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- अलर्ट: पांच लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया वायरस वाला यह एप, कहीं आपने भी तो नहीं...
- बजरंगबली के साथ करें पीपल देवता की पूजा, दूर होगी गरीबी, कदम चूमेगी सफलता
- बेड के सिरहाने भूल कर भी ना रखें ये चीजें, नुकसान की होती है पूरी आशंका
- सर्दियों में बच्चों को जरूर खिलाएं ये 4 ड्राई फ्रूट, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान
- हाथ-पैर में रहती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, हो सकती है यह परेशानी
- इस आयुर्वेदिक तरीके से 1 हफ्ते में लौट आएगी आपके दांतों की सफेदी, जानें कैसे?
- इन 3 भारतीय खिलाड़ियों को जल्द ले लेना चाहिए संन्यास, लेकिन जबरदस्ती लंबा खींच रहे हैं करियर
- स्टूडेंट और टीचर्स की बल्ले-बल्ले, इतने दिन के लिए बंद रहेंगे स्कूल
- भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट में बारिश बनेगी खलनायक!
- 10वीं पास के लिए साउथ सेंट्रल रेलवे में निकली भर्ती, इतनी मिलेगी सैलरी
- 1 जनवरी 2022 से क्रेडिट-डेबिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के तरीके में बदलाव आने वाला है
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| अलर्ट: पांच लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया वायरस वाला यह एप, कहीं आपने भी तो नहीं... Posted: 20 Dec 2021 06:05 PM PST यदि आपके पास एंड्रॉयड फोन है तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आपके फोन में वायरस हो सकता है। यह वायरस आपके बैंक अकाउंट को भी खाली कर सकता है। जोकर मैलवेयर (Joker Malware) इसका नाम तो आपने सुना ही होगा। यह गूगल प्ले-स्टोर का सबसे खतरनाक एंड्रॉयड वायरस है। 2017 में इसकी पहली बार पहचान हुई थी। 2019 में गूगल ने लोगों को आगाह करते हुए एक ब्लॉग पोस्ट किया था जिसमें उसने जोकर मैलवेयर से बचने के तरीके बताए थे। अब Joker मैलवेयर एक ऐसे एंड्रॉयड एप में मिला है जिसे 5,00,000 से अधिक बार डाउनलोड किया गया है। जिस एप में जोकर मैलवेयर की पहचान हुई है उसका नाम Color Message है। इस एप का दावा है कि यह आपके मैसेजिंग को कलरफुल बनाता है और इमोजी भी बनाने में मदद करता है। मोबाइल सिक्योरिटी फर्म Pradeo की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एप जोकर मैलवेयर से लैस है। मैसेजिंग एप में पड़ा यह मैलवेयर यूजर्स से पेड सर्विस का सब्सक्रिप्शन करवा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह मैलवेयर इस एप में पिछले एक साल से है और एप अभी तक गूगल प्ले-स्टोर पर मौजूद है। अब आपको क्या करना चाहिए? यदि आप भी पांच लाख लोगों में से एक हैं जिन्होंने इस एप को जोकर मैलवेयर वाले Color Message एप को डाउनलोड किया है तो एप को तुरंत डिलीट करें। इसके अलावा गूगल प्ले-स्टोर पर जाएं और मीनू में जाकर सभी सब्सक्रिप्शन को चेक करें और कैंसिल करें। |
| बजरंगबली के साथ करें पीपल देवता की पूजा, दूर होगी गरीबी, कदम चूमेगी सफलता Posted: 20 Dec 2021 05:59 PM PST आज मंगलवार का दिन है। मंगलवार के दिन भगवान हनुमान जी की पूजा की जाती है तो वही ये दिन गणेश जी के लिए भी शुभ माना जाता है। इस दिन कुछ उपाय करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। धन संपदा के साथ मन की शांति के लिए भी उत्तम माना जाता हैं। हनुमान जी कलयुग में सबसे सक्रिय देवताओं में से एक हैं। कहते हैं कि बजरंगबली की अराधना भक्तों के हर संकट को हर लेती है और उनके दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन पीपल की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है वहीं हनुमानजी आपको मालामाल कर देते है। इस विधि से करें पीपल की पूजा अगर आप अपने जीवन में पैसों की तंगी, दरिद्रता को लेकर परेशान है तो चालीस दिनों तक किया जानेवाला यह उपाय आपको आपकी परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा दिला देगा। आपको रोज सुबह या शाम के वक्त हनुमान जी के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीया मिट्टी के दीपक में जलाना चाहिए। आप मंदिर में दीया जलाने के बाद कुछ देर तक वहां बैठे और हनुमान चालीसा का भी पाठ कर लें। मंगलवार और शनिवार के दिन दीया जलाने के बाद सिंदूर तिलक जरूर लगाएं। 40 दिनों तक रोजाना इस उपाय को करने के बाद आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी और पैसे की किल्लत भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। ध्यान रहें किसी भी दिन यह उपाय खंडित नहीं होना चाहिए। अन्यथा उसे फिर पहले दिन से शुरू करना होगा। अगर आप अपनी मनोकामनाएं जल्द पूरा करना चाहते हैं तो पीपल की पूजा या फिर इसके पत्तों के कुछ चमत्कारी उपाय करें। शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर किसी पीपल के पेड़ से 11 पत्ते तोड़ लाएं। पत्ते तोड़ते समय ध्यान रखें कि पत्ते कटे फटे न हों और न ही खंडित हों। इसके बाद इन पत्तों को साफ पानी या गंगाजल से धो लें। फिर कुमकुम, अष्टगंध और चंदन मिलाकर इन पत्तों पर श्रीराम का नाम लिखें। मंगलवार के टोटके इस दिन सुबह लाल गाय को रोटी देना शुभ है। मंगलवार को हनुमान मंदिर में नारियल रखना अच्छा माना जाता है। मंगलवार के दिन लाल वस्त्र, लाल फल, लाल फूल और लाल रंग की मिठाई श्री गणेश को चढ़ाने से मनचाही कामना पूरी होती है। मंगलवार के दिन किसी देवी मंदिर में ध्वजा चढ़ा कर आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। पांच मंगलवार तक ऐसा करने से धन के मार्ग की सारी रूकावटें दूर हो जाएगी। |
| बेड के सिरहाने भूल कर भी ना रखें ये चीजें, नुकसान की होती है पूरी आशंका Posted: 20 Dec 2021 05:55 PM PST वास्तु (Vastu Shastra) के मुताबिक घर में व्यवस्था बनी रहती है। इससे जीवन में रिधम रहता है। जीवन में कुछ बातें होती है जो नहीं करनी चाहिए। ज्योतिष के मुताबिक जूते-चप्पल (shoes) कभी भी सिर के पास या बिस्तर के नीचे कभी नहीं रखने चाहिए। इसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आपको स्वास्थ्य संबंधित समस्यओं का सामना करना पड़ सकता है। ध्यान दें- अपने तकिये के नीचे कोई भी पढ़ाई से जुड़ी चीजें न रखें। इससे विद्या का अपमान होता है और आप अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। पर्स या बटुआ (Wallet) सोते समय कभी भी अपने साथ पर्स या बटुआ न रखें। ऐसा करने से व्यक्ति को हर समय पैसों की चिंता बनी रहती है। इस कारण मानसिक तनाव भी होता है। आप सोते समय पैसे को अलमारी या किसी अन्य सुरक्षित जगह पर रख सकते हैं। सोते समय कभी आपके पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (Electronic Gadgets) जैसे मोबाइल फोन आदि नहीं होने चाहिए। इससे मानसिक तनाव पैदा होता है जिसका बुरा प्रभाव आपकी नींद पर भी पड़ता है। |
| सर्दियों में बच्चों को जरूर खिलाएं ये 4 ड्राई फ्रूट, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान Posted: 20 Dec 2021 05:51 PM PST आपने पहले के समय से सुना होगा कि बच्चों को काजू बदाम जैसे ड्राई फ्रूट देने चाहिए. इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक दोनों विकास होता है. बच्चों को तंदुरुस्त बनाने के लिए ड्राई फ्रूट्स एक अच्छा विकल्प माना जाता है. ड्राई फ्रूट का सेवन करने से बच्चों के शरीर में प्रोटीन मिनरल्स जैसे अनेक पोषक तत्व जाते हैं. आज हम आपको अन्य चार ड्राई फ्रूट के बारे में बताने जा रहे हैं जो बच्चों को देने से वह शारीरिक मानसिक तंदुरुस्त बनते हैं. सर्दियों में बच्चों को जरूर दें ड्राई फ्रूट्स: सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स खिलाने से बच्चों को कई लाभ मिलते हैं. यदि आप अपने बच्चों को ड्राई फ्रूट खिलाते हैं, तो यह उनके शरीर को गर्म रखता है साथ ही उनके शारीरिक व मानसिक विकास में भी लाभ पहुंचाता है. सर्दियों में बच्चों को सक्रिय बनाने में ड्राई फ्रूट्स एक अहम भूमिका निभाता है. बच्चों का एक स्थान पर पड़े पड़े वजन बढ़ जाता है वह बच्चों को वजन कम करने में आप ड्राई फ्रूट्स खिलाकर मदद कर सकते हैं. बच्चों को ड्राई फ्रूट देने से उन्हें कई बीमारियों से बचाया जा सकता है. 1. पिस्ता: पिस्ता में विटामिन बी अच्छी मात्रा में पाया जाता है और यह गर्म प्रकृति का होता है. इसलिए सर्दियों में इसका सेवन फायदेमंद होता है. यह बच्चों के शरीर को गर्म रखता है, और साथ ही पाचन तंत्र को भी स्वस्थ बनाए रखता है. इसके सेवन से सूर्य की हानिकारक किरणों से बच्चों को बचाने में लाभ मिलता है 2. अखरोट:अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है. अखरोट का सेवन करने से बच्चों का दिमागी विकास तेजी से होता है. और यह बच्चों के हृदय के लिए भी आवश्यक होता है.इसका सेवन हृदय रोग की समस्या को कम करता है. अखरोट बच्चों को खिलाने से उनकी याददाश्त भी तेज होती है. अगर आपका बच्चा बिस्तर पर पेशाब कर देता है तो किशमिश के साथ अखरोट खिलाने से उसकी यह समस्या कम होगी 3. काजू:काजू खाने से बच्चों में विटामिन ई की कमी दूर होती है विटामिन ई बालों और स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है इसलिए बच्चों की त्वचा और बालों को बेहतर बनाने के लिए काजू खिलाना चाहिए काजू को गुट फैट के तौर पर भी माना जाता है इससे बच्चे स्वस्थ्य और सक्रिय रहते हैं. 4. किशमिश किशमिश का सेवन कर बच्चों के ब्लड सरकुलेशन को सुधारा जाता है. यदि बच्चों को चश्मे लगने की समस्या है तो आप नियमित तौर पर किशमिश का सेवन कराकर बच्चों की आंखों से सम्बन्धित समस्या दूर कर सकते हैं. किसकिश में के सेवन करने से बच्चों में आलस की समस्या भी कम होता है. किशमिश दांतों से संबंधित बीमारियां भी दूर करता हैं. |
| हाथ-पैर में रहती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, हो सकती है यह परेशानी Posted: 20 Dec 2021 05:47 PM PST अगर आप देरी तक एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, तो इससे हाथों पैरों में झनझनाहट होती है. भले ही यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, पर मेडिकल टर्म में इससेपैरेस्थेसिया कहते हैं. इसका असर आपके पैर, उंगलियों, हाथों और तलवों पर सबसे ज्यादा होता है. कई बार हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर के कारण भी यह समस्या देखने को मिलती है. साथ ही शरीर में कमजोरी और अधिक थकावट की वजह से भी हाथ पैर में झनझनाहट होने लगती है. अगर यह समस्या आपको लंबे समय से है, तो आप अवश्य अपने डॉक्टर से सलाह लें. हो सकता है आपके ब्लड प्रेशर में बदलाव के कारण या दिनचर्या में बदलाव के कारण आपको यह समस्या हो रही है. हाथ पैर में झनझनाहट की वजह: 1. कई बार शरीर को लंबे समय तक एक ही अवस्था में रखने से हाथ पैर में झनझनाहट होती है. 2. कमर गर्दन की नसों में कोई चोट लगने की वजह से भी झनझनाहट हो सकती है. 3. गठिया होने की वजह से भी यह समस्या का सामना करना पड़ सकता है. 4. शरीर में पोटेशियम और कैल्शियम की कमी से यह परेशानी होती है. 5. कभी कभी दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी हाथ पैर में झनझनाहट होती है. 6. अगर शरीर के किसी भाग में नसों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने लगता, तब भी हाथ पैर में झनझनाहट होने लगती है. 7. किसी जानवर के काटने से भी यह समस्या का सामना करना पड़ सकता है. 8. धूम्रपान करने और ज्यादा शराब पीने से भी शरीर में झनझनाहट होने लगती है. 9. कीमोथेरेपी के दौरान भी हाथों पैरों में झनझनाहट की समस्या देखी गई है. 10. माइग्रेन, मिर्गी, थायराइड, डायबिटीज, स्ट्रोक की वजह से भी झनझनाहट महसूस होती है. हाथों-पैरों में झनझनाहट के लक्षण: हाथ पैर में झनझनाहट के समय चुभन महसूस होती है. शरीर के कई हिस्से सुन्न पड़ जाते हैं.शरीर में कमजोरी और थकान की वजह से भी झनझनाहट महसूस होती है. अगर आपका शरीर अधिक ठंडा पड़ जाता है तो भी हाथ पैर में झनझनाहट होने लगती है. हाथ-पैर में झनझनाहट का इलाज: अगर आपको लगता है, कि आपके हाथ-पैर में झनझनाहट हो रही है, तो हो सकता है शरीर में किसी विटामिन की कमी के कारण ऐसा हो रहा है. आप डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट ले सकते हैं. कभी-कभी शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर के उतार चढ़ाव की वजह से भी हाथ-पैरों में झनझनाहट होने लगती है ऐसे में डॉक्टर से जांच अवश्य करवा लें. |
| इस आयुर्वेदिक तरीके से 1 हफ्ते में लौट आएगी आपके दांतों की सफेदी, जानें कैसे? Posted: 20 Dec 2021 05:43 PM PST हम सभी चाहते हैं कि हमारे दांत मोती की तरह सफेद और चमकदार रहें, लेकिन खराब लाइफस्टाइल के चलते कई बार यह मुमकिन नहीं हो पाता है. अगर आप भी दांतो के पीलेपन से परेशान आ गए है और दोस्तों के बीच खुलके हसने से कतराते है. तो आज हम आपको एक ऐसा घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप 1 हफ्ते के भीतर दांतों के पीलेपन से छुटकारा पा लेंगे. दांतों के पीले पड़ने की वजह ठीक तरीके से दांतों की सफाई ना करना इनके पीले पड़ने का मुख्य कारण माना जाता है. लेकिन इसके अलावा चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन और स्मोकिंग की आदत के चलते भी दांतों का पीला पड़ना लाजमी है. पीले दांतों के कारण हम दोस्तों के बीच मजाक का विषय तो बन ही जाते हैं. इससे हमारे आत्म विश्वास को धक्का भी लग सकता है. लेकिन आयुर्वेद में मौजूद कुछ देसी पाउडर से आपके दांतों की सफेदी लौट आएगी. दांतों के लिए आयुर्वेदिक पाउडर बनाने की सामग्री 1 चम्मच मुलेठी 1 चम्मच लौंग पाउडर सूखी नीम 1 पुदीने की पत्तियां 1 चम्मच काला नमक 1 चम्मच दालचीनी पाउडर आयुर्वेदिक पाउडर तैयार करने का तरीका स्टेप 1. दांतो की सफेदी के लिए पाउडर को बनाने के लिए आप ऊपर बताई गई सामग्री को मिक्सर में डालकर ग्राइंड कर लें. स्टेप 2. जब यह मिश्रण पाउडर की शक्ल ले तो इसे मिक्सर से निकाल कर किसी डब्बे में डाल लीजिए. स्टेप 3. इसके बाद आप इस पाउडर का इस्तेमाल 8 से 10 दिनों तक लगातार करें. कैसे करें इस पाउडर का इस्तेमाल इस पाउडर का इस्तेमाल करना बेहद सरल है. नॉर्मल टूथपेस्ट की तरह ही आपको यह पाउडर अपने ब्रश पर लगाना है. इसके बाद लगभग 4 से 6 मिनट तक लगातार अपने दांतो की अंदर-बाहर सफाई करें. इसके बाद आप थोड़े गुनगुने पानी से कुल्ला कर सकते हैं. 7-8 दिनों तक इसी प्रकार से पाउडर का इस्तेमाल करने से दांत सफेद और मोतियों की तरह चमक जाएंगे. आयुर्वेदिक पाउडर से होने वाला लाभ इस प्रक्रिया के बाद आपके दांतो की सफेदी लौट आयेगी. इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है. इस पाउडर में मौजूद काला नमक प्राकृतिक रूप से दांतों को चमकदार बनाने में मदद करता है. इसके साथ ही पाउडर में मौजूद नीम, पुदानी मसूड़ों को स्वस्थ रखने का काम करते हैं. |
| इन 3 भारतीय खिलाड़ियों को जल्द ले लेना चाहिए संन्यास, लेकिन जबरदस्ती लंबा खींच रहे हैं करियर Posted: 20 Dec 2021 05:39 PM PST देश के हजारों युवा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलने का सपना देखते हैं लेकिन सभी के लिए अपना सपना पूरा करना संभव नहीं हैं. टीम में जगह बनाने से कठिन टीम में बने रहना हैं. प्रत्येक वर्ष कुछ नए चेहरों को टीम इंडिया का टिकेट मिलता हैं लेकिन निरंतरता की कमी के कारण उन्हें जल्द ही प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया जाता हैं. आज इस लेख में हम 3 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानेगे, जिनका करियर लगभग खत्म हो चूका हैं लेकिन फिर भी ये खिलाड़ी संन्यास नहीं ले रहे हैं. 1) दिनेश कार्तिक विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने साल 2004 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था. बेहद कम लोग ये जानते होंगे कि उन्होंने एमएस धोनी से पहले भारतीय टीम की कैप हासिल की थी लेकिन धोनी की निरंतरता के सामने कार्तिक हमेशा फीके साबित हुए. कार्तिक एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में हमेशा कंसिस्टेंट प्रदर्शन किया. जिसके कारण उन्हें कई बार टीम इंडिया के लिए मौके मिले लेकिन घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को कभी भी अन्तराष्ट्रीय स्तर पर दोहराने में सफल नहीं हो पाए. कार्तिक वर्तमान में 36 साल के हो चुके हैं और भारत के पास ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे युवा विकेटकीपर खिलाड़ी हैं, ऐसे में उनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हैं. 2) हरभजन सिंह भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने साल 1998 में डेब्यू किया था. जिसके बाद से उन्होंने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया और लगभग एक दशक तक टीम इंडिया के लिए कंसिस्टेंट प्रदर्शन करते रहे. साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भज्जी ने टीम इंडिया की टीम में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन इसके बाद से उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिलती रही. दूसरी तरफ रविचंद्रन आश्विन और रवीन्द्र जडेजा की जोड़ी के कंसिस्टेंट प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. हरभजन सिंह ने साल 2016 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला था और वर्तमान में उनकी वापसी की उम्मीद भी दिखाई नहीं दे रही हैं. दिग्गज ऑफ स्पिनर अब 41 साल के हो रहे हैं हालाँकि उन्होंने अभी तक संन्यास का ऐलान नहीं किया हैं. 3) केदार जाधव केदार जाधव ने साल 2014 में एमएस धोनी की कप्तानी में बतौर मध्यक्रम बल्लेबाज डेब्यू किया था. लेकिन धोनी के क्रिकेटिंग दिमाग ने उन्हें ऑलराउंडर बना दिया. दरअसल एक समय ऐसा था जब टीम में केदार बल्लेबाजी में फ्लॉप हो रहे थे और सोशल मीडिया में उनकर जमकर मजाक उड़ाया जाता था लेकिन धोनी ने उनकी छुपी प्रतिभा को ढूंढा और उनसे स्पिन गेंदबाजी कराई. जिसके बाद से केदार टीम के अहम भूमिका निभाने लगे लेकिन इस खिलाड़ी में निरंतरता की कमी और खराब फिटनेस ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया. जाधव वर्तमान में 36 साल के लिए हो चुके हैं और लगभग 2 साल से उन्होंने कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला हैं. वर्तमान में टीम के पास कई बल्लेबाजी ऑलराउंडर हैं ऐसे में जाधव की वापसी की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही हैं. |
| स्टूडेंट और टीचर्स की बल्ले-बल्ले, इतने दिन के लिए बंद रहेंगे स्कूल Posted: 20 Dec 2021 05:35 PM PST भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर से शुरू होंगे। बता दें कि इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों को छह दिन की शीतकालीन छुट्टियां देने की घोषणा की है। स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) के आदेश के अनुसार बच्चों को 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक छह दिनों का अवकाश मिलने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश के स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग ने कई महीने पहले ही शीतकालीन, ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिए थे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने आदेश जारी किया था। जारी आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश तिथि घोषित की थी, जिसमें बताया गया था कि बच्चों को शीतकालीन छुट्टियां कितने दिन की मिलेंगी। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी छह दिन की छुट्टी मिलेगी। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की भी घोषणा की है। छात्रों को ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2022 से 16 जून 2022 तक मिलेगा। बताते चलें कि, मध्यप्रदेश में वैसे भी सरकारी स्कूल फिलहाल औपचारिकता के लिए खुल रहे हैं। सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के नियंत्रण के नाम पर 50% क्षमता के साथ स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। |
| भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट में बारिश बनेगी खलनायक! Posted: 20 Dec 2021 10:45 AM PST भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को शुरू होने में अब एक सप्ताह से भी कम का समय बचा है। साउथ अफ्रीका दौरे पर टीम इंडिया को अपने सभी मैच बिना दर्शकों के ही खेलने हैं। दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट 26 दिसंबर से सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में खेला जाएगा। हालांकि मैच शुरू होने से पहले ही इस पर बारिश का खतरा मंडराने लगा है क्योंकि सेंचुरियन टेस्ट के पहले दो दिन भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के पहले दिन ही बारिश की संभावना बनी हुई है। |
| 10वीं पास के लिए साउथ सेंट्रल रेलवे में निकली भर्ती, इतनी मिलेगी सैलरी Posted: 19 Dec 2021 04:27 AM PST Railway Recruitment 2021: रेलवे में नौकरी पाने का शानदार मौका है। साउथ सेंट्रल रेलवे ने ग्रुप सी पदों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। भर्ती प्रक्रिया खेल कोटे के तहत आयोजित की जाएगी। भर्ती वर्ष 2021-22 के लिए सातवें सीपीसी (7th pay commission) में ग्रेड पे लेवल 3/2 के ग्रुप पदों के लिए आयोजित की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.scr.indianrailways.gov.in या नीचे दिया गया नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे भर्ती के ऑनलाइन आवेदन 18 दिसंबर से शुरू हो चुके हैं। उम्मीदवार 17 जनवरी 2022 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती (Railway Jobs) के माध्यम से ग्रुप सी पदों पर कुल 21 रिक्तियों को भरा जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? जिन उम्मीदवारों ने कक्षा 10वीं या एसएससी या आईटीआई के समकक्ष योग्यता प्राप्त की है, वे पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। पद के लिए आवश्यक न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष है जबकि पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष है। अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। साउथ सेंट्रल रेलवे भर्ती 2021 की चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर किया जाएगा। टेस्ट के दौरान स्पोर्ट्स स्किल, फिजिकल फिटनेस और कोच के अवलोकन के लिए, अधिकतम अंक 40 हैं, मानदंडों के अनुसार मान्यता प्राप्त खेल उपलब्धि के मूल्यांकन के लिए अधिकतम अंक 50 हैं और शैक्षिक योग्यता अंक 10 हैं। कितनी मिलेगी सैलरी? दक्षिण मध्य रेलवे में ग्रुप सी पदों पर नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को पे बैंड-I ग्रेड पे 2000 रुपये या 1900 रुपये के अनुसार 5200 रुपये से 20200 रुपये तक मिलेगा। आवेदन शुल्क सभी श्रेणियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये है। |
| Posted: 19 Dec 2021 04:25 AM PST 1 जनवरी 2022 से क्रेडिट-डेबिट कार्ड (Credit/Debit Card) के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) के तरीके में बदलाव आने वाला है। इसकी वजह है कि 1 जनवरी से RBI (Reserve Bank of India) का एक नया नियम लागू हो रहा है। इस नियम के चलते अब मर्चेंट वेबसाइट/ऐप आपके कार्ड की डिटेल स्टोर नहीं कर सकेंगे और जिन मर्चेंट वेबसाइट/ऐप पर आपके कार्ड की डिटेल अभी तक स्टोर हैं, वहां से ये डिलीट हो जाएंगी। इसका अर्थ यह हुआ कि अब अगर आप अपने डेबिट-क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करना चाहेंगे या फिर कार्ड को किसी पेमेंट ऐप पर डिजिटल पेमेंट के लिए इस्तेमाल करना चाहेंगे तो कार्ड डिटेल्स स्टोर नहीं होंगी। आपको या तो 16 डिजिट वाले डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर समेत कार्ड की पूरी डिटेल्स डालनी होंगी या फिर टोकनाइजेशन के विकल्प को चुनना होगा। अभी होता यह है कि पेमेंट ऐप या फिर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर आपका कार्ड नंबर स्टोर हो जाता है और आप केवल सीवीवी और ओटीपी एंटर कर भुगतान कर सकते हैं। HDFC बैंक ने भेजना शुरू किया मैसेज एचडीएफसी बैंक ने 1 जनवरी 2022 से लागू होने वाले इस नए नियम को लेकर अपने ग्राहकों को आगाह करना शुरू कर दिया है। बैंक का कहना है, 'बेहतर कार्ड सिक्योरिटी के लिए आरबीआई के नए मैनडेट के अनुरूप मर्चेंट वेबसाइट/ऐप पर सेव आपके एचडीएफसी बैंक कार्ड की डिटेल्स 1 जनवरी 2022 से मर्चेंट द्वारा डिलीट कर दी जाएंगी। हर बार भुगतान के लिए ग्राहक को या तो कार्ड की पूरी डिटेल्स डालनी होंगी या फिर टोकनाइजेशन सिस्टम को अपनाना होगा।' क्या होता है टोकनाइजेशन और कैसे होगा इस्तेमाल टोकनाइजेशन की मदद से कार्डधारक को अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की वास्तविक डिटेल्स को शेयर नहीं करना होता है। एचडीएफसी बैंक के मुताबिक, टोकनाइजेशन वास्तविक कार्ड नंबर का एक वैकल्पिक कोड के जरिए रिप्लेसमेंट होता है। इस कोड को ही टोकन कहते हैं। यह हर कार्ड, टोकन रिक्वेस्टर और मर्चेंट के लिए यूनीक होगा। टोकन रिक्वेस्टर वह एंटिटी है जो ग्राहक की कार्ड के टोकनाइजेशन की रिक्वेस्ट को स्वीकार कर इसे कार्ड नेटवर्क को पास करेगी। टोकन रिक्वेस्टर और मर्चेंट एक ही एंटिटी हो भी सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं। टोकन क्रिएट हो जाने पर टोकनाइज्ड कार्ड डिटेल्स को वास्तविक कार्ड नंबर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरीके को ट्रांजेक्शन के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। |
| Posted: 19 Dec 2021 04:22 AM PST भारत के सबसे खूबसूरत क्रिकेट मैदानों में से एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम "धर्मशाला" में लम्बे समय बाद कोई इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। यहां 25 मार्च 2022 को भारतीय टीम श्रीलंका से भिड़ेगी। 2 साल से यहां पर कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हुआ है ऐसे में इस खबर के बाद हिमाचल के क्रिकेट प्रेमी काफी की उत्साहित नजर आ रहे है। दरअसल, फरवरी में श्रीलंका भारत का दौरा करेंगी। इसमें दो टेस्ट मैच व 3 टी20 मैच खेले जाएंगे। पहला टेस्ट मैच 25 फरवरी से 1 मार्च तक बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा, वही दूसरा टेस्ट मैच 5 मार्च से 9 मार्च तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम मोहाली में खेला जाएगा। इसके बाद 13 मार्च से टी-20 मुकाबलों का दौर शुरू होगा। पहला 20 ओवरों का मैच मोहाली में ही खेला जाएगा, जबकि 15 मार्च को दूसरा टी20 मैच हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। क्योंकि काफी लंबे समय बाद यहां कोई अंतरराष्ट्रीय मैच हो रहा है। गौर रहे कि 12 मार्च 2020 को यहां पर आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला गया था। यह एक दिवसीय मैच था जो साउथ अफ्रीका के साथ खेला गया था। वहीं यदि आखिरी टेस्ट मैच की बात करें तो 2017 के बाद यहां पर कोई टेस्ट मैच नहीं हुआ है। 2017 में 25 मार्च से 28 मार्च तक इंडिया बनाम ऑस्ट्रेलिया का मैच खेला गया था। लिहाजा 2 साल बाद यहां पर कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाना है। |
| प्रेस कांफ्रेस में विराट कोहली का छलका दर्द, कहा- ‘हां, मैंने आईसीसी खिताब नहीं जीता Posted: 19 Dec 2021 04:16 AM PST साउथ अफ्रीका दौरे से पहले आज टीम इंडिया की एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जहां सारी निगाहें Virat Kohli पर टिकी थीं। वनडे कप्तानी छीने जाने के बाद रोहित शर्मा से विवाद की खबरों के बीच कोहली लगातार मीडिया सुर्खियों में छाए हुए हैं। ऐसे में उनसे कई उस तरह के सवाल पूछे गए, जिसका टेस्ट कप्तान Virat Kohli ने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। रोहित को बताया एक बढ़िया कप्तान प्रेस कांफ्रेंस में Virat Kohli ने बताया कि कप्तानी न मिलने से उनकी बल्लेबाजी में कोई फरक नही आएगा और यह भी कहा कि रोहित शर्मा एक अच्छे कप्तान है। उन्होंने बताया, "मेरी जिम्मेदारी टीम को सही दिशा में ले जाना है। वह मानसिकता न कभी बदली है और न कभी होगी। रोहित एक काबिल कप्तान हैं। राहुल भाई के साथ, जो एक बहुत ही संतुलित कोच हैं, दोनों का टीम के लिए जो भी दृष्टिकोण होगा, उसमें मेरा पूरा समर्थन होगा।" रोहित और मेरे बीच है सब ठीक Virat Kohli ने ये खुद साफ किया की रोहित को कप्तानी देने का एक कारण यह भी है कि विराट ने अभी तक कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नही जीती है जिस कारण रोहित को कप्तान बनाना रणनीति के लिए अच्छा है। उन्होंने बताया, "मैंने आईसीसी खिताब नहीं जीता है (एकदिवसीय कप्तानी में बदलाव के फैसले पर)। मैं बोर्ड के फैसले के पीछे के तर्क को समझ सकता हूं। कम्युनिकेशन प्रक्रिया एक ऐसी चीज है जिसके बारे में मैं आपको पहले ही बता चुका हूं। मेरे और रोहित के बारे में, हमें एक-दूसरे से कोई दिक्कत नहीं है।" 26 दिसंबर से शुरू होगा दौरा ओमीक्रोन के चलते भारत और साउथ अफ्रीका अपने तय कार्यक्रम में बदलाव किया है। पहले 17 दिसंबर से शुरू होने वाला यह दौरा अब 26 दिसंबर यानी बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच से शुरू होगा। इसके अलावा पहले भारतीय टीम को यहां टेस्ट और वनडे सीरीज के अलावा टी20 सीरीज भी खेलनी थी। लेकिन अब ओमीक्रोन के चलते इस सीरीज को अगले साल तक टाल दिया गया है। अब इस दौरे को छोटा कर 26 दिसंबर 2021 से 23 जनवरी 2022 तक कर दिया गया है। |
| कांगड़ा: बड़ी ख़बर पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हुआ ज्वाली का जवान Posted: 19 Dec 2021 04:07 AM PST उपमंडल ज्वाली के अधीन भलाड़ का जवान गोली लगने से शहीद हो गया तथा उसके शहीद होने का समाचार जैसे ही घर वालों को मिला तो पंचायत में खामोशी छा गई। शहीद सिपाही ओंकार सिंह (51) पुत्र कालू राम जिला अमृतसर के तरनतारन में 103 बीएसएफ बटालियन में तैनात था। अमृतसर में घना कोहरा होने से पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की गई जिसमें सिपाही ओंकार सिंह (51) शहीद हो गया। रविवार को शहीद ओंकार सिंह का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शव उनके पैतृक गांव में पहुंचा तो सारा गांव चीखों पुकार से गूंज उठा। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। बाद में शहीद का उनके साथ आई सेना की टुकड़ी, पुलिस बल द्वारा हवा में फायर दाग कर सलामी दी गई तथा उनके बेटे नीतीश धीमान ने मुखाग्नि दी। ज्वाली के विधायक अर्जुन सिंह ने भी शहीद के घर पहुंचकर सांत्वना दी तथा शहीद को सलामी दी। उन्होंने कहा कि शहीद की शहादत को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनका हर सुख-दुख में साथ दिया जाएगा। शहीद ओंकार सिंह अपने पीछे 3 बच्चे और पत्नी छोड़ गया है। इस मौके पर प्रधान मंगल सिंह, एसएचओ जवाली सुरिंदर कुमार सहित काफी लोगों ने शहीद को नम आंखों से विदाई दी। |
| School की फुल फॉर्म क्या होती है, 99% लोगों को नहीं पता Posted: 19 Dec 2021 04:03 AM PST 1. 'विश्व की दूध की रानी' किस नस्ल की बकरी को कहा जाता है? उत्तर. सानेन 2. किस वर्ष में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था? उत्तर.1869 3. जीवन बीमा को राष्ट्रीय कब किया गया ? उत्तर.सन् 1956 4. स्वतन्त्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल कौन थे? उत्तर.सी. राजगोपालाचारी 5. तेलगु किस राज्य की राजभाषा है? उत्तर.आंध्रप्रदेश 6. एक वस्तु का जड़त्व किस पर निर्भर करता है? उत्तर. द्रव्यमान पर 7- बताइये School की फुल फॉर्म क्या होती है ? उत्तर- Sincerity, Capacity, Honesty, Orderliness, Obedience, and Learning ( SCHOOL) |
| IAS: ऐसा कौन सा शब्द है जिसे लिखते तो हैं पर पढ़ते नहीं, क्या आप जानते हैं Posted: 19 Dec 2021 04:02 AM PST सवाल- ऐसा कौन सा शब्द है जिसे लिखते तो है, पढ़ते नहीं है? जवाब- नहीं सवाल- मोटर गाड़ियों से निकलने वाली गैस कौन सी है ? जवाब- कार्बन मोनोऑक्साइड सवाल- बिहार का सबसे शिक्षित जिला कौन सा है ? जवाब- बिहार का सबसे शिक्षित जिला रोहतास है जिसका साक्षरता दर 73.37 % है। सवाल- शेरशाह सूरी का मकबरा कहां पर स्थित है ? जवाब- सासाराम में सवाल- गुब्बारों में भरने के लिए किस गैस का प्रयोग किया जाता है ? जवाब- हाइड्रोजन सवाल- किसके शासनकाल में मलिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत की रचना की थी ? जवाब- शेरशाह सवाल- कौन सा राज्य मसाला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है ? जवाब- केरल सवाल- रावण का असली नाम क्या था ? जवाब- दशग्रीव |
| घर में मौजूद ये 4 चीजें लाती है आर्थिक तंगी और गरीबी, आज ही जाने और फटाफट हटाए Posted: 19 Dec 2021 03:58 AM PST कई घरों में खुशिया होने के बावजूद एक अलग सी उदासी नज़र आती है. अच्छी खबर आई नहीं कि लोगों की नज़र लग जाती है. अचानक से कोई ऐसी खबर मिल जायेगी जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा. लोगों की नज़र लगना तो मात्र एक भ्रम है. असल में तो घर का वास्तुदोष इसका मुख्य कारण होता है. वास्तुदोष के चलते घर में नकरात्मक उर्जा फैल जाती है. खुशिया होने के बावजूद लोग खुश नहीं रह पाते. घर के लोगों के साथ कुछ ना कुछ अप्रिय घटना होती रहती है. आज के इस पोस्ट में हम आपको 4 ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो घर में नकरात्मक उर्जा लेकर आते हैं और अगर इन बातों का ध्यान नहीं दिया गया तो कब आपकी खुशियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी आपको पता भी नहीं चलेगा.घर की दीवारों पर सीलन घरों में सीलन दिखना आम बात है. अपने देखा होगा कि सीलन से दीवारों पर अजीब तरह की आकृतियां बन जाती है. इन आकृतियों से नकरात्मक उर्जा फैलती है. वास्तुशास्त्र की मानें तो किसी भी घर में सीलन आना अशुभ माना जाता है. ऐसे घर में सकारात्मक उर्जा का वास नहीं हो पाता. इसलिए आये दिन स्वास्थ्य को लेकर कोई ना कोई परेशानी लगी रहती है. आपके घर में भी अगर सीलन है तो इसे जल्द ठीक करवाएं. सूखे हुए पेड़-पौधे घर में लगे पेड़-पौधों का सकरात्मक उर्जा का संचालन करने में बड़ा हाथ होता है. सूखे हुए पौधों को घर में नहीं रखना चाहिए. पौधे जीवन का प्रतीक होते हैं. सूखने पर उनकी सुन्दरता चली जाती है और पौधे का सूखना उनके जीवन समाप्ति की ओर इशारा करता है. इसलिए सूखे हुए पौधे को फ़ौरन हटा दें और उसकी जगह हरे-भरे पौधे लगायें. हरे-भरे पौधे घर में पोज़ीटीविटी लाते हैं. जानवर या पेड़-पौधों के अवशेषों का इस्तेमाल आजकल के लोग घर की साज-सजावट के लिए मरे हुए जानवर से जुड़ी वस्तुएं या पेड़-पौधों के अवशेषों का इस्तेमाल करते हैं. वास्तु की दृष्टि से देखा जाए तो इन्हें शुभ नहीं माना जाता. ऐसी चीज़ें घर में नकारात्मकता फैलाती हैं. इनका इस्तेमाल ना करें. इंटीरियर डेकोरेशन के लिए आप सींप, शंख या मूंगा की कलाकृतियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन चीज़ों से घर में पोज़ीटिव एनर्जी आती है और घर का माहौल खुशहाल रहता है. इसके अलावा घर के सामने कोई सूखा पेड़ या ट्रांसफार्मर है तो उसे तुरंत हटवा दें. प्राचीन वस्तुएं अक्सर लोग घर की साज-सजावट के लिए प्राचीन वस्तुएं ले आते हैं. लेकिन घर में कभी भी प्राचीन वस्तुओं को नहीं रखना चाहिए. दरअसल, हर प्राचीन वस्तु के साथ कोई न कोई कहानी जुड़ी होती है और इन्हें घर लाने पर उस व्यक्ति की उर्जा भी साथ घर चली आती है जिसकी ये वस्तु है. ऐसी वस्तुएं घर से सकरात्मक उर्जा को दूर करती हैं और नकरात्मक उर्जा को आकर्षित करती हैं. इसलिए जहां तक हो सके घर में प्राचीन वस्तुएं लाने से बचें. भले ही यह दिखने में सुंदर हों लेकिन आपका जीवन बर्बाद कर सकती हैं. |
| शादी के 4 दिन बाद पता चला, पत्नी नहीं निभा सकती रिश्ता, मेडिकल बोर्ड ने खोली सारी पोल Posted: 19 Dec 2021 03:56 AM PST शारीरिक विकृति (नपुंसकता) छिपाकर डॉक्टर महिला द्वारा कपट से किया विवाह इंदौर कुटुम्ब न्यायालय में शून्य घोषित कर दिया गया। करीब साढ़े चार साल बाद मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, गवाहों के बयान पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। डॉक्टर युवक की शादी परिजन ने धूमधाम से डॉक्टर युवती से की थी, लेकिन चार दिन बाद पता चला युवती शारीरिक विकृति के चलते वैवाहिक 'रिश्ता' निभा नहीं सकती। शादी के पांच महीने बाद डॉक्टर पति ने इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में केस दायर किया, लेकिन महिला द्वारा समय पर बयान नहीं देने, मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच कराने नहीं जाने व अन्य कारण से करीब साढ़े चार साल बाद पति को तलाक मिल सका। मेडिकल बोर्ड ने खोली पोल कोर्ट की सुनवाई के दौरान भी युवती और उसके परिजन ने शारीरिक विकृति की बात नहीं मानी, उल्टा पति पर गंभीर आरोप लगाए। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया। करीब डेढ़ साल की आनाकानी के बाद कोर्ट ने सख्ती से महिला की जांच कराई और उनके झूठ की पोल खुली। शादी के पहले परिजन ने दो बड़ी सर्जरी भी कराई, जिसकी जानकारी भी नहीं दी गई। प्रधान न्यायाधीश अनिल कुमार सोनाने ने आदेश में लिखा, युवती और उसके परिजन ने शारीरिक विकृति छिपाकर युवक से कपट किया है। एडवोकेट जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया, यह मप्र का संभवतः पहला केस है, जिसमें महिला की नपुंसकता के आधार पर कोर्ट ने विवाह शून्य किया है। सामान समेट लौट गई ठाकुर ने बताया, पति-पत्नी मूल रूप से ग्वालियर के पास के गांव में रहते थे। 4 मार्च 2017 को विवाह हुआ। तब युवती इंदौर से एमबीबीएस कर रही थी और युवक इंदौर में डॉक्टर था। शादी के कुछ दिन बाद महिला दहेज का सामान समेटकर मायके चली गई। शादी में खर्च रुपए भी नहीं लौटाए। |
| यह फल नहीं है अमृत, शीघ्रपतन और खून की कमी सहित सैकड़ों बीमारियों को जड़ से ख़त्म कर देता है Posted: 19 Dec 2021 03:53 AM PST आपनें बहुत सारे फलो के फायदों के बारे में सुना होगा। मगर आज हम आपको एक ऐसे फल के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आपने बहुत ही कम सुना होगा। दोस्तों हम जिस फल के बारे में बता रहे है उसका नाम है बालम खीरा। बालम खीरा पश्चिम अफ्रीका का मूल फल रहा हैं। यह फल अफ्रीका के अलावा पूरे भारत में पाया जाता हैं। यह सैकड़ों बीमारियों को जड़ से ख़त्म कर देता है। इसका फूल लाल रंग का होता हैं। इस पेड़ की सभी चीजे औषधि के रूप में प्रयोग की जाती हैं। बालम खीरा का उपयोग गुर्दे की पथरी , त्वचा रोग , पेचिस , रक्त स्त्राव, मधुमेह , निमोनिया , दांत दर्द , गठिया आदि। इसके अलावा कई ऐसी बीमारियाँ जिनमें मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता हैं जैसे पेट दर्द , आँतों की सूजन , शीघ्रपतन, खून की कमी, बालों का सफ़ेद होना और कमर तथा जोड़ों के दर्द आदि। अगर आपको पथरी की समस्या हैं तो इस फल को अच्छी तरह सुखाकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को रोजाना 3 से 5 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ लें। इससे कुछ ही दिनों में पथरी गल कर निकल जायेगी। निमोनिया रोग में इसकी छाल बहुत ही लाभकारी हैं। पेट में गैस ,अफरा में इसके चूर्ण को एक चम्मच गुनगुने पानी से लेने से तुरंत आराम मिलता है। |
| भारत के इन अस्पतालों में होता है कैंसर का फ्री इलाज, आइए जाने कहां है और इनके नाम के बारे में Posted: 19 Dec 2021 03:51 AM PST कर्क रोग का एक वर्ग है जिसमें कोशिकाओं का एक समूह अनियंत्रित वृद्धि (सामान्य सीमा से अधिक विभाजन), रोग आक्रमण (आस-पास के उतकों का विनाश और उन पर आक्रमण) और कभी कभी अपररूपांतरण अथवा मेटास्टैसिस (लसिका या रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फ़ैल जाता है) प्रदर्शित करता है। वर्तमान समय के युग को टेक्नोलॉजी का युग कहा जाता है और दुनिया भर में कई ऐसे देश हैं जहां पर कई बड़े-बड़े और बढ़िया हॉस्पिटल है, जहां पर एक से बढ़कर एक बीमारी का इलाज हो जाता है लेकिन भारत एक ऐसा देश है, जहां पर आपको अनेक बीमारी का इलाज करने के लिए एक से बढ़कर एक हॉस्पिटल देखने को मिलेंगे इसलिए आज हम आप लोगों को भारत के पांच ऐसे हॉस्पिटलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर कैंसर रोग का फ्री में इलाज होता है। 5. कैंसर केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुंबई यह भारत का पांचवा ऐसा अस्पताल है जहां पर कैंसर फ्री में इलाज होता है। 4. क्षेत्रीय कैंसर केंद्र, तिरुवनंतपुरम यह भारत का चौथा ऐसा अस्पताल है जहां पर कैंसर का फ्री इलाज किया जाता है। 3. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, कोलकाता कैंसर का इलाज करने के लिए यह तीसरा सबसे बेस्ट हॉस्पिटल माना जाता है। 2. किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी, बैंगलोर यह भारत का दूसरा ऐसा हॉस्पिटल है जहां पर कैंसर का फ्री में इलाज किया जाता है। 1. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई यह भारत का पहला ऐसा हॉस्पिटल है यहां पर कैंसर का फ्री में इलाज किया जाता है। |
| मंदिर का पानी ठीक करता है आंखें, मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं भाला Posted: 19 Dec 2021 03:49 AM PST सिंगोली के पास स्थित सूलाबावजी का मंदिर आंखों के दाता के मंदिर के रूप में ख्यात है। मान्यता है कि यहां का पानी पीने से आंखों की बीमारियां ठीक हो जाती हैं। कई लोग इसे अंधविश्वास से जोड़ते हैं, जबकि कईयों के लिए यह आस्था का केंद्र है। यही वजह है कि यहां आने के बाद जिनकी आंखें ठीक हुई वे मंदिर में लोहे के भाले चढ़ाते हैं। मंदिर के पास ऐसे भालों का ढेर लगा है, जो लोगों में मंदिर के प्रति आस्था का प्रमाण है। 300 साल पुराना है मंदिर रतनगढ़-सिंगोली रोड के किनारे स्थित सूलाबावजी का मंदिर करीब 300 साल पुराना है। सिंदूर लगी सूलाबावजी की प्रतिमा के सामने अखंड धूनी लगी है। पास ही में एक कुआं है। मान्यता है कि इसी कुएं का पानी पीने व आंखों पर छिड़कने, धूनी की भस्म लगाने व सूलाबावजी के दर्शन करने से आंखें ठीक हो जाती हैं। यही वजह है कि रविवार को यहां काफी भीड़ उमड़ती है। जिनकी आंखें ठीक होती हैं वे यहां भाला चढ़ाने आते हैं। मंदिर में चारों तरफ ऐसे अनगिनत भाले हैं। मंदिर के पास लगे ढेर में तो 5 हजार से भी ज्यादा भाले हैं। कई श्रद्धालु तो यहां चांदी की आंख भी चढ़ाते हैं। कभी खराब नहीं होता कुएं का पानी पुजारी जगदीश पुरी बताते हैं सूलाबावजी मंदिर के कुएं का पानी कभी खराब नहीं होता । यह पानी व भस्म लगाने से आंखों के रोग ठीक हो जाते हैं। उनकी मानें तो दिल्ली, महाराष्ट्र व राजस्थान सहित मध्यप्रदेश के कई स्थानों से श्रद्धालु यहां आते हैं। आंखें ठीक होने पर लोहे के भाले चढ़ाए जाते हैं। साथ ही चांदी की आंखे भी मंदिर में चढ़ाई जाती हैं। अस्पतालों से हारे, सूलाबावजी के द्वारे कथावाचक पं. भीमाशंकर शास्त्री के पिता पं. कमलाशंकर की आंखों में भी असाध्य बीमारी थी। उन्होंने बताया उन्होंने नीमच, उदयपुर व अहमदाबाद में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं हुआ। परिजन उन्हें सूलाबावजी मंदिर लाए। इसके बाद महीने भर में ही कमलाशंकर शास्त्री की अांखें ठीक हो गईं। सूला ज्योति रखा नाम अंबा के ठाकुर परिवार की बेटी ज्योति को बचपन से ही दिखाई नहीं देता था। चार साल की उम्र में सूलाबावजी के मंदिर ले गए। छह महीने तक मंदिर की भस्म लगाई व पानी पिलाया। कुछ दिन में ज्योति की आंखों की रोशनी लौट आई। इससे परिवार ने उसका नाम सूलाज्योति ही रख दिया। रोशनी आई तो चढ़ाया भाला अतवा की मोहिनीबाई को छह महीने पहले तेज बुखार आने के बाद आंखों की रोशनी चली गई। पति प्रकाश मोहिनी को सूलाबावजी मंदिर ले गए। आठ दिन में आंखों की रोशनी आ गई। पानी में औषधीय तत्व मिनरल्स से संभव है नीमच पीजी कॉलेज (केमेस्ट्री) के प्रोफेसर डॉ. बीके दानगढ़ ने बताया सूलाबावजी मंदिर के पानी से आंखें ठीक होने के बारे में मैंने भी सुना है। मंदिर पहाड़ी इलाके में है। संभव है कुएं के पानी में कुछ मिनरल्स व औषधीय तत्व हों जो आंखों की बीमारी ठीक करने में सहायक हों। पीएचई विभाग यदि पानी की जांच कराए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसी तरह सरकारी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण बंसल ने बताया कभी-कभी पानी में मिनरल्स या एंटीसेप्टिक तत्व होने से भी ऐसा हो सकता है। ऐसा पानी आंखों में लगने से बीमारी ठीक हो सकती है। भस्म लगाने से ठीक हो, ऐसा नहीं लगता। |
| दर्शन करने मात्र से दूर हो जाती हैं आंखों की बीमारियां, जाने हर रोज होने वाली आरती का समय Posted: 19 Dec 2021 03:43 AM PST भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी करती हैं माँ श्री नैना देवी, हिमाचल प्रदेश में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इनमें से सबसे अधिक महिमा माता नैना देवी की मानी जाती है। नैनादेवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है। ऐसी मान्यता है कि यहां देवी सती के नेत्र गिरे थे। लोगों की आस्था है कि यहां पहुंचने वालों की आंखों की बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसी कारण इस शक्तिपीठ का नाम नैना देवी पड़ा। यह मंदिर माता शक्ति के भक्तों की आराधना का केंद्र है। नैना देवी मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं। शक्तिपीठ श्री नैना देवी हिमाचल नहीं देश-विदेश के लोगों की आस्था का केंद्र है। पौराणिक काल से ही इस शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा है। मां भक्तों की सभी मन्नतें पूरी करती हैं। बिलासपुर जिला और पंजाब सीमा के साथ समुद्र तल से 1177 मीटर की ऊंचाई पर मां श्रीनयना देवी की स्थली है। शक्तिपीठ के बारे में कथा प्रचलित - एक बार माता सती के पिता प्रजापति दक्ष ने बड़ा यज्ञ कराया लेकिन उस यज्ञ में उन्होंने माता सती और उनके पति भगवान शिव को न्योता नहीं दिया। फिर भी सती से हठ किया और वो यज्ञ में बिना बुलाए ही जा पहुंचीं। जहां राजा दक्ष ने उनके समक्ष भोलेनाथ को खूब अपमानित किया। पति के लिए ऐसे कटु वचन सती सह ना सकी और उन्होंने हवन कुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिया। जब भगवान शिव को इस बारे में पता चला तो वे काफी क्रोधित हुए और गुस्से में उन्होंने रौद्र रूप धारण कर खूब तांडव किया और विध्वंस मचाया। वो सती के शव को लेकर घूमने लगे। भगवान शिव का ऐसा रूप देख देवतागण परेशान हो उठे और फिर उन्होंने भगवान विष्णु से शिव को शांत कराने की प्रार्थना की। तब विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता शरीर के 51 टुकड़े किए और जहां ये टुकड़े गिरे वो शक्तिपीठ कहलाए। इन्हीं में से दो शक्तिपीठ हिमाचल के बिलासपुर और उत्तराखंड के नैनीताल में भी मौजूद है। कहते हैं इन जगहों पर माता सती के नयन गिरे थे इसीलिए ये नैना देवी मंदिर कहलाए। जानें, माँ के मन्दिर में हर रोज होने वाली श्रृंगार आरती दर्शन का समय.. मंगल आरती - माता की पहली आरती मंगल आरती कहलाती है । प्रात: ब्रह्ममुहूर्त में लगभग 04:00 बजे पुजारी मंदिर खोलता है और मन्दिर में घण्टी बजा कर माता को जगाया जाता है। तदनंतर माता की शेय्या समेट कर रात को गडवी में रखे जल से माता के चक्षु और मुख धोये जाते है। उसी समय माता को काजू, बादाम, खुमानी, गरी, छुआरा, मिश्री, किशमिश, आदि में से पांच मेवों का भोग लगाया जाता है। जिसे 'मोहन भोग ' कहते है । मंगल आरती में दुर्गा सप्तशती में वर्णित महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती, के ध्यान के मंत्र बोले जाते है । माता के मूल बीज मंत्र और माता श्रीनयनादेवी के ध्यान के विशिष्ट मंत्रो से भी माता का सत्वन होता है । ये विशिष्ट मन्त्र गोपनीय है । इन्हें केवल दीक्षित पुजारी को ही बतलाया जा सकता है। श्रृंगार आरती - श्रृंगार आरती के लिए मंदिर के पृष्ठ भाग की ढलान की और निचे लगभग 2 किलोमीटर की दुरी पर स्थित 'झीडा' नामक बाऊडी से एक व्यक्ति जिसे 'गागरिया' कहते है , नंगे पांव माता के स्नान एवं पूजा के लिए पानी की गागर लाता है । श्रृंगार आरती लगभग 6:00 बजे शुरू होती है जिसमे षोडशोपचार विधि से माता का स्नान तथा हार श्रृंगार किया जाता है । इस समय सप्तशलोकी दुर्गा और रात्रिसूक्त के श्लोको से माता की स्तुति की जाती है । माता को हलवा और बर्फी का भोग लगता है जिसे 'बाल भोग' कहते है । श्रृंगार आरती उपरांत दशमेश गुरु गोविन्द सिंह जी द्वारा स्थापित यज्ञशाला स्थल पर हवन यज्ञ किया जाता है । जिसमे स्वसित वाचन, गणपति पुजन, संकल्प, स्त्रोत, ध्यान, मन्त्र जाप, आहुति आदि सभी परिक्राएं पूर्ण की जाती है । मध्यान्ह आरती - इस अवसर पर माता को राज भोग लगता है । राज भोग में चावल, माश की दाल, मुंगी साबुत या चने की दाल, खट्टा, मधरा और खीर आदि भोज्य व्यंजन तथा ताम्बूल अर्पित किया जाता है । मध्यान्ह आरती का समय दोपहर 12:00 बजे है । इस आरती के समय सप्तशलोकी दुर्गा के श्लोको का वाचन होता है । सायं आरती - सायं आरती के लिए भी झीडा बाऊडी से माता के स्नान के लिए गागरिया पानी लाता है । लगभग 6:30 बजे माता का सायंकालीन स्नान एवं श्रृंगार होता है । इस समय माता को चने और पूरी का भोग लगता है । ताम्बूल भी अर्पित किया जाता है । इस समय के भोग को 'श्याम भोग' कहते है । सायं आरती में सोंदर्य लहरी के निम्नलिखित श्लोको का गायन होता है। शयन आरती - रात्रि 9:39 बजे माता को शयन करवाया जाता है । इस समय माता की शेय्या सजती है । दुध् और बर्फ़ी का भोग लगता है । जिसे 'दुग्ध् भोग' के नाम से जाना जाता है । |
| आईपीएल में गौतम गंभीर की वापसी, लखनऊ की टीम ने दी बड़ी जिम्मेदारी Posted: 19 Dec 2021 12:54 AM PST आईपीएल का अगला सत्र कई मायनों में बेहद ही खास होने वाला है, इन्हीं खास चीजों में से एक है इस टूर्नामेंट में दो नै टीमों का जुड़ना। आईपीएल 2022 में कुल 10 टीमें भाग ले रही है ऐसे में अभी से ही तमाम तरह के अपडेट सामने आ रहे है। इसी क्रम में एक बड़ी खबर सामने निकलकर आ रही है गौतम गंभीर को लेकर, जहाँ बताया जा रहा है कि उनके एक बार फिर से आईपीएल में वापसी हो रही है। पता चला है कि लखनऊ की टीम ने अपनी टीम के साथ टीम इंडिया के पू्र्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को अपने साथ जोड़ा है। जी हाँ, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ की टीम गौतम गंभीर को मेंटॉर बनाने जा रही है, इससे पहले लखनऊ की टीम ने एक ही दिन पहले ऐलान किया था कि जिम्वाब्वे के कप्तान रहे एंडी फ्लावर को बतौर हेड कोच चुना है. एंडी फ्लावर इससे पहले कई आईपीएल टीमों से खेल चुके हैं और उन्हें कोचिंग भी दे चुके हैं। संजीव गोयन्का के गौतम गंभीर से अच्छे ताल्लुकात रहे हैं, गौतम गंभीर की कप्तानी में ही केकेआर यानी कोलकाता नाइटराइडर्स ने दो बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया है। गौतम गंभीर दिल्ली कैपिटल्स के भी कप्तान रह चुके है। बताते चले कि लखनऊ की टीम लगातार एक के बाद एक करके दिगज्जों को अपने साथ टीम में जोड़ रही है, मालूम हो कि बीसीसीआई ने 7090 करोड़ रुपये में लखनऊ की टीम संजीव गोयन्का ग्रुप को दी है। अब तक के इतिहास में यह टीम आईपीएल की सबसे महँगी टीम है। |
| Himachal: HRTC की बस बर्फ में स्किड होकर जीप से टकराई, नीचे गिरी गाड़ी Posted: 19 Dec 2021 12:50 AM PST हिमाचल प्रदेश में ठंड अपने चरम पर है और बर्फ़बारी के चलते सडकों पर फिसलन बढ़ गई है। इसी कड़ी में राजधानी शिमला स्थित हिन्दोस्तान-तिब्बत नैशनल हाईवे-5 पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एचआरटीसी की एक बस बर्फ पर स्क्डि हो गई, जिस कारण बस की टक्कर से एक जीप सड़क से बाहर नीचे की तरफ जा गिरी। Also Read: हिमाचलः घर से खेलने निकला 11 वर्षीय मासूम, आदमखोर कुत्तों ने नोंचकर मार डाला गनीमत ये रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार को कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ। हादसे के समय में जीप में कोई व्यक्ति सवार नहीं था अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। गौरतलब है कि शनिवार तड़के नारकंडा से ओडी तक हल्की बर्फबारी हुई, जिस कारण से बर्फ पर वाहन स्किड हो रहे थे। |
| हिमाचलः घर से खेलने निकला 11 वर्षीय मासूम, आदमखोर कुत्तों ने नोंचकर मार डाला Posted: 19 Dec 2021 12:46 AM PST हिमाचल प्रदेश में घर से खेलने के लिए निकले 11 वर्षीय बच्चे को कुत्तों द्वारा घायल कर नोच खाने की खबर सामने आई है। मामला प्रदेश के ऊना जिले के तहत पड़ते कुठार खुर्द का है। मृतक बच्चे की पहचान कर्ण पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी कुठार खुर्द के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि कर्ण मानसिक रुप से परेशान रहता था। मिली जानकारी के मुताबिक बच्चा शनिवार यानी आज अपने घर से खेतों की ओर खेलने के लिए गया हुआ था। इस दौरान काफी समय बीत जाने के बाद भी वह घर वापस नहीं लौटा। इस पर परिजन उसे ढूंढने के लिए निकले। परंतु उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। कर्ण को नोंच कर खा रहे थे कुत्ते- इस दौरान खेतों से गुजर रहे एक दंपत्ति ने कुछ कुत्तों को वहां पड़े एक मृत शव को नोच कर खाते हुए देखा। जब वे शव के थोड़ा करीब गए तो पाया की यह शव किसी और का ना होकर कर्ण का था। उन्होंने इसकी सूचना कर्ण के परिजनों को दी। इस घटना की सूचना मिलने के बाद पंचायत प्रधान व उपप्रधान मौके पर पहुंचे। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंचायत उपप्रधान ने बताया कि गांव के कुत्ते ने कर्ण को नोच खाया है। इस वजह से उसकी मौत हो गई है। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साध ही मामले के संबंध में केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। |
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