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Monday, December 27, 2021

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यूपी : अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में कार्यरत 1135 तदर्थ शिक्षक किए जाएंगे विनियमित

Posted: 27 Dec 2021 05:59 PM PST

यूपी : अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में कार्यरत 1135 तदर्थ शिक्षक किए जाएंगे विनियमित


लखनऊ : प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को 21 साल बाद विनियमित करने की तैयारी है। असल में, शासन ने एडेड कालेजों में कार्यरत वर्ष 2000 तक के शिक्षकों को विनियमित किया था लेकिन, 1135 शिक्षक विनियमितीकरण के नियमों में न आने से छूट गए थे। उनके लिए नियमावली में संशोधन करके विनियमित करने का रास्ता निकाला गया और प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, इस संबंध में जल्द आदेश जारी होने की उम्मीद है।



शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय की ओर से शासन को भेजे प्रस्ताव में लिखा गया है कि 22 मार्च 2016 को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा-छ को जोड़ा गया। बोर्ड के अधिनियम में नई धारा जोड़े जाने से अल्पकालिक रिक्ति के सापेक्ष प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक श्रेणी में सात अगस्त से 1993 से 25 जनवरी 1999 के मध्य नियुक्त तदर्थ शिक्षक और मौलिक रिक्ति के सापेक्ष पदोन्नति या फिर सीधी भर्ती सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 के मध्य नियुक्त तदर्थ अध्यापकों को विनियमित नहीं किया जा सकता था।


एडेड कालेजों में मौलिक रिक्ति के सापेक्ष 555 व अल्पकालिक शिक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षकों की तादाद 580 सहित 1135 है, जो नियमावली की वजह से विनियमित नहीं हो सके हैं। कार्मिक विभाग ने 16 दिसंबर 2021 को तदर्थ नियुक्तियों की विनियमितीकरण नियमावली में संशोधन किया। इसमें कहा गया है कि उप्र लोकसेवा आयोग के बाहर के पदों पर तदर्थ रूप से नियुक्त व जो अपेक्षित अर्हताएं रखता हो ने तीन साल की सेवा पूरी कर ली हो को नियमित रूप से नियुक्त किया जा सकता है। ऐसे में अब 1135 शिक्षकों को नियमित किया जा सकेगा। उन्हें नियमित वेतन मिल रहा है इसलिए राजकोष पर अतिरिक्त व्ययभार भी नहीं पड़ेगा।

15-18 साल के बच्चों को दी जाएगी केवल Covaxin की खुराक, जानिए क्या होंगे नियम; देखें स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस

Posted: 27 Dec 2021 05:43 PM PST

15-18 साल के बच्चों को दी जाएगी केवल Covaxin की खुराक, जानिए क्या होंगे नियम;  देखें स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस



देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रम का विस्तार हो रहा है और अब 15 से 18 साल के बच्चों को भी कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को पंजीकरण और टीकाकरण अभियान पर दिशानिर्देशों जारी किए हैं। 


स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, 3 जनवरी से शुरू होने वाले 15-18 साल के किशोरों को टीकाकरण के लिए 2007 या उससे पहले का जन्म लिया होना अनिवार्य है। 


नए दिशानिर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संबोधन में, टीकाकरण अभियान के विस्तार के लिए सरकार के कदम की घोषणा के दो दिन बाद आए हैं। कई राज्यों में कोविड-19 मामले बढ़ रहे हैं, इसके अलावा वायरस के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट का तेजी से प्रसार हुआ है।


वैक्सीन लेने के लिए पात्र 15 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए, वैक्सीन का विकल्प 'केवल कोवैक्सीन' होगा क्योंकि यह भारत में स्वीकृत एकमात्र वैक्सीन है जिसकी 15-18 वर्ष आयु वर्ग के लिए WHO की आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी है। ZyCoV-D नाम से एक दूसरा टीका भी राष्ट्रीय दवा नियामक द्वारा 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए अप्रूव है। इसे गुजरात स्थित Zydus Healthcare द्वारा बनाया गया है। ZyCoV-D को अभी तक टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है।



ये हैं नई गाइडलाइंस

🔴 - 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण 3 जनवरी, 2022 से शुरू होगा। ऐसे लाभार्थियों के लिए, टीकाकरण का विकल्प केवल "कोवैक्सिन" होगा।

🔴 - उन स्वास्थ्य कर्मियों (HCWs) और फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) के लिए, जिन्हें दो खुराकें मिल चुकी हैं, तीसरी खुराक 10 जनवरी, 2022 से उपलब्ध होगी। 

🔴 - 60 साल या इससे ऊपर के गंभीर बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों को डॉक्टरों की सलाह के आधार पर दूसरे डोज के 9 महीने या 39 हफ्ते बाद ही तीसरा डोज या बूस्टर डोज लगेगा। 9 महीना या 39 हफ्ते टीके के दूसरी डोज लगने वाली तारीख से माना जाएगा।


Co-WIN की फीचर्स और प्रावधान:

🔴 - स्वास्थ्य कर्मियों (HCWs) और फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) और 60+ गंभीर बीमारी वाले नागरिक अपने मौजूदा Co-WIN अकाउंट के माध्यम से precaution dose यानी तीसरी खुराक के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। - ऐसे लाभार्थियों की पात्रता Co-WIN सिस्टम में दर्ज दूसरी खुराक लगवाने की तारीख पर आधारित होगी।

🔴 -  Co-WIN ऐसे लाभार्थियों को खुराक देय होने पर तीसरी खुराक लेने के लिए एक एसएमएस भेजेगा।

🔴 - वैक्सीनेशन के लिए अपॉइंटमेंट ऑनलाइन या ऑनसाइट बुक किए जा सकते हैं।


🔴 - Cowin प्लेटफॉर्म के प्रमुख डॉ आर एस शर्मा ने कहा, 'आधार और अन्य राष्ट्रीय पहचान पत्रों के अलावा बच्चे रजिस्‍ट्रेशन के लिए अपने 10वीं कक्षा के आईडी कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।'

UPTET 2021: यूपीटीईटी में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सुविधा, जानें कैसे उठाएं इसका लाभ?

Posted: 27 Dec 2021 05:40 PM PST

UPTET 2021: यूपीटीईटी में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सुविधा, जानें कैसे उठाएं इसका लाभ?




UPTET 2021: 28 नवंबर को परीक्षा के दिन ही पेपर लीक होने के कारण यूपीटीईटी को रद्द कर दिया गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक महीने के भीतर ही परीक्षा को एक बार फिर से आयोजित करने के आदेश दिए थे।



उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नवंबर में रद्द हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का नया शेड्यूल जारी किया जा चुका है। अब यूपी टीईटी का आयोजन 23 जनवरी 2022 को किया जाएगा। UPTET देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में से एक है। ऐसा अनुमान है कि इस साल तकरीबन 21 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में हिस्सा लेंगे। 


इससे पहले 28 नवंबर को परीक्षा के दिन ही पेपर लीक होने के कारण यूपीटीईटी को रद्द कर दिया गया था। इस प्रकरण के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले पर कड़ी कार्रवाई करने और एक महीने के भीतर ही परीक्षा को एक बार फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के आदेश दिए थे। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण इसमे अधिक देर लगी।


अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
UPTET में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को सरकार ने मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का एलान किया है। जो भी छात्र उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार मुफ्त में उनके परीक्षा केंद्र तक जाने की व्यवस्था करेगी। परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर बस की यात्रा कर सकेंगे। परीक्षार्थी इस बात का ध्यान रखें कि यह सुविधा केवल उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की बसों के लिए है। 


परीक्षा का शेड्यूल
UPTET 2021 के लिए प्रवेश पत्र 12 जनवरी 2022 को जारी किया जाएगा। जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार यूपीटीईटी का आयोजन 23 जनवरी 2022 को किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन दो पाली में किया जाएगा। पहली पाली सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12.30 तक और दूसरी पाली का आयोजन दोपहर 2.30 से लेकर शाम 5 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा सभी कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए आयोजित की जाएगी।

 
कब आएंगे परिणाम?
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार  उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2021) के परिणाम 25 फरवरी 2022 को जारी किए जाएंगे। परिणाम से पहले विभाग द्वारा 27 जनवरी 2022 को यूपीटीईटी की उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। इस उत्तर कुंजी पर अभ्यर्थियों को 1 फरवरी 2022 तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाएगा। इसके बाद विभाग 23 फरवरी 2022 को अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। इसी अंतिम उत्तर कुंजी पर परिणाम आधारित होंगे। 

यूपीटीईटी परीक्षा
यूपीटीईटी परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है। इसके माध्यम से यूपी सरकार के स्कूलों में प्राथमिक (कक्षा 1-5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) कक्षाओं को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षकों का चयन किया जाता है।

परीक्षा पे चर्चा 2022 : छात्रों और अभिभावकों को पीएम मोदी से संवाद करने का मिलेगा मौका, रजिस्ट्रेशन आज से शुरू

Posted: 27 Dec 2021 05:34 PM PST

परीक्षा पे चर्चा 2022 : छात्रों और अभिभावकों को पीएम मोदी से संवाद करने का मिलेगा मौका, रजिस्ट्रेशन आज से शुरू



पिछले साल सत्र के दौरान विभिन्न छात्रों के सवालों के जवाब दिए गए थे। ऐसे में किसी खास विषय को पसंद नहीं करने पर पूछे गए सवालों में से एक का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि कुछ विषयों को पसंद न करना या कमजोर होना ठीक है।


परीक्षा पे चर्चा 2022: छात्रों और अभिभावकों को पीएम मोदी से संवाद करने का मिलेगा मौका, रजिस्ट्रेशन कल से शुरू'परीक्षा पे चर्चा 2022' का शेड्यूल निर्धारित हो गया है। इसके अनुसार, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है।


नई दिल्ली : 'परीक्षा पे चर्चा 2022' का शेड्यूल निर्धारित हो गया है। इसके अनुसार इस प्रोगाम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक दिन बाद यानी कि 28 दिसंबर, 2021 से शुरू होगा और 20 जनवरी, 2022 तक चलेगा। ऐसे में 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि, वे इस अवधि के दौरान आवेदन कर दें। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट https://www.mygov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 


वहीं 'परीक्षा पे चर्चा' 2022 की तारीख और समय की घोषणा अभी नहीं की गई है। हालांकि, यह फरवरी के महीने में होने की उम्मीद है, क्योंकि कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाएं मार्च 2022 में होने वाली हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह प्रोगाम फरवरी माह में हो सकता है। वहीं इस प्रोगाम से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट mygov.in पर विजिट कर सकते हैं।


बता दें, पिछले साल, देश में COVID 19 महामारी की चपेट में आने के कारण इस आयोजन को 7 अप्रैल, 2021 तक के लिए टाल दिया गया था। वहीं कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि, "अगर हम छात्रों पर दबाव कम करेंगे, तो उनका परीक्षा का डर भी कम होगा। माता-पिता को अपने बच्चे की क्षमता को समझना चाहिए और उनकी ताकत पर ध्यान देना चाहिए। माता-पिता को छात्रों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाना चाहिए।



वहीं पिछले साल सत्र के दौरान विभिन्न छात्रों के सवालों के जवाब दिए गए थे। ऐसे में किसी खास विषय को पसंद नहीं करने पर पूछे गए सवालों में से एक का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि, "कुछ विषयों को पसंद न करना या कमजोर होना ठीक है, लेकिन उन्हें विफलता बिंदु न समझें। सफल लोग वे होते हैं, जो अपनी ताकत पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसके अलावा, कठिन विषयों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए।" वहीं परीक्षा पे चर्चा 2022 पर अधिक अपडेट प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट का विजिट करते रहें।

UP: कड़ाके की ठंड के बीच 15 दिनों के लिए बंद होंगे प्राइमरी स्कूल, 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगी छुट्टी

Posted: 27 Dec 2021 05:53 PM PST

UP: कड़ाके की ठंड के बीच 15 दिनों के लिए बंद होंगे प्राइमरी स्कूल,  31 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगी छुट्टी




यूपी के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी, 2022 तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। बेसिक शिक्षा विभाग के टाइम एंड मोशन स्टडी के आदेश के तहत पहली बार शीतकालीन अवकाश दिया जा रहा है। इससे पहले जिलाधिकारी के आदेशों के तहत विभिन्न जिलों में स्कूलों में छुट्टी की जाती रही हैं। यह आदेश कक्षा एक से आठ तक पर लागू होगा। यह अवकाश गर्मियों की छुट्टियों में कटौती करके दिए जा रहे हैं।




14 अगस्त 2020 को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा था कि मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों को प्राप्त किया जाना जरूरी है। शिक्षकों की ओर से कक्षा शिक्षण कार्यों व बच्चों के साथ सीखने व सिखाने में अधिक समय व्यतीत किया जाए। बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए विद्यालयों के खुलने व बंद होने और ग्रीष्म के साथ ही शीतकालीन अवकाश का प्रविधान किया था। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह आठ से दो बजे तक व एक अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह नौ से तीन बजे तक स्कूल खोले जाएं। स्कूलों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन और 20 मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।



बच्चों को स्कूल बुलाने को लेकर अभिभावकों की अनुमति जरूरी
ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्कूल किसी भी छात्र को आने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पहले अभिभावकों से सहमति लेनी होगी। शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसको लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा के आदेश पर गाइडलाइन जारी की गई है। यूपी के सभी बोर्डों के स्कूलों पर यह गाइडलाइन लागू होगी।


 परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों व डीआईओएस को इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को विकल्प के तौर पर ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करानी होगी। यदि स्कूल में किसी को भी जुकाम, बुखार आदि के लक्षण दिखते हैं तो उसे चिकित्सीय सलाह के साथ उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोई भी आयोजन तब ही किया जाए जब उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सकता हो।



प्रार्थना सभा में भी नियम लागू हो
यदि स्कूल में प्रार्थना सभा कराई जा रही है या किसी तरह की खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधि हो रही है तो ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन कराया जाए। शिक्षकों व कर्मचारियों का टीकाकरण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए। स्कूलों को रोज सेनेटाइज करना होगा। प्रवेश करते समय शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग की जाए। हैंडवॉश और हाथों को सेनेटाइज कराने की व्यवस्था गेट पर ही की जाए। स्कूल की छुट्टी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। विद्यालय के अंदर भी कम से कम छह फीट की दूरी का पालन कराया जाए। स्कूली वाहनों को भी रोज सेनेटाइज कराया जाए। बसों आदि के अंदर भी शारीरिक दूरी तय की जाए।

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