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Thursday, November 25, 2021

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

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कटू वचन

Posted: 25 Nov 2021 07:13 AM PST

कटू वचन 


तीखी वाणी के तीर चले छलनी हृदय हो जाता है 
कलयुग चालें तिरछी बेटा भी आंख दिखाता है 

वाणी के तीखे बाणों से आहत मानवता होती है 
मन पर होते आघात कई अंतर आत्मा रोती है

कड़वे वचन मानव के अंतर्मन को देते झकझोर 
अरमान सारे दफन होते चिंताएं बरसती घनघोर

सच्चाई कड़वी होती है सच का सामना जरूरी है 
जुबां पर कसकर हमें रखनी लगाम जरूरी है

बोली के तीखे बोल जब दिल को चुभ जाते हैं 
बदलते मायने जीवन के जन राहें नई बनाते हैं

मत बोलो ऐसे बोल आहत मन को कर जाते हैं 
दीन दुखी के अंतर्मन से श्राप बन निकल जाते हैं

कटु वचनों से क्लेश बड़े कष्टों के मेघ घने छाए 
सुखचैन सारा खो जाता रस्ता नजर नहीं आए

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान
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केंद्र सरकार धर्मांतरण के विरोध में राष्ट्रीय कानून बनाएं !

Posted: 25 Nov 2021 07:09 AM PST

राष्ट्रव्यापी धर्मांतरण बंदी कानून बने !' विषय पर 'ऑनलाइन' विशेष संवाद

केंद्र सरकार धर्मांतरण के विरोध में राष्ट्रीय कानून बनाएं !
- महामंडलेश्‍वर आचार्य स्वामी श्री प्रणवानंद सरस्वतीजी महाराज
       'सनातन धर्म' एक महान धर्म है और विश्‍व में इसका कोई पर्याय नहीं । हमारे इसी धर्म पर ईसाई मिशनरी आणि मुसलमान धर्मांतरण के माध्यम से आक्रमण कर रहे हैं । इस धर्मांतरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन निर्माण करना चाहिए, साथ ही इस देश को सुरक्षित करने के लिए सरकार को धर्मांतरण के विरोध में राष्ट्रीय कानून बनाएं और किसी भी प्रकार का धर्मांतरण अवैध घोषित किया जाए, ऐसी मांग इंदौर के श्री अखंडानंद आदिवासी गुरूकुल आश्रम के महामंडलेश्‍वर आचार्य स्वामी श्री प्रणवानंद सरस्वतीजी महाराज ने की । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से 'राष्ट्रव्यापी धर्मांतरण बंदी कानून बने !' इस विषय पर आयोजित 'ऑनलाइन' विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।


स्वामी प्रणवानंद सरस्वतीजी महाराज ने आगे कहा 'हमारी वैचारिकता, राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना नष्ट करने के लिए अन्य धर्मीय कार्यरत है । वे हमारी संस्कृति, वैज्ञानिक धरोहर, भौतिक शक्ति अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रहे हैं । यह विषय केवल धर्मांतरण तक सीमित नहीं, अपितु पूरे भारत को अपने अधीन करने का यह षड्यंत्र है । हमारे पूर्वज अत्यधिक धर्मनिष्ठ थे । कितने भी आक्रमण हुए, तो भी उन्होंने धर्मांतरण नहीं होने दिया । हिंदुओं को उनका आदर्श सामने रख धर्मशिक्षा प्राप्त करनी चाहिए ।'

श्रीक्षेत्र द्वारापुर, धारवाड के श्री परमात्मा महासंस्थानम के श्रीगुरु परमात्माजी महाराज ने कहा 'पूरे देश में धर्मांतरण कम-अधिक प्रभाव में हैं । प्रतिदिन भारत में २५०० से ३००० हिन्दुआें का धर्मांतरण किया जा रहा है । इसे रोकने के लिए कानून लाना चाहिए । हिन्दू धर्म पर होनेवाले प्रहार रोकने के लिए हिन्दू बंधुओं को आगे आकर सरकार पर दबाव निर्माण करना चाहिए । वर्तमान में टीवी के विविध कार्यक्रमों से हिन्दू धर्म का अपमान किया जा रहा है । हिन्दुओं को इस विषय में सतर्क रहना चाहिए । विविध स्थानों के मंदिरों द्वारा हिन्दुओं को अपने धर्म के तत्त्व, मूलभूत ज्ञान समझाया जाना चाहिए ।'

'अखिल भारतीय घर वापसी' संगठन के प्रमुख और भाजपा के छत्तीसगढ प्रदेशमंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि 'धर्मांतरण एक भयानक षड्यंत्र है । ईसाई मिशनरी सेवा के नाम पर व्यापार कर रही है और हिंदुओं को फंसा रही है । राष्ट्रविरोधी शक्ति देश तोडने के लिए प्रयासरत है । हिन्दुओं ने विशेषत: युवाओं को इसे नष्ट करने के लिए आगे आना चाहिए । हमारे संगठन के माध्यम से धर्मांतरित हुए हिन्दुओं को हिन्दू धर्म में पुन: प्रवेश दिया जाता है और भविष्य में भी हम यह कार्य आरंभ रखेंगे ।'

हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्री. मोहन गौडा ने कहा कि 'कर्नाटक राज्य में धर्मांतरण बंदी कानून न बनें, इसलिए ईसाई मिशनरी प्रयास कर रही है । केवल हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ही धर्मांतरण बंदी कानून लाने की मांग कर रहे हैं । केवल कर्नाटक ही नहीं; अपितु पूरे देश में धर्मांतरण बंदी कानून बनाया जाएं, इसलिए हिन्दू जनजागृति समिति विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के साथ कार्य कर रही है । धर्मांतरण हमारे देश को विभाजन की दिशा में ले जा सकता है, यह हमें ध्यान रखना चाहिए । धर्मांतरण का प्रयास जहां किया जा रहा है, उस स्थान पर संवैधानिक मार्ग से विरोध करने के लिए हिन्दुओं को आगे आना चाहिए । सभी ओर कर हिन्दू धर्म का प्रसार करना, धर्मशिक्षा द्वारा अपने धर्माभिमान में वृद्धि करना इनसे ही धर्मांतरण जैसी समस्याएं दूर होंगी ।'

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26 नवम्बर 2021, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 25 Nov 2021 06:24 AM PST

26 नवम्बर 2021, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!
26 नवम्बर 2021, शुक्रवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि सप्तमी रात्रि 12:40:33

🔅 नक्षत्र आश्लेषा दिन 04:52:26

🔅 करण :

                विष्टि 17:20:10

                बव 29:45:26

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग ब्रह्म 07:59:52

🔅 वार शुक्रवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:41:28

🔅 चन्द्रोदय 23:15:00

🔅 चन्द्र राशि कर्क - 20:36:36 तक

🔅 सूर्यास्त 17:19:23

🔅 चन्द्रास्त 12:18:59

🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:32:14

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत कार्तिक

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:47:05 - 12:29:14

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त :

                    08:58:29 - 09:40:38

                    12:29:14 - 13:11:23

🔅 कंटक 13:11:23 - 13:53:32

🔅 यमघण्ट 15:59:59 - 16:42:08

🔅 राहु काल 10:49:08 - 12:08:10

🔅 कुलिक 08:58:29 - 09:40:38

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 14:35:41 - 15:17:50

🔅 यमगण्ड 14:46:13 - 16:05:15

🔅 गुलिक काल 08:11:04 - 09:30:06

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ भद्रा दिन 12:23:11 तक। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

26 नवम्बर 2021, शुक्रवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): आज के दिन ताजगी और स्फूर्ति का अभाव रहेगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। काम बिगड़ने की संभावना है। ऑफिस में अधिकारियों और घर में कुटुंबीजनों और विरोधियों के साथ वाद-विवाद में पड़े बिना मौन रहकर दिन व्यतीत करना बेहतर रहेगा। किसी धार्मिक कार्य में या धार्मिक स्थान पर जाने का अवसर आएगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4
वृषभ (Tauras): अत्यधिक कार्यभार और खानपान में लापरवाही से आपका स्वास्थ्य खराब होगा। समय से भोजन और नींद न लेने के कारण मानसिक रूप से बेचैनी का अनुभव होगा। प्रवास में विघ्न आने की संभावना है। निर्धारित समय कार्य पूरा नहीं कर सकने से रोष पैदा हो सकता है। योग, ध्यान और अध्यात्म से राहत मिल सकती है।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2
मिथुन (Gemini): मौज-मस्ती और मनोरंजन की प्रवृत्तियों में आपको विशेष रुचि होगी। दोस्तों और परिजनों के साथ घूमने-फिरने का प्लान बनाएंगे। सार्वजनिक जीवन में मान प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। आपके हाथ से दान-धर्म और सखावत के कार्य होंगे।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3
कर्क (Cancer): आज का दिन खुशी और सफलता का है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। नौकरीपेशा वालों को ऑफिस में अनुकूल वातावरण मिलेगा। नौकर वर्ग और ननिहाल पक्ष से लाभ होगा। स्वास्थ्य बना रहेगा। आर्थिक लाभ होगा। आवश्यक खर्च होंगे। प्रतिस्पर्धियों को परास्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8
सिंह (Leo): आज आप शारीरिक मानसिक स्वस्थता से काम करेंगे। सृजनात्मक प्रवृत्तियों में विशेष दिलचस्पी रहेगी। साहित्य और कला के क्षेत्र में कुछ नए सृजन करके प्रेरणा मिलेगी। प्रेमीजनों और प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात होगी। संतान के शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक या परोपकार के कार्य आपके मन को आनंदित करेंगे।

शुभ रंग = फीरोजा़

शुभ अंक : 6
कन्या (Virgo): आज आपको प्रतिकूलताओं का सामना करना पड़ेगा। शारीरिक स्वास्थ्य के सम्बंध में शिकायत रहेगी। मन पर चिंता का बोझ रहने से बेचैनी का अनुभव होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ खटराग होगा। माता के स्वास्थ्य के सम्बंध में चिंता होगी। पढ़ाई के लिए अनुकूल समय नहीं है। स्थायी संपत्ति, वाहन से सम्बंधित समस्याएं निर्मित होंगी। धन खर्च होगा।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3
तुला (Libra): वर्तमान समय भाग्यवृद्धि का होने से साहस और कार्य हाथ में लेने के लिए आज शुभ दिन है। योग्य जगह पर पूंजी निवेश आपको लाभ दे सकता है। परिवार में भाई-बंधुओं के साथ आत्मीयता और मेल-मिलाप रहेगा। छोटे धार्मिक यात्रा का आयोजन कर सकेंगे। विदेश से अच्छे समाचार मिलेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2
वृश्चिक (Scorpio) आपको नकारात्मक मानसिक वृत्ति टालने की सलाह देते हैं। न बोलने में नौगुण की नीति अपनाकर चलेंगे तो पारिवारिक सदस्यों के साथ संघर्ष से बच सकेंगे। स्वास्थ्य सम्बंधी शिकायत रहेगी। अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगाना आवश्यक है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अवरोध आएगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7
धनु (Sagittarius): आपके निर्धारित कार्य में सफलता और आर्थिक लाभ की संभावना है। सपरिवार मांगलिक प्रसंग में उपस्थित होंगे। प्रवास की, विशेष रूप से किसी तीर्थयात्रा की संभावना है। स्वजनों के साथ मिलन आपको हर्षित करेगा। दांपत्य जीवन में निकटता और मधुरता का अनुभव करेंगे। समाज में आपके यश और कीर्ति में वृद्धि होगी।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4
मकर (Capricorn): आप धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में व्यस्त रहेंगे। पूजा-पाठ या धार्मिक कार्य के पीछे धन खर्च होगा। सगे-सम्बंधियों के साथ संभलकर बोलें क्योंकि आपकी वाणी से किसी को चोट पहुंच सकती है। कम सफलता मिलने से हताशा होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दांपत्य जीवन में खटराग होगा। महादेव आपकी मुसीबत कम करेंगे।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 2
कुंभ (Aquarius): नए कार्य या आयोजन हाथ में ले सकेंगे। लक्ष्मीजी की कृपा आपके साथ है। नौकरी धंधे में लाभ होगा। मित्र वर्ग, विशेष रूप से स्त्री मित्रों से आपको लाभ होगा। सामाजिक मंडल में आप ख्याति और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेंगे। पत्नी और पुत्र की तरफ से आप सुख और संतोष का अनुभव करेंगे। प्रवास, पर्यटन और वैवाहिक संयोग निर्मित होंगे।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7
मीन (Pisces): आपके लिए आज का दिन शुभ फलदायक है। काम की सफलता और उच्च पदाधिकारियों का प्रोत्साहन आपके उत्साह को दोगुणा कर देगा। व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी। बकाया राशि का भुगतान होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। परिवार में सुख-शांति होगी। उन्नति के संयोग बनेंगे। सरकार की तरफ से लाभ होगा।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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पुस्तक समीक्षा : 'स्मृतियों में संत रामरती दास

Posted: 25 Nov 2021 05:50 AM PST

पुस्तक समीक्षा : 'स्मृतियों में संत रामरती दास'

समीक्षक:  राधेश्याम तिवारी,पूर्व संपादक, दैनिक जागरण, रेवाड़ी ( हरियाणा)
समकालीन हिंदी कविता के युवा हस्ताक्षर वेद प्रकाश तिवारी की दूसरी पुस्तक "स्मृतियों में संत रामरती दास" भारतीय संत परंपरा को दर्शाती हुई, संत परंपरा की अद्यतन कड़ी के रूप में संत रामरती दास जी के जीवन पर आधारित संस्मरण की एक अनूठी पुस्तक है। जिनके संसर्ग से लोगों के जीवन में अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। भारत सदियों से ऋषि मुनियों का देश रहा है इसलिए भारतीय संस्कृति को ऋषि मुनियों की संस्कृति कही जाती है । इस अवधारणा के मूल में संतों द्वारा दिए जाने वाले ज्ञान का प्रकाश एवं उनको ईश्वर की अनुभूति के साधन व मार्ग में उपदेश का अवदान ही मुख्य है। संत के प्रति अनन्य एवं अटूट श्रद्धा तथा सम्मान भी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है । संत समागम के बगैर किसी भी प्रकार की लौकिक या आध्यात्मिक शक्तियां संभव नहीं हैं। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में संतों की अहम भूमिका होती है । उन्हें किसी एक समाज से जोड़कर देखना उचित नहीं है क्योंकि संत मानव मात्र का हित करते हैं और ईश्वर से उसका साक्षात्कार कर आते हैं । संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है और संतों के उपदेश सदैव प्रेरणादाई होते हैं । जिन्हें आत्मसात कर व्यक्ति को अपना जीवन लोक कल्याण के कार्य में स्थापित करना चाहिए । यह पुस्तक उन लोगों के लिए विशेष जरूरी है, जो लोग सनातन धर्म और अपनी संस्कृति से विमुख होकर मनचाहा आचरण कर रहे हैं । इन जैसे लोगों से ही भारतीय संस्कृति को खतरा उत्पन्न हो गया है । पूरे हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधने वाली यह पुस्तक राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान निभाएगी । गांव या समाज में कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति जो समाज को दिशा देने का काम करता है उसकी स्मृतियों को संभाल कर रखना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि इस तरफ किसी का ध्यान जाता ही नहीं । ऐसे में कवि वेद प्रकाश तिवारी ने न सिर्फ संत रामरती दास की स्मृतियों को इकट्ठा किया बल्कि गांव के ऐसे बुजुर्ग जो संत रामरती दास से रूबरू हुए थे उनके संस्मरण को अपनी भाषा में लिखकर उन सभी को भी इस पुस्तक के माध्यम से हमेशा के लिए जिंदा रखने का प्रयास किया है।
कवि वेद प्रकाश तिवारी ने पहली पुस्तक कविता संग्रह 'बादल से वार्तालाप' के द्वारा पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है । इस पुस्तक को पढ़ने के बाद ऐसा महसूस होता है कि वे पद्य के साथ-साथ अब गद्य विधा की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
मैं कवि व लेखक वेद प्रकाश तिवारी को उनकी इस दूसरी कृति के लिए हृदय की अनंत गहराइयों से धन्यवाद देता हूं और यह शुभकामना देता हूं कि उनकी साहित्य साधना निरंतर बनी रहे और समाज को उनके द्वारा दिशा मिलती रहे ।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

पटना में JDU नेता को मारी गोली

Posted: 25 Nov 2021 05:30 AM PST

पटना में JDU नेता को मारी गोली

हमारे संवाददाता पियूष रंजन की खास खबर 
 पटना में बदमाशों ने दिनदहाड़े जदयू नेता डॉ. धमेंद्र कुमार को गोली मार दी। वो पेशे से एक डेंटिस्ट भी हैं। एक गोली उनकी बांह में फंसी है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना फुलवारीशरीफ की मित्र मंडल कॉलोनी की है। गुरुवार सुबह डॉ. धर्मेंद्र मित्र मंडल कॉलोनी में अपनी जमीन देखने गए थे। इसी दौरान 2 बाइक पर बदमाश वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। वो जान बचाने के लिए अपनी कार की ओर भागे। इसी दौरान एक गोली उनकी बांह में लग गई।
गोली लगते ही वो जमीन पर गिर गए। अपराधी पिस्टल लहराते हुए फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने उनको फुलवारीशरीफ CHC में भर्ती करवाया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें PMCH रेफर कर दिया गया।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

यूपी के विकास की अंतरराष्ट्रीय उड़ान

Posted: 25 Nov 2021 05:26 AM PST

यूपी के विकास की अंतरराष्ट्रीय उड़ान

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश को सौगात देने का सिलसिला जारी है। अलीगढ़, कुशीनगर, झांसी, महोबा के बाद वह नोयडा पहुंचे। वहां नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। उत्तर प्रदेश में विगत साढ़े चार वर्षों में अवस्थापना सुविधाओं का अभूतपूर्व अध्याय जुड़ा है। एक्सप्रेस-वे से लेकर एयर पोर्ट निर्माण के कीर्तिमान स्थापित हो रहे है। नोयडा एयर पोर्ट निर्माण के साथ यह विकास यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित होगी। इसके पहले कुशीनगर एयर पोर्ट लोकार्पण की चर्चा दुनिया में हुई थी। बीस देशों के प्रतिनिधि इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए थे। इसी प्रकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम पर भी दुनिया की निगाह थी क्योंकि इस एक्सप्रेस वे पर भारत की मजबूत वायु सेना के शौर्य का प्रदर्शन हुआ था। विगत छह वर्षों में भारतीय वायु सेना की शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नोयडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का विकास दो चरण में किया जाएगा।
प्रथम स्टेज में यह एयरपोर्ट दो रन वे का होगा जबकि दूसरे चरण में इसे पाँच रन वे का बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण कराने वाले राज्य का गौरव हासिल कर लेगा। ऐसे हवाई अड्डे का निर्माण करने वाला भारत दुनिया का चैथा देश होगा। यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तरी भारत में लॉजिस्टिक्स का एक वैश्विक हब बनेगा। योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण काफी पहले शुरू हुआ था। इसके निर्माण के लिए पीपीपी मोड पर स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला यूपी देश का एकमात्र ऐसा राज्य होगा। पिछले महीने नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट का लोकार्पण किया था। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कार्य चल रहा है। लखनऊ और वाराणसी पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में संचालित हो रहे हैं। नोयडा अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट के नजदीक फिल्म सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिस पर करीब एक हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। एयरपोर्ट के निकट छह एकड क्षेत्रफल में हॉस्पिटल व ट्रामा सेंटर बनेगा। यहीं पर एटीएस का मुख्यालय बनेगा इसमें एटीएस का ऑफिस और आवासीय परिसर होगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तरी भारत के लिए लॉजिस्टिक्स का द्वार बनेगा। अपने विस्तृत पैमाने और क्षमता के कारण हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के परिदृश्य को बदल देगा।
यह दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की क्षमता को उजागर करेगा। राज्य को वैश्विक लॉजिस्टिक मानचित्र में स्थापित करेगा। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निकट यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्राॅनिक सिटी, एपैरल पार्क आदि सम्मिलित हैं। उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर का अलीगढ़ नोड भी इस क्षेत्र के निकट है। दादरी में मल्टी मोडल लाॅजिस्टिक्स हब तथा बोडाकी में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह सम्पूर्ण क्षेत्र औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का सबसे बड़ा केन्द्र बनेगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीन दशक पूर्व से यहां के लोगों द्वारा एक एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। सपनों को वास्तविक धरातल पर उतारने के लिए जिस इच्छा शक्ति की आवश्यकता थी, उसके अभाव में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। प्रदेश सरकार ने दायित्व संभालते ही जेवर क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण का निर्णय लिया था। सकारात्मक एवं ईमानदार सोच से दमदार परिणाम देखने को मिलते हैं। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। आज उत्तर प्रदेश में नौ एयरपोर्ट क्रियाशील हो चुके हैं। पांच वर्ष पहले प्रदेश के एयरपोर्ट केवल पच्चीस स्थलों से जुड़े हुए थे। अब इनकी संख्या अस्सी हो गई है। प्रदेश सरकार ग्यारह नये एयरपोर्ट को विकसित करने का कार्य कर रही है। जनपद सोनभद्र, चित्रकूट, ललितपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद में इन नये एयरपोर्ट के निर्माण की कार्यवाही अंतिम चरणों में है। विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में आधारभूत अवसंरचना को तेजी से विकसित किया है। ईस्टर्न एवं वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के साथ ही, इस पूरे क्षेत्र को एक मल्टीमोडल हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हो चुका है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। प्रदेश सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के कार्यक्रम को प्रारम्भ करने जा रही है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे पर भी कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत किया हैनेपाल, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश, राजस्थान हरियाणा एवं उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को चार लेन से जोड़ने की कार्यवाही प्रगति पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया अभियान में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक उल्लेखनीय योगदान कर रहा है।
भारत विश्व की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है। नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का अभियान शुरू किया। इसके अनुरूप योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य घोषित किया था। प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास व अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। सर्वांगीण विकास के बल पर उत्तर प्रदेश न्यू इंडिया के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान करेगा। साठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की लगभग दो सौ पन्द्रह परियोजनाओं का शिलान्यास पहले हो चुका है। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, बैंकर्स सेशन, पावर एण्ड रिन्यूवल एनर्जी, टूरिज्म एण्ड फिल्म, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी,आई टी एण्ड आईटीईएस, अरबन इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड स्मार्ट सिटी,डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस तथा फार्मा इंडस्ट्री आदि पर फोकस किया गया। इन सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। लाजेस्टिक एण्ड वेयरहाउसिंग तथा स्टार्ट अप पर भी कार्य चल रहा है। यूपी को बीमारू राज्य की पहचान से निकालकर समर्थ और सक्षम बनाया जा रहा है। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। इसी का परिणाम है कि यूपी में प्रतिव्यक्ति आय दोगुनी से अधिक पहुंच गई है।
योगी आदित्यनाथ नए भारत के नए यूपी के रूप में उभारने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश सरकार ने अब तक तीन लाख करोड़ से अधिक का निवेश हासिल करने में सफलता पाई है। साढ़े चार वर्ष पहले यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में चैदाहवें स्थान पर था। आज प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में दूसरे स्थान पर आ गया है। (हिफी)

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ममता के लिए भी कांग्रेस नरम चारा

Posted: 25 Nov 2021 05:24 AM PST

ममता के लिए भी कांग्रेस नरम चारा

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
मेघालय मंे जिस तरह से भरभराकर कांग्रेसी ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की गोद मंे चले गये हैं, उससे लगता है कि ममता के लिए भी कांग्रेस को तोड़ना सबसे आसान है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मंे कांग्रेस जीरो हो गयी लेकिन ममता ने सबसे प्राथमिकता उनको दी जो नेता टीएमसी छोड़कर भाजपा मंे गये थे। हालांकि कांग्रेस के नेता भी टीएमसी का दामन थाम रहे हैं। कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और अशोक तंवर का कांग्रेस से मन भर गया। उनको भी दीदी पसंद आ रही हैं। ममता बनर्जी अब पूर्वोत्तर के राज्यों मंे अपने लिए मुफीद जगह देख रही हैं। साथ ही पंजाब व हरियाणा जैसे राज्यों मंे टीएमसी पैर पसार रही है। कांग्रेस का जहां तक सवाल है तो उसके नेता पार्टी को टूटने से बचाने मंे असमर्थ नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश मंे जितिन प्रसाद के बाद रायबरेली की चर्चित विधायक अदिति सिंह ने भी 24 नवम्बर को भाजपा का दामन थाम लिया है। कांग्रेस की परम्परागत सीट रायबरेली पर अब भाजपा कांटा से कांटा निकाल रही है। अदिति सिंह को श्रीमती सोनिया गांधी के मुकाबले खड़ा किया जा सकता है। मेघालय मंे कांग्रेस के 19 विधायक थे लेकिन 2 ने उसी समय साथ छोड़ दिया था।
मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा राज्य के 17 कांग्रेस विधायकों में से 12 के साथ टीएमसी में शामिल हो गए हैं। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में विधायक पहले ही विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख चुके हैं।कांग्रेस नेताओं के इस दल बदल के बाद तृणमूल कांग्रेस राज्य में प्रमुख विपक्षी दल बन गई है।पिछले कुछ महीनों से राज्य में तृणमूल कांग्रेस विस्तार की राह पर चल रही है। मेघालय में टीएमसी के विस्तार में कांग्रेस नेताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है। पार्टी इन राज्यों में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर त्रिपुरा और गोवा में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है। दो दिन पहले ही ममता बनर्जी की पार्टी ने तीन प्रमुख अधिग्रहण किए, जिससे टीएमसी कम से कम दो राज्यों हरियाणा और पंजाब में अपने पैर जमाने में सफल हुई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद, जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राज्यसभा सांसद पवन वर्मा और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस की पृष्ठभूमि वाले कई अन्य नेता पिछले कुछ महीनों में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इनमें सुष्मिता देव, लुईजिन्हो फालेरियो और अभिजीत मुखर्जी प्रमुख हैं।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कई हस्तियों से मुलाकात की। ममता दिल्ली की यात्रा पर थीं। उनका राजनेता और लेखक सुधींद्र कुलकर्णी और गीतकार जावेद अख्तर से, भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी राजनेता पवन वर्मा से, पूर्व क्रिकेटर और राजनेता कीर्ति आजाद से और हरियाणा के राजनेता अशोक तंवर से मिलने का कार्यक्रम था। चर्चाएं थीं कि कीर्ति आजाद और अशोक तंवर, ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हांगेे। जनता दल यूनाइटेड के पूर्व सांसद पवन वर्मा के भी टीएमसी ज्वाइन करने की चर्चाएं थीं। गौरतलब है कि वर्ष 1983 की वर्ल्डकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य कीर्ति आजाद बीजेपी से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। बाद में बीजेपी छोड़कर उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। बंगाल चुनाव में धमाकेदार जीत के बाद ममता बनर्जी देशभर में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए एक के बाद एक बड़े नेताओं को तोड़कर टीएमसी में शामिल करवा रही हैं। कांग्रेस के जो नेता टीएमसी ज्वाइन कर चुके हैं, उसमें सबसे बड़ा नाम महिला कांग्रेस अध्यक्ष रही सुष्मिता देव, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता लुईजिन्हो फेलेरियो, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी और कांग्रेस के सीनियर नेता रहे कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश पति त्रिपाठी का है। इनमें से सुष्मिता और फलेरियो को तो ममता राज्यसभा का सांसद भी बना चुकी है।
कांग्रेस का जहां तक सवाल है तो उसके नेता लगातार साथ छोड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश मंे कांग्रेस के गढ़ से एक कांग्रेसी ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है। रायबरेली सदर से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह ने आखिरकार बीजेपी का दामन थाम ही लिया। उन्होंने अपने दादा धुन्नी सिंह की पुण्यतिथि के दिन ये फैसला लिया। लंबे समय से वे कांग्रेस से दूर और बीजेपी के करीब थीं। उनकी ज्वाइनिंग के बाद से ही ये चर्चा चल पड़ी है कि अदिति ने पार्टी तो बदल ली लेकिन, क्या अब वे अपनी सीट भी बदलेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस रायबरेली सीट से वे विधायक हैं वो सीट बीजेपी ने कभी जीती ही नहीं। और तो और एक दो चुनावों को छोड़कर बीजेपी इस सीट पर हमेशा चैथी या पाचवीं पोजिशन पर रही। यानी पार्टी का काडर वोट रायबरेली में बहुत कमजोर है। ऐसे में 2022 के चुनाव में अदिति सिंह या तो एक नया इतिहास बनायेंगी या फिर अगले पांच साल के लिए इतिहास बनकर रह जायेंगी।
रायबरेली की सीट अदिति सिंह के परिवार के पास 1989 से रही है। इनके ताऊ अशोक कुमार सिंह 1989 और 1991 में जनता दल से विधायक थे। फिर इनके पिता अखिलेश कुमार सिंह साल 1993 से 2012 तक लगातार पांच बार विधायक रहे। 1993 से 2002 तक वे कांग्रेस से जीतते रहे लेकिन, 2007 में निर्दलीय और 2012 में पीस पार्टी से वे जीते। कांग्रेस ने उनकी दबंग छवि के कारण उन्हें निकाल दिया था। कमजोर सेहत के चलते उन्होंने अदिति को 2017 में मैदान में उतारा। ये उनकी राजनीतिक समझ ही थी कि कांग्रेस से खटपट के बावजूद उन्होंने अदिति को कांग्रेस से ही लड़ाया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में धमाकेदार जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने देश के अन्य हिस्सों में अपनी पैठ जमाने की कोशिश तेज कर दी है। पूर्वोत्तर और गोवा जैसे राज्यों के बाद तृणमूल कांग्रेस ने देश के अन्य हिस्सों से भी नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायद तेज कर दी है। इनमें से ज्यादातर कांग्रेस से आए नेता रहे हैं। पार्टी ने इस रणनीति के साथ साफ संकेत दिया है कि वह 2024 के आम चुनाव में बीजेपी से अकेले मोर्चा लेने के लिए तैयार है। कीर्ति आजाद पूर्व क्रिकेटर हैं,टीएमसी से पहले कांग्रेस और बीजेपी में रह चुके हैं। अब उन्होंने ममता बनर्जी के साथ नई सियासी पारी शुरू करने का फैसला किया है। अशोक तंवर राहुल गांधी के पूर्व सहयोगी रहे हैं जबकि पवन वर्मा जेडीयू के राज्यसभा सांसद हैं, जिन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। पवन वर्मा के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से रिश्ते खराब हो गए थे और बाद में उन्हें पार्टी से भी निकाल दिया गया। वर्मा को जनवरी 2020 में जेडीयू से निकाला गया था। उसी समय जेडीयू के
उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी पार्टी छोड़ दी थी। प्रशांत किशोर अब पूर्णकालिक तरीके से चुनावी रणनीतिकार का काम कर रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दल के तौर पर पेश करने में जुटे हैं। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी ने कांग्रेस से दलबदल करने वाले इन नेताओं को अवसरवादी करार दिया है। साथ ही उन्होंने टीएमसी को बीजेपी का मुखौटा करार दिया है, जो सत्ताधारी दल के खिलाफ व्यापक दायरे वाले विपक्षी मोर्चे की संभावनाओं को चोट पहुंचा रही है। देश के 63 फीसदी लोगों ने 2019 में बीजेपी को वोट नहीं दिया था। कांग्रेस को 20 फीसदी लोगों ने वोट दिया था जबकि तृणमूल को 4 फीसदी वोट मिले। ऐसे में कांग्रेस के बिना क्या पाने की उम्मीद है। कांग्रेस के इन नेताओं के पहले भी कई दिग्गज पाला बदलकर टीएमसी में जा चुके हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी, असम की सिल्चर सीट से कांग्रेस सांसद रहीं सुष्मिता देव के अलावा लुईजिन्हो फलेरियो भी हाल में पाला बदल चुके हैं। फलेरियो गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। पार्टी में हर नए नेता की एंट्री तृणमूल कांग्रेस का बंगाल के बाहर पैर जमाने की ओर दिशा में उठाया गया कदम है। अशोक तंवर हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं, जहां किसान आंदोलन बड़ा प्रभावी रहा है। कांग्रेस के नेता इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं। (हिफी)
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पंजाब में केजरी के दांव

Posted: 25 Nov 2021 05:19 AM PST

पंजाब में केजरी के दांव

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पंजाब मंे इस बार विधानसभा चुनाव अनुमानों की सीमा मंे नहीं बंधेंगे क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह के पार्टी छोड़ जाने से कमजोर हो गयी है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविन्द केजरीवाल तो यहां तक कह रहे हैं कि कांग्रेस के 25 विधायक मेरी पार्टी मंे शामिल होने को तैयार हैं लेकिन हम उनका 'कचरा' नहीं लेंगे। उधर, पूर्व में सत्तारूढ़ रही शिरोमणि अकाली दल (बादल) की पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का हिस्सा थी लेकिन तीन कृषि कानूनों को लेकर साथ छोड़ दिया था। अब पीएम नरेन्द्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी तो कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरह शिरोमणि अकाली दल भी भाजपा के साथ जा सकता है। मौजूदा समय में राज्य मंे मुख्य विपक्षी दल आप है और उसमंे बिखराव नहीं हुआ। केजरीवाल ने लुभावनी घोषणा के साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की तारीफ की है। पूर्व मंे सिद्धू भी आम आदमी पार्टी के गुणगान कर चुके हैं। केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बारे मंे कहा कि वे सिद्धू को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकार विध्धानसभा चुनाव मंे केजरीवाल की कूटनीति अगर सफल हो गयी तो उनकी पार्टी भी सत्ता का विकल्प बन सकती है।
अरविंद केजरीवाल ने गत दिनों पंजाब मंे 2022 विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के मिशन पंजाब कार्यक्रम की लॉन्चिंग करते हुए ऐलान किया कि अगर सत्ता में आए तो उनकी पार्टी पंजाब की 18 वर्ष से ऊपर की हर महिला को प्रति महीने 1000 हजार रुपये देगी। मोगा में केजरीवाल की घोषणा और अन्य पार्टियों द्वारा मुफ्त में सुविधाएं देने से जुड़े ऐलान, मौजूदा सरकार द्वारा सब्सिडी और लुभावनी योजनाओं की घोषणा, पहले से ही कर्ज में डूबे पंजाब में इन दिनों ज्यादा सुनाई दे रही हैं। चुनाव आयोग के लोकसभा चुनाव 2019 के डेटा के मुताबिक पंजाब में 96.19 लाख महिला वोटर हैं। हालांकि 2022 के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी वोटर लिस्ट जारी नहीं की गई है। आम आदमी पार्टी का अनुमान हैं कि उसकी योजना से 1 करोड़ महिलाओं को फायदा होगा। अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आती है और हर महिला को प्रत्येक महीने 1000 हजार रुपये दिए जाते हैं तो राज्य सरकार पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये सलाना का बोझ आएगा। अरविंद केजरीवाल ने यह नोट किया है कि उनकी घोषणा पर विपक्षी जरूर ये सवाल करेंगे कि पैसा कहां है? इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के पास पैसे की कमी नहीं होती है, जरूरत लोगों के लिए काम करने की नीयत की होती है। मार्च 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य सरकार पर 1.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। 2007 से 2017 तक पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का शासन था। 2021-22 के लिए बजट प्रोजेक्शन को देखें तो राज्य सरकार पर कर्ज बढ़कर 2.82 लाख करोड़ हो सकता है। 2020-21 के दौरान जीएसटी मुआवजे के बदले बैक-टू-बैक ऋण के रूप में प्राप्त 8,359 करोड़ रुपये के हिसाब से यह प्रभावी रूप से 2.73 लाख करोड़ रुपये हो जाता है। 2019-20 में कर्ज की राशि को देखें तो यह कुल 2.29 लाख करोड़ था। 2020-21 के बजट अनुमानों में इसे 2.48 लाख करोड़ बताया गया था, जोकि बाद में संशोधित अनुमानों में 2.61 लाख करोड़ हो गया, जबकि प्रभावी रूप ये यह 2.52 लाख करोड़ है। प्रभावी तौर पर कुल कर्ज 2019-20 में राज्य की कुल जीडीपी 5.74 लाख करोड़ का 39.90 प्रतिशत था। 2021-22 के लिए कर्ज का प्रोजेक्शन राज्य की जीएसडीपी का 45 फीसदी है। इसके बाद भी राजनीतिक दल लोक लुभावने वादे कर रहे हैं।
चालू वित्त वर्ष में पंजाब की कुल प्राप्तियां 1.62 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 2019-20 में 1.32 लाख करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल खर्च 1.68 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जोकि 2019-20 में 1.34 लाख करोड़ रुपये था। 38,000 करोड़ रुपये की राशि, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के रूप में और 18,000 करोड़ रुपये कर्ज की अदायगी के रूप में शामिल हैं, चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमानों में कुल ऋण सेवा पर खर्च किए जाने का अनुमान है। 2019-20 में यह आंकड़ा 30,000 करोड़ रुपये था। 2021-22 के बजट अनुमानों में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड पर सरकार का बकाया 10,621 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जोकि 2019-20 में 9394 करोड़ था। दरअसल राज्य सरकार ने किसानों, अलग-अलग प्रकार की इंडस्ट्रीज और दलित समुदाय के सदस्यों को सस्ती बिजली देने के लिए पावर सब्सिडी का ऐलान किया हुआ है। हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में कटौती का ऐलान किया है। इसके तहत 7 किलोवाट तक घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति स्लैब 3 रुपया महीना देना होगा। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद राज्य सरकार पर 3300 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। इस महीने की शुरुआत में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने वैट में कटौती का ऐलान किया, जिसके चलते राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 10 और 5 रुपये की गिरावट आई है। साथ में केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कमी के कारण 850 करोड़ रुपये की वार्षिक लागत के साथ प्रति साल 3300 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। इसके अलावा पंजाब के बजट को देखें तो 2021-22 में कई बड़ी योजनाओं की घोषणा करते हुए किसानों के लिए 7,140 करोड़ की लागत के साथ मुफ्त बिजली की बात कही गई है। साथ ही मासिक रूप से सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 750 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति महीना करने का ऐलान किया गया है। ये 1 जुलाई से लागू होगी और इस पर 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही हर घर पानी, हर घर सफाई योजना पर सरकार 2148 करोड़ खर्च करेगी इसके लिए पैसे कहां से आएंगे।
आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी पार्टी आगामी पंजाब चुनावों के लिए अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की घोषणा कांग्रेस या भाजपा से पहले करेगी। उन्होंने पंजाब में कहा, 'सभी राजनीतिक दल अपने सीएम उम्मीदवारों को चुनाव की तारीख के करीब घोषित करते हैं, या तो आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद या उसके बाद।' उन्होंने पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले उनके नाम की घोषणा की थी। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में कांग्रेस और भाजपा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस घोषणा नहीं कर रही है कि (चरणजीत सिंह) चन्नी, (सुखजिंदर सिंह) रंधावा या (नवजोत सिंह) सिद्धू में से कौन सीएम का चेहरा होगा। इससे पहले केजरीवाल ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की जन कल्याण के मुद्दे उठाने के लिए तारीफ की, लेकिन दावा किया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उन पर दबाव बनाया है। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

शराबबंदी कानून पर घिरे नीतीश

Posted: 25 Nov 2021 05:15 AM PST

शराबबंदी कानून पर घिरे नीतीश

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
बिहार में आज से लगभग 6 साल पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार ने शराबबंदी कानून लागू किया था। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बहुत तारीफ हुई थी हालांकि सरकार के मुख्य घटक राजद की सहमति नहीं थी। राजद नेता लालू प्रसाद यादव और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इस बात का उल्लेख भी कर रहे हैं। अब हालात ऐसे हैं कि बिहार मंे जहां शादियां हो रही हैं, वहां कमरों की तलाशी लेकर शराब खंगाली जा रही है। विपक्षी नेता आरोप लगाते हैं कि बिहार में शराब कहां से आ रही है? इसके अलावा जहरीली शराब के पीने से सैकड़ों की जान जा चुकी है। मतलब यह कि न तो राज्य में शराब आनी बंद हुई और न शराब पीना बंद हुआ। अब तो सरकार में शामिल भाजपा के विधायक भी कहने लगे हैं कि नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून वापस ले लेना चाहिए।
बिहार में शराबबंदी कानून पर नीतीश सरकार के विधायक ही सवाल उठाने लगे हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचैल ने सीएम नीतीश कुमार से निवेदन किया है कि जिस तरीके से पीएम मोदी ने कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान कर दिया है, उसी तरह बिहार में भी शराबबंदी कानून वापस हो। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस मिली हुई है और शराब बिकवा रही है। अगर पुलिस चाह ले तो पत्ता नहीं हिलेगा। बचैल ने कहा कि मैं सीएम के 15 साल के सुशासन काल पूरा होने पर निवेदन कर रहा हूं कि सीएम शराबबंदी कानून को वापस ले लें। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों से 96 प्रतिशत किसानों को फायदा होने वाला था लेकिन जनदबाव में आकर पीएम मोदी ने कानून को वापस ले लिया। बिहार में भी यह कानून वापस हो सकता है। भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू करने के लिए जिम्मेदार लोग ही इसका उल्लंघन कर रहे हैं। नतीजतन, छात्रों को जेल हो रही है, माफियाओं और विक्रेताओं को नहीं। मैं बिहार के सीएम से शराबबंदी कानून को वापस लेने का आग्रह करता हूं। भाजपा विधायक ने कहा कि शराबबंदी कानून हमलोगों पर भारी पड़ रहा है। क्षेत्र में पुलिस की मनमानी है। जो शराब बेचते हैं, उन्हें पुलिस नहीं ले जा रही है और जो नहीं बेचता है, उसे धमकाया जाता है। पुलिस तंत्र कमजोर शराबबंदी कानून को कमजोर कर रहा है। रखवाला ही चोर बना हुआ है।
यह सच है। भाजपा विधायक बचैल ने एक साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाये हैं जैसे पुलिस की ढिलाई, शराब तस्करों का सरकार पर दबाव आघ्ैर शराबबंदी के खिलाफ जनभावना। यही कारण है कि बिहार की पिछली महागठबंधन सरकार में लालू प्रसाद की पार्टी राजद के साथ सत्ता में रहे नीतीश के शराबबंदी के निर्णय को लेकर लालू का यह बयान उस समय आया है जब प्रदेश में हाल के दिनों में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने पर राज्य की पुलिस पर शराब की बिक्री और खपत पर लागू प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
लालू प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शराब तस्करी के मामले में बिहार की तुलना एक 'टापू' के रूप में करते हुए आरोप लगाया कि चारों तरफ से इसकी तस्करी हो रही है और अब राजस्व भी हासिल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मर रहे हैं और शराब की होम डिलीवरी हो रही है। राजद सुप्रीमो के छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी शराबबंदी की विफलता का आरोप लगाते हुए पुलिस व राज्य सरकार पर निशाना साधा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह शराबबंदी को वापस लिए जाने के पक्षधर हैं, लालू ने कहा, यह उनको (राज्य सरकार) फैसला करना है। हमने बहुत पहले कहा था कि कार्यान्वयन में कठिनाइयों को ईमानदारी से स्वीकार किया जाना चाहिए और इस कदम को वापस लिया जाना चाहिए।
राजद सुप्रीमो, जिनका हाल में बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए उपचुनाव के दौरान अपने पुराने सहयोगी दल कांग्रेस से मतभेद उभरकर सामने आया था, से दिवंगत लोजपा नेता रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पसवान को लेकर उनकी पार्टी की आगे की योजना के बारे में पूछे जाने पर दावा किया, हम सब एकजुट हैं। शराबबंदी के मुद्दे पर भी।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर शराबबंदी के मामले को लेकर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री शराबबंदी के नाम पर लाखों गरीबों-दलितों को जेल में डाल चुके है लेकिन वो बताएं कि अब तक उन्होंने शराब की पूर्ति करने वाले कितने माफिया, कारोबारी, तस्करों और अधिकारियों को जेल भिजवाया है? अगर नहीं तो क्यों? क्या यह कानून गरीब पर ही लागू होता है? नीतीश सरकार शराब माफिया के साथ मिलीभगत के चलते कोर्ट में सबूत पेश नहीं करती जिससे एक-आध माफिया जो पकड़ाया जाता है उसे बरी होने में आसानी होती है। मुख्यमंत्री अगर शराबबंदी को लेकर गंभीर है तो वो बताएं शराबबंदी के कितने मामलों में हारने के बाद बिहार सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है? मुख्यमंत्री जी, बताएं शराबबंदी के नाम पर वो सिर्फ सिपाहियों को ही क्यों निलंबित करते है? निलंबित करने बाद उन्हीं 80 फीसद सिपाहियों को दोबारा बहाल क्यों करते है? अगर उन अधिकांश सिपाहियों की कोई गलती नहीं होती तो फिर आप उनके निलंबन का नाटक क्यों रचते है? क्या इसलिए कि शीर्ष अधिकारी बच जाए और सिपाहियों को निलंबित कर कुछ समय तक मामला ठंडा कर दिया जाए? तेजस्वी कहते हैं कि शराबबंदी के बावजूद प्रदेश की सीमा के अलावा 4-5 जिलों की सीमा पार कर करोड़ों लीटर शराब गंतव्य स्थल तक कैसे पहुंचती है? क्या आपके कथन अनुसार शासन-प्रशासन में सिवाय आपको छोड़ सब लोग ही गड़बड़ है? अगर बिहार में कथित लाखों लीटर शराब जब्त हुई है, तो वह प्रदेश के अंदर कब, कैसे और क्यों पहुंची? इसमें किसका दोष है? यह किसकी विफलता है? अगर सरकार में बैठे माफिया, तस्कर, सत्तारूढ़ नेता और अधिकारी बिहार में प्रति माह करोड़ों लीटर शराब की पूर्ति नहीं कराते तो क्या अदृश्य "सुशासनी भूत" यह सप्लाई करता-कराता है? 15 दिनों में विभिन्न जिलों में जहरीली शराब से हुई 65 मौतों का दोषी कौन है? उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी, दिखावटी समीक्षा बैठक से पूर्व आपको गहन आत्म चिंतन, मनन और मंथन की जरूरत है। जब तक आप खुद की तथा खुलेमन से शासन- प्रशासन की गलतियां कबूल नहीं करेंगे तब तक ये बैठकें एवं शराबबंदी हर दिन की तरह सामान्य रूप से चलती रहेगी और इनका कोई अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास इन सवालों का ठोस जवाब नहीं है। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

कुछ घंटे बाद ही स्वीडन की पीएम को देना पड़ा इस्तीफा

Posted: 25 Nov 2021 05:10 AM PST

कुछ घंटे बाद ही स्वीडन की पीएम को देना पड़ा इस्तीफा

स्टॉकहोम। स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री मेगडालेना एंडरसन को पद संभालने के कुछ ही घंटे बाद इस्तीफा देना पड़ा। संसद में बजट प्रस्ताव पर एंडरसन की सरकार को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दो दलों की उनकी अल्पसंख्यक सरकार से एक दल अलग हो गया। मेंगडालेन को बुधवार को ही सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की नई नेता चुना गया था। उन्हें स्टीफन लोफवेन की जगह प्रधानमंत्री बनाया गया था। लोफवेन ने इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। एंडरसन इससे पहले वित्त मंत्री थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेगडालेना एंडरसन ने कहा कि प्रधानमंत्री बनना उनके लिए सम्मान की बात है, लेकिन वह ऐसी सरकार का नेतृत्व भी नहीं करना चाहती हैं, जहां उसकी वैधता को लेकर सवाल उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर उसका एक दल सरकार से अलग होता है। इस तथ्य के बावजूद कि संसद की स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है और इसे फिर से आजमाने की जरूरत है। स्वीडन को लैंगिक समानता के मामले में यूरोप के सबसे प्रगतिशील देशों में शुमार किया जाता है, लेकिन अभी तक किसी महिला को देश की बागडोर नहीं सौंपी गई थी। ऐसे में इस घटनाक्रम को स्वीडन के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

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बच्चों को स्वर्णप्राशन की खुराक पिलायी गई

Posted: 25 Nov 2021 05:07 AM PST

बच्चों को स्वर्णप्राशन की खुराक पिलायी गई

पटना, 25 नवंबर। पटना के विजय निकेतन में 100 से अधिक बच्चों को स्वर्णप्राशन की खुराक पिलायी गई। डाॅ. हेडगेवार स्मारक समिति, जन कल्याण समिति एवं विश्व आयुर्वेद परिषद् के तत्वावधान में पुष्य नक्षत्र में पिछले तीन महीने से लगातार स्वर्णप्राशन की खुराक पिलायी जा रही है। विश्व आयुर्वेद परिषद् के राष्ट्रीय सचिव वैद्य शिवादित्य ठाकुर ने बताया कि स्वर्णप्राशन बच्चों के नैसर्गिक विकास एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। बच्चों को यह मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। आज के कार्यक्रम में वैद्य सुधांशु शेखर, चक्रधर मिश्र, विजय सिंह एवं कई कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया। अगला 22 दिसंबर को दोपहर 2 से सायं 6 बजे तक स्वर्णप्राशन की खुराक दी जायेगी।
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सोलोमन द्वीप के संसद भवन में लगायी आग

Posted: 25 Nov 2021 05:04 AM PST

सोलोमन द्वीप के संसद भवन में लगायी आग

होनियारा। प्रशांत महासागर में स्थित सोलोमन द्वीप पर प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और एक पुलिस थाने में आग लगा दी। ये प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री को हटाने को लेकर मांगकर रहे थे। भारी हिंसा और लूटपाट को देखते हुए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं, हालात को नियंत्रित करने के लिए राजधानी होनियारा में 36 घंटे के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कई दुकानों में लूटपाट की है, इसकी वजह से देश में भारी तनाव है। प्रधानमंत्री मनश्शे सोगावारे ने बुधवार देर शाम राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राजधानी में लॉकडाउन की घोषणा की।
बताया जा रहा है कि इस द्वीपसमूह के सबसे अधिक आबादी वाले द्वीप मालाटा के लोगों ने राजधानी पहुंचकर कई घरेलू मुद्दों पर अपना गुस्सा जाहिर किया। इसमें बुनियादी ढांचे में सुधार के कई वादों को पूरा न करना भी शामिल है। मालाटा के लोगों ने विकास की दौड़ में पीछे रह जाने पर भी नाराजगी जताई। हाल के दिनों में ये देश चीन के करीब भी आया है। सोलोमन द्वीप समूह ने 2019 में ताइवान के साथ संबंध तोड़ दिए और चीन के साथ औपचारिक संबंध बनाए। इसके बाद से ही वह काफी दबाव का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री सोगावारे ने कहा कि हमारे देश ने एक और दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना देखी है, जिसमें लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने का प्रयास किया गया है। पीएम सोगावारे ने कहा कि मैंने सोचा था कि इतिहास के सबसे बुरे दिन बीत चुके हैं लेकिन आज की घटना इस बात की याद दिलाती है कि हमें अभी लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा कि यह लॉकडाउन शुक्रवार सुबह सात बजे तक चलेगा। बताया गया है कि इस दौरान हिंसा करने वालों की तलाशी ली जाएगी और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि एक चीनी व्यक्ति की दुकान को भी लूट लिया गया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

कोविड से बचने के लिए सिर्फ डिस्टेन्स पर्याप्त नहीं

Posted: 25 Nov 2021 05:01 AM PST

कोविड से बचने के लिए सिर्फ डिस्टेन्स पर्याप्त नहीं

लंदन। ब्रिटेन में एक नये अध्ययन में पता चला है कि कोविड-19 का हवा में संक्रमण बड़ा बेतरतीब है और इसे फैलने से रोकने के लिए केवल सामाजिक या शारीरिक दूरी ही प्रभावी नहीं है। अध्ययन में टीकाकरण और मास्क के महत्व पर जोर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के इंजीनियरों के एक दल ने इस बारे में निर्धारण के लिए कम्प्यूटर मॉडलिंग का उपयोग किया कि लोगों के खांसने पर उसकी बहुत छोटी-छोटी बूंदें (ड्रॉपलेट) कैसे फैलती हैं। उन्होंने पाया कि मास्क नहीं होने की स्थिति में कोविड-19 से ग्रस्त कोई व्यक्ति बंद स्थान से बाहर भी दो मीटर की दूरी पर किसी और को संक्रमित कर सकता है। ब्रिटेन में इस दूरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अनुसंधानकर्ता दल ने यह भी पाया कि लोगों के खांसने का असर बड़े क्षेत्र में होता है और किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकार के बताये अनुसार तथाकथित 'सुरक्षित' दूरी एक से तीन या और अधिक मीटर के बीच हो सकती है। इस सप्ताह 'फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्सश् जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के प्रथम लेखक और भारतीय मूल के डॉ श्रेय त्रिवेदी ने कहा, ''इस बीमारी के फैलने का एक हिस्सा विषाणु विज्ञान से जुड़ा है- यानी आपके शरीर में कितने वायरस हैं, आपने बोलते या खांसते समय कितने वायरल तत्वों को बाहर निकाला। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में इंजीनियरिंग विभाग के त्रिवेदी ने कहा, ''इसका एक और हिस्सा द्रव्य यांत्रिकी है- जैसे छोटे कणों के खांसते समय निकलने के बाद उनका क्या हुआ। द्रव्य यांत्रिकी विशेषज्ञ के रूप में हम उत्सर्जक के विषाणु विज्ञान से प्राप्तकर्ता के विषाणु विज्ञान तक के सेतु की तरह हैं और हम जोखिम आकलन में मदद कर सकते हैं।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

जर्मनी भारत को देगा 10 हजार करोड़ की मदद

Posted: 25 Nov 2021 04:59 AM PST

जर्मनी भारत को देगा 10 हजार करोड़ की मदद

नई दिल्ली। जर्मनी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करने और स्वच्छ ऊर्जा जैसे संबंधित क्षेत्रों में परियोजनाओं में सहायता के लिए भारत को 1.2 अरब यूरो (लगभग 10,025 करोड़ रुपये) से अधिक की नई विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा की।
जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर ने कहा कि विकास के लिए समर्थन और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई भारत और उनके देश के बीच संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों में है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''इस ग्रह पर हर पांचवां व्यक्ति भारतीय है। भारतीयों के बिना, आप दुनिया की किसी भी बड़ी समस्या का समाधान नहीं कर सकते तथा जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। उन्होंने कहा, ''हम भारत के साथ मिलकर काम करने की कोशिश करते हैं और जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और इसी तरह की परियोजनाओं में मदद करते हैं। यह हमें ग्लासगो में आयोजित सीओपी26 में हमारे द्वारा व्यक्त किये लक्ष्यों की दिशा में काम करने में भी मदद करता है।श्श्नई विकास प्रतिबद्धताओं की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ''यह सब महत्वपूर्ण है और कोई भी केवल भारत के साथ मिलकर ऐसा कर सकता है। ऐसे में जब हम भारत का समर्थन करने का प्रयास करते हैं, हम ग्लासगो में व्यक्त अपने लक्ष्यों को पूरा करते हैं। यहां, हम देश भर में परियोजनाओं में भारत की सहायता करते हैं।

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अनाश्रितः कर्मफलं

Posted: 25 Nov 2021 04:55 AM PST

अनाश्रितः कर्मफलं

कमलेश पुण्यार्क गुरुजी
'अनाश्रितः कर्मफलं' बड़ा ही गूढ़ संदेश है। वर्तमान समय में साधु, सन्त, संन्यासिओं की बाढ़ आयी हुयी है। समाज का बहुत बड़ा वर्ग पलायनवादी हो गया है, कर्त्तव्य-विमुख हो गया है।
बहुरूपिये की तरह बाना बना लेना, घर-द्वार छोड़ देना, मठों में जा बसना, भिक्षाटन करना, धूनी रमाना, शिववूटी के नाम पर भाँग-गाँजा का सेवन करना, तरह-तरह के मनमाने तप, यज्ञ, साधनादि करना, वाह्याडम्बरपूर्ण दिखावे में जीवन व्यतीत करना सहज कृत्य हो गया है। सम लोष्ठाश्म काञ्चनः के विपरीत ऐश्वर्य-संग्रह में लिप्त रहकर, मोक्षमार्ग से भटककर, भोगमार्ग में प्रवृति हो गयी है।
ये कह कर साधु, सन्त, संन्यासी की निन्दा करना उद्देश्य नहीं है, क्योंकि इनकी महत्ता और सामाजिक उपादेयता को कदापि नकारा नहीं जा सकता, किन्तु आन्तरिक तथ्यों पर किंचित प्रकाश तो डालना ही होगा, अन्यथा विभ्रम-जाल और सघन होता चला जायेगा, जिससे मानवता का भारी नुकसान होगा।
वस्तुतः त्याग के नाम पर हम जिस वस्तु या क्रिया का त्याग करते हैं, उससे असली त्याग कदापि नहीं हो पाता । पारिवारिक दायित्वों से पलायन करते हैं, किन्तु मन्दिर-मठ-आश्रम आदि के दायित्वों में जकड़ जाते हैं। परिवार-रिश्तेदार से अलग हो जाते हैं,किन्तु चेले-चेलियों की भीड़ जुटा लेते हैं। परिणीता पत्नी का मोह भले ही त्याग लें, किन्तु अनेक नारी-नयनों का शिकार बन जाते हैं और आद्यशंकर का ये उपहास पूर्णतः घटित होने लगता है—
जटिलो मुण्डी लुञ्चित केशः काषायाम्बर बहुकृतवेषः।
पश्यन्नपि न च पश्यति मूढ़ः उदर निमित्तं बहुकृत वेषः ।।
वस्तुतः इनके लिए धर्म का मर्म बहुत दूर छिटक चुका होता है और ऐसे में श्रीकृष्ण का वचन समीचीन हो जाता है—
अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः ।
स संन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ।। ६-१।।
श्रीमद्भगवद्गीता का ये अद्भुत संदेश बड़ा ही मननीय है। इसे श्रीकृष्ण ने ' आत्मसंयमयोग' के प्रसंग में युद्धभूमि में विकल, दिग्भ्रमित, कर्त्तव्यच्युत प्रिय सखा अर्जुन को कर्म और त्याग के व्यावहारिक संशय का निवारण करने के क्रम में कहा है, क्योंकि इसके पहले ही कर्मयोग विषयक तीसरे अध्याय में अर्जुन ने श्रीकृष्ण पर ये आरोप लगाया है कि आप भ्रामक संदेशों का प्रयोग कर रहे हैं—व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे । (३-२ पूर्वार्द्ध)
सखा तो अन्ततः सखा ही होता है—प्रियतम सा। जिस भाँति पत्नी को अधिकार है अपने प्रियतम से हठ करने का, बच्चे को अधिकार है माता-पिता से हठ करने का, उसी भाँति सखा को भी विशेषाधिकार प्राप्त है हठ का। ये विशेषाधिकार ही कभी-कभी उपहास वा उपालम्भ के रुप में प्रकट हो जाता है। अर्जुन भी इसी अधिकार से कृष्ण को आरोपित किया है उक्त प्रसंग में।
सुयोग्य प्रियतम कोई आवश्यक नहीं कि तत्काल ही प्रत्युतर दे दे, प्रतिकार कर दे उपहास वा उपालम्भ का। प्रायः वह समुचित अवसर की प्रतीक्षा करता है।
लम्बी चर्चा के पश्चात यहाँ, तीसरे के वजाय छठे अध्याय में अर्जुन के उसी पुराने संशय का समाधान कर रहे हैं श्रीकृष्ण। कर्म करने के अधिकार पर बल देते हुए, फलाकांक्षा के त्याग के विषय में पहले ही बता चुके हैं—कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। (२-४९ पूर्वार्द्ध)
श्रीकृष्ण के काल में भी किंचित आडम्बरों का समावेश था। धर्म-कर्म की परिभाषा और नियम लोग अपनी सुविधानुसार गढ़ लिए थे। अतः उन आडम्बरों और क्षेपकों को निरस्त करने का समुचित प्रयास किया श्रीकृष्ण ने। टेढ़े-मेढ़े मन (विचार) वाला अर्जुन उस दिग्भ्रम का मूर्तिमान स्वरुप है। उस भ्रम-मूर्ति का नाश ही सखा कृष्ण का कर्त्तव्य बन गया, जो हमें श्रीमद्भगवद्गीता के रुप में उपलब्ध है।
युद्ध करना क्षत्रिय-धर्म है। पारिवारिक दायित्वों का समुचित पालन गृहस्थ-धर्म है। किन्तु विडम्बना ये है कि 'हम घर-परिवार त्याग चुके हैं, हम केवल फलाहार करते हैं, हम अग्नि का त्याग करते हैं, पका हुआ अन्न नहीं लेते, हम नंगे रहते हैं, हम बारह वर्षों से एक पैर पर खड़े हैं, हम आँखे मूंद कर ध्यान मग्न रहते हैं....' इत्यादि तरह-तरह के नियम-संयम ओढ़े हुए लोग हैं।
ध्यातव्य है कि सूक्ष्म जीव-जन्तुओं से लेकर उत्कृष्ट मानव पर्यन्त, भूलोक से लेकर ब्रह्मलोक पर्यन्त समस्त संसार कर्मफल मात्र है। संसार— वस्तु, व्यक्ति और क्रिया का समन्वित स्वरुप है। वस्तुमात्र की प्राप्ति-अप्राप्ति होती है। व्यक्तिमात्र का संयोग-वियोग होता है और क्रियामात्र का आरम्भ-अन्त सुनिश्चित है। इसीलिए उक्त श्लोक में श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं कि जो वस्तु, व्यक्ति और क्रिया—इन तीनों के आश्रय का त्याग करते हुए, प्राप्त कर्त्तव्य का सम्यक् पालन करता है, वही सच्चा संन्यासी और योगी है। जिसने कर्मफल का त्याग कर दिया है , वही असली सांख्ययोगी और कर्मयोगी है। स्पष्ट है कि लौकिक तो लौकिक, पारलौकिक कामनाएँ भी पूर्णत्व में बाधक हैं। गहरे अर्थों में हम कह सकते हैं कि भोग या कि मोक्ष-कामना में बहुत ज्यादा अन्तर नहीं है।
यहाँ ये रहस्य भी गुप्त है कि 'योगश्चित्तवृत्ति निरोधः'—(पातञ्जल योगसूत्र) चित्तवृत्तियों का निरोध करने मात्र से योगी नहीं हो सकता, यथेष्ट सिद्धियाँ भले ही प्राप्त कर ले। असली योगी तो कर्मफल-त्यागी ही है। अर्जुन को वैसा ही योगी बनने का सुझाव या कहें आदेश दे रहे हैं श्रीकृष्ण।
स्पष्ट है कि संन्यास जटा-जूट, चीवर-चिमटा, टीक-टीका नहीं है। परमात्मा के अनमोल उपहार—मानव शरीर को अनावश्यक पीड़ित करना तपश्चर्या नहीं है। आश्रम-मठादि संचालन साधुता नहीं है। कन्दरओं में जा छिपना सन्तत्व नहीं है।
संसार में रहते हुए, विहित कर्त्तव्य-कर्मों का सम्यक् निर्वहन करते हुए, प्राणीमात्र के कल्याण की भावना से, फलेस्पृहा रहित, निर्लिप्त भाव से, निर्विकार रुप से जीवनयापन ही असली संन्यास है।संन्यास-धर्म कोई चादर नहीं है, जिसे 'कनफूकवा गुरु' की 'दीक्षा-दुकान' से लेकर ओढ़ लिया जाए। हठात घटित हो जाने वाली घटना भी नहीं है। सम्यक् रुप से 'स्व में न्यस्त' हो जाने की प्रक्रिया है संन्यास, जिसके लिए अनवरत प्रयत्नशील रहना होता है। सतत सजग रहना होता है। कायशुद्धि से लेकर, विचार-शुद्धि और भावशुद्धि तक की लम्बी प्रक्रिया है संन्यास। ये सतत- सुदीर्घ अभ्यास का विषय है। निरन्तर लगे रहने की आवश्यकता है, जब जितना सध जाए। अस्तु।
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नहीं रही अब वो बात पहले की

Posted: 25 Nov 2021 04:49 AM PST

नहीं रही अब वो बात पहले की

अब बिक गये लगभग सभी पत्र,
बिक गये अधिसंख्य पत्रकार ,
बिककर जी रहे मजे से,
बेफिक्र चला रहे अपनी सरकार। 

अबतक जो भी बिके नहीं,
खा रहे वे दर-दर ठोकर हजार,
दो जून की रोटी नसीब नहीं उनको,
हो गया उनका जीवन बेकार।

नहीं रही अब वो बात पहले की,
जो कभी दिखा करती थी,
पहले थी निर्भीक पत्रकारिता,
जो था समाज का दर्पण,आधार।

पत्रकारिता थी एक मिशन,
राष्ट्र सेवा का था आधार,
नहीं किसी से कुछ लेते थे,
करते थे सपना साकार। 

आज के पत्रकार करते मनमानी,
लगाते हैं अब अपना  दरबार,
करते हैं जो प्रेम-भक्ति उनकी,
छपता खूब उनका समाचार। 
       ------000----
        अरविन्द अकेला
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संस्कार

Posted: 24 Nov 2021 09:46 PM PST

 संस्कार

संस्कार शिक्षा से आते 
पीढ़ी दर पीढ़ी समाते 
बालक के संस्कार देख 
घराने पहचाने जाते 

मेहमानों की हो मनुहार 
बड़ों का आदर सत्कार 
आव भगत आगंतुक की 
मिले अनुजो को प्यार 

मात पिता गुरु की सेवा 
जो करते सदा सुख पाते 
चरण छूकर आशीष लेते
सदा उन्नति और यश पाते

लोगों से मिल मुखमंडल 
खुशियों से खिल जाता
अधरों पर मुस्कान मधुर
मोहक माहौल हो जाता

संस्कार विहीन सदा ही 
संकट सदा खड़ा करते 
ऊंच नीच का भेद न समझे
जिद पर सदा अड़े रहते

मात-पिता का करे निरादर 
भ्रष्ट आचरण अपनाते 
सदा क्लेश का कारण बनते
जीवन भर जो दुख पाते 

अच्छे संस्कार बालक का 
जीवन देते हैं संवार 
घर परिवार राष्ट्र रोशन हो 
उन्नति का है आधार

रमाकांत सोनी नवलगढ़ 
जिला झुंझुनू राजस्थान
रचना स्वरचित का मालिक है
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खुशी के आंसू

Posted: 24 Nov 2021 09:44 PM PST

खुशी के आंसू

खुशियों के बादल मंडराये हृदय गदगद हो जाए 
भावों के ज्वार उमड़े खुशियों से दिल भर आए

नैनों में खुशी के आंसू मोती बनकर आ जाते हैं 
हर्षित मन के आंगन में आनंद के पल छा जाते हैं

उत्साह उमंगों का सागर उर में उल्लास जगाता है 
शुभ संदेश अंतर्मन खुशियों की बौछार बहाता है

आंखों से खुशी के आंसू प्रसन्नता पा छलक जाते 
मन की मुरादे पूरी हो शुभ कार्य सिद्ध हो जाते

कठिन परीक्षा तय करके मेहनत रंग दिखाती है 
भाग्य सितारे बुलंद हो झोली में सफलता आती है

खुशियों का पारावार नहीं मुस्कानों के मोती झरते 
खुशी से आंसू निकल पड़े भावों में आनंद भरते

खुशियां भी क्या खुशियां नैनों से झलक जाती है 
पुत्र विवाह, पुत्र रत्न पाकर प्रतिष्ठा बढ़ जाती है

औरों के काम आये कोई अपार खुशियां पाता है 
हर्ष आनंद से भरकर लोचन अश्रु से भर जाता है

रमाकांत सोनी नवलगढ़
जिला झुंझुनू राजस्थान
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करोड़पति निकली धनरुआ CDPO ज्योति कुमारी

Posted: 24 Nov 2021 09:41 PM PST

करोड़पति निकली धनरुआ CDPO ज्योति कुमारी, पटना में 70 लाख तो भागलपुर में 25 लाख का फ्लैट

पटना से हमारे संवाददाता पियूष रंजन की खास खबर |
पटना के धनरूआ में पोस्टेड CDPO ज्योति कुमारी करोड़पति निकली। उसके पास पटना और भागलपुर में फ्लैट हैं। इन दोनों फ्लैट के खरीददारी और इसके डेकोरेशन पर खर्च को मिला दें तो कुल कीमत 1 करोड़ से ऊपर की है। ज्योति कुमार अपने परिवार के साथ पटना के आरपीएस मोड़ के पास फ्लैट में रहती है। जिसकी कीमत 70 लाख रुपए है।


इस फ्लैट के अंदर डेकोरेशन में मोटी रकम खर्च की गई है। उसका 25 लाख रुपए की कीमत का भागलपुर में फ्लैट है। इन बातों की पुष्टि स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की पड़ताल में हुई। टीम को फ्लैट से 4 लाख रुपए कैश भी मिले हैं।। कई बैंक खाते और लाखों के फिफ्स डिपॉजिट के डॉक्यूमेंट्स मिले हैं। साथ ही LIC और रियल स्टेट में लाखों रुपए के इन्वेस्टमेंट के भी सबूत मिले हैं। इन सब के अलावा ICICI बैंक में ज्योति कुमारी का एक लॉकर भी मिला है। इसे भी टीम खंगालेगी।

दरअसल, ADG नैयर हसनैन के निर्देश पर SVU की टीम ने CDPO के पटना वाले फ्लैट पर छापेमारी की। SVU का दावा है कि घंटों चली इस कार्रवाई के दौरान ज्योति कुमारी के ऊपर लगे आय से अधिक संपत्ति और ब्लैक मनी जमा कर दूसरे जगहों पर इंवेस्ट करने के आरोप सही पाए गए हैं। पब्लिक के जरिए SVU को धनरूआ की इस CDPO के काले कारनामों की जानकारी मिली थी। जिसके आधार एक इंटरनल जांच कराई गई थी। जिसमें सरकारी पद पर रहते हुए ज्योति कुमारी ने जमकर भ्रष्टाचार किया।
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आज 25 नवम्बर 2021, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 24 Nov 2021 07:16 AM PST

आज 25 नवम्बर 2021, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!

25 नवम्बर 2021, गुरूवार का दैनिक पंचांग

🔅 तिथि षष्ठी रात्रि 12:06:22

🔅 नक्षत्र पुष्य दिन 03:34:18

🔅 करण :

                गर 15:59:40

                वणिज 28:44:38

🔅 पक्ष कृष्ण

🔅 योग शुक्ल 07:55:43

🔅 वार गुरूवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 06:41:54

🔅 चन्द्रोदय 22:17:00

🔅 चन्द्र राशि कर्क

🔅 सूर्यास्त 17:19:49

🔅 चन्द्रास्त 11:39:59

🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:33:10

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत कार्तिक

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:46:45 - 12:28:57

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त :

                    10:22:19 - 11:04:32

                    14:35:36 - 15:17:48

🔅 कंटक 14:35:36 - 15:17:48

🔅 यमघण्ट 07:33:28 - 08:15:41

🔅 राहु काल 13:27:00 - 14:46:09

🔅 कुलिक 10:22:19 - 11:04:32

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 16:00:01 - 16:42:14

🔅 यमगण्ड 06:51:16 - 08:10:24

🔅 गुलिक काल 09:29:33 - 10:48:42

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल दक्षिण

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ भद्रा रात्रि 12:06:22 उपरान्त 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

25 नवम्बर 2021, गुरूवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): मांगलिक कार्यों में प्रमुखता से शामिल होंगे। अपनों के साथ हर्षोल्लास से समय बीतेगा। विवाह योग्यों को बेहतर प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। दिन धनधान्य कारक।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 5
वृषभ (Tauras): प्रभावशीलता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीत का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। सृजन एवं स्मरण को बल मिलेगा। दाम्पत्य में शुभता रहेगी। मित्र विश्वस्त रहेंगे।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2
मिथुन (Gemini): कला प्रियता और दक्षता बढ़ेगी। परफार्मर अच्छे प्रस्ताव प्राप्त करेंगे। दिखावे पर जोर बना रह सकता है। चापलूसों से दूर रहें। दिन खर्चीला और सुखकर।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7
कर्क (Cancer): लाइफ स्टाइल से जुड़े कारोबारी ज्यादा अच्छा करेंगे। आर्थिक अवसरों को भुनाने पर जोर दें। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष हितकर रहेगा। महत्वपूर्ण चर्चाओं में प्रभावी रहेंगे।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4
सिंह (Leo): सभी का सहयोग और कुछ कर दिखाने की ललक बड़े प्रयासों में तेजी लाएगी। भाग्य का सहयोग बना रहेगा। सुख संसाधन बढ़त पर रहेंगे। दिन उन्नतिकारक। निसंकोच आगे बढ़ें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1
कन्या (Virgo): भ्रमण मनोरंजन में रुचि रहेगी। अनुशासन और निरंतरता बनाए रखेंगे। समय प्रबंधन ध्यान दें। भटकाव की आशंका है। दिन भाग्यवर्धक। करियर संवार पर रहेगा।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 8
तुला (Libra): दिखावे और बड़प्पन की अपेक्षा काम निकालने की नीति अपनाना बेहतर होगा। अपने सहयोगी रहेंगे। सेहत पर ध्यान दें। दिन सामान्य फलकारक। आकस्मिकता बनी रह सकती है।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 6
वृश्चिक (Scorpio): निजी जीवन में शुभता का संचार बना रहेगा। जीवनसाथी उपलब्धि अर्जित कर सकता है। तेजी बनाए रखें। आवश्यक कार्य आज ही कर लेने की कोशिश करें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 1
धनु (Sagittarius): आत्मविश्वास और अहम् भाव के अंतर को पहचानें। विपक्ष की सक्रियता बढ़ सकती है। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष बेहतर बनें। दिन खर्चीला। रुटीन पर जोर दें।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9
मकर (Capricorn): श्रेष्ठ कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल रहेंगे। शिक्षा प्रेम और संतान पक्ष उम्मीद से अच्छा रहेगा। लाभ का प्रतिशत बेहतर रहेगा। किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले परिजनों की सुनें।

शुभ रंग = क्रीम

शुभ अंक : 7
कुंभ (Aquarius): भव्य भवन वाहन के प्रयासों में सक्रियता आएगी। घर परिवार से करीबी बढ़ेगी। साहस पराक्रम बढ़त पर बना रहेगा। बड़ों से आशीष लेना न भूलें। दिन शुभकर।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9
मीन (Pisces): शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान बढ़ेगा। सामाजिकता में रुचि रहेगी। आलस्य से बचे रहेंगे। वाणिज्यिक गतिविधियां बेहतर रहेंगी। दिन उत्तम फलकारक।

शुभ रंग = पींक
शुभ अंक : 5 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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बिहार में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी, जानें क्या है आज का भाव

Posted: 24 Nov 2021 05:44 AM PST

बिहार में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी, जानें क्या है आज का भाव

पटना  देशभर में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. हालांकि, बिहार में कई दिनों से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. तेल के दाम में बढ़ोतरी नहीं होने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन यहां दाम अभी भी 100 के पार बने हुए हैं।
वहीं, आज यानि 24 नवंबर, 2021 को बिहार की राजधानी पटना सहित मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया और भागलपुर में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. जानकारी के अनुसार, आज पटना में पेट्रोल का दाम 105.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.09 रुपए प्रति लीटर पर है।
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नीतीश ने दिया सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, महंगाई भत्ते में की इतनी बढ़ोत्तरी

Posted: 24 Nov 2021 05:40 AM PST

नीतीश ने दिया सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, महंगाई भत्ते में की इतनी बढ़ोत्तरी

पटना नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक ख
त्म हुई. इस मीटिंग में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में सरकार ने 750 एंबुलेंस खरीद की मंजूरी दे दी है. छठे केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार अपुनरीक्षित वेतनमानध्पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों, पेंशन भोगियोंध्पारिवारिक पेंशन भोगियों को 1-7-2021 के प्रभाव से 189 प्रतिशत के स्थान पर 196 प्रतिशत महंगाई भत्ते की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
सरकार ने पटना में प्रस्तावित नए बस स्टैंड निर्माण के लिए बिहटा अंचल के कन्हौली में कुल 50 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए दो सौ सत्रह करोड़ छियालिस लाख चालीस हजार 21746.40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है. वहीं, बिहटा के नजदीक कन्हौली में बनने वाले बस स्टैंड के लिए 217 करोड़ रूपये की मंजूरी दे दी गई, ये 50 एकड़ में बस स्टैंड बनकर तैयार होगा. इसके अलावा सारण के पहलेजा का और वैशाली का कुछ हिस्सा अब पटना क्षेत्र में आएगा।
अनुसूचित विभाग के लिए बिहार ने अपने हिस्से से सभी राशि को दी मंजूरी दी गई. योजना के तहत 50-50 केंद्र और राज्य सरकार का हिस्सा होता है।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने की, कुलपति एवं प्रतिकुलपति की नियुक्ति एवं राज्यपाल से माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने की मुलाकात|

Posted: 24 Nov 2021 05:36 AM PST

राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने की, कुलपति एवं प्रतिकुलपति की नियुक्ति एवं राज्यपाल से माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने की मुलाकात|

महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री फागू चैहान ने 'बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976' (अद्यतन यथासंशोधित) एवं 'नालन्दा खुला विश्वविद्यालय अधिनियम, 1995' (अद्यतन यथासंशोधित) की सुसंगत धाराओं में अंतर्निहित अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए गठित 'सर्च कमिटी' की अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार से विमर्शाेपरान्त पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति के रूप में प्रो॰ आर॰ के॰ सिंह तथा नालन्दा खुला विश्वविद्यालय, पटना के प्रतिकुलपति के रूप में प्रो॰ संजय कुमार की नियुक्ति की है।
नव-नियुक्त कुलपति/प्रतिकुलपति का कार्यकाल उनके प्रभार-ग्रहण की तिथि से प्रारंभ होकर तीन वर्षों का होगा। 

महामहिम राज्यपाल श्री फागू चैहान से माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राजभवन पहुँचकर मुलाकात की।

राज्यपाल से मुलाकात के दरमियान मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति एवं नालन्दा खुला विश्वविद्यालय, पटना के प्रतिकुलपति की नियुक्ति के संबंध में विचार-विमर्श किया। 
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चीन में शादी के प्रति युवाओं की अरुचि

Posted: 24 Nov 2021 05:13 AM PST

चीन में  शादी के प्रति युवाओं की अरुचि

बीजिंग। चीन में गिरती जन्म दर के अलावा कम लोग शादी कर रहे हैं, जिससे दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में जनसांख्यिकीय संकट तेज हो गया है। हाल में जारी चाइना स्टैटिस्टिकल ईयरबुक 2021 के आंकड़ों से पता चलता है कि लगातार सात वर्षों में चीन में विवाह पंजीकरण की संख्या में कमी आई है, जो पिछले साल 17 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चीन में 2021 की पहली तीन तिमाहियों में कुल 58.7 लाख जोड़ों ने शादी की, जो पिछले साल की समान अवधि से थोड़ा कम है। चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली ने बताया कि आशंका है कि 2021 में चीन में विवाह पंजीकरण की संख्या में गिरावट जारी रहेगी। पुस्तक के आंकड़ों के अनुसार यह गिरती जन्म दर का एक और कारण है। चीन में पिछले साल जन्म दर 0.852 प्रतिशत थी, जो 1978 के बाद पहली बार एक प्रतिशत से नीचे है। जनसांख्यिकीय संकट गहराता देख चीन ने दशकों पुरानी एक शिशु की नीति को खत्म कर 2016 में सभी जोड़ों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी और इस साल नीति में संशोधन कर दंपतियों को तीन बच्चों की अनुमति दी गई है।

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हिन्द-प्रशांत पहल को चीन ने किया स्वीकार

Posted: 24 Nov 2021 05:11 AM PST

हिन्द-प्रशांत पहल को चीन ने किया स्वीकार

बीजिंग। चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर हिंद-प्रशांत पहल को स्वीकार किया, जिसे वह अब तक नकारता रहा था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा, चीन ने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल पर गौर किया है।ष् वह आसियान-चीन वार्ता संबंधों की 30वीं वर्षगांठ से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को बैठक की वीडियो लिंक के जरिए अध्यक्षता की थी। जब लिजियन से चीन-आसियान संयुक्त बयान में रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र किए जाने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि चीन हमेशा क्षेत्रीय ढांचे में आसियान की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता है, तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में बड़ी भूमिका निभाने में आसियान का समर्थन करता है। यह सवाल किए जाने पर कि क्या भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और सोमवार की शिखर बैठक के दौरान चीन और आसियान द्वारा की गयी चर्चा के बीच चीन कोई समानता देखता है, प्रवक्ता ने विशेष टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, मैंने अभी चीन की स्थिति साफ की है। आसियान देशों के साथ चीन के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति शी ने कहा था, दक्षिण चीन सागर में स्थिरता की रक्षा तथा इसे शांति, मित्रता और सहयोग का सागर बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।

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