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Thursday, December 23, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


MP WEATHER FORECAST- कई जिलों में ओले और बारिश की संभावना

Posted: 23 Dec 2021 08:46 PM PST

भोपाल
। मौसम विशेषज्ञों ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश और करीब आधा दर्जन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। यानी मध्य प्रदेश में ठंड अपने पूरे रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। 

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि दिनांक 26 दिसंबर को समुद्र की तरफ से हवाएं आने के कारण मौसम बदलेगा। 27 दिसंबर से मध्यप्रदेश के आसमान पर पश्चिम के बादल छाने लगेंगे और इसी के साथ लगभग 31 दिसंबर या फिर 1 जनवरी तक अलग-अलग स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होगी। इस बारिश के कारण पूरा मौसम बदल जाएगा। 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम दिशा से हवाओं के तीन बड़े बवंडर आसमान में आगे बढ़ रहे हैं। इनके कारण राजस्थान में चक्रवात की स्थिति बन जाएगी। यदि चक्रवात निर्मित हो गया तो मध्य प्रदेश के या, भिंड, शिवपुरी, श्योपुर में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। कुल मिलाकर किसान भाइयों को और नए साल की पार्टी की तैयारी कर रहे इवेंट वालों को सावधान रहने की जरूरत है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

मध्यप्रदेश शासन के शिक्षकों की क्रमोन्नति फाइल स्कूल शिक्षा मंत्री के पास - MP karmchari news

Posted: 23 Dec 2021 08:26 PM PST

भोपाल
। पिछले ढाई साल से मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने नवीन संवर्ग के शिक्षकों की क्रमोन्नति की फाइल पेंडिंग डाल रखी है। पंचायत चुनाव शुरू होते ही एक बार फिर फाइल की धूल साफ की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा क्रमोन्नति का प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए मंत्री इंदर सिंह परमार के पास भेज दिया गया है। 

क्या स्कूल शिक्षा मंत्री के हस्ताक्षर से क्रमोन्नति मिल जाएगी

पिछले ढाई साल से लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय शिक्षकों की क्रमोन्नति की फाइल से फुटबॉल की तरह खेल रहे हैं। ताजा खबर आई है कि प्रशासकीय स्वीकृति के लिए फाइल को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के पास भेज दिया गया है, लेकिन इतने भर से काम नहीं होने वाला। प्रशासकीय स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद क्रमोन्नति की प्रक्रिया शुरू होगी। 

क्रमोन्नति का फैसला कौन करेगा- अभी तो यह भी फाइनल नहीं हुआ 

नवीन संवर्ग में शिक्षकों के तीन स्तर हैं। उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक। प्रश्न यह है कि किस स्तर के शिक्षक की क्रमोन्नति का फैसला किस स्तर के अधिकारी द्वारा लिया जाएगा। पुराने संवर्ग के व्याख्याता की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण, उच्च श्रेणी शिक्षक की नियुक्ति संभागीय संयुक्त संचालक और सहायक शिक्षक की नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी ने की है। यही फार्मूला क्रमोन्नति पर लागू होता है, पर वर्ष 2014 में आयुक्त ने काम का बोझा कम करने के लिए अपने अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक को सौंप दिए और संभागीय संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को। यानी नियुक्ति भले ही आयुक्त ने की हो, पर व्याख्याता संवर्ग को अन्य लाभ देने की जिम्मेदारी संभागीय संयुक्त संचालक निभाएंगे और उच्च श्रेणी शिक्षक व सहायक शिक्षक की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी। ऐसा ही इन शिक्षकों के मामले में किया जा सकता है। 

स्कूल शिक्षा विभाग में तो विभागीय समिति ही नहीं बनी 

आश्चर्यजनक बात यह है कि स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति एवं क्रमोन्नति के लिए विभागीय समिति का गठन तक नहीं किया गया है। जबकि हर मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के पीछे चलने वाले जनजातीय कार्य विभाग ने अपने शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ दे दिया है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

1972 के बाद इंसानों ने चांद पर जाना बंद क्यों कर दिया, क्या वहां कोई आर्मी है- GK in Hindi

Posted: 23 Dec 2021 12:56 PM PST

सभी जानते हैं कि दिनांक 21 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रांग और उनकी टीम ने चांद पर कदम रखा था। इसके बाद कुछ और इंसानों ने चांद की धरती पर कदम रखा। दिनांक 11 दिसंबर 1972 को अमेरिका के एस्ट्रोनॉट यूजीन सरनैन और हैरिसन जैक स्मिट चांद की जमीन पर उतरे लेकिन उसके बाद फिर पृथ्वी से कोई भी इंसान चांद पर नहीं गया। सवाल यह है कि इंसानों ने चांद पर जाना बंद क्यों कर दिया। क्या वाकई वहां कोई आर्मी है, जिसने इंसानों को चेतावनी दी है। 

4 सालों में इंसान ने चांद पर क्या-क्या किया

इतिहास में दर्ज है कि 21 जुलाई 1969 से लेकर 11 दिसंबर 1972 तक इन 4 सालों में इंसानों ने चांद पर पहुंच कर काफी उधम मचाया। चांद की जमीन पर चले। फोटो वीडियो बनाएं। पत्थर उठाकर फेंके। यहां से वहां कूदे और तो और गाड़ी भी चलाई। कहते हैं 1969 से लेकर 1972 तक इंसानों ने चांद पर जितना कचरा फैलाया, वह आज भी वहीं पर वैसा का वैसा है। धरती से चांद की ताजा जानकारी के लिए भेजे जाने वाले उपग्रह के फोटोग्राफ्स में वह कचरा दिखाई देता है। 

चांद की रक्षा के लिए कोई आर्मी तैनात है, उसी ने इंसानों को आने से रोका

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चांद पर इंसानों को भेजने का मिशन बंद कर दिया था। कहा जाता है कि 1972 के मिशन में जब अंतरिक्ष यात्री चांद की तरफ आगे बढ़ रहे थे, तब कोई अंतरिक्ष यान उन्हें गश्त करता हुआ दिखाई दिया। वह नासा के अंतरिक्ष यान के आसपास आता जाता हुआ महसूस हुआ। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें कुछ आवाजें भी सुनाई दीं। यह आवाजें असामान्य थीं। जैसे कोई पूछ रहा है, यहां क्यों आए हो। वापस लौट जाओ। अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अपना एक्सपीरियंस शेयर करने के बाद नासा ने अगला मिशन प्लान ही नहीं किया। 

चांद पर इंसान भेजने से खर्चा बहुत होता है, फायदा नहीं होता 

एक थ्योरी यह भी है। बताया गया है कि चांद पर इंसान को भेजने से खर्चा बहुत होता है लेकिन उसका कोई वैज्ञानिक फायदा नहीं होता। 2004 में इंसान को चांद पर भेजने का खर्चा 104,000 मिलियन अमरीकी डॉलर या इससे अधिक, अनुमानित किया गया था। जबकि बिना इंसान वाला उपग्रह भेजने में काफी कम खर्चा आता है, और हर वह काम हो जाता है जो इंसान कर सकता है। 

2024 में पृथ्वी की पहली महिला चांद पर जाएगी

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा एक बार फिर चांद की सतह पर इंसान को भेजने की तैयारी कर रही है। तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट पर सिग्नेचर किए थे। हालांकि प्रोजेक्ट अपनी टाइमलाइन के अनुसार नहीं चल रहा लेकिन उम्मीद की जा रही है कि 2024 में नासा का अंतरिक्ष यान एक महिला अंतरिक्ष यात्री को लेकर चांद की यात्रा पर रवाना होगा। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

शाम के समय वर्कआउट के बेनिफिट्स- Health Tips in Hindi

Posted: 23 Dec 2021 12:11 PM PST

कहा जाता है कि सुबह के समय कसरत करने से सारे दिन स्फूर्ति बनी रहती है, परंतु कुछ लोग शाम को ऑफिस खत्म करने के बाद वर्कआउट करना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों की फिटनेस भी काफी अच्छी रहती है और प्रोफेशनल लाइफ में सक्सेस भी मिलती है। आइए जानते हैं शाम के समय वर्कआउट करने के कितने फायदे हैं। 

शाम को जिम जाने के फायदे

बॉडी को वार्मअप नहीं करना पड़ता, बॉडी पहले से ही वार्म रहती है। 
रात को अच्छी नींद आती है क्योंकि शाम को शरीर की कसरत हो जाती है। 
दिन भर का तनाव कम हो जाता है। 
स्ट्रेस दूर हो जाने के कारण अच्छी नींद आती है। 
सुबह ऑफिस का शेड्यूल खराब नहीं होता। 
शाम को बॉडी की जरूरत के हिसाब से वर्कआउट करने का समय मिल जाता है। 
दिन भर का फ्रस्ट्रेशन निकाल सकते हैं, फ्रस्ट्रेशन के कारण सेहत बन जाएगी। 

शाम को वर्कआउट करने के कुछ सामान्य नियम 

ध्यान रखें शाम की बात हो रही है रात कि नहीं। 
खाना खाने के बाद वर्कआउट नहीं करते। 
वर्कआउट करने से पहले प्रोटीन शेक ले सकते हैं। 
वर्कआउट करने के बाद कम से कम 1 घंटे तक सोना नहीं चाहिए।
स्वास्थ्य से संबंधित समाचार एवं जानकारियों के लिए कृपया Health Update पर क्लिक करें

MP TET VARG-3 TOPIC- समाजीकरण से संबंधित सिद्धांत

Posted: 23 Dec 2021 11:49 AM PST

Theories related with socialization

अरस्तु (Aristorle) के अनुसार मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। एडवर्ड एल्सवर्थ रॉस (Edward Alsesworth Ross) के अनुसार- समाजीकरण सहयोग करने वाले व्यक्तियों में 'हम' भावना का विकास करता है। 

किंबल यंग(Kimball Young) के अनुसार सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है एवं समाज के विभिन्न समूहों का सदस्य बनता है। जिसके द्वारा समाज के मूल्यों एवं मान्यताओं को स्वीकार करने की प्रेरणा मिलती है। 

समाजीकरण की प्रक्रिया कुछ सिद्धांतों के अनुसार होती है अलग-अलग विचारकों ने अपने अलग-अलग विचार दिए।

1. चार्ल्स हार्टन कूले का स्व दर्पण सिद्धांत (self glass theory of Charles Horton Cooley)

इस सिद्धांत के अनुसार समाजीकरण, सामाजिक अंतर्क्रिया पर आधारित होता है। समाज तथा अन्य लोगों के संपर्क में आने से बच्चों में स्वधारणा यानी स्वयं के बारे में सोचने की भावना विकसित होती है। इसी सिद्धांत के अनुसार कहा गया है कि समाज हमारे लिए एक दर्पण का कार्य करता है। 

2.  जीएच मीड का मैं और मुझे का सिद्धांत (i and Me theory  of  G. H. Mead) 

इस सिद्धांत के अनुसार हम समाज में अपनी भूमिका का निर्वाह करते हैं। बच्चों में धीरे-धीरे यह अवधारणा विकसित होने लगती है कि उसकी बातों और व्यवहारों का अन्य व्यक्तियों पर कैसा प्रभाव पड़ता है इसके माध्यम से बच्चों में, मैं की भावना का विकास होता है और उसका सामाजीकरण होना तीव्र गति से आरंभ हो जाता है। 
मैं और मुझे का मिश्रित रूप ही "स्व" है। यह दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। 

3. एमिल दुर्खिम का सामूहिक प्रतिनिधित्व का सिद्धांत (Group Representative Theory of Emile Durkheim) 
इनके अनुसार प्रत्येक समाज में अपनी विचारधारा, मूल्य, भाव, विश्वास, आदर्श, संस्कार तथा मान्यताएं प्रगतिशील अवस्था में होती हैं। जिसे समाज के व्यक्तियों द्वारा स्वीकृति मिली हुई होती है। बच्चे जिस समाज में जन्म लेते हैं, उस समाज के लोगों द्वारा किए गए आचरण एवं व्यवहार का अनुकरण करते हैं और समाजीकरण की क्रिया अपनी गति से चलती रहती है। 

इसके अतिरिक्त यूरी ब्रॉन्फेंब्रेनर इकोलॉजिकल सिस्टम थ्योरी (Urie Bronfennbrenner'sEcological System Theory) के अनुसार बच्चे और उसके पर्यावरण के बीच जो भी परिवर्तन होता रहता है, उसी के अनुसार उसका समाजीकरण होता है। इस सिद्धांत के 5 मॉडल है जिन्हें हम विस्तार से अगले आर्टिकल में जानेंगे।
 मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

किस कानून के तहत अपने घर पर राष्ट्र ध्वज फहराने का अधिकार मिला, पढ़िए- Legal General Knowledge

Posted: 23 Dec 2021 11:39 AM PST

यह तो सभी जानते हैं कि भारत में अपने घर, फैक्ट्री, कंपनी, ऑफिस आदि निजी संस्थानों में नागरिक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है परंतु क्या आप जानते हैं कि आजादी के 55 साल तक भारत के नागरिकों को यह अधिकार प्रदान नहीं किया गया था। तिरंगा फहराने पर कानूनी कार्रवाई हो जाती थी। केवल सरकारी भवन पर ही तिरंगा फहराया जाता था। आइए पढ़ते हैं, कब और किस कानून के तहत भारत के सभी नागरिकों को राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार मिला। 

भारत संघ बनाम नवीन जिन्दल:-

उक्त मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि अपने मकान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रत्येक नागरिक का अनुच्छेद 19 (1) (क) के अधीन एक मूल अधिकार है किन्तु यह अधिकार आत्यंतिक नहीं है एवं इस पर अनुच्छेद 19 (1) (क) के खण्ड (2) के अंतर्गत युक्तियुक्त रोक लगाए जा सकते है।

मामले में प्रत्यर्थी नवीन जिंदल ने अपने कारखाने के परिसर में स्थित ऑफिस पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया था। इसे सरकार ने इसलिए रोक दिया था क्योंकि यह भारत के फ्लैग कोड के अंतर्गत वर्जित था।

न्यायालय ने निर्णय दिया कि अपने मकान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनु. 19 (1) (क) के अधीन मूल अधिकार है। क्योंकि इसके माध्यम से वह राष्ट्र के प्रति अपनी भावनाओं ओर वफादारी के भाव का प्रकटीकरण करता है। फ्लैग कोड यद्यपि अनु. 13 (3) (क) के अधीन "विधि, नहीं है किन्तु इसमें विहित मार्गदर्शक सिद्धांत जो राष्ट्रीय ध्वज के आदर और गरिमा को संजोये रखने के लिए उपबन्धित हैं को मानना आवश्यक है एवं राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है। 

आजादी के 55 साल तक किसी ने आवाज नहीं उठाई 

आश्चर्यजनक बात यह है कि भारत की स्वतंत्रता दिनांक 15 अगस्त 1947 से लेकर 26 जनवरी 2002 तक नवीन जिंदल के अलावा किसी ने उस सरकारी नियम (भारतीय झंडा संहिता) के खिलाफ आवाज नहीं उठाई, जिसके कारण आम नागरिकों को अपने देश का राष्ट्र ध्वज फहराने की स्वतंत्रता छीन ली गई थी। 

कौन है नवीन जिंदल 

नवीन जिंदल भारत के एक प्रतिष्ठित इंडस्ट्रियलिस्ट और पूर्व सांसद हैं। राष्ट्रीय ध्वज के लिए नवीन जिंदल का जुनून संयुक्त राज्य अमेरिका में टेक्सास विश्वविद्यालय में अपने छात्र जीवन के दौरान शुरू हुआ। 1992 में भारत वापस आने के बाद, नवीन ने अपने कारखाने में पर हर दिन तिरंगा फहराना शुरू कर दिया। उन्हें जिला प्रशासन ने ऐसा करने मना किया और दण्डित करने की चेतावनी भी दी गई। 

नवीन जिंदल को यह बात अखर गई वह खुद और भारत के नागरिकों को अपने राष्ट्र ध्वज को निजी तौर पर फहराने के अधिकार को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया और अंत में देश की सबसे बड़ी अदालत ने इनके पक्ष फैसला दिया। नवीन जिंदल द्वारा लड़ी गई सात सालों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि देश के प्रत्येक नागरिक को आदर, प्रतिष्ठा एवं सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार है और इस प्रकार यह प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार बना है। 

इस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फ्लैग कोड में संशोधन किया था। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को आदेश दिया की वह इस विषय को गंभीरता से ले और "फ्लैेग कोड" में संशोधन भी करें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 26 जनवरी 2002 से भारत सरकार फ्लैग कोड में संशोधन कर भारत के सभी नागरिकों को किसी भी दिन राष्ट्र ध्वज को फहराने का अधिकार दिया गया। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP employees news- चालान से रिकवरी के आदेश पर हाई कोर्ट का स्टे

Posted: 23 Dec 2021 11:20 AM PST

जबलपुर
। श्री राकेश तिवारी एवं संतोष कचेर, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, रीवा में ट्रेनिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वर्ष 2006 में ब्रम्हास्वरूप समिति की अनुशंसा के आधार पर जुलाई 2006 से अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी गई थी।

वित्त विभाग के संदर्भित पत्र दिनाँक 14/07/2014 एवं संयुक्त संचालक कोष लेखा की आपत्ति के कारण, दोनों कर्मचारियों को जुलाई 2006 से प्रदत वेतन वृद्धि निरस्त कर, चालान के द्वारा वसूली रुपये 1,30,783 एक मुश्त जमा करने के निर्देश दिनाँक 23/07/2019 को दिये गए थे। वेतन निर्धारण दिनाँक 01/07/2006 से 30/06/2014 तक का वेतन निर्धारण निरस्त कर दिया गया था। 

दोनों कर्मचारियों के द्वारा, वेतन निरस्तीकरण एवं वसूली आदेश को हाई कोर्ट, जबलपुर के समक्ष चुनौती दी गई थी। कर्मचारियों की ओर से वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने बताया कि कर्मचारियों दी गई वेतनवृद्धि एक विहित प्रक्रिया से निरस्त की जा सकती है परंतु वेतन वृद्धि निरस्त करने का आदेश बोलता हुआ होना चाहिये। क्लास 3 के कर्मचारियों से इस प्रकार की वसूली पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार प्रतिबंध है। 

हाई कोर्ट जबलपुर ने अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी से सहमत होकर, वेतन निर्धारण निरस्तीकरण एवं चालान द्वारा वसूली भरने के आदेश को स्टे कर, वित्त विभाग सहित विभाग से जबाब तलब किया है। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

लिपिकों की बहुप्रतीक्षित वेतन विसंगति कब तक दूर होगी: कर्मचारी संघ- MP karmchari news

Posted: 23 Dec 2021 11:08 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की मध्यप्रदेश के लिपिक संवर्ग कर्मचारियों की वेतन विसंगति की मांग विगत कई वर्षों से लंबित है, सरकारों द्वारा कमेटी का झुनझुना दिखाकर हमेशा उन्हें ठगा गया है। 

अविभाजित मध्यप्रदेश जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य भी आता था, तब से लिपिक संवर्ग वेतन विसंगति की लड़ाई लड़ रहा है। लिपिकों के संघर्ष पर छत्तीसगढ राज्य ने तो बाबुओं की वेतन विसंगति दूर कर दी किन्तु मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारी कल्याण समिति का गठन कर वेतन विसंगति के मामले को अटकाने का रास्ता खोज लिया जाता रहा है। इस बार भी लिपकों को कमेटी का झुनझुना पकडा दिया गया है। जिससे वह अपने आपकों ठगा सा महसूस कर हैं। 

संघ के मिर्जा मंसूर बेग , यू एएस करौसिया , मनोज राय , विनोद पोद्दार , सुनील सेठी , सुनील कोरी , नेरेन्द्र शुक्ला , रूद्र परिहार , अमित नामदेव , सुधीर खरे , ब्रजेश ठाकुर , नितिन श्रृंगी , राकेश सुनमोरिया , सुरेन्द्र श्रीवास्तव , राजेश गुर्जर , आशीष सक्सेना , तपन मोदी , राजेन्द्र श्रीवास्तव , धीरज कुरील , मिलन्द बरकडे , ए . आई . मंसूरी मनीष शुक्ला , मनीष लोहिया , मनोज सेन , श्यामनारायण तिवारी , नितिन शर्मा , मो ० तारिख , धीरेन्द्र सोनी , महेश कोरी , संतोष तिवारी , प्रियांशु शुक्ला , आदि ने माननीय मुख्यमंत्री म.प्र . शासन को ई - मेल के माध्यम से पत्र भेजकर मांग की है कि रमेशचन्द्र शर्मा कमेटी की अनुशंसायें शीघ्र लागू कर वर्षों से चली आ रही लिपिकों की वेतन विसंगति दूर क जावे।  मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.

अगर सबकुछ आपके मन मुताबिक हो जाए तो- Motivational story in Hindi

Posted: 23 Dec 2021 11:00 AM PST

शक्ति रावत।
हम सब जीवन में सोचते हैं, अगर ऐसा हो जाए तो अगर वैसा हो जाए तो चीजें मेरे हिसाब से हो जाए तो। लेकिन सच में अगर सबकुछ हमारे मन के हिसाब से हो जाए तो क्या होगा। जानिये इस छोटी सी मोटीवेशल कहानी से।

कहानी- एक किसान को परमात्मा से शिकायत थी कि भगवान की वजह से उसकी फसल उसके मन मुताबिक नहीं हो पाती, क्योंकि कभी बारिश, कभी तूफान कभी धूप उसकी मेहनत से बोई फसल को खराब कर देते हैं। उसने अपनी यह शिकायत ईश्वर तक पहुंचाई तो भगवान ने कहा कि ठीक है, इस बार मैं तुम्हें अपनी मर्जी मुताबिक फसल उगाने की छूट देता हूं, इस बार सारे मौसम तुम्हारे हिसाब से चलेंगे, जब तुम धूप चाहो तब धूप और जब बारिश चाहो तो बारिश। 

किसान बहुत खुश था, उसने अपने खेतों में गेंहू बोए और सबकुछ यानि धूप, बारिश सबकुछ अपने हिसाब से रखा, जितना जो चाहिये उतना ही दिया। इस बार गेंहू की बालियां भी पहले के मुकाबले बड़ी थीं, किसान खुश था, लेकिन जब वह फसल काटने पहुंचा तो गेंहू की बालियों को हाथ में लेते ही जोर-जोर से रोने लगा। क्योंकि बालियां तो बहुत बड़ी थीं, लेकिन उनके अंदर दाने नहीं थे, सब खालीं थीं। 

किसान ने फिर भगवान से कहा कि यह क्या हुआ। भगवान ने कहा कि सबकुछ तुम्हारे हिसाब से तो था, नतीजा तुम्हारे सामने है। तुमने अपनी फसल को ना तो धूप से जूझने दिया, ना आंधी-तूफान और बारिश से, ना उनको कोई संघर्ष करने दिया। तुमने कुदरद को उन्हें पालने का मौका ही नहीं दिया। यही वजह है कि बालियां देखेने में तो बहुत अच्छीं हुई लेकिन खाली रह गई हैं।

MORAL OF THE STORY

हम सब की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। हम सब चाहते हैं, कि अगर ईश्वर सब हमारे हिसाब से कर दे तो हम बहुत कुछ करके दिखा सकते हैं, लेेकिन जब तक आप जीवन के तूफानों और समस्याओं में तपेंगे नहीं तब तक आप जीवन के विजेता नहीं बन सकते।  संघर्ष के जरिये ही जीवन बनता है, और सफलता मिलती है, अगर ईश्वर सबकुछ आपके हिसाब से कर दे तो आप भी गेंहू की वालियों की तरह खाली रह जाएंगे। शायद इसीलिये कहा जाता है, कि मन का हो तो अच्छा लेकिन अगर मन का ना हो तो ज्यादा अच्छा। - लेखक मोटीवेशल एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं। 

MP CORONA NEWS- गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की

Posted: 23 Dec 2021 10:50 AM PST

भोपाल
। राज्य शासन द्वारा देश के अन्य राज्यों में तथा सीमावर्ती राज्यों कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरियेंट के पॉजिटिव केस तथा एक्टिव केस की बढ़ती संख्या और तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत नये दिशा-निर्देश जारी किये है। इसमें प्रदेश में रात्रि 11 बजे से प्रात: 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि कोरोना संक्रमण से प्रदेशवासियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये जारी किये गये दिशा-निर्देशों में नाईट कर्फ्यू लागू करने के साथ सिनेमा हॉल, मल्टीप्लैक्स, थियेटर, जिम, कोचिंग क्लासेस, स्वीमिंग पूल, क्लब और स्टेडियम में आने वाले लोगों एवं वहां के समस्त स्टाफ के लिये भी वैक्सीन की दोनों डोज को अनिवार्य किया गया है। इसमें 18 वर्ष से अधिक आयु के केवल उन लोगों को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी, जिन्होंने दोनों टीके लगवा लिये है। डॉ. राजौरा ने बताया कि समस्त स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टलों में कार्यरत प्राचार्य, शिक्षक, संचालक, स्टाफ तथा अध्ययनरत 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राओं से अपेक्षा की गई है कि वें कोविड-19 वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना सुनिश्चित करें।

डॉ. राजौरा ने बताया कि समस्त मार्केट प्लेस एवं मॉल के दुकानदारों तथा मेलों में दुकान लगाने वाले दुकानदारों से भी वैक्सीन की दोनों डोज लगाने की अपेक्षा की गई है। जिन दुकानदारों द्वारा दोनों टीके नहीं लगवायें गये है, उन्हें दोनों टीके लगवाने मार्केट एसोसिएशन, मॉल प्रबंधन और मेला आयोजक को सुनिश्चित करना होगा।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजौरा ने उक्त दिशा-निर्देशों के संबंध में प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि कोविड उपयुक्त व्यवहार जैसे मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन सुनिश्चित किया जायें। साथ ही मास्क नहीं लगाने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार जुर्माना वसूली की कार्यवाही की जायें। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

BHOPAL NEWS- आईएएस अफसर, पत्नी और दोनों बच्चे, सभी पॉजिटिव

Posted: 23 Dec 2021 10:45 AM PST

भोपाल
। कोरोनावायरस की पहली और दूसरी लहर के दौरान परिवार में किसी सदस्य के संक्रमित होने पर बच्चे पॉजिटिव नहीं हो रहे थे लेकिन इस बार लगातार पूरा परिवार को पॉजिटिव आ रहा है। आज भोपाल में एक आईएएस अफसर, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 

बताया गया है कि शनिवार को आईएएस अधिकारी को हल्के कोल्ड एंड कफ की शिकायत हुई थी। ठंड भी लग रही थी। कुछ ही घंटों बाद परिवार के सभी सदस्यों में एक जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। संदेह होने पर आईएएस अधिकारी ने पूरे परिवार का कोविड-19 टेस्ट कराया। टेस्ट रिपोर्ट में अधिकारी, उनकी पत्नी, उनकी बेटी एवं उनका बेटा पॉजिटिव आए हैं। उनके पिता की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 

मुख्यमंत्री ने नाइट कर्फ्यू लगाया 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पूरे मध्यप्रदेश में लाइट कर्फ्यू लगा दिया है। उनका कहना है कि भारत के 16 राज्यों में कोरोनावायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन फैल चुका है। मध्य प्रदेश 5 राज्यों से संपर्क में है। यहां संक्रमण आने की संभावना है। कई दिनों के बाद पिछले 24 घंटे में 30 नागरिक संक्रमित पाए गए हैं। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगाया- MP CORONA NEWS

Posted: 23 Dec 2021 07:51 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरे प्रदेश में नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि रात 11:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक कर्फ्यू लगा रहेगा। कर्फ्यू के दौरान कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से घर के बाहर दिखाई दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बाहर से आने वाले यात्रियों को उनके गंतव्य तक जाने दिया जाएगा। 

मध्यप्रदेश में कई महीनों के बाद कोरोना के 30 नए प्रकरण मिले: मुख्यमंत्री

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में आज कई महीनों बाद कोविड के 30 नए प्रकरण मिले हैं। कल पूरे देश में भी 7,495 नए पॉजिटिव केस आए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से पॉजिटिव केसेस में लगातार वृद्धि हो रही है जो चिंता का विषय है। 

ओमीक्रॉन वायरस मध्यप्रदेश में भी आ सकता है: सीएम शिवराज सिंह

उन्होंने कहा कि ओमीक्रॉन वायरस देश के 16 राज्यों में आ चुका है। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह वायरस मध्यप्रदेश में भी आ जाए। यह सही समय है कि हम सचेत हो जाएं, कोविड की तीसरी लहर को आने से रोकें। 

मध्य प्रदेश के नागरिकों से मुख्यमंत्री की अपील

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संक्रमण तेजी से न फैले, इसके लिए मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, भीड़ में न जाएं। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है वे जल्द ही वैक्सीन लगवाएं। हमने फैसला किया है कि रात्रिकालीन कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लगा रहेगा।  

शिवराज सिंह ने कहा कि यदि पुरानी दोनों लहरों को भी देखा जाए, तो शुरुआत इंदौर और भोपाल से ही हुई थी। अभी इन दोनों शहरों में प्रकरण बढ़कर, नवंबर की तुलना में साप्ताहिक मामले लगभग 3 गुने हो गए हैं। COVID19 ने स्वरूप बदला है और अब Omicron Variant के रूप में देश के 16 राज्यों में दस्तक दे चुका है। 

इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि मध्यप्रदेश में भी Omicron Variant के मामले आ जाएं। यदि हम पूरी दुनिया का अध्ययन करें और उनके अनुभवों को देखें तो ये वायरस बहुत तेजी से फैलता है। इंग्लैंड में इसके एक लाख केस प्रतिदिन आ रहे हैं। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

पुरानी BIKE के लिए नई इलेक्ट्रिक किट को RTO की मंजूरी, कीमत मात्र 35000 रुपए

Posted: 23 Dec 2021 07:51 PM PST

भोपाल
। यदि आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदना चाहते हैं तो आपको ₹100000 खर्च करने की जरूरत नहीं है। आपकी कोई भी पुरानी बाइक में इलेक्ट्रिक किट लगाई जा सकती है। मुंबई के ठाणे में स्थापित स्टार्टअप GOGO A-1 की EV कन्वर्जन किट को आरटीओ का अप्रूवल मिल गया है। 

कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल कन्वर्जन किट की कीमत ₹35000 निर्धारित की है। इसके ऊपर ₹6300 जीएसटी खर्च होगा। पुरानी बाइक में डेंटिंग पेंटिंग और अन्य खर्चे मिलाकर लगभग ₹45000 में आपके पास ब्रांड न्यू इलेक्ट्रिक बाइक होगी। कंपनी की तरफ से इलेक्ट्रिक किट की 3 साल की वारंटी दी जा रही है। आप चाहे तो अपनी बाइक की रेंज भी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको एक्स्ट्रा बैटरी पैक खरीदना पड़ेगा। 

आरटीओ की मंजूरी मिल जाने के कारण बाइक का इंश्योरेंस हो सकता है एवं रजिस्ट्रेशन नंबर वही बना रहेगा। कंपनी की तरफ से बताया गया है कि उनकी किट में 2.8 किलोवाट-आर की बैटरी लगी हुई है। हीरो की स्प्लेंडर में स्केट को लगाने पर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की टॉप स्पीड मिली है। एक बार चार्ज करने पर अधिकतम 150 किलोमीटर तक दौड़ सकती है। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

MP NEWS- न्यू ईयर सेलिब्रेशन की गाइडलाइन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री का बयान

Posted: 23 Dec 2021 05:49 AM PST

भोपाल।
मध्य प्रदेश की कारपोरेट सिटी इंदौर और राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में दिनांक 25 दिसंबर से लेकर नए साल के पहले सप्ताह तक होने वाली सभी पार्टियों के लिए गाइडलाइन तैयार हो गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि पार्टियों में केवल वही लोग शामिल हो सकते हैं जिनको दोनों डोज लग गए होंगे।

मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देशित किया है कि जिन लोगों का वैक्सीनेशन पूरा नहीं हुआ है उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से रोकें। शादी पार्टियों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाए। श्री सारंग ने बताया कि फिलहाल धारा 144 के तहत किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाने का विचार नहीं है। सरकार का पूरा ध्यान संक्रमण को बढ़ने से रोकने पर है।

मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉलेज की तरह कोचिंग और जिम संचालकों को भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां केवल वही लोग प्रवेश कर सकते हैं जिनका वैक्सीनेशन पूरा हो गया हो। मंत्री सारंग ने बताया कि होम आइसोलेशन के अलावा सभी जिलों में इंस्टीट्यूशनल आइसोलेशन की व्यवस्था भी की गई है। जिन लोगों के घरों में इंतजाम नहीं है उनके लिए सरकार व्यवस्था करेगी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

JABALUR NEWS- रोड एक्सीडेंट में पटवारी की मौत, 50 मीटर दूर गिरी बाइक

Posted: 23 Dec 2021 10:45 AM PST

सिहोरा/ जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना अंतर्गत तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार ने बाइक सवार पटवारी अशोक खरे को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोर से मारी थी कि पटवारी एवं उनकी बाइक घटनास्थल से 50 मीटर दूर जाकर गिरे। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। 

जानकारी अनुसार सिहोरा थाना क्षेत्र के हाइवे 30 पर ग्राम बरगी चौराहे के पास गुरुवार देर शाम साढ़े 5 बजे पटवारी अशोक खरे उम्र लगभग 58 वर्ष निवासी सिहोरा ड्यूटी से घर लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार फार्च्यूनर ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। जिससे बाइक करीब 50 मीटर दूर उछल कर गिरी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। 

सूचना मिलने पर 1033 एम्बुलेंस और सिहोरा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची जिसके बाद मृतक के शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टक्कर लगने के बाद फार्च्यूनर के एयर बैग खुल गए और बाइक सवार उछल कर दूर जा गिरा। दुर्घटना होने के बाद कार सवार सभी लोग कार को छोड़कर भाग निकले जिनकी पुलिस खोजबीन कर रही है। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- इनकम टैक्स ऑफिसर को 10 साल जेल की सजा

Posted: 23 Dec 2021 05:36 AM PST

ग्वालियर।
जिला परिषद न्यायालय ने इनकम टैक्स ऑफिसर उपेंद्र गुप्ता को 10 साल जेल की सजा सुनाई है। मामला दहेज हत्या का है। दिनांक 10 मार्च 2015 को उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।

अभियोजन की ओर से बताया गया कि उपेंद्र गुप्ता का विवाह दिनांक 7 फरवरी 2010 को कौंच जालौन (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली दिव्या के साथ हुआ था। 5 साल तक उपेंद्र गुप्ता आयकर विभाग के इंदौर स्थित ऑफिस में पदस्थ थे। सन 2015 में इंदौर से ट्रांसफर होकर ग्वालियर आए थे। 10 मार्च 2015 को दिव्या ने आत्महत्या कर ली थी। उपेंद्र गुप्ता ने यूनिवर्सिटी पुलिस थाने को इसकी सूचना दी थी। जब पुलिस पहुंची तो दिव्या का कमरा अंदर से बंद था।

घटना के बाद दिव्या के परिवार वालों ने उपेंद्र गुप्ता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दिव्या को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज करके सभी पक्षों के बयान रिकॉर्ड किए और मामला कोर्ट में पेश कर दिया। न्यायालय में सभी पक्षों के बयान होने के बाद आयकर अधिकारी उपेंद्र गुप्ता को 10 साल जेल की सजा सुना दी गई। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. 

DHSGSU TIME TABLE- बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए एवं बीपीएड के परीक्षा फार्म

Posted: 23 Dec 2021 05:21 AM PST

सागर।
Dr. Harisingh Gour University, Sagar University (डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय) सागर मध्य प्रदेश की ओर से संबद्ध महाविद्यालयों के स्नातक बीपीएड तृतीय सेमेस्टर के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरवाने के संबंध में अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी किया गया है, इसके साथ ही विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए (ऑनर्स) 5th सेमेस्टर का एग्जाम टाइम टेबल भी जारी किया गया है।

स्नातक बीपीएड (Bachelor in Physical Education) थर्ड सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन

डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर मध्य प्रदेश की ओर से BPED 3 rd सेमेस्टर के पात्रता अनुसार नियमित/ भूतपूर्व /एटीकेटी सत्र- दिसंबर 2020 की परीक्षा हेतु एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रारंभिक तिथि 24 दिसंबर 2021 है एवं आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 1 जनवरी 2022 है। ऑनलाइन आवेदन पत्र विलंब शुल्क के साथ जमा करने की अंतिम तिथि 4 जनवरी 2021 है तथा विलंब शुल्क ₹750 है।

इसके अतिरिक्त परीक्षार्थियों द्वारा महाविद्यालय में जमा किए गए आवेदन पत्रों को विश्वविद्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 6 जनवरी 2021 है स्थिति के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पात्र छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर अपने अनुक्रमांक नामांकन क्रमांक तथा जन्मतिथि के माध्यम से अपना परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।

सागर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए टाइम टेबल

डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, मध्य प्रदेश ने संबद्ध महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीएसी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए (ऑनर्स) 5th सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए टाइम टेबल जारी कर दिया है। यह टाइम टेबल रेगुलर/ एटीकेटी/ भूतपूर्व सभी विद्यार्थियों के लिए है। यह परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन यानी ब्लेंडेड मोड में आयोजित होंगी। यह परीक्षाएं प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित की जाएंगी जिसमें सब्जेक्ट वाइज और कोर्स वाइज अलग-अलग टाइम टेबल रहेगा यह परीक्षाएं सभी परीक्षाएं 10 जनवरी 2022 से शुरू होंगी और 18 जनवरी 2022 तक चलेंगे परंतु अलग-अलग कोर्सेस का टाइम टेबल अलग-अलग रहेगा। सभी कोर्सेज और विषयों का विस्तृत टाइम टेबल सागर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

MP BOARD NEWS- डीएलएड का टाइम टेबल घोषित

Posted: 23 Dec 2021 04:16 AM PST

Madhya Pradesh Board of Secondary Education Deled exam time table

भोपाल। (MPBSE) माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश, भोपाल की ओर से डीएलएड (D.El.Ed) प्रथम/ द्वितीय वर्ष (द्वितीय अवसर) परीक्षा-2021 का परीक्षा टाइम टेबल घोषित कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह परीक्षा कार्यक्रम केवल नवीन पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए ही है। 

डीएलएड प्रथम वर्ष द्विवर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षाओं का समय प्रातः 9:00 से 12:00 बजे तक होगा एवं यह परीक्षाएं दिनांक 12 जनवरी 2022 से शुरू होकर दिनांक 22 जनवरी 2022 तक चलेंगी। जबकि द्वितीय अवसर डीएलएड (द्विवर्षीय पाठ्यक्रम) मुख्य परीक्षा, द्वितीय वर्ष, दिनाँक 12 जनवरी 2022 से शुरू होकर 20 जनवरी 2022 तक प्रातः 9:00 से 12:00 के बीच होंगी। इन परीक्षाओं का विस्तृत टाइम टेबल माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है। 

परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वह अपने सर्वसंबंधित परीक्षा कार्यक्रम को भलीभांति नोट कर लें। परीक्षा काल में शासन द्वारा यदि कोई सार्वजनिक अथवा स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है, तो भी परीक्षाएं यथावत कार्यक्रम अनुसार ही संपन्न होंगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश द्वारा आवश्यक होने पर परीक्षा तिथि एवं समय में कभी भी बिना पूर्व सूचना के परिवर्तन किया जा सकता है, किंतु संचार माध्यम से सूचित किया जाएगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.



पंचायत चुनाव- पढ़िए विधानसभा में आरक्षण संकल्प से क्या होगा- mp panchayat chunav news

Posted: 23 Dec 2021 10:45 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के विधायकों ने सर्वसम्मति से संकल्प को पारित किया कि मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, ओबीसी आरक्षण के बिना ना हों। इसे लेकर एक बार फिर बयान बाजी और अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। कुछ बयान और खबरों में कहा जा रहा है कि पंचायत चुनाव स्थगित हो सकते हैं। जबकि कुछ विशेषज्ञों ने विधानसभा में संकल्प की प्रक्रिया को समझाया है। 

यहां ध्यान देने वाली बात है कि विधानसभा में जो हुआ है वह एक 'संकल्प' है। इसका तात्पर्य होता है कि यदि सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाएगी तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। विधानसभा में संकल्प का मतलब स्थगन आदेश नहीं होता। सरल शब्दों में आप कह सकते हैं कि इस बार सीएम शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने एक साथ मिलकर एक घोषणा की है। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डॉ गिरीश गौतम ने बताया कि विधानसभा में पारित हुए संकल्प को राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के पास भेजा जाएगा। इस प्रकार राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव स्थगित करने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, निर्वाचन आयोग अपने निर्णय के लिए स्वतंत्र है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाने संबंधी बयान दिया है। नोट करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश के नेताओं ने बयान बाजी पर फोकस रखा लेकिन 24 घंटे के भीतर ना तो फैसले को चुनौती दी गई है और ना ही पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की गई। क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए फैसला भी सुप्रीम कोर्ट से ही होगा। सनद रहे कि हाई कोर्ट इस मामले में स्पष्ट कर चुका है कि अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

JABALPUR NEWS- कारोबारी माया और गुलाबचंद गायब, इनाम घोषित करने की तैयारी

Posted: 22 Dec 2021 10:04 PM PST

जबलपुर
। पालीसेट पाइप इंडस्ट्रीज के संचालक गुलाब चंद गुप्ता एवं उनकी पत्नी माया गुप्ता के खिलाफ नकली पीवीसी पाइप बनाने का मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई की थी। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है परंतु दोनों अपने किसी भी पते पर उपलब्ध नहीं है। इसलिए पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है। 

जबलपुर के चरगवां पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। भोपाल के अरेरा कॉलोनी में रहने वाले आनंद जैन ने शिकायत की थी। उन्होंने एसपी जबलपुर को बताया था कि पालीसेट पाइप इंडस्ट्रीज में ब्रांडेड कंपनियों के नकली पीवीसी पाइप बनाए जाते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की एवं 1 करोड़ रुपए मूल्य के पाइप जप्त किए। कार्रवाई के समय सीएसपी प्रियंका शुक्ला आइपीएस, टीआइ चरगवां विनोद पाठक, नायब तहसीलदार कर्तव्य अग्रवाल उपस्थित थे। 

फैक्ट्री में संचालक का भतीजा दीपक एवं भांजा संदीप मिले जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने पूछताछ के दौरान बयान दिया है कि माया गुप्ता एवं गुलाब चंद गुप्ता के कहने पर नकली पाइप बनाए जा रहे थे। पुलिस अब दोनों कारोबारियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

CORONA से मौत- डॉक्टर और अस्पताल डायरेक्टर के खिलाफ FIR

Posted: 22 Dec 2021 09:37 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में देशमुख हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर श्रीपद देशमुख एवं डॉक्टर सुरेश शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कोरोनावायरस से संक्रमित एक युवक का गलत इलाज करने के आरोप में दर्ज किया गया है। 

देशमुख हास्पिटल उज्जैन के डायरेक्टर एवं डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज 

कोरोनावायरस की दूसरी लहर के समय दिनांक 21 अप्रैल 2021 को देशमुख हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में देवेंद्र जैन की मृत्यु हो गई थी। उनके पिता एडवोकेट महेंद्र जैन ने गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के डायरेक्टर श्रीपद देशमुख और इलाज करने वाले डॉक्टर सुरेश शर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने हेतु पुलिस से शिकायत की थी। 

अप्रैल 2021 से लेकर दिसंबर 2021 तक मामले की इन्वेस्टिगेशन चलती रही। जांच प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों के पैनल को शामिल किया गया। एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल के डायरेक्टर एवं डॉक्टर को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला दर्ज किया गया है। 

एडवोकेट महेंद्र जैन ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर सुरेश शर्मा के पास एलोपैथी से इलाज करने की पात्रता ही नहीं है। वह एक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। इसके बावजूद डॉ शर्मा ने देशमुख अस्पताल के कोविड-19 आईसीयू आइसोलेशन वार्ड में एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज किया। डायरेक्टर पर आरोप है कि उन्होंने होम्योपैथी के डॉक्टर को एलोपैथी का इलाज करने के लिए ना केवल नियुक्त किया बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

BHOPAL में ठंड से 2 लोगों की मौत, नगर निगम जिम्मेदारी से चूका- Hindi News

Posted: 22 Dec 2021 08:33 PM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर स्मार्ट भले ही बन रहा हो परंतु सेंसेटिव नहीं है। रिस्पांसिबल नहीं है। शहर में दो लोगों की ठंड से मौत हो गई। एक 32 साल का जवान है। 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक की मौत तो रैन बसेरा के पास ही हो गई। 

भोपाल में 32 वर्षीय गरीब युवक की ठंड समाप्त

भोपाल की कोतवाली थाना पुलिस के इंस्पेक्टर करण सिंह ने बताया कि कबाड़खाना क्षेत्र में सड़क किनारे 32 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया है। उसके हाथ पर शिवलाल लिखा हुआ है। उसके पास जो आधार कार्ड है, उससे नाम की पुष्टि होती है। युवक एक चाय की दुकान पर काम करता था। संभावना है कि रात में कड़ाके की ठंड के कारण उसकी मृत्यु हो गई हो। 

भोपाल में निर्धन वरिष्ठ नागरिक की ठंड से मौत, रैन बसेरा के पास मिली लाश

दूसरी डेड बॉडी तलैया थाना क्षेत्र में रैनबसेरा के पास मिली है। मृत व्यक्ति का नाम सुरेश पुत्र बाबूलाल उम्र 60 वर्ष है। तिलैया थाना पुलिस का अनुमान है कि वृद्ध नागरिक की मृत्यु ठंड के कारण हुई होगी। 

ठंड से लोगों की जान बचाना नगर निगम की जिम्मेदारी है

ठंड के मौसम में यात्रियों एवं नागरिकों की जान बचाना नगर निगम की जिम्मेदारी होती है। इसीलिए सार्वजनिक रास्तों पर अलाव जलाए जाते हैं। रैन बसेरा की स्थापना गरीब नागरिकों को रात्रि विश्राम के लिए की गई है। वृद्ध नागरिक की लाश रैन बसेरा के पास मिली है। यह अनुमान लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ नागरिक आश्रय की तलाश में रैन बसेरा तक आया होगा परंतु उसे आश्रय नहीं दिया गया। जिम्मेदार जो कोई भी हो, एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

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