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- शिक्षक दिवस
- आखिर कब लोगे अवतार
- बिहार राज्य बार कौंसिल के खिलाफ एक याचिका दायर
- घर कब आ ओ गे ????
- लोहा और सोना
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- पंजाब स्थित सरकारी महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय बिहार के छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं के साथ विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा: वीसी
| Posted: 05 Sep 2021 12:12 AM PDT महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय बिहार के छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करेगा हमारे संवाददाता अमरेन्द्र कुमार सिंह की खास खबर | पंजाब सरकार द्वारा स्थापित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (MRSPTU), बठिंडा (पंजाब) बिहार के दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को पंजाब सरकार के प्रीमियर संस्थान में विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ आकर्षक छात्रवृत्ति योजनाओं और केंद्र की कल्याण योजनाओं के साथ एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। । यह बात एम.आर.एस.पी.टी.यू., उप कुलपति, प्रसिद्ध शिक्षाविद और शोधकर्ता प्रो बूटा सिंह सिद्धू ने शनिवार को बुद्ध हेरिटेज में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही। वीसी साहिब वरिष्ठ शिक्षकों और अधिकारियों के साथ एमआरएसपीटीयू बिहार राज्य पूर्व छात्र अध्याय का शुभारंभ करने के लिए पटना में थे, जहां विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक बिहार राज्य के पूर्व छात्रों "नॉस्टैल्जिया-2021" में भाग लिया। बाद में कुलपति के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने भी तख्त पटना साहिब में मत्था टेका और जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गहौर मस्किन जी से मुलाकात की। प्रो. सिद्धू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा देश के मानव संसाधन विकास में कुशल जनशक्ति सृजित करके, औद्योगिक उत्पादकता को बढ़ाकर और यहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। "प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा दोनों में परिणामी व्यवधानों के साथ आने वाली चौथी औद्योगिक क्रांति के समय, हम नए उभरते अवसरों और अवसरों का दोहन करने के लिए युवा दिमागों को उनकी प्रतिभा को उजागर करने और प्रशिक्षित करने के लिए नवीनतम तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, " उन्होंने बोला। वी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण के अनुकूल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्रदान करता है और हमारे विकास और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देता है। वीसी ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा में सपनों को साकार करने और प्रमुख विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए विभिन्न मार्ग कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशों में अध्ययन करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी छात्रवृत्तियां और कल्याणकारी योजनाएं सरकारी विश्वविद्यालय में उपलब्ध हैं। मेधावी छात्रों के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति 100 प्रतिशत तक फीस माफी मेधावी छात्रों के लिए एक और बड़ा लाभ है। छात्र विश्वविद्यालय के टोल फ्री नंबर: 1800-121-1833 और वेबसाइट www.mrsptu.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं। MRSPTU और वेन स्टेट यूनिवर्सिटी (W.S.U.) के बीच सहयोगी मार्ग शिक्षा कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए, VC ने कहा कि एक छात्र MRSPTU में तीन साल तक अध्ययन करने के बाद W.S.U. में 3 प्लस 2 और 3 प्लस 1 के तहत अध्ययन के चौथे और पांचवें वर्ष को पूरा करेगा। 4 साल का कोर्स पूरा करने के बाद, MRSPTU के छात्र को W.S.U. के साथ-साथ MRSPTU, बठिंडा से B.Tech की डिग्री मिलेगी। इसके अलावा, 5 साल के कार्यक्रम के तहत, दोनों बी.टेक. और मास्टर डिग्री W.S.U. द्वारा प्रदान की जाएगी। यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि डब्लू.एस.यू. संयुक्त राज्य अमेरिका के डेट्रॉइट(Detroit) शहर में स्थित है, जिसे यूएस ऑटोमोबाइल उद्योग के केंद्र के रूप में जाना जाता है, और "बिग थ्री" ऑटो निर्माता जनरल मोटर्स, फोर्ड और स्टेलेंटिस उत्तरी अमेरिका सभी का मुख्यालय मेट्रो में है। W.S.U. में अध्ययन करने के बाद, छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। अपने मजबूत अंतरराष्ट्रीय विनिमय कार्यक्रम के तहत, विश्वविद्यालय ने थॉम्पसन रिवर यूनिवर्सिटी (कनाडा), सिनर्जी यूनिवर्सिटी (रूस), आई.एन.एस.ई.ई.सी. (फ्रांस), यूनिवर्सिटी कनाडा वेस्ट, वैंकूवर (कनाडा), कॉनकॉर्डिया यूनिवर्सिटी ऑफ एडमॉन्टन (कनाडा), वैंकूवर आइलैंड यूनिवर्सिटी जैसे और अन्य प्रसिद्ध विश्वविद्यालय क्रेडिट ट्रांसफर अध्ययन के लिए विदेश में अध्ययन करने के इच्छुक प्रतिभाशाली छात्रों के लिए दरवाजे खोलने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। प्रमुख कॉर्पोरेट और बड़े औद्योगिक घरानों के साथ मजबूत साझेदारी है। MRSPTU, बठिंडा पंजाब के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो व्यावसायिक शिक्षा और तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा में उत्कृष्टता का केंद्र बन गया है। पंजाब सरकार इसे राज्य में मॉडल यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित कर रही है। एम.आर.एस.पी.टी.यू. पंजाब का पहला सरकारी तकनीकी विश्वविद्यालय है जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की धारा 2 (एफ) और 12 बी के तहत पंजीकृत है, जो इसे उदार केंद्रीय अनुदान के लिए योग्य बनाता है। प्रो. सिद्धू ने आश्वासन दिया कि MRSTPU का मिशन स्वतंत्रता, सशक्तिकरण, प्रतिबद्धता, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देकर प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता और उन्नति को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल और प्रेरक वातावरण प्रदान करना है। https://ift.tt/2WVUHt0 दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=mBLUUaN6BPw |
| राष्ट्र निर्माता की राष्ट्रीय मर्यादा Posted: 05 Sep 2021 12:06 AM PDT शिक्षक दिवस पर विशेष राष्ट्र निर्माता की राष्ट्रीय मर्यादामहर्षि सब कुछ छोड़ कर शिक्षक का पद स्वीकार करते थे और लगातार तपस्या के बहाने शोध किया करते थे । राष्ट्र में सबसे अधिक गौरवशाली कोई है तो वह है शिक्षक ।शिक्षक की गरिमा अपरंपार है ।हमारी भारतीय संस्कृति में शिक्षक यानी आचार्य को वह सम्मान प्राप्त था कि बड़े-बड़े सम्राट ,चक्रवर्ती ,बड़े-बड़े राजा शिक्षकों यानी आचार्यों के आगे नतमस्तक होते थे और आचार्य की बात,आचार्य का आदेश अकाट्य होता था । राजा आचार्य के सामने अपने राज्यासन पर नहीं बैठते थे । उनके सामने या तो खड़े रहते थे या उन्हें बैठा कर अपने दूसरे आसन पर बैठते थे ।यह शोध का विषय है कि आज भारत का वह विश्व गुरुत्व कहाँ चला गया ? यहाँ तो आचार्य यानी शिक्षक एक सरकारी कर्मचारी की तरह काम कर रहे हैं ।आदेश दाता आदेश का गुलाम बना हुआ है । हन्हें दो जून की रोटी के लिए सरकारी आदेश की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है । परन्तु अन्य देशों में ऐसी स्थिति नहीं है ।आज भी अमेरिका में दो ही व्यक्ति को अति विशिष्ट व्यक्ति माना जाता है जिनमें पहला वैज्ञानिक और दूसरा शिक्षक । फ्रांस में न्यायालय में भी सिर्फ शिक्षकों को कुर्सी पर बैठने की आजादी है यानी अधिकार है ।जापान में शिक्षक को किसी संगीन केस में भी गिरफ्तार करने के पूर्व सरकार से अनुमति लेनी होती है ।कोरिया में शिक्षकों को एक कैबिनेट मंत्री के बराबर अधिकार और सम्मान प्राप्त है ।लेकिन भारत जो प्राचीन काल में गुरुओं के बल पर, आचार्यों के बल पर ही विश्व गुरु था ,आज पदच्यूत एवँ आभाहीन दीखते हैं । शांति प्रिय राष्ट्र को गणेश की उपासना करनी चाहिए कार्तिकेय की नहीं । गणेश की उपासना शांति की उपासना है जो शिक्षक के अधीन है ।गणेश शुभंकर हैं और कार्तिकेय सेनापति हैं ।युद्ध के देवता, सेनापति की आवश्यकता सिर्फ युद्ध के समय ही होती है ।जिस देश के शिक्षक मर्यादित होंगे उस देश में शांति होगी ।अपने शिक्षण -बल से अपने आचार्य के गुरुत्व से कार्तिकेय की सेवा को दूर रख सकते हैं ,अनिवार्य युद्ध को भी टाल सकते हैं ।परंतु ऐसा हो नहीं रहा है ।इसका कारण सरकार ने अपने शिक्षक की मर्यादा को तार-तार कर दिया है ।शिक्षक सरकारी कर्मचारी कहलाने लगे। शिक्षक ने भी अपनी मर्यादा खो दी है ।वे भूल गए कि संपूर्ण शिक्षा जगत शिक्षा के लिए ही समर्पित है ।बच्चों को शिक्षा देकर बच्चों के माध्यम से राष्ट्र का निर्माण शिक्षक कर रहे हैं ।आज इतने पदाधिकारी हैं ,यहां तक कि मंत्री भी ,सरकार भी उनकी सेवा के लिए उनकी सुरक्षा के लिए उनके कष्ट निवारण के लिए उनकी सहायता के लिए है ।अगर वे इस गरिमा को भूल जाते हैं तो राष्ट्र के पतन को कोई रोक नहीं सकता ।इसमें शिक्षक को भी अपने कर्तब्य पथ को बुहारना होगा । इसलिए अग्रसोची भविष्य द्रष्टा संत विनोबा भावे ने कहा था -शिक्षकों को सहायता मिलनी चाहिए ,स्वायत्तता मिलनी चाहिए ।उनके जीवनयापन का भार सरकार के पास रहे लेकिन अधिकार सरकार के पास न हो, शिक्षकों पर नियंत्रण सरकार के पास नहीं हो ।जैसे न्यायालय में जीवन यापन का की ब्यवस्था सरकार करती है लेकिन न्यायालय स्वतंत्र होते हैं ।उसके न्यायाधीश अपने कर्तव्य में स्वतंत्र होते हैं ।शिक्षकों को उसी प्रकार स्वतंत्रता मिलनी चाहिए ।भारत में पहले से ही आचार्यों को सम्मान मिलता रहा है वही सम्मान आज भी मिलना चाहिए । भारत में शिक्षकों को सम्मानित करने का कार्य बहुत पहले से, बीसवीं शताब्दी के छठे दशक से ही चल रहा है । लेकिन चीन में 34 वां शिक्षक दिवस 10 सितंबर 2020 को मनाया जाना था ,जो नहीं मनाया जा सका । राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन पेइचिंग में 2018 में ही हुआ था ।इसमें चीन के राष्ट्रपति एवं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी चिनफिंग ने कहा था कि शिक्षक मानव आत्मा के अभियंता हैं और मानव सभ्यता के उत्तराधिकारी ।शिक्षकों को समाज में सम्मान मिले और सामाजिक स्थान पर उन्हें सर्वोच्च सम्मान दिया जाए ।कोरिया में यह शिक्षक दिवस15 मई को मनाया जाता है । 2006 से यह कार्यक्रम सम्मानित करने के साथ आरंभ किया गया है ।15 मई को वहां सार्वजनिक रूप से सभी को अपने शिक्षकों को सम्मानित हेतु छुट्टी रहती है ।उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को पुरस्कार एवं उपहार विद्यार्थी भी देते हैं और सरकार भी । बीमार और लाचार शिक्षकों के घर जाकर सम्मान पहुंचाया जाता है । कार्यक्रम बड़े ही उत्साह के साथ सम्पन्न होते हैं ।भारत की देखा- देखी में वहां एक नई परंपरा आरंभ की गई है कि छात्र शिक्षकों के पैर धोते हैं एवं पैरों में मालिश करते हैं ।दक्षिण अमेरिका में रंगारंग कार्यक्रम होता है ।अर्जेंटीना में 11 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति प्रसिद्ध शिक्षक मोमिंगो पोस्टीनो सारकिएंटो की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है ।1943 में पनामा में पैन अमेरिकन शिक्षा संगठन की स्थापना की गई थी । ब्राजील में 15 अक्टूबर को ,15 अक्टूबर 1527 को राजा पेट्रो ने प्रस्ताव लेकर पूरे देश की निरक्षरता को समाप्त करने का संकल्प लिया था ।इसके लिए स्कूलों की स्थापना की गई थी ।इसलिए 15 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है ।पेरु में 6 जुलाई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है ।यूनेस्को में 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है । यूनेस्को में 5 अक्टूबर को इसलिए मनाया जाता है कि 5 अक्टूबर 1966 को इसी दिन एक शिक्षक के सुझाव पर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संघ संगठन की स्थापना की गई थी । जहाँ तक शिक्षकों के आर्थिक सहयोग की बात है ,आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन( ओईसीडी) ने एक रिपोर्ट जारी की -एजुकेशन एट ए ग्लांस ।उसमें उसने कहा कि शिक्षकों को किसी तरह का आर्थिक सहयोग प्राप्त नहीं है ।उन्हें सिर्फ वेतन के रूप में जो राशि मिलती है वही उनकी आय है ।विभिन्न देशों में विभिन्न प्रकार वेतन निर्धारित हें-लक्जमबर्ग में एक शिक्षक को कम से कम 80000 डॉलर मिलता है वही सबसे अच्छे शिक्षक 137000 डॉलर (वार्षिक) पाते हैं ।जापान में एक शिक्षक जो तुरत नियुक्त होते हैं उन्हें $30000 मिलता है ।चेक रिपब्लिक ,हंगरी ,पोलैंड के सबसे अच्छे शिक्षक की सैलरी $26000 से भी ऊपर है। स्विट्जरलैंड में $103000 ,जर्मनी में $84000 ,बेल्जियम में $76000 ,कोरिया में $75 000 ,ऑस्ट्रिया में $75 000 ,यूनाइटेड नेशंस में $68000 , नीदरलैंड में $66000 ,कनाडा में $66000 और आयरलैंड में $65000 मिलते हैं ।इस तरह उस रिपोर्ट के अनुसार सबसे कम पेमेंट करने वाले शिक्षक चेक रिपब्लिक में $20000, पोलैण्ड में $26000, हंगरीमें $27000 ,टर्की में $32000 ,ग्रीस में $35000 ,चीली में $38000 ,इजराइल में $39000, स्कॉटलैंड में $45000 ,स्लोवेनियामें $45000 , स्वेडन में $46000 पाते हैं ।कहीं-कहीं पुरुष और महिला शिक्षकों में वेतन विसंगति है ।ऑस्ट्रिया में पुरुष अध्यापक को $66000 और महिला अध्यापक को $62000 मिलते हैं ।इसी प्रकार नीदरलैंड में पुरुष अध्यापक को $63000 और महिला अध्यापक को $60000 प्राप्त होते हैं ।भारत की स्थिति हम देखें तो एक शिक्षक को संप्रत्ति ₹600000 रु मिलते हैं ।तुलनात्मक रूप से विश्व बैंक के रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रति व्यक्ति उच्च आय वाले व्यक्तियों की आए $1500 है जबकि अमेरिका में औसत सैलरी 5738 डॉलर है जो लगभग 87 लाख 85 हजार रुपए के बराबर है ।वहां अधिक और कम वेतन के बीच काफी अंतर है ।स्विट्जरलैंड भी इस मामले में पीछे नहीं है ।इसकी तुलना में भारत में तो शिक्षक आर्थिक और सामाजिक किसी रूप से सम्मानित नहीं हैं ।नई शिक्षा नीति आशान्वित कर रही है ।इसमें कितनी सफलता मिलती है यह भी शिक्षक पर ही निर्भर है ।शिक्षक अध्ययन अध्यापन के अतिरिक्त अन्य कार्यों में संलग्न रहते हैं ,तरह-तरह के संगठन भी हैं ,उसके बाद भी उनकी स्थिति अच्छी नहीं हो पा रही है । |
| Posted: 04 Sep 2021 11:56 PM PDT बेटी----मैंने देखा बेटी जब सयानी होती है, पिता की पेशानी पानी-पानी होती है। नींद उड़ जाती है माँ की आँखों से, भाई की आँखे उसका साया बनी होती हैं। पर बेटी ने आज खुद को बदला है, बेटे सा साहस उसने पाला है। माँ-बाप का सहारा बेटी बनी है, आज बेटी ने घर बाहर संभाला है। पढ़ लिख कर बेटी आगे बढ़ी है, सत्ता के शीर्ष तक बेटी चढ़ी है। इस जमीं की बात क्या करें हम, आज बेटी चाँद तारों से आगे बढ़ी है। चाहें बेटी नित नए मुकाम पाए, ज्ञान से विज्ञान ,परचम फहराए, धर्म के शीर्ष पर छा जाये बेटी, पिता की शान बेटी बन जाए, सिखाएं बेटी को खुद पर भरोसा रखे, संस्कारों की सीख जीवन में रखे। अपने साहस व हुनर से जाए शिखर तक, दुनिया को बेटी अपने कदमों में रखे। डॉ अ कीर्तिवर्धन दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 11:46 PM PDT शिक्षक दिवससर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन 5 सितंबर 1888- 17अप्रैल 1975 सर्वपल्ली नाम गाँव का, वीरास्वामी पिता का नाम, सीताम्मा माता उनकी, राधाकृष्णन खुद का नाम। पाँच भाई और एक बहन में, इनका था दूजा स्थान, 5 सितम्बर1888 जन्म, विद्वान ब्राह्मण की संतान। गरीबी से था उनका नाता, बचपन तिरूपति में काटा, वैल्लुर- चैन्नई में शिक्षा, बाईबिल से भी उनका नाता। सावरकर और विवेकानंद भी, उनके प्रेरणास्रोत बने, विभिन्न धर्मों का अध्यन, दर्शन शास्त्र उन्हें था भाता। अ कीर्तिवर्धन दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 10:29 PM PDT आखिर कब लोगे अवतार ~ डॉ रवि शंकर मिश्र "राकेश" """""""""""""v"""""""""""" सहमे सहमे से लोग यहाँ, धरती कांप रही है थर्र थर्र । बच्चा बच्चा भयभीत जहाँ, आसमां रो रहा है झर्र झर्र । प्रभु!कृपा को तरसे संसार, आखिर कब लोगे अवतार? पर्वतें अविरल आँशु बहाते, प्रकृति भी गया है ठहर। अनेकों वन उजड़ गए हैं, गंगाजल भी हो गया जहर। भय से यहाँ थम गया वयार, आखिर कब लोगे अवतार? सेक्यूलरों की खामोशी से, गला घूँट रहा अरमानों का। अपराधियों की क्रूरता से, हो रहा है कत्ल इंशानों का। लग रही लाशों की कतार। आखिर कब लोगे अवतार? धर्मयुग का ध्वज फहराने, त्रेता में आए बनकर राम। भय मुक्त किया जग को, भक्तों के आए बहुत काम। श्रधालुओं का लगा कतार, आखिर कब लोगे अवतार? द्वापर में बनकर आए कृष्ण, पांडवों को विजय दिलाए। निर्लजों से भरे दरवार में, एक नारी की लाज बचाए। इंशानियत हो रही तार तार। आखिर कब लोगे अवतार? दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| बिहार राज्य बार कौंसिल के खिलाफ एक याचिका दायर Posted: 04 Sep 2021 10:06 PM PDT बिहार राज्य बार कौंसिल के खिलाफ एक याचिका दायरहमारे संवाददाता लक्ष्मण पाण्डेय की खास खबर | बिहार राज्य बार काउंसिल की सदस्य सुश्री शहनाज फातमा ने माननीय उच्च न्यायालय पटना में बिहार राज्य बार कौंसिल के खिलाफ एक याचिका दायर किया है शहनाज़ का आरोप है कि बार कौंसिल में हो रही अनियमिता, अधिवक्तओ के फण्ड का दुरूपयोग होने पर आवाज उठाने एवं वकीलों के हित में मांग करने के कारण बार कौंसिल नें इन्हें आम सभा कि बैठक में शामिल होने तथा सभी कमिटीयों कि बैठक से वंचित किया गया है जो असंवैधानिक एवं क़ानून का उलंघन है क्योंकि बार कौंसिल को यह अधिकार नहीं कि वह किसी इलेक्टेड मेंबर्स को कानून का उल्लंघन कर सारे समितियों से हटा सके क्योंकि सभी सदस्यों का पद एवं गरिमा सामान है सुश्री फातमा नें बताया कि 2 साल से लगातार वेंअधिवक्ताओं के हित में आवाज उठा रही हैं तथा उनकी आवाज को दबाने के लिए काउंसिल के सदस्यों द्वारा साजिश रच कर उन्हें समितियों से हटाया गया है ताकि काउंसिल में हो रही किसी भी मनमानी की जानकारी उनको ना हो सके और अधिवक्ताओं के हित में आवाज नहीं उठा सके इस प्रकार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था ताकि वह थक्कर स्वम रिजाइन दे दें सुश्री फातमा का आरोप है कि वर्ष 2006 से अब तक ऑडिट नहीं कराया गया एवं बार काउंसिल में हो रहे फंड के कई दुरुपयोग का इन्होंने कई पर्दाफाश किया है बाथरूम की मरम्मत के नाम पर 17 लाख रुपए का बिल बनाया जाता है, इलेक्शन के नाम पर सवा करोड़ का बिल पास होता है, वेलफेयर टिकट का अरबों -खरबों रुपए मेडिक्लेम डेथ -क्लेम तक भुगतान में विलंब किया जाता है और टी ए,डी ए के नाम पर मेंबर नाजायज रुपए की उगाही करते हैं| इस अनियमितता के कारण सुश्री फातमा ने जब आवाज उठाया है तो मनन कुमार मिश्रा सहित अध्यक्ष एवं बार काउंसिल के सभी सदस्य साजिश के तहत उनको हटाना चाहा | अधिवक्ताओं के हित में आवाज उठाने एवं कुर्तियों का पर्दाफाश करने के कारण उनके साथ ऐसा बर्ताव कर उन्हें डराया जा रहा है ताकि वह वकीलों के हित में आवाज नहीं उठा सके इसलिए शहनाज ने न्यायालय पर विश्वास रखकर माननीय पटना उच्च न्यायालय मैं एक याचिका दायर की है| वर्ष 2006 से अब तक की फॉरेंसिक ऑडिट कराने कि मांग की है उन्होंने बार काउंसिल के अध्यक्ष सचिव सदस्य सहित अध्यक्ष बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं नोटिस रिसीव करवा दी है तथा एक याचिका दायर की है दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 09:31 PM PDT घर कब आ ओ गे ????पिया तेरी याद में, तन्हा तन्हा रहती हूँ। जहाँ - कहीं एकांत में, यूँ ही भटकती रहती हूँ। गुजरता नही है दिन, कटती नहीं अब रातें। कहीं पागल न करदे, मन में भरा वो प्रीत। जवानी के उफान में, भाता नहीं संगीत। सताती है तेरी यादें, प्यार भरी मिठी बातें। कब तक यूँ तड़पाओगे, पिया घर कब आओगे । ???? ✍️ डॉ रवि शंकर मिश्र "राकेश" दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 09:22 PM PDT लोहा और सोना ---:भारतका एक ब्राह्मण. संजय कुमार मिश्र "अणु" लोहे से लोग, बहुतायत में क्यों बनाते हैं हथियार? जबकि सोना-चांदी से- गढते गहने करते शृंगार।। जबकि दोनों है खनिज, भिन्न है गुण,रुप,स्वभाव,बीज और अपना-अपना अधिकार।। लोहा लाख चलाले जादू-टोना, वह कभी नहीं होगा सोना चाहे कितना भी ले चीख पुकार।। रहेगा सोना संदूक,में तिजोरी में और लोहा?पडा रहेगा द्वार।। लोहे का हथियार करता है रक्षा, जबकि सोने को चाहिए सुरक्षा अंदर से बाहर घर परिवार।। जैसा है सोने का चमक वैसा कहाँ है लोहे का धमक चाहे जहाँ कहीं देख लो संसार।। सस्ता लोहा है सोना कीमती। खुद लगाकर देख लो गिनती।। ---------------------------------------- वलिदाद,अरवल(बिहार)804402. दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 09:19 PM PDT मृतसंजीवनी जडी ---:भारतका एक ब्राह्मण. संजय कुमार मिश्र "अणु" नवल-धवल वर्ण- शोभित कर छडी। स्निग्ध भाव में भर- निहारते हर घडी।। बताते हर तरह की बात, कहाँ मात कहाँ पर शह। कैसी भाषा कैसा भाव- वे बताते रहते रह-रह।। किससे कैसा हो संबंध- जोड एक दूसरे से कडी।। सभी समस्या का समाधान, चुटकी बजा कर देते हल। जब कभी हम होते निराश, करते प्रोत्साहित आत्मबल।। कभी हार मत मानना तुम- समस्या कैसी भी हो छोटी-बडी।। ज्ञान की मूर्ति साकार, विद्या का अकूत भांडार। सज्जन,सुशील,विनीत- राग-द्वेष रहित निर्विकार। रह जाती सबकी बुद्धि- स्तब्ध खडी की खडी।। सीखाते रहते सहज भाव, साथ शब्द-अर्थ की गंभीरता। कहाँ पर जोड है कहाँ घटाव- मानवों की धीरता और वीरता। चंचला बन जाती मूढमति- पाकर मृतसंजीवनी की जडी।। कभी इतिहास कभी भूगोल, कभी विज्ञान कभी नाप-तोल। सबमें होता जीवन अनुभव- आश्चर्यजनक और अनमोल। सम्मुख होते जन श्रद्धावनत- ले सुगंधित सुमनों की लडी।। इधर ज्ञान उधर कर्म रख सजग निर्मल मर्म। रहे अविचल पल-पल- निश्चिंत भाव में रत धर्म। लिपटा चरणों में "मिश्रअणु" जैसी हीं दृष्टि पडी।। ---------------------------------------- वलिदाद,अरवल(बिहार)804402. दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 09:14 PM PDT आज 5 सितम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |श्री गणेशाय नम: !! दैनिक पंचांग ☀ 5 सितम्बर 2021, रविवार ☀ पंचांग 🔅 तिथि त्रयोदशी दिन (प्रातः) 06:56:11 🔅 नक्षत्र आश्लेषा सायं 06:15:24 🔅 करण : वणिज 08:23:26 विष्टि 20:06:39 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग परिघ 08:30:34 🔅 वार रविवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:46:18 🔅 चन्द्रोदय 29:00:59 🔅 चन्द्र राशि कर्क - 18:07:15 तक 🔅 सूर्यास्त 18:14:13 🔅 चन्द्रास्त 17:55:00 🔅 ऋतु शरद ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1943 प्लव 🔅 कलि सम्वत 5123 🔅 दिन काल 12:37:51 🔅 विक्रम सम्वत 2078 🔅 मास अमांत श्रावण 🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 11:54:27 - 12:44:58 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 16:57:36 - 17:48:07 🔅 कंटक 10:13:24 - 11:03:55 🔅 यमघण्ट 13:35:30 - 14:26:01 🔅 राहु काल 17:03:55 - 18:38:39 🔅 कुलिक 16:57:36 - 17:48:07 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:54:27 - 12:44:58 🔅 यमगण्ड 12:19:43 - 13:54:27 🔅 गुलिक काल 15:29:11 - 17:03:55 ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल पश्चिम ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती ☀ चन्द्रबल 🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ 🌹विशेष ~ भद्रा दिन (प्रातः) 06:56:11 से सायं 06:54:08 तक, मासशिवरात्रि व्रत, अघोर चतुर्दशी, शिक्षक दिवस। 🌹 पं.प्रेम सागर पाण्डेय् राशिफल 5 सितम्बर 2021, रविवार मेष (Aries): स्फूर्ति और ताजगी से भरी सुबह से दिन का आरंभ होगा। घर में मित्रों और सगे- सम्बंधियों के आवागमन से खुशहाली का माहौल रहेगा। उनकी तरफ से मिली हुई आकस्मिक भेंट आपको खुश कर देगी। आज आर्थिक लाभ मिलने की भी संभावना है। प्रवास की तैयारी रखें। नये कार्य शुरू कर सकते हैं। उत्तम भोजन करने का लाभ मिलेगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 8 वृषभ (Tauras): आज किसी भी प्रकार के अविचारी कदम या निर्णय लेने से पहले संभालना आवश्यक है। किसी के साथ गलतफहमी होने की संभावना देखते हैं। खराब तबीयत आपके मन को भी उदास बनाएगी। परिवार में स्नेहियों का विरोध मतभेद पैदा कर सकता है। परिश्रम का उचित मुआवजा न प्राप्त करने के कारण निराशा महसूस करेंगे। आज का दिन खर्चीला साबित होगा। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 मिथुन (Gemini): सामाजिक, आर्थिक तथा पारिवारिक क्षेत्र में लाभ होने का संकेत देते हैं। समाज में मान- प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों की तरफ से लाभ भी होगा और उनके पीछे पैसे भी खर्च करेंगे। सुंदर जगह पर पर्यटन का आयोजन पूरे दिन को हर्षोल्लासपूर्ण बना देगा। जीवनसाथी की खोज में होंगे तो आज उसके लिए अनुकूल दिन है। दांपत्यजीवन में मधुरता का अनुभव करेंगे। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 कर्क (Cancer): नौकरी व्यवसाय के क्षेत्र में उच्च पदाधिकारियों के प्रोत्साहन से आपका उत्साह दोगुना होगा। वेतन वृद्धि या पदोन्नति का समाचार मिले तो कोई आश्चर्य नहीं है। माता तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अधिक निकटता रहेगी। मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होने से खुश रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सरकारी कार्यों में अनुकूलता रहेगी। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 सिंह (Leo): आलस, थकान और ऊबन आपके कार्य करने की गति कम कर देंगे। पेट सम्बंधी शिकायत अस्वस्थता का अनुभव करा सकती हैं। उच्च पदाधिकारियों से आज दूर रहने में ही भलाई है। क्रोध को वश में रखना आवश्यक है। धार्मिक कार्यों या यात्रा- प्रवास से भक्तिभाव प्रकट होंगे और मन की अशांति दूर होगी। शुभ रंग = पींक शुभ अंक : 1 कन्या (Virgo): मन और संयम को आज के दिन का मंत्र बनाने की सलाह देते हैं, क्योंकि स्वभाव की उग्रता किसी के साथ मनमुटाव कराएगी ऐसी संभावना है। हितशत्रु विघ्न उपस्थित करेंगे। इसलिए सचेत रहें। नए कार्य की शुरुआत स्थगित रखें। जलाशय से दूर रहना हितकर है। अत्यधिक खर्च होगा। गूढ़ विद्याओं और रहस्यमय बातों में रुचि जागेगी। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 तुला (Libra): दैनिक कार्यों के बोझ से हल्का होने के लिए आज आप पार्टी, सिनेमा, नाटक या पर्यटन का आयोजन कर सकते हैं। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों या प्रियतमा के साथ निकटता आपको आनंदित करेगी। नए वस्त्रालंकार खरीदने या परिधान बनाने का अवसर आएगा। सार्वजनिक मान- सम्मान के अधिकारी बनेंगे। जीवनसाथी के सानिध्य का जी भरकर आनंद उठाएंगे। शुभ रंग = फीरोजा़ शुभ अंक : 6 वृश्चिक (Scorpio): पारिवारिक शांति का माहौल आपके तन-मन को स्वस्थ रखेगा। निर्धारित काम में सफलता मिलेगी। नौकरी में साथी कर्मचारियों का सहयोग मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं की चाल निष्फल जाएगी। ननिहाल पक्ष की ओर से लाभ होगा। आर्थिक लाभ होगा। बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य में सुधार होता हुआ प्रतीत होगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 8 धनु (Sagittarius): संतानों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के बारे में चिंता से मन व्यग्र रहेगा। पेट सम्बंधी बीमारियाँ परेशान करेंगी। कार्य की असफलता आपके अंदर हताशा लाएगी। गुस्से को वश में रखने की सलाह है। साहित्य, लेखन तथा कला के प्रति गहरी रुचि रखेंगे। प्रियजन के साथ की मुलाकात रोमांचक बनी रहेगी। वाद-विवाद तथा चर्चा में न उतरें। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 मकर (Capricorn): ताजगी एवं स्फूर्ति के अभाव से अस्वस्थता अनुभव होगी। मन में चिंता की भावना रहेगी। परिवार के सदस्यों के साथ अनबन या तकरार होने से मन में खिन्नता उत्पन्न होगी। समय से भोजन और शांत निद्रा से वंचित रहना पड़ेगा। स्त्री वर्ग से कोई नुकसान होगा अथवा उनके साथ किसी कारण से तकरार होगा। धन खर्च और अपयश से संभलने की सलाह देते हैं। शुभ रंग = फीरोजा़ शुभ अंक : 6 कुंभ (Aquarius): आज आपका मन चिंता मुक्त होने से राहत महसूस करेगा और आपके उत्साह में भी वृद्धि होगी। बुजुर्गों और मित्रों की तरफ से लाभ की अपेक्षा रख सकते हैं। स्नेहमिलन या प्रवास के माध्यम से मित्रों एवं स्वजनों के साथ आनंदपूर्वक समय व्यतीत करने का मौका मिलेगा। प्रिय व्यक्तियों का साथ मिलेगा और दांपत्यजीवन में अधिक घनिष्ठता का अनुभव होगा। आर्थिक लाभ और सामाजिक मान प्रतिष्ठा के अधिकारी बनेंगे। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 मीन (Pisces): आर्थिक आयोजन करने के लिए आज शुभ दिन है। निर्धारित कार्य पूरे होंगे। आय बढ़ेगी। परिवार में सुख- शांति का वातावरण बना रहेगा। सुरुचिपूर्ण भोजन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा मन की स्वस्थता आप बनाए रख सकेंगे। शुभ रंग = पीला शुभ अंक : 9 दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 09:12 AM PDT माँ अम्बिका भवानी जिसके चारो ओर विराजते है भगवान शंकर , दुर्गा सप्तसती में वर्णित समाधि नाम वैश्य की माँ अम्बिका भवानी जिसके चारो ओर विराजते है भगवान शंकर , दुर्गा सप्तसती में वर्णित समाधि नाम वैश्य की कथा इसी स्थान की है | माँ इसी स्थान पर हवनकुंड में अपना शरीर त्यागा था | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=-T9CKMo49tc |
| ज्योतिषशास्त्र है विज्ञानाधिष्ठित; पाठ्यक्रम को राज्यपाल का समर्थन ! Posted: 04 Sep 2021 07:12 AM PDT 'इग्नू' से ज्योतिष पाठ्यक्रम न हटाने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति की राज्यपाल से भेंट ! 'इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यापीठ' (इग्नू) में ज्योतिषशास्त्र विषय का पाठ्यक्रम समाविष्ट करने का कुछ तथाकथित आधुनिकतावादी और नास्तिक टोलियों द्वारा विरोध किए जाने की पृष्ठभूमि पर 4 सितंबर को हिन्दू जनजागृति समिति के शिष्टमंडल ने महाराष्ट्र राज्य के माननीय राज्यपाल और कुलपति माननीय भगतसिंह कोश्यारी से मुंबई के राजभवन में भेंट की । इस समय समिति के शिष्टमंडल की विस्तृत बात सुनकर महामहिम राज्यपाल ने ''ज्योतिषशास्त्र केवल शास्त्र नहीं; विज्ञान है । पूरे विश्व में उसे पढाया जाता है । न्यायालय द्वारा ज्योतिषशास्त्र की सत्यता स्वीकारी जाने पर कौन उसका विरोध कर सकता है ? आप अपना कार्य आरंभ रखिए, मैं देखता हूं ।'', ऐसा आश्वासन देकर ज्योतिषशास्त्र का पाठ्यक्रम सिखाने को समर्थन दर्शाया । इस समय हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे, मुंबई प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी, मुंबई समन्वयक श्री. बळवंत पाठक, गौड सारस्वत ब्राह्मण टेंपल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री. प्रवीण कानविंदे और श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष श्री. प्रभाकर भोसले भी उपस्थित थे । सर्वोच्च न्यायालय ने ज्योतिषशास्त्र के विरोध का दावा निरस्त करते हुए कहा 'कुछ थोडे बहुत लोगो ने ज्योतिष को विरोध किया इससे विज्ञानयुग में ज्योतिष झूठा सिद्ध नहीं होता', ऐसी टिपण्णी दी । इससे संबंधित निवेदन श्री. रमेश शिंदे ने महामहिम राज्यपाल को प्रदान किया और इस विषय में उन्हें विस्तृत जानकारी भी दी । समिति की ओर से माननीय राज्यपाल को 'इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यापीठ' में ज्योतिषशास्त्र सिखाने का निर्णय परिवर्तित न करने की विनती की गई । जिस पर महामहिम राज्यपाल ने सकारात्मक प्रतिसाद दिया । श्री गणेशमूर्ति विसर्जन हेतु हिन्दू धर्मशास्त्र से विसंगत कृत्रिम हौदों को प्रोत्साहन देना बंद कर, शासन शाडू मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियों को प्रोत्साहन दे । साथ ही हिन्दू धर्म को दुष्प्रचारित करने हेतु वैश्विक स्तर पर आयोजित की जानेवाली 'डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेन्स का आयोजन करनेवाले, उनमें सहभागी होनेवाले और उन्हें सहायता करनेवालों पर कार्यवाही करे, इन विषयों के निवेदन भी महामहिम राज्यपाल को दिए गए । कागजी लुगदी से बनी मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाकर शाडू मिट्टी की मूर्ति को प्रोत्साहन दें ! पर्यावरणपूरक होने का दिखावा कर कागजी लुगदी से बनी मूर्तियों को प्रोत्साहन देने का निर्णय तत्कालीन शासन ने लिया था; परंतु कागजी लुगदी से बनी मूर्ति अधिक प्रदूषणकारी होने से उन पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में प्रतिबंध लगाया था । साथ ही दिनांक 3 मई 2011 को शासन द्वारा लिए निर्णय को स्थगित किया था । तब भी बाजार में कागजी लुगदी से बनी मूर्तियां विशाल संख्या में बेची जा रही हैं । उन पर प्रतिबंध लगाया जाए और प्राकृतिक रंग में रंगी शाडू मिट्टी की मूर्तियों को प्रोत्साहन दिया जाए, ऐसी मांग भी राज्यपाल से की गई । इनकी ओर ध्यान देने का आश्वासन महामहिम राज्यपाल ने दिया है । दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 07:07 AM PDT मुख्यमंत्री ने 422 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गांधी मैदान से साइंस कॉलेज भाया पी0एम0सी0एच0 डबल डेकर फ्लाईओवर का किया शिलान्यास, भूमि पूजन कर किया कार्यारंभ
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज गांधी मैदान के कारगिल चैक पर आयोजित कार्यक्रम में 422 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गांधी मैदान से साइंस कॉलेज भाया पी0एम0सी0एच0 डबल डेकर फ्लाईओवर का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया और भूमि पूजन कर कार्यारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में आप सभी का अभिनंदन करता हूं। पथ निर्माण विभाग को आज के डबल डेकर फ्लाईओवर के शिलान्यास और कार्यारंभ के लिए विशेष तौर पर बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के साथ कार्य प्रारंभ होने से हमलोगों को काफी खुशी हुई है। हमसे पहले के वक्ताओं ने सभी चीजों के बारे में विस्तार से जानकारी दे दी है। हमने साइंस कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई की है। इस इलाके से हमारा छात्र जीवन से ही संबंध रहा है और पूरे जीवन भर हमारा लगाव रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में हमलोगों के सरकार में आने के बाद से लोगों को काफी सुविधायें दी गयी हैं। आवागमन में काफी सुविधा हुई है, कई प्रकार के निर्माण कार्य हुए हैं और लोगों का व्यापार बढ़ा है। अशोक राजपथ पर भीड़ को देखते हुये फ्लाईओवर का निर्माण जरूरी था। उन्होंने कहा कि पी0एम0सी0एच0 को देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जा रहा है। पी0एम0सी0एच0 की क्षमता 5400 बेड की होगी। इसको लेकर कार्य प्रारंभ हो गया है। डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण से पी0एम0सी0एच0 आने वालों को काफी सहूलियत होगी। इस इलाके में कई कॉलेज हैं, वहां पढ़ने वाले छात्रों को भी काफी सहूलियत होगी। अशोक राजपथ पर सड़क का चैड़ीकरण संभव नहीं था, क्योंकि जगह कम है इसलिये डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कराने की योजना बनी। यह डबल डेकर फ्लाईओवर तीन सालों में बनकर तैयार हो जायेगा। पटना में कई फ्लाईओवर और आर0ओ0बी0 का निर्माण कराया गया है। 15 आर0ओ0बी0 बनकर तैयार हो गये हैं और 5 का निर्माण कार्य जारी है। पहले कंकड़बाग और दानापुर जाने में काफी परेशानी होती थी। फ्लाईओवर के निर्माण होने से अब लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत हुयी है। उन्होंने पत्रकारों से अनुरोध करते हुए कहा कि वर्ष 2005 से पहले के बिहार की स्थिति और आज की स्थिति के बारे में लोगों को बतायें। पटना का पुराना हाल और आज का हाल देख लीजिये, आपको फर्क समझ में आ जायेगा। सोशल मीडिया पर भी लोगों को इसकी जानकारी दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों को खुदाबख्श लाइब्रेरी से काफी लगाव है। हमने कह दिया है कि खुदाबख्श लाइब्रेरी के भवन से किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, इसके काम में कोई बाधा नहीं होनी चाहिये। खुदाबख्श लाइब्रेरी में 2006 के बाद हम कई बार गये हैं। पहले कितने मुख्यमंत्री वहां गये थे? उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की सरकार में जब केंद्र में मंत्री थे तो बख्तियारपुर 4 लेन सड़क का निर्माण कराया था। केन्द्र सरकार के सहयोग से बिहार में कई सड़कों, पुल-पुलियों को निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार भी अपनी तरफ से और सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्य में लगी है। हमलोगों का लक्ष्य है कि राज्य के किसी कोने से भी पटना आने में 5 घंटे से ज्यादा का वक्त नहीं लगे। हमलोगों का लक्ष्य सिर्फ निर्माण कराना ही नहीं है बल्कि उसका मेंटेनेंस कराना भी है। सरकारी भवनों, सड़क एवं पुल-पुलियों का मेंटेनेंस विभाग के द्वारा ही कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। विभाग के द्वारा मेंटेनेंस होने से काम जल्दी होगा। साथ ही विभाग में और अतिरिक्त भर्ती होने से लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग से जब भी हम कहीं जाते हैं और अगर कहीं कोई गड़बड़ी दिखती है तो रास्ते से सीधे अधिकारियों को फोन कर निर्देश देते हैं। जब हम श्रद्धेय अटल जी की सरकार में रेल मंत्री थे तो देखा कि रेलवे में पुलों की देख-रेख को लेकर एक अलग विंग है। हमने निर्देश दिया है कि रेलवे की तरह ही बिहार में भी पुल-पुलियों की देखभाल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधाएं एवं राज्य के विकास के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। सबको आवागमन में सहूलियत हो, पढ़ाई लिखाई में सुविधा हो, रोजगार के अवसर मिले, इसको लेकर हमारी सरकार संकल्पित है। बिहार तेजी से विकसित होगा तो देश की तरक्की में अपना योगदान और बेहतर तरीके से दे सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से पूरी दुनिया को नुकसान हुआ है। इससे हमारा देश और बिहार भी प्रभावित हुआ है। कोरोना का खतरा अभी भी बरकरार है, इससे सभी को सचेत रहना है। मास्क पहनना सभी के लिये जरूरी है। एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहें और हाथ की सफाई करते रहें, बिना वजह घर से बाहर नहीं निकलें। शिलान्यास कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित पी0एम0सी0एच0 के मल्टी लेवल पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जे0पी0 गंगा पथ से पी0एम0सी0एच0 को जोड़े जाने वाले मार्ग का भी स्थल निरीक्षण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृतलाल मीणा ने पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम के दौरान इस योजना से संबंधित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमृतलाल मीणा ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, विधान पार्षद श्री नीरज कुमार, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय कुमार सिंह, अभियंता प्रमुख श्री हनुमान प्रसाद चैधरी, अभियंता प्रमुख श्री नीरज सक्सेना सहित अन्य वरीय अधिकारीगण, अभियंतागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
| Posted: 04 Sep 2021 04:07 AM PDT पंजाब स्थित सरकारी महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय बिहार के छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाओं के साथ विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा: वीसी"एनरोल हियर, स्टडी अब्रॉड": एमआरएसपीटीयू का पाथवे प्रोग्राम अमेरिका, कनाडा और विश्व के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ विदेश में अध्ययन के लिए तरस रहे छात्रों के लिए वरदान साबित होगा – तकनीकी शिक्षा मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है - वीसी पटना के साथ बठिंडा शहर में सबसे अच्छी रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी है- रजिस्ट्रार पंजाब सरकार द्वारा स्थापित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (MRSPTU), बठिंडा (पंजाब) बिहार के दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को पंजाब सरकार के प्रीमियर संस्थान में विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ आकर्षक छात्रवृत्ति योजनाओं और केंद्र की कल्याण योजनाओं के साथ एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। । यह बात एम.आर.एस.पी.टी.यू., उप कुलपति, प्रसिद्ध शिक्षाविद और शोधकर्ता प्रो बूटा सिंह सिद्धू ने शनिवार को बुद्ध हेरिटेज में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही। वीसी साहिब वरिष्ठ शिक्षकों और अधिकारियों के साथ एमआरएसपीटीयू बिहार राज्य पूर्व छात्र अध्याय का शुभारंभ करने के लिए पटना में थे, जहां विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक बिहार राज्य के पूर्व छात्रों "नॉस्टैल्जिया-2021" में भाग लिया। बाद में कुलपति के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने भी तख्त पटना साहिब में मत्था टेका और जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गहौर मस्किन जी से मुलाकात की। प्रो. सिद्धू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा देश के मानव संसाधन विकास में कुशल जनशक्ति सृजित करके, औद्योगिक उत्पादकता को बढ़ाकर और यहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। "प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा दोनों में परिणामी व्यवधानों के साथ आने वाली चौथी औद्योगिक क्रांति के समय, हम नए उभरते अवसरों और अवसरों का दोहन करने के लिए युवा दिमागों को उनकी प्रतिभा को उजागर करने और प्रशिक्षित करने के लिए नवीनतम तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, " उन्होंने बोला। वी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण के अनुकूल अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्रदान करता है और हमारे विकास और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देता है। वीसी ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय बिहार के छात्रों को उच्च शिक्षा में सपनों को साकार करने और प्रमुख विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए विभिन्न मार्ग कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशों में अध्ययन करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी छात्रवृत्तियां और कल्याणकारी योजनाएं सरकारी विश्वविद्यालय में उपलब्ध हैं। मेधावी छात्रों के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति 100 प्रतिशत तक फीस माफी मेधावी छात्रों के लिए एक और बड़ा लाभ है। छात्र विश्वविद्यालय के टोल फ्री नंबर: 1800-121-1833 और वेबसाइट www.mrsptu.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं। MRSPTU और वेन स्टेट यूनिवर्सिटी (W.S.U.) के बीच सहयोगी मार्ग शिक्षा कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए, VC ने कहा कि एक छात्र MRSPTU में तीन साल तक अध्ययन करने के बाद W.S.U. में 3 प्लस 2 और 3 प्लस 1 के तहत अध्ययन के चौथे और पांचवें वर्ष को पूरा करेगा। 4 साल का कोर्स पूरा करने के बाद, MRSPTU के छात्र को W.S.U. के साथ-साथ MRSPTU, बठिंडा से B.Tech की डिग्री मिलेगी। इसके अलावा, 5 साल के कार्यक्रम के तहत, दोनों बी.टेक. और मास्टर डिग्री W.S.U. द्वारा प्रदान की जाएगी। यहां यह उल्लेख किया जा सकता है कि डब्लू.एस.यू. संयुक्त राज्य अमेरिका के डेट्रॉइट(Detroit) शहर में स्थित है, जिसे यूएस ऑटोमोबाइल उद्योग के केंद्र के रूप में जाना जाता है, और "बिग थ्री" ऑटो निर्माता जनरल मोटर्स, फोर्ड और स्टेलेंटिस उत्तरी अमेरिका सभी का मुख्यालय मेट्रो में है। W.S.U. में अध्ययन करने के बाद, छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। अपने मजबूत अंतरराष्ट्रीय विनिमय कार्यक्रम के तहत, विश्वविद्यालय ने थॉम्पसन रिवर यूनिवर्सिटी (कनाडा), सिनर्जी यूनिवर्सिटी (रूस), आई.एन.एस.ई.ई.सी. (फ्रांस), यूनिवर्सिटी कनाडा वेस्ट, वैंकूवर (कनाडा), कॉनकॉर्डिया यूनिवर्सिटी ऑफ एडमॉन्टन (कनाडा), वैंकूवर आइलैंड यूनिवर्सिटी जैसे और अन्य प्रसिद्ध विश्वविद्यालय क्रेडिट ट्रांसफर अध्ययन के लिए विदेश में अध्ययन करने के इच्छुक प्रतिभाशाली छात्रों के लिए दरवाजे खोलने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। प्रमुख कॉर्पोरेट और बड़े औद्योगिक घरानों के साथ मजबूत साझेदारी है। MRSPTU, बठिंडा पंजाब के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो व्यावसायिक शिक्षा और तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा में उत्कृष्टता का केंद्र बन गया है। पंजाब सरकार इसे राज्य में मॉडल यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित कर रही है। एम.आर.एस.पी.टी.यू. पंजाब का पहला सरकारी तकनीकी विश्वविद्यालय है जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की धारा 2 (एफ) और 12 बी के तहत पंजीकृत है, जो इसे उदार केंद्रीय अनुदान के लिए योग्य बनाता है। प्रो. सिद्धू ने आश्वासन दिया कि MRSTPU का मिशन स्वतंत्रता, सशक्तिकरण, प्रतिबद्धता, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देकर प्रौद्योगिकी, वैज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता और उन्नति को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल और प्रेरक वातावरण प्रदान करना है। MRSPTU युवाओं को रोजगार प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, दवा विज्ञान को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। विश्वविद्यालय ने पंजाब और पड़ोसी राज्यों में कृषि संकट का मुकाबला करने के उद्देश्य से विविधीकरण को बढ़ावा देने और औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती, पौष्टिक बाजरा के उत्पादन, बागवानी और अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के साथ गुणवत्ता वाले भोजन के माध्यम से किसानों को विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं की शुरुआत की। शाही वास्तुकला और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ 146 एकड़ में फैले जीवंत और विशाल परिसर के साथ, उत्कृष्टता केंद्र, सर्वश्रेष्ठ संकाय, पसंद आधारित क्रेडिट प्रणाली, नवीनतम पाठ्यक्रम। हम उद्योग और समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक एकीकृत और प्रौद्योगिकी उन्मुख शिक्षा के साथ सर्वश्रेष्ठ पेशेवरों की तुलना में तकनीकी रूप से कुशल जनशक्ति का उत्पादन करने का प्रयास करते हैं। हम न केवल नौकरी के लिए छात्रों को तैयार कर रहे हैं, बल्कि नौकरी देने वाले और भविष्य के नेता भी हैं।" विश्वविद्यालय में बिहार के छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का वादा करते हुए, रजिस्ट्रार डॉ गुरिंदर पाल सिंह बराड़ ने कहा कि बिहार के छात्र बठिंडा शहर और पटना के बीच सर्वश्रेष्ठ रेल, सड़क और हवाई संपर्क की सुविधा का लाभ उठाएंगे। उन्होंने आगे आश्वासन दिया, "हमारी प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षा है क्योंकि विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र है। विश्वविद्यालय ने छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा, स्वच्छता उपायों और ऑनलाइन या डिजिटल सीखने जैसे मुद्दों को सफलतापूर्वक Covid 19 में संबोधित किया है। विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट कार्यक्रमों के बारे में विवरण देते हुए, एम.आर.एस.पी.टी.यू., प्रो डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय ने उद्योग-अकादमिक संबंधों को बढ़ाने के लिए एक कॉर्पोरेट संसाधन केंद्र (सीआरसी) की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पंजाब सरकार के सहयोग से 7 मेगा जॉब फेयर का आयोजन किया है जिसमें सैकड़ों कंपनियों ने भाग लिया और आकर्षक पैकेज पर हजारों छात्रों का चयन किया। विश्वविद्यालय छात्रों और इससे संबद्ध कॉलेजों के लिए कैंपस और संयुक्त कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन करता रहता है। हमारे छात्रों को प्रतिष्ठित आई.ए.एस., आई.पी.एस., आई.एफ.एस., राज्य सिविल सेवा, न्यायपालिका, रक्षा, सेना, रेलवे, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और देश की अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में भी चुना गया है। इंफोसिस, विप्रो, कैपजेमिनी, बायजूज, कॉग्निजेंट आदि जैसे विभिन्न औद्योगिक दिग्गजों में हर साल प्लेसमेंट के अलावा छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए सीआरसी ने छात्रों के लिए प्री-प्लेसमेंट सत्र शुरू किया है। स्व-रोजगार के लिए स्टार्ट अप इंडिया-पंजाब यात्रा और विभिन्न उद्यमिता सत्र नियमित रूप से परिसर में आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर डीन कंसल्टेंसी एंड चेयरमैन एडमिशन, डॉ. मंजीत बंसल, निदेशक जनसंपर्क, हरजिंदर सिंह सिद्धू और सहायक प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, श्री गगनदीप सोढ़ी और प्रमुख शिक्षाविद और अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेज: तीन दशक पुरानी पंजाब सरकार ने प्रमुख ज्ञानी जैल सिंह कैंपस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (GZSCCET) की स्थापना की, जो विश्वविद्यालय परिसर का हिस्सा है। विश्वविद्यालय का अपना घटक कॉलेज पंजाब स्टेट एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग कॉलेज, पटियाला भी है जो विमानन क्षेत्र में पाठ्यक्रम प्रदान करता है; जैसे बी.टेक (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) बी.टेक (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग), बीबीए (एविएशन मैनेजमेंट) और बैचलर इन मैनेजमेंट स्टडीज (एयरलाइंस टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी में)। दोनों प्रबंधन पाठ्यक्रम विशेष रूप से हवाई अड्डों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के साथ विमानन उद्योग की सेवा के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों का निजी क्षेत्र के साथ-साथ सरकारी क्षेत्र में भी व्यापक दायरा है; जैसे हवाई अड्डे, एयरलाइंस, कॉर्पोरेट अनुसंधान क्षेत्र, हेलीकॉप्टर कंपनियां, बोइंग और एयरबस, यात्रियों और विमानों के संचालन के लिए ग्राउंड स्टाफ, टिकट प्रबंधन, पर्यटन विभाग, ट्रैवल एजेंट, फ्लाइंग क्लब, कार्यकारी अनुसंधान सलाहकार। दोनों इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए उड़ान के घंटे इनफ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग और फिर प्रयोग के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं और यह सुविधा केवल IIT कानपुर के अलावा PSAEC पटियाला में उपलब्ध है क्योंकि PSAEC पटियाला में सिविल एयरोड्रम और एयर स्ट्रिप की सुविधा उपलब्ध है। मोगा, राजपुरा और नंदगढ़ (बठिंडा) में तीन प्रमुख पंजाब प्रौद्योगिकी संस्थान (पीआईटी) भी विश्वविद्यालय के घटक कॉलेज हैं। हजारों छात्रों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय में 55 से अधिक प्रमुख संबद्ध कॉलेज / संस्थान हैं। इसके अलावा, पाठ्यक्रम में फ्रेंच भाषा सीखने के अतिरिक्त प्रावधान और विश्वविद्यालय में आईईएलटीएस (IELTS) ने विदेशी प्लेसमेंट के दायरे को बढ़ा दिया है। विश्व के 2 प्रतिशत सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (एम.आर.एस.पी.टी.यू.), बठिंडा के कई संकाय सदस्य प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं, जिन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (यूएसए) द्वारा किए गए एक स्वतंत्र अध्ययन में शीर्ष 2 प्रतिशत सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों की विश्व रैंकिंग में सूचीबद्ध किया गया है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (यूएसए) ने हाल ही में वर्ष 2019 में शीर्ष 2% सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची जारी की है। खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख डॉ. कवलजीत सिंह संधू और फार्मास्युटिकल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, (एम.आर.एस.पी.टी.यू.), बठिंडा से डॉ आशीष बाल्दी ने खाद्य विज्ञान और फार्मेसी डोमेन में दुनिया भर में शीर्ष 2% सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में शामिल होकर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया। गुरु नानक चेयर: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती को चिह्नित करने के लिए, पंजाब सरकार ने MRSPTU में एक गुरु नानक देव चेयर स्थापित किया है। पीठ गुरु नानक देव जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर विशेष रूप से पर्यावरण विज्ञान से संबंधित "पवन-गुरु पाणि-पिता माता-धरतमहत" पर आधारित शोध का संचालन करेगी, जिसमें वर्तमान संदर्भ में जल, वायु और मिट्टी के तत्वों का अध्ययन किया जाएगा। मानव जाति के सामने पारिस्थितिक संकट फोकस में रहेगा। हरा परिसर : मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद (MGNCRE) ने महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (MRSPTU), बठिंडा को परिसर के स्वच्छ हरे वातावरण के लिए "ग्रीन चैंपियन" पुरस्कार के तहत स्वच्छता पुरस्कार के साथ चुना। चयन सर्वोत्तम स्वच्छता और स्वच्छता, वर्षा संचयन और जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और विशाल स्वच्छ हरित परिसर सहित विभिन्न मानकों पर आधारित था। दिव्य रश्मि केवल समाचार पोर्टल ही नहीं समाज का दर्पण है |www.divyarashmi.com |
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