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Thursday, January 7, 2021

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अंग्रेजों की नीति पर चल रही है सरकारें

Posted: 06 Jan 2021 11:00 PM PST

अंग्रेजों की नीति पर चल रही है सरकारें
लेखक- कृपा शंकर चौधरी

देश आजाद हुआ किन्तु अपने रक्त बहाने वालों ने कतई नहीं सोचा होगा कि देश की आजादी इस प्रकार की होगी। एक तरफ किसान का पुत्र देश की सीमा पर सुरक्षा के लिए जान की बाजी लगाने के लिए खड़ा है तो दूसरी ओर किसान पिता अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकार के सामने जान देने पर तुला है। स्वतंत्र मीडिया जब सरकार से प्रश्न करती है तो सरकार अपने को किसानों की हितैषी बताती जबकि किसान आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया जाता है। दूसरी तरफ किसान से पूछने पर सरकार की नीति किसान विरोधी बताया जाता है और सरकार को पूंजीपतियों के हित में काम करना कहा जाता है।

कहावत है कि बिना आग के धुआं नहीं उठता यकीनन यह सत्य है। सरकार द्वारा कृषि और किसानों को लेकर काफी उत्साहित बोल बोले गये जिसे अमलीजामा पहनाने का भी भरसक प्रयास जारी है किन्तु किसानों के मन में सरकार द्वारा लाएं गये बिल में अस्तित्व का संकट दिखाई देता है जिससे बिल का विरोध शुरू हो गया। विपक्ष को भी मौका चाहिए था वह भी किसान के साथ हो लिया। किसानों के मांग का दबाव सरकार पर पड़ने पर सरकार द्वारा सीधा जवाब न देकर आंदोलन को विपक्ष द्वारा प्रेरित करार दिया गया।

राजनीतिकरण से किसानों की जायज मांग अधर में

कृषि क्षेत्र में कार्य कर रही सरकार की कुछ नीतियों से किसानों ने असंतोष जताया और किसानों द्वारा कुछ बिंदुओं पर असहमत होने पर मांग रखी गई। जिसमें न्युनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, भंडारण सम्बंधित बिल में बदलाव, कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाना आदि मुख्य हैं। विचारणीय प्रश्न है यदि यह आम मांग जिसके कारण किसानों और कृषि को अग्रगामी बनाती है तो सरकार को मानने में इतना ना-नुकुर करने की आवश्यकता क्यों पड़ी है। विलंब से प्रतीत होता है इस मुद्दे को सरकार अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रही है या पास बिल से जिस प्रकार का डर किसानों को है उस दिशा में कार्य कर रही है।
जायज आंदोलन का राजनीतिकरण होना, एक दूसरे किसान संगठन को आपस में उलझा देना, आंदोलन को कुचलने का प्रयास करना, भाई को भाई से लड़ा देना यह तो आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा किया जाता था। क्या सरकार अपनी हठधर्मिता के लिए अंग्रेजों के पदचिन्हों पर अग्रसर है?

क्या सहकारिता है समाधान?

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अनेक धर्म , संप्रदाय, भाषा, बोली का समन्वय है। किन्तु तुच्छ मानसिकता एवं राजनीति के कारण धार्मिक,भाषाई आदि आपसी मनमुटाव खत्म कर एक दिशा में बढ़ने की आवश्यकता है। जितनी भी सरकारे बनी अपने पराए तक उलझ कर रह गई और राजनीति की रोटियां सेंकने हेतु बांटो और राज करो की अंग्रेजी नीति पर चलती रही। वर्तमान समय में आवश्यकता है एक सूत्र में बांधने की इसके लिए जनता को विश्वास में लेकर उचित रणनीति के तहत काम करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है और उसे इस दिशा में सार्थक और ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रगतिशील उपयोगी तत्व के प्रणेता एवं दार्शनिक प्रभात रंजन सरकार ने अपने लेखों में जिक्र किया है कि देश और कृषि के विकास के लिए सहकारिता अति आवश्यक है। इससे एक तरफ आपसी सौहार्द तो दूसरी ओर देश विकास की ओर अग्रसर होगा। कृषि नीति पर ही बात करें तो जीविकोपार्जन के लिए सभी लोग एक प्लेटफार्म पर खड़े रहते हैं वहां धर्म,भाषा, संप्रदाय नहीं देखा जाता। एक गांव में विभिन्न जातियां एवं धर्म के लोग निवास करते हैं और सभी जीविकोपार्जन के लिए अलग-अलग संघर्ष करती है। यदि इनके संघर्ष को सहकारिता के माध्यम से इनके हितों को देखते हुए नीतिगत जामा पहनाई जाती है तो विकास की गति को बढ़ाया जा सकता है। सहकारिता के इस कदम से देश के निचले पायदान गांवों का विकास संभव होगा और गांवों के देश भारत में विकास की लहर का श्रृजन होगा।

अलग-अलग सरकारों द्वारा किसानों के हित हेतु नियम लागू किया गया किन्तु वह पूरे देश की जिम्मेदारी संभालने वाले किसानों के लिए मील का पत्थर साबित नहीं हो सका। 

उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश का बढ़ता प्रवाह

Posted: 06 Jan 2021 08:34 PM PST

उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश का बढ़ता प्रवाह
लेेेखक- राजेश चन्द्र गुप्त


उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरान्त विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं/कार्यक्रमो को लागू करने के साथ ही औद्यागिक विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा। प्रदेश में औद्यौगीकरण तथा रोजगार के व्यापक अवसरों को सृजित करने के लिये बेहतर माहौल तैयार किया गया। उन्होंने इनवेस्टर्स समिट तथा ग्राउण्ड बे्रकिंग सेरेमनी का आयोजन कर उद्यम विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट कर दिया। पूंजी निवेश हेतु आकर्षक आयोजनों के फलस्वरूप आज उद्यमी प्रदेश में पूंजी निवेश करने के लिये आकर्षित ही नहीं हुए हंै, बल्कि उत्तर प्रदेश को औद्यौगिक निवेश का गन्तव्य बनाने हेतु आतुर हैं।
सरकार के सकेारात्मक प्रयासों से प्रदेश में औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना हेतु पूंजी निवेश की गति जहां प्रवाहमान हुई है, वहीं उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य बन गया, जहां सबसे अधिक पूंजी निवेश स्वयमेव आ रहा है।  या यूं कहा जाए कि पं्रदेश में उद्योगों के विभिन्न क्षेत्रो ंमें बड़े स्तर पर पूंजी निवेश की प्रक्रिया तेजी से प्रवाहमान है।
प्रदेश में इनवेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रू0 के 1045 प्रस्ताव राज्य को मिल, जिसमें विभिन्न इकाइयां स्थापित करने में निवेशकों ने विशेष रूचि प्रदर्शित की। इसीप्रकार ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में उत्तर प्रदेश को डिफेंस काॅरीडोर के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। प्रथम ग्राउण्ड बे्रेक्रिंग सेरेमनी में 61792 करोड़ रू0 के 81 इकाइयों की स्थापना के लिये एम0ओ0यू0 किये गये, जिसमें से 30618 करोड़ रू0 की 41 परियोजनाआ ने कामर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया है। तथा 16301 करोड़ रू0 की 16 परियोजनायें प्रगति के तिवभिन्न चरणो ंमें है।
इसी प्रकार दूसरे ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान 67754 करोड़ रू0 के 290 एम0ओ0यू0 हस्ताक्षिरित किये गय। इनमें से 18041 करोड़ रू0 की 72 परिपरियोनाएं उत्पादन रत हो चुकी है। तथा 38824 करोड़ रू0 की 133 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में उत्पादनरत होने की दशा में प्रगति पर है।
इस प्रकार ग्राउण्ड ब्रेंकिं्रग सेरेमनी के दौरान हस्ताक्षरित हुये कुल 371 परियरोजनाओं में से 48659  करोड़ रू0 की 113 इकाइयों ने कामर्शियल उत्पादन शुरू हो चुका है। 49125 करोड़ रू0 की 159 इकाइयों के जल्द ही पूर्ण होने की सम्भावना है।
इनवेस्टर्स समिट के दौरान हुये एम0ओ0यू0 में से 49147 करोड़ रू0 की 152 इकाइयों ने उत्पादन प्रारम्भ कर दिया गया है।  55055 करोउ़ रू0 के 175 इकाइयां निर्माण एवं उत्पादन के विभिन्न स्तरो ंपर है।
इनके अलावा 7848 करोड़ रू0 की चार इकाइयों ने प्रदेश में तिभिन्न उत्पादों की इकाइयां स्थापित करने की इच्छा ही नहीं जताई, बल्कि इन इकाइयों ने स्थापना का कार्य भी शुरू कर दिया है। इनके अलावा दक्षिण अफ्रीका की कम्पनी मिल्कोर डिफेंस प्रा0 लि0 द्वारा अलीगढ़ में रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में 20 करोउ़ रू0 का निवेश किये जाने के लिये एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किया गया है।      
इसके साथ ही वस्त्रोद्योग एवं आई0टी0 की कम्पनियों ने भी इकाइयों स्थापित करने में रूचि दिखाई। इन इकाइयों के माध्यम से करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इन निवेश प्रस्तावों में भारत के अलावा, जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों की कम्पनियों प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के है।  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेाप्त प्रस्तावों के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों हेतु विशेष दिलचस्पी प्रदर्शित करते हुये इच्छुक कम्पनियांें को औद्यौगिक विकास प्राधिकरणों के माध्यम से लगभग 426 एकड़ के 327 भूखण्ड आवंटित किये जा चुके है। इसमें करीब 6700 करोड़़ रू0 के निवेश किया जाना प्रस्तावित है। स्थाापित होने वाली कम्पनियों में सूर्या ग्लोबल, हीरा नन्दानी ग्रुप, हिन्दुस्तान, यूनीलीवर, एम0जी0 कैप्सूल्स, केशों पैकेजिंग, माउन्टेन व्यू टेकनाॅलाॅजी, एडिसिन मोटर्स, एसोसियेटेड ब्रिटिश फूड पी0एल0सी0, याजाकी, तथा वान वेलेक्स कम्पनी आदि है।
औद्यौगिक विकास हेतु पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार द्वारा किये गये सार्थक प्रयासों के फलस्वरूप औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना एवं कारोबारी जरूरतों से जुड़े 7000 से अधिक लायसेंस व एन0ओ0सी0 जारी करने की व्यवस्था की गई। निवेश मित्र पोर्टल के माघ्यम से आवेदन, लायसेंस, एनओंसी तथा फीस जमा ेकरने की सुविधा प्रदान की गई। वर्तमन में उद्यमियों/निवेशकों को 22 विभागों की 122 सेवायें निवेश मित्र द्वारा सुलभ कराई जा रही है। जल्द ही निवेश मित्र पोर्टल पर भूमि, भवन व श्रम से सम्बंधित 58 नई सेवायें प्रारम्भ करने की कार्यवाही त्वरित गति से जारी है। निवेश मित्र पोर्टल पर 20 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण फौरी तौर पर किया गया, जो निवेशकों के लिये सकारात्मक माहौल का परिचायक रहा। इसके साथ ही गत 30 माह में सरकार को  2.64 लाख आवेदन प्राप्त हुये, इनमें से 2.14 लाख आवेदनो ंपर लायसेंस व एन0ओ0सी0 तय समय सीमा में डिजिटल सिग्नेचर कंे माध्यम से जारी किये गये। राज्य सरकार ने उद्यमियों की सहूलियत के लिये कृषि भूमि के औद्यौगिक उपयोग के परिवर्तन शुल्क की दर को 35 से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है। इससे निवेशकों को कृषि भूमि को औद्यौगिक भू उपयोग में बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में औद्यौगिक इकाइयों की स्थापना हेतु आकृष्ट होंगें और रोजगार के अवसरो ंमें भी भारी वृद्धि होगी।            
स्थापित हो रही इकाइयों में प्रमुख रूप से हीरा नन्दानी ग्रुप द्वारा ग्रेटर नोएडा में 750 करोड़ रू0 के निवेश से डाटा सेन्टर की स्थापना, एसोसियेटेड ब्रिटिश फुूड पीएलसी (ए0बी0मोरी) यू0के0 द्वारा 750 करोड़ रू0 के निवेश से खमीर मैन्यूफैक्चरिंग, सूर्या ग्लोबल्य फ्लैक्सी फिल्म प्रा0 लि0 द्वारा यमुना एक्सप्रेस-वे में 953 करोड़ रू0 के निवेश से मेटेलाइज्ड फिल्म प्रोडक्शन प्लांट, एकाग्रेटा इंक कनाडा द्वारा लखनऊ में 746 करोड रू0 के निवेश से अनाज अवसंरचना उपकरण प्लांट, एडिसिन मोटर्स कम्पनी दक्षिण कोरिया द्वारा 750 करोड़ रू0 के निवेश से इलेक्ट्रिक वाहन प्लांट, जापान की याजाकी कम्पनी द्वारा 2000 करोड़ रू0 के निवेश से वायरिंग हारनेस एवं कम्पोनेंट में किया जा रहा है।
इसी प्रकार जर्मनी की वान वेलेक्स कम्पनी द्वारा जेवर व मथुरा में 300 करोड़ रू0 की दो इकाइयां फुटवियर की स्थापित की जा रही हंै। जे0एन0वी0 एरिका प्रा0लि0 द्वारा अलीगढ़ व लखनऊ में 75 करोड़ रू0 की लागत से रक्षा उत्पादों की इकाई स्थापित करेगी। एकंर रिसर्च लैब्स, एलेन एण्ड एलवन प्रा0 लि0, पी0बी0एम0 इन्सोलेशन्स, नित्या क्रियेशंस इडिया, दीप एक्सप्लो इक्विपमेंट इंडिया, श्रीदा उद्योग, प्रिसीजन प्रोक्ट्स, पी0-2 लागिटेक, जय साईं अनु ओवरसीज, कोबरा इन्डस्ट्रीज, न्यू स्पेस रिसर्च एण्ड टेकनालाॅजी, वेैरिविन डिफेंस प्रा0 लि0 कम्पनियों भी प्रदेश में 1021 करोड़ रू0 से इकाइयां स्थापित करने पर काम कर रही हंैं।    
ब्रिटेनिया इन्डस्ट्रीज द्वारा वाराणसी में 300 करोड़ रू0 से एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाई जा रही है। डिक्शन टेकनालाॅजी नोएडा/ग्रेटर नोएडा में 200 करोड़ रू0 का निवेश कन्ज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स यूनिट में कर रही है। जर्मनी की वान वेलिक्स यमुना एक्सप्रेस वे तथा आगरा में फुट वियर निर्माण में 300 करोड़ रू0 तथा यू0एस0 की मैक साफ्टवेयर कम्पनी नोएडा में साफ्टवेयर क्षेत्र में 200 करोड़ रू0 का निवेश करने जा रही है। सैमंसग कम्पनी 4800 करोड़ रू0 से प्रदेश में डिस्प्ले यूनिट स्थापित कर रही है। इसमें अप्रैल 2021 से कामर्शियल उत्पादन शुरू होने की सम्भावना है। इस इकाई के प्रारम्भ हो जाने से लगभग 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इनके अतिरिक्त नोएडा में दो व लखनऊ में एक सेन्टर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की कार्यवाही प्रगति पर है। डिफेंस काॅरीडोर के तहत लखनऊ में टाटा टेकनालाजी के सहयोग से सेन्टर आफ एक्सीलेंस का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर शीघ्र कार्यवाही की जा रही है। नोएडा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेन्टर आफ एक्सीलेंस आई0आई0टी0 कानपुर द्वारा स्थापित किया जायेगा।
डिफेंस काॅरीडोर में रक्षा उत्पादों की इकाइयां स्थापित होने से रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में भविष्य में उत्तर प्रदेश प्रमुख भूमिका निभायेगा। रक्षा उद्योग में स्वदेशीकरण को प्रमुखता दी गई है। डिफेंस कारीडोर की स्थापना प्रदेश के 6 जिलों- लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, फतेहपुर  व अलीगढ़ में की जा रही है। इसमें अलीगढ़ कानपुर, झांसी व चित्रकूट में 1290 हे0 भूमि का अधिग्रहण करके भूमि निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। रक्षा उत्पादों के अन्तर्गत हलके लड़ाकू, हेलीकाप्टर, मालवाहक विमान, पारम्परिक पनडुब्बियां, तोपें, क्रूजे, मिसाइलें तथा इनके पाट्र्स आदि  सहित 101 सामान अब मेक इन इंडिया की तर्ज पर बनेंगे। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में 50 हजार करोड़़ रू0 का निवेश प्रस्तावित हैै। इन इकाइयों के मूर्तरूप लेने पर करीब पांच लाख से अधिक लांेगों को रोजगार की सुविधा मिलेगी। इन इकाइयों की स्थापना से प्रदेश की तस्वीर तथा तकदीर बदल ही नहीं बदल जायेगी, बल्कि यह प्रदेश रक्षा उद्योग का नया मैन्यूफैक्चरिंग हब अब होगा।
 विश्व प्रसद्धि शस्त्र निर्माता कम्पनी बेब्ले स्काॅट ने लखनऊ के सियाल ग्रुप की साझेदारी में संडीला (जनपद हरदोई) में 100 करोड़़ रू0 से 32 बोर की रिवाल्वर निर्माण इकाई की स्थापना की गई है। शस्त्र निर्माण की यह पहली विदेशी कम्पनी है, जो रिवाल्वर के अलावा पिस्टल, बन्दूक, एयरगन व कार्टिज भी बनायेगी। जल्द ही इसका उत्पादन एवं विभिन्न पाटर््स बाजार में उपलब्ध होने लगेंगे। इस कम्पनी की खास बात यह है कि यहां उत्पाद की एसेम्बलिंग ही नहीं होगी, बल्कि शस्त्र का एक पुर्जा इसी कम्पनी में निर्मित किया जायेगा।  
औद्यौगिक विकास विभाग द्वारा उद्योगों के समग्र विकास हेतु एक्सपे्रस वे के किनारे 22 हजार एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इसमें फिरोजाबाद, आगरा, उन्नाव, चित्रकूट, मैनपुरी  एवं बाराबंकी जनपदों में 6 उच्च सम्भावना वाले स्थलों की पहचान की गई है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में एम0एस0एम0ई0 पार्क, इलेक्ट्रानिक पार्क, परिधान पार्क, हस्तशिल्प पार्क, तथा खिलौना पार्क की स्थापना प्रस्तावित है। जेवर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, फिल्म सिटी, एवं इलेक्ट्रानिक सिटी के विकास की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जा रही है, जो जल्द ही मूर्तरूप ले लेगी। इन परियोजनाओ ंके पूर्ण होने पर इनमें करीब 40 हजार करोड़़ रू0 का निवेश सम्भावित है और लगभग तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार के सीधे अवसर उपलब्ध हो सकेंगें।
वस्त्रोंद्योग के क्षेत्र में भी निवेशकों ने विशेष रूचि दिखाई है। इन्वेस्टर्स समिट में 66 वस्त्रोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिये एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किये गये थे। इनमें से 39 इकाइयों का विभिन्न स्तरों पर काम चल रहा है, 11 अन्य इकाइयों को भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इनकी स्थापना हो जाने पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाने की आशा है। इस क्षेत्र में करीब 1415 करोड़़ रू0 का निवेश होगा और करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा पांच अन्य इकाइयांें को भूमि आवंटन की कार्यवाही की जा रही है, इन इकाइयों में लगभग 36 करोड़ रू0 का निवेश प्रस्तावित है तथा एक हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे ।  
जिन 11 वस्त्रोद्योग की इकाइयों ने उत्पादन प्रारम्भ कर दिया है। , इनमें 641 करोड रू0 का निवेश किया गया है। करीब 300 लोग रोजगार पाकर लाभान्वित हो रहे है। गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा व कानपुर में 9 अन्य इकाइयों पर कार्य प्रगति पर है। इनमें करीब 193 करोड़ रू0 का निवेश किया जा रहा है। इन शहरों में वस्त्रोद्योग की इकाइयों के शुरू हो जाने पर लगभग पांच हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इन सभी इकाइयांें के मार्च 2021 से पहले कामर्शियल उत्पादनरत होने की सम्भावना है।  
राज्य सरकार नेाएडा में एक अपेरल एक्सपोर्ट क्लस्टर बनाने भी जा रही है। इस क्लस्टर में एक ही स्थल पर 70 वस्त्रोद्योग की इकाइयां स्थापित होंगी। इसके लिये 55 एकड़ जमीन का चिन्हांकन किया जा चुका ळै। दूसरा टेक्सटाइल क्लस्टर मथुरा में तथा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना बरेली में करने की कार्यवाही की जा रही ळै। इन तीनों टेक्सटाइल पार्कों पर करीब 5500 करोड़ रू0 का निवेश प्रस्तावित है और 50 हजार लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
वर्तमान में निरन्तर हो रहे आर्थिक बदलावों को दृष्टिगत रखते हुये योगी सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हंै। प्रभावी रणनीति बनाई गई है और भावी योजनाए/कार्यक्रम निवेशकों के अनुरूप निर्धारित किये जाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही औद्यौगीकरण से सम्बंधित सभी नीतियों को आकर्षक, व्यावहारिक एवं पारदर्शी बनाने के साथ ही श्रम कानूनों में व्यापक शिथिलीकरण और परिवर्तन किये जा रहे है। निवेशकों को प्रदेश में मनचाहे स्थान पर इकाई लगाने की सुविधा प्रदान की गई है।    
़  इस प्रकार राज्य में निरन्तर औद्यौगिक विकास को महत्व दिया जा रहा है, ताकि औद्यौगिक वातावरण ऐसा बन सके, जिससे पूंजी निवेश का प्रवाह निरन्तर बना रहे और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित हों।
 सरकार की प्रभावी रणनीति एवं कदमों का ही परिणाम है कि अब अधिकारी उद्योगपतियों के दरवाजे पर स्वयं दस्तक देने लगे हैं और उन्हें उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं की जानकारी देकर प्रदेश में आने का न्योता दे रहे है। सरकार इस बात के लिये भी काफी सजग है कि प्रदेश में पूंजी निवेश का प्रवाह मात्र बड़े उद्योगों तक ही सीमित न रहे, बल्कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, ग्रामीण उद्योगों तथा हस्तकला कौशल के क्षेत्र में भी हो, ताकि प्रदेश का पिछड़ापन तेजी से दूर हो सके और लोगों के सामाजिक व आर्थिक स्तर में भी वांछित सुधार आ सके तथा लोग अन्यत्र पलायन का रूख न कर सकें।
निश्चित ही हम कह सकते हैें कि औद्यौगिक कार्य संस्कृति के विकास की दिशा में सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण कदम हंै।  इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफल एवं कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का जो संर्वागीण विकास तेजी से हो रहा है, वह भविष्य में मील का पत्थर होगा। उत्तर प्रद्रेश को देश का अग्रणी राज्य उद्योग क्षेत्र में प्रतिष्ठापित होने से कोई रोक नहीं सकेगा और सरकार की सेंवदनशीलता से पूंजी निवेश का प्रवाह निरन्तर जारी रहेगा ।

बलिया में (बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट) बीसी सखी का छह दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

Posted: 06 Jan 2021 08:07 PM PST

बलिया (माइकल भारद्वाज)-

बलिया में (बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट) बीसी सखी का छह दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

संपूर्ण उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को  रोजगार प्रदान करने के लिए बीसी सखी योजना चल रही है। इस योजना के तहत बुधवार को सेंट ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान जिला बस्ती परिसर में बीसी सखी का छहः दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सीडीओ विपिन जैन ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया ।इस दौरान 30 महिलाओं की ट्रेनिंग की शुरुआत हुई। सीडीओ ने कहा कि सभी नव चयनित बीसी सखी को प्रत्येक लेनदेन के एवज में बैंक से एक निश्चित कमीशन प्राप्त होगा ।प्रारंभिक 6 माह तक ₹चार हजार प्रोत्साहन राशि एवं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा दिए जाएंगे। 
सीडियों ने कहा कि नए वर्ष में इस योजना के तहत बीसी सखी बैंकों से जुड़कर पैसों का लेनदेन गांव में घर घर जाकर करवाने लगें। ऐसा प्रयास किया जा रहा है ।अब गांव में बीसी सखी के माध्यम से भी खातेदार बैंक का पैसा निकाल सकेंगे ।इसके पूर्व उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया और वहां हुए अवैध कब्जा के संबंध में जानकारी ली ।श्री जैन ने कहा कि बहुत जल्द इस पर कार्रवाई होगी। सीडीओ ने संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया। संयोजक नोडल अधिकारी दिनेश कुमार यादव, जिला मिशन प्रबंधक अभिषेक आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।

BALLIA जनपद बलिया में घोषित होंगे पांच स्थानीय अवकाश

Posted: 06 Jan 2021 08:14 AM PST

बलिया (माइकल भारद्वाज)-

जनपद बलिया में घोषित होंगे पांच स्थानीय अवकाश

जनपद बलिया के न्यायधीश एसएएच रिजवी ने बताया कि वर्ष 2021 में पांच स्थानीय अवकाश घोषित किया जाना है।यदि द्वितीय शनिवार अथवा रविवार को कोई राष्ट्रीय अथवा अन्य पर्व हेतु अवकाश पड़ता है तो उसके स्थान पर जनपद न्यायाधीश अन्य अतिरिक्त दिवस को अवकाश घोषित कर सकते हैं।

जिसमें स्थानीय अवकाश एवं वर्ष 2021 में 15 अगस्त 2021 दिन रविवार को पड़ने वाले राष्ट्रीय पर्व तथा 28 मार्च, 2021 दिन रविवार को पड़ने वाले होली पर्व के स्थान पर अतिरिक्त अवकाश घोषित किए जाने हेतु जिला अधिकारी से प्राप्त पत्र तथा सिविल बार एसोसिएशन तथा क्रिमिनल एवं रेवेन्यू बार एसोसिएशन तथा प्रभारी शासन की आख्या को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2021 में स्थानीय अवकाश जिसमें मकर संक्रांति 14 जनवरी को, होली 30 मार्च को, पित्र विसर्जन 6 अक्टूबर को, छठ पूजा 10 नवंबर को एवं कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर को।
इसके साथ ही अतिरिक्त अवकाश भैया दूज 6 नवंबर को एवं बारावफात 19 अक्टूबर निर्धारित किया गया है।

अक्टूबर में बनाई गई छत जनवरी में ढह गई निंदनीय- अखिलेश यादव

Posted: 06 Jan 2021 07:59 AM PST


लखनऊ ब्यूरो

अक्टूबर में बनाई गई छत जनवरी में ढह गई निंदनीय- अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मसान स्थल पर दो दर्जन से ज्यादा मौतें विचलित करने वाली हैं। अक्टूबर में बनाई गई छत जनवरी में ढह गई। भाजपा राज में भ्रष्टाचार की यह निंदनीय घटना है जिससे सरकार अपने दाग नहीं बचा सकती है। अब यह बात तो साफ हो गई है कि 16 लाख की दलाली खाकर सत्ता दल के बड़े लोगों ने 25 जिंदगियां निगलने वाली मौत की छत का टेण्डर किया था। इसके उद्घाटन के शिलालेख पर मुख्यमंत्री जी और नगर विकास मंत्री जी का नाम अंकित हैं। भाजपा सरकार के इस जानलेवा अपराध को जनता माफ नहीं करेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरों टालरेंस का दावा करने वाली भाजपा सरकार मुरादनगर, गाजियाबाद के साथ पूरे राज्य में भ्रष्टाचार में सराबोर है।
      पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने गाजियाबाद के मुरादनगर की दर्दनाक घटना की जांच के लिए समाजवादी पार्टी की 10 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जो 7 जनवरी 2021 को मुरादनगर जाकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना देगी तथा दुर्घटना की जांच करेगी। समाजवादी जांच कमेटी सर्वश्री शहिद मंजूर पूर्व मंत्री मेरठ, रफीक अंसारी, विधायक मेरठ, राकेश यादव एमएलसी, नोएडा, आशुमलिक एमएलसी, गाजियाबाद, राशिद मलिक जिलाध्यक्ष गाजियाबाद, विनोद सविता सदस्य राष्ट्रीय कमेटी अलीगढ़, रमेश प्रजापति राष्ट्रीय सचिव गाजियाबाद, चौधरी राजपाल सिंह जिलाध्यक्ष मेरठ, अतुल प्रधान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष छात्र सभा मेरठ तथा वीर सिंह जिलाध्यक्ष गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं।

FARRUKHABAD यातायात नियमों का पालन ना होना है सड़क हादसों की मुख्य वजह

Posted: 06 Jan 2021 07:58 AM PST

पुनीत मिश्रा फर्रूखाबाद

यातायात नियमों का पालन ना होना है सड़क हादसों की मुख्य वजह


यूपी के फर्रुखाबाद जिले में आए दिन हो रहे सड़क हादसों के पीछे बड़ी वजह यातायात नियमों का पालन ना होना भी है. खटारा वाहनों में मानक से अधिक लोग यात्रा करते हैं. बिना हेलमेट बाइक चलाना व कार जीप में सीट बेल्ट न लगाना आम बात हो गई है.चेकिंग और जुर्माना वसूली के बाद भी सड़क पर अधिकांश लोग नियमों का उल्लंघन करते दिखाई देते हैं.जिससे लगता है कि मैं चेकिंग और दुर्घटना का खौफ नहीं है.
वीओ यातायात नियमों की अनदेखी करने में युवा वर्ग ही नहीं समझदार भी  पीछे नहीं हैं. नियमों का पालन करने में जिम्मेदारी पुलिस व एआरटीओ पर है. इन विभागों के लोग ही नियमों का उल्लंघन करते दिखाई देते हैं. पिछले दिनों हुई कई दुर्घटनाओं में यह बात सामने आई कि नियमों का पालन न करना ही दुर्घटना और जान जाने की बड़ी वजह बना. सड़क के किनारे वाहनों को खड़ा कर देना और तो आम बात हो गई है. इन वाहनों से तेज रफ्तार वहां आए दिन तक टकराते हैं.
फिर भी लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.जुगाड़ से बनाए गए वाहनों का न तो रजिस्ट्रेशन होता है और न ही बीमा फिर भी यह वाहन सड़क पर फराठा भरते हैं. फर्रुखाबाद के लाल गेट पर यातायात पुलिस के जवान अक्सर बिना हेलमेट लगाए बाइक सवारों को रोककर समझाते तो विवाद करने लगते
वहीं एआरटीओ एसबी पांडे ने बताया वर्ष में कई बार सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाता है. अब तक बड़ी संख्या में कार्यवाही की गई है. चेकिंग के दौरान लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की सलाह भी दी जाती है.

FARRUKHABAD फाइलेरिया की दवा से एक छात्रा की मौत कई बच्चे गंभीर

Posted: 06 Jan 2021 07:19 AM PST

पुनीत मिश्रा फर्रूखाबाद

फाइलेरिया की दवा से एक छात्रा की मौत कई बच्चे गंभीर 

फर्रूखाबाद। नवाबगंज थाना अंतर्गत ग्राम घमुईया रसूलपुर निवासी राजेश कुमार की पुत्री को गांव की ही आंगनवाड़ी गार्गी एवं आशा बहू जतिन देवी ने कल गांव में फाइलेरिया की व कीडो वाली एल्बेंडाजोल गोलियां बांटी थी जिसमें एक साथ चार चार गोली खाने को कहा था जिसमें जिन लोगों ने दवाइयां खाई हैं उनमें रूपा देवी पुत्री राजेश कुमार उम्र 16 वर्ष दवा खाने के बाद पेट में दर्द जलन उल्टी होने लगी तुरंत लेकर अस्पताल पहुंचे हां डॉक्टर ने तुरंत फर्रुखाबाद ले जाने की सलाह दी फर्रुखाबाद ले जाते समय रास्ते में जिसकी मौत हो गई गांव के मुनेश कुमार ने अपनी बकरी को कीडोवाली गोली खिला दी जिससे बकरी की कुछ ही देर में मौत हो गई एवं दवाई खाने से जिन लोगों की हालत खराब हुई लोगों की सूची निम्न प्रकार है नव्या पुत्री संजीव कुमार उम्र 8 साल सुमित पुत्र श्याम सिंह उम्र 16 वर्ष चंचल पुत्र बाबूराम उम्र 6 साल अंजुम पुत्री बाबूराम उम्र 4 वर्ष शिवानी पुत्री श्याम सिंह उम्र 18 वर्ष संजय कुमार की पत्नी दिनेश कुमार नितेश कुमार पुत्र वीरेंद्र सिंह नितेश कुमार पुत्र वीरेंद्र सिंह उम्र 11 वर्ष शिवानी पुत्री उमेश चंद उम्र 10 वर्ष खुशबू पुत्री धीरेंद्र सिंह निलेश कुमार पुत्र सत्यराम शांति देवी पत्नी राम शंकर उम्र 48 वर्ष इन लोगो की हालत खराब बनी हुई है समाचार लिखे जाने तक इलाज चल रहा था राजेजादौन कुमार ने अपनी पुत्री की मृत्यु के बाद तुरंत सूचना थाना प्रभारी पूनम जादौन  को दी जो मौके पर तुरंत पहुंची मौका मुआयना किया और शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए  भेजा 

FARRUKHABAD नगर में किसान कल्याण मिशन के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया

Posted: 06 Jan 2021 06:03 AM PST

पुनीत मिश्रा फर्रूखाबाद

नगर में किसान कल्याण मिशन के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया

फर्रुखाबाद । किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में किसान कल्याण मिशन का शुभारंभ बुधवार को राजधानी में किया| उसी योजना के तहत नगर में किसान कल्याण मिशन के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया| जिसमे किसानों को उन्नति कृषि के प्रति जागरूक किया गया| लेकिन कार्यक्रम में कोरोना को लेकर अफसर अनजान बने रहे| कार्यक्रम में आये किसान और महिलाएं भीड़ में बिना मास्क लगाये ही नजर आयीं|

जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह नें बढ़पुर के क्रिश्चियन कालेज मैदान में कृषि कल्याण मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम  का शुभारम्भ फीता काटकर किया| इसके बाद जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह, सीडीओ डॉ० राजेन्द्र पैंसिया, विधायक सदर मेजर सुनील दत्त द्विवेदी नें स्टालों पर जाकर जानकारी ली|
सुधांशु गंगवार निवासी कुईयांधीर शमसाबाद ने गौ आधारित प्राकृतिक कृषि के विषय में किसानों को जानकारी दी| इसके अलावा उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई-लघु सिंचाई, नेडा, विद्युत, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, वन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, मिशन शक्ति, पीएम कल्याण निधि आदि के स्टाल लगाये गये थे| जिस पर किसानों नें जानकारी ली|
जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह नें कहा वर्तमान में कृषि की भूमि किचन गार्डन जितनी हो गयी है| इस लिए किसानों को कम भूमि में अधिक पैदावार करनी है| जिसमे गौ  आधारित खेती काफी लाभदायक है| उन्होंने कहा कि सरकार की किसी भी योजना के पंजीकरण के लिए अब किसी विभाग में जाने की आवश्यकता नही है| किसी जन सुबिधा केंद्र पर जाकर अपना किसी भी योजना के तहत पंजीकरण कराया जा सकता है| इसके साथ ही जन सेवा केंद्र संचालकों को सरकार की योजनाओ के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिया जायेगा| योजनाओं के लिए किसी विभाग में जाने की जरूरत नही है| विभागों में आज दलालों की आत्माएं भटकती रहती हैं| उन्होंने कहा की पूरे जिले में कृषि योग्य भूमि है| केबल मोहम्मदाबाद में भूमि सुधार की जरूरत है|
स्वयं सहायता समूह को दिये प्रमाण पत्र
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षों को प्रमाण पत्र वितरित किए गये| उन्हें सरकार की योजनाओं के तहत विभिन्य योजनाओं का लाभ लेनें की सलाह दी गयी|
कार्यक्रम में टूटे कोरोना के सभी नियम
जिला कृषि विभाग की तहत से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण महिलाएं पंहुची| जो बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के पालन बैठीं| विभाग उन्हें एक मास्क तक उपलब्ध नही करा सका| जिससे कोबिड-19 के सभी नियम टूटे| लेकिन पूरे प्रशासन को इसकी कोई फिक्र नजर नही आयी|

KUSHINAGAR जनपद में तत्काल प्रभाव से 01 मार्च 2021 तक प्रभावी रहेगा धारा-144

Posted: 06 Jan 2021 08:39 PM PST

इश्वर चन्द्र पटेल कुशीनगर

जनपद में तत्काल प्रभाव से 01 मार्च 2021 तक प्रभावी रहेगा धारा-144

कुशीनगर,      जनपद में आगामी पर्वो मकर संक्रांति, गुरु गोविंद सिंहः जयंती, गण तंत्र दिवस,बसंत पंचमी, ख्वाजा मैनुद्दीन चिश्ती अजमेरी गरीब नवाज रह0 का उर्स, हजरत अली जन्म दिवस,एवं विभिन्न प्रकार की परीक्षाये व कोविड-19 के दृष्टिगत जनपद की सीमाओं में शासन के निर्देशानुसार उक्त सभी त्योहारों को स कुशल सम्पन्न कराए जाने , लोक शांति बनाए रखने,तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये तात्कालिक रूप से अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय द्वारा धारा 144 अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जनपद में धारा-144 लागू किया गया है, जो आगामी  01 मार्च 2021 तक लागू रहेगा, जिसका उल्लंघन दण्डनीय अपराध होगा। अपर जिला मजिस्ट्रेट विंध्यवासिनी राय ने बताया है कि इसके उल्लंघन पर  भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। उन्होने इस अवधि में प्रतिबंधित क्रियाकलापों को कदापि नही करने की हिदायत दी हैं। साथ ही उन्होने यह भी कहा है कि जनपद में कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नही करेगा जिससे कानून एवं शान्ति व्यवस्था बिगडने की संभावना हो। अपर जिलाधिकारी  ने इस धारा के अन्तर्गत प्रतिबंधित क्रियाकलापो के विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कोई भी व्यक्ति 5 या 5 से अधिक समूूह में एकत्रित नही होगें, न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई सभा करेगें।  राय ने बताया है कि कोई भी व्यक्ति राजमार्ग सड़क जाम नही करेगा, समस्त उप निर्वाचन के दृष्टिगत निर्वाचन सम्बन्धी कार्य हेतु निर्दिष्ट भवन में जुलूस के रूप में कोई प्रवेश नही करेगा, उप निर्वाचन दौरान सुरक्षा प्राप्त प्रत्याशियों/सदस्यों के सुरक्षाकर्मियों को मतदान केंद्र में प्रवेश नही दिया जाएगा।  कोई भी व्यक्ति  जनपद में कोविड-19  कोरोना वायरसका प्रकोप अभी भी हो रहा है, ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस से बचाव हेतु निरन्तर मास्क प्रयोग/सोशल डिस्टेन्सिग के नियमों का पालन किया जाना आवश्यक होगा। पूजा-पाठ/नमाज/प्रार्थना के लिये मन्दिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारों के लिये लागू नही होगा तथा किसी भी धार्मिक स्थल पर 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ इकठ्ठे नही होगें तथा सभायें/मण्डली निषिद्ध रहेगी। कोई भी व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल को न तो क्षति पहुॅचायेगा और न ही इसकेे के लिये किसी को प्रेरित करेगा।  धर्म विशेष की भावनाओं को उद्वेलित करने अथवा सम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने का कार्य नही करेगा। धार्मिक उन्माद ं करने वालो कैसेट बजाना व उसे प्रसारित करना, धार्मिक उन्माद से जुडे पोस्टर चिपकाना इससे जुडी बाते दीवारो पर लिखना व लिखे जाने हेतु किसी को प्रेरित करना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना और विस्फोटक पदार्थ अपने पास रखे जाने की अनुमति नही होगी। यह प्रतिबंध सिख समूदाय के व्यक्तियों को कृपाण धारने करने, वृद्ध बीमार अथवा अन्धे व्यक्तियो के लाठी का प्रयोग करने पर लागू नही होगा। अफवाह फैलाना व इसके लिये अन्य को प्रेरित करना, धार्मिक उन्माद पैदा करने संबंधित किसी भी प्रकार का एस0एम0एस0, एम0एम0 एस0 को भी प्रतिबंधित किया गया है। किसी प्रकार के पंचायत/महापंचायत बुलाना व भाग लेना भी इस धारा के अन्तर्गत प्रतिबंधित किये है।

KUSHINAGARअब माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होगा थाना समाधान दिवस-जिलाधिकारी

Posted: 06 Jan 2021 08:41 PM PST

इश्वर चन्द्र पटेल कुशीनगर

अब माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होगा थाना समाधान दिवस-जिलाधिकारी


कुशीनगर। जिलाधिकारी एस राज लिंगम ने कलेण्डर वर्ष 2021 हेतु शासन के निर्देशानुसार थाना दिवस/ थाना समाधान दिवस का रोस्टर निर्धारित किया है।  प्रत्येक माह के द्वितीय व चतुर्थ शनिवार को प्रातः 10 बजे से 2 बजे के मध्य आयोजन किया जाएगा,  जिलाधिकारी ने थाना दिवस पर थाना थाना कार्यक्षेत्र में आने वाले सभी राजस्व ग्रामो के राजस्व व चकबन्दी विभाग के कर्मचारी , पुलिस विभाग के सभी निरीक्षक/उप निरीक्षक, विकास विभागों,विद्दुत विभाग एवं नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका/नगर पंचायत से सम्बंधित अधिकारी/कर्मचार उपस्थित रहेंगे। जिलाधिकारी एस राज लिंगम ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जन सामान्य से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण करते हुये मामले की प्रविष्टि जी0डी0 में की जाय, तथा जिन प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता हो तो राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त टीमो के माध्यम से कराई जाय। जिलाधिकारी ने बताया कि मेरे व पुलिस अधीक्षक द्वारा किसी दो थाने का औचक निरीक्षण अलग-अलग किया जाएगा, तथा अपर जिलाधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा भी कम से कम दो थाना छेत्रों का निरीक्षण किये जाने हेतु निर्देशित किया है, साथ ही उन्होंने महिलाओं के उत्पीड़न,सम्बन्धी शिकायतों के पंजीकरण संचालित स्लास्टर हाउस से सम्बंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराना सुनिश्चित करेंगे  जिलाधिकारी ने दिनांक 09-01-2021 को आयोजित होने वाले थाना समाधान दिवस में पडरौना सदर में तहसीलदार पडरौना/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, जटहा बाजार में नायब तहसीलदार/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, कुबेरस्थान में उप जिलाधिकारी पडरौना/पुलिस उपाधीक्षक पडरौना,तुर्कपट्टी में चकबंदी अधिकार/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, इसी प्रकार कसया अन्तर्गत उप जिलाधिकारी कसया/पुलिस उपाधीक्षक, हाटा अन्तर्गत नायब तहसीलदार हाटा/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, अहिरौली बाजार में उप जिलाधिकारी हाटा/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, कप्तानगंज में तहसीलदार/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, खडडा में तहसीलदार खडडा/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, हनुमानगंज में उप जिलाधिकारी खडडा/पुलिस उपाधीक्षक, नेबुआ नौरंगिया में ों तहसीलदार/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, रामकोला में नायब तहसीलदार कप्तानगंज/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, तरया सुजान में उप जिलाधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक, पटहेरवा में तहसीलदार तमकुहीराज/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, सेवरही में बंदोबस्त अधिकारी/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, विशुनपुरा में चकबन्दी अधिकारी/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, बर्वापट्टी में नायब तहसीलदार तमकुहीराज/सम्बन्धित थानाध्यक्ष, इसी प्रकार दिनांक 23-01-201, दिनांक 13-02-2021, दिनांक 27-02-2021, दिनांक 13-03-2021, व दिनांक 27-03-2021 को आयोजित होने वाले थाना समाधान दिवस हेतु अधिकारी नामित किये गए है, जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया है कि थाना दिवस सम्पन्न होने उपरांत उक्त थाने का निरीक्षण भी करना सुनिश्चित करेंगे।

VARANSI अशक्त और वृद्ध कैदियों को जेल से बाहर जाने के लिए राजभवन की ओर से दो ई-रिक्शा की व्यवस्था

Posted: 06 Jan 2021 05:35 AM PST

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

अशक्त और वृद्ध कैदियों को जेल से बाहर जाने के लिए राजभवन की ओर से दो ई-रिक्शा की व्यवस्था

जेल में स्थित गौशाला के निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने गायों को केले और गुड़ आदि खिलाया और स्नेहिल स्पर्श दिया

 वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने तीन दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान द्वारा बुधवार को वाराणसी जनपद स्थित केंद्रीय कारागार निरीक्षण किया गया। उन्होंने केन्द्रीय कारागार में स्थापित शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। वहींं पर लगे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्मृति स्तम्भ के बारे में जेल अधीक्षक द्वारा राज्यपाल को जानकारी दी गई।
         राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पूछे जाने पर कि अशक्त और वृद्ध कैदियों को यदि जेल से बाहर किसी कारण ले जाना हो तो बैरक से जेल के मुख्य द्वार तक कैसे लाया जाता है। जेल अधीक्षक के बताने पर कि बैरक से पैदल ही लाया जाता है। इतना सुनते ही उन्होंने कहा कि जेल में दो ई-रिक्शा की व्यवस्था की जाय जो राजभवन के व्यय भार पर इस कार्य में उपयोग किये जायेंगे। जेल में स्थित गौशाला के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गायों को केले और गुड़ आदि खिलाया और स्नेहिल स्पर्श दिया।भ्रमण के दौरान जेल के कैदियों से भी मुलाकात की और विभिन्न विधा में निपुण कारीगरों के उत्पाद का अवलोकन किया। बेकरी के उत्पाद, फर्नीचर में गवर्नर चेयर, तौलिया गमछा के साथ साथ कैदियों द्वारा उत्पादित सब्जियां आदि को भी देखा।

BASTI किसानों को हर तरह की पूरी तरह से छूट दे रही है मोदी योगी सरकार

Posted: 06 Jan 2021 05:18 AM PST

मोहित गुप्ता बस्ती रूधौली

किसानों को हर तरह की पूरी तरह से छूट दे रही है मोदी योगी सरकार

रुधौली ब्लाक पर किसान गोष्ठी एवं किसान मेले का आयोजन

बस्ती रुधौली।  ब्लाक मुख्यालय रुधौली पर बुद्धवार को कृषि मेला गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रकार के आयोजन से कराने से किसानों व सहायता प्राप्त समूहों को अपने अच्छे व्यवसाय के बारे में लोगों को जागरुक करने के अवसर प्राप्त होते है, जिससे क्षेत्रों में लोगों के कृषि क्षेत्र से मनोबल का विकास होता है और रोजगार के अवसर मिलते है। कृषक मेले में बालविकास परियोजना, एनआएलएम, मतस्य विभाग, कीटपालन, पशुविभाग सहित अन्य विभागो स्टाल लगाकर लोगो को जागरुक किया। मेले में संयुक्त कृषि निदेशक मंडल अनिल कुमार त्रिपाठी द्वारा कम लागत में अधिक उपज के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया। 
उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी आरएन प्रसाद ने किसी क्षेत्र से मिलेगा वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दिया, सांसद प्रतिनिधि राकेश शर्मा ने कहा की मोदी सरकार किसानों को सब्सिडी बीमा समेत अन्य योजनाओं को देकर के किसानों के हित में प्रतिदिन कार्य कर रही है। रवि प्रकाश पांडेय, परमात्मा यादव, अवधेश वर्मा, अजमत अली सहित लोगों ने भी फसल बीमा, मत्स्य पालन, उद्यान विभाग योजना के बारे में जानकारी दिया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी विमला चौधरी, एडीओ आईएसबी प्रेम नारायण मिश्र, एडीओ प्रेम शंकर, राजाराम यादव, महेंद्र सिंह, पिंटू यादव, सहित लोग मौजूद रहे।

VARANSI राज्यपाल ने किया कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर का लोकार्पण

Posted: 06 Jan 2021 05:14 AM PST

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

राज्यपाल ने किया कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर का लोकार्पण

कृषि तकनीकी व शिक्षा "लैब से लैंड" तक पहुंचाएं - आनंदीबेन पटेल

 रोहनिया- भैरवतालाब में बुधवार को काशी विद्यापीठ के कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। जिसके दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल ने  शिलापट्ट का अनावरण किया। जिसके दौरान बताया कि वाराणसी में 10 एफपीओ गठित होकर सफलता से संचालित हो रही है। जो किसानों के उत्थान की दिशा में अच्छी पहल है। काशी विद्यापीठ का भैरव तालाब परिसर का केंद्र यहां एफपीओ गठित करने की अगुवाई करें। इसमें केंद्र के छात्र, किसानों से संपर्क व संवाद के कार्य करें। यूनिवर्सिटी, शोध संस्थाओं में विकसित कृषि तकनीकी व शिक्षा लैंब से लैंड तक पहुंचाई जाए। वर्तमान में काशी विद्यापीठ के भैरव तालाब परिसर में प्रति वर्ष 176 छात्र दाखिला ले रहे हैं। इनके घरों पर जमीन होगी उसमें यह छात्र विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान व तकनीकी का प्रयोग अपने अभिभावकों के माध्यम से कराएं और गांव के दूसरे लोगों को भी बताएं।
        उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल में काशी विद्यापीठ के कृषि विज्ञान एवं तकनीकी संकाय भैरोतालाब परिसर के लोकार्पण समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में व्यक्त किये। उन्होंने इस संकुल को माडल के रूप में कृषि विश्वविद्यालय के सेल के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के नाम पर यह विश्वविद्यालय उनकी सोच की फलिभूति करने का माध्यम हो। गांधीजी ग्रामीण विकास के पक्षधर थे। गांव के विकास से देश का विकास होगा। गांव के छोटे-छोटे किसानों को नई तकनीकी सिखाई जाए। कृषि व पशुपालन सबसे ज्यादा रोजगार देती है। आनंदीबेन ने ऑर्गेनिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि उत्पादकता बढ़ाने की होड़ में अंधाधुंध फर्टिलाइजर, केमिकल के प्रयोग से उत्पन्न अनाजों से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने लगी। 25-30 वर्ष पूर्व कंपोस्ट खाद प्रयोग होती थी। अब किसान फिर ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें कम लागत आती है, पहले एक-दो वर्ष के बाद उत्पादन भी अच्छा होने लगता है। पराली जलाने से प्रदूषण होता है, अब सरकार ने इसकी कंपोस्ट बनाने की विधियां किसानों को बताई है। ड्रिप इरिगेशन अच्छी सिंचाई विधि है। सरकार इसमें अनुदान भी देती है। उन्होंने कहा कि अब लड़कियां भी कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में आगे आ रही हैं जो बहुत शुभ संकेत है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भैरव तालाब की साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि इसमें परिसर स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों को जोड़ें। तालाब धरोहर के साथ बहुत उपयोगी होता है। इसे कूड़ा जमा करने का स्थान नहीं बनाएं। जीवन के लिए शुद्ध हवा, पानी, आहार व शुद्ध विचार की जरूरत है। केंद्र व राज्य सरकार हर घर नल की योजना चला रही है। पर्यावरण के प्रति जागरूक व स्वच्छ भारत मिशन में साफ सफाई के कार्य कर रही है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश दिया। गांव का प्रधान सामाजिक कार्यों, विकास कार्यों, जनोपयोगी क्रियाकलापों में सक्रियता से अगुवाई कर ग्रामीण भाइयों को जोड़ें तो गांव चमकेगा। सरकार गरीब ग्रामीण गर्भवती महिलाएं जो आंगनवाड़ी में आती हैं उन्हें अच्छे खान-पान आदि के लिए 5000 रुपये देती है। इसका सदुपयोग हो। महिला, बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य हर परिवार में प्राथमिकता हो। ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला सशक्तिकरण आदि से महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुई है और हर क्षेत्र में कार्य करने की उनकी पहल हुई है। यह सशक्त भारत का शुभ संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी मुक्त भारत का आह्वान किया है। योगी सरकार अभियान चलाकर टीवी मरीजों का सर्वे कर चिन्हित करने, उनका इलाज का कार्य कर रही है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति टी एन सिंह ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। राज्यपाल ने विज्ञान सेंटर के लैब आदि कक्ष एवं परिसर का भ्रमण कर अवलोकन किया। इस अवसर पर सेंटर के छात्र एवं भारी संख्या में स्थानीय किसान बंधु उपस्थित थे।

GORAKHPUR किसानों के हित के लिए मोदी सरकार दे रही है किसान सम्मान निधि: महेन्द्रपाल सिंह

Posted: 06 Jan 2021 05:09 AM PST

कृपा शंकर चौधरी ब्यूरो गोरखपुर

किसानों के हित के लिए मोदी सरकार दे रही है किसान सम्मान निधि: महेन्द्रपाल सिंह

 किसान देश की धरोहर : प्रमुख चरगांवा

   गोरखपुर। चरगावां विकास खण्ड के प्रांगण में किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत वृहद किसान मेला, प्रदर्शनी एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसके मुख्य अतिथि पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्रपाल सिंह थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लाक प्रमुख सुनील पासवान ने किया।
  विकास खण्ड के प्रांगण में सर्व प्रथम
विधायक महेन्द्रपाल सिंह और ब्लाक प्रमुख सुनील पासवान ने फिता काटकर किसान मेला और गोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महेन्द्रपाल सिंह ने कहा कि मोदी और योगी सरकार सदैव किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है जिसके फलस्वरूप किसानों के हित के लिए एक वर्ष में छः हजार रुपया किसान सम्मान निधि रुप में दे रही है। और कहा कि मोदी जी की सोच है कि किसानो की आय दोगुना कैसे होगी। हमारे किसान जागरूक कैसे होंगे इसके लिए ये कार्यक्रम  आयोजित किया गया है। विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाए गए हैं। उनके अनुरूप कार्य करेंगे तो आय दोगुना अवश्य होगा। किसान बिल के अनुसार किसान अपनी उपज को देश में कहीं भी बेच सकते हैं।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चरगावां विकास खण्ड के ब्लाक प्रमुख सुनील पासवान ने कहा कि मैं मातृ शक्ति, बहनों और बुजुर्ग समान पिता और सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देता हूं। किसान देश के रीढ़ व राष्ट्र के धरोहर के रूप में जाना जाता है।भाजपा सरकार सदैव किसानों की सरकार रही है जो किसानों के हित में किसान बिल लागू किया गया है। इस विधेयक से किसानों को उनके होने कृषि उत्पादों को पहले से तय दाम पर बेचने के लिए कृषि व्यवसायी फर्मो, प्रोसेसर,थोक विक्रेताओं, निर्यातकों या बड़े खुदरा विक्रेताओं के साथ अनुबंध करने का अधिकार है।अब किसान अपनी उपज का मूल्य तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ही नहीं सम्पूर्ण देश में किसान भाई अपनी उपज को ध्यान में रखते हुए उनकी आय को दुगुना ही नहीं कयी गुना आय अर्जित करने के लिए योजनाएं बनाई हैं।इन सब योजनाओं को कैंप के माध्यम से आप सभी के बीच पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।नये भारत की दिशा में आप प्रवेश कर चुके हैं। यहां पर एक बैनर लगा है गंगा राम चौहान का जिस पर लिखा है साइकिल चला आटो चक्की। मैं इसकी विशेषताओं पर अनुभव कर रहा हूं कि ये स्वच्छ और स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होगा।इस कार्यक्रम का संचालन अपर जिला कृषि अधिकारी रामअधारे यादव ने किया। इस अवसर पर एनडीआरएफ के उप कमांडेंट पी.एल.शर्मा,उप निदेशक कृषि डॉ संजय कुमार, खण्ड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी, विधायक प्रतिनिधि अरविंद सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख रामआसरे निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामबृक्ष यादव, मंडल अध्यक्ष दयाशंकर मिश्र, सहायक विकास अधिकारी कृषि चित्रसेन सिंह, कृषि रक्षा मोइनुद्दीन अंसारी, पंचायत श्रीकृष्ण वर्मा,आई.एस.वी.कलाधर पांडेय,जेई एम आई इन्द्रजीत वरुण, वैज्ञानिक डॉ संदीप उपाध्याय, केवीके चौकयौफी, मंडी निरीक्षण अंकुश श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यादव, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सत्येन्द्र सिंह, अधिक्षक डॉ धनंजय कुशवाहा, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ मनोज कुमार, जिला पंचायत सदस्य मनभोग सिंह, पूर्व प्रधान बृजेश सिंह, मंडल उपाध्यक्ष अनिल चौहान, राजेश निषाद,ओपी यादव, मीडिया प्रभारी संतोष श्रीवास्तव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

BASTI पुलिस कप्तान से मिला सम्मान तो खिले चौकीदारों के चेहरे

Posted: 06 Jan 2021 03:09 AM PST

मोहित गुप्ता बस्ती रूधौली

पुलिस कप्तान से मिला सम्मान तो खिले चौकीदारों के चेहरे

नए वर्ष पर रुधौली में सेवानिवृत पुलिसकर्मियों के साथ दिव्यांगों को भी मिला सम्मान

बस्ती रुधौली। यूं तो थाना सभी का होता है लेकिन ग्राम प्रहरी यानी चौकीदार पुलिस सुरक्षा की सबसे स्थानीय एवं सबसे प्रथम कड़ी होती है। गांव में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना हो या किसी बड़ी घटना की जानकारी यह सबसे पहले चौकीदार की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने स्थानीय थाने को उसके बारे में सूचित करें। प्रदेश में चौकीदार का पद ही एक ऐसा पद है जिसमें वह अपनी जिम्मेदारी अपने नई पीढ़ी को सौंप सकता है और इस पर महज एक सरल प्रक्रिया से नियुक्ति भी कर दी जाती है। वर्तमान सरकार भी चौकीदारों को लेकर बेहद नवीनीकृत विचार में चल रही है एवं उन्हें नई जिम्मेदारियां देने की कवायद प्रशासनिक स्तर पर जोर पकड़ ली है। इसके साथ ही जनपद के 1900 चौकीदारों के लिए लगभग 30 लाख के बजट से उन्हें और मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है। जिससे संसाधनों से वंचित चौकीदारों को संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें और मजबूत किया जा सके।
       उक्त बातें जनपद के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बुधवार को रुधौली में चौकीदारों को कंबल एवं साफा वितरण कार्यक्रम में कही। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना काल, एनआरसी फैसले, राम मंदिर फैसले पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस व चौकीदारों को धन्यवाद ज्ञापित किया। पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए उन्हें निष्ठा पूर्वक कार्य करने की सलाह दी साथ ही आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी पुलिसकर्मियों व चौकीदारों को सजग रहने की नसीहत दी। इसके पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन धीरसेन निषाद द्वारा पुलिस अधीक्षक को बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर कर स्वागत किया गया। क्षेत्राधिकारी शक्ति सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा ने भी उपस्थित चौकीदारों को संबोधित करते हुए उन्हें आगे की जिम्मेदारियां बताएं। कार्य क्रम में पुलिस सेवा से निवृत्त हो चुके 11 कर्मियों शॉल एवं 10 दिव्यांगों को कंबल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान हियुवा के जिलाध्यक्ष शशिभूषण सिंह, सुशांत कुमार पांडेय, महेंद्र तिवारी, राजकुमार सोनी, सुजीत सोनी, ओम नाथ सोनी आदि मौजूद रहे।
स्वर्ण व्यवसायियों ने भी पुलिस अधीक्षक को दिया सम्मान
चौकीदारों के सम्मान समारोह कार्यक्रम में पहुंचने पर रुधौली नगर पंचायत के स्वर्ण व्यवसायियों ने विगत लगभग 15 माह के कार्यकाल में विभिन्न घटनाओं को लेकर किए गए खुलासे एवं स्वर्ण व्यवसायियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सम्मानित किया। इस दौरान सुजीत सोनी, राज कुमार सोनी, ताराचंद सोनी, ओम नाथ सोनी, रवि सोनी, अरुण सोनी, दिनेश सोनी, बबलू सोनी, अनिल सोनी, अशोक सोनी आदि मौजूद रहे।

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