दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Sunday, November 28, 2021

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल


ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नालंदा में दो दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

Posted: 27 Nov 2021 09:01 PM PST

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नालंदा में दो दिवसीय आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

देश की आजादी के महान स्वतंत्रता सेनानियों व नायकों को याद करने और नई पीढ़ी को इनके बारे में बताने के उद्देश्य से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के रीजनल आउटरीच ब्यूरो, पटना द्वारा नालंदा स्थित महाबोधि महाविद्यालय (बीएड) कॉलेज में आज आजादी का अमृत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने किया। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निदेशक विजय कुमार एवं क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी पवन कुमार सिन्हा, राजगीर की अनुमंडल पदाधिकारी अनिता सिन्हा उपस्थित थे।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आज के इस डिजिटल युग में फोटो प्रदर्शनी की अपनी एक अलग महत्ता है। उन्होंने कहा कि आज हम लोग आजाद भारत के नागरिक हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि किनकी कुर्बानियों और शहादतों के बाद हमें यह आजादी मिली है। उन नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और उनके बारे में बताने के लिए ही इस दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद कम लोगों को मालूम होगा कि गांधीजी बिहार में 1917 से लेकर 1947 तक लगभग 27 बार आए थें। इस फोटो प्रदर्शनी में कई ऐसे दुर्लभ तस्वीरें लगाई गई हैं, जो बच्चों को और उनके अभिभावकों को जरुर देखना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। जिस प्रकार प्रदूषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, लोगों में स्वास संबंधी बीमारियां अधिक हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां देशभर में 33% हरियाली है, वहीं बिहार में 15% है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण ही पशु-पक्षियों सहित मनुष्यों में इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। हमें अपने हरियाली के लक्ष्य को बढ़ाकर 17% करना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि आज हम जिनकी वजह से खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उनको याद करने के लिए यह अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने नालंदा के दो स्वतंत्रता सेनानियों - श्याम नारायण सिंह और मौलाना सैयद अरशद मदानी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल देश की आजादी में अपनी महत्ती भूमिका निभाई बल्कि वे राष्ट्रीय कौमी एकता के भी प्रतीक हैं, जिन्होंने लोगों को एकता में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि हमें देश में ही निर्मित बुनकरों के वस्त्रों व सामानों का इस्तेमाल करना चाहिए इससे लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा।
नव नालंदा महाविहार के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार कर्ण ने कहा कि हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों, महानायकों के आदर्शों और जीवन से सीख लेने और उसे आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की समाज के प्रति अपनी एक जिम्मेदारी होती है और हर व्यक्ति को समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब देश के नायकों को एक जगह फोटो के माध्यम से बताने और समझाने की कोशिश नई पीढ़ी के लिए की जा रही है। निसंदेह एक सार्थक पहल है।
कार्यक्रम स्थल पर मुफ्त टीकाकरण के लिए स्टॉल की भी व्यवस्था की गई थी। साथ ही यहां हथकरघा का भी एक स्टॉल लगाया गया था। इसके साथ ही मंत्रालय के पंजीकृत सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने लोकगीत और नाटक का मंचन किया।
मौके पर महाबोधि महाविद्यालय नालंदा के प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी सर्वजीत सिंह एवं अमरेंद्र मोहन सहित कॉलेज के शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

मुख्यमंत्री ने बरौनी थर्मल पावर स्टेशन स्टेज-2 के 500 मेगावाट (2.250) का किया लोकार्पण

Posted: 27 Nov 2021 08:57 PM PST

मुख्यमंत्री ने बरौनी थर्मल पावर स्टेशन स्टेज-2 के 500 मेगावाट (2.250) का किया लोकार्पण

पटना, 27 नवम्बर 2021 को  मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज बेगूसराय में बरौनी थर्मल पावर स्टेशन स्टेज-2 के 500 मेगावाट (2.250) का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण कर देश को समर्पित किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम के आयोजन के लिए आप सभी को बधाई देता हूं और यहां उपस्थित लोगों का अभिनंदन करता हूं। केंद्रीय मंत्री विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा श्री आर0के0 सिंह एवं एन0टी0पी0सी0 को विशेष तौर पर बरौनी में थर्मल पावर स्टेशन स्टेज-2 के 500 मेगावाट के लोकार्पण के लिए बधाई। इस कार्यक्रम में मुझे शामिल होने के लिए आप लोगों ने आमंत्रित किया इसके लिए आप सबको धन्यवाद देता हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने देश के ऊर्जा के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी आप सबों को दी है। देश के ऊर्जा क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों के लिए मैं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं प्रधानमंत्री जी को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि बरौनी थर्मल पावर स्टेशन के स्टेज-2 का संचालन 1 नवंबर 2021 से ही शुरु हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे बेगूसराय की पावन धरती पर आने का मौका मिला है। आदरणीय डॉक्टर श्रीकृष्ण बाबू के कार्यकाल के प्रारंभ से ही इस क्षेत्र का विकास शुरु हुआ। 26 जनवरी 1960 को 15 मेगावाट की तीन इकाईयों का डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह ने शिलान्यास किया था लेकिन वर्ष 1961 में उनकी मृत्यु हो गई। वर्ष 1962 में इस थर्मल पावर स्टेशन की शुरुआत के बाद इसका संचालन शुरु हो गया। बाद में कुछ कारणों से इसका देखभाल ठीक से नहीं होने लगा। 24 नवंबर 2005 को जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो सड़क सहित अन्य बुनियादी आधारभूत ढांचे के साथ ही विद्युत क्षेत्र में विकास के लिए कार्य शुरु किये गये। वर्ष 2006 में बरौनी थर्मल पावर स्टेशन का 2ग्110 मेगावाट का यूनिट बंद पड़ा था। इसके संचालन के लिए हमलोगों ने काम शुरु किया। इसकी एक इकाई वर्ष 2016 में कार्यरत हो गई। 250 मेगावाट की दो यूनिट बनाने का कार्य वर्ष 2012 में प्रारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के कांटी थर्मल पावर स्टेशन का काम वर्ष 1978 में स्वर्गीय जार्ज फर्णांडिस साहब द्वारा शुरु किया गया था। उस समय जार्ज साहब मोरारजी भाई देसाई की सरकार में केंद्रीय मंत्री और मुजफ्फरपुर से सांसद थे। इस थर्मल पावर स्टेशन का काम वर्ष 1985 में पूर्ण हुआ। कांटी थर्मल पावर स्टेशन को एन0टी0पी0सी0 को सौंपने के लिए हमलोगों ने बातचीत की और अंततः इसे एन0टी0पी0सी0 को सौंप दिया गया। कांटी थर्मल पावर स्टेशन में पहले 2.110 मेगावाट की यूनिट और इसके बाद 2.195 मेगावाट की अतिरिक्त इकाई लगाई गई, जो वर्ष 2017 में शुरु हो गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने, राज्य में विद्युत की उपलब्धता बढ़ाने, इनकी लागत कम करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में बरौनी थर्मल पावर स्टेशन को एन0टी0पी0सी0 को हस्तांतरित कर दिया। उन्होंने कहा कि जब हम केंद्र में श्रद्धेय अटल जी की सरकार में मंत्री थे उस समय से एन0टी0पी0सी0 से हमारा संबंध है। आज के बरौनी थर्मल पावर स्टेशन की विस्तारित इकाई से इस इलाके का विकास होगा और यहां के लोगों को फायदा
होगा। उन्होंने कहा कि एन0टी0पी0सी0 ने बिजली उत्पादन का काम शुरु कर दिया है, केंद्रीय मंत्री ने इसके और एक्सटेंशन की बात की है, इसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में सात निश्चय कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें एक निश्चय के रुप में दिसंबर 2018 तक हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। लेकिन हमलोगों ने दो माह पूर्व यानि अक्टूबर 2018 को ही हर घर तक बिजली पहुंचा दी। बिहार के इस कार्य की सराहना करते हुए केंद्र सरकार ने भी इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार में बिजली की खपत मात्र 700 मेगावाट ही थी। जो अब बढ़कर 6000 मेगावाट से भी ज्यादा हो गई है। लोगों को बिजली बिल कम देना पड़े इसको लेकर प्रति उपभोक्ता 50 प्रतिशत से ज्यादा का अनुदान राज्य सरकार देती है। उन्होंने कहा कि हमलोग ऊर्जा के क्षेत्र में और सुधार तथा लोगों को सुविधा देने के लिए लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जितनी जरुरत हो लोग बिजली का उतना ही उपयोग करें, इसका सदुपयोग करें, बिजली का दुरुपयोग बिल्कुल न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो पा रहे थे जिसकी वजह से हम लोगों से भेंट नहीं कर पा रहे थे। मुझे लोगों से मिलने में काफी खुशी और संतोष होता है। आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर मुझे खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना का टीकाकरण अभियान पूरे देश और राज्य में तेजी से चलाया जा रहा है। सभी लोग कोरोना का टीका अवश्य लें। जिन लोगों ने कोरोना टीके का पहला डोज ले लिया है वे लोग निर्धारित समय पर दूसरा डोज भी अवश्य लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से जितनी जल्दी मुक्ति मिले, स्थिति सामान्य हो, सभी गतिविधियां ठीक ढंग से संचालित होने लगे, इसके लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं। कोरोना के प्रति सभी को सचेत एंव सजग रहना होगा।

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एन0टी0पी0सी0, श्री गुरदीप सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा श्री आर0के0 सिंह, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, एन0टी0पी0सी0, श्री गुरदीप सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री राम रतन सिंह, विधायक श्री राजकुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, भारत सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव श्री आलोक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, बिहार सरकार में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री संजीव हंस, आयुक्त मुंगेर प्रमंडल श्री प्रेम सिंह मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, बेगूसराय रेंज, श्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अवकाश कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारीगण, एन0टी0पी0सी0 के अभियंतागण, कर्मीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने बरौनी थर्मल पावर स्टेशन स्टेज-2 के 500 (2.250 मेगावाट) के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट का स्थल निरीक्षण किया। परिसर के सेवा भवन में टरबाईन फ्लोर का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया और विद्युत उत्पादन के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के समक्ष कंट्रोल रुम में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बरौनी थर्मल पावर स्टेशन की उपलब्धियां, सामुदायिक विकास पहल, लक्ष्य तथा विजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

क्या करूँ मैं तेरी बड़ाई

Posted: 27 Nov 2021 08:49 PM PST

क्या करूँ मैं तेरी बड़ाई 

क्या करूँ मैं तेरी बड़ाई,
तुम हीं हो मेरी जान ,
तुम हीं मेरी राधा,सीता,
तुम हीं हो मेरी अरमान।

तुमसे मेरे घर की रौनक,
तुम से हीं मेरी पहचान ,
तुम से शुरू मेरी गलियाँ,
तुम हीं मेरी दुनियाँ, जहान।

तुम से मेरी हर दिन शुरू,
तुम से मेरी हर सुबह,शाम,
तुम हीं हो मेरे दिल की धड़कन,
तुम हीं मेरी घर की शान ।

तुम हीं मेरे जीवन की  ज्योति,
तुम हीं मेरी हीरा-मोती,
तुझे मिले जीवन में हर खुशियाँ,
तेरी सदा हो जय,कल्याण।

मैं हूँ अकेला दास तुम्हारा,
तुम बिन मेरा नहीं गुजारा,
बनी रहे तुझपर ईश्वर कृपा,
तुझे हर जगह मिले सम्मान। 

तुम बिन नहीं अस्तित्व हमारा,
तुम बिन नहीं जीना गँवारा,
तुममें रचता बसता यह "अकेला",
तुम हीं मेरी जीवन,प्राण।
        -----000---
         अरविन्द अकेला
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

मुख्यमंत्री ने एन0 टी0 पी0 सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-1 की इकाई-1 (660 मेगावाट) का किया लोकार्पण

Posted: 27 Nov 2021 08:44 PM PST

मुख्यमंत्री ने एन0 टी0 पी0 सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-1 की इकाई-1 (660 मेगावाट) का किया लोकार्पण

पटना, 27 नवम्बर 2021 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज रिमोट के जरिये षिलापट्ट का अनवारण कर एन0टी0पी0सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज-1 की इकाई-1 (660 मेगावाट) का लोकार्पण किया। बाढ़ एन0टी0पी0सी0 प्रांगण स्थित हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने एन0टी0पी0सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष एन0टी0पी0सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने एन0टी0पी0सी0 बाढ़ प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
लोकार्पण के अवसर पर एन0टी0पी0सी0 बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट प्रांगण स्थित क्रिकेट मैदान में आयोजित कार्यक्रम के मंच पर एन0टी0पी0सी0 परिवार की तरफ से मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में मुझे उपस्थित होने का अवसर मिला है। इसके लिए मैं केंद्रीय मंत्री श्री आर0के0 सिंह जी का और एन0टी0पी0सी0 को विशेष तौर पर धन्यवाद देता हूं। यहां उपस्थित सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूं। आज के इस उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। नई पीढ़ी के लोगों को यह जानना चाहिए कि इसे बनाने में कितनी मेहनत करनी पड़ी है और किस-किस प्रकार की बाधाएं उत्पन्न हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस इलाके के लोगों ने मुझे 1989 से 5 बार एम0पी0 बनाया है। यह मेरा पुराना चुनावी क्षेत्र है। एक बार फिर से हम इस पूरे इलाके में घूमेंगे। कोरोना के कारण कहीं जाना संभव नहीं था। जब तक जीवन है हम यहां के लोगों को कभी नहीं भूलेंगे। जब तक काम करने का मौका मिलेगा आपकी हर जरुरतों को पूरा करेंगे। आज फिर से पुराने क्षेत्र में आकर मुझे काफी प्रसंन्नता हो रही है। उद्घाटन के मौके पर आप सबों के बीच आकर मुझे बेहद खुशी हुयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1998 में श्रद्धेय अटल जी की सरकार में मुझे रेल मंत्री के रुप में काम करने का मौका मिला था। केंद्रीय मंत्री के रुप में जो भी संभव था मैंने यहां के लिए किया। उस समय रंगराजन कुमार मंगलम जी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। स्वर्गीय रंगराजन कुमार मंगलम अपने इलाके में रेल से संबंधित 5 कार्यों को लेकर मुझसे मिले थे। मैंने उनके सभी कामों का सैंक्शन कर दिया था। कुछ दिनों के बाद जब उनसे पुनः मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि हम आपके यहां थर्मल पावर प्लांट लगाना चाहते हैं। आप जगह चिन्हित कर बता दीजिए। तब हमने उनसे कहा था कि पटना से 20 किलोमीटर आगे जाकर 100 किलोमीटर तक अपनी टीम भेजकर जहां उपयुक्त लगे जगह का चयन कर लीजिए। टीम के लोगों ने जगह देखने के बाद बाढ़ में पावर प्रोजेक्ट लगाना तय किया। वर्ष 1998-99 में इस जगह का चयन हुआ। उसके बाद यहां 660 मेगावाट की 3 यूनिट लगाने का ऊर्जा विभाग ने निर्णय किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 12 फरवरी 1999 से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था। उस समय यहां के राज्यपाल सुंदर सिंह भंडारी थे। हमने तत्कालीन राज्यपाल महोदय से मिलकर यहां के कृषि फॉर्म की 25 एकड़ जमीन को एन0टी0पी0सी0 को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। उन्होंने 24 घंटे के अंदर जमीन को एन0टी0पी0सी0 को ट्रांसफर कर दिया। 6 मार्च 1999 को बाढ़ थर्मल पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया। यह देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम काफी तेजी से किया गया। शुरु में एक गांव के लोग यहां बिजली घर बनाने का विरोध कर रहे थे। सालिम अली प्राकृतिक पक्षी विज्ञान केंद्र ने भी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी थी कि यहां पक्षी अभ्यारण्य है। तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री टी0आर0 बालू साहब से मुलाकात कर हमने कहा कि यह टाल का इलाका है और यहां 10 लाख की आबादी है। बरसात को छोड़कर बाकी समय में लोग यहां खेती करते हैं। हमने एक-एक डिटेल उनके समक्ष रखा। उस डिटेल के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया गया। तब जाकर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इसकी अनुमति मिली। उसके बाद इसका टेंडर हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 नवंबर को 660 मेगावाट की तीन यूनिट में से एक यूनिट ने काम करना शुरु कर दिया है। आज इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ है। अगले साल दूसरे यूनिट का जबकि उसके अगले साल तीसरे यूनिट का भी शुभारंभ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज हमने जाकर देखा है कि 660 मेगावाट की जगह 678 मेगावाट यूनिट का उत्पादन हो रहा है, यह काफी खुशी की बात है। इसके लिए पूरे एन0टी0पी0सी0 परिवार और विशेष तौर पर श्री आर0के0 सिंह जी को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि शुरु में कुछ लोगों ने अफवाह फैलायी कि पहले औरंगाबाद में बिजली घर बनाना तय हुआ था जिसे अब बाढ़ में बनाया जा रहा है। जब मैं केंद्रीय रेल मंत्री था तो हमने औरंगाबाद में 1000 मेगावाट यूनिट का पावर स्टेशन बनाने का निर्णय लिया था। वर्ष 2012 में बिहार सरकार की तरफ से भी हमलोगों ने 660 मेगावाट की तीन यूनिट एन0टी0पी0सी0 के साथ समझौता 50-50 के आधार पर कर औरंगाबाद में लगाने का निष्चय किया। हमलोगों ने बाद में बिहार सरकार की तरफ से इसे एन0टी0पी0सी0 को ट्रांसफर कर दिया। बिहार में एन0टी0पी0सी0 की तरफ से 7300 मेगावाट का पावर प्लांट लग गया है। वर्ष 2005 में मात्र 700 मेगावाट बिजली की खपत थी। हमलोगों ने हर घर बिजली पहुंचाने का निर्णय लिया जिसे अब केंद्र सरकार ने भी एडॉप्ट कर लिया है। अब 6600 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार करने में लगे रहते हैं। दुष्प्रचार करने वाले लोगों को यह बताना चाहिए कि उनके राजपाट में बिहार में बिजली की कितनी खपत थी। हमलोगों ने वर्ष 2018 के दिसंबर माह तक हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसे दो माह पूर्व ही पूरा कर लिया गया। अक्टूबर 2018 में ही हर इच्छुक व्यक्ति तक बिजली पहुंचा दी गई। बिजली बिल पर हमलोग अनुदान भी दे रहे हैं। बिहार में विकास के जो कार्य हुए हैं उसकी जानकारी हर लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री आर0के0 सिंह जी ने यहां कह दिया है कि एन0टी0पी0सी0 की तरफ से बिहार में बिजली का उत्पादन इतना अधिक किया जायेगा कि राज्य सरकार को किसी प्राइवेट कंपनी से बिजली की खरीद नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सांसद श्री ललन बाबू ने भी सभी राज्यों को एक रेट पर बिजली देने की बात कही है। ऐसा होने से बिजली की दरों में और कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि 15 साल राजपाट चलाने का जिनको मौका मिला, उन लोगों ने बिहार के लिए क्या किया। उस समय बिहार में सड़के टूटी हुई थीं और बिजली गुल थी। आज हर क्षेत्र में विकास का कार्य हो रहा है। श्री आर0के0 सिंह जी बिहार के हैं तो जो भी जरुरतें यहां की होंगी वे पूरा करेंगे। इनको मैं धन्यवाद देता हूं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी को भी मैं धन्यवाद देता हूं कि वे सभी चीजों के बारे में सोचते हैं।
लोकार्पण समारोह को केंद्रीय मंत्री विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा श्री आर0के0 सिंह, सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और एन0टी0पी0सी0 के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री गुरदीप सिंह ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विधायक श्री ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, विधान पार्षद श्री नीरज कुमार, सचिव ऊर्जा, भारत सरकार श्री आलोक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, सचिव ऊर्जा बिहार श्री संजीव हंस, निदेषक परियोजना एन0टी0पी0सी0 श्री उज्ज्वल क्रांति भट्टाचार्य, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं एन0टी0पी0सी0 परिवार से जुड़े अन्य अधिकारीगण/अभियंतागण एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

28 नवम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 27 Nov 2021 06:31 AM PST

28 नवम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

28 नवम्बर 2021, रविवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि नवमी रात्रि 12:16:36

🔅 नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी सायं 05:55:26

🔅 करण :

                तैतिल 17:53:53

                गर 29:33:13

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग विश्कुम्भ 29:01:00

🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:42:18

🔅 चन्द्रोदय 25:12:59

🔅 चन्द्र राशि सिंह - 28:04:34 तक

🔅 सूर्यास्त 17:18:13

🔅 चन्द्रास्त 13:28:59

🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:30:21

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत कार्तिक

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:47:48 - 12:29:49

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 15:59:57 - 16:41:58

🔅 कंटक 10:23:45 - 11:05:46

🔅 यमघण्ट 13:11:51 - 13:53:52

🔅 राहु काल 16:05:12 - 17:23:59

🔅 कुलिक 15:59:57 - 16:41:58

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:47:48 - 12:29:49

🔅 यमगण्ड 12:08:49 - 13:27:36

🔅 गुलिक काल 14:46:24 - 16:05:12

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद

☀ चन्द्रबल

🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

28 नवम्बर 2021, रविवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries) : आज आप परिजनों के साथ मिलकर घरेलू मामलों में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। घर की कायापलट करने के लिए कुछ नई योजना बनाएंगे। कार्यस्थल पर उच्च पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। ऑफिस के कार्य के लिए यात्रा पर जाने की संभावना है। माता तथा स्त्री वर्ग की तरफ से लाभ होने की संभावना है। आपके किसी कार्य या प्रॉजेक्ट में सरकार की मदद मिलेगी। अत्यधिक कार्यभार से अस्वस्थ रहेंगे।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

वृषभ (Taurus) : विदेश में रहने वाले स्वजन या मित्र का समाचार मिलने से आपका मन प्रसन्नता का अनुभव करेगा। विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए अनुकूल संयोग खड़े होंगे। लंबी दूरी की यात्रा करने का अवसर आएगा। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर कार्यभार बढ़ेगा। व्यापार-धंधे में लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से मध्यम रहेगा।

शुभ रंग = फीरोजा़

शुभ अंक : 6

मिथुन (Gemini) : किसी भी प्रकार के अनिष्ट से बचने के लिए आज क्रोध की भावनाओं को नियंत्रण में रखने की सलाह देते हैं। ऑपरेशन कराने के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है। खर्च बढ़ जाने से आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। कुटुंबीजनों और सहकर्मचारियों के साथ मनमुटाव होगा, जिसके कारण आप मानसिक बेचैनी अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य खराब होगा। ईश्वर की प्रार्थना तथा जाप करने से राहत महसूस होगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer) : आज के दिन मौज-शौक और मनोरंजन की प्रवृत्तियों में आप सराबोर होंगे। मित्रों, परिवार के साथ मनोरंजन के स्थान या पर्यटन पर जाने का अवसर मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन और नए वस्त्राभूषण आदि की खरीदारी होगी। वाहन सुख प्राप्त होगा। सार्वजनिक क्षेत्र में मान तथा व्यवसाय के क्षेत्र में भागीदारी में लाभ मिलेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षण होगा। प्रेमीजनों को प्रणय में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo) : आज आपके परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर आप आनंदपूर्वक समय व्यतीत करेंगे। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यश, कीर्ति और आनंद की प्राप्ति होगी। नौकरी के क्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। बीमार व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलेगी। ननिहाल की तरफ से अच्छे समाचार मिलेंगे तथा लाभ होगा। प्रतिस्पर्द्धियों की पराजय होगी।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

कन्या (Virgo) : आज आप संतान की समस्या से चिंतित रहेंगे। अपच आदि पेट दर्द की बीमारियों की शिकायत रहेगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई में विघ्न आएगा। बौद्धिक चर्चा तथा बातचीत में भाग न लें। प्रणय प्रकरण में सफलता मिलेगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मुलाकात होगी। कामुकता अधिक रहेगी। शेयर-सट्टा में सावधानी रखेंगे।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra) : अत्यधिक संवेदनशीलता और विचारों के बवंडर से आप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। माता और स्त्रियों के मामले में आपको चिंता रहेगी। यात्रा के लिए आज का दिन अनुकूल न होने से यात्रा करना टालें। छाती के दर्द से परेशानी होगी। जमीन-सम्बंधी मामलों में सावधानीपूर्वक व्यवहार करने की सलाह देते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7

वृश्चिक (Scorpio) : आज काhb दिन खुशीपूर्वक व्यतीत करेंगे। नए कार्य की शुरुआत करेंगे। घर में भाई-बहनों के साथ मेल-मिलाप रहेगा। स्वजनों और मित्रों के साथ मिलन-मुलाकात होगी। लघु प्रवास का योग है। आज आपके कार्य सफल होंगे। भाग्य में लाभदायक परिवर्तन आएंगे। दुश्मन और प्रतिस्पर्द्धी अपनी चाल में असफल रहेंगे। आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius) : आपका आज का दिन मध्यम फलदायी साबित होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ गलतफहमी पैदा होने के कारण मनमुटाव होगा। आप मानसिक दृढ़ता कम होने से कोई भी निर्णय तेजी से नहीं ले सकेंगे, कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। व्यर्थ धन खर्च और कार्यभार आपके मन को व्यवस्थित रखेंगे।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

मकर (Capricorn) : आज निर्धारित कार्य सरलतापूर्वक पूरे होंगे। ऑफिस या व्यावसायिक स्थान पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा। गृहजीवन में आनंद का वातावरण रहेगा, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी। मित्रों और स्नेहीजों के साथ की मुलाकात से खुशी का वातावरण रहेगा। उत्तम भोजन और वस्त्राभूषण मिलेंगे तथा वैवाहिक जीवन में सुख-संतोष का अनुभव होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

कुंभ (Aquarius) : आज किसी की जमानत लेने तथा आर्थिक लेन-देन नहीं करने की सलाह देते हैं। खर्च की मात्रा अधिक रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं रहेंगे। स्वजनों के साथ मतभेद खड़े होंगे। किसी का हित करने में स्वंय परेशानी में पड़ जाने की संभावना है। क्रोध पर नियंत्रण रखें, मानहानि की संभावना है।

शुभ रंग = फीरोजा़

शुभ अंक : 6

मीन (Pisces) : सामाजिक कार्यों या समारोहों में भाग लेने का अवसर आएगा। मित्रों-स्नेहीजनों के साथ की मुलाकात मन को खुशी देगी। सुंदर स्थान पर पर्यटन का आयोजन होगा। शुभ समाचार मिलेगा। पत्नी और संतान से लाभ प्राप्त होगा। आकस्मिक धन प्राप्त होने की संभावना है। वस्तुएं खरीदने के लिए अनुकूल।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

सौंदर्य, मन व शरीर

Posted: 27 Nov 2021 06:19 AM PST

सौंदर्य, मन व शरीर

(हृदयनारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर)
मनुष्य जीवन में सौन्दर्य का महत्व है। सौन्दर्य कला का मुख्य तत्व है। कलात्मक सृजन के लिए भी मूल ध्येय सौन्दर्य है। सौन्दर्य का सृजन कला का मूल कर्म है। उपनिषदों में कहा गया है कि बलहीन को आत्म उपलब्धि नहीं होती। सृजन पुष्ट शरीर द्वारा ही संभव है। शरीर से ही उत्कृष्ट संगीत संभव है और गीत-संगीत से ही कला की यात्रा। सृजन में शरीर के सभी अंग सक्रिय होते हैं। इसी तरह संगीत में वाद्य यंत्रों से काम लेते समय भी शरीर के ही अंग काम करते हैं। गीत गायन में पूरा स्वर यंत्र काम करता है। चित्र बनाते समय भी शरीर की भूमिका है। सौन्दर्य सृजन और दर्शन में आंख और मन की भूमिका है। आंख का स्वस्थ होना जरूरी है। इसी तरह से सुनने की शक्ति भी अनिवार्य है। शरीर का प्रत्येक अंग कला सृजन में हिस्सा लेता है। सृजन के लिए अनिवार्य है।
महाभारत शांति पर्व में प्रकृति और उसके विकारों का सुंदर वर्णन है। कला भी स्वस्थ शरीर से ही संभव है। महाभारत में बताते हैं कि इस पृथ्वी को सम्पूर्ण रसों, गंधों सौन्दर्यों और प्राणियों का कारण समझना चाहिए। मनुष्य प्रकृति का हिस्सा है। पांच महाभूतों से यह प्रकृति बनी है। मनुष्य भी पंाच तत्वों से बना है। भृगु बताते हैं, ''प्राणियों का शरीर इन पांच महाभूतों की ही प्रेरणा है।'' आगे कहते हैं इसमें गति, वायु का हिस्सा है। मनुष्य शरीर के भीतर रिक्त भाग आकाश का अंश है। मनुष्य शरीर का ताप अग्नि की कृपा है। मनुष्य शरीर के रक्त का मूल जल का अंश है और हड्डी मांस आदि पदार्थ पृथ्वी के अंश हैं।'' शरीर में प्रत्येक तत्व से पंाच चीजें बनती हैं। त्वचा, मांस, हड्डी, मज्जा, श्नायु तंत्र पृथ्वी मय है। तेज, क्रोध, अग्नि, ऊष्मा और जठराग्नि अग्निमय है। कान, आंख, मुंह, हृदय और पेट आकाशमय है। कफ, पित्त, पसीना, चर्बी और रक्त ये जल रूप हैं। वायु भी पंाच रूप वाली है। इन पांच रूपों का नाम प्राण, ज्ञान, अपान, समान- उदान ये पंाच प्रकृति के रूप हैं। गंध, स्पर्श रस रूप में पृथ्वी में हैं। पृथ्वी का मुख्य गुण गंध है। इसमें अनुकूल, प्रतिकूल, मधुर, कटु स्निग्ध, रुचि आदि 09 भेद हैं।
प्रकृति का प्रत्येक अंश ध्यान देने योग्य है। सौन्दर्य आकर्षित करता है। सौन्दर्य का सम्बंध रूप आंख से है। रूप के सोलह भेद बताये गये हैं। इन भेदों का सम्बंध कला सृजन से है। प्रकृति के प्रपंच में सबसे सूक्ष्म तत्व आकाश है। इसका मुख्य गुण शब्द है। प्रत्येक शब्द का अर्थ होता है। इसका विस्तार कला के लिए जरूरी है। आकाश जनित शब्द के भी सात भेद बताये गये हैं। ये सात सुर हैं। संगीत का आधार है। संगीत शास्त्र में इन सात सुरों का स्पष्ट वर्णन है। इन्हें सडज, ऋषम, गंाधार, मध्यम, पंचम, धवेत, निषाद कहा गया है। संक्षेप में सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि कहे जाते हैं। सुरों का मुख्य केन्द्र आकाश है। आकाश सब तरफ व्याप्त है। महाभारत में वाद्य यंत्रों का उदाहरण देखते हुए कहते हैं, ''नगाड़े आदि में इसकी स्पष्ट अभिव्यक्ति होती है। मृदंग, शंख, बादल और रथ की गति में सुनी गयी ध्वनि इन्हीं सुरों के भीतर है।
शरीर और मन का सम्बंध सुस्पष्ट है लेकिन विचित्र है। चरक संहिता आयुर्वेद का ग्रंथ है। यहाँ 'आयु' की परिभाषा दी गयी है, ''शरीर इन्द्रिय मन आत्मा के संयोग को आर्यु कहते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि आयु में शरीर और आत्मा दोनों सम्मिलित हैं। मन और इन्द्रिय तो शरीर का भाग है ही लेकिन आत्मा को अधिकांश विद्वान अलग मानते हैं। अजर अमर बताते हैं। चरक संहिता में सबको द्रव्य कहा है। यहाॅं 9 द्रव्य कहे गये हैं। पहला आकाश है। दूसरा वायु, तीसरा अग्नि है। चैथा जल, पाँचवा पृथ्वी, छठवां आत्मा है, सातवां मन है, आठवां काल है और नौवां दिशा। आत्मा को महाभारत के गीता वाले अंश में अजर, अमर, अविनाशी कहा गया है लेकिन चरक संहिता में आत्मा मन और काल दिशा दृव्य हैं। शरीर में वात्, पित्त और कफ यह तीनों दोष हैं। इनका संतुलन जरूरी है। जैसे शरीर के तीन दोष और गुण बताये गये हैं वैसे ही मन के आधार पर भी मन और भावना के आधार पर विश्लेषण किया गया है। जीवन विज्ञान में रस की बहुत चर्चा है। बताते हैं कि मनुष्य जो खाता है उससे रस का बोध होता है। रस का लक्ष्ण बताते हैं, ''रसना के अर्थ का मन रस है'' रसना भावनात्मक संज्ञा है। प्रत्यक्ष में इसका मन जीभ है। उपनिषदों में धर्म को पृथ्वी का रस बताया गया है। रस का आधार दृव्य,जल पृथ्वी है। रस का जन्म भी जल और पृथ्वी से होता है। मधुर और कटु रसबोध को प्रकट करने वाले शब्द हैं। मानसिक एकाग्रता जरूरी है। विद्वान व्यक्ति का भी मन इधर-उधर भागता है। ज्ञान प्राप्ति के लिए मन की एकाग्रता जरूरी है। बताते हैं मन के अधीन मन की प्रेरणा से मन के साथ इन्द्रिय अपने-अपने विषयों को ग्रहण करने में समर्थ होते हैं।
सौन्दर्य बोध में भी मन की भूमिका है। मन लगता है तो पास पड़ोस, ऊबड़-खाबड़, जंगल भी उपवन का मजा देते हैं। मन न लगे तो सुन्दर उपवन भी व्यर्थ हो जाते हैं। मन को ज्ञानमय व कल्याणकारी बनाने के लिए यजुर्वेद में 6 मत्रों का उल्लेख एक साथ किया गया है। ऋषि ने कहा है कि हमारा मन शक्तिशाली है। इधर-उधर भागता है। यहाँ-वहाँ धरती आकाश में भागता है। ऋषि की प्रार्थना है, ऐसा हमारा चंचल मन कि शिव संकल्पों से भरा-पूरा है- तन्मे मनः शिव संकल्पम अस्तु। सभी 6 मंत्रों के अंन्त में तनमे मनः शिव संकल्पम् अस्तु की टेक दोहराई गयी है।
शरीर थकता है, मन नहीं थकता। शरीर विश्राम में जाता है, इन्द्रियां विषयों से मुक्त होती हैं। हम सब निद्रा में होते हैं। तब मन मुक्त होकर अपना काम और भी तेज रफ्तार से करता है। तमाम सपने गढ़ता है। हम तारों भरे आकाश की यात्रा पर होते हैं, किसी नदी के तट पर या समुद्र के किनारे नितान्त अपरिचित क्षेत्र में टहलने का मजा लेते हैं। कैसे होता है यह सब? विज्ञान के पास इसका ठोस उत्तर नहीं है। सोते हुए ऐसे क्षेत्रों, दृश्यों में रमना स्वप्न कहा जाता है। स्वप्नों का यह संसार हरेक जिज्ञासु के लिए रहस्यपूर्ण है।
अतिशक्तिशाली श्रीमान और गतिमान हैं मन। ऋषियों ने उन्हें 'चंचल' कहा है। इस चंचलता का सबसे रोचक पहलू है- वर्तमान से असंतोष। असंतोष दुख देता है लेकिन असंतुष्ट मनोदशा के फायदे भी हैं। हम असंतुष्ट होकर परिस्थिति बदलने के लिए सक्रिय भी होते हैं। सक्रियता की भी प्रेरक शक्ति है मन। आशा और अभिलाषा मन के रचे प्रपंच होते हैं। लेकिन सत्य सम्पूर्ण चेतन है, जहां सत्य होगा वहां मन नहीं होगा। पतंजलि के योग सूत्रों में खूबसूरत महाविज्ञान है। उनका
लक्ष्य ही है योगश्चित्तवृत्ति निरोध। चित्त वृत्तियों का माफिया है- मन। पतंजलि ने योग में इसी माफिया के नियंत्रण की तकनीकी बताई है। बताया है कि ''तब साक्षी स्वयं में स्थापित हो जाता है।'' (हिफी)

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

संविधान ने बताए अधिकार के साथ कर्तव्य

Posted: 27 Nov 2021 06:17 AM PST

संविधान ने बताए अधिकार के साथ कर्तव्य

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
संविधान दिवस वस्तुतः कर्तव्य बोध का अवसर होता है। देश को संविधान के अनुरूप चलाने में जन सामान्य का भी योगदान रहता है। उनकी भी इसमें भूमिका होती है। इसीलिए भारतीय संविधान की प्रस्तावना हम भारत के लोग से हुई है। संविधान सभा ने छब्बीस नवम्बर उन्नीस सौ उनचास को संविधान पारित किया लेकिन इसे छब्बीस जनवरी उन्नीस सौ पचास को विधिवत लागू किया गया। यह हमारा गणतंत्र दिवस हुआ। आजादी के पहले छब्बीस जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता था। इसका निर्णय उन्नीस सौ उनतीस के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में लिया गया था। देश पन्द्रह अगस्त को स्वतंत्र हुआ। ऐसे में इस तिथि को गणतंत्र दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व की प्रतिष्ठा प्रदान की गई जबकि छब्बीस नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया। प्रस्तावना के माध्यम से ही संविधान निर्माताओं ने इसके स्वरूप को रेखांकित कर दिया था।
प्रस्तावना में कहा गया कि हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख छबीस नवम्बर उन्नीस सौ उनचास ई मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी को एतदद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
भारत के मूल संविधान में अधिकारों का प्रावधान किया गया था। इसके लिए मूलाधिकार अध्याय बनाया गया था लेकिन उसमें मूल कर्तव्यों का उल्लेख नहीं था। बाद में यह अनुभव किया गया कि नागरिकों के कुछ मूल कर्तव्यों का भी प्रावधान होना चाहिए। कर्तव्यों के बिना अधिकार अधूरे होते है। दूसरे शब्दों में जब हम अधिकारों का उपयोग करते है, तब हमारे राष्ट्र व समाज के प्रति कर्तव्य भी होते है। इसी विचार के अनुरूप संविधान में संशोधन करके इसमें मूल कर्तव्य शामिल किए गए। इसके लिए संविधान में अनुछेद इक्यावन ए का सृजन किया गया। इसके अनुसार भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे। स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करे। भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे। देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करे। भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म. भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुंद्ध है।
हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसका परिरक्षण करे।
प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे। सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे।
व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।
यदि माता-पिता या संरक्षक है, छह वर्ष से चैदह वर्ष तक की आयु वाले अपने, यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करे। बयालीसवें संविधान संशोधन में दस मूल कर्तव्य जोड़े गये। संविधान के भाग चार क के अनुच्छेद इक्यावन अ में रखे गये हैं। वर्तमान में ग्यारह मूल कर्तव्य हैं। इसे छियासी वें संविधान संशोधन में जोड़ा गया। संविधान सभा के लिए जुलाई उन्नीस सौ छियालीस में चुनाव हुए थे। देश के विभाजन के कारण संविधान सभा भी विभाजित हुई। पाकिस्तान की संविधान सभा। भारतीय संविधान सभा में दो सौ निन्यानवे सदस्य बचे। दो वर्ष ग्यारह माह अठारह दिन में संविधान बना। इसमें तीन सौ पंचानवे अनुच्छेद, बारह अनुसूची और बाइस भाग है।
भारतीय संविधान बाइस भागों में विभजित है तथा इसमे तीन सौ पंचानबे अनुच्छेद एवं बारह अनुसूचियां है। संघ और उसके क्षेत्र, नागरिकता मूलभूत अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य, संघ,राज्य संघ राज्य क्षेत्र, पंचायत, स्थानीय शासन अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र, संघ और राज्यों के बीच संबध, वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम, संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं, अधिकरण,कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध, राजभाषा आपात उपबंध, प्रकीर्ण संविधान के संशोधन, अनुच्छेद, अस्थाई संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध का प्रावधान है। संविधान दिवस पर संसद के सेन्ट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नेतृत्व में संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया।
इस अवसर पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाग लिया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि परिवार आधारित पार्टियों के रूप में भारत एक तरह के संकट की तरफ बढ़ रहा है। यह संविधान व लोकतंत्र में आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है। योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग के राजनीति में आने से कोई पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है। समस्या तब आती है जब एक पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही परिवार द्वारा चलाई जाती है। इससे संविधान की भावना को भी चोट पहुंची है। एक परिवार द्वारा संचालित पार्टी लंबे कालखंड तक एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बिहार की तरक्की पर सवाल

Posted: 27 Nov 2021 06:14 AM PST

बिहार की तरक्की पर सवाल

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
नीति आयोग ने देश मंे गरीबी का आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े में बिहार की स्थिति बहुत दयनीय है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 15 सालों का सुशासन राज्य के हालात बदलने मंे असफल रहा है। मुख्य विपक्षी नेता तेजस्वी कुमार ने तो कहा है कि तरक्की कैसे होती जब 15 साल में 30 हजार करोड़ के 76 घोटाले हुए हैं। लालू यादव का परिवार घोटालों के चलते
बदनाम जरूर रहा है लेकिन बाकी घोटाले कैसे हुए? नीति आयोग तो सही आंकड़े दे रहा है लेकिन नीतीश कुमार नीति आयोग से खुश नहीं बताये जाते। बिहार के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों पर भी नीतीश कुमार नाराज हुए थे। अब नीति आयोग ने गरीबी पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट मंे पांच सबसे ज्यादा गरीब राज्यों मंे चार भाजपा शासित प्रदेश हैं जिसके नेता डबल इंजन सरकार की दुहाई देते रहते हैं।
नीति आयोग ने देश की पहली बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट जारी की है, जिसके बाद सियासी पारा गर्म है। आयोग द्वारा जारी आंकड़े में गरीबी के मामले में जो पांच राज्य टॉप पर हैं, उनमें से चार बीजेपी शासित राज्य हैं। कहीं बीजेपी की अकेली पूर्ण बहुमत की सरकार है तो कहीं डेढ़ दशक पुरानी गठबंधन की सरकार है। गरीबों की आबादी के लिहाज से इनमें उत्तर प्रदेश सबसे टॉप पर है। नीति आयोग द्वारा जारी सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत जनसंख्या गरीब है। यहां नीतीश कुमार की अगुवाई में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन की डेढ़ दशक पुरानी सरकार है, जबकि दिसंबर 2019 से पहले बीजेपी शासित झारखंड में 42.16 प्रतिशत आबादी गरीब है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 37.79 प्रतिशत आबादी गरीबी में रह रही है।
बिहार की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 10.4 करोड़ है। इसकी करीब 52 फीसदी आबादी यानी 5.4 करोड़ आबादी गरीबी में जीवन बसर कर रही है। सूचकांक में मध्य प्रदेश (36.65 प्रतिशत) चैथे स्थान पर है, जबकि मेघालय (32.67 प्रतिशत) पांचवें स्थान पर है। मध्य प्रदेश में भी साल 2003 से लगातार (दिसंबर 2018 से मार्च 2020 छोड़कर) बीजेपी की सरकार है और शिवराज सिंह चैहान 2005 से मुख्यमंत्री हैं। वहीं मेघालय में बीजेपी की गठबंधन सरकार है। इस सूचकांक में सीपीएम शासित केरल में 0.71 प्रतिशत, बीजेपी शासित गोवा में 3.76 प्रतिशत, सिक्किम में 3.82 प्रतिशत, तमिलनाडु में 4.89 प्रतिशत और पंजाब में 5.59 प्रतिशत आबादी गरीब है। ये राज्य पूरे देश में सबसे कम गरीब जनता वाले राज्यों में शामिल हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अब ये रुटीन बनता जा रहा है कि नीति आयोग की कोई रिपोर्ट आती है तो उनके राज्य की रैंकिंग नीचे से कुछ राज्यों में होती है। स्वास्थ्य सेवाओं की ताजा रैंकिंग में बिहार पूरे देश में प्रति एक लाख व्यक्ति पर 22 बेड के मानक पर मात्र छह बेड की सुविधा उपलब्ध कराने के आधार पर सबसे फिसड्डी साबित हुआ और नीतीश कुमार ने कहा कि इस अध्ययन को वो सही नहीं मानते। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हड्डी के उपचार के लिए जेपी अस्पताल स्थित है। वार्ड में एसी और पंखे दोनों लगे हैं लेकिन खराब हैं। मरीज और सम्बंधी एक बेड पर। बेड भी टूटा फूटा। और गर्मी से परेशान लोग घर से पंखा भी लेके आये हैं। हालांकि, सुविधाओं के अभाव में भी मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं है और अस्पताल में भले पानी की मशीन खराब पड़ी है लेकिन सीटी स्कैन की मशीन काम कर रही है और प्रबंधन का मानना है कि ऑपरेशन के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सुभाष चंद्रा कहते हैं, हमारे यहां दो ही ओटी हैं जिसके कारण मरीजों का वेटिंग टाइम बढ़ जाता है। राजधानी पटना के बाहर नवादा के सदर अस्पताल, जो हमेशा कुछ ना कुछ वायरल वीडियो के कारण चर्चा में रहता है, वहां भी वार्ड के अंदर स्थिति बदहाल है। नीति आयोग ने एक रिपोर्ट में माना था कि बिहार की स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत ठीक नहीं और राज्य में प्रति एक लाख व्यक्ति पर मात्र छह बेड हैं जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ये बीस बेड प्रति एक लाख की जनसंख्या हैं। लेकिन नीतीश कुमार इसे नहीं मानते।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर विपक्ष गरीबी को लेकर नीति आयोग की रिपोर्ट पर लगातार हमलावर है। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा करीब 52 फीसदी गरीब लोग बिहार में रहते हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट पर नीतीश कुमार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पत्रकारों ने सीएम से नीति आयोग की रिपोर्ट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कौन सी नीति आयोग की रिपोर्ट, मैंने देखी नहीं है, देख लेंगे तभी कोई कमेंट करेंगे। इस पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर इसका एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है, माने... बहुते ही भोले हैं। कहीं कुछ देखते कहां हैं? इतना अभिनय करने के पश्चात भी क्या इनके चेहरे के भाव से लगता है कि वो वास्तव में इसके बारे में जानते ही नहीं है? वो अच्छे से जानते है कि जब यह खबर बासी हो जाएगी तो कौन पूछेगा? बता दें कि हाल ही में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के 15 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर कई सवाल किए थे। उन्होंने सवाल किया था नीति आयोग के सभी सूचकांकों पर बिहार साल दर साल क्यों पिछड़ता जा रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य चीजों में बिहार अंतिम पायदान पर क्यों और कैसे पहुंचा। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बने हुए 15 साल हो गए हैं। इसको लेकर जदयू कार्यकर्ता जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है। इस बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने बयान दिया है कि विगत 16 वर्षों से सभी क्षेत्रों में राज्य को फिसड्डी साबित कर देश में बिहार को सबसे निचले पायदान पर पहुंचाने वाले मुख्यमंत्री आज अपनी नाकामयाबी का जश्न-ए-फेल्योर मना रहे हैं। नीतीश कुमार बताएं कि विगत 16 वर्षों में बिहार में 30 हजार करोड़ के 76 घोटाले क्यों हुए।
नीतीश कुमार का बिहार की 60 फीसदी आबादी अर्थात युवाओं को जवाब देना ही होगा। दें कि उनके 16 वर्षों के शासन के बाद भी आज बिहार पूरे देश में गरीबी और बेरोजगारी का मुख्य केंद्र क्यों बना हुआ है? क्यों युवाओं को अपनी योग्यता और शिक्षा के नीचे जाकर दूसरे प्रदेशों में अपमानित होकर काम ढूंढने पर विवश होना पड़ता है? (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

संविधान के प्रति दायित्व

Posted: 27 Nov 2021 06:11 AM PST

संविधान के प्रति दायित्व

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
हम सभी को यह बात मालूम है कि 26 नवम्बर 1949 को हमारी संविधान सभा ने संविधान को अंतिम रूप दिया था। इस संविधान को हमने 26 जनवरी को स्वयं पर लागू किया था। इसीलिए 26 नवम्बर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। संविधान हमें उसी तरह बांधे हुए है जैसे संस्कार, इसलिए संविधान दिवस पर हम सभी को विचार मंथन करना चाहिए कि हमने इसका कितना उल्लंघन किया है और कितना पालन किया है। इस वर्ष 72वें संविधान दिवस पर जब कांगे्रस समेत कई विपक्षी दलों ने संविधान दिवस कार्यक्रम का बहिष्कार किया तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि विपक्षी दल संविधान के प्रति अपने दायित्व को क्यों नहीं समझ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सवाल सामयिक उठाया है लेकिन राजनीति की चाशनी भी लगी थी, जो उचित नहीं कहा जा सकता।
भारत के इतिहास में 26 नवंबर का दिन काफी महत्व रखता है। इस दिन ही संविधान सभा ने संविधान को अपनाया था। हर साल इस दिन को संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। साल 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था। तभी से 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाने लगा। भारत ने औपचारिक रूप से 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया था। वहीं 26 जनवरी, 1950 में सविधान को देश में लागू किया गया था। हमारे देश के संविधान को बनाने में डॉ. भीमराव अंबेडकर का सबसे अहम रोल रहा है।कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित देश की 14 विपक्षी पाटियों ने संसद में संविधान दिवस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, अगले सप्ताह से प्रारंभ हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए यूनाइटेड फ्रंट के रूप में एकजुटता दिखाने के लिए विपक्षी दलों ने यह कदम उठाया। केंद्र सरकार पर निशानासाधते हुए हुए कांग्रेस के मनिकेम टैगोर ने कहा कि यह सरकार, संविधान का सम्मान नहीं करती। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जन खडगे ने विपक्षी नेताओं से बात की थी। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सभी 14 विपक्षी पार्टियां संसद के शीत सत्र में एकजुट रहने पर सहमत हैं। संसद के सेंट्रल हाल में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और पीएम नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। 14 विपक्षी पार्टियों की ओर से संविधान दिवस कार्यक्रम से दूरी बनाने के मामले में पीएम ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए पार्टी, परिवार के द्वारा पार्टी.... क्या मुझे और कुछ कहने की जरूरत है? यदि एक पार्टी कल पीढ़ियों से एक ही परिवार द्वारा चलाई जा रही है तो यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान की एक-एक धारा को भी चोट पहुंची है जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो देते हैं।
पीएम ने कहा कि हमारा जो रास्ता है, वह सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन करने के लिए भी संविधान दिवस मनाना चाहिए। बाबा साहब अंबेडकर ने हमें और देश को जो तोहफा दिया है, यह उसे याद करने का दिन है। सदन को प्रणाम करने का दिन है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा संविधान सिर्फ अनेक धाराओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह सहस्त्रों वर्ष की महान परंपरा, अखंड धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। पीएम ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की 125वीं जयंती थी, ऐसे में हम सबको लगा इससे बड़ा और पवित्र अवसर क्या हो सकता है कि बाबासाहेब ने इस देश को जो नजराना दिया है, उसको हम हमेशा एक स्मृति ग्रंथ के रूप में याद करते रहें। देश एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है संविधान की एक-एक धारा को तब चोट पहुंची है, जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो देते हैं। जो दल स्वयं लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं? प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में आधिकारों को लिए लड़ते हुए भी, कर्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी। अच्छा होता अगर देश के आजाद होने के बाद कर्तव्य पर बल दिया गया होता आजादी के अमृत महोत्सव में हमारे लिए आवश्यक है कि कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ें ताकि अधिकारों की रक्षा हो।
आजादी के बाद संविधान सभा ने एक समिति का गठन किया था और इस समिति को संविधान का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने साल 1948 में भारतीय संविधान का मसौदा पूरा किया था और इसे प्रस्तुत किया था। संविधान में कुछ संशोधन करने के बाद इसे 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था। हमारे देश के संविधान को हाथों से लिखा गया था और इसे बनाने में 2 साल 11 महीने और 18 दिनों का समय लगा था। हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। हमारे देश के संविधान को अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान के संविधान की मदद से बनाया गया है।
संविधान भारत सरकार के लिखित सिद्धांतों और उदाहरणों का एक समूह है जो मूलभूत राजनीतिक सिद्धांतों, प्रक्रियाओं, अधिकारों, निर्देश सिद्धांतों, प्रतिबंधों और सरकार और देश के नागरिकों के कर्तव्यों को पूरा करता है। यह भारत को एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करता है और अपने नागरिकों की समानता, स्वतंत्रता और न्याय का आश्वासन देता है। 26 नवंबर को भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया, जो 1950 से लागू हुआ। 19 नवंबर, 2015 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संविधान मूल्यों को बढ़ावा
देने के लिए भारत सरकार द्वारा हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने के निर्णय को अधिसूचित किया।
संविधान हमारे देश की राजनीति को तौलने का अतुल्य मापदंड रहा है। 70 सालों बाद भी यह संविधान प्रासंगिक रहेगा, 1949 में इसकी कल्पना कोई अति-आशावादी ही शायद कर पाया होगा। आखिरकार, अमेरिकी प्रोफेसर गिन्सबर्ग, एल्किन्स और मेल्टन ने विश्वव्यापी संविधानों के सर्वेक्षण में पाया कि एक संविधान की औसतन उम्र केवल 19 साल होती है। उनकी रिसर्च ने यह भी पाया की उम्रदार संविधान संवैधानिक मूल्यों (जैसे कि लोकतंत्र और मौलिकाधिकार) की सुरक्षा नए संविधानों के मुकाबले बेहतर करते हैं। संविधानों के विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि संवैधानिक स्थिरता का सीधा सम्बन्ध सामाजिक स्थिरता से है- संवैधानिक क्रांति अक्सर राजनीतिक उथल-पुथल और व्यापक सामाजिक हिंसा प्रोत्साहित करती है। इस संदर्भ में भारतीय संविधान का बुजुर्गपन एक अपवाद है।
इसलिए विपक्षी दलों का संविधान पर सरकार के साथ चर्चा न करना विपक्ष पर भी सवाल उठाता है। (हिफी)

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

रूस के विदेश मंत्री वार्ता के लिए भारत आएंगे

Posted: 27 Nov 2021 06:10 AM PST

रूस के विदेश मंत्री वार्ता के लिए भारत आएंगे

नई दिल्ली। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु 6 दिसंबर को दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए भारत आएंगे। रूसी दूतावास ने यह जानकारी दी। लावरोव और शोइगु विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक करेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भी 6 दिसंबर के आसपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करने के लिए भारत आने की संभावना है। दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ष्6 दिसंबर को, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ नई दिल्ली में अपने भारतीय समकक्षों एस जयशंकर और राजनाथ सिंह के साथ वार्ता करेंगे।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मंत्री एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति और अफगानिस्तान तथा सीरिया के घटनाक्रम सहित प्रमुख क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। रूस हिंद-प्रशांत को एशिया-प्रशांत के रूप में संदर्भित करता है। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और रूस-भारत-चीन (आरआईसी) त्रिपक्षीय बैठक में भी विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है।
प्रवक्ता ने कहा, भविष्य में, रूस और भारत के बीच वैकल्पिक तौर पर समय-समय पर इस प्रारूप में वार्ता आयोजित करने का इरादा है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों के साथ मंत्रिस्तरीय वार्ता करता रहा है, जिसमें दोनों देशों के दो-दो मंत्री शामिल होते हैं।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

भारत सरकार किसानों की एक और मांग के आगे झुकी

Posted: 27 Nov 2021 06:06 AM PST

भारत सरकार किसानों की एक और मांग के आगे झुकी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार किसानों की एक और मांग के सामने झुक गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी का बिल संसद में पेश करने से पहले आज (शनिवार, 27 नवंबर) कहा कि सरकार ने किसानों द्वारा पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। उन्होंने किसानों की इस मांग को केंद्र सरकार द्वारा मान लेने का ऐलान किया। इसके साथ उन्होंने कहा कि किसानों की लगभग सभी मांगें पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में उन्हें अब अपने-अपने घरों को वापस लौट जाना चाहिए। तोमर ने कहा कि जब तीनों कृषि कानून वापसी का ऐलान प्रधानमंत्री कर चुके और संसद में बिल लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो ऐसे में किसानों के आंदोलन का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि किसान अब बड़े मन का परिचय दें।
तोमर ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर कहा कि यह राज्यों का विषय है, इसलिए इन मामलों पर संबंधित राज्य सरकारें फैसला करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने के लिए प्रधानमंत्री ने कमेटी के गठन की घोषणा की है, उनकी रिपोर्ट आते ही उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

Post Bottom Ad

Pages