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- हिमाचल: पैरापिट को तोड़कर खाई में लुढ़कने से बची कार, बाल-बाल बचे पर्यटक
- छुट्टी पर घर आ रहा था सेना का जवान, दर्दनाक हादसे में हुई मौत
- इन 3 बातों को अपना लें तो बॉस हो जाएंगे आपके मुरीद
- सिर में लगाएं ये तेल, बालों का झड़ना और सफेद होना हो जाएगा बंद
- बालों को हेल्दी और मजबूत बनाए रखने के लिए बड़े काम की हैं ये खास टिप्स
- मच्छरों से पाना है छुटकारा, तो आज ही घर पर लगाए ये 10 खुशबूदार पौधें
- तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसे दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए अपनाइए एक्सपर्ट्स की बताई ये टिप्स
- इशांत शर्मा, अजिंक्य रहाणे और रविंद्र जडेजा दूसरे टेस्ट मैच से हुए बाहर
- हिमाचल: जलाड़ी गांव में जम्मू पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, नाबालिग लड़की को भगाकर लाने का मामला
- यहां जमीन से निकल रहे हैं दुर्लभ और कीमती सिक्के, खुदाई करने उमड़ी भीड़
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- 12वीं के बाद पढ़ाई छूटी, पिज्जा डिलीवरी का काम कर 200 रुपये की नौकरी से 8.5 करोड़ तक का सफ़र
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| हिमाचल: पैरापिट को तोड़कर खाई में लुढ़कने से बची कार, बाल-बाल बचे पर्यटक Posted: 03 Dec 2021 02:18 AM PST शिमला, 3 दिसंबर : राजधानी के बालूगंज थाना क्षेत्र में सैलानियों की कार कालका शिमला एनएच पर अनियंत्रित हो गई और पैराफिट को तोड़कर सड़क व खाई के बीच लटक गयी। कार सवार पर्यटकों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचायी। हादसा आज दोपहर के वक्त ओल्ड बैरियर टूटीकंडी के पास हुआ। दुर्घटना की वजह चालक की लापरवाही मानी जा रही है। सड़क व खाई के बीच लटकी कार पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शिमला से चंडीगढ़ की तरफ जा रही कार CH01AM-3157) ओल्ड बैरियर के पास बेकाबू हो गई और कार पैराफिट से टकराई। गनीमत यह रही कि पैराफिट को तोड़ने के बाद कार सड़क किनारे हवा में ही लटक गई और खाई में गिरने से बच गई। हालांकि इस हादसे में कार सवार पर्यटक सुरक्षित हैं। यदि कार थोड़ा आगे जाती तो करीब 100 सौ मीटर गहरी खाई में गिर जाती। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद बालूगंज पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आगामी कार्रवाई शुरू की। |
| छुट्टी पर घर आ रहा था सेना का जवान, दर्दनाक हादसे में हुई मौत Posted: 03 Dec 2021 02:12 AM PST उत्तराखण्ड के चंपावत से बेहद दुखद खबर आ रही है यहां कुमाऊं रेजिमेंट के जवान की ट्रेन हादसे में मौत हो गई है। ये हादसा बुधवार को राजस्थान में हुआ जब गौतम बहादुर एक महीने की छूटी लेकर अपने घर आ रहे थे। जैसे ही ये खबर जवान के परिवार वालों को पता चली परिवार में कोहराम मचा हुआ है मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखण्ड के चंपावत जिले के गौतम बहादुर जिनकी उम्र 33 वर्ष पुत्र स्वर्गीय मनोज बहादुर जो की 3 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात थे और वह एक महीने की छूटी लेकर अपने घर ट्रेन से आ रहे थे मृतक जवान गौतम बहादुर के चाचा के अनुसार सेना मुख्यालय से मिली जानकारी पर उन्होंने बताया की उनके भतीजे गौतम बहादुर ने देहरादून तक ट्रेन के लिए रिजर्वेशन किया हुआ था। सेना मुख्यालय से मिली जानकारी पर उन्होंने बताया की जब गौतम बहादुर घर की ओर आ रहा था तब कोटा रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनें लगी हुई थी। जिसमे से एक ट्रेन में गौतम बैठे हुए थे लेकिन जैसे ही ट्रेन चलती है तो गौतम को पता चला की वो गलत ट्रेन में बैठ गया है। तब आनन फानन में ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगे लेकिन इसी बीच गौतम के बैक का कुंडा ट्रेन के दरवाजे में फस गया और गौतम प्लेटफार्म पर गिरकर ट्रेन के साथ घसीटते हुए चले गए जिससे उनकी मौत हो गई परिजनों को मिली सूचना के अनुसार गौतम का पार्थिव शरीर कोटा से रवाना हो चुका है, जो शुक्रवार को दोपहर तक लोहाघाट पहुंचेगा जिसके बाद जवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा |
| इन 3 बातों को अपना लें तो बॉस हो जाएंगे आपके मुरीद Posted: 03 Dec 2021 12:38 AM PST आचार्य चाणक्य ने अपने समय में जो बातें लिखी थीं या कही थीं, वो आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. फिर चाहे वह करियर-सफलता की हो, या मान-सम्मान पाने की या धन कमाने की. आज भी लोगों की इच्छाएं यह सब पाने की हैं. इन्हीं में से एक ख्वाहिश है अपने वर्कप्लेस पर सम्मान पाने की. सभी लोग चाहते हैं कि उनके बॉस और सहयोगी वर्कप्लेस पर उनका सम्मान करें, उनके काम की सराहना करें. आज चाणक्य नीति के जरिए जानते हैं कि ऑफिस या अपने वर्कप्लेस पर सम्मान पाने के लिए क्या करना चाहिए ये तीन बातें दिलाएंगी सम्मान चाणक्य नीति में जो बातें बताई गईं हैं उन्हें यदि व्यक्ति अपना ले तो वह न केवल खूब सफलता पाता है, बल्कि अपार धन और सम्मान भी पाता है. इसके लिए उसे वर्कप्लेस पर कुछ बातों को पालन करना जरूरी है. - सम्मान हमेशा उन लोगों को मिलता है जो तय किए गए नियमों का पालन करते हैं. यदि आप वर्कप्लेस पर सभी नियमों का पालन करते हैं तो आपको सफलता भी जल्दी मिलेगी और सभी आपको सम्मान की नजर से भी देखेंगे. - दूसरों की बुराई करने वाले लोगों की हकीकत किसी न किसी दिन खुलकर सामने आ ही जाती है और फिर ऐसे लोगों को सभी नापसंद करते हैं. ऐसे लोगों का कभी सम्मान नहीं होता है. यदि वर्कप्लेस पर अपमान से बचना चाहते हैं और सम्मान पाना चाहते हैं तो कभी भी दूसरों की बुराई न करें. - चाणक्य नीति के मुताबिक वर्कप्लेस पर आगे बढ़ने के लिए अनुशासन में रहना बहुत जरूरी है. ऐसा करके ही आप सबसे आगे निकल सकते हैं और सम्मान पा सकते हैं. जबकि बेपरवाह और लापरवाह व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता है. लिहाजा हमेशा अपने काम को अच्छे से समय पर पूरा करें और जिम्मेदारियां लेने से कभी न हिचकें. बॉस भी खुद को आपका मुरीद होने से नहीं रोक पाएंगे. |
| सिर में लगाएं ये तेल, बालों का झड़ना और सफेद होना हो जाएगा बंद Posted: 03 Dec 2021 12:35 AM PST बाल झड़ने और बाल सफेद होने की समस्या से तो ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं. इसके पीछे प्रदूषण, असंतुलित भोजन, सोने-जागने का गलत समय जैसी कई वजहें शामिल हैं. लेकिन इस सबके अलावा बालों की एक और समस्या है जो ठंड की दस्तक होते ही शुरू हो जाती है. यह समस्या है सर्दियों में होने वाली डैंड्रफ. यह सिर की स्किन पर सफेद पपड़ी की तरह दिखती है. आम बोलचाल की भाषा में इसे रूसी भी कहते हैं. बालों के लिए बेस्ट हैं नेचुरल तेल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है. इससे बचने के लिए 3 नेचुरल ऑयल बहुत अच्छे नतीजे दे सकते हैं. खास बात ये है कि ये तेल बालों को झड़ने और सफेद होने से रोकने में कारगर साबित होतते हैं. लिहाजा सर्दियों के अलावा भी इन नेचुरल ऑयल्स का उपयोग करना फायदे का सौदा हो सकता है. ये तेल न केवल सिर की स्किन को ड्रॉय होने से बचाते हैं, बल्कि उसे जरूरी पोषण भी देते हैं. बालों के लिए कौन सा तेल फायदेमंद? (Which oil is beneficial for hair) 1. नीम का तेल (neem oil) सबसे पहले यह तेल बनाने के लिए नीम के सूखे पत्तों को बारीक पीस लें. अब उसमें जैतून का तेल मिला लें. फिर इसे बालों की जड़ों में लगाएं. 1 से 2 घंटे बाद शैंपू कर लें. इससे ना तो रूसी होगी और ना बाल झड़ेंगे, ना ही सफेद होंगे. फायदा- हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि नीम का तेल एक ऐसा नेचुरल ऑयल है, जो बालों के रूखेपन को दूर करता है और उनमें रूसी होने से बचाता है. नीम में एंटी फंगल क्वालिटी होती है, जो बालों को कई समस्याओं से बचाती है. 2. नारियल का तेल (coconut oil) सबसे पहले आपको नारियल का तेल खरीदना है अब नारियल के तेल में मैथी के दाने उबालें अब उसमें प्याज का रस मिलाकर लगाएं. फायदा- नारियल का तेल हर मौसम में बालों में लगाने के लिए बहुत अच्छा विकल्प है. रूसी खत्म करने के लिए नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाएं. ये बालों को मजबूत और शाइनी भी बनाता है. 3. तिल का तेल (Sesame oil) सबसे पहले तिल का तेल खरीद लाएं अब इसे हफ्ते में तीन बार बालों में अच्छे से लगाएं. कुछ ही दिन में बालों की सेहत में फर्क साफ नजर आने लगेगा. फायदा- हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते रहैं कि तिल के तेल में ढेर सारा फैटी एसिड होता है, जो बालों के रूखेपन को दूर करता है. इस तेल में पाया जाने वाला विटामिन ए और सी बालों की ग्रोथ करता है. |
| बालों को हेल्दी और मजबूत बनाए रखने के लिए बड़े काम की हैं ये खास टिप्स Posted: 03 Dec 2021 12:27 AM PST 1. स्त्री-पुरुष के लिए अलग-अलग शैंपू-कंडीशनर आते हैं, उन्हीं का इस्तेमाल करें। अगर ज्यादा रूसी है तो हफ्ते में एक बार एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा 2-3 महीने के अंतराल पर अपना शैंपू जरूर बदलें। 2. पुरूष हर महीने हेयर कट लेते रहें, वहीं स्त्रियां भी 2-3 महीने में एक बार हेयर कट कराएं या बालों की ट्रिमिंग कराएं। हेयर स्पा एक अच्छा ऑप्शन है। इससे बाल ज्यादा हेल्दी व मजबूत बनते हैं। बालों में अगर स्ट्रेटनिंग थेरेपी या केराटिन करवाया है तो पावरडोज स्पा का आनंद लें। अगर ट्रीटमेंट आदि नहीं करवाया है तो नॉर्मल हेयर स्पा लिया जा सकता है। 3. ज्यादातर पुरुष व स्त्रियां सलॉन न जाकर घर में ही हेयर डाई का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। अगर हेयर डाई घर में लगा रहे हैं तो सबसे पहले इसके लेबल पर चेक करें कि यह अमोनिया फ्री हो, साथ ही यह ब्रैंडेड हो। पैक पर दिए गए दिशानिर्देश के अनुसार इसे बालों में अप्लाई करना न भूलें। 4. नियमित व्यायाम से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और सिर तक ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पहुंचती है, जिससे बालों का झड़ना कम होता है। स्वस्थ रहना है तो रोजाना 15-30 मिनट व्यायाम करें। 5. कहा जाता है कि दिन भर में आठ-दस ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए। इससे न सिर्फ पाचन क्रिया बेहतर रहती है बल्कि चेहरे पर भी ताजगी रहती है। साथ ही बाल भी हेल्दी रहते हैं। 6. बालों को टाइट बांधने और आयनिंग के इस्तेमाल से बाल डैमेज होते हैं। इसलिए कोशिश करें कि इन्हें नेचुरल रहने दें, ज्यादा एक्सपेरिमेंट से बचें। |
| मच्छरों से पाना है छुटकारा, तो आज ही घर पर लगाए ये 10 खुशबूदार पौधें Posted: 03 Dec 2021 12:24 AM PST भारत में बदलते मौसम के साथ बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता या कम होता रहता है, जिन्हें फैलाने में मच्छरों की अहम भूमिका होती है। गर्मी और बरसात के मौसम में मच्छरों का आतंक चरम पर रहता है, जबकि हल्की ठंड आने पर यह शाम होते ही घरों में मंडराना शुरू कर देते हैं। ऐसे में इन मच्छरों और उनसे होने वाली बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें कई तरह के कैमिकल मौजूद हैं। इस तरह यह कैमिकल मच्छरों को मारने के साथ-साथ आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं। इसलिए अगर आप मच्छर भगाने का आसान तरीका चाहते हैं, तो अपने घर पर मच्छर भगाने वाले पौधे (Mosquito Repellent Plants) को लगाना शुरू कर दीजिए। यह पौधें न सिर्फ आपके गार्डन की खूबसूरती बढ़ाएंगे, बल्कि प्राकृतिक तरीके से मच्छरों से भी छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होंगे। लेमन ग्रास (Lemon Grass) ![]() Lemon Grass लेमन ग्रास चाय का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ मच्छरों को घर से दूर रखने में भी मददगार साबित होता है, क्योंकि इस पौधे की सुगंध काफी स्ट्रॉग होती है। ऐसे में अगर आप अपने घर के बाहर या बालकनी में लेमन ग्रास का पौधा लगाते हैं, तो उसकी खुशबू से मच्छर घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। गेंदा का फूल (Marigold Plant Marigold Plantगेंदा का फूल हर पूजा में चढ़ाया जाता है, जबकि घर की सजावट करने के लिए भी इस फूल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर और गार्डन को खूबसूरती प्रदान करने वाला गेंदा मच्छर को दूर भगाने में भी अहम भूमिका निभाता है। दरअसल गेंदे के पौधें और फूल की खुशबू बहुत ही तेज होती है, जो हम इंसानों को बहुत बच्छी लगती है लेकिन मच्छर और कीड़ों के लिए जानलेवा साबित होती है। इसलिए गेंदे का एक छोटा-सा पौधा भी आपको प्राकृतिक रूप से मच्छरों से बचा सकता है। लैवेंडर (Lavender) Lavenderनीले फूलों वाला लैवेंडर घर की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है, लेकिन क्या आपको पता है कि इस फूल की खुशबू मच्छरों को दूर भगाने में सहायक हो सकती है। बाज़ार में मिलने वाले कई मॉस्किटो रिपेलेंट्स को बनाने के लिए भी लैवेंडर ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल लैवेंडर के प्राकृतिक ऑयल की गंध बहुत ही तेज और असरदार होती है, जिसे घर का वातावरण खुशबूदार हो जाता है। वहीं यह गंध मच्छर और कीड़े मकौड़ों के लिए हानिकारक साबित होती है, जिसकी वजह से मच्छर घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते हैं। लहसुन का पौधा (Garlic Plant) Garlic Plantआज कल हर कोई कीचन गार्डिनिंग करना पसंद करता है, जिसमें गमलों में ही सब्जी के छोटे-छोटे पौधे लगा दीजिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप एक गमले में लहसुन की कली बो देते हैं या फिर लहसुन का पौधा लगा लेते हैं, तो उसकी महक से मच्छर आपके घर के आसपास भी नहीं मंडराएंगे। दरअसल मच्छरों को लहसुन से उत्पन्न होने वाली गंध बिल्कुल भी पसंद नहीं होती है, इसलिए वह इस पौधे के संपर्क में आने से बचते हैं। इसके अलावा अगर आप लहसुन का सेवन कर लेते हैं, तो आपके खून में उसके तत्व मिल जाते हैं जिसकी वजह से मच्छर इंसान का खून नहीं चुसता है। तुलसी का पौधा (Tulsi Plant Tulsi Plantतुलसी का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है, जिसका सेवन करने से सर्दी, जुकाम, बुखार और वायरल जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा मच्छरों को दूर भगाने में भी सहायक होता है। तुलसी के पौधे और उसके पत्तों से बहुत ही तेज खुशबू आती है, जो आसपास के वातावरण को शुद्ध करने का काम करती है। ऐसे में मच्छरों की इस खुशबू की वजह से परेशानी होती है, जिसकी वजह से वह घर के अंदर प्रवेश नहीं करते हैं। नीम का पेड़ (Neem Tree) Neem-Leafबीमारी फैलाने वाले मच्छर और कीड़े मकौड़ों से छुटकारा पाने के लिए नीम का पेड़ या पौधा बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें औषधीय गुण मौजूद होते हैं। अगर आपके घर के आसपास नीम का पेड़ या पौधा लगा हुआ है, तो उसकी वजह से आपके घर में मच्छर नहीं आएंगे। इसके साथ ही आप चाहे तो नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर या पीसकर एक लिक्विड तैयार कर सकते हैं, जिसका शाम के समय घर में छिड़काव करने से घर के अंदर मौजूद मच्छर मर जाते हैं। रोजमेरी (Rosemary) Rosemaryअगर आपको गार्डिनिंग का शौक है और आप अपने गार्डन में खूबसूरत फूल व पौधें लगना पसंद करते हैं, तो रोजमेरी का पौधा जरूर लगाएँ। दरअसल रोजमेरी से प्राप्त होने वाले प्राकृतिक ऑयल में तेज गंध होती है, जो मच्छरों को दूर भगाने का काम करती है। इसके अलावा रोजमेरी के पौधे और फूलों से भी अच्छी खुशबू आती है, जिसके संपर्क में आते ही मच्छर दूर भाग जाते हैं। इसका पौधा गर्मी के मौसम में पनपनता है, जो बरसात में पैदा होने वाले मच्छरों से आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखेगा। सिट्रोनेला ग्रास (Citronella Grass) ![]() Citronella Grass 2 मीटर की लंबाई तक बढ़ने वाला सिट्रोनेला ग्रास का पौधा देखने में बहुत ही सामान्य लगता है, लेकिन इसके पत्ते मच्छर और कीड़े मकौड़ों को दूर भगाने में सहायक होते हैं। सिट्रोनेला ग्रास से निकलने वाले ऑयल को मोमबत्ती और परफ्यूम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसकी गंध बहुत ही तेज होती है। वहीं अगर आप इस पौधे को अपने आंगन या गार्डन में लगाते हैं, तो उसकी खुशबू से मच्छर घर के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे। आप चाहे तो सिट्रोनेला ग्रास से मच्छर भगाने वाला स्प्रे भी तैयार कर सकते हैं, जिसमें एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं। कैटनिप (Nepeta Catnip) Nepeta Catnipकैटनिप एक विदेशी पौधा है, जो मुख्य रूप से नॉर्थ अमेरिका में पैदा होता है। लेकिन वर्तमान में इस पौधे को भारत समेत अन्य देशों में भी उगाया जाने लगा है, जो एक आयुर्वेदिक पौधा है और मच्छरों को दूर भगाने में अहम भूमिका निभाता है। कैटनिप हर मौसम में बढ़ता रहता है, इसलिए यह पौधा आपको पूरे साल मच्छरों से सुरक्षित रख सकता है। इस पौधे पर सफेद रंग के फूल आते हैं, जिसकी खुशबू अपने आसपास के वातावरण को महकाने के साथ-साथ मच्छरों को दूर भगाने में बहुत असरदार होती है। हॉर्समिंट (Horsemint Horsemintयह पौधा MINT की फैमिली से ताल्लुक रखता है, जिसे ज्यादा देखभाल और रखरखाव की जरूरत नहीं पड़ती है। हॉर्समिंट में गुलाबी और बैंगनी रंग के फूल निकलते हैं और इस पौधे की खुशबू बहुत ही तेज होती है, जो मच्छरों को भगाने में सहायक होती है। अगर इस पौधे को आप अपने गार्डन या बालकनी में लगाते हैं, |
| तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसे दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए अपनाइए एक्सपर्ट्स की बताई ये टिप्स Posted: 03 Dec 2021 12:20 AM PST हिन्दू धर्म के प्राचीन ग्रंथों में तुलसी के पौधे को पवित्र और पूजनीय माना गया है। इसी वजह से हिंदू धर्म के सभी लोग तुलसी का पौधा अपने घर पर अवश्य लगाते हैं। यह पौधा हमारे लिए धार्मिक तथा वैज्ञानिक दोनों ही प्रकार से महत्त्वपूर्ण होता है। आयुर्वेद विज्ञान में भी तुलसी के पौधे को औषधीय गुणों से युक्त बताया है। अतः यह पौधा किसी के लिए धर्म व आस्था का प्रतीक है, किसी के लिए स्वास्थ्यकारी गुणों से युक्त औषधि है, जिससे कई रोगों का विनाश होता है। इसी कारण से अमूमन हर व्यक्ति अपने घर में तुलसी का यह गुणकारी पौधा जरूर लगाता है। परन्तु इस सम्बंध में अक्सर लोगों की यह समस्या रहती है कि ये पौधा शीघ्र ही सूख जाता है। क्यों सूखता है तुलसी का पौधा वैसे तो तुलसी का पौधा (Tulsi Plant) सूखने की बहुत-सी वजह हो सकती हैं। इस मुद्दे पर बांदा के कृषि विज्ञान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट व हेड डॉक्टर आनंद सिंह ने बताया कि सूखे हुए तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा किया जा सकता है। डॉक्टर आनंद सिंह बताते हुए कहते हैं कि कई लोग ऐसा सोचते हैं कि गर्मी के मौसम में लू लगने की वजह से तुलसी का पौधा सूख जाया करता है, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सर्दियों के मौसम में कोल्ड लगने की वजह से तुलसी का पौधा नष्ट हो जाता है। परंतु जब वे लोग देखते हैं कि वर्षा ऋतु में भी उनका तुलसी का पौधा जीवित नहीं रह पाता और खराब हो जाता है तब उनके द्वारा सोची गई सभी धारणाएँ गलत साबित हो जाती हैं। क्योंकि इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। इतना ही नहीं, तुलसी के पौधे की बहुत अधिक देखभाल करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। इसकी वजह यह है कि यह असल में एक ट्रॉपिकल प्लांट है, अतः इस पौधे को कम पानी, कम धूप व कम हवा की जरूरत पड़ती है, उसी में यह अच्छे से वृद्धि कर सकता है। परन्तु फिर भी अगर यह पौधा सूखने लगे तो कुछ आसान तरीकों से आप इसे पुनः हरा-भरा बना सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सूखे हुए तुलसी के पौधे को फिर से नया जीवन देने के कुछ आसान टिप्स… Tulsi Plant Tips नीम की पत्तियों का पावडर दिखाएगा कमाल डॉक्टर आनंद सिंह ने पूरी तरह से सूख चुके तुलसी के पौधे (Tulsi Plant) को फिर से हरा-भरा करने के लिए एक अचूक उपाय बताते हुए कहा कि आपको हर माह नीम की पत्तियों को सुखाकर सिर्फ 2 चम्मच उसका पावडर तुलसी के पौधे में डालना होगा। फिर देखिए इस पौधे में नई-नई पत्तियाँ उगने लगेगी तथा पौधा सूखने से बचेगा। बस ध्यान रहे कि आपको नीम की पत्तियों का पाउडर तुलसी के पौधे की मिट्टी में ठीक प्रकार से मिक्स कर देना है। यह उपाय तुलसी के पौधे के लिए बहुत फायदेमंद रहता है। ऑक्सीजन मिलना भी है जरूरी वर्षा ऋतु में जब तुलसी के पौधे में पानी ज्यादा जमा हो जाता है, तो उसके पत्ते झड़ने लगते हैं, क्योंकि तुलसी के पौधे को आवश्यकता से अधिक नमी मिलना भी उसके लिए हानिकारक होता है। ऐसा होने पर पौधे की जड़ विश्वास नहीं ले सकती है तथा कुछ ही समय में यह पौधा सूखने के स्थिति पैदा हो जाती है। इस परिस्थिति का हल बताते हुए डॉक्टर आनंद सिंह ने एक सरल उपाय सुझाया है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए आप तुलसी के पौधे से 15 सेंटीमीटर की दूरी पर उसकी मिट्टी को 20 सेंटीमीटर तक की गहराई पर खोदिए, अब आपको महसूस होगा कि इसकी मिट्टी में नमी है। जड़ों में नामी दिखाई देने पर उसमें सूखी मिट्टी तथा बालू भरिए। यह उपाय करने से पौधे की जड़ों को फिर से हवा मिलने लगेगी और वह श्वास ले पाएंगी। फंगल इंफेक्शन के लिए ये उपाय है कारगर ऐसा भी हो सकता है कि ज्यादा नमी की वजह से तुलसी के पौधे में फंगल इंफेक्शन हुआ हो, ऐसा है तो इसे ठीक करना भी आवश्यक होता है। इस परेशानी के लिए डॉक्टर आनंद सिंह ने बताया कि मार्केट में आपको नीम की खली का पाउडर सरलता से प्राप्त हो जाएगा। इस पाउडर को नीम सीड पाउडर (Neem Seed Powder) भी कहा जाता है। अगर आप नीम सीड पावडर की 15 ग्राम मात्रा पौधे की मिट्टी में मिला देंगे तो उससे फंगल इंफेक्शन की समस्या खत्म हो जाएगी। यदि आपके पास यह है पाउडर उपलब्ध नहीं भी है तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं, आपको बस इतना करना है कि अपने घर पर ही नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी को ठंडा होने पर एक बोतल में भर लीजिए। फिर हर 15 दिन में एक बार पौधे की मिट्टी को खोदकर उसमें दो चम्मच नीम का यह पानी डाल दीजिए। आपकी यह परेशानी भी दूर हो जाएगी। धुंए और तेल से रखें दूर डॉक्टर आनंद सिंह ने कहा कि ' हम जानते हैं कि तुलसी का पौधा (Tulsi Plant) लोगों की आस्था और धर्म से सम्बंधित है और लोग इसकी पूजा किया करते हैं। आप भी इसकी पूजा अवश्य कीजिए परंतु जय ध्यान रखिए की हर रोज तुलसी की पत्ती मत तोड़िए। इसके अलावा यदि आप पौधे के पास दीपक और अगरबत्ती लगाते हैं तो उन्हें पौधे से दूरी पर रखिए, क्योंकि धुएँ व तेल से भी तुलसी के पौधे को हानि पहुँचती है और वह खराब हो सकता है। हमारे द्वारा आर्टिकल में बताए गए एक्सपर्ट्स के टिप्स को अगर आप आजमाते हैं, तो यकीन मानिए 1 महीने में ही आपके सूखे हुए तुलसी के पौधे (Tulsi Plant) में नई जान आ जाएगी और उसमें पत्तियाँ निकलती हुई दिखेंगी। |
| इशांत शर्मा, अजिंक्य रहाणे और रविंद्र जडेजा दूसरे टेस्ट मैच से हुए बाहर Posted: 03 Dec 2021 12:12 AM PST भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच मुंबई टेस्ट मैच को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के तीन अहम खिलाड़ी इंजरी की वजह से इस मुकाबले से बाहर हो गए हैं। तेज गेंदबाज इशांत शर्मा, उप कप्तान अजिंक्य रहाणे और ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा मुंबई में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मुकाबले से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई की मेडिकल टीम लगातार उनके फिटनेस पर नजर बनाए रखेगी। जडेजा और रहाणे को कानपुर टेस्ट मैच के दौरान लगी थी चोट ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को कानपुर में पहले टेस्ट मैच के दौरान चोट लग गई थी। स्कैन कराने पर पता चला कि उनकी कलाइयों में सूजन है। उन्हें रेस्ट के लिए कहा गया है और इसी वजह से वो मुंबई टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे। वहीं अजिंक्य रहाणे की अगर बात करें तो उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है। कानपुर टेस्ट मैच के आखिरी दिन उन्हें ये चोट लगी थी। वो अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं और इसी वजह से मुंबई टेस्ट मैच से वो भी बाहर हो गए हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला मुंबई में है। दोनों टीमों के बीच कानपुर में खेला गया मुकाबला रोमांचक तरीके से ड्रॉ रहा था और अब दोनों ही टीमें दूसरे मुकाबले में जरूर जीत हासिल करना चाहेंगी। |
| हिमाचल: जलाड़ी गांव में जम्मू पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, नाबालिग लड़की को भगाकर लाने का मामला Posted: 03 Dec 2021 12:09 AM PST हिमाचल प्रदेश: चंबा के जलाड़ी गांव में जम्मू पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, नाबालिग लड़की को भगाकर लाने का मामला जम्मू के डोडा से किसी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर यहां लाया गया है। उसी लड़की को बरामद करने के उद्देश्य से जम्मू पुलिस ने छापामारी की। चंबा के जलाड़ी गांव में गुरुवार रात जम्मू पुलिस और कुछ ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। इस दौरान जम्मू की डोडा पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे हैं। सूत्रों ने बताया कि जम्मू के डोडा से किसी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर यहां लाया गया है। उसी लड़की को बरामद करने के उद्देश्य से जम्मू पुलिस ने छापामारी की। पुलिस अधिकारी मयंक चौधरी ने बताया कि किहार पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। |
| यहां जमीन से निकल रहे हैं दुर्लभ और कीमती सिक्के, खुदाई करने उमड़ी भीड़ Posted: 03 Dec 2021 12:03 AM PST मध्य प्रदेश का एक जिला है पन्ना जो विश्वभर में हीरे उगलने वाली धर्ती के तौर पर जाना जाता है। लेकिन, अब मध्य प्रदेश का एक जिला ऐसा है जिसकी धरती दुर्लभ सिक्के उगल रही है। मामला टीकमगढ़ का है, जहां अबतक 100 से अधिक दुर्लभ सिक्के जमीन से निकल चुके हैं। पुरातत्व विभाग ने इन सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया है और इनका परीक्षण करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, जानकारों की मानें तो ये सिक्के मुगल काल के हैं। जानकारी तो ये भी मिली है कि, खदान पर मजदूरों के अलावा आसपास के लोग भी आकर खुदाई करने लगे हैं, ताकि जमीन से निकलने वाले सिक्के किस्मत से उन्हें मिल जाएं। यहां जमीन से निकल रहे हैं दुर्लभ और कीमती सिक्के, खुदाई करने उमड़ी भीड़ आपको बता दें कि, टीकमगढ़ जिले में एक पत्थर की खदान में काम चल रहा था। खुदाई के दौरान मजदूरों को रेत में दबे एक बर्तन में मुगल काल के कुल 164 सिक्के निकले। इस संबंध में जिला खनन अधिकारी प्रशांत तिवारी ने बताया कि, पत्थर खनन से जुड़े एक निजी ठेकेदार ने उन्हें सिक्कों की जानकारी दी। वो बुधवार को बुंदेलखंड क्षेत्र के जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर नंदनवारा गांव स्थित मौके पर पहुंचे। सिक्कों पर लिखी है उर्दू या फार्सी खनन अधिकारी के अनुसार, कुल 164 सिक्कों में कुल चांदी के 12 और तांबे के बाकी बचे हुए सिक्के शामिल हैं। जिन पर उर्दू या फारसी में नक्काशी की गई है। सिक्के जिले के कोषागार में जमा करा दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि, पुरातत्व विभाग की एक टीम सिक्कों का विश्लेषण कर रही है। सिक्कों के काल का पता लगाने के लिए उन पर लिखी भाषा का अध्ययन किया जा रहा है , तभी सिक्कों के बारे में स्पष्ट रूप से पता लग सकेगा। क्या कहता है इतिहास? खास तौर पर निवाड़ी जिले में ओरछा, जो अपने राम राजा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, नंदनवारा गांव से लगभग 45 किमी दूर स्थित है। निवाड़ी जिले को 2018 में टीकमगढ़ से अलग कर बनाया गया था। इतिहास के अनुसार, 1626 में जुझार सिंह ओरछा का राजा बना और उसने मुगल साम्राज्य के जागीरदार नहीं रहने की कसम खाई। मुगल बादशाह शाहजहाँ से आज़ादी दिलाने के उनके प्रयास ने उनके पतन का मार्ग प्रशस्त किया। औरंगजेब के नेतृत्व में उसपर आक्रमण किया गया और 1635 में इसे जीत लिया, जिससे सिंह को चौरागढ़ से पीछे हटना पड़ा। |
| हिमाचल में नौकरी: 10वीं-12वीं पास को मौका, आवेदन को बचे हैं केवल 5 दिन Posted: 03 Dec 2021 12:00 AM PST हिमाचल प्रदेश में 10वीं व 12वीं पास बेरोजगार बैठे युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा अवसर हाथ लगा है। बता दें कि NIELIT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) ने जूनियर ड्राफ्ट्समैन, डाटा एंट्री ऑपरेटर और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी पोस्ट) पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। सभी इच्छुक पात्र nielit.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इंटरव्यू पास करने वाले पात्रों की नियुक्ति प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में हो सकती है। आवेदन करने की अंतिम दिनांकः 8 दिसंबर 2021 आवेदन शुल्क: एससी/एसटी/महिला उम्मीदवार/भूतपूर्व सैनिक - 150/- रुपये सामान्य और अन्य सभी - रु 300/- कुल पदः 24 जूनियर ड्राफ्ट्समैन - 03 डाटा एंट्री ऑपरेटर - 09 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी - 12 शैक्षणिक योग्यता- जूनियर ड्राफ्ट्समैन - राज्य/केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आईटीआई/संस्थान से ड्राफ्ट्समैन ट्रेड में 2 वर्षीय डिप्लोमा के साथ मैट्रिक। डाटा एंट्री ऑपरेटर - किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से 12 वीं पास और कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक साल का डिप्लोमा। जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी - किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से 12वीं पास और कंप्यूटर एप्लीकेशन / कंप्यूटर साइंस / इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में एक साल का डिप्लोमा जानें कैसे करें भर्ती के लिए अप्लाई- सभी इच्छुक उम्मीदवार Google आवेदन पत्र के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। NIELIT शिमला के वेबसाइट पर जाएं (http://www.nielit.gov.in/shimla) रिक्रूटमेंट टैब पर क्लिक करें। रिक्रूटमेंट टैब के तहत लिंक विज्ञापन, फॉर्म भरने से पहले आवेदन फॉर्म भरने के चरणों को देखें। केवल ऑनलाइन मोड के माध्यम से 500 / - रूपये आवेदन शुल्क रुपए का भुगतान करें। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें और बताये गये चरणों का पालन करें। संबंधित दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म जमा करें। |
| लाखों की नौकरी छोड़ बने किसान, अब “जीरो बजट” खेती कर बचा रहे 12 लाख रुपए Posted: 02 Dec 2021 11:55 PM PST किसानी पेशे की तरफ इन दिनों नौकरीपेशा लोगों का रूझान बढ़ा है। कई ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जिन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़कर खेती-किसानी (Agriculture) की शुरूआत की है। ऐसे लोग पेशेवर अंदाज में खेती करते हैं, जिस वजह से उन्हें मुनाफा भी होता है। आज हम आपको मध्य प्रदेश के एक ऐसे ही किसान की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिन्होंने बैंक की नौकरी को छोड़कर प्राकृतिक तरीके से खेती की शुरूआत की है। मध्य प्रदेश के विदिशा के रहने वाले संकल्प शर्मा पुणे स्थित भारती विद्यापीठ से एमबीए करने के बाद बैंकिंग सेक्टर में नौकरी कर रहे थे। लेकिन, वह अपने नौकरी से खुश नहीं थे और साल 2015 में नौकरी छोड़, उन्होंने खेती (Agriculture) शुरू कर दी। संकल्प ने द बेटर इंडिया को बताया, "करीब 10 वर्षों तक बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करने के बाद, मुझे एहसास हो गया था कि मैं इस सेक्टर में आगे तो बढ़ रहा हूँ, लेकिन काम वही कर रहा हूँ। इसलिए मैंने साल 2015 में नौकरी छोड़ खेती करने का फैसला किया, जिसके प्रति मेरा बचपन से ही लगाव था।" वह आगे बताते हैं, "उस वक्त मेरी सैलरी 1 लाख रुपए थी, इस वजह से नौकरी छोड़ने का मेरा फैसला काफी जोखिम भरा था। मुझे एहसास था कि मैं खेती में पहले दिन से ही लाभ नहीं कमा सकता हूँ, इसलिए मैंने अगले 2 वर्षों के लिए अपने खर्च को काफी सीमित कर लिया।" संकल्प के पास 12 एकड़ पैतृक जमीन है। अपनी नौकरी छोड़ने के बाद, उन्होंने इस पर टमाटर, अदरक, प्याज, लहसुन, मिर्च, उड़द और मक्का आदि की खेती शुरू की। लेकिन, संकल्प ने देखा कि लोगों में शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक खाने को लेकर जागरूकता की कमी है और बाजार में मिलने वाले फल, सब्जी और अनाज में रासायनिक उर्वरकों की वजह से पोषक तत्व गायब हो रहे हैं। इसी से उन्हें प्राकृतिक खेती (Agriculture) का विचार आया। संकल्प कहते हैं, "मैं प्राकृतिक खेती को सीखने के लिए साल 2016 में पद्मश्री सुभाष पालेकर जी से मिला। इस दौरान, उन्होंने मुझे खेती में प्राकृतिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अपने लागत को न्यूनतम करने की जानकारी दी।" बड़े पैमाने पर करते हैं शरबती गेहूँ की खेती संकल्प, फिलहाल अपने 10 एकड़ जमीन पर शरबती गेहूँ की खेती करते हैं। इस गेहूँ की देश में सबसे अधिक माँग है। खास बात यह है कि इस गेहूँ को तैयार करने के लिए बस एक बार सिंचाई करने की जरूरत पड़ती है, वहीं किसी दूसरे किस्म के गेहूँ की 3-4 बार सिंचाई करनी पड़ती है। संकल्प कहते हैं, "मैं शरबती गेहूँ की खेती साल 2016 से कर रहा हूँ। हमारे पास प्रति एकड़ 12-14 क्विंटल शरबती गेहूँ का उत्पादन होता है। बाजार में रसायनिक तरीके से उपजाई गई शरबती गेहूँ की दर 3000-3200 रुपए प्रति क्विंटल है। लेकिन, हम प्राकृतिक तरीके से उपजाते हैं। इस वजह से हमें 5000-6000 का दर आसानी से मिल जाता है।" किस तकनीक के साथ करते हैं खेती संकल्प बताते हैं, "प्राकृतिक खेती के चार स्तंभ हैं – जीवामृत, बीजामृत, मल्चिंग और वापसा। मैं जिस जमीन पर खेती कर रहा हूँ, वहाँ पहले केमिकल फार्मिंग होती थी। ऐसे में, मिट्टी के टेक्सचर को बदलना जरूरी था। इसके लिए मैंने पानी के साथ खूब जीवामृत का इस्तेमाल किया, ताकि खेत की उर्वरक क्षमता बढ़े।" वह आगे बताते हैं, "मैं अपनी खेती (Agriculture) में खाद के तौर पर, सिर्फ गाय के अपशिष्टों का इस्तेमाल करता हूँ। वहीं, कीटनाशकों को नीम, अमरूद और आम की पत्तियों की रस में लहसन, अदरक और मिट्टी मिलाकर बनाता हूँ।" संकल्प ने अपने खेती कार्यों में पद्मश्री चिंताला वेंकट रेड्डी के तकनीक को अपनाने के साथ-साथ खेती के फाइव लेयर तकनीक को भी अपनाया है। उन्होंने कहा, "चिंतला वेंकट रेड्डी के सीवीआर स्वॉयल टेक्निक के तहत मैं अपने खेत के 3-4 फीट अंदर की मिट्टी को निकालता हूँ और 200 लीटर पानी में करीब 30 किलो मिट्टी का घोल बनाता हूँ। यह मिट्टी काफी चिकनी होती है और कुछ पैमाने पर ऊपरी मिट्टी को भी मिलाने के बाद, इसका छिड़काव फसल पर किया जाता है।" वह बताते हैं, "इस प्रक्रिया से फसल में लगे कीट और फंगस खत्म हो जाते हैं और उन्हें बीमारियों से दूर रखने में मदद मिलती है। वहीं, ऊपरी मिट्टी के इस्तेमाल की वजह से फसल को बढ़ने में भी काफी मदद मिलती है, क्योंकि इसमें ह्यूमस होता है, जो एक उर्वरक का काम करता है।" |
| शादी के दिन पड़ोसी युवती को लेकर भाग गया दूल्हा, दुल्हन करती रही इंतजार Posted: 02 Dec 2021 11:49 PM PST झुंझुनूं जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक दूल्हा अपनी शादी के दिन अपने पड़ोस में रहने वाली सहपाठी युवती को लेकर भाग गया। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया है। इधर दूसरे गांव में दूल्हे का इंतजार कर रही दुल्हन ने दूल्हे के खिलाफ बलात्कार व धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। युवती व युवक दोनों एक दूसरे के परिचित पुलिस के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में एक युवक की शादी एक दिसम्बर को तय थी। बारात पड़ोस के गांव में जानी थी। वर व वधू दोनों पक्षों ने तैयारी कर रखी थी। इसी दौरान अचानक दूल्हा गायब हो गया। वह अपने साथ पड़ौस में रहने वाली युवती को भी ले गया। युवती व युवक दोनों एक दूसरे के परिचित हैं। दोनों बारहवीं कक्षा में पढ़ते हैं। दुल्हन ने दर्ज करवाया बलात्कार करने का मामला इधर दूल्हे के नहीं आने पर दुल्हन ने थाने में धोखाधड़ी तथा शादी से पहले बलात्कार करने का मामला दर्ज करवाया है। वहीं दूसरी युवती के परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई है। अब पुलिस ने दूल्हे व युवती को नीमकाथाना से पकड़ लिया है। दोनों एक ही मोटरसाइकिल से गए थे। वहीं दूल्हे की शादी एक दिसम्बर को तय थी, जबकि दूल्हे के बड़े भाई की शादी एक दिन पहले 30 नवम्बर को हुई थी। पुलिस धोखाधड़ी, बलात्कार व गुमशुदगी के मामलों की जांच कर रही है। |
| 12वीं के बाद पढ़ाई छूटी, पिज्जा डिलीवरी का काम कर 200 रुपये की नौकरी से 8.5 करोड़ तक का सफ़र Posted: 02 Dec 2021 01:12 AM PST Noida: हर कोई जिन्दगी में कामयाब होना चाहता है, परंतु हालतों का सामना करने के लिए सही समय पर सही फैसला लेने की काबिलियत हर किसी में नहीं होती और तो और हालतों के अनुसार से जोख़िम उठाने की क्षमता भी हर एक व्यक्ति में नहीं होती। हालांकि जिंदगी में ऐसी हालातों का जो डटकर सामना करते हैं, वही लोग इतिहास के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिख पाते। हमारा आज का लेख एक ऐसे ही कामयाब शख्स को लेकर है, जिन्होंने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने के उद्देश्य से जोख़िम उठाया और आज दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। एक पिज्जा डिलीवरी बॉय (Pizza Delivery Boy) से करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा करने वाले सुनील वशिष्ट की कहानी (Sunil Vashisht Story) अपने आप में अद्वितीय है। दिल्ली के एक आर्थिक स्थिति में बेहद कमजोर परिवार में जन्मे सुनील (Sunil Vashisht) ने किसी तरह अपनी उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र (SSC) की परीक्षा पूरी की। उनके पिता एक यांत्रिक मजदूर (Mechanical Worker) थे और पाँच सदस्यों वाले परिवार में एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति थे। परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति ने सुनील को भरण पोषण करने के लिए नौकरी करने को मजबूर कर दिया। एसएससी के तुरंत बाद उन्होंने प्रति दिन 200 रुपये की कमाई वाले काम शुरू कर दिए। दो वक़्त की रोटी के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे कार्य करना प्रारंभ कर दिये। अंत में, साल 1998 में उन्होंने पिज्जा डिलीवरी बॉय के तौर पर डोमिनोज कंपनी से जुड़ गए। उन्होंने दिल्ली में डोमिनोज पिज्जा के आउटलेट में से एक के साथ लंबे वक़्त तक कार्य किया और उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला कर्मचारी बन गया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन से आउटलेट्स के मालिक बेहद खुश थे, लेकिन वहाँ कार्य करने वाले अन्य लोगों को उनसे ईर्ष्या होती थी। कुछ सालो तक यहाँ कार्य करने के बाद वर्ष 2003 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। दूसरी नौकरी खोजने की बजाय सुनील (Sunil Vashisht) ने अपने बचत के कुछ धनराशि से दिल्ली में सड़क के किनारे एक छोटे सा भोजनालय प्रारंभ कीया। अधिकारियों द्वारा लगातार समस्या उत्पन्न करने की वजह से उनका यह पहला व्यावसायिक प्रयोग असफल रहा। |
| गोलगप्पे बेचकर क्रिकेटर बने यशस्वी जायसवाल को राजस्थान ने 8 करोड़ रुपये में किया रिटेन Posted: 02 Dec 2021 12:07 AM PST आईपीएल- 2022 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस कड़ी में आईपीएल की मौजूदा आठ टीमों ने बीसीसीआई को रिटेन किए गए खिलाड़ियों की सूची दे दी है. राजस्थान रॉयल्स ने भी मंगलवार को अपने साथ बरकरार रखे गए खिलाड़ियों के नाम बता दिए. राजस्थान रॉयल्स ने सिर्फ तीन खिलाड़ियों को रिटेन किया है, जिसमें संजू सैमसन, जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल का नाम शामिल है. इनमें से यशस्वी जायसवाल के रिटेन की ख़बर ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें राजस्थान राॉयल्स की टीम ने 8 करोड़ रुपये में रिटेन किया है. जिसके बाद उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है. दरअसल यशस्वी जायसवाल काफी प्रतिभावान खिलाड़ी माने जाते हैं. इससे पहले आईपीएल- 2020 में राजस्थान ने इन्हें 2.4 करोड़ में खरीदा था. हालांकि उस समय इनका बेस प्राइस सिर्फ 20 लाख रुपये था. अब एक बार फिर से राजस्थान ने यशस्वी पर विश्वास जताया है. यशस्वी जायसवाल ने बेचे थे गोलगप्पे यशस्वी जायसवाल को यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है. यशस्वी कभी पेट भरने के लिए मुंबई में गोलगप्पे बेचते थे. उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरयावां नगर के रहने वाले 20 साल के यशस्वी जायसवाल को बचपन से ही क्रिकेटर बनने का जुनून था. यशस्वी के पिता भूपेंद्र जायसवाल भदोही में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और माँ कंचन जायसवाल गृहणी हैं. 10 साल की उम्र में ही यशस्वी ने अपने पिता से मुंबई जाने के लिए बात की और फिर अपने सपने को पूरा करने के लिए मायानगरी पहुंच गए. उनके पिता ने मुंबई के वर्ली इलाके में रहने वाले एक रिश्तेदार संतोष के यहां यशस्वी को भेज दिया. यशस्वी 5-6 महीना वहीं रहे. वह यहां से आजाद मैदान में प्रैक्टिस करने जाते थे. लेकिन, रिश्तेदार का घर छोटा था. इतनी जगह नहीं थी वहां लंबे समय तक रह पाते. इसके बाद यशस्वी अपना पेट पालने के लिए आजाद मैदान में राम लीला के दौरान पानी-पूरी (गोलगप्पे) और फल बेचते थे.यशस्वी ने एक डेयरी में भी काम किया लेकिन डेयरी वाले ने एक दिन उन्हें निकाल दिया. एक क्लब जायसवाल की मदद के लिए आगे आया, लेकिन शर्त रखी कि अच्छा खेलोगे तभी टेंट में रहने देंगे. टेंट में रहते हुए यशस्वी का काम रोटी बनाने का था. यहीं उन्हें दोपहर और रात का खाना भी मिल जाता था. रुपये कमाने के लिए यशस्वी ने बॉल खोजकर लाने का काम भी किया. कोच ज्वाला सिंह ने यशस्वी के टैलेंट को निखारा आजाद मैदान में होने वाले मैचों में अक्सर बॉल खो जाती हैं. बॉल खोजकर लाने पर भी यशस्वी को कुछ रुपये मिल जाते थे. आजाद मैदान में जब एक दिन यशस्वी खेल रहे थे, तो उन पर कोच ज्वाला सिंह की नजरें पड़ीं. उत्तर प्रदेश के ही रहने वाले ज्वाला सिंह की कोचिंग में यशस्वी के टैलेंट में बहुत निखार आया और वह बेहतर क्रिकेटर बन गए. |
| जिनकी कुंडली में होते हैं ये 4 योग, नौकरी और बिजनेस में मिलती है जबरदस्त सफलता Posted: 01 Dec 2021 11:53 PM PST ज्योतिष में ग्रहों की दशा का खास महत्व है. ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि जीवन में होने वाली घटनाओं का संबंध कुंडली के ग्रहों से है. कुंडली के शुभ ग्रह जहां सुख, समृद्धि और तरक्की में सहायक होते हैं वहीं कुछ अशुभ ग्रह जीवन में कई समस्याएं पैदा करती हैं. इसके अलावा कुंडली में दशा का भी खास महत्व है. जानते हैं कि कुंडली में किन ग्रहों के योग से नौकरी और व्यापार में तरक्की होती है. अमात्य कारक दशा बिजनेस में सफलता के लिए कुंडली का अमात्य कारक दशा महत्व रखती है. इसमें दूसरे भाव को 5वें, 9वें और 10 वें भाव का कारका माना गया है. दूसरे भाव से सगे-संबंधी, पांचवें से धन, शिक्षा और 9वें से भाग्य का पता चलता है. इसके अलावा 10वें भाव से व्यापार का पता चलता है. यदि कुंडली में अमात्य कारक दशा अच्छी है तो व्यापार और नौकरी में तरक्की मिलती है. सूर्य और चंद्रमा अगर कुंडली का सूर्य और चंद्रमा दोनों मजबूत हैं तो ऐसे योग सरकारी नौकरी दिलाने में अहम भूमिका निभाते है. इसके अलावा शुक्र और गुरु ग्रह की भूमिका भी अहम मानी गई है. मंगल और शुक्र कुंडली में मंगल की अच्छी स्थिति भी सरकारी नौकरी का संकेत देता है. मंगल मजबूत होने से सेना या पुलिस विभाग में नौकरी मिलती है. वहीं जब मंगल के साथ शुक्र भी मजबूत स्थिति में है तो व्यक्ति सरकारी नौकरी में अधिकारी बनता है. राजनीति में सफलता दिलाती है ये दशा अगर कुंडली में राहु का संबंध छठे, सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव से है तो व्यक्ति सफल राजनेता बनता है. कुंडली का दसवां भाव से राजनीतिक जीवन के बारे में पता चलता है. राजनीति में सफलता के लिए दसवें भाव में उच्च ग्रह का होना जरूरी है. |
| पेट कम करने का अचूक इलाज 15 दिनों में फर्क देखे Posted: 01 Dec 2021 11:50 PM PST |
| बचकर रहें ये 6 राशि वाले लोग, ग्रहण के बीच बनेगा सूर्य-केतु का खतरनाक योग Posted: 01 Dec 2021 07:49 PM PST सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर, शनिवार को लगने जा रहा है. यह 2021 का आखिरी ग्रहण होगा. भारतीय समय के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2021) सुबह 10.59 से शुरू होगा और दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर खत्म होगा. ज्योतिष के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण ज्येष्ठा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लगेगा. ज्योतिषियों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण बहुत खास है. दरअसल इस सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2021) में सूर्य का केतु के साथ संयोग होगा. इसके अलावा चंद्रमा और बुध भी एक साथ आ रहे हैं. सूर्य-केतु (Surya-Ketu) के साथ आने से दुर्घटनाओं की संभावना बनेगी. ज्योतिषियों के मुताबिक सूर्य-केतु के योग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा. जानते हैं किस राशि वालों को सावधान रहना होगा. ऐसा रहेगा राशियो पर ग्रहण का प्रभाव मेष- मेष राशि वालों को दुर्घटना से बचना होगा. साथ ही सेहत को लेकर भी सावधान रहना होगा. वृषभ- वृषभ राशि वालों को सतर्क रहना होगा. इसके अलावा शादीशुदी जिंदगी को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. मिथुन- इस राशि के जातकों को यह ग्रहण राहत देगा. बाधाएं खत्म होंगी. कर्क- कर्क राशि वालों की मानसिक स्थिति और सेहत बिगड़ सकती है. सिंह- इस राशि वालों की चिंताएं खत्म होंगी. साथ ही किसी बड़े विवाद से छुटकारा मिलेगा. कन्या- कन्या राशि वालों के रुके हुए कार्य पूरे होंगे. साथ ही सेहत अच्छी रहेगी. तुला- तुला राशि वालों को पारिवारिक जीवन में समस्या आएंगी. दुर्घटना की संभावना है. जिससे बचकर रहना होगा. वृश्चिक- किसी कार्य में निर्णय सोच-समझकर लेना होगा. जल्दबाजी में निर्णय लेना नुकसानदायक हो सकता है. धनु- किसी बड़े अपमान का सामना करना पड़ेगा. इसके अलावा दुर्घटना से भी सतर्क रहना होगा. मकर- इस राशि वालों को इस ग्रहण से जीवन में कोई बड़ा परिवर्तन होगा. जिससे लाभ की संभावना प्रबल है. कुंभ- कुंभ राशि वालों को किसी बड़े काम में सफलता मिलेगी. साथ ही अपनों से लाभ आर्थिक की लाभ की भी संभावना है. मीन- वैवाहिक जीवन या इससे जुड़े मामलों पर सावधानी रखनी होगी. इसके साथ ही कोई भी निर्णय सोच समझकर लेना होगा. |
| लेटे-लेटे करें ये 2 योगासन, जिंदगी में कभी खराब नहीं होगी किडनी Posted: 01 Dec 2021 07:46 PM PST किडनी की बीमारी के कारण हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है. क्योंकि, किडनी एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खून साफ करने और शरीर से जहरीले पदार्थ निकालने का काम करती है. डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी की बीमारी का खतरा बन जाता है. लेकिन योगा की मदद से हमेशा किडनी को हेल्दी रखा जा सकता है. कमाल की बात ये है कि ये योगासन आपको लेटकर करने हैं. आइए किडनी के लिए फायदेमंद योगासनों के बारे में जानते हैं. Yoga for kidney health: किडनी को मजबूत बनाने के लिए योगासन ये योगासन शरीर को रिलैक्स करते हैं और पेट के अंदरुनी अंगों पर प्रभाव डालकर मजबूत बनाते हैं. इससे किडनी रिलैक्स और एनर्जेटिक फील करती है और अपना कार्य बेहतर तरीके से कर पाती है. 1. भुजंगासन - Cobra Pose भुजंगासन एक आसान योगासन है, जिसे लेटकर किया जाता है. यह पेट के अंगों को सक्रिय बनाता है और उनसे स्ट्रेस व थकान मिटाता है. भुजंगासन आपकी इम्युनिटी बढ़ाने में भी मददगार है. भुजंगासन करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल सीधा लेट जाएं. अपने पैरों की उंगलियां पीछे की तरफ रख लें. अब दोनों हथेलियों को कंधों के नीचे जमीन पर टिकाएं. अब गर्दन को पीछे की तरफ रखते हुए शरीर को पेट से उठाएं. कुछ देर इसी अवस्था में सांस लें. सलंब भुजंगासन - Sphinx Pose सलंब भुजंगासन भी काफी हद तक भुजंगासन की तरह है. यह भी किडनी जैसे पेट के अंदरुनी अंगों को मजबूती प्रदान करता है और शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है. सलंब भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं. अब भुजंगासन की तरह पैर को पीछे की तरफ रिलैक्स कर लें. अब आपको दोनों हथेलियों को कंधों के आगे की तरफ जमीन पर रखना है और कोहनियों को भी जमीन पर टिकाए रहना है. इसके बाद जितना हो सके, शरीर को पीछे की तरफ उठाने की कोशिश करें. कुछ देर इसी स्थिति में गहरी सांस लेते रहें. |
| रोज एक मुट्ठी खाएं भुने हुए चने, ये बीमारियां रहेंगी दूर, देखिए फायदे Posted: 01 Dec 2021 07:44 PM PST सर्दियों में लोग भुनी हुई मूंगफली और भुट्टा खाने का मजा उठाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इनके अलावा भुने चने भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। खासतौर पर इसे डायबिटीज कंट्रोल रहने से शुगर के मरीजों को खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही लो-फैट होने से इसके सेवन से एनर्जी लेवल बूस्ट होने के साथ वजन कंट्रोल रहने में भी मदद मिलती है। तो चलिए जानते हैं इसे खाने से मिलने वाले फायदों के बारे में.. डायबिटीज में फायदेमंद इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम मात्रा में होती है। ऐसे में भुने चने शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को सोख कर डायबिटीज को कंट्रोल रखने में फायदेमंद होते हैं। इसलिए डाय़बिटीज के मरीजों को इसे अपनी डेली डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल इसके सेवन से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रण रहने में मदद मिलती है। यह शरीर में खून का संचार बेहतर करने में मदद करता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहने के साथ दिल से जुड़ी परेशानियों के बचाव रहता है। एनर्जी दिलाए भुने चनों प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर आदि पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में रोजाना 2 मुट्ठी भुने चने खाने से सुस्ती दूर होकर एनर्जी बूस्ट होती है। साथ ही थकान व कमजोरी से छुटकारा मिलने के साथ दिनभर एनर्जेटिक महसूस होता है। साथ ही इससे शरीर में गर्माहट का अहसास होता है। खून बढ़ाए इसमें आयरन होने से खून की मात्रा बढ़ने में मदद मिलती है। ऐसे में एनिमिया के मरीजों को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। वजन घटाए भुने चनों में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। इसे खाने से शरीर को सिर्फ 46-50 कैलोरी मिलती है। साथ ही इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। ऐसे में ओवर इटिंग की परेशानी से राहत मिलती है। आप इसे स्नैक्स के तौर पर खा सकते हैं। कब्ज से छुटकारा आजकल गलत खानपान के चलते लोगों को कब्ज की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भुने चनों का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इससे कब्ज की परेशानी कम होने के साथ पाचन तंत्र में सुधार आता है। ऐसे में पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत मिलती है। कमर दर्द से आराम सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा मगर भुने चने खाने कमर दर्द की समस्या से आराम मिलता है। इसमें सही मात्रा में प्रोटीन होने से कमर दर्द से राहत मिलने के साथ कमजोरी दूर होने में मदद मिलती है। |
| 2022 में अपने घर का सपना होगा पूरा, इन 7 राशि वालों को मिलने वाला है ढेर सारा पैसा Posted: 01 Dec 2021 07:39 PM PST मेष राशि के जातकों को इस साल अपनी गाड़ी खरीदने का प्रबल योग बन रहा है. इसके अलावा ये जातक जमीन-घर भी खरीद सकते हैं, जो कि इनके लिए बेहद शुभ साबित होगी. जिन लोगों का संपत्ति विवाद चल रहा है, यह साल उनके हक में फैसला कराएगा. वृषभ (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए तो यह साल अपार समृद्धि बरसाने वाला रहेगा. उन्हें घर-गाड़ी, संपत्ति के अलावा कीमती ज्वेलरी भी मिलेगी. उनके घर में शुभ कार्य हो सकते हैं और यह उनके जीवन के लिए बेहद शुभ साबित होंगे. कुल मिलाकर भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए मामले यह साल बहुत अच्छा रहेगा. मिथुन (Gemini) मिथुन राशि के जातकों को भी अप्रैल के बाद ज्वेलरी, घर-गाड़ी खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं. उन्हें भी यह लग्जरी लाइफ का आनंद लेने का मौका देगा. कर्क (Cancer) कर्क राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति इस साल खासी मजबूत रहेगी. वे नया घर और गाड़ी खरीद सकते हैं. शुभ कामों में भी खर्चा करेंगे. इसके अलावा निवेश भी कर सकते हैं. तुला (Libra) तुला राशि के जातक नई गाड़ी खरीद सकते हैं या गाड़ी बदलना चाहते हैं तो वह काम भी इस साल पूरा होगा. विरासत में धन-संपत्ति मिल सकती है. हालांकि ऐसी कोई भी सौदेबाजी न करें, जिसमें विवाद हो. वृश्चिक (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों को नया साल जमकर धन-संपत्ति दिलाएगा. वे लग्जरी घर-गाड़ी खरीद सकते हैं. यूं कह सकते हैं कि उन्हें कोई डील सस्ते में भी मिल सकती है. जमीन में भी निवेश कर सकते हैं. धनु (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को पैतृक संपत्ति से लाभ होने के प्रबल योग हैं. इसके अलावा कुछ जातक अपना घर और गाड़ी खरीदने में सफल रहेंगे. ये सुख-सुविधाएं पाने के योग पूरे साल रहेंगे. |
| हिमाचल: पालमपुर में शुरू हुई गदर-2 की शूटिंग, इस गांव में हुआ फिल्म का पहला शूट Posted: 01 Dec 2021 07:33 PM PST बॉलीवुड अभिनेता सनि देओल की आने वाली फिल्म गदर 2 की शूटिंग हिमाचल के कांगड़ा जिला में शुरू हो गई है। बुधवार को पालमपुर नगरी के गांव कालूंड में फिल्म का पहला शूट फिल्माया गया। इसके बाद नगरी, धर्मशाला और योल में भी फिल्म की शूटिंग की गई। फिल्म का पहला दृश्य सनी देओल पर फिल्माया गया है। इस शॉट में सनी देओल फलों से भरी एक पेटी, सफेद पगड़ी और लाल कुर्ता पहने दिखाई दे रहे हैं। फिल्म के मुहूर्त का शॉट सहित कुछ फोटो को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है। गदर 2 की ऑफिशियल अनाउंसमेंट के बाद अमीषा पटेल ने अपनी फिल्म के मुहूर्त से एक तसवीर शेयर की हैं। तसवीरों में अमीषा जहां मस्टर्ड येलो कलर के सलवार-सूट और सिर पर दुपट्टा ढके हुए नजर आ रही हैं, वहीं सनी देओल मैरून कुर्ता, सफेद पायजामा और पगड़ी में दिख रहे हैं। अमीषा पटेल ने अपनी पोस्ट को कैप्शन दिया, "गदर 2 मुहूर्त शॉट, जनरल सुरेंदर सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे।" वहीं, फिल्म के शूटिंग इंचार्ज ने बताया कि पालमपुर और धर्मशाला के खूबसूरत स्थानों पर दृश्य फिल्माए जाएंगे। फिल्म की शूटिंग के लिए फिलहाल सनी और अमिषा पालमुपर पहुंचे हैं। जैसे-जैसे फिल्म की शूटिंग आगे बढ़ती जाएगी, दृश्य की मांग के हिसाब से अन्य कलाकार पालमपुर और धर्मशाला पहुंचेंगे। कोरोना के चलते कोविड निशा-निर्देशों की पालना के सख्त इंतजाम किए हैं। |
| दिसंबर के पहले दिन ही महंगाई का झटका, गैस सिलेंडर 100 रुपये हुआ महंगा Posted: 01 Dec 2021 07:28 PM PST दिसंबर महीने के पहले दिन ही आम आदमी को महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 दिसंबर से एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की है। देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 103.50 रुपये प्रति सिलेंडर तक की वृध्दि की है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किग्रा कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम आज से 100.50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा है। लिहाजा यहां अब कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2101 रुपये हो गई है। हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि घरेलू इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर के महंगा होने से रेस्टोरेंट मालिकों पर बोझ बढ़ता है और वे इसका प्रभाव ग्राहकों पर डालते हैं। यानी रेस्टोरेंट का खाना-पीना महंगा हो सकता है। लोगों को उम्मीद थी कि उत्तरप्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार कुछ राहत देगी, मगर कंपनियों ने उलटा दाम बढ़ाकर झटका दे दिया। |
| फिर से सस्ता हुआ खाने का तेल, जानिए क्या हो गई है नई कीमत Posted: 01 Dec 2021 07:26 PM PST Edible Oil Price: विदेशों में गिरावट के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में मंगलवार को सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन जैसे तेल- तिलहनों के भाव नरमी का रुख रहा। सामान्य कारोबार के बीच कुछ तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.90 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकागो एक्सचेंज में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट थी। विदेशों की मंदी से स्थानीय तेल तिलहनों के भाव भी नरम हो गये और हानि दर्शाते बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि शिकागो एक्सचेंज में गिरावट के कारण सोयाबीन तेल तिलहनों के भाव दबाव में आ गये जिससे इनकी कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट आने से सीपीओ और पाामोलीन के भाव भी नरमी के साथ बंद हुए। गिरावट के आम रुख के बीच सरसों और मूंगफली तेल तिलहन तथा बिनौला तेल के भाव हानि के साथ बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि सरसों के थोक भाव के हिसाब से, खुदरा मंडियों या 'शॉपिंग मॉल' में सरसों का दाम 175-180 रुपये प्रति लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये और यदि इससे अधिक दाम वसूले जा रहे हैं तो कहीं कुछ गड़बड़ है। सलोनी शम्साबाद में सरसों का भाव 8,800 रुपये से घटाकर 8,650 रुपये क्विन्टल कर दिया गया जिससे बाकी जगह भी सरसों के भाव दबाव में आ गये। बाकी तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे। बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल) सरसों तिलहन - 8,570 - 8,600 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये। मूंगफली - 5,750 - 5,835 रुपये। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,600 रुपये। मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,855 - 1,980 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 17,000 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 2,640 -2,665 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,720 - 2,830 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,700 - 18,200 रुपये। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,850 रुपये। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,500 रुपये। सीपीओ एक्स-कांडला- 11,050 रुपये। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,800 रुपये। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,600 रुपये। पामोलिन एक्स- कांडला- 11,500 (बिना जीएसटी के)। सोयाबीन दाना 6,100 - 6,200, सोयाबीन लूज 6,100 - 6,150 रुपये। मक्का खल (सरिस्का) 3,825 रुपये। |
| सभी कंपनियों के प्री-पेड प्लान हुए महंगे, अब किसका प्लान है सबसे सस्ता Posted: 01 Dec 2021 07:12 PM PST पिछले सप्ताह एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने अपने प्री-पेड प्लान महंगे किए हैं। उसके बाद जियो के प्लान की कीमतों के बढ़ने का इंतजार हो रहा था जो कि अब खत्म हो गया है। रिलायंस जियो ने भी अब अपने प्री-पेड प्लान की कीमतों में 20 फीसदी का इजाफा कर दिया है जिसके बाद जियो का सबसे सस्ता प्लान अब 91 रुपये का हो गया है जिसकी कीमत पहले 75 रुपये थी। Jio के 91 रुपये वाले प्लान में ग्राहकों को 28 दिनों की वैधता के साथ कुल 3 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 50 SMS की सुविधा मिलेगी। बता दें कि एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के सबसे सस्ते प्लान की कीमत 99 रुपये हुई है। जियो के नए प्लान 1 दिसंबर से लागू हो गए हैं। नए प्लान को जियो की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है। Jio Vs Airtel Vs vi: 28 दिन वाले प्लान जियो के प्लान जियो का 129 रुपये वाला प्लान 1 दिसंबर से 155 रुपये का हो जाएगा। इसमें कुल 2 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 300 मैसेज मिलेंगे। जियो के 199 रुपये वाले प्लान की कीमत अब 239 रुपये हो गई है। इसमें रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज की सुविधा है। 249 रुपये वाले प्लान के लिए अब 299 रुपये खर्च करने होंगे। इस प्लान में रोज 2 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज मिलेंगे। वोडाफोन आइडिया के प्लान एयरटेल के प्लान एयरटेल का 149 रुपये वाला प्लान अब 179 रुपये का हो गया है। इस प्लान में 28 दिनों की वैधता के साथ कुल जीबी डाटा, रोज 100 एसएमएस और सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग मिलेगी। एयरटेल ने 219 रुपये वाले प्लान की कीमत अब 265 रुपये कर दी है। इसमें हर रोज 100एसएमएस के साथ रोज 1 जीबी डाटा और अनलिमिटेड कॉलिंग मिलेगी। इसकी वैधता 28 दिनों की है। जिस प्लान की कीमत पहले 249 रुपये थी उसकी कीमत अब 299 रुपये हो गई है। इस प्लान की वैधता भी 28 दिनों की है। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ रोज 100एसएमएस और रोज 1.5 जीबी डाटा मिलेगा। 298 रुपये की जगह अब आपको 359 रुपये चुकाने होंगे। इसमें आपको अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ हर रोज 2 जीबी डाटा और 100एसएमएस रोज मिलेंगे। इसकी वैधता 28 दिनों की है। Jio Vs Airtel Vs vi: 56 दिन वाले प्लान जियो के प्लान जियो का 399 रुपये वाला 56 दिनों का प्लान 1 दिसंबर से 479 रुपये का हो जाएगा। इसमें रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 मैसेज मिलेंगे। जियो के 444 रुपये वाले प्लान की कीमत अब 533 रुपये हो गई है। इसमें रोज 2 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज की सुविधा है। एयरटेल के प्लान 56 दिनों की वैधता के साथ आने वाला 399 रुपये का प्लान अब 479 रुपये का हो गया है। इसमें हर रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100एसएमएस मिलेंगे। इस इजाफे के बाद 56 दिनों की वैधता के साथ आने वाला 449 रुपये वाला प्लान अब 549 रुपये का हो गया है। इसमें हर रोज 2 जीबी डाटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और 100एसएमएस की सुविधा है।वोडाफोन आइडिया के प्लान 56 दिनों की वैधता के साथ आने वाला वोडाफोन आइडिया का 399 रुपये का प्लान अब 479 रुपये का हो गया है। इसमें ग्राहकों को हर रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100एसएमएस मिलेंगे। इस इजाफे के बाद 56 दिनों की वैधता के साथ आने वाला 449 रुपये वाला प्लान अब 539 रुपये का हो गया है। इसमें हर रोज 2 जीबी डाटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और 100एसएमएस की सुविधा है। एयरटेल के 449 रुपये वाले प्लान की कीमत 549 रुपये हो गई है। Jio Vs Airtel Vs vi: 84 दिन वाले प्लान जियो के प्लान जियो का 329 रुपये का 84 दिनों वाला प्लान अब 395 रुपये का हो गया है। इसमें कुल 6 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 1000 मैसेज मिलेंगे। 555 रुपये का प्लान अब 666 रुपये का हो गया है। इसमें 84 दिनों तक रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज मिलेंगे। जियो का 599 रुपये वाला 84 दिनों का प्लान अब 719 रुपये का हो गया है। इसमें रोज 2 जीबी डाटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज मिलेंगे। एयरटेल के प्लान 84 दिनों की वैधता के साथ आने वाला कंपनी का 379 रुपये वाला प्लान अब 455 रुपये का हो गया है। इसमें कुल 6 जीबी डाटा, रोज 100एसएमएस और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा है। 598 रुपये वाला प्लान अब 719 रुपये का हो गया है। इसमें रोज 1.5 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज मिलेंगे। 698 रुपये वाला प्लान अब 839 रुपये का हो गया है। इसमें रोज 2 जीबी डाटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 मैसेज मिलेंगे। वोडाफोन आइडिया के प्लान 84 दिनों की वैधता के साथ आने वाला कंपनी का 379 रुपये वाला प्लान अब 459 रुपये का हो गया है। इसमें कुल 6 जीबी डाटा, रोज 100एसएमएस और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा है। वोडाफोन का 599 रुपये वाला प्री-पेड प्लान अब 719 रुपये का हो गया है। इसमें 84 दिनों की वैधता के साथ इसमें रोज 1.5 जीबी डाटा, रोज 100एसएमएस और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा है। वोडाफोन आइडिया का 699 रुपये वाला प्री-पेड प्लान अब 839 रुपये का हो गया है। इसमें 84 दिनों की वैधता के साथ इसमें रोज 2 जीबी डाटा, रोज 100एसएमएस और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा है। |
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