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Tuesday, December 21, 2021

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


हार्ट अटैक, मोटापा और कैंसर से बचाने वाली सबसे स्वादिष्ट दवाई- home remedies in Hindi

Posted: 21 Dec 2021 02:28 PM PST

यदि आप उम्र के साथ बहुत सारी बीमारियों का शिकार नहीं बनना चाहते तब आपको 25 वर्ष की उम्र के बाद अपना डाइट चार्ट बदल लेना चाहिए। बिना किसी भूमिका के हम आपको बताना चाहते हैं कि यदि आप प्रतिदिन 2-4 काजू का सेवन करते हैं तो आप हार्ट अटैक, डायबिटीज, मोटापा और कैंसर जैसी बहुत सारी बीमारियों से जिंदगी भर के लिए बचे रहेंगे। इसीलिए तो काजू को ड्राई फ्रूट्स का किंग कहा जाता है।

काजू खाने के फायदे, शरीर पर असर 

काजू प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। हड्डियों को मजबूत बनाता है। 
काजू ना केवल दांतो को बल्कि मसूड़ों को भी ताकतवर बनाता है।
काजू में मोनो सैचुरेटड फैट होता है जो हृदय को स्वस्थ रखता है। 
मोनोसैचुरेटेड फैट के कारण हार्ड अटैक का खतरा बहुत कम हो जाता है।
काजू में एंटी ओक्सिडेंट भी होते हैं जो कि कैंसर से बचाव करता है। 

काजू के अंदर पाए जाने वाले मुख्य कारक एवं उनके लाभ

काजू में dietry fibre की मात्रा भी अधिक होती है इसलिए वजन नहीं बढ़ता। 
काजू के कारण कोलेस्ट्रोल सुरक्षित रहता है। 
काजू को दूध में मिलाकर चेहरे की मसाज करने से त्वचा सुंदर एवं मुलायम बन जाती है।
यदि आप प्रतिदिन काजू का सेवन करते हैं तो आपके बाल नहीं झड़ेंगे।
एक स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन 4 काजू का सेवन कर सकता है। 
काजू से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है। 
लो ब्लड प्रेशर के लोग नियमित रूप से काजू खाते हैं तो ब्रेन हेमरेज का खतरा चल सकता है। 
काजू में मैग्नीशियम होता है जो एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटीडिप्रेसेंट है। दिमाग में ब्लड फ्लो अच्छा हो जाता है। 
टेंशन के समय काजू खाने से तनाव कम होता है। 
काजू शरीर में ब्लड ग्लूकोस के लेवल को संतुलित कर देता है। 

किन लोगों को काजू नहीं खानी चाहिए 

मोटापा का शिकार हो चुके लोगों को काजू नहीं खाने चाहिए। 
काजू फैट बर्न नहीं करता, अत्यधिक वजनदार लोगों ने काजू खाया तो नुकसान हो जाएगा। 
अधिक मात्रा में काजू खाने से पोटेशियम का लेवल बढ़ सकता है इसका सीधा असर किडनी पर होता है। 
यदि किसी एक दिन आपने ज्यादा काजू खा लिए तो गैस की प्रॉब्लम हो सकती है और बहुत ज्यादा काजू खा लिए तो पेट में सूजन भी आ सकती है। 
जिन लोगों का पेट सुबह साफ नहीं होता उन्हें काजू नहीं खाने चाहिए। 

1 दिन में कितने काजू खा सकते हैं 

2-10 साल तक के बच्चे प्रतिदिन 6 काजू खा सकते हैं। 
45 साल तक के लोग 4 काजू प्रतिबंध खा सकते हैं।
(अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। जो आयुर्वेद की पुरानी किताबों पर आधारित है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। भोपाल समाचार इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता।)

स्टीव जॉब्स बिना नंबर की कार चलाते थे फिर भी उनका चालन नहीं बना, ऐसा क्यों-GK in Hindi

Posted: 21 Dec 2021 02:01 PM PST

क्या आप जानते हैं अमेरिका के वर्ल्ड फेमस बिजनेस टाइकून और अविष्कारक स्टीवन पॉल जॉब्स (Steve Jobs) जिन्होंने एप्पल कंपनी की स्थापना की जिसका आईफोन दुनिया भर में प्रतिष्ठा का विषय है, हमेशा बिना नंबर की कार इस्तेमाल किया करते थे। इसके बावजूद कभी भी उनका ट्रेफिक चालान नहीं बना। सवाल यह है कि अमेरिका में जब स्टीव जॉब्स से ज्यादा अमीर कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई हैं, तो फिर स्टीव जॉब्स का ट्रैफिक चालान क्यों नहीं बना। क्या उन्हें कोई विशेष प्रकार की कानूनी छूट प्राप्त थी। आइए पढ़ते हैं। 

स्टीव जॉब्स कैलिफोर्निया में रहते थे। यह बिल्कुल सही है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी अपनी कार पर नंबर नहीं लिखवाया। वह हमेशा बिना नंबर की कार चलाया करते थे। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उन्होंने आईफोन बनाया इसलिए पुलिस वाले उनका चालान नहीं बनाते थे। कैलिफोर्निया में स्टीव जॉब्स से ज्यादा प्रभावशाली और धनवान लोगों के खिलाफ कई बार कानूनी कार्रवाई हुई है, लेकिन स्टीव जॉब्स का कार के नंबर को लेकर ट्रैफिक चालान कभी नहीं बना। 

इसके पीछे बहुत छोटा सा कारण है। स्टीव जॉब्स कैलिफोर्निया के व्हीकल लॉ का फायदा उठाया करते थे। कैलिफोर्निया व्हीकल लॉ के अनुसार यदि आप कोई नई कार खरीदते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको 6 महीने का समय मिलता है। इस अवधि में आपको अपनी कार का रजिस्ट्रेशन करा कर कार पर उसका नंबर अंकित करना होता है। स्टीव जॉब्स प्रत्येक 6 महीने में नई कार खरीद लेते थे। 

क्योंकि स्टीव जॉब्स को लग्जरी लाइफ पसंद थी। इस प्रकार उन्होंने एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। कहते हैं कि Mercedes SL55 AMG कार उनकी सबसे पसंदीदा कार थी। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP TET VARG-3 TOPIC- समाजीकरण प्रक्रियाएं पार्ट - 2

Posted: 21 Dec 2021 01:32 PM PST

अरस्तु के अनुसार "मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है" समाजीकरण की प्रक्रिया के बिना मनुष्य सामाजिक प्राणी नहीं बन सकता और समाजीकरण का कार्य समाज में रहकर ही संभव है। समाज से अलग रहकर समाजीकरण नहीं हो सकता। 

समाजीकरण को प्रभावित करने वाले कारक

समाजीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों में कुछ कारक ऐसे होते हैं जो सीधे प्रभाव डालते हैं इन्हें सक्रिय कारक (Active agents) कहा जाता है जबकि कुछ कारक ऐसे ऐसे होते हैं जो अपना प्रभाव सीधे नहीं डालते, उन्हें निष्क्रिय कारक (Passive agents) कहा जाता है। 

मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा- एमपी टेट वर्ग 3 का सिलेबस के अनुसार - एक बच्चे के सामाजीकरण की प्रक्रिया में अभिभावक, शिक्षक और साथी की भूमिका में के बारे में अध्ययन करना जरूरी है। 

बच्चे के सामाजीकरण में अभिभावकों की भूमिका- Role of Parents in the socialization of Children

एक बच्चा जैसे ही जन्म लेता है तो जन्म के तुरंत बाद ही उसका सामाजीकरण होना शुरू हो जाता है। सबसे पहले वह जिस परिवार में जन्म लेता है, उस परिवार का सदस्य बनता है और है और उसका सबसे ज्यादा घनिष्ठ संबंध उसका अपनी मां से होता है। इसी कारण मां को प्रथम शिक्षक और परिवार को प्रथम पाठशाला कहा जाता है। 

समाजीकरण करने वाली संस्था के रूप में परिवार एवं माता पिता का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। कहा जाता है की मां के त्याग और पिता की सुरक्षा में रहते हुए बच्चा जो कुछ सीखता है, वह उसके जीवन की स्थाई पूंजी होती है। परिवार का आकार यानी न्यूक्लियर फैमिली और ज्वाइंट फैमिली भी बच्चे की समाजीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। 

बच्चे के समाजीकरण में शिक्षक की समाजीकरण में शिक्षक की भूमिका- Role of teachers in the Socialization of children

आपने अक्सर छोटे बच्चों को ऐसा बोलते सुना होगा कि "हमारी मैडम ने तो ऐसा कहा है, हम तो यही करेंगे"। एक बच्चा जैसे ही थोड़ा बड़ा होता है, वह स्कूल जाना शुरू कर कर कर देता है। परिवार के बाद बच्चों को विद्यालय में प्रवेश मिलता है और शिक्षक का व्यवहार, आचरण सब कुछ बच्चे को प्रभावित करता है। समाजीकरण के मामले में बच्चे अपने अभिभावकों और शिक्षकों का ही अनुकरण करते हैं। बालकों के सही दिशा में सामाजीकरण हेतु शिक्षक को चाहिए कि वह उनके साथ स्नेह एवं सहानुभूति पूर्ण बर्ताव करें। समाजीकरण की प्रक्रिया को सही गति और दिशा देना शिक्षक का ही काम है। इसके अलावा विद्यालय का वातावरण, पाठ्यक्रम, सहपाठी सभी कुछ बच्चे के समाजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

बच्चे के समाजीकरण की प्रक्रिया में साथियों की भूमिका- Role of Peer Groups in the Socialization of Children 

कहा जाता है की संगत का असर, व्यक्ति पर हमेशा रहता है। एक बच्चा जब अपने पास-पड़ोस में जाता है और विद्यालय में जाता है, तो उसके मित्र भी बनते हैं। उसके साथी या सहपाठियों  का प्रभाव भी उसकी सामाजीकरण की प्रक्रिया पर पड़ता है। अपने मित्रों के साथ रहने के लिए, उनकी तरह दिखने के लिये, उनका अनुकरण करता है। विशेष रुप से उत्तर बाल्यावस्था (Late Childhood) जिसे प्री गैंग स्टेज (Pre gang stage) भी कहते हैं। वह अपने समूह या टोली में रहना ही अधिक पसंद करता है और किशोरावस्था (Adolscence)  में तो वह अपने साथी समूह (Peer Group) का हिस्सा बनने के लिए ऐसा हर काम करता है जो उसके साथी करते हैं। इसके अलावा खेल, धर्म, जाति ये सब भी समाजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

COURT में मजिस्ट्रेट द्वारा आरोपी को कौन-कौन से दस्तावेज निःशुल्क दिए जाते हैं, जानिए - CrPC section 207

Posted: 21 Dec 2021 01:15 PM PST

जब कोई पुलिस अधिकारी किसी अपराध में एफआईआर दर्ज करता है तो उसका अन्वेषण करता है एवं न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए पूरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार करता है जिसे चार्जशीट कहा जाता है। हमने आपको बताया था कि पुलिस इन्वेस्टिगेशन के दौरान पुलिस की चार्जशीट, बयान को बताया नहीं जाता है, लेकिन जब पुलिस इन्वेस्टिगेशन पूरी हो जाती है तब मजिस्ट्रेट, आरोपी को वह सभी दस्तावेज उपलब्ध करा देता है जो पुलिस ने चार्ज शीट में प्रस्तुत किए हैं। जानते हैं वो कौन कौन से होंगे।

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 207 की परिभाषा:-

कोई भी ऐसा मामला जो पुलिस रिपोर्ट के आधार पर संस्थित किया गया है, तब मजिस्ट्रेट आरोपी व्यक्ति को बिना विलम्ब किए एक प्रतिलिपि निःशुल्क देगा जो निम्न होगी:-
1. पुलिस रिपोर्ट(चार्जशीट) की कॉपी।
2. एफआईआर की कॉपी।
3. पुलिस अधिकारी द्वारा साक्षियो से लिए गए बयान, कथन आदि कॉपी।
4. मजिस्ट्रेट द्वारा ली गई कोई लेखबद्ध स्वीकृतियां या कथन की कॉपी।
5. ऐसे कोई साक्ष्य जो मजिस्ट्रेट को पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट द्वारा भेजे गए हैं या कोई सामग्री आदि।

नोट:- कोई कथन ऐसे हैं जो न्यायालय के विचारण में प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं तब मजिस्ट्रेट अपनी इच्छानुसार जैसा वह ठीक समझे आरोपी को दे भी सकता है, नहीं भी दे सकता है।
• अगर कोई दस्तावेज या सामग्री बड़ी है जो आरोपी को नहीं दी जा सकती है तब आरोपी या उसका वकील न्यायालय में आकर उसका निरीक्षण कर सकते हैं।

{इस धारा का उद्देश्य यह है कि आरोपी को पता होना चाहिए कि उस पर किस अपराध का अभियोजन चलाया जा रहा है एवं वह अपने बचाब पक्ष में क्या करना चाहता है।} :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

INDORE NEWS- बॉम्बे और शैलबी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों की मौत

Posted: 21 Dec 2021 08:02 AM PST

इंदौर
। शहर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की आमद के एक दिन बाद ही दो लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई। दोनों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा था। उनमें कोरोना की पुष्टि हो चुकी थी। फेंफडों में संक्रमण 80-90 प्रतिशत तक फैल चुका था। एक मरीज वेंटिलेटर पर था। पूरे एक महीने बाद शहर में कोरोना से हुई इन मौतों ने शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

कोरोना की वजह से जिन दो मरीजों की मौत हुई है उनमें से एक का इलाज बॉम्बे अस्पताल में चल रहा था। 67 वर्षीय यह पुरुष करीब एक सप्ताह पहले किडनी की बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। जांच में उनमें कोरोना की पुष्टि हुई। पता चला कि फेंफडों में संक्रमण 80 प्रतिशत तक फैल चुका है। सोमवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। 

कोरोना की वजह से जिस दूसरे मरीज की मौत हुई है उनका इलाज शैलबी अस्पताल में चल रहा था। वे 11 दिसंबर को 35 प्रतिशत संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे। मधुमेह के मरीज इस व्यक्ति में इलाज के दौरान संक्रमण 90 प्रतिशत तक बढ़ गया था। मंगलवार तड़के मरीज ने दम तोड़ दिया। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित REWA की छात्रा की INDORE में मौत, पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल नहीं कर पाई

Posted: 21 Dec 2021 07:56 AM PST

इंदौर
। इंदौर शहर का ट्रैफिक जानलेवा होता जा रहा है। पुलिस कमिश्नर द्वारा ड्रोन के माध्यम से ट्रैफिक कंट्रोल करने की कोशिशों के बावजूद रोड एक्सीडेंट की संख्या कम नहीं हुई है। रीवा से इंदौर में एमपीपीएससी परीक्षा की कोचिंग करने आई छात्रा को सिटी बस ने कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। अंचल पटेल एक ब्रिलिएंट्स स्टूडेंट थी। उसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया गया था।

19 साल की अंचल पिता उमेश कुमार पटेल‌, रीवा से इंदौर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की शेड्यूल परीक्षा की तैयारी करने के लिए इंदौर आई थी। परिवार सहित सभी परिचितों को पूरी उम्मीद थी कि अंचल पटेल पीएससी की परीक्षा पास करके डिप्टी कलेक्टर बनेगी। कोचिंग जाने के लिए वह आईटी पार्क के सामने सड़क के किनारे खड़ी थी। तभी अचानक हाई स्पीड में आई एक बस में उसे कुचल डाला।

एक्सीडेंट इतना दर्दनाक था कि छात्रा अंचल पटेल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। बताया गया है कि अंचल इंदौर में तीन इमली स्थित एक कॉलोनी में रह रही थी। वह हायर सेकेंडरी परीक्षा में रीवा जिले की टॉपर थी। उसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया गया था। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- 4 महीने से लापता बॉयफ्रेंड के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया

Posted: 21 Dec 2021 07:35 AM PST

भोपाल
। एक फिटनेस सेंटर में नौकरी करने वाली 20 साल की लड़की ने 4 महीने से लापता अपने बॉयफ्रेंड के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया है। लड़की ने बताया कि उसने शादी का वादा करके फिजिकल रिलेशन बना लिए थे। जब शादी की तारीख तय करने की बात आई तो गायब हो गया। 

पिपलानी पुलिस के अनुसार अयोध्या नगर में रहने वाली 20 साल की लड़की इंद्रपुरी स्थित एक जिम में जॉब करती है। उसने बताया कि इसी साल उसकी जिम में आने वाले अमित सिंह नाम के एक युवक से पहचान हुई। वह जिम में एक्सरसाइज के लिए आता था। दोस्ती के कुछ दिनों बाद ही अमित सिंह उसे निजामुद्दीन कॉलोनी में स्थित होटल लैमिनेट लेमनटी यहां उसने फिजिकल रिलेशन बनाने की कोशिश की। लड़की ने मना किया तो शादी का वादा करने लगा।

लड़की के मुताबिक, उसकी बातों में आकर उसने किसी को कुछ नहीं बताया। इसके तीन महीने तक वह कई बार होटलों में उसे ले जाकर फिजिकल होता रहा। 28 अगस्त को उसने आखिरी बार उसने एक होटल में रिलेशन बनाए। जैसे ही शादी की बात की, जो वह आनाकानी करने लगा और गायब हो गया।

करीब चार महीने से उसकी तलाश करती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। परेशान होकर उसे अमित के खिलाफ शिकायत करने थाने आना पड़ा। पुलिस ने आरोपी अमित के खिलाफ ज्यादती की धारा में अपराध दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

Phd स्टूडेंट से रिश्वत ले रहा प्रोफ़ेसर गिरफ्तार- GWALIOR NEWS

Posted: 21 Dec 2021 07:05 AM PST

ग्वालियर
। Economic Offences Wing ने ग्वालियर के विजयाराजे गर्ल्स कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर बीडी माणिक को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि प्रोफेसर बीडी माणिक पीएचडी के स्टूडेंट से उसकी थीसिस अप्रूव करने के बदले ₹51000 रिश्वत मांग रहे थे। ₹10000 रिश्वत लेते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इंस्पेक्टर यशवंत गोयल की टीम ने कार्रवाई की है। 

मध्यप्रदेश शासन आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की ओर से बताया गया है कि दिल्ली के रहने वाले स्टूडेंट अवनीश कुमार विजयाराजे गर्ल्स कॉलेज के म्यूजिक एंड डांस डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर डॉ. बीडी माणिक के निर्देशन में रिसर्च कर रहे थे। शोध के बाद अवनीश ने थीसिस लिखी थी। इस थीसिस को प्रोफेसर बीडी माणिक को अप्रूव करना था। लेकिन वे थीसिस को अप्रूव नहीं कर रहे थे। थीसिस को अप्रूव करने के एवज में प्रो माणिक ने 51 हजार रुपए रिश्वत के रूप में मांगे। 

अवनीश रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन थीसिस अप्रूव न होने पर अवनीश ने बात मान ली और रिश्वत के रूप में पहली किश्त 10 हजार रुपए देने का कहा। साथ ही उसने इस बात की शिकायत ईओडब्ल्यू से की। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने रंगे हाथों प्रोफेसर को पकड़ने का प्लान बनाया और मंगलवार शाम को शोधार्थी अवनीश कुमार से 10 हजार रुपए देने के लिए कहा। 

इसके बाद अवनीश ने प्रोफेसर को सिटी सेंटर में रिश्वत देने के लिए बुलाया था। जैसे ही सिटी सेंटर में प्रोफेसर आए और अवनीश ने उन्हें 10 हजार रुपए दिए। वैसे ही पास में मौजूद ईओडब्ल्यू की टीम ने प्रोफेसर को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. 

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव- पढ़िए हाईकोर्ट ने क्या कहा, कंफ्यूजन दूर हो जाएगा- MP NEWS

Posted: 21 Dec 2021 01:03 PM PST

जबलपुर।
मध्य प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया में हाईकोर्ट ने किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस पार्टी चुनाव प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग कर रही थी। हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) में निहित प्रविधान के तहत चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद अदालत को उसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं रहता। 

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए लगा। इस दौरान दमोह निवासी डा. जया ठाकुर व छिंदवाड़ा निवासी जाफर सैय्यद की ओर से अधिवक्ता वरुण ठाकुर व मुकेश सोलखे ने पक्ष रखा। उन्होंने अंतरिम राहत बतौर पंचायत चुनाव की अधिसूचना और सरकार के अध्यादेश पर अंतरिम रोक लगाने पर बल दिया। 

चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद कोर्ट उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता

हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) में निहित प्रविधान के तहत चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाने के बाद अदालत को उसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं रहता। खंडपीठ ने कहा की इसके पहले सात दिसंबर 2021 को समान मामले में ग्वालियर खंडपीठ ने भी अंतरिम राहत का आवेदन निरस्त कर दिया था, इसलिए ऐसी स्थिति में राहत नहीं दी जा सकती। 

हालांकि याचिकाकर्ताओं ने अब सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। कोर्ट ने इस मामले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, पंचायत राज संचालनालय के आयुक्त सह संचालक एवं राज्य चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

MP High Court recruitment- शुद्धि पत्र जारी, रिक्त पदों की संख्या बदली

Posted: 21 Dec 2021 07:56 AM PST

जबलपुर
. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा पत्र क्रमांक 503 के द्वारा आज दिनांक 21 दिसंबर 2021 को शुद्धि पत्र जारी किया गया है. यह शुद्धि पत्र रजिस्ट्रार जनरल द्वारा हस्ताक्षरित है. इसमें मध्य प्रदेश के जिला न्यायालय में ओपन की गई स्टेनोग्राफर और अन्य स्टाफ कर्मचारियों की वैकेंसी में परिवर्तन किए गए हैं. भर्ती प्रक्रिया एवं परीक्षा की तारीखों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है.

गौरतलब है कि दिनांक 13.11.2021 के अंक में उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर द्वारा जिला न्यायाधीशों में शीघ्र लेखक ग्रेड -2,ग्रेड -3, शीघ्र लेखक ग्रेड -3 (कोर्ट मेनेजर स्टाफ) व सहायक ग्रेड -3 एवं सहायक ग्रेड -3 (इंग्लिश नोइंग)की भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया था. यह विज्ञापन, विज्ञप्ति क्रमांक 402 / परीक्षा/ 21 दिनांक 12 .11.2021 को  प्रकाशित की गई थी परंतु अब जिला न्यायालय से प्राप्त नवीन जानकारियों के अनुसार इनमें संशोधन किया गया है. संशोधित जानकारी के अनुसार अब:- 

शीघ्र लेखक ग्रेड-2 के कुल 106 पद हैं. जिनमें से अनारक्षित वर्ग के 48 पद, ओबीसी के 15 पद, अनुसूचित जाति के 17 पद, अनुसूचित जनजाति के 26 पद, निर्धारित हैं. जबकि महिलाओं के लिए अनारक्षित श्रेणी में 9 पद, ओबीसी में 01 पद, SC के   02 ,ST  के 03 पद आरक्षित  हैं. इन कुल रिक्तियों में से दिव्यांग जनों के लिए 6 पद आरक्षित हैं, जिनमें से 02 श्रवण बाधित के लिए, 02दृष्टिबाधित के लिए और 02 अस्थि बाधित के लिए आरक्षित हैं.

शीघ्र लेखक ग्रेड-3 में कुल 205 पद रिक्त हैं. जिनमें से 72 अनारक्षित वर्ग के लिए,जबकि 26 पद ओबीसी के लिए, 30 पद SC के लिए व 77 पद ST के लिए  आरक्षित हैं आरक्षित हैं जबकि महिला उम्मीदवारों के लिए अनारक्षित वर्ग में 13 पद, ओबीसी में 2 पद, एसी में 3 व एसटी में 17 पद आरक्षित है. दिव्यांग जनों के लिए इस ग्रेड में कुल 12 पद आरक्षित है, जिसमें श्रवण बाधित के लिए 04, दृष्टिबाधित के लिए 04 पद, अस्थि बाधित के लिए 4 पद आरक्षित हैं. 

शीघ्र लेखक ग्रेड-3 (कोर्ट मैनेजर स्टाफ) के लिए कुल 12 पद रिक्त है, ये सभी पद अनारक्षित वर्ग के हैं. इनमें से 01 पद श्रवण बाधित के लिए आरक्षित है. 

सहायक ग्रेड -3 के कुल 795 पद रिक्त हैं, जिनमें से 298 पद अनारक्षित वर्ग के लिए, 121 पद ओबीसी के लिए, 128 पद SC के लिए तथा 248  पद ST के  उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.इनमें महिलाओं के लिए अनारक्षित वर्ग में 78 पद , ओबीसी में 28 पद,एससी में भी 28 पद तथा एसटी में 62 पद आरक्षित  हैं, जबकि 56 पद दिव्यांग जनों के लिए आरक्षित हैं. जिनमें जिनमें श्रवण बाधित के 19 पद, दृष्टिबाधित के 19 पद व अस्थि बाधित के 18 पद आरक्षित  हैं. 

सहायक ग्रेड 3 इंग्लिश नोइंग के कुल 21 पद रिक्त हैं जिनमें से अनारक्षित वर्ग के 16 पर ओबीसी का 1st के 4 पद आरक्षित हैं.  इस प्रकार से कुल  1139 पद रिक्त हैं. 

विशेष नोट - जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजर हेतु आवंटित शीघ्र लेखक ग्रेड-3 कोर्ट मैनेजर स्टाफ के पदों पर संविदा आधार पर उच्च न्यायालय या जिला न्यायालय स्थापना में पूर्व में कार्यरत रहे या कार्यरत हैं तथा जिन्होंने 5 वर्ष से कम की सेवा ना की हो ऐसे कर्मचारियों हेतु 2 पद अनारक्षित श्रेणी के आरक्षित किए जाते हैं शेष विज्ञापन  पूर्वानुसार ही यथावत रहेगा. उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- एसपी ने आधी रात में तीन पुलिस आरक्षक सस्पेंड किए

Posted: 21 Dec 2021 06:14 AM PST

ग्वालियर
। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी ने आधी रात को 3 पुलिस आरक्षक सस्पेंड कर दिए। तीनों पर आरोप है कि नो एंट्री में भारी वाहन ट्रकों को एंट्री दे रहे थे। रात के अंधेरे में अचानक एसपी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। 

कड़कड़ाती ठंड में पुलिस अधीक्षक अमित सांघी अपनी टीम को लेकर बंदोबस्त का निरीक्षण करने निकल पड़े। उन्होंने देखा कि रामाजी का पुरा में ट्रकों की लाइन लगी हुई है। पूछने पर पता चला कि बेला की बावड़ी पॉइंट से नो एंट्री के बावजूद ट्रकों को एंट्री दी गई है। एसपी अमित सांघी ने उसी समय बेला की बावड़ी पॉइंट पर तैनात आरक्षक राम अवतार, टीकाराम एवं राकेश को सस्पेंड कर दिया। 

इसके अलावा ट्रैफिक थाना ग्वालियर मेला में पदस्थ दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। शहर में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एसपी की टीम ने पड़ताल के दौरान 20 कारों पर काली फिल्म देखी जिन्हें तत्काल उतरवा दिया गया।संदिग्ध स्थिति में मिले 20 टू व्हीलर को थाने में जमा करा दिया गया। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

MP government job- सिविल जज परीक्षा का विज्ञापन जारी- MP civil judge exam 2021 notification

Posted: 21 Dec 2021 05:46 AM PST

High Court of Madhya Pradesh (मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, जबलपुर), सिविल जज जूनियर डिवीजन एंट्री लेवल एग्जाम 2021 (CivilJudge, Junior Division (Entry Level) Exam- 2021) का विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। 
कुल 123 अस्थाई पदों के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि 29 दिसंबर 2021 दोपहर 12:00 बजे से है, जबकि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2022 रात्रि 11:55 पीएम बजे तक होगी।

व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्क खंड(प्रवेश स्तर) परीक्षा- 2021 का विज्ञापन क्रमांक, 141, परीक्षा, सी.जे. 2021 का विज्ञापन आज दिनाँक 21 दिसंबर 2021 को प्रकाशित किया गया है। ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य लिखित परीक्षा की तिथि बाद में अनुसूचित की जायेगी। इस आवेदन द्वारा कुल 123 अस्थाई पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें अनारक्षित वर्ग के 62 पद, अनुसूचित जाति के 19 पद, अनुसूचित जनजाति के 25पद व अन्य पिछड़ा वर्ग के 17 पद हैं। चयनित आवेदकों की नियुक्ति 2 वर्ष की परीक्षावीक्षा अवधि पर की जाएगी। 

गौरतलब है कि व्यवहार न्यायाधीश कनिष्क खंड, का पद,राजपत्रित द्वितीय श्रेणी का पद है। जिसका वेतनमान - रुपए 27700- 770-33 090- 920- 40450-1080 -44770  एवं प्रचलित दर अनुसार महंगाई भत्ता व अन्य भत्ते देय होंगे।  उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP NEWS- महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR

Posted: 21 Dec 2021 05:10 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सत्येंद्र कुमार भलावी के खिलाफ जबलपुर लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। 

महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सत्येंद्र कुमार भलावी गिरफ्तार

लोकायुक्त पुलिस जबलपुर के इंस्पेक्टर स्वप्निल दास ने दावा किया है कि उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सत्येंद्र कुमार भलावी को 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की इन्वेस्टीगेशन पूरी होने तक उन्हें सस्पेंड करने के लिए महिला बाल विकास विभाग को सूचित किया जा रहा है। यह कार्रवाई डिंडोरी जिले के शाहपुरा ब्लॉक में हुई। 

महिला बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत किसने की थी 

तेजस्विनी जागृति महिला संघ के संघ मित्र दिनेश समरिया ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि तेजस्विनी जागृति महिला संघ द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में कोदो, कुटकी व नाश्ता की सप्लाई की गई थी। इसी सप्लाई का बिल 184000 रुपए पास करने के बदले में परियोजना अधिकारी ने ₹20000 की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत के साथ रिश्वत की मांग को प्रमाणित करने ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की। 

प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में रिश्वत की मांग प्रमाणित हो जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने प्लानिंग करके अपनी टीम के साथ शिकायतकर्ता को रिश्वत देने के लिए भेजा। जैसे ही रिश्वत का लेनदेन पूरा हुआ, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छापामार कार्रवाई करके आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान परियोजना अधिकारी द्वारा काफी हंगामा किया गया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव तय तारीख पर होंगे या नहीं, बयानों से समझिए- MP NEWS

Posted: 21 Dec 2021 05:36 AM PST

भोपाल
। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थगन प्रस्ताव पर बहस हुई और दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे को दोषी बताने के लिए दलील दे रहे हैं, लेकिन लोग यह जानना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे या नहीं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान को लेकर कई प्रकार के अर्थ निकाले जा रहे हैं। आइए पूरे घटनाक्रम और नेताओं के बयान एवं राज्य निर्वाचन आयोग की गतिविधियों से समझने की कोशिश करते हैं कि मध्य प्रदेश चुनाव का क्या होगा। 

OBC आरक्षण स्थगन प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में 27% ओबीसी आरक्षण निरस्त हो जाने के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कई तर्क और तथ्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा कहा कि हम किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ हों, इसके लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। (यानी मुख्यमंत्री ने यह बिल्कुल नहीं कहा कि ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव नहीं होंगे।)

OBC आरक्षण स्थगन प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ का बयान 

नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने दावा किया कि उन्होंने 27% ओबीसी आरक्षण का ऐतिहासिक फैसला लिया था। सुप्रीम कोर्ट में पिछड़ा वर्ग आरक्षण निरस्त हो जाने के लिए भाजपा और शिवराज सिंह सरकार जिम्मेदार है। इसके अलावा कहा कि सुप्रीम कोर्ट के डिसीजन के खिलाफ चलिए मिलकर अपील करते हैं। (कमलनाथ ने सरकार से बिल्कुल अपील नहीं की कि ओबीसी आरक्षण विवाद का निपटारा होने तक चुनाव स्थगित कर दिए जाएं।)

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की गतिविधियां 

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कोई बयान नहीं दिया। प्रेस को सूचना जारी की गई है कि पंचायत निर्वाचन 2021-22 में प्रथम और द्वितीय चरण के लिये 20 दिसम्बर को 101917 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र जमा किए। इनमें 50893 पुरूष और 50963 महिला अभ्यर्थी के नाम निर्देशन-पत्र हैं। प्रथम और द्वितीय चरण के लिए अंतिम तिथि तक कुल 153025 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन-पत्र प्रस्तुत किया है, जिनमें से 77677 पुरुष और 75285 महिला तथा 2 अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं। 

सिर्फ बयान नहीं, गतिविधियों से समझिए क्या होने वाला है

कुल मिलाकर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि चुनाव की प्रक्रिया जारी है, नामांकन फॉर्म जमा हो चुके हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनाव प्रचार शुरू हो जाएगा। और चुनाव अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए आरक्षित की गई सीटों को सामान्य सीटें घोषित करते हुए नई अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया था। यदि निर्धारित तारीख से पहले सरकार ने कोई डिसीजन नहीं लिया तो सभी सीटों को सामान्य मानते हुए नवीन अधिसूचना जारी हो जाएगी। मध्य प्रदेश में चुनाव संबंधी समाचार एवं अपडेट के लिए कृपया mp election news पर क्लिक करें.

कांग्रेस पार्टी में कमलनाथ के पुत्र की विधिवत पदस्थापना, पिता हाईकमान, पुत्र निश्चिंत- MP NEWS

Posted: 21 Dec 2021 04:20 AM PST

भोपाल
। आज दिनांक से पहले तक छिंदवाड़ा के सांसद नकुल नाथ की पहचान केवल कांग्रेस नेता कमलनाथ के पुत्र के रूप में थी। पार्टी में नकुल नाथ का अपना कोई अस्तित्व नहीं था। वह तो अपना नाम भी नकुल कमल नाथ लिखते हैं, लेकिन यह उनके परिवार की परंपरा नहीं है क्योंकि कमल नाथ अपने नाम के साथ अपने पिता का नाम नहीं जोड़ते। उन्होंने जो भी किया अपने पिता के लिए किया। पार्टी के लिए कभी कुछ नहीं किया था, लेकिन अब नकुल नाथ कांग्रेस पार्टी के नेता बन गए। कांग्रेस पार्टी में उनकी विधिवत पदस्थापना हो गई है। 

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से केसी वेणुगोपाल जनरल सेक्रेटरी ने एक प्रेस रिलीज के माध्यम से बताया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की कार्यकारिणी की घोषणा की है। एग्जीक्यूटिव कमिटी में नंबर 13 पर छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ का नाम दर्ज है। इस दस्तावेज के अनुसार नकुलनाथ आज से कांग्रेस पार्टी के नेता बन गए हैं। अब से पहले तक कांग्रेस के टिकट पर चुने गए सांसद मात्र थे। 

पिता हाईकमान, पुत्र निश्चिंत

यदि कांग्रेस पार्टी में हाईकमान की बात करें तो उसमें गांधी परिवार के मात्र 3 सदस्यों के नाम नहीं आते। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक पूरी टोली को हाईकमान कहा जा सकता है। इस टोली में कमलनाथ प्रथम पंक्ति का नाम है। सरल शब्दों में कहें तो मध्यप्रदेश के लिए कमलनाथ ही हाईकमान हैं, और जब पिता खुद हाईकमान हैं तो पुत्र को किस बात की चिंता। पार्टी उनकी अपनी है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

MP NEWS- भ्रष्ट अकाउंटेंट को 5 साल की जेल, नीमच के सरकारी कॉलेज का मामला

Posted: 21 Dec 2021 03:52 AM PST

नीमच।
श्रीमान राजवर्धन गुप्ता, सत्र न्यायाधीश, नीमच के द्वारा 45 लाख रूपये का गबन करने वाले प्रभारी लेखापाल जुगलकिशोर पिता स्व. राधेश्याम शर्मा, उम्र-50 वर्ष, निवासी-एल-311, इंद्रा नगर, जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 409, 467, 468, 471, 472, 473 के अंतर्गत 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 1,20,000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया।

श्री शादाब खान, अपर लोक अभियोजक द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना वर्ष 2012 से 2015 की अवधि के मध्य की हैं। आरोपी जुगलकिशोर शर्मा स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर पदस्थ था एवं उसको लेखापाल का अतिरिक्त प्रभार सौपा हुआ था। 

आरोपी द्वारा उक्त अवधि में लेखापाल प्रभारी के रूप में कार्य करने के दौरान भारतीय स्टैट बैंक के खाते से 8 चेकों के माध्यम से 7,29,140रू निकालकर उसका गबन करते हुए स्वयं उपयोग में ले लिये गये। इसी प्रकार छात्र-छात्राओें से ली गई फीस की राशि कुल 38,00,138रू को उसके द्वारा बैंक में जमा कराया जाना था, जोकि उसके द्वारा बैंक में जमा नही करते हुए 69 फर्जी बैंक की जमापर्ची तैयार कर रिकाॅर्ड में प्रस्तुत कर दी गई व उक्त राशि का भी गबन करते हुए उसके द्वारा उसको स्वयं उपयोग में लिया गया। 

ऑडिट दल द्वारा जब महाविद्यालय के रिकार्ड, दस्तावेज व खातों की जाँच की गई तो आरोपी द्वारा किये गये उक्त गबन का खुलासा हुआ। जाँच उपरांत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना नीमच सिटी में अपराध क्रमांक 30/15, धारा 409, 467, 468, 471, 472, 473 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत पंजीबद्ध करवाया गया। पुलिस नीमच सिटी द्वारा विवेचना उपरांत अभियोग पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान फरियादी, विशेषज्ञ साक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपी द्वारा गबन करने के अपराध को प्रमाणित कराया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को:- 
धारा 409 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
धारा 467 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
धारा 468 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
धारा 471 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
धारा 472 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
धारा 473 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000रू जुर्माना, 
इस प्रकार उक्त सभी धाराओं में 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 1,20,000रू जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री शादाब खान, अपर लोक अभियोजक, नीमच द्वारा की गई। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

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