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Monday, November 22, 2021

सुल्तानपुर टाइम्स

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अब ऑनलाइन होगी आपकी वंशावली

Posted: 22 Nov 2021 02:47 AM PST


लखनऊ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के डिजिटल इंडिया  अभियान से अब तीर्थराज प्रयाग के तीर्थ पुरोहित  और पंडा समाज भी जुड़ रहा है। तीर्थ पुरोहितों ने अब अपने यजमानों की वंशावली को डिजिटल करने की शुरुआत कर दी है। वंशावली को ऑनलाइन करने के लिए कुलवृक्ष  कंपनी की ओर से वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार की गई है। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति अपनी दो से तीन पीढ़ियों के बारे में ही जान पाता है। हांलाकि प्रयागराज आने वाले यजमानों की वंशावली का पूरा व्यौरा तीर्थ पुरोहितों के पास मौजूद रहता है। तीर्थ पुरोहितों द्वारा इसे पारम्परिक तरीके से बही खाते में दर्ज किया जाता है। जहां इन अहम दस्तावेजों के काफी पुराने होने पर उन्हें दोबारा उसे लिखवाना पड़ता था। इसके साथ ही कई बार इन दस्तावेजों के नष्ट होने का भी खतरा बना रहता है।ऐसे में वंशावली के डिजिटल होने से बही के नष्ट होने का कोई खतरा नहीं रहेगा।डिजिटल होने से कई पीढ़ियों की जानकारी भी एक क्लिक पर मिलेगी। इसके साथ ही तीर्थ पुरोहितों को भी अपनी परंपरागत मोटी-मोटी पोथियों और बही खातों के रखरखाव से छुटकारा मिलेगा। इससे जहां पुरोहितों को बही खातों के लेखन की पुरानी परंपरा से निजात मिलेगी।वहीं एक क्लिक पर विदेशों में बैठे यजमानों को भी अपनी वंशावली के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। कुलवृक्ष कंपनी की ओर से वेबसाइट www.kulvriksh.org और मोबाइल एप्लीकेशन कुलवृक्ष तैयार किया गया है।कुलवृक्ष वेबसाइट और मोबाइल ऐप से वंशावली डिजिटल करने वाले पहले तीर्थ पुरोहित प्रदीप पांडेय और दीपू मिश्रा जुड़ चुके हैं।जो कि अपने यजमानों की वंशावली को डिजिटल करने का काम कर रहे हैं। तीर्थ पुरोहित दीपू मिश्रा के मुताबिक प्रयागराज में अयोध्या के राजा दशरथ और उनके सुपुत्र भगवान श्री राम की वंशावली जहां प्रयागराज के तीर्थ पुरोहितों के पास मौजूद है वहीं देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के खानदान की यहां पर वंशावली है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और स्वामी करपात्री महाराज की वंशावली भी तीर्थ पुरोहितों के पास मौजूद है।वहीं कुलवृक्ष के तकनीकी प्रमुख प्रमोद मिश्र के मुताबिक यह वेबसाइट भारत की युवा वर्ग और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद कारगर साबित होगी क्योंकि इस वेबसाइट में न सिर्फ अपने पूर्वजों का लेखा जोखा रख सकते हैं, बल्कि अपने दैनिक गतिविधियों को भी दर्ज कर सकते हैं। इस वेबसाइट में अपने कुल से संबंधित एक-एक व्यक्ति का डाटा उपलब्ध होगा, ताकि आप की वास्तविक ब्लड चेन के लोग यानी आप के कुल के दूरदराज के रिश्तेदार व सगे संबंधियों का विवरण भी आप यहां से देख पाएंगे और चैट के सुविधा के साथ आप उनसे संपर्क भी कर सकेंगे। यहां पर अपने परिवार के सदस्यों की जीवनी लिख पाएंगे और उसे रिकार्ड भी कर पाएंगे। यहां पर दर्ज की गई वंशावली एक फैमिली ट्री के रूप में दिखाई देगी।जिसमें न सिर्फ आपके परिवार के लोगों का नाम दर्ज होगा बल्कि फोटोग्राफ सहित उनके विवरण भी आपको देखने को मिल जाएंगे। कुल वृक्ष के प्रतिनिधियों के मुताबिक इस प्रकार के प्रयोग से तीर्थ पुरोहित भी हाईटेक हो जाएंगे।

जनता दर्शन में जन समस्याओं का निस्तारण करते हुए जिलाधिकारी

Posted: 21 Nov 2021 09:41 PM PST


सुलतानपुर। जिलाधिकारी  रवीश गुप्ता ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में  जनता दर्शन में आये जन सामान्य की कोविड -19 की टेस्टिंग कराने के पश्चात सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए जन सामान्य की समस्याओं/शिकायतों को गम्भीरता पूर्वक सुन कर उसका समय से निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया  ।    जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थना पत्रो को संबंधित अधिकारियों को निस्तारण हेतु प्रेषण करने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर  करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(वि0/राज0)  मनोज पाण्डेय सहित जनता दर्शन में आये फरियादीगण जन  उपस्थित रहे।  

वरुण गांधी ने कहा मैं देश का इकलौता सांसद, जिसने किसानों के समर्थन में आवाज उठाई

Posted: 21 Nov 2021 08:56 PM PST

 


लखनऊ भाजपा सांसद वरुण गांधी 2 दिवसीय दौरे पर रविवार को पीलीभीत पहुंचे। उन्होंने बरखेड़ा में गैंगरेप पीड़िता के परिवार को सांत्वना दी। फिर जनसभा में कहा कि वह देश के इकलौते सांसद हैं जिन्होंने किसानों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्हें दुख है कि किसानों के समर्थन में कोई अन्य जनप्रतिनिधि सामने नहीं आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि कानून वापस लेने के फैसले के बाद वरुण गांधी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी किसानों को मिलनी चाहिए।वरुण गांधी ने कहा कि वह ईमानदार सांसद हैं जो पूरा देश जानता है। जब पीलीभीत की जनता कहीं जाती होगी तो लोग कहते होंगे कि आपका सांसद ईमानदार है। वरुण गांधी ने एक सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि एक बार मैं दूसरे सांसद के साथ उनके इलाके में गया। जनता ने उनके सामने ही उन सांसद को भ्रष्ट कहना शुरू कर दिया।जनता ने कहा कि पहले आपके पास पहनने को चप्पल नहीं हुआ करती थी लेकिन अब आप 50 लाख की गाड़ी से घूम रहे हैं। आप कमीशन लेते हैं। वरुण गांधी ने कहा कि अगर ऐसा कोई उनके बारे में कह देता तो वह कुएं में कूदकर आत्महत्या कर लेते।

पीलीभीत दौरे से पहले सांसद वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको चिट्‌ठी लिखी थी। उन्होंने इसके जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी की मांग को स्वीकार करने का अनुरोध किया। साथ ही कहा था कि यह फैसला अगर पहले ही ले लिया जाता तो 700 से अधिक किसानों की जान नहीं जाती। गांधी ने आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजन को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की भी मांग की थी।

किसान मोर्चा की लखनऊ में महापंचायत आज

Posted: 21 Nov 2021 08:55 PM PST


लखनऊ तीन कृषि कानूनों की प्रधानमंत्री द्वारा वापसी के बाद 40 किसान संगठनों वाले संयुक्त किसान मोर्चे की आज लखनऊ के ईको गार्डन में महापंचायत होगी। इसमें कृषि कानूनों की वापसी के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत सहित कई अन्य प्रमुख किसान नेता शामिल होंगे।महापंचायत के लिए राकेश टिकैत और अन्य किसान नेता रविवार की देर रात लखनऊ पहुंचे। आयोजिन की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कृषि कानूनों की वापसी की प्रधानमंत्री की घोषणा तो हो गई मगर अभी बात पूरी नहीं हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चाहिए वह इस पूरे मामले को लेकर एक कमेटी गठित करें और खुद उस कमेटी में शामिल हों। फिर यह कमेटी पत्र लिखकर किसान नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित करे।तीन कृषि कानून वापसी के बाद आन्दोलन वापस न लिए जाने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी भी किसानों उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिये जाने की गारंटी का मसला हल नहीं हुआ है। किसानों को केन्द्र सरकार से इस बारे में कोई आश्वासन नहीं बल्कि एक्शन चाहिए। यही नहीं आन्दोलन के दौरान जो 750 किसान शहीद हुए उनके परिजनों को समुचित मुआवजा, उनकी स्मृति में एक राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने और आन्दोलन के दौरान किसानों व उनके नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमों की वापसी के मुद्दों पर भी केन्द्र सरकार से बात होनी है।यही नहीं पराली जलाने के नाम पर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है, इसमें किसानों की क्या गलती है। सरकार हम किसानों का ऐसा बीज उपलब्ध क्यों नहीं करवाती जिससे पराली के बगैर धान पैदा हो सके, हमें पराली जलाने का शौक नहीं है। इसी तरह बिजली पर यह एक नया कानून ला रहे हैं कि जिसके दो पशु होंगे उसे बिजली का कामर्शियल कनेक्शन लेना होगा, दूध के व्यापार के लिए बाहरी कम्पनियों को यहां ला रहे हैं जो 22 रूपये लीटर की दर से दूध बेचेंगी तो ऐसे में अपने देश का पशुधन तो खत्म हो जाएगा।

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