दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- अटल इरादों की हस्ती
- काशी विश्वनाथ धाम – हमारी जीवंत विरासत को सम्मान
- मुख्यमंत्री ने मोतिहारी के गांधी मैदान से समाज सुधार अभियान की शुरुआत की
- मुख्यमंत्री ने पूर्वी चम्पारण एवं पष्चिम चम्पारण जिले के समाज सुधार अभियान की बैठक कर समीक्षा की
- 23 दिसम्बर 2021, गुरूवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- मगवाणी' की पहली वर्षगाँठ पर हुआ भव्य आयोजन ; देश विदेश में हो रही है प्रशंसा
- भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने भारतीय दंड संहिता के तहत पूर्व मुख्यमंत्री पर किया देशद्रोह एवं मानहानि का मुकदमा |
- पाकर हमसफर
- महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक प्रयास
- स्वर्ण मंदिर में बेअदबी चिंताजनक
- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े थे चैधरी जन्मदिन (23 दिसम्बर) पर विशेष (फीचर)
- उत्तराखण्ड में चतुष्कोणिक संघर्ष
- चीन में मिला डायनासोर के अंडे का भ्रूण
- मेष राशि से मीन राशि तक जानिये 2022 का वार्षिक राशिफल
- नाटो को पुतिन ने दी चेतावनी
- ओमिक्रान के चलते महारानी नहीं मनाएंगी क्रिसमस
- इमरान ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में शामिल होने पर जताया अफसोस
- भाजपा की जन विश्वास यात्रा पूर्वांचल के लिए कितना अहम
- तीन पुलों का निर्माण भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में अति आवश्यक
- बेबस नारी.......
| Posted: 22 Dec 2021 09:59 PM PST
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| काशी विश्वनाथ धाम – हमारी जीवंत विरासत को सम्मान Posted: 22 Dec 2021 09:56 PM PST काशी विश्वनाथ धाम – हमारी जीवंत विरासत को सम्मान- अनुराग सिंह ठाकुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन किया। यह अनूठी परियोजना, काशी जैसे सभ्यता के प्रतीक शहर और ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए सर्वथा उपयुक्त है। काशी के महत्व और प्राचीनता के बारे में मार्क ट्वेन ने लिखा था, "बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, पौराणिक कथाओं से भी पुराना है और इन सभी को मिलाने से जितनी प्राचीनता हो सकती है, यह शहर उससे भी दोगुना प्राचीन है।" परियोजना के उद्घाटन के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक और हिंदू धर्म तथा सदियों पुरानी हमारी सभ्यता के केंद्र, काशी या वाराणसी को दुनिया को फिर से समर्पित किया। प्राचीनता और निरंतरता का अद्भुत मिश्रण, काशी पूरी मानवता की धरोहर है। इसे दुनिया का सबसे प्राचीन व एक ऐसा शहर माना जाता है, जो सदियों से लोगों का निवास-स्थान रहा है। जहां दुनिया के अन्य प्राचीन शहर साम्राज्यवादी और औपनिवेशिक हमलों में ध्वस्त हो गए, वहीं काशी अपने विशिष्ट उत्साह के साथ गतिमान है। यह शहर को वास्तव में महत्वपूर्ण और अद्वितीय बनाता है। अपनी निरंतरता के माध्यम से, यह शहर बर्बर आक्रमणों और हमलों के बावजूद अपनी सांस्कृतिक, कलात्मक और शैक्षिक पहचान को बनाए रखने के लिए अपनी दृढ़ सहनशीलता का परिचय देता है। काशी विश्वनाथ धाम, इस शहर पर हुए अत्याचार से भरे अतीत से ऊपर उठने की एक पवित्र प्रतिज्ञा को दर्शाता है। दूसरे शब्दों में, यह इस भूमि की सदियों पुरानी आध्यात्मिक, शैक्षिक और रचनात्मक विरासत को फिर से जीवंत करने का एक विनम्र प्रयास है। इस धाम के रूप में इतिहास ने नया मोड़ लिया है। इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि एक हजार साल के अन्याय को, बिना किसी विनाश, लूटपाट या बदले की भावना के, समाप्त करते हुए पहले जैसी स्थिति प्राप्त की गयी है। इसे केवल निर्माण और सृजन के माध्यम से हासिल किया गया है। काशी को युगों से मुक्ति की नगरी के रूप में जाना जाता रहा है। हर जगह से लोग मुक्ति की खोज में काशी की ओर खिंचे चले आते हैं। हालांकि यह परियोजना स्वयं काशी की मुक्ति का उत्सव मनाने का एक प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस दृष्टिकोण और प्रयासों ने काशी विश्वनाथ मंदिर के सदियों पुराने गौरव को पुनः स्थापित किया है। काशी विश्वनाथ धाम संपूर्ण मानवता के लिए एक परियोजना है क्योंकि यह सभ्यता की निरंतरता का एक उत्सव है। इस दृष्टि से, यह पूरी दुनिया के लिए एक परियोजना है। यह हिंदू देवालय भगवान ब्रह्मा- ब्रह्मांड के रचयिता, भगवान विष्णु- ब्रह्मांड के रक्षक और भगवान शिव - ब्रह्मांड के मुक्तिदाता- की पवित्र त्रिमूर्ति को मान्यता प्रदान करता है। काशी अत्यधिक श्रद्धा जगाती है क्योंकि यह भगवान शिव के विभिन्न निवासों में से एक है। यही काशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस वर्ष संविधान दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, "भारत और दुनिया के कई देशों के लिए कई पीढ़ियों तक उपनिवेशवाद की बेड़ियों में रहना एक मजबूरी थी। भारत की आजादी के बाद से, पूरी दुनिया में एक उत्तर-औपनिवेशिक काल शुरू हुआ और कई देश आजाद हुए। आज दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो किसी दूसरे देश के उपनिवेश के रूप में मौजूद हो। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि औपनिवेशिक मानसिकता का अस्तित्व समाप्त हो गया है।" इसलिए, कई पीढ़ियों तक उपनिवेशवाद झेलने वाली मानवता के लिए यह आवश्यक है कि वह स्वयं को उपनिवेश से मुक्त करे, आजाद हो और फिर से आगे बढ़े। कई अन्य बातों के अलावा, ऐतिहासिक रूप से लूट और विध्वंस उपनिवेशवाद के मुख्य उपकरण और उद्देश्य, साधन एवं साध्य रहे हैं। स्वाभाविक रूप से, धन, ज्ञान और पुरातत्व के खजाने से लैस सभ्यताएं इस किस्म के बर्बर जमाखोरों के लिए प्रमुख आकर्षण थीं। आइए, एक फिर काशी की ओर लौटें। यह पौराणिक प्राचीन शहर लगातार लूटपाट का शिकार रहा है। यहां हुए विध्वंस और विनाश, इस बात के पर्याप्त संकेत देते हैं कि एक समय यह कितना शानदार शहर रहा होगा। यह तथ्य दुनिया भर के संग्रहालयों और निजी संग्रहों में बिखरे पड़े काशी के गौरवशाली पुरावशेषों के नमूनों से भी प्रमाणित होता है। सामान्य रूप से काशी शहर और विशेष रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को अतीत में कई बार ध्वस्त किया गया और इनका पुनर्निर्माण हुआ। प्रारंभ में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को घुरिद तुर्क सुल्तान कुतुब-उद-दीन ऐबक ने नष्ट किया था और फिर बाद में गुजरात के एक व्यापारी ने इसे पुनर्निर्मित किया था। इस मंदिर के विध्वंस और पुनर्निर्माण की कहानी वर्ष 1780 तक जारी रही, जब एक किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव महान मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर के सपने में आए एवं वह भगवान शिव की परम भक्त बन गईं और फिर उन्होंने इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया। एक अन्य किंवदंती के अनुसार, इस शहर पर किए गए हमले ने ही महान छत्रपति शिवाजी महाराज को तलवार उठाने के लिए प्रेरित किया था। यह कहा जाता है कि औरंगजेब द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर के विध्वंस ने शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई को इतना क्रोधित कर दिया था कि उन्होंने उन्हें मुगल के नियंत्रण वाले एक किले सिंहगढ़ पर कब्जा करने की चुनौती दे डाली। इसके बाद क्या हुआ वह सर्वविदित है। मंदिर परिसर का पुनर्निर्माण न केवल औपनिवेशिक प्रभाव से बाहर निकलने की दिशा में एक और अहम कदम है, बल्कि यह बर्बरता पर सभ्यता की प्रधानता, ज्ञान के केंद्र की पुनर्स्थापना और क्रूरता के स्थान पर श्रद्धा का भाव जागृत होने का भी ठोस प्रतीक है। यह परियोजना पूर्ण सामंजस्य सुनिश्चित करते हुए रचनात्मक दृष्टिकोण के जरिए इन प्रशंसनीय लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक अभिनव प्रयास है। यह पूरी मानवता के लिए गहन चिंतन-मनन करने और इसके साथ ही, यदि संभव हो सके, तो अनुसरण करने का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मेरी मंगल कामना है कि हमारी काशी ठीक इसी तरह से आगे भी निरंतर फलती-फूलती रहे एवं समृद्ध होती रहे और इसके साथ ही भगवान शिव हम सभी को अपनी दिव्यता एवं महिमा प्रदान करें। (लेखक केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल और सूचना व प्रसारण मंत्री हैं) *** हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मुख्यमंत्री ने मोतिहारी के गांधी मैदान से समाज सुधार अभियान की शुरुआत की Posted: 22 Dec 2021 07:44 AM PST मुख्यमंत्री ने मोतिहारी के गांधी मैदान से समाज सुधार अभियान की शुरुआत की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मोतिहारी के गांधी मैदान में दीप प्रज्ज्वलित कर समाज सुधार अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में आप सबों की उपस्थिति के लिए धन्यवाद देता हूं। जब से आपने काम करने का मौका दिया है, हमलोग बिहार में लगातार विकास के काम कर रहे हैं। समाज के हर तबके के उत्थान के साथ-साथ समाज के हाशिए पर के व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने के लिए काम किया जा रहा है। महिलाओं, एस0सी0- एस0टी0, अतिपिछड़े, अल्पसंख्यकों के उत्थान के साथ-साथ सभी वर्गों के लिये काम किया गया, किसी की उपेक्षा नहीं की गई। 24 नवंबर 2005 से हमलोगों ने काम करना शुरु किया। तबसे अब तक सबके हित और उसके उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। हमलोगों के काम करने के पहले की स्थिति को भूलिएगा मत, याद रखिएगा। पुल, पुलिया, सड़क, शिक्षा, अस्पताल की स्थिति क्या थी, अपराध की घटनाओं की स्थिति क्या थी। जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो इन सब पर कितना काम किया गया। सिर्फ विकास नहीं साथ-साथ सबके हित का काम हुआ, सबको आगे बढ़ाने के लिए काम किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ हमलोग समाज सुधार के लिए भी काम कर रहे हैं। आपको पता है हमलोग शराब को लेकर वर्ष 2011 से अभियान चला रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर जी जब वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने शराबंदी लागू की। इसे दो वर्ष बाद फिर से शुरु कर दिया गया। हमारे मन में शराबबंदी की बात शुरु से थी। इसको क्रियान्वित करने को लेकर मेरे मन में शंका थी लेकिन जब वर्ष 2015 में महिलाओं के एक सम्मेलन में मैं गया हुआ था, महिलाओं के विकास की बातें हो रही थीं। जैसे ही हम बोलकर बैठे कि पीछे से महिलाओं ने आवाज लगायी शराब बंद कराईये। उसके बाद वापस मैं माइक पर आया और कहा कि अगली बार काम करने का मौका मिलेगा तो शराबबंदी लागू करुंगा। चुनाव में जब हमलोगों को फिर से काम करने का मौका मिला तो सबसे पहले हमने 26 नवंबर को बैठक की और सब बातों को तय किया। विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से कानून को लागू कराया। सभी सदस्यों ने इसके पक्ष में शपथ ली। उसके बाद अधिकारी, कर्मचारियों ने भी शराब सेवन नहीं करने की शपथ ली। वर्ष 2016 में सभी प्रमण्डलों में महिलाओं के साथ, जीविका दीदीयों के साथ हमने बैठक की। निरंतर यह अभियान चल रहा है। 21 जनवरी 2017 को शराबबंदी के पक्ष में मानव श्रृंखला बनी, जिसमें 4 करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों के साथ हम शराबबंदी के क्रियान्वयन को लेकर 9 बार बैठक कर चुके हैं। बड़े पैमाने पर लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है। महिलाओं के एक कार्यक्रम में एक महिला ने कहा कि मेरे पति काम से लौटते थे दारू पीकर आते थे, परिवार में सभी को बुरा लगता था, देखने में खराब लगते थे। अब जब शराबबंदी हो गई तो बाजार से सब्जी, फल लेकर आते हैं और घर में आते हैं तो मुस्कुराते हैं। अब देखने में अच्छे लगते हैं, यह कितना बड़ा परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई काम कीजिएगा तो कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं। किसी मजहब, धर्म के मानने वाले लोग हों पूरे इतिहास को उठाकर देख लीजिए, कितना भी अच्छा काम कीजिएगा कुछ लोग तो गड़बड़ी करेंगे ही। शराबबंदी का कितना असर पड़ा है, आप खुद ही देख लीजिए। 1 अप्रैल 2016 को पहले ग्रामीण इलाके में देशी और विदेशी शराब पर हमलोगों ने रोक लगायी, जबकि शहरी इलाकों में विदेशी शराब बंद नहीं किया गया था। शहरों में महिलाएं, पुरुष, लड़के-लड़कियों ने शराब के आवंटित दुकानों के खोले जाने पर कड़ा विरोध जताया। इसके बाद 5 अप्रैल 2016 को राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई। आपको याद होगा कि पटना के गांधी मैदान में मानव श्रृंखला बनी थी, सभी ने शपथ ली थी। मीडिया के साथी जो हैं उनलोगों ने भी शपथ ली थी। बहनों की इच्छा से ये सारा काम हो रहा है। कितने लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया। कई लोग इधर-उधर करके शराब पी रहे हैं और उन्हें गलत चीजें मिलाकर पिलाये जाने से उनकी मौतें भी हो रही हैं। इस पर सोचिए की शराब कितनी बूरी चीज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समाज सुधार अभियान है, यह निरंतर जारी रहेगा। हर गांव, हर शहर में यह चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि शराब इतनी बुरी चीज है इसके संबंध में विज्ञापन के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जा रही है, उस पर भी गौर कीजिएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूरी दुनिया का वर्ष 2016 से 2018 तक सर्वेक्षण कराया और 2018 में ही रिपोर्ट को प्रकाशित किया। उस रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब पीने से दुनिया में 30 लाख लोगों की मृत्यु होती है यानि दुनिया में जितनी मृत्यु हुई उसका 5.3 प्रतिशत मौत शराब पीने से हुई है। 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण होती है। जबकि 18 प्रतिशत लोग शराब पीने से आत्महत्या कर लेते हैं। शराब पीने के कारण 18 प्रतिशत आपसी झगड़े होते हैं। शराब पीने से दुनियाभर में 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। शराब के सेवन से 200 प्रकार की बीमारियां होती हैं। शराब के सेवन से 48 प्रतिशत लीवर की गंभीर बीमारी लीवर सिरोसिस के शिकार लोग होते हैं। माउथ कैंसर के कुल मामलों का 26 प्रतिशत शराब पीने के कारण होती है। पैंक्रियाज के 26 प्रतिशत, बड़ी आंत की बीमारी के 11 प्रतिशत मरीजों की शराब पीने से होती है। ब्रेस्ट कैंसर के 5 प्रतिशत और टीबी के 30 प्रतिशत मामले शराब सेवन से होती है। शराब के दुष्परिणामों के जो आंकड़े दिए गए हैं, उस पर सबलोग गौर कीजिए और हमारा आपलोगों से आग्रह है कि इसके बारे में सभी को बताएं। शराबबंदी के लिए निरंतर अभियान चलाते रहने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपारण में बापू वर्ष 1917 में आए। उनके आने के 100 साल पूरे होने पर हमलोगों ने अभियान चलाया। आजादी की लड़ाई में बापू की बहुत बड़ी भूमिका थी। वर्ष 1917 में बापू चंपारण आए और चंपारण सत्याग्रह का अभियान चालाया और इसके 30 साल के बाद देश आजाद भी हो गया। बापू उस समय भी शराब के विरोध में थे। बापू की बातों को सभी को मानना चाहिए। उनके संदेश को हमलोग हर जगह प्रचारित करवा रहे हैं। बापू ने कहा था- शराब न सिर्फ आदमी का पैसा, बल्कि बुद्धि भी खत्म कर देता है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। बहनों से आग्रह करेंगे कि जो शराब पीते हैं उनके चारो तऱफ खड़ा होकर जमकर नारा लगाईये और सूचना भी दीजिए। जहां बैठिए शराब नहीं पीने के लिए लोगों को प्रेरित कीजिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह करने से तरह-तरह की परेशानी होती है, बेटियों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है। किसी भी स्तर पर बाल विवाह मत करने दीजिए। हम सभी पुरुष, स्त्री यहां हैं। महिलाओं की देन है कि हमको ये जीवन मिला है इसलिए पुरुष-स्त्री समाज के दोनों अंग है, इन दोनों के वगैर समाज का विकास संभव नहीं। महिलाओं और लड़कियो के प्रति अच्छी भावना रखें, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे। बाल विवाह की शिकार लड़कियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है और जन्म लेने वाले बच्चे भी अस्वस्थ रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दहेज प्रथा और भी खराब है। कई जगह पर लोग शादी के बाद लड़की को तंग करते हैं कि और पैसे मिलने चाहिए। कानूनी रुप से दहेज लेना अपराध है। सभी लोगों से आग्रह है कि प्रचार कीजिए की दहेज प्रथा बहुत खराब काम है। हमने कहा था कि जिस कार्ड पर दहेज मुक्त लिखा होगा उसी शादी में हम जाएंगे, आज फिर इस बात को दुहराते हैं कि मेरा कितना भी कोई नजदीकी होगा, अगर कार्ड पर दहेज मुक्त शादी नहीं लिखा होगा तो हम उस शादी में नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने जीविका समूह को बनाया। वर्ष 2006 में मुजफ्फरपुर के 2-3 जगहों पर जाकर हमने इनके कार्यों को देखा था। स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाएं काम कर रही थीं। फिर हमने विदेश से कर्जा लेकर 50 ब्लॉक में इसको शुरु कराया। हमलोगों का 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य था। अब तो 10 लाख के लक्ष्य को भी पूरा कर लिया गया है। 1 करोड़ 27 लाख महिलाएं इससे जुड़ गई हैं। बिहार में ही जीविका नामकरण किया गया। उस समय की केंद्र सरकार ने पूरे देश में आजीविका के नाम से इसको शुरु किया। विकास के साथ-साथ समाज सुधार का अभियान भी चलता रहे। विकास के लिए तय किए गए कार्यों का क्रियान्वयन ठीक ढंग से हो, इसकी भी हम समीक्षा निरंतर करते हैं। सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के तहत कई कार्यक्रम चलाए गए हैं। समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतलब नहीं है। समाज सुधार के बिना विकास का कोई मतब नहीं है। विकास के साथ समाज सुधार होगा तो समाज, राज्य और देश आगे बढ़ेगा। आपलोगों से उम्मीद करता हूं कि आप अपने गांव, इलाकों में जाकर इस अभियान को चलाईयेगा। आपने हाथ उठाकर संकल्प भी लिया इस बात के लिए आपलोगों को हृदय से धन्यवाद। कार्यक्रम को मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सह पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुनील कुमार, गन्ना उद्योग एवं विधि मंत्री श्री प्रमोद कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेषक श्री एस0के0 सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के0के0 पाठक ने भी संबोधित किया। समाज सुधार अभियान की शुरुआत करने के पहले मुख्यमंत्री ने समाहरणालय के सामने स्थित बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने चित्र प्रदर्शनी, पूर्वी चंपारण हस्तकला केंद्र की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदीयों ने स्वागत गान गाया और कला जत्था के कलाकारों ने नशामुक्ति से संबंधित जागरुकता गीत को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत 4.5 करोड़ की राशि मुख्यमंत्री ने जीविका की दीदीयों को डमी चेक प्रदान कर किया। 7,252 स्वयं सहायता समूह को बैंकों द्वारा प्रदत 95 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि का डमी चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 20 जलाशयों के रखरखाव हेतु 21 लाख 29 हजार रूपये का डमी चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदीयों कृषि कार्य हेतु ट्रैक्टरों की चाभी जीविका दीदीयों को सौंपा। अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को तथा सड़क दुर्घटना के अंतर्गत मिलने वाली मुआवजे की राशि कुछ आश्रित परिवारों को सांकेतिक रुप से प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदीयों के साथ संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सतत् जीविकोपार्जन योजना की लाभार्थी श्रीमती शिव कुमारी देवी, बाल विवाह के दुष्परिणामों से सीख लेने वाली श्रीमती मीना देवी, शराबबंदी के लिए महत्वपूर्ण काम करने वाली श्रीमती सबिता देवी, दहेज प्रथा खत्म करने के खिलाफ श्रीमती लाडली खातून तथा सतत् जीविकोपार्जन की लाभार्थी श्रीमती उषा देवी ने अपने-अपने अनुभवों को साझा किया। सभी महिलाओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि हम सभी मुख्यमंत्री के आभारी हैं जिन्होंने हमलोगों के जीविकोपार्जन के साथ-साथ आत्म सम्मान, स्वावलंबन एवं दृढ़ इच्छाशक्ति को बढ़ाया है। शराबबंदी लागू होने से घर-परिवार में शांति आयी और परिवार का विकास हो रहा है। साइकिल और पोशाक योजना का लाभ सभी बच्चियों को मिल रहा है, जिससे उन्हें पढ़ाई करने में काफी सुविधा हो रही है। इस अवसर पर सांसद श्री सुनील कुमार, विधायक श्रीमती शालिनी मिश्रा, विधायक श्री प्रमोद कुमार कुशवाहा, विधान पार्षद श्री बिरेंद्र नारायण यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव शिक्षा श्री संजय कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अरविंद कुमार चैधरी, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, परिवहन सह आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव श्री अनुपम कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री बाला मुरुगन डी0, चंपारण क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री प्रणव कुमार प्रवीण, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पूर्वी चंपारण जिले के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक, पुलिस अधीक्षक श्री नवीन चंद्र झा सहित अन्य वरीय पदाधिकारी, जीविका दीदीयां एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मुख्यमंत्री ने पूर्वी चम्पारण एवं पष्चिम चम्पारण जिले के समाज सुधार अभियान की बैठक कर समीक्षा की Posted: 22 Dec 2021 07:40 AM PST मुख्यमंत्री ने पूर्वी चम्पारण एवं पष्चिम चम्पारण जिले के समाज सुधार अभियान की बैठक कर समीक्षा कीमुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय, पूर्वी चंपारण मोतिहारी के डॉ0 राधाकृष्णन भवन में आज समाज सुधार अभियान की समीक्षात्मक बैठक की गई। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से पष्चिम चम्पारण (बेतिया), पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) और पुलिस जिला बगहा में समाज सुधार अभियान की दिशा में की गई कार्रवाई के संबंध में अद्यतन स्थिति रखी गई। प्रेजेंटेशन के जरिये मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत वाहनों की नीलामी, उत्पाद एवं पुलिस के अधीन जब्त शराब का विनष्टीकरण, उत्पाद वादों की अद्यतन स्थिति आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन कार्यक्रमों से संबंधित प्रतिवेदन में बाल विवाह की स्थिति, दहेज प्रथा की स्थिति, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज कांडों की विवरणी, जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, अन्य हितधारकों का उन्मुखीकरण, गृह विभाग से संबंधित प्रतिवेदन के अंतर्गत भूमि विवाद का समाधान थाना/ अनुमंडल एवं जिला स्तर पर, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के वादों के निष्पादन की स्थिति, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के कांडों में मुआवजा के संवितरण की स्थिति, 1 जनवरी से 30 नवंबर 2021 तक लंबित पुलिस वादों का विवरण, सतत् जीविकोपार्जन योजना से संबंधित प्रतिवेदन, हर घर नल का जल योजना की स्थिति, मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना का प्रगति प्रतिवेदन, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान-2 के तहत निर्मित शौचालय संबंधित प्रतिवेदन, खरीफ विपणन मौसम 2021-22 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति का प्रतिवेदन, 2021 में बाढ़ के दौरान की गई कार्रवाई, कृषि इनपुट अनुदान से संबंधित स्थिति, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना का प्रतिवेदन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। समाज सुधार अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस तथा मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग द्वारा जब्त की गई शराब का विनष्टिकरण का कार्य अतिशीघ्र करें ताकि उसका कोई दुरुपयोग नहीं कर सके। शराब पीने वाले और शराब का व्यापार करने वालों पर विशेष निगरानी रखें। शराब का व्यापार करने वालों को पकड़े जाने पर अविलंब जेल भेजकर सख्त कानूनी कार्रवाई करें। लोगों के बीच अधिक से अधिक जागरुकता लाने की आवश्यकता है। कम उम्र में बच्चियों की शादी करने वालों पर नजर रखें और इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी और चैकीदारों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करें, ताकि लड़कियों के साथ अन्याय न हो। पंचायत चुनाव संपन्न हो चुका है, उसमें जो ट्रेनिंग दी जाएगी उस प्रशिक्षण में भी इसको शामिल करने की जरुरत है। पंचायती राज और नगर निकाय से जुड़े लोगों को भी यह जिम्मेवारी सौंपें ताकि बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर रोक लगायी जा सके। उन्होंने कहा कि सही मायने में यदि लोग दहेजमुक्त शादी में शामिल होने के लिए संकल्पित हो जाएंगे, तो इसका समाज में काफी गहरा प्रभाव पड़ेगा और यह कुप्रथा समाप्त हो जाएगी। कोरोना को देखते हुए शादी समारोह की अनुमति लेने के लिए जो फॉर्मेट तय किया गया है उसमें यह भी कॉलम जोड़ा जाए कि यह शादी दहेजमुक्त, बाल विवाह रहित औऱ नशामुक्त आयोजन होगी तभी अनुमति दें। कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका भी जतायी जा रही है, इसलिए सभी लोगों को सजग रहने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस0सी0-एस0टी0 कानून के तहत दर्ज होने वाले मामलों का निष्पादन ससमय किया जाए। पुलिस के काम को दो हिस्सों अनुसंधान एवं लॉ एंड ऑर्डर के रुप में बांटा गया है ताकि मामले लंबित न रहें, इस पर भी ध्यान देने की जरुरत है। पंचायत के हर वार्ड में हर घर नल का जल ठीक ढंग से पहुंचे, यह सुनिष्चित किया जाय। यदि जनप्रतिनिधि विकास कार्यों से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करेंगे एवं इलाके की समस्याओं से संबंधित विभागों को अवगत कराएंगे तो इससे लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसे समाज सुधार की दिशा में जो अभियान चला है, उसका विशेष रुप से ख्याल रखें। शराबबंदी से संबंधित जो भी लंबित मामले हैं उसका शीघ्र निपटारा करें। जीविका समूह निरंतर महिलाओं के बीच जागरुकता अभियान चलाते रहे। समीक्षा बैठक में पष्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण जिले के विधायक एवं विधान पार्षदगणों ने अपने-अपने इलाके की समस्याएं रखीं, जिसका शीघ्रताशीघ्र निष्पादन करने का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सह पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुनील कुमार, पथ निर्माण मंत्री एवं पष्चिम चम्पारण जिले के प्रभारी मंत्री श्री नितीन नवीन, पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, गन्ना उद्योग एवं विधि मंत्री श्री प्रमोद कुमार, पष्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण जिले के विधायक एवं विधान पार्षदगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त तिरहुत श्री मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पष्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक एवं बगहा के पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। बैठक की समाप्ति के पष्चात् पूर्वी चम्पारण जिले के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 07:33 AM PST
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| मगवाणी' की पहली वर्षगाँठ पर हुआ भव्य आयोजन ; देश विदेश में हो रही है प्रशंसा Posted: 22 Dec 2021 07:27 AM PST ---------------------------- सामाजिक संस्था मगवाणी ने अपनी पहली वर्षगाँठ एक भव्य वीडियो कार्यक्रम के माध्यम से मनाई । इस कार्यक्रम को देश विदेश के लाखों लोगों ने यूट्यूब व फेसबुक व व्हाटसअप के माध्यम से देखा और सराहा । 'मगवाणी' एक समाचार पटल है जो देश की लगभग तीन दर्जन शाकद्वीपीय संस्थाओं के सहयोग से सामाजिक जागरण का प्रयास करती है। इस पटल के माध्यम से देश-विदेश के शाकद्वीपीय परिवारों व शाकद्वीपीय संस्थाओं के प्रेरक व महत्वपूर्ण गतिविधियों को प्रसारित किया जाता है । इन प्रसारणों से प्रेरित 'शाकद्वीपीय समाज' अपने निजसशक्तिकरण से राष्ट्र के विकास में सहभागिता प्रदान करता है । गत 20 दिसम्बर को सम्पन्न मगवाणी वार्षिकोत्सव के आलोक में देश- विदेश से प्राप्त शुभकामना सन्देशों को इस सामाजिक पटल अर्थात मगवाणी ने शृंखलावद्ध तरीके से प्रसारित किया । शुभकामना संदेश देने वाली महत्वपूर्ण विभूतियों में अयोध्यानरेश बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, दिल्ली के स्पेशल पुलिस कमिश्नर श्री दीपेंद्र पाठक, सीमा सुरक्षा बल के पूर्व महानिदेशक श्री देवेंद्र पाठक, लक्षद्वीप के कृषि व मत्स्यपालन सेक्रेटरी श्री ओम प्रकाश मिश्र, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पूर्व आई. ए. एस. अधिकारी वैदेही शरण मिश्र,भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ पी. एस. पाण्डेय, उद्योगपति श्री सुरेश प्रसाद मिश्र, दैनिक हिंदुस्तान राँची के एसोसिएट एडिटर चंदन मिश्र, प्रख्यात साहित्यकार डॉ मदन मोहन तरुण, वेटरन जॉर्नलिस्ट प्रोफेसर सिद्धार्थ मिश्र, काशी विश्वनाथ न्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर नागेन्द्र पाण्डेय , शिक्षाविद श्री प्रदीप मिश्र, भाजपा महिला मोर्चा बिहार की सोशल मीडिया प्रभारी श्रीमती प्रीति पाठक , प्रख्यात ज्योतिर्विद पं विजयानन्द सरस्वती , बिमला हरिहर ग्रुप, राँची के संस्थापक निदेशक डॉ हरिहर प्रसाद पाण्डेय ,पटना विश्वविद्यालय के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा ऋषि , प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक डॉ चंद्र भूषण मिश्र एवं दैनिक सन्मार्ग के पूर्व सम्पादक श्री ज्ञानवर्धन मिश्र इत्यादि के नाम शामिल हैं । वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए मगवाणी संयोजक श्री विवेकानन्द मिश्र ने दिल्ली से बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत नागपुर में रहने वाली मगवाणी प्रवाचिका श्रीमती श्रुति मिश्रा द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुई । इसके बाद देश की लगभग दो दर्जन शाकद्वीपीय संस्थाओं के अध्यक्षो के साथ-साथ मगवाणी के कई प्रान्त प्रतिनिधियों , जिला प्रतिनिधियों व प्रसार प्रतिनिधियों के वीडियो संदेशों का प्रसारण हुआ । बिहार की बेटी काव्या मिश्रा द्वारा प्रस्तुत नृत्य एवं जहानाबाद के श्री राजेश मिश्र व उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत 'मगोपाख्यान गायन' भी आकर्षण के केंद्र रहे । सभी तेरह प्रवाचक- प्रवाचिकाओं ने मगवाणी द्वारा प्रदत्त उपहारों व प्रशास्तिपत्रों को हाथ मे लेकर अपने आभार ज्ञापन भी प्रस्तुत किये। इसके बाद मगवाणी उपसमन्वयक श्री महेंद्र पाण्डेय व समन्वयक डॉ भारती भोजक ने अपने विचार व्यक्त किये ।सबसे अंत मे मगवाणी संयोजक श्री विवेकानंद मिश्र ने अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य में मगवाणी के समस्त प्रयासों की प्रसंगिकता तथा मगवाणी प्रसारण से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डालते हुए आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया । कार्यक्रम का संचालन दिल्ली से डॉ नारायण दत्त मिश्र, पटना से श्रीमती अनुपमा मिश्रा तथा जोधपुर से श्री दीन दयाल शर्मा ने किया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 07:03 AM PST भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय महासचिव ने भारतीय दंड संहिता के तहत पूर्व मुख्यमंत्री पर किया देशद्रोह एवं मानहानि का मुकदमा |भारतीय जन क्रान्ति दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता लक्ष्मण पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ राकेश दत्त मिश्र ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर भारतीय दंड संहिता या इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 124-A राजद्रोह का मुकदमा किया है क्योकि पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार की समाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास किया है | उनके उपर हमने धारा 153ए (बी) के तहत भी मुकदमा किया है जिसके अंतर्गत ऐसे कृत्य पर दंडित करता है 'जो विभिन्न धार्मिक, नस्लीय, भाषीय या क्षेत्रीय समूहों या जातियों या समुदायों के बीच सद्भाव के खिलाफ है, और जिनसे सार्वजनिक शांति भंग होती हो या भंग होने की संभावना पैदा होती हो। हमने उनके उपर आईपीसी की धारा 295A का भी प्रयोग किया है जिसके अंतर्गत जो कोई भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान, उच्चारित या लिखित शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा या दृश्यरूपणों द्वारा या अन्यथा करेगा या करने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष है| हमने उनपर भारतीय दंड संहिता की धारा 298 के अनुसार भी मुकदमा किया क्योकि उन्हों ने सम्पूर्ण ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के सविचार आशय से उसकी श्रवणगोचरता में ही "हरामी| शब्द उच्चारित किया था तथा श्री मांझी ने जानबूझ कर ब्राह्मण समाज की छवि को नुकसान पहुचाने का कार्य किया है इसलिए उनपर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 के तहत मानहानि का मुकदमा किया गया है| हमारी अदालत में सुनवाई २४ दिसंबर को है और हमें पूर्ण विश्वास है कि हमें अदालत से न्याय मिलेगा | हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 06:26 AM PST
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| महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक प्रयास Posted: 22 Dec 2021 06:23 AM PST महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक प्रयास(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) वर्तमान केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया। इसके दृष्टिगत सामाजिक जागरूकता के साथ ही महिला स्वावलंबन संबधी अनेक योजनाओं को लागू किया गया। इन सभी के सकारात्मक परिणाम हुए हैं। नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का शुभारंभ किया था। इसके व्यापक आयाम थे। इसमें बेटियों के प्रति सामाजिक चेतना को जागृत करने का विचार समाहित था। इसके साथ ही उनकी शिक्षा को भी महत्व दिया गया। एक सर्वे में यह तथ्य उजागर हुआ कि बेसिक स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। बड़ी संख्या में बालिकाएं स्कूल जाना भी बन्द कर देती है। मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत योजना लागू की। इसके अंतर्गत स्कूलों में शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी गई। कहने को यह बात सामान्य लग सकती है लेकिन इसने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को गति प्रदान की। प्रयागराज के महिला स्वावलंबन समारोह में अनेक तथ्य उजागर हुए। विगत कुछ वर्षों में महिला सम्मान व स्वावलंबन संबधी अनेक उल्लेखनीय कार्य किये गए। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति योजना लागू की। इसके माध्यम से समाज में जागरूकता का सन्देश दिया गया। महिला सम्मान व स्वावलंबन में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यह कार्य केवल सरकार के द्वारा नहीं हो सकता। समाज की चेतना अपरिहार्य होती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से देश की चेतना को जगाने का प्रयास किया गया। इससे अनेक राज्यों में बेटियों की संख्या में बहुत वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवदुर्गा पर मिशन शक्ति के प्रथम चरण का शुभारंभ किया था। वस्तुतः इस दिवस का चयन अपने आप में बड़ा सन्देश देने वाला था। महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकार अपने स्तर से प्रयास कर रही है लेकिन समाज का भी दायित्व कम नहीं है। यह विचार अन्यत्र से लेने की आवश्यकता ही नहीं है। भारतीय संस्कृति में इसका सर्वश्रेष्ठ उल्लेख है। इस पर अमल की आवश्यकता है। योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के दूसरे चरण का शुभारंभ महिला दिवस के अवसर पर किया था। उन्होंने इस अवसर पर शास्त्रों की सूक्ति का उल्लेख किया- नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रपा।। माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है। माता के समान कोई रक्षक नहीं है, माता के समान कोई प्रिय नहीं है और इस विश्व में माता के समान कोई जीवनदाता नहीं है। नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन एक साथ जुड़ेंगे तो नारी सशक्तिकरण का लक्ष्य स्वतः ही प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं सर्वांगीण उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सभी लोगों को मिशन शक्ति के उद्देश्यों की सफलता हेतु सहभागी बनना चाहिए। देश और समाज की प्रगति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। भारतीय इतिहास में अनेक महिलाओं के संदर्भ मिलते हैं जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से उपलब्धियों के उच्चतम आयाम स्थापित किए। वर्तमान समय में भी महिलाएं अपने विशिष्ट कार्यों से समाज को राह दिखा रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं तथा बालिकाओं की सर्वांगीण प्रगति के लिए कृत संकल्पित है। इस उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र में मिशन शक्ति अभियान शुरू किया था। नारी शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा के अनुष्ठान का कार्यक्रम हम वर्ष में दो बार करते हैं। दोनों अवसरों पर नारी शक्ति व उसकी महिमा के बारे में अवगत होते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में बीस प्रतिशत महिलाओ की भर्ती हुई है। तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। उत्तर प्रदेश के बजट में कुपोषण योजना को जोड़ा गया था। योजना के तहत कुपोषित परिवार को इलाज के लिए धनराशि एवं अगर उसके पास जगह है तो एक गाय और नौ सौ रुपये प्रति माह दिया जाएगा। महिला स्वावलंबन संबधी सुमंगला योजना का शुभारंभ भी योगी आदित्यनाथ ने किया था। अपने ढंग की यह अभिनव योजना है। इसमें बेटियों को शिक्षित व स्वावलंबी बनाने का उद्देश्य निर्धारित किया गया। इसके अलावा वीमेन पावर लाइन पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए इनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में एक लाख साठ हजार महिला स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते में एक हजार करोड़ रुपये की धनराशि का अन्तरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की एक लाख से अधिक नवीन लाभार्थियों के खाते में बीस करोड़ रुपये की धनराशि का अन्तरण भी किया। उन्होंने बैंकिंग काॅरेस्पाॅण्डेंट सखी बी सी सखी,महिला स्वयं सहायता से जुड़ी बहनों तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बेटियों से संवाद किया। बैंकिंग काॅरेस्पाॅण्डेंट सखी बैंक को गांव तक ले आयी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन पर पचहत्तर हजार करोड़ रुपये के लेन देन की जिम्मेदारी सौंपी है। यह बहन-बेटियां गांव में पचहत्तर हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं। पहले जिन बहन बेटियों के अपने बैंक खाते भी नहीं थे। आज उनके पास डिजिटल बैंकिंग की ताकत है। उत्तर प्रदेश में टेक होम राशन जच्चा बच्चा को देने की तैयारी महिलाओं को सौंपी गयी है। यह राशन अब सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं स्वयं बनाएंगी। यह वार्षिक हजारों करोड़ रुपये का कार्य है। प्रयागराज में दो सौ से अधिक ऐसे संयंत्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना में गर्भावस्था के समय पांच हजार रुपये महिलाओं के खाते में जमा किये जाते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के अन्तर्गत ढाई करोड़ बेटियों के खाते खोले गये। यह धनराशि बड़े होने पर उनके सपनों को पूरा कर सके, इसके लिए इस पर ब्याज दर भी ऊँची रखी गयी। उज्ज्वला योजना में रसोई गैस कनेक्शन, नल से जल की उपलब्धता से महिलाओं के जीवन में सुविधा में वृद्धि के साथ ही गरिमा में भी बढ़ोत्तरी हुई है। आयुष्मान भारत योजना से सर्वाधिक लाभ महिलाओं को हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास प्राथमिकता पर महिलाओं के नाम पर बनाये गये हैं। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों की संख्या में आवास बनाये गये हैं। इनमें से अधिकतर आवास महिलाओं के नाम पर हैं। केन्द्र सरकार की स्वामित्व योजना के अन्तर्गत देश भर में घरों के मालिकों को उसके कागजात घरौनी दी जा रही है। कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार सर्वे कराकर घरौनी दिये जाने का कार्य पूरा कर लेगी। इसमें घर की महिलाओं, माताओं का नाम होगा। मुद्रा योजना के अन्तर्गत गांव में गरीब परिवारों की नयी महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत दिये गये ऋण में से सत्तर प्रतिशत महिलाओं को प्रदान किये गये हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना के जरिये भी बहनों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत वर्तमान केंद्र सरकार के पहले पांच वर्ष में जितनी सहायता दी गयी,उससे तेरह गुना बढ़ोत्तरी विगत सात वर्षों में हुई है। पहले स्वयं सहायता समूहों को दस लाख रुपये का ऋण बिना गारण्टी के उपलब्ध कराया जाता था, अब इसका दोगुना बीस लाख रुपये दिया जा रहा है। मुस्लिम बहनों को उत्पीड़न और शोषण से बचाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मातृ वन्दना योजना, मिशन इन्द्रधनुष, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना आदि के माध्यम से देश में महिलाओं को अधिकार सम्पन्न बनाया जा रहा है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| स्वर्ण मंदिर में बेअदबी चिंताजनक Posted: 22 Dec 2021 06:20 AM PST स्वर्ण मंदिर में बेअदबी चिंताजनक(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) पंजाब में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला चिंता का विषय बनता जा रहा है। समझ में नहीं आता कि जिन दो युवकों की कथित तौर पर अपवित्रता के लिए हत्या कर दी गयी, उनके इरादे क्या थे? सरसरे तौर पर तो लगता है कि उन युवकों से कोई भूल हो गयी और वे यह नहीं जानते थे कि स्वर्ण मंदिर के उस हिस्से में नहीं जाना चाहिए। उन युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी तो यह माॅब लिंचिंग की एक और कुप्रथा सामने आयी है। इसकी धमक लंदन तक पहुंची। वहां की एक सांसद ने जिस प्रकार प्रतिक्रिया जतायी, उसे भी किसी प्रकार से स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह हमारे देश के मामले में सीधा हस्तक्षेप है। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने इसका कडे़ शब्दों में प्रतिवाद किया और कहा कि भारतीय उच्चायोग इस बात से चिंतित है कि एक विदेशी सांसद ने सद्भाव और शांति बिगाड़ने वाली टिप्पणी की है। हालांकि पंजाब में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ने से भी चिंता उत्पन्न हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने तो अपनी ही सरकार को इस मामले पर चेतावनी दे दी है। मुख्यमंत्री चरण जीत सिंह चन्नी के हाल ही में हुए कथित बेअदबी के दोनों मामलों की जांच कराने की प्रक्रियसाा शुरू कर दी है। सरकार के बेअदबी पर उम्र कैद की सजा का कानून बनाने की मांग राष्ट्रपति से की है। ब्रिटेन की पहली सिख महिला सांसद प्रीत कौर गिल को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने के संबंध में किए गए ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सांसद ने अपने ट्वीट को हटा दिया। गिल ने ट्वीट में स्वर्ण मंदिर में व्यक्ति की हत्या के पीछे एक 'हिंदू आतंकवादी' का हाथ होने की ओर इशारा किया था। कथित तौर पर 'अपवित्रता' के लिए पीट-पीटकर मार डाला गया व्यक्ति आंतरिक गर्भगृह में घुस गया था, जहां पर गुरु ग्रंथ साहिब रखा गया था। इस व्यक्ति को वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पकड़ लिया और फिर पीट-पीटकर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई। ब्रिटिश आव्रजन अधिवक्ता हरजाप भंगल स्वर्ण मंदिर में हुई कथित बेअदबी की घटना संबंधी वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। लेबर पार्टी की सांसद प्रीत कौर गिल ने उनके इस संदेश पर सहमति जतायी कि यह स्पष्ट रूप से एक आतंकी घटना थी। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा, 'भारतीय उच्चायोग भारतीय कानून प्रवर्तन प्राधिकरण द्वारा जांच या टिप्पणी या उनकी खोज की घोषणा करने से पहले ही भारत में हुए अपराध के बारे में ब्रिटिश संसद के एक सदस्य द्वारा सार्वजनिक टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है।' प्रवक्ता ने कहा, 'भारतीय उच्चायोग इस बात से चिंतित है कि एक विदेशी सांसद की इस तरह की टिप्पणी से ब्रिटिश भारतीय समुदाय में अंतर-सांप्रदायिक सद्भाव और शांति पर असर पड़ सकता है।' हाल ही में पंजाब में दो 'बेअदबी' के मामले सामने आए हैं, जिसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में भी बयानों का सिलसिला जारी है। साथ ही पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और कपूरथला के एक गुरुद्वारे में कथित बेअदबी को लेकर दो लोगों की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को अलर्ट जारी किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इन मामलों की निंदा की है। बेअदबी के मामलों से पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था फिर से खबरों में हैं। ऐसे में सवाल है कि बेअदबी का घटनाएं क्या हैं और सिख धर्म के लिए इसके क्या मायने हैं। साथ ही जानते हैं 'बेअदबी' से जुड़ी हर एक बात, जिनकी वजह से पंजाब पूरे देश में खबरों में हैं। हाल ही में निजामपुर गांव में एक गुरुद्वारे में 'निशान साहिब' (सिख धार्मिक ध्वज) का अनादर करने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी गई। ग्रामीणों और सिख संगठनों के सदस्य उस व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ भिड़ गए, जिसमें एक एसएचओ समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इससे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित तौर पर बेअदबी का प्रयास करने वाले उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति की गुस्साई भीड़ ने पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बेअदबी का मतलब किसी भी धार्मिक वस्तु के साथ छेड़छाड़ करना या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना। सिख धर्म में धार्मिक वस्तुएं जैसे गुरु ग्रंथ साहिब, निशान साहिब समेत पगड़ी, कृपाण या धार्मिक चीजों का असम्मान, उनके साथ छेड़छोड़ या उन्हे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना बेअदबी कहा जाता है। दरअसल, सिख धर्म में आखिरी गुरू गुरू गोविंद सिंह के बाद गुरू ग्रंथ साहिब को ही जीवित गुरू माना गया है और इसलिए इससे संबंधित हर चीज पवित्र है। अब इससे जुड़ी हर चीज का असम्मान बेअदबी माना जाता है और इससे सबसे बड़ा अपराध माना जाता है। इस अपराध के लिए किसी को भी क्षमा नहीं है। कहा जाता है सिखों के सातवें गुरु- गुरु हरराय ने अपने बेटे राम राय का ही बहिष्कार कर दिया था, जो कि अपने पिता के उत्तराधिकारी बनने के दावेदार थे। इसकी वजह यह थी कि राम राय ने मुगल शासक औरंगजेब को खुश करने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब के कुछ वाक्यों से छेड़छाड़ कर उसके शब्द बदल दिए थे। बेअदबी के मामलों को लेकर 2015 में एक बिल पास किया गया था, जिसमें एक धारा जोड़कर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने पर आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया था। इसमें संशोधन भी किए गए और 2018 में कांग्रेस सरकार ने भी विधेयक पास किया, जिसमें आजीवन कारावास की बात कही गई है। हालांकि, अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और कपूरथला के एक गुरुद्वारे में कथित बेअदबी को लेकर दो लोगों की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पंजाब के तमाम धार्मिक स्थलों, डेरों, मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय ने अलर्ट किया है कि पंजाब में धार्मिक भावनाओं को भड़काने की नापाक योजना "देश विरोधी" तत्वों द्वारा की जा रही है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े थे चैधरी जन्मदिन (23 दिसम्बर) पर विशेष (फीचर) Posted: 22 Dec 2021 06:17 AM PST जन्मदिन (23 दिसम्बर) पर विशेष (फीचर) भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े थे चैधरी(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) देश के पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह की गिनती हमेशा एक ईमानदार राजनेता के तौर पर की जाती है। उन्होंने जीवन पर्यन्त किसानों की सेवा को ही अपना धर्म माना और अपने अंतिम समय तक देश के गांव में रहने वाले किसानों, गरीबों, दलितो, पीड़ितों की सेवा में ही पूरी जिंदगी गुजारी। चैधरी चरण सिंह ने हमेशा यह साबित करने की कोशिश की थी कि किसानों को खुशहाल किए बिना देश का विकास नहीं हो सकता। उनकी नीति किसानों व गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की थी। उन्होने किसानों की खुशहाली के लिए खेती पर बल दिया था। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके इसके लिए भी वो बहुत गंभीर रहते थे। उनका कहना था कि भारत का सम्पूर्ण विकास तभी होगा जब किसान, मजदूर, गरीब सभी खुशहाल होंगे। चैधरी चरण सिंह जाति प्रथा के कट्टर खिलाफ थे। चरण सिंह खुद एक छोटे से गांव में एक किसान के घर जन्मे थे। बचपन से ही उन्होंने गांव के किसानों, गरीबों के दुखः दर्द को नजदीकी से देखा जाना था। इसलिये उन्हें उनकी समस्याओं का बखूबी अहसास था। उनको जब कभी कहीं मौका मिलता वे गांव के किसानों की सेवा करने से नहीं चूकते थे। उनके दिल में हमेशा गांव के किसान ही बसे रहते थे। चैधरी चरण सिंह जीवन पर्यन्त गांधी टोपी धारण कर महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी बने रहे। चैधरी चरण सिंह कहते थे कि देश की समृद्धि का रास्ता गांवों के खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है। जिस देश के लोग भ्रष्ट होंगे वो देश कभी तरक्की नहीं कर सकता। इसीलिये देश के लोगो का आज भी मानना है कि चैधरी चरण सिंह एक व्यक्ति नहीं विचारधारा थे। चैधरी चरण सिंह एक कुशल लेखक भी थे। उनका अंग्रेजी भाषा पर अच्छा अधिकार था। उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन भी किया। 29 मई 1987 को 84 वर्ष की उम्र में जब उनका देहान्त हुआ तो देश के किसानो ने सरकार में पैरवी करने वाला अपना नेता खो दिया था। लोगों का मानना था कि चरण सिंह से राजनीतिक गलतियां हो सकती हैं लेकिन चारित्रिक रूप से उन्होंने कभी कोई गलती नहीं की। इतिहास में उनका नाम प्रधानमंत्री से ज्यादा एक किसान नेता के रूप में जाना जाता है। चैधरी चरण सिंह ने ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे पहले आवाज बुलन्द करते हुये आह्वान किया था कि भ्रष्टाचार का अन्त ही देश को आगे ले जा सकता है। चैधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसम्बर,1902 को गाजियाबाद जिले के नूरपुर गांव के चैधरी मीर सिंह के घर हुआ था। बाद में उनका परिवार नूरपुर से जानी खुर्द गांव आकर बस गया था। 1928 में चैधरी चरण सिंह ने आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा लेकर गाजियाबाद में वकालत प्रारम्भ की। 1930 में महात्मा गांधी द्वारा नमक कानून तोडने के समर्थन में चरण सिंह ने हिण्डन नदी पर नमक बनाया जिस पर उन्हे 6 माह जेल की सजा हुई। 1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में भी चरण सिंह गिरफ्तार किये गये। 1942 में अगस्त क्रांति के माहौल में चरण सिंह को गिरफ्तार कर डेढ़ वर्ष की सजा हुई। जेल में ही चैधरी चरण सिंह की लिखित पुस्तक शिष्टाचार भारतीय समाज में शिष्टाचार के नियमों का एक बहुमूल्य दस्तावेज है। चैधरी चरण सिंह को 1951 में उत्तर प्रदेश सरकार में न्याय एवं सूचना विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 1952 में डॉक्टर सम्पूर्णानंद के मुख्यमंत्रित्व काल में उन्हें राजस्व तथा कृषि विभाग का दायित्व मिला। एक जुलाई 1952 को उत्तर प्रदेश में उनके बदौलत जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को खेती करने के अधिकार मिले। 1954 में उन्होने किसानों के हित में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित कराया। चरण सिंह स्वभाव से भी कृषक थे तथा कृषक हितों के लिए अनवरत प्रयास करते रहे। 1960 में चंद्रभानु गुप्ता की सरकार में उन्हें गृह तथा कृषि मंत्री बनाया गया। उत्तर प्रदेश के किसान चरण सिंह को अपना रहनुमा मानते थे। उन्होंने कृषकों के कल्याण के लिए काफी कार्य किए। लोगों के लिए वो एक राजनीतिज्ञ से ज्यादा सामाजिक कार्यकर्ता थे। उनके भाषण को सुनने के लिये उनकी जनसभाओं में भारी भीड़ जुटा करती थी। किसानो में चैधरी साहब के नाम से मशहूर चैधरी चरण सिंह 3 अप्रैल 1967 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। तब 1967 में पूरे देश में साम्प्रदायिक दंगे होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में कहीं पत्ता भी नहीं हिल पाया था। 17 फरवरी 1970 को वे दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। अपने सिद्धांतों से उन्होने कभी समझौता नहीं किया। 1977 में चुनाव के बाद जब केन्द्र में जनता पार्टी सत्ता में आई तो मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और चरण सिंह को देश का गृह मंत्री बनाया गया। केन्द्र में गृहमंत्री बनने पर उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की। 1979 में वे उप प्रधानमंत्री बने। बाद में मोरारजी देसाई और चरण सिंह के मतभेद हो गये। 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक चैधरी चरण सिंह समाजवादी पार्टियों तथा कांग्रेस के सहयोग से भारत के पांचवें प्रधानमंत्री बने। आज देश के किसान कर्ज में डूबे हुये हैं। उनको उनकी उपज का पूरा दाम नहीं मिल पाता है। अपनी खराब आर्थिक स्थिति के चलते देश में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहें हैं। केन्द्र व राज्य सरकारें भी किसानो के भले की योजनायें बना पाने में नाकाम रही है। चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियां किसानो को झांसा देकर उनके वोट बटोर लेती है। फिर किसी का ध्यान किसानो की समस्याओं के समाधान करने की तरफ नहीं जाता है। ऐसे में आज देश के किसानो को चैधरी चरणसिंह जैसे सच्चे किसान हितैषी नेता की जरूरत है। जो उनके हक में खड़ा होकर किसानो की आवाज बुलन्द कर सके व उनका वाजिब हक दिला सके। चैधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में एक बड़े नेता थे। मगर इंदिरा गांधी के सहयोग से कुछ समय के लिये देश के प्रधानमंत्री बन कर उन्होने देश में पहली बार कांग्रेस के खिलाफ बने एक मजबूत गठबंधन को तोड़ा था। उससे उनकी प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात पहुंचा था। अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने 2001 में हर वर्ष 23 दिसम्बर को चैधरी चरण सिंह की जयंती को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाने की जो परम्परा शुरू की थी उससे जरूर उनको साल में एक दिन याद किया जाने लगा है। आज देश में किसानो का आंदोलन चरम पर है। ऐसे समय में चैधरी चरणसिंह जैसे देश के बड़े किसान नेता की याद आना स्वाभावित ही है। मौजूदा समय में चैधरी चरणसिंह जैसा नेता होता तो किसानो को उनका वाजिब हक मिलने से कोई नहीं रोक सकता था। चैधरी चरण सिंह जैसे किसानो के बड़े नेता द्धारा किसानो के हित में किये गये कायों को देखते हुये वर्षो पूर्व ही उनको भारत रत्न सम्मान मिलना चाहिये था। मगर सरकारों की अनदेखी के चलते अभी तक उनको उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। नरेन्द्र मोदी सरकार को चैधरी चरण सिंह जैसे सच्चे बड़े व सच्चें किसान नेता को भारत रत्न प्रदान कर सच्ची श्रृद्धांजलि अर्पित करनी चाहिये। इससे देश के करोड़ों किसानों के साथ ही सरकार का भी सम्मान बढ़ेगा। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| उत्तराखण्ड में चतुष्कोणिक संघर्ष Posted: 22 Dec 2021 06:11 AM PST उत्तराखण्ड में चतुष्कोणिक संघर्ष(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) देवभूमि उत्तराखण्ड में एक तरफ शीत लहरी है तो दूसरी तरफ चुनावी पारा चढ़ा हुआ है। इस बार वहां चार दलों में चुनावी टक्कर मानी जा रही है। तीन प्रमुख दल वहां पहले से थे। कांग्रेस, भाजपा और उत्तराखण्ड क्रांति दल (उक्रांद)। इस बार आम आदमी पार्टी (आप) ने भी जोरदार एंट्री की है। सभी दलों का टारगेट सैनिक सम्मान की ढाल लेकर चल रहा है और सभी अपने को आस्तिक बता रहे हैं। कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तो केदारनाथ की गुफाओं के विकास का श्रेय भी अपनी पार्टी को दिया है। भाजपा की कमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाल रखी है। शहीद जनरल रावत के नगर से कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया तो जेपी नड्डा श्री गढ़वाल से ही चुनावी शंखनाद 26 दिसम्बर को करेंगे। इस बीच उत्तराखण्ड क्रांति दल ने अपना चुनाव घोषणा पत्र भी जारी कर दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी कहते हैं 'भाजपा चैंकाने वाली पार्टी है। आप बस इंतजार कीजिए, हम परंपरा तोड़कर नया इतिहास रचेंगे और भाजपा फिर सत्ता में आएगी।' उत्तराखंड में यूं तो मुकाबला हमेशा कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा है, लेकिन इस बार अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी चुनाव मैदान में है। मार्च 2021 में त्रिवेंद्र रावत को कुर्सी से हटाकर तीरथ सिंह रावत को लाया गया। विवादास्पद बयानों और कुंभ कोविड टेस्टिंग घोटाले के सामने आने के बाद चार महीने से भी कम वक्त में तीरथ रावत की विदाई हुई और युवा पुष्कर धामी को बीजेपी मुख्यमंत्री के तौर पर लाई। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस को फिर मौके का विश्वास दिया और पार्टी कमर कसकर तैयार हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने न केवल चुनाव अभियान की कमान संभाली बल्कि अपने खेमे के गणेश गोदियाल की कुर्सी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सुरक्षित करवाई। कांग्रेस ने विपक्षी भाजपा के भीतर उठापटक में भी कामयाबी पाई और कैबिनेट मंत्री व प्रमुख दलित नेता यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे को भी अपने पाले में कर लिया। कुल मिलाकर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो चुका है। कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण जरूर है। हालांकि यहां पार्टी ने मुख्यमंत्री के लिए कोई चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया है, लेकिन हरीश रावत को ही बड़ा दावेदार माना जा रहा है। रावत खुद 'दलित सीएम' का बयान देकर यशपाल आर्या को भी दावेदार की दौड़ में ला चुके हैं, तो अब दोनों के बीच सवाल तो खड़ा हो ही गया है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी हैं। आप का दावा भी कुछ खास है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है, 'उत्तराखंड भाजपा और कांग्रेस से तंग आ चुका है। यहां पर 2002 से 2012 के बीच वोट शेयरिंग के आंकड़े देखे जाएं तो भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर मामूली रहा। 2017 में यह अंतर बढ़ा जब 70 में से 57 सीटें जीतने वाली भाजपा को 47 फीसदी वोट शेयर मिला और कांग्रेस को 33 फीसदी। माना जाता है कि बसपा, यूकेडी और दूसरी पार्टियों का वोट शेयर बीजेपी को चला गया लेकिन अब आप के होने से कम से कम 10 फीसद वोट तो छिन जाएंगे। भाजपा के लिए 2017 जितना आसान तो यह रण नहीं है।' बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एक हफ्ते के अंतराल के बाद इसीलिए एक बार फिर उत्तराखंड आएंगे और संगठन का डिटेल एनालिसिस करेंगे। नड्डा 18 दिसंबर को उत्तराखंड दौरे पर थे। यहां नड्डा ने हरिद्वार में विजय संकल्प यात्रा की शुरुआत की थी। अब एक बार फिर 26 दिसंबर को नड्डा एक दिन के दौरे पर देहरादून आ रहे हैं। ये दौरा पूरी तरह से संगठन की गतिविधियों से जुड़ा होगा। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के टिकट वितरण की कवायद के लिए इस दिन नड्डा गढ़वाल मंडल की एक-एक विधानसभा सीट का एनालिसिस करेंगे। गढ़वाल मंडल में विधानसभा की 41 सीटें पड़ती हैं। पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार के अनुसार जेपी नड्डा जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, विस्तारक और हाल में विधानसभाओं में दूसरे राज्यों से तैनात किए गए पार्टी वर्कर्स के साथ विधानसभावार अलग-अलग मीटिंग करेंगे। इसका मतलब यह है कि एक विधानसभा से कुल छह लोग एक समय में इस मीटिंग में शामिल होंगे। पार्टी के ये छह डेडिकेटेड पदाधिकारी वो लोग हैं, जो पिछले एक से तीन महीनों से चुनावी लिहाज से विधानसभाओं में मोर्चा संभाले हुए हैं। गढ़वाल मंडल के बाद ऐसी ही मीटिंग कुमाऊं मंडल में भी आयोजित करने का प्रोगाम है। मकसद साफ है कि इन मीटिंगों के जरिए नड्डा सीधे हर विधानसभा की ग्राउंड रिपोर्ट लेना चाहते हैं। ये रिपोर्ट टिकट वितरण से लेकर पार्टी की आगे की रणनीति भी तय करने वाली है। गढ़वाल मंडल के बाद ऐसी ही मीटिंग नड्डा कुमाऊं मंडल में भी करेंगे और वहां की 29 सीटों का एनालिसिस भी इसी तर्ज पर किया जाएगा। उत्तराखंड क्रांति दल ने (उक्रांद) अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणापत्र में गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने का वादा यूकेडी ने एक बार फिर जनता से किया है। वहीं उत्तराखंड 2022 में सत्ता में आते ही जनता को फ्री बिजली और पानी देने का वादा भी किया है। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी रोडमैप बनाया गया है। हेल्थ और एजुकेशन के सेक्टर में जहां प्राइवेटाइजेशन के विरोध में यूकेडी हैं, वहीं राज्य के 30 फीसद स्टूडेंट्स को निशुल्क शिक्षा देने का भी वादा घोषणा पत्र में किया गया है। हालांकि यूकेडी अध्यक्ष कहते हैं कि नए वादे नहीं बल्कि पहाड़ की जनता के जो मुद्दे आजतक पूरे नहीं हुए उन्हें ही पूरा करने का काम यूकेडी करेगी। उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष काशीसिंह ऐरी ने कहा कि पिछले पांच साल भाजपा सरकार ने मौज मस्ती में काट दिये। सरकार में अनुभवहीनता, दिशाहीनता और अहंकार भरा दम्भ दिखाई दिया। जहां प्रचंड बहुमत से सरकार को जनहित के काम करने थे, वहीं सरकार ने अहंकार से भरे होने के कारण जनता की भावनाओं और हितों पर कुठाराघात किया। जनता की मूलभूत आवश्यकतओं की घोर अनदेखी, अवहेलना की है। एक के बाद एक गलत निर्णय लिये गये और अब चुनावों में हार के डर से वे निर्णय वापस लिये जा रहे हैं। काशीसिंह ऐरी कहते हैं कि बिना व्यापक विचार विमर्श व आम राय के जिला विकास प्राधिकरण, गैरसैण कमिश्नरी बनाना, भारी विरोध के बाद भी देबस्थानम बोर्ड बनाना और भूकानून बदलना ये सभी कार्य जन विरोधी तो थे ही साथ ही इसमें करोड़ों रुपये खर्च हुए। बहुमूल्य पांच वर्ष बर्बाद किए गए और अंत में सभी वापस लेने पड़े हैं। ऐरी ने कहा कि इस सरकार का सबसे घातक कार्य उत्तराखंड के भूकानून में बदलाव करना था, जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। उत्तराखंड की वेश कीमती जमीनों को धनाढ्य लोगों के हाथ बेचने का कुचक्र इस भाजपा सरकार ने रचा है वह अभी भी बदस्तूर जारी है। जनता का भारी विरोध होने के बाबजूद बाहरी धनाढ्य लोगों को भूमि बेचने की खुली छूट जारी रखना उत्तराखंड के हितों पर कुठाराघात करना है। इस प्रकार 2022 के विधानसभा चुनाव में उक्रांद भी मजबूती से डटा है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब 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| चीन में मिला डायनासोर के अंडे का भ्रूण Posted: 22 Dec 2021 06:09 AM PST चीन में मिला डायनासोर के अंडे का भ्रूणबीजिंग। दक्षिण चीन में वैज्ञानिकों को एक दुर्लभ प्रजाति के डायनासोर के अंडे का जीवाश्म मिला है। अंडे के भीतर बेहद अच्छी तरह से संरक्षित एक डायनासोर भ्रूण भी है। माना जा रहा है कि यह अंडा 66-72 मिलियन (7 करोड़ 20 लाख) साल पुराना है। इस भ्रूण को बेबी यिंगलियांग नाम दिया गया है। यह जियांग्शी प्रांत के गांझोउ शहर में शाहे औद्योगिक पार्क में 'हेकोउ फॉर्मेशन' की चट्टानों में पाया गया था। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के जीवाश्म विज्ञानियों ने कहा कि यह भ्रूण ओविराप्टोरोसॉर प्रजाति से संबंधित है, जिसके दांत नहीं थे और चोंच थी। ओविराप्टोरोसॉर पंखों वाले डायनासोर थे, जो एशिया और उत्तरी अमेरिका की चट्टानों में पाए जाते हैं। इसकी चोंच और शरीर का आकार अलग-अलग होता था, जिससे वे आहार की एक विस्तृत श्रृंखला को अपना सकते थे। यह भ्रूण अब तक का सबसे 'पूर्ण ज्ञात डायनासोर भ्रूण' है। डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, बेबी यिंगलियांग जन्म लेने के बेहद करीब था। उसका सिर उसके शरीर के नीचे था, उसकी पीठ अंडे के आकार के अनुसार मुड़ी हुई थी।पैर सिर के दोनों ओर स्थित थे। आधुनिक पक्षियों में इस तरह की मुद्रा 'टकिंग' के दौरान देखी जाती है। टकिंग केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से नियंत्रित एक प्रक्रिया होती है जो एक सफल हैचिंग के लिए महत्वपूर्ण है। यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के जीवाश्म विज्ञानी फियोन वैसम माई और उनके सहकर्मियों ने की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मेष राशि से मीन राशि तक जानिये 2022 का वार्षिक राशिफल Posted: 22 Dec 2021 06:05 AM PST मेष राशि से मीन राशि तक जानिये 2022 का वार्षिक राशिफल【ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 】 ================================ ✍🏻वर्ष 2022 की शुरूआत में गुरू ग्रह कुम्भ राशि में होंगे तथा अप्रैल 2022 को मीन राशि में गोचर करेगे और शनि वर्ष प्रारंभ में मकर राशि में रहेंगे, इसके बाद अप्रैल 2022 में कुम्भ राशि मे आएंगे। राहु वर्ष प्रारंभ के समय वृष राशि इसके बाद मेष राशि में आएंगे तथा केतु वृश्चिक राशि में रहेगा तथा इसके बाद तुला राशि में परिवर्तन करेगे। मंगल सम्पूर्ण वर्ष वृश्चिक राशि से मिथुन राशि तक गोचर करेगा ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इसी प्रकार अन्य ग्रह भी सम्पूर्ण वर्ष सभी राशियों में भ्रमण करते रहेगें और उसका प्रभाव आपके ऊपर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ेगा.... आइए ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से जानते हैं कि नववर्ष 2022 का राशिफल कैसा रहेगा..... 1:-मेष राशि:- मेष राशि वाले जातकों के लिये वर्ष 2022 काफी अच्छा रहेगा। इस वर्ष मुख्य रूप से आपके करियर और बिजनेस में सफलता प्राप्त होगी। ये साल मुख्य रूप से आपके करियर के लिए काफी अच्छा रहने वाला है क्योंकि इस वर्ष आपको अपने करियर में कर्मफल दाता शनि देव की अपार कृपा प्राप्त होगी। जो आपके आर्थिक जीवन को खुशहाल बनाने में मदद करेगी। इस वर्ष आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं जिससे आप प्रसन्न-चित्त रहेंगे और बहुत समय से अटकी हुई कोई योजना पूर्ण हो जाएगी जिससे आपको अच्छा धन लाभ होगा। 2:-वृषभ राशि:- ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नया वर्ष आपके लिये काफी अच्छा रहने वाला है। यह साल आपके लिये नई सफलताएं और उपलब्धियों वाला रहेगा 2022 में वैवाहिक जीवन और व्यापार में सफलता मिलने के भी योग आपके लिये बना रहा है। इस वर्ष आपको अपने मार्ग में आने वाले विभिन्न विकल्पों का चुनाव करना होगा और सही वक्त पर सही लक्ष्य हासिल करनी होगा तभी आप एक अच्छे वर्ष का आनंद ले पाएंगे। शनिदेव वर्ष प्रारंभ में भाग्य स्थान मे रहेगे इसके बाद कर्म भाव में आएंगे जो कि आपके भाग्य की वृद्धि करने का कार्य करेंगें। 3:-मिथुन राशि:- इस वर्ष आपका आर्थिक जीवन बहुत अच्छा रहेगा इसका कारण है कि अप्रैल 2022 में अष्ठम शनि राशि परिवर्तन करेगे और वर्तमान समय मे गुरु ग्रह शुभ चल ही रहे हैं। यह समय कुछ कार्यो के लिए थोड़ा संभलकर चलने का समय है। बाकी सब कुछ अच्छा रहेगा। 4:-कर्क राशि:- कर्क राशि के जातकों के लिए ये साल करियर की दृष्टि से अच्छे परिणामों को लेकर आएगा। क्योंकि जहाँ साल की शुरुआत में मंगल ग्रह ब्रह्चिक राशि के नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यस्थल पर तरक्की दिलाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ व्यापार करने वाले जातकों को शनि की सप्तम भाव में उपस्थिति अनुकूल परिणाम दिलाएगी। आर्थिक जीवन की बात करें तो वर्ष की शुरुआत बेहतर साबित होगी। मार्च से मई के दौरान स्थितियां काफी बदल जाएंगी। इस समय आपको अधिक आर्थिक लाभ होने की संभावनाएं हैं पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार अप्रैल 2022 में अष्ठम शनि का गोचर जरूर कुछ परेशानिया देगा इस समय आप शनि ग्रह का जाप और दान जरूर करे। 5:-सिंह राशि:- सिंह राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से ये वर्ष ठीक-ठाक रहने वाला है। इस वर्ष आप अपनी आमदानी और अपने परिवार के सहयोग से धन अर्जित कर पाने में सफलता हासिल करेंगे। छोटी-छोटी सफलताओं के साथ आप बड़ी सफलता की ओर भी कदम बढ़ाएंगे। अगर इस वर्ष आप कोई बड़ा निवेश करने की सोच रहे हैं तो यहाँ आपको बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की ज़रूरत है पढ़ाई में किसी भी तरह का शार्ट-कट ना लें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 6:-कन्या राशि:- यह वर्ष आपके लिये कार्यक्षेत्र में आर्थिक दृष्टि से सामान्य रहने वाला है। जहाँ साल की शुरुआत आपके लिए अच्छी रहेगी वहीं मध्य में आपको सावधान रहने की ज़रूरत होगी। इस वर्ष करियर में आपको अच्छी सफलताएं मिल सकती हैं। नई-नई योजनाएं आपके हाथ में आ सकती हैं। यदि आप व्यापार करते हैं तो आपके लिए ये समय अच्छा रहने वाला है। लेकिन किसी सहयोगी के साथ व्यापार कर रहे जातकों को हानि होने की आशंका अधिक है। आपके आर्थिक जीवन की बात करें तो आपके लिए साल की शुरुआत और साल का अंत सबसे बेहतर रहने वाले हैं। 7:-तुला राशि:- वर्ष 2022 आपके लिए बहुत सारे बदलाव लेकर आने वाला है। जहां आपको इस वर्ष कई क्षेत्रों में सफलता मिलेगी, तो वहीं आपके जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी इस समय आएँगे। अगर करियर की बात करें तो तुला राशि के जातकों को इस वर्ष अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार अप्रैल से मई के बीच के मध्य समय में मंगल का गोचर आपकी कुंडली के शुभ भाव में होगा जिसके चलते आपको आपके कार्य क्षेत्र में काफी लाभ होगा। आपको कार्यक्षेत्र में भरपूर सफलता मिलने से उन्नति की प्राप्ति होगी। साथ ही व्यापारी जातकों को भी अपने व्यापार में विस्तार करने का अवसर प्राप्त होगा। 8:-वृश्चिक राशि:- यह वर्ष आपके लिए कई मायनों में अच्छा रहेगा। हालांकि, आपको स्वास्थ्य से संबंधित मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि पुराने समय से चली आ रही किसी बीमारी से आप उबर जाएंगे। आपको जीवन से जुड़े कई मोर्चों पर काफी मेहनत करनी होगी। प्रेम जीवन के लिए वर्ष काफी अनुकूल रहेगा और आप में से कुछ लोगों को विवाह की शहनाइयां सुनने का मौका मिलेगा और आप अपने प्रियतम को अपना बनाने में सफल होंगे। हालांकि विवाहित लोगों के दांपत्य जीवन में उतार चढ़ाव की स्थिति रह सकती है। अप्रैल 2022 से शनि ग्रह की अड़ेया आ जायेगी इस समय शनि देव का जाप दान जरूर करे। 9:-धनु राशि:- आचार्य पंडित नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार यह वर्ष आपके करियर की दृष्टि से अधिक बेहतर रहेगा। सहकर्मियों की मदद से अच्छे फल प्राप्त होंगे। व्यापार कर रहे जातकों के लिए भी ये वर्ष अच्छा रहने वाला है। उन्हें बिजनेस में अपार सफलता मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। इस साल आपका स्वास्थ्य मिला-जुला रहेगा, स्वास्थ्य जीवन पिछले वर्ष के अनुसार काफी बेहतर होगा। हालांकि शनि देव आपकी परीक्षा लेते हुए बीच-बीच में आपको कुछ कष्ट देते रहेंगे, लेकिन आपको कोई बड़ा रोग इस वर्ष नहीं होगा और सबसे अच्छा समय अप्रैल 2022 से प्रारंभ होगा। 10:-मकर राशि:- मकर राशि के जातकों को इस वर्ष अच्छे फल प्राप्त होंगे। आपकी राशि में शनि देव अप्रैल 2022 तक रहेंगे जो आपको भाग्य का साथ प्रदान करेगी, जिस कारण आप अपने करियर में बिना रुके लगातार आगे बढ़ते जाएंगे व्यापारियों के लिए भी यह साल विशेष शुभ रहने वाला है। आर्थिक जीवन में शुरुआती कुछ महीनों में परेशानी आएंगी, लेकिन वर्ष के मध्य भाग में धन की आवाजाही आपकी आर्थिक तंगी को दूर करेगी। राहु वर्ष के मध्य में आपको धन लाभ करने के कई अवसर देंगे। परिवार में मान, सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी तथा परिवार में किसी का विवाह होने के कारण सामाजिक रूप से आपका परिवार आगे बढ़ेगा। 11:-कुंभ राशि:- इस साल कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी। व्यापार करने वाले जातकों को कार्यक्षेत्र के संबंध में किसी यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। इस साल आपकी नौकरी में स्थानांतरण के योग भी बन रहे हैं। आर्थिक जीवन में अचानक से खर्च में वृद्धि नजर आएगी, जिसके चलते कुछ समय के लिए आर्थिक तंगी महसूस होगी। अपनी मेहनत अनुसार फल की प्राप्ति होगी। इसलिए मेहनत पर विश्वास करना अधिक उचित रहेगा। विद्यार्थियों को इस साल अधिक मेहनत करनी होगी। हालांकि, अपने देश में शिक्षा प्राप्त करने वालों की इच्छा पूरी हो सकती है। 12:-मीन राशि:- ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार मीन राशि के जातकों को इस वर्ष करियर के मामले में अनुकूल परिणाम हासिल होंगे। आप इस दौरान अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा करेंगे। आपको अपने सहकर्मियों का साथ मिलेगा और वो अपनी उच्च अवस्था में होते हुए आपको सहयोग करते दिखाई देंगे। आपको इस समय अपने अधिकारियों और अपने सहकर्मियों से बेहतर संबंध बनाकर चलने की जरूरत होगी। तभी आपके अधिकारी आपकी मेहनत को देख पाएंगे। नौकरी पेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा और उनकी उन्नति और तरक्की होगी। इसलिए अपने प्रयास और अपनी मेहनत जारी रखें.!! "ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र, वैदिक अनुष्ठान व समस्त धार्मिक कार्यो के लिए संपर्क करें:-✍🏻ज्योतिषाचार्य:- पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, संपर्क सूत्र:- 9993652408, 7828289428 कुंडली परामर्श शुल्क 251/-रु. Phone Pe, Google Pay, Paytm No.- 9993652408 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 06:00 AM PST नाटो को पुतिन ने दी चेतावनीमॉस्को। यूक्रेन को लेकर चल रहे विवाद के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो को कड़ी चेतावनी दी है। व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अगर पश्चिम अपनी 'आक्रामक' नीति जारी रखता है, लेकिन बातचीत के लिए तैयार है, तो उनका देश जवाबी कार्रवाई करेगा। रूस ने यूक्रेन की सीमा पर करीब 1 लाख सैनिकों को तैनात कर रखा है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि रूस यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहा है। व्लादिमीर पुतिन ने रूसी रक्षा मंत्रालय बोर्ड की विस्तारित बैठक में कहा, 'अगर हमारे पश्चिमी सहयोगी अपनी स्पष्ट रूप से आक्रामक नीति जारी रखते हैं, तो हम शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का दृढ़ता से जवाब देने के लिए पर्याप्त जवाबी सैन्य-तकनीकी का इस्तेमाल करेंगे।' समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रोमानिया और पोलैंड सहित रूसी सीमाओं के पास अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों की तैनाती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'हमें रूस की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।' रूसी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) यूक्रेन में मिसाइलें तैनात करते हैं, तो वे केवल 7 से 10 मिनट में मॉस्को पहुंचेंगी। अगर वे हाइपरसोनिक हथियार हैं, तो सिर्फ 5 मिनट में पहुंचेंगे। पुतिन ने कहा, 'उन्हें समझना चाहिए कि हम पीछे नहीं हटने वाले हैं।' रूस ने हाल ही में नाटो को एक मसौदा समझौता भेजा है। पश्चिमी देशों के लिए यूरोप में सुरक्षा गारंटी पर अमेरिका को एक मसौदा संधि पर विचार करने के लिए भेजा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ओमिक्रान के चलते महारानी नहीं मनाएंगी क्रिसमस Posted: 22 Dec 2021 05:58 AM PST ओमिक्रान के चलते महारानी नहीं मनाएंगी क्रिसमसलंदन। ब्रिटेन में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों में वृद्धि के बीच महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को पूर्वी इंगलैंड के नॉरफोक में अपने सैंड्रिगम एस्टेट पर पारंपरिक क्रिसमस योजना छोड़नी पड़ी है और वह विंडसर पैलेस में ही रहेंगी। उन्होंने सैंड्रिगम की यात्रा रद्द करने का फैसला किया, जिसे बकिंघम पैलेस ने व्यक्तिगत निर्णय करार दिया है। दरअसल, क्रिसमस की सुबह को राजपरिवार के सदस्य क्रिसमस मनाने के लिए वहां एकत्र होते हैं। एलिजाबेथ द्वितीय (95) ने कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट से कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर पहले ही राजपरिवार के सदस्यों का क्रिसमस पूर्व पारंरिक सहभोज रद्द कर दिया था। बकिंघम पैलेस से जुड़े लोगों ने कहा कि यह एहतियात दृष्टिकोण को दर्शाता है। ता दें कि यह दूसरा साल है जब महामारी की वजह से महारानी की सैंड्रिगम की पारंपरिक क्रिसमस यात्रा रद्द कर दी गयी है। साथ ही वह, इस साल अप्रैल में पति प्रिंस फिलीप के गुजर जाने के कारण पहली बार उनकी अनुपस्थिति में यह त्योहार मना रही हैं। पिछले साल दोनों ने दक्षिण-पूर्व इंगलैंड के बर्कशायर के विंडसर पैलेस में एकसाथ क्रिसमस मनाया था। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| इमरान ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में शामिल होने पर जताया अफसोस Posted: 22 Dec 2021 05:55 AM PST इमरान ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में शामिल होने पर जताया अफसोसइस्लामाबाद। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को अमेरिका के अफगानिस्तान में 20 साल लंबे चले आतंक के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान के शामिल होने के फैसले पर अफसोस जताया। साथ ही इसे खुद ही अपने आप को दिया गया जख्मश्श् करार दिया। इमरान खान ने यह भी कहा कि ये फैसला जनहित में नहीं बल्कि धन पाने के लिए लिया गया। अफगानिस्तान में दो दशक चले युद्ध में पाकिस्तान की भागीदारी के आलोचक रहे खान ने दावा किया कि वह वर्ष 2001 में निर्णय लेने वालों के करीबी थे, जब तत्कालीन सैन्य शासक जनरल परवेज मुर्शरफ ने आतंक के खिलाफ युद्ध का हिस्सा बनने का निर्णय लिया था। इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा, इसलिए, मैं इस फैसले के पीछे के विचार से अच्छी तरह वाकिफ था। दुर्भाग्यवश, पाकिस्तान के लोगों का हित ध्यान में नहीं रखा गया। उन्होंने कहा, हम खुद ही इसके लिए जिम्मेदार हैं, जिस तरह हमने अन्य लोगों को अपना इस्तेमाल करने दिया और पैसे के लिए अपने देश के सम्मान का सौदा किया। हमने ऐसी विदेश नीति बनायी जोकि जनहित के खिलाफ रही। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| भाजपा की जन विश्वास यात्रा पूर्वांचल के लिए कितना अहम Posted: 22 Dec 2021 05:23 AM PST भाजपा की जन विश्वास यात्रा पूर्वांचल के लिए कितना अहम
देवरिया से संवाददाता वेद प्रकाश तिवारी की खबर 2014-2019 लोकसभा और 2017 का विधानसभा चुनाव पूरी तरह से पीएम मोदी के नाम और केंद्र सरकार के काम पर लड़ा गया था, लेकिन 2022 का विधानसभा चुनाव योगी के नाम और काम पर लड़ा जाना है। 14 साल के वनवास के बाद बीजेपी 2017 के विधानसभा चुनाव में 311 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी । ऐसे में सीएम योगी के लिए 2022 के चुनाव में पिछले चुनाव के रिकॉर्ड को बरकरार रखने की चुनौती होगी, क्योंकि अभी तक उनके नाम पर कोई भी चुनाव यूपी में नहीं लड़ा गया है। पूर्वांचल की जंग फतह करने के बाद ही यूपी की सत्ता पर कोई पार्टी काबिज हो सकती है, क्योंकि सूबे की 33 फीसदी सीटें इसी इलाके की हैं। यूपी के 28 जिले पूर्वांचल में आते हैं, जिनमें कुल 164 विधानसभा सीटें हैं। 2017 के चुनाव में पूर्वांचल की 164 में से बीजेपी ने 115 सीट पर कब्जा जमाया था जबकि सपा ने 17, बसपा ने 14, कांग्रेस को 2 और अन्य को 16 सीटें मिली थी। हालांकि, पिछले तीन दशक में पूर्वांचल का मतदाता कभी किसी एक पार्टी के साथ नहीं रहा। वह एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव में एक का साथ छोड़कर दूसरे का साथ पकड़ता रहा है। यही वजह है कि बीजेपी 2022 के चुनाव में अपने गढ़ को मजबूत करने में जुट गई है, इसीलिए पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के केंद्रीय लीडरशिप पूर्वांचल का दौरा लगातार करने में जुटी है। पूर्वांचल में बीजेपी ने अपने समीकरण को मजबूत बनाए रखने के लिए जाति आधरित पार्टियों के साथ भी गठबंधन कर रखा है। अनुप्रिया पटेल की अपना दल (एस) और संजय निषाद की निषाद पार्टी के साथ बीजेपी मिलकर इस बार चुनावी मैदान में किस्मत आजमाएगी। इन दोनों ही दलों का सियासी आधार पूर्वांचल के जिलों में है। अनुप्रिया पटेल की कुर्मी वोटों पर पकड़ है तो संजय निषाद का मल्लाह समुदाय पर असर है। हालांकि, संजय निषाद पूर्वांचल में राजभर की कमी को कितना पूरा करते हैं यह बड़ी चुनौती है। 2017 में पूर्वांचल में बीजेपी की जीत में राजभर वोटों की अहम भूमिका रही है। इसी के चलते बीजेपी इस पर पूर्वांचल पर खास फोकस कर रही है । पूर्वांचल की जनता या स्वीकार कर रही है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल को इतनी सौगातें दी हैं कि कहीं से कोई क्षेत्र अछूता नहीं है। पूर्वांचल में कानून व्यवस्था, कोरोना काल से लेकर अब तक खाद्यान्न तक की व्यवस्था, वैश्विक महामारी में योगी जी के द्वारा किए गए कार्यों की सराहना हर जगह हो रही है । खासकर पूर्वांचल में औद्योगिक विकास और चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार ने इतिहास रचा है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| तीन पुलों का निर्माण भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में अति आवश्यक Posted: 22 Dec 2021 05:01 AM PST तीन पुलों का निर्माण भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र में अति आवश्यक
भाटपार रानी (देवरिया) से संवाददाता वेद प्रकाश तिवारी की खबर कस्बे से पकड़ी, भिंगारी बाजार की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क पश्चिमी रेलवे क्रॉसिग को पार करती है। गाड़ियों के आवागमन के समय जब रेलवे क्रॉसिंग पर बैरियर लगा दिया जाता है तो आने -जाने वाले लोगों का हुजूम इस तरह दोनों तरफ बढ़ जाता है कि जैसे किसी मेट्रोपॉलिटन सिटी में देखने को मिलता है । कामकाजी महिलाएं ,छात्र-छात्राएं, नौकरी पेशा वाले लोग, व्यवसाय करने वाले लोगों की चार पहिया, दो पहिया वाहन ,साइकिल कि इतनी लंबी कतार लग जाती है कि देखकर ऐसा लगता है कि हम दिल्ली या मुंबई में खड़े हैं । लोगों को क्रॉसिंग पार करने में इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है कि रेलगाड़ियों के पास होने के बाद कभी-कभी तो एक से डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं । यह खबर सोशल मीडिया पर अक्सर आपको देखने को मिलती है । भाटपार रानी से प्रतापपुर जाने वाला मुख्य मार्ग अहिरौली के समीप बना पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से या मार्ग कई महीनों से बाधित है । प्रतापपुर से बिहार के मैरवा शहर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क चित्रसेन बनकटा के आगे शाही नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उस पर चलने वाले यात्रियों को वाहनों को कभी भी मौत के मुंह में धकेल सकता है पुल इस कदर क्षतिग्रस्त है कि देखने से ही लगता है यह कभी भी गिर सकता है । हालांकि यह पुल पूरी तरह से बिहार में है पर उस क्षेत्र में यात्रा करने वाले ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश के हैं जो मैरवा कस्बे में व्यवसाय करते हैं, शिक्षा ग्रहण करते हैं या कहीं आने जाने के लिए मैरवा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ते हैं । भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र के जनता के प्रतिनिधि यदि चाहें तो अपने प्रभाव से बिहार राज्य को उनके मंत्री या उनके प्रशासनिक अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल निर्माण के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह कर सकते हैं । बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है । अतः संवाद में किसी प्रकार की कोई कठिनाई होने की संभावना नहीं है । एक संवाददाता होने के नाते मुझे इन रास्तों से अक्सर गुजरना होता है और एक मानवीय संवेदना रखने के नाते यह आगाह करना मेरा फ़र्ज़ है कि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना ना घटे इसके लिए उचित कदम उठा लिया जाए । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 04:56 AM PST मीठापुर सब्जी मंडी के व्यवसायी से दिन दहाड़े से 42हजार की छिनतई|हमारे संवाददाता अमरेन्द्र कुमार की खबर जक्कनपुर थाना क्षेत्र पटना में एक बार फिर अपराधी बेलगाम नजर आ रहे हैं | आज दोपहर जक्कनपुर थाना क्षेत्र के मीठापुर सब्जी मंडी के पास एक आंवला व्यवसाई गुड्डू उर्फ सरकार से 42 हजार लूट कर दो बाइक सवार अपराधी फरार हो गए हैं | घटना के सम्बन्ध में बताया जा रहा है कि 220 पल्सर बाइक सवार अपराधी कहीं ना कहीं रेकी कर घटना को अंजाम दिया है वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची जक्कनपुर थाना क्षेत्र के रजनी कॉन्प्लेक्स स्थित स्टेट बैंक के लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और अपराधियों के चयनित होने की बात कही जा रही है लगातार लूट छिनतई की घटनाओं से इलाके में दहसत का माहौल है । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 22 Dec 2021 04:48 AM PST बेबस नारी.......उसकी कोख से जन्मा बेटा भूख से तड़फ कर मर गया। उस पर ही अपने बेटे को खाने का इल्जाम लग गया। किसी ऩे नहीं सोचा चार दिन से भूखी माँ अपने बच्चे को दूध कैसे पिलाएगी? विडम्बना अपने ही बच्चे की हत्यारिन कही जायेगी। किसी ऩे नहीं पूछा उसके निकम्मे पति से कब तक खटिया पर बैठा तम्बाकू पीता रहेगा? औरत की देह को गीली माटी सा रौंदता रहेगा? अपनी बदकिस्मती का ठीकरा भी उस अबला के सर पर ही फोड़ता रहेगा? इस बार उसने बेटी जनी। ननद और सास की भ्रकुटी फिर तनी। निपूती होने का दाग बेचारी पर लगा दिया उस बेबस को घर से बाहर निकाल दिया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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