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Monday, April 26, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


INDORE: डॉक्टर ने भर्ती मरीज को उठाकर भगा दिया, सड़क किनारे लाश मिली - MP NEWS

Posted: 26 Apr 2021 08:15 AM PDT

इंदौर।
निश्चित रूप से महामारी के वक्त में लोगों की जान बचाने वाले डॉक्टर भगवान हैं लेकिन सफेद कोर्ट के भीतर कुछ शैतान भी है। सुपर स्पेशियलिटी सेंटर से डॉक्टरों ने बेड खाली कराने के लिए एक मरीज को स्वस्थ होने से पहले ही उठाकर भगा दिया। दूसरे दिन अस्पताल के बाहर सड़क पर पड़ी हुई उसकी लाश मिली है। समाचार लिखे जाने तक मामले की जांच शुरू नहीं हुई है और हत्यारा अभी भी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के अंदर है। शायद किसी वीआईपी के रिश्तेदार के लिए बेड खाली करवा रहा होगा।

हालत में सुधार आ गया था, डिस्चार्ज करने वाले थे

14 अप्रैल को सिलिकॉन सिटी में रहने वाले 65 वर्षीय गोविंद रोरेले को कोरोना पॉजिटिव होने पर भर्ती किया गया था। करीब 10 दिन चले इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार हो गया था। उनके बेटे अजय को अस्पताल की ओर से बताया गया था कि जल्द ही उनके पिता को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। वह पहले की तरह पूरे परिवार के साथ सामान्य जीवन यापन करेंगे। पूरा परिवार काफी खुश था।

डॉक्टरों से सवाल किया तो पुलिस की धमकी देने लगे

अस्पताल के बताए समय पर बेटा अजय अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचा। जब पिता के बारे में पूछा तो बताया गया कि उन्हें तो पहले ही रिचार्ज कर दिया गया है। इस पर अजय सहित अन्य परिजन भड़क गए। उन्होंने कहा कि रविवार को डिस्चार्ज करना था तो शनिवार को क्यों किया और इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। सवाल करने पर डॉक्टरों ने पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करवाने की धमकी दी और भगा दिया। घरवालों ने उनकी तलाश की तो अस्पताल के बाहर सड़क पर गोविंद रोरेले की लाश पड़ी मिली।

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MP BOARD 10वीं को जनरल प्रमोशन, 12वीं का फैसला सुरक्षित, बैठक संपन्न

Posted: 26 Apr 2021 07:56 AM PDT

भोपाल
। माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित 10वीं हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। सभी विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। आज से पहले तक इस प्रक्रिया को जनरल प्रमोशन कहते थे परंतु इस बार इसे कोई नया नाम दिया जाएगा क्योंकि विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के नाम पर पास किया जायेगा। आज सोमवार दिनांक 26 अप्रैल 2021 को एमपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर आयोजित हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

जैसा कि भोपाल समाचार डॉट कॉम ने 14 अप्रैल 2021 को बता दिया था (MP BOARD 10वीं को जनरल प्रमोशन मिलेगा! क्योंकि मुख्यमंत्री परीक्षा नहीं चाहते) वही सब कुछ हो रहा है। बैठक के पहले स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार का बयान आया था। श्री परमार ने मीडिया के सामने वही लाइन दोहराई, जो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से कही थी। ( परीक्षाएं करवाकर बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकते।) बैठक के बाद वही डिसीजन सामने आया जिस का पूर्वानुमान भोपाल समाचार डॉट कॉम ने प्रकाशित कर दिया था।

MP BOARD 12वीं परीक्षा का फैसला सुरक्षित 

क्योंकि 12वीं हायर सेकेंडरी के बाद कॉलेज एडमिशन एवं कैरियर के सभी विकल्प ओपन होते हैं इसलिए परीक्षा का आयोजन होना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि आज की मीटिंग में इस बात का फैसला हुआ कि परीक्षा ऑफलाइन होगी अथवा ऑनलाइन जबकि परिस्थितियां बता रही है कि सरकार फिलहाल कोई फैसला नहीं ले सकती। नवीन शिक्षा सत्र को समय पर शुरू करने के लिए जून में परीक्षा होना अति अनिवार्य है परंतु कोरोनावायरस से लड़ने के लिए जिस तरह की तैयारियां सरकार कर रही है, उसके हिसाब से जून के अंत तक संक्रमण के 5% से नीचे आने की संभावना नहीं है। यदि संक्रमण की स्थिति में सरकार ने परीक्षा कराई तो पेरेंट्स, सरकार को फेल कर देंगे।

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राजीव गांधी को कंदमूल खिलाने वाली आदिवासी महिला कोरोना पॉजिटिव - NATIONAL NEWS

Posted: 26 Apr 2021 07:51 AM PDT

नई दिल्ली।
कांग्रेस पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को अच्छी तरह से याद होगा। सन 1985 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के साथ छत्तीसगढ़ के कुल्हाड़ी गांव में एक आदिवासी महिला के घर में रात्रि विश्राम किया था। आदिवासी महिला के घर में उनके स्वागत के लिए कुछ भी नहीं था। उसने पारंपरिक कंदमूल सामने रख दिए। स्वर्गीय राजीव गांधी ने बड़े ही प्रेम से बल्दी बाई के कंदमूल खाए थे। इस महिला की उम्र 92 साल हो गई है और जंगल में रहने के बावजूद कोरोनावायरस से संक्रमित हो गई है।

बल्दी बाई की हालत गंभीर, गरियाबंद से रायपुर रेफर

बताया जा रहा है कि बल्दी बाई को दो तीन दिन से सामान्य सर्दी बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे थे। जिसके बाद कुल्हाड़ीघाट के स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा इसकी तत्काल जानकारी दी गई और कल रात में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर में एडमिट किया गया। यहां बल्दी बाई का यहां एंटीजन टेस्ट और प्रारंभिक उपचार के पश्चात उन्हें रात में ही कोविड अस्पताल गरियाबंद रिफर किया गया। हालांकि यहां गरियाबंद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ नवरत्न ने कोविड-19 के बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें रायपुर मेकाहारा रिफर किया गया। जहां उनका इलाज जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा इलाज में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए

स्वर्गीय राजीव गांधी को कंदमूल खिलाने के कारण बल्दी बाई को पूरा छत्तीसगढ़ जानता है। कांग्रेस पार्टी के पोस्टर पर श्रीमती बल्ली बाई का फोटो कई बार छापा जा चुका है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ डॉक्टरों को बेहतर इलाज के लिए तत्काल निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि बल्दी बाई के स्वाथ्य पर कड़ी नजर रखी जाए और उन्हें किसी प्रकार की कोई तकलीफ न हो।

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INDORE में 100 से अधिक क्षेत्र माइक्रो कंटेनमेंट बने - MP NEWS

Posted: 26 Apr 2021 07:35 AM PDT

इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण के कारण नित नए इलाके माइक्रो कंटेनमेंट एरिया में तब्दील करना पड़ रहे हैं। अब तक सौ से अधिक एरिया इस श्रेणी में आ चुके हैं, जहां दर्जनों लोग कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं। कुछ माइक्रो कंटेंनमेंट एरिया एक सप्ताह पहले बनाए गए तो कुछ नए बनाए गए हैं।  
 
साेमवार को करीब 45 नए इलाकों को माइक्रो कंटेनमेंट एरिया बनाने के आदेश जारी किए गए। इनमें आरआर कैट के सेक्टर ए व सी का कुछ हिस्सा, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, नंदा नगर की गली नंबर 10, 17 और 25, सरस्वती नगर, पार्श्वनाथ नगर, जनता कालोनी, कालानी नगर, समाजवादी इंदिरा नगर और जानकी नगर शामिल है।

इनके अलावा द्वारकापुरी में मकान नंबर 841 से 844 तक और मकान नंबर 124 से 131 तक, काटजू कालोनी, राधाकृष्ण नगर, वृंदावन कालोनी, प्रिंस नगर, वीणा नगर, सुंदर नगर एक्सटेंशन, आदिवासी भील कालोनी मूसाखेड़ी, ट्रेजर फेंटेसी सी ब्लाक, इदरीश नगर, किष्किंधा धाम, श्री मंगल नगर , मां नर्मदा कालोनी, मालवीय नगर सहित कई अन्य इलाके शामिल हैं।

संक्रमण की रोकथाम के लिए माइक्रो कंटेंनमेंट एरिया में आवागमन सीमित रहेगा और उपचार के लिए व आपातकालीन आवाजाही रहेगी। इन इलाकों में स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा कोरोना के संदिग्ध मामलों की निगरानी हर दिन की जाएगी।

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CORONA पीड़ित बिजली कर्मचारियों को एडवांस मेडिकल की योजना - EMPLOYEE NEWS

Posted: 26 Apr 2021 07:31 AM PDT

राजेश पाण्डेय/ भोपाल।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कोविड-19 पीड़ित बिजली कंपनी के नियमित कार्मिकों को विषम एवं गंभीर परिस्थितियों में चिकित्सा उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए 'कोविड-19 चिकित्सा अग्रिम तत्काल सहायता योजना' स्वीकृत की है। कंपनी के नियमित कार्मिकों के लिए कोविड-19 से पीड़ित होने पर उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए 3 लाख रूपये का अग्रिम तत्काल स्वीकृत किया जाएगा। 

यह चिकित्सा अग्रिम संबंधित कार्मिक की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट, चिकित्सक की उपचार पर्ची एवं अस्पताल में भर्ती होने की सलाह संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर स्वीकृत किया जाएगा। इसके लिए मैदानी स्तर पर क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक एवं कंपनी मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) को स्वीकृति के अधिकार दिए गए हैं। चिकित्सा अग्रिम प्राप्त करने वाले संबंधित कार्मिक को आदेश जारी होने की दिनांक से छः माह के भीतर चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करना होगा। यह योजना 24 अप्रैल से आगामी तीन माह के लिए लागू रहेगी।

संविदा कार्मिकों को अधिकतम 70 हजार रूपये का मेडिकल एडवांस

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि कंपनी कार्यक्षेत्र में कार्यरत संविदा कार्मिकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कोविड-19 से पीड़ित होने पर चिकित्सा उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए 'कोविड-19 संविदा पारिश्रमिक अग्रिम योजना' स्वीकृत की गयी है। योजना के अंतर्गत संविदा कार्मिकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कोविड-19 से पीड़ित होने पर चिकित्सा उपचार के लिए दो माह का पारिश्रमिक (अधिकतम राशि 70 हजार रूपये) का अग्रिम स्वीकृत किया जाएगा। 

यह चिकित्सा अग्रिम संबंधित कार्मिक एवं परिवार के सदस्यों की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट, चिकित्सक की उपचार पर्ची एवं अस्पताल में भर्ती होने की सलाह संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर स्वीकृत किया जाएगा। इसके लिए संविदा कार्मिक के आहरण एवं संवितरण अधिकारी को राशि स्वीकृति के अधिकार दिए गए हैं। आहरित पारिश्रमिक की वसूली संबंधित संविदा कार्मिक के वेतन से समान छः किश्तों में प्राप्त की जाएगी। कार्मिक की संविदा अनुबंध अवधि छः माह से कम होने की स्थिति में अग्रिम राशि की वसूली तदनुसार शेष संविदा अवधि के पारिश्रमिक से समान किश्तों में की जाएगी। यह योजना 24 अप्रैल से आगामी तीन माह के लिए लागू रहेगी।

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BHOPAL में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं: कलेक्टर का दावा - MP NEWS

Posted: 26 Apr 2021 07:28 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया का दावा है कि भोपाल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है। 150 अस्पतालों में जितनी डिमांड आ रही है उतनी ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि हम एक दिन पहले ही लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था कर लेते हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या ना आए।

ट्रांसपोर्टेशन में गड़बड़ी हो जाती है 

वरिष्ठ पत्रकार श्री बृजेश राजपूत से बात करते हुए कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने बताया कि ऑक्सीजन की उपलब्धता की कोई समस्या नहीं है। कभी-कभी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन में समस्या आ जाती है क्योंकि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए लिमिटेड सोर्स है। 

सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रेमडेसिवीर नहीं दे सकते: कलेक्टर 

कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने कहा कि यदि AIIMS या उसके समकक्ष संस्थानों की गाइड लाइन के अनुसार रेमडेसिवीर इंजेक्शन की बात करें तो हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है लेकिन सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।

विशेष नोट:- हम लोगों से अपील करते हैं कि यदि भोपाल की किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की बात की जाती है या फिर ऑक्सीजन के चार्ज निर्धारित से ज्यादा लिए जाते हैं तो कृपया तत्काल कलेक्टर से शिकायत करें।

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JABALPUR: फ्रंटलाइन कोरोना योद्धा की संक्रमण से मौत, CMHO को हटाने की मांग

Posted: 26 Apr 2021 07:01 AM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि विश्वव्यापी आपदा (Covid-19) कोरोना वायरस से संक्रमित कोरोना योद्धा (फ्रंटलाइन वर्कर) श्री मुबीन खान लेब टेक्नीशियन रांझी अस्पताल में पदस्थ थे, जिनका उपचार के दौरान विक्टोरिया चिकित्सालय में निधन हो गया है। 

कोरोना संक्रमण काल के प्रारंभ से ही श्री खान अपनी सेवाएं फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में फीवर क्लीनीक बड़ापत्थर रांझी में न्यूनतम संसाधन होने के बाद भी दे रहे थे। समुचित संसाधन न होने से वह स्वयं ही कोराना संक्रमित हो गये, जिसका खामयाजा उन्हें अपनी जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी की मौत उपचार में लापरवाही एवं आक्सीजन की कमी के कारण हुई है। कर्मचारी संघ का कहना है कि ऑक्सीजन और इंजेक्शन दोनों उपलब्ध हैं लेकिन बड़े नेताओं और बड़े अफसरों की सिफारिश पर ही मिल रहे हैं। अपने कर्मचारी की जान बचाना सीएमएचओ की जिम्मेदारी थी परंतु उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, गोविन्द विल्थरे, अटल उपाध्याय, आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, शहजाद द्विवेदी, रजनीश पाण्डे, अजय दुबे, सतीश उपाध्याय, दालचंद पासी, अरूण दुबे, विनोद साहू, बलराम नामदेव, के.के.विश्वकर्मा, मनोज पाटकर, राजीव पाठक, नितिन अग्रवाल, राकेश उपाध्याय, श्यामनारायण तिवारी नितिन शर्मा, मो0 तारिख, संतोष तिवारी, प्रियांशु शुक्ला, राकेश दुबे, आदित्य दीक्षित आदि ने कलेक्टर जबलपुर से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।

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WhatsApp ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट के लिए एडमिन जिम्मेदार नहीं: हाई कोर्ट

Posted: 26 Apr 2021 04:49 AM PDT

नागपुर
। बॉम्‍बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा है कि वॉट्सऐप ग्रुप में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट के लिए उस ग्रुप का एडमिन जिम्मेदार नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने 33 साल के उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया जिसमें ग्रुप एडमिन होने के कारण उसे आरोपी बनाया गया था। हाईकोर्ट ने यह आदेश मार्च 2021 में दिया था।

एडमिन के पास मैसेज को हटाने या एडिट करने का अधिकार नहीं

न्यायमूर्ति जेडए हक और न्यायमूर्ति एबी बोरकर की पीठ ने कहा कि वॉट्सऐप के एडमिनिस्ट्रेटर के पास केवल ग्रुप के सदस्यों को जोड़ने या हटाने का अधिकार होता है। ग्रुप में डाले गए किसी पोस्ट या विषयवस्तु को नियंत्रित करने या रोकने की क्षमता नहीं होती है। अदालत ने एक वॉट्सऐप ग्रुप के एडमिन याचिकाकर्ता किशोर तरोने की याचिका पर यह आदेश सुनाया। 

व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन के खिलाफ किन किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था

तरोने ने गोंदिया जिले में अपने खिलाफ 2016 में धारा 354-ए (1) (4) (अश्लील टिप्पणी), 509 (महिला की गरिमा भंग करना) और 107 (उकसाने) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन) के तहत दर्ज मामलों को खारिज करने का अनुरोध किया था।

हाई कोर्ट ने खारिज की FIR
अभियोजन के मुताबिक, तरोने अपने वॉट्सऐप ग्रुप के उस मेंबर के खिलाफ कदम उठाने में नाकाम रहे जिसने समूह में एक महिला सदस्य के खिलाफ अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी की थी। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मामले का सार यह है कि क्या किसी वॉट्सऐप समूह के एडमिन पर ग्रुप के किसी मेंबर की तरफ से किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आपराधिक कार्यवाही चलाई जा सकती है। हाई कोर्ट ने तरोने के खिलाफ दर्ज एफआईआर और इसके बाद दाखिल आरोपपत्र को खारिज कर दिया।

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चुनाव के कारण फैला है कोरोना: हाईकोर्ट ने कहा, आयुक्त के खिलाफ मुकदमे की संभावना - NATIONAL NEWS

Posted: 26 Apr 2021 04:34 AM PDT

नई दिल्ली।
मद्रास हाई कोर्ट से बड़ी खबर आ रही है। चुनाव आयुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। हाई कोर्ट का कहना है कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। चुनाव प्रचार के दौरान भीड़ को नियंत्रित कर पाने में और प्रोटोकॉल का पालन करवाने में चुनाव आयोग असफल साबित रहा है। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों ना जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

कोरोनावायरस की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग ही जिम्मेदार: हाई कोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने सख्त रुख अपनाने हुए कहा कि चुनाव आयोग ही कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार है। साथ ही मद्रास हाई कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर 2 मई को आयोग ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया तो मतगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाएगी। 

लोग जिंदा बचेंगे तभी तो वोट डालेंगे: हाई कोर्ट

कोरोना के ताजा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए चीफ जस्टिस संजीव बनर्जी और सेंथिल रामामूर्ति की बेंच ने कहा कि संवैधानिक अधिकारियों को ऐसी बातें याद दिलानी पड़ती है। जब कोई व्यक्ति जीवित बचेगा तभी तो लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लेगा। हाई कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि आप उस वक्त कहां थे, जब बड़ी बड़ी रैलियां हो रही थीं।

दरअसल तमिलनाडु कैबिनेट में मंत्री और करूर से AIADMK के विधायक एमआर विजय भास्कर ने हाई कोर्ट में केस दायर किया है। विजय भास्कर की ओर से कहा गया था कि करूर में 77 प्रत्याशियों की वोट्स काउंटिंग के लिए केवल 2 काउंटिंग रूम बनाए गए हैं। कोरोना काम में काउंटिंग के लिए स्पेस नहीं दिया गया।

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BETUL जेलर की कोरोना से मौत के बाद जेलकर्मी व कैदियों में हड़कंप - MP NEWS

Posted: 26 Apr 2021 04:31 AM PDT

बैतूल।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिला जेल अधीक्षक बीके कुडापे की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। जेल स्टाफ के 7 कर्मी व दो कैदियों का रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया गया। जिसमें सभी की नेगेटिव रिपोर्ट आई है। दो दिन बाद आरटी-पीसीआर टेस्ट से कराया जाएगा। तब तक सभी को क्वारेंटाइन किया गया।

जिला जेल अधीक्षक स्वर्गीय बीके कुडापे 17 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए थे। एक सप्ताह तक भर्ती रहने बाद भी वे संक्रमण से बाहर नहीं निकल पाएं। 23 अप्रैल को जिला अस्पताल में उनका निधन हो गया। 24 अप्रैल अंतिम संस्कार के बाद जेल परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर व श्रद्धांजलि दी गई। जेल प्रबंधन में अधीक्षक के संपर्क में आएं स्टाफ के 7 कर्मियों व 2 कैदी का रैपिड एंटीजन से कोरोना का टेस्ट कराया। हालांकि सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। दो दिन बाद उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाएगा।

जेल अधीक्षक स्वर्गीय कुडापे के परिवार में पत्नी, एक बेटा व एक बेटी है। बेटा कोरोना संक्रमित हो गया है। उन्हें आइसोलेशन किया है। स्वास्थ्य में सुधार है। पत्नी और बेटी भी स्वस्थ है। बैतूल जिला जेल में अधीक्षक के प्रभार में दो दिन में दो बार बदलाव हुआ है। बीके कुडापे की मृत्यु के बाद होशंगाबाद से सहायक जेल अधीक्षक ऋतिराज दांगी को बैतूल जिला जेल का प्रभार सौंपा गया था। अगले दिन ही योगेंद्र पवार जेल अधीक्षक बनाए गए।

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CMHO JABALPUR की पत्नी कोरोना पॉजिटिव, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती

Posted: 26 Apr 2021 04:18 AM PDT

जबलपुर
। जिले के सबसे बड़े डॉक्टर (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) डॉ. रत्नेश कुरारिया की पत्नी डॉ. रश्मि कुरारिया (एल्गिन अस्पताल) की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें इलाज के लिए मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर में एडमिट किया गया है। CMHO कुरारिया आइसोलेट हो गए हैं।

डॉ. रश्मि कुरारिया एल्गिन अस्पताल में प्रैक्टिस करती हैं जबकि डॉ. रत्नेश कुरारिया सीएमएचओ के पद पर होने के कारण जबलपुर के सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों के सीधे संपर्क में रहते हैं। शनिवार को ही सीएमएचओ डॉ.रत्नेश कुरारिया ने कई निजी अस्पतालों का निरीक्षण भी किया था। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी उनके साथ थे। 

सांसद हेल्पलाइन फिर से शुरू करेंगे

Covid19 प्रोटोकॉल व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आज जबलपुर महानगर भारतीय जनता पार्टी जिले की बैठक में सम्मिलित हुआ। जिसमे निर्णय लिया कि, जबलपुर में कोरोना महामारी से पीड़ित लोगो की सेवा व सहायता हेतु पुनः सांसद हेल्पलाइन प्रारम्भ करेंगे।

सतना के खनिज विभाग के वरिष्ठ माइनिंग सर्वेयर की जबलपुर में इलाज के दौरान मौत, कोविड पॉजिटिव भी थे।


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BF ने 5 साल रेप किया, वीडियो बनाया, ब्लैकमेल किया, दुखी होकर थाने पहुंची - GWALIOR NEWS

Posted: 26 Apr 2021 04:07 AM PDT

ग्वालियर।
 मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शादी में मुलाकात कर दोस्त बनाने फिर दुष्कर्म कर और वीडियो बनाकर पांच साल तक ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पीड़ित की उम्र वर्तमान में 21 साल है। घटना के वक्त वह नाबालिग थी।     

घटना मुरार के बारादरी चौराहा के पास की है। आरोपी ने पीड़ित को शादी का झांसा कर चुप कराया दिया था। बाद में मुकर गया। पीड़ित ने मुरार थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कंपू थाना क्षेत्र के जैन पेट्रोल के पास रहने वाली छात्रा ने थाने में शिकायत की है। उसने पुलिस को बताया कि पांच साल पहले वह रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गई थी। यहां उसकी मुलाकात कुलदीप कुमार नाम के युवक से हुई। यहां दोनों की दोस्ती हो गई। फोन पर बात होने लगी। एक दिन कुलदीप ने उसे रॉक्सी पुल इलाके में मिलने बुलाया।

यहां जब छात्रा पहुंची, तो वह उसे घुमाने के बहाने मुरार बारादरी इलाके में दोस्त आनंद परिहार के घर लेकर पहुंचा। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे धमकी दी। साथ ही, चुप रहने के लिए आरोपी ने छात्रा से शादी करने का झांसा दिया। यहां दुष्कर्म के बाद वीडियो भी बना लिया। जब पीड़ित ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने इनकार कर दिया।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिछले पांच साल से वीडियो वायरल करने और शादी का झांसा देकर कर उसका शोषण कर रहा था। जब वह शादी पर अड़ गई, तो इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द वह पकड़ा जाएगा।

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GWALIOR में सिंधिया समर्थक मंत्री पर ऑक्सीजन-इंजेक्शन कोटे पर कब्जा करने का आरोप - CORONA NEWS

Posted: 26 Apr 2021 04:54 AM PDT

ग्वालियर
। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में आकर कैबिनेट मंत्री बने ग्वालियर के नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर पर गंभीर आरोप लगा है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्होंने जनता के लिए आए ऑक्सीजन एवं इंजेक्शन के कोटे पर कब्जा कर लिया है। ग्वालियर में लोगों को गंभीर स्थिति होने पर डॉक्टर के नहीं बल्कि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मर्जी से ऑक्सीजन मिल रही है।

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर नौटंकी कर रहे हैं

BJP के पूर्व शहर जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने कोविड प्रभारी मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर के बंगले के बाहर बिस्तर बिछाकर धरना दिया। श्री देवेश शर्मा ने गंभीर स्थिति में आ गए 5 मरीजों को इंजेक्शन और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से निवेदन किया था परंतु मंत्री तोमर ने ऑक्सीजन नहीं थी। इसी बात से नाराज होकर देवेश शर्मा ने धरना दिया। जब मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर उनसे मिलने आए तो खूब खरी-खोटी सुनाइए और स्पष्ट कहा कि महामारी के वक्त इस तरह की नौटंकी ना करें। 

अटल जी के भांजे अनूप मिश्रा ने भी आरोप का समर्थन किया 

ग्वालियर के वरिष्ठ एवं प्रभावशाली भाजपा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के भांजे अनूप मिश्रा ने जो ट्वीट किया है, वह देवेश शर्मा के आरोप का समर्थन करता है। अनूप मिश्रा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट करते हुए लिखा है कि ऑक्सीजन और रेमेडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। यह चीजें आम आदमी के बहुत से दूर हो गई है और दलालों एवं कुछ नेताओं के पास उपलब्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि जनता से माफी मांगने के बजाय दलालों और जनता की जान के दुश्मन नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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क्या कोरोनावायरस और वसंत ऋतु का कोई संबंध है - new research on coronavirus in india

Posted: 26 Apr 2021 03:10 AM PDT

ऋदम अवस्थी
। दुनिया को कोरोनावायरस के बारे में 31 दिसंबर 2019 को पता चला था। दुनिया भर में महामारी अलग-अलग समय पर फैली लेकिन भारत में कोरोनावायरस का संक्रमण मार्च 2020 को बढ़ना शुरू हुआ। इस साल 2021 में भी मार्च में संक्रमण बढ़ना शुरू हुआ और अप्रैल में रिकॉर्ड तोड़ गया। यदि इन तारीखों को पंचांग पर रखें तो एक बात कॉमन है और वह यह कि जब संक्रमण बढ़ा तब बसंत ऋतु थी। 

वसंत ऋतु का कोरोनावायरस से संबंध क्या हो सकता है 

वैज्ञानिकों के लिए यह अनुसंधान का विषय है लेकिन हमारा एक सामान्य अध्ययन यह बताता है कि भारत में कोरोनावायरस का संक्रमण उस समय और उन्हीं स्थानों पर जानलेवा हो जाता है जबकि पतझड़ का मौसम हो। ज्यादातर वृक्षों के पत्ते झड़ जाते हैं। यह बताने की जरूरत नहीं की वृक्षों के पत्तों से ऑक्सीजन उत्सर्जित होती है जो मनुष्य के जीवन के लिए अनिवार्य है। पतझड़ में पत्ते झड़ जाते हैं इसलिए वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। वायरस तो पहले से मौजूद है, ऑक्सीजन कम होने के कारण वह जानलेवा हो जाता है। 2021 में अकाल मृत्यु की जितनी भी खबरें आ रही हैं और मैं 70% से अधिक मृत्यु का कारण ऑक्सीजन की कमी है। 

विज्ञान की किताब बताती है कि मई-जून से नवम्बर तक जब उत्तरी गोलार्ध (भारत उत्तरी गोलार्ध में आता है) में वनस्पतियों में पत्ते रहते है तब वहाँ के वन-क्षेत्र एक बहुत बड़े वैक्यूम क्लीनर की तरह उत्तरी गोलार्ध की सफाई करते हैं। यानी जून के महीने से कोरोनावायरस से होने वाली मृत्यु की दर कम होने लगती है और दिसंबर तक आते आते हैं सबसे कम हो जाती है। दिसंबर से मार्च तक सब कुछ सामान्य हो जाता है।

दक्षिणी गोलार्ध में इसकी विपरीत स्थिति होती है। वैज्ञानिक इसके आधार पर पता लगा सकते हैं कि क्या पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में जून से लेकर नवंबर तक कोरोनावायरस कमजोर रहता है और दक्षिणी गोलार्ध में इसके विपरीत स्थिति होती है। यदि हां, तो पर्याप्त संकेत है कि पतझड़ में ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों की संख्या कम होने के कारण कोरोनावायरस जानलेवा होता जा रहा है।  ब्लाॅगर ऋदम अवस्थी, सेंट थेरेसा स्कूल, भोपाल मध्य प्रदेश में कक्षा 10 की छात्रा है। 

40 गांव के किसानों के बैंक अकाउंट खाली करने वाले गिरफ्तार - GWALIOR NEWS

Posted: 26 Apr 2021 03:39 AM PDT

ग्वालियर।
 मध्य प्रदेश के ग्वालियर में राज्य साइबर पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक पिछले साल झारखंड के जामताड़ा में ठगी की ट्यूशन लेकर आया है। इसके बाद उसने यहां आकर ठगी शुरू कर दी। आरोपी ने अंचल के 40 से ज्यादा गांव के किसानों को आयुष्मान कार्ड बनाने का झांसा दिया। इसके लिए थम्ब इम्प्रेशन लेकर लाखों रुपए खाते से उड़ा लिए। दोनों आरोपी भिंड के रहने वाले हैं। इनके बैंक अकाउंट से पुलिस को 7 से 8 लाख रुपए मिले हैं। 

राज्‍य साइबर पुलिस जोन ग्‍वालियर SP सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में राज्य साइबर पुलिस जोन ग्वालियर ने कार्रवाई की। पकड़े गए ठग अमन और राकेश है। इनमें से एक अमन पिछले साल झारखंड के जामताड़ा में ठगी के गुर सीखकर आया था। SP साइबर सुधीर अग्रवाल ने बताया, यह ठग अन्‍य साइबर अपराधों की तरह ऑनलाइन ठगी नहीं करते। यह सामने आकर वारदात को अंजाम देते हैं। यह डिजिटल पेमेंट के लिए बनाए गए AEPS (आधार इनबिल्‍ड पेमेंट सिस्‍टम) को टारगेट करते हैं।

दोनों ठग ग्वालियर-चंबल अंचल के 30 से 40 गांव के आधा सैकड़ा किसानों से लाखों रुपए ठग चुके हैं। इन्हें पता था कि सभी बैंक खातों से आधार लिंक है। यह गांव में पहुंचकर वहां खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताकर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गांव के लोगों को तैयार करते थे। इसके बाद कार्ड बनाने के लिए उनका थंब इम्प्रेशन मशीन पर लेते ही उनके खाते को साफ कर देते थे। इतनी चालाकी से यह काम करते थे कि किसानों को पता ही नहीं चलता था।

दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले कोविड टेस्ट कराया है। एक आरोपी कोविड पॉजिटिव निकला है। उसको पकड़ने वाली टीम, पूछताछ करने वाले अफसर अब घबरा रहे हैं। उनको एसी ऑफिस में भी पसीना आ रहा है। 

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यदि कोर्ट में अपराध सिद्ध हो जाए लेकिन साक्ष्य कमजोर हो तो क्या आरोपी बरी हो जाएगा - LEARN IPC SECTION 72

Posted: 25 Apr 2021 08:58 PM PDT

भारत में किसी भी प्रकार का अपराध होने पर पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किया जाता है। इन्वेस्टिगेशन अधिकारी अपनी क्षमता और योग्यता के आधार पर जांच करता है एवं अपराधी के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करता है। कई बार उसकी कोशिश असफल हो जाती है। उसके द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत किए गए प्रमाण कमजोर साबित होते हैं लेकिन गवाहों के बयान अथवा अन्य कारणों से यह प्रमाणित हो जाता है कि अपराध हुआ है एवं अपराधी द्वारा ही किया गया है तब ऐसी स्थिति में कोर्ट क्या फैसला लेगा। क्या साक्ष्य के अभाव में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया जाएगा अथवा कोई और रास्ता भी है।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 72 की परिभाषा:-

अगर पुलिस के आरोप पत्र या किसी अन्य सबूतों द्वारा यह साबित हो गया है कि आरोपी ने किसी अपराध को अंजाम दिया है, लेकिन न्यायालय एविडेंस (साक्ष्यों) या सबूतों के आधार पर चलता है। न्यायालय को लगता है कि आरोप के सबूतों के कुछ संदेह लग रहा है यह सही भी हो सकते हैं या गलत। तब न्यायालय अपने अंतिम निर्णय की सुनवाई में आरोपी को बाइज्जत बरी नहीं करेगा बल्कि उसे उन अपराधों जो उस पर लगाये गए हैं उसकी सबसे कम सजा वाले अपराध से दाण्डित करेगा। 

अर्थात- चोरी के अपराध धारा 379 में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था और सबूतों में न्यायालय को संदेह लगता है तब न्यायालय बिना अनुमति गृह अतिचार करने की धारा 448 से दण्डित करे आरोपी को न कि उसे छोड़ देगा। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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शिक्षकों की कोरोना से मौत के बाद अनुग्रह राशि तक नहीं दे रहे अधिकारी - MP EMPLOYEE NEWS

Posted: 26 Apr 2021 07:02 AM PDT

जबलपुर
। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि विश्वव्यापी आपदा (Covid-19) कोरोना महामारी में शिक्षक/कर्मचारियों का असमय निधन हो रहा है, जिससे पूरा विभाग सदमे में है। जिले में दर्जनों शिक्षकों की कोरोना के कारण मृत्यु हो चुकी है। सामान्यतः शासन द्वारा मृत कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्य को तत्काल अनुग्रह राशि रू 50,000/-देकर राहत दी जाती है किन्तु जबलपुर में 1 सप्ताह बाद भी परिवार को अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

शिक्षा विभाग, जबलपुर के अन्तर्गत कोरोना महामारी के शिकार हुए विकास खण्ड जबलपुर श्री उपेन्द्र कुमार यादव शिक्षक, मो० एहसान खान शिक्षक, श्रीमती अनीता गिडियन शिक्षक, श्रीमती ए लाकरा प्राथ.शिक्षक, पनागर विकास खण्ड श्री विनोद कुमार जैन सहा. शिक्षक श्री गणेश सारथी, भृत्य, श्रीमती आशालता मसीह सहा.शि0, विकासस खण्ड कुण्डम किशोर ठाकुर, शिक्षक, किशन लाल मरावी, सहा.शिक्षक, सदा शिवराज खोपडे प्राथमिक शिक्षक श्री राजेश मार्को, सहा.शि0 शिक्षक विकास खण्ड सिहोरा श्री जितेन्द्र सिंह ठाकुर प्राथमिक शिक्षक, कु0 प्रियंका खरे प्राथ०शिक्षक, श्री हरप्रसाद ठाकुर भृत्य, श्री अनिलबह पलमेंका, राजू पाण्डे सहा.अध्यापक श्रीमती बबीता गुप्ता सहा.संचालक कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण विधि प्रकोष्ठ की मृत्यु के 5 से 7 दिन हो जाने के बाद भी उनके आश्रितों को आज दिनांक तक अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं किया गया है। 

इस महामारी से एक ओर जहां परिजन अस्पतालों के भारी भरकम बिल तथा मृत्यु उपरांत अंतिम संस्कार आदि में अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर चुके है। शिक्षा विभाग की असंवेदनहीनता के चलते पीडित परिवार दर-दर भटकने मजबूर हो रहा है। 

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, गोविन्द विल्थरे, अटल उपाध्याय, आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, दुर्गेश पाण्डे, बृजेश मिश्रा, डी.डी.गुप्ता, रजनीश तिवारी, पवन श्रीवास्तव, अमित नामदेव, सुधीर खरे, राजेश गुर्जर, बृजेश ठाकुर, नितिन श्रृंगी, जितेन्द्र त्रिपाठी, आकाश तिवारी, अमित शर्मा, पी.एल.गौतम, रवि बांगर, संदीप मस्के, अंकुर प्रताप सिंह, गौरव सेंगर, के.के.तिवारी, मनीष दुपारे, आदि ने कलेक्टर जबलपुर से मांग की है कि कोरोना काल में मृत शिक्षक/कर्मचारी के परिवार को शीध्र अनुग्रह राशि का भुगतान कराया जावे तथा विलंब के लिए दोषी जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त अनुशानात्मक कार्यवाही की जावे।

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BHOPAL: ड्राइव इन सिनेमा में होगा वैक्सीनेशन ड्राइव, 1 दिन में 100 कारों को एंट्री मिलेगी - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 07:52 PM PDT

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ड्राइव इन सिनेमा में 1 मई से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो रही है। यानी आप अपनी कार से आइए और उसी में बैठे-बैठे ही टीका लगवाइए। वैक्सीनेशन की यह ड्राइव रोजाना शाम 6 से रात 9 बजे तक चलेगी। जहां रोजाना 18 वर्ष से अधिक उम्र के 300 लोगों को टीका लगाया जाएगा।  

दरअसल, मप्र पर्यटन निगम लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के साथ मिलकर यह अवेयरनेस ड्राइव की शुरू करने जा रहा है। गौरतलब है कि 80 हजार स्क्वायर फीट में बने प्रदेश के पहले ड्राइव इन सिनेमा की शुरुआत जनवरी 2021 में हुई थी। 

होटल लेकव्यू रेसिडेंसी के मैनेजर केएल पटेल ने बताया कि एक दिन में 100 कारों को ही एंट्री दी जाएगी। एक गाड़ी में परिवार के जितने सदस्य होंगे, सभी वैक्सीनेशन करा सकेंगे। वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें 30 मिनट स्वयं की गाड़ी में ही डॉक्टर्स निगरानी में बैठना होगा।

आधार कार्ड लाना होगा 

पटेल ने बताया कि जो भी लोग वैक्सीनेशन के लिए आएंगे, उनके लिए प्री-रजिस्ट्रेशन जैसी कोई सुविधा नहीं रखी गई है। रजिस्ट्रेशन ऑन द स्पॉट ही होंगे। उन्हें करना सिर्फ यह है कि वैक्सीनेशन के लिए आएं तो अपने साथ आधार कार्ड लेकर जरूर आएं।

यह डेस्टिनेशन सिनेमा के लिए जरूर है, लेकिन हम यहां वैक्सीनेशन सेंटर शुरू कर रहे हैं। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। इसमें कितना नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ होगा, कितने काउंटर होंगे, इस पर वर्कआउट कर रहे हैं। यह पहल सबसे ज्यादा बुजुर्गों के लिए सुरक्षित होगी, जो अस्पतालों में जाने से झिझक रहे हैं। वे अपनी गाड़ियों में परिवार के साथ आएंगे और वैक्सीन लगवा सकेंगे।

-शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव, पर्यटन विभाग


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INDORE: कोरोना मरीज का शव हॉस्पिटल की क्यारी में मिला, परिवार को डिस्चार्ज की सूचना नहीं दी - MP NEWS

Posted: 25 Apr 2021 07:27 PM PDT

इंदौर।
 मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में परिवार को सूचना दिए बिना कोरोना मरीज बुजुर्ग को डिस्चार्ज कर दिया गया। अगले दिन कुशल जानने पहुंचे बेटे को हकीकत पता चली तो उनके होश उड़ गए। आपत्ति के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों को ढूंढने के लिए लगाया। तब बुजुर्ग अस्पताल परिसर में ही एक क्यारी में पड़े मिले। रात में उनकी मौत हो गई।        

शिव कॉलोनी निवासी हेमंत धानु का आरोप है कि उनके 65 वर्षीय पिता कई दिनों से सुपर स्पेशिएलिटी में भर्ती थे। स्टाफ काउंसलिंग कर पिता की स्थिति के बारे में बताता था। शनिवार को मैं आया, लेकिन स्टाफ ने उनके बारे में कुछ नहीं बताया। रविवार को पहुंचा तो पता चला कि उन्हें तो शनिवार 4 बजे ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। रिसेप्शन पर इसकी एंट्री तक नहीं थी। वे सुन नहीं पाते थे, इसलिए हमें फोन नहीं लगाया। बाद में वे अस्पताल में ही एक क्यारी में मिले। घर ले जाने के बाद तबीयत बिगड़ी तो एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हेमंत का कहना है शनिवार शाम को उन्हें डिस्चार्ज किया गया था। रविवार दोपहर हमें मिले। पूरी रात उन्होंने किस हाल में बिताई होगी, कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। घर पर वे बमुश्किल चार घंटे ही रह पाए और तबीयत बिगड़ गई।

परिजन के आरोप गलत हैं। उन्हें डिस्चार्ज करने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। वे नहीं पहुंचे। शनिवार से बुजुर्ग पुलिस के टेंट के नीचे बैठे थे।
-डॉ. डीके शर्मा, सहायक अधीक्षक, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल

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Cipla Remdesivir helpline number रेडमेसिवीर के फर्जीवाड़े से बचाएगा

Posted: 26 Apr 2021 03:29 AM PDT

भारत की प्रख्यात फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला ने लोगों को किसी भी प्रकार के भ्रम और धोखाधड़ी से बचाने के लिए रेडमेसिवीर इंजेक्शन के मामले में हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। भारत का कोई भी डॉक्टर, मरीज, उसके परिजन अथवा केमिस्ट आदि इस नंबर पर फोन करके इंजेक्शन की उपलब्धता एवं असली-नकली के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार VISWANATH PILLA जो मनीकंट्रोल के लिए हेल्थ केयर, फार्मा सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की खबरें कवर करते हैं, की एक रिपोर्ट के अनुसार Remdesivir इंजेक्शन के लिए Pharmaceutial company Cipla ने dedicated 24x7 helpline (8657311088) एवं email channel (info.availability@cipla.com) जारी किया है। इसके माध्यम से मरीज एवं उनके परिजन कंपनी के सहायता केंद्र में सीधे बात कर सकते हैं।

सिप्ला कंपनी की ओर से कहा गया है कि हमारे विशेषज्ञ मरीजों, डॉक्टरों और केमिस्ट आदि को पूरी मदद करेंगे। सहायता केंद्र के माध्यम से हम उन्हें बताएंगे कि हमारे अधिकृत सप्लायर कौन हैं और कहां पर उपलब्ध है। इस प्रकार से लोग कम से कम सिपला कंपनी के मामले में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े का शिकार नहीं होंगे। 

Pharmaceutial company Cipla dedicated 24x7 helpline number 

8657311088

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