
नोट:- यह धारा धमकी मात्र पर ही लागू होती है, अगर चोट या मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए अन्य धारा के अंतर्गत कार्यवाही होगी।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 382 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं होते हैं। यह संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध होते हैं,इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को होता है। सजा- दस वर्ष की कठिन कारावास ओर जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है।

उधरणानुसार:- यदि तीन व्यक्ति मिलकर किसी व्यक्ति को उसकी घड़ी चराने के उद्देश्य से घेर लेते हैं ताकि वह व्यक्ति उनका विरोध न कर पाएं। बिना बल प्रयोग किए वह व्यक्ति डर के कारण अपनी घड़ी दे देता है। इस अपराध में तीनों व्यक्ति धारा 382/34 के अंतर्गत दोषी होंगे। 
लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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रात के समय किसी के घर में चोरी छुपे घुसना किस धारा के तहत अपराध है
यदि कोई मर्जी के बिना घर में घुस आए तो क्या FIR दर्ज करवाई जा सकती है
धूम्रपान करने वालों के खिलाफ IPC की किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
आम रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत FIR दर्ज होती है
गर्भपात के दौरान यदि महिला की मृत्यु हो गई तो जेल कौन जाएगा डॉक्टर या पति
यदि जबरदस्ती नशे की हालत में अपराध हो जाए तो क्या सजा से माफी मिलेगी

Airtel ₹399 वाला पॉपुलर प्लान फिर से लांच करना पड़ा

Posted: 04 Oct 2020 12:57 AM PDT

नई दिल्ली।
उपभोक्ताओं की नाराजगी का सामना कर रही है भारती एयरटेल को एक बार फिर सबसे पॉपुलर ₹399 पोस्टपेड प्लान फिर से लांच करना पड़ा। इतना ही नहीं ग्राहकों को बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा टेलीकॉम सर्किल में इस प्लान को ऑफर किया गया है। बताने की जरूरत नहीं कि भारती एयरटेल ने इसे कंपनी के लिए नुकसान वाला प्लान बताते हुए बंद कर दिया था।

Jio Postpaid Plus को टक्कर देने के लिए एयरटेल ने बंद प्लान को फिर से चालू किया

बाजार के पंडितों का अनुमान है कि Jio Postpaid Plus प्लान आने के बाद जियो को टक्कर देने के लिए अब कंपनी ने 399 रुपये वाला प्लान सभी सर्किल में लागू कर दिया है। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल का 399 रुपये वाला प्लान रिलायंस जियो के 399 रुपये वाले जियो पोस्टपेड प्लस प्लान को टक्कर देगा। टेलिकॉम टॉक की एक रिपोर्ट में एयरटेल द्वारा सभी सर्किल में 399 रुपये के इस प्लान को लॉन्च करने की जानकारी दी गई। 

399 रुपये वाले एयरटेल पोस्टपेड प्लान में क्या-क्या मिल रहा है

बता दें कि 399 रुपये वाला यह प्लान एक बेस पोस्टपेड प्लान है। रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के एयरटेल यूजर्स ने बताया कि उन्होंने Airtel thanks ऐप में इस प्लान को देखा। 399 रुपये वाले एयरटेल प्लान में 40GB 3G/4G डेटा के साथ 100 एसएमएस हर दिन ऑफर किया जाता है। इसके अलावा अनलिमिटेड कॉलिंग भी फ्री है। इस पोस्टपेड प्लान में Wynk Music और Shaw Academy के अलावा 1 साल के लिए Airtel Xstream Premium सब्सक्रिप्शन भी जिया जा रहा है। यूजर्स को फ्री हैलोट्यून्स और फास्टैग ट्रांजैक्शन पर 150 रुपये कैशबैक भी मिलता है।

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कांग्रेस-भाजपा के नेता अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के मुद्दे पर अपने प्रयास बताएं - Khula Khat

Posted: 03 Oct 2020 01:36 PM PDT

अनिल जैन।
पिछले 25 वर्षों से अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए महाविद्यालयीन अतिथि विद्वानों ने हर मंत्री,मुख्यमंत्री के चौखट पर मत्था टेका लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई।अतिथि विद्वानों से चुनाव से पहले पार्टियां वादों की झड़ी लगा देती हैं कि जैसे ही हमारी सरकार बनेगी हम आपको पहली ही कैबिनेट में नियमितीकरण का तोहफ़ा देंगे लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण मुद्दे पर ही सरकार बनती हैं सरकार गिरती है लेकिन जैसे ही सत्ता में आते हैं तो अतिथि विद्वानों को भूल जाते हैं।

वर्तमान राजनैतिक उथल पुथल के केंद्र में अतिथि विद्वान ही रहे हैं।कांग्रेस ने नियमितीकरण का वचन 17.22 दिया था। वचन पत्र को गीता कुरान को जैसा बताया था वहीं शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि विद्वानों के शाहजहानी पार्क के आंदोलन में आकर वादा किया था कि अतिथि विद्वानों की लड़ाई अब "टाइगर" लड़ेगा। शिवराज सिंह ने कहा था कि एक पल की देरी के बिना अतिथि विद्वान नियमितीकरण का फैसला होना चाहिए। सत्ता बदली पर नहीं बदली तो अतिथि विद्वानों किस्मत।अतिथि विद्वानों की झोली अब भी खाली है। 

संघ के अध्यक्ष वा मोर्चा के संयोजक डॉ देवराज सिंह ने कहा कि बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों हमारी मांगो को हमारी पीड़ा को जानते हैं,समझते हैं लेकिन तब जब विपक्ष में रहते हैं तब तक।जैसे ही सत्ता मिलती हैं तो तुरंत भूल जाते हैं इसलिए मेरा अनुरोध है कि हमारी पीड़ा दर्द को समझते हुए न्याय करें हमारा पुनर्वास करें।

हजारों विद्वानों को सरकार 7 महीने में नहीं दे पाई रोजगार

आज भी पिछले 10 महीने से बेरोजगार फालेन आउट अतिथि विद्वानों को सरकार सेवा में वापस नहीं ले पाई जो वास्तव में शिवराज सरकार की नियत पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।संघ के मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय ने बताया कि कांग्रेस सरकार में ही 450 पदों की कैबिनेट से मंजूरी मिल गई थी लेकिन वर्तमान सरकार पिछले 7 महीने से उन्ही पदों को रोक कर रखी है जो कि समझ से परे है।डॉ पांडेय ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि बाहर हुए अतिथि विद्वानों को सरकार व्यवस्था में ले जिससे लगातार हो रही अतिथि विद्वानों की आत्महत्या रुके।

उप चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे अतिथि विद्वान अपने लाखों युवा छात्रों के साथ

संघ के प्रवक्ता डॉ मंसूर अली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में करोड़ों युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने वाले,युवाओं का नेतृत्व करने वाले महाविद्यालय के अतिथि विद्वान युवाओं को बताएंगे कि कैसे उनके गुरुओं के साथ ये सरकारें पिछले 25 वर्षों से छल कपट कर रही हैं।अतिथि विद्वानों के नाम पर पार्टियां सत्ता में आती हैं और सत्ता मिलने पर अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर बात करना तक उचित नहीं समझती हैं।आज अतिथि विद्वानों की दुर्दशा किसी से भी छुपी नहीं है। उप चुनाव से पहले किसी ठोस कदम की अपेक्षा है। 
लेखक अनिल जैन स्वयं अतिथि विद्वान हैं। 

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GWALIOR से उज्जैन महाकाल के लिए ट्रेन - MP NEWS

Posted: 03 Oct 2020 01:28 PM PDT

ग्वालियर
। कोरोना काल में उज्जैन स्थित महाकाल के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब साबरमती एक्सप्रेस के बाद दूसरी ट्रेन झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस मिलेगी। इस ट्रेन के चलने से अब यात्रियों को उज्जैन जाने के लिए आसानी से कंफर्म बर्थ मिल सकेगी। ग्वालियर से हर महीने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दर्शन करने उज्जैन जाते हैं। 

झांसी बांद्रा एक्सप्रेस के चार अक्तूबर से चलने से उज्जैन जाना आसान हो गया है। चूंकि, ये ट्रेन झांसी से ही बनती है। इसलिए यात्रियों के लिए अब झांसी से उज्जैन के लिए कंफर्म सीट मिलना मुश्किल नहीं होगा। इसमें ट्रेन नंबर 01103 झांसी बांद्रा स्पेशल एक्सप्रेस का संचालन प्रत्येक रविवार व सोमवार को होगा। यह ट्रेन झांसी से शाम 4.50 बजे चलेगी। ग्वालियर में यह शाम को 6:25 पर आएगी। 

इसी तरह 01104 बांद्रा झांसी स्पेशल ट्रेन का संचालन प्रत्येक मंगलवार व बुधवार को होगा। यह ट्रेन बांद्रा स्टेशन से सुबह 5.10 बजे चलेगी। इस ट्रेन को दतिया, डबरा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, रुठियाई, बियावरा राजगढ़, मसी, उज्जैन, नागदा, रतलाम, दौड़, गोधरा, बड़ोदरा, भरुच, सूरत, वापी व बोरीवली स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।

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GWALIOR कैंसर अस्पताल में महिला मरीज का शव फांसी पर लटका मिला - MP NEWS

Posted: 03 Oct 2020 03:03 PM PDT

ग्वालियर
। मांडरे की माता पहाड़ी पर स्थित कैंसर अस्पताल में 8 दिन पहले भर्ती की गई 45 वर्षीय महिला का शव खिड़की की ग्रिल से लटका हुआ मिला। जिस वार्ड में महिला का शव मिला वहां और भी मरीज भर्ती हैं, रात 9:00 बजे तक महिला को देखा गया उसके बाद सुबह शव दिखाई दिया। रात में किसी अन्य मरीज ने किसी भी प्रकार की आवाज नहीं सुनी। 

कैंसर अस्पताल के इलाज से संतुष्ट नहीं थीं मधुबाला सिंह

कैंसर अस्पताल के एक मेल नर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि मधुबाला पत्नी अनंत सिंह निवासी हनुमानगढ़ कैंसर की बीमारी से ग्रस्त थीं। उन्हें कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे हो रहे इलाज से संतुष्ट नहीं थीं और शरीर से होने वाले दर्द से परेशान थीं। अलसुबह के समय वार्ड की गैलरी से लगे ग्रिल में फांसी का फंदा लगाकर बीमार मधुबाला ने आत्महत्या कर ली।

किसी ने फांसी लगाते नहीं देखा, सुबह फंदे पर लटकी बॉडी दिखी

जानकारी के मुताबिक मृतका लंबे समय से कैंसर की बीमारी से पीडि़त थी। कुछ दिनों तक परिजनों ने जड़ी बूटी से उसका इलाज कराया था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने पर कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां कीमोथैरेपी से उपचार करने की सलाह दी गई थी रात लगभग साढ़े नौ बजे वह दर्द की पीड़ा से रोई भी थीं। सुबह के समय मधुबाला को लोगों ने अपने बेड के पास ग्रिल में फांसी के फंदे पर लटकता देखा।

पुलिस मामले की जांच कर रही है

अस्पताल में बीमार महिला द्वारा फांसी लगा आत्महत्या कर लेने की खबर लगते ही चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों के साथ पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। झांसी रोड थाना प्रभारी पंकज त्यागी ने कैंसर अस्पताल में महिला द्वारा आत्महत्या की पुष्टि करते हुए कहा कि हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। 

आठ दिन पहले किया था भर्ती

परिजनों ने बताया कि पिछले आठ दिन पूर्व ही मधुबाला को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी हालत स्थिर बनी हुई थी। परिजनों का कहना है कि संभवत: उसने बीमारी से तंग आकर ही जान दी है। 

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अपराध में इरादा होना जरूरी है नहीं तो वह मात्र एक घटना है: सुप्रीम कोर्ट - Supreme court Decision

Posted: 03 Oct 2020 03:00 PM PDT

Difference among crime, accident and incident

नई दिल्ली। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि किसी भी अपराध में इरादे का होना जरूरी है। हम मान कर नहीं चल सकते कि किसी व्यक्ति के पास यदि अपराध करने की शक्ति है तो वह निश्चित रूप से अपराध करेगा। मामला एक महिला की आत्महत्या का था जिसके लिए उसके पति को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और पंजाब हाई कोर्ट द्वारा जिम्मेदार माना गया। सुप्रीम कोर्ट ने उसे निर्दोष घोषित करते हुए कहा कि प्रकरण में ना तो साक्ष्य उपलब्ध हैं और ना ही इरादा स्पष्ट हो पा रहा है। 

गुरचरण और उसके माता पिता को अपनी पत्नी की आत्महत्या के आरोप में आईपीसी की धारा 304बी, 498और 34 के तहत आरोपित किया गया था। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को धारा 304बी और 498 के तहत दंडित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। लेकिन उन पर धारा 306 के तहत पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा चल सकता है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि विवाहित स्त्री की अपेक्षा होती है कि पति उसे प्यार और वित्तीय सुरक्षा देगा। यदि उसकी ये अपेक्षाएं जानबूझकर लापरवाही करके पति द्वारा तोड़ी जाती हैं, तो ये धारा 307 के तहत अपराध बनेगा और उसे धारा 306 के तहत दंड मिलेगा। पंजाब हाई कोर्ट ने पति की अपील खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था। पंजाब कोर्ट ने कहा था कि वैवाहिक घर में जो परिस्थितियां और माहौल बना था उनके कारण वह आत्महत्या के लिए मजबुर हुई।

इस फैसले को गुरचरण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सीधा सबूत नहीं है। न ही ऐसा कोई सबूत है जिससे यह पता चलता हो कि पति और ससुराल पक्ष ने कोई प्रताड़ना की है। यह भी नहीं पता चल रहा है कि उन्होंने उसकी कौन सी विशेष अपेक्षा को तोड़ा जिससे वह अपने पति से इतना निराश हो गई थी। साथ ही यह भी नहीं सामने आया है कि पति ने उसकी जानबूझकर उपेक्षा की।

पीठ ने कहा कि सभी अपराधों में इरादे का होना जरूरी होता है। धारा 307 के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए मानसिक इरादे का मौजूद होना जरूरी है, जिसमें अपराध विशेष को करने का इरादा हो। इसमें दिखाई देना चाहिए कि आरोपी का दुर्भावनापुर्ण मन था और उसने मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाया। आत्महत्या के मामले में इस इरादे को मानकर नहीं चला जा सकता कि ये मौजूद होगा ही होगा। ये इरादा स्पष्ट होना चाहिए और दिखना चाहिए। इस मामले में ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों ने इस बिंदु की जांच नहीं की कि क्या ये इरादा पति के अंदर मौजूद था।

कोर्ट ने कहा कि पेश सबूतों से यह कहीं भी नहीं लगता कि पत्नी की देखभाल करने में पति ने कोई कसर बाकी रखी थी। या उसने ऐसा कोई काम किया जिससे पत्नी निराश हो गई हो। ये सबूत भी नहीं है कि वह पत्नी को लगातार प्रताड़ित करता था। ट्रायल और हाई कोर्ट ने एक अप्राकृतिक मौत पर बिना सबूतों के यह स्वयं मान लिया कि अपीलकर्ता आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार है। बिना ठोस सबूतों के ऐसा निष्कर्ष निकालना गलत है।

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