दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- मानवीय मूल्यों का माह मार्गशीर्ष
- तेरी यादों के खुशबू से
- धन सम्पदा प्रचूर हो
- मार्तण्ड का मनुहार
- तुलसी महिमा
- आज के हालात
- पाकिस्तान की महिला विधायक का अश्लील वीडियो
- नार्थ कोरिया मंे अपराधी की तीन पीढ़ियां भुगतती हैं सजा
- इंटरपोल के पूर्व अध्यक्ष चीन में हो गये लापता
- दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति ने किया रानी लक्ष्मीबाई के जन्म दिवस पर सभा का आयोजन
- लंदन में बस के अंदर छेड़छाड़, लोग बने रहे तमाशबीन
- शिक्षकों के जवाब से गहलोत लाजवाब
- कृषि कानूनों पर मोदी का दूरदर्शी फैसला
- योगी-धामी ने कई मुद्दे सुलझाए
- बुंदेलखंड में विकास की बयार
- भारत को सामरिक बढ़त बनाने का सशक्त साधिका आयरन लेडी इंदिरा गांधी
- आज 20 नवम्बर 2021, शनिवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- गुरुद्वारों के प्रबंधन कमिटी में खत्री जाति का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं?राकेश कपूर
- झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती 19 नवंबर (शुक्रवार) को भारतीय जन महासभा के लोगों ने देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी ।
- रेप के आरोप की हो निष्पक्ष जांच- शालिनी शुक्ला
| मानवीय मूल्यों का माह मार्गशीर्ष Posted: 20 Nov 2021 01:24 AM PST मानवीय मूल्यों का माह मार्गशीर्षसत्येन्द्र कुमार पाठक पुरणों , शास्त्रों , और ज्योतिष ग्रंथों में मार्गशीर्ष माह का महत्व है । दिनांक - 20 नवंबर 2021, शनिवार , विक्रम संवत - 2078 , शक संवत -1943 , हेमंत ऋतु का मार्ग शीर्ष मास , गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक प्रतिपदा को ब्रह्मवैवर्त पुराण , ब्रह्म खंड 27 . 29- 34 के अनुसार कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा खाने से धन का नाश होता है। बेहद कोशिशों के बाद घर में पैसा नहीं रूकता है । शनिवार को थोड़े से गेहूं में 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के डाल कर पिसने के बाद में आटे को पूरे आटे में मिला कर रखने से घर में बरकत रहेगी और लक्ष्मी दिन दूना रात चौगुना बढऩे लगेगी। सनातन धर्म का नौवाँ महीना मार्गशीर्ष , अगहन , अग्रहन अग्राह्यन , अग्रहायण है। अग्रहायण शब्द 'आग्रहायणी'नक्षत्र को मृगशीर्ष या मृगशिरा है । अग्रहायण का तद्भव रूप 'अगहन' है । इस वर्ष 20 नवंबर 2021 विक्रम पञ्चाङ्ग के अनुसार से मार्गशीर्ष का आरम्भ हो रहा है। वैदिक काल से मार्गशीर्ष माह का विशेष महत्व रहा है। प्राचीन समय में मार्गशीर्ष से ही नववर्ष का प्रारम्भ माना जाता था। मार्गशीर्ष में सनातन संस्कृति के दो प्रमुख विवाह संपन्न हुए थे। शिव विवाह तथा राम विवाह। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को राम विवाह तो सर्वविदित है ही साथ ही शिवपुराण, रुद्रसंहिता, पार्वतीखण्ड के अनुसार सप्तर्षियों के समझाने से हिमवान ने शिव के साथ अपनी पुत्री का विवाह मार्गशीर्ष माह में निश्चित किया था । श्रीमद्भागवतगीता में श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं "मासानां मार्गशीर्षोऽहं नक्षत्राणां तथाभिजित्" अर्थात मैं महीनों में मार्गशीर्ष और नक्षत्रों में अभिजित् हूँ। स्कन्दपुराण, वैष्णवखण्ड के अनुसार "मार्गशीर्षोऽधिकस्तस्मात्सर्वदा च मम प्रियः ।। उषस्युत्थाय यो मर्त्यः स्नानं विधिवदाचरेत् ।। तुष्टोऽहं तस्य यच्छामि स्वात्मानमपि पुत्रक ।।" श्रीभगवान कहते हैं की मार्गशीर्ष मास मुझे सदैव प्रिय है। जो मनुष्य प्रातःकाल उठकर मार्गशीर्ष में विधिपूर्वक स्नान करता है, उस पर संतुष्ट होकर मैं अपने आपको भी उसे समर्पित कर देता हूँ। मार्गशीर्ष में सप्तमी, अष्टमी मासशून्य तिथियाँ हैं। मासशून्य तिथियों में मंगलकार्य करने से वंश तथा धन का नाश होता है।महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार "मार्गशीर्षं तु वै मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। भोजयेच्च द्विजाञ्शक्त्या स मुच्येद्व्याधिकिल्बिषैः।। सर्वकल्याणसम्पूर्णः सर्वौषधिसमन्वितः। कृषिभागी बहुधनो बहुधान्यश्च जायते।।" मार्गशीर्ष मास को एक समय भोजन करके बिताता है और अपनी शक्ति के अनुसार ब्राह्माण को भोजन कराता है, वह रोग और पापों से मुक्त हो जाता है । वह सब प्रकार के कल्याणमय साधनों से सम्पन्न तथा सब तरह की औषधियों (अन्न-फल आदि) से भरा-पूरा होता है। मार्गशीर्ष मास में उपवास करने से मनुष्य दूसरे जन्म में रोग रहित और बलवान होता है। उसके पास खेती-बारी की सुविधा रहती है तथा वह बहुत धन-धान्य से सम्पन्न होता है । स्कन्दपुराण, वैष्णवखण्ड के अनुसार "मार्गशीर्षं समग्रं तु एकभक्तेन यः क्षिपेत् ।। भोजयेद्यो द्विजान्भक्त्या स मुच्येद्व्याधिकिल्विषैः।।" जो प्रतिदिन एक बार भोजन करके समूचे मार्गशीर्ष को व्यतीत करता है और भक्तिपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराता है, वह रोगों और पातकों से मुक्त हो जाता है। शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष में चाँदी का दान करने से वीर्य की वृद्धि होती है। शिवपुराण विश्वेश्वर संहिता के अनुसार मार्गशीर्ष में अन्नदान का सर्वाधिक महत्व है "मार्गशीर्षे ऽन्नदस्यैव सर्वमिष्टफलं भवेत् ॥ पापक्षयं चेष्टसिद्धिं चारोग्यं धर्ममेव च॥" अर्थात मार्गशीर्ष मास में केवल अन्नका दान करने वाले मनुष्यों को ही सम्पूर्ण अभीष्ट फलों की प्राप्ति हो जाती है | मार्गशीर्षमास में अन्न का दान करने वाले मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं । मार्गशीर्ष माह में मथुरापुरी निवास करने का बहुत महत्व है। स्कन्दपुराण में स्वयं श्रीभगवान, ब्रह्मा से कहते हैं -पूर्णे वर्षसहस्रे तु तीर्थराजे तु यत्फलम् । तत्फलं लभते पुत्र सहोमासे मधोः पुरे ।।" अर्थात तीर्थराज प्रयाग में एक हजार वर्ष तक निवास करने से जो फल प्राप्त होता है, वह मथुरापुरी में केवल अगहन (मार्गशीर्ष) में निवास करने से मिल जाता है। मार्गशीर्ष मास में विश्वदेवताओं का पूजन किया जाता है कि जो गुजर गये उनके आत्मा शांति हेतु ताकि उनको शांति मिले | जीवनकाल में तो बिचारेशांति न लें पाये और चीजों में उनकी शांति दिखती रही पर मिली नहीं | तो मार्गशीर्ष में विश्व देवताओं के पूजन कर भटकते जीवों के सद्गति हेतु कार्य करते है हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Nov 2021 01:26 AM PST तेरी यादों के खुशबू सेतेरी यादों के खुशबू से, तर होती है मेरी शामें। कुछ हसरतें, हल्की आहटे, इन्तज़ार में बीतती हैं मेरी शामे।। फर्क नहीं पड़ता,क्या सोचता है जमाना। तेरे सानिध्य में खुशनुमा हो जाती हैं मेरी शामें।। बहुत कुछ अनकहा उबल रहा हृदय में मेरे। तोडो रूढ़ियों को तो, महक उठेंगी मेरी शामें।। इल्ज़ाम नहीं दूंगी,ना कहूंगी तुझे पत्थर दिल। सपनों के इन्द्रधनुष में डूबती उतराती मेरी शामें।। जाते जाते संध्या निखर कर आयी देहरी पर। क्षितिज की उदास आखें देख तड़प उठी मेरी शामें।। सुषमा सिंह औरंगाबाद --------------------- ( सर्वाधिकार सुरक्षित एवं मौलिक) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 20 Nov 2021 01:12 AM PST
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| Posted: 20 Nov 2021 01:08 AM PST
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| Posted: 20 Nov 2021 01:06 AM PST तुलसी महिमा---------------------- तुलसी महिमा गाईए, तुलसी के गुण हजार। ज्वर ,कफ सब दूर करे, शुद्ध करे घर द्वार।। विष्णु वृंदा का पूजन, शुभ सुफल सुखदाई। गोबर मिट्टी लीप आंगन, सुन्दर मंडप सजायी।। गन्ना मिष्ठान भोग लगा, जगमग दीप जलायी। तुलसी चौरा लग्न विवाह, मधुर गीत है गायी।। महकाती आंगन तुलसी, स्वच्छता की पहरेदार। तुलसी पूज वर मांगिए, खुशहाल हो परिवार।। सुषमा सिंह औरंगाबाद --------------------- ( स्वरचित एवं मौलिक) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 19 Nov 2021 07:35 AM PST
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| पाकिस्तान की महिला विधायक का अश्लील वीडियो Posted: 19 Nov 2021 07:31 AM PST पाकिस्तान की महिला विधायक का अश्लील वीडियोइस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक महिला विधायक का कथित अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। पंजाब के तक्षशिला विधानसभा क्षेत्र से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की विधायक सानिया आशिक ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। लंबी जांच के बाद पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, लेकिन उसके बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रही है। विधायक सानिया को इस वीडियो के बारे में पिछले महीने पता चला था। जिस पर उन्होंने 26 अक्टूबर को सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसी को इस संबंध में सूचना दी थी। आर्य न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, 26 अक्टूबर को सानिया आशिक ने फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास एक शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में इसकी कॉपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर की थी। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर कई दिनों से एक अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें नजर आने वाली महिला उनकी तरह दिख रही है। वहीं, यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला सानिया आशिक ही है। शिकायत के बाद पंजाब प्रांत की पुलिस और थ्प्। ने जांच शुरू की। करीब तीन हफ्ते चली जांच के बाद पुलिस ने लाहौर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नार्थ कोरिया मंे अपराधी की तीन पीढ़ियां भुगतती हैं सजा Posted: 19 Nov 2021 07:28 AM PST प्योंगयांग। उत्तर कोरिया का नाम सामने आते ही हमारे दिमाग में कई सारी अजीब चीजें आ जाती हैं। इस देश में इतने अजीबोगरीब कानून हैं कि आप उनके बारे में जानकर पक्का अपना माथा पकड़ लेंगे। इस बात को जानकर हो सकता है कि आपको हंसी आ जाए क्योंकि उत्तर कोरिया के लोग ये मानते हैं कि उनके देश के दिवंगत संस्थापक किम इल-सुंग की आत्मा अभी भी उत्तर कोरिया पर शासन कर रही है। उत्तर कोरिया का सबसे डरावना कानून ये है कि अगर कोई शख्स आत्महत्या करता है तो उसके पूरे परिवार को सजा दी जाती है। इसके अलावा अगर कोई क्राइम करता है तो उसकी तीन पीढ़ियों को सजा भुगतनी पड़ती है। हालांकि बाकी के देशों में यही कानून है कि जिसने क्राइम किया है सिर्फ उसी को सजा मिलती है। उत्तर कोरिया में विदेशी म्यूजिक सुनना या फिल्म देखना भी क्राइम है। अगर कोई इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसे कड़ी सजा दी जाती है। दोषी की सजा इस बात पर भी निर्भर करती है कि वो किस देश की फिल्म देख रहा था। मान लीजिए अगर कोई अमेरिका की फिल्म देख रहा है तो दोषी को फांसी की सजा दी जाती है। उत्तर कोरिया की तानाशाही सरकार अपने देश के नागरिकों पर कड़ी नजर रखती है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इंटरपोल के पूर्व अध्यक्ष चीन में हो गये लापता Posted: 19 Nov 2021 07:26 AM PST इंटरपोल के पूर्व अध्यक्ष चीन में हो गये लापताल्योन (फ्रांस)। इंटरपोल के पूर्व अध्यक्ष मेंग होगवेई की पत्नी ग्रेस मेंग ने चीन की शी जिनपिंग सरकार को राक्षस करार दिया है। ग्रेस मेंग ने कहा कि चीनी सरकार अपने बच्चों को ही खा जाती है। ग्रेस मेंग के पति मेंग होगवेई चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में अहम पद पर थे। चीनी सरकार ने उन्हें इंटरपोल का अध्यक्ष बनाकर पेरिस भेजा। मेंग होगवेई के साथ ही उनकी पत्नी ग्रेस मेंग भी फ्रांस पहुंची। सितंबर 2018 में मेंग होगवेई सरकारी काम से चीन गए थे। उसके बाद वे लापता हो गए। चीनी सरकार ने होगवेई पर रिश्वतखोरी के आरोप लगा कर उन्हें 13 साल छह महीने की कारावास की सजा सुना दी। इस घटना के बाद से ग्रेस मेंग अपने दो जुड़वां बेटों के साथ फ्रांस में राजनीतिक शरणार्थी बन कर रह रही हैं और चीन के शासन से क्षुब्ध होकर उसके खिलाफ आवाज उठा रही हैं। ग्रेस मेंग ने कहा, 'पिछले तीन साल में मैंने उसी तरह राक्षस के साथ रहना सीख लिया है, जैसे दुनिया ने वैश्विक महामारी के साथ जीना सीख लिया है।' एपी को दिए इंटरव्यू में ग्रेस मेंग ने कहा कि पति के साथ उनकी आखिरी बातचीत 25 सितंबर, 2018 को हुई थी। उस दौरान होगवेई काम के सिलसिले में बीजिंग गए थे। इसके बाद उन्होंने मोबाइल फोन पर दो संदेश भेजे। ग्रेस ने बताया कि उन्होंने पहले संदेश में लिखा था, 'मेरे कॉल का इंतजार करो।' इसके 4 मिनट बाद उन्होंने रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू की इमोजी भेजी, जिसका अर्थ था कि वे खतरे में हैं। इसके बाद वे लापता हो गए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति ने किया रानी लक्ष्मीबाई के जन्म दिवस पर सभा का आयोजन Posted: 19 Nov 2021 07:21 AM PST दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति ने किया रानी लक्ष्मीबाई के जन्म दिवस पर सभा का आयोजनदेश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर संपूर्ण भारत में इसे ' स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव' के नाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज दिनांक 19 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के दिन वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के जन्म दिवस के पावन अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए उनके प्रेरक जीवन चरित पर गोष्ठी का आयोजन स्थानीय रानी लक्ष्मी बाई पार्क, नगर निगम परिसर, गोरखपुर में दिव्य शाकद्वीपीय ब्राह्मण समिति गोरखपुर द्वारा जागरूकता अभियान के क्रम में किया गया। गणमान्य सदस्यगण की उपस्थिति में प्रखर वक्ताओं के उदबोधन को सुन सभी मे समसामयिक जागरूकता व राष्ट्र प्रेम का प्रवाह हुआ। आयोजन में समिति के विशिष्ट संरक्षक श्री रामाधार पाण्डेय, संगठन मंत्री अनन्त मिश्र, संयुक्त मंत्री रजनीश मिश्र आदि के साथ ही अन्य विप्र बंधुओं में राहुल मिश्र, अच्युतानंद शर्मा, राजेश त्रिपाठी, प्रणय त्रिपाठी, डॉ० मिथिलेश तिवारी, सुमन तिवारी, जयश्री द्विवेदी आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभा का संचालन महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| लंदन में बस के अंदर छेड़छाड़, लोग बने रहे तमाशबीन Posted: 19 Nov 2021 07:17 AM PST लंदन में बस के अंदर छेड़छाड़, लोग बने रहे तमाशबीनलंदन। महिलाओं को हर कदम पर छेड़खानी का सामना करना पड़ता है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में तो इसकी आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी घटनाओं का दुखद पहलू ये होता है कि लोग मदद को आगे नहीं आते। ब्रिटेन में रहने वाली एक महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। यात्रियों से भरी बस में एक शख्स उससे छेड़छाड़ करता रहा और लोग खामोशी साधे रहे। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, 16 नवंबर को एक महिला ब्रिस्टल सिटी सेंटर से 76 नंबर की बस में सवार हुई थी। महिला की पिछली सीट पर एक शख्स बैठा हुआ था, जो करीब 10 मिनट तक उसे प्रताड़ित करता रहा। यह घटना शाम 5 बजे के आसपास हुई, उस समय बस यात्रियों से भरी हुई थी। इसके बावजूद लोग सबकुछ देखकर भी अनदेखा करते रहे। बस में लगे सीसीटीवी में यह घटना कैद हो गई है। अब पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए लोगों से उसे पहचानने की अपील की है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'महिला की शिकायत पर हमने जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द हो उसे पकड़ लिया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज में फोटो साफ नहीं आई है, लेकिन फिर भी इससे आरोपी की पहचान में आसानी होगी'। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| शिक्षकों के जवाब से गहलोत लाजवाब Posted: 19 Nov 2021 07:11 AM PST शिक्षकों के जवाब से गहलोत लाजवाब(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राजस्थान की सियासत में अपना कद बढ़ाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गत दिनों शिक्षकों ने ऐसा जवाब दिया कि वे हक्का बक्का रह गये। जयपुर के बिरला आडिटोरियम में शिक्षक सम्मान समारोह हो रहा था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में सम्पन्न उपचुनाव में दोनों विधानसभा सीटों पर कब्जा करके अपना कद बढ़ा लिया है। इसलिए उनका आत्मविश्वास कुछ ज्यादा ही बढ़ा हुआ था। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तारीफ की और इसी क्रम में अपनी सरकार की तारीफ उनके मुख से करवानी चाही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल किया कि मेरी सरकार मंे ट्रांसफर पोस्टिंग के पैसे लगते हैं क्या? मुझे तो नहीं मालूम, आप ही बताइए। इस पर शिक्षकों ने जवाब दिया- हां। यह जवाब सुनकर मुख्यमंत्री हतप्रभ रह गये और मंच पर ही बैठे शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा की तरफ मायूसी से देखने लगे। शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासारा ने हालांकि सफाई दी और कहा कि पिछले एक साल मे जिस शिक्षक ने ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पैसे दिये हों, वह हमें बताएं। स्वाभाविक है कि इतना साहस कोई शिक्षक कैसे कर सकता था। बहरहाल, अशोक गहलोत सरकार की पारदर्शिता की पोल तो खुल ही गयी है। राज्य में रिश्वत के कुछ मामले चर्चित भी हो रहे हैं। एक एसएचओ पर रुपये लेकर तस्कर को छोड़ने का आरोप अभी ताजा है। गनीमत यह कि गहलोत व पायलट का विवाद सुलटता नजर आ रहा है। सिरोही जिले के बरलूट थाना पुलिस की ओर से डोडा-पोस्त के तस्कर के खिलाफ की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। इस कार्रवाई के दौरान बरलूट थानाधिकारी सीमा जाखड़ और तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि चारों पुलिसकर्मियों ने 10 लाख रुपयों की मोटी रिश्वत राशि लेकर तस्कर को गिरफ्तार नहीं कर फरार दिखाने का सौदा कर लिया। सौदेबाजी का पूरा घटनाक्रम होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। मामले का खुलासा होने पर पुलिस अधीक्षक ने बरलूट एसएचओ सीमा जाखड़ और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार घटना बरलूट थाना इलाके में 15 नवम्बर के रात की है। यहां बरलूट पुलिस ने ऊड गांव के पास एक होटल के समीप डोडा पोस्त तस्कर को पकड़ा था। तस्कर के पास दो क्विंटल 10 किलो डोडा पोस्त से भरी गाड़ी पाई थी लेकिन बाद में तस्कर ने पुलिस के साथ सौदेबाजी कर ली। पुलिस ने भी मामले में मोटी मलाई देखकर अपनी ड्यूटी भुला दी। सरपंच के जरिये भिजवाई गई दस लाख की रकम थानाधिकारी सीमा जाखड़ और उनके साथ मौजूद तीन पुलिसकर्मियों ने तस्कर की गिरफ्तारी नहीं बताकर उसे मौके से फरार दिखाने का सौदा कर लिया। मामला 10 लाख रुपये में तय हुआ। दस लाख रुपये की रकम जालोर जिले के सांचैर इलाके के एक गांव के सरपंच के माध्यम से पुलिस को भिजवाई गई। पुलिस और तस्कर के बीच हुई इस सौदेबाजी का पूरा घटनाक्रम होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वहीं तस्कर को बस में बिठाकर भागने के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। पूरे घटनाक्रम का जब पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव को पता चला तो उन्होंने तुरंत एक्शन लिया। एसपी यादव खुद तत्काल बरलूट थाना पहुंचे और होटल के सीसीटीवी फुटेज सहित प्रत्यक्षदर्शियों से मामले की जानकारी जुटाई। मामले में थानाधिकारी सीमा जाखड़ और कांस्टेबल ओमप्रकाश, सुरेश और हनुमान की संदिग्ध भूमिका को देखते हुये चारों को सस्पेंड कर दिया गया। जांच पड़ताल में सामने आया है कि पुलिस ने सौदेबाजी करने के बाद तस्कर से बरामद किये गये डोडा-पोस्त की बरामदगी कम दिखाई। इसे दो क्विंटल 10 किलो के मुकाबले केवल 1 क्विंटल 41 किलो दर्शाया गया। बाद में तस्कर को वहां से फरार करा दिया गया। कांस्टेबल ओमप्रकाश थानाधिकारी का खास आदमी बताया जा रहा है। उसी के जरिये ये पूरी डील हुई। इससे पूर्व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बीकानेर संभाग में सहकारिता विभाग में बड़े पैमाने पर चल रहे महा भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार की सूचना के बाद एसीबी की कई टीमों ने संदिग्ध अधिकारियों से गहन पूछताछ करने है और उनके कार्यालयों और आवास पर दबिशें दी है। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में संदिग्ध आरोपियों के कार्यालयों, आवास और अन्य ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी के अनुसार सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर के केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक मंगतराम खन्ना उर्फ एमआर खन्ना अपने अधीनस्थ चूरू सहकारी समितियां उप रजिस्ट्रार नौरंगलाल विश्नोई, प्राईवेट दलाल वली मोहम्मद और अन्य से आपसी मिलीभगत कर रिश्वत राशि का लेनदेन कर रहे हैं। इस पर मुख्यालय की ओर से तकनीकी और मानवीय निगरानी रखकर सूचना का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। एसीसी की इस कार्रवाई से सहकारिता विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। प्रदेश में भले ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का सातवां वेतनमान लग गया हो। बाबू से लेकर अधिकारियों की तनख्वाह भारी भरकम हो गई हो, लेकिन ऊपर की कमाई का लालच जाने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा के कई नए नवेले अधिकारी नौकरी मिलते ही मोटी कमाई के लालच में फंस जाते हैं। नई पीढ़ी के कई अधिकारियों की आंखों पर लालच की पट्टी इस कदर बंध रही है कि इनका एक ही टारगेट है कमाई के लिये ताबड़तोड़ भ्रष्टाचार की बैटिंग करना। गत दो बरसों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जिस तरह भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाइयां की वे इस धारणा की पुष्टि करते हैं। गत 2-3 साल में एसीबी ने राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन अधिकारियों को रिश्वत का लेनदेन करते दबोचा है उनकी पोस्टिंग हुए महज दो-तीन साल ही हुए हैं। एसीबी के हत्थे चढ़ने वाले अधिकतर अफसर नए नवेले हैं। प्रदेश में पिछले 4 वर्षों में करीब 25 आरएएस ऑफिसर्स को अलग-अलग आरोपों से सस्पेंड किया गया है। इनमें अधिकतर पर रिश्वत लेने के आरोप हैं। बहरहाल, राजस्थान में कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है। सचिवालय कर्मचारी संघ की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में गहलोत ने इस तरह के संकेत दिये। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सचिन पायलट के साथ विवाद भी खत्म हो सकते हैं। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कृषि कानूनों पर मोदी का दूरदर्शी फैसला Posted: 19 Nov 2021 07:07 AM PST कृषि कानूनों पर मोदी का दूरदर्शी फैसला(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूरदर्शी और सामयिक फैसले लेने मे कभी झिझक नहीं महसूस करते। दुनिया भर के नेता उनकी इसीलिए तारीफ भी करते हैं। लगभग एक साल से चल रहा किसान आंदोलन भले ही उत्तर भारत तक सीमित था लेकिन इसे दक्षिण भारत तक ले जाने का प्रयास हो रहा था। पांच राज्यो में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिनमंे तीन बड़े राज्यों पर किसान आंदोलन का प्रभाव पड़ सकता था। इसके अलावा देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी विवादित तीनों कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा रखी थी। इसका मतलब सुप्रीम कोर्ट भी केन्द्र सरकार के इस फैसले से सहमत नहीं था। किसानों ने आगामी शीतकालीन सत्र से रोज ट्रैक्टर मार्च की घोषणा कर रखी थी। इन सब बातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 नवम्बर 2021 को गुरुनानक जयंती के दिन तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी। हालांकि श्री मोदी ने सरकार की भावना को सही ठहराने का प्रयास किया। उन्हांेंने कहा कि देश की बदलती जरूरतों को ध्यान मंे रखकर और कृषि की वैज्ञानिक पद्धति को बढ़ावा देते हुए, एमएसपी को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए इन कानूनों को सरकार लायी थी। उन्हांेने कहा कि इन सभी विषयों पर भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमंे केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री शामिल होंगे। इस प्रकार सरकार ने अपनी मंशा को नेक और किसानों के हित में साबित करने का प्रयास भी किया है। किसान नेताओं ने इसीलिए प्रधानमंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया है जबकि विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया हताशा भरी दिख रही है। मोदी की इस घोषणा से कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की रणनीति ही फेल हो गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुनानक प्रकाश पर्व के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। पीएम ने कहा कि एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए, ऐसे सभी विषयों पर, भविष्य को ध्यान में रखते हुए, निर्णय लेने के लिए, एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि होंगे, किसान होंगे, कृषि वैज्ञानिक होंगे, कृषि अर्थशास्त्री होंगे। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे। पीएम ने कहा कि इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। कृषि अर्थशास्त्रियों ने, वैज्ञानिकों ने, प्रगतिशील किसानों ने भी उन्हें कृषि कानूनों के महत्व को समझाने का भरपूर प्रयास किया। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार, किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गांव गरीब के उज्ज्वल भविष्य के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये कानून लेकर आई थी। पीएम ने कहा कि आज ही सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक और अहम फैसला लिया है, जिसमें जीरो बजट खेती यानी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए और देश की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर क्रॉप पैटर्न को वैज्ञानिक तरीके से बदलने की दिशा में काम किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा, सरकार ने अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ ही किसानों को नीम कोटेड यूरिया, सॉयल हेल्थ कार्ड, माइक्रो इरिगेशन जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा। किसानों को उनकी मेहनत के बदले उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए भी अनेक कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कोने-कोने में कोटि-कोटि किसानों ने, अनेक किसान संगठनों ने इसका स्वागत किया और समर्थन किया। मैं आज उन सभी का बहुत आभारी हूं। मैंने अपने 5 दशक के सार्वजनिक जीवन में किसानों की परेशानियों और चुनौतियों को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। जब देश ने मुझे 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में सेवा का अवसर दिया तो हमने कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पीएम मोदी ने किसानों से अपील की, आप अपने अपने घर लौटे, खेत में लौटें, परिवार के बीच लौटें, एक नई शुरुआत करते हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। सभी किसानों को इसका स्वागत करना चाहिए, अब उन्हें अपने धरने समाप्त कर देने चाहिए।" केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर के किसानों के आंदोलन को 26 नवंबर को एक साल हो जाएगा।आंदोलन का एक साल पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि 26 नवंबर से देशभर में किसानों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग तेज की जाएगी। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर कुंडली बॉर्डर पर हुई संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक में तय किया गया कि किसान संघर्ष का एक साल मनाने के लिए देशभर में बड़े पैमाने पर किसान 26 नवंबर को प्रदर्शन करेंगे। मोर्चे ने कहा कि इसके लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे और आंदोलन को तेज करेंगे। किसानों ने तय किया कि 29 नवंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गर रोज 500 ट्रैक्टर संसद की तरफ शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। यह सिलसिला पूरे शीत सत्र के दौरान जारी रहेगा।मोर्चे की बैठक में शामिल किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान चीन में नहीं रहते कि उन्हें दिल्ली जाने के लिए परमीशन लेना पड़ेगी। उन्होंने कहा कि गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर सड़कें खोल दी गई हैं, इसलिए किसी परमीशन के बिना ही किसान संसद की तरफ शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 19 Nov 2021 07:04 AM PST योगी-धामी ने कई मुद्दे सुलझाए(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आज से 21 साल पहले उत्तर प्रदेश के हिस्से से बना उत्तराखण्ड राज्य दो दशकों से सम्पत्ति के विवादों मंे उलझा हुआ था। यह विवाद इसलिए भी नहीं सुलझ रहा था क्योंकि यूपी और उत्तराखण्ड मंे अलग-अलग दलों की सरकारें इसे सुलझाने को तैयार भी नहीं थीं। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान इस मामले को जोर-शोर से उठाया जाता था। संयोग यह कि इस बार भी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और दोनों राज्यों के बीच सम्पत्ति के बंटवारे का मामला भी उठा है। इस बार दोनों राज्यों मंे एक ही दल (भाजपा) की सरकारें हैं। उत्तर प्रदेश मंे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 18 नवम्बर को बैठक करके लगभग सभी मामले सुलझा लिये हैं। दोनों राज्यों के बीच 5700 हेक्टेयर भूमि का मामला संयुक्त सर्वेक्षण के बाद सुलझाया जाएगा। अभी तो धामी को कई सौगातें मिली हैं। बनबसा-किच्छा बैराज का निर्माण उत्तर प्रदेश करवाएगा। परिवहन विभाग की 205 करोड़ की रकम भी उत्तराखण्ड को मिलेगी। वन विभाग के मामले भी सुलझा लिये गये हैं। इसके बावजूद उत्तराखण्ड के कांग्रेसी नेता इस समझौते की आलोचना कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जमरानी बांध का मामला उठाया और कहा कि इस पर कोई बात ही नहीं हुई। वे इसे चुनावी दिखावा बता रहे हैं लेकिन दो दशक बाद ही सही, उत्तराखण्ड को उसका हक मिला है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सालों से परिसंपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद की स्थिति रही है और यह मुद्दा 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बोतल से निकल रहा है। जानकार मान रहे हैं चूंकि दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकारें और केंद्र में भी इसलिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ये संयोग मुफीद हैं और इसके चलते इस मुद्दे के कई पहलुओं को सुलझाया जा सकता है। इसी के चलते 18 नवम्बर को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी की बैठक से उत्तराखंड उम्मीद कर रहा था कि परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर राज्य को कुछ महत्वपूर्ण हासिल होगा। उत्तराखण्ड की उम्मीद सही साबित हुई। तय कार्यक्रम के अनुसार धामी और योगी की बैठक लखनऊ में हुई जिसमें खास तौर से इसी मुद्दे पर बातचीत की गयी। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में परिसंपत्तियों को लेकर जो विवाद हैं यानी कुंभ की जमीन और नहरों के मसले पर कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है लेकिन उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर धामी जरूर ले गये। वास्तव में, दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी जनता को यह बताना चाह रही है कि दो राज्यों ने मिलकर सालों के विवाद को सुलझाने में क्या कामयाबी हासिल की। दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों को लेकर कई मसले हैं, जिनमें परिवहन, सिंचाई, राजस्व जैसे कम से कम 11 विभाग सीधे तौर पर मुब्तिला हैं। टिहरी बांध का मसला है, जहां उत्तर प्रदेश की 25 फीसदी हिस्सेदारी अब भी है, अजमेरी गेट के गेस्ट हाउस का मामला हो या फिर कानपुर में रोडवेज की वर्कशॉप का मुद्दा हो, इन पर बात हो पाना मुश्किल थी क्योंकि ये मामले फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं। योगी और धामी की मीटिंग में मुख्य रूप से जिन मुद्दों पर बात हुई है, उनमें ऊधमसिंह नगर की 4 नहरों, हरिद्वार की 1 नहर और इन दोनों जिलों में जमीन संबंधी मामले शामिल हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच 21 सालों से चले आ रहे परिसंपत्तियों के बंटवारे के विवादों के आखिरकार सुलझने का दावा किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लंबी बैठक और बातचीत के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह दावा किया। धामी ने कहा कि तकरीबन सभी मामलों में आपसी सहमति के साथ निर्णय ले लिया गया है और जो मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, उन्हें आपसी सामंजस्य से सुलझाने के लिए दोनों राज्य कोर्ट में आवेदन कर कोर्ट से वापस लेंगे। धामी ने ये योगी का आभार जताते हुए यह भी कहा कि ये विवाद छोटे और बड़े भाई के बीच होने वाली मामूली बातों की तरह थे। योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक के बाद धामी ने कहा कि लगभग सारे मामलों पर सहमति बन गई है। वन विभाग के मामले भी सुलझा लिये गए हैं। उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के बीच विवादित 5700 हेक्टेयर भूमि का जॉइंट सर्वे होगा, इसमें से आवश्यकता अनुसार भूमि यूपी के हिस्से में जाएगी और बाकी उत्तराखंड के। आवास विकास के मुद्दों पर दोनों राज्यों के बीच 50-50 फीसदी के आधार पर देनदारियों और परिसंपत्तियों का बंटवारा हो जाएगा। परिवहन विभाग की 205 करोड़ रुपये की रकम उत्तराखंड को मिलेगी। बनबसा किच्छा बैराज का निर्माण यूपी कराएगा। हरिद्वार का होटल अलकनंदा उत्तराखंड को मिलेगा। किच्छा में बस स्टॉप की जमीन उत्तराखंड को मिलेगी। वॉटर स्पोर्ट्स शुरू करने की अनुमति उत्तराखण्ड को मिली है। बैठक के बाद धामी ने यह भी बताया कि कुछ मामलों को निपटाने के लिए यूपी ने 15 दिनों का समय मांगा है। इस दौरान जिन मामलों में संयुक्त सर्वे किया जाना है, वो भी होगा। दोनों राज्यों द्वारा कोर्ट से मामले वापस लिये जाएंगे और जो मसले बच गए हैं, 15 दिन बाद वो भी खत्म हो जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच इन विवादों को लेकर बातचीत होती रही है, लेकिन पहले सहमति नहीं बन पाई थी। अब दोनों राज्यों के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। चुनाव से पहले उत्तराखंड बीजेपी इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बता रही है और दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जता रही है। बीजेपी विधायक और सीनियर नेता खजानदास का कहना है कि सीएम योगी और सीएम धामी की बैठक सफल रही और जो काम अपने दो कार्यकाल में कांग्रेस की सरकार नहीं कर पाई, वो काम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी सरकार ने कर दिया। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि पौने 5 साल में जब कुछ नहीं हुआ, तब चुनाव से पहले ये बैठक कर दी गई ताकि चुनाव में अगर जनता सवाल पूछे तो बीजेपी कह सके कि बैठक तो की। रावत ने कहा कि जमरानी बांध एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन उसको लेकर कोई बात नहीं हुई। वहीं, जमीन के मामले में 5 साल बाद भी बात सिर्फ सर्वे तक पहुंच पाई। रावत ने कहा कि जनता सब कुछ समझती है। विपक्ष के नेता के नाते उनको कुछ तो कहना ही था लेकिन उत्तराखण्ड की जनता को उसका बड़ा हिस्सा यूपी से मिल गया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 19 Nov 2021 07:01 AM PST बुंदेलखंड में विकास की बयार(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) बुंदेलखंड ऐतिहासिक विरासत, वीरता, शौर्य और प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध रहा है किंतु विगत कई दशकों से यहां के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। पानी का संकट, कृषि की बदहाली, पलायन, भूखे पशु आदि को लेकर यह क्षेत्र चर्चित होने लगा। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद यहां के विकास पर विशेष ध्यान दिया। बुंदेलखंड का कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश में है। यहां शिवराज सिंह सरकार ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किये जिससे अनेक समस्याओं का समाधान हुआ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद केंद्र की योजनाओं को बुंदेलखंड में प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया। इससे यहां विकास का नया अध्याय शुरू हुआ। इसके पहले बुंदेलखंड के सभी घरों में नल से जल की कल्पना करना भी मुश्किल था। वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह सपना साकार हो रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और डिफेंस कॉरिडोर से यहां के विकास को नया आयाम मिल रहा है। इन सभी सन्दर्भो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झांसी यात्रा महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने तीन दिन से चल रहे राष्ट्रीय रक्षा समर्पण पर्व का समापन किया। इस अवसर पर स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एलसीएच वायु सेना को सौंपा। थल सेना को ड्रोन यूएवी और नौसेना के युद्धपोतों के लिए विकसित किये गए उन्नत ईडब्ल्यू सूट भी सौंपें गए। रक्षा मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने संयुक्त रूप से झांसी में तीन दिवसीय राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व समारोह का आयोजन किया था। यह आजादी के अमृत महोत्सव का हिस्सा है। इस अवसर पर अनेक योजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित की गई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एचएएल द्वारा डिजाइन और विकसित लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर एलसीएच दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर पांच से आठ टन वर्ग का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। एलसीएच में प्रभावी लड़ाकू भूमिकाओं के लिए उन्नत तकनीकों और सुविधाओं को शामिल किया गया है। इसे दुश्मन की वायु रक्षा, काउंटर विद्रोह, खोज और बचाव, टैंक विरोधी, काउंटर सर्फेस फोर्स ऑपरेशंस इत्यादि जैसी भूमिकाओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। एलसीएच दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है जो हथियारों और ईंधन के काफी भार के साथ पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकता है। ड्रोन यूएवी को भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। भारतीय सेना ने विस्तृत परीक्षण और परीक्षण के बाद इन ड्रोनों को भारतीय उद्योग स्टार्टअप से खरीदने का फैसला किया है। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा भारतीय यूएवी की तैनाती भी भारतीय ड्रोन उद्योग की बढ़ती परिपक्वता का प्रमाण है। भारतीय विमान वाहक विक्रांत सहित नौसैनिक जहाजों के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बीईएल निर्मित उन्नत ईडब्ल्यू सूट से भी सेना की शक्ति बढ़ेगी। उन्नत ईडब्ल्यू सूट का उपयोग विभिन्न नौसैनिक जहाजों में किया जाएगा। जिसमें विध्वंसक, युद्धपोत आदि शामिल हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान आगे बढ़ा है। रक्षा मंत्रालय ने इस अभियान के अंतर्गत अनेक कदम उठाए हैं। स्वदेशीकरण सूची जारी की गई। घरेलू उद्योग के लिए पूंजी खरीद बजट का चैसठ प्रतिशत निर्धारित किया गया। इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस आई डेक्स पहल के तहत स्टार्टअप्स की सुविधा प्रदान की गई। पूंजी अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज किया गया। इसके साथ ही रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर का निर्मांण चल रहा है। सेना के तीनों अंग स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित प्लेटफार्मों को अपना रहे हैं। झांसी में प्रधानमंत्री द्वारा सौंपे गए तीन प्लेटफॉर्म रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन डीआरडीओ, डीपीएसयू,रक्षा उद्योग और स्टार्टअप के योगदान के साथ भारतीय रक्षा उद्योग की प्रगति के प्रमाण है। उत्तर प्रदेश भी आत्मनिर्भर भारत अभियान में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वाह कर रहा है। योगी आदित्यनाथ स्वयं इसके प्रति गंभीरता से प्रयास कर रहे है। यहां युद्धपोत और मिसाइल से लेकर अन्य उपकरण बनाने का अभियान चल रहा है। उत्तर प्रदेश डिफेंस के मैनुफैक्चरिंग के मामले में बहुत आगे जा रहा है। अलीगढ़ नोड में छोटे हथियार,डिफेंस पैकेजिंग बन सके इसके लिए नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। यह इस क्षेत्र को नई पहचान देगा। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर बहुत बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। तीन वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था। अब तक उत्तर प्रदेश में तीन लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। रक्षा उत्पादन में बहुत प्रगति हुई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले छठवें स्थान पर थी आज दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी है। निवेश का बेहतर वातावरण वर्तमान सरकार ने तैयार किया है। पहले उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में देश में चैदहवें स्थान पर था,आज सरकार की नीतियों से दूसरे स्थान पर आ गया है। चार वर्ष पहले उत्तर प्रदेश का केन्द्र की किसी योजना में स्थान नहीं होता था। आज केन्द्र सरकार की पैंतालीस योजनाओं में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। उद्योग व कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए लाभप्रद है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड तथा विन्ध्य क्षेत्र में हर घर नल योजना प्रारम्भ की गयी है। एक्सप्रेस-वे के किनारों पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित की परियोजना प्रगति पर है। कुछ दिन पहले ही रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर यूपीडीआईसी में पहली संचालित निजी क्षेत्र की रक्षा विनिर्माण सुविधा का उद्घाटन किया था। रक्षा विनिर्माण सुविधा विमान के इंजन हेलीकॉप्टर इंजन विमानों के लिए संरचनात्मक भागों,ड्रोन और यूएवी,पनडुब्बियों, अल्ट्रा लाइट आर्टिलरी गन,स्पेस लॉन्च व्हीकल और स्ट्रैटेजी सिस्टम आदि का निर्माण करेगी। यह एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए टाइटेनियम और अन्य विदेशी मिश्र धातुओं में प्रमुख कच्चे माल का उत्पादन करेगी। नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का शुभारंभ किया था। यह अब प्रगति पर है। इसकी धमक दुनिया में दिखाई देने लगी है। भारत अभी तक सामरिक हथियारों का सबसे बड़ा आयातक माना जाता था। अब सत्तर से अधिक देशों को भारत सामरिक उत्पाद का निर्यात कर रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत अनेक योजनाएं संचालित हो रही है। उत्तर प्रदेश के डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर से देश को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और मेक इन इण्डिया को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट का शुभारम्भ करते हुए उत्तर प्रदेश में एक डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर स्थापित किये जाने की घोषणा की थी। आज भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा कर रहा था। पहले हम आयात पर ही निर्भर थे। रक्षा मंत्रालय द्वार दो सौ से अधिक उत्पाद की सूची जारी की गई है। इन सभी का उत्पाद अब भारत में होगा। किसी भी सूरत में दुनिया के दूसरे दूर देशों से आयात नहीं किया जाएगा। फाइटर प्लेन, हेलीकॉप्टर,टैंक और पनडुब्बियों सहित के निर्माण के अवसर भी हमने मेगा डिफेंस प्रोग्राम तहत शुरू किए हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| भारत को सामरिक बढ़त बनाने का सशक्त साधिका आयरन लेडी इंदिरा गांधी Posted: 19 Nov 2021 06:52 AM PST भारत को सामरिक बढ़त बनाने का सशक्त साधिका आयरन लेडी इंदिरा गांधीजहानाबाद ।भारत के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भारत के उस दौर की प्रधानमंत्री थीं जब भारत ने युद्ध, अकाल, दुश्मनी का सामना किया था । जिला काँग्रेस कमिटि जहानाबाद की ओर से जहानाबाद कांग्रेस कार्यालय कक्ष में प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर जिला काँग्रेस कमिटि के अध्यक्ष हरिनारायण द्विवेदी , राष्ट्रीय मानवाधिकार प्रतिष्ठान जिला जहानाबाद के अध्यक्ष रामजी प्रसाद , जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक , पूर्व जिला परिषद सदस्य गोपाल शर्मा , अर्जुन नातन पांडेय , आविद मजीद इराकी , उपेंद्र कुशवाहा , कमलेश प्रसाद आदि कॉन्ग्रेस सदस्यों द्वारा इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर याद किया गया । इस अवसर पर साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लौह महिला इंदिरा जी थी । 18 मई, 1974 में भारत में पहला परमाणु परीक्षण किया गया था और यह समय दुनिया ने लिए अभूतपूर्व घटना थी। यह संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा किसी अन्य देश द्वारा किया गया पहला परमाणु हथियार का परीक्षण था। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में बांग्लादेश का जन्म, भारत का पहला परमाणु परीक्षण, सिक्किम का भारत में विलय हुआ था । 18 मई, 1974 में भारत में पहला परमाणु परीक्षण किया गया था और यह समय दुनिया ने लिए अभूतपूर्व घटना थी। यह संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी सदस्य देशों के अलावा किसी अन्य देश द्वारा किया गया पहला परमाणु हथियार का परीक्षण था। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में बांग्लादेश का जन्म, भारत का पहला परमाणु परीक्षण, सिक्किम का भारत में विलय जैसे गोपनीय मिशनों के पीछे रॉ का बड़ा हाथ था। किसी भी देश की खुफिया एजेंसी उस देश के राष्ट्रीय हितों के संवर्धन का बड़ी गोपनीयता से पालन करती है और रॉ के कारनामे इसका पर्याय रहे हैं। पाकिस्तान और चीन की परंपरागत दुश्मनी से सामने आई परिस्थितियों में ही 1968 में रॉ का निर्माण किया गया था। इंदिरा गांधी द्वारा स्थापित रॉ ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इंदिरा गांधी भारत की साहसिक और आत्मविश्वास से भरी थी । इतिहास इस बात का साक्षी है कि 1971 के बाद भारत पर हमला करने का साहस पाकिस्तान और चीन जुटा पाया था । इतिहास साक्षी है कि 1971 के बाद भारत पर हमला करने का साहस पाकिस्तान और चीन जुटा पाया था । इस अवसर पर जिला कॉग्रेस के अध्यक्ष हरिनारायण द्विवेदी ने इंदिरा गांधी की व्यक्तित्व एवं कीर्तित्व पर प्रकाश डाला । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 19 Nov 2021 06:41 AM PST
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| गुरुद्वारों के प्रबंधन कमिटी में खत्री जाति का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं?राकेश कपूर Posted: 19 Nov 2021 06:34 AM PST गुरुद्वारों के प्रबंधन कमिटी में खत्री जाति का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं?राकेश कपूरसिख धर्म के प्रथम गुरु गुरूनानक देव जी के अवतरण दिवस पर पटना जिला सुधार समिति के महासचिव व खत्री सभा, पटना के संगठन मंत्री राकेश कपूर ने व्यान जारी कर कहा है कि सिख धर्म के प्रथम गुरु से लेकर अंतिम दशमगुरु गुरूगोबिन्द सिंह जी महाराज हुए और दसों गुरु खत्री जाति से ही थे। फिर भी गुरुद्वारों के प्रबंधन कमिटी में खत्री जाति का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं होता है? खत्री सभा, पटना के संगठन मंत्री राकेश कपूर ने सिख धर्मावलम्बियों से अनुरोध किया है कि उनकी मांग पर विचार कर गुरु परिवार के स्वजातियों को तीर्थस्थलों के प्रबंधन कमिटी में प्रतिनिधित्व देने का निर्णय करें। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 19 Nov 2021 06:29 AM PST
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| रेप के आरोप की हो निष्पक्ष जांच- शालिनी शुक्ला Posted: 19 Nov 2021 06:24 AM PST रेप के आरोप की हो निष्पक्ष जांच- शालिनी शुक्ला
पटना- कलकत्ता से आई एक महिला कलाकार ने एक इवेंट कंपनी के मालिक पर रेप जैसी संगीन आरोप लगाया था जिसको लेकर आरोपी हर्ष रंजन की पत्नी शालिनी शुक्ला ने इस आरोप का खंडन करने हेतु पूरे साक्ष के साथ शुक्रवार को पटना में प्रेस वार्ता किया और मीडिया के सामने उस झूठे आरोप जैसे मामले को खारिज करते हुए कहा कि मेरे पति पर जो संगीन आरोप लगे हैं वो बिल्कुल निराधार है और हमें टॉर्चर करने की साजिश की जा रही है। बता दें कि हर्ष रंजन ने 1 जुलाई और 2 जुलाई को पटना के एक नामचीन होटल में एक इवेंट ऑर्गनाइज किया था जिसमें कलकत्ता से एक महिला एंकर को बुलाया गया था। आयोजन के बाद एंकर ने 4 जुलाई 2021 को कोलकाता के एक थाने में हर्ष रंजन के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर दी जिसमें यह आरोप लगाया गया कि इवेंट कंपनी के मालिक ने एंकर के साथ रेप और बदसलूकी किया। जब इस मामले को हर्ष रंजन की पत्नी शालिनी शुक्ला ने शोध किया तो पता चला कि ये आरोप सरासर गलत है। उस दिन से शालिनी ने अपने पति को निर्दोष साबित करने के लिए पटना में आईजी से मिली। आईजी ने सिटी एसपी को जांच का आदेश दिया। सिटी एसपी ने शालिनी को मध्य एसपी के पास भेज दिया लेकिन शालिनी शुक्ला गर्भावस्था में रहते हुए पीड़ा लिए महीनों दौड़ती रही लेकिन मध्य एसपी ने अभी तक इस केस की जांच नही किया। शुक्ला आज भी मीडिया और प्रशासन से विनती करते हुए गुहार लगा रही है कि मैं पेट में बच्चा लिए प्रशासन के पास भारी पीड़ा लिए दौड़ती रही, आज मेरा टांका भी नही कटा है। आप अब भी मेरे ऊपर दया कीजिये साहब और आरोप की त्वरित जांच कर हमारे निर्दोष पति को निष्पक्ष नया दीजिये। शालिनी शुक्ला ने पत्रकारों से बार बार यह भी कहा कि अगर हमारे पति पर आरोप साबित होता है तो उन्हें जरूर फांसी की सजा मिलनी चाहिए अन्यथा जालसाजी करने वाली उस एंकर लड़की को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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