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Wednesday, November 24, 2021

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रोहित शर्मा-विराट कोहली के न होने पर पहले टेस्ट में ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग XI

Posted: 24 Nov 2021 05:30 AM PST

रोहित शर्मा-विराट कोहली के न होने पर पहले टेस्ट में ऐसी हो सकती है भारत की प्लेइंग XI

टी-20 सीरीज में सफाया करने के बाद टीम इंडिया अब न्यूजीलैंड को हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का बदला लेने उतरेगी। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में होने वाला पहला टेस्ट विराट कोहली, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह ,मोहम्मद शमी और लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भी रोमांचक होने की उम्मीद है। इन सभी खिलाड़ियों के न होने पर इस टेस्ट में नए कॉम्बिनेशन आजमाए जा सकते हैं। राहुल और रोहित की गैरमौजूदगी में मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है।

राहुल जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए और उनकी जगह टीम में सूर्यकुमार यादव को शामिल किया गया है। अपना स्थान गंवाने का दबाव झेल रहे रहाणे, विराट की अनु​पस्थिति में टीम के कप्तान होंगे, तो एक स्थान तो पक्का हो गया। उन्होंने मैच से एक दिन श्रेयस अय्यर के खेलने की पुष्टि कर दी है, जो कि विराट की जगह नंबर चार पर खेल सकते हैं। नंबर तीन पर पहले की ही तरह चेतेश्वर पुजारा खेलेंगे।

छठे नंबर पर अक्सर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत खेलते हैं, लेकिन उनके न होने पर ऋद्धिमान साहा को मौका मिलना तय है। रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा भारत के दो प्रमुख स्पिनर होंगे और भारत इसी के साथ दो तेज गेंदबाजों को खिलाएगा, जिसमें इशांत शर्मा, उमेश यादव या मोहम्मद सिराज में से किसी एक को बाहर बैठना होगा। 11वें नंबर का खिलाड़ी छठा बल्लेबाज, तीसरा स्पिनर या तीसरा तेज गेंदबाज हो सकता है। उम्मीद है कि अक्षर पटेल ही तीसरे स्पिनर होंगे, लेकिन यह फैसला परिस्थितियों को देखकर लिया जाएगा।

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन: शुभमन गिल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, श्रेयस अय्यर, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, ईशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज।

खट्टी मीठी इमली से हाजमा रहता है दुरुस्‍त, जानें इसके 8 गजब के फायदे

Posted: 24 Nov 2021 05:28 AM PST

खट्टी मीठी इमली से हाजमा रहता है दुरुस्‍त, जानें इसके 8 गजब के फायदे

इमली का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है। ऐसा भारतीयों में अक्सर देखा गया है। इमली का खट्टा-मीठा स्वाद कई बार मूड को भी ठीक कर देता है। इसका सबसे अधिक इस्तेमाल पानी पूरी के पानी और चटनी बनाने में किया जाता है। यह खाने में स्वाद तो बढ़ाती है साथ ही सेहत के लिए गुणकारी भी है। जी हां, इमली में मौजूद तत्व आपके शरीर में हो रही विटामिन और अन्य तत्व की कमी को पूरा करती है। तो आइए जानते हैं इमली के चमत्कारी फायदे....

1. इमली में विटामिन सी और ए की भरपूर मात्रा होती है। इसके सेवन से आंखों की समस्या, सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है। साथ ही यह वजन कम करने में भी सहायक होती है।

2. पाचन तंत्र ठीक होने से सेहत हमेशा दुरुस्त रहती है। इमली पाचन तंत्र को मजूबत करती है और समस्या में सुधार होता है। इसके सेवन से अपच की समस्या दूर होती है।

3. कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, पोटैशियम, फाइबर और मैंगनीज जैसे तत्व पाए जाते हैं।

4. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करने में काफी मदद मिलती है। इसमें मौजूद तत्व एंटीऑक्सीडेंट लेवल को बढ़ाता है।

5. इसमें विटामिन सी की प्रचूर मात्रा होती है, जिससे ह्रदय संबंधित बीमारी में आराम मिलता है।

6. इमली के सेवन से फाइबर का स्तर बढ़ता है, जिसके कारण भूख कम लगती है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

7. इमली में मौजूद आयरन खून की कमी को पूरा करता है। जिस वजह से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।

8. इमली के सेवन से इम्यूनिटी का स्तर भी बढ़ता है। इसमें विटामिन-सी और पॉली सेकेराइड तत्व रहते हैं, जिससे आपके शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।

हनीमून पर कपल्स भूलकर भी ना करें ये 8 गलतियां, पड़ जाएगा पछताना

Posted: 24 Nov 2021 05:26 AM PST

हनीमून पर कपल्स भूलकर भी ना करें ये 8 गलतियां, पड़ जाएगा पछताना

किसी भी कपल के लिए हनीमून हमेशा याद रहने वाली ट्रिप होती है. शादी की तमाम रस्मों की थकान उतारने और एक-दूसरे को समझने के लिए हनीमून एक अच्छा ब्रेक होता है. हनीमून की प्लानिंग कुछ इस तरह करनी चाहिए जहां आप पूरी तरह रिलैक्स महसूस कर सकें. हनीमून पर की गईं छोटी-छोटी गलतियां पूरे ट्रिप का मजा खराब कर देती हैं. आइए जानते है कि हनीमून पर कपल्स को कौन सी गलतियां बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.

सीजन चेक किए बिना बुकिंग- हो सकता है कि आपने अपने हनीमून पर किसी खास जगह जाने की बहुत प्लानिंग की हो लेकिन शादी और हनीमून का ये समय घूमने के लिए सही ना हो. आप उस जगह पर जाने के हिसाब से भी अपनी शादी और हनीमून प्लान कर सकते हैं. अगर आप मॉनसून के मौसम में कहीं नहीं जा सकते हैं तो आपको अपनी शादी सही सीजन के हिसाब से करनी चाहिए जहां आप हनीमून का भी मजा ले सकें.

सेहत को ध्यान में रखकर करें प्लानिंग- आप कहीं भी जा रहे हों उस जगह के हिसाब से ऐसी प्लानिंग करें ताकि आपको अपनी सेहत से समझौता ना करना पड़े. जैसे कि क्या आपको उस जगह जाने के लिए अलग से कोई खास वैक्सीन लगवानी की जरूरत है या नहीं. क्या उस जगह के लिए कुछ खास गाइडलाइंस हैं. अच्छा होगा कि जाने से पहले आप उस जगह के बारे में अच्छे से रिसर्च कर लें.

सही से ट्रैवल प्लान ना कर पाना- ट्रैवल प्लानिंग के समय छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. जैसे कि क्या आपके पास इतना समय है कि आप बार-बार फ्लाइट्स ले सकें. अगर आपको कहीं जाने के लिए दो जगह फ्लाइट्स चेंज करनी पड़ती हैं तो टर्मिनल की दूरी का भी ख्याल रखें. ट्रैवल ऐसा ही प्लान करें जो कि आपके लिए संभव हो सके. शादी के तुरंत अगले दिन की प्लानिंग करने से भी आपको दिक्कत हो सकती है.

पूरा समय सोशल मीडिया पर गुजारना- हनीमून को अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय क्वालिटी टाइम बिताने के अवसर के रूप में लें. इस दौरान सोशल मीडिया से दूर रहें और अपनी एक्टिविटी या अनुभवों को सोशल मीडिया अपडेट के रूप में देखने की कोशिश न करें. कुछ लोगों के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना एक कठिन काम हो सकता है लेकिन अच्छा होगा कि आप अपने फोन को भी एक ब्रेक दें.

बेडरूम से बाहर नहीं निकलना- हनीमून के समय पार्टनर के साथ खास पलों का आनंद लेने के लिए कई लोग ज्यादातर समय बेडरूम में ही बिताते हैं लेकिन हर समय कमरे में ही ना रहें. आपने अपने हनीमून पर अच्छा खासा पैसा खर्च किया है इसलिए इसका फायदा उठाएं और ज्यादा से ज्यादा जगह घूमने की कोशिश करें.

धूप में बहुत अधिक समय बिताना- सर्द मौसम में सारा दिन धूप में लेटे रहना बहुत अच्छा लगता है लेकिन ये आपके लिए खराब भी साबित हो सकता है. हो सकता है कि आप अपने हनीमून से सनबर्न लेकर लौटें. सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, हाइड्रेटेड रहें और तेज धूप में जाने से बचें.

खान-पान में लापरवाही- आप अपने हनीमून के लिए जहां भी जा रहे हों, वहां आपको अपने खानपान पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. उस जगह किस तरह का खाना मिलता है, आप वो खाना खा सकते हैं या नहीं, इन सब बातों को नजरअंदाज ना करें. अपने साथ हमेशा बोतलबंद पानी लेकर चलें. आप जिस होटल में ठहर रहे हैं वहां के स्टाफ या स्थानीय लोगों से खानपान की अच्छी जगहों के बारे में पता कर सकते हैं.

बजट का ठीक से ख्याल नहीं रखना- निश्चित तौर पर आप अपने हनीमून को यादगार बनाना चाहते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप अपनी पूरी सेविंग अपनी ट्रिप पर ही खर्च कर दें. अपनी शादी और हनीमून के लिए एक सही बजट बनाएं. इससे पता चल सकेगा कि आपको ट्रिप पर कितने पैसे खर्च करने हैं. आपने घूमने-फिरने के लिए जो भी बजट बनाया है उतने का ही इस्तेमाल करें.

आपको तेजी से बुढ़ापे की ओर धकेल रही ये 5 बुरी आदतें, आज ही सुधार लें

Posted: 24 Nov 2021 05:24 AM PST

आपको तेजी से बुढ़ापे की ओर धकेल रही ये 5 बुरी आदतें, आज ही सुधार लें

हर इंसान में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली कोई ना कोई बुरी आदत जरूर होती है. ये आदतें ना सिर्फ हमारी सेहत के लिए हानिकारक हैं, बल्कि एजिंग प्रोसेस को भी तेज करती हैं. अगर हम अपने लाइफस्टाइल का ख्याल रखें तो एजिंग प्रोसेस की रफ्तार को कम किया जा सकता है. पब्लिक हेल्थ न्यू मेक्सिको स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. जगदीश खुबचंदानी ने ऐसी पांच बुरी आदतों के बारे में बताया है जो इंसान की उम्र तेजी से बढ़ाने का काम करती हैं.

स्ट्रेस- एक्सपर्ट ने कहा, 'किसी भी बात को लेकर ज्यादा चिंता करने से लोग जल्दी बूढ़े हो सकते हैं. वे किसी दिमागी या शारीरिक बीमारी का भी शिकार हो सकते हैं. हमें ये महसूस नहीं होता है, लेकिन तनाव एक बेहद जानलेवा और साइलेंट किलर है. इसलिए लंबे समय तक जवां रहना है तो बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें.'

पर्याप्त नींद ना लेना- पर्याप्त नींद ना लेना भी एक बड़ी समस्या है जिसका तनाव से गहरा कनेक्शन है. नींद हमें फिर से जवां और तनाव मुक्त रहने में मदद करती है और एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है. हालांकि कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं. युवाओं में यह दिक्कत काफी तेजी से बढ़ रही है, जिसके साइड इफेक्ट्स भविष्य में देखने को मिल सकते हैं.

खराब डाइट- तेजी से बढ़ती उम्र के लिए खराब डाइट भी काफी हद तक जिम्मेदार है. डॉ. खुबचंदानी का कहना है कि 21वीं सदी में सोडा, प्रोसेस्ड फूड और फैटी फूड जैसी चीजें हमारी डाइट का बड़ा हिस्सा बनी हैं और हमारी जीवन प्रत्याशा दर में कटौती के लिए यह सबसे ज्यादा जिम्मेदार है.

एक्टिव ना रहना- एक्सरसाइज ना करना या दैनिक जीवनचर्या में शरीर को पर्याप्त एक्टिव ना रखने का असर सीधा हमारी सेहत पर पड़ता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इंसान के एक्टिव ना रहने से उसे बीमारियां जल्दी घेरती हैं और वो तेजी से बुढ़ापे की ओर बढ़ता है. एक्सरसाइज ना करने के बायोलॉजिकल, साइकोलॉजिकल और फिजिकल तीनों तरह के प्रभाव होते हैं.

स्मोकिंग और ड्रिंकिंग- स्ट्रेस या एन्जाइटी से बचने के लिए बहुत से लोग एल्कोहल, तंबाकू या ड्रग्स जैसी चीजों का सेवन करने लगे हैं. इससे युवा पीढ़ी ज्यादा आकर्षित हो रही है. इनके ओवरडोज से इंसान की मौत तक हो सकती है, लेकिन इससे भी पहले, इसका लगातार और ज्यादा सेवन हमें तेजी से बुढ़ापे की ओर धकेलता है. ये दिमाग और वजन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ाकर एज फैक्टर के साथ खिलवाड़ करती है.

कुंडली के 5 सबसे खतरनाक दोष, किसी एक से भी शुरू हो जाता है बुरा समय, जानें उपाय

Posted: 24 Nov 2021 05:22 AM PST

कुंडली के 5 सबसे खतरनाक दोष, किसी एक से भी शुरू हो जाता है बुरा समय, जानें उपाय

Dangerous Dosha in Kundli: कुंडली में मौजूद गुण-दोष व्यक्ति के जीवन पर बड़ा असर डालते हैं. ज्योतिष में ऐसे ही 5 सबसे खतरनाक दोषों के बारे में बताया गया है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई अशुभ ग्रह किसी शुभ ग्रह के साथ संयोजन करता है तो ऐसी स्थिति में कुंडली दोष का निर्माण होता है. इन दोषों की वजह से व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की समस्याएं आ सकती हैं. ये दोष आर्थिक स्थिति, करियर, रिश्तों में दिक्कतें, बीमारियों के अलावा समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की हानि जैसे कई स्थायी प्रभाव डालते हैं. 

आइए जानते हैं कुंडली के 5 सबसे खतरनाक दोष और उनके उपायों के बारे में..

1. कालसर्प दोष (kaal sarp dosh): कालसर्प दोष का नाम सुनकर ही लोग परेशान हो जाते हैं, लेकिन यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसे समझने की जरूरत हैं, परेशान होने की नहीं. कुंडली में कालसर्प दोष राहु और केतु के एक साथ आने से होता है. इसके अलावा यदि सभी सात प्रमुख ग्रह राहु और केतु ग्रह की धुरी के भीतर होते हैं तो भी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष उत्पन्न होता है. इस दोष की वजह से जीवन में अधिक संघर्ष रहता है. बार-बार बनते-बनते काम बिगड़ जाते हैं.

कालसर्प दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
- काल सर्प दोष निवारण पूजा करवाएं.
- मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा करें.
- मंगलवार के दिन राहु और केतु के लिए अग्नि अनुष्ठान करें.
- हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- मंगलवार के दिन सांपों को दूध पिलाएं.
- कालसर्प दोष निवारण के लिए दुर्गा चालीसा का पाठ भी फलदायी होता है.

2. मंगल दोष (Mangal dosh): वैदिक ज्योतिष में मंगल दोष की गिनती खतरनाक दोषों में होती है. ये दोष रिश्तों में तनाव की वजह बनता है. जब कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है, तब मांगलिक दोष लगता है. इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है. एक सफल सुखद वैवाहिक जीवन के लिए बेहद आवश्यक है कि दोनों ही जीवन साथी की कुंडली में मंगल दोष ना हो. यदि किसी एक की कुंडली में मंगल दोष है, तो विवाह के बाद रिश्ते में प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगते हैं.

मंगल दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
- हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- मंगल ग्रह के लिए अग्नि अनुष्ठान करें.
- 108 बार "ॐ भोमाय नमः" का जाप करें.
- विधि-विधान के साथ मांगलिक दोष निवारण पूजा करवाएं.
- मंगलवार के दिन मंदिर में मां दुर्गा की पूजा करें और दीपक जलाएं.

3. केन्द्राधिपति दोष (Kendradhipati dosh): जब भी किसी शुभ ग्रह की राशि केंद्र में होती है तो उसको केन्द्राधिपति दोष लग जाता है. शुभ ग्रह यानि बृहस्पति, बुध, शुक्र, और चंद्रमा. इनमें से बृहस्पति और बुध के कारण होने वाला यह दोष और भी गंभीर और प्रभावी माना जाता है. पहला, चौथा, सातवां और दसवां केंद्र भाव होता है. इसके बाद शुक्र और चंद्रमा का दोष आता है. उपरोक्त दोष केवल शुभ ग्रहों अर्थात बृहस्पति ग्रह, बुध ग्रह, चंद्रमा ग्रह और शुक्र ग्रह पर लागू होता है. यह शनि, मंगल, और सूर्य जैसे ग्रहों पर लागू नहीं होता है. इस दोष की वजह से व्यक्ति को करियर से संबंधित परेशानियां जैसे नौकरी जाना, व्यापार में दिक्कतें, पढ़ाई से संबंधित परेशानी, शिक्षा की हानि आदि परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं.

केन्द्राधिपति दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
- मंदिर में प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा करें.
- प्रतिदिन 21 बार ॐ नमो नारायण का जाप करें.
- रोजाना 11 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें.


4. पितृ दोष (Pitra Dosh): इस दोष के बारे में तो अमूमन ज्यादातर लोग जानते ही हैं. जिस किसी व्यक्ति के पितृ प्रसन्न नहीं होते हैं, उनकी कुंडली में इस दोष का निर्माण होता है. हर साल आने वाले पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध न करने, श्राद्ध कर्म में भाग न लेने और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ नहीं करने से ये दोष हावी हो जाता है और व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है. इसके अलावा जब​ किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु के साथ सूर्य का संयोजन हो या केतु के साथ सूर्य ग्रह का संयोजन हो तो ऐसी स्थिति में भी पितृ दोष बनता है. इस दोष की वजह से जीवन में विकास रुक जाता है. ऐसे व्यक्तियों की या तो नौकरी लगती नहीं है या लगती है तो बहुत ही कम वेतन वाली. ऐसे व्यक्तियों की धन हानि होने लगती है.

पितृ दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
- रोजाना कौवों व पक्षियों को खाना खिलाएं.
- काशी और गया अवश्य जाएं और वहां अपने दिवंगत पूर्वजों का तर्पण करें.
- पूरे नियम और विधि विधान के साथ किसी विद्वान ज्योतिषी से पितृ दोष निवारण पूजा कराएं.
- अमावस्या के दिन सफेद गाय को सुबह हरी घास चढ़ाएं और उनका आशीर्वाद लें. ऐसा करने से आपको पितृदोष की समस्या का समाधान प्राप्त होगा.

5. गुरु चांडाल दोष (Guru chandal Dosh): सबसे बड़े नकारात्मक दोषों में से एक दोष 'गुरु-चांडाल' दोष है. अगर कुंडली में राहु बृहस्पति एक साथ हों तो यह दोष बन जाता है. कुंडली में कहीं भी यह दोष बनता हो हमेशा नुकसान ही करता है. अगर यह लग्न, पंचम या नवम भाव में हो तो विशेष नकारात्मक होता है. गुरु-चांडाल दोष का अगर समय पर उपाय न किया जाए तो कुंडली के तमाम शुभ योग भंग हो जाते हैं. अक्सर यह दोष होने से व्यक्ति का चरित्र कमजोर होता है. इस योग के होने से व्यक्ति को पाचन तंत्र, लिवर की समस्या और गंभीर रोग होने की सम्भावना बनती है. ऐसे व्यक्ति फिजूलखर्ची में या इधर-उधर धन खर्च कर देते हैं और अपने भविष्य के बारे में ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं.

गुरु चांडाल दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
- गायत्री मंत्र का जाप करें.
- प्रतिदिन सुबह और शाम के समय 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें.
- भगवान विष्णु की उपासना करें और बृहस्पति ग्रह की प्रत्येक गुरुवार पूजा करें.
- गुरुवार के दिन गायों को और जरूरतमंद लोगों को चना दाल और गुड़ का दान करें.
- चांडाल दोष पूजा कराएं.
- प्रतिदिन 108 बार 'ॐ गुरुवे नमः' मंत्र का जाप करें.
- 'ॐ राहवे नमः' मंत्र का 108 बार प्रतिदिन जाप करें.

सौभाग्‍य का संकेत मानी जाती हैं ये बातें, क्या आप जानते हैं इन अजब-गजब मान्यताओं के बारे में?

Posted: 24 Nov 2021 05:19 AM PST

सौभाग्‍य का संकेत मानी जाती हैं ये बातें, क्या आप जानते हैं इन अजब-गजब मान्यताओं के बारे में?

हम सभी के जीवन में कई बार ऐसे पल भी आते हैं, जब हम इन्हें एक शगुन के रूप में लेते हैं। चाहे फिर वह अच्छा हो या बुरा। इस संबंध में जानकारों का ये भी मानना है कि हममें से अधिकांश कहीं न कहीं, इनमें कुछ हद तक तो विश्वास करते ही हैं और बस यहीं चाहते हैं कि वो काम हो जाए।

वहीं कुछ लोग इन पर जरा सा भी विश्वास नहीं करते क्योंकि इन बातों को लेकर कई अलग-अलग मान्यताएं और मिथ हैं। त्यौहारों के मौसम के बीच, कुछ संकेत ऐसे भी मिलते हैं, जिन पर हम खास ध्यान में रखते हैं, जो आमतौर पर अच्छे भाग्य का संकेत देने वाले माने जाते हैं।

ऐसे में जहां कुछ जगहों पर आपने भी बुरी नजर से बचाने वाला डरावना चेहरा लटका देखा होगा तो कुछ स्थानों पर नींबू-मिर्ची लटके देखे होंगे। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, ऐसी ही कुछ अजीब मान्यताओं के बारे में-

1. अगर आपके दाहिने हाथ में खुजली हो रही है तो कहा जाता है कि आपके पास पैसा आने वाला है।

2. वहीं कुछ लोगों द्वारा ये भी माना जाता है कि यदि आप अनजाने में अपनी ही छाया में कदम रखते हैं, तो यह सौभाग्य को आकर्षित करता है।

3. जब नया साल शुरू होता है और आपको साल की पहली तितली सफेद रंग में दिखाई देती है, तो माना जाता है कि आपका पूरा साल अच्छा और सुचारू रूप से बीतेगा।

4. अपने दरवाजे के ठीक सामने शीशा लगाना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

5. एक मान्यता ये भी है कि यदि आप एक गहरी सांस लेकर अपने जन्मदिन के केक पर एक ही बार में सभी मोमबत्तियां बुझा दें। यदि आप ऐसा करने में सक्षम हैं, तो आपके लिए एक भाग्यशाली वर्ष होगा।

6. आपने रसोई घर की कुछ तस्वीरें देखी होंगी, जहां लहसुन लटका दिया जाता है? इसका कारण ये माना जाता है कि ये सौभाग्य को आकर्षित करता है।

7. अगर आपको चार पत्ती वाली तिपतिया घास मिल जाए, तो कहा जाता है कि आपका साल अच्छा बीतेगा।

8. ऐसा माना जाता है कि अगर कोई युवती सोने से पहले खारे पानी का सेवन करती है तो उसे अपने होने वाले पति का सपना आता है।

9. ये भी माना जाता है कि चाय डालने से पहले अगर आप अपने प्याले में चीनी डालेंगे, तो यह आपके लिए सौभाग्य लेकर आएगा।

10. कुछ लोग तो अपनी मान्यताओं के अनुसार शैतान को भगाने के लिए लाल अंडरवियर तक पहनते हैं।

11. न केवल भारत में बल्कि रूस में भी पक्षियों का खुले हाथों से स्वागत किया जाता है। कहा जाता है कि अगर कोई चिड़िया सिर के बल गिरे तो आपके जीवन में धन का आगमन होता है।

तीन अवतारों में आए थे रावण और कुंभकरण, क्या आप जानते हैं इनसे जुड़ा ये खास रहस्य?

Posted: 24 Nov 2021 05:17 AM PST

तीन अवतारों में आए थे रावण और कुंभकरण, क्या आप जानते हैं इनसे जुड़ा ये खास रहस्य?

रावण या कुंभकरण दो ऐसे नाम जो दुनिया में केवल एक बार ही सामने आए और फिर कभी किसी ने अपने बच्चों के ये नाम नहीं रखे। वहीं इनके पृथ्वी पर तीन बार आने पर भी इनके उन अवतारों में रखे गए नाम भी एकाएक कोई नहीं रखता। इन दोनों ने हर बार अपने अवतार में राक्षस मूल को चुना।

दरअसल राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को 'दशानन' के नाम से भी जाना जाता है। रावण को लंका का एक तमिल राजा कहा जाता है। वह एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का जानकार होने के साथ ही ब्रह्मज्ञानी व कई तरह की विद्याओं का भी जानकार था।

इन्द्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानने के कारण ही रावण को 'मायावी' भी कहा जाता था। उसके पास पुष्पक नामक एक ऐसा विमान भी था, जो किसी दूसरे के पास नहीं था। ये ही वे मुख्य कारण थे जिसके चलते सभी उससे डरते थे।

कौन था रावण? हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार रावण व कुंभकरण अपने जन्म से पूर्व में भगवान विष्णु के द्वारपाल जय और विजय थे। एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार सनक, सनंदन आदि ऋषि भगवान विष्णु के दर्शन के लिए विष्णुलोक पहुंचे, परंतु भगवान विष्णु के द्वारपाल जय और विजय ने उन्हें द्वार पर ही रोककर अंदर जाने से मना कर दिया। उनका कहना था कि अभी भगवान अभी विश्राम कर रहे हैं।

जय व विजय की इस घ्रष्टता पर ऋषियों ने क्रोध में आकर उन दोनों को शाप देते हुए कहा कि 'जाओ तुम राक्षस बन जाओ।' इसके बाद जय और विजय ने अपने अपराध के लिए ऋषियों से क्षमा मांगी। साथ ही भगवान विष्णु ने भी ऋषियों से इन्हें क्षमा करने को कहा।

इस पर ऋषियों ने कहा कि हमारा शाप खाली नहीं जा सकता। हां, इसमें यह परिवर्तन हो सकता है कि तुम हमेशा के लिए राक्षस नहीं रहोगे, लेकिन कम से कम 3 जन्मों तक तो तुम्हें राक्षस योनि में रहना ही होगा और उसके बाद तुम पुन: इस पद पर प्रतिष्ठित हो सकोगे।

परंतु इसके साथ एक और शर्त यह है कि भगवान विष्णु या उनके किसी अवतारी-स्वरूप के हाथों तुम्हारा मरना अनिवार्य होगा। वहीं इस दौरान ऋषियों ने यह भी कहा यदि तुम अपने इन जन्मों के दौरान भी भगवान विष्णु भक्त बने रहे, तो तुम्हें पांच जन्म लेने होंगे, वहीं यदि तुम इन जन्मों के दौरान विष्णु विरोधी बने तो तुम तीन जन्मों के बाद ही अपना स्थान वापस पा सकोगे।

ऋषियों के इसी शाप के चलते भगवान विष्णु के इन द्वारपालों (जय-विजय) ने सतयुग में अपने पहले जन्म में हिरण्याक्ष (विजय) व हिरण्यकशिपु (जय) राक्षसों के रूप में जन्म लिया। हिरण्याक्ष राक्षस बहुत शक्तिशाली था। जो पृथ्वी को लेकर जल में चला गया था।

ऐसे में पृथ्वी को जल से बाहर निकालने के लिए भगवान विष्णु को वराह अवतार लेना पड़ा। इस अवतार में उन्होंने धरती पर से जल को हटाने के लिए काफी कार्य करना पड़ा। उनके इस कार्य में हिरण्याक्ष बार-बार विघ्न डालता था, अत: अंत में श्रीविष्णु ने हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को बाहर निकाला और उसके बाद धरती को पुन: मनुष्यों के रहने लायक स्थान बनाया।

वहीं हिरण्याक्ष का भाई हिरण्यकशिपु भी ताकतवर राक्षस था और उसने तप करके ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया था। वरदान में उसने जो मांगा उसके अनुसार उसे न कोई आकाश में मार सकता है और न धरती में और न ही पाताल में। न दिन में और न रात में। न कोई देव, न राक्षस और न मनुष्य मार सकता है तो फिर चिंता किस बात की? यही सब विचार करने के बाद उसने खुद को ईश्वर घोषित कर दिया था।

भगवान विष्णु द्वारा अपने भाई हिरण्याक्ष का वध करने के कारण वह भगवान विष्णु विरोधी हो गया, लेकिन जब उसे पता चला कि उसका पुत्र प्रहलाद विष्णुभक्त है। तो उसने उसे मरवाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन वह अपने पुत्र को मार नहीं सका। जबकि अंत में उसने एक खंभे में तलवार मारकर प्रहलाद से पूछा- 'यदि तेरा भगवान सभी जगह है तो क्या इस खंभे में भी है?'

खंभे में तलवार मारते ही खंभे से भगवान विष्णु नृसिंह रूप में प्रकट हुए, जो न देव थे और न राक्षस और न मनुष्य। और उस समय न रात थी न दिन यानि शाम का समय था। इस नृसिंह अवतार में भगवान विष्णु अर्धमानव और अर्धपशु थे। और उन्होंने संध्याकाल में हिरण्यकशिपु को अपनी जंघा पर बिठाकर (यानि न धरती पर न आकाश में) उसका वध कर दिया।

वध होने के बाद ये ही दोनों भाई त्रेतायुग में रावण(जय) और कुंभकर्ण (विजय) के रूप में पैदा हुए और फिर श्रीविष्णु अवतार भगवान श्रीराम के हाथों मारे गए। अंत में वे तीसरे जन्म में द्वापर युग में दंतवक्त्र (वहीं कुछ लोग इसे कंस बताते हैं(जय)) व शिशुपाल(विजय) नाम के अनाचारी के रूप में पैदा हुए। इन दोनों का भी वध भी भगवान श्रीविष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के हाथों हुआ।

रावण के कुछ खास गुण : रावण के बारे में वाल्मीकि रामायण के अलावा श्रीमद्भागवत पुराण, कूर्मपुराण,पद्मपुराण सहित कई ग्रंथों में भी उल्लेख मिलता है। भगवान रामचंद्र का विरोधी और शत्रु होने के बावजूद रावण 'सिर्फ बुरा' ही नहीं था। उसमें कई विशेष गुण भी थे।

दरअसल रावण बहुत बड़ा शिवभक्त था, जिसने शिव तांडव स्तोत्र की रचना करने के साथ ही अन्य कई तंत्र ग्रंथों की भी रचना की थी। माना जाता है कि लाल किताब (ज्योतिष का प्राचीन ग्रंथ) भी रावण संहिता का अंश है।

इसके साथ ही रावण एक महापंडित भी था, जो समस्त वेदों, शास्त्रों व पुराणों का जानकार था। रावण ने ही शिव की स्तुति में तांडव स्तोत्र के अलावा अंक प्रकाश, इंद्रजाल, कुमारतंत्र, प्राकृत कामधेनु, प्राकृत लंकेश्वर, ऋग्वेद भाष्य, रावणीयम, नाड़ी परीक्षा आदि पुस्तकों की रचना की थी।

जब रावण मृत्युशैया पर पड़ा था, तब राम के कहने पर उसके पास आए लक्ष्मण को रावण ने राजनीति के कई गूढ़ रहस्य बताए थे। रावण अपने युग का प्रकांड पंडित ही नहीं, वैज्ञानिक भी था। आयुर्वेद, तंत्र और ज्योतिष के क्षेत्र में उसका योगदान महत्वपूर्ण है।

रावण ने असंगठित राक्षस समाज को एकत्रित कर उनके कल्याण के लिए कई कार्य किए थे। रावण के शासनकाल में जनता सुखी और समृद्ध थी।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, तीन आतंकियों को किया ढेर

Posted: 24 Nov 2021 05:11 AM PST

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, तीन आतंकियों को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आज सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी. सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के रामबाग में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया. ये आतंकी आम नागरिकों की हत्या में शामिल थे. मारे गए आतंकियों में से दो की पहचान द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के मेहरान और बासित के रूप में हुई है. हालांकि पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इससे पहले सुरक्षाबलों ने 20 नवंबर को हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर मुदासिर वागे समेत दो आतंकियों को ढेर कर दिया था.

इससे पहले 17 नवंबर को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में ही सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के कमांडर अफाक सिकंदर समेत पांच आतंकवादियों को मार गिराया था.

एक 12 साल के लड़के का शानदार कारनामा, अपने हुनर से कमाए 3 करोड़ रुपये: जानिए कैसे

Posted: 24 Nov 2021 05:05 AM PST

एक 12 साल के लड़के का शानदार कारनामा, अपने हुनर से कमाए 3 करोड़ रुपये: जानिए कैसे

हम अक्सर किसी भी बात में बच्चों को ये बोल देते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है, अभी तुम बच्चे हो। ये तुम्हारे खेलने और पढ़ने की उम्र है। खास कर अगर पैसे कमाने की बात हो तो हमें लगता है ये हम बड़ों की जिम्मेदारी है। पर क्या आप सोच सकते हैं कि 12 साल का बच्चा हमें गलत साबित कर सकता है।

12 साल के इस बच्चे ने ऐसा दिमाग लगाया कि घर बैठे करोड़ों रुपये से कमा लिए जिस उम्र में बच्चों के पढ़ने, खेलने और बड़ों से पैसे मांगने की उम्र होती है उस उम्र में लंदन (London) के बेनयामीन अहमद (Beniamin Ahmed) ने मात्र 12 साल की उम्र में कोई छोटी-मोटी रकम नहीं बल्कि करोड़ों रुपये कमा लिए हैं। बात ये है कि बेनयामीन ने एक लोकप्रिय नॉन फंजिबल टोकन (NFT) कलेक्शन विकसित किया जो 400,000 डॉलर (करीब 3 करोड़ रुपये) में बिका। बेनयामीन का यह (NFT) वीयर्ड व्हेल्स के नाम से भी चर्चित है।


बेनयामीन अहमद (Beniamin Ahmed) बेनयामीन मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं, जो अभी फिलहाल लंदन में रहते हैं। बेनयामीन के दिलचस्पी को देखते हुए उनके पिता इमरान अहमद (Imran Ahmed ) ने बचपन से हीं बेनयामीन को टेक्नोलॉजी की तरफ मोड़ दिया था। इसी के बदौलत बेनयामीन महज 6 साल के उम्र से कोडिंग कर रहे हैं।बेनयामीन के पिता खुद भी एक सॉफ्टवेयर डेवलेपर हैं, जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में काम करते हैं।

बेनयामीन का बचपन से हीं लैपटॉप के तरफ़ रुझान था इमरान बताते हैं कि बेनयामीन का बचपन से ही लैपटॉप के तरफ़ दिलचस्पी था। वो जब भी काम करते बेनयामीन लैपटॉप की तरफ देखते रहते इसलिए इमरान ने बेनयामीन के लगाव को देखते हुए उसे एक नया लैपटॉप खरीद कर दे दिए। टेक्नोलॉजी के तरफ़ बढ़ते रुझान को देखकर इमरान ने बेनयामीन को कोडिंग सीखना शुरू कर दिए।

बेनयामीन ने ओपन सोर्स के जरिए कोडिंग सीखना शुरू किया ये हैरान कर देने वाली बात थी कि उतनी कम उम्र में हीं बेनयामीन को कोडिंग समझने में कोई दिक्कत नहीं होती थीं। उसके बाद में बेनयामीन ने ओपन सोर्स के जरिए कोडिंग सीखना शुरू किया और अपने दूसरे हीं प्रोजेक्ट में करोड़पति बन गए। बेनयामीन का पहला प्रोजेक्ट "मिनीक्राफ्ट यी हा" नाम का एक NFT प्रोजेक्ट था। इसी प्रोजेक्ट से सीख लेकर बेनयामीन ने अपने दूसरे प्रोजेक्ट वीयर्ड व्हेल्स पर काम करना शुरू किया।

बिटक्वॉइन व्हेल से प्रेरित था वीयर्ड व्हेल्स प्रोजेक्ट बेनयामीन का दूसरा प्रोजेक्ट वीयर्ड व्हेल्स बिटक्वॉइन व्हेल से प्रेरित था। बिटक्वॉइन व्हेल वे लोग होते हैं जो भारी मात्रा में बिटक्वॉइन को खरीदे हो। बेनयामीन ने एक ओपनसोर्स पायथन स्क्रिप्ट के जरिए 3,350 यूनिक डिजिटल कलेक्टिबल व्हेल जेनरेट की आचंभित कर देने वाली बात यह थी कि बेनयामीन का यह प्रॉजेक्ट सिर्फ 9 घंटे में ही बिक गया जिससे उन्हें 150,000 डॉलर मिले।

300 डॉलर खर्च से 4 लाख डॉलर से अधिक की कमाई बाद में बेनयामी को सेकेंडरी सेल्स के जरिए 2.5 कमीशन और रॉयल्टी मिलती रही। जिसके ज़रिए उनकी कुल कमाई 4 लाख डॉलर से अधिक पहुंच गई जबकि बेनयामीन के इसपर कुल 300 डॉलर हीं खर्च हुए थे। बेनयामीन न अपनें पैसों को क्रिप्टोकरेंसी (डिजिटल मनी निवेश) में रखा है। अब भारत में भी लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं। भविष्य में भारत में क्रिप्टोकरेंसी की अहमियत बढ़ सकती है और भारत इसमें बेहतर कर सकता है।

जूते पॉलिश करने वाले सनी हिंदुस्तानी की विदेशी गर्लफ्रेंड के आगे फ़ैल बॉलीवुड की खूबसूरत हीरोइन

Posted: 24 Nov 2021 05:02 AM PST

जूते पॉलिश करने वाले सनी हिंदुस्तानी की विदेशी गर्लफ्रेंड के आगे फ़ैल बॉलीवुड की खूबसूरत हीरोइन

Mumbai: सनी हिंदुस्तानी (Sunny Hindustani Singer) का नाम संगीत की दुनिया और खास तौर पर टीवी सिगिंग रियलिटी शो की दुनिया में बीते कुछ वक्त से सुर्खियों में बना हुआ है। उन्होंने इंडियन आइडल के सीजन 11 में अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों का दिल जीता लिया था। ऑडीशन के समय से ही गरीब परिवार से आने वाले और कभी जूते पॉलिश करके अपना घर चलाने वाले सनी ने इंडियन आइडल जज और दर्शक दोनों को इंप्रेस किया।

हाल ही में सनी हिंदुस्तानी एक बार फिर चर्चा में है और वजह है, उनके लंदन में आयोजित शो और इस दौरान चर्चा में आई उनकी गर्लफ्रेंड (Girlfriend) जिनका नाम Ramdey है। पहली बार सनी हिंदुस्तानी ने अपने प्यार का इजहार करते हुए सनी ने गर्लफ्रेंड के साथ एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें लिखा था, हमेशा तुम्हारे साथ, मेरा सच्चा प्यार। लंदन में एक साथ शो इन्जॉय करेंगे। हालांकि Ramdey के इंस्टाग्राम अकाउंट से बहुत पहले से ही प्यार भरे पोस्ट सनी के लिए होते रहे हैं।

टीवी का पॉपुलर सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल 11 (Indian Idol 11) का खिताब सनी हिंदुस्तानी (Sunny Hindustani) ने अपने नाम किया था। सनी की आवाज के दीवाने लाखों है। इंडियन आइडल 11 में उन्होंने अपनी गायिकी से सारे जजेस से लेकर लोगों को काफी खुश कर दिया था। अब लाइव इवेंट करने लगे है। इन दिनों उनकी दिनचर्या लाइव कॉन्सर्ट को लेकर बिजी चल रहे है।

वही एक अन्य तस्वीर में वह रैमडी के साथ सेल्फी लेते दिख रहे है। सनी कभी सड़कों पर जूते पॉलिश किया करते थे। अब वह सुरों के बादशाह बन गए है। बठिंडा के रहने वाले सनी एक समय में गरीबी से जूझ रहे थे। उनके पास दो वक्त की रोटी भी बड़ी नसीब से मिलती थी। उनको विश्वास नही था कि चंद दिनों में वो इतनी सोहरत हासिल कर लेंगे।

खुशखबरी: रसाई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी, जानिए कितने रूपए मिलेगी सब्सिडी

Posted: 24 Nov 2021 04:58 AM PST

खुशखबरी: रसाई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी, जानिए कितने रूपए मिलेगी सब्सिडी

खुशखबरी!! केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेंडर पर फिर से सब्सिडी शुरू होने वाली है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावो की आहत कहे या फिर महंगाई पर सरकार द्वारा मरहम लगाया जा रहा है। घरेलू सिलेंडर के दाम अब कम होने जा रहे है। केंद्र सरकार ने एक बार फिर से रसाई गैस पर सब्सिडी देने जा रही है।

केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर से रसाई गैस की सबसिडी देने जा रही है। फिर चाहे आपके पास इंडियन गैस हो, HP गैस या फिर भारत गैस हो। सभी पर सबसिडी शुरू होने वाली है। इसके लिए केंद्र सरकार पूरी तैयारियां कर ली है। खुशखबरी : रसाई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी, जानिए कितने रूपए मिलेगी सब्सिडी

ठंडी पड़ी PM उज्ज्वला योजना रसोई में गैस का प्रयोग करने वालो ग्राहकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जैसा कि आपको पता है कि पहले भी सबसिडी मिल रही थी लेकिन कई ग्राहकों के खातों में सबसिडी नहीं मिलने की शिकायते लगातार आ रही थी। अब फिर से सब्सिडी शुरू होने के बाद ये शिकायते नहीं आएगी। सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलने के कारण ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के चले भी ठन्डे पड़ने लगे थे।

हर राज्य में अलग-अलग सब्सिडी राशि LPG ग्राहकों को प्रति सिलेंडर 79.26 रूपए दिया जा रहा है। यह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग सब्सिडी मिल रही है। कई ग्राहकों को 79.26 रूपए सब्सिडी मिल रही है तो कई को 158.52 रूपए या फिर 237.78 रूपए सब्सिडी मिल रही है।खुशखबरी : रसाई गैस सिलेंडर पर फिर शुरू हुई सब्सिडी, जानिए कितने रूपए मिलेगी सब्सिडी

घर बैठे भी चेक करे आपके बैंक खाते में सब्सिडी आ रही है या नहीं, यदि आई है तो कितनी आई है। इसे आप बहुत ही आसान प्रोसेस द्वारा चेक कर सकते है। आप अपने घर बैठे सब्सिडी राशि चेक कर सकते है।

ऐसे चेक करे सब्सिडी
सबसे पहले www.mylpg.in ओपन करे
ओपन करने के बाद आपको दाई ओर गैस कंपनियों के गैस सिलेंडर फोटो नज़र आएगी।
आपका कोनसा गैस कनेक्शन उस पर क्लिक करे
क्लिक करने के बाद एक नया विंडो ओपन होगा जो आपके गैस प्रोवाइडर का होगा।
दाई ओर साइन इन और नई यूजर ओपन टेप करे
अगर आपके पास पहले से ID है तो साइन करे। अगर ID नहीं है तो new user पर लॉगिन करे
अब सामने एक नया विंडो ओपन होगा उसमे दाई तरफ व्यू सिलेंडर बुकिंग हिस्ट्री पर क्लिक करे
यह पर आपको सारी जानकारी मिल जाएगी, कितनी सब्सिडी आई, कब आई आदि

हिमाचल: नशे के कारण सेना की नौकरी गई फिर पत्नी को छोड़ा, अब ठंड और नशे ने छीनी जिंदगी

Posted: 24 Nov 2021 04:51 AM PST

हिमाचल: नशे के कारण सेना की नौकरी गई फिर पत्नी को छोड़ा, अब ठंड और नशे ने छीनी जिंदगी

हिमाचल प्रदेश के युवाओं के बीच तेजी से पांव पसार रहा नशे का जहर अब जानलेवा रूप इख्तियार करता जा रहा है। इसी कड़ी में ताजा मामला सूबे के ऊना जिले से रिपोर्ट किया गया है। यहां स्थित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की जोल पंचायत में बनाई गई वर्षाशालिका में एक युवक का शव बरामद किया गया है।

बताया गया कि उक्त युवक बीती रात नशे में धुत होकर यहां-वहां भटक रहा था, जिसके बाद आज सुबह उसका शव बरामद हुआ है। जान गंवाने वाले शख्स की पहचान विकास शर्मा पुत्र राम किशन शर्मा निवासी वार्ड नं चार उपतहसील जोल जिला ऊना के रूप में की गई है।
 
घरवालों को पता था पर लेने नहीं आए मिली जानकारी के अनुसार बीते शाम विकास खुरवाईं से जोल तक नशे की हालत में पहुंचा था। वहीं, बस से उतरने के कुछ देर बाद वह सड़क पर गिर पड़ा था, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे उठाकर रेन शेल्टर में बिठा दिया था। इसके साथ ही विकास के घरवालों को भी उसकी हालत के बारे में बता दिया गया था।

वहीं, जानकारी पाने के बावजूद भी उसके घर के सदस्य उसे लेने के लिए नहीं आए। अब बताया जा रहा है कि विकास शर्मा को नशे की हालत में ठंड लग और इसी वजह उसका निधन हो गया। बतौर रिपोर्ट्स, सुबह करीब साढ़े सात बजे के बाद विकास ने दम तोड़ा।
 
सेना में देता था सेवाएं पर नशा खा गया नौकरी: 
अब इस मसले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर परिवार के सदस्‍य रात को ही नशे की हालत में उसे घर ले जाते तो शायद युवक की जान बच जाती। नशे की हालत में जमीन पर गिरने से शरीर पर चोटें भी आई हैं। बताया जा रहा है कि विकास शर्मा पहले भारतीय सेना में सेवाएं देता था, लेकिन नशे की आदत ने पहले उससे नौकरी छुड़वा दी और फिर पत्नी को भी छोड़ दिया।

नौकरी व पत्‍नी के चले जाने के बाद वह लगातार नशे में रहता था और अक्सर घर में नशे की हालत में परिवार के सदस्यों के साथ गाली गलौज होता रहता था। जिला मुख्‍यालय ऊना के डीएसपी कुलविंदर सिंह का कहना है कि मृतक विकास शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुंदरनगर: पति के साथ मिलकर पीट डाली शिक्षिका, मुंह पर थूकने का भी आरोप

Posted: 24 Nov 2021 04:47 AM PST

सुंदरनगर: पति के साथ मिलकर पीट डाली शिक्षिका, मुंह पर थूकने का भी आरोप

सुंदरनगर उपमंडल के खरोटा स्थित प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका से मिड-डे मील वर्कर व उसके पति द्वारा जातिगत प्रताड़ित और मारपीट करने का मामला सामने आया है। सुंदरनगर शिक्षा खंड-1 के तहत खरोटा स्कूल की जेबीटी ने डैहर पुलिस चौकी में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि स्कूल में मिड-डे मील वर्कर और उसके पति ने उसके साथ जातिगत दुर्भावना से मारपीट की है। 

आरोप हैं कि वर्कर उसके साथ लंबे समय से जातिगत दुर्व्यवहार कर रही है और मंगलवार को भी वर्कर ने उसके मुंह पर थूक दिया और पति के साथ उससे मारपीट की। शिक्षिका ने बताया कि इस मामले की उसने स्कूल की मुख्याध्यापक से भी कई बार शिकायत की है लेकिन हर बार मामले को रफा-दफा किया जाता रहा है।

उधर, सुंदरनगर डीएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं पहुंची है। मामले में जांच कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दर्शन लाल ने इस संबंध में नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि ऐसी घिनौनी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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