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- मुजफ्फरपुर में समाज सुधार अभियान में मुख्यमंत्री शामिल हुए
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| मुजफ्फरपुर में समाज सुधार अभियान में मुख्यमंत्री शामिल हुए Posted: 29 Dec 2021 07:43 AM PST मुजफ्फरपुर में समाज सुधार अभियान में मुख्यमंत्री शामिल हुए
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर के एम0आई0टी0 कैंपस में राज्य में पूर्ण नशामुक्ति, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्ति हेतु चलाए जा रहे समाज सुधार अभियान में शामिल हुए। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में आने के लिए आप सबको धन्यवाद देता हूं और बधाई देता हूं। 5 जीविका दीदियां ने अपने अनुभव को साझा किया उनको बधाई देता हूं। समाज सुधार अभियान का जो हमारा मकसद है आपलोगों को पता है। सिर्फ विकास का काम करेंगे तो उससे काम नहीं चलेगा। आपने 24 नवंबर 2005 से हमलोगों को काम करने का मौका दिया उस समय से आपलोगों की सेवा कर रहा हूं। अगर समाज के सुधार के लिए काम नहीं होगा तो विकास का कोई मतलब नहीं रह जाएगा इसलिए शुरुआती दौर से ही हमलोगों ने इस पर काम करना शुरु किया। समाज में जो पीछे रह गये थे, समाज के उन तबकों के उत्थान के लिए हमलोगों ने विशेष ध्यान दिया। चाहे महिला हो, अनुसूचित जाति/जनजाति हो, अल्पसंख्यक हो या अतिपिछड़ा वर्ग के हों, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर से मेरा विशेष लगाव है। सरकार बनने के बाद जो हमलोगों ने अभियान चलाया और हमेशा हम यहां आते रहे हैं। हमें याद है कि किस प्रकार एक-एक रास्ते पर मुजफ्फरपुर के लोग खड़े रहे। किस प्रकार लोगों का सहयोग और समर्थन मिला। जब से हमें काम करने का मौका मिला, तब से काम कर रहे हैं, आपकी सेवा कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर में काफी काम किये गये हैं। मुजफ्फरपुर से जुड़े जिले सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली हो सबका महत्व है। जब हमने शुरु किया अभियान तो सबसे पहले 2006 में होने वाले पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए हमने एक कानून बनाया, जिसमे तय किया की 50 प्रतिशत का आरक्षण महिलाओं के लिए रहेगा। ऐसा करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना। उसके साथ-साथ महिलाओं के उत्थान के लिए हमलोगों ने कई काम किये। बिहार में उस समय बेहतर ढंग से स्वयं सहायता समूह गठित नहीं था। फिर भी कुछ जगहों पर था। वर्ष 2006 में मुजफ्फरपुर के 2 जगहों पर जाकर हमने इनके कार्यों को देखा था। स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाएं काम कर रही थीं। उनलोगों से जाकर हमने बात की, जब उनलोगों की बातों को सुना तो मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हम सोच ही रहे थे कि इसका विस्तार करेंगे। फिर हमने वल्र्ड बैंक से कर्ज लेने का भी निर्णय लिया। बाद में जब इसकी बड़े पैमाने पर शुरुआत की तो आपके यहां का जो अनुभव हुआ उसी के आधार पर हमने पूरे बिहार में काम करवाना शुरु कर दिया और उसका हमने नामकरण किया जीविका समूह। उसके बाद उसमें कितनी जागृति आयी है। हमलोगों का 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य था। अब तो 10 लाख के लक्ष्य को भी पूरा कर लिया गया है। 1 करोड़ 27 लाख महिलाएं इससे जुड़ गई हैं। पहले बेटियों को लोग आगे पढ़ा नहीं सकते थे। अपनी बेटियों को पांचवीं क्लास के बाद उसको जो कपड़ा चाहिए था वो देने की स्थिति में नहीं थे। बहुत कम लड़के-लड़की ही आगे पढ़ पाते थे। वर्ष 2007 से हमलोगों ने पोशाक योजना की शुरुआत की। आगे चलकर हमलोगों ने साईकिल योजना की शुरुआत की। आप देख लीजिए कितनी बड़ी संख्या में लड़कियां आगे आने लगीं और पढ़ाई करने लगीं। पहले लड़की कम पढ़ती थीं लेकिन पिछले साल मैट्रिक की परीक्षा में लड़कों से 200-300 ज्यादा लड़की पूरे बिहार में परीक्षार्थी थीं। जीविका समूह के माध्यम से महिलाओं में जागृति लायी जा रही है। महिलाएं घर का काम करती थीं, कहीं-कहीं खेतों में भी जाकर काम करती थीं लेकिन उनके बारे में कोई खास ध्यान नहीं था। जब हमलोगों ने काम करना शुरु किया कि महिलाएं भी अगर काम करेंगी तो परिवार की आमदनी बढ़ेगी। उसके बाद लोगों में जागृति बढ़ेगी। जब साइकिल योजना की शुरुआत किया तो कुछ लोगों ने मेरा मजाक उड़ाते हुए कहा कि लड़की साइकिल चलाएगी तो रास्ते में लोग तंग करेगा। हमने कहा था कि एक आदमी की हिम्मत नहीं है कि लड़की साइकिल चलाएगी तो कोई उसको तंग करेगा। उसके बाद लड़कों ने भी साइकिल की मांग करना शुरु किया तो उनके लिए दो-तीन साल बाद हमलोगों ने साइकिल योजना की शुरुआत की। सरकारी सेवाओं में भी हमलोगों ने आरक्षण दिया। पुलिस में हमलोगों ने आरक्षण देने का काम किया। पुलिस बल में जितनी महिलाएं अब बिहार में हैं उतना प्रतिशत देश के किसी भी राज्य में पुलिस बल में महिलाओं की संख्या नहीं है। महिलाओं की पढ़ाई, सरकारी सेवाओं में संख्या बढ़ रही है और जो जीविका समूह बनाया तो लोग किस तरह से अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं और कितना जागृति आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी जब वर्ष 1977 में मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने शराबंदी लागू किया लेकिन दो वर्ष बाद फिर से शराब शुरु कर दिया गया। हमारे मन में शराबबंदी की बात शुरु से थी। हमारे मन में आशंका थी कि शराबबंदी लागू कर पाएंगे कि नहीं। उन्होंने कहा कि हमलोग शराबबंदी को लेकर वर्ष 2011 से अभियान चला रहे हैं। इसको क्रियान्वित करने को लेकर मेरे मन में शंका थी, लेकिन जब वर्ष 2015 में महिलाओं के एक सम्मेलन में मैं गया हुआ था, महिलाओं के विकास की बातें हो रही थीं। जैसे ही हम बोलकर बैठे कि पीछे से महिलाओं ने आवाज लगायी शराब बंद कराईये। उसके बाद वापस हम माइक पर आये और कहा कि अगली बार अगर काम करने का मौका मिलेगा तो शराबबंदी लागू कर देंगे और हमने इसको लागू किया। लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। 1 अप्रैल 2016 को पहले ग्रामीण इलाके में देशी और विदेशी शराब पर हमलोगों ने रोक लगायी, जबकि शहरी इलाकों में विदेशी शराब बंद नहीं किया गया था। शहरों में महिलाएं, लड़कियों, पुरुष वर्ग ने भी शराब के आवंटित दुकानों के खोले जाने पर कड़ा विरोध जताया और दुकानों को खोलने नहीं दिया उसके बाद 5 अप्रैल 2016 को राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई। बहुत बड़े पैमाने पर लोगों ने साथ दिया। वर्ष 2016 में सभी जगहों पर महिलाओं के साथ, जीविका दीदियों के साथ हमने बैठक की। निरंतर यह अभियान चल रहा है। जीविका समूह की एक महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा- मेरे पति काम से लौटते थे दारू पीकर आते थे, परिवार में सभी को बुरा लगता था, देखने में खराब लगते थे। अब जब शराबबंदी हो गई तो बाजार से सब्जी, फल लेकर आते हैं और घर में आते हैं तो मुस्कुराते हैं। अब देखने में अच्छे लगते हैं, यह कितना बड़ा परिवर्तन हुआ है। समाज में कुछ लोग गड़बड़ी करने वाले होते हैं चाहे वे किसी भी धर्म के मानने वाले लोग हों। कितना भी अच्छा काम कीजिएगा कुछ लोग तो गड़बड़ी करेंगे ही। लेकिन हमलोगों को अभियान चलाते रहना है। कोई इधर उधर करना चाहे तो कुछ नहीं कर सके। समाज सुधार अभियान जारी रखना है। जैसे हमलोगों ने शराबबंदी लागू करके अभियान चलाया। उसके बाद बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी अभियान चलाया। वर्ष 2017 में बड़े पैमाने पर हमलोगों ने अभियान चलाया। आज महिलाएं बाल विवाह, दहेज प्रथा के खिलाफ बोल रही थीं तो जरुरत इस बात की हमलोगों ने महसूस किया कि कुछ न कुछ गड़बड़ करने वाला रहेगा ही इसके लिए हमलोगों को निरंतर अभियान चलाते रहना है। प्रचार-प्रसार करते रहना है। इस बार जो अभियान शुरु किया गया है। हमलोगों ने उसके पहले 16 नवंबर को सारे अधिकारियों के साथ बैठक की थी। अभी तक 75 हजार 300 छापेमारी की गई। शराबबंदी से संबंधित 11 हजार 370 मामले दर्ज किए गए। 13 हजार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। 1 लाख 89 हजार लीटर देसी शराब, 3 लाख 24 हजार लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। शराब से जुड़े मामलों में 1 हजार 788 गाड़ियां जब्त की गईं। हमलोगों ने कॉल सेंटर बनाया था कि कोई गड़बड़ करे तो सूचित करें आपका नाम नहीं बताया जाएगा और तत्काल कार्रवाई किया जाएगा। कॉल सेंटर में जहां औसतन 70-80 कॉल प्रतिदिन आते थे अब बढ़कर 190 से 200 कॉल आ रहे हैं। महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी जागृति आनी चाहिए। हमने अपने साथियों से भी कहा है कि हमने अभियान की शुरुआत की है, इसका मतलब ये नहीं की जहां जाएंगे वही अभियान है बल्कि इस अभियान को निरंतर जारी रखना है। अगर कोई शादी-विवाह में दहेज लेता है तो आप उसका विरोध कीजिए। वैसी शादी में आप शामिल मत होइये। जब आप शामिल नहीं होंगे तो निश्चित रुप से लोगों को लगेगा कि अगर हम दहेज लेंगे तो निश्चित रुप से विरोध होगा इसलिए इस काम को भी साथ-साथ जारी रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी बाल विवाह होता है और बाल विवाह के शिकार कितने लोग होते हैं इसलिए इन सब बातों पर ध्यान देना है कि बच्चों की शादी कोई इस तरह से नहीं करे। उसकी वजह से कितने तरह की परेशानी बढ़ती है, ये सबको मालूम है इसलिए इस अभियान को जारी रखिए। बाल विवाह और दहेज प्रथा कितनी बुरी चीज है। दहेज के चक्कर में कितनी लड़कियों को आत्महत्या करनी पड़ती है। कितने लोगों की हत्या की गई है। महिलाओं की अगर कोई इज्जत नहीं करेगा तो इससे बढ़कर और गलत काम क्या है। हम सभी पुरुष, स्त्री यहां हैं। महिलाओं की देन है कि हमको ये जीवन मिला है। अगर महिला नहीं होती तो आप या कोई और धरती पर नहीं आते, इसलिए किसी को महिला की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। पुरुष-स्त्री समाज के दोनों अंग है, इन दोनों के वगैर समाज का विकास संभव नहीं है। पुरुषों में ये भाव नहीं आना चाहिए कि सब कुछ वही हैं और महिलाएं उनकी फॉलोवर हैं। महिलाओं और लड़कियों के प्रति अच्छी भावना रखें, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे। आज महिलाओं की जागृति के चलते ही समाज आगे बढ़ रहा है और विकास का भी काम हो रहा है। हमलोगों को हमेशा शराबबंदी के पक्ष में और बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ निरंतर अभियान चलाना चाहिए ताकि लोगों में जागृति आए। शासन और प्रशासन को एक-एक चीज पर नजर बनाए रखना है। बहुत लोग तो कहते हैं कि शराबबंदी से बाहर का कोई आना नहीं चाहता है तो हमने उनको कह दिया कि कोई अलाउ नहीं है। जिसको पीना है वे यहां नहीं आयें। लोग कह रहे थे कि पर्यटन में कमी आ जाएगी लेकिन हमने बता दिया कि जब शराबबंदी लागू हुई तो बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या पहले की तुलना में ज्यादा बढ़ गई है। दो साल से तो कोरोना का दौर चल रहा है। सब सचेत रहिए लेकिन उसके पहले 2019 तक 2 करोड़ से भी ज्यादा लोग यहां आते रहे हैं। चंद लोग हैं, कुछ अपने को विद्वान समझते हैं, उनके मन में फिलिंग होती है उनको हम बताना चाहते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पूरी दुनिया का वर्ष 2016 से 2018 तक सर्वेक्षण कराया और 2018 में ही रिपोर्ट को प्रकाशित किया। उस रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब पीने से दुनिया में 30 लाख लोगों की मृत्यु होती है यानि दुनिया में जितनी मृत्यु हुई उसका 5.3 प्रतिशत मौत शराब पीने से होती है। 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण होती है। शराब के सेवन से 200 प्रकार की बीमारियां होती हैं, जबकि 18 प्रतिशत लोग शराब पीने से आत्महत्या कर लेते हैं। शराब पीने के कारण 18 प्रतिशत आपसी झगड़े होते हैं। शराब पीने से दुनियाभर में 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। शराब पीना मौलिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीना किसी को मौलिक अधिकार नहीं है। शराब इतनी बुरी चीज है इसके संबंध में विज्ञापन के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जा रही है, उस पर भी गौर कीजिएगा। लोगों को इसके प्रति सचेत कीजिए। बापू ने देश को आजाद कराया। शराब के वे कितना खिलाफ थे। आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों से कहते थे-शराब न सिर्फ आदमी का पैसा बल्कि बुद्धि भी हर लेती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। बापू ने कहा था कि अगर एक दिन के लिए भी तानाशाह बन गए तो हम सभी शराब की दुकानों को बंद कर देंगे। बहनों से हम आग्रह करेंगे कि जो शराब पीते हैं, गड़बड़ करता है उनके चारो तऱफ खड़ा होकर जमकर नारा लगाईये और सूचना भी दीजिए। जहां बैठिए शराब नहीं पीने के लिए लोगों को प्रेरित कीजिए। आपस में मिल जुलकर रहना है। आपकी सेवा करना ही हमारा काम है। बहनों से उम्मीद है कि जो कोई भी गड़बड़ करेगा, उसके खिलाफ अभियान चलाइयेगा। विकास के साथ समाज सुधार होगा तो समाज, राज्य और देश आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामसूरत कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह सीतामढ़ी जिले के प्रभारी मंत्री मो0 जमा खान, ग्रामीण कार्य मंत्री सह वैशाली जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयंत राज, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, पुलिस महानिदेषक श्री एस0के0 सिंघल, अपर मुख्य सचिव, गृह श्री चैतन्य प्रसाद, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन के अपर मुख्य सचिव श्री के0के0 पाठक ने संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों पर लगाए गए प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने पौधा तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामसूरत कुमार ने प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री बाला मुरुगन डी0 ने जीविका दीदी श्रीमती गुड़िया देवी द्वारा सुजनी कला निर्मित सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह मुख्यमंत्री को भेंट किया। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों ने स्वागत गान गाया और कला जत्था के कलाकारों ने नशामुक्ति से संबंधित जागरुकता गीत को प्रस्तुत किया। सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत 9.41 करोड़ रूपये की राशि मुख्यमंत्री ने जीविका की दीदियों को डमी चेक प्रदान कर किया। स्वयं सहायता समूह को बैंकों द्वारा प्रदत राशि का डमी चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 15 जलाशयों के रख रखाव हेतु 16.81 लाख का डमी चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान सतत् जीविकोपार्जन योजना की लाभार्थी वैशाली जिले के पोखरैरा गांव निवासी श्रीमती मोइली देवी जो ताड़ी व्यवसाय से जुड़ी हुई थीं। वर्ष 2018 में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी छोटी-मोटी जरुरतों को पूरा करती रहीं। बाद में सतत् जीविकोपार्जन के तहत इनका चयन हुआ और इन्हें प्रारंभिक निधि प्रदान कर किराना दुकान खुलवाया गया। आज की तारीख में श्रीमती मोईली देवी आर्थिक रुप से मजबूत हो रही हैं। 5 बकरियों को भी इन्होंने पाल रखा है। उन्होंने बताया कि मेरे पति ताड़ी बेचते और पीते थे। मेरे पास पैसे नहीं थे कि मैं उनका इलाज करा सकूं। पैसे के अभाव में उनका इलाज नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई। मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। कैसे उनका जीविकोपार्जन चलेगा। फिर जीविका समूह से मैं जुड़ गई और 12 लोगों का हमलोगों ने समूह बनाकर बचत करना शुरु कर दिया। फिर मुझे लगातार सहायता मिलने लगी। 10 रुपये रोज बचाकर माह में 300 रुपए की बचत करती हूं। शिवहर जिले की मोहनपुर की रहने वाली पूजा दीदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दहेज प्रथा के खिलाफ उन्होंने मुहिम छेड़ी और जीविका से जुड़ी सीता दीदी की बेटी की शादी तय हो गई थी लेकिन सीता दीदी दहेज देने में असमर्थ थीं, जबकि लड़के वालों ने दहेज की मांग की। सीता दीदी बहुत दुखी हुईं कि मैंने अपनी बेटी को पढ़ाया, लिखाया और ये सोच भी नहीं पायी थी कि इस लायक बनाने के बाद भी दहेज की मांग की जाएगी। साप्ताहिक बैठक में अपने बचत को जब लेकर आयीं तो उन्होंने अपनी बातों को सबके सामने रखा। हम सभी ने मिलकर उनको समझाया कि हम सब आपके साथ हैं। उसके बाद सीता दीदी की थोड़ी हिम्मत बढ़ी। फिर हमलोग मिलकर गए लड़के वाले के घर जाकर हमने कहा कि कोई कमी होगी तो बोलिएगा। सीता दीदी दहेज देने की स्थिति में नहीं हैं। कुछ तो बोलिए, सारी बातें हमने उससे कहीं और कहा कि अगर आप नहीं मानेंगे तो आगे भी हमलोग जाएंगे। दो दिन बाद सीता दीदी को खबर आया और उनकी बेटी की शादी हो गई। आज वे सुखी जीवन जी रही हैं, उनकी बेटी को एक पुत्र भी है। सीतामढ़ी के अख्ता की रहने वाली रुबिना खातून ने कहा कि जीविका से पहले मैं कुछ नहीं थी। हमलोग शराब पर चर्चा करना शुरु किये। हम देखते थे कि हर घर में अपने पति के शराब पीने से महिलायें परेशान रहती थीं। जब भी उनके पति पीकर आते थे तो अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते थे। हमलोग हमेशा सामाजिक मुद्दों पर अपने संगठन में चर्चा किया करते थे। इसके बावजूद हमलोगों की कोई सुनने वाला नहीं था। जब सरकार द्वारा नशामुक्ति अभियान चलाया गया तो इसको लेकर हमलोगों में बहुत जोश और उमंग आया कि अब तो हमारे साथ बिहार सरकार है। उसके बाद हमलोगों की हिम्मत बढ़ी और घर-घर जाकर शराब के खिलाफ लोगों को जागरुक किया, रैलियां निकाली। इसका नतीजा हुआ कि हमारे गांव में लोग शराब बहुत कम पीने लगे। फिर हमलोगों ने पता करना शुरु किया कि जब शराब मिलता नहीं है तो भी लोग कहां से पी रहे हैं। पता चला कि नेपाल से नदी मार्ग से आने वाले दारु को मछली खरीदने के बहाने खरीदकर ले आते हैं। उसके बाद सभी जीविका दीदियों ने नदी किनारे जाकर छिपकर देखा तो पता चला कि जगह-जगह छुपा देते थे और पीने वाले एक-एक कर आते थे और पीकर चले आते थे। हमलोग चुप नहीं बैठे और हमलोगों ने टॉल फ्री नंबर पर फोन किया और तुरंत उस पर कार्रवाई हुई और आरोपी जेल चले गए। इसके बाद पता चला कि एक विकलांग घर पर ही दारु बनाते हैं, वे अपने घर में बासी चावल और मीठा से दारु बना रहा है, उसको हमलोगों ने ध्वस्त कर दिया। उसके बाद उनके जीविकोपार्जन के लिए अपने साथ जोड़ा और सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत किराना का दुकान खुलवा दिया गया। जब तक हमलोग जिंदा रहेंगे, सभी दीदियां इस काम को बढ़ाने के लिए चलाते रहेंगे। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां की पूनम दीदी पिछले 10 वर्षों से जीविका से जुड़ी हैं। इनके द्वारा लैंगिक असमानता और सामाजिक बदलाव को लेकर वर्षों से कार्य किए जा रहे हैं। इनके द्वारा इनके गांव में कम उम्र में शादी को लेकर विरोध किया गया, जिसमें इनका साथ ग्राम संगठन ने दिया। चुनौतियों का सामना करते हुए शराबबंदी और बाल विवाह को भी इनके द्वारा रोका गया और आज पूरा गांव खुशहाल है। एक दिन हमलोगों की बैठक चल रही थी, वो लड़का आया बोला हम आगे पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन मेरे मम्मी-पापा शादी करना चाहते हैं, कुछ कीजिए ना। बैठक खत्म होने पर उनके घर गए और हमलोगों ने कहा कि आपका लड़का चाह रहा है कि आगे पढ़ाई करे तो आप क्यों शादी कर रहे हैं। उस दिन लाख समझाने पर वे लोग नहीं समझे। अगले दिन 30-40 दीदियों का समूह बनाकर हमलोग उनके घर गए। उनको समझाते हुए हमलोगों ने कहा कि बात से समझ जाईयेगा तो ठीक है वर्ना हमलोग कानूनी कार्रवाई करवा देंगे और आपलोग जेल चले जाइयेगा। उसके बाद उनलोगों ने कहा कि लड़की वाला कैसे समझेगा। फिर लड़की वाले का नंबर लेकर हमलोगों ने बातचीत की। लड़की 16 साल की थी, लड़की का मन भी था कि आगे पढ़ाई करे, जिसको 8वीं तक पढ़ाई कराकर पढ़ाई छुड़ा दिया गया था। लड़की से बात किया तो उसने कहा कि आगे पढ़ना चाहती हूं। आज लड़का इंटर में पढ़ रहा है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दों पर हमलोग साप्ताहिक बैठक कर चर्चा करते हैं। हमलोगों को इतना मान सम्मान मुख्यमंत्री जी ने दी है कि किसी ऑफिस में जाते हैं, स्कूल में जाते हैं तो हमलोगों को सम्मान मिलता है। सीतामढ़ी जिले के परसौनी की श्रीमती रिंकु देवी के पति ताड़ी बेचने का काम करते थे। शराबबंदी लागू होने के बाद इनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गईं। पति की मृत्यु होने पर दुखों का पहाड़ टूट गया। इनको सतत् जीविकोपार्जन के तहत लाभान्वित हुई हैं और वे अपना जीवन खुशहालपूर्वक जी रही हैं और अपने परिवार का भरण पोषण कर रही हैं। इस अवसर पर सांसद श्री वीणा देवी, सांसद श्री सुनील कुमार पिंटू, विधायक श्री दिलीप राय, विधायक श्री पंकज कुमार मिश्रा, विधायक श्री अरुण कुमार सिंह, विधान पार्षद श्री देवेशचंद्र ठाकुर, विधान पार्षद श्री रामेश्वर महतो, जनप्रतिनिधिगण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अरविंद कुमार चैधरी, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री बाला मुरुगन डी0, तिरहुत क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक श्री गणेश कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, मुजफ्फरपुर जिले के जिलाधिकारी श्री प्रणव कुमार, जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती गीता सिंह, जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री सुनील कुमार, जिलाधिकारी शिवहर श्री सज्जन आर0, मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री जयंत कांत, वैशाली के पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक श्री हरिकिशोर राय, शिवहर पुलिस अधीक्षक श्री संजय भारती सहित अन्य वरीय पदाधिकारी, जीविका दीदियां एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Dec 2021 07:36 AM PST मुख्यमंत्री ने समाज सुधार अभियान के अंतर्गत मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले की समीक्षात्मक बैठक कीपटना, 29 दिसम्बर 2021:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष, मुजफ्फरपुर में समाज सुधार अभियान के अंतर्गत मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक हुई। समीक्षा के दौरान तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत वाहनों की नीलामी, उत्पाद एवं पुलिस के अधीन जब्त शराब का विनष्टीकरण, उत्पाद वादों की अद्यतन स्थिति, उत्पाद आसूचना केंद्र, सतत् जीवकोपार्जन योजना, नीरा उत्पादन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन कार्यक्रमों से संबंधित प्रतिवेदन में बाल विवाह की स्थिति, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज कांडों की विवरणी, जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु किये जा रहे कार्य एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। समीक्षा के दौरान तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त ने थाना/अनुमंडल एवं जिला स्तर पर भूमि विवाद के समाधान की स्थिति, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के वादों के निष्पादन की स्थिति तथा मुआवजा के संवितरण की स्थिति, सतत् जीविकोपार्जन योजना से संबंधित प्रतिवेदन, हर घर नल का जल योजना की स्थिति, 2021-22 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति का प्रतिवेदन, 2021 में बाढ़ के दौरान की गई कार्रवाई, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना का प्रतिवेदन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने बिहार के 3 जिलों में नीरा का उत्पादन का कार्य बहुत अच्छे ढ़ंग से शुरु कराया था। कोरोना के कारण यह कार्य षिथिल पड़ गया है। नीरा का उत्पादन शुरू करायें। नीरा के व्यवसाय से आमदनी में तीन से चार गुणा की वृद्धि होगी। नीरा उत्पादन को बढ़ावा दें। नीरा स्वास्थ्यवर्द्धक, उपयोगी एवं स्वादिष्ट पेय पदार्थ है। नीरा उत्पादन के कार्य को बाहर के व्यापारी से भी लिंक करायें ताकि नीरा का व्यवसाय और फायदेमंद हो सके। तमिलनाडू की टीम यहाॅ आयी थी और सर्वे के दौरान कहा था कि यहां के ताड़ के वृक्ष में तमिलनाडू की अपेक्षा नीरा उत्पादन की ज्यादा क्षमता है। उन्होंने कहा कि परंपरागत रुप से ताड़ी के कारोबार से जुड़े समुदाय को नीरा उत्पादन के लिए प्रशिक्षित करायें। नीरा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार भी करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के उन्मूलन हेतु लगातार अभियान चलाते रहने की जरुरत है। 2 अक्टूबर 2017 को पटना के बापू सभागार का उद्घाटन बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के कार्यक्रम से हुई थी। बाल विवाह के सबसे ज्यादा मामले बिहार एवं उत्तर प्रदेश से आते हैं। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत करायें। उन्हें बतायें कि यह बुरी चीज है, गैरकानूनी चीज है। कम उम्र में विवाह होने से जन्म देनेवाली माताओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है एवं पैदा होने वाले बच्चे अस्वस्थ और बौनेपन के शिकार होते हैं। उन्होंने कहा कि इंटर तक के सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में लड़के एवं लड़कियों के बीच बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाकर इसकी जानकारी दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत लाभुकों के लंबित राशि का भुगतान जल्द से जल्द करायें। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद का समाधान के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक थाना, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर सतत् निगरानी करें। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के अधिनियम के मामलों में लंबित मुआवजा राशि का भुगतान जल्द करायें। हर घर नल का जल योजना का कार्यान्वयन ठीक ढ़ंग से हो इस पर नजर रखें। अगर जनप्रतिनिधि इस संबंध में कोई शिकायत करते हैं तो उसका भी समय पर जांच कर समाधान करायें। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले धान अधिप्राप्ति नहीं होती थी हमने वर्ष 2007 से धान अधिप्राप्ति की शुरुआत करायी। पिछले वर्ष 34 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की अधिप्राप्ति हुई थी। इस वर्ष 45 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा बैठक में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले के विधायक एवं विधान पार्षदगणों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं, जिसके निष्पादन का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामसूरत कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री जमां खान, सांसदगण, विधायक एवं विधान पार्षदगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस०के० सिंघल सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। बैठक की समाप्ति के पश्चात् मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| बिहार विमेंस अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित हुई डॉ सिमी कुमारी Posted: 29 Dec 2021 06:52 AM PST बिहार विमेंस अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित हुई डॉ सिमी कुमारीपटना से हमारे संवाददाता जितेन्द्र कुमार सिन्हा की खबर | पटना की सुप्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ सिमी कुमारी को बिहार विमेंस अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ सिमी कुमारी महिला रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ आँकोलोजिस्ट और निसंतानता स्पेसलिस्ट भी हैं। ये वर्तमान में Nova ivf fertility, पटना से जुड़ी है। डॉ सिमी कुमारी अपनी चिकित्सा से अबतक लगभग सौ वैसी महिलाओं को संतान सुख उपलब्ध करवा चुकी हैं, जिन्हें किसी कारण या समस्या से प्रेगनेंसी में दिक्कत हो रही थी और वो माँ नहीं बन पा रही थी। डॉ सिमी कुमारी इसके अतिरिक्त चैरिटी भी करती हैं। वो कुछ संगठनों से जुड़ कर जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त मेडिकल कंसल्टेंसी भी देती हैं। अभी हाल ही में लंदन से संचालित एक संस्था मिशन सहयोग के साथ जुड़ कर इन्होंने पटना के एक अनाथालय घरौंदा में रहने वाली बच्चियों और महिलाओं को फ्री ऑनलाइन मेडिकल कंसल्टेंसी उपलब्ध कराई थी। डाक्टर सिमी को यह अवार्ड इवेंटिक मीडिया द्वारा पटना के मौर्या होटल में आयोजित सम्मान समारोह में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे द्वारा दिया गया। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आत्मनिर्भर भारत की शिक्षा नीति Posted: 29 Dec 2021 06:42 AM PST आत्मनिर्भर भारत की शिक्षा नीति(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) आधुनिक युग में तकनीक व भौतिक सुविधाओं का खूब विकास हुआ। लेकिन विकास की इस दौड़ में सामाजिक व मानवीय संवेदनाओं का महत्व कम हुआ है। उपभोगवादी सभ्यता ने अनेक प्रकार की अन्य समस्याओं को भी जन्म दिया है। प्रकृति व पर्यावरण संबन्धी संकट भी बढ़ रहा है। ऐसे में संतुलित विकास पर ध्यान देना अपरिहार्य हो गया है। यह कार्य पाश्चात्य सभ्यता के माध्यम से नहीं हो सकता। उन्हें तो अपनी समस्याओं का समाधान दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि उनका चिंतन इसके अनुरूप नहीं है जबकि भारत के प्राचीन ऋषियों मनीषियों का चिंतन शाश्वत है। यह आज भी प्रासंगिक है। नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय परिवेश के अनुरूप नई शिक्षा नीति बनाई थी। उस पर अमल चल रहा है। इसमें सांस्कृतिक चेतना के साथ आधुनिक विकास को महत्व दिया गया। नरेंद्र मोदी का मानना है कि भारत की यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में बड़ा योगदान देगी। बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय देश के युवाओं के लिए नए अवसर का सृजन करेंगे। यह अंतर अनुशासनात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ भारत को अनुसंधान एवं विकास का वैश्विक हब बनाने में सहायक होगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए एक नई कल्पना का सूत्रपात किया है। यह एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से जुड़ी दृष्टि को रेखांकित करने वाली है। मात्र एक वर्ष में देश के बारह सौ से ज्यादा उच्च शिक्षण संस्थानों ने स्किल इंडिया से जुड़े कोर्सों की शुरुआत की है। अनेक भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई संभव होगी। इंजीनियरिंग के कोर्स का इन भाषाओं में अनुवाद शुरू हो चुका है। मातृभाषा में पढ़ाई से गरीबों का बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। प्रारंभिक शिक्षा में भी मातृभाषा को प्रमोट करने का काम शुरू हो गया है। शिक्षा में भाषा सभ्यता संस्कृति सामाजिक मूल्यों को समुचित स्थान मिल रहा है। ऐसी शिक्षा नीति ही राष्ट्रीय स्वाभिमान का जागरण करती है। अंग्रेजों द्वारा भारत में शुरू की गई शिक्षा राष्ट्रीय स्वाभिमान को हीनता में बदलने वाली थी। शिक्षा केवल बाबू बनाने के लिए होगी,तो उससे व्यक्ति समाज और राष्ट्र का अपेक्षित लाभ नहीं हो सकता। मानवीय दृष्टिकोण का भाव भी होना चाहिए। भारत में तो जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष बताया गया। उसी के अनुरूप सभी कार्यों का संदेश दिया गया। आधुनिक युग में होने वाले सकारात्मक बदलाव को स्वीकार करना अनुचित नहीं लेकिन यह सब अपनी महान विरासत के प्रतिकूल नहीं होना चाहिए। वर्तमान सरकार ने सही दिशा में कदम उठाया। नई शिक्षा नीति बनाई। स्कूली पाठ्यक्रम को व्यावहारिक बनाया गया। बुनियादी योग्यता को महत्व मिलेगा। क्लास छह से व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ हो जाएगी। पांचवीं कक्षा तक मातृभाषा-क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई होगी। उच्च शिक्षा में अवसर बढ़ेंगे। इसके पाठ्यक्रम में विषयों की विविधता होगी। ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट की सुविधा के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की स्थापना हो रही है। संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी। नई शिक्षा नीति स्कूली और उच्च शिक्षा दोनों में बहुभाषावाद को बढ़ावा देती है। पाली,फारसी और प्राकृत के लिए राष्ट्रीय संस्थान, भारतीय अनुवाद और व्याख्या संस्थान की स्थापना की जाएगी। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और विद्या प्रवेश सहित नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कार्यक्रम युवाओं को भविष्योन्मुखी बनाएंगे। इससे संचालित अर्थव्यवस्था के रास्ते खोलेगा। इसी क्रम में गत 28 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कानपुर यात्रा के दौरान आईआईटी,कानपुर के चैवनवें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।पूर्ण आजादी का मूल स्वरूप आत्मनिर्भरता है। इसमें युवाओं का महत्व सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यह टेक्नोलॉजी की सदी है। इसके माध्यम से आपदा प्रबन्धन की चुनौतियों का सामना किया जा रहा है। देश में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ऊर्जा और क्लाइमेट सॉल्यूशन, हाइटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। विगत सात वर्षों में स्टार्टअप इण्डिया, स्टैण्डअप इण्डिया, अटल इनोवेशन मिशन, प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप जैसे अन्य कार्यक्रमों ने देश के युवाओं के लिए नये रास्ते बनाये हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा नयी पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने की शुरुआत हो रही है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में सुधार हुआ है। आजादी के पछत्रहवें साल में देश में पचहत्तर से अधिक यूनिकॉर्न्स और पचास हजार से अधिक स्टार्टअप्स हैं। मात्र छह महीनों में लगभग दस हजार स्टार्टअप्स विकसित हुए हैं। इनमें से अनेक स्टार्टअप्स आईआईटी के युवाओं ने शुरू किये हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। भारत दुनिया के कई विकसित देशों को पीछे छोड़कर तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न देश बन गया है। इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी वस्तुतः इंस्टीट्यूट ऑफ इण्डीजेनस टेक्नोलॉजी के रूप में है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति को प्रभावी रूप में लागू की है। इस स्टार्टअप नीति में सूचना प्रौद्योगिकी के साथ गैर। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को भी सम्मिलित किया गया है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। प्रदेश में आईआईटी कानपुर। आईआईटी बीएचयू, आईआईएम लखनऊ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं हैं। प्रदेश में स्थापित हो रहे उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर में तकनीकी पार्टनर के रूप में आईआईटी कानपुर अपना सहयोग प्रदान कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश का पहला सेण्टर ऑफ एक्सिलेंस आईआईटी कानपुर के नोएडा परिसर में स्थापित किया जाएगा। यह केन्द्र स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। यह ढाई सौ स्टार्टअप्स को अपना सहयोग प्रदान करेगा। यह व्यवस्था रक्षा प्रौद्योगिकी तथा कृषि प्रौद्योगिकी में भी उत्कृष्टता के लिए स्थापित उन केन्द्रों के अतिरिक्त है,जिन्हें पूर्व में आईआईटी कानपुर एवं राज्य सरकार की साझेदारी से स्थापित किया गया है। आईआईटी कानपुर को स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एण्ड टेक्नोलॉजी नामक एक नये सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थान की स्थापना की जाएगी। इसमें आईआईटी कानपुर के साथ राज्य सरकार की अन्य संस्थाएं केजीएमयू,एकेटीयू आदि संस्थाएं मिलकर इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगी। स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एण्ड टेक्नोलॉजी। संस्थान प्रदेश की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में उपयोगी सिद्ध होगा। चिकित्सा प्रौद्योगिकी के ईको सिस्टम को बढ़ावा देगी। प्रदेश सरकार ने वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी संस्थानों में नये ट्रेड के संचालन के लिए टॉस्क फोर्स का गठन किया है। आईआईटी कानपुर तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश एकेटीयू द्वारा संयुक्त रूप से केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वित्त पोषण से एकेटीयू में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंच स्थापित किया गया है। इस मंच के माध्यम से एकेटीयू की फैकल्टी एवं विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं शिक्षा प्रदान की जा रही है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Dec 2021 06:38 AM PST भाजपा का पंजाब मिशन(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए भाजपा ने भी मजबूत रणनीति बनायी है। पूर्व में कांग्रेस के नेता रहे और सफल मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भाजपा ने अपने साथ जोड़ा है। शिरोमणि अकाली दल तो पहले ही साथ था। कृषि कानूनों को लेकर अलग हो गया था लेकिन अब फिर से साथ आ गया है। इस प्रकार भाजपा का गठबंधन भी मजबूत स्थिति में है। हालांकि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) ने चंडीगढ़ में निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों को पटकनी दे दी है। कांग्रेस ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 77 विधायक जुटाकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनायी थी लेकिन नवजोत सिद्धू के चलते पार्टी बिखर गयी है। सिद्धू कहते हैं कि मुख्यमंत्री का चेहरा शीघ्र घोषित कर दिया जाएगा। इससे लगता है कि दलित कार्ड भी इस बार नहीं चलेगा। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सियासी दल तैयारियों में जुटे हुए हैं। खबर है कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को अपने पाले में शामिल कर भारतीय जनता पार्टी भी राज्य में सियासी जमीन तलाश रही है। तीन कृषि कानूनों के चलते भाजपा के लिए राज्य में कई मुश्किलें खड़ी हो गई थी लेकिन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भाजपा पंजाब में अपने कदम जमाने की कोशिश कर रही है। अपनी रणनीति के तहत भाजपा अन्य राजनीतिक पार्टियों से नेताओं को शामिल कर रही है। हाल ही में नेताओं का शामिल होना उसी रणनीति का हिस्सा है।' रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया, 'कृषि कानूनों के वापस लेने से पहले बीजेपी पंजाब में काफी विरोध का सामना कर रही थी। किसान आंदोलन के समर्थक अपने इलाके में प्रचार के लिए भाजपा नेताओं को आने नहीं दे रहे थे।' अब 28 दिसम्बर को कांग्रेस विधायक फतेह सिंह बाजवा और श्री हरगोबिंदपुर साहिब सीट से बलविंदर सिंह लड्डी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए। बाजवा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के भाई हैं। इनके अलावा शिअद नेता गुरतेज सिंह गुंधियाना, कमल बख्शी, मधुमीत, जगदीप सिंह धालीवाल, राजदेव खालसी और पूर्व क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने भी भाजपा का दामन थामा। इन भर्तियों के जरिए भाजपा को उम्मीद है कि कृषि कानून वापस लेने के बाद राज्य में सियासी माहौल एक बार फिर पार्टी के पक्ष में हो जाएगा। कृषि कानूनों के चलते ही शिअद ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था। हालांकि, अब पार्टी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पंजाब में नेताओं के लिए विधानसभा का रास्ता चंडीगढ़ की तरफ से जाता है, लेकिन आम आदमी पार्टी इस रवायत को बदलती हुई दिखाई दे रही है। इस बार चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों के नतीजों में एक बड़ा उलटफेर हुआ। पहली बार मैदान में उतरी आप सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है कुल 35 वार्डस में से पार्टी ने 14 पर जीत दर्ज की, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा ने 12 और कांग्रेस ने 8 सीटों पर कब्जा जमाया। दिलचस्प ये भी रहा की भाजपा के तमाम दिग्गजों को इन् चुनावों में हार का सामना काटना पड़ा चाहे वो मौजूदा मेयर हो या पूर्व मेयर। आप के लिए यह जीत खुशी के नगाड़े हैं जबकि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के लिए खतरे की घंटी। अभी तक पंजाब के चुनावी रण में कांग्रेस का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा था दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी और तीसरे नंबर पर शिरोमणि अकाली दल दिखाई दे रहे थे लेकिन चंडीगढ़ के जनादेश के बाद आम आदमी पार्टी उत्साहित है और निश्चित तौर पर उसे इस जीत का पंजाब में फायदा मिलने वाला है। कम से कम माहौल बनाने के लिए तो लाजिमी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस जीत पर लोगों को बधाई दी और कहा कि इन नतीजों का पंजाब के चुनाव पर भी असर पड़ेगा लेकिन विरोधी दल इससे इत्तेफाक नहीं रख रहे। उनका कहना है कि चंडीगढ़ के मुद्दे अलग हैं चंडीगढ़ की फिजा अलग है और विधानसभा और नगर निगम के चुनाव में भी विरोधी दल फर्क बताना नहीं भूल रहे। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भी आम आदमी पार्टी से लोगों का जुड़ाव था लेकिन आम आदमी पार्टी सत्ता में तो नहीं लेकिन शिरोमणि अकाली दल को पछाड़ कर विपक्ष के नेता की कुर्सी पर कब्जा करने में कामयाब जरूर रही। एक के बाद एक करके करीब आधे विधायक दूसरी पार्टियों में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा ना करना, मुफ्त बिजली और दलित नेता को मुख्यमंत्री बनाने जैसे कुछ ऐसे तीर जो आम आदमी पार्टी के तरकश में थे उन्हें चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने इनसे छीन लिये और इस से पहले आम आदमी पार्टी कमान पर चढ़ा पाती कांग्रेस ने यह सब तीर निशाने पर दाग दिए। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कांग्रेस किसको मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी। अब कांग्रेस के पंजाब प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने टिप्पणी की है। सिद्धू ने कहा कि 'यह पंजाब की जनता को तय करना है। वे तय करेंगे कि कौन उनके लिए काम करेगा। किसके पास सीएम बनने का नैतिक अधिकार है और कौन नई व्यवस्था तैयार कर सकता है। इसीलिए मेरा नारा है- जीतेगा पंजाब।' सिद्धू ने कहा कि पिछली बार आम आदमी पार्टी (आप) इसलिए हार गई थी क्योंकि उनके पास सीएम चेहरा नहीं था। आपके पास बोगियां हैं लेकिन इंजन कहां है? इंजन महत्वपूर्ण है।आप या तो मुद्दों पर लड़ते हैं या आप चेहरे पर लड़ते हैं। पार्टियों के ऐलान के बाद तस्वीर और साफ होगी। कांग्रेस चीफ ने कहा- चेहरा वह होगा जिसके पास नैतिक अधिकार और एजेंडा होगा। मजीठिया (शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में मुझे छह साल लग गए। एफआईआर निश्चित रूप से न्याय नहीं है लेकिन यह पहला कदम है। अगर आप सीएम के लिए पैसा कमाने की मशीन बन जाएं, तभी वह आईएएस अधिकारियों से आपके काम करवाते हैं, नहीं तो घर में बैठा देते हैं। सिस्टम बदलने की जरूरत है। पंजाब चुनाव के लिए विधानसभा सीटों पर टिकटों के ऐलान में देरी पर सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस एक सिस्टम और मैं सिस्टम से चलूंगा। चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाए जाने के पार्टी के फैसले पर सिद्धू ने कहा यह जाति का मुद्दा है ही नहीं। पंजाब गुरुओं की भूमि है। पंजाब न हिंदू है न मुसलमान। मुझे लगता है कि हमें दलितों के लिए लाभकारी नीतियों पर ध्यान देना चाहिए। इससे लगता है कि सिद्धू कांग्रेस को कमजोर कर देंगे। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| 2021 में मोदी सरकार के स्मरणीय कदम Posted: 29 Dec 2021 06:35 AM PST 2021 में मोदी सरकार के स्मरणीय कदम(मनीषा स्वामी कपूर-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राजनीतिक दृष्टि से भी 2021 काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कोरोना की महामारी ने पूरी दुनिया को रुलाया तो भारत के भी आंसू छलके हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा में अवसर तलाशे हैं। मोदी सरकार के इस वर्ष कुछ कदम याद किये जाएंगे। कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए पूरे देश में फ्री वैक्सीन की 150 करोड़ डोज दी गयीं। पीएम मोदी ने विकास कार्यों के साथ हिन्दुत्व एजेण्डे को इतना उभारा है कि विपक्षी हक्के-बक्के रह गये। काशी कारीडोर का लोकार्पण और चारधाम प्रोजेक्ट को अब सुप्रीम कोर्ट की भी हरी झंडी मिल गयी है। उत्तराखण्ड में देवस्थानम बोर्ड रद्द किया गया। केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण इसी साल किया गया है। मोदी ने मुख्यमंत्रियों को लेकर कड़े फैसले किये और कर्नाटक, उत्तराखण्ड व गुजरात के मुख्यमंत्री बदल दिये। मोदी ने पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को भाजपा से जोड़कर पार्टी की ताकत में इजाफा किया है। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार भले ही नहीं बना पायी लेकिन 77 विधायक जुटाकर ममता बनर्जी को अल्टीमेटम तो दे ही दिया है। पीएम मोदी ने तीनों विवादास्पद कृषि कानून वापस लेकर साल भर से चल रहा किसान आंदोलन स्थगित कराकर भी स्मरणीय कार्य किया है। अभी 28 दिसम्बर को पीएम मोदी ने कानपुर मेट्रो का उद्घाटन किया और कई योजाओं की सौगात दी। कानपुर में रैली यानी जनसभा को संबोधित करने से पहले मोदी ने मेट्रो रेल से यात्रा की और उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। मेट्रो परियोजना दो चरणों में पूरी होगी एवं दो कॉरिडोर होंगे। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के 32.6 किलोमीटर लंबे दोनों कॉरिडोर में कुल 30 मेट्रो स्टेशन होंगे। मेट्रो से एक बार में 974 यात्री सफर कर सकेंगे और ट्रेन की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इसके अनुसार, पहले कॉरिडोर की लंबाई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से नौबस्ता तक 24 किलोमीटर की होगी। पीएम मोदी ने ऊर्जा ईंधन को समर्पित वीना पन की पाइप लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। पीएम ने यूपी में पूर्वांचल को भगवामय कर दिया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और कुशीनगर में एयरपोर्ट का तोहफा दिया है। मोदी की कानपुर रैली में फसाद कराने के लिए बड़ी साजिश रची गई थी, जिसका पर्दाफाश यूपी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और वीडियो फुटेज के आधार पर किया है। सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की रैली में हिंसा फैलाने की साजिश रचने का आरोप समाजवादी पार्टी के नेताओं पर लगा है। पुलिस ने समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है और एक गाड़ी भी बरामद की है। साल 2021 अपने पीछे हमें उपलब्धियों की एक लंबी फेहरिस्त भी देकर जा रहा है जो आने वाले सालों में भारत की विजयगाथा को दुनिया के सामने गूंजायमान करती रहेगी। 2021 में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं उसके हम सब साक्षी रहे हैं। मोदी सरकार ने गांव, गरीब और किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया। मोदी सरकार ने सहकार से समृद्धि के सपने को साकार करने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है। नया सहकारिता मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा। कोरोना महामारी के खिलाफ भारत ने सबसे कम समय में 100 करोड़ टीकाकरण का मुकाम हासिल किया। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में भारत ने 21 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली। दुनिया में भारत 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पार करने वाला पहला राष्ट्र बन गया। भारत की इस उपलब्धि को संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी सराहा। भारत द्वारा 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पूरा किए जाने पर दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में एक कार्यक्रम रखा गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे अस्पताल में 100 करोड़ वां टीका वाराणसी के दिव्यांग अरुण रॉय को लगाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) के मौके पर 2.5 करोड़ टीका लगाकर कोरोना वायरस के खिलाफ भारत ने टीकाकरण का अपना ही विश्व रिकार्ड तोड़ दिया। इसके पहले भारत में 31 अगस्त को 1.41 करोड़ डोज लगाने का रिकार्ड बना था। भारत के लिए इसी साल टोक्यो ओलंपिक काफी यादगार रहा। भारत ने जापान की राजधानी टोक्यो में हुए खेलों के महाकुंभ में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। देश ने लंबे समय बाद एक साथ सात मेडल पर कब्जा जमाया। एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदकों के साथ भारत पदक तालिका में 48वें नंबर पर पहुंच गया। ओलंपिक खेलों के इतिहास में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। जब एक साथ भारत ने सात पदक अपने नाम किए। इससे पहले 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह मेडल जीते। भारत ने इस साल एक और बड़ी छलांग लगाई। पहली बार भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाली। 2 अगस्त को भारत सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बना। अगस्त से पूरे एक महीने के लिए भारत के हाथों में दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कमान रही। इस दौरान भारत ने समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद विरोधी तीन प्रमुख क्षेत्रों पर अपने विचार रखे और इससे निपटने के बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को रास्ता दिखाया। वर्ष 2021 में ही भारत अपनी सुरक्षा को अभेद बनाने और हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत रहा। इसी कड़ी में भारत ने दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर बनाया है। 22 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में झांसी में आयोजित 'राष्ट्रीय रक्षा समर्पण' समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना को स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर सौंपा। भारत सरकार की ओर से अक्तूबर 2006 में स्वदेशी निर्मित और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर के डिजाइन और विकास को मंजूरी दी गई थी। इस प्रकार कोरोना महामारी के दौरान भी पीएम मोदी ने देश को बड़ी उपलब्धियां दिलायी हैं। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| वर्ष के सबसे चर्चित सीएम रहे योगी Posted: 29 Dec 2021 06:33 AM PST वर्ष के सबसे चर्चित सीएम रहे योगी(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) लगभग बीतने जा रहे वर्ष 2021 में देश के मुख्यमंत्रियों में सबसे ज्यादा चर्चित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को धूल चटायी और कांग्रेस व वामपंथी शून्य पर पहुंच गये। इसके चलते उनकी चर्चा हुई। इसी तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने डिप्टी सीएम को ठेंगा दिखा दिया और साल के अंत में हुए उपचुनाव में भी जीत दर्ज कर वर्चस्व बनाए रखा। पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी वर्ष में चर्चित रहे लेकिन सिद्धू ने उन्हंे कांग्रेस से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी चर्चा हुई और वे अपने प्रतिद्वन्द्वी स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को सीएम की कुर्सी तक पहुंचने से रोकने में सफल रहे। भाजपा शासित राज्य उत्तराखण्ड में दो बार मुख्यमंत्री बदले गये। कर्नाटक में भी बीएस येदियुरप्पा को हटाकर बोम्मई को मुख्यमंत्री बना दिया गया। उत्तर प्रदेश को लेकर भी इस संदर्भ में चर्चा चली थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर कोई आंच नहीं आयी। इसके विपरीत उनकी कुर्सी और मजबूत हुई है। योगी को ही यूपी का अगला सीएम चेहरा घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तो यहां तक कहना पड़ा कि यूपी प्लस योगी, बहुत ही उपयोगी। इसके पीछे कारण भी है। योगी आदित्यनाथ ने इन पांच वर्षों में जनता के हित में कई योजनाएं चलायी हैं। एक्सप्रेसवे का जाल बिछा तो माफियाराज पर बुलडोजर चलाया गया है। भारत का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश बड़े राज्यों में वृद्धिशील स्वास्थ्य प्रदर्शन के मामले में शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरा है, जबकि मिजोरम ने छोटे राज्यों की श्रेणी में अच्छा प्रदर्शन किया है. नीति आयोग ने चैथा स्वास्थ्य सूचकांक अभी जारी किया है जिसमें यह जानकारी दी गई है। योगी की सरकार में प्रदेश को कई योजनाएं मिली हैं। उत्तर प्रदेश गोपालक योजना का शुभारंभ किया गया है इस योजना के माध्यम से गोपालक को रुपये 200000 तक का ऋण मुहैया करवाया जाएगा। यह ऋण दो किस्तों में मुहैया करवाया जाएगा। जिसके माध्यम से लाभार्थी 10 से 12 गाय का पालन कर सकता है। लाभार्थी गाय या भैंस में से किसी को भी पाल सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पशु दुधारू होना अनिवार्य है। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लाभार्थी अपनी खुद का डेरी फॉर्म भी खोल सकता है। मुफ्त स्मार्ट फोन व टैबलेट योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के युवाओं को एक करोड़ मुफ्त स्मार्टफोन एवं टेबलेट मुहैया करवाए जाएंगे। अटल जी के जन्मदिन 25 दिसम्बर से इसकी शुरुआत हुई। सभी पोस्ट ग्रेजुएशन, बीटेक, ग्रेजुएशन, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, पैरामेडिकल और कौशल विकास मिशन की ट्रेनिंग लेने वाले अभ्यर्थियों को स्मार्ट फोन/टैबलेट मुहइया करवाए जाएंगे। इस योजना का लाभ छात्रों के अलावा अन्य नागरिकों को भी प्रदान किया जाएगा। वह सभी नागरिक जो सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं वह भी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्य कमेटी के द्वारा इस योजना का कार्यान्वयन किया जाएगा। योगी सरकार ने छात्रों के हित में यूपी स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से कक्षा 9, 10, 11 एवं 12 में पढ़ने वाले बच्चों को स्कॉलरशिप प्रदान की है। प्रदेश के वह सभी बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनको शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि सरकार द्वारा उनकी शिक्षा का खर्च वहन किया जाएगा। वह सभी बच्चे जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय रुपये 200000 या फिर से कम है वह इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा राज्य के गरीब नागरिकों के लिए शादी योजना का शुभारम्भ किया गया है। इस योजना के माध्यम से कन्या की शादी होने पर रुपये 51000 की राशि प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा राज्य के गरीब नागरिकों के लिए इस योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से कन्या की शादी होने पर घ्51000 की राशि प्रदान की जाती है। राज्य के श्रमिकों को रोजगार प्राप्त करने के लिए अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। ऐसे सभी श्रमिकों को अपना जीवन व्यतीत करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस समस्या का निपटान करने के लिए मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक उद्यमिता विकास योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रवासी श्रमिक नागरिकों को उद्योगों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 75 जनपदों के विशेष प्रोडक्ट के उत्पाद को बढ़ावा दिया जाएगा। आने वाले 5 सालों में इस योजना के माध्यम से 25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। यह योजना उत्तर प्रदेश के छोटे, मध्यम एवं परंपरागत उद्योगों का विकास करने में भी कारगर साबित होगी। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया है। यूपी मिशन शक्ति अभियान को उत्तर प्रदेश की महिला एवं बेटियों को स्वावलंबी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को जागरूक किया जाता है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मिशन शक्ति अभियान को 31 अगस्त 2021 को लांच किया गया था। इसी तरह राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना है। प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से यदि गरीब परिवारों के एकमात्र आय अर्जित करने वाले सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो इस स्थिति में परिवार के सदस्य को रुपये 30000 की राशि प्रदान की जाएगी। जिससे कि परिवार को किसी पर भी निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़े। इस योजना का लाभ केवल तभी प्रदान किया जा सकता है जब लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक हो। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत लाभ की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में वितरित की जाएगी। इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की आर्थिक मदद भी हो सकेगी एवं उनके जीवन स्तर में भी सुधार आ सकेगा।कन्या सुमंगला योजना शुरुआत राज्य की लड़कियों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए की गयी है। इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर पढाई तक का पूरा खर्च सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जायेगा। कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओ को 15000 रूपये की कुल धनराशि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान जाएगी और बालिकाओ को दी जाने वाली कुल धनराशि 6 समान किस्तों में दी जाएगी। इस कन्या सुमंगला योजना 2020 के अंतर्गत कन्याओ के परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख या इससे कम होनी चाहिए। इस प्रकार योगी आदित्यनाथ ने सोच ईमानदार और काम दमदार को ठोस रूप से प्रस्तुत किया है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| सूडान में सोने की खदान ढहने से 38 मरे Posted: 29 Dec 2021 06:25 AM PST सूडान में सोने की खदान ढहने से 38 मरेखार्तूम। सूडान के पश्चिमी कोर्डोफन प्रांत में मंगलवार को सोने की एक खदान के धंसने से कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सूडान की सरकारी खनन कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह हादसा राजधानी खार्तूम से 700 किलोमीटर दक्षिण में फूजा गांव में बंद पड़ी एक खदान में हुआ। इस हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। खनन कंपनी ने फेसबुक पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं जिसमें ग्रामीणों को घटनास्थल पर इकट्ठा होते दिखाया गया। दरअसल, इस खदान की सुरक्षा करने वाले जवान जब यहां से लौट गए तो लोगों ने इसे सोना इकट्ठा करने के एक अवसर के तौर पर देखा। इसके बाद यहां पर खुदाई के लिए पहुंच गए। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| दुबई में बाल्कनी पर कपड़े सुखाने पर जुर्माना Posted: 29 Dec 2021 06:23 AM PST दुबई में बाल्कनी पर कपड़े सुखाने पर जुर्मानादुबई। दुबई में कुछ नए नियम बनाए गए हैं जिनके उल्लंघन पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। दुबई में अब बालकनी में कपड़े सुखाने की मनाही होगी। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर फाइन लगेगा, जबकि भारत में ज्यादातर लोग अपने कपड़े बालकनी में ही सुखाते हैं। इतना ही नहीं अब अगर बालकनी में सिगरेट पीने के दौरान उसकी राख नीचे गिरती है तो इसके लिए भी जुर्माना देना पड़ेगा। खबरों के मुताबिक नियमों को तोड़ने पर 500 से 1500 दिरहम यानी 10 हजार से 30 हजार रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा। दुबई नगरपालिका ने ये कदम शहर को साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से उठाए हैं। सोमवार को एक ट्वीट में दुबई नगरपालिका ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपनी बालकनी का 'गलत इस्तेमाल' न करें। लोगों से कहा गया है कि वे ऐसा कुछ न करें जिससे उनकी बालकनी 'बुरी' दिखे। ट्वीट में लिखा है कि पर्यावरण जरूरतों और मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए दुबई नगरपालिका यूएई के सभी निवासियों से शहर की सुंदरता और सभ्य स्वरूप को बिगाड़ने से बचने की अपील करती है। इस ट्वीट में उन नियमों के बारे में जानकारी दी गई है, जिनके उल्लंघन पर जुर्माना लगेगा। नए नियमों के मुताबिक बालकनी या खिड़की पर कपड़े सुखाने पर, बालकनी से सिगरेट की राख झाड़ने पर, बालकनी से कूड़ा फेंकने पर, बालकनी धुलते समय पानी नीचे गिरने या एसी से पानी टपकने पर, बालकनी में चिड़ियों को दाना खिलाने पर क्योंकि वे गंदगी फैलाती हैं। बालकनी में किसी तरह का एंटीना लगाने पर जुर्माना देना पड़ेगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Dec 2021 06:21 AM PST आईएसआई प्रमुख के कड़े निर्देशइस्लामाबाद। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम ने निजता से जुड़े कड़े आदेश दिए हैं। खबर है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आधिकारिक बैठकों के दौरान ली गई तस्वीरों और वीडियो मीडिया में जारी नहीं करने के लिए कहा है। इसी के चलते हाल ही में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में आईएसआई प्रमुख को छोड़कर लगभग सभी की तस्वीरें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मंत्री ने बताया कि महानिदेशक की तरफ से किसी भी बैठक की तस्वीरें या वीडियो जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्ैप् के डीजी के तौर पर नियुक्ति के बाद से ही उनके फोटो या वीडियो मीडिया में जारी नहीं किए गए हैं। सोमवार को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अंजुम भी शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अमजद शोएब ने इस पर प्रतिक्रिया दी कि खुफिया सेवाओं का मूल सिद्धांत मीडिया की नजरों से दूर रहना है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| ब्रिटेन में एक दिन में कोरोना के एक लाख मामले Posted: 29 Dec 2021 06:19 AM PST ब्रिटेन में एक दिन में कोरोना के एक लाख मामलेलंदन। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का कहर जारी है। यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए हैं। मंगलवार को 129,471 नए कोरोना केस की पुष्टि हुई है। इस दौरान से 143 लोगों की मौत भी हुई। पिछली बार कोरोना के सबसे ज्यादा केस 24 दिसंबर को मिले थे। इस दिन कोरोना के 122,186 केस दर्ज किए गए थे। ब्रिटेन में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण की वजह से अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की दर 53 फीसद हो गई है। लंदन के अस्पतालों में सबसे ज्यादा ओमिक्रॉन के मरीज भर्ती हुए हैं। बोरिस जॉनसन ने कोरोना को लेकर नई पाबंदिया नहीं लागू करने की बात कही थी। इसके बाद यहां कोरोना केस में इजाफा हुआ। फ्रांस में कोरोना संक्रमणों की संख्या एक नए स्तर पर पहुंच गई है, क्योंकि फ्रांस ने पिछले 24 घंटों में लगभग 1,80,000 कोरोना वायरस मामलों का रिकॉर्ड दर्ज किया है। इटली में लगातार तीन दिन तक रिकॉर्ड मामले सामने आने के बाद एक दिन के भीतर 24,883 नए मामले सामने आए हैं। ये संख्या एक दिन पहले सामने आए 54,762 मामलों से कम रही। भारत में कल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6,358 नए मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले सोमवार की तुलना में 2.6 फीसदी कम है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Dec 2021 06:08 AM PST
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| Posted: 29 Dec 2021 06:04 AM PST सुखमय सब का संसार करोअब जन-जन का उपकार करो, गद्दारों का संहार करो। हैं कोटि- कोटि जन तेरे संग अब तो ब्रह्मास्त्र प्रहार करो। अब मत अमरत्व प्रदान करो। सुखमय सब का संसार करो।। विश्वास भरोसा है तुम पर, दे दो चुनौती दो- चार करो। अब व्यर्थ भार ढोना इसका सीधे जड़ पर झट मार करो। अब मत अमरत्व प्रदान करो। सुखमय सब का संसार करो।। भूलो मत शाश्वत का अस्तित्व, सनातन का है प्रमाण भारत। हे राष्ट्रनायक तू कर्णधार, लक्ष्य तू "विवेक" साकार करो। अब मत अमरत्व प्रदान करो। सुखमय सब का संसार करो।। सत्य अहिंसा से आलोकित, कर दो मानव का जीवन। निरस्त करने को दानवता, तांडव छेड़ो या चक्र धरो।। उस पर प्रयोग ब्रह्मास्त्र करो, सुखमय सबका संसार करो।। डॉ.विवेकानंद मिश्र डॉक्टर विवेकानंद पथ, गोल बगीचा गया बिहार हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 29 Dec 2021 04:43 AM PST
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| दलित युवती के हत्यारे की जल्द गिरफ्तार कर सरकार-माया श्रीवास्तव Posted: 29 Dec 2021 03:18 AM PST दलित युवती के हत्यारे की जल्द गिरफ्तार कर सरकार-माया श्रीवास्तवसमर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह संयोजिका माया श्रीवास्तव ने वैशाली जिले के पातेपुर में एक दलित युवती को दबंगो द्वारा उठा ले जाने के बाद रेप करने के बाद मार देने की लोमहर्षक घटना की तीव्र निंदा की है।श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि स्थानीय पुलिस अगर जरा भी सक्रिय रहती तो युवती के साथ इस तरह की घटना नही घटती ।पुलिस का दबंगों से मिलीभगत रहने के कारण दलित युवती के साथ बलात्कार होने के बाद हत्या कर दी जाती है। श्रीमती श्रीवास्तव ने सरकार से हत्यारे की गिरफ्तारी और युवती के परिवार वालो को सुरक्षा प्रदानं करने के साथ साथ दस लाख रुपया मुआबजा देने की मांग की है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 28 Dec 2021 07:45 AM PST 29 दिसम्बर 2021, बुधवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |29 दिसम्बर 2021, बुधवार का दैनिक पंचांगतिथि दशमी दिन 11:31:28नक्षत्र स्वाति रात्रि 10:53:16 करण : विष्टि 16:15:09 बव 27:03:10 पक्ष कृष्ण योग सुकर्मा 25:16:12 वार बुधवार सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँसूर्योदय 06:47:19चन्द्रोदय 27:10:00 चन्द्र राशि तुला सूर्यास्त 17:12:14 चन्द्रास्त 13:41:00 ऋतु शिशिर हिन्दू मास एवं वर्ष शक सम्वत 1943 प्लव कलि सम्वत 5123 दिन काल 10:20:13 विक्रम सम्वत 2078 मास अमांत मार्गशीर्ष मास पूर्णिमांत पौष शुभ और अशुभ समय शुभ समय अभिजित कोई नहीं अशुभ समय दुष्टमुहूर्त 12:02:17 - 12:43:37 कंटक 16:10:22 - 16:51:43 यमघण्ट 09:16:53 - 09:58:14 राहु काल 12:22:57 - 13:40:29 कुलिक 12:02:17 - 12:43:37 कालवेला या अर्द्धयाम 07:54:11 - 08:35:32 यमगण्ड 08:30:22 - 09:47:54 गुलिक काल 11:05:25 - 12:22:57 दिशा शूल दिशा शूल उत्तर चन्द्रबल और ताराबल ताराबल अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद चन्द्रबल मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर विशेष ~ पाश्र्वनाथ जन्मकल्याणक (जैन)। पं.प्रेम सागर पाण्डेय् 29 दिसम्बर 2021, बुधवार का दैनिक राशिफलमेष (Aries): आज संभलकर कदम उठाने की सलाह देते हैं। आसपास के स्वजनों के साथ उग्र चर्चा न हो इसका ध्यान रखें। शारीरिक और मानसिक रूप से व्यग्रता का अनुभव करेंगे। अनिद्रा के कारण स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। बौद्धिक चर्चा से आनंद तो प्राप्त हो सकता है, लेकिन बौद्धिक चर्चा से दूर रहने की सलाह है। प्रवास भी संभव हो तो टाल दें।शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 6 वृषभ (Tauras): भावनाओं के बंधन में बंधने का अनुभव होगा। आपके कार्य संपन्न हो जाने से आनंद में वृद्धि होगी। भाई-बहनों से लाभ होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से आप खुशी का अनुभव करेंगे। आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है। परंतु मध्याहन के बाद की स्थिति विपरीत हो सकती है। धन का खर्च अधिक होगा और अपयश प्राप्त होने का योग है। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 मिथुन (Gemini): नकारात्मक मानसिक व्यवहार न रखने की सलाह देते हैं। असंतोष की भावनाओं से मन ग्रस्त रहेगा। पारिवारिक वातावरण में मेलजोल नहीं रहेगा। शारीरिक रूप से भी आप स्वस्थ नहीं रह पाएंगे। पढ़ने-लिखने में विद्यार्थियों का मन नहीं लगेगा। नए कार्य का प्रारंभ न करें। प्रतिस्पर्धियों को परास्त करेंगे। स्वजनों से भेंट करने से मन आनंदित होगा। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 सिंह (Leo): कोई भी निर्णय लेने की स्थिति में आप नहीं रहेंगे इसलिए आवश्यक निर्णय आज न लें। पारिवारिक कार्यों के पीछे धन का खर्च होगा। वाणी पर संयम रखें। गलतफहमियों को दूर कर दीजिएगा। संबंधियों के साथ मनमुटाव के प्रसंग बनेंगे। मध्याहन के बाद मित्रों और स्नेहीजनों के साथ हुई भेंट से आपका मन प्रसन्न होगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 कर्क (Cancer): आज आप भावनाओं के प्रवाह में आप न बह जाएं इसका ध्यान रखें। छोटे प्रवास या पर्यटन की संभावना है। आपका आरोग्य अच्छा रहेगा और मन भी प्रफुल्लित रहेगा। मध्याहन के बाद आपके मन में हताशा की भावना आ जाने से मन अस्वस्थ रहेगा। अनैतिक प्रवृत्तियों से मन भ्रष्ट न हो जाए इसका ध्यान रखिएगा। धन का खर्च अधिक होगा। शुभ रंग = क्रीम शुभ अंक : 2 वृश्चिक (Scorpio): आपके लिए भाग्यवृद्धि का दिन है। विदेश स्थित स्नेहीजन से अच्छे समाचार प्राप्त होंगे। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धार्मिक प्रवास होने की संभावना है। धन लाभ की भी संभावना है। व्यवसाय में पदोन्नति के योग हैं। आपका प्रत्येक कार्य सफल होने के साथ-साथ पूर्ण भी होगा। माता से संबंध अच्छे रहेंगे। मान-सम्मान प्राप्त होगा। गृहस्थ जीवन आनंदपूर्ण रहेगा। शुभ रंग = लाल शुभ अंक : 1 कन्या (Virgo): आज परिस्थिति अनुकूल रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से सुख शांति रहेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में वातावरण अनुकूल रहेगा। मध्याहन के बाद मन की स्थिति द्विधापूर्ण रहेगी जिससे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में बाधा होगी। आज वाणी पर संयम बरतने की सलाह देते हैं। कोर्ट-कचहरी के कार्यों में निर्णय लेते समय सावधानी बरतें। धन हानि के साथ मानहानि से भी बचें। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 तुला (Libra): पारिवारिक वातावरण आनंदप्रद रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ प्रेमपूर्ण वर्तन रहेगा। घर की साज-सजावट में भी परिवर्तन करेंगे। मानसिक स्वस्थता में भी वृद्धि होगी। व्यवसाय में उच्च अधिकारियों की ओर से आर्थिक लाभ होगा। आर्थिक आयोजन निष्ठापूर्वक संपन्न कर सकेंगे। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मानसिक रूप से शांति का अनुभव होगा। संतान से सुख मिलेगा। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 धनु (Sagittarius): प्रातःकाल के समय आपका शारीरिक स्वास्थ्य नरम-गरम रह सकता है। निषेधात्मक विचार मन को अस्वस्थ कर सकते हैं इसलिए वैचारिक स्तर पर संयम रखें। आर्थिक रूप से तंगी का अनुभव करेंगे। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग है। व्यवसायियों को लाभ होगा। मित्रों और स्नेहीजनों के साथ आनंदपूर्वक समय बीतेगा। प्रवास का योग है। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 मकर (Capricorn): आज के दिन परिजनों के साथ आनंदपूर्वक प्रवास या पर्यटन का आनंद उठाएंगे। मध्याहन के बाद आपका मन व्यग्रता का अनुभव करेगा। अधिक खर्च होने से धन की तंगी रहेगी। सरकारी कार्यों में विघ्न आएंगे। अनैतिक कार्यों से सम्बंधित वृत्तियों पर अंकुश रखें। शुभ रंग = केशरी शुभ अंक : 6 कुंभ (Aquarius): गणेशजी के आशीर्वाद से आपका दिन सुख-शांतिपूर्वक बीतेगा। पारिवारिक जीवन में भी आनंद छाएगा। शारीरिक और मानसिक स्वस्थता प्राप्त होगी। आनंद-प्रमोद के साथ वाहन सुख प्राप्त होगा। व्यवसायिक क्षेत्र में आपको कीर्ति प्राप्त होगी। नए वस्त्र और आभूषणों के पीछे धन का व्यय होगा। छोटे से प्रवास या पर्यटन की संभावना है। शुभ रंग = हरा शुभ अंक : 3 मीन (Pisces): आज के दिन आकर्षण से दूर रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद न करें। नए कार्य का प्रारंभ न करें। मध्याहन के बाद स्थिति में सुधार दिखेगा। शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थता का अनुभव करेंगे। व्यवसायियों को कार्यालय में सानुकूल वातावरण रहेगा। प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। शुभ रंग = उजला शुभ अंक : 4 प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844 हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 28 Dec 2021 05:29 AM PST बेहूदे ने समय देखकर खीसे दिया निपोर दो कौड़ी का ढोंगी कहता राष्ट्रभक्त को चोर स्वतंत्रता के युद्ध से जिनका रहा न कोई नाता राष्ट्रद्रोहियों को संसद में राष्ट्रभक्त बतलाता जान बूझकर शब्द-शब्द में ज़हर रहा है घोर धर्म का फ़र्जी चोला ओढ़े चंदन तिलक लगाए झूंठ-मूठ के मंत्र फूककर बुद्धी है पलटाए सत्य हमेशा शांत रहा है झूठ मचाता शोर पाठ पढ़ाया गया है जितना उतना पढ़ता पट्टू भौंक रहा है सभी जानते है वो बड़ा निखट्टू हालत पतली देख के,पट्ठा लगा रहा है जोर आखिर कितना और करेगा करले तू मनमानी वख्त एक सा नहीं रहा है बतलाते सब ज्ञानी रात अभी है काली लेकिन कल फिर होगी भोर * ~जयराम जय 'पर्णिका'बी-11/1,कृष्ण विहार,आवास विकास, कल्याणपुर,कानपुर-208017(उ.प्र.) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 28 Dec 2021 05:17 AM PST
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| मोदी की कानपुर यात्रा का महत्व Posted: 28 Dec 2021 05:14 AM PST मोदी की कानपुर यात्रा का महत्व(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) न्यू इंडिया अभियान में यूपी का योगदान प्रगति पर है। इस दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभूतपूर्व कार्य किये है। विगत साढ़े चार वर्षों के प्रयास फलीभूत हो रहे है। एक्सप्रेस वे,एयरपोर्ट मेट्रो, मेडिकल कॉलेज अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार, औद्योगिक विकास, पूंजी निवेश आदि उत्तर प्रदेश की पहचान से जुड़ रहे है। विकास के सभी क्षेत्रों में योगी सरकार के साढ़े चार वर्ष कई दशकों पर भारी है। इसमें भी विगत करीब दो वर्ष तक कोरोना आपदा रही है। इस अवधि में भारत ही नहीं दुनिया की गतिविधियां बाधित रही है। इसके बाबजूद योगी सरकार ने अनेक परियोजनाओं को रिकार्ड अवधि में पूरा किया है। कुशीनगर एयर पोर्ट,पूर्वांचल एक्सप्रेस वे सहित अनेक परियोजनाएं इसका प्रमाण है। अनेक परियोजनाएं निकट भविष्य में पूरी हो जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इनकी समीक्षा कर रहे है। पिछले कुछ समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में अनेक परियोजनाओं का लोकर्पण किया। इस सूची में कानपुर मेट्रो का संचालन भी शामिल हुआ। नरेंद्र मोदी ने मोदी कानपुर की स्मार्ट परिवहन की सौगात दी है। उन्होंने मेट्रो सेवा का शुभारंभ किया। आईआईटी कानपुर से मोती झील तक नौ किलोमीटर लंबे खंड का निरीक्षण करने के साथ ही उन्होंने मेट्रो से यात्रा भी की। कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना की पूरी लंबाई बत्तीस किलोमीटर है। इसे ग्यारह हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया। प्रधानमंत्री ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाये गये बीना- पनकी मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन परियोजना का भी उद्घाटन किया। करीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर लंबी इस परियोजना की क्षमता लगभग साढ़े तीन मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। मध्य प्रदेश की बीना रिफाइनरी से लेकर कानपुर के पनकी तक फैली इस परियोजना क्षेत्र में बीना रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों को पहुंचाने में सहायक होगा।प्रधानमंत्री मोदी आईआईटी कानपुर के चैवनवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने सभी छात्रों को पहली बार राष्ट्रीय ब्लॉकचेन परियोजना के अंतर्गत संस्थान में विकसित की गई डिजिटल डिग्रियां प्रदान की। एक समय था जब कानपुर भारत का मैनचेस्टर कहा जाता था लेकिन विगत कई दशकों से यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव होने लगा। फैक्ट्रियों के चलने की आवाज की जगह जनरेटर आ गए। बिजली कटौती कानपुर की पहचान बन गई। यातायात की समस्या विकराल हो गई। विगत साढ़े चार वर्षों में कानपुर में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान दिया गया। यहां बिजली आपूर्ति में सुधार बड़ी उपलब्धि रही। इस क्रम में कानपुर को मेट्रो की सौगात भी मिली है। कुछ समय पहले योगी आदित्यनाथ ने कानपुर मेट्रो रेल के ट्रायल रन का शुभारम्भ किया था तब उन्होंने रावतपुर नगर स्थित मेट्रो ट्रेन डिपो परिसर में बटन दबाकर प्रोटोटाइप मेट्रो ट्रेन के ट्रायल रन की शुरुआत की थी। योगी आदित्यनाथ ने सड़क मेट्रो व वायु मार्ग से यात्रा से संबंधित अभूतपूर्व कार्य किये है। जिला मुख्यालयों को फोर लेन मार्ग से जोड़ा गया है। तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय को फोर तथा टू लेन मार्ग से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के चार शहरोें में मेट्रो रेल संचालित हैं। आगरा एवं कानपुर का नाम भी इसमें जुड़ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने के लिए पांच सौ पंचान्नबे किलोमीटर लम्बाई के देश के दूसरे सबसे बड़े एक्सप्रेस वे के रूप में गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु तिरानवे प्रतिशत भूमि की व्यवस्था की जा चुकी है। राज्य सरकार ने अभी तक अपनी सभी एक्सप्रेस वे परियोजनाओं के लिए स्वयं ही वित्त व्यवस्था की है। राज्य सरकार आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के मॉरगेज के माध्यम से गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए धनराशि की व्यवस्था विचाराधीन रही है। केन्द्रीय बजट में देश के विभिन्न भागों में समन्वित विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की वृहद अवधारणा प्रतिपादित की है। डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर भी बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे पर ही है। इसके साथ ही गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का भी प्रगति पर है। बलिया लिंक एक्सप्रेस वे को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके लिए भूमि की व्यवस्था की जा रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद केंद्र की योजनाओं पर तेजी से कार्य शुरू किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगे हैं। उनकी सरकार सभी एक्सप्रेस वे के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रही है। एक्सप्रेस वे निर्माण के संबन्ध में योगी आदित्यनाथ ने नजरिया ही बदल दिया है। अब एक्सप्रेस वे यातायात का माध्यम मात्र नहीं है, योगी ने इसे औद्योगिक विकास से जोड़ कर अभिनव कार्य किया है। विकास के जिन क्षेत्रों में योगी सरकार ने कीर्तिमान स्थापित किये हैं, उसमें कनेक्टिविटी भी शामिल है। राज्य में गंगा एक्सप्रेस वे सहित विभिन्न एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल व प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद योजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायक होंगे। स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विगत साढ़े चार वर्षों में अवस्थापना सुविधाओं का अभूतपूर्व अध्याय जुड़ा है। एक्सप्रेस वे व एयर पोर्ट निर्माण आदि के कीर्तिमान स्थापित हो रहे है। नोयडा एयर पोर्ट निर्माण के साथ यह विकास यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित होगी। इसके पहले कुशीनगर एयर पोर्ट लोकार्पण की चर्चा दुनिया में हुई थी। बीस देशों के प्रतिनिधि इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए थे। इसी प्रकार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लोकार्पण कार्यक्रम पर भी दुनिया की निगाह थी क्योंकि इस एक्सप्रेस वे पर भारत की मजबूत वायु सेना के शौर्य का प्रदर्शन हुआ था। कुछ समय बाद उत्तर प्रदेश एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण कराने वाले राज्य का गौरव हासिल कर लेगा। जेवर जैसे हवाई अड्डे का निर्माण करने वाला भारत दुनिया का चैथा देश होगा। यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तरी भारत में लॉजिस्टिक्स का एक वैश्विक हब बनेगा। योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण काफी पहले शुरू हुआ था। इसके बाद पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला यूपी देश का एकमात्र ऐसा राज्य होगा। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कार्य चल रहा है। लखनऊ और वाराणसी पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में संचालित हो रहे हैं। नोयडा अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट के नजदीक फिल्म सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिस पर करीब एक हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। एयरपोर्ट के निकट छह एकड क्षेत्रफल में हॉस्पिटल व ट्रामा सेंटर बनेगा। यहीं पर एटीएस का मुख्यालय बनेगा इसमें एटीएस का ऑफिस और आवासीय परिसर होगा। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। आज उत्तर प्रदेश में नौ एयरपोर्ट क्रियाशील हो चुके हैं। पांच वर्ष पहले प्रदेश के एयरपोर्ट केवल पच्चीस स्थलों से जुड़े हुए थे। अब इनकी संख्या अस्सी हो गई है। प्रदेश सरकार ग्यारह नये एयरपोर्ट को विकसित करने का कार्य कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने नए भारत के नए यूपी को प्रतिष्ठित करने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश सरकार ने अब तक तीन लाख करोड़ से अधिक का निवेश हासिल करने में सफलता पाई है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| नये रूप में टाटा की नेक्साॅन ईवी कार Posted: 28 Dec 2021 05:11 AM PST नये रूप में टाटा की नेक्साॅन ईवी कारघरेलू वाहन निर्माता टाटा मोटर्स अपने मौजूदा मॉडल नेक्सॉन ईवी के फेसलिफ्ट मॉडल के साथ अपने ईवी पोर्टफोलियो को अपग्रेड करने जा रही है। नेक्साॅन ईवी के फेसलिफ्ट मॉडल को बड़े बैटरी पैक के साथ पेश कर सकता है। मौजूदा नेक्सॉन में 30केडब्ल्यूएच की बैटरी देखने को मिलती है, जो फेसलिफ्ट नेक्साॅन ईवी में 40 केडब्ल्यूएच की हो सकती है। इससे टाटा नेक्साॅन ईवी की रेंज भी बढ़ जाएगी। टाटा नेक्सॉन ईवी वर्तमान में ईवी सेगमेंट में लगभग 60 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रखती है। नेक्साॅन ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च होने के बाद एमजी मोटर की जेडएसईवी और हुण्डई की कोना को कड़ी टक्कर देगा। मजेदार बात यह है कि एमजी भी 10 से 15 लाख के सेगमेंट में एक और नई इलेक्ट्रिक कार उतारने की तैयारी कर रही है। नए साल 2022 में ईवी सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी क्योंकि कई बड़ी दिग्गज कंपनियां अपनी नई ईवी को पेशकश करने की तैयारी कर रही हैं। मौजूदा नेक्साॅन ईवी की बैटरी कैपेसिटी 30.2 केडब्ल्यूएच है। यह फुल चार्ज होकर 312 किमी. कि ड्राइवर रेंज तक दे सकती है। इसके अतिरिक्त कंपनी का दावा है कि मात्र 1 घंटे में इस कार की 80 फीसदी चार्ज हो सकती है। इसके अलावा कार की स्पीड जो कि वर्तमान में 120 प्रति घंटा है बढ़ सकती है। अभी 5 वैरिएंट मार्केट में उपलब्ध है। प्राइस की बात करें तो ईवी के मौजूदा मॉडल की शुरुआत (एक्स शोरूम) कीमत 14.24 लाख रुपये से होती है और 16.85 लाख रुपये तक जाती है। टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए काफी आगे तक की प्लानिंग की हुई है। हाल ही में कंपनी ने इस बारे में घोषणा की थी, 2026 तक देश में 10 नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च कर सकती है। 2022 से 2023 तक कंपनी कई नए इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है, जिनमें से अगली कार टाटा अल्ट्रोज का इलेक्ट्रिक वर्जन हो सकती है। नए साल में जीएसटी में कई बदलाव गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में 1 जनवरी 2022 से कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। नए साल में आपकी जेब पर यह बदलाव भारी पड़ने जा रहा है। इन बदलावों में खासकर ई-कॉमर्स ऑपरेटरों पर पैसेंजर ट्रांसपोर्ट या रेस्त्रां सर्विसेज के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर टैक्स का भुगतान करने का दायित्व शामिल है। इसके साथ ही फुटवेयर और टैक्सटाइल सेक्टर में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार नए साल में शुरू हो जाएगा। इस शुरुआत के साथ ही फुटवेयर पर 12 प्रतिशत जीएसटी भी लगने लगेगा। फुटवेयर पर 12 प्रतिशत टैक्स लगने का मतलब है कि आप जो जूता या चप्पल 100 रुपये में खरीदते थे वह नए साल से 112 रुपये में मिलने लगेगा। फिलहाल फुटवेयर पर 5 प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है। इसी तरह रेडीमेड कपड़ों समेत सभी टेक्साइटल प्रोडक्ट्स (कॉटन को छोड़कर) पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी लगना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा ऑटो रिक्शा चालकों को मैनुअल मोड या ऑफलाइन तरीके से दी जाने वाली पैसें ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर छूट मिलती रहेंगी, लेकिन जब ये सर्विसेज किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से दी जाएंगी तो इन पर नए साल से 5 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। सोसायटी में रहने वालों के लिए मेंबर-फी का नियम भी बदलने जा रहा है। क्लब और एसोसिएशन के मेंबर जो फीस देते हैं। अब उस पर उन्हें जीएसटी भी देना पड़ेगा। नए बदलाव के बाद फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों स्विगी और जोमैटो जैसे ई-कॉमर्स सर्विस प्रोवाइडर्स का यह उत्तरदायित्व होगा कि उनके द्वारा दी जाने वाली रेस्टोरेंट सर्विसेज के बदले वे जीएसटी कलेक्ट करें और उसे सरकार के पास जमा करवाएं। ऐसी सर्विसेज के बदले उन्हें बिल भी जारी करने होंगे। इससे ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं आएगा क्योंकि रेस्टोरेंट पहले से ही जीएसटी रेवेन्यू कलेक्ट कर रहे हैं। बदलाव सिर्फ इतना हुआ है कि टैक्स जमा करवाना और बिल जारी करने की जिम्मेदारी अब फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों पर आ गई है। कैश ट्रांजैक्शन को लेकर सतर्कता इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इन दिनों कैश ट्रांजैक्शन को लेकर काफी सतर्क हो गया है। पिछले कुछ सालों में आयकर विभाग ने बैंक, म्यूचुअल फंड हाउस, ब्रोकर प्लेटफॉर्म आदि जैसे विभिन्न निवेश प्लेटफार्मों पर आम जनता के लिए नकद लेनदेन के नियमों को कड़ा कर दिया है। बता दें कि बहुत सारी ऐसी ट्रांजैक्शन होती हैं, जिन पर इनकम टैक्स की नजर रहती है। बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार के पास अगर आप बड़े कैश ट्रांजेक्शन करते हैं, तो उन्हें आयकर विभाग की इसकी सूचना देनी होती है। उदाहरण के लिए एक साल में अगर आप एक बार या एक से अधिक बार में एफडी में 10 लाख रुपये या उससे अधिक जमा करते हैं तो आयकर विभाग आपसे पैसों से स्रोत के बारे में पूछ सकता है। ऐसे में अगर मुमकिन हो तो एफडी में अधिकतर पैसे ऑनलाइन माध्यम से या फिर चेक के जरिए जमा करें। अगर कोई शख्स एक वित्त वर्ष में अपने एक खाते या एक से अधिक खातों में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की रकम कैश में जमा करता है तो आयकर विभाग पैसों से स्रोत को लेकर सवाल कर सकता है। चालू खातों में अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये है। कई बार लोग क्रेडिट कार्ड का बिल भी कैश में जमा करते हैं। अगर आप एक बार में 1 लाख रुपये से अधिक कैश क्रेडिट कार्ड के बिल के तौर पर जमा करते हैं तो आयकर विभाग आपसे सवाल कर सकता है। वहीं अगर आप एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान कैश में करते हैं तो भी आपसे पैसों से स्रोत के बारे में पूछा जा सकता है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मोदी ने समझायीं विलंब व विकास की विचारधारा Posted: 28 Dec 2021 05:06 AM PST मोदी ने समझायीं विलंब व विकास की विचारधारा(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के चार साल पूरे हो गये। इस अवसर पर सरकार जश्न मना रही है। जश्न में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुंचे। मोदी ने विलम्ब और विकास की विचारधारा में अंतर बताया। कांग्रेस का नाम लिये बिना पीएम ने कहा कि विलम्ब की विचारधारा वालों ने हिमाचल को विकास के लिए वर्षों का इंतजार करवाया लेकिन हमारा कमिटमेंट सिर्फ विकास के लिए है। विकास को तेज गति से करने में भाजपा यकीन रखती है। मोदी ने कहा कि हम सिर्फ हाईवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर ही विकसित नहीं कर रहे हैं, हम दूरदराज के गांवों को पीएम ग्राम सड़क योजना से जोड़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि बीते 6-7 सालों से डबल इंजन की सरकार चल रही है। इससे हमारी बहनों-माताओं के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। पहले खाना बनाने के लिए लकड़ी के इंतजाम में बहुत समय बीत जाता था, आज घर-घर में गैस सिलेण्डर पहुंचा है। इसके साथ ही शौचालय की सुविधा मिलने से राहत मिली है। पानी के लिए बेटियों को कितनी मेहनत कानी पड़ती थी लेकिन अब 7 लाख घरों में पानी पहुंचाने का काम हमने किया है। उन्हांेने कहा, पहले सरकारें विलम्ब करती थीं, अब विकास होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मंडी को छोटी काशी कहा जाता है। हम मंडी का विकास भी काशी की तर्ज पर करेंगे। हिमाचल में पर्यटन और तीर्थाटन एक साथ जुड़ेंगे। ध्यान रहे कि पंच कैलाश में से तीन कैलाश हिमाचल में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पड्डल मैदान में राज्य सरकार के चार साल पूरे होने पर रैली कर रहे थे। भाजपा की इस रैली में जमकर भीड़ उमड़ी। रैली की शुरुआत करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हम भी मंडी को यूपी के काशी की तरह विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडी को छोटी काशी भी कहते है, क्योंकि यहां 300 से अधिक प्राचीन मंदिर हैं। हम भी उत्तर प्रदेश की काशी के तर्ज पर मंडी को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहले लोगों को इलाज के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली में जाना पड़ता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए तो एम्स अस्पताल, 550 करोड़ रुपये का एम्स, 4 मेडिकल कॉलेज और कई अस्पताल बनाने का काम यहां पर शुरू हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के 4 साल पूरे हुए हैं। ये भीड़ बता रही हैं कि आपने 4 साल में हिमाचल को तेज गति से आगे बढ़ते हुए देखा। हमने 4 साल में मजबूती से कोरोना से लड़ाई लड़ी है, हिमालच को पहला एम्स मिला, 4 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हुए। हिमाचल प्रदेश के मंडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 11,000 करोड़ रुपये की लागत वाले 4 बड़े हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया। इससे हिमाचल की आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यहां पैदा हुई बिजली से हर वर्ष लगभग सवा सौ करोड़ रुपये की आय होगी। इसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्लास्टिक से पहाड़ों को होने वाले नुकसान को लेकर सरकार सतर्क है। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान के साथ-साथ सरकार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम कर रही है। पीएम मोदी ने मंडी रैली से पहले हिमाचल प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह की अध्यक्षता की। इससे लगभग 28,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंडी के सेपो बड़ी और बदाणे के मिठ्ठे की चर्चा करना भी नहीं भूले। पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी मंडी आता हूं, मुझे सेपो बड़ी और बदाणे के मिठ्ठे की याद आती है। इसके साथ उन्होंने कहा कि यह जयराम सरकार के सेवा और सिद्धि के चार साल हैं, इससे हिमाचल के विकास में नए पंख लगे हैं। पीएम ने कहा कि इन चार साल में हिमाचल तेज गति से आगे बढ़ा है। जयराम और उनकी टीम ने हिमाचल को आगे ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन चार सालों में हिमाचल को एम्स मिला, तो चार नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि यहां विकास के दो मॉडल हैं। एक सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर काम करता है जबकि दूसरा खुद का स्वार्थ, परिवार का स्वार्थ पर काम करता है। हिमाचल सरकार ने पहले मॉडल पर काम करते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल होने से उन्हें पढ़ने और अपना भविष्य बनाने का समय मिलेगा। इसके बीच आप एक दूसरा मॉडल भी देख रहे होंगे जो अपना स्वार्थ देखता है, जिन राज्यों में वो सरकार चला रहे हैं उसमें प्राथमिकता गरीब के कल्याण की नहीं बल्कि खुद के कल्याण की है। मोदी ने मंडी रैली में कहा कि एक विचारधारा विलंब की है दूसरी विचारधारा विकास की है। विलंब की विचारधारा वालों ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की कभी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि हिमाचल के किसानों का अभिनंदन कि उन्होंने प्राकृतिक खेती को चुना। इसके साथ पीएम ने कहा कि मेरा देशभर के किसानों से आग्रह है, वह हिमाचल के किसानों ने जो रास्ता चुना उसको अपनाएं। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल के तहत पर्यवारण का ख्याल रखा है। जल विद्युत परियोजनाएं भी क्लाइमेट फ्रेंडली हैं। हमारा मकसद ये है कि ऊर्जा की जरूरत के साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर पहाड़ी भाषा में कहा कि देवभूमि में आशीर्वाद लेणे रा मौका मिलेया। देवभूमि दे सभी देवी-देवतयां जो मेरा नमन। जब मंडी आता हूं तो बदाणे रा मिट्ठा और सेपो बड़ी की याद आ जाती है। बता दें कि सेपो बड़ी और बदाणे के मिठ्ठे की स्थानीय डिश है, जो कि शादियों में खासतौर पर बनती है। पीएम ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन और तीर्थाटन जुड़ रहे हैं, क्योंकि यह शिव और शक्ति का स्थान है। हिमाचल में तीन कैलाश हैं और बौद्ध आस्था का यह प्रमुख स्थल है। डबल इंजन की सरकार हिमाचल की ताकत को आगे बढ़ा रही है और मंडी में शिवधाम इसी ताकत का परिणाम है। इसके साथ उन्होंने कहा कि मैं प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई देता हूं और प्रदेश इसी विकास की रफ्तार के साथ आगे बढ़ता रहे, यही मेरी कामना है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 28 Dec 2021 05:02 AM PST कौन निभायेगा 2022 में वादा(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) विधानसभा के चुनाव सिर पर हैं तो उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल लोक लुभावने वादे कर रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा कुछ आगे है क्योंकि उसे सरकार में रहने का फायदा मिल रहा है। युवाओं को स्मार्ट फोन और टैवलेट बांटने का वादा 25 दिसम्बर को निभाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम (इकाना स्टेडियम) में स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरण का भव्य आगाज किया। भाजपा सरकार ने भी वादों की झड़ी लगा रखी है। इसके साथ ही विपक्षी दल भी सत्ता में आने पर तरह तरह की 'गिफ्ट' देने का वादा कर रहे हैं। मुफ्त बिजली से मुफ्त स्कूटी तक देने का वादा किया गया है। जनता से वादा करने की परम्परा कोई नयी नहीं है। पांच दशक से पहले ही चुनाव के समय तरह-तरह के वादे किये जाते थे। दक्षिणा भारत में यह परम्परा तमिलनाडु से शुरू हुई। इसके बाद तो उत्तर भारत में भी वादों की सियासत चुनाव जिताऊ साबित हुई। हितकर न होते हुए यह राजनीति रुचिकर रही है। देश की आजादी के बाद एक दशक भी नहीं बीता था कि चुनावी वादों की राजनीति शुरू हो गयी थी। इसकी शुरुआत दक्षिण भारत के तमिलनाडु से हुई थी। दक्षिण भारत के कांग्रेसी नेता के. कामराज ने 1954 में स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और मुफ्त भोजन देने का वादा किया था। इस वादे ने युवाओं को आकर्षित किया और के. कामराज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गये। युवाओं विशेष रूप से छात्र-छात्राओं को आकर्षक वादों से लुभाने की परम्परा आज भी चली आ रही है। कभी इसी के चलते नकल अध्यादेश वापस लेने का वादा किया गया तो कभी छात्र संघ बहाल करने का वादा करके सरकार बनायी गयी। बेरोजगारी भत्ता लैपटाप वितरण की परम्परा ही आज स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरण तक पहुंची है। तमिलराडु में भी जब के. कामराज छात्रों को लुभाने के बाद मुख्यमंत्री बन गये तो 1967 में द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) के संस्थापक नेता सीएन अन्ना दुरई ने एक रुपये में साढ़े चार किलो चावल देने का वादा कर गरीब जनता को अपना मुरीद बना लिया था। इस प्रकार सीएन अन्ना दुरई ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। सीएन अन्ना दुरई के बाद तमिलनाडु में सी. रामचन्द्रन, जयललिता और एम. करुणानिधि भी मुफ्त में जेवर तक देने का वादा कर सत्ता का सुख भोगते रहे हैं। भारत की राजनीति में श्रीमती इंदिरा गांधी के सत्ता में आने के बाद बहुत परिवर्तन दिखाई पड़े। राज्यों में सियासी सफलता का मंत्र केन्द्र में भी आजमाया जाने लगा। पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद इंदिरा गांधी सत्ता में आने को बेताब थीं लेकिन तब लाल बहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री बना दिया गया। दुर्भाग्य से शास्त्री जी ज्यादा दिन पीएम नहीं रह पाये और ताशकंद समझौते के दौरान ही उनकी रहस्यमय स्थिति में मौत हो गयी। उसी दौरान 1966 में बिहार और पूर्वी यूपी में भयंकर सूखा पड़ा था और अगले ही साल 1967 में संसद के चुनाव होने थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उसी समय रोटी, कपड़ा और मकान देने का जनता से वादा किया था। उनका नारा था गरीबी हटाओ। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में ये वादे किये गये तो जनता ने कांग्रेस को एक बार फिर सत्ता सौंप दी। इस प्रकार दक्षिण की राह पर पूरा भारत चल पड़ा था। कांग्रेस के हाथ से दिल्ली की कुर्सी तीन बार छिन चुकी थी लेकिन 2004 में श्रीमती सोनिया गाध्ंाी ने गंठबंधन की नीति अपनाकर फिर से सत्ता दिला दी और 2009 में पहली बार किसानों से कर्ज माफी का वादा किया गया। पूर्व के कार्यकाल में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस को लोकप्रिय कर दिया था। इस प्रकार 2009 में एक बार फिर लगातार कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को केन्द्र में सरकार बनाने का अवसर मिला। किसानों के कर्जमाफी की परम्परा तभी से चल रही है और अब तो किसानों को सीधे पैसा बांटा जा रहा है। तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव ने भी किसानों को नकद पैसा बांटा था और मुख्यमंत्री बन गये। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है और इसके लिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोर्चा अपने हाथ में लिया है। यूपी चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने का ऐलान कर चुकीं प्रियंका गांधी ने एक बड़ा दांव चला और महिलाओं के लिए अलग घोषणा पत्र जारी किया। प्रियंका गांधी ने महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की। प्रियंका वाड्रा कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर सालाना भरे हुए 3 सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त होगी। उन्होंने कहा, ग्रेजुएशन में पढ़ने वाली लड़कियों को स्कूटी मिलेगी। परिवार में पैदा होने वाली प्रत्येक बालिका के लिए एक एफडी बनवाई जाएगी। हमने पुलिस बल में 25 प्रतिशत महिलाओं को नौकरी देने की घोषणा की है। चुनाव में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी से शुरुआत की है और आगे चलकर हम इसे 50 फीसदी करना चाहते हैं। संसद और विधान सभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 14 प्रतिशत से कम है। जब 40 फीसदी चुनाव लड़ेंगी तो ये बढ़ेगा। उन्होंने कहा, महिलाएं अब अन्याय सहने को तैयार नहीं हैं। इसलिए हमने महिला घोषणापत्र बनाया है। इसके छह हिस्से हैं- स्वाभिमान, स्वावलंबन, शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और सेहत। समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं रहना चाहती। सपा सरकार बनते ही युवा बेरोजगारों के लिए 10 लाख रोजगार देने की बात भी होगी। यही नहीं हर महीने गरीब परिवारों को 300 यूनिट बिजली फ्री देने का भारी भरकम वायदा भी होगा। सपा ने इसका संकेत दे दिया है। यह सब वायदे सपा के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल होंगे। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा आम आदमी पार्टी के लाए गए चुनावी घोषणा पत्र की छाप दिखेगी। मुफ्त बिजली वाला वादा अब पंजाब चुनावों के लिए भी आप ने किया है। हाल में आप सांसद संजय सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की थी। बिहार में राजद के नेता तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले लाखों लोगों को नौकरी देने का वायदा किया था। तेजस्वी सरकार भले ही नहीं बना पाएं, लेकिन राजद सबसे बड़े दल के तौर पर जरूर उभरा। यूपी विधानसभा चुनाव के जरिए पांच साल बाद सत्ता वापसी के प्रयास में लगे अखिलेश यादव इसी तरह के ढेरों आकर्षक वायदे पेश करने की तैयारी में है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट के जरिए बीजेपी के साथ-साथ सपा और कांग्रेस को भी घेरा है। यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से किए जा रहे वादों पर मायावती ने कहा कि इन्हें सत्ता में आने के बाद भुला दिया जाता है। उन्होंने जनता से इन प्रलोभनों से सावधान रहने को कहा है। (हिफी) हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| चीन की वजह से अमेरिकी विमान वापस Posted: 28 Dec 2021 05:00 AM PST चीन की वजह से अमेरिकी विमान वापसन्यूयॉर्क। डेल्टा एयरलाइन्स ने चीन जाने वाली अपनी उड़ान को रीरूट कर वापस अमेरिका ले जाने के पीछे चीन की नई क्लीनिंग रिक्वायरमेंट्स को वजह बताया है, जिनकी चीनी अधिकारियों ने आलोचना की है। 21 दिसंबर की इस फ्लाइट को सिएटल से रवाना होने के बाद शंघाई में लैंड करना था, लेकिन इसे बीच रास्ते से ही अमेरिका वापस लौटा लिया गया। डेल्टा एयरलाइन्स के अनुसार, विमान के वापस लौटने का कारण कोविड-19 के केसों में आए ताजा उछाल के बाद चीन की ओर से उसी दिन जारी किए गए नए नियम रहे। डेल्टा के प्रवक्ता ने कहा, नई सुरक्षा प्रक्रिया के चलते काफी समय की जरूरत होती है और यह डेल्टा के लिए संचालन के तौर पर व्यवहार्य नही हैं। कस्टमर्स को होने वाली असुविधा के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं और हम वैकल्पिक उड़ानों के लिए काम करेंगे। चीन के शहर झियान में कोविड पर नियंत्रण के लिए बेहद सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं जिसके तहत लोगों को कार लेकर बाहर निकलने से भी रोका गया है। देश में करीब 21 माह के बाद कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ी है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| जलियांवाला बाग कांड का बदला लेने के लिए महारानी के महल में घुसा Posted: 28 Dec 2021 04:58 AM PST जलियांवाला बाग कांड का बदला लेने के लिए महारानी के महल में घुसालंदन। क्रिसमस पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की हत्या करने के लिए एक सिख महारानी के महल में घुस गया। रिपोर्ट के मुताबिक, शख्स साल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए महारानी की हत्या करना चाहता था। पुलिस ने आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, 19 साल के इस युवक का नाम जसवंत सिंह छैल है। क्रिसमस के दिन घटी इस घटना की जानकारी सोमवार को सामने आई है। वीडियो को 19 वर्षीय चैल के स्नैपचैट अकाउंट से दोस्तों को भेजा गया था। वीडियो भेजे जाने से 24 मिनट पहले क्रिसमस के दिन सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। वह महल के मैदान के अंदर रानी के निजी अपार्टमेंट से महज 500 मीटर की दूरी पर था। जैस के नाम से जाने जाने वाले चैल ने रस्सी की सीढ़ी से नुकीले बाड़ को पार करते हुए कैसल में एंट्री की थी। इस दौरान वह तीर वाले हथियारों से लैस था। वहीं, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने चमकदार काले रंग का हथियार अपने हाथों में लिया हुआ है और कैमरे में देखकर बोल रहा है। इस दौरान उसकी आवाज काफी टूटी हुई है। क्रिसमस के दिन सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में आरोपी ने कहा- 'मैंने जो किया है और जो करूंगा उसके लिए मुझे अफसोस है। मैं रॉयल फैमिली की महारानी एलिजाबेथ को मारने की कोशिश करूंगा। यह उन लोगों का बदला है जो 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड में मारे गए थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आंग सांग सूची के खिलाफ फैसला टला Posted: 28 Dec 2021 04:56 AM PST आंग सांग सूची के खिलाफ फैसला टलारंगून। सैन्य शासन से जूझ रहे म्यांमार में एक अदालत ने सत्ता से बेदखल की गई नेता आंग सान सू ची के खिलाफ दो आरोपों पर अपना फैसला टाल दिया है। सू ची पर आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना वॉकी-टॉकी रखने और उनका आयात करने का आरोप है। विधि अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि अदालत ने 10 जनवरी तक फैसला टालने की कोई वजह नहीं बताई है। इस बीच ताजा हिंसा में 35 नागरिकों की मौत होने की खबर है। मामले से जुड़े एक कानून अधिकारी के मुताबिक, कोर्ट ने फैसला टालने की कोई वजह नहीं बताई है। 1 फरवरी 2021 को सेना ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार का तख्तापलट कर दिया था। सू ची समेत कई राजनेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। सरकारी चैनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य सरकार ने सू ची को एक अज्ञात जगह पर कैद किया हुआ है जहां वो बची हुई सजा भुगतेंगी। म्यांमार के आयात-निर्यात कानून के तहत सू ची पर गलत तरीके से वॉकी-टॉकी सेट आयात करने के आरोप लगे हैं। सू ची को जेल में रखने के लिए शुरुआत में इसी आरोप को आधार बनाया गया था। कुछ समय बाद, सू ची पर अवैध तरीके से रोडियो रखने के आरोप भी लगाए गए। ये रेडियो सेट तख्तापलट के दिन सू ची के अंगरक्षकों और घर के मुख्य दरवाजे से बरामद किए गए थे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
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