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Wednesday, December 29, 2021

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शमी टेस्ट में भारत के सबसे बेस्ट बॉलर, कपिल देव भी नहीं हैं आस-पास

Posted: 28 Dec 2021 07:55 PM PST

शमी टेस्ट में भारत के सबसे बेस्ट बॉलर, कपिल देव भी नहीं हैं आस-पास

मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने पहले टेस्ट (India vs South Africa) की पहली पारी में 5 विकेट झटके. इसके साथ उनके टेस्ट में 200 विकेट भी पूरे हाे गए हैं. वे भारत की ओर से ऐसा करने वाले ओवरऑल 11वें गेंदबाज बने. 

मोहम्मद शमी ने 55वें टेस्ट में यह कारनामा किया. वे अब तक टेस्ट में 6 बार 5 विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं. 56 रन देकर 6 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है. उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत साउथ अफ्रीका की टीम पहली पारी में सिर्फ 197 रन बना सकी. भारत ने 327 रन बनाए थे.

भारतीय तेज गेंदबाज शमी का टेस्ट में स्ट्राइक रेट 49.4 का है. यह 200 या उससे अधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों में बेस्ट है. यानी वे भारत के बेस्ट गेंदबाज कहे जा सकते हैं. कपिल देव (Kapil Dev) ने टेस्ट में 434 विकेट लिए हैं. वे भारत की ओर से टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं. लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 63.9 का है. 

मोहम्मद शमी टेस्ट में सबसे कम गेंद में 200 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज भी बन गए हैं. उन्होंने 9896 गेंद पर यह कारनामा किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑफ स्पिनर आर अश्विन (R Ashwin) के पास था. उन्होंने 10,248 गेंद पर ऐसा किया था. कपिल देव ने 11,066 गेंद पर और रवींद्र जडेजा ने 11,989 गेंद पर ऐसा किया है. (AFP)

मोहम्मद शमी भारत की ओर से तीसरे सबसे कम मैच में 200 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बने. कपिल देव ने 50 मैच में जबकि जवागल श्रीनाथ ने 54 मैच में यह कारनामा किया. शमी 55वें टेस्ट में यहां तक पहुंचे. जहीर खान और इशांत शर्मा दोनों ने 63-63 मैच में ऐसा किया था. (AFP)

भारत की ओर टेस्ट में सबसे तेज 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड आर अश्विन के नाम है. उन्होंने 37 टेस्ट में यह रिकॉर्ड बनाया. ओवरऑल यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के लेग स्पिनर यासिर शाह के नाम है. उन्होंने 33 टेस्ट में यह कारनामा किया है.

बच्चों की वैक्सीन किस तरह असरदार है? जानिए उसके संभावित मामूली साइड इफेक्ट्स कौन से हैं

Posted: 28 Dec 2021 07:50 PM PST

बच्चों की वैक्सीन किस तरह असरदार है? जानिए उसके संभावित मामूली साइड इफेक्ट्स कौन से हैं

COVID-19 से मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने बच्चों के लिए तैयार वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। हालांकि कई पश्चिमी और यूरोपीय देशों ने बच्चों का टीकाकरण अभियान मई में ही शुरू कर दिया था। संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइज़र की वैक्सीन दी जा रही है। भारत में भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15 से 18 साल के बच्चों का टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू होने वाला है। बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने से पैरेंट्स के मन में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब उन्हें देना जरूरी है। 

आइए जानते हैं कि पैरेंट्स अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाने से क्यों हिचकिचा रहे है? जानते हैं कि वैक्सीन के बच्चों पर कौन-कौन से साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

पैरेंट्स बच्चों को वैक्सीन लगवाने में क्यों हिचकिचा रहे हैं?

जब भी COVID-19 के खिलाफ वैक्सीन लगवाने की बात आती है, तो कुछ पैरेंट्स हिचकिचाने लगते हैं। पैरेंट्स के पास ज्ञान का अभाव होने के कारण वो इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग करने के लिए तैयार वैक्सीन को लगवाने से हिचकिचा रहे हैं। उन्हें लगता है कि वैक्सीन लगवाने से उनका बच्चा कई तरह के रसायनों के संपर्क में आ जाएगा जो उनके बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ पैरेंट्स धार्मिक कारणों की वजह से तो कुछ वैक्सीन के उनके बच्चे की सेहत पर लम्बे समय तक असर होने के खौफ़ से वैक्सीन लगवाना नहीं चाहते।

क्या आपको अपने बच्चे को वैक्सीन लगवाना चाहिए?

मौजूद समय में अपने बच्चों को COVID-19 के खिलाफ टीका लगवाना उन्हें संक्रामक रोगों से बचाने का सबसे बेहतर और एक मात्र तरीका है। वायरस का स्वरूप लगातार बदल रहा है जो हमारी इम्यूनिटी और हेल्थ के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि वैक्सीन हमें 100 फीसदी सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता है, लेकिन यह स्थिति को गंभीर होने से बचा सकता है। अगर आपके बच्चे की अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आती है तो उससे उसकी मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चे को वैक्सीन जरूर लगवाएं।

वैक्सीन के बच्चों पर कौन-कौन से साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

बच्चों के लिए तैयार वैक्सीन की प्रभावशीलता पर गंभीर तरीके से परीक्षण किया गया है जिसके बाद उसे बच्चों के लिए मंजूरी दी गई है। आप अपने बच्चे को वैक्सीन लगवा रहे है तो वैक्सीन की प्रभावशीलता और उसकी जटिलताओं के बारे में बिल्कुल भी चिंता नहीं करें।

हाल ही में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडियां द्वारा अप्रूव वैक्सीन के नैदानिक परीक्षणों से पता चलता है कि बच्चों की वैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते। बुखार, इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द, उनींदापन, रेडनेस, शरीर में दर्द और थकान जैसी मामूली परेशानियां आपके बच्चे को वैक्सीन लगवाकर हो सकती है। यह परेशानी 2-3 दिनों में दूर हो जाएगी। वैक्सीन लगवाने के बाद इन साइड इफेक्ट का अनुभव इस बात का संकेत है कि आपके बच्चे का शरीर वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी का निर्माण कर रहा है। वयस्कों में भी वैक्सीन लगवाने के बाद समान लक्षण दिखते हैं।

अब हिमाचल में भी लगेगा कर्फ्यू, मुख्‍यमंत्री जयराम ने किया स्‍पष्‍ट

Posted: 28 Dec 2021 07:48 PM PST

अब हिमाचल में भी लगेगा कर्फ्यू, मुख्‍यमंत्री जयराम ने किया स्‍पष्‍ट

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई तो रात्रि कर्फ्यू लगना तय है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस संबंध में स्‍पष्‍ट संकेत दे दिए हैं। मुख्‍यमंत्री का कहना है कि कोरोना के मामले बढ़े तो रात्रि कर्फ्यू पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कहा संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के प्रत्येक चरण में हिमाचल नंबर वन रहा। सरकार का प्रयास रहेगा कि 15 से 18 आयु वर्ग के टीकाकरण में भी तत्परता से लक्ष्य हासिल करेंगे। प्रदेश में ओमिक्रोन का एक मामला आया है और अब संक्रमित महिला स्वस्थ्य है।

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चार सौ के करीब सक्रिय मामले हैं। ऐसे में सरकार व प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। नववर्ष के जश्‍न तक नाइट कर्फ्यू लगने की कम ही संभावना है। नववर्ष का जश्‍न मनाने के लिए हजारों पर्यटकों ने हिमाचल के विभिन्‍न पर्यटन स्‍थलों में एडवांस बुकिंग करवा रखी है।

दिल्‍ली और उत्‍तराखंड में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। उम्‍मीद है कि यदि कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े तो नए साल की शुरुआत में नाइट कर्फ्यू लग सकता है। हालांकि प्रदेश में सारी लक्षित आबादीकोविड वैक्‍सीन की दोनों डोज लगाई जा


चुकी हैं। इसके अलावा पुलिस व प्रशासन ने कोविड नियमों का पालन करने के लिए सख्‍ती भी बढ़ा दी है।

पुलिस जवान किसी के उकसावे में न आएं जयराम ने कहा कि पुलिस बल अनुशासित है। सरकार उनके मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है। पुलिस जवान किसी के उकसावे में न आएं। सरकार की ओर से मदद करने का प्रयास किया गया है।

कांग्रेस ने क्यों नहीं किया रेणुका जी बांध का शिलान्यास रेणुका जी बांध के शिलान्यास पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में रहते वह इसका कार्य क्यों नहीं शुरू कर सकी। भाजपा ने सत्ता में आने पर मामला उठाया और सभी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करवाया।

माफी चाहता हूं...आप पड्डल मैदान तक नहीं पहुंच पाए 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंडी रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों से आए लोगों से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ सभा स्थल पड्डल तक नहीं पहुंच पाई। पूरा मैदान भरा था। हजारों लोग सड़कों पर थे। सेरी मंच पर आते-जाते लोगों के लिए प्रधानमंत्री का भाषण सुनने की व्यवस्था की गई थी। जहां आठ हजार से अधिक लोगों ने भाषण सुना। आज से पहले पड़्डल मैदान पर इतनी बड़ी रैली नहीं हुई थी।

सरस्वती मां की कृपा के लिए विद्यार्थी नियमित करें इन मंत्रों का जाप, परीक्षा में मिलेगी सफलता

Posted: 28 Dec 2021 06:33 PM PST

 मां सरस्वती को विद्या की देवी कहा जाता है. मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा करने से व्यक्ति के मन और मस्तिष्क में बुद्धि का संचारण होता है.
Saraswati Ji Mantra: मां सरस्वती (Maa Saraswati) को विद्या की देवी कहा जाता है. मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा (Maa Saraswati Puja) करने से व्यक्ति के मन और मस्तिष्क में बुद्धि का संचरण होता है. धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि जहां मां सरस्वती (Maa Saraswati) होती हैं वहां मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) का वास अवश्य होता है. इतना ही नहीं, मां सरस्वती को मां संगीत की देवी के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि पंचांग के अनुसार माघ के महीने (Magh Month) में वसंत पंचमी (Vasant Panchami) के दिन सरस्वती की पूजा (Saraswati Puja) की जाती है.

स्कूल और कॉलेजों में वसंत पंचमी को उत्सव की तरह मनाया जाता है. मान्यता है कि मां सरस्वती (Saraswati Puja) की सच्चे मन और श्रद्धापूर्वक पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है, जो कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करती है. इसलिए नियमित रूप से विद्यार्थियों को मां सरस्वती के इन मंत्रों (Saraswati Mantra Jaap) का जाप करना चाहिए. ताकि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और धन कमाने में किसी तरह की बाधा का समान न करना पड़े.

मां सरस्वती मंत्र जाप (Maa Saraswati Mantra Jaap)

1. देवी सरस्वती के मंत्र:

श्लोक: ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।

कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।

वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।

रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।

सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।

वन्दे भक्तया वन्दिता च।

2. सरस्वती देवी का मूल मंत्र

ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः।

3. मां सरस्वती का संपूर्ण मंत्र

ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।

मां सरस्वती के नाम मंत्र जाप

1. सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः।

2. महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः।

3. महामाया ॐ महमायायै नमः।

4. वरप्रदा ॐ वरप्रदायै नमः।

5. श्रीप्रदा ॐ श्रीप्रदायै नमः।

6. पद्मनिलया ॐ पद्मनिलयायै नमः।

7. पद्माक्षी ॐ पद्मा क्ष्रैय नमः।

8. पद्मवक्त्रगा ॐ पद्मवक्त्रायै नमः।

9. शिवानुजा ॐ शिवानुजायै नमः।

10. पुस्तकधृत ॐ पुस्त कध्रते नमः।

11. ज्ञानमुद्रा ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः।

12. रमा ॐ रमायै नमः।

13. परा ॐ परायै नमः।

14. कामरूपा ॐ कामरूपायै नमः।

15. महाविद्या ॐ महाविद्यायै नमः।

16. महापातक नाशिनी ॐ महापातक नाशिन्यै नमः।

17. महाश्रया ॐ महाश्रयायै नमः।

18. मालिनी ॐ मालिन्यै नमः।

19. महाभोगा ॐ महाभोगायै नमः।

20. महाभुजा ॐ महाभुजायै नमः।

21. महाभागा ॐ महाभागायै नमः।

22. महोत्साहा ॐ महोत्साहायै नमः।

23. दिव्याङ्गा ॐ दिव्याङ्गायै नमः।

24. सुरवन्दिता ॐ सुरवन्दितायै नमः।

25. महाकाली ॐ महाकाल्यै नमः।

26. महापाशा ॐ महापाशायै नमः।

27. महाकारा ॐ महाकारायै नमः।

28. महाङ्कुशा ॐ महाङ्कुशायै नमः।

29. सीता ॐ सीतायै नमः।

30. विमला ॐ विमलायै नमः।

31. विश्वा ॐ विश्वायै नमः।

32. विद्युन्माला ॐ विद्युन्मालायै नमः।

33. वैष्णवी ॐ वैष्णव्यै नमः।

34. चन्द्रिका ॐ चन्द्रिकायै नमः।

35. चन्द्रवदना ॐ चन्द्रवदनायै नमः।

36. चन्द्रलेखाविभूषिता ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः।

37. सावित्री ॐ सावित्र्यै नमः।

38. सुरसा ॐ सुरसायै नमः।

39. देवी ॐ देव्यै नमः।

40. दिव्यालङ्कारभूषिता ॐ दिव्यालङ्कारभूषितायै नमः।

41. वाग्देवी ॐ वाग्देव्यै नमः।

42. वसुधा ॐ वसुधायै नमः।

43. तीव्रा ॐ तीव्रायै नमः।

44. महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः।

45. महाबला ॐ महाबलायै नमः।

46. भोगदा ॐ भोगदायै नमः।

47. भारती ॐ भारत्यै नमः।

48. भामा ॐ भामायै नमः।

49. गोविन्दा ॐ गोविन्दायै नमः।

50. गोमती ॐ गोमत्यै नमः।

51. शिवा ॐ शिवायै नमः।

52. जटिला ॐ जटिलायै नमः।

53. विन्ध्यवासा ॐ विन्ध्यावासायै नमः।

54. विन्ध्याचलविराजिता ॐ विन्ध्याचलविराजितायै नमः।

55. चण्डिका ॐ चण्डिकायै नमः।

56. वैष्णवी ॐ वैष्णव्यै नमः।

57. ब्राह्मी ॐ ब्राह्मयै नमः।

58. ब्रह्मज्ञानैकसाधना ॐ ब्रह्मज्ञानैकसाधनायै नमः।

59. सौदामिनी ॐ सौदामिन्यै नमः।

60. सुधामूर्ति ॐ सुधामूर्त्यै नमः।

61. सुभद्रा ॐ सुभद्रायै नमः।

62. सुरपूजिता ॐ सुरपूजितायै नमः।

63. सुवासिनी ॐ सुवासिन्यै नमः।

64. सुनासा ॐ सुनासायै नमः।

65. विनिद्रा ॐ विनिद्रायै नमः।

66. पद्मलोचना ॐ पद्मलोचनायै नमः।

67. विद्यारूपा ॐ विद्यारूपायै नमः।

68. विशालाक्षी ॐ विशालाक्ष्यै नमः।

69. ब्रह्मजाया ॐ ब्रह्मजायायै नमः।

70. महाफला ॐ महाफलायै नमः।

71. त्रयीमूर्ती ॐ त्रयीमूर्त्यै नमः।

72. त्रिकालज्ञा ॐ त्रिकालज्ञायै नमः।

73. त्रिगुणा ॐ त्रिगुणायै नमः।

74. शास्त्ररूपिणी ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः।

75. शुम्भासुरप्रमथिनी ॐ शुम्भासुरप्रमथिन्यै नमः।

76. शुभदा ॐ शुभदायै नमः।

77. सर्वात्मिका ॐ स्वरात्मिकायै नमः।

78. रक्तबीजनिहन्त्री ॐ रक्तबीजनिहन्त्र्यै नमः।

79. चामुण्डा ॐ चामुण्डायै नमः।

80. अम्बिका ॐ अम्बिकायै नमः।

81. मुण्डकायप्रहरणा ॐ मुण्डकायप्रहरणायै नमः।

82. धूम्रलोचनमर्दना ॐ धूम्रलोचनमर्दनायै नमः।

83. सर्वदेवस्तुता ॐ सर्वदेवस्तुतायै नमः।

84. सौम्या ॐ सौम्यायै नमः।

85. सुरासुर नमस्कृता ॐ सुरासुर नमस्कृतायै नमः।

86. कालरात्री ॐ कालरात्र्यै नमः।

87. कलाधारा ॐ कलाधारायै नमः।

88. रूपसौभाग्यदायिनी ॐ रूपसौभाग्यदायिन्यै नमः।

89. वाग्देवी ॐ वाग्देव्यै नमः।

90. वरारोहा ॐ वरारोहायै नमः।

91. वाराही ॐ वाराह्यै नमः।

92. वारिजासना ॐ वारिजासनायै नमः।

93. चित्राम्बरा ॐ चित्राम्बरायै नमः।

94. चित्रगन्धा ॐ चित्रगन्धायै नमः।

95. चित्रमाल्यविभूषिता ॐ चित्रमाल्यविभूषितायै नमः।

96. कान्ता ॐ कान्तायै नमः।

97. कामप्रदा ॐ कामप्रदायै नमः।

98. वन्द्या ॐ वन्द्यायै नमः।

99. विद्याधरसुपूजिता ॐ विद्याधरसुपूजितायै नमः।

100. श्वेतासना ॐ श्वेतासनायै नमः।

101. नीलभुजा ॐ नीलभुजायै नमः।

102. चतुर्वर्गफलप्रदा ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः।

103. चतुरानन साम्राज्या ॐ चतुरानन साम्राज्यायै नमः।

104. रक्तमध्या ॐ रक्तमध्यायै नमः।

105. निरञ्जना ॐ निरञ्जनायै नमः।

106. हंसासना ॐ हंसासनायै नमः।

107. नीलजङ्घा ॐ नीलजङ्घायै नमः।

108. ब्रह्मविष्णुशिवात्मिका ॐ ब्रह्मविष्णुशिवान्मिकायै नमः।

50% लोगों की ऑफिस में मंजूरी, सिर्फ 20 शादी में हो सकेंगे शामिल, येलो अलर्ट जारी

Posted: 28 Dec 2021 06:19 PM PST

देश की राजधानी दिल्ली में लागू किए गए येलो अलर्ट (Yellow Alert in Delhi) के बाद अब ऑफिस में सिर्फ 50 फीसदी लोग ही जा सकेंगे वहीं शादी एवं अन्य समारोह में सिर्फ 20 लोग ही शिरकत कर सकेंगे.
देश की राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के मामले (Covid-19 Cases in Delhi) बढ़ने के बीच दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने मंगलवार को स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल और जिम तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है. साथ ही, दिल्ली में जीआरएपी (GRAP) के तहत येलो अलर्ट जारी किया गया है जिसके तहत दुकानों, सार्वजनिक परिवहन पर विभिन्न पाबंदियां लगाई गई हैं. 'येलो' अलर्ट प्रतिबंध यह निर्धारित करता है कि गैर-जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की दुकानें और मॉल ऑड-इवन फॉर्मूले के आधार पर सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलेंगे.

नियम

दिल्ली में सोमवार रात से लागू किये गए नाइट कर्फ्यू का समय भी एक घंटा बढ़ा दिया गया है. यह अब रात 10 बजे से शुरू होगा. रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा.

विवाह और अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 20 लोगों के उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी, जबकि अन्य सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समागम और उत्सव कार्यक्रमों पर पाबंदी होगी.

जीआरएपी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो अपनी 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ संचालित होगी, जबकि ऑटो रिक्शा और कैब में दो यात्री तक बैठ सकते हैं. बसें भी 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ संचालित होंगी.

सार्वजन‍िक पार्क, गार्डन और गोल्‍फ कोर्स में स‍िर्फ सैर सपाटे और खेलने की अनुमत‍ि, प‍िकन‍िक मनाने की अनुमति नहीं दी गई.

रेस्‍टोरेंट और बार को 50 फीसदी क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है. रेस्‍टोरेंट 50 फीसदी क्षमता के साथ सुबह आठ बजे से रात्र‍ि दस बजे तक और बार 50 फीसदी क्षमता के साथ दोपहर 12 बजे से रात्र‍ि दस बजे तक खुले रहेंगे.

राष्ट्रीय राजधानी में महामारी की स्थिति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले दिन में कहा था कि संक्रमण के मामले तेज गति से बढ़ने के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी करने का फैसला किया गया है.

डीडीएमए के आदेश में कहा गया है कि येलो अलर्ट के मुताबिक सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.

डीडीएमए के द्वारा मंजूर जीआरएपी के मुताबिक, यदि लगातार दो दिनों तक संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत से अधिक रहता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है.

दिल्ली में सोमवार को संक्रमण के 331 नए मामले सामने आए थे, जो नौ जून के बाद से एक दिन की सर्वाधिक संख्या हैं. सोमवार को एक व्यक्ति की संक्रमण से मौत हुई थी और संक्रमण दर 0.68 प्रतिशत रही, जबकि रविवार को यह दर 0.55 प्रतिशत थी.

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