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- 1600 kmph घूमती पृथ्वी के अंदर सैटेलाइट फोटो कैसे खींच लेता है- GK in Hindi
- MP TET VARG 3 प्रश्न उत्तर- प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा पर आधारित पार्ट 1 एंड 2
- MPPSC SYLLABUS 2021- एमपी लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम
- MP KISAN NEWS- बलराम तालाब के लिए आवेदन आमंत्रित
- मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना का शीघ्र क्रियान्वयन हो: कर्मचारी संघ - MP karmchari news
- SC-ST वर्ग के व्यक्ति को गाँव या घर से निकालने के लिए मजबूर करना कितना गंभीर अपराध है जानिए - SC-ST Act,1989
- BHOPAL NEWS- वन विहार में टॉय ट्रेन शुरू, पढ़िए टाइमिंग और किराया
- MP OPEN UNIVERSITY- अतिथि शिक्षकों की भर्ती - MP government jobs
- INDORE का नाम इंदौर कैसे पड़ा, पढ़िए भारत के सबसे स्वच्छ शहर का इतिहास
- नए कानून के डर से मध्यप्रदेश में ताबड़तोड़ निकाह, 1000 से सीधे 7000 पर पहुंचा आंकड़ा- MP NEWS
- सरकारी वकीलों की नियुक्ति में आरक्षण क्यों नहीं: हाईकोर्ट ने पूछा- MP HC NEWS
- मध्यप्रदेश में चारों तरफ से बादल आए हैं, ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी- MP WEATHER FORECAST
- मध्यप्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए गाइडलाइन जारी- MP NEWS
- GWALIOR NEWS- पुलिस जिसे गर्लफ्रेंड समझ रही थी, ब्लैकमेलर निकली
- लो जी, पर्यटक स्थल जनकताल को बेचने वाला था नटवरलाल, कलेक्टर को पता चल गया- GWALIOR NEWS
- MP NEWS- जनपद सीईओ का वीडियो वायरल, कमिश्नर ने सस्पेंड किया
- कमलनाथ को छोड़, दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों पर FIR दर्ज - MP NEWS
- MANIT BHOPAL JOBS- जूनियर रिसर्च फेलो के लिए आवेदन आमंत्रित
- BHOPAL JOBS- सुजुकी मोटर्स में नौकरियां, वॉक इन इंटरव्यू 24 जनवरी
| 1600 kmph घूमती पृथ्वी के अंदर सैटेलाइट फोटो कैसे खींच लेता है- GK in Hindi Posted: 22 Jan 2022 12:56 PM PST यह तो सभी जानते हैं कि सैटेलाइट पृथ्वी के हर हिस्से की जासूसी कर रहे हैं। पृथ्वी पर कोई भी हलचल होती है, सेटेलाइट उसके फोटो कैप्चर कर लेता है। सवाल यह है कि अपनी दूरी पर 1600 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से घूम रही पृथ्वी के अंदर का फोटो कोई सेटेलाइट कैसे कैप्चर कर लेता है जबकि वह 3678 किलोमीटर दूर होते हैं। 1 दिन में 24 घंटे क्यों होते हैं, 20 या 25 क्यों नहीं होतेयह बिल्कुल सही है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर 1600 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से घूम रही है और 24 घंटे में एक रोटेशन पूरा कर लेती है। इसी के आधार पर 1 दिन का निर्धारण किया गया है। इसीलिए 1 दिन में 24 घंटे होते हैं। यह बात भी बिल्कुल सही है कि सेटेलाइट की पृथ्वी से दूरी 3678 किलोमीटर है और यह काफी अधिक है। ऐसी स्थिति में जबकि सब्जेक्ट बहुत तेजी से मूव कर रहा हो तब उसका स्थिर फोटो खींचना काफी मुश्किल काम है और यह तब और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है जब कैमरा 3678 किलोमीटर दूर हो। Cartosat-3 सैटेलाइट आपके घर की नेम प्लेट को कैप्चर कर सकता हैक्रिकेट मैच के दौरान जिन कमरों का उपयोग किया जाता है उनके लेंस इतने दमदार होते हैं कि वह हवा में उड़ती हुई बॉल को बड़ी आसानी से कैप्चर कर लेते हैं लेकिन सेटेलाइट के मामले में यह कैमरे काम नहीं करते। सेटेलाइट का कैमरा और अधिक हाईटेक होता है। नवंबर 2019 में भारत ने Cartosat-3 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित किया। इसके कैमरे इतने अधिक दमदार हैं कि सड़क पर खड़ी आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को बिल्कुल क्लियर कैप्चर कर सकते हैं। सब्जेक्ट और कैमरा दोनों सामान्य स्पीड से दौड़ते हैंलेकिन इतना पावरफुल कैमरा होने के बावजूद फोटो कैप्चर करना बहुत मुश्किल है, यदि सब्जेक्ट 1600 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ रहा हो, परंतु यहां नोट करने वाली बात यह है कि अंतरिक्ष में सैटेलाइट भी पृथ्वी के साथ घूम रहा होता है। वह एक जगह पर स्थिर नहीं होता। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे सामान्य स्पीड से 2 कार सड़क पर दौड़ रही हैं। एक कार में कैमरामैन है और वह बड़ी आसानी से दूसरी कार के ड्राइवर का फोटो खींच सकता है क्योंकि कैमरा और सब्जेक्ट दोनों समान गति से दौड़ रहे हैं। यानी दोनों के बीच किसी भी प्रकार का गति अवरोध नहीं है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi, general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) |
| MP TET VARG 3 प्रश्न उत्तर- प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा पर आधारित पार्ट 1 एंड 2 Posted: 22 Jan 2022 11:40 AM PST Question answers based on Concept of Progressive EducationQ1. प्रगतिशील शिक्षा के जनक कौन है- Who is the father of progressive education? Ans- जॉन डीवी(John Dewey) Q2. फ्रेडरिक फ्रोबेल ने किंडरगार्टन स्कूल कहां पर खोलें- Where did Frederick Frobel open kindergarten School? Ans- जर्मनी (Jermany) Q3. मारिया मांटेसरी ने बच्चे के ब्रेन की तुलना किससे की- According to Maria Montessori child's brain is like ? Ans- स्पंज (Sponge) Q4. प्राचीन समय में बच्चे के दिमाग को क्या माना जाता था- In earlier times the child's mind was considered as? Ans- खाली स्लेट या खाली बर्तन (Tabula rasa or Empty Vessel) Q5.मोंटेसरी शिक्षा पद्धति किस बात पर जोर देती है-Montessori education system emphasize on? Ans- सीखने की प्रक्रिया(Learning Method) Q6. मानवतावादी शिक्षा किस बात पर जोर देती है-Humanistic education emphasize on? Ans- सामाजिक अंतर क्रिया के माध्यम से सीखने पर(learning through social interaction) Q7. संरचना वादी शिक्षा किस पर आधारित होती है-Structurestic education is based on? Ans- सृजनात्मकता(Creativity) Q8. प्रगतिशील शिक्षा में किस प्रकार की शिक्षण विधि पर अधिक जोर दिया जाता है- Progress Education emphasize on which teaching Method? Ans-व्यवहारिक शिक्षा(Practical Teaching) Q9. सार्वभौमीकरण का क्या अर्थ है- What is the meaning of Globalisation? Ans-सबके लिए उपलब्ध कराना(Making available to all) Q10.निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा किसके लिए है-Free and Compulsary Education is for? Ans-कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए(For children of class 1st to 8th) Q11. सर्व शिक्षा अभियान का नारा क्या है- What is the slogan of Sarva Shiksha Abhiyaan? Ans-सब पढ़े सब बढ़े(Sab padhen sab Badhen) Q12. मध्यान्ह भोजन योजना की शुरुआत भारत के कौन से राज्य से हुई- Midday meal scheme is initiated from which state in India? Ans- तमिलनाडू(Tamilnadu) Q13 मध्यान्ह भोजन योजना की शुरुआत क्यों की गई- Why Mid day Meal scheme is started? Ans-बच्चे स्कूल ना छोड़े(To decrease Drop out of School) Q14. ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड की स्थापना क्यों की गई-Why did Operation Blackboard Established? Ans-प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण के लिए( To Globalise the primary education) Q15. मध्यान भोजन वर्ष में कम से कम कितने दिन उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है-Mid day meal is necessary for minimum how many days in a year? Ans-200 दिन (200 days) मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें. |
| MPPSC SYLLABUS 2021- एमपी लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम Posted: 22 Jan 2022 11:31 AM PST मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा -2021 (MP Public Service Commission State Service Preliminary Examination- 2021) के परीक्षा फॉर्म दिनाँक 10 जनवरी 2022 से 9 फरवरी 2022 तक भरे जाना है। इसकी प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 24 अप्रैल 2022 को प्रस्तावित है। राज्यसेवा परीक्षा के तीन क्रमिक चरण होंगे जिसमें1) पहला चरण राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा(वस्तुनिष्ठ प्रश्न ओएमआर शीट आधारित होंगे) 2) राज्यसेवा मुख्य परीक्षा (लिखित वर्णनात्मक) 3) साक्षात्कार (Interview) राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का पहला चरण केवल छानबीन परीक्षण या एलिजिबिलिटी टेस्ट के रूप में ली जाती है। इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु योग्य घोषित किया जाता है। अंतिम चयन सूची केवल मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्मित की जाती है। आज हम राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सिलेबस के बारे में जानकारी देंगे। प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार / बहुविकल्पीय प्रश्न के दो प्रश्न पत्र होंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र के लिए 2 घंटे और 200 अंक निर्धारित हैं। प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन विषय के 200 अंक और 2 घंटे तथा द्वितीय प्रश्न पत्र सामान्य अभिरुचि परीक्षण के लिए भी 2 घंटे और 200 अंक निर्धारित हैं। मध्य प्रदेश राज्यसेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2021 का पाठ्यक्रमप्रथम प्रश्न पत्र -सामान्य अध्ययन सामान्य अध्ययन सामान्य अध्ययन में कुल 10 टॉपिक निर्धारित हैं। जिनमें सबसे पहले 1.मध्य प्रदेश का इतिहास ,संस्कृति एवं साहित्य मध्य प्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं, प्रमुख राजवंश, स्वतंत्रता आंदोलन में मध्यप्रदेश का योगदान, मध्यप्रदेश की प्रमुख कला एवं स्थापत्य कला, मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातियां एवं बोलियां, प्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएं एवं लोक साहित्य,मध्य प्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियां, मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल, मध्य प्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व पर आधारित प्रश्न होंगे। 2. भारत का इतिहास प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं ,घटनाएं एवं उनकी प्रशासनिक सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएं, 19वी एवं बीसवीं शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन स्वतंत्रता के पश्चात भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन पर आधारित प्रश्न होंगे। 3. मध्य प्रदेश का भूगोल मध्यप्रदेश के वन वन ,वनोपज ,वन्यजीव,नदियां, पर्वत एवं पर्वत श्रृंखलाएं ,मध्य प्रदेश की जलवायु ,मध्यप्रदेश के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधन, मध्य प्रदेश में परिवहन, मध्य प्रदेश की प्रमुख सिंचाई एवं एवं एवं की प्रमुख सिंचाई एवं एवं एवं विद्युत परियोजनाएं, मध्यप्रदेश में कृषि ,पशुपालन एवं कृषि आधारित उद्योग। 4. भारत एवं विश्व का भूगोल भौतिक भूगोल- भौतिक विशेषताएं और प्राकृतिक प्रदेश, प्राकृतिक संसाधन- वन ,खनिज संपदा ,जल, कृषि, वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान/अभ्यारण/ सफारी। सामाजिक भूगोल- जनसंख्या संबंधी / जनांकिकी (जनसंख्या वृद्धि, आयु, लिंगानुपात, साक्षरता एवं आर्थिक गतिविधियां) आर्थिक भूगोल -प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधन (उद्योग, यातायात के साधन) विश्व के महाद्वीप/ देश /महासागर/ नदियां/ पर्वत विश्व के प्राकृतिक संसाधन परंपरागत एवं गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत 5.राज्य की संवैधानिक व्यवस्था, राज्य की अर्थव्यवस्था मध्य प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था( राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च न्यायालय) मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था। राज्य की अर्थव्यवस्था -मध्य प्रदेश की जनांनिकी एवं जनगणना ,मध्यप्रदेश का आर्थिक विकास, मध्य प्रदेश के प्रमुख उद्योग ,मध्य प्रदेश की जातियां, अनुसूचित जातियाँ एवं जनजातियों तथा राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं। 6. भारत का संविधान ,शासन प्रणाली एवं अर्थव्यवस्था भारत शासन अधिनियम 1919 एवं 1935, संविधान सभा संघीय कार्यपालिका ,राष्ट्रपति एवं संसद नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत संवैधानिक संशोधन सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और विदेशी व्यापार ,आयात एवं निर्यात वित्तीय संस्थाएं -रिजर्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, SEBI/NSE/गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान 7. विज्ञान एवं पर्यावरण विज्ञान के मौलिक सिद्धांत ,भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियां, उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं जैव विविधता, पारिस्थितिकीय तंत्र, पोषण, आहार एवं पोषक तत्व, मानव शरीर संरचना, कृषि उत्पाद तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य नीति एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रदूषण, प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन 8. अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं महत्वपूर्ण व्यक्तित्व एवं स्थान महत्वपूर्ण घटनाएं, भारत एवं मध्य प्रदेश की प्रमुख खेल संस्थाएं एवं खेल प्रतियोगिताएं एवं पुरस्कार 9. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रोनिकी,सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर सिक्योरिटी, ई- गवर्नेंस, इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग साइट्स,ई-कॉमर्स 10. राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/ सांविधिक संस्थाएं भारत निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग,मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग,नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, नीति आयोग, मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग,बाल संरक्षण आयोग,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, सूचना आयोग,सतर्कता आयोग, राष्ट्रीय हरित अधिकरण, खाद्य संरक्षण आयोग इत्यादि। राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा द्वितीय प्रश्न पत्र- सामान्य अभिरुचि परीक्षण 1.बोधगम्यता 2.संचार कौशल सहित अंतर -वैयक्तिक कौशल 3.तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता 4.निर्णय लेना एवं समस्या समाधान 5.सामान्य मानसिक योग्यता 6.आधारभूत संख्ययन एवं उनके संबंध विस्तार क्रम आदि दसवीं कक्षा का स्तर )आंकड़ों का निर्वचन(चार्ट, ग्राफ तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि दसवीं कक्षा का स्तर) 7.हिंदी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर) नोट -दसवीं कक्षा के स्तर के हिंदी भाषा के बोधगम्यता कौशल से संबंधित प्रश्नों का परीक्षण प्रश्न पत्र में केवल हिंदी भाषा के उद्धरणों के माध्यम से अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध कराए बिना किया जाएगा। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें |
| MP KISAN NEWS- बलराम तालाब के लिए आवेदन आमंत्रित Posted: 22 Jan 2022 11:12 AM PST इंदौर। ऐसे किसान जिन्होंने कृषि विभाग या उद्यान विभाग से वर्ष 2017 से अभी तक स्प्रिंकलर सेट अनुदान का लाभ लिया गया है। वह कृषक बलराम तालाब अनुदान के लिये पात्र है। ऐसे कृषक अपने खेत में बलराम तालाब अनुदान पर बनवाकर सिंचाई कर सकते हैं। इसके लिए जिले के विकासखण्ड वार लक्ष्य निर्धारित कर संबंधित कृषकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उप संचालक कृषि एस.एस. राजपूत ने बताया कि ऐसे कृषकों जिन्होंने एमपी कृषि डीबीटी पोर्टल https://dbt.mpdage.org/ पर पंजीयन कराया है, वह कृषक अपने विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी स्वीकृति की कार्यवाही की जा सके। एमपी कृषि डीबीटी पोर्टल अभी खुला है, जो कृषक बलराम तालाब हेतु पंजीयन कराना चाहते हैं वह पंजीयन करा सकते हैं। पहले आएं पहले पाएं के आधार पर लक्ष्यानुसार स्वीकृति प्रदाय की जायेगी। योजना प्रावधान अनुसार बलराम तालाब योजना के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के कृषकों को 80 हजार रूपये एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों के लिए एक लाख रूपए की पात्रता का प्रावधान है। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें. |
| Posted: 22 Jan 2022 11:05 AM PST जबलपुर। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि पूर्व सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना 1 अप्रैल 2020 से लागू करने की घोषणा की थी, योजना को मूर्त रूप देने के लिए वित्त विभाग द्वारा दिनांक 19/02/2020 को आदेश जारी किया गया था। जिससे प्रदेश के सभी कर्मचारियों को आईएफएमआई सॉफ्टवेयर में कर्मचारियों परिवार विवरण एवं नामांकित वितरण करने के निर्देश दिये गये थे। जिसे प्रदेश के लगभग सभी विभागों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है और प्रदेश के लाखों कर्मचारी इस योजना को लागू होने की आश लगाये बैठै है। कोविड -19 महामारी के चलते उक्त योजना को शासन द्वारा ठंडे वस्ते में डाल दिया गया है। आज तक योजना के क्रियांवयन नहीं होने से कर्मचारी तथा उनका परिवार आज भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा है और प्राईवेट चिकित्सालयों में इलाज अत्यधिक महंगा होने के कारण कर्मचारी गंभीर बीमारी की स्थिति में उचित इलाज नहीं मिलने से अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे है। योजना का लाभ नहीं मिलने से कर्मचारी एवं उसके परिवार को स्वास्थ्य संबंधी देखभाल में लाखों रुपये स्वयं व्यय करना पड़ रहा है , जिससे प्रदेश के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। संघ के अर्वेन्द्र राजपूत , अवधेश तिवारी अटल उपाध्याय , नरेन्द्र दुबे , मुकेश सिंह , आलोक अग्निहोत्री , ब्रजेश मिश्रा , गणेश उपाध्याय , मनीष लोहिया , मनोज सिंह , वीरेन्द्र चंदेल , एस पी बाथरे , परशुराम तिवारी , नवीन यादव , सतीश देशमुख , रमेश काम्बले , पंकज जायसवाल , योगेश कपूर , सीएन शुक्ला , चूरामन गूजर , शेरसिंह , निशांक तिवारी , अभिषेक वर्मा , शैलेन्द्र दुबे , नितिन शर्मा, श्यामनारायण तिवारी , संतोष तिवारी , तारिक , धीरेन्द्र सोनी आदि ने माननीय मुख्यमंत्री म.प्र . शासन से मांग की है कि प्रदेश के कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते शीघ्र स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाये। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें. |
| Posted: 22 Jan 2022 10:54 AM PST गरीब-कमजोर वर्ग के व्यक्ति हमेशा दबंग लोग दबाते रहे हैं एवं शोषण के प्रति भी बहुत से विचारक ने अपने विचार प्रस्तुत किये हैं। कुछ पूंजीपति लोग या गाँव के दबंग लोग अपना बल ऐसे वर्गों पर दिखाते हैं जो निर्धन, गरीब, कमजोर या दलित वर्ग के होते हैं उन्हें ये लोग इतना मजबूर कर देते हैं कि वह अपना गृह निवास या गाँव छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं, लेकिन निर्बल या दलित वर्ग की सुरक्षा के लिए ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानून बनाया गया है जानिए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(य) की परिभाषा:- कोई व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य नहीं है वह उस(SC, ST) वर्ग के व्यक्ति को उसके घर, ग्राम, निवास का कोई भी स्थान छोड़ने के लिए मजबूर करेगा या किसी से निवास छुड़वाने के लिए मजबूर करवाएगा। वह व्यक्ति उपर्युक्त धारा के अंतर्गत दोषी होगा। नोट:- कोई भी शासकीय सेवक लोक कर्तव्य के निर्वहन में ऐसी कार्यवाही करता है तब यह अपराध लागू नहीं होगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम,1989 की धारा 3(1) (य) के अंतर्गत दण्ड़ का प्रावधान:-इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार क्षेत्र जिला विशेष न्यायालय करता है। सजा - इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम पाँच वर्ष की सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है। पीड़ित व्यक्ति को शासन द्वारा राहत सहायता राशि;-अनुसूचित जाति और जनजाति(अत्याचार निवारण) नियम,1995 नियम 12(4) के अनुसार इस अपराध के अंतर्गत पीड़ित व्यक्ति को राज्य शासन या संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता(संदाय) एवं सरकारी खर्चे पर गृह का पुनः संनिर्माण यदि विनिष्ट हो गया है तो करवाया जाएगा। यह राशि जिला कलेक्टर या जिला संयोजक अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय द्वारा स्वीकृत होगी है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com |
| BHOPAL NEWS- वन विहार में टॉय ट्रेन शुरू, पढ़िए टाइमिंग और किराया Posted: 22 Jan 2022 10:47 AM PST भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान जू भोपाल में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से शनिवार को बेट्री ऑपरेटेड टॉय ट्रेन की सौगात मिली। शुभारंभ अपर मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) श्री असीम श्रीवास्तव की मौजूदगी में वन विहार में आये बच्चों द्वारा किया गया। वन विहार संचालक श्री एच.सी. गुप्ता ने बताया कि टॉय ट्रेन पर्यटकों के लिये 26 जनवरी गणतंत्र दिवस से उपलब्ध रहेगी। इसमें 12 सीट हैं। यह गेट क्रमांक-1 से गेट क्रमांक-2 के बीच चलेगी, जिसका एक राउण्ड 45 से 50 मिनिट का होगा। टॉय ट्रेन सुबह 7 से 12 बजे और दोपहर 2 से शाम 7 बजे तक चलेगी। टॉय ट्रेन में प्रति व्यक्ति शुल्क 50 रुपये और फुल सवारी शुल्क 600 रुपये रखा गया है। पथ-भ्रमण में पर्यटकों ने लिया आनंदवन विहार में आज पथ-भ्रमण में यूथ हॉस्टल के पर्यटकों ने भाग लिया। रिसोर्स पर्सन डॉ. सुदेश वाघमारे के सानिध्य में पर्यटकों को महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया गया। पर्यटकों को वन विहार के वन्य-प्राणियों सहित पर्यावरण की अनूठी अनुभूति हुई। सहायक संचालक श्री ए.के. जैन ने संचालन किया। उल्लेखनीय है कि वन विहार में पथ-भ्रमण प्रत्येक शनिवार को कराया जा रहा है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें. |
| MP OPEN UNIVERSITY- अतिथि शिक्षकों की भर्ती - MP government jobs Posted: 22 Jan 2022 07:45 AM PST मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय कोलार रोड, भोपाल द्वारा विज्ञापन क्रमांक 3370 द्वारा विश्वविद्यालय में B.Ed (सामान्य शिक्षा) विभाग में विभिन्न विषयों के लिए अध्यापन कार्य हेतु गेस्ट फेकल्टी (Guest Faculty) के पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जो कि सत्र 2022 यानी दिसंबर 2022 तक के लिए होंगे। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार अपने आवेदन 31 जनवरी 2022 तक मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में जमा कर सकते हैं। यह रिक्त पद हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित एवम् सामाजिक विज्ञान विषयों के लिए हैं। जिसके लिए शिक्षकों का आमंत्रण मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 696/F-1-9/2016/38-1 भोपाल दिनांक 08.08.16 एवं आदेश क्रमांक 1-42/2017/ 38-1 भोपाल दिनांक 26 जून 2018 में दिए गए प्रावधानों एवं साक्षात्कार के माध्यम से भोज(मुक्त) विश्वविद्यालय के नियम निर्देशों के अनुसार होगा। शैक्षणिक अर्हता, पद संख्या आवश्यकतानुसार परिवर्तनीय है एवं मानदेय आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://mpbou.edu.in/ पर विजिट करें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें |
| INDORE का नाम इंदौर कैसे पड़ा, पढ़िए भारत के सबसे स्वच्छ शहर का इतिहास Posted: 22 Jan 2022 07:22 AM PST इंदौर। मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर है, इसे मिनी मुंबई भी कहा जाता है लेकिन बॉलीवुड के लिए नहीं बल्कि जनसंख्या के घनत्व और पब्लिक की प्रोफेशनल अप्रोच के लिए। इंदौर भारत के उन शहरों में से एक है जहां सदियों से कारोबार होता रहा है। यानी इंदौर एक कारोबारी शहर है। आइए जानते हैं कि इंदौर का नाम इंदौर कैसे पड़ा। कहा जाता है कि प्राचीन काल में इस क्षेत्र में देवताओं के राजा इंद्र का एक भव्य और सुंदर मंदिर था। इसी मंदिर के कारण आसपास के क्षेत्र का नाम इंदौर पड़ा परंतु इस कथा के ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। इसके बावजूद लोगों में इस मान्यता के प्रति अटूट विश्वास है और माना जाता है कि जिस प्रकार काशी भगवान शिव की नगरी है उसी प्रकार इंदौर पृथ्वी पर एक मात्र राजा इंद्र का नगर है। इतिहास में दर्ज है घटना के अनुसार आठवीं शताब्दी में राजकोट के राजपूत राजा इंद्र तृतीय त्रिकोणीय संघर्ष में जीते तो इस विजय को यादगार बनाने के लिए उन्होंने यहां पर एक शिवालय की स्थापना की और नाम रखा इंद्रेश्वर महादेव। इसी मंदिर के कारण शहर का नाम इंद्रपुरी हो गया। अठारहवीं शताब्दी में मराठा शासनकाल में इंद्रपुरी का नाम बदलकर इंदूर (इसके पीछे का लॉजिक) मराठी में इंद्रपुरी को मराठी अपभ्रंश में इंदूर उच्चारण हुआ और बाद में यही नाम चलन में आ गया। अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश शासन काल में इंदूर का नाम अंग्रेजी में INDORE किया और बाद में बदलकर INDORE कर दिया। बौद्ध साहित्य में भी इंदौर के नाम को लेकर काफी कुछ उल्लेख हुआ है। माना जाता है कि इंद्रपुरी का नाम पहले चितावद था और इसी के आधार पर बौद्ध साहित्य में चिटिकाओं का उल्लेख है। 1973-74 के बीच आजाद नगर उत्खनन में प्राप्त अवशेषों में इंदौर में हडप्पा संस्कृति की समकालीन सभ्यता कायम और निरंतरता होने के प्रमाण मिले हैं। |
| नए कानून के डर से मध्यप्रदेश में ताबड़तोड़ निकाह, 1000 से सीधे 7000 पर पहुंचा आंकड़ा- MP NEWS Posted: 22 Jan 2022 07:12 AM PST भोपाल। कीमतों में वृद्धि के डर से बाजार में खरीददारी बढ़ते हुए तो कई बार देखी होगी परंतु मध्य प्रदेश में नए कानून के डर से निकाह की दर में रिकॉर्ड वृद्धि हो गई है। रायसेन जिले में यह वृद्धि 727% दर्ज की गई है। सबसे कम होशंगाबाद में 142% की वृद्धि हुई है। दरअसल केंद्र सरकार ने लड़कियों के विवाह की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का फैसला लिया है। यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है लेकिन इस कानून के डर से मध्य प्रदेश के सभी जिलों में निकाह की संख्या में आश्चर्यजनक वृद्धि हो गई है। जहां 1 महीने में 100 निकाह होते थे वहां 700 से ज्यादा हो रहे हैं। 18 साल से 21 साल के बीच की लड़कियों के निकाह किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में कहां कितनी वृद्धिरायसेन में 727% विदिशा में 300% शिवपुरी में 250% बैतूल में 250% खरगोन में 204% भोपाल में 185% राजगढ़ में 175% धार में 166% ग्वालियर में 145% होशंगाबाद में 142% |
| सरकारी वकीलों की नियुक्ति में आरक्षण क्यों नहीं: हाईकोर्ट ने पूछा- MP HC NEWS Posted: 22 Jan 2022 06:42 AM PST जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल किया है कि शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति में आरक्षण नियमों का पालन क्यों नहीं किया जाता। उच्च न्यायालय ने शासन को जवाब प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। यही सवाल इससे पहले चार बार पूछा जा चुका है लेकिन सरकार ने कोर्ट में अपना जवाब पेश नहीं किया। अधिवक्ताओं की नियुक्ति में आरक्षण विवाद पर सरकार चुपन्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी की एकलपीठ ने एक वर्ष से जवाब प्रस्तुत न किए जाने के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए राज्य शासन को हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 15 फरवरी को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व में इसी मुद्दे को लेकर एक अन्य याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने शासकीय अधिवक्ता के पद को लोकसेवक का पद न मानते हुए आरक्षण नियम लागू करने से इनकार कर दिया था। लिहाजा, नए सिरे से राज्य शासन के मनमाने नियम की संवैधानिक वैधता को कठघरे में रखते हुए याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने इस मामले में 19 मार्च, 2021 को नोटिस जारी किए थे। जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया था। लेकिन राज्य शासन की ओर से जवाब पेश करने के स्थान पर हर बार मोहलत ली जाती रही है। इस प्रक्रिया में एक वर्ष गुजर गया। इससे पूर्व कोर्ट ने अंतिम अवसर दिया था, उसका भी कोई असर नहीं हुआ। इस रवैये को गंभीरता से लेकर विधि मंत्रालय व सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख विनोद कुमार से चर्चा भी की गई। उन्होंने महाधिवक्ता से निर्देश मिलने के आधार पर आगामी कार्रवाई के बारे में कहा।जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें. |
| मध्यप्रदेश में चारों तरफ से बादल आए हैं, ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी- MP WEATHER FORECAST Posted: 22 Jan 2022 07:32 AM PST भोपाल। मध्यप्रदेश में चारों तरफ से बादल आ रहे हैं। मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। बर्फीली हवाओं के साथ कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी बांग्लादेश, उत्तरी पाकिस्तान, मध्य राजस्थान और बंगाल की खाड़ी में चक्रवात से उठे बादल मध्यप्रदेश के आसमान पर छा गए हैं। इसके कारण कई इलाकों में ओलावृष्टि एवं बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश का मौसम- बर्फीली हवाओं की आंधी चलेगीमौसम विशेषज्ञ ने बताया कि चारों तरफ से उठने वाले बादलों ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्से को घेर लिया है। इसके कारण मौसम अचानक बदल गया है। मध्य प्रदेश के कुछ इलाके तो शनिवार को दोपहर के समय किसी हिल स्टेशन जैसी स्थिति में आ गए थे। ग्वालियर, मुरैना और निवाड़ी में 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चल सकती है। मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान- कई जिलों में ओलावृष्टि एवं वर्षा की संभावनाविदिशा, गुना, शिवपुरी, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, भोपाल, अशोक नगर, भिंड, ग्वालियर, निवाड़ी, मुरैना, सागर, नीमच, दतिया, श्योपुर एवं आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि एवं वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि यह एक अप्रत्याशित स्थिति है। एक साथ चार चक्रवात के कारण स्थिति गंभीर हो सकती है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें. |
| मध्यप्रदेश में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए गाइडलाइन जारी- MP NEWS Posted: 22 Jan 2022 07:32 AM PST भोपाल। राजधानी भोपाल सहित सभी जिलों में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। राज्य शासन ने इस वर्ष नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के दृष्टिगत कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। गणतंत्र दिवस पर राज्य के समस्त महत्वपूर्ण शासकीय भवनों एवं ऐतिहासिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा। कार्यक्रम प्रातः 9 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेंगे तथा उपस्थित जनसभा को संबोधित करेंगे। परेड का आयोजन पिछले वर्ष की भांति किया जाएगा, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल, जेल वार्डन, सीआईएसएफ, आरएएफ एवं सीनियर एनसीसी छात्रों की टुकड़ियाँ शामिल होगी। परेड में एनएसएस, स्काउट-गाईड एवं शौर्यादल शामिल नहीं होगें। परेड के पश्चात घुड़सवारी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद झांकियाँ निकाली जायेंगी। मध्य प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर समारोह के दिशा निर्देशगणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालयों में गत वर्षानुसार मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संदेश का वाचन किया जाएगा। परेड का आयोजन सिर्फ जिला मुख्यालयों पर ही होगा। कोविड-19 के मद्देनजर परेड में एनएसएस, स्काउट-गाईड एवं शौर्यादल आदि भाग नहीं लेगें। गत वर्षानुसार झांकियाँ निकाली जाएगी। शिक्षण संस्थाओं में कार्यालय प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण, राष्ट्रगान का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कक्षा 1 से 10वीं तक के बच्चे शामिल नहीं होंगे। जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत कार्यालयों में प्रशासकीय समिति प्रधान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा राष्ट्रगान होगा। ऐसे जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत जहाँ प्रशासकीय समिति के प्रधान उपलब्ध नहीं होने की दशा में कार्यालय प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद कार्यालय में महापौर/अध्यक्ष (जहाँ निर्वाचित महापौर और अध्यक्ष कार्यरत है) द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। शेष नगरीय निकायों में आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी ध्वजारोहण करेंगे। ध्वज संहिता का पालन सुनिश्चित कराने के लिये प्रत्येक स्तर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। कार्यक्रम स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की आवश्यक व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने और कार्यक्रम स्थल पर हैण्ड सेनेटाइजर, मास्क एवं सामाजिक दूरी आदि का विशेष ध्यान रखने के साथ नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के संबंध में जारी सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें. |
| GWALIOR NEWS- पुलिस जिसे गर्लफ्रेंड समझ रही थी, ब्लैकमेलर निकली Posted: 22 Jan 2022 05:54 AM PST ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में 30 वर्षीय युवक अरुण बाकना की आत्महत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जिस लड़की को अरुण की गर्लफ्रेंड समझ रही थी, वह तो ब्लैकमेलर निकली। इन्वेस्टिगेशन के दौरान पुलिस के हाथ इस बात के पुख्ता सबूत लगे हैं कि लड़की की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अरुण ने आत्महत्या कर ली थी। अब पुलिस गर्लफ्रेंड की तलाश कर रही है। घटना जुलाई 2021 की है। ग्वालियर शहर के सिंधिया नगर में स्थित सरकारी मल्टी में रहने वाले 30 वर्षीय अरुण पुत्र चिम्मन लाल बाकना ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। इन्वेस्टिगेशन के दौरान पता चला कि अरुण ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक लड़की से फोन पर बात की थी। पूछताछ में पता चला कि जिस लड़की से बात की थी वह अरुण की गर्लफ्रेंड है। लेकिन जब पुलिस ने अरुण के मोबाइल की छानबीन की तो उसके अंदर ऐसे कई साक्ष्य मिले जिससे स्पष्ट हो गया कि लड़की, अरुण की गर्लफ्रेंड नहीं थी बल्कि उसने अरुण को अपने जाल में फंसा लिया था और ब्लैकमेल कर रही थी। लड़की, अरुण के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने और पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दे रही थी। अरुण ने लड़की को रिप्लाई किया था कि वह जान दे देगा लेकिन लड़की तब भी नहीं मानी थी। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. |
| लो जी, पर्यटक स्थल जनकताल को बेचने वाला था नटवरलाल, कलेक्टर को पता चल गया- GWALIOR NEWS Posted: 22 Jan 2022 11:18 AM PST ग्वालियर। ग्वालियर शहर के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल जनक ताल को बेचने की तैयारी की जा रही थी। जालसाजों ने 13 साल पहले (सन 2008) से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। सरकारी रिकॉर्ड में सरकारी पर्यटक स्थल को प्राइवेट प्रॉपर्टी बता दिया गया था। ग्वालियर कलेक्टर को जैसे ही इस सऊदी की भनक लगी, उन्होंने आनन-फानन रिकॉर्ड निकलवाया और जनकताल को फिर से सरकारी प्रॉपर्टी लिस्ट कर लिया गया। जनकताल और उससे लगी सरकारी जमीन को भू-माफिया बेचने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच एक गोपनीय शिकायत के जरिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को इस मामले की जानकारी लग गई। आनन-फानन में कलेक्टर ने शुक्रवार को एडीएम इच्छित गढ़पाले और एसडीएम ग्वालियर सिटी प्रदीप तोमर को बुलाकर इस जमीन को फिर से खसरों में शासकीय दर्ज करने के निर्देश जारी किए। 2007 तक बंदोबस्त व खसरे में शासकीय दर्ज थी जमीनकलेक्टर ने जब इस मामले से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को खंगाला तो मालूम चला कि मिसिल बंदोबस्त से लेकर सरकारी खसरों तक में वर्ष 2007 तक यह जमीन शासकीय जमीन के तौर पर दर्ज थी, लेकिन वर्ष 2008 में बहोड़ापुर क्षेत्र के राजस्व अफसरों ने प्रमुख पर्यटन स्थल वाली जमीन को अलग-अलग स्याही और हैंड राइटिंग के जरिए खसरों में प्राइवेट लोगों के नाम चढ़ा दी। बहोड़ापुर सर्किल की इस जमीन का सर्वे नंबर 18 है और रकबा कुल 10 बीघा है। इसकी वर्तमान कलेक्टर गाइडलाइन ही 7 करोड़ रुपए है। सुसेरा कोठी की 6 बीघा जमीन भी सरकारी घोषितपुरानी छावनी के पास स्थित ग्राम सुसेरा कोठी के सर्वे नंबर 243 की 6 बीघा जमीन भी कूटरचित तरीके से राजस्व अमले ने ही खसरे में कुछ लोगों के नाम चढ़ा दी थी। एसडीएम के अनुसार यह जमीन वन भूमि है। इसकी कीमत कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस जमीन को भी कलेक्टर ने शासकीय दर्ज करने के निर्देश एसडीएम प्रदीप तोमर को दिए हैं। दोषियों पर कार्रवाई करेंगेएक शिकायत से हमें मालूम चला कि भू-माफियाओं ने जनकताल और उससे लगी जमीन को अपने नाम खसरों में दर्ज करवा लिया। मैंने मामले की पड़ताल कराई और जमीन को शासकीय दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कमूेटी से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर. ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें. |
| MP NEWS- जनपद सीईओ का वीडियो वायरल, कमिश्नर ने सस्पेंड किया Posted: 22 Jan 2022 07:23 AM PST मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में जनपद पंचायत आष्टा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिवाकर पटेल को एक वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड कर दिया गया। सीईओ ने कहा कि वह तो चंदा इकट्ठा कर रहे थे लेकिन कमिश्नर कार्यालय से बताया गया कि यह कृत्य घोर कदाचार की श्रेणी में आता है। क्या दिखाई दे रहा है वायरल वीडियो मेंवीडियो में दिखाई दे रहा है कि जनपद पंचायत के सीईओ दिवाकर पटेल की ऑफिस टेबल की दराज में एक कर्मचारी कुछ पैसे रख रहा है। बताया गया कि ₹7500 बतौर रिश्वत दिए गए हैं। इसके बदले में सीसी रोड वाली फाइल पर साइन करना है। वीडियो सुर्खियों में आने के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिवाकर पटेल ने बताया कि वह तो मृत कर्मचारी के परिवार की मदद के लिए चंदा ले रहे थे। अपने बयान में दिवाकर पटेल ने कहा कि माखनलाल इंजीनियर का निधन होने के बाद उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए सभी लोग व्यक्तिगत रूप से सहयोग कर रहे हैं। कुल ₹75000 जमा हो चुके हैं। इसी प्रक्रिया के बीच का यह वीडियो वायरल हुआ है। जबकि कमिश्नर कार्यालय भोपाल संभाग से जारी आदेश में कहा गया है कि पटेल का यह कृत्य घोर कदाचार की श्रेणी में आता है, और मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम का उल्लंघन है। इसके लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें. |
| कमलनाथ को छोड़, दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों पर FIR दर्ज - MP NEWS Posted: 22 Jan 2022 05:52 AM PST मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ ऐसे किस्से घटित हो रहे हैं कि वर्षों तक सुनाए जाएंगे। दिनांक 21 जनवरी 2022 को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता सीएम हाउस के रास्ते में धरने पर बैठे थे। पुलिस ने दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया लेकिन कमलनाथ को नामजद नहीं किया है। धरना तो दोनों ने दिया था, मामला एक के खिलाफ दर्ज हुआपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी घोषणा के अनुसार दिनांक 21 जनवरी 2022 को सीएम हाउस के सामने धरना देने के लिए जा रहे थे कि तभी रास्ते में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। दिग्विजय सिंह वहीं पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ भी आ गए। वह भी धरने पर बैठे रहे। 4 घंटे धरना चलने के बाद मुख्यमंत्री के कार्यालय से आश्वासन मिला और धरना समाप्त हो गया लेकिन श्यामला हिल्स पुलिस थाने में दिग्विजय सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की धारा धारा 353 और 188 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। चर्चा का बिंदु यह है कि धरने में शामिल कमलनाथ का नाम FIR में नहीं है। कमलनाथ तो गेस्ट सेलिब्रिटी थेइस मामले में जब पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई तो किसी ने भी ऑफिशल स्टेटमेंट देने से मना कर दिया। अनऑफिशियल बातचीत में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि धरना पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिया है। उनके समर्थक उनके घर से उनके साथ आए थे। कमलनाथ तो इस धरना कार्यक्रम में गेस्ट सेलिब्रिटी थे। थोड़ी देर के लिए आए थे इसलिए मामला दर्ज नहीं किया। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें |
| MANIT BHOPAL JOBS- जूनियर रिसर्च फेलो के लिए आवेदन आमंत्रित Posted: 22 Jan 2022 04:10 AM PST Maulana Azad National Institute of Technology Bhopal के Department of Chemistry द्वारा Junior Research Fellow (JRF) हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की लास्ट डेट 6 फरवरी 2022 घोषित की गई। Dr. Dharmendar Kumar Sharma (Principal Investigator) द्वारा जारी सूचना के अनुसार उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता M.Sc./M.Tech in Chemistry/Materials Science/ Nanoscience/ Chemical Engineering (with min. 60% marks or equivalent CGPI) and NET/GATE qualifications. चयनित उम्मीदवारों को रिसर्च प्रोजेक्ट "Development of Lead Free Perovskite Halide Materials and In-Situ Photophysical Characterization for Quantum Dot based Display Applications" में काम करने का मौका मिलेगा। बताया गया है कि JRF एक अस्थाई पदस्थापना है जोकि 1 वर्ष के लिए होगी और यदि प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो प्रोजेक्ट के पूरा होने तक समय की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी मौलाना अबुल कलाम आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट (www.manit.ac.in) पर उपलब्ध है। उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र, सभी क्वालिफिकेशन एवं एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट के साथ एक पीडीएफ फाइल में ईमेल एड्रेस dksiitb@gmail.com पर लास्ट डेट दिनांक 6 फरवरी 2022 से पहले प्रेषित करें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें |
| BHOPAL JOBS- सुजुकी मोटर्स में नौकरियां, वॉक इन इंटरव्यू 24 जनवरी Posted: 22 Jan 2022 04:00 AM PST SUZUKI MOTOR GUJRAT HANSALPUR PLANT (BECHARAJI) में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ओपन केंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया है। SUZUKI MOTOR GUJRAT HANSALPUR PLANT (BECHARAJI) का प्लेसमेंट ड्राईव का आयोजन किया गया है जिसमें Fitter, Diesel Mechanic, Motor Mechanic Vehicle, Turner, Machinist, Welder, Electrician, Tool & Dic, Maker, Plastic Processing Operator, CoE (Automobile), Mechanic Tractor, Painter General व्यवसायों के एससीवीटी/एनसीवीटी के पुरूष प्रशिक्षणार्थी वर्ष 2016 से वर्ष 2020 तक के के पासआउट प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हो सकते है। SUZUKI MOTOR placement campus drive Bhopalआयु सीमा :- 18 से 22 वर्ष 11 माह वेतन :- 20100/- प्रति माह दिनांक:- 24 जनवरी 2022 समय:- सुबह 10:00 बजे स्थान :- ऑडीटोरियम, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, गोविन्दपुरा, भोपाल उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें. |
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