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- 'कप्तान हो तो विराट जैसा', राहुल के साथ बदतमीजी के बाद कोहली का वीडियो वायरल
- दोस्तों को ऐसे विश करें 15 अगस्त, ये हैं बेस्ट कोट्स और मैसेज
- कल देश मनाएगा अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस, जानिए इस दिन का इतिहास और महत्व
- कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण ने बताएं थे खुश रहने के ये 5 आसान उपाय
- दिखाई दें ऐसे संकेत तो समझ लें दस्तक देने वाली है माँ लक्ष्मी अगर आपको घर में
- घर में लगा तुलसी का पौधा भी देता है आने वाली मुसीबत का संकेत
- हिमाचल: पैरापिट से टकराकर हवा में लटकी बस, ऐसे बची 12 यात्रियों की जान
- हिमाचली शिव नुआला में किया व्यक्ति और महिला ने किया गज़ब का डांस
- मैच के दूसरे दिन लाल टोपी में क्यों दिखे भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी?
- औरतों के लिए स्पेशल होता उम्र का 30वां साल, वजह जान रह जाएंगे हैरान!
- बवासीर, दस्त और पीलिया के उपचार में सहायक होता है आलू बुखारा
- ये चीजें गलती से भी न खाएं खाली पेट, वरना बाद में पड़ेगा बहुत पछताना
| 'कप्तान हो तो विराट जैसा', राहुल के साथ बदतमीजी के बाद कोहली का वीडियो वायरल Posted: 14 Aug 2021 09:31 AM PDT क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के प्रति फैंस का व्यवहार पिछले कुछ महीनों में बार-बार सवालों के घेरे में रहा है। अब कुछ ऐसा हुआ है जिसने एक बार फिर से इस जेंटलमैन गेम को शर्मसार कर दिया है। अब इंग्लैंड और भारत के बीच लॉर्ड्स में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान एक और शर्मनाक हरकत सामने आई है। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन के पहले सत्र के दौरान जब राहुल बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे थे तब स्टेडियम में मौजूद कुछ फैंस ने उन पर शराब की बोतल के ढक्कन फेंके जिसके बाद राहुल ने इस घटना के बारे में कप्तान विराट कोहली को बताया। इसके बाद विराट ने वही किया जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। विराट ने राहुल को इशारा किया कि जैसे उन पर वो ढक्कन फेंके गए हैं उसी तरह से वो भी वापस उन्हें वहीं पहुंचा दे जैसे उनके पास पहुंचे थे। विषम परिस्थितियों में विराट का अपने साथी के साथ खड़ा होना फैंस को काफी पसंद आ रहा है और वो कप्तान विराट की तारीफ भी कर रहे हैं। August 14, 2021 इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और फैंस इसे शेयर भी कर रहे हैं। वहीं, इस घटना को देखकर कमेंटेटरों ने भी शर्मनाक बताया और अब ये देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। |
| दोस्तों को ऐसे विश करें 15 अगस्त, ये हैं बेस्ट कोट्स और मैसेज Posted: 14 Aug 2021 09:24 AM PDT देश इस 15 अगस्त को 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, जिसकी तैयारियां हर तरफ जोरशोर से चल रही हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तरह इस साल भी कोरोना के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही। शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हर भारतवासी देश की स्वतंत्रता का जश्न मनाने में जुटा है। तो आइए देखते हैं बेस्ट कोट्स और विश, जिन्हें आप अपने दोस्तों को भेज सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस कोट्स (Independence Day 2021 Quotes) 1. हम आजादी तभी पाते हैं, जब अपने जीवित रहने के अधिकार का पूरा मूल्य चुका देते हैं।- रवींद्र नाथ टैगोर 2. तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा- नेताजी सुभाष चंद्र बोस 3. जो लोग दूसरों को आजादी नहीं देते, उन्हें खुद भी इसका हक नहीं होता।- अब्राहम लिंकन 4. किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता, यह जीवन है, भला जीने के लिए कोई क्या मोल नहीं चुकाएगा।- महात्मा गाँधी 5. स्वतंत्रता दिया नहीं जाता, इसे लिया जाता है।– सुभाष चंद्र बोस 6. जब तक गलती करने कि स्वतंत्रता ना हो, तब तक स्वतंत्र होने का कोई अर्थ ही नहीं है।– महात्मा गांधी 7. यह हर एक नागरिक की मुख्य जिम्मेदारी है कि, वो यह अनुभव करे की उसका देश स्वतंत्र है और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। सभी को अपनी जाति व धर्म भूलकर सिर्फ यह याद रखना चाहिए कि वह भारतीय है और उसे इस देश में कुछ जिम्मेदारियों के साथ हर अधिकार है।– सरदार वल्लभभाई पटेल 8. मन की स्वतंत्रता वास्तविक स्वतंत्रता है।– बाबा साहेब अंबेडकर 9. जब हम पूरी कीमत का भुगतान करते हैं तब हमें आजादी मिलती है।–रवीन्द्रनाथ टैगोर 10. स्वतंत्रता की रक्षा केवल सैनिकों का काम नही है। पूरे देश को मजबूत होना चाहिए।– लाल बहादुर शास्त्री 11. स्वतंत्रता में प्रगति निहित है। स्वशासन बिना औद्योगिक प्रगति संभव नहीं है। न ही राष्ट्र के लिए शैक्षिक योजनाओं की कोई उपयोगिता है। देश की आजादी के लिए प्रयास करना सामाजिक सुधारों से अधिक महत्वपूर्ण है।–बाल गंगाधर तिलक दोस्तों को विश करने के लिए कुछ शुभकामनाएं (Independence Day 2021 Wishes) 1. हम उस देश के फूल हैं यारो जिसका नाम हिंदुस्तान है। 2. सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 3. करता हूं भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिले हर जन्म मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर कभी जिंदगी न मिले। 4. ना पूछो ज़माने से, क्या हमारी कहानी है, हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम हिंदुस्तानी हैं। सभी हिंदुस्तानियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। 5. नफरत बुरी है, न पालो इसे, दिलो मे खालिश है, निकालो इसे न तेरा, न मेरा, न इसका, न उसका ये सबका वतन है सभालो इसे। मिल कर रहे हम ऐसे की मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे |
| कल देश मनाएगा अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस, जानिए इस दिन का इतिहास और महत्व Posted: 14 Aug 2021 07:59 AM PDT भारत का स्वतंत्रता दिवस (अंग्रेज़ी: Independence Day of India, हिंदी:इंडिपेंडेंस डे ऑफ़ इंडिया,संस्कृतम्:"स्वातन्त्र्यदिनोत्सवः") हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं। 15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस साल 15 अगस्त के दिन देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस (Independence day) मनाने जा रहा है. ये दिन देश के उन वीरों की गौरव गाथा और बलिदान का प्रतीक है जिन्होंने अंग्रेजों के दमन से देश आजाद कराने में अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया था. 15 अगस्त 1947 को हमें ब्रिटिश शासन के 200 सालों के राज से आजादी मिली थी. ये दिन हमारे फ़्रीडम फाइटर्स के त्याग और तपस्या की याद दिलाता है. महात्मा गाँधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लोगों ने काफी हद तक अहिंसक प्रतिरोध और सविनय अवज्ञा आंदोलनों में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित किया गया, जिसमें भारत और पाकिस्तान का उदय हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों में हिंसक दंगे भड़क गए और सांप्रदायिक हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। विभाजन के कारण मनुष्य जाति के इतिहास में इतनी ज्यादा संख्या में लोगों का विस्थापन कभी नहीं हुआ। यह संख्या तकरीबन 1.45 करोड़ थी। भारत की जनगणना 1951 के अनुसार विभाजन के एकदम बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए। 2. इस दिन को झंडा फहराने के समारोह, परेड और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। भारतीय इस दिन अपनी पोशाक, सामान, घरों और वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर इस उत्सव को मनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ देशभक्ति फिल्में देखते हैं, देशभक्ति के गीत सुनते हैं। स्वतंत्रता दिवस का इतिहास 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्री में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी. भारत को ब्रिटिश राज से आजादी लेने में 200 साल से अधिक का समय लग गया था. इसी दिन यानी 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार लाल किले पर तिरंगा फहराया था. इसके बाद से स्वतंत्रता दिवस पर हर साल भारत के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय तिरंगा झंडा फहराते हैं. ये दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूरे देश के स्कूलों में भी मनाया जाता है. स्वतंत्रता दिवस का महत्व स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन विशेष नहीं बल्कि, देश के उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारे सम्मान को प्रदर्शित करने का जरिया भी है जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया था. ये दिन राष्ट्र के प्रति अपनी एकजुटता और निष्ठा दिखने का दिन भी है. साथ ही ये पावन अवसर युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है. राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और देशभक्ति का महत्व समझने के लिए ये स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है. |
| कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण ने बताएं थे खुश रहने के ये 5 आसान उपाय Posted: 14 Aug 2021 05:44 AM PDT जीवन में हर कोई प्रसन्न रहना चाहता है, परेशान रहने वाले लोगों के साथ कोई रहना नहीं चाहता है। कई लोग बहुत ही खुश रहते हैं उनकी आदतों और मानसिकता को जानने में हम अपना बहुत समय व्यर्थ करते हैं। हम अपने दिनभर में ऐसी कई गलतियां करते हैं जिनके कारण हमारी खुशियां नष्ट हो जाती हैं। खुश रहने वाले लोग उन गलतियों को करने से बचते हैं और अपने दिन भर के काम को परफेक्शन के साथ करते हैं। भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र की भूमि पर अर्जुन को कर्म और धर्म का पाठ पढ़ाया था। इसके बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। गीता मेंं मानव जाति से जुड़े सभी बातें बताई गई हैं। आलोचना :- खुश रहने वाले लोग किसी की आलोचना नहीं करते हैं। उनका मानना होता है कि इस तरह वो अपनी ही खुशियों को नष्ट कर रहे हैं। इसके साथ ही उनका स्वभाव बहुत ही निम्र होता है और अपने साथ वो दूसरों की खुशियों का ध्यान भी रखते हैं। तुलना :- संतुष्ट लोग ही अपने जीवन में खुश रह पाते हैं। उनके पास जितना होता है वो उसका ही आभार व्यक्त करते हैं। अपने जीवन से दूसरों के जीवन की तुलना करना उन्हें पसंद नहीं होता है। शिकायत :- हर बात को लेकर शिकायत करना एक ऐसा लक्षण माना जाता है जो आपका ध्यान केंद्रित नहीं होने देता है। इससे आप जिंदगी में वो सब नहीं पा सकते हैं जिसे पाने की इच्छा करते हैं। खुशमिजाज लोग इस बात को अच्छे से समझते हैं कि शिकायत करना किसी बात का हल नहीं होता है। अतीत से दूरी :- अतीत में खोए रहने वाले लोग हमेशा उदास रहते हैं। अतीत में हुई घटनाओं को सोचते रहते हैं, लेकिन इससे सिर्फ समय की बर्बादी होती है। फैसलों की चिंता ना करना :- जो लोग हमेशा खुश रहना जानते हैं वो इस बात की फिक्र नहीं करते हैं कि उनके जीवन में उनके लिए गए फैसलों का क्या प्रभाव होगा। इससे वो हमेशा खुश रहते हैं और अपनी जिंदगी खुल कर जीते हैं। |
| दिखाई दें ऐसे संकेत तो समझ लें दस्तक देने वाली है माँ लक्ष्मी अगर आपको घर में Posted: 14 Aug 2021 05:41 AM PDT हर व्यक्ति के जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी होती है जिसका संकेत प्रकृति द्वारा किसी न किसी माध्यम से हमें मिल जाता है किन्तु हम उस संकेत को समझ नहीं पाते है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही संकेत के विषय में बताएँगे जो आपके जीवन में किसी शुभ घटना के घटित होने से पहले आपको मिलता है। घटनाएं जो देती है सुबह संकेत : # जब कोई बिल्ली आपके घर अपने बच्चे को जन्म देती है तो यह आपके लिए बहुत शुभ संकेत होता है इसका मतलब आपके जीवन में आपको जल्द ही धनलाभ होने वाला है। # कई बार ऐसा होता है की आपके घर पर किसी पक्षी के द्वारा कोई वस्तु छोड़ दी जाती है। यदि आपके घर कोई पक्षी चांदी का कोई बर्तन छोड़कर जाता है तो यह आपके लिए बहुत ही शुभ संकेत होता है। # यदि कभी आपके घर की छत पर आपको काली चीटियाँ दिखाई देती है तो यह आपके लिए शुभ होता है इस संकेत का मतलब आपको जल्द ही अपने कार्य में तरक्की मिलने वाली है। # प्रातः काल के समय आप कोयल की आवाज सुनते है तो आपका सम्पूर्ण दिन शुभ होता है। यदि कोयल आपके घर के छत पर बैठकर आवाज करे तो इसका मतलब आपकी किस्मत जल्द ही चमकने वाली है। |
| घर में लगा तुलसी का पौधा भी देता है आने वाली मुसीबत का संकेत Posted: 14 Aug 2021 05:38 AM PDT तुलसी का पौधा हर घर में होता है। दूसरे पौधों की तुलना में इसे ज्यादा महत्ता दी जाती है क्योंकि यह सबसे पवित्र पौधा माना जाता है। लोग घरों में तुलसी के पौधे की पूजा करते हैं। इसलिए जब परिवार में कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका सीधा असर तुलसी के पौधे पर ही पड़ता है। ऐसे में पत्ते काले पड़ जाते हैं और झड़ने लगते हैं। तुलसी देता है मुसीबत का संकेत: जिन घरों में अधिक कलेश और अशांति होती है वहां भी तुलसी का पौधा हरा-भरा नहीं रहता। इस पौधे के खराब होने से घर की खुशियां चली जाती है और धन की कमी हो जाती है। सर्दी के मौसम में कई लोगों के घर पर पौधा सूख जाता है। जब इस सूखे पौधे पर दोबारा हरे पत्ते आने लगे तो इसका मतलब घर में खुशियां आने वाली हैं। तुलसी का पौधी जिस तरह घर-परिवार पर आने वाली मुसीबत के बारे में संकेत देता है। उसी तरह इसके पत्तों का सेवन करने से कई बीमारियों से भी बचा जा सकता है। खांसी-जुकाम होने पर तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पीने से काफी फायदा होता है। इसके अलावा रोजाना कुछ पत्तों को चबाने से मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है। |
| हिमाचल: पैरापिट से टकराकर हवा में लटकी बस, ऐसे बची 12 यात्रियों की जान Posted: 14 Aug 2021 05:32 AM PDT हिमाचल प्रदेश के चंबा-डंडी रूट पर चलने वाली निजी बस तेलका के पास काली मोड़ पर पैरापिट से टकराकर गहरी खाई के ऊपर हवा में लटक गई। गनीमत यह रही कि बस खाई में गिरने से बच गई अन्यथा जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। हादसे के समय बस में करीब 12 सवारियां बैठी थीं। वहीं, बस की टक्कर से धराशायी होकर खाई में गिरे पैरापिट की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई। हालांकि, कोई भी ग्रामीण पैरापिट की चपेट में नहीं आया। बस जैसे ही पैरापिट से टकराई, सवारियों में अफरातफरी मच गई। लोग जोर-जोर से चिल्लाने लगे लेकिन, चालक की सूझबूझ से बस खाई में गिरने से बच गई। हादसे के बाद बस के अंदर बैठे लोगों ने बाहर निकलकर राहत की सांस ली। वहीं, बस को हवा में लटकता देख आसपास के लोग मदद के लिए वहां पहुंच गए। उसके साथ किहार थाने की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हादसा किस कारण हुआ, इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस की जांच में ही इस बात का पता लग पाएगा कि आखिरकार बस पैरापिट से कैसे टकराई। कुछ लोगों का कहना है कि सामने से अचानक एक बाइक बस के सामने आ गई, जिसे बचाने के लिए चालक ने बस को पैरापिट से टकरा दिया। हालांकि, इस बात का पता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही लग पाएगा। पुलिस अधीक्षक अरुल कुमार ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। बता दें, इससे पहले सिरमौर जिले में पांवटा साहिब-शिलाई-गत्ताधार नेशनल हाईवे पर भी एक निजी बस सड़क से बाहर निकलकर हवा में लटक गई थी। गनीमत यह रही कि बस हवा में ही अटकी रही। बस का हल्का सा संतुलन बिगड़ जाता तो करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरती। बस चालक ने हिम्मत दिखाते हुए तमाम यात्रियों को सूझबूझ से बचा लिया था। कफोटा से करीब 10 किलोमीटर दूर बोहराड़ के समीप अचानक बस की स्टेयरिंग रॉड टूट गई थी। इससे बस का संतुलन बिगड़ गया और बस खाई की तरफ उतर गई थी। |
| हिमाचली शिव नुआला में किया व्यक्ति और महिला ने किया गज़ब का डांस Posted: 14 Aug 2021 05:25 AM PDT |
| मैच के दूसरे दिन लाल टोपी में क्यों दिखे भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ी? Posted: 14 Aug 2021 05:03 AM PDT लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ का दूसरा टेस्ट खेला जा रहा है. मैच के दूसरे दिन मैदान पर कुछ अलग देखने को मिला. पूरा लॉर्ड्स का मैदान लाल रंग में नजर आ रहा था. खिलाड़ियों की टोपी से लेकर स्टाफ और कमेंटेटर्स के सूट तक सब लाल रंग में थे. दरसल शुक्रवार 13 अगस्त को लॉर्ड्स में 'रेड फॉर रूथ' डे मनाया गया. इंग्लैंड टीम के पूर्व बल्लेबाज और कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने सभी फैंस से लाल रंग की ड्रेस में आकर मैच देखने की गुजारिश की. जिससे उनकी पत्नी के नाम पर बनी रूथ फाउंडेशन का प्रचार हो सके और वे अपनी फाउंडेशन के लिए ज्यादा से ज्यादा मदद इकट्ठा कर सकें. 'रुथ फाउंडेशन' उन बच्चों की मदद करता है जिनके माता या पिता नॉन स्मोकिंग लंग कैंसर के चलते मर जाते हैं. साथ ही ये उन परिवारों को भी सपोर्ट करता है जिनमें किसी पेरेंट की इस तरह के धूम्रपान रहित फेफड़ों के कैंसर से मौत हो जाती है. एंड्रयू स्ट्रॉस की पत्नी रूथ की मृत्यु भी इसी तरह के कैंसर से हुई थी. इंग्लैंड में 18 साल की उम्र से कम के लगभग 41,000 बच्चे हर साल अपने माता या पिता के गुज़र जाने की वजह से प्रभावित होते हैं. एंड्रयू स्ट्रॉस का कहना है कि ये फाउंडेशन उन बच्चों और परिवारों की मदद करेगा. साथ ही उनका मानना है कि इस तरह टेस्ट मैच में फाउंडेशन के प्रचार करने से उनकी फाउंडेशन को काफी मदद मिलेगी. मैच के दौरान किए गए इस प्रचार से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस फाउंडेशन के बारे में पता चलेगा. साथ ही साथ इससे नॉन स्मोकिंग लंग कैंसर को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा भी इस तरह का कदम उठा चुके हैं. उन्होंने भी अपनी पत्नी की स्तन के कैंसर से हुई मौत के बाद जेन मैक्ग्रा फाउंडेशन शुरू किया था. उस फाउंडेशन का प्रचार भी ऑस्ट्रेलिया में होने वाली टेस्ट सीरीज के दौरान इसी तरह किया जाता है. उस दौरान खिलाड़ी अपनी बाजू पर गुलाबी रंग का बैंड पहने हुए और कमेंटेटर्स गुलाबी पोशाक में दिखाई देते हैं. |
| औरतों के लिए स्पेशल होता उम्र का 30वां साल, वजह जान रह जाएंगे हैरान! Posted: 14 Aug 2021 05:00 AM PDT अब जैसे आप बीस साल की उम्र में अपनी पसंद और न पसंद को लेकर कश्मकश में होती थी, इस उम्र में वैसा कुछ नहीं होता. इस दौरान आपको मेक अप और कपडे पहनने का अंदाज़ सब कुछ याद हो जाता है. ऐसे में आप खुद को बेहतर तरीके से पेश करना भी सीख जाती है. इसके इलावा इस उम्र के बाद जब भी आपके जीवन में कोई बहुत कठिन परिस्थिति आती है, तो आप बहुत धैर्य से उसका सामना करती है, क्यूकि तब तक आपको पता चल जाता है, कि ये जीवन का वो हिस्सा है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता. इसके साथ ही आप ये भी जान जाती है, कि हर समस्या का कोई न कोई हल जरूर होता है. इसलिए खुद का नियंत्रण खोने की बजाय आप शान्ति से भी समस्या का समाधान ढूंढ सकती है. बता दे कि यही व्यव्हार आपके व्यक्तित्व को तेजमय बनाता है. ऐसे में सब की नजरो में आपका सम्मान पहले से भी कही ज्यादा बढ़ जाता है. इसके इलावा आप अपनी लाइफस्टाइल जीना भी सीख जाती है. जैसे एक दिन में आपको कितनी नींद चाहिए, या कितना डाइट आपको भोजन में लेना है आदि से संबंधित सभी जानकारिया आप अच्छी तरह से समझ जाती है. बरहलाल अगर सीधे शब्दों में कहे तो तीस साल की उम्र परिपक्वता की पहली सीढ़ी है. हालांकि इस देश में कुछ लड़किया या महिलाएं ऐसी भी है, जो तीस साल की उम्र में भी सिंगल ही रहती है. गौरतलब है कि जब कोई महिला तीस की उम्र पार कर जाती है या तीस साल की होती है, तो उसके लिए प्यार की बजाय उसका करियर ज्यादा महत्वूर्ण होता है. यानि अगर हम साफ़ शब्दों में कहे तो उम्र का तीसवा साल लड़कियों के लिए काफी अहम होता है. वो इसलिए क्यूकि ये उम्र का वो साल होता है, जब लड़किया ट्वेंटी की उम्र से निकाल कर थर्टी की उम्र में प्रवेश कर जाती है. ऐसे में वो खुद को ज्यादा महत्व देने की बजाय अपने आस पास के लोगो को ज्यादा महत्व देना भी पसंद करती है. मगर यहाँ हम उन महिलाओ को जो तीस की उम्र पार कर चुकी है या तीस साल की है, उन्हें एक बात जरूर कहना चाहते है और वो ये कि उम्र भले ही कोई भी हो, लेकिन किसी भी उम्र में महिलाओ को अपना अस्तित्व नहीं खोना चाहिए. |
| बवासीर, दस्त और पीलिया के उपचार में सहायक होता है आलू बुखारा Posted: 14 Aug 2021 04:57 AM PDT आलू बुखारा खाने में एक स्वादिष्ट फल है। यह सिर्फ खाने में ही नहीं स्वादिष्ट है, बल्कि इसके कई फायदे भी है। कई खतरनाक बीमारियों से यह हमारी रक्षा करता है, जैसे बवासीर में यह विशेष तौर पर प्रभावशाली माना जाता है। इसके नियमित सेवन से बवासीर में राहत मिलती है। यह कैसे प्रयोग में लाया जाए, इसके बारे में भी हम आपको इस लेख में बताने जा रहे है, इसके अलावा यह दस्त और पीलिया में भी असरकारक माना जाता है। यह फल अधिकतर ठंडे प्रदेश में होता है। खट्टा, मीठा, लाल, पीला आलू बुखारे का स्वाद लाजवाब है। यह खाने में स्वादिष्ट होता है। पीलिया में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए, आइये जानते हैं, पीलिया होने पर 25० ग्राम मीठा पका हुआ आलू बुखारा खाते रहने से पीलापन एक सप्ताह में ही दूर हो जाता है। अगर आलू बुखारे का रस भी साथ में सेवन करें तो अतिशीघ्र लाभ प्राप्त होता है। दस्त की समस्या होने पर भी आलू बुखारा का प्रयोग अच्छा माना जाता है। दस्त के रोगियों को हर तीन तीन घंटे के पश्चात आलू बुखारे का रस 1०० ग्राम पिलाते रहने से दस्तों का आना रुक जाता है और बिगड़ा जिगर भी ठीक हो जाता है। नया खून बनने भी आलू बुखारा सहायक होता है। इसे आप एक महीने तक सेवन करें तो पेट के सारे रोग जड़ से समाप्त हो जाते हैं। बवासीर में आलू बुखारा का प्रयोग, देता है राहत बवासीर ऐसी समस्या है, जिसे न कहा जाए और न रहा ही जाए। यह समस्या अत्यन्त कष्टदायी मानी जाती है। बवासीर में हर रोज सुबह उठकर 25० ग्राम मीठा आलू बुखारे का सेवन करें। एक महीने तक सेवन करने से बवासीर रोग ठीक जो जाता है। यह बवासीर के उपचार में खासा प्रभावी माना जाता है, इससे रोगी को बहुत राहत महसूस होती है। |
| ये चीजें गलती से भी न खाएं खाली पेट, वरना बाद में पड़ेगा बहुत पछताना Posted: 14 Aug 2021 04:55 AM PDT आज के समय में स्वास्थ्य को सही रखना सबसे जरूरी है लेकिन लोग इस भागदौड़ की जिंदगी में अपने सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं। तो आज हम अपने इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं कि अच्छी सेहत केलिए कौन सी चीज किस समय खानी चाहिए और कब नहीं खानी चाहिए इसे लेकर आपको हमेशा सतर्क रहना पड़ेगा क्योंकि कुछ चीजें ऐसी होती है, जिसने सुबह-सुबह खाली पेट खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। ऐसा करने से इंसान की सेहत पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। कुछ ऐसी चीजें खाने में पाई जाती है जिसमें एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, ऐसे में उन्हें खाली पेट खाना या पीना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। तो आइए जानते हैं कौन सी है वो चीज जिसे भूलकर भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए- टमाटर: जैसा कि हम सभी जानते हैं टमाटर हमारे सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन टमाटर में एसिड होता है, जिसकी वजह से इसे सुबह-सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए। अगर इसे खाली पेट खा लिया जाएं तो वह पेट में जाकर एक ऐसे तरल पदार्थ का उत्सर्जन करता है जिससे की पेट में स्टोन बन सकते है। मसालेदार भोजन: वैसे हममें से कई लोगों को चटपटा और मसालेदार खाने की आदत होती है लेकिन आपको ये बात ध्यान रखना चाहिए की कभी भी खाली पेट चटपटे या मसालेदार चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें नेचुरल एसिड होता है जो पेट की पाचक शक्ति को बिगाड़ देता है। कई बार पेट में मरोड़े भी होने लगती है। दवाइयां: कई बार आपने सुना होगा कि डॉक्टर्स खाली पेट दवा खाने की सलाह देते हैं लेकिन बता दें कि खाली पेट, दवा खाने से पेट में एसिड की शिकायत हो जाती है, जिससे शरीर में असंतुलन पैदा हो जाता है। शराब: वैसे तो शराब हमारे लिए हमेशा नुकसानदायक ही होता है लेकिन खाली पेट अगर आप शराब पी लेते हैं तो वो जहर के समान हो जाता है। ऐसा करने से पेट में जलन होने लगती है और खाना भी ठीक प्रकार से नहीं पच पाता है। सोडा: सोडा में उच्च मात्रा में कार्बोनेट एसिड पाया जाता है लेकिन अगर खाली पेट सोडा पी लेते हैं तो इससे पेट में गैस बन सकती है और असहज महसूस हो सकता है। कॉफी: कॉफी में कैफीन होती है, जो खाली पेट लेने पर शरीर पर बहुत बुरा असर डालता है। खाली पेट कैफीन का सेवन करने पर पेट से जुड़ी कई बीमारियां होने का डर होता है। चाय: जिस प्रकार कॉफी पीना अच्छा नहीं होता है, उसी प्रकार खाली पेट चाय भी न पिएं। चाय में उच्च मात्रा में एसिड होता है जिसकी वजह से पेट में दर्द हो सकता है। दही:दही स्वास्थ्यकारी होता है लेकिन खाली पेट, इसका सेवन करने से पेट में मरोड़ उठ सकती है। केला: केला में मैग्नीशियम व आयरन की मात्रा काफी पाई जाती है, इसी कारण शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा में असंतुलन हो जाता है और खाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए सुबह खाली पेट केला न खाएं। शकरकंद: शकरकंद में टैन्नीन और पैक्टीन होता है, जिसे खाली पेट खाने पर गैस्ट्रिक एसिड की समस्या हो जाती है। गैस्ट्रिक एसिड सीने में जलन पैदा करते है। |
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