प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- विषयवार आरक्षण में उलझी एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती
- UPTET में बढ़ेगी सख्ती : विवि व डिग्री कालेज भी बनेंगे परीक्षा केंद्र, केंद्र निर्धारण के मानक होंगे और कठोर
- शिक्षकों के प्रोत्साहन भत्ते पर फैसला जल्द, शासन ने विश्वविद्यालयों से मांगी सूचना
- CTET Admit Card Released, Steps to Download, जारी हुए प्री-एडमिट कार्ड, ये रहा Direct link, दो चरण में मिलेगी जरूरी डिटेल्स
- 68 लाख विद्यार्थियों को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटने की यूपी सरकार की तैयारी, 20 दिसंबर से शुरू हो सकता है वितरण
- फतेहपुर : स्कूलों की सफाई करेंगे सफाईकर्मी
| विषयवार आरक्षण में उलझी एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती Posted: 11 Dec 2021 06:07 PM PST विषयवार आरक्षण में उलझी एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती प्रयागराज : उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने जूनियर हाई स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा कराने के बाद सफल अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर ली है। चयन के लिए सफल अभ्यर्थियों की मेरिट शैक्षिक गुणांक और परीक्षा के अंक के आधार पर बेसिक शिक्षा निदेशालय से तैयार की जाएगी। अधियाचन पर विषय और आरक्षण के मुताबिक नियुक्ति देने के लिए विवरण जुटाया जा रहा है, क्योंकि गड़बड़ी पर भर्ती कोर्ट में अटक सकती है। ऐसे में जल्द चयन और नियुक्ति पाने की सोच रहे अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा 17 अक्टूबर को कराकर 15 नवंबर को परिणाम घोषित किया इसमें सहायक अध्यापक पद पर 45 हजार, 257 और प्रधानाध्यापक पद पर 1722 अभ्यर्थी सफल हुए। इसकी सूची पीएनपी ने तैयार कर ली है। इस सूची से अब बेसिक शिक्षा निदेशक के स्तर से सहायक अध्यापक के 1504 और प्रधानाध्यापक के 390 पदों पर चयन मेरिट के आधार पर किया जाना है। अधियाचन में दिए गए रिक्त पदों पर विषय वार और आरक्षण वार चयन किया जाना है। बेसिक शिक्षा परिषद के किस विद्यालय में किस आरक्षण श्रेणी का किस विषय का पद रिक्त है, इसका विवरण फिर से जुटाया जा रहा है। इसके बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। |
| Posted: 11 Dec 2021 05:54 PM PST UPTET में बढ़ेगी सख्ती : विवि व डिग्री कालेज भी बनेंगे परीक्षा केंद्र, केंद्र निर्धारण के मानक होंगे और कठोर प्रयागराज : यूपीटीईटी 2021 का प्रश्नपत्र आउट होने पर परीक्षा रद होने से हुई बदनामी को देखते हुए इस बार परीक्षा केंद्रों में व्यापक स्तर पर बदलाव किया जा रहा है। प्रस्तावित परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण और परीक्षा को शुचितापूर्ण कराने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को उत्तरदायी बनाया गया है। सर्वप्रथम राजकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों/महाविद्यालयों के साथ सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त अच्छी ख्याति के विद्यालयों को ही केंद्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि जिन जनपदों में विश्वविद्यालय हैं, वहां सहमति लेकर भी केंद्र बनाएं। सभी जिलाधिकारी को शासन की ओर से भेजे गए पत्र में स्मरण कराया गया है कि 28 नवंबर को होने वाली यूपीटीईटी को प्रश्नपत्र लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दिया गया था। अब आगामी इस परीक्षा को सफलतापूर्वक, शुचितापूर्ण और नकल विहीन कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण शुचितापूर्ण किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। निर्देश दिए गए हैं कि जहां सामूहिक नकल कराने या प्रश्नपत्र आउट कराए जाने की शिकायतें पूर्व में रही हैं, उन शिक्षण संस्थाओं को कदापि केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षा केंद्रों का परीक्षण कराया जा रहा है। 500 से कम क्षमता वाले विद्यालय नहीं बनेंगे केंद्र जिलाधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि 500 व उससे अधिक परीक्षार्थियों के बैठने की क्षमता वाले विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ही केंद्र बनाया जाए। पुनरावलोकन / परीक्षण किए जाने के बाद केंद्रों में परिवर्तन की स्थिति में संशोधित परीक्षा केंद्रों की सूची परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को अनिवार्य रूप से प्रेषित की जाए। PNP : कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही बनेंगे UPTET के परीक्षा केंद्र उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2021 पेपर आउट होने के कारण निरस्त की जा चुकी है। पुन: परीक्षा कराने को लेकर शासन और विभाग फूंक-फूंककर कदम उठा रहे हैं। प्रमुख सचिव शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर पूर्व प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों का परीक्षण कराने का निर्देश दिया है प्रमुख सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय समिति परीक्षा केंद्रों के निर्धारण एवं परीक्षा को सुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूर्व प्रस्तावित केंद्रों का परीक्षण कर ले। अगर इन परीक्षा केंद्रों को बदलने जरूरत है, तो संशोधित परीक्षा केंद्रों की सूची और अभ्यर्थियों के बैठने की क्षमता की सूचना से संबंधित जानकारी निर्धारित तिथि तक सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को उपलब्ध करा दें। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 28 नवंबर को यूपीटीईटी-2021 का आयोजन किया गया था, लेकिन पेपर आउट होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में सरकार और शासन के सामने पुन: परीक्षा को शुचितापूर्वक और नकलविहीन कराने की बड़ी चुनौती है। इसी वजह से प्रमुख सचिव शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि अगर पूर्व में प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों के विरुद्ध सामूहिक नकल, पेपर आउट करने आदि की शिकायतें सामने आई हों तो इन परीक्षा केंद्रों को बदल कर दूसरे विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया। साथ ही सबसे पहले राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों, सीबीएसई, आईसीएसई मान्यता प्राप्त अच्छी छवि वाले विद्यालयों को केंद्र बनाया जाए। सहमति प्राप्त कर विश्वविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है। |
| शिक्षकों के प्रोत्साहन भत्ते पर फैसला जल्द, शासन ने विश्वविद्यालयों से मांगी सूचना Posted: 11 Dec 2021 05:32 PM PST शिक्षकों के प्रोत्साहन भत्ते पर फैसला जल्द, शासन ने विश्वविद्यालयों से मांगी सूचना राज्य मुख्यालय : प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत पीएचडी व एमफिल डिग्री धारक शिक्षकों को इंसेटिव देने का फैसला जल्द होने के आसार हैं। इस बारे में विश्वविद्यालयों से प्रस्ताव मांगा गया है। शासन के उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को कुलपतियों को इस संबंध में पत्र भेजा है। इसमें विश्वविद्यालयों के कुलसचिव व वित्त नियंत्रक द्वारा संयुक्त रूप से हस्तारित स्पष्ट प्रस्ताव जल्द से जल्द उच्च शिक्षा अनुभाग-एक को ई-मेल के माध्यम से भेजने को कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों के संदर्भ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) रेगुलेशन 2018 के विनियम 19.1 के तहत पीएचडी, एमफिल व अन्य शैक्षिक योग्यताओं पर इंसेटिव दिए जाने के बिन्दु पर राज्य सरकार पर आने वाले संभावित वित्तीय भार का आकलन किया जाना आवश्यक है। विश्वविद्यालयों से यह बताने को कहा गया है कि इससे कितने शिक्षक लाभान्वित होंगे और कितना वित्तीय भार आएगा और वित्तीय भार को किस प्रकार वहन किया जाएगा? |
| Posted: 11 Dec 2021 09:50 AM PST CTET Admit Card Released at ctet.nic.in, Steps to Download जारी हुए CTET के प्री-एडमिट कार्ड, ये रहा Direct link, दो चरण में मिलेगी जरूरी डिटेल्स CTET Admit Card 2021 Out: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीटेट प्री एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। लंबे समय से अपने एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब सीटीईटी की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना हॉल टिकट (CTET admit card) डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा। सीबीएसई ने फिलहाल 16 से 31 दिसंबर 2021 तक आयोजित होने वाली परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी किए हैं। दो बार मिलेगी सीटेट एग्जाम की पूरी जानकारी सीबीएसई ने 11 दिसंबर 2021 रात 9 बजे के बाद, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2021 के प्री एडमिट कार्ड जारी किए हैं। बता दें कि 16 से 31 दिसंबर 2021 तक की परीक्षाओं के एडमिट कार्ड भी दो फेज में जारी हो रहे हैं। वेबसाइट पर जारी हुए प्री एडमिट कार्ड में एग्जाम सिटी और तारीख की जानकारी दी गई है। जबकि एग्जाम सेंटर और शिफ्ट टाइम की जानकारी परीक्षा से दो दिन पहले दूसरे फेज के एडमिट कार्ड जारी कर दी जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सीटेट एग्जाम से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। पहले फेज (16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2021) के प्री एडमिट कार्ड हुए जारी सीबीएसई द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सीटीईटी के एडमिट कार्ड दो फेज 16 से 31 दिसंबर 2021 (फेज-1) और 01 जनवरी से 13 जनवरी 2022 (फेज-2) में जारी किए जा रहे हैं। बोर्ड ने फिलहाल 16 से 31 दिसंबर 2021 तक की परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी किए हैं। 01 जनवरी से 13 जनवरी 2022 के एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी किए जाएंगे। जो उम्मीदवार 16 दिसंबर से सीटीईटी की परीक्षा में उपस्थित होने जा रहे हैं, वे वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड करने के बाद, दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। एग्जाम दो शिफ्ट में होंगे, पहली शिफ्ट सुबह 9.30 से शुरू होगी और दोपहर 12 बजे तक चलेगी। जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.30 बजे से शुरू होगी और शाम 5 बजे खत्म होगी। उम्मीदवारों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटा पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंचना होगा। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का आसान तरीका नीचे देख सकते हैं। इसके अलावा एडमिट कार्ड का डायरेक्ट लिंक (ctet admit card download link) भी नीचे दिया गया है। How to Download CTET Admit card 2021: इस आसान तरीके से डाउनलोड करें अपना एडमिट कार्ड स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाएं। स्टेप 2: होम पेज पर 'CTET 2021 Admit Card link-1, or 2' लिंक पर क्लिक करें। स्टेप 3: नया पेज खुल जाएगा। स्टेप 4: लॉग इन क्रेडेंशियल जैसे एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें। स्टेप 5: एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा। स्टेप 6: इसे डाउनलोड करें और आगे के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें। आप अपना एग्जाम city, date देख सकते हैं। एडमिट कार्ड एग्जाम से 2 दिन पहले आएगा । जिनका 1-13 जनवरी के बीच परीक्षा होगा उनका अभी विवरण अपलोड नहीं हुआ है। |
| Posted: 11 Dec 2021 05:40 PM PST 68 लाख विद्यार्थियों को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटने की यूपी सरकार की तैयारी, 20 दिसंबर से शुरू हो सकता है वितरण लखनऊ : योगी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निशुल्क टैबलेट व स्मार्ट फोन किसे-किसे दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम वाले विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। नोडल एजेंसी यूपीडेस्को की ओर से इसकी खरीद के लिए वित्तीय निविदा पूरी हो गई है। आपूर्ति सैमसंग, एसर और लावा जैसी कंपनियां करेंगी। तीनों कंपनियां 12,700 की दर से टैबलेट आपूर्ति करेंगी, जबकि लावा व सैमसंग एक स्मार्टफोन 10,700 में आपूर्ति करेंगी। प्रदेश सरकार स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी, डिप्लोमा, कौशल विकास, पैरा मेडिकल और नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययरत 68 लाख विद्यार्थियों को स्मार्टफोन और टैबलेट देगी। इसके लिए लावा, विशटल, सैमसंग व एसर ने टैबलेट के लिए जबकि लावा व सैमसंग ने स्मार्टफोन के लिए टेंडर डाला था। तकनीकी निविदा में विशटल को अपात्र घोषित कर दिया गया। मूल्यांकन समिति की अनुमति मिलते ही निविदा को कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जाएगी। एसीएस औद्योगिक विकास विभाग अरविंद कुमार ने कहा कि इसी महीने से वितरण शुरू हो जाएगा। 20 के बाद शुरू हो जाएगा वितरण जानकारी के मुताबिक टैबलेट और स्मार्टफोन का वितरण 20 दिसंबर के बाद शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों भव्य समारोह में इसका वितरण किया जाएगा। इस पर करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यूपी : जानिए किन्हें मिलेगा टैबलेट और किन्हें मिलेगा स्मार्टफोन? योगी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निशुल्क टैबलेट व स्मार्टफोन किसे-किसे दिया जाएगा। तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम वाले विद्यार्थियों को स्मार्टफोन दिए जाएंगे। नोडल एजेंसी यूपीडेस्को की ओर से इसकी खरीद के लिए वित्तीय निविदा पूरी हो गई है। आपूर्ति सैमसंग, एसर और लावा जैसी कंपनियां करेंगी। तीनों कंपनियां 12,700 की दर से टैबलेट कंपनियां 12,700 की दर से टैबलेट आपूर्ति करेंगी, जबकि लावा व सैमसंग एक स्मार्टफोन 10,700 में आपूर्ति करेंगी। जानकारी के मुताबिक टैबलेट और स्मार्टफोन का वितरण 20 दिसंबर के बाद शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों भव्य समारोह में इसका वितरण किया जाएगा। इस पर करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन्हें टैबलेट: 2021 में तकनीकी शिक्षा के तहत अध्ययरत विद्यार्थियों, तकनीकी शिक्षा (डिप्लोमा), आईटीआई में प्रशिक्षणरत विद्यार्थियों, राजकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों डेंटल कॉलेजों (एमबीबीएस, एमएस, एमडी, बीडीएस) और नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी और एमएससी नर्सिंग कोर्स, पैरामेडिकल और नर्सिंग के विद्यार्थियों को। इन्हें स्मार्टफोन : स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों, सेवा मित्र पोर्टल पर पंजीकृत कुशल श्रमिकों, एमएसएमई विभाग की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एससी-एसटी स्वरोजगार प्रशिक्षण योजना, पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना और ओडीओपी की प्रशिक्षण योजना में पंजीकृत प्रशिक्षणार्थियों को स्मार्टफोन । |
| फतेहपुर : स्कूलों की सफाई करेंगे सफाईकर्मी Posted: 10 Dec 2021 05:21 PM PST फतेहपुर : स्कूलों की सफाई करेंगे सफाईकर्मी फतेहपुर : डीएम ने परिषदीय स्कूलों की सफाई सुनिश्चित कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर 2010 के शासनादेश के अनुसार राजस्व ग्रामों में तैनात सफाईकर्मियों द्वारा निर्धारित किए गए जाब चार्ट के अन्तर्गत विद्यालय के भीतरी परिसर की भी सफाई कराई जाए। एमडीएम प्राधिकरण के निदेशक के पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम अपूर्वा दुबे ने डीपीआरओ से कहा है कि अक्टूबर 2010 के शासनादेश में सफाईकर्मियों को विद्यालय के बाहरी परिसर के साथ ही भीतरी परिसर की सफाई के निर्देश भी दिए गए थे। उन्होंने कहा कि राजस्व ग्राम के सफाईकर्मियों से शासनादेश के अनुसार स्कूलों की सफाई कराई जाए। गौरतलब है कि इस आदेश में स्पष्ट था कि सफाईकर्मियों द्वारा परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भीतरी एवं बाहरी परिसर की सफाई की जाएगी। इसके बावजूद सफाईकर्मी भीतरी परिसर की सफाई में दिलचस्पी नहीं लेते हैं। रसोईयों को करनी पड़ती है सफाई एमडीएम प्राधिकरण ने कहा कि कई स्कूलों में तैनात रसोईयों को खाना बनाने के साथ कक्षा कक्षों व परिसर की सफाई भी करनी पड़ती है जबकि यह कार्य सफाईकर्मियों का है। बीएसए ने भी डीपीआरओ को पत्र लिखकर शासनादेश की याद दिलाई है। रसोईयों द्वारा सफाई के काम में जुटने के कारण न केवल उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता प्रभावित होती है बल्कि इससे भोजन पकाने में भी देरी होती है। जिसका सीधा प्रभाव स्कूल की व्यवस्था पर पड़ता है। सालों से नहीं पहुंचे सफाई कर्मी बिडंबना यह है कि कई राजस्व ग्रामों व ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मियों की या तो तैनाती ही नहीं है या फिर वे कार्यालय में अटैच रहकर मूल काम से दूर रहते हैं। अनेक स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि कई सालों से सफाईकर्मी उनके स्कूल ही नहीं आए हैं। इस स्थिति में रसोईयों से परिसर की सफाई कराना मजबूरी है। |
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