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Tuesday, August 17, 2021

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इस बार डाक विभाग 72 घंटे में पहुंचाएगा राखी, छुट्टी के दिन भी करेगा काम

Posted: 17 Aug 2021 06:18 AM PDT

इस बार डाक विभाग 72 घंटे में पहुंचाएगा राखी, छुट्टी के दिन भी करेगा काम
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इस बार रक्षाबंधन में किसी भी भाई की कलाई राखी के बिना खाली न रहे, इसके लिए डाक विभाग ने कमर कस ली है। भारतीय डाक विभाग ने हर स्तर पर मजबूत तैयारी की है। रांची के डोरंडा पोस्ट आफिस के सीनियर पोस्टमास्टर संजय कुमार बताते हैं कि रक्षाबंधन पर राखी के समय पर पहुंचाने की तैयारी विभाग ने सावन शुरू होने के साथ शुरू कर दी थी। इसके लिए राखी के स्पीड पोस्ट या रजिस्टर पोस्ट को 72 घंटों में गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही डाककर्मी इस बार मुहर्रम और रविवार की छुट्टी के दिन भी काम पर रहेंगे।

राखी सही समय पर पहुंचे, इसके लिए विभाग में बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की स्पीडी व्यवस्था की गई है। संजय कुमार ने बताया कि पहले डाक के शार्टिंग के वक्त एक बैग भर जाने पर दूसरे बैग में चिट्ठी भरी जाती थी। मगर राखी के त्योहार को देखते हुए हमने व्यवस्था में परिवर्तन किया है। बुकिंग के बाद शार्टिंग के वक्त ही राखी के पैकेट को अलग कर लिया जाता है। इसे फ्लाइट से डिलीवरी के पते के नजदीकी एयरपोर्ट भेजा जा रहा है। इससे राखी को सही समय पर पहुंचाने में बड़ी मदद मिल रही है।

उन्होंने बताया कि कई कूरियर सेवा रक्षाबंधन के नजदीक आने पर सेवा देने से मना कर देते हैं। मगर डाक विभाग आखिरी दिन तक ससमय डिलीवरी की कोशिश करेगा। डाक विभाग ने स्टूडेंट और नौकरीपेशा वाले शहरों को चिह्नित किया है। जैसे बेंगलुरु, पुणे, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता आदि ऐसे शहर हैं, जहां विभिन्‍न राज्य से लोग जाकर पढ़ाई या नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी बहनें राखी भेज रही हैं। संजय कुमार बताते हैं कि इन शहरों के पैकेट को अर्जेंट बेसिस पर ट्रांजिट में डाला जा रहा है। साथ ही, विभाग के अन्य राज्यों में भी जल्द डिलीवरी की सेवा होने से मदद मिल रही है। बता दें कि इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार 22 अगस्‍त को है।

अपने बच्चे को टिफिन में ये चीज देने से पहले एक बार जरूर सोच ले

Posted: 17 Aug 2021 06:00 AM PDT

अपने बच्चे को टिफिन में ये चीज देने से पहले एक बार जरूर सोच ले

हम कई बार कई विज्ञापनों और आयुर्वेद में ये पढ़ते है, कि फल खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. जी हां फल खाने की नसीहत तो हमें बचपन से ही दी जाती है. हालांकि आज के समय में बच्चो को फलो से ज्यादा पिज्जा, बर्गर, चाट पापड़ी आदि सब चीजे खाना ज्यादा पसंद है. शायद यही वजह है कि आज कल लोगो का पेट दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. मगर आज हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताने जा रहे है, जिसके बारे में जानने के बाद आप सच में फल खाना छोड़ देंगे. जी हां आपको जान कर ताज्जुब होगा कि फल खाने के चक्कर में ही एक बच्चे की जान जाते जाते बची है. यक़ीनन आप भी ये पढ़ कर हैरान रह गए होंगे, लेकिन ये सच है.

जी हां हमें यकीन है कि शॉर्टकट में आपको ये मामला समझ में नहीं आएगा, इसलिए हम इस मामले के बारे में आपको विस्तार से समझाते है. गौरतलब है कि ये मामला सोशल मीडिया के द्वारा लोगो के सामने आया है. दरअसल एक ऑस्ट्रेलियन महिला जिसका नाम एंजेला हेंडरसन है, वो ब्लॉग लिखती है. जी हां वो फ़िनली एंड मी के नाम से ब्लॉग लिखती है. बता दे कि इस ब्लॉग को उन्होंने फेसबुक की जनता के लिए अवेलेबल करवाया हुआ है. बरहलाल इसी सोशल साइट पर एक पोस्ट डाल कर उन्होंने इस मामले की जानकारी दी है. दरअसल मामला ये है कि अपने पांच साल के बच्चे को अंगूर के गुच्छे में उलझा कर वो खुद किसी दूसरे काम में उलझ गई थी.

ऐसे में वो बच्चा भी गटागट अंगूर खा रहा था. हालांकि थोड़ी देर बाद जब बच्चे की माँ वापिस आयी तो उसने देखा कि बच्चा काफी परेशान नजर आ रहा है. जी हां माँ ने देखा कि उसके बच्चे को साँस लेने में दिक्क्त हो रही है. ऐसे में बच्चे की माँ फ़ौरन उसे अस्पताल ले गई और वहां उसका एक्स रे करवाया. अब ये तो सब को मालूम है कि अंगूर का टेक्सचर एकदम स्मूथ होता है, जो आसानी से फिसल जाता है. ऐसे में बच्चे को अंगूर खाने में काफी मजा आ रहा था और वो जल्दी जल्दी उसे खाता गया.

जी हां दरअसल बच्चा बिना चबाएं ही अंगूर खाता चला गया. ऐसे में इसी जल्दबाजी में एक अंगूर उसकी विंड पाइप में फंस गया. जिसके चलते उसे साँस लेने में दिक्क्त होने लगी. हालांकि बच्चे का एक्स रे करने के बाद डॉक्टर को पूरा मामला समझ आ गया था. जिसके बाद बच्चे का ऑपरेशन करके ही उसके गले से वो अंगूर निकाला गया. अब यूँ तो इस पूरे मामले को पढ़ कर आपको यही लग रहा होगा, कि ये किसी के साथ भी हो सकता है और ज्यादा बड़ा इंसिडेंट नहीं है.

मगर आपको जान कर ताज्जुब होगा कि ऑस्ट्रेलिया में हर साल नौ साल से कम उम्र के बच्चो के गले में कुछ फंस जाने के कारण अब तक करीब ढाई सौ बच्चो की जान जा चुकी है. यही वजह है कि एंजेला ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगो को ये सलाह दी कि हर बच्चा खाना चबा कर नहीं खाता है और ये गलत है. उन्होंने ये भी लिखा है कि बच्चे को कभी खाने के लिए टिफन में या खेलने के लिए कोई ऐसी चीज न दे, जो वो सीधा निगल जाए या फिर उन्हें ये सारी चीजे छोटे छोटे टुकड़ो में काट कर दे.

बरहलाल इस जानकारी को पढ़ने के बाद हर किसी को इससे सबक लेना चाहिए, क्यूकि ये हादसा वास्तव में कभी भी किसी के साथ भी हो सकता है. इसलिए बच्चो को लेकर हमेशा सावधान रहे.

विटामिन E के कैप्सूल पहुंचा रहे है आपकी सेहत को भारी नुकसान, उपयोग करने से पहले जरुर पढ़े

Posted: 17 Aug 2021 05:56 AM PDT

विटामिन E के कैप्सूल पहुंचा रहे है आपकी सेहत को भारी नुकसान, उपयोग करने से पहले जरुर पढ़े

विटामिन E के कैप्सूल पहुंचा रहे है आपकी सेहत को भारी नुकसान, उपयोग करने से पहले जरुर पढ़े …आजकल दुनिया में हर कोई अपने आप को खूबसूरत और आकर्षक बनाना चाहता है| हर कोई दुनिया की भीड़ में अलग ही नजर आना चाहता है जिसके लिए वह काफी पैसे खर्च करता है| आजकल विटामिन ई के कैप्सूल को यूज़ करने का काफी ज्यादा ट्रेंड चल रहा है| लोग बिना सोचे समझे विटामिन ई के कैप्सूल का सेवन कर रहे हैं| लोग विटामिन ई के फायदे तो देख रहे हैं लेकिन नुकसान को नहीं| आज हम आपको विटामिन ई के रेगुलर इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताने वाले हैं, तो चलिए जानते हैं उनके बारे में|

विटामिन ई के उपयोग में लेने से हमारे शरीर को फायदे तो होते हैं लेकिन नुकसान भी होते हैं जिनके बारे में इंसान को पता नहीं होता| एक लिमिट में अगर हम विटामिन ई के कैप्सूल का उपयोग करते हैं, तो वह हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं| अगर आप नियमित रूप से विटामिन ई के कैप्सूल का सेवन कर रहे हैं, तो वह नुकसानदायक है| अब आप सोच रहे होंगे वह कैसे? अगर आप रेगुलर विटामिन ई के कैप्सूल का सेवन कर रहे हैं, तो इससे आपके शरीर में गंदगी इकट्ठी होने लगती है जो कि शरीर को काफी नुकसान पहुंचाती है|

खूनविटामिन ई के कैप्सूल का नियमित सेवन करने वाले लोगों के शरीर के खून में कमी होने लगती है| इन लोगों का खून काफी पतला हो जाता है| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन ई के कैप्सूल मूत्र पथ के माध्यम से बाहर नहीं निकल पाते जिसकी वजह से हमारा खून पर पतला हो जाता है|

थकान विटामिन ई के कैप्सूल का नियमित रूप से इस्तेमाल करने वाले लोगों को शारीरिक रूप से भी काफी समस्याएं होने लगती है| लोगों को कुछ भी काम करते ही थकान महसूस होने लग जाती है जैसे कि थोडा सा शारीरिक बल वाला अगर काम कर लिया तो थकान जल्दी हो जाएगी| लोगों की ऊर्जा दिन-ब-दिन कम होती जाती है और यह छोटे से छोटे काम करने में भी जल्दी थक जाते हैं|

सावधान पेशाब में आती है दुर्गंध तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारिया !

Posted: 17 Aug 2021 05:53 AM PDT

सावधान पेशाब में आती है दुर्गंध तो हो सकती है ये खतरनाक बीमारिया !

अक्सर पेशाब करते समय पेशाब में बदबू सी आती है। लेकिन जब पेशाब से अजीब तरह की बदबू आने लगे तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। क्योंकि यह आपके शरीर के अंदर के टॉक्सिंस नहीं हैं बल्कि यह शरीर की किसी गंभीर समस्या की तरफ इशारा करते हैं। 

तो आइये जानते है इसके बारे में …

डिहाइड्रेशन के कारण – शरीर के लिए पानी बहुत ही जरूरी है, क्योंकि शरीर के हर हिस्से में पानी होता है चाहे वह हड्डी ही क्यों न हो। हमें नियमित रूप से 10 से 12 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन जरूरत के अनुसार यह मात्रा कम या अधिक भी हो सकती है। आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं इसकी पहचान आप अपने पेशाब के रंग से जा सकते हैं, अगर पेशाब का रंग सामान्य है तो आप पानी पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं। लेकिन अगर पेशाब का रंग पीला है और इससे बदबू भी आ रही है तो समझ जायें कि आपके अंदर पानी की कमी है।

डायबिटीज का अंदेशा – मधुमेह ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाये तो जीवनभर साथ निभाती है। मधुमेह ब्लड में शुगर की मात्रा अधिक होने से होती है। मधुमेह का संकेत देने वाले लक्षणों में से एक लक्षण यह भी है। किडनी से जब अधिक मात्रा में शुगर का स्राव होने लगता है तब अजीब बदबू आने लगती है। यह मधुमेह का इशारा है इसे समझें और तुरंत इसका उपचार करायें।

आनुवांशिक बीमारी – कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो परिवार की देन होती हैं और आप चाहे जितना बचाव करें आप उनकी गिरफ्त में आ ही जाते हैं। महिलाओं को ऐसी ही एक समस्या होती है – ट्राइमेथीलेमिनुरिया। इस बीमारी में आप कितना भी सफाई रखें, खानपान का कितना भी ध्यान रखें, इसके कारण पेशाब से अजीब बदबू आयेगी ही। इसके कारण माहवारी अनियमित हो सकती है।

कहीं आप गर्भवती तो नहीं – गर्भावस्था के शुरूआती दिनों यानी गर्भधारण करने के कुछ दिनों बाद महिला को इस बात का पता नहीं चला पाता कि वह गर्भवती है। गर्भावस्था के लक्षण यूरीन के जरिये भी मिल जाता है। अगर आपके पेशाब से अजीब तरह की बदूब आने लगी है तो किट से जांचें कि कहीं आप गर्भवती तो नहीं हैं।

T20 World Cup के लिए शेड्यूल हुआ जारी, भारत 24 अक्तूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा अपना पहला मैच

Posted: 17 Aug 2021 05:08 AM PDT

T20 विश्व कप के लिए शेड्यूल हुआ जारी, भारत 24 अक्तूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा अपना पहला मैच

भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 (ICC T20 World Cup 2021) के सुपर 12 चरण में अपने अभियान की शुरुआत चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 24 अक्टूबर को करेगी। इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल ने शेड्यूल का ऐलान मंगलवार को किया। दोनों टीमें दुबई में आमने सामने होंगी।

भारत अपने दूसरे मुकाबले में 31 अक्टूबर को दुबई में न्यूजीलैंड भिड़ेगा। उसके बाद टीम को 3 नवंबर को अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना है। भारत को सुपर 12 मैच के बचे हुए दो मैचों को ग्रुप बी के विजेता (दुबई में पांच नवंबर) और ग्रुप ए से दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम (दुबई में आठ नवंबर) के खिलाफ खेलना है।

टूर्नामेंट का पहला दौर 17 अक्टूबर को ओमान में शुरू होगा, जिसमें शुरुआती मैच में ओमान का सामना पापुआ न्यू गिनी जबकि बांग्लादेश का मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा। ग्रुप ए में श्रीलंका, आयरलैंड, नीदरलैंड और नामीबिया शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में बांग्लादेश, स्कॉटलैंड, पापुआ न्यू गिनी और ओमान हैं।

दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सुपर 12 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। सुपर 12 चरण को भी दो समूहों में बांटा गया है। यह टूर्नामेंट का दूसरा दौर होगा जो 23 अक्टूबर से शुरू होगा। इसका आगाज अबू धाबी में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के मैच से होगा। इसी दिन दुबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड की टीम मैदान में उतरेगी।

पहला सेमीफाइनल 10 नवंबर को पहला सेमीफाइनल 10 नवंबर को अबुधाबी में खेला जाएगा जबकि दूसरे सेमीफाइनल का आयोज 11 नवंबर को दुबई में होगा। दोनों सेमीफाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है।

खिताबी मुकाबला 14 नवंबर को दुबई में टी20 विश्व कप का फाइनल मैच रविवार (14 नवंबर) को दुबई में खेला जाएगा। फाइनल के लिए भी एक रिजर्व डे रखा गया है। साल 2016 के बाद पहली बार हो रहे टी20 विश्व कप का आयोजन 17 अक्टूबर से 14 नवंबर तक ओमान और यूएई (दुबई, अबुधाबी और शारजाह) में होगा।

T20 विश्व कप के लिए शेड्यूल हुआ जारी, भारत 24 अक्तूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा अपना पहला मैच


भारत और पाकिस्तान को ग्रुप दो में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप विजेता न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के साथ रखा गया है। ग्रुप एक में गत चैम्पियन वेस्टइंडीज, पूर्व विजेता इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

आठ देशों की क्वालीफाइंग टूर्नामेंट को 23 सितंबर से खेला जाएगा जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश और आयरलैंड की टीमें भी शामिल है। इसमें से चार टीमें सुपर-12 चरण के लिए क्वालीफाई करेगी।

आईसीसी ने टी 20 विश्व कप (T20 World Cup 2021) में भाग लेने वाले देशों को यूएई में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए 15 खिलाड़ियों और आठ अधिकारियों को लाने की अनुमति दी है।

क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने भाग लेने वाले देशों के लिए अपने अंतिम 15 खिलाड़ियों और कोच एवं सहयोगी सदस्यों के आठ अधिकारियों की सूची भेजने के लिए 10 सितंबर की समय सीमा तय की है।

इस रक्षा बंधन पर 474 साल बाद बन रहा है ये अद्भुत महासंयोग, गज केसरी योग में बंधेगी राखी

Posted: 17 Aug 2021 05:47 AM PDT

इस रक्षा बंधन पर 474 साल बाद बन रहा है ये अद्भुत संयोग, गज केसरी योग में बंधेगी राखी

रक्षा बंधन का त्योहार इस साल रविवार, 22 अगस्त को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह सावन पूर्णिमा पर धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा. शोभन योग भी इस त्योहार को खास बना रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि राखी पर इस बार सालों बाद एक महासंयोग भी बन रहा है.

ज्योतिषियों के मुताबिक, रक्षा बंधन का त्योहार राजयोग में आएगा. राखी पर इस बार भद्रा का साया भी नहीं रहेगा जिसके कारण बहनें पूरे दिन भाई को राखी बांध सकेंगी. इस दौरान कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री रहेगी और इसके साथ चंद्रमा भी वहां मौजूद रहेगा.

गुरु और चंद्रमा की इस युति से रक्षा बंधन पर गजकेसरी योग बन रहा है. गजकेसरी योग से इंसान की महत्वाकांक्षाएं पूरी होती हैं. धन संपत्ति, मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है. गज केसरी योग से राजसी सुख और समाज में मान-सम्मान की भी प्राप्ति होती है.

गज केसरी योग से किसे नहीं होगा लाभ- कुंडली में जब चंद्रमा और गुरु केंद्र में एक दूसरे की तरफ दृष्टि कर बैठे हों तो गज केसरी योग बनता है. यह योग लोगों को भाग्यशाली बनाता है, लेकिन अगर कुंडरी में बृहस्पति या चंद्रमा कमजोर हो तो इस योग का लाभ नहीं मिल पाता है.

इसके अलावा, रक्षा बंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे. सिंह राशि का स्वामी सूर्य है. इस राशि में मित्र मंगल भी उनके साथ रहेगा. जबकि शुक्र कन्या राशि में होगा. ग्रहों का ऐसा योग बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है.

ज्योतिषविदों का कहना है कि रक्षा बंधन पर ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 474 साल बाद बन रहा है. इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी जब धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षा बंधन मनाया गया था और सूर्य, मंगल और बुध एकसाथ ऐसी स्थिति में आए थे.

उस समय शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में विराजमान थे. जबकि इस वर्ष शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में स्थित रहेंगे. ज्योतिषियों का कहना है कि रक्षा बंधन पर ऐसा संयोग भाई-बहन के लिए अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी रहेगा. जबकि खरीदारी के लिए राजयोग भी बेहद शुभ माना जाता है.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त- रक्षा बंधन पर इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे 13 मिनट की शुभ अवधि रहेगी. आप सुबह 5.50 से लेकर शाम 6.03 तक किसी भी वक्त रक्षा बंधन मना सकते हैं. वहीं, भद्रा काल 23 अगस्त को सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा.

इस दिन शोभन योग सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक तक रहेगा और धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. ऐसा कहते हैं कि धनिष्ठा नक्षत्र में पैदा होने वाले लोगों का भाई-बहन से रिश्ता बहुत खास होता है और इसीलिए रक्षा बंधन पर धनिष्ठा नक्षत्र को खास माना जा रहा है.

सिराज ने लॉर्ड्स के मैदान पर रचा इतिहास, तोड़ा महान कपिल देव का 39 साल पुराना रिकॉर्ड

Posted: 16 Aug 2021 07:23 PM PDT

सिराज ने लॉर्ड्स के मैदान पर रचा इतिहास, तोड़ा महान कपिल देव का 39 साल पुराना रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैड को 151 रनों से हरा दिया। 272 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम सिर्फ 120 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

इस मुकाबले में मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) ने अपनी शानदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। सिराज ने इस मुकाबले में 126 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। जो लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट में एक भारतीय गेंदबाज द्वारा किया गया बेस्ट प्रदर्शन है।

इस मामले में सिराज ने महान कपिल देव (Kapil Dev) का रिकॉर्ड तोड़ा। कपिल ने जून 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में 168 रन देकर 8 विकेट हासिल किए थे। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर आरपी सिंह हैं, जिन्होंने 2007 में खेले गए मुकाबले में 117 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे।

बता दें कि सिराज ने पहली पारी में 94 रन देकर 4 विकेट और दूसरी पारी में 32 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। सिराज इस टेस्ट में दोनों पारियों में हैट्रिक लेने से चूके।

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच 25 अगस्त से लीड्स के मैदान पर खेला जाएगा।

फोन या गाड़ी चोरी होने पर अब नहीं होगी टेंशन, Google करेगा खोई चीजों को ढूंढने में आपकी मदद

Posted: 16 Aug 2021 07:20 PM PDT

फोन या गाड़ी चोरी होने पर अब नहीं होगी टेंशन, Google करेगा खोई चीजों को ढूंढने में आपकी मदद

स्मार्टफोन और कार आज की डेट में दोनों चीजें सबसे ज्यादा चोरी हो रही हैं। इन दोनों चीजों को सेफ रखने और चोरी होने से बचाने के लिए टेक कंपनी Google जल्द के नया फीचर ला रही हैं। Google अपने "फाइंड माई डिवाइस" इकोसिस्टम में नई सुविधाएँ जोड़ने के लिए कमर कस रहा है। 9to5 Google की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है जिसके जरिए एक अन्य Android फोन का उपयोग करके एक खोए हुए Android स्मार्टफोन को ट्रैक करने में मदद करेगा। साथ ही, जो कारें नए एंड्रॉयड ऑटो इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ आती हैं, उनको भी चोरी होने पर ट्रैक करने मदद करेगा। आइए आपको बताते हैं इस सर्विस के बारे में सबकुछ:

बिना इंटरनेट के लिए फोन और कार की जा सकेगी ट्रैकिंग 9to5 Google की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि फाइंड माई डिवाइस फीचर के तहत एक और नई सुविधा शामिल की जा रही हैं जिसके जरिए आप किसी और के साथ भी अपने डिवाइस की ओनरशिप शेयर कर सकते हैं। इस नए फीचर से आप अपने खोए हुए फोन को ट्रैक कर पाएंगे, भले ही इंटरनेट कनेक्शन न हो। Google के नए एंड्रॉयड ऑटो इंफोटेनमेंट सिस्टम पर आपको Google अकाउंट से लॉगिन करने की क्षमता ला रहा है। 

यह चोरी होने पर आपकी खोई हुई चीज को ट्रैक करने में आपकी मदद करेगा। कारों को ट्रैक करने की यह सुविधा सिर्फ आपके वाहन की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है। यह आपके Google अकाउंट के अनऑथोरिज्ड एक्सेस को भी रोकेगा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Google इन सुविधाओं पर काम कर रहा है और इन सुविधाओं को कब जारी किया जाएगा, इसकी कोई समय सीमा नहीं है।

ऐसे काम करेगा नया फीचर हाल की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Google एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जो ऐपल के 'फाइंड माई' नेटवर्क के काम करने जैसा है। फाइंड माई ऐप में आपको उसी ऐप्पल आईडी से साइन इन करना होगा आपके फोन की एप्पल आईडी हो। जिससे खोने पर ऐप्पल डिवाइस का पता लगा सकते हैं और एयरटैग का ट्रैक रखने में भी मदद मिल सके। XDA Developers की एक रिपोर्ट के अनुसार, Google Play Services ऐप के नए संस्करण 21.24.13 में कुछ कोड शामिल हैं--

\"mdm_find_device_network_description\" and \"mdm_find_device_network_title"-- इससे पता चलता है कि Google Android डिवाइस पर नज़र रखने के लिए एक नई सुविधा पर काम कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सुविधा एक फोन के जरिए दूसरे फोन को ढूंढने में मदद करती है। Google ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नई सुविधा के बारे में खुलासा नहीं किया है और यह भी नहीं पता है कि मौजूदा एंड्रॉयड फीचर फाइंड माई डिवाइस सर्विस से कैसे अलग होगा।

हिमाचल में कभी भी हो सकती है उपचुनाव की घोषणा, तैयारी पूरी करने के निर्देश

Posted: 16 Aug 2021 07:10 PM PDT

हिमाचल में कभी भी हो सकती है उपचुनाव की घोषणा, तैयारी पूरी करने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश में कभी भी लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों की घोषणा हो सकती है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को ऐसे संकेत दिए हैं। आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारी शिमला को इस संबंध में पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आयोग ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का पहले चरण का निरीक्षण कर लिया है। सूत्रों के अनुसार कोविड के कारण उपजी परिस्थितियां सामान्य रहीं तो 20 अगस्त के बाद कभी भी उपचुनावों का एलान हो सकता है।

राज्य में मंडी संसदीय सीट पर लोकसभा के चुनाव होने हैं, जबकि फतेहपुर, जुब्बल-कोटखाई और अर्की में विधानसभा के चुनाव होने हैं। मंडी में सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद यहां सांसद का पद खाली है। फतेहपुर में पूर्व मंत्री और विधायक रहे सुजान सिंह पठानिया का छह महीने पूर्व देहांत हो गया, जिसके बाद यह हलका तो उपचुनाव के लिए निर्धारित समयसीमा को पार करने लगा है। जुब्बल-कोटखाई में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक रहे नरेंद्र बरागटा के देहांत के बाद यहां विधानसभा की सीट खाली हुई है। अर्की में हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस विधायक वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद यह सीट रिक्त हुई है।

अर्की के लिए भी राजस्थान से पहुंचीं मशीनें अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए भी सोमवार को राजस्थान से 320 ईवीएम पहुंच गई हैं। इससे पहले फतेहपुर के लिए 300 और जुब्बल-कोटखाई के लिए 280 ईवीएम आ चुकी हैं। मंडी लोकसभा सीट के लिए हरियाणा से 3600 ईवीएम मंगवाई जा चुकी हैं। अर्की को छोड़कर बाकी सभी हलकों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) भी हो चुकी हैं। यह निरीक्षण राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों, इंजीनियरों आदि की उपस्थिति में हो चुका है। अब यह अर्की के लिए आईं ईवीएम का भी होगा।

भगवान राम की प्रिय हैं ये 3 राशियां, कभी नही करते इन्हे दुखी

Posted: 16 Aug 2021 07:04 PM PDT

These 3 zodiac signs are dear to Lord Rama, never make them sad

जय श्री राम हिन्दू धर्म मे भगवान श्री राम का अतुलनीय ओर सर्वोच स्थान है. भगवान राम के बताए रास्ते पर लगभग हर व्यक्ति चलता है.

आज हम आपको उन राशियो के बारे मे बताएँगे जो भगवान श्रीराम की सबसे प्रिय रशिया होती है. इन राशियो के व्यक्तियों को भगवान कभी भी दुखी नहीं करते है.

सिंह राशि :- यदि आपकी राशि सिह है तो जीवन मे कभी भी आलस्य न करें, अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे. अपने सभी कार्य स्वयं करें, किसी भी व्यक्ति पर यदि आप भरोसा नहीं करते है तो यह आपके लिए हित मे रहेगा.

कुम्भ राशि :- इस राशि के व्यक्ति अपने मित्र या पिता से सलाह अवश्य लें, तभी किसी कार्य की शुरुआत करें.

मीन राशि :- इस राशि वाले जातक अपने व्यवसाय या कारोबार पर अधिक ध्यान देने के साथ भगवान राम की पूजा अवश्य करे, ताकि घर में सुख शांति का वास हो सके.

इन तीनों राशियो के व्यक्ति भाग्यशाली होते हैं, जो भगवान राम की बेहद प्रिय रशिया हैं. इस त्राह के व्यक्तियों को वह कभी भी दुखी नही करते हैं.

इन नौ रंगों से प्रसन्न होती है माता, देती है मनचाहा वरदान

Posted: 16 Aug 2021 07:02 PM PDT

इन नौ रंगों से प्रसन्न होती है माता, देती है मनचाहा वरदान

7 अक्टूबर से होने जा रहा है नवरात्रि 2021 का आगाज़. यानि इन नौ दिनों में मां को प्रसन्न करने का भक्त हर जतन करेंगे. अगर आप भी मां की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो एक तरीका हम बताने जा रहे हैं. क्योंकि शास्त्रों में मां को जो रंग प्रिय हैं उनका जिक्र किया गया है साथ ही बताया गया है उनका महत्व भी. नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. हर देवी को एक विशेष रंग अति प्रिय होता है. अगर आप उस दिन उसी रंग को पहनेंगे तो माता रानी की विशेष कृपा हासिल की जा सकती है. 

तो चलिए बताते हैं आपको मां को प्रिय रंग और उनका महत्व

प्रथम दिन – शैलपुत्री नवरात्रि का पहला दिन शैलपुत्री माता को समर्पित होता है. और इन देवी को लाल रंग अति प्रिय होता है. यानि इस दिन अगर आप लाल वस्त्र धारण कर देवी की आराधना करते हैं तो माता की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है.

दूसरा दिन – ब्रह्मचारिणी ब्रह्म का अर्थ होता है तप और चारिणी का मतलब होता है आचरण करने वाली अर्थात तप का आचरण करने वाली। इन देवी को पीला रंग सबसे ज्यादा भाता है. अतः नवरात्रि के दूसरे दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें. इससे आपका मन स्थिर होगा.

तीसरा दिन – चंद्रघंटा आदि शक्ति को समर्पित इस पर्व के तीसरे दिन पूजा होती है मां चंद्रघंटा की. जिन्हें हरा रंग खूब पसंद है. इसीलिए नवरात्रि के तीसरे दिन हरे रंग को महत्व दें.

चौथा दिन – कूष्मांडा अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड का निर्माण करने वाली इन देवी को स्लेटी रंग काफी पसंद है। इसीलिए इस दिन स्लेटी रंग के वस्त्र धारण कर देवी की उपासना करें. इससे साधक को धन और यश की प्राप्ति अवश्य होती है.

पांचवा दिन – स्कंदमाता नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है.ये देवी सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री हैं. इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा नारंगी रंग प्रिय है.

छठा दिन – कात्यायनी छठे दिन मा दुर्गा के कात्यायनी स्वरुप की पूजा का विधान है. इन्हें श्वेत यानि सफेद रंग काफी प्रिय है। यह रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.

सातवां दिन – कालरात्रि देवी के कालरात्रि स्वरूप की पूजा नवरात्रि के सातवे दिन होती है. और मां को गुलाबी रंग से बहुत प्यार है. यानि इस दिन गुलाबी रंग का इस्तेमाल अधिक से अधिक करें. गुलाबी वस्त्र पहनें और मां को प्रसन्न करें.

आठवां दिन – महागौरी अष्टम दिन मां महागौरी को समर्पित है. जिनकी आराधना करते समय आसमानी रंग के वस्त्र धारण करें. इससे मां की विशेष अनुकम्पा अपने भक्तों पर बनी रहती है.

नौवां दिन – सिद्धिदात्री 
मां सिद्धिदात्री यानि जो समस्त सिद्धियों को देने वाली हैं. नवरात्रि के आखिरी दिन यानि नौवें दिन इन्ही को प्रिय हल्के नीले रंग का इस्तेमाल करें. और इसी रंग के वस्त्र पहनकर मां की उपासना करें.

जानें क्यों बजरंग बली को चढ़ाया जाता है सिंदूर, इसके पीछे है ये बड़ा रहस्य

Posted: 16 Aug 2021 06:59 PM PDT

जानें क्यों बजरंग बली को चढ़ाया जाता है सिंदूर, इसके पीछे है ये बड़ा रहस्य

भारत एक ऐसा देश है, जहां पर करोड़ों देवी-देवताओं की पूजा की जाती है. सालभर में अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं. यहां पर हर धर्म के लोग रहते हैं. जिनकी अपनी एक अलग मान्यता है. कोई दुर्गा को पूजता है, कोई शिव की अराधना करता है, कोई गणपति बप्पा की भक्ति में लीन होता है, तो कोई भगवान हनुमान (Hanuman) की पूजा करता है. जितने लोग उतनी तरह की यहां मान्यताएं हैं. हिंदू धर्म में भगवान बजरंग बली (Lord Bajrang Bali) को ज्यादातर घरों में पूजा जाता है. कहते हैं, कि क्षण भर में अपने भक्तों के कष्ट वो हर लेते हैं.

भागवान हनुमान (Hanuman) की जो श्रद्धा भाव से पूजा करता है, उस पर वो जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, और उनके दरबार से कोई शख्स खाली नहीं लौटता है. लेकिन एक सवाल आज भी भक्तों के मन में समय-समय पर उठता रहा है. हर व्यक्ति ये वजह जानना चाहता है कि आखिर ऐसा क्या है, जिसके कारण भगवान बजरंग बली पर सिंदूर (Bajrang Bali on Sindoor) चढ़ाया जाता है.

दरअसल मंगलवार के दिन भगवान बजरंग बली की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ जो लोग करते हैं, और इस दिन जो उन्हें खुश करता है, उसके सभी कष्टों को संकट मोचन खत्म कर देते हैं, और उस पर उनकी अपार कृपा बरसती है. ये सच है कि हर शख्स की ये इच्छा होती है कि भगवान हनुमान उन पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें. लेकिन इसके लिए मंगलवार को नियमित रूप से भगवान बजरंग बली को सिन्दूर अर्पित करना होता है. क्योंकि उन्हें सिन्दूर पसंद है.

इस वजह से बजरंग बली को चढ़ाया जाता है सिंदूर
दरअसल आज के समय में हर शख्स इस बात से वाकिफ है कि, तुलसी भगवान विष्णु को अधिक प्रिय हैं. यही कारण है कि उनके जितने भी अवतार हैं उन पर तुलसी चढ़ाई जाती है.आपको बता दें कि, हनुमान भी विष्णु जी के ही अवतार श्रीराम के परम भक्त हैं. इसलिए उन्हें तुलसी अर्पित करने पर भगवान श्री राम भी खुश होते हैं. यही कारण है कि हनुमान जी भी भोजन में तुलसी मिलने पर प्रसन्न हो जाते हैं.

इसके साथ ही आपके मन में उठ रहे सवालों का भी जवाब दे देते हैं कि आखिर उन्हें सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है. दरअसल इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. जी हां वो कहानी माता सीता और राम से जुड़ी है. बता दें कि अपने स्वामी श्री राम को प्रसन्न करने के लिए मां सीता मांग में सिंदूर भरती थीं. ऐसे में जब ये बात बजरंग बली को पता चली तो उन्होंने पूरा शरीर सिन्दूर में डुबा दिया. ताकि श्री राम उनसे भी अथाह स्नेह करें.यही वजह है कि तब से लोग जब भी हनुमान जी की पूजा करते हैं तो उन्हें सिन्दूर चढ़ाना नहीं भूलते हैं, और ये अब एक परंपरा बन गई है. इसके साथ ही माना जाता है कि, हनुमान जी को सिन्दूर और चमेली का तेल चढ़ाने से अनेक शारीरिक रोगों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है.

T20 World Cup 2021: इंतजार खत्म, आज आएगा विश्व कप का पूरा शेड्यूल

Posted: 16 Aug 2021 06:55 PM PDT

T20 World Cup 2021

17 अक्तूबर से शुरू होने वाले टी-20 विश्व के पूरे शेड्यूल का एलान मंगलवार को भारतीय समयानुसार साढ़े 10 बजे होगा। बता दें कि विश्व कप की तारीखें तो पहले से ही तय कर दी गई थी, लेकिन पूरे शेड्यूल की घोषणा नहीं की गई थी। विश्व कप का आयोजन भारत में होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण बीसीसीआई ने इसे यूएई शिफ्ट कर दिया। मालूम हो कि आईसीसी पहले ही तय कर चुका है कि कौन सी टीम किस ग्रुप में रहेगी। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है। शेड्यूल जारी होते ही पता चल जाएगा कि इन दोनों टीमों की भिड़ंत कब होनी है।

17 अक्तूबर से शुरू होगा टूर्नामेंट, 14 को फाइनल

बता दें कि टी-20 विश्व कप का आयोजन 17 अक्तूबर से 14 नवंबर तक ओमान और यूएई (दुबई, अबुधाबी और शारजाह) में होगा। आठ देशों की क्वालीफाइंग टूर्नामेंट को 23 सितंबर से खेला जाएगा। इसमें श्रीलंका, बांग्लादेश और आयरलैंड की टीमें भी शामिल है। इसमें से चार टीमें सुपर-12 चरण के लिए क्वालीफाई करेगी। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट का आयोजन भारत में होने वाला था, लेकिन कोरोना की स्थिति के कारण आईसीसी ने इसे यूएई में स्थानांतरित कर दिया। मगर भारत इस टूर्नामेंट का मेजबान बना रहेगा।

भारत और पाकिस्तान एक ही टीम में भारत और पाकिस्तान की टीमें ग्रुप-दो में हैं। इस ग्रुप में न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान की टीमें भी हैं। वहीं, सुपर-12 के ग्रुप-एक में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज को रखा गया है। हर ग्रुप में छह-छह टीमें होंगी। ग्रुप की अन्य टीमों का फैसला विश्व कप के क्वालिफायर राउंड के नतीजों से तय होगा।

ग्रुप 1: ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, विजेता ग्रुप ए, उपविजेता ग्रुप बी
ग्रुप 2: भारत, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, विजेता ग्रुप बी, उपविजेता ग्रुप ए

ग्रुप ए: श्रीलंका, आयरलैंड, नीदरलैंड, नामीबिया
ग्रुप बी: बांग्लादेश, स्कॉटलैंड, ओमान, पापुआ न्यू गिनी





भारत ने लॉर्ड्स में अंग्रेजों को किया चारों खाने चित, ये खिलाड़ी बने मैच के हीरो

Posted: 16 Aug 2021 06:53 PM PDT

भारत ने लॉर्ड्स में अंग्रेजों को किया चारों खाने चित, ये खिलाड़ी बने मैच के हीरो

भारत ने सोमवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शानदार व बड़ी जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में 151 रनों से हराकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। भारत ने मैच के पांचवें व आखिरी दिन इंग्लैंड के सामने 272 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन मेहमान टीम ने तेज गेंदबाजों के दम पर अंग्रेजों को चारों खाने चित कर दिया। इंग्लिश टीम महज 120 रन पर ढेर हो गई। भारत की यह लार्ड्स में यह 19 मैचों में तीसरी जीत है। उसने इससे पहले 1986 और 2014 में इस ऐतिहासिक मैदान पर जीत दर्ज की थी। 

ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं इस जीत के कौन से खिलाड़ी रहे हीरोः

केएल राहुल सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने पहली पारी में 129 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उसने रोहित शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की। वहीं, दूसरी पारी में राहुल केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए।

रोहित शर्मा पहली पारी में हिटमैन रोहित शर्मा ने 145 गेंदों में 11 चौके और एक छक्के की मदद से 83 रन की शानदार पारी खेली। वहीं, दूसरी पारी में रोहित 21 रन बनाकर आउट हो गए।

मोहम्मद सिराज मोहम्मद सिराज ने इस मैच में बहेतरीन गेंदबाजी करते हुए आठ विकेट चटकाए। पहली पारी में सिराज 94 रन देकर चार विकेट जबकि दूसरी पारी में इस तेज गेंदबाज ने 32 रन देकर चार विकेट झटके।

जसप्रीत बुमराह जसप्रीत बुमराह ने लॉर्ड्स में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल किया। पहली पारी में बुमराह गेंद से कोई खास कमाल नहीं कर पाए लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने बल्ले से नाबाद 34 रन और गेंदबाजी में 33 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

मोहम्मद शमी मोहम्मद शमी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरी पारी में इस तेज गेंदबाज ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल का प्रदर्शन किया। शमी ने टेस्ट करियर का दूसरा पचासा जड़ा। शमी और बुमराह के बीच नौवें विकेट के लिए 89 रन की अटूट साझेदारी हुई। वहीं, शमी ने दूसरी पारी में एक विकेट भी अपने नाम किया। पहली पारी में शमी दो विकेट चटकाए थे।

अजिंक्य रहाणे पहली पारी में एक रन पर आउट होने वाले अजिंक्य रहाणे ने दूसरी पारी में 61 रनों की शानदार पारी खेली और चौके विकेट के लिए चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को मुश्किलों से उबारा।

इशांत शर्मा इशांत शर्मा ने दोनों पारियों में कमाल की गेंदबाजी की। पहली पारी में उन्होंने 69 रन देकर तीन विकेट झटके जबकि दूसरी पारी में इस तेज गेंदबाज ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाए।




हल्के में ना लें ब्लैडर पेन, इन 4 समस्याओं की ओर करता हैं इशारा

Posted: 16 Aug 2021 06:48 PM PDT

हल्के में ना लें ब्लैडर पेन, इन 4 समस्याओं की ओर करता हैं इशारा

अक्सर देखा जाता हैं कि कई लोगों कभीकभार ब्लैडर पेन की समस्या होती हैं जिसे वे सहन करने की कोशिश करते हैं और कभी-कभी होने की वजह से गंभीर भी नहीं लेते हैं। देखा गया है कि जब महिलाओं को मूत्राशय में दर्द होता है, तो वे इसकी गंभीरता का मूल्यांकन नहीं करतीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्लैडर पेन को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। जी हां, ब्लैडर पेन कई बड़ी समस्याओं की ओर इशारा करता हैं जिन्हें समय रहते ना जाना जाए तो सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये ब्लैडर पेन किन समस्याओं की ओर इशारा करता हैं। इन्हें जान जल्द आपको अपने डॉक्टर्स की सलाह एक बार तो अवश्य लेनी चाहिए।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) इसको ब्लैडर इंफेक्शन भी कहा जाता है और यह पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होता है। इसका कारण होता है कि महिलाओं का यूरेथरा कीटाणुओं वाली जगह जैसे वेजाइना के ज्यादा पास होता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। महिलाओं में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन आम तौर पर मांसपेशियों में दर्द, पेट में दर्द, थकान और कमजोरी शामिल है। इसके लिए आप अपने डॉक्टर को दिखाएं और वह आप को एंटी बायोटिक्स दे देंगे।

रिप्रोडक्टिव सिस्टम में बदलाव (Changes in Your Reproductive System) ब्लैडर पेन आप की वेजाइना की त्वचा के पतली होने के कारण भी हो सकता है। मेनोपॉज के दौरान अक्सर ऐसा होता है। मेनोपॉज के कारण वेजाइना के आस पास वाले टिश्यू नष्ट हो जाते हैं। इस कारण भी ब्लैडर में इंफेक्शन हो सकता है। आप इसके बारे में अपने डॉक्टर से अवश्य बात करें। वह इसके लक्षणों को ठीक करने के लिए कुछ दवाइयां दें देंगे।

ब्लैडर कैंसर (Bladder Cancer ब्लैडर कैंसर बहुत ही कम होता है, खास कर महिलाओं में। इसके लक्षणों में पेशाब करते समय दर्द होना या पेशाब में खून आना आदि शामिल हैं। इसके उपचार में कीमो थेरेपी या सर्जरी आदि शामिल है। कुछ केस में तो ब्लैडर के सभी हिस्सों को रिमूव कर दिया जाता है। यह कुछ महिलाओं में भी हो जाता है परन्तु महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले बहुत कम ब्लैडर कैंसर पाया जाता है। अतः इसके लक्षण दिखते ही आप को डॉक्टर से उपचार लेने में किसी भी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए।

इंटर स्टिशल सिटिसिस (interstitial cystitis) यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें ब्लैडर की वाल इरिटेट और सूजन हो जाती है। इसके लक्षणों में हल्का फुल्का दर्द शामिल होता है। मासिक धर्म इस दर्द को और अधिक बढ़ा देते हैं। यदि इसके साथ साथ ही यूटीआई हो जाता है तो आप के लक्षण और अधिक बिगड़ जाते हैं। इसके कारण स्ट्रेस या डाइट में बदलाव आदि हो सकता हैं। दवाइयां या फिजिकल थेरेपी से इसे ठीक किया जा सकता है।

रात को सोते समय कभी ना करें ऐसी गलतियां, छीन सकती है आपकी नींद

Posted: 16 Aug 2021 06:46 PM PDT

रात को सोते समय कभी ना करें ऐसी गलतियां, छीन सकती है आपकी नींद

हर इंसान को स्वस्थ रहने के लिए हर किसी को 6 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। लेकिन आजकल की स्ट्रेस भरी लाइफ में लोगों को शिकायत रहती है उन्हें नींद नहीं आती है। आपको बतादें नींद नहीं आने के पीछे कोई और नहीं बल्कि स्वयं ही जिम्मेदार होते है। ऐसे में रात को सोने से पहले भूलकर भी यह गलतियां नहीं करें।

– सोने से पहले अपने पार्टनर या किसी के साथ भी बहस नहीं करे। क्योंकि लड़ाई एवं बहस का सीधा असर माइंड पर पड़ता है जिससे रात को नींद नहीं आती है। ऐसे में सोने से पहले कोशिश करें कि अपना मूड फ्रेश रखे।

– यदि आप रात में 8 बजे बाद डिनर करते है तो लाइट फूड खाएं। खिचड़ी, सलाद, सूप आदि। ऑयली चींजों को भी अवॉइड करें। ऐसे में डिनर जल्दी करें ताकि आपकी नींद में खलल ना पड़े।

– यदि आपको नींद नहीं आने की समस्या है तो रात को चाय एवं कॉफी पीने से बचें। चाय-कॉफी पीने से देर रात तक नहीं आती है।

– कुछ लोगों देर रात तक टीवी देखने, मोबाइल एवं लैपटॉप पर लगे रहने की आदत होती है। उनका ध्यान ई मेल, मैसेज आदि पर लगा रहता है। ऐसे में माइंड को रेस्ट नहीं मिलता है।

कोरोना ही नहीं इन 4 बीमारियों ने भी ली लाखों जान, जानें लिस्ट में हैं कौन से नाम है शामिल

Posted: 16 Aug 2021 06:44 PM PDT

कोरोना ही नहीं इन 4 बीमारियों ने भी ली लाखों जान, जानें लिस्ट में हैं कौन से नाम है शामिल

कोरोना महामारी में चार बीमारियां काल बन गईं। 5500 वैज्ञानिकों ने 204 देशों में अध्ययन के बाद पाया कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप व कोलेस्ट्रॉल के कारण दस लाख मरीजों को जान गंवानी पड़ी। ज्यादातर मरीज इन बीमारियों से पीड़ित थे, जिससे कोरोना संक्रमण उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। वैज्ञानिकों ने चेताया कि अगर इसी तरह की जीवनशैली रही तो आने वाली कोई भी महामारी और घातक साबित होगी।

द लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बीमारियों व अन्य वजहों से हो रही मौतों के कारण गिनाए हैं। यह भी बताया कि कोरोन संक्रमण का मानव जाति पर कितना गंभीर असर पड़ा। उनके मुताबिक, कोरोना के पहले ही दुनिया में जिस तरह गंभीर बीमारियों और संक्रामक रोगों की दर बढ़ रही थी, उससे निपटने में सार्वजिक स्वास्थ्य तंत्र असफल रहा, उसके कारण ही महामारी फैलने पर मरने वालों की संख्या में लगातार तेजी आती गई। लांसेट के प्रधान मुख्य संपादक रिचर्ड हॉर्टन का कहना है कि चार बीमारियों से मिलकर कोरोना वायरस और ज्यादा खतरनाक हो गया है और इससे दुनिया में बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ेगा।

व्यापक अध्ययन ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन अपनी तरह का सबसे व्यापक शोध है। इसमें 5500 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के दल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर 204 देश में मौत के कारणों की पड़ताल की। इसके लिए उन्होंने मौत के 286 कारणों, 369 रोग व चोटों और 87 जोखिम कारकों का विश्लेषण किया।

बुजुर्गों में हृदयरोग से मौतें ज्यादा 
अंतरराष्ट्रीय शोधदल ने पाया कि युवाओं में पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण भी बहुत मौतें हो रही हैं। वहीं, बुजुर्गों में हृदयरोग मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है।

10 से कम उम्र तक 2019 में 10 साल से छोटे बच्चों में मौत का प्रमुख कारण श्वसन संक्रमण, डायरिया, मलेरिया, मेनिन्जाइटिस और खांसी रहे

49 साल की उम्र तक 10 से 49 साल तक के लोगों में मौत का करण सड़क दुर्घटना में लगी चोटें, एड्स, पीठ का दर्द और तनाव से जुड़ी बीमारियां वजह बने

50 साल से ज्यादा उम्र इस आयुवर्ग के लोगों में इस्केमिक हृदय रोग, हार्ट स्ट्रोक और मधुमेह के कारण सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस्केमिक रोग में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है।

खराब खानपान बन रहा जानलेवा शोधकर्ताओं ने पाया कि बीमारियों के कारण हो रही मौतों की एक अहम कारण खराब खानपान और पर्याप्त व्यायाम न करना है। अगर लोग इन दो स्थितियों पर नियंत्रण नहीं कर पाए तो कोरोना के बाद भी बीमारियों का बोझ बढ़ता जाएगा।

लगातार उम्र कम हो रही ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज-2019 रिपोर्ट में पाया गया कि साल 2010 के बाद से 50 साल से कम उम्र के लोगों के लिए वैश्विक आयु मानक लगातार घटता जा रहा है। इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि शून्य से नौ साल तक की आयुवर्ग के लिए यह रेट अब तक के सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गया।

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