प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- शैक्षिक रूप से 374 पिछड़े जिलों पर रहेगा खास फोकस, खोले जाएंगे नए डिग्री कालेज
- उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा काउंसलिंग की तैयारी शुरू
- यूपी में बदलेगा माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम, डिजिटल और प्रैक्टिकल पर होगा जोर
- पांच माह बाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा निदेशक संजय सिन्हा बहाल, 31 अगस्त को होना है सेवानिवृत्त
- CBSE : पहली बार पूरी तरह निःशुल्क रहेगी कंपार्टमेंट परीक्षा, 15 अगस्त तक फार्म भरने का मौका, स्कूल से करना होगा आवेदन
- गोरखपुर : ARP द्वारा विद्यालयों के स्थलीय भ्रमण किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी
| शैक्षिक रूप से 374 पिछड़े जिलों पर रहेगा खास फोकस, खोले जाएंगे नए डिग्री कालेज Posted: 12 Aug 2021 11:14 PM PDT शैक्षिक रूप से 374 पिछड़े जिलों पर रहेगा खास फोकस, खोले जाएंगे नए डिग्री कालेज नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अमल के साथ सरकार का फोकस देश के शैक्षिक रूप से पिछड़े उन 374 जिलों पर भी है जहां मौजूदा समय में उच्च शिक्षा के साथ स्कूली शिक्षा का भी सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। नई दिल्ली । नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अमल के साथ सरकार का फोकस देश के शैक्षिक रूप से पिछड़े उन 374 जिलों पर भी है, जहां मौजूदा समय में उच्च शिक्षा के साथ स्कूली शिक्षा का भी सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय इन जिलों में राज्यों के साथ मिलकर विशेष मुहिम शुरू करने की तैयारी में जुटा है। इस दौरान इन सभी जिलों में समग्र शिक्षा सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। साथ ही इन जिलों को शैक्षिक पिछड़ेपन से मुक्ति दिलाने की समयसीमा भी तय की जाएगी। यूजीसी ने देश के 374 जिलों को किया है चिह्नित, इनमें उत्तर प्रदेश के भी 41 जिले हैं शामिल शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों को चिह्नित करने का यह काम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने किया है। इन जिलों को जिन प्रमुख मानकों के आधार पर चुना गया है उनमें सकल नामांकन दर का राष्ट्रीय औसत से कम होना, जिले की 18 से 23 वर्ष की कुल जनसंख्या में महाविद्यालयों का अनुपात और प्रति महाविद्यालय के औसत नामांकन शामिल हैं। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 41 जिले शामिल हैं। वहीं बिहार के 25 जिले, मध्य प्रदेश के 39 जिले, पंजाब के 13 जिले और झारखंड के 12 जिले शामिल हैं। इनमें समग्र शिक्षा सहित शिक्षा मंत्रालय की अन्य योजनाओं को प्रमुखता से किया जाएगा लागू शिक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, शैक्षिक रूप से पिछड़े इन सभी जिलों के लिए जल्द ही राज्यों के साथ मिलकर मंत्रालय एक अभियान शुरू करने की तैयारी में है। वैसे भी जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सभी राज्यों में शैक्षणिक सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने का काम चल रहा है, ऐसे में शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों पर विशेष फोकस रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुहिम को भी आकांक्षी (विकास की दौड़ में पिछड़े) जिलों के पैटर्न पर शुरू करने की तैयारी है। जहां इसके अमल पर केंद्र पैनी नजर रखेगा। साथ ही इन सभी जिलों में नए डिग्री कालेजों को खोलने की पहल की जा सकती है। वैसे भी शैक्षिक रूप से पिछड़े जिले चिह्नित होने के बाद सरकार ने इनमें से 194 जिलों में माडल डिग्री कालेजों को खोलने की मंजूरी दी है। इनमें से 64 जिलों में यह कालेज यूजीसी द्वारा और 130 जिलों में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत किए गए हैं। मंत्रालय की कोशिश है कि इन कालेजों में जल्द ही पढ़ाई शुरू की जाए। स्कूली शिक्षा से जुड़ी समग्र शिक्षा योजना के नए चरण में इन जिलों पर फोकस करने की तैयारी है। |
| उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा काउंसलिंग की तैयारी शुरू Posted: 12 Aug 2021 07:31 PM PDT उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा काउंसलिंग की तैयारी शुरू UP BED : उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2021 में सफल अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था। प्रवेश परीक्षा 6 अगस्त को हो चुकी है, अब परिणाम और काउंसलिंग की प्रक्रिया बाकी है। बीएड प्रवेश परीक्षा की राज्य समन्वयक डा. अमिता बाजपेई ने बताया कि जिन महाविद्यालयों को बीएड की सीट आवांटित हैं, उन सभी से विवरण मांगा गया है। राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को विज्ञान एवं कला वर्ग के विवरण के अनुसार के 25 अगस्त तक आवंटित सीटों का विवरण अपलोड करना होगा। बीएड पाठ्यकम संचालित करने वाले महाविद्यालयों को कुलसचिव द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार अपना विवरण उपलब्ध कराना होगा। प्रवेश परीक्षा का परिणाम 27 अगस्त को होगा। ऑनलाइन काउंसलिंग 1 सितम्बर और शैक्षिक सत्र 6 सितम्बर से शुरू होगा। |
| यूपी में बदलेगा माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम, डिजिटल और प्रैक्टिकल पर होगा जोर Posted: 12 Aug 2021 07:26 PM PDT यूपी में बदलेगा माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम, डिजिटल और प्रैक्टिकल पर होगा जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माध्यमिक विद्यालयों का अस्तित्व बचाने व गरिमा लौटाने के आह्वान के बीच इन विद्यालयों के पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव का खाका तैयार कर लिया गया है। पाठ्यक्रम में किताबी ज्ञान को कम कर डिजिटल और प्रैक्टिकल को बराबर अनुपात में शमिल किया जाएगा। राष्ट्रवाद और सामाजिक सरोकारों के साथ देश व समाज को प्रभावित करने वाली समसामयिक घटनाओं को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। माध्यमिक विद्यालयों के पाठ्यक्रम में यह व्यापक बदलाव शैक्षिक सत्र 2022-23 से किया जाएगा। माध्यमिक विद्यालयों में 32 सप्ताह की शिक्षण योजना को तीन भागों में बांटा जाएगा। पहले भाग में कक्षाओं में पठन-पाठन कराया जाएगा। दूसरे भाग में डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। तीसरे चरण में संबंधित विषय के प्रोजेक्ट बनवाए जाएंगे ताकि विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल में भी दक्ष हो। सत्र 2022-23 से इसे सभी विषयों में लागू किया जाएगा। पाठ्यक्रम में मूल्य परक शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा से जुड़े कार्यों को शामिल किया जाएगा। समसामयिक घटनाओं के साथ आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस, जेंडर सेंसेटिविटी (लैंगिक संवेदनशीलता) और आपदा प्रबंधन विषय को भी शामिल किया जाएगा। विकसित करेंगे प्रयोग आधारित सीखने की क्षमता शैक्षिक सत्र 2021-22 से कक्षा 9 में विज्ञान विषय और 2022-23 से सभी विषयों में प्रयोग आधारित सीखने की क्षमता को विकसित किया जाएगा। ग्रामीण स्कूलों में कृषि विज्ञान पढ़ाया जाएगा ग्रामीण क्षेत्रों और अर्धनगरीय स्कूलों में कृषि विज्ञान विषय को पढ़ाने पर बल दिया जाएगा ताकि बच्चे स्कूली शिक्षा से ही कृषि के बारे में अत्याधुनिक जानकारी प्राप्त कर सकें। सभी विषयों में लागू होगा नवाचार माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2021-22 से विज्ञान व गणित में नवाचार के विधिवत अध्ययन को लागू किया जाएगा। सत्र 2022-23 इसे सभी विषयों में लागू किया जाएगा। साहित्यिक संस्कृत का अध्ययन माध्यमिक विद्यालयों में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सामान्य संस्कृत के साथ साहित्यिक संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों का स्कूली शिक्षा से ही संस्कृत में दक्ष बनाना है। हर स्कूल में अंग्रेजी माध्यम का एक-एक सेक्शन माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक में अंग्रेजी माध्यम का एक-एक सेक्शन चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे प्रदेशों की भाषाएं भी पढ़ाई जाएगी नए पाठ्यक्रम में दूसरे प्रदेशों की भारतीय भाषाएं पढ़ाने की भी व्यवस्था की जाएगी। विद्यार्थी अपनी पसंद से उस भाषा का अध्ययन कर सकेंगे। मंडल मुख्यालय के एक राजकीय विद्यालय में प्राचीन शास्त्रीय भाषाओं से संबंधित साहित्य और ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया जाएगा। योगी ने कहा- माध्यमिक विद्यालयों का अस्तिव बचाने के लिए प्रयास करें शिक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि माध्यमिक विद्यालयों के अस्तित्व को बचाने और उनकी खोई गरिमा वापस लाने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। माध्यमिक विद्यालयों के लिए लोक सेवा आयोग से चयनित 2846 सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, प्रशासन और राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे लोग किसी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़कर नहीं आए। ये लोग राजकीय इंटर कॉलेजों में ही पढ़े लिखे हैं। मौजूदा समय में इन राजकीय विद्यालयों के समक्ष अस्तित्व बचाने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सतत जिज्ञासु बने रहना आवश्यक है। विद्यार्थियों का भविष्य निर्माण करने के लिए शिक्षकों को भी विभिन्न व्यावसायिक कोर्स व शासन की योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए। |
| पांच माह बाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा निदेशक संजय सिन्हा बहाल, 31 अगस्त को होना है सेवानिवृत्त Posted: 12 Aug 2021 07:15 PM PDT पांच माह बाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा निदेशक संजय सिन्हा बहाल, 31 अगस्त को होना है सेवानिवृत्त लखनऊ : शिक्षा निदेशक संजय सिन्हा पांच माह बाद बहाल हो गए हैं। उनके निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को रोक लगा दी थी। शासन ने कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए आदेश जारी कर दिया है। शिक्षा निदेशक पर अनुशासनिक कार्यवाही अभी जारी रहेगी। उनकी तैनाती का आदेश अलग से जारी किया जाएगा। ज्ञात हो कि सिन्हा 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षा निदेशक सिन्हा को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव रहते परिषदीय अध्यापकों का मध्य सत्र में मनमाने तरीके से तबादला करने, बर्खास्त व लंबे समय तक स्कूल न आने वाले शिक्षकों को नियमावली से इतर सेवा में बहाल करने और पांच वर्ष बीतने के बाद भी मृत शिक्षकों के आश्रितों को सीधे नियुक्ति देने जैसे कई मामलों में आरोपित किया गया था। शिकायतें मिलने पर शासन ने पांच दिसंबर, 2019 को तत्कालीन महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद को जांच करने का आदेश दिया। महानिदेशक ने बीती 29 जनवरी को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। उन्होंने प्रथम दृष्टया अधिकांश शिकायतें सही पाईं। इसी आधार पर शासन ने पांच मार्च को शिक्षा निदेशक सिन्हा को निलंबित करके अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की। सिन्हा ने निलंबन कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने 19 जुलाई को निलंबन आदेश पर स्थगनादेश जारी करके बहाल करने का आदेश दिया। बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने गुरुवार को कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए शिक्षा निदेशक सिन्हा को बहाल करने का आदेश जारी कर दिया है। |
| Posted: 12 Aug 2021 04:39 PM PDT CBSE : पहली बार पूरी तरह निःशुल्क रहेगी कंपार्टमेंट परीक्षा, 15 अगस्त तक फार्म भरने का मौका, स्कूल से करना होगा आवेदन ◆ 25 अगस्त से शुरू होंगी परीक्षाएं चलेंगी सितंबर के मध्य तक लखनऊ : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बोर्ड परीक्षा में कुछ विषयों में कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। इस बार कंपार्टमेंट के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। मतलब कंपार्टमेंट परीक्षा विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निश्शुल्क रहेगी। परीक्षा के लिए 15 अगस्त तक आवेदन का मौका है। इस बीच विद्यार्थी को अपने संबंधित स्कूल के माध्यम से कंपार्टमेंट के लिए आवेदन करना होगा। वहीं स्कूल को सीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर समय रहते विद्यार्थी की कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा। सीबीएसई के सिटी को आर्डिनेटर जावेद आलम ने बताया कि नियमित विद्यार्थियों के लिए इस बार सीबीएसई ने कंपार्टमेंट परीक्षा को पूरी तरह निश्शुल्क कर दिया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 25 अगस्त से शुरू होंगी और सितंबर के मध्य तक चलेंगी। बोर्ड की तरफ से परीक्षा का शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है। बता दें कि इससे पूर्व के वर्षों में कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए बोर्ड द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाता रहा है । |
| गोरखपुर : ARP द्वारा विद्यालयों के स्थलीय भ्रमण किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी Posted: 12 Aug 2021 04:41 AM PDT |
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