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Monday, August 16, 2021

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भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में भारतीय जन महासभा के लोगों के द्वारा भी देश के विभिन्न स्थानो पर झंडोत्तोलन किया गया ।

Posted: 15 Aug 2021 08:49 AM PDT

भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में भारतीय जन महासभा के लोगों के द्वारा भी देश के विभिन्न स्थानो पर झंडोत्तोलन किया गया ।

राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने जमशेदपुर स्थित अपने आवास में झंडोत्तोलन किया एवं भारत के लोगों को अपने संदेश में कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी लेकिन अंग्रेजों ने एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में सत्ता सौंपी थी जिसने हिंदुओं के बारे में कभी कोई काम नहीं किया ।  

उस व्यक्ति ने इस देश पर अंग्रेजों के समान ही शासन करने का काम किया ।

कहा कि आज जो हमारे प्रधानमंत्री जी हैं वे देश के लिए बहुत कुछ काम कर रहे हैं ।
जैसे कि कल 14 अगस्त को उन्होंने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' नाम देकर देश के युवाओं को सही दिशा में सोचने को प्रेरित किया ।

और आज 15 अगस्त को उन्होंने लाल किले से राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि अब हम सैनिक स्कूल में  बेटियों की भी शिक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं ।

पोद्दार ने कहा कि वे देश हित में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं । हम उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं ।


पोद्दार ने बताया कि भारतीय जन महासभा के लोगों ने देश के विभिन्न स्थानों पर 75 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया ।
 
जिसमें जमशेदपुर से धर्म चंद्र पोद्दार , ओस पोद्दार , अरुणा पोद्दार एवं सुधा गोयल , 
सिंगापुर से श्रीमती  बिदेह नंदनी चौधरी , 
प्रयागराज से मधु शंखधर स्वतंत्र , 
नागपुर से अनुसूया अग्रवाल एवं अपार्टमेंट निवासी , 
पुणे से ऐशिका पांडे एवं सक्षम पांडे , 
जींद हरियाणा से पवन सिंगला , स्वामी राघवानंद जी , राजेंद्र सैनी , आशु गोयल , बेबी सिंगला , नीतू सिंगला , रेखा गोयल , सवी बत्रा , सुदेश बंसल , सोनिया बंसल , 
चोमू जयपुर राजस्थान से रमेश धमोड़ , राजेंद्र जी , बाबूलाल पटवारी , सुरेश गोयल ,  कुंजबिहारी , गोपी जी ,  चिरायु , शिव गुप्ता , विपिन ,  गोपाल , राजेश , 
गोड्डा से कृष्णा कुमार साहा , वासुदेव पंडित 
बिरसानगर जमशेदपुर से राजेश सिंह , कविता महाराणा एवं अन्य अनेक लोग सम्मिलित थे । 
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75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना जिला सुधार समिति के प्रधान जनसंपर्क कार्यालय (ठाकुर गोपाल मंदिर परिसर)मिरचाई गली, पटना सिटी में झण्डोत्तोलन कार्य सम्पन्न हुआ।

Posted: 15 Aug 2021 08:49 AM PDT

75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना जिला सुधार समिति के प्रधान जनसंपर्क कार्यालय (ठाकुर गोपाल मंदिर परिसर)मिरचाई गली, पटना सिटी में झण्डोत्तोलन कार्य सम्पन्न हुआ। 

75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना जिला सुधार समिति के प्रधान जनसंपर्क कार्यालय (ठाकुर गोपाल मंदिर परिसर)मिरचाई गली, पटना सिटी में झण्डोत्तोलन कार्य सम्पन्न हुआ। 
यदुनाथ प्रसाद गुप्ता द्वारा गाये वन्देमातरम गायन के साथ युवा रंगकर्मी व चित्रकार संजय राय ने झण्डा फहराया और राष्ट्र गायन गाया।
 समारोह में आये अतिथियों का स्वागत सुधार समिति के महासचिव राकेश कपूर ने किया। कला और संस्कृति के वरिष्ठ पत्रकार नवीन रस्तोगी ने क्षेत्र की उभरती प्रतिभा रंगकर्मी व चित्रकार संजय राय को माला पहनाकर सफलताका आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर पटना विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष  डॉ शरदेन्दु कुमार, रजनी कान्त शुक्ला,रवि कांत शुक्ला, ब्रजेश गोस्वामी, प्रभात धवन सभी पत्रकार के साथ-साथ सुभाष शर्मा, हरेन्द्र कुमार सिंह, आलोक चोपड़ा, डाक्टर विनोद अवस्थी, प्रदीप कुमार यादव, धर्मेन्द्र पटेल, मुकेश चतुर्वेदी, अनिल कुमार, संजय कुमार ,सरदार चन्द्र पाल सिंह, अनिल यादव, लखन यादव, सुबोध कुमार, परमेश्वर मोदी, भगवती प्रसाद मोदी, अमित शाह,सुबोध मिश्र ,जीतेन्दर गिरीआदि उपस्थित थें।

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Posted: 15 Aug 2021 08:39 AM PDT


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आज 16 अगस्त 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 15 Aug 2021 07:46 AM PDT

आज 16 अगस्त 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

दैनिक पंचांग

16 अगस्त 2021, सोमवार

पंचांग   

🔅 तिथि : अष्टमी  प्रातः  07:00:02  तदुपरांत  नवमी  रात्रिशेष  04:31:12

🔅 नक्षत्र  अनुराधा  रात्रि  03:09:17

🔅 करण :

           बव  07:47:27

           बालव  18:42:35

🔅 पक्ष  शुक्ल 

🔅 योग  एन्द्र  26:55:15

🔅 वार  सोमवार 

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय  05:33:32

🔅 चन्द्रोदय  13:31:59 

🔅 चन्द्र राशि  वृश्चिक 

🔅 सूर्यास्त  18:27:27

🔅 चन्द्रास्त  24:18:00 

🔅 ऋतु  वर्षा 

हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत  1943  प्लव

🔅 कलि सम्वत  5123 

🔅 दिन काल  13:09:33 

🔅 विक्रम सम्वत  2078 

🔅 मास अमांत  श्रावण 

🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय   

🔅 अभिजित  11:58:54 - 12:51:33

अशुभ समय   

🔅 दुष्टमुहूर्त :

                    12:51:33 - 13:44:11

                    15:29:27 - 16:22:06

🔅 कंटक  08:28:21 - 09:21:00

🔅 यमघण्ट  11:58:54 - 12:51:33

🔅 राहु काल  07:29:08 - 09:07:50

🔅 कुलिक  15:29:27 - 16:22:06

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  10:13:38 - 11:06:16

🔅 यमगण्ड  10:46:32 - 12:25:14

🔅 गुलिक काल  14:03:55 - 15:42:37

दिशा शूल   

🔅 दिशा शूल  पूर्व 

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल 

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती 

चन्द्रबल 

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ 

🌹विशेष श्रावण सोमवारी व्रत, श्रीदुर्गाष्टमी व्रत, कौमारी व्रत,🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

राशिफल 16 अगस्त 2021, सोमवार

मेष (Aries): सक्रियता बढ़ी हुई रहेगी। दूर देश की यात्रा संभव है। प्रभावशीलता और सृजनात्मकता बढ़ेगी। निजी जीवन में ठहराव पर जोर दें। दिन उत्तम फलकारक। उतावलेपन से बचें।

शुभ रंग  =  उजला

शुभ अंक  :  4

वृषभ (Tauras): कलाप्रियता बढ़ेगी। श्रेष्ठ वस्तुओं की खरीदी में रुचि ले सकते हैं। रिश्तों में उत्साह बना रहेगा। खर्च पर अंकुश रखें। विरोधी भी आपकी कार्यगति देखकर प्रभावित होंगे।

शुभ रंग  =  क्रीम

शुभ अंक  :  2

मिथुन (Gemini): धर्म अर्थ और प्रेम पक्ष उम्मीद से अच्छा रहेगा। प्रियजनों के साथ श्रेष्ठ समय बिताएंगे। सफलता का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में उपलब्धि प्राप्ति के संकेत हैं।

शुभ रंग  =  हरा

शुभ अंक  :  3

कर्क (Cancer): बड़ी उछाल की सोच पर अमल बढ़ा सकते हैं। चहुंओर से सहयोग के संकेत हैं। पद प्रतिष्ठा और पदोन्नति को बल मिलेगा। तेजी बनाए रखें। दिन उत्तम।

शुभ रंग  =  उजला

शुभ अंक  :  4

सिंह (Leo): बेहतर वक्त अक्सर थोड़े समय ही रहता है। इसका अधिकाधिक दोहन किया जाना चाहिए। भाग्य की प्रबलता बढ़ेगी। धर्म मनोरंजन में रुचि लेंगे। आस्था, आत्मविश्वास बढ़ेगा।

शुभ रंग  =  पीला

शुभ अंक  :  9

कन्या (Virgo): आकस्मिक लाभ के संकेत हैं। अपना को साथ लेकर सहजता से आगे बढ़ते रहें। गरिमा गोपनीयता पर जोर दें। सेहत प्रभावित रह सकती है। दिन सामान्य से शुभ।

शुभ रंग  =  हरा

शुभ अंक  :  3

तुला (Libra): निजी जीवन में सुख सौख्य बढ़ा हुआ रहेगा। स्थिर मामलों में निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। मित्र विश्वसनीय बने रहेंगे। संबंधों को मजबूती मिलेगी। भ्रमण पर जा सकते हैं।

शुभ रंग  =  क्रीम

शुभ अंक  :  2

वृश्चिक (Scorpio): पद प्रतिष्ठा और प्रभाव को बनाए रखने के लिए संवेदनशील रहेंगे। विपक्ष परास्त बना रहेगा। मौसमी संबंधी सावधानियों पर ध्यान दें। खर्च पर नियंत्रण रखें।

शुभ रंग  =  लाल

शुभ अंक  :  8

वृश्चिक (Scorpio): पद प्रतिष्ठा और प्रभाव को बनाए रखने के लिए संवेदनशील रहेंगे। विपक्ष परास्त बना रहेगा। मौसमी संबंधी सावधानियों पर ध्यान दें। खर्च पर नियंत्रण रखें।

शुभ रंग  =  गुलाबी

शुभ अंक  :  5

मकर (Capricorn): भवन वाहन और संसाधनों पर जोर बना रह सकता है। बड़ों से निकटता बढ़ेगी। अपनों को अधिकाधिक सम्मान और स्नेह दें। कार्यक्षेत्र में शुभता रहेगी।

शुभ रंग  =  आसमानी

शुभ अंक  :  7

कुंभ (Aquarius): सक्रियता और समझ से सफलता की नई ऊंचाइयां छुएंगे। प्रभावशीलता बढ़ेगी। संपर्कों को बल मिलेगा। भाग्य सहयोगी रहेगा। साहस पराक्रम से सब संभव कर दिखाएंगे।

शुभ रंग  =  क्रीम

शुभ अंक  :  2

मीन (Pisces): सोच विचार से ज्यादा कर दिखाने की प्रयास करें। शुभता का संचार बना रहेगा। पूर्वाग्रहो से मुक्त रहें। प्रभावशीलता बढ़त पर रहेगी। सहज भरोसा करने से बचें। दिन शुभकर।

शुभ रंग  =  गुलाबी

शुभ अंक  :  5

 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श -  रविवार , दूरभाष  9122608219  /  9835654844
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मुख्यमंत्री ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में किया झण्डोत्तोलन, प्रदेशवासियों को किया संबोधित

Posted: 15 Aug 2021 07:38 AM PDT

मुख्यमंत्री ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में किया झण्डोत्तोलन, प्रदेशवासियों को किया संबोधित

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में परेड की सलामी लेने के पश्चात् 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झण्डोत्तोलन किया। 
इस अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर समस्त बिहारवासियों को हार्दिक बधाई। आज का दिन हम सभी भारतवासियों के लिए गौरव का दिन है। राष्ट्रभक्तों के साहस, त्याग एवं बलिदान के फलस्वरूप 15 अगस्त, 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। आज के दिन हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी। उनके उच्च आदर्श आज भी हम सबों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। मैं उन वीर जवानों को भी नमन करता हूँ जो बहादुरी से देश की सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। देश के थल, जल और नम की रक्षा करने वाले भारतीय सेना का हम अभिनन्दन करते हैं। आज अमृत महोत्सव के अवसर पर उन सभी खिलाड़ियों को भी बधाई देता हूँ, जिन्होंने ओलम्पिक खेलों में पदक जीतकर देश की शान को बढ़ाया। हम उनका अभिनंदन करते हैं। इतिहास इस बात का गवाह है कि बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी। बिहार के लोगों ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है और देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत पिछले वर्ष से प्रभावित है। अनेक देश तो और पहले से ही प्रभावित हैं। देश में कोरोना का संक्रमण एकदम नीचे चला गया था लेकिन मामले अचानक तेजी से बढ़े और दूसरी लहर तो काफी भयावह रही। राज्य में कोरोना जाँच, इलाज, ऑक्सीजन एवं दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। अब तक 3 करोड़ 94 लाख से अधिक जाँच की गई है। 14 अगस्त, 2021 को एक्टिव मामले मात्र 250 थे जबकि 39 नये केस मिले हैं। 14 अगस्त तक कोरोना के कुल 3 करोड़ के करीब टीके लगे। हमलोगों ने '6 माह में 6 करोड़ टीकाकरण' का विशेष अभियान चलाया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को मदद की गई। सामुदायिक किचेन चलाये गए। मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपये अनुदान के रुप में दिया जा रहा है। अनाथ बच्चों के लिए बाल सहायता योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए सरकार की पूरी तैयारी है। दवाइयों एवं ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 122 अस्पतालों में पी०एस०ए० प्लांट में से 34 पूर्ण हो चुके हैं और शेष में इस महीने के अंत तक कार्य पूर्ण हो जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में 5 क्रायोजेनिक टैंक स्थापित किए गए हैं जबकि शेष कार्य इस महीने के अंत तक पूर्ण हो जाएंगे। हमारी सबसे अपील है कि कोरोना संक्रमण के प्रति सभी सचेत रहें, मास्क का उपयोग जरूर करें, आपस में दूरी बनाकर रखें, हाथ धोते रहें और अकारण बाहर न निकलें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बनी है। इस वर्ष जून माह में लगभग दोगुनी वर्षा हुई, उत्तर बिहार के 11 जिले प्रभावित हुए। अगस्त के प्रथम सप्ताह में अभी 15 जिले प्रभावित हैं। अब तक कुल 26 जिले प्रभावित हुये हैं। दक्षिण बिहार में भी बाढ़ की स्थिति बनी। गंगा नदी के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ में फंसे लोगों को सहायता किया जा रहा है। फूड पैकेट का वितरण किया जा रहा है। राहत केन्द्र एवं सामुदायिक रसोई केन्द्र खोले गये हैं। राहत केंद्रों पर कोरोना टेस्ट एवं टीकाकरण की विशेष व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। अनुग्रह सहाय्य (ळतंजनजपवने त्मसपम)ि. प्रभावित परिवारों को 6000 रुपये की दर से अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल क्षति का आकलन जारी है और उसके आधार पर कृषि इनपुट अनुदान दिया जायेगा। बिहार में अगस्त-सितम्बर में बाढ़ अक्सर आती है, इसको देखते हुए स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। हमलोगों का शुरु से मानना है कि राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। बिहार में कानून का राज स्थापित है। क्राइम करने वाले बच न पायें और उन्हें कानूनन सजा मिले, इसलिए थानों में अनुसंधान (प्दअमेजपहंजपवद) एवं विधि-व्यवस्था (स्ंू - व्तकमत) की अलग व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि क्राइम, करप्शन, कम्यूनलिज्म के प्रति हमारी जीरो टॉलरेन्स नीति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना को लेकर कई काम किए गए हैं। कार्यरत सड़कों, पुल-पुलियों तथा सरकारी भवनों का रख-रखाव विभागीय स्तर पर करने की नीति बनायी गई है। उन्होंने कहा कि बिजली के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। हर घर बिजली पहुंचा दी गई है। सभी जर्जर तारों को बदला जा चुका है। बिजली की आपूर्ति वर्ष 2005 में 700 मेगावाट थी वह बढ़कर अब 6 हजार 600 मेगावाट हो गयी है। स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने वाला बिहार देष का पहला राज्य हो गया है। देश में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। डेडीकेटेड कृषि फीडर से किसानों को कृषि विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। तीसरे कृषि रोड मैप पर कार्य जारी है। फसलों, फलों एवं सब्जियों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हुई है। शाही लीची का दुबई में तथा भागलपुर के जर्दालु आम का लंदन में निर्यात किया गया। उन्होंने कहा कि पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से अधिप्राप्ति कार्य किया जा रहा है। पिछले वर्ष खरीफ में 35 लाख 59 हजार मेट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है। इस वर्ष 4 लाख 56 हजार मेट्रिक टन रिकार्ड गेहूँ की अधिप्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बेहतर व्यवस्था की गयी है। इथेनॉल उत्पादन के लिए भी काम किया जा रहा है। नयी संशोधित औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2020 लागू की गई है। गन्ना से इथेनॉल उत्पादन हेतु 2007 में 21 हजार करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव मिले, परन्तु तत्कालीन केन्द्र सरकार ने अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा विशेष इथेनॉल नीति लागू की गई है जिससे राज्य में अब तक 30 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे मक्का एवं गन्ना के किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वापस लौटे मजदूरों को सहायता दी गई। उनके रोजगार के व्यवस्था हेतु कदम उठाए गए। 31 दिसंबर, 2020 को बेतिया में चनपटिया भ्रमण के दौरान हमने वहां के श्रमिकों द्वारा वस्त्र एव खेलकूद सामान के निर्माण कार्य को देखा है। निर्मित सामानों का निर्यात भी किया जा रहा है। अन्य जिलो में भी लोगों को इसके लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में मिशन मानव विकास की शुरुआत की गई। महिला शिक्षा का प्रजनन दर से सीधा संबंध है। आकलन से पता चला कि पति-पत्नी में यदि पत्नी मैट्रिक पास है तो देश एवं राज्य में उनकी प्रजनन दर 2 है, यदि पत्नी इंटर पास है तो देश में प्रजनन दर 1.7 है जबकि बिहार में यह 1.6 है इससे यूरेका की भावना आयी है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में 5438 प्लस 2 स्कूल स्थापित किए गए, शेष 2948 पचायतों में 9वीं एवं 10वीं की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है, आगे कक्षा 11वीं एवं 12वीं का संचालन होगा। वर्ष 2005 में कुल प्रजनन दर 4.3 प्रतिशत थी, 2013 में 4 प्रतिषत के करीब थी जो अब घटकर 3 प्रतिशत पर पहुँच गयी है। प्रयास जारी रहेंगे तो यह दर 2 प्रतिशत के आस-पास पहुंचेगी। मैट्रिक की परीक्षा में लड़के एवं लड़कियों की संख्या लगभग बराबर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास के पथ पर राज्य अग्रसर है। हमलोगों ने शुरू से ही वंचित वर्गों के लोगों के लिए काम किया तथा इन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं चलाई। सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अति पिछड़े वर्ग के ठच्ैब् के लिए 7381 तथा न्च्ैब् के लिए 164 युवाओं को लाभ दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत हर पचायत में 4 अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा 3 अतिपिछड़ा वर्ग के युवाओं को वाहन खरीद के लिए 1 लाख रूपये तक की सहायता दी जा रही है। एम्बुलेंस योजना के तहत हर प्रखंड में 2 एम्बुलेंस क्रय के लिए 2 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस वर्ष 1068 लक्ष्य के विरूद्ध 440 एम्बुलेंसों का क्रय किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति के 33 पुराने एवं जर्जर छात्रावास में से 14 भवनों का जीर्णोद्धार एवं 19 को तोड़कर नये भवनों का निर्माण जारी है। अतिरिक्त 40 नये छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है। अल्पसंख्यक कल्याण रोजगार ऋण योजना के तहत 16,290 युवक-युवतियों को 225 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया गया है। तलाकशुदा महिलाओं के लिए 10 हजार रुपये की दर से परित्यक्ता सहायता योजना की शुरूआत की गई है। इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार किया गया है। अब तक 13,311 महिलाओं को सहायता की गई है। मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना लागू की गई है। मदरसा बोर्ड का पूर्णिया में क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया है। मदरसों के शिक्षकों का वेतन बढ़ाकर अन्य शिक्षकों के वेतन के अनुरूप दिया जा रहा है। इस पर वर्ष 2020-21 में 483 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सुन्नी एवं षिया वक्फ बोर्ड की जमीन पर बहुद्देशीय भवन, मुसाफिरखाना. विवाह भवन एवं मार्केट कम्पलेक्स निर्माण कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक जिला में वक्फ की जमीन पर अल्पसंख्यक प्लस-2 आवासीय विद्यालय निर्माण की योजना है। दरभंगा में निर्माण कार्य जारी है। किशनगंज, पूर्णिया एवं मधुबनी जिलों की योजना स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित बिहार के 7 निश्चय के तहत होने वाले काम काफी हद तक पूरे हो गए हैं। हर घर तक बिजली पहुँचा दी गई है। हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली और नाली का काम भी काफी हद तक पूरा कर लिया गया है। शौचालय निर्माण का कार्य भी पूरा किया गया है। टोलों को ग्रामीण सड़कों से जोड़ने का काम भी ज्यादातर पूरा हो गया है। कुछ क्षेत्रों में जो भी काम बचे हैं उन्हें भी तेजी से कराया जा रहा है। स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता भत्ता एवं कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ युवाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के अन्तर्गत कई योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू किया गया है तथा अन्य कार्य योजना तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, अभियंत्रण विश्वविद्यालय एवं खेल विश्वविद्यालय हेतु कानून बनाए गए हैं। सभी वर्ग की महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना स्वीकृत की गई है। अन्य सभी वर्गों के युवाओं को भी 5 लाख रूपये तक का अनुदान एवं अधिकतम 5 लाख रूपये तक का ऋण मात्र 1 प्रतिशत ब्याज पर देने की योजना है। इन्टर पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 25 हजार रूपये तथा महिलाओं को ग्रेजुएट होने पर 50 हजार रूपये दिए जा रहे हैं। क्षेत्रीय प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के निःशुल्क उपचार हेतु ''बाल हृदय योजना'' लागू की गई है। अब तक 80 बच्चों का प्रशान्ति फाउंडेशन के सहयोग से अहमदाबाद के सत्यसाईं अस्पताल में इलाज कराया। युवाओं के रोजगार हेतु आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। गाँवों में स्ट्रीट लाईट, साफ-सफाई एवं कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। शहरों में वृद्धाश्रम, शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवासन एवं शवदाह गृहों के साथ मोक्षधाम के निर्माण की योजना बनायी गई है। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था एवं कचरा प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। सात निश्चय-2 के शेष अवयवों के क्रियान्वयन हेतु कार्य योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है। 26 अक्टूबर, 2019 से जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की गयी है। सभी 11 अवयवों पर मिशन मोड में काम हो रहा है। 16,786 जल स्रोतों तथा 3.577 कुँओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
पाँच एकड़ छोटे 6,786 तथा पाँच एकड़ से बड़े 590 तालाब/पोखर, 5.773 आहर, 13,646 पईन तथा 10,594 कुँओं का जीर्णोद्धार कराया गया। 12,501 कुँओं तथा 1.09,672 चापाकल के पास सोख्ता का निर्माण कराया। नये जल स्रोतों का निर्माण कराया गया। 14,541 नये जल स्रोत सृजित किये गए। गंगा जल उद्वह योजना- वर्षा ऋतु के समय गंगा नदी के पानी को गया-बोधगया, राजगीर एवं नवादा में ले जाकर संरक्षित रखेंगे और उसी पानी का साल भर उपयोग कर सकेंगे। 13,214 सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन संरचनाओं (ॅंजमत भ्ंतअमेजपदह ैजतनबजनतम) का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल कृषि कार्यक्रम 8 जिलों से शुरूआत की, अब सभी 38 जिलों में संचालित है। फसल चक्र (ब्तवच बलबसम) तथा फसल अवशेष प्रबंधन पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा पर जोर दिया जा रहा है। जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान लगातार जारी है। बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। हरित आवरण बढ़ाने के लिए 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना कर 24 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य के विरूद्ध वर्ष 2018-19 तक 22 करोड़ पौधे लगाये गये। अब जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया जा रहा है। पिछले वर्ष 2 करोड़ 51 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के विरूद्ध 3 करोड 95 लाख पौधारोपण किया गया। इस वर्ष 5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है और 9 अगस्त तक 3 करोड़ 15 लाख से अधिक पौधारोपण चुका है और यह कार्य अभी जारी है। उन्होंने कहा कि  बिहार के विभाजन के उपरान्त राज्य में हरित आवरण मात्र 9 प्रतिशत रह गया था, अब लगभग 15 प्रतिशत हो गया है। राज्य में हरित आवरण के लक्ष्य को बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी, 2020 को 18 हजार किलोमीटर लम्बी मानव श्रृंखला बनी जिसमें 5 करोड़ 16 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। नवम्बर, 2019 में श्री बिल गेट्स ने जल-जीवन-हरियाली अभियान की सराहना की। 24 सितम्बर, 2020 को संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय जलवायु परिवर्तन राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में मुझे अपनी बात रखने का मौका मिला।
मुख्यमंत्री ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यवासियों के लिये 9 महत्त्वपूर्ण घोषणायें की हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुये कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अधीन तीन महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (ब्वससमहम व।िहतपबनसजनतंस ठपवजमबीदवसवहल), भोजपुर में नये कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय (ब्वससमहम व ि।हतपबनसजनतंस म्दहपदममतपदह) तथा पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय (ब्वससमहम व ि।हतप - ठनेपदमेे डंदंहमउमदज) की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को कृषि उत्पादों हेतु बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी कृषि बाजार समितियों का जीर्णोद्वार एवं विकास चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। यहाँ पर अनाज, फल-सब्जी एवं मछली की अलग-अलग बाजार व्यवस्था, रटोरेज की सुविधा आदि कार्य कराये जायेंगे। इस पर लगभग 2700 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में ईको टूरिज्म के विकास के सभी कार्य अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (क्मचंतजउमदज व िम्दअपतवदउमदज, थ्वतमेज ंदक बसपउंजम बींदहम) के द्वारा कराये जायेंगे। इसके लिए विभाग में ईको-टूरिज्म विंग की स्थापना की जायेगी जिसके अंतर्गत पहाड़ी, वन एवं वन्य-प्राणी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधाओं का निर्माण एवं रख-रखाव किया जायेगा। इसके लिए उपयुक्त ईको-टूरिज्म पॉलिसी का निर्धारण भी शीघ्र किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गाँवों को अगले 4 साल में दुग्ध सहकारी समितियों (डपसा ब्ववचमतंजपअम ैवबपमजपमे) से आच्छादित किया जायेगा, जितनी भी नई समितियाॅ बनेंगी उनमें से 40 प्रतिशत समितियाँ महिला दुग्ध समितियाॅ होंगी। उन्होंने कहा कि सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए विक्रय केन्द्र अभी कुछ शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका विस्तारीकरण किया जायेगा। अगले 4 सालों में सभी नगर निकाय एवं प्रखंड स्तर तक सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए बिक्री केन्द्र खोले जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुये कहा कि सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को ठच्ैब् तथा न्च्ैब् की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु क्रमशः 50 हजार रूपये एवं एक लाख रूपये प्रोत्साहन दिया जाता है। इस योजना की तर्ज पर अब अन्य सभी वर्गों की युवतियों के लिए भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की जायेगी ताकि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति हेतु अनुसूचित जाति अनुसूचित/जनजाति एवं अन्य पिछडे वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए परिवारिक आय की सीमा भारत सरकार द्वारा 2.5 लाख रूपये निर्धारित की गयी है। बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछडा/अति पिछडा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रूपये किया जायेगा। बढ़ी हुयी पारिवारिक आय सीमा के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जायेगा। प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से की जायेगी। 
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों को 01 जुलाई 2021 से मँहगाई भत्ता की दर 11 प्रतिशत बढ़ाते हुये 17 प्रतिशत के स्थान पर 28 प्रतिशत दिया जायेगा। इससे संबंधित आदेश वित्त विभाग द्वारा निर्गत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कामना है कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारा का वातावरण कायम रहे तथा पर्यावरण का संरक्षण हो और राज्य को कोरोना संक्रमण की महामारी से मुक्ति मिले। सभी चुनौतियों के बावजूद, हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारा अतीत गौरवशाली और विरासत समृद्ध है। हम उसी ऊँचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं। आइये, स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि बिहार को राष्ट्र के मानचित्र पर एक खुशहाल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए अपना सहयोग प्रदान करेंगे। इस अवसर पर एक बार पुनः सभी बिहारवासियों को शुभकामनाएँ देता हूँ।
इस अवसर पर निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध, समाज कल्याण विभाग (महिला विकास निगम), सहकारिता विभाग, उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग, बिहार षिक्षा परियोजना परिषद्, राज्य स्वास्थ्य समिति तथा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा झांकियां निकाली गयीं। इसमें बिहार षिक्षा परिषद् परियोजना को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, ग्रामीण विकास विभाग की झांकी को द्वितीय स्थान जबकि उद्योग विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
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मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के पष्चात् पत्रकारों से की बातचीत

Posted: 15 Aug 2021 07:33 AM PDT

मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के पष्चात् पत्रकारों से की बातचीत

मुख्यमंत्री श्री नीतीश  कुमार ने आज गांधी मैदान में झण्डोत्तोलन के पष्चात् पत्रकारों द्वारा बाढ़ के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुये कहा कि इस बार बिहार में वर्षापात ज्यादा होने से कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। हमने कल रिपोर्ट ली है। उसमे करीब-करीब 26 जिलों में बाढ़ का संकेत है, चाहे उसकी संख्या जितनी हो लेकिन 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को हर प्रकार से सुविधाएं पहुंचाई जा रही है और एक-एक चीज पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है। हर प्रकार की विकट परिस्थिति से निपटने की पूरी तैयारी की गयी है। पूरे तौर पर सजगता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने पर चिंता बढ़ जाती है लेकिन प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए हर प्रकार से इंतजाम किया जा रहा है। इसको लेकर गाइडलाइन भी जारी की जाती है और मीटिंग में एक-एक चीज के विषय में जानकारी ली जाती है। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रबंध किया गया है। प्रभावित परिवारों के भोजन एवं उनके बीच अनाज का वितरण आदि का प्रबंध भी किया गया है। फसल क्षति के लिए भी लोगों को मदद दी जायेगी। सभी प्रकार से तैयारी की गयी है और अलर्टनेस है। बिहार में अधिक वर्षापात होने के साथ-साथ नदियों के माध्यम से दूसरे जगहों में हुई वर्षापात का जल पहुँचने से यह स्थिति बनी है। नेपाल, यूपी, झारखंड सहित अन्य राज्यों में हुई वर्षापात का पानी नदियों के माध्यम से यहां पहुंचा है। उसके चलते बिहार के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हम स्थिति का घूमकर जायजा ले चुके हंै और प्रतिदिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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यह है मेरा हिन्दुस्तान

Posted: 15 Aug 2021 01:05 AM PDT

यह है मेरा हिन्दुस्तान 

आओ नमन करें इस देश  को,
गायें इसकी कीर्ति  यशगान,
यहीं पर सारे जाति-धर्म रहते,
पढ़ते गीता,बाइबिल, कुरान।
   यह है मेरा हिन्दुस्तान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान। 

दुनिया में कहीं सुन्दर नहीं है, 
मेरे भारत सा कोई महान,
कई देश इसकी महिमा गाते,
करते हैं इसका सम्मान। 
   यह है मेरा हिन्दुस्तान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान। 

वीरों से भरी इसकी धरती,
संत,फकीरो का पवित्र स्थान,
दूर देश से लोग मिलने आते,
देते हैं इन्हे सदा आदर मान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान।

गर दुनियाँ में देखना हो भाईचारा,
आयें अपने इस हिन्दुस्तान,
यहीं पर सारे धर्म पलते,
हिन्दु, सिख,इसाई,मुसलमान।
   यह है मेरा हिन्दुस्तान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान।

जैन,बौद्ध धर्म का यहीं उदय हुआ, 
भगवान बुद्ध को मिला यहीं गयान,
मुस्लिम-सिख यहीं फ़ले फूले, 
हुआ महावीर का यहीं निर्वाण।
   यह है मेरा हिन्दुस्तान, 
   यह है मेरा हिन्दुस्तान।

दुनियाँ को गयान दिया हमने,
सब धर्म का मान दिय़ा हमने,
कभी नहीं करते हम दादागिरी, 
रहा दुनियाँ में सदा मेरी शान।
   यह है मेरा हिन्दुस्तान,
   यह है मेरा हिन्दुस्तान। 
           -----0-----
          अरविन्द अकेला
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एक राष्ट्र- एक कानून, समानता की बात हो

Posted: 15 Aug 2021 01:01 AM PDT

एक राष्ट्र- एक कानून, समानता की बात हो

एक राष्ट्र- एक कानून, समानता की बात हो,
सीमा पर सुरक्षा प्रथम, राष्ट्रीयता की बात हो।
जाति- धर्म- क्षेत्रवाद, आरक्षण को छोड़कर,
गरीब- पिछडे- दीन दुःखी, उत्थान की बात हो।
समान शिक्षा-समान चिकित्सा, हर पेट को भोजन,
लघु उद्योगों का विकास, आत्मनिर्भरता की बात हो।
संस्कार- संस्कृति- सभ्यता, भारत की विरासत रही,
विश्व गुरू फिर भारत बने, बस शिक्षा की बात हो।
समृद्ध- समर्थ- आतंक मुक्त, विश्व का जन जन रहे,
भारत सबसे आगे रहे, जब विश्व नेतृत्व की बात हो।
सर्वे सन्तु निरामया, भावना सदा वेदों ने कही,
आयुर्वेद से जुड़कर बढ़ें, स्वास्थय की बात हो।
भू- गगन- वायू-अग्नि-नीर, पंच तत्त्व से भगवान बना,
पंच तत्त्वों का संरक्षण, जब स्वच्छता की बात हो।
तुष्टीकरण की अब कोई, न कहीं बातें करें,
शिक्षा- रोजगार- नवनिर्माण, बस योग्यता की बात हो।
मानवता सर्वोपरि, सनातन धर्म का संदेश यह,
मानव में मानवीयता मंत्र, जब धर्म की बात हो।

अ कीर्ति वर्द्धन
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असली आजादी मिली कहाँ है?

Posted: 15 Aug 2021 12:39 AM PDT

असली आजादी मिली कहाँ है?

हाथ में रोल किया हुआ तिरंगा लिए भुलेटनभगत को अपने घर की ओर जाते हुए देखा। उत्सुकता हुयी, कुछ जानने की। अतः लपक कर उनकी ओर बढ़ चला। पास पहुँचने पर राम-सलाम का मौका भी न दिया भगतजी ने और शुरु हो गए, एकदम से भविष्य-द्रष्टा वाले अंदाज में।
" यही जानने के लिए लपके चले आ रहे हो न कि अभी तो कई दिन बाकी हैं स्वतन्त्रता दिवस के और मैं आज ही ये तिरंगा क्यों खरीदे जा रहा हूँ ? हो सकता है ये सवाल भी उठ रहा हो तुम्हारे फितूली दिमाग में कि झंडे की तरह ही जलेबी भी चार दिन पहले ही खरीद लाऊँगा क्या... । "
सच में भगतजी ने मेरे दोनों विचारों को एकदम से पुलिसिया अन्दाज में पकड़ लिया और साफ-सफाई का मौका दिये वगैर, आगे शुरु हो गए — " मुंडेर पर तिरंगा लहराकर ही थोड़ी तुष्टि मिलती है और कुछ-कुछ अहसास होता है कि हम आजाद हो चुके हैं, क्योंकि फिरंगियों के राज में तो ऐसा करना नामुमकिन था। आम आदमी तिरंगा लहरा कर या लहराता हुआ तिरंगा देख कर और हो सका तो जलेबियाँ खाकर ही सन्तोष करता है, क्योंकि जलेबी और तिरंगे का चोली-दामन वाला सम्बन्ध है। भिनभिनाती मक्खियों वाली जलेबी भी मुंहमांगे दाम पर बिक जाती है उस दिन और यही हाल तिरंगे का भी होता है। पिछले साल ही शहर छान मारा, मनमाफिक खादी का तिरंगा मिला नहीं कहीं। अब तो 'यूज एन थ्रो' वाला सस्ते कागज और प्लास्टिक के तिरंगे मिलने लगे हैं। सुबह-सुबह तिरंगा बेचने वालों के शोर से नींद खुलेगी उस दिन और शाम होते-होते देखोगे कि ज्यादातर तिरंगे सड़कों-गलियों-नालियों की शोभा बढ़ा रहे होते हैं। खादी का महंगा तिरंगा खरीदना, शान से फहराना और शाम होने पर इज्जत के साथ उतार कर सुरक्षित रख देना, सबके बस की बात नहीं। तिरंगा फहरा लेना और तिरंगे की इज्जत करना—दोनों बिलकुल अलग बातें हैं। जिसे राष्ट्र की ही परवाह नहीं, वो भला राष्ट्रध्वज की क्या कदर जाने ! जो आदमी देश की शान्ति-सुरक्षा, प्रेम-सौहार्द्र, भाईचारे की परवाह नहीं करता, वो भला सूतों और रंगों की क्या परवाह करेगा ! हाँ, नोटों और वोटों की परवाह जरुर रहती है। और जब वोट बटोरने में ही नियत की खोट हो, तो उसकी चोट तो जनता को सहनी ही पड़ेगी न ! क्योंकि लोकतन्त्र है। व्यावहारिक तल पर प्रजातन्त्र, मूर्खतन्त्र, भेड़तन्त्र... तुम कुछ भी कह लो । लोकतन्त्र का कागजी ठप्पा लगाकर, सरकारी स्कूलों में बँटने वाले 'मिड डे मिल' की तरह, अबसे पचहत्तर वर्ष पहले 'मिड नाइट बिल' पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर हुए थे और जस्ट लाईक ट्रान्सफर ऑफ पावर ऑफ एटर्नी वाले अन्दाज में आजादी का सहमा-सहमा सा बिगुल बजा था—ताऊ-चाचाओं की शागिर्दगी में, क्योंकि 'बाप' उस जश्न में शामिल न था। और शामिल इसलिए नहीं था, क्योंकि उससे लहुलुहान भारत माता की कटी बाहों का दर्द देखा वा झेला न जा रहा था। फिर भी देखने-झेलने को मजबूर था, इसीलिए राजधानी दिल्ली से भागकर, सुदूर पूर्वांचल के दौरे पर निकल पड़ा था। खैर, ये सब तो पुरानी बातें हो गयी, जिन्हें याद करके दुःख होता है । वैसा दुःख जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। भुलाना भी नहीं चाहिए किसी सपूत को। जश्न-ए-आज़ादी की बात सिर्फ इतनी ही है कि फिरंगी बड़े कायदे से कांटे-चम्मचों से खा रहे थे आहिस्ते-आहिस्ते, थोड़े सब्र के साथ और अब नोच-चोंथ कर खाया जा रहा है बेसब्र होकर, माँ के लहुलुहान जिश्म को तथाकथित अपने ही लोगों द्वारा। पवित्र संसद-भवन चुनिंदे गुंडे-शोहदों का खुला अखाड़ा बना हुआ है। बत्तीश दांतों के बीच अकेली जीभ की तरह बिरले शरीफ बैठे हैं उस मन्दिर की मान-मर्यादा की रक्षा में। कितना बचा पायेंगे, ये तो समय ही बतलायेगा। किन्तु क्या हर नागरिक का ये कर्त्तव्य नहीं बनता कि इस विषय पर गम्भीरता से सोचे-विचारे और पहल करे? लेकिन एक बात ध्यान में रखने की है कि अब की जंग-ए-आज़ादी पिछली वाली लड़ाई से भी कहीं ज्यादा पेचीदी है। वो लड़ाई दूसरों के साथ थी। उनके साथ, जो प्रत्यक्ष रुप से हमारे शत्रु थे। किन्तु अब वाली लड़ाई उन दरिन्दों से है, जो अपना होने का लबादा ओढ़े हुए हैं। कौन राष्ट्र का सच्चा हितैशी है और कौन शत्रु —इस बात की बारीकी से पहचान करनी होगी, साथ ही 'राष्ट्रद्रोह' और 'राजद्रोह' के अन्तर को समझना होगा। क्योंकि ज्यादातर लोगों को इन दोनों में फर्क ही नहीं मालूम। आज भी हम उन्हीं सड़े-गले कानूनों को आदर के साथ ढोए जा रहे हैं या कहें ढोने को विवश हैं, जो स्वतन्त्रता सेनानियों के गतिरोध के उद्देश्य से अंग्रेजों द्वारा बनाये गए थे; जो स्वार्थपूर्ण निष्कंटक शासन के लिए बनाये गए थे; जो लूट-खसोट के लिए बनाये गए थे...। "
भगतजी की लम्बी व्याख्यान के बीच ही मुझे बोलना पड़ा— बात तो आप बिलकुल सही कह रहे हैं भगतजी !
भगतजी सिर हिलाते हुए बोले— " मैं गलत कब कहता हूँ ! सुनने वाले को गलत लगे तो लगता रहे, उसकी परवाह भी नहीं मुझे। 'राष्ट्रभक्ति' और 'राजभक्ति' में फ़र्क ही नहीं लगता लोगों को, फिर दोनों द्रोहों में फ़र्क कैसे समझ आयेगा। जटिल प्रतिज्ञावद्ध पितामह भीष्म की तरह राजभक्ति के नशे में डूबे हुए हैं कुछ लोग और इस बात पर ध्यान ही नहीं कि हस्तिनापुर के लिए 'धृतराष्ट्र' सदा घातक होता है। देवव्रत की पहली प्रतिज्ञा ने भीष्म बना दिया उन्हें, किन्तु दूसरी प्रतिज्ञा ने राष्ट्र को तहश-नहश कर दिया। राष्ट्र प्रसाद जैसी कोई चीज नहीं है, जिसे बाँट दिया जाये—जाति, धर्म, समुदायों में। राष्ट्र मुट्ठी में कैद करने वाली वस्तु भी नहीं है। राष्ट्र किसी की पुश्तैनी मिल्किय़त भी नहीं हो सकती कभी। किन्तु चिन्ता की बात ये है कि शकुनी मामा का भले ही अता-पता न हो, परन्तु अब के हस्तिनापुर पर खुली आँखों वाली गांधारी की बक-दृष्टि है। वो व्याकुल है सत्तासीन होने के लिए या कहें राजगद्दी पर एक नये दुर्योधन का राज्याभिषेक करने के लिए। देख रहे हो न, संसद में रोज नयी-नयी नौटंकियाँ हो रही हैं। कोई भी सत्र कायदे से चल नहीं पाता। संसदीय कार्यों में सुनियोजित ढंग से गतिरोध उत्पन्न किया जाता है। करोड़ों-अरबों का नुकसान सांसदों द्वारा किया जाता है हर सत्र में। सांसदीय मर्यादाओं को तारतार किया जा रहा है। तथाकथित माननीयों द्वारा लहुलुहान भारतमाता का चीरहरण हो रहा है। मजे की बात तो ये है कि एक दुर्योधन, दुःशासन और शकुनी ने सर्वनाश करा दिया था। यहाँ तो दुर्योधन, दुःशासन और शकुनियों की भरमार है। कोई पुरानी वाली टोपी में है, तो कोई न्यू ब्रांडेड टोपी में, कोई चौड़ी पाड़ की सफेद साड़ी में है, तो कोई बुर्के में, कोई जनेऊ पहनने-उतारने की कवायद करता है, तो किसी की नाक ही खानदानी टेढ़ी है, तो किसी को बत्तमीजी में ही पी.एच.डी. हासिल है। उड़े बाल वाले, घने बाल वाले, लम्बे बाल वाले, बॉककट बाल वाले—शिव के भूत-बैतालगणों की तरह तरह-तरह के रुप बनाये फिर रहे हैं—जनता को अपने-अपने अंदाज़ में लुभाने-फुसलाने-बहकाने के चक्कर में। स्वतन्त्रता की सिर्फ एक ही बात नज़र आती है—मनमानी, जिसे जो चाहे करे। हत्या, बलात्कार, तोड़-फोड़, आगजनी, सड़क जाम... जो कुछ करना हो भीड़ बन जाओ, पूरी छूट है सब कुछ करने की। और बेचारे प्रशासन की औकात कहाँ है इन सबको रोकने की ! वो तो राजकीय कर्मचारी है न। व्यस्त है राजनेताओं और उनकी परिवारों की रक्षा में। उधर से थोड़ा-बहुत जो समय बचता है, उसे उगाही करने में गुजार देता है। उगाहियाँ भी तरह-तरह की हैं—वालू वाली,पहाड़ों वाली, जंगलों वाली, कोयले वाली, ट्रान्सपोर्ट वाली। और अब तो एक नयी उगाही-ट्रेन्ड चल पड़ी है—कोरोना वाली...। "
सच में भगतजी की व्यथा-कथा पर गम्भीरता से विचार करने की जरुरत है। किन्तु रास्ता वस एक ही है—फिर से सिपाहीविद्रोह जैसी कोई कारवाई करने की जरुरत है। "अद्यतन स्वतन्त्रता संग्राम" का बिगुल फूँकने की जरुरत है। राष्ट्र-वृक्ष के लहलहाते तने-टहनियों में छिपे बैठे घुनों, दीमकों, कीड़े-मकोड़ों का, उस पर बैठे गिद्धों का, इर्द-गिर्द मड़राते गीदड़ों का जड़-मूल से सफाया करने की जरुरत है। किन्तु ये भी ध्यान रखने की जरुरत है कि लड़ाई पहले से कहीं ज्यादा संगीन होगी, क्योंकि वो दूसरों से थी और ये अपनों से है। ।।वन्देमातरम्।।
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75वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश

Posted: 15 Aug 2021 12:27 AM PDT

75वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश

 

राष्ट्रपति भवन, 14 अगस्त, 2021

 

मेरे प्यारे देशवासियो,

नमस्कार!

1.            देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और उल्लास का दिन है। इस वर्ष के स्वाधीनता दिवस का विशेष महत्व है क्योंकि इसी वर्ष से हम सब अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई!

2.            स्वाधीनता दिवस हमारे लिए पराधीनता से मुक्ति का त्योहार है। कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए। उनके शौर्य और पराक्रम के बल पर ही आज हम और आप आज़ादी की सांस ले रहे हैं। मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

3.            अनेक देशों की तरह हमारे राष्ट्र को भीविदेशी हुकूमत के दौरान बहुत अन्याय और अत्याचार सहने पड़े। परंतु भारत की विशेषता यह थी कि गांधीजी के नेतृत्व में हमारा स्वाधीनता आंदोलन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित रहा। उन्होंने तथा अन्य सभी राष्ट्र-नायकों ने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने का मार्ग तो दिखाया ही, साथ ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने भारतीय जीवन-मूल्यों और मानवीय गरिमा को पुनः स्थापित करने के लिए भी भरपूर प्रयास किए।

4.            अपने गणतन्त्र की विगत 75 वर्षों की यात्रा पर जब हम नजर डालते हैं तो हमें यह गर्व होता है कि हमने प्रगति पथ पर काफी लंबी दूरी तय कर ली है। गांधीजी ने हमें यह सिखाया है कि गलत दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने से अच्छा है कि सही दिशा में धीरे ही सही लेकिन सधे हुए कदमों से आगे बढ़ा जाए। अनेक परम्पराओं से समृद्ध भारत के सबसे बड़े और जीवंत लोकतन्त्र की अद्भुत सफलता को विश्व समुदाय सम्मान के साथ देखता है।

प्यारे देशवासियो,

5.            हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। भारत ने ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी के 121 वर्षों में सबसे अधिक मेडल जीतने का इतिहास रचा है। हमारी बेटियों ने अनेक बाधाओं को पार करते हुए खेल के मैदानों में विश्व स्तर की उत्कृष्टता हासिल की है। खेल-कूद के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सफलता में युगांतरकारी परिवर्तन हो रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर सशस्त्र बलों तकप्रयोगशालाओं से लेकर खेल के मैदानों तकहमारी बेटियां अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बेटियों की इस सफलता में मुझे भविष्य के विकसित भारत की झलक दिखाई देती है। मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।

6.            पिछले साल की तरहमहामारी के कारण, इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े पैमाने पर नहीं मनाए जा सकेंगे लेकिन हम सबके हृदय में हरदम भरपूर उत्साह बना हुआ है। हालांकि महामारी की तीव्रता में कमी आई है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। इस वर्ष आई महामारी की दूसरी लहर के विनाशकारी प्रभाव से हम अभी तक उबर नहीं पाए हैं। पिछले वर्षसभी लोगों के असाधारण प्रयासों के बल परहम संक्रमण के प्रसार पर काबू पाने में सफल रहे थे। हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत ही कम समय में वैक्सीन तैयार करने का कठिन काम सम्पन्न कर लिया। इसलिए, इस वर्ष के आरंभ में हम सब विश्वास से भरे हुए थे क्योंकि हमने इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया था। फिर भीकोरोना-वायरस के नए रूपों और अन्य अप्रत्याशित कारणों के परिणाम-स्वरूप हमें दूसरी लहर का भयावह प्रकोप झेना पड़ा। मुझे इस बात का गहरा दुख है कि दूसरी लहर में बहुतेरे लोगों की प्राण रक्षा नहीं की जा सकी और बहुत से लोगों को भारी कष्ट सहने पड़े। यह अभूतपूर्व संकट का समय था। मैं, पूरे देश की ओर से, आप सभी पीड़ित परिवारों के दुख में, बराबर का भागीदार हूं।

7.            यह वायरस एक अदृश्य व शक्तिशाली शत्रु है जिसका विज्ञान द्वारा सराहनीय गति के साथ सामना किया जा रहा है। हमें इस बात का संतोष है कि इस महामारी में हमने जितने लोगों की जानें गंवाई हैं, उससे अधिक लोगों की प्राण रक्षा कर सके हैं। एक बार फिर, हम अपने सामूहिक संकल्प के बल पर ही दूसरी लहर में कमी देख पा रहे हैं। हर तरह के जोखिम उठाते हुए, हमारे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियोंप्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है।

8.            कोविड की दूसरी लहर से हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर बहुत दबाव पड़ा है। सच तो यह है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं समेत, किसी भी देश का बुनियादी ढांचा, इस विकराल संकट का सामना करने में समर्थ सिद्ध नहीं हुआ। हमने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए युद्ध-स्तर पर प्रयास किए। देश के नेतृत्व ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ-साथ राज्य सरकारोंनिजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओंगैर सरकारी संगठनों तथा अन्य समूहों ने सक्रिय योगदान किया। इस असाधारण अभियान मेंकई देशों ने, उदारता से, अनिवार्य वस्तुएं उसी तरह साझा कींजैसे भारत ने बहुत से देशों को दवाइयांउपकरण और वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। इस सहायता के लिए मैं विश्व समुदाय का आभार प्रकट करता हूं।

9.            इन सभी प्रयासों के परिणाम-स्वरूप, काफी हद तक, सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और अब हमारे अधिकांश देशवासी राहत की सांस ले रहे हैं। अब तक के अनुभव से यही सीख मिली है कि अभी हम सबको लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय वैक्सीन हम सबके लिए विज्ञान द्वारा सुलभ कराया गया सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। हमारे देश में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 50 करोड़ से अधिक देशवासियों को वैक्सीन लग चुकी है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

मेरे प्यारे देशवासियो,

10.            इस महामारी का प्रभाव अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही विनाशकारी हैजितना लोगों के स्वास्थ्य के लिए। सरकार गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों की समस्याओं के विषय में भी चिंतित रही है। सरकार, उन मजदूरों और उद्यमियों की जरूरतों के प्रति भी संवेदनशील रही है जिन्हें लॉकडाउन और आवागमन पर प्रतिबंधों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए सरकार ने पिछले वर्ष उन्हें राहत प्रदान करने के लिए बहुत से कदम उठाए थे। इस वर्ष भी सरकार ने मई और जून में करीब 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराया। अब यह सहायता दीपावली तक के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावाकोविड से प्रभावित कुछ उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने हाल ही में 6 लाख 28 हजार करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। यह तथ्य विशेष रूप से संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए एक वर्ष की अवधि में ही तेईस हजार दो सौ बीस करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

11.            मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में - विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में - बढ़ोतरी जारी रही है। हाल ही में, कानपुर देहात जिले में स्थित अपने  पैतृक गांव परौंख की यात्रा के दौरानमुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की मनोवैज्ञानिक दूरी अब पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। मूलतः, भारत गांवों में ही बसता है, इसलिए उन्हें विकास के पैमानों पर पीछे नहीं रहने दिया जा सकता। इसीलिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि सहित, हमारे किसान भाई-बहनो के लिए विशेष अभियानों पर बल दिया जा रहा है।

12.            ये सभी प्रयास आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के अनुरूप हैं। हमारी अर्थव्यवस्था में निहित विकास की क्षमता पर दृढ़ विश्वास के साथ सरकार ने रक्षास्वास्थ्य, नागरिक उड्डयनविद्युत तथा अन्य क्षेत्रों में निवेश को और अधिक सरल बनाया है। सरकार द्वारा पर्यावरण के अनुकूलऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतोंविशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के नवीन प्रयासों की विश्वव्यापी प्रशंसा हो रही है। जब 'ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस' की रैंकिंग में सुधार होता हैतब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की 'ईज़ ऑफ लिविंग' पर भी पड़ता है। इसके अलावा जन कल्याण की योजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए 70,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना की बदौलतअपना खुद का घर होने का सपना अब साकार हो रहा है। एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किए गए अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी। सरकार ने प्रत्येक देशवासी की क्षमता को विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ का ही उल्लेख मैंने किया है।

प्यारे देशवासियो,

13.            अब जम्मू-कश्मीर में नव-जागरण दिखाई दे रहा है। सरकार ने लोकतंत्र और कानून के शासन में विश्वास रखने वाले सभी पक्षों के साथ परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियोंविशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सक्रिय होने का आग्रह करता हूं।

14.            सर्वांगीण विकास के प्रभाव सेअंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का कद ऊंचा हो रहा है। यह बदलाव, प्रमुख बहुपक्षीय मंचों पर हमारी प्रभावी भागीदारी में तथा अनेक देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में परिलक्षित हो रहा है।   

प्यारे देशवासियो,

15.            पचहत्तर साल पहले जब भारत ने आजादी हासिल की थीतब अनेक लोगों को यह संशय था कि भारत में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। ऐसे लोग शायद इस तथ्य से अनभिज्ञ थे कि प्राचीन काल में, लोकतंत्र की जड़ें इसी भारत भूमि में पुष्पित-पल्लवित हुई थीं। आधुनिक युग में भी भारत, बिना किसी भेद-भाव के सभी वयस्कों को मताधिकार देने में अनेक पश्चिमी देशों से आगे रहा। हमारे राष्ट्र-निर्माताओं ने जनता के विवेक में अपनी आस्था व्यक्त की और 'हम भारत के लोग' अपने देश को एक शक्तिशाली लोकतंत्र बनाने में सफल रहे हैं।

16.            हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है, अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। जहां जनता की सेवा के लिए, महत्वपूर्ण मुद्दों पर वाद-विवाद, संवाद और निर्णय करने का सर्वोच्च मंच हमें उपलब्ध है। यह सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नए भवन में स्थापित होने जा रहा है। यह भवन हमारी रीति और नीति को अभिव्यक्त करेगा। इसमें हमारी विरासत के प्रति सम्मान का भाव होगा और साथ ही समकालीन विश्व के साथ कदम मिलाकर चलने की कुशलता का प्रदर्शन भी होगा। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस नए भवन के उदघाटन को विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक प्रस्थान बिन्दु माना जाएगा।

17.            सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। 'गगनयान मिशन' उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। इस मिशन के तहत भारतीय वायु सेना के कुछ पायलट विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जब वे अंतरिक्ष में उड़ान भरेंगेतो भारत मानव-युक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इस प्रकार, हमारी आकांक्षाओं की उड़ान किसी प्रकार की सीमा में बंधने वाली नहीं है।

18.            फिर भी, हमारे पैर यथार्थ की ठोस जमीन पर टिके हुए हैं। हमें यह एहसास है कि आज़ादी के लिए मर-मिटने वाले स्वाधीनता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में हमें अभी काफी आगे जाना है। वे सपने, हमारे संविधान में, 'न्याय', 'स्वतन्त्रता', 'समता' और 'बंधुता' इन चार सारगर्भित शब्दों द्वारा स्पष्ट रूप से समाहित किए गए हैं। असमानता से भरी विश्व व्यवस्था में और अधिक समानता के लिए तथा अन्यायपूर्ण परिस्थितियों में और अधिक न्याय के लिए, दृढ़तापूर्वक प्रयास करने की आवश्यकता है। न्याय की अवधारणा बहुत व्यापक हो गयी है जिसमें आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ा न्याय भी शामिल है। आगे की राह बहुत आसान नहीं है  हमें कई जटिल और कठिन पड़ाव पार करने होंगे, लेकिन हम सबको असाधारण मार्गदर्शन उपलब्ध है। यह मार्गदर्शन विभिन्न स्रोतों से हमें मिलता है। सदियों पहले के ऋषि-मुनियों से लेकर आधुनिक युग के संतों और राष्ट्र-नायकों तक हमारे मार्गदर्शकों की अत्यंत समृद्ध परंपरा की शक्ति हमारे पास है। अनेकता में एकता की भावना के बल पर, हम दृढ़ता से, एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। 

19.            विरासत में मिली हमारे पूर्वजों की जीवन-दृष्टि, इस सदी में, न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए सहायक सिद्ध होगी। आधुनिक औद्योगिक सभ्यता ने मानव जाति के सम्मुख गम्भीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। समुद्रों का जल-स्तर बढ़ रहा हैग्लेशियर पिघल रहे हैं और पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो रही है। इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन की समस्या हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत नेन केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया हैबल्कि जलवायु की रक्षा के लिए तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। फिर भी मानवता को विश्व स्तर पर अपने तौर-तरीके बदलने की सख्त जरूरत है। इसीलिए भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर दुनिया का रुझान बढ़ता जा रहा हैऐसी ज्ञान परंपरा जो वेदों और उपनिषदों के रचनाकारों द्वारा निर्मित की गईरामायण और महाभारत में वर्णित की गईभगवान महावीर, भगवान बुद्ध तथा गुरु नानक द्वारा प्रसारित की गई, और महात्मा गांधी जैसे लोगों के जीवन में परिलक्षित हुई।

20.            गांधीजी ने कहा था कि प्रकृति के अनुरूप जीने की कला सीखने के लिए प्रयास करना पड़ता हैलेकिन एक बार जब आप नदियों और पहाड़ोंपशुओं और पक्षियों के साथ संबंध बना लेते हैंतो प्रकृति अपने रहस्यों को आप के सामने प्रकट कर देती है। आइए, हम संकल्प लें कि गांधी जी के स संदेश को आत्मसात करेंगे और जिस भारत भूमि पर हम रहते हैंउसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए त्याग भी करेंगे।

21.            हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों में देश-प्रेम और त्याग की भावना सर्वोपरि थी। उन्होंने अपने हितों की चिंता न करते हुए हर प्रकार की चुनौतियों का सामना किया। मैंने देखा है कि कोरोना के संकट का सामना करने में भी लाखों लोगों ने अपनी परवाह न करते हुए मानवता के प्रति निस्वार्थ भाव से दूसरों के स्वास्थ्य और प्राणों की रक्षा के लिए भारी जोखिम उठाए हैं। ऐसे सभी कोविड योद्धाओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं। अनेक कोविड योद्धाओं को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। मैं उन सबकी स्मृति को नमन करता हूं।

22.            हाल ही में, 'कारगिल विजय दिवस' के उपलक्ष मेंमैं लद्दाख स्थित 'कारगिल युद्ध स्मारक – द्रासमें अपने बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जाना चाहता था। लेकिन रास्ते में, मौसम खराब हो जाने की वजह सेमेरा उस स्मारक तक जाना संभव नहीं हो पाया। वीर सैनिकों के सम्मान में, उस दिन मैंने बारामूला में 'डैगर वॉर मेमोरियल' पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह मेमोरियल उन सभी सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने अपने कर्तव्य-पथ पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन जांबाज़ योद्धाओं की वीरता और त्याग की सराहना करते हुए मैंने देखा कि उस युद्ध स्मारक में एक आदर्श-वाक्य अंकित है: "मेरा हर कामदेश के नाम।

यह आदर्श-वाक्य हम सभी देशवासियों को मंत्र के रूप में आत्मसात कर लेना चाहिए तथा राष्ट्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करना चाहिए। मैं चाहूंगा कि राष्ट्र और समाज के हित को सर्वोपरि रखने की इसी भावना के साथ हम सभी देशवासीभारत को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए एकजुट हो जाएं।

मेरे प्यारे देशवासियो,

23.            मैं विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों की सराहना  करता हूंजिन्होंने हमारी स्वतंत्रता की रक्षा की हैऔर आवश्यकता पड़ने पर सहर्ष बलिदान भी दिया है। मैं सभी प्रवासी भारतीयों की भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस देश में भी घर बसाया हैवहां अपनी मातृभूमि की छवि को उज्ज्वल बनाए रखा है।

24.            मैं एक बार फिर आप सभी को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देता हूं। यह वर्षगांठ मनाते हुए मेरा हृदय सहज ही आज़ादी के शताब्दी वर्ष 2047 के सशक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत की परिकल्पना से भरा हुआ है।

25.            मैं यह मंगलकामना करता हूं कि हमारे सभी देशवासी कोविड महामारी के प्रकोप से मुक्त हों तथा सुख और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।   

एक बार पुनः आप सभी को मेरी शुभकामनाएं!

धन्यवाद,

जय हिन्द!
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आज़ादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना ने आयोजित किया वेबिनार

Posted: 14 Aug 2021 11:59 PM PDT

आज़ादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना ने आयोजित किया वेबिनार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना द्वारा "भारत: एक राष्ट्र, आज़ादी, विभाजन और संपोषणीय विकास" विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया।

वेबीनार की अध्यक्षता करते हुए प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) एवं रीजनल ऑफिस ब्यूरो (आरओबी), पटना के अपर महानिदेशक एस.के. मालवीय ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इतिहास को नए तरीके से जानना-समझना और एक नए दृष्टिकोण से उसे आत्मसात करना, हमेशा रोमांचक होता है। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त से 2 अक्टूबर तक आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। और इसी क्रम में वेबीनार जैसे आयोजनों के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के डीन, प्रोफेसर एवं इतिहासकारों को सुनने का अवसर मिल रहा है। इस तरह के वेबीनार का उद्देश्य नई पीढ़ी को आजादी के महानायकों एवं इतिहास में उनकी भूमिका से अवगत कराना है।

वेबीनार में अतिथि वक्ता के रूप में शामिल सत्यवती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ भुवन कुमार झा ने 'देश का विभाजन और आजादी' विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि भारत पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जो इतने लंबे समय तक अपने लोकतंत्र को बनाए हुए हैं और लाख उतार-चढ़ाव के बावजूद वह अपने मूल्यों से डिगा नहीं है। उन्होंने कालक्रम के अनुसार विभाजन की परिस्थितियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इतिहास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मोहम्मद इकबाल शुरुआत से ही दो राष्ट्र सिद्धांत को लेकर जिन्ना को सुझाव दिया करते थे, लेकिन 1940 में वास्तविक रुप से मुस्लिम लीग के अधिवेशन में दो राष्ट्र के सिद्धांत को अपना लिया गया। उन्होंने कहा कि जिन्ना के मुस्लिम लीग को असली ताकत तब मिलती है, जब द्वितीय विश्व युद्ध के समय कांग्रेस ने ब्रिटिशराज को समर्थन देने से मना करते हुए अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था।

'गांधी, खादी और संपोषणीय विकास' विषय पर वेबिनार को अतिथि वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए दौलतराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूजा शर्मा ने कहा कि देश को सही दिशा में आगे ले जाने व विकसित करने के लिए हमें महात्मा गांधी और कुमारप्पा के सस्टेनेबल मॉडल का अनुकरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम परमानेंट नहीं हैं, लेकिन यह नेचर परमानेंट है। लिहाजा, हमें खुद को आगे ना रखकर पर्यावरण को आगे रखते हुए विकास कार्य करने चाहिए। उन्होंने गांधीजी के ट्रस्टीशिप सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि यह न केवल समाज के लिए बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

वेबीनार में शामिल हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ शंकर कुमार ने 'भारत: इतिहास से उभरा एक राष्ट्र का विचार' विषय पर अपने शोधपरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्रागैतिहासिक पाषाण युग से मानव सभ्यता के उदविकास की "संघर्ष व सहयोग" के सिद्धांत की चर्चा की और कहा कि भारत उन गिने-चुने राष्ट्रों में से एक है जहां सभ्यता का एक क्रमिक और अल्प-हिंसक इतिहास रहा है। सोलह महाजनपद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, चोल राजा, तुर्कों के आगमन, भारत में इस्लाम के अरबी-फारसी स्वरूप,अमीर खुसरो व अलबरूनी की रचनाओं, यूरोपीय उपनिवेशकों के प्रवेश जैसे ऐतिहासिक पड़ावों का हमारी संस्कृति व सभ्यता पर हुए असर से लेकर आज़ाद भारत तक की यात्रा की एक झलक भी उन्होंने प्रस्तुत की । उन्होंने कहा कि भारत में इस्लाम का एक शांत और सृजनात्मक रूप भी देखने को मिलता है, जिसने भारत के राष्ट्रीय स्वरूप के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

वेबीनार का संचालन दूरदर्शन (समाचार), पटना के सहायक निदेशक सलमान हैदर ने किया। वेबीनार में आरओबी के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक संजय कुमार, दूरदर्शन (समाचार) पटना की उपनिदेशक श्वेता सिंह, आरओबी एवं एफओबी के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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आज 15 अगस्त 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 14 Aug 2021 11:58 PM PDT

आज 15 अगस्त 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

दैनिक पंचांग

15 अगस्त 2021, रविवार

पंचांग   

🔅 तिथि  सप्तमी  दिन  09:15:24

🔅 नक्षत्र  स्वाती  प्रातः  06:26:13  तदुपरांत  विशाखा  रात्रिशेष  04:25:58

🔅 करण :

           वणिज  09:53:20

           विष्टि  20:51:05

🔅 पक्ष  शुक्ल 

🔅 योग :

           शुक्ल  08:30:47

           ब्रह्म  29:45:07

🔅 वार  रविवार 

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय  05:32:15

🔅 चन्द्रोदय  12:24:59 

🔅 चन्द्र राशि  तुला - 22:46:24 तक 

🔅 सूर्यास्त  18:28:10

🔅 चन्द्रास्त  23:32:00 

🔅 ऋतु  वर्षा 

हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत  1943  प्लव

🔅 कलि सम्वत  5123 

🔅 दिन काल  13:11:02 

🔅 विक्रम सम्वत  2078 

🔅 मास अमांत  श्रावण 

🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण 

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय   

🔅 अभिजित  11:59:04 - 12:51:48

अशुभ समय   

🔅 दुष्टमुहूर्त  17:15:29 - 18:08:13

🔅 कंटक  10:13:35 - 11:06:20

🔅 यमघण्ट  13:44:32 - 14:37:17

🔅 राहु काल  17:22:05 - 19:00:58

🔅 कुलिक  17:15:29 - 18:08:13

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  11:59:04 - 12:51:48

🔅 यमगण्ड  12:25:26 - 14:04:19

🔅 गुलिक काल  15:43:12 - 17:22:05

दिशा शूल   

🔅 दिशा शूल  पश्चिम 

चन्द्रबल और ताराबल

ताराबल 

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती 

चन्द्रबल 

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर 

🌹विशेष गोस्वामी तुलसी दास जयन्तीमोक्ष सप्तमी (जैन), भानुसप्तमी पर्व, भारतीय स्वतंत्रता दिवस। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

राशिफल 15 अगस्त 2021, रविवार

मेष (Aries): सक्रियता और मनोबल से सभी आकर्षित होंगे। अकारण बहस और विवाद से दूर रहें। जिम्मेदारियों को निभाने में पुरजोर प्रयासरत रहेंगे। लेन देन में सतर्कता आवश्यक है। दिन सामान्य से शुभ।

 शुभ रंग  =  लाल

शुभ अंक  :  5

वृषभ (Tauras): मनोनुकूलता बनी रहेगी। मित्रों को समय देना भाएगा। नए सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे। शिक्षा संतति और संसाधन बेहतर रहेंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें। दिन शुभकारक। करियर कारोबार लाभप्रद रहेगा।

शुभ रंग  =  आसमानी

शुभ अंक  :  2

मिथुन (Gemini): औरों से अपेक्षा न रखें। न ही व्यर्थ ही उनकी परीक्षा लें। नेकी कर दरिया में डाल की नीति अपनाएं। बड़ों को नमन करें। कामकाज बेहतर बना रहेगा। भौतिकता पर जोर देंगे। दिन सामान्य। जिद छोड़ें।

शुभ रंग  =  लाल

शुभ अंक  :  5

कर्क (Cancer): संपर्कों का लाभ मिलेगा। शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगे। सामाजिकता और सहकारिता बढ़त पर रहेगी। मेहमानों को आदर देंगे। भाई बहन से करीबी बढ़ेगी। दिन श्रेष्ठ।

शुभ रंग  =  पींक

शुभ अंक  :  8

सिंह (Leo): अपनों के साथ मांगलिक कायों में शामिल हो सकते हैं। धनधान्य की प्रचुरता बनी रहेगी। वाणी व्यवहार से सभी को प्रभावित करेंगे।कुटुम्बियों की सलाह से शुभ निर्णय ले सकते हैं। दिन शुभ।

शुभ रंग  =  पींक

शुभ अंक  :  8

कन्या (Virgo): निसंकोच आगे बढ़ते रहें। सफलता का प्रतिशत ऊंचा बना रहेगा। प्रभावशाली लोगों से भेंट संभव है। सामर्थ्य और स्वाभिमान को बल मिलेगा। मित्रों से भेंट होगी। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग  =  हरा

शुभ अंक  :  3

तुला (Libra): सतर्कता से आगे बढ़ते रहें। निवेश के अवसर बढ़ेंगे लेकिन अतार्किक प्रलोभनों से दूरी रखें। उधार न दें और न लें। मूल्यवान वस्तु की प्राप्ति संभव है। पेशेवर अच्छा करते रहेंगे। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग  =  आसमानी

शुभ अंक  :  2

वृश्चिक (Scorpio): लाभ की अच्छी संभावना बनी रहेगी। रुका हुआ धन मिल सकता है। श्रेष्ठ कार्यों से धन और यश दोनों प्राप्त होगा। संतान अच्छा करेगी। पठन पाठन में रूचि रहेगी। दिन हितकारक।

शुभ रंग  =  गुलाबी

शुभ अंक  :  1

धनु (Sagittarius): सफलता का स्तर उम्मीद से अधिक बना रह सकता है। अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दें। सभी का सहयोग मिलेगा। घर परिवार में खुशियों की आवक रहेगी। दिन शुभकारक।

शुभ रंग  =  गुलाबी

शुभ अंक  :  1

मकर (Capricorn): सकारात्मक समय का अधिकाधिक लाभ उठाने का प्रयास करें। संबंधी सहयोगी रहेंगे। धर्म संस्कार और आस्था को बल मिलेगा। भ्रमण मनोरंजन संभव है। दिन भाग्यकारक। तेजी दिखाएँ।

शुभ रंग  =  हरा

शुभ अंक  :  3

कुंभ (Aquarius): कुम्भ- रूटीन कार्यों को पूरा करने की सोच रखे। अनुशासन और निरंतरता के साथ आगे बढ़ते रहें। आकस्मिकता बनी रह सकती है। अपने हितकर बने रहेंगे। सेहत का ध्यान रखें। दिन सामान्य।

शुभ रंग  =  आसमानी

शुभ अंक  :  2

मीन (Pisces): जीवनसाथी संग शुभ कार्यों में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। सहयोग और सहकार की भावना को बल मिलेगा। साझीदार हितकर रहेंगे। आवश्यक कार्यों की आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें। दिन उत्तम।

शुभ रंग  =  पीला

शुभ अंक  :  9

 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श -  रविवार , दूरभाष  9122608219  /  9835654844
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