NATION WATCH |
- 100 रुपये लीटर के करीब पेट्रोल
- ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट पर बैन लगाने की मांग
- डोनाल्ड ट्रंप जो बाइडेन को सत्ता सौंपने को हुए तैयार
- सिद्धार्थनगर - जय किसान इंटर कॉलेज में लगी जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी
- सिद्धार्थनगर - ब्लॉक स्तरीय कृषि मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन
- केंद्र से सुप्रीम कोर्ट का सवाल , आंदोलन करते किसानों को कोविड-19 से बचाने को क्या किया?
- यूपी पंचायत चुनाव : चुनाव प्रचार में कितना खर्च कर सकते हैं ग्रााम प्रधान और बीडीसी प्रत्याशी
- अमेरिका में लगी आग से ड्रैगन को मिला हाथ सेंकने का मौका
- बर्ड फ्लू के गहराते संकट के बीच केंद्र ने जारी की एडवाइजरी
- अमेरिकी बवाल में एक महिला को पुलिस ने मारी गोली
| 100 रुपये लीटर के करीब पेट्रोल Posted: 07 Jan 2021 04:52 AM PST सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा लगातार दूसरे दिन कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद अब पेट्रोल की कीमत शतक के करीब पहुंच चुकी है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल का भाव गुरुवार को 96.10 रुपये तेा डीजल की कीमत 85. 75 रुपये हो गई है। वहीं राजधानी जयपुर में पेट्रोल 91 रुपया 63 पैसा तो डीजल 83 रुपये 64 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। जबकि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत गुरुवार को 84.20 रुपये प्रति लीटर हो गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। मुंबई में डीजल रिकॉर्ड ऊंचाई पर तेल विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में 23 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 84.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 74.38 रुपये हो गई है। मुंबई में पेट्रोल 90.83 रुपये प्रति लीटर और डीजल 81.07 रुपये प्रति लीटर है। यह दिल्ली में पेट्रोल की अब तक की सबसे अधिक कीमत है, जबकि मुंबई में डीजल रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने बुधवार को लगभग एक महीने बाद दैनिक आधार पर कीमतों की समीक्षा फिर शुरू की। बुधवार को पेट्रोल के दाम में 26 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। चार अक्तूबर 2018 को 84 रुपये प्रति लीटर था पेट्रोल इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल की अधिकतम कीमत चार अक्तूबर 2018 को 84 रुपये प्रति लीटर थी। उस समय डीजल 75.45 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था। ऐसे में सरकार ने महंगाई के दबाव को कम करने और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों ने भी कीमतों में एक रुपये प्रति लीटर की कटौती की। हालांकि, एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को बताया कि फिलहाल कोई कर कटौती विचाराधीन नहीं है। ऐसे बढ़ जाता है पेट्रोल-डीजल का रेट पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। अगर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट हटा दें तो डीजल और पेट्रोल का रेट लगभग 27 रुपये लीटर रहता, लेकिन चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों किसी भी कीमत पर टैक्स नहीं हटा सकती। क्योंकि राजस्व का एक बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। इस पैसे से विकास होता है। हर सुबह होती तय होती हैं कीमतें दरअसल विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद रोज़ाना पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं। इंडियन ऑयल , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोज़ाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन कर जारी करती हैं। SMS के जरिए ऐसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के रेट आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना SMS के जरिए भी चेक कर सकते है। इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं। बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9223112222 नंबर पर भेज सकते हैं। | ||||||||||||||||||||
| ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट पर बैन लगाने की मांग Posted: 07 Jan 2021 03:40 AM PST ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के मामले तेजी से सामने आने के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ब्रिटेन से भारत आने वाली फ्लाइटों पर 31 जनवरी तक रोक लगाने की मांग की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, ''केंद्र सरकार ने प्रतिबंध हटाने और ब्रिटेन की उड़ानें शुरू करने का फैसला किया है। यूके में COVID-19 की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए, मैंने 31 जनवरी तक प्रतिबंध को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया है।
बड़ी मुश्किल से लोग COVID-19 की स्थिति को नियंत्रण में लाए हैं। यूके की COVID स्थिति गंभीर है। अब, प्रतिबंध हटाकर क्यों हमारे लोगों को जोखिम में डाल रहे हैं? ज्ञात को कि बीते दिनों दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत भारत के अनेक शहरों में ब्रिटेन से लौटे लोगों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद सरकार ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइटों पर रोक लगा दी थी। दिल्ली में नीचे आया कोरोना का ग्राफ राजधानी दिल्ली में कोरोना (COVID-19) के केसों में कमी का दौर लगातार जारी है। इसके साथ ही पॉजिटिविटी दर भी घटकर 1 फीसदी से नीचे बना हुआ है। बुधवार को दिल्ली में कोरोना के करीब 650 नए मरीज मिलने के बाद यहां संक्रमितों की कुल संख्या 6.28 लाख से अधिक हो गई है। वहीं कल संक्रमण से 16 और लोगों की मौत होने से मृतकों संख्या भी बढ़कर 10,625 हो गई है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में जहां कोरोना के 654 नए मरीज मिले हैं, वहीं, 16 मरीजों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या 6,28,352 हो गई है। बुधवार को दिल्ली में 719 मरीज कोरोना मुक्त होकर अपने घर चले गए। राजधानी में अब कोरोना वायरस संक्रमण के 4481 एक्टिव केस बचे हैं, जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 4562 था। वहीं, अब तक कुल 6,13,246 मरीज इस महामारी को मात देकर पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही अब तक मरने वालों की संख्या 10,625 हो गई है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में कुल 74,650 टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 39,623 आरटीपीआर/ सीबीएनएएटी / ट्रूनैट टेस्ट और 35,027 रैपिड एंटीजन टेस्ट किए गए। दिल्ली में अब तक कुल 9,08,1233 जांचें हुई हैं और प्रति 10 लाख लोगों पर 4,77,959 टेस्ट किए गए हैं। जल्द शुरू होगा टीकाकरण दिल्ली समेत पूरे देश में जल्द ही सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 साल से अधिक उम्र के लोगों और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इससे कम उम्र के लोगों सहित प्राथमिकता वाली श्रेणी के 51 लाख लोगों को पहले टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों को दिल्ली में टीकाकरण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ घनिष्ठ समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है। | ||||||||||||||||||||
| डोनाल्ड ट्रंप जो बाइडेन को सत्ता सौंपने को हुए तैयार Posted: 07 Jan 2021 02:39 AM PST अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव नतीजो को मानने से इनकार करते रहे डोनाल्ड ट्रंप आखिरकार सत्ता छोड़ने को तैयार हो गए हैं। ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि 20 जनवरी को विधि पूर्वक जो बाइडेन को सत्ता सौंप देंगे। ट्रंप का यह बयान यूएस कांग्रेस के जॉइंट सेशन में औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति पद पर कमला हैरिस के निर्वाचन की पुष्टि के ठीक बाद आया है। 3 नवंबर को हुए चुनाव में दोनों विजेता बनकर उभरे थे। ट्रंप ने एक बयान में कहा, ''इसके बावजूद कि मैं चुनाव नतीजो से अहसमति रखता हूं, और तथ्य मुझे सही साबित करते हैं, फिर भी 20 जनवरी को प्रक्रिया के तहत परिवर्तन होगा।'' संसद में बाइडन(78) और हैरिस (59) की जीत की पुष्टि के बाद ट्रंप ने कहा कि इस निर्णय के साथ राष्ट्रपति के तौर पर शानदार पहले कार्यकाल का अंत हो गया है। चुनाव में धांधली के बारे में अपने दावों को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, ''अमेरिका को फिर से महान बनाने के लिए यह हमारे संघर्ष की शुरुआत है।'' बाइडन और हैरिस 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे। कोविड-19 महामारी के कारण सादे तरीके से समारोह का आयोजन होगा। संसद के संयुक्त सत्र द्वारा बृहस्पतिवार तड़के औपचारिक रूप से बाइडन की जीत की पुष्टि कर दी गयी। इससे पहले कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) के भीतर ट्रंप समर्थकों ने जमकर हंगामा किया जिसके कारण चार लोगों की मौत हो गई। हिंसा के कारण सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव हुआ था। बाइडन और हैरिस को 306 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिले थे। | ||||||||||||||||||||
| सिद्धार्थनगर - जय किसान इंटर कॉलेज में लगी जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी Posted: 07 Jan 2021 01:00 AM PST जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डीके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न विज्ञान प्रदर्शनी में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी नसीम अहमद ने स्कूली बच्चों को सूचना विज्ञान, तकनीक और विभिन्न वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान कीं। विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों के विज्ञान मॉडल का अवलोकन किया गया। आए परिणाम में जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई की रीतिका शुक्ला, द्वितीय रफी मेमोरियल इंटर कॉलेज चकचई की प्रियंका, तृतीय मुस्लिम इंटर कॉलेज महदेइया के अंकित, सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान बाल शिक्षा सदन कन्या इंटर कॉलेज तेतरी बाजार के दरक्षा, जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई की श्रद्धा पांडेय को द्वितीय स्थान और तृतीय स्थान राजकीय कन्या इंटर कॉलेज तेतरी बाजार की दीपिका मिश्रा को मिला। सभी को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में डायट प्रवक्ता पंकज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद यूनुस और सह समन्वयक सिद्धार्थशंकर शामिल रहे। नोडल अधिकारी और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बांसी की प्रधानाचार्य डॉ. जया मिश्रा ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन और अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन जिला समन्वयक एसएन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर कई विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षिका और बच्चे उपस्थित रहे। विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों दिखाई प्रतिभा डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के चकचई स्थित रफी मेमोरियल इंटर कॉलेज पर बुधवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं को दो वर्गों में विभाजित किया गया था। कक्षा नौ एवं 10 के छात्र-छात्राओं को जूनियर एवं कक्षा 11 तथा 12 के छात्र-छात्राओं को सीनियर वर्ग में रखा गया था। सभी विद्यार्थियों ने आकर्षक मॉडल्स बना कर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सीनियर वर्ग में रहनुमा एंड ग्रुप ने प्रथम स्थान, तैबा एंड ग्रुप ने दूसरा और शहबाज एंड ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि जूनियर वर्ग में सौम्या एंड ग्रुप को पहला, शाइस्ता एंड ग्रुप को दूसरा और मुस्कान एंड ग्रुप को तीसरा स्थान मिला। विज्ञान प्रदर्शनी में निर्णायक की भूमिका विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. बख्तियार मसूद उस्मानी एवं विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य मिन्नतुल्लाह मालिक ने निभाई। इस दौरान अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष तनवीर अहमद, समाजसेवी काजी नियाज अहमद एवं राजकीय इंटर कॉलेज भरवठिया के अध्यापक मौजूद रहे। | ||||||||||||||||||||
| सिद्धार्थनगर - ब्लॉक स्तरीय कृषि मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन Posted: 07 Jan 2021 12:57 AM PST सिद्धार्थनगर। जिले के चार विकास खंडों में बुधवार को किसान कल्याण मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय कृषि मेला एवं प्रदर्शनी तथा जागरूकता गोष्ठी आयोजित हुई। इस दौरान विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। लाभार्थीपरक योजनाओं के स्वीकृतिपत्र, प्रमाणपत्र, पुरस्कार वितरित किए गए।लोटन प्रतिनिधि के मुताबिक सदर विधायक श्यामधनी राही ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र सौंपा। एसडीएम सदर विकास कश्यप, उपायुक्त श्रम रोजगार संजय शर्मा, बीडीओ रामबिलास राय, योगेंद्र राव, संजय पटेल, मुहम्मद यूनुस, मुसे सिंह, दिगनारायन सिंह, दिग्विजय सिंह, बबलू पांडेय, जैनेंद्र मिश्रा, रामकेवल, विनोद चौधरी, मनोज मौर्या, अनीता देवी, ज्ञानमती की मौजूदगी रही। बर्डपुर प्रतिनिधि के मुताबिक प्रदर्शनी में सदर विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जागरूकता गोष्ठी में प्रतिभाग किया। स्टॉल लगाकर एवं लाभार्थीपरक योजनाओं के स्वीकृतपत्र, प्रमाणपत्र, पुरस्कार आदि का वितरण किया गया। संचालन एडीओ आइएसबी विजय मिश्र ने किया। उप कृषि निदेशक डॉ. एलबी यादव, बीडीओ नीरज जायसवाल समेत ओम प्रकाश यादव, अभिनव ओझा, अंकित शुक्ला, एडीओ कृषि रमाकांत कुशवाहा, अरुण द्विवेदी, एडीओ पंचायत राम प्यारे, विनय श्रीवास्तव, केशभान यादव, अंकित शुक्ला, गिरीश यादव, नरेंद्र राव सहित समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। बढ़नी प्रतिनिधि के मुताबिक मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा कि किसानों को लाभ देने के लिए विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए हैं। जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। यहां पहुंचीं महिलाओं ने बैंकों की शिकायत की। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को प्रबंधक से संपर्क कर समस्याओं को निस्तारण करने के निर्देश दिए। सांसद प्रतिनिधि नर्वदेश्वर मणि त्रिपाठी, एपीओ प्रमोद कुमार, सचिव महेश्वर पांडेय, रामसिंह, जेई विजय चौधरी, मो. शारिक, पिंटू पाठक, विंध्याचल शुक्ला, अनुज चौधरी उपस्थित थे। शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक 23 ग्राम पंचायतों के किसानों को प्रमाणपत्र भी वितरण किया गया। सीडीओ पुलकित गर्ग समेत बीडीओ एजाज अहमद, अवर अभियंता रमेश चंद्र, सहायक अभियंता अश्वनी कुमार शुक्ला, अधिशाषी अभियंता जयप्रकाश, एडीओ पंचायत जितेंद्र नाथ त्रिपाठी, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा उपस्थित थे। | ||||||||||||||||||||
| केंद्र से सुप्रीम कोर्ट का सवाल , आंदोलन करते किसानों को कोविड-19 से बचाने को क्या किया? Posted: 07 Jan 2021 12:36 AM PST तीन जजों की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, 'ठीक ऐसी ही समस्या किसानों के प्रदर्शन के दौरान भी पैदा हो सकती है। हमें नहीं पता कि किसानों को कोरोना से बचाया जा रहा है या नहीं। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए आपने क्या दिशानिर्देश जारी किए हैं। क्या आपने जमात वाले अनुभव से कुछ सीखा है? क्या आपको पता है कि यह कैसे हुआ?' सरकार की ओर से तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जमात वाले मामले की जांच अभी तक चल रही है। उन्होंने ज्यादा संख्या में लोगों के इकट्ठा होने को लेकर कोरोना गाइडलाइंस का जिक्र करते हुए दो हफ्ते का समय मांगा। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जम्मू-कश्मीर की वकील सुप्रीया पंडिता की ओर से जमात मामले की सीबीआई जांच की मांग के लिए दायर की गई जनहित याचिका के दौरान यह सवाल किया। याचिका में जमात जैसे मामलों को आगे से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई है ताकि इससे आम जनता की सेहत को नुकसान न हो। पंडिता के वकील ओपी परिहार ने जमात मामले को लेकर कहा कि अभी तक इसके प्रमुख मौलाना साद को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि हम किसी एक आदमी में रुचि नहीं रखते हैं। हमारी रुचि इसमें है कि कोविड को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जाएं और उन्हें लागू भी किया जाए। | ||||||||||||||||||||
| यूपी पंचायत चुनाव : चुनाव प्रचार में कितना खर्च कर सकते हैं ग्रााम प्रधान और बीडीसी प्रत्याशी Posted: 07 Jan 2021 12:08 AM PST यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है। फाइनल वोटर लिस्ट तैयार हो रही है। आरक्षण सूची पर भी काम चल रहा है। हालांकि अभी इस बार के लिए चुनाव प्रचार राशि भी निर्धारित नहीं हुई है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हो सकता इस बार इसमें कोई परिवर्तन ना हो, जो राशि 2015 के चुनाव के समय निर्धारित हुआ था वही इस बार भी रहे। 2015 में हुए चुनाव के अनुसार प्रचार में सबसे अधिक खर्चा जिला पंचायत सदस्य कर सकते हैं। उनके लिए डेढ़ लाख की राशि निर्धारित की गई है। ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले अधिकतम 75 हजार रुपये खर्च कर सकते हैं। वहीं 2015 के चुनाव मेंग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को दो हजार रुपये जमानत राशि के रूप जमा करना था। जानिए 2015 में किसके लिए क्या फीस निर्धारित :
नोट : अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अथवा महिला वर्ग के नामांकन पत्र, जमानत राशि निर्धारित धनराशि से आधी होगी।
जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य मुख्यालय से : यूपी के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के मुताबिक जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य मुख्यालय से तय होता रहा है और इस बार भी ऐसे ही होगा बाकी ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की सीटों का आरक्षण जिला मुख्यालय से ही तय किया जाएगा। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस बारे में शासनादेश जारी किया जाएगा, आरक्षण की प्रक्रिया के लिए अभी समय है। उन्होंने बताया कि 15 मार्च से अप्रैल के पहले सप्ताह के बीच यूपी में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव करवा लिये जाएंगे। पंचायतीराज विभाग इसी समय सीमा के आधार पर अपनी तैयारी कर रहा है। परिसीमन पूरा होने के बाद आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी चार पदों के लिए एक साथ होंगे चुनाव : इस बार यूपी में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य. क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे। अभी तक की तैयारियां मार्च और अप्रैल 2021 में चुनाव कराने की हैं। आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी। कोविड-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं। ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा। | ||||||||||||||||||||
| अमेरिका में लगी आग से ड्रैगन को मिला हाथ सेंकने का मौका Posted: 07 Jan 2021 12:05 AM PST चुनावी नतीजों को लेकर अमेरिका में लगी हिंसा की आग में चीन हाथ सेंकने के लिए आ गया है। अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा मचाए गए उत्पात ने चीन को एक बार फिर से खुश होने का मौका दे दिया है। चीन में इंटरनेट पर लगातार अमेरिका हिंसा को लेकर मजाक बनाया जा रहा है और सरकार से लेकर आम चीनी तक इसकी तुलना 2019 में हॉन्गकॉन्ग में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन से कर रहे हैं। बुधवार को अमेरिका में खूब बवाल हुआ और कैपिटल बिल्डिंग पर ट्रंप समर्थकों को हुजूम उमड़ पड़ा, जिसके बाद पुलिस और समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई और इसमें चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने चीन की स्टेट मीडिया और कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स को भी मजाक उड़ाने का मौक दे दिया और इसने कई तस्वीरों से अमेरिका का खूब मजाक भी उड़ाया। ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिकी हिंसा की तुलना हॉन्गकॉन्ग के विरोध प्रदर्शन से की और इसके लिए कई दोनों घटना की कई तस्वीरों का सहारा लिया। चुनावी नतीजों में हार के बाद प्रदर्शन के दौरान की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें ट्रंप समर्थकों को यूएस कैपिटल पर चढ़ाई करते, सेल्फी लेते, सुरक्षाकर्मियों से उलझते-हाथापाई करते और इमारत के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ करते देखा जा रहा है। इन तस्वीरों के जरिए ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिका पर तंज कसा है और इसने अमेरिकी हिंसा को 'पेलोसी के खूबसूरत परिदृश्य' के रूप में वर्णित किया है। बता दें कि जून 2019 में ही अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने हांगकांग के विरोध प्रदर्शन को 'एक सुंदर दृश्य को निहराना' करार दिया था। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कैपिटल हिल में इस बवाल के बारे में ऐसा ही कहेंगी या नहीं। इधर, चीन की कम्युनिस्ट यूथ लीग ने भी ट्विटर जैसे वीबो प्लेटफॉर्म पर इस अमेरिकी हिंसा को "सुंदर दृश्य" बताया है। हैशटैग #Trump supporters storm US Capitol गुरुवार को चीनी प्लेटफॉर्म वीबो पर छाया रहा और अब तक इस पर 230 मिलिनय व्यूज हो गए हैं। चीनी सोल मीडिया पर अमेरिकी घटना का खूब मजाक बनाया जा रहा है और लोग हॉन्गकॉन्ग की घटना से तुलना कर खुश हो रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि फिलहाल सभी यूरोपीय देशों के नेताओं ने दोहरे मानदंड दिखाए हैं और इसकी (वाशिंगटन हिंसा) निंदा की है। बस इस वीबो यूजर के इस कमेंट को 5,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं। इसमें आगे कहा गया है कि मुझे नहीं पता कि इस बार हांगकांग या ताइवान मीडिया द्वारा किस तरह के अमेरिकी हिंसा पर दोहरे मानक रिपोर्ट किए जाएंगे। एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह पिछले साल हॉन्गकॉन्ग में हुआ था, आज अमेरिकी कैपिटल में वैसा ही हुआ। | ||||||||||||||||||||
| बर्ड फ्लू के गहराते संकट के बीच केंद्र ने जारी की एडवाइजरी Posted: 06 Jan 2021 10:52 PM PST देश में गहराते बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी कर पक्षियों की संदिग्ध मौत पर नजर रखने को कहा है। केंद्र सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि बर्ड फ्लू देश के चार राज्यों में फैला है। जानिए, बर्ड फ्लू को लेकर अभी तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और किस राज्य में क्या स्थिति है: केरल (अधिकतर पोल्ट्री), हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हजारों की संख्या में पक्षियों की मौत हुई। इसकी शुरुआत दिसंबर महीने के आखिर में हुई थी। दूसरी जगहों से उड़कर आने वाले पक्षियों को इस बर्ड फ्लू का कारण माना जा रहा है। सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया है। अकेले हरियाण के पंचकूला में ही बीते 20 दिनों में 4 लाख के करीब पक्षी मर चुके हैं। उत्तराखंड के देहरादून में भी 3 कौवों के इसी फ्लू के कारण मरने की आशंका है। हालांकि, अभी इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। झारखंड, गुजरात में भी अलर्ट जारी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल के दो एपिकसेंटरों के अलावा हरियाणा के पंचकूला में भी विशेष टीमों को तैनात किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा संकट H5N8 वायरस की वजह से हुआ है। हालांकि, दुनियाभर में कई और स्ट्रेन भी पक्षियों की मौत का कारण बन रहे हैं। बीते हफ्तों में यूरोप के कई हिस्सों में भी पक्षियों की मौत के मामले देखे गए हैं। आशंका है कि जंगली पक्षी इस फ्लू को फैला रहे हैं। पक्षियों के इन्फ्लूएंजा का H5N1 और H5N8 दोनों स्ट्रेन बीमारी पैदा कर सकते हैं, लेकिन ये मानव शरीर को संक्रमित नहीं करते। बीते साल 30 सितंबर को भारत ने खुद को पक्षियों के इन्फ्लूएंजा से मुक्त घोषित किया था और उसके कुछ महीनों बाद ही यह संकट गहरा गया है। भारत में पहली बार साल 2006 में बर्ड फ्लू फैला था। सरकार ने बर्ड फ्लू के 12 एपिकसेंटर की पहचान की है। ये हैं: राजस्था के बारन, कोटा, झालावाड़, मध्य प्रदेश के मंदसौर, इंदौर और मालवा, हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा और केरल का कोट्टायम-अलेप्पी। बुधवार को केरल के कोट्टायम और अलेप्पी में 69 हजार से ज्यादा पक्षियों (बत्तख और मुर्गा-मुर्गी सहित) को नष्ट किया गया। केरल ने बर्ड फ्लू को राज्य आपदा घोषित कर दिया है और पक्षियों को नष्ट करने के साथ ही स्थिति पर नजर रखने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया है। मध्य प्रदेश ने दूसरे राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद की आवाजाही पर रोक लगा दी है। हिमाचल प्रदेश ने देहरा, फतेहपुर, जावली और इंदौरा इलाकों में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया है। | ||||||||||||||||||||
| अमेरिकी बवाल में एक महिला को पुलिस ने मारी गोली Posted: 06 Jan 2021 10:46 PM PST चुनावी नतीजो को लेकर जारी खींचतान के बीच अमेरिका हिंसा की आग में झुलसता नजर आ रहा है। अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में इलेक्टोरल वोटों की गिनती के दौरान अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। यह झड़प देखते ही देखते हिंसक हो गई, जिसमें अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हो गई है। वाशिंगटन डीसी पुलिस के मुताबिक, अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के कैपिटल परिसर में हंगामे की घटना में चार लोगों की मौत। इनमें से एक महिला को पुलिस ने गोली मारी है, जबकि तीन की गंभीर हालत में मौत हुई है। दरअसल, बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत का सामना करना पड़ा। राजधानी में कर्फ्यू इन हालात में प्रतिनिध सभा और सीनेट तथा पूरे कैपटोल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल हो गए हैं। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए। 13 गिरफ्तार और 5 हथियार जब्त पीएम मोदी ने दुख जताया ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट पर लगाई रोक फेसबुक और यूट्यूब ने भी हटाया वीडियो जो बाइडन ने राजद्रोह करार दिया ट्रंप ने अपने भाषण में क्या कहा? कब और कैसे शुरू हुई हिंसा? |
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