दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
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- 30 नवम्बर 2021, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- शाकद्वीप और भगवान सूर्य
- खुशबू
- सेवा और समर्पण का राष्ट्रधर्म
- असंगठित श्रमिकों का हित साधन
- मन की बात में स्टार्टअप योजना
- तुर्की ने बांटी पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर वाली किताबें, सीरिया में बवाल
- चीन में लॉकडाउन हटा तो एक दिन में 6 लाख से ज्यादा मिलेंगे कोविड केस
- इमरान ने माना पाकिस्तान में कानून का राज नहीं
- जापान ने चीन व उत्तर कोरिया को चेताया
- प्रेरणा हिंदी प्रचार रथयात्रा का आयोजन
- अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा गया का बारहवाँ अधिवेशन 12 दिसम्बर को
- साहित्यकुंज की कवि गोष्ठी आयोजित
| Posted: 29 Nov 2021 10:19 PM PST
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| Posted: 29 Nov 2021 10:17 PM PST
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| Posted: 29 Nov 2021 07:19 AM PST 30 नवम्बर 2021, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |श्री गणेशाय नम: !! |
| Posted: 29 Nov 2021 07:04 AM PST शाकद्वीप और भगवान सूर्यसत्येन्द्र कुमार पाठक वेदों , पुरणों , संहिताओं में भगवान शाकद्वीप के आदिदेव भगवान सूर्य का उल्लेख किया गया है ।शाकद्वीप का स्वामी महात्मा भव्य के पुत्रों द्वारा जलद वर्ष ,कुमार वर्ष , सुकुमार वर्ष मनिरक वर्ष कुसुमोद वर्ष गोदाकि वर्ष और महाद्रुम वर्ष की स्थापना की गई थी । शाकद्वीप में उदयगिरि, जलधार , ,रैवतक ,श्याम ,अंभोगिरी , आस्तिकेय और केशरी पर्वत तथा नदियों में सुकुमारी ,कुमारी ,नलिनी ,रेणुका इक्षु , धेनुका तथा गभस्ति नदियाँ प्रवाहित है । शाकद्वीप में मग को मागि ,मगी , सकलदीपी शाकद्वीपीय ब्राह्मण , मागध को क्षत्रिय , मानस को वैश्य तथा मंदग को शुद्र कहा जाता है । शाकद्वीप का क्षेत्र भगवान सूर्य के अधीन है और यहां के निवासियों द्वारा भगवान सूर्य की उपासना की जाती है । मगों द्वारा सौर धर्म के तहत चिकित्सा , आयुर्वेद ,ज्योतिष शास्त्र का उदय एवं प्राकृतिक संरक्षण एवं उपासना पर बल दिया गया । सौर गणना से दिन तथा चंद्र गणना से रात की चर्चा की है । कालांतर सौर धर्म में सौर धर्म और चंद्र धर्म का विकास हुआ था । शाकद्वीप का प्रथम उदयगिरि पर्वत पर भगवान सूर्य उदित हो कर भारतीय उपमहाद्वीप में अनेक स्थानों पर प्रकाशमान हैं। उदयगिरि गुफाओं में मध्य प्रदेश में विदिशा के समीप २० प्राचीन गुफाएँ , उदयगिरि, ओड़ीसा में प्राचीन बौद्ध विहार और स्तूप , उदयगिरि, आन्ध्र प्रदेश -- श्रीकृष्ण देवराय की राजधानी, पहाड़ियों और प्राचीन भवनों के लिए प्रसिद्ध , उदयगिरि और खंडगिरि -- भुवनेश्वर के पास , उदयगिरि, नेल्लोर , उदयगिरि,केरल का कन्नूर , तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिला का उदयगिरि दुर्ग , आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिला ,उड़ीसा के उदयगिरि में श्रीलंका के प्राचीन बौद्ध विहार , मन्दिर है । शाकद्वीप का उदयगिरि पर्वत उड़ीसा , आंध्रप्रदेश , केरल और तमिलनाडु क्षेत्र में विकसित है । शाकद्वीप का गुजरात के जूनागढ़ के समीप रैवतक पर्वत को 'गिरनार' गिरि कहते हैं। रैवतक पर्वत के समीप पांडव पुत्र अर्जुन ने बलराम की बहन रोहाणी की पुत्री तथा अभिमन्यु की माता सुभद्रा का हरण किया था। महाभारत सभा पर्व के अनुसार 'रैवतक पर्वत कुशस्थली द्वारिका के पूर्व की ओर रैवतक पर्वत स्थित था सौराष्ट्र, काठियावाड़ का गिरनार नामक पर्वत ही महाभारत का रैवतक है। 'महाभारत' और 'हरिवंशपुराण के अनुसार रैवतक पर्वत सौराष्ट्र , काठियावाड़ का गिरनार पर्वत है । जैन ग्रंथ 'अंतकृत दशांग' में रैवतक को द्वारवर्ती के उत्तर-पूर्व में स्थित म है तथा पर्वत के शिखर पर 'नंदनवन' नामक एक उद्यानहै।'विष्णुपुराण' के अनुसार आनर्त का पुत्र रैवत ने कुशस्थली में रहकर राज्य किया था । राजा रैवत ने रैवतक पर्वत प्रसिद्ध हुआ था। रैवत की पुत्री 'रेवती' बलराम की पत्नी थी। महाकवि माघ ने 'शिशुपालवध'में रैवतक का सविस्तार काव्यमय वर्णन किया है। जैन ग्रंथ 'विविधतीर्थकल्प' में रैवतक तीर्थ में 22वें तीर्थंकर नेमिनाथ ने 'छत्रशिला' स्थान के पास दीक्षा ली थी। 'अवलोकन' के शिखर पर उन्हें 'कैवल्य ज्ञान' की प्राप्ति हुई थी। कृष्ण ने 'सिद्ध विनायक मंदिर' की स्थापना की थी। 'कालमेघ', 'मेघनाद', 'गिरिविदारण', 'कपाट', 'सिंहनाद', 'खोड़िक' और 'रेवया' नामक सात क्षेत्रपालों का यहीं जन्म हुआ था। रैवतक पर्वत में 24 पवित्र गुफ़ाएँ जैन सिद्धों से संबंध रहा है। रैवताद्रि का 'जैनस्रोत' 'तीर्थमाला चैत्यवंदनम' में उल्लेख है ।'विष्णुपुराण' के अनुसार रैवतक शाकद्वीप का पर्वत था । भागवत पुराण 9.22.29, 33; ब्रह्माण्ड पुराण 3.71.154, 178; विष्णु पुराण 4.44.35, 20, 30; वायु पुराण 12.17-24; 35.28 में शाकद्वीप का रैवतक पर्वत की चर्चा की गई है ।और 'रेवया' नामक सात क्षेत्रपालों का यहीं जन्म हुआ था। रैवतक पर्वत में 24 पवित्र गुफ़ाएँ जैन सिद्धों से संबंध रहा है। रैवताद्रि का 'जैनस्रोत' 'तीर्थमाला चैत्यवंदनम' में उल्लेख है ।'विष्णुपुराण' के अनुसार रैवतक शाकद्वीप का पर्वत था । भागवत पुराण 9.22.29, 33; ब्रह्माण्ड पुराण 3.71.154, 178; विष्णु पुराण 4.44.35, 20, 30; वायु पुराण 12.17-24; 35.28 में शाकद्वीप का रैवतक पर्वत की चर्चा की गई है । शाकद्वीप में मगध , अंग , कीकट , मिथिला , अवध , कौशल , तथा नेपाल , भारत के बिहार , उड़ीसा , झारखंड , गुजरात , सिंध का क्षेत्र सूर्योपासना का प्रधान है । सौर धर्म द्वारा भारत , नेपाल बर्मा , श्याम ,कंबोडिया ,जावा ,सुमात्रा ईरान ,इराक ,मिश्र , चीन , मेशोपोटेनियाँ में चौथी शती गुप्त काल मे विकसित थी । ऋग्वेद के 1 /19/13 में भगवान सूर्य को चक्षो:सूर्यो अजायत कहा गया है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Nov 2021 06:58 AM PST खुशबूखुशबू से महकता मिले सारा घर संसारफूलों सा खिलता मिले गांव शहर मेरे यार बहती हवायें मधुर मधुर खुशबू प्यारी-प्यारी सद्भावों की सरिता में खिले रिश्तो की फुलवारी सदाचार प्रेम भरी खूशबू की मधुर बहार खुशियों भरी प्रेम की बरसे बारिश द्वार पावन गंगा धारा सी बहती रहे दिलों में धार अपनेपन के भाव से पलता दिलों में प्यार सदा महकता ही रहे जीवन प्यारा अनमोल खुशबू महके प्यार की हो मधुर सुहाने बोल चमन ये खिलता रहे सुगंधित बहे बयार खुशबू सारे संसार में फैलाये प्रेम रसधार देश प्रेम के भाव दिलों में उमड़े जन अपार मुस्कानों के मोती बरसे दिलों से बरसे प्यार रमाकांत सोनी नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थानहमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Nov 2021 06:53 AM PST सेवा और समर्पण का राष्ट्रधर्म(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर) किसी देश के संविधान निर्माण, उसकी स्वीकृति व उसका लागू होना सभी का महत्व होता है। भारतीय संविधान लागू होने की तिथि गणतंत्र दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व है। इसके साथ ही संविधान को स्वीकृति मिलने के दिन का भी स्मरण करना चाहिए। संविधान निर्माण के समय सभा में व्यापक विचार विमर्श, चर्चा, बहस होती थी। अनेक मसलों पर वैचारिक भिन्नता दिखाई देती थी। फिर भी राष्ट्रीय हित में व्यापक सहमति बनाई गई। 26 नवंबर 1949 को इस राष्ट्रीय सहमति की अभिव्यक्ति हुई थी। यह सहमति संविधान की भावना के अनुरूप थी। संविधान पर अमल के साथ ही राष्ट्रीय सहमति के मुद्दों का भी महत्व है। सरकार का विरोध करना विपक्ष का दायित्व व अधिकार है किंतु ऐसा करते समय भी राष्ट्र के व्यापक हित का ध्यान रखना चाहिए। राष्ट्र विरोधी तत्वों का मनोबल बढ़ाने वाली राजनीति से बचना चाहिए। संविधान दिवस से इस तथ्य की प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रस्तावना के माध्यम से ही संविधान निर्माताओं ने इसके स्वरूप को रेखांकित कर दिया था। प्रस्तावना में कहा गया कि हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख छबीस नवम्बर उन्नीस सौ उनचास मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी को एतदद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। संविधान दिवस पर संसद के सेन्ट्रल हॉल में विशेष समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें राष्ट्रपति के नेतृत्व में संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। इसमें उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व सांसद प्रत्यक्ष रूप में सहभागी हुए। जबकि वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर लोग इससे जुड़े थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव तथा चैरी चैरा की घटना का शताब्दी वर्ष भी है। संविधान के कारण प्रत्येक व्यक्ति को एक समान अधिकार प्राप्त हुए हैं। कुछ कर्तव्य भी निर्धारित किये गये हैं। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल ने भी इस सम्बन्ध में चर्चा के लिए एक विशेष अधिवेशन आयोजित किया था। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की मूल प्रति को देखकर पता चलता है कि संविधान निर्माता दूरदर्शी थे। जिन्होंने भारत की मूल भावनाओं को कहीं पर लिपि व चित्रों के माध्यम से उकेरने का कार्य किया। मूल संविधान में बाइस चित्र थे जिन्हें प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस ने बनाया था। पहला चित्र मोहनजोदड़ो सभ्यता का था। इसके बाद वैदिक काल के गुरुकुल, महाकाव्य काल के रामायण में लंका पर प्रभु राम की विजय, गीता का उपदेश देते श्री कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी, सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म का प्रचार, मौर्य काल, गुप्त वंश की कला जिसमें हनुमानजी का दृश्य है, विक्रमादित्य का दरबार, नालंदा विश्वविद्यालय, उड़िया मूर्तिकला, नटराज की प्रतिमा, भागीरथ की तपस्या से गंगा का अवतरण, मुगलकाल में अकबर का दरबार, शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह, टीपू सुल्तान और महारानी लक्ष्मीबाई, गांधी जी का दांडी मार्च, नोआखली में दंगा पीड़ितों के बीच महात्मा गांधी,सुभाषचंद्र बोस, हिमालय का दृश्य, रेगिस्तान का दृश्य, महासागर का दृश्य शामिल है। भारत की संसद के द्वार पर लिखी पंक्ति भी भारतीय संस्कृति को अभिव्यक्त करती है- लोक देवेंरपत्राणर्नु पश्येम त्वं व्यं वेरा अर्थात लोगों के कल्याण का मार्ग का खोल दो, उन्हें श्रेष्ठ संप्रभुता का मार्ग दिखाओ। संसद के सेंट्रल हाल के द्वार पर लिखा है- अयं निजःपरावेति गणना लघुचेतसाम। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम।। भारत सरकार का ध्येय वाक्य सत्यमेव जयते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवम्बर 2015 को मुम्बई में आंबेडकर स्मारक की आधारशिला रखी थी। इस अवसर पर उन्होंने 26 नवम्बर को भारत के संविधान दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में 26 नवम्बर, 2015 को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। अब यह परम्परा के रूप में स्थापित हो गया है। संविधान दिवस के अवसर पर पूरा देश संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं एवं संकल्पों को जोड़ने का कार्य करता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुटिल अंग्रेजों ने भारत को अलग अलग राष्ट्रीयताओं के समूह के रूप में दिखाने का प्रयास किया था। वल्लभभाई पटेल ने देशी रियासतों को जोड़कर भारत का वर्तमान स्वरूप देने का कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य किया। भाषा, जाति आदि से ऊपर उठकर भारत को राष्ट्रीय भावनाओं को स्थापित करने का कार्य उस समय के महापुरुषों ने किया था। उन भावनाओं के प्रति आज भी देश के हर नागरिक में सम्मान का भाव दिखना चाहिए। इस दृष्टि से भारत का संविधान हम सभी को उन भावनाओं के साथ जोड़ता है। जिसमें देश के हर नागरिक की गरिमा, स्वतंत्रता, समानता तथा बन्धुत्व का भाव सम्मिलित है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Nov 2021 06:22 AM PST असंगठित श्रमिकों का हित साधन(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जब लाकडाउन लगाया गया था, तब सबसे ज्यादा परेशान वे श्रमिक हुए थे जो दूसरे राज्यों मंे अथवा गांव छोड़कर शहरों मंे काम करने गये थे। कितने ही श्रमिक तो परिवार समेत वहां रह रहे थे। लाॅकडाउन के चलते उनका काम छूटा और कमाया हुआ पैसा जब खत्म होने लगा तो वे अपने घर की तरफ लौटने लगे। आने-जाने के सरकारी साधन भी बंद हो गये थे। उन मजदूरों को अपने घर तक आने मंे कितनी परेशानी का सामना करना पड़ा, यह अनुभव करना हमारे-आपके लिए संभव नहीं है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों ने भी उन असंगठित श्रमिकों के लिए तत्काल रोजगार देने, हर प्रकार की सहायता पहुंचाने मंे कोई कसर नहीं उठा रखी थी लेकिन उनके उज्जवल भविष्य के लिए कोई ठोस उपाय करना भी तब संभव नहीं हो पाया। उस समय उनकी तत्काल आवश्यकताएं पूरी की गयी थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन सभी असंगठित श्रमिकों के लिए पेंशन योजना शुरू करने का निश्चय जताया है। देश भर मंे लगभग 38 करोड़ मजदूर ऐसे हैं, जो असंगठित क्षेत्र मंे काम करते हैं। केन्द्रीय श्रम मंत्री ने श्रमिकों के पंजीकरण के लिए ई श्रम पोर्टल पहले से बनाया है। असंगठित श्रमिकों मंे असंतोष भी पनपने लगा था। हरियाणा मंे तो उन्हांेने पीएम आवास तक घेरा था। केंद्र सरकार अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता देने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार 'डोनेट पेंशन' अभियान चलाने की तैयारी में है। इसमें लोगों को स्वैच्छिक रूप से इस पेंशन के लिए सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह अभियान उस 'गिव इट अप' अभियान का हिस्सा होगा, जिसके तहत लोगों को रसोई गैस की सब्सिडी जरूरतमंदों के लिए छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया था। 'डोनेट पेंशन' अभियान में एक व्यक्ति को केवल 36,000 रुपये प्रति मजदूर खर्च आने की संभावना है। यह प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के तहत एकमुश्त भुगतान है, जो श्रमिक द्वारा अपने पूरे जीवन के दौरान किए जाने वाले मासिक योगदान की भरपाई करेगा। इस योजना के तहत लाभार्थी 60 वर्ष की आयु से 3,000 रुपये मासिक पेंशन के लिए पात्र होगा। रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष सरकारी अफसरों ने बताया है कि श्रम मंत्रालय इस संबंध में उच्च स्तर पर विचार के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में केवल 35 श्रमिकों ने योजना के तहत नामांकन किया, जबकि 85 ने सितंबर में पंजीकरण कराया था। साल में अब तक औसत मासिक पंजीकरण 2,366 रहा है। अधिकारी ने इस संबंध में कहा, 'अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह योजना को पुनर्जीवित करेगी और लाखों श्रमिकों को इसके दायरे में लाएगी।' डोनेट पेंशन लाखों असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है। यह 18-40 आयु वर्ग के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर आधारित है जो हर महीने 15,000 से कम कमाते हैं। इसके तहत एक मजदूर को 55 रुपये से लेकर 200 रुपये के बीच योगदान करना होगा, जबकि सरकार की ओर से भी एक समान योगदान प्रदान किया जाएगा। तीन साल पहले इस योजना के शुरू होने के बाद से अक्टूबर तक कुल मिलाकर 45.1 लाख अनौपचारिक श्रमिकों को नामांकित किया गया है। हालांकि, यह देश में अनुमानित 38 करोड़ अनौपचारिक श्रमिकों की तुलना में बहुत कम है। उनमें से अधिकांश को 60 वर्ष की आयु के बाद किसी भी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा के बिना छोड़ दिया गया है। देश भर में लगभग 38 करोड़ मजदूर ऐसे हैं जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर है। इन लोगों की दशा तब नजर आई थी जब कोरोना लॉकडाउन का ऐलान हुआ था। ऐसे मजदूरों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक डेटा बेस तैयार करने को कहा था। इसी क्रम में केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया। ीजजचेरूध्ध्तमहपेजमत।मेीतंउ।हवअ।पदध् पर जाकर कोई भी मजदूर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसमें उन्हें अपना आधार नंबर मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर देना होगा। इस पोर्टल पर मजदूर को अपना बाकी ब्योरा जैसे घर का पता और काम करने की क्षमता, शिक्षा का स्तर, आमदनी आदि बताना होगा। देशभर के 38 करोड़ से अधिक असंगठित कामगारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की गई है। रजिस्ट्रेशन होने के बाद मजदूरों को एक श्रम कार्ड और नंबर दिया जाएगा। ये कार्ड और नंबर पूरे देश भर में माना जाएगा। मजदूर चाहे देश की किसी हिस्से में काम करें उन्हें इस कार्ड से मदद दी जाएगी। इस पोर्टल पर मजदूर अपनी शिकायत भी दर्ज करा पाएंगे। पोर्टल के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जिसमे मजदूर मदद मांग सकते हैं। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और मजदूर संगठनों को इस रजिस्ट्रेशन को कामयाब बनाने के लिए आगे आने की अपील की है। जितने ज्यादा मजदूर रजिस्ट्रेशन कराएंगे, योजनाएं भी उसी आधार पर बनाई जाएंगी। असंगठित श्रमिकों में अब आक्रोश भी देखा जा रहा है। मजदूरी दर घटाने को लेकर शनिवार को सिरसा की अनाज मंडी में मजदूरों ने मार्किट कमेटी के बाहर धरना दिया था। मजदूरों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया गया। मजदूरों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रति बोरी लेबर 13 रुपये 43 पैसे से घटाकर 12 रुपये 37 पैसे कर दी गई है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं। मजदूरों का कहना था कि पहले ही बढ़ती महंगाई ने हमारी कमर तोड़ दी है और अब हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरी दर को और घटा दिया गया। बता दें कि, हरियाणा सरकार द्वारा अनाज मंडी में प्रत्येक फसल की प्रत्येक बेग की 50 किलोग्राम की भर्ती की जाती है। बेग भर्ती के लिए मजदूरों को प्रति बेग 13 रुपये 43 पैसे दिए जाते थे जिसको घटाकर 12 रुपये 37 पैसे कर दिया गया। जिसको लेकर आज मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए हैं। मजदूर यूनियन के सदस्य ने बताया कि आढ़ती एसोसिएशन द्वारा हमारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। बढ़ती महंगाई में सरकार द्वारा मजदूरी दर को घटा दिया गया है। अब इस स्थिति में हम अपने परिवार का गुजारा किस तरह करेंगे। उन्होंने बताया कि जो कोई किसान भाई अपनी फसल आज लेकर आया है उसकी फसल की तुलाई की जाएगी, कल से मंडी पूर्ण तरीके से बंद रहेगी। उन्होंने मांग की है कि जब तक सरकार हमारी मजदूरी दर को पहले जैसे रेटों पर नहीं कर देती, हमारा धरना अनिश्चिकालीन रहेगा। किसान मुख्यमंत्री के निवास के ठीक बिल्कुल बाहर दरियां बिछाकर बैठ गए थे। यह तो एक उदाहरण है इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Nov 2021 06:19 AM PST मन की बात में स्टार्टअप योजना(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब से पीएम की कुर्सी संभाली है, तभी से महीने के अंतिम रविवार को रेडियो के माध्यम से मन की बात करते हैं। अब मन की बात कार्यक्रम डिजिटल हो चुका है और सरकार की योजनाओं के लाभार्थी सीधे संवाद करते हैं। अभी हाल मंे (29 नवम्बर) पीएम ने मन की बात कार्यक्रममें लगभग सभी सम-सामयिक मुद्दे उठाये लेकिन उनकी सरकार की आलोचना जिस बेरोजगारी के चलते हो रही है, उस पर स्टार्टअप योजना के माध्यम से जवाब दिया है। स्टार्टअप योजना और मेक इंडिया योजना अब एक साथ काम कर रही हैं और दोनों का मकसद युवाओं को रोजगार देना है। स्टार्टअप योजना में कितने ही युवा अब दूसरे बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की स्थिति मंे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम इस बात का विशेष रूप से उल्लेख भी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 नवम्बर को मन की बात के अपने मासिक एपिसोड में स्टार्टअप्स के महत्व पर जोर दिया और कहा कि जो युवा कभी नौकरी की तलाश में थे, वे अब नौकरी देने वाले बन गए हैं क्योंकि स्टार्टअप भारत के विकास की कहानी में महत्वपूर्ण मोड़ बन गया है। उन्होंने कहा कि देश स्टार्टअप क्षेत्र में अग्रणी है क्योंकि 70 कंपनियों ने भारत में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया है। यह भारत की विकास गाथा का एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां लोग अब न केवल नौकरी चाहने वाले बनने का सपना देख रहे हैं बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं. इससे वैश्विक स्तर पर भारत का कद और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि साल 2015 तक देश में मुश्किल से नौ या दस यूनिकॉर्न हुआ करते थे लेकिन अब भारत यूनिकॉर्न की दुनिया में भी ऊंची उड़ान भर रहा है. उन्होंने कहा, यह सच है, यह स्टार्टअप का युग है, और यह भी सच है कि स्टार्टअप की दुनिया में, भारत आज अग्रणी है. स्टार्टअप्स को साल दर साल रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है. यह क्षेत्र बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है. उन्होंने कहा कि तीन पहलू बहुत मायने रखते हैं- विचार और नवाचार, जोखिम लेने की भावना और कैन डू स्पिरिट। जब ये तीनों चीजें एक साथ आती हैं, तो अभूतपूर्व परिणाम उत्पन्न होते हैं, चमत्कार होते हैं। देश मंे 2014 में सरकार परिवर्तन के बाद आधुनिक समस्याओं के समाधान के साथ राष्ट्र को चैकाते हुए एक स्टार्टअप लहर देखी गयी और सिलसिला तब से लेकर अभी तक जारी है जिसे देखते हुए 16 जनवरी 2016 में भारत सरकार ने स्टार्टअप इंडिया योजना के लिए फंडिंग सहायता, मार्गदर्शन, और उद्योग भागीदारी के अवसर प्रदान करके भारत में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया योजना की शुरुवात की। स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार द्वारा की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य अपने नागरिकों के बीच उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना है। पहल शुरू करने का मतलब इसके माध्यम से बेरोजगारों के बीच रोजगार पैदा करना भी है। रजिस्ट्रेशन में सरकार द्वारा शामिल कदम स्टार्टअप्स के लिए अतिरिक्त लाभों के साथ सरकार की योजना पर भरोसा करना और उन्हें सुविधाजनक बनाना है। स्टार्टअप इंडिया योजना का उद्देश्य देश में नवाचार और स्टार्टअप के पोषण के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम का निर्माण करना है जो स्थायी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। भारतीय स्टार्टअप अपने पंखों को दूर-दूर तक फैला रहे हैं। शुरू तो हुआ था टियर-1 शहरों से लेकिन टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचने तक यह पहल युवाओं में आत्मविश्वास जगाने में कामयाब रही है।स्टार्टअप इकोसिस्टम में सभी हितधारकों के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है जो एक-दूसरे से बातचीत करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अत्यधिक गतिशील वातावरण में एक दूसरे के साथ भागीदारी बनाने के लिए एक मंच प्रदान करना है।इंटेलेक्चुअल एप्लिकेशन दाखिल करने में स्टार्टअप्स को कम लागत वाली कानूनी सहायता प्रदान करना और उसकी प्रक्रिया को तेज करना। पेटेंट और डिजाइन एप्लिकेशन से संबंधित 423 सहायक का एक पैनल और ट्रेडमार्क एप्लिकेशन के लिए 596 लोगों का एक पैनल गठित किया गया हैं। अब तक, 179 आवेदनों को मुफ्त कानूनी सहायता के साथ पेटेंट शुल्क में 80 फीसद तक की छूट का लाभ दिया गया है। ट्रेडमार्क नियम 2017 के तहत स्टार्टअप्स के लिए ट्रेडमार्क दाखिल करने की फीस में 50 फीसद की छूट प्रदान की गयी है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद के मानदंडों को कम किया गया है। सार्वजनिक प्रक्रिया में अब अधिक स्टार्टअप अब निविदा प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए पात्र हैं। स्टार्टअप को तीन साल से पांच साल की अवधि के लिए आयकर से छूट दी गई है। स्टार्टअप को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, 1.6 बिलियन अमरीकी डालर का वित्तीय फंड पेश किया गया है और इसका प्रबंधन लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) द्वारा किया जा रहा है ।अपने उद्यमी यात्रा के विभिन्न चरणों के माध्यम से स्टार्टअप्स और आकांक्षी उद्यमियों को शिक्षित करना व अगले कदम के लिए तैयार करना। स्टार्टअप इंडिया स्कीम के लिए संचालन को आसान बनाने के लिए एक तेज और सरल प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है। यह उद्यमियों को नए और नए विचारों के साथ प्रयोग करने के लिए बढ़ावा देगी। तब स्टार्टअप्स दिवालियापन होने के डर से जटिल फैसले लेने से डरते थे। स्टार्टअप के लिए एक इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल की नियुक्ति की गयी है ताकि बिना डर के जटिल फैसले लिये जा सके। इस योजना के तहत अस्तित्व और संचालन की अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या एक पंजीकृत भागीदारी फर्म किसी भी वित्तीय वर्षके लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक नहीं वार्षिक कारोबार होना चाहिए। किसी उत्पाद, प्रक्रिया या सेवा के विकास या सुधार की दिशा में काम करना चाहिए और धन और रोजगार सृजन के लिए उच्च क्षमता के साथ स्केलेबल बिजनेस मॉडल होना चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 27746 कम्पनीज को स्टार्टअप के तहत मान्यता मिल चुकी है और 221 कम्पनीज कर का लाभ उठा रही है। 264 कम्पनी को स्टार्टअप भारत फंड के तहत लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया द्वारा फंड दिया गया है। इस आंदोलन के प्रसार में और तेजी लाने लाने कृषि सहित क्षेत्रों , सामाजिक क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा,आदि क्षेत्रों की और भी धयान दिया गया है। मोबाइल ऐप और पोर्टल भी स्टार्टअप के लिए एकल मंच के रूप में सेवा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। पंजीकरण आवेदन की स्थिति को ट्रैक करना और पंजीकरण को कभी भी डाउनलोड करना आदि सब मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते है। सरकार ने बैंकों और एनबीएफसी के सहयोग से अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की, जो गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि डैडमें को उनके प्रारंभिक या विकास चरण में स्टार्टअप इंडिया ऋण प्रदान करती है। ये लोन नयी कंपनियों के साथ साथ दूसरों को भी प्रदान किये जाते है। स्टार्टअप इंडिया योजना में इस कंपनियों को कर में लाभ भी प्रदान किये जाते है। स्टार्टअप इंडिया योजना और मेक इन इंडिया दोनों योजनाये आज कई जगहों पर साथ साथ काम कर रही है। दोनों ही अपने अपने तरीके से योजना का लाभ ले रही है। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| तुर्की ने बांटी पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर वाली किताबें, सीरिया में बवाल Posted: 29 Nov 2021 06:16 AM PST तुर्की ने बांटी पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर वाली किताबें, सीरिया में बवालअंकारा तुर्की के शिक्षा मंत्रालय ने उत्तरी सीरिया में कुछ किताबें वितरित कराईं तो बवाल मच गया। दरअसल, इन धार्मिक पाठ्यपुस्तकों को लेकर कहा जा रहा है कि इनमें पैगंबर मोहम्मद का चित्रण किया गया है। सीरिया में जिस क्षेत्र में इन किताबों को वितरित किया गया, वे इन किताबों में पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर देख आग-बबूला हो गए और यहां रहने वाले कुछ निवासियों ने इन किताबों को जला दिया है। तुर्की के शिक्षा मंत्रालय ने उत्तरी सीरिया में कुछ किताबें वितरित कराईं तो बवाल मच गया। दरअसल, इन धार्मिक पाठ्यपुस्तकों को लेकर कहा जा रहा है कि इनमें पैगंबर मोहम्मद का चित्रण किया गया है। सीरिया में जिस क्षेत्र में इन किताबों को वितरित किया गया, वे इन किताबों में पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर देख आग-बबूला हो गए और यहां रहने वाले कुछ निवासियों ने इन किताबों को जला दिया है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, कुरान में पैगंबर मोहम्मद के चित्रण पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन कई मुसलमान ऐसे चित्रण को ईशनिंदा के तौर पर ही देखते हैं। फ्रांस में कुछ साल पहले एक प्रोफेसर को एक कट्टरपंथी ने इसलिए मार डाला था क्योंकि उसने मशहूर फ्रेंच मैगजीन शार्ली हेब्डो का पैगंबर पर बना कार्टून अपनी क्लास में दिखाया था। इस धार्मिक पुस्तक को तुर्की के शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है। ये किताब खासतौर पर सीरिया के कुछ हिस्सों में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार की गई थी। इस धार्मिक पुस्तक में कुछ ऐसी तस्वीरें थीं जिन्हें क्षेत्र के निवासी ईशनिंदा के तौर पर देख रहे हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| चीन में लॉकडाउन हटा तो एक दिन में 6 लाख से ज्यादा मिलेंगे कोविड केस Posted: 29 Nov 2021 06:12 AM PST चीन में लॉकडाउन हटा तो एक दिन में 6 लाख से ज्यादा मिलेंगे कोविड केसबीजिंग। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से दुनिया भर में हड़कंप मचा है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चीन ने ज्यादातर हिस्सों को दुनिया के लिए बंद रखा है। इस बीच चीन में कोरोना वायरस महामारी को लेकर एक चैंकाने वाली स्टडी सामने आई है। इसके मुताबिक, अगर वहां लॉकडाउन हटाया गया तो एक दिन में ही 6 लाख 30 हजार से ज्यादा केस सामने आ सकते हैं। ये स्टडी पेकिंग यूनिवर्सिटी के मैथ्स रिसचर्स ने की है। रिपोर्ट के मुताबिक- चीन में फुल वैक्सीनेशन के बाद ही ट्रैवल बैन हटाना चाहिए। टीम ने नतीजों के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस और इजराइल के अगस्त के आंकड़ों के आधार पर स्टडी की है। पेकिंग विश्वविद्यालय के गणितज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर चीन अन्य देशों की तरह यात्रा प्रतिबंध हटा देता है और कोराना वायरस संक्रमण के प्रसार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के रुख को छोड़ देता है, तो देश में रोजाना 6,30,000 से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया, 'आकलन में खुलासा हुआ है कि भंयकर प्रकोप की संभावना है जिसका बोझ मेडिकल सिस्टम नहीं उठा सकता।' हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इमरान ने माना पाकिस्तान में कानून का राज नहीं Posted: 29 Nov 2021 06:08 AM PST इमरान ने माना पाकिस्तान में कानून का राज नहींइस्लामाबाद। प्रधानमंत्री इमरान खान ने माना है कि संसाधनों पर खास लोगों के कब्जा करने और देश में कानून का राज न होना पाकिस्तान के पिछड़ेपन के मुख्य कारण हैं। इमरान खान ने यह बात अमेरिका के मुस्लिम विद्वान शेख हमजा यूसुफ से ऑनलाइन इंटरव्यू में कही है। शेख कैलीफोर्निया के जेतुना कॉलेज के प्रमुख भी हैं। इमरान इससे पहले पाकिस्तान में हजारों आतंकियों के सक्रिय होने की बात भी स्वीकार कर चुके हैं। इमरान ने कहा, 'कुछ खास लोगों के संसाधनों पर कब्जा कर लेने से बहुसंख्यक जनता स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय की सुविधा से वंचित है। कानून का राज न होने से देश उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया जहां उसे होना चाहिए था। कोई भी समाज तब तक तरक्की नहीं कर सकता जब तक वह नियमों के अनुसार न चले। ज्यादातर विकासशील देशों में यही समस्या है। पाकिस्तान में भी गरीबों के लिए अलग कानून है और अमीरों के लिए अलग।' प्रधानमंत्री का यह इंटरव्यू पाकिस्तान टेलीविजन पर 28 नवम्बर को प्रसारित हुआ। इमरान खान ने कहा, 'अपराध करने वाले की गुणवत्ता के आधार पर कानून काम करता है। अगर आप अमीर हैं तो प्रमुख स्थान पर बैठेंगे और अगर गरीब हैं तो जीवन भर संघर्ष ही करते रहेंगे।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को वह कल्याणकारी इस्लामी राष्ट्र बनाना चाहते हैं, जैसी कल्पना मदीना को लेकर पैगंबर मुहम्मद ने की थी।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जापान ने चीन व उत्तर कोरिया को चेताया Posted: 29 Nov 2021 06:05 AM PST जापान ने चीन व उत्तर कोरिया को चेतायाटोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने शनिवार को दिए अपने एक बयान से दुनिया को हैरान कर दिया है। उन्होंने चीन और उत्तर कोरिया के खतरे पर बात करते हुए कहा कि देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा। जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स कैंप असाला में 800 सैनिकों के सामने किशिदा ने कहा कि जापान के आसपास सुरक्षा स्थिति में तेजी से बदलाव हो रहा है। अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए हम दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने की क्षमता जैसे विकल्पों से इनकार नहीं कर सकते। फुमियो किशिदा ने बताया कि इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह जापान के मध्यम अवधि के सुरक्षा प्रोग्राम के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुडे़ दिशा-निर्देशों की समीक्षा करने का आदेश दे चुके हैं। दरअसल उत्तर कोरिया ने हाल ही में कई अडवांस रॉकेट और मिसाइलों का परीक्षण किया है। जिससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि जापान की मिसाइल सुरक्षा इसके आगे काम नहीं आएगी। जिसके चलते सरकार अब दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| प्रेरणा हिंदी प्रचार रथयात्रा का आयोजन Posted: 29 Nov 2021 05:55 AM PST प्रेरणा हिंदी प्रचार रथयात्रा का आयोजन प्रेरणा साहित्य संस्था द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु संस्कारधानी जबलपुर मध्यप्रदेश से राजघाट नई दिल्ली तक प्रेरणा हिंदी रथयात्रा का आयोजन करने जा रही है। प्रेरणा हिंदी रथयात्रा के सूत्रधार कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि रथयात्रा के संयोजक कवि रामचंद्र प्रसाद 'कर्ण' जी है व रथयात्रा का मार्ग प्रशस्त श्री शैलेन्द्र तिवारी जी करेंगे। प्रेरणा हिंदी रथयात्रा 10 जनवरी 2022 को विश्व हिंदी दिवस के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर विचार व काव्य गोष्ठी आयोजित करेंगी। राजघाट में आयोजित गोष्ठी व आपके शहर दमोह,सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा , दिल्ली व आसपास क्षेत्रों के कवियों, साहित्य मनीषियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व पत्रकारों से अनुरोध है कि उपस्थित होकर आजादी के 75 वर्षो के पश्चात भी हिंदी की दशा और दिशा पर अपने विचार अभिव्यक्त कर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु सार्थक संदेश व सहयोग हमें प्रदान करें। हिंदी प्रचार रथयात्रा की विभिन्न शहरों में गुजरने की तिथि जारी की जाएगी। कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा साहित्य संस्था ने कवियों, साहित्य मनीषियों, पत्रकारों व बुद्धिजीवियों से अनुरोध किया है कि अमृत महोत्सव के सुअवसर पर आयोजित " हिंदी प्रचार रथयात्रा में अमूल्य योगदान प्रदान कर इस ऐतिहासिक आयोजन के सहभागी बने। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा गया का बारहवाँ अधिवेशन 12 दिसम्बर को Posted: 29 Nov 2021 05:49 AM PST अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा गया का बारहवाँ अधिवेशन 12 दिसम्बर कोअखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा गया के 12 वें अधिवेशन हेतु एक बैठक महाबोधि विद्यालय गया में आयोजित की गई जिसमें कार्यकारिणी के प्रायः सदस्य उपस्थित थे । मुख्य रूप से डॉ सच्चिदानंद प्रेमी सभापति डॉ रामकृष्ण संरक्षक डॉक्टर कृष्ण देव मिश्रा महामंत्री ,संजीत बख्तरिया, देवेश दुबे ,अरुण हरलीवाल, डॉक्टर देवेंद्र पाठक आदि ने अपने विचार रखे । आज कार्यसमिति में निर्णय लिया गया कि- 1- 12 दिसंबर 2012 को अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा का 12 वां अधिवेशन संपन्न किया जाए । इसके लिए दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य सत्य शेखर राय जी ने स्थान उपलब्ध कराने की स्वीकृति दे दी है । डॉ देवेंद्र कुमार पाठक जी ने इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करने की घोषणाकी । 2- निर्णय लिया गया कि इस अधिवेशन में भारत वर्ष के विख्यात मगही भाषा के साहित्यकारों को सम्मानित किया जाए । उनकी रचना पहले मांग ली जाए और चयन समिति के आधार पर उन्हें सम्मानित किया जाए । यह सम्मान तीन प्रकार का होगा -क-मगही शिखर सम्मान ,ख-मगही रचना सम्मान,ग- मगही सेवा सम्मान । 3-इस अवसर पर संविधान जो संवत 2071 में पारित हुआ था उसे मुद्रित कराने का भी निर्णय लिया गया । 4-इस अधिवेशन में अधिक से अधिक मगही भासी लोग जुड़ें, इसके लिए प्रयास समवेत रूप से किया जाए । 5-इसके उद्घाटन के लिए महामहिम राज्यपाल बिहार, माननीय मुख्यमंत्री बिहार से प्रार्थना की गई है एवं बिहार के मगही पट्टी के सभी माननीय सांसद ,विधायक, राज्यसभा सदस्य माननीय बंधुओं से उपस्थिति हेतु प्रार्थना की गई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| साहित्यकुंज की कवि गोष्ठी आयोजित Posted: 29 Nov 2021 05:44 AM PST साहित्यकुंज की कवि गोष्ठी आयोजितगाइये और गुनगुनाते रहिये :श्रीराम राय औरंगाबाद,29 नवम्बर। औरंगाबाद जिला की लोकप्रिय संस्थाओं में शुमार साहित्य,कला व संस्कृति की संवाहक संस्था "साहित्यकुंज" द्वारा जिला मुख्यालय स्थित श्रीकृष्ण नगर में वरीय कवि श्रीराम राय के आवास पर लोकप्रिय प्रोफेसर व संत स्वभाव के धनी व्यक्तित्व एस पी राय की स्मृति को समर्पित एक कवि गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्यकुंज के कार्यकारीअध्यक्ष एवं वरीय कवि श्री राम राय ने की जबकि मंच संचालन साहित्यकुंज के महासचिव व वरीय रचनाकार अरविन्द अकेला ने किया । मंच संचालक श्री अरविन्द अकेला ने गोष्ठी की शुरुआत करते हुये कहा कि "आओ अंधेरों की बस्ती में,प्रकाश की बात करें,नफरत की दुनियाँ छोड़कर,प्यार की बात करें "। गोष्ठी की शुरुआत करते हुये पहले कवि के रूप में पधारे औरंगाबाद हिन्दी साहित्य सम्मेलन के महासचिव एवं वरीय कवि धनंजय जयपुरी ने अपनी पुरानी मगही कविता "पापा हमरो देख दाख के तु करा दा शादी,मैट्रिक हमहु पास करब नय,होइतो पैसा के बर्बादी" सुनाकर लोगों का मन गुदगुदाया । जय पुरी की सरस्वती वंदना भी काफी सराही गयी। श्री राम राय की इन पंक्तियों "गाइये और गुनगुनाते रहिये,जहाँ भी रहिये मुस्कुराते रहिये, छोटी सी उम्र समझिये धरती पर,याद उपरवाले की करते रहिये"सुनाकर लोगों का दिल जीत लिया। साहित्यकुंज के महासचिव व वरीय रचनाकार अरविन्द अकेला ने अपनी श्रृंगारिक कविता"मेरे प्यार के गाँव में " कि इन पंक्तियों "जब शाम ढले कोयल कुहके ,पंछी चहके जब दिल धड़के,चले आना बरगद के तले,मेरे प्यार के गाँव में "को सुनाकर सभी लोगों का मन मोह लिया। इस गोष्ठी में श्री जयराम राय,बिन्दु राय,पुनम राय,ज्योति कुमारी व साधना सिन्हा की उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्रीजयराम राय ने किया। ----000---- अरविन्द अकेला हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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