दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Tuesday, December 7, 2021

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल

दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल


बहादुर सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिये सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान करें:- मुख्यमंत्री

Posted: 07 Dec 2021 03:29 AM PST

बहादुर सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिये सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान करें:- मुख्यमंत्री

पटना, 07 दिसम्बर 2021:- आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से 01 अण्णे मार्ग में मुलाकात कर उन्हें सशस्त्र सेना झंडा दिवस का फ्लैग लगाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोेलेंट फंड में अंशदान किया। देश के बहादुर सैनिकों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानियाॅ अमर है। वे अपने जान के मूल्य पर राष्ट्र पर आये बाह्य एवं आंतरिक संकटों का मुकाबला बहादुरी के साथ करते हैं। इन बहादुर सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिये उन्होंने राज्यवासियों से बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान किये जाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आपका यह अंशदान बहादुर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता होगी। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह श्री चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, सचिव गृह श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, निदेशक सैनिक कल्याण निदेशालय बिहार सेवा निवृत कर्नल श्री दिलीप प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

ब्रिटेन मंे तेजी से बढ़ रहा ओमीक्रान वेरिएंट

Posted: 07 Dec 2021 03:19 AM PST

ब्रिटेन मंे तेजी से बढ़ रहा ओमीक्रान वेरिएंट

लंदन। दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिएंट अब तेजी से पूरी दुनिया में फैलना शुरू हो गया है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने संसद में स्वीकार किया है कि इंग्लैंड में ओमिक्रॉन वेरिएंट का कम्युनिस्टी स्प्रेड शुरू हो गया है। ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन कोरोना वेरिएंट के 90 नए मामले सामने आए हैं, जिससे इसकी कुल संख्या बढ़कर 336 हो गई है।
ब्रिटेन में इंग्लैंड में 64, स्कॉटलैंड में 23 और वेल्स में ओमिक्रॉन वेरिएंट के 3 नए मामले सामने आए हैं। उत्तरी आयरलैंड में अभी तक ओमिक्रॉन के किसी भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। पूर्वी एंग्लिया विश्वविद्यालय के संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ प्रोफेसर पॉल हंटर ने बीबीसी को बताया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट हफ्तों के भीतर प्रमुख डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा तेजी से फैल सकता है। उन्होंने कहा कि नया वेरिएंट 'डेल्टा वेरिएंट' की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रहा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका जहां पहली बार इस वेरिएंट का पता चला था वहां के अधिकारियों ने कहा कि मामलों में तेजी से बढ़ोतरी आई है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

इजराइल ने सीरिया के बंदरगाह पर की सर्जिकल स्ट्राइक

Posted: 07 Dec 2021 03:18 AM PST

इजराइल ने सीरिया के बंदरगाह पर की सर्जिकल स्ट्राइक

यरूशलम। इजराइल के लड़ाकू विमानों ने सीरिया के तटीय शहर लताकिया के बंदरगाह पर मंगलवार तड़के मिसाइलें दागीं। सीरिया की सेना ने इसकी जानकारी दी है। उसने बताया कि हमले में किसी की मौत नहीं हुई है। सीरिया के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि बंदरगाह पर उस स्थान पर मिसाइलें गिरीं जहां अनेक कंटेनर रखे हुए थे, हमले से कई कंटेनरों में आग लग गई। अधिकारी ने इस मामले में अधिक जानकारी नहीं दी।
लताकिया आयात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बंदरगाह है। ये एक ऐसा बंदरगाह है, जहां पर युद्धग्रस्त मुल्क के लिए जरूरी सामान पहुंचता है। सीरिया के सरकारी टीवी पर बताया गया कि बंदरगाह पर पांच बार धमाकों की आवाज आई, कंटेनर जहां रखे थे उस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आग लग गई जिसके बाद दमकल की गाड़ियों को उस ओर भेजा गया। इस बारे में इजराइल की सेना की ओर से अभी कोई टिप्पणी नहीं की गई है। इजरायल ने सीरिया की सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों पर सैकड़ों बार एयरस्ट्राइक की है, लेकिन बहुत ही कम बार इसे स्वीकार किया है। इजराइल द्वारा की गई एयरस्ट्राइक में इससे पहले सीरिया की राजधानी दमिश्क के मुख्य एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया है। हालांकि, इजराइल ने इस बात को स्वीकार किया है कि इसका टारगेट हमेशा से ईरान समर्थित मिलिशिया होते हैं। इसमें लेबनान का हिज्बुल्ला समूह शामिल है, जिसने सीरिया में अपने लड़ाकों को तैनात किया हुआ है।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

चीन मंे होने वाले विंटर ओलिंपिक्स का बहिष्कार

Posted: 07 Dec 2021 03:15 AM PST

चीन मंे होने वाले विंटर ओलिंपिक्स का बहिष्कार

वॉशिंगटन। चीन के कमजोर मानवाधिकार रिकॉर्ड के चलते अमेरिका ने वर्ष 2022 के विंटर ओलिंपिक्स के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की है। उसके इस कदम को चीन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी खिलाड़ी इवेंट में हिस्सा लेंगे और उन्हें हमारा पूरा समर्थन मिलेगा लेकिन हम खेलों से जुड़े विभिन्न समारोहों का हिस्सा नहीं बनेंगे। वॉशिंगटन की ओर से महीनों तक विचार के बाद यह फैसला लिया गया है। विंटर ओलिंपिक्स अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने हैं। गौरतलब है कि चीन, उत्तर पश्चिमी शिजजियांग क्षेत्र में उइगर मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार के आरोपों का सामना कर रहा है। जेन साकी ने संवाददाताओं से कहा, चीन के शिनजियांग में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचार को देखते हुए अमेरिकी राजनयिक या आधिकारिक प्रतिनिधित्व इन खेलों को आम घटनाक्रम की तरह ही लेगा। मानवाधिकारों को बढ़ावा देने देने के लिए हमारी मौलिक प्रतिबद्धता है। हम चीन और उसके बाहर मानवाधिकार को बढ़ावा देने के लिए काम करते रहेंगे। अमेरिका के इस कदम की चीन की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई है हालांकि चीन का विदेश मंत्रालय पहले ही धमकी दे चुका है कि इस तरह के बहिष्कार पर वह जवाबी कदम उठाएगा। वैसे अमेरिका के इस कदम का देश के मानवाधिकार समूहों और राजनेताओं ने स्वागत किया है।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, चीन के मानवाधिका हनन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए काफी दबाव का सामना रहे थे। उधर, इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी ने कहा है कि ऑफिशियल्स को भेजना या न भेजना पूरी तरह से हर सरकार का राजनीतिक फैसला है और आईओसी इसका सम्मान करता है।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

पाकिस्तान ने 15 देशों की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध

Posted: 07 Dec 2021 03:10 AM PST

पाकिस्तान ने 15 देशों की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध

इस्लामाबाद। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। इस वेरिएंट ने अब पाकिस्तान, थाइलैंड, लातविया और नेपाल में भी दस्तक दे दी है। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए पाकिस्तान ने 15 देशों पर ट्रैवेल बैन लगा दिया है। इनमें क्रोएशिया, हंगरी, नीदरलैंड, यूक्रेन, आयरलैंड, स्लोवेनिया, वियतनाम, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक, लेसोथो, इस्वातिनी, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे और नामीबिया शामिल हैं, जबकि अमेरिका में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वैक्सीन की डिमांड बढ़ गई है।
कोरोना वायरस रोधी उपायों के लिए शीर्ष निकाय नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) ने हवाई यात्रा की श्रेणी निर्धारित करने के संबंध में दुनिया में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। एनसीओसी के एक बयान के अनुसार, बैठक में विभिन्न देशों के यात्रियों के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के आधार पर संशोधित श्रेणियां बनाई गई हैं। विभिन्न देशों को तीन श्रेणियों ए, बी और सी में रखा गया है। श्रेणी 'सी' में 15 देश शामिल हैं दृ क्रोएशिया, हंगरी, नीदरलैंड, यूक्रेन, आयरलैंड, स्लोवेनिया, वियतनाम, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक, लेसोथो, इस्वातिनी, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे और नामीबिया। बयान के मुताबिक श्रेणी 'सी' के देशों से यात्रा पर पूरी तरह पाबंदी होगी, लेकिन समिति से छूट प्रमाण पत्र लेने के बाद जरूरी यात्राओं की अनुमति दी जा सकेगी।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

मोदी की गोरखपुर यात्रा का महत्व

Posted: 07 Dec 2021 03:06 AM PST

मोदी की गोरखपुर यात्रा का महत्व

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा गोरखपुर तक सीमित रही लेकिन यहां जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया, उससे सम्पूर्ण पूर्वांचल लाभान्वित होगा। उन्होंने करीब एक हजार करोड़ रुपये की अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें  गोरखपुर खाद कारखाना और एम्स जैसी अति महत्वपूर्ण परियोजना भी शामिल है। दशकों से इन परियोजनाओं की प्रतीक्षा की जा रही थी किंतु पिछली सरकारों ने इनके प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चालीस वर्षों तक जापानी बुखार का प्रकोप रहा। तभी से यहां एम्स की मांग की जा रही थी। सांसद के रूप में योगी आदित्यनाथ भी इस मांग को उठाते रहे। उन्होंने अनेक बार यहां बन्द पड़े खाद कारखाने का मुद्दा भी उठाया। किंतु यह सभी कार्य उनके ही हांथों पूरे होने थे। तीन दशक  से बंद पड़े इस कारखाने को छियासी सौ करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया गया है। यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता अभियान का यह महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। 
गोरखपुर संयंत्र स्वदेशी नीम कोटेड यूरिया का सालाना बारह एलएमटी से अधिक उत्पादन करेगा। इससे  पूर्वांचल के किसानों को लाभ मिलेगा। साढ़े चार वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश की अनेक समस्याओं का समाधान किया गया। यह दशकों से उपेक्षित रहा है। विकास की दृष्टि से पूर्वी उत्तर प्रदेश बहुत पीछे रह गया था। योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद ही विकास की योजनाओं पर प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने जापानी बुखार की समस्या के समाधान हेतु अभियान चलाया। इसका सकारात्मक परिणाम हुआ। अब यह समस्या लगभग समाप्त हो गई है। इसके साथ ही अब गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने एवं एम्स निर्माण का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जनपद गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने एवं एम्स का लोकार्पण अत्यन्त ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित यह सभी परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत को खाद्य सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान करेंगी। करीब छह सौ एकड़ में स्थापित खाद कारखाने की लागत आठ हजार करोड़ रुपए से अधिक है। इस संयंत्र की क्षमता बाइस सौ मीट्रिक टन लिक्विड अमोनिया तथा अड़तीस सौ मीट्रिक टन से अधिक नीम कोटेड यूरिया प्रतिदिन है। यह खाद कारखाना बारह लाख मीट्रिक टन से अधिक प्रिल्ड नीम कोटेड यूरिया का वार्षिक उत्पादन करेगा। 
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स की अनुमोदित लागत एक हजार करोड़ रुपए से अधिक है। इसकी स्थापना एक सौ बारह एकड़ क्षेत्र में की जा रही है। इस उच्चस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थान के माध्यम से मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। गोरखपुर एम्स चैदह अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर,उच्च श्रेणी के नवीनतम सीटी, एमआरआई, डायलिसिस मशीन,सी आर्म मशीन सहित अनेक मेडिकल उपकरणों एवं सुविधाओं से युक्त है। आईसीएमआर रीजनल मेडिकल रिसर्च सेण्टर, इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनिया, कालाजार सहित कोरोना जैसी बीमारी के वायरस की पहचान करने तथा उसके उपचार के लिए अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस चिकित्सा संस्थान में ओपीडी का उद्घाटन करीब दो वर्ष पूर्व किया गया था। इस समय सोलह सुपर स्पेशलिटी विभागों की ओपीडी शुरू हो चुकी है। उद्घाटन के बाद तीन बेड का अस्पताल पूरी तरह से कार्य करना शुरू कर देगा। इसे साढ़े सात सौ बेड तक विस्तारित करने की योजना है। 
योगी सरकार बनने के बाद से स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया। योगी सरकार एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज योजना को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के उनसठ जनपदों में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज क्रियाशील है। सोलह जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में पहले आयुष विश्वविद्यालय महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का गोरखपुर में शिलान्यास किया गया।  इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। लोगों को चिकित्सा पर होने वाले खर्चों से राहत देने के लिए प्रदेश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत में छह करोड़ सैंतालीस लाख लोगों को बीमा कवर दिया गया है। इसके साथ ही बयालीस लाख से अधिक लोगों का मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर सुनिश्चित किया गया है।
चिकित्सा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य शिक्षा पर भी योगी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में एमबीबीएस की करीब एक हजार सीटें बढ़ाई गईं हैं। तथा केंद्र सरकार से नौ सौ सीटें बढ़ाए जाने की अनुमति शीघ्र मिलने की संभावना है। एमडी एवं एमएस में करीब सवा सौ सीटों की वृद्धि की गई है। चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु साथ वर्ष से बढ़ाकर बाँसठ वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही ग्यारह सौ से अधिक भारतीय जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 
गोरखपुर खाद करखाना हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड के अंतर्गत स्थापित किया गया है। यह नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन, कोल इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड की एक संयुक्त उपक्रम कंपनी है। यह गोरखपुर, सिंदरी व बरौनी उर्वरक संयंत्रों के पुनरुद्धार पर काम कर रहा है। गोरखपुर संयंत्र परियोजना में करीब डेढ़ सौ मीटर का दुनिया का सबसे ऊंचा प्रिलिंग टावर है। इसमें भारत का पहला वायु संचालित रबर डैम और सुरक्षा पहलुओं को बढ़ाने के लिए ब्लास्ट प्रूफ नियंत्रण कक्ष भी है।  गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान एम्स की आधारशिला करीब पांच वर्ष पूर्व रखी गई थी।
इसकी स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत की गई है। जिसमें तृतीय स्तर की स्घ्वास्घ्थ्घ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता में क्षेत्रीय असंतुलन को ठीक करने के लिए संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के वह सभी सपने साकार हो रहे हैं,जिन्हें पिछली सरकारों की नाकामियों ने असंभव बना दिया था। तीन बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन पूर्वी उत्तर प्रदेश की दृष्टि से अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। पिछले चालीस वर्षों में पचास हजार से ज्यादा बच्चे इंसेफलाइटिस के चलते काल के गाल में समा गए थे। पूर्वी उत्तर प्रदेश को बीमारियों से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक एम्स दिया था। उसका लोकार्पण किया गया। यहां लोगों को विश्व स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। इंसेफलाइटिस के वायरस की पहचान की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। सैंपल पुणे भेजे जाते थे। अब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित रीजनल सेंटर आरएमआरसी में हाईटेक लैब्स की व्यवस्था कर दी गई है। इंसेफलाइटिस, कालाजार, चिकनगुनिया डेंगू और कोरोना तक के वायरस की जांच यहीं होगी। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

नगालैण्ड: हंगामा नहीं विचार की जरूरत

Posted: 07 Dec 2021 02:58 AM PST

नगालैण्ड: हंगामा नहीं विचार की जरूरत

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य नगालैण्ड मंे उग्रवाद को नियंत्रित करने के लिए सेना व अर्द्धसैनिक बल को लगाया गया है। सेना एक अनुशासित बल है लेकिन सामान्य नागरिक और उग्रवादी मंे फर्क करना कभी-कभी उसके लिए भी मुश्किल हो जाता है। यही शिकायत कश्मीर मंे भी सुनने को मिलती है। सेना से जब कभी ऐसी भूल हो जाती है तो उसे भी पछतावा होता है। नगालैण्ड मंे गत 4 दिसम्बर को ऐसी ही भूल हुई है। खनिक मजदूरों की लारी पर सेना ने गोली चला दी। इस पर ग्रामीणों ने सेना की टुकड़ी पर हमला कर दिया। सेना को आत्म रक्षा मंे फिर गोली चलानी पड़ी। इस दुखद हादसे मंे 15 लोगों की मौत हो गयी। यह मामला संसद के शीतकालीन सत्र मंे हंगामें का कारण बना है। विपक्ष का काम सरकार की आलोचना करना है लेकिन सेना की भूमिका पर विपक्ष को भी समझदारी से काम करना होगा। संसद मंे भी इस मामले पर हंगामा नहीं विचार करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री और नगालैण्ड के मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उनके आश्रितों को मदद भी दी जाएगी। इसलिए मामले को भड़काने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। यह दुखद हादसा नगालैण्ड के मोन जिले मंे हुआ है।
नगालैंड में राज्य की पुलिस और सेना के जवानों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। दरअसल, 4 दिसम्बर की शाम पैरा फोर्सेज के एक ऑपरेशन में गलत पहचान की वजह से 13 ग्रामीणों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने असम राइफल के कैम्प पर धावा बोल दिया। इस झड़प में सेना का एक जवान घायल हो गया था जिसकी बाद में मौत हो गई। नगालैंड पुलिस  ने नागरिकों पर गोलीबारी के सिलसिले में भारतीय सेना के 21 पैरा विशेष बलों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की है। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी। नगालैंड पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि पैरा स्पेशल बलों ने स्थानीय पुलिस को सूचित नहीं किया था, न ही कोई पुलिस गाइड लिया था। सेना का कहना है कि यह गलत पहचान थी। पुलिस ने श्सुरक्षा बलों की मंशा नागरिकों की हत्या और घायल करना बताया है।
म्यांमार की सीमा से सटे नगालैंड का जिला मोन है, इसलिए जब तक केंद्र सरकार अनुमति नहीं देती, तब तक सेना पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है लेकिन यह एक दुर्लभ मामला है, जिसमें पुलिस ने नागरिकों पर गोलीबारी के आरोप में सेना के  विशेष बलों के खिलाफ स्वतरू हत्या के आरोप दायर किए हैं। नगालैंड सरकार ने मोन जिले में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में मारे गए 13 लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की रविवार को घोषणा की। राज्य के मुख्यमंत्री नेफियू रियो भी घटना स्थल पर पहुंचे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) स्तर के एक अधिकारी की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी फैसला किया। नगालैंड के मुख्य सचिव जे. आलम ने एक बयान में कहा, ''राज्य सरकार ने मोन जिले के ओटिंग गांव इलाके में हुई घटना की निंदा की है जिसमें 13 आम नागरिकों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि 13 मृतकों में से प्रत्येक के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी जबकि घायल लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। आलम ने बताया कि वरिष्ठ मंत्री पी. पाइवांग कोन्याक के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल स्थिति पर नजर रखने के लिए ओटिंग गांव गया। उन्होंने बताया कि इस दल में पुलिस महानिदेशक भी शामिल थे। इस बीच, नगा राजनीतिक मुद्दे पर केंद्र के साथ शांति वार्ता कर रहे एनएससीएन (आईएम) ने सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में आम नागरिकों की मौत की निंदा की और कहा कि यह नगा लोगों के लिए काला दिन है।  
प्राथमिकी में नगालैंड पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पैरा स्पेशल बलों ने स्थानीय पुलिस को सूचित नहीं किया था, न ही कोई पुलिस गाइड लिया था, जबकि सेना का कहना है कि यह गलत पहचान के चलते हुआ। 
इस तरह के हालात नहीं आने चाहिए। पैरा फोर्सेज के एक ऑपरेशन में गलत पहचान की वजह से 13 ग्रामीणों की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने असम राइफल के कैम्प पर धावा बोल दिया। इस झड़प में सेना का एक जवान घायल हो गया था जिसकी रविवार को मौत हो गई। बाद में एक और घायल ग्रामीण की मौत हो जाने से इस घटना में कुल 15 लोगों की मौत हुई। नगालैंड के मोन जिले में एक समय में पांच से अधिक लोगों की सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया गया और वाणिज्यिक वाहनों सहित गैर-आवश्यक प्रकृति के सभी वाहनों की आवाजाही को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए पांच सदस्यों की एक टीम का गठन किया है। उधर, सेना ने भी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं। बीजेपी की नगालैंड इकाई के अध्यक्ष तेमजेन इम्ला एलोंग ने कहा कि मोन जिले में हुई फायरिंग की घटना, शांतिकाल में युद्ध अपराध के बराबर है। यह नरसंहार और मृत्युदंड देने जैसा है। एलोंग नगालैंड बीजेपी सरकार में मंत्री भी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मृतकों के परिवारों के लिए तुरंत ही मुआवजा देने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवारों को अन्य तरह की सहायता देने की गुहार लगाई। आतंकवाद विरोधी अभियान को लेकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एलोंग ने कहा कि वो इस घटना से बेहद व्यथित हैं और उनका दिल बुरी तरह टूट गया है। उन्होंने एक सार्वजनिक पत्र में हस्ताक्षर किया है। इसमें लिखा है, इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सिर्फ इसे खुफिया विफलता बताकर पल्ला झाड़ लेना सबसे लाचारी भरा बयान है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय अत्यधिक सावधानी और संयम बरतना चाहिए था, जब भारत सरकार और नगा राजनीतिक समूहों के बीच शांति वार्ता चल रही हो। यह नगा मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, ये निर्दोष पीड़ित मजदूर थे और दिन भर की कठिन मेहनत के बाद लौट रहे थे। उनके पास किसी तरह का कोई हथियार नहीं था। लिहाजा यह शांतिकाल में युद्ध अपराध जैसा ही है। यह मृत्युदंड देने और नरसंहार की तरह है।
असम रायफल्स ने भी एक आधिकारिक बयान जारी किया और इसमें इस घटना पर खेद जताया है। उसने यह भी कहा है कि हिंसक भीड़ ने उनके कैंप पर धावा बोला। इसमें कहा गया है, असम रायफल्स की एक पोस्ट पर 300 से ज्यादा लोगों की आक्रोशित भीड़ ने हमला बोला लेकिन असम रायफल्स के जवानों ने अत्यधिक संयम बरती और हवा में गोलियां चलाकर भीड़ को तितर बितर करने की कोशिश की। संसद मंेू इस मामले पर चर्चा करते हुए विपक्षी दलों को सयम बरतने की जरूरत है। असमरायफल्स का मनोबल भी बनाए रखना है और जनता को शांत भी करना है। (हिफी)

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

कसौटी पर खरी दोस्ती

Posted: 07 Dec 2021 02:54 AM PST

कसौटी पर खरी दोस्ती

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने ठीक ही कहा है कि भारत के साथ रूस की मित्रता कसौटी पर खरी उतरी है। हम सन् 1971 का समय कैसे भूल सकते हैं जब पाकिस्तान के समर्थन मंे अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा भारत के खिलाफ रवाना किया था और उसी समय रूस ने जवाबी कदम उठाते हुए अपना परमाणु हथियारों से सम्पन्न जहाजी बेड़ा रवाना कर दिया था। अब भी हम रक्षा ़क्षेत्र मंे एक दूसरे से मदद ले रहे हैं। रूस ने लड़ाकू विमान दिये हैं तो अब भारत मंे रूस की मदद से उन्नत तकनीकी में एके-203 राइफल्स का निर्माण किया जाएगा। भारत रूस से 70 हजार राइफलें खरीदेगा। भारत और रूस के रक्षा मंत्रियों एवं विदेश मंत्री के बीच वार्ता मंे यह तय हुआ है। गत 6 दिसम्बर को राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंचे और वहां हैदराबाद हाउस मंे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच 21वां वार्षिक शिखर सम्मेलन हुआ। लगभग 5 घंटे भारत मंे रहने के बाद स्वदेश रवाना हो गये। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि पिछले कुछ दशकों मंे कई बुनियादी बातों मंे बदलाव आया है, नये समीकरण उभरे हैं लेकिन भारत और रूस की दोस्ती कायम रही है। राष्ट्रपति पुतिन ने भी कहा कि भारत हमेशा दोस्ती की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्हांेने कहा कि हम भारत को एक महान शक्ति, एक मित्र राष्ट्र और समय की कसौटी पर खरे उतरने वाले मित्र के रूप मंे देखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 6 दिसम्बर को भारत-रूस शिखर बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के लक्ष्य के साथ कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। मोदी ने अपनी शुरूआती टिप्पणी में कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंधों की गति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक संबंध मजबूत हो रहे हैं तथा दोनों पक्ष अफगानिस्तान में स्थिति और अन्य मुद्दों पर संपर्क में बने हुए हैं।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में, विश्व ने कई मूलभूत परिवर्तन और विभिन्न प्रकार के भू-राजनीतिक बदलाव देखे हैं लेकिन भारत एवं रूस की मित्रता पहले जैसी बनी रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपकी भारत यात्रा भारत के साथ आपकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भी हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए हम एक दीर्घकालिक दृष्टि अपना रहे हैं। हमने 2025 तक 30 बिलियन डॉलर ट्रेड और 50 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है। 2021 हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष हमारे 1971 की ट्रीटी ऑफ पीस फ्रेंडशिप एंड कोऑपरेशन के पांच दशक और हमारी सामरिक भागीदारी के 2 दशक पूरे हो रहे हैं। पीएम ने कहा कि आज हमारे बीच हुए विभिन्न समझौतों से इसमें मदद मिलेगी। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत कोर डेवलपमेंट और को प्रोडक्शन से हमारा रक्षा सहयोग और मजबूत हो रहा है। 
रणनीतिक महत्व के मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने के लक्ष्य से भारत और रूस के विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की पहली 'टू प्लस टू' वार्ता के कुछ घंटों बाद यह शिखर वार्ता हुई। बैठक के लिए पुतिन एक संक्षिप्त यात्रा पर भारत आए थे।' पिछले 70 साल में रूस के हथियारों के दम पर भारत ने कई युद्ध लड़े हैं। ये हथियार भारत की ताकत में आज भी इजाफा कर रहे हैं। अमेरिका की सीआरएस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के वर्तमान सैन्य शस्त्रागार में रूसी-निर्मित या रूसी-डिजाइन किए गए उपकरणों का भारी भंडार है। भारतीय सेना का मुख्य युद्धक टैंक बल मुख्य रूप से रूसी टी-72एम1 (66 प्रतिशत) और टी-90एस (30 प्रतिशत) से बना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय वायुसेना में शामिल 667 विमानों में से 71 प्रतिशत रूसी मूल के हैं, जिनमें से 39 प्रतिशत में एसयू-30, 22 प्रतिशत मिग-21, 9 प्रतिशत मिग 29एस हैं। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना में शामिल सभी 6 एयर टैंकर भी रूस से बने हुए हैं। भारतीय नौसेना का एकमात्र ऑपरेशनल एयरक्राफ्ट कैरियर, जिसे हालिया समय में अपडेट किया गया है, ये भी सोवियत युग का है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर जितने भी लड़ाकू विमान तैनात हैं, वो या तो रूस में बने हुए हैं या फिर उन्हें रूसी लाइसेंस पर भारत में बनाया गया है। भारतीय नौसेना का एकमात्र एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रमादित्य यूक्रेन के माइकोलैव ब्लैक सी शिपयार्ड में 1978-1982 में निर्मित कीव क्लास के विमानवाहक पोत का अपग्रेडेड वर्जन है। भारत ने 20 जनवरी 2004 को इस एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए ऑर्डर दिया था। इस पोत को अपग्रेड करने में भारत को 2.3 अरब डॉलर खर्च करने पड़े थे। एस-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही एस-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। कलाशनिकोव कंसर्न की सबसे प्रसिद्ध राइफल एके-47 को दुनियाभर के 30 से ज्यादा देश इस्तेमाल करते हैं। भारतीय थलसेना, नौसेना और वायु सेना भी इस राइफल को अपने मुख्य हथियार के रूप में अपनाया है। एके-47 मुख्य रूप से 8 पार्ट्स से मिलकर बनी है, जिसकी मेंटिनेंस बहुत ही कम होती है। 1959 में बना मिग-21 अपने समय में सबसे तेज गति से उड़ान भरने 
वाले पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों में से एक था। इसकी स्पीड के कारण ही तत्कालीन सोवियत संघ के इस लड़ाकू विमान से अमेरिका भी डरता था। यह इकलौता ऐसा विमान है जिसका प्रयोग दुनियाभर के करीब 60 देशों ने किया है। मिग-21 बाइसन वही लड़ाकू विमान है, जिसके जरिए बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था।
भारत के अमेरिका की तरफ बढ़ रहे झुकाव के बीच पुतिन की यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। 1999 में बोरिस येल्तसिन के इस्तीफे के बाद पुतिन राष्ट्रपति बने थे। राजनीति में आने से पहले वे सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी केजीबी में जासूस थे। 7 अक्टूबर 1952 को रूस के लेनिनग्राद में जन्मे राष्ट्रपति पुतिन का पूरा नाम व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन है। इनकी परवरिश बहुत ही मुश्किल भरे हालातों में हुई। पुतिन जुड़ो में ब्लैक बेल्ट भी हैं। इसके अलावा पुतिन योग, खेल और घुड़सवारी में भी सक्रिय रहते हैं। पुतिन की इस तरह की गतिविधियों को लेकर देश-विदेश में उनकी मॉचो-मैन वाली छवि प्रचलित है। मुश्किल हालातों का सामना कर पुतिन ने लॉ में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी में एक मामूली सा ओहदा हासिल किया। केजीबी में काम करने के नाते पुतिन को राजनीति में प्रवेश मिला और उन्होंने अगले दो दशकों तक चलने वाली अपनी राजनीतिक पारी की सफल शुरुआत की। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बढ़ेगा वेदांत का रिटेल फ्लोर स्पेस

Posted: 07 Dec 2021 02:51 AM PST

बढ़ेगा वेदांत का रिटेल फ्लोर स्पेस 

वेदांत फैशंस के प्रमुख (रिटेल बिजनेस डेवलपमेंट ऐंड प्रोजेक्ट्स) आरिफ रजा ने कहा, हमारे पास अभी 11 लाख वर्गफुट जगह है और अगले कुछ वर्षों में हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर 20 लाख वर्गफुट करने का है।
कंपनी के ज्यादातर एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट का परिचालन फ्रैंचाइजी के जरिए होता है। कंपनी की तरफ से सेबी के पास जमा कराए गए विवरणिका के मसौदे में कहा गया है कि 30 जून, 2021 को उसके 300 से ज्यादा फ्रैंचाइजी और 537 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स थे, जो 207 भारतीय शहरों व आठ वैश्विक शहरों में करीब 11 लाख वर्गफुट में फैले हुए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में 90.14 फीसदी बिक्री फ्रैंचाइजी स्वामित्व वाले एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स में हुई। इसके अतिरिक्त वेदांत की 60 फीसदी खुदरा रिटेल स्पेस टियर-2 व टियर-3 शहरों में है, वहीं बाकी टियर-1 शहरों में। रजा ने कहा, आने वाले समय में भी कंपनी टियर-1 व छोटे शहरों के बीच खुदरा एरिया में 60-40 का अनुपात बनाए रखने की कोशिश करेगी। अगले साल कंपनी की योजना 100 से ज्यादा और स्टोर जोडने की है। रजा ने कहा, पिछले एक साल में हमने 65 स्टोर खोले। लेकिन हर समान्य वर्ष में हमारा इरादा 100 से ज्यादा स्टोर खोलने का है। 
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

हल्का होगा रसोई गैस सिलेंडर

Posted: 07 Dec 2021 02:48 AM PST

हल्का होगा रसोई गैस सिलेंडर 

 एलपीजी ग्राहकों के लिए काम की खबर है। अब रसोई गैस का वजन हल्का किया जा सकता है। रसोई गैस सिलिंडरों का वजन ज्यादा होता है, और उन्हें एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाना मुश्किल हो जाता है। खासकर महिलाओं को गैस सिलेंडर ढोने में परेशानी होती है। लेकिन सिलेंडर का वजन कम हो तो आम लोगों को आसानी होगी। दरअसल, लोगों की सहूलियत के लिए गैस सिलेंडर का हल्का होना जरूरी है। अगर गैस सिलिंडर को एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाना हो तो दिक्कत खड़ी हो जाती है। लेकिन जल्द ही महिलाओं की आसानी के लिए सरकार रसोई गैस सिलिंडरों के दाम घटा सकती है। गौरतलब है कि घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों का वजन 14.2 किलोग्राम होने से इसकी ढुलाई में परेशानी होती है। इससे महिलाओं को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सरकार इसके वजन में कमी लाने के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

घर की छत पर लगवाएं सोलर पैनल, पाएं मुफ्त बिजली

Posted: 07 Dec 2021 02:46 AM PST

घर की छत पर लगवाएं सोलर पैनल, पाएं मुफ्त बिजली

फ्यूल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। बिजली की खपत बढ़ने के साथ कीमत में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में आप अपने छत पर सोलर पैनल लगा सकते हैं। इसके बाद आपको फ्री में बिजली मिलेगी। आपको बता दें कि सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार भी सहयोग कर रही है। गौरतलब है कि सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना देश में सोलर रूफटॉप को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की तरफ से चलाई जा रही है। सोलर रूफटॉप योजना से केंद्र सरकार देश में अक्षय उर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करती है। केंद्र सरकार इसके लिए उपभोक्तओं को सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन पर सब्सिडी देती है। अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप लगाकर आप बिजली पर होने वाले खर्च को 30 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। आपको बता दें कि सोलर रूफटॉप से 25 साल तक  बिजली मिलेगी और इस सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना में 5-6 वर्षों में खर्च का भुगतान हो जाएगा। इसके बाद आपको अगले 19-20 वर्षों तक सोलर से बिजली का फ्री में फायदा मिलेगा। 
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

बाॅन्ड के जरिए पीएनबी जुटाएगा 2,000 करोड़ रुपये

Posted: 07 Dec 2021 02:44 AM PST

बाॅन्ड के जरिए पीएनबी जुटाएगा 2,000 करोड़ रुपये

पंजाब नैशनल बैंक की योजना अतिरिक्त टियर-1 बॉन्ड के जरिये 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की है। इसके बाद देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई अगले हफ्ते एटी-1 बॉन्ड के जरिये 4,000 करोड़ रुपये जुटा सकता है। बॉन्ड डीलरों ने कहा कि इस पेशकश का मूल आकार 500 करोड़ रुपये का है और इसमें अतिरिक्त 1,500 करोड़ रुपये का आवेदन बनाए रखने (ग्री शू ऑप्शन) का विकल्प है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की प्रतिभूतियों में दिलचस्पी बढ़ रही है क्योंकि फंसे कर्ज की स्थिति बेहतर हुई है, रिकवरी सुधरी है और दबाव की संभावना घटी है। पिछले हफ्ते बेंगलूरु के केनरा बैंक ने एटी-1 बॉन्ड के जरिये 1,500 करोड़ रुपये जुटाए थे। बैंक को कुल 4,699 करोड़ रुपये की बोली मिली थी, जिसमें से 1,500 करोड़ रुपये 8.05 फीसदी की ब्याज दर पर स्वीकार किए गए। पीएनबी कितनी रकम जुटा पाता है, यह बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। 

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

7 दिसम्बर 2021, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 07 Dec 2021 02:32 AM PST

7 दिसम्बर 2021, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशी में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

श्री गणेशाय नम: !!
6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक पंचांग


🔅 तिथि तृतीया प्रातः 06:54:22 तदुपरांत चतुर्थी रात्रिशेष 04:53:11

🔅 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ प्रातः 06:54:31 तदुपरांत उत्तराषाढ़ा रात्रिशेष 05:32:28

🔅 करण :

                वणिज 13:04:26

                विष्टि 23:42:50

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग वृद्धि 16:22:24

🔅 वार मंगलवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 07:45:32

🔅 चन्द्रोदय 10:09:59

🔅 चन्द्र राशि धनु - 07:44:46 तक

🔅 सूर्यास्त 17:15:27

🔅 चन्द्रास्त 20:37:00

🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1943 प्लव

🔅 कलि सम्वत 5123

🔅 दिन काल 10:23:39

🔅 विक्रम सम्वत 2078

🔅 मास अमांत मार्गशीर्ष

🔅 मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:51:31 - 12:33:06

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 09:05:13 - 09:46:47

🔅 कंटक 07:42:03 - 08:23:38

🔅 यमघण्ट 10:28:22 - 11:09:56

🔅 राहु काल 14:48:14 - 16:06:11

🔅 कुलिक 13:14:40 - 13:56:15

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:05:13 - 09:46:47

🔅 यमगण्ड 09:36:24 - 10:54:21

🔅 गुलिक काल 12:12:19 - 13:30:16

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन

🌹विशेष ~ अंगारकी वैनायिकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्

6 दिसम्बर 2021, सोमवार का दैनिक राशिफल

मेष (Aries): पर्सनल लाइफ में खुशियों की आवक रहेगी। सपरिवार भ्रमण मनोरंजन पर जा सकते हैं। भूमि भवन के मामलों में तेजी आएगी। आवश्यक कार्य शीघ्र करें।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): करियर कारोबार में जोखिम लेने से बचें। नौकरी पेशा बेहतर बने रहेंगे। आय की तुलना में खर्च बढ़ा हुआ रहेगा। व्यर्थ विवाद से बचें। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 1

मिथुन (Gemini): मन की बात करने के लिए अनुकूल समय है। प्रियजन से भेंट होगी। संतान सफलता अर्जित करेगी। आर्थिक पक्ष सहज रहेगा। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

कर्क (Cancer): कोई बात न भाए तो धैर्य रखें। अकारण असहजता बनी रह सकती है। भौतिक संसाधन पर्याप्त रहेंगे। कामकाज बेहतर रहेगा। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

सिंह (Leo): मेहनत और मेलमिलाप में बेहतर बने रहेंगे। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। आलस्य से बचें। आवश्यक कार्याें को आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo): भव्य आयोजन में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। मूल्यवान भेंट की प्राप्ति संभव है। तेजी बनाए रखें। परिजन समर्थक और सहयोगी रहेंगे। दिन शुभ।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 7

तुला (Libra): संकल्पशक्ति और सृजनात्मकता को बल मिलेगा। प्रभावशीलता में वृद्धि होगी। सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करें। दिन उत्तम फलकारक।

शुभ रंग = केशरी

शुभ अंक : 1

वृश्चिक (Scorpio): दिखावे पर अधिक जोर दे सकते हैं। खर्च पर नियंत्रण कठिन होगा। रिश्ते बेहतर बने रहेंगे। कला प्रियता बनी रहेगी। दिन सामान्य शुभकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): लाभ के अवसरों को भुनाने पर जोर दें। सफलता का प्रतिशत उम्मीद से अच्छा बना रहेगा। बहुमुखी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका मिलेगा। दिन हितकर।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

मकर (Capricorn): जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। अच्छे प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। पैतृक पक्ष से लाभ होगा। घर परिवार में सुख बना रहेगा। दिन सम्मान बढ़ाने वाला।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

कुंभ (Aquarius): आगे देखें और बढ़ते चलें। भाग्य की मेहरबानी बनी रहेगी। आस्था और आत्मविश्वास को बल मिलेगा। भ्रमण मनोरंजन में रुचि लेंगे। दिन शुभकारक।

शुभ अंक = उजला

शुभ अंक : 4

मीन (Pisces): नए प्रयोगों से अभी दूरी रखें। आकस्मिक घटनाक्रम बना रह सकता है। परिजन सहयोगी और समर्थक बने रहेंगे। विनम्रता बनाए रखें। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

वीर सावरकर फाउंडेशन द्वारा कोठारी बंधुओं को मरणोपरांत दिया गया मदनलाल धींगड़ा पुरस्कार

Posted: 06 Dec 2021 05:38 AM PST

वीर सावरकर फाउंडेशन द्वारा कोठारी बंधुओं को मरणोपरांत दिया गया मदनलाल धींगड़ा पुरस्कार :

देश सुभाष और सावरकर की नीतियों से ही बन सकता है महान : डॉ राकेश कुमार आर्य

कटक। (विशेष संवाददाता) यहां स्थित क्रांति उड़ीसा न्यूज़ सभागार मारवाड़ी क्लब के सामने माणिक घोष बाजार में वीर सावरकर फाउंडेशन द्वारा मदनलाल धींगड़ा राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। 2021 के लिए इस पुरस्कार को कोठारी बंधु द्वय राम-शरद कोठारी को मरणोपरांत दिया गया। जिसे उनकी बहन पूर्णिमा कोठारी द्वारा कोलकाता से आकर प्राप्त किया गया।
यह पुरस्कार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे समाजसेवी एवं उद्योगपति महेंद्र गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जाने-माने इतिहासकार एवं 'उगता भारत' समाचार पत्र के संपादक डॉ राकेश कुमार आर्य ने कहा कि देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सावरकर की नीतियों से ही महान बन सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस पवित्र भूमि पर जन्मे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ-साथ क्रांति वीर सावरकर के साथ भी घोर अन्याय किया । उसी का परिणाम रहा कि देश क्रांतिकारियों के महान इतिहास और उनकी क्रांतिकारी गतिविधियों के सच से वंचित रह गया।
उन्होंने कहा कि सावरकर पहले व्यक्ति थे जिन्होंने विदेशी कपड़ों की होली जलाने का काम गांधी और उनकी कांग्रेस से पहले करके दिखाया था। श्री आर्य ने कहा कि सावरकर जी ही पहले व्यक्ति थे जिन्होंने गांधी और अंबेडकर से पहले जातिवाद के दंश से भारत के हिंदू समाज को मुक्त करने का आंदोलन चलाया था। इसी प्रकार सावरकर ही पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1857 की क्रांति को भारत का पहला स्वाधीनता संग्राम घोषित किया था।
डॉ आर्य ने वीर सावरकर फाउंडेशन के महान और पवित्र कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वीर सावरकर की शैली में जिस दिन इस देश का इतिहास लिख दिया जाएगा उस दिन भारत अपनी आत्मा से अपने आप साक्षात्कार कर रहा होगा और उसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आत्मा भी पुन: प्रकट होकर भारत का नेतृत्व कर तेजस्वी और ओजस्वी राष्ट्र के निर्माण को साक्षात रूप दे रही होगी।
डॉक्टर आर्य ने कहा कि कोठारी बंधुओं का बलिदान भारत की उस बलिदानी परंपरा में दिया गया बलिदान है जिस पर चलते हुए अनेकों बलिदानियों ने देश की संस्कृति, धर्म और इतिहास की रक्षा के लिए अपना सर्वोत्कृष्ट बलिदान देकर इतिहास बनाया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हमारे देश में लाखों लोगों ने बलिदान दिये हैं । उसी परंपरा पर अपना कदम आगे बढ़ाकर कोठारी बंधुओं ने यह गौरवपूर्ण इतिहास रचा, वह हम सबके लिए प्रेरणास्पद हैं।
श्री आर्य ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना ए0ओ0 ह्यूम ने देश में 1857 की क्रांति की पुनरावृति न हो इसलिए की थी । जबकि सावरकर जी ने 1907 में 1857 की क्रांति को भारत का पहला स्वाधीनता संग्राम घोषित करके इस तथ्य को स्थापित किया कि भारत में फिर ऐसी ही क्रांति की आवश्यकता है। बस, यही वह मौलिक अंतर है जो कांग्रेस को आज तक वीर सावरकर जी की आलोचना करने के लिए प्रेरित करता है। आज की युवा पीढ़ी को इतिहास के इस पक्ष को समझना चाहिए।
डॉक्टर आर्य ने कहा कि कटक की इस पवित्र भूमि की पावन मिट्टी में खेले - पले और बढ़े नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु आज तक एक रहस्य बना हुआ है। जिसे कांग्रेस के पहले प्रधानमंत्री नेहरू ने जानबूझकर पैदा किया था । उन्होंने कहा कि नेताजी के गनर रहे जगराम ने यह आरोप लगाया था कि नेताजी किसी विमान दुर्घटना में मारे नहीं गए थे बल्कि उनकी हत्या की गई थी। उसने यह भी कहा था कि नेताजी को रूस में नेहरू के संकेत पर फांसी दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि जगराम का यह कथन बहुत ही संगीन है कि द्वितीय विश्व युद्ध के चार युद्ध अपराधियों में से इटली के मुसोलिनी को पकड़कर मार दिया गया था, जबकि जापान के तोजो ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकार जर्मनी के हिटलर ने अपने आप गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी । तब चौथे बड़े युद्ध अपराधी नेताजी ही बचे थे। उन्हें भी रूस के स्टालिन ने फांसी देकर समाप्त कर दिया था। इस प्रकार इस संगीन आरोप के चलते कांग्रेस को अपना दामन साफ करने के लिए यह स्पष्ट करना चाहिए था कि नेताजी युद्ध अपराधी के रूप में रूस में फांसी नहीं चढ़े थे। डॉ आर्य ने कहा कि जब तक ऐसे संगीन आरोपों का कांग्रेस समुचित उत्तर नहीं देती है तब तक इसे इतिहास की अदालत से बरी नहीं किया जा सकता।
कोठारी बंधुओं का बलिदान हमें राष्ट्र की एकता की शिक्षा देता है : प्रहलाद खंडेलवाल
कार्यक्रम में वीर सावरकर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रह्लाद खंडेलवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की बलिदानी परंपरा को जीवित रखकर वीर सावरकर फाउंडेशन एक महानतम कार्य को संपादित कर रहा है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के लोग राष्ट्रवाद का संचार कर लोगों में नवजागरण का भाव पैदा कर रहे हैं ।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि भारत की भूमि ने संसार को स्वतंत्रता का संदेश दिया है इसलिए यहां के लोगों ने कभी पराधीनता को स्वीकार किया हो, यह नहीं सोचा जा सकता। हमने पहले दिन से पराधीनता के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और इसके लिए अपने लाखों बलिदान दिए हैं। तभी हम आज जीवित हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि आज भी देश में हिंदुत्व के लिए जिस प्रकार खतरा उत्पन्न हो रहा है उसके दृष्टिगत हमें एकता का परिचय देते हुए अपनी बलिदानी परंपरा को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि आज शौर्य दिवस है , जब हम कोठारी बंधुओं को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए यह पुरस्कार उन्हें दे रहे हैं। उनका बलिदान हमें राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
वीर सावरकर फाउंडेशन के अध्यक्ष ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि राम स्वयं एक संस्कृति हैं। उनका मंदिर समझो राष्ट्र मंदिर है । जिसमें हम समग्र राष्ट्र का स्वरूप देखते हैं । उन्होंने कहा कि राम इस देश की सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक हैं और भारत की सनातन संस्कृति किसी भी प्रकार की पराधीनता को स्वीकार नहीं कर सकती। रामचंद्र जी ने अपने जीवन काल में पराधीनता को पैदा करने वाली शक्तियों का विरोध और विनाश किया । उनके वंशज होने के नाते हमारा यह पवित्र दायित्व है कि हम भी उन शक्तियों और व्यक्तियों का विरोध करें जो भारतीयता का विनाश करने में लगी हुई हैं। कोठारी बंधुओं के बलिदान का सम्मान करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पवित्र बलिदान इसी भाव से प्रेरित होकर दिया था। जो लोग आज भी भारत की एकता और अखंडता को तोड़ने की गतिविधियों में लगे हुए हैं उनके लिए चाहे मदन लाल धींगड़ा हों या फिर कोठारी बंधु हों या हमारा कोई अन्य क्रांतिकारी हो उनकी आत्मा आज भी हमसे यही कहती है कि उनके विनाश के लिए सब एक होकर काम करें।
देश तोड़ने के अपराधी गांधी हैं और देश को आजाद कराने वाले सुभाष चंद्र बोस हैं : श्याम सुंदर पोद्दार
वीर सावरकर फाउंडेशन के महामंत्री श्याम सुंदर पोद्दार ने कहा कि 1947 में देश को तोड़ने का काम महात्मा गांधी और गांधीवादियों ने किया था। जबकि देश को आजादी दिलाने का महानतम और वंदनीय कार्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उन जैसे क्रांतिकारियों के द्वारा संपादित हुआ था। उन्होंने कहा कि भारत का यह दुर्भाग्य रहा कि देश का पहला प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु बना, जिसने क्रांतिकारियों का इतिहास कूड़ेदान में फेंक दिया और गांधी का झूठा इतिहास देश को पढ़ने के लिए मजबूर कर दिया।
श्री पोद्दार ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 5 शिक्षा मंत्री मुस्लिम हुए। जिन्होंने इतिहास के हिंदू नायकों को कूड़ेदान में फेंक दिया और सारे देश की युवा पीढ़ी को अकबर जैसे कामी नीच और हिंदूद्रोही शासक को पढ़ने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में तेजी से जागरण हो रहा है और वह समझ रही है कि गांधी ने देश को तोड़ा और सुभाष ने देश को आजाद कराया। श्री पोद्दार ने कहा कि हम सरदार पटेल के देश को एक रखने के महान कार्य का भी समर्थन और वंदन करते हैं। इसी प्रकार जिन जिन लोगों ने भी देश के लिए समर्पित होकर काम किया हम उनका भी
अभिनंदन
करते हैं, लेकिन जिन्होंने मुस्लिम सांप्रदायिकता के समक्ष घुटने टेके उनका हम निन्दन करते हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी जैसे लोग यदि आज देश में मुस्लिमों के लिए अधिकार या जमीन मांग रहे हैं तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि उन्हें अपने हिस्से से अधिक भूमि पाकिस्तान के रूप में मिल चुकी है वह चाहे तो पाकिस्तान जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम कोठारी बंधुओं का सम्मान करते हैं और उन्हें यह सम्मान देकर सम्मान ही स्वयं में सम्मानित हुआ है।
गांधीवाद है देश के लिए अभिशाप : श्रीनिवास आर्य
उगता भारत के सह संपादक श्री निवास आर्य ने कहा कि गांधीवाद देश के लिए अभिशाप है। जिसके चलते देश में अनेकों समस्याएं खड़ी हुई हैं और देश का बहुसंख्यक अपने देश में रहकर भी अपने आप को अधिकार विहीन अनुभव करता है। जिसके लिए कांग्रेस की हिंदू द्रोही मानसिकता जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि सावरकर जी इस देश की हमारे देश की आत्मा का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने जो कुछ भी बोला या जो कुछ भी लिखा वह देश की नब्ज पर हाथ रख कर बोला। वह देश के बहुसंख्यक को अधिकार विहीन करने की नीतियों के आलोचक थे। यही कारण था कि उनके गांधी और नेहरू से मौलिक मतभेद रहे । यदि उनकी नीतियों को स्वीकार कर देश का निर्माण करने में कांग्रेस व कांग्रेस के नेता लगते तो आज देश विश्व शक्ति होता।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक नंद किशोर जोशी ने कहा कि रामचंद्र जी अपने जीवन काल में देश ,धर्म व संस्कृति के शत्रुओं का विनाश करने के कामों में लगे रहे और उन्होंने राक्षसों का संहार कर आर्यों के विशाल साम्राज्य का निर्माण किया। भारतवर्ष उसी परंपरा पर चलने वाला देश रहा है। कोठारी बंधुओं ने भी अपना सर्वोत्कृष्ट बलिदान इसी राह पर चलते हुए दिया। श्री जोशी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और वीर सावरकर फाउंडेशन से यह अनुरोध भी किया कि वह ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित करता रहे। कार्यक्रम के सह संयोजक सुभाष केडिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी देश को तोड़ने वाली शक्तियां षड़यंत्र रच बुनकर घृणित कार्यों में लगी हुई हैं। जिनका हमें सामूहिक रूप से सफाया करना होगा। श्री केडिया ने कहा कि हिंदू राष्ट्र ही सारी समस्याओं का एकमात्र समाधान है। श्री केडिया ने जनसंख्या नियंत्रण पर बल देते हुए कहा कि किसी भी वर्ग को बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर देश में एक देश एक कानून लागू करने की दिशा में भी सरकार को गंभीर उपाय करने चाहिए।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

दूतावास कर्मियों को वेतन नहीं दे पा रहा पाक

Posted: 06 Dec 2021 05:22 AM PST

दूतावास कर्मियों को वेतन नहीं दे पा रहा पाक

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की माली हालत बेहद खराब होती जा रही है। इस वजह से उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती हो रही है। हाल ही में सर्बिया में पाकिस्तान एम्बेसी ने इमरान खान से सैलरी नहीं देने की शिकायत की थी। अब खबर है कि अमेरिका में मौजूद पाकिस्तानएम्बेसी के कुछ स्टाफ मेंबर्स को चार महीने से सैलरी नहीं मिली है। इससे नाराज कुछ कर्मचारियों ने जॉब ही छोड़ दी। कतर से भी ऐसी ही बातें सामने आ रही हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान के अखबार 'द न्यूज' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में पाकिस्तानी एम्बेसी के पास फंड्स खत्म हो चुके हैं। इसके कई सबूत भी सामने हैं। अब एम्बेसेडर किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कब तक यह कर पाएंगे? कहा नहीं जा सकता। पाकिस्तान की एम्बेसी में पांच कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें चार महीने से सैलरी नहीं मिल सकी है। इन्हें आखिरी बार जुलाई में सैलरी दी गई थी। इसके बाद अगस्त से नवंबर तक किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया। ये वो स्टाफर हैं जिन्हें अमेरिका में ही हायर किया गया था। ये लोग करीब 10 साल से एम्बेसी में काम कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, पांच में से कुछ कर्मचारी इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन एम्बेसी या दूसरे लोग इस बारे में कुछ बोलने से बच रहे हैं। इन्हें सालाना कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी दी गई थी। सभी की सैलरी करीब 2500 हजार डॉलर महीने है।
पाकिस्तान की हाल ही में उस समय जगहंसाई हुई, जब सर्बिया में पाकिस्तान की एम्बेसी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर महंगाई और तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत की गई है। इस ट्वीट में प्रधानमंत्री इमरान खान को भी टैग किया गया है। इसी ट्वीट के नीचे एक और ट्वीट किया गया है जिसमें लिखा गया है कि इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं था।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

चीन मंे बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

Posted: 06 Dec 2021 05:17 AM PST

चीन मंे बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 'साझा समृद्धि' के विचार का देश के अलग-अलग प्रांतों में गहरा असर देखने को मिल रहा है। चीन सरकार न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का खास अभियान चला रही है। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने से श्रम लागत बढ़ेगी, जिसकी वजह से कंपनियों के उत्पाद महंगे हो जाएंगे।
वेबसाइट निक्कईएशिया डाट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के 31 प्रांत स्तरीय क्षेत्रों में से 20 में इस साल न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जा चुकी है। आर्थिक रूप से चीन का सबसे बड़ा प्रांत ग्वांगदोंग है। वहां इस हफ्ते न्यूनतम मजदूरी 1,620 युवान से 2,360 युवान तक तय करने का ऐलान किया गया। इसके पहले वहां न्यूनतम मजदूरी 1,410 से 2,200 युवान तक थी।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

आंग सांग सू ची को चार साल की कैद

Posted: 06 Dec 2021 05:14 AM PST

आंग सांग सू ची को चार साल की कैद

यंगून। म्यांमार की एक अदालत ने सोमवार को अपदस्थ नेता आंग सान सू ची को सेना के खिलाफ असंतोष भड़काने और कोविड नियमों का उल्लंघन करने के लिए चार साल के कारावास की सजा दी है। जुंटा के प्रवक्ता जॉ मिन टुन ने कहा- 'सू ची को धारा 505 (बी) के तहत दो साल की कैद और प्राकृतिक आपदा कानून के तहत दो साल की कैद की सजा सुनाई गई है।' 1 फरवरी 2021 को सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद से 76 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता के खिलाफ लाए गए मामलों में यह पहला फैसला है।
सू ची की पार्टी ने पिछले नवंबर के आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी। सेना, की पार्टी कई सीटों पर हार गई और उसने बड़े पैमाने पर मतदान धोखाधड़ी का दावा किया। हाालंकि स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों ने किसी भी अनियमितता की जानकारी नहीं दी।
धोखाड़ी का आरोप लगाते हुए सेना ने यूनाइटेड इलेक्शन्स कमीशन से मांग की वो या फिर सरकार या उसके नुमाइंदे यानी चुने हुए नेता साबित करें कि चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई और सब कुछ पारदर्शिता से हुआ है। सेना की इस मांग को पूरा करने से इनकार करते हुए नई चुनी व्यवस्था ने अपना काम शुरू कर दिया। इसके बाद 1 फरवरी को म्यांमार की सेना ने नव-निर्वाचित संसद की बैठक रोकते हुए नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि साल 2011 से पहले इस देश में सेना का ही कब्जा था।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

केजरीवाल: भाजपा से सीधा मुकाबला

Posted: 06 Dec 2021 05:12 AM PST

केजरीवाल: भाजपा से सीधा मुकाबला

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
आम आदमी पार्टी (आप) इस बार भाजपा के उस चक्रव्यूह को तोड़ना चाहती है जिसको तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए श्रीमती शीला दीक्षित नहीं तोड़ पायीं और तीन बार मुख्यमंत्री बनकर अरविन्द केजरीवाल भी नहीं तोड़ पाये। यह चक्रव्यूह है दिल्ली महानगर निगम परिषद (एमसीडी) जिसको भाजपा ने लगभग अभेद्य बना दिया है। अगले साल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव होने हैं और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली मंे सदस्यता महाअभियान की शुरुआत कर दी है। इस महाअभियान मंे पचास लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भाजपा को सीधी टक्कर दो ही नेताओं ने दी है। पश्चिम बंगाल मंे ममता बनर्जी ने और दिल्ली मंे अरविन्द केजरीवाल ने। दिल्ली मंे सभी सांसद भाजपा के हैं और एमसीडी भी भगवा रंग मंे रंगी है लेकिन विधानसभा मंे 70 विधायकों मंे सिर्फ 8 भाजपा को मिल पाये हैं, बाकी सभी आम आदमी पार्टी को मिले हैं। केजरीवाल का भाजपा से यह सीधा मुकाबला 2024 के आम चुनाव की भूमिका भी तैयार करेगा।
दिल्ली नगर निगम चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी अब पूरी तरह से चुनावी दंगल में उतर गई है। इसको लेकर अब दिल्लीभर में बड़े स्तर पर सदस्यता महाअभियान की शुरूआत की जा रही है। आज से शुरू किए जा रहे इस महाअभियान को एमसीडी में बदलाव के लिए चलाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक और कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने इस महाअभियान की शुरूआत की है।
गोपाल राय ने कहा कि सदस्यता महाअभियान की शुरुआत की गई है। दिल्ली के अंदर शुरू महाअभियान को एमसीडी में बदलाव के लिए चलाया जा रहा है। लोगों को आप पार्टी का सदस्य बनाने का महाअभियान बदलाव का महाअभियान होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट भाजपा को उखाड़ फेंकने का महाअभियान है। प्रदेश संयोजक राय ने कहा कि जब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी, तो साफ किया कि जो काम करने आये हैं वो अगर नहीं कर सकते तो अपनी सरकार छोड़ दी। दोबारा हमने सरकार बनाई। लेकिन पहली बार 5 साल सरकार चलाने के बाद सीएम ने कहा कि काम किया है तो वोट दो वरना मत दो। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसमें एक ऐसी पार्टी है जिसका सीएम कहता है कि काम किया है तो वोट देना। और दूसरी तरफ ऐसी पार्टी है जो अहंकार में डूबी है। आज देश के प्रधानमंत्री डरे हुए हैं। और एक सीएम है जो सीना चैड़ा करके कहता है कि काम किया है तो वोट देना। राय ने यह भी कहा कि कोरोना के कहर में पहला सीएम है जिसे चिंता इस बात की बिजली का बिल, पानी, महिलाएं को यात्रा जो सुविधाएं मिलती है वो बन्द न हो जाएं। कोरोना संकट में 10 लाख लोगों का रोजाना खाना बनाता था। अब कैमरा हर जगह लगेगा। सीएम को महिलाओं की सुरक्षा की चिंता है। दूसरे राज्य और देशों से जो लोग दिल्ली आते हैं उनको भाजपा शासित एमसीडी ने 15 साल में 2 गिफ्ट दिए हैं। इनमें एक कूड़े के पहाड़ और दूसरा हर गली में वसूली का धंधा शुरू किया, शामिल हैं।
गोपाल राय ने बताया कि एक बूथ पर तीन दिन बीताने होंगे। 300 सदस्य एक बूथ पर बनाने हैं। पूरे दिल्ली से 50 लाख लोगों को आप पार्टी से जोड़ना है। एमसीडी को बेचने का अभियान बीजेपी चला रही है। एमसीडी में नई सरकार बनाने की तैयारी करनी है। लेकिन सड़कों पर भी भाजपा के करप्शन के खिलाफ मोर्चा खोलना है। अब दिल्ली विधानसभा की तरह ही एमसीडी में भी प्रचण्ड बहुमत से बदलाव लाने की जरूरत है। इस पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बढ़ चढ़कर काम करेंगे और आम लोगों के बीच जाएंगे। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी कहते हैं कि पार्टी का विशेष अभियान घर-घर जाकर शुरू होने जा रहा है। हमने एक पार्टी नहीं बनाई एक आंदोलन है। देश की राजनीति को बदलना हमारा लक्ष्य है। आम आदमी पार्टी सरकार ने पहली बार लाल बत्ती का कल्चर खत्म किया है। इसके बाद देश की सबसे सशक्त पार्टी भाजपा को याद आया हमें भी करना चाहिए। देश में राजनीति के तौर तरीके को बदलना है। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी वाले घबरा गए हैं। कोई नहीं बता सकता कि 5 साल में 5 स्कूलों में भी क्या काम हुआ है। चाहे यूपी, उत्तराखण्ड, पंजाब लेकिन कहीं कुछ भी नहीं हुआ है। लेकिन अब जान गए हैं कि इन राज्यों में स्कूल कैसे हैं, अब पोल खुल गई
है। दिल्ली में स्कूल की बिल्डिंग ही नहीं बल्कि बच्चों का भविष्य चमक रहा है।
अब दूसरा काम है कि देश को एक नई दिशा देनी है। देश को लेकर सपना है। भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा की एमसीडी को हटाना है। एमसीडी में आप पार्टी को सत्ता में लाने का लक्ष्य है। आज हम सबके सामने चुनौती है। उन्होंने कहा कि देश को विजन देना है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो आम आदमी पार्टी है और दूसरी तरफ भ्रष्ट और साम्प्रदायिक ताकते हैं। उन्होंने तीसरी बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को आप पार्टी नहीं आंदोलन देकर जाना है। उन्होंने दिल्लीवालों से अपील की कि आप नम्बर पर कॉल करके पार्टी से जुड़ें और इस आंदोलन का हिस्सा बनें।
दिल्ली नगर निगम चुनावों को लेकर नेताओं का एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का सिलसिला शुरू हो गया है लेकिन एक पार्टी दूसरी पार्टी में विलय कर चुनाव लड़ने की रणनीति भी तैयार करने लगी हैं। राजनीतिक पार्टी, नेशनल लोक कल्याण पार्टी ने आगामी एमसीडी चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। इससे पहले उसने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है और उसमें पार्टी के विलय की घोषणा भी की है। दोनों पार्टी के कार्यकर्ता की मौजूदगी में यह फैसला लिया गया। इस मौके पर नेशनल लोक कल्याण पार्टी के प्रेसिडेंट सरदार इंद्रप्रीत सिंह एवं एनसीपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ. योगानंद शास्त्री ने दोनों पार्टियों का ऐलान करते हुए आगामी योजना के बारे में जानकारी दी।
केजरीवाल कहते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी करने वाले शहीद कोरोना वॉरियर्स के परिवारों को दिल्ली सरकार की ओर से एक करोड़ी की मुआवजा राशि दी गयी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए अपनी जान गंवाने वाले ईस्ट एमसीडी की सफाईकर्मी सुनीता के परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक भी सौंपा। कोरोना योद्धा सुनीता का कोविड-19 के दौरान लोगों की सेवा करते हुए कोरोना होने से 15 मई, 2020 को निधन हो गया था। वह पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अजीत नगर इलाके में अपनी सेवाएं दे रही थीं। सीएम केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि दिल्ली सरकार कोविड के दौरान लोगों की सेवा करते हुए कोरोना संक्रमित होने से अपनी जान गंवाने वाले 18 कोरोना वॉरियर्स के परिवार को अब तक एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि दे चुकी है। इसमें दो सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं जिनको सरकार की ओर से एक-एक करोड़ की सहायता राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में केवल दिल्ली सरकार ने ऐसा किया है। इस प्रकार अरविन्द केजरीवाल अपनी पार्टी की उपलब्धियां गिनाकर एमसीडी मंे भाजपा का मुकाबला करेंगे। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

ममता को अधीर रंजन का जवाब

Posted: 06 Dec 2021 05:08 AM PST

ममता को अधीर रंजन का जवाब

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
भाजपा और नरेन्द्र मोदी, जो अब लगभग एक ही माने जाने चाहिए, सिवाय उत्तर प्रदेश के जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आभा भारी पड़ती है, उनसे मुकाबला कौन कर सकता है? राहुल और प्रियंका की अगुवाई वाली कांग्रेस शायद सबसे पहले हाथ उठाएगी। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है जिसकी उपस्थिति लगभग हर राज्य में है। तीन राज्यों मंे उसकी सरकार भी है और कर्नाटक व झारखण्ड मंे कांग्रेस सरकार की साहयोगी है। हालांकि दिल्ली मंे भाजपा को धूल चटाने वाली अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में भाजपा के दांत खट्टे करने वाली ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अभिमन्यु विजय का सुख प्राप्त करती दिख रही है। ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया कि यूपीए है कहां? ध्यान रहे इसी यूपीए ने ममता बनर्जी को रेल मंत्री बनाया था। ममता अपने राजनीतिक अनुभव और चुनाव प्रबंधन के चलते इक्कीस दिखाई पड़ती हैं लेकिन पश्चिम बंगाल में ही कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन दास ने उनको सही जवाब दिया है। ममता बनर्जी के फ्रंटफुट पर खेलने से भाजपा का ही फायदा होगा और नुकसान सिर्फ कांग्रेस का नहीं होगा बल्कि पश्चिम बंगाल मंे भाजपा के सांसद और बढ़ेंगे। कपिल सिब्बल ने भी यही समझाने का प्रयास किया है।
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चैधरी ने कोई यूपीए नहीं है संबंधी बयान के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि आम चुनाव 2024 के मद्देनजर, बीजेपी के सामने चुनौती पेश करने के लिए ममता इस समय विपक्ष को लामबंद करने में जुटी हैं और इस सिलसिले में उन्होंने हाल ही में मुंबई की यात्रा के दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना नेता संजय राउत व आदित्य ठाकरे से मुलाकात की थी। पवार से मुलाकात के बाद ही ममता ने यह पूछे जाने पर कि क्या वह चाहती हैं कि पवार कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के अध्यक्ष बनें, कहा था अभी कोई यूपीए नहीं है। इस बयान पर तृणमूल प्रमुख को आड़े हाथ लेते हुए अधीर रंजन ने कहा, मोदीजी को खुश करने के लिए ममता यह सब काम कर रही हैं, चार फीसदी उनके पास वोट बैंक है उस पर क्या कर लेंगी। कांग्रेस के नेताओं के टीएमसी में शामिल होने पर टिप्पणी करते हुए अधीर रंजन ने कहा था टीएमसी लालच दे रही है कि आप आओ राज्यसभा सीट पक्की है। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह पीएम मोदी से मिलकर कांग्रेस को तोड़ने का काम कर रही हैं। मोदी भी चाहते हैं कांग्रेस मुक्त भारत और ममता बनर्जी भी यही सोच रखती हैं। मोदी और दीदी के तेवर में काफी समानता दिख रही है। उन्होंने कहा था, जिस दिन से अभिषेक को ईडी ने बुलाया उसके बाद से कांग्रेस को गाली देने लगीं। ममता बनर्जी सिर्फ कांग्रेस को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में सारा विपक्ष चलेगा।
ध्यान रहे कि ममता ने साफ कहा है कि वे 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में नए विपक्षी गठबंधन को देख रही हैं। वे इस समय राष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साध रही हैं। उन्होंने कहा था कि यूपीए क्या है? कोई यूपीए नहीं है। इसी बयान को लेकर बंगाल के कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने दीदी पर निशाना साधा। वैसे अधीर रंजन इससे पहले भी ममता बनर्जी की आलोचना कर चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ओर से यूपीए पर दिए गए बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की भी प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कहा है कि कांग्रेस बिना यूपीए का कोई मतलब नहीं है। कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस बिना यूपीए का मतलब ऐसा शरीर जिसमें आत्मा ही नहीं है। विपक्षी की एकता दिखाने का समय आ गया है। अपने इस ट्वीट के जरिए कपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी को यूपीए में कांग्रेस की क्या अहमियत है ये बताने की कोशिश की है। ममता बनर्जी ने मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने मजबूत विपक्ष बनने पर चर्चा की थी। वहीं इस मुलाकात के बाद जब ममता बनर्जी से सवाल करते हुए पूछा गया कि क्या वो चाहती हैं कि शरद पवार को यूपीए का अध्यक्ष बनाया जाए? इस सवाल के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा था कि क्या यूपीए? अब कोई यूपीए नहीं है? यूपीए क्या है? हम एक मजबूत विकल्प चाहते हैं। अपने इस बयान के जरिए ममता ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था। गौरतलब है कि एक समय में तृणमूल कांग्रेस कभी यूपीए का हिस्सा हुआ करती थी। लेकिन अब ममता ने कांग्रेस पार्टी से दूरी बना ली है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी ममता ने कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं किया था। कांग्रेस ने वाम दलों के साथ मिलकर तृणमूल और बीजेपी के खिलाफ ये चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में ममता की पार्टी को जीत मिली थी।
गोवा, दिल्ली और अब महाराष्ट्र में ममता बनर्जी के तेवरों ने साफ कर दिया है कि अगर ऐसा कांग्रेस को कमजोर करने की कीमत पर भी हो, तो उन्हें इससे गुरेज नहीं है। ममता बनर्जी ये संकेत दे रही हैं कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में वाम दलों के 34 साल के शासन को उखाड़ फेंकने के लिए उन्हें कांग्रेस से अलग होकर जमीनी स्तर पर लेफ्ट के काडर से सीधे मोर्चा संभालने वाली तृणमूल कांग्रेस को खड़ा किया था। उनके रणनीतिकारों का तर्क है कि ममता ने चुनाव दर चुनाव बंगाल में तीसरी बार सत्ता हासिल की है, जीत के दायरे के साथ उनका कद भी बड़ा होता चला गया है। मोदी की तरह ही मुख्यमंत्री के तौर पर लंबे कार्यकाल के बाद केंद्रीय राजनीति में उनकी भूमिका में कुछ भी गलत नही है।
ममता बनर्जी को विपक्ष का दमदार चेहरा बनाने के गेमप्लान में पर्दे के पीछे अहम भूमिका चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की भी रही है। इस संयुक्त विपक्षी मोर्चे में पहले कांग्रेस को लाने की कवायद भी थी। प्रशांत किशोर जब शरद पवार जैसे विपक्षी नेताओं से मिल रहे थे तो उन्होंने राहुल गांधी-प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की थी। संसद के मानसून सत्र के दौरान जुलाई में ममता बनर्जी खुद सोनिया गांधी से मिली थीं और उस बैठक में राहुल भी थे। लेकिन बीजेपी से सीधे मुकाबले के बजाय गठबंधन या मोर्चे का प्रस्ताव कांग्रेस को शायद नहीं सुहाया। खासकर केंद्रीय राजनीति में कांग्रेस इसके लिए एकदम तैयार नहीं है। इसके बाद यह कवायद गैर कांग्रेस गैर बीजेपी मोर्चा को आकार देने में बदल गई है। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस नेताओं और उनकी अगुवाई में बैठकों से टीएमसी ने दूरी बनाए रखी। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

प्राणवायु के लिए लड़ने वाले योद्धा

Posted: 06 Dec 2021 05:04 AM PST

प्राणवायु के लिए लड़ने वाले योद्धा

(अचिता-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले मंे वनवाड़ी को बचाने वाले आदिवासी हों अथवा झारखण्ड मंे रामगढ़ के मुरामकला मंे जंगलों की सुरक्षा मंे लगे लोग- इन सभी को नमन करना होगा। ये प्रातः स्मरणीय लोग हैं। ये प्राणवायु से लड़ने वाले सिपाही हैं जो दूसरे देशों के दुश्मनों से नहीं अपने ही देश मंे वन तस्करों से लड़ते हैं। कभी-कभी इनको अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। इसके बावजूद इनके इरादे अटल हैं तो मुराम कलां के जंगल लहलहा रहे हैं। यह हरीतिका, जो आक्सीजन से भरी है, इसको लाने के लिए यहां के ग्रामीणों को 30 साल तक संघर्ष करना पड़ा है। इसी प्रकार महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले मंे पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के गोद मंे डेढ़ दशक मंे दो मराठा जमींदारों से 64 एकड़ जमीन खरीद कर वहां लहलहाता जंगल उगाया गया है। इन वनवाड़ी को बनाने मंे आदिवासियों की भी महती भूमिका रही है। 
झारखंड के रामगढ़ में पिछले 30 सालों से ग्रामीण मुरामकला के जंगलों  की सुरक्षा में लगे हुए हैं। इससे पहले यहां जंगल के नाम पर सिर्फ झाड़ी और ठूंठ बचा हुआ था। लेकिन अब ये जंगल 860 एकड़ की जमीन पर फैला हुआ है। अब यहां जंगली-जानवर खुलकर विचरण करते हैं। इस जंगल की सुरक्षा में जुटी समिति को दो बार पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। रामगढ़ शहर से सटे मुरामकला के ग्रामीण बीते तीन दशक से जंगलों को सामूहिक रूप से बचाने के अभियान में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से 860 एकड़ में फैला मुरामकला का जंगल पेड़ों की हरियाली से लहलहा रहा है। इसमें सखुआ, समेत करंज, जामुन, महुवा आम, बांस और बीमारियों में काम आने वाले कई उपयोगी जड़ी-बूटी के पौधे लोगो के काम आ रहे हैं। इस जंगल को बचाने का प्रयास वर्ष 1986 से शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत पूर्व मुखिया गणेश महतो ने अपनी टीम के साथ समित्ति बनाकर की थी। बाद में गांव के युवकों ने जंगल बचाने के अभियान को आगे बढ़ाया। रात के अंधेरे में भी समिति पेड़ों की रक्षा करती है और पेड़ काटते समय पकड़े जाने पर आरोपी को ग्राम स्तर पर सजा निर्धारित करती है। मुरामकला का यह जंगल संरक्षित वनों की श्रेणी में पूरे राज्य में तीसरे स्थान पर आता है। वनों को बचाने को लेकर वर्ष 1992 और 2016 में राज्य स्तरीय पुरस्कार समित्ति को सरकार ने प्रदान किया है। जंगल में जंगली जानवर भी हैं। इनमें मोर, जंगली सुअर, खरगोश, बंदर, साहिल, नीलगाय, भालू और कोटरा भी है। ग्रामीण यहां पर बायो डायवर्सिटी पार्क बनाने की मांग सरकार से कर रहे हैं। ताकि लोग यहां घूमने आएं और इसी माध्यम उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सके।
पूर्व अध्यक्ष वन सुरक्षा संरक्षण समिति के चिंतामणि पटेल और वर्तमान अध्यक्ष वन सुरक्षा व संरक्षण समिति के मनीजर महतो ने बताया कि 1986 में जब अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की कमी महसूस हुई तब से जंगल बचाने की मुहिम की शुरुआत 
हुई। आज मुरामकला का जंगल हरियाली फैला रहा है साथ ही पर्यावरण के संतुलन में सहायक सिद्ध हो 
रहा है।
इसी प्रकार महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पश्चिमी घाट की पहाड़ियों की गोद में मुंबई-पुणे मार्ग से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर अपने साथियों के सहयोग से भरत मंसाता द्वारा बसाया गया वन वाड़ी प्राकृतिक प्रेम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग डेढ़ दशक पहले कुछ लोगों ने मिलकर इस इलाके में दो मराठा जमींदारों से 64 एकड़ जमीन खरीदकर फॉरेस्ट फार्म बनाने का मन बनाया। प्रारंभ में इसका नाम विजन एकड़ रखा गया लेकिन पांच साल बाद नाम बदलकर स्थानीय नाम वन वाड़ी कर दिया गया, जिसका मतलब है फॉरेस्ट सेटलमेंट या फॉरेस्ट फार्म। वन वाड़ी के संस्थापक सदस्य भरत मंसाता का कहना है कि इतने बड़े इलाके की प्राकृतिक दशा को बचाते हुए सुनियोजित ढंग से विकास करना आसान भी नहीं था।वन वाड़ी को बचाने के लिए सबसे बड़ी समस्या इलाके की घेराबंदी की थी, फिर नजदीक के आदिवासी लोग भी अपने मवेशी लेकर इलाके में घूमते रहते थे। ऐसे में पेड़-पौधों को बचाना मुश्किल था। इसलिए इन्होंने कुछ आदिवासियों को भी वन वाड़ी के विकास में साथ ले लिया। फायदा यह हुआ कि इन आदिवासियों को काम मिला। साथ ही इन्हें जीने का नया मकसद भी मिला। घेरेबंदी के लिए दीवार के अलावा वहां बहुतायत मात्रा में उगने वाले काथी, कलक, निर्गुदी, सबरी, चंद्रज्योति, करवंदा, रत्नज्योति और सगरगोटा जैसे कंटीली झाड़ी, बांस, चिकित्सकीय पौधे और लताएं लगायी गयीं। वन वाड़ी में एक बड़े भाग पर तरह-तरह के पेड़ पौधे हैं।आदिवासियों की मदद से इस इलाके में पाये जाने वाले सौ से भी अधिक प्रकार के पौधों की प्रजातियों की खोज की गयी। वन वाड़ी में लगभग चालीस हजार पेड़ हैं। इनमें आम, सीताफल, ड्रमस्टिक, चीकू, नारियल, अमरूद, आंवला, करंज, काजू, पीपल, बरगद, पलाश, चंपा और कई तरह के फलदार और लकड़ी वाले पेड़ हैं। यहां आने वाली पर्यटकों का कहना है कि जंगल में समय बिताने का मजा ही अलग है। टीवी और मोबाइल से दूर यहां प्रकृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है।
मनुष्य और पर्यावरण दोनों के बीच सदियों से अटूट रिश्ता रहा है लेकिन मनुष्य ने अपने अस्तित्व की रक्षा व विकास के नाम पर प्रकृति के साथ जो निर्ममता दिखाई है उससे न केवल पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ा है बल्कि पर्यावरण का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। पर्यावरण का तात्पर्य वायु, जल, जमीन, जंगल से है जो दिनों दिन प्रदूषित होता जा रहा है। इस प्रदूषण को रोकने वाला एक मात्र कारक पेड़, पौधे और जंगल का मनुष्य द्वारा अंधाधुंध दोहन है जिससे पर्यावरण असंतुलन का खतरा उत्पन्न होने लगा है। पर्यावरणविदों का मानना है कि पर्यावरण संतुलन के लिए पृथ्वी पर 33 प्रतिशत वनों का होना जरूरी है लेकिन मौजूदा वनों की स्थिति भयावह और सोचनीय है। आंकड़ों पर गौर करें तो साहिबगंज जिले के 17986 एकड़ क्षेत्रफल में वन फैला हुआ है। वहीं लगातार वन क्षेत्र के दोहन व पहाड़ों के उत्खनन से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है। यहां धड़ल्ले से वनों के कटाई, नित नए-नए खदान क्षेत्र का खुलना, विकास के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ये सब कारक पर्यावरण संतुलन को और बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। जिस परिणाम बीते कुछ वर्षो से बारिश में अप्रत्याशित कमी के रूप में दिख रहा है। जिले के बरहड़वा, बाकुडीह, पतना, मिर्जाचैकी, जेलिबीया घाटी, सकरीगली, महराजपुर, राजमहल, तीनपहाड़ में प्रतिदिन सैकड़ांे क्रेशर के द्वारा पहाड़ों से पत्थर व हरे भरे जंगल का सफाया किया जा रहा है। सिर्फ यही नहीं जंगल की दुर्लभ जड़ी बूटियां भी समाप्त हो रही हैं। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

पूर्वांचल के विकास का बेहतरीन पड़ाव

Posted: 06 Dec 2021 04:58 AM PST

पूर्वांचल के विकास का बेहतरीन पड़ाव

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
विगत साढ़े चार वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश की अनेक समस्याओं का समाधान किया गया। यह दशकों से उपेक्षित रहा है। विकास की दृष्टि से पूर्वी उत्तर प्रदेश बहुत पीछे रह गया था। योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप बनाया था। इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश भी शामिल था। इस रोडमैप के अनुसार अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जनपद चार दशक से जापानी बुखार की त्रासदी झेल रहे थे। पिछली सरकारों ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस समस्या के समाधान का अभियान चलाया। इसका सकारात्मक परिणाम हुआ। अब यह समस्या लगभग समाप्त हो गई है। गोरखपुर का खाद कारखाना करीब तीन दशक से बन्द था। दशकों से यहां एम्स निर्मांण का मांग की जा रही थी। अब गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने एवं एम्स निर्माण का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है। कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों का लोकार्पण करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जनपद गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने एवं एम्स का लोकार्पण अत्यन्त ऐतिहासिक क्षण होगा। 
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री की गोरखपुर यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। बेहतर व्यवस्था के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में राजदीप ईएनटी हॉस्पिटल में कॉक्लियर इम्प्लाण्ट से लाभान्वित बच्चों से भेंट की। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजन को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजन हेतु पेंशन की व्यवस्था भी की गई है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय तथा राज्य सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की मदद से मूक-बधिर बच्चों को नया जीवन मिला है। कॉक्लियर इम्प्लाण्ट के जरिये अब यह बच्चे सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की तरफ से बढ़ाए गए इस कदम से बच्चों के माता पिता पर कोई भी आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया अभियान का शुभारंभ किया था। इसके भी बेहतर परिणाम दिखाई दे रहे है। उत्तर प्रदेश भी इस अभियान में सहभागी है।
उत्तर प्रदेश के प्रत्येक  गांव में खेल का मैदान  बनाया जाएगा। बड़े पैमाने पर खेल के मैदान बन रहे हैं। हर विकास खण्ड के अन्दर मिनी स्टेडियम बनाने की कार्यवाही चल रही है। हर ग्राम पंचायत में ओपन जिम का निर्माण हो, उसके लिए व्यापक पैमाने पर कार्यवाही चल रही है। अनेक ग्राम पंचायतों में ओपन जिम का निर्माण शुरू कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया अभियान के चलते  सबसे बड़ा दल टोक्यो ओलम्पिक एवं पैरा ओलम्पिक के लिए गया। अब तक के सबसे ज्यादा मेडल प्राप्त किए। यह प्रधानमंत्री  द्वारा किये जा रहे प्रयासों और 'खेलो इण्डिया' जैसे कार्यक्रमों से सम्भव हो सका है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।  ओलम्पिक में प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।  ओलम्पिक स्वर्ण पदक जीतने पर प्रदेश सरकार द्वारा छह करोड़ रुपये, रजत पदक पर चार  करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये दिए जाते हैं। ओलम्पिक खेलों में भाग लेने पर प्रदेश के खिलाड़ियों को पच्चीस लाख रुपये राज्य सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम में भी स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को राज्य सरकार की तरफ से पचास लाख, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को तीस लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को पन्द्रह लाख रुपये दिए जाते हैं। प्रतियोगिता में शामिल व क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ी को पांच लाख रु की धनराशि दी गई। योगी आदित्यनाथ ने  गोरखपुर के बांसगांव में सांसद खेल स्पर्धा महाकुम्भ के समापन अवसर पर विजयी टीम के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस मौके पर लोकभवन में भव्य समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें सभी मंत्रियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की अब तक की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसी प्रकार सरकार के 54 माह पूरे होने के उपलक्ष्य में सभी जिलों में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार के साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव तैयार हुई है। लोकभवन में होने वाले कार्यक्रम में साढ़े चार साल के दौरान राष्ट्रीय पटल पर यूपी की बनी छवि के साथ प्रदेश की आत्मनिर्भरता और समर्थता को लेकर चर्चा हुई थी। इसके अलावा प्रदेश में भाजपा सरकार बनने से पहले तक देश की सबसे बड़ी आबादी होने के बाद भी बीमारू राज्य की छवि के साथ देश में पांचवे नंबर की अर्थव्यवस्था होने का दंश झेलने वाले यूपी को दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने के सफर पर भी प्रकाश डाला गया।  प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने का सीधा फायदा प्रदेश की जनता को मिला है। केंद्र और प्रदेश की सरकार की आपस में बेहतर तालमेल का ही नतीजा है कि प्रदेश में पीएम किसान योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला समेत कई योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश शीर्ष स्थान पर है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले 4 साल के दौरान प्रदेश के अंदर और गांव-गरीब, महिलाओं समेत विभिन्नत तबकों की सुविधाओं के लिए कार्ययोजना तैयार की थी, उसे हमें पूरी ईमानदारी लागू करना था। उन्होंने कहा 2017 में सत्ता मिला तो सरकार का खजाना खाली था। इस पर हमारे पास सिर्फ एक विकल्प बचा था कि साधन उत्तर प्रदेश में ही बढ़ाना है। वैट 49 हजार करोड़ मिलता था, लेकिन हमने इसे एक हजार करोड़ बढ़ा दिया। एक्साइड 12 हजार करोड़ से बढ़कर 36 हजार करोड़ हो गया है। जो पैसा नेताओं के जेब में जाता था उसे हमने रोजकोष में जमा करवाया। 
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले प्रदेश सरकार का बजट दो लाख करोड़ तक होता था हमने सत्ता में आने के बाद इस बजट को 5 हजार करोड़ तक पहुंचाया। आने वाले समय उत्तर प्रदेश और अच्छे ढंग से प्रगति करेगा। प्रदेश के विकास में पैसा खर्च हो रहा है।  सीएम योगी ने बताया था कि सत्ता संभालने के बाद हमें राजकोष खाली मिला उसके बाद बैंक वित्तीय संस्थाएं लोन देने को तैयार नहीं थीं। हमारे पास बस एक ही विकल्प था, कि राज्य के सीमित संसाधनों से राज्य की आय बढ़ाएं। दोनों पर फोकस करते हुए यूपी को रखा। अच्छे परिणाम आए। इनकम भी बढ़ाई। कर्ज लेकर खर्च नहीं करेंगे। रजिस्ट्रेशन स्टांप से भी इनकम बढ़ाई जो पहले  9 से 10 करोड़ थी अब 25 करोड़ तक जा पहुंची। मंडी लीकेज सख्ती से रोका गया। नेताों की जेब में जाता था। वह रोजकोष में जाना शुरू हुआ। (हिफी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

प्रधानमंत्री का गोरखपुर दौरा पूर्वांचल में विकास के नए द्वार खोलेगा : अश्वनी कुमार सिंह

Posted: 06 Dec 2021 04:05 AM PST

प्रधानमंत्री का गोरखपुर दौरा पूर्वांचल में विकास के नए द्वार खोलेगा : अश्वनी कुमार सिंह

गोरखपुर से हमारे संवाददाता वेद प्रकाश तिवारी 
प्रधानमंत्री की यात्रा पूर्वांचल में विकास के द्वार खोलेगा साथ ही रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा । पूर्वांचल में कई मेडिकल कॉलेज देने के साथ- गोरखपुर में फर्टिलाइजर और एम्स का उद्घाटन आने वाले समय में चिकित्सा के क्षेत्र में और खाद्यान्न के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि का रहेगा । आज अपने आवास पर मीडिया से मुखातिब समाजसेवी और युवा भाजपा नेता अश्वनी कुमार सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं के बारे में बताया । उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री जी की 7 दिसंबर को गोरखपुर यात्रा प्रस्तावित है और यह यात्रा पूर्वांचल मैं विकास के द्वार खोलेगा । प्रधानमंत्री कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। नरेन्द्र मोदी जी पूर्वांचल पर तोहफों की बरसात करेंगे । फर्टीलाइजर, एम्स के साथ साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने आरएमआरसी के नये भवन का लोकार्पण करेंगे । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अक्सर यह कहा जाता रहा है की पूर्वांचल के साथ केंद्र सौतेला व्यवहार करता है पर जब से देश में मोदी जी की सरकार आई है और राज्य में योगी जी की सरकार आई है, पूरा उत्तर प्रदेश विकास की नई गाथा लिख रहा है। उन्होंने कहा कि मैं क्षेत्र के लोगों से मिलता हूं तो मोदी जी की 7 तारीख की प्रस्तावित यात्रा का उद्देश्य बताता हूं साथ ही मैं आपके माध्यम से भी यह निवेदन करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में गोरखपुर चलकर 7 दिसंबर को उन सुनहरे पल का साक्षी बने ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

अपराधी के प्रति पुलिस के नरम रवैए से बुद्धिजीवियों में आक्रोश

Posted: 06 Dec 2021 04:02 AM PST

अपराधी के प्रति पुलिस के नरम रवैए से बुद्धिजीवियों में आक्रोश

मगध विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष रहे शिक्षा जगत के जाने-माने विद्वान प्रोफेसर उमेश चंद्र मिश्र शिव के लड़के पर दिनांक 2 दिसंबर को 9:00 बजे दिन में मगध कॉलोनी मेडिकल कॉलेज के पास जानलेवा हमले हुए। मगध मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी वार्ड में आज भी सुधांशु कुमार मिश्रा गंभीर हालत में जीवन मौत से जूझ रहा है। मेडिकल कॉलेज थाने में पुलिस शिकायत दर्ज कर ली है, किंतु कठोर एवं शीघ्र कार्रवाई नहीं करने के कारण उल्टे प्रोफेसर साहब के परिवारों में भय व्याप्त है। अपराधी खुलेआम घूम रहा है जबकि थाना से महज कुछ ही दूरी पर मगध कॉलोनी स्थित है। ऐसे में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े बुद्धिजीवियों ने उस अपराधी मुकेश शर्मा के प्रति पुलिस के नरम रवैए पर आक्रोश व्यक्त किया है। बिहार सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। जिसमें प्रमुख लोगों में बिहार के जाने माने साहित्यकार आचार्य राधा मोहन मिश्र माधवमानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर विवेकानंद मिश्रा ऑल इंडिया जियोलॉजी साइंस के अध्यक्ष डॉक्टर बी एन पांडेय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज बिहार के पूर्व प्राचार्य रामेश्वर त्रिपाठी कौटिल्य मंच के प्रदेश सचिव पवन कुमार मिश्र भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टरशशि शेखर आकांक्षा कटरियार शेफाली मिश्रा पाठक डॉक्टर मंटू मिश्रा प्रोफेसर रीना सिंह कविता राऊत वैष्णवी मांडवी गुर्दा केशव लाल भैया नीलम पासवान देवेंद्र नाथ मिश्रा मजहर शेख़ अधिवक्ता राशिद मसूद आचार्य रूप नारायण मिश्र आचार्य श्री राम यतन मिश्र बसंत पासवान भट्टू मांझी दिलीप रमेश मांझी फूल कुमारी यादव मालती देवी पार्वती देवी पुष्पा गुप्ता मधु मीना डॉ परमेश्वर प्रसाद मिश्रा राजवैद्य देवेंद्र पाठक डॉक्टर चंचला त्रिपाठी शंभू गिरि गीता डॉक्टर गीता विश्वकर्मा डॉ राजेंद्र कुमार पंडित अजय मिश्रा सुनील कुमार यादव श्याम किशोर मिश्रा डॉक्टर गोपी मिश्रा डॉक्टर गौतम कुमार विश्वजीत चक्रवर्ती सुमा तारा चक्रवर्ती सुंगारिस रंजना पांडेय नवनीत पाठक राजेश त्रिपाठी शांति देवी राकेश मिश्रा सोना दास आदि उल्लेखनीय हैं।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

Liked on YouTube: नेताओ को चाहिये सुविधाये ?

Posted: 05 Dec 2021 11:12 PM PST

नेताओ को चाहिये सुविधाये ?
पटना में भारतीय जन क्रान्तिदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की वेवाक साक्षात्कार दिव्य रश्मि के उपसम्पादक सुबोध कुमार सिंह के साथ देखें और अपना विचार अवस्य दें | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=P1CiMMzC9IY

Liked on YouTube: पटना का सबसे उपेक्षित क्षेत्र है मीठापुर का क्षेत्र जहाँ रहनेवाले लोगों को बगैर जाम से गुजरे सुबह ..

Posted: 05 Dec 2021 11:12 PM PST

पटना का सबसे उपेक्षित क्षेत्र है मीठापुर का क्षेत्र जहाँ रहनेवाले लोगों को बगैर जाम से गुजरे सुबह ..
पटना का सबसे उपेक्षित क्षेत्र है मीठापुर का क्षेत्र जहाँ रहनेवाले लोगों की माने तो उनके अनुसार प्रसाशन के लोग सिर्फ उगाही का कार्य करते है किसी प्रकार की सुबिधा की अपेक्षा करना मुर्खता होगी | मीठापुर के समीप एक लक्ष्मी निवास अपार्टमेंट है ठीक उस के बगल में केनरा बैंक है उस बैंक तक पहुँचना और अपार्टमेंट के लोगों को घरों से निकल कर स्कूल, कालेज ऑफिस जाना भगवान से मिलने के बराबर है | लक्ष्मी निवास अपार्टमेंट के गेट के पास तकरीबन सुबह 4 बजे से दिन के 12 बजे तक कुछ आलू प्याज के थोक विक्रेताओं के द्वारा ट्रक लगवाई जाती है जिस कारण लोगों का निकलना दूभर हो गया है | अगर उनके विरुद्ध कुछ कहा जाये तो मारपीट और गाली गलौज का सामना स्थानीय नागरिकों को उठाना पड़ता है | आज से कुछ दिनों पूर्व में भी एक दो स्थानीय लोंगो की जान इसी जाम के कारण जा चुकी है | इस प्रकार के जाम से स्थानीय बच्चे सुबह मे स्कूल, कॉलेज तक नहीं जा पाते हैं स्थानीय लोंगो के द्वारा जब भी थोक प्याज विक्रेताओं से एवं थोक आलू विक्रेताओं से ट्रक हटवाने हेतु विनती की जाती है तो ये लोग खुल कर बोलते हैं कि ये जाम हटाने के लिए आप स्थानीय लोंगो द्वारा स्थानीय प्रशासन ,ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों से बात कीजिए पुलिस के वरीय पदाधिकारियों से बात कीजिए हमलोगों के द्वारा पूरी मोटी राशि पहुंचाई जाती है किसी स्थानीय लोगों को ताकत नहीं है की आप लोग मेरी बाहरी ट्रक, एवं मेरी प्याज, आलू को हटवा सकते हैं और सबसे आश्चर्यजनक बात तो ये है की कुछ थोक प्याज विक्रेताओं द्वारा ज़बर्दस्ती गुंडागर्दी करके लक्ष्मी निवास अपार्टमेंट कैंपस में थोक प्याज की दुकान ज़बर्दस्ती लगा कर खरीद बिक्री का कार्य किया जा रहा है | यहाँ स्मैकियो, शराबियो और गंजेडियो के कारण लक्ष्मी निवास अपार्टमेंट में रहने वाली महिलाये और बच्चे अपने को असुरक्षित समझते है | मीठापुर के आगे पटना गया रोड पर एक sbi का एटीएम है जिसके आगे एक प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा गाड़ी लगा कर अतिक्रमण किया गया है जिसपर भी प्रशासन की कोई करवाई नहीं की गई है | दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/3dbFiJU Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/35ARrp0 visit website : https://ift.tt/3d6mwRK
via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=BpmMwvAQpKc

Post Bottom Ad

Pages