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Wednesday, January 26, 2022

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BIKE में काउंटर स्टेरिंग क्या है, कैसे काम करता है और क्या भारतीय सड़कों पर सक्सेस है- GK in Hindi

Posted: 26 Jan 2022 02:39 PM PST

मोटरसाइकिल में इस तकनीक की चर्चा आजकल काफी हो रही है। काउंटर स्टेरिंग यानी एक ऐसा हैंडल जिसकी टेक्नोलॉजी की मदद से आप ज्यादा आसानी से यू टर्न ले सकते हैं। यदि अचानक कोई पत्थर या गड्ढा आ जाए तो बड़ी ही चतुराई के साथ S बनाते हुए आगे बढ़ सकते हैं। हां यह जानते हैं कि काउंटर स्टेरिंग क्या है, कैसे काम करता है और क्या भारत की आम सड़कों पर यह सक्सेस है।

मोटरसाइकिल में काउंटर स्टेरिंग क्या है

इसके लिए मोटरसाइकिल में कोई अलग से हैंडल नहीं लगवाना पड़ता है बल्कि फिजिक्स की इस तकनीक का उपयोग बाइक रेसिंग के दौरान या फिर स्टंट के समय अनिवार्य रूप से किया जाता रहा है। इसी तकनीक की मदद से रेसिंग के दौरान मोटरसाइकिल की स्पीड को कम किए बिना एक दिशा में मोड़ दिया जाता है। जबकि अपन को अपनी बाइक मोड़ने से पहले उसकी स्पीड को थोड़ा कम करना पड़ता है।

काउंटर स्टेरिंग कैसे काम करता है


जब हम अपनी मोटरसाइकिल को किसी एक दिशा में मोड़ना चाहते हैं तो सबसे पहले हैंडल को उस दिशा में घुमाते हैं और फिर एक शारीरिक क्रिया करके बाइक को उसी दिशा में थोड़ा सा झुका देते हैं। शायद आप नहीं जानते लेकिन यदि आप बाइक को थोड़ा सा नहीं झुकाएंगे, तो बाइक को मोड़ना काफी मुश्किल हो जाएगा। काउंटर स्टेरिंग में। काउंटर स्टेरिंग के दौरान यदि आप दाएं तरफ मुड़ना चाहते हैं, तो आपको अपने हैंडल को सबसे पहले थोड़ा बाएं तरफ घुमाना होगा और फिर बड़ी ही चतुराई से उसे दाएं तरफ करेंगे। ऐसा करने से आप अपनी बाइक को दूसरे किसी भी बाइक राइडर की तुलना में ज्यादा तेजी से किसी भी दिशा में घुमा पाएंगे या फिर S बना सकते हैं।

क्या भारत की सड़कों पर काउंटर स्टेरिंग सक्सेस है 

काउंटर स्टेरिंग तकनीक का उपयोग करने से पहले इसकी प्रैक्टिस करना बहुत जरूरी है। यह बिल्कुल सही है कि काउंटर स्टेरिंग की मदद से आप के समय की बचत होती है और सड़क पर मौजूद खतरे (पत्थर, अवरोध और गड्ढे) आप को नुकसान नहीं पहुंचा पाते परंतु भारतीय बाजारों में या शहर की यातायात वाली सड़कों पर काउंटर स्टेरिंग की तकनीक नुकसानदायक हो सकती है क्योंकि इस तकनीक का उपयोग करने से आपके सामने आने वाला वाहन चालक कंफ्यूज हो जाएगा और टक्कर हो सकती है।

2 स्टेप में काउंटर स्टेरिंग को चित्रों के माध्यम से समझिए



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MP TET VARG 3 TOPIC- बुद्धि लब्धि और बुद्धि लब्धि सारणी

Posted: 26 Jan 2022 12:40 PM PST

Intelligence Quotient and intelligence Quotient Table

बुद्धि लब्धि या इंटेलीजेंट क्वेश्चंट शब्द का उपयोग तो हम आमतौर पर करते ही रहते हैं। जब किसी की इंटेलिजेंस की बात की जाती है तो सामान्यतः कहा जाता है कि इसका आईक्यू (IQ) लेवल कम है या ज्यादा है तो चलिए आज इसी iQ लेवल से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझने की कोशिश करते हैं।  बुद्धि लब्धि या इंटेलिजेंस क्वेश्चंट एक ऐसा स्कोर है जो कई जगहों पर Human intelligence को निर्धारित करता है। 

बुद्धि लब्धि का सूत्र/ Formula of Intelligence Quotient

विलियम स्टर्न (William Stern) ने 1912 में  सबसे पहली बार बुद्धि लब्धि (Intelligence Quotient) की बात की। इसके बाद Louis Terman ने 1916 में बुद्धि लब्धि का फार्मूला दिया। जबकि मानसिक आयु की अवधारणा बिने (Binet ) ने दी। बुद्धि लब्धि मानसिक आयु (Mental Age) तथा तैथिक आयु (Chronological Age) या वास्तविक आयु (Real Age) का एक ऐसा अनुपात है जिसे 100 से गुणा कर प्राप्त किया जाता है। इसलिए इस से अनुपात बुद्धि लब्धि (Ratio iQ)भी कहा जाता है। 
मानसिक आयु /वास्तविक आयु ×100 = बुद्धि लब्धि
Mental Age /Chronological Age ×100 = iQ

मानसिक आयु (Mental Age) का अर्थ उस आयु से है जिस लेवल पर किसी का दिमाग काम करता है, जबकि वास्तविक आयु (Chronological Age या Real आगे) हमारी डेट ऑफ बर्थ या जब हम पैदा हुए हैं उससे संबंधित है। तो चलिए अब उदाहरण के द्वारा जानते हैं की बुद्धि लब्धि की गणना कैसे की जाती है? 

उदाहरण के लिए 
1.यदि किसी बच्चे की मानसिक आयु 15 वर्ष और वास्तविक आयु 10 वर्ष है तो उसकी बुद्धि लब्धि क्या होगी? 
IQ= MA/CA×100
IQ= 15/10×100
IQ= 150

2. यदि किसी बच्चे की मानसिक आयु 5 वर्ष और वास्तविक आयु 10 वर्ष है तब उसका आइक्यू लेवल या  बुद्धि लब्धि क्या होगी? 
Solution - IQ= MA/CA×100
IQ= 05/10× 100
IQ= 50

बुद्धि लब्धि सारणी/ Intelligence Quotient Table 

बुद्धि लब्धि के मान तथा उनके अर्थ को समझने के लिए कई मनोवैज्ञानिक जैसे वेश्लर, मैरिल ने आईक्यू टेबल तैयार की। इसमें 0 से 140 तक के मान के लिए बुद्धि के विभिन्न अर्थ दिए गए। एक मनोवैज्ञानिक के मान से दूसरे मनोवैज्ञानिक के मान में थोड़ा बहुत अंतर बहुत अंतर दूसरे मनोवैज्ञानिक के मान में थोड़ा बहुत अंतर बहुत अंतर होना सामान्य है क्योंकि यह प्रयोग अलग-अलग व्यक्तियों पर, समूहों पर और अलग-अलग देशों में किए गए देशों और अलग-अलग देशों में किए गए देशों में किए गए। इसलिए इन में थोड़ा बहुत अंतर बहुत अंतर थोड़ा बहुत अंतर बहुत अंतर में थोड़ा बहुत अंतर बहुत अंतर थोड़ा बहुत अंतर पाया जाना स्वाभाविक है। 

बुद्धि लब्धि के मान और उनके अर्थ

iQ level ~it's Meaning
0- 24 ~ जड़ बुद्धि (idiot) 
25 - 49~ हीन  बुद्धि(imbecile) 
50- 69~ मूढ़ बुद्धि (Moron)
70-79~सीमांत मंदबुद्धि(Boderline Feeble minded) 
80 - 89~औसत से कम बुद्धि (Below Average)
90 - 109-सामान्य बुद्धि (Normal )
100-119~औसत से अधिक (Above Average) 
120- 129~ श्रेष्ठ(Superior) 
130 - 139~अतिश्रेष्ठ (Very Superior) 
140 या इससे अधिक ~ प्रतिभाशाली(Genius) 

बुद्धि लब्धि की इस इस टेबल को देखकर कहा जा सकता है

पहले उदाहरण वाला बच्चा प्रतिभाशाली है जिसका iq 150 है जबकि दूसरे उदाहरण वाला बच्चा मूढ़ बुद्धि वाला है क्योंकि उसका iq 50 है। 

परंतु अब सवाल यह कि वास्तविक आयु कि वास्तविक आयु का तो पता लगाया जा सकता है परंतु मानसिक आयु का पता कैसे लगाया जाए? तो इसके लिए कुछ बुद्धि परीक्षण बनाए गए जिनकी चर्चा हम अगले आर्टिकल में करेंगे।
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

FIR में, एक अपराध हेतु किस प्रकार के व्यक्तियों को आरोपी दर्ज किया जा सकता है- CrPC section 223

Posted: 26 Jan 2022 12:22 PM PST

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 कहती है कि किसी अपराध को करने के लिए एक से अधिक व्यक्तियों का सामान्य आशय विद्मान था, तब यह धारा संयुक्त रूप से आपराधिक दायित्व के सिद्धांत के आधार पर अधिनियमित की जाती है। अर्थात एक अपराध को करने वाले वह सभी व्यक्ति जिम्मेदार होंगे जो अपराध को करने का उद्देश्य रखते हैं या अपराधी का साथ देते हैं। लेकिन भारतीय दण्ड संहिता में यह नही बताया गया है कि वे कौन-कौन से व्यक्ति संयुक्त अपराध के आरोपी हो सकते हैं। इसके लिए हमे दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 223 की पढ़ना होगा।

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 223 की परिभाषा (सरल एवं संक्षिप्त शब्दों में):-

वे व्यक्ति जिन पर एक साथ आरोप लगाया जा सकता है एवं न्यायालय द्वारा एक साथ ही विचारण किया जा सकता है:-
• वे सभी व्यक्ति किसी अपराध के आरोपी हो सकते हैं जिसने किसी को अपराध करने के लिए उकसाया है, या अपराध करने का प्रयत्न किया हैं।

• वे सभी व्यक्ति अपराध के संयुक्त रूप से आरोपी होंगे जिसने चोरी की है, चोरी की संपत्ति छिपाई हैं, चोरी की संपत्ति बेची है या उद्दापन, छल या आपराधिक दुर्विनियोग किया है या किसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त किया है।

• भारतीय दंड संहिता के अध्याय 12 के अधीन कूटकरण सिक्के, कूटरचित सरकारी स्टाम्प को रखा गया है, बनाया गया है, बेचा गया है, आदि करने वाले व्यक्ति पर संयुक्त आरोप लगाया जा सकता है।

• किसी भी गंभीर अपराध में आरोपी का साथ देने वाला व्यक्ति एक या एक से अधिक सभी पर एक ही आरोप होगा एवं एक न्यायालय द्वारा विचारण होगा।

नोट:- अगर किसी मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय को लगता है कि किसी अपराध के आरोपियों अपराध का एक ही आरोप या विचारण किया जा सकता है तब वह स्वयं या किसी के लिखित आवेदन पर ऐसा कर सकता है। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

CM Sir, मेडिकल ऑफिसर को EWS आरक्षण का लाभ क्यों दिया- Khula Khat by Dr. Pravesh Singh Bhadoria

Posted: 26 Jan 2022 12:06 PM PST

माननीय मुख्यमंत्री जी
, सादर प्रणाम। दो दिन पूर्व MBBS के पश्चात होने वाली NEET PG के राज्य स्तरीय आवंटन की सूची जारी हुई है। इस सूची से सबसे ज्यादा आहत अनारक्षित वर्ग के छात्र हुए हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे विभाग के सलाहकार, मंत्रियों को अंधेरे में रखकर आदेश बनवा रहे हैं। 

इस सूची से स्पष्ट है कि प्रत्येक छात्र की प्लेइंग फील्ड ही बदल दी गयी है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से किसी को परेशानी नहीं होती है और ना ही होना चाहिए। संविधान के अनुसार आरक्षण सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के कारण दिया गया है किन्तु ताज्जुब की बात है सरकारी नौकरी (इन-सर्विस) में आने के बाद भी यदि कोई डिप्टी कलेक्टर वर्ग का अधिकारी (चूंकि मेडिकल ऑफिसर और डिप्टी कलेक्टर की ग्रेड-पे समान है) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है, तो फिर मुख्यमंत्री जी आपको सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के लिए स्वयं आगे आना पड़ेगा। 

इस सूची में 279 क्रमांक पर जो आवंटन है वह इन-सर्विस प्लस EWS में शामिल है। अर्थात् आवंटन जारीकर्ता के अनुसार कोई डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी आर्थिक रूप से पिछड़ा भी है। 

माननीय मुख्यमंत्री जी इस आवंटन सूची में इन-सर्विस कोटा में भी अन्याय किया गया है। DHS के मेडिकल ऑफिसर और चिकित्सा शिक्षा विभाग के डिमोंस्ट्रेटर को क्रमशः 3 और 5 साल बाद कोटा का लाभ मिलेगा जबकि दोनों को ही समान रुप से 3 साल या 5 साल बाद ही लाभ मिलना चाहिए था अर्थात् उच्च शिक्षा के लिए शैक्षणिक अवकाश की योग्यता समान होनी चाहिए थी। 

DHS के मेडिकल ऑफिसर व चिकित्सा शिक्षा विभाग के डिमोंस्ट्रेटर को कुल सीट का 30% सीटों में आरक्षण मिल रहा है किंतु DHS के मेडिकल ऑफिसर को कुल प्राप्तांक में 30% अंक भी बढ़ाकर दिये जा रहे हैं। इसको हम सरल शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं कि यदि किसी मेडिकल ऑफिसर और डिमोंस्ट्रेटर दोनों के 300 अंक हैं तो मेडिकल ऑफिसर के 30% अंक जोड़ने के बाद 390 अंक हो जाएंगे जबकि डिमोंस्ट्रेटर के 300 अंक ही रहेंगे। 

हालांकि एक तर्क यह दिया जाता है कि डिमोंस्ट्रेटर शहरी क्षेत्र में और मेडिकल ऑफिसर अतिदुर्गम क्षेत्रों में कार्य करते हैं किंतु माननीय मुख्यमंत्री जी हमें ऐसा लगता है कि आपके इतने वर्षों के कार्यकाल में सभी क्षेत्रों का अच्छे से विकास हुआ है और कोई भी क्षेत्र किसी अधिकारी के लिए अतिदुर्गम नहीं रह गये हैं। 

अतः मुख्यमंत्री जी आपसे ही उम्मीद है कि इस अन्यायपूर्ण हुए कृत्य को रोककर न्याय दीजिए अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब छात्र राज्य से पलायन करने पर मजबूर हो जायेंगे। ✒ Dr. Pravesh Singh Bhadoria

अस्वीकरण: खुला-खत एक ओपन प्लेटफार्म है। यहां मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं। सुझाव देते हैं एवं समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी होते हैं। इससे पूर्व प्रकाशित हुए खुले खत पढ़ने के लिए कृपया Khula Khat पर क्लिक करें. यदि आपके पास भी है कुछ ऐसा जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजिए हमारा ई-पता है:- editorbhopalsamachar@gmail.com

BHOPAL NEWS- रवीन्द्र सभागम में कटनी स्टोन की मूर्तियां आकर्षण का केंद्र

Posted: 26 Jan 2022 07:31 AM PST

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवनिर्मित 'रवीन्द्र सभागम' केवल कलाकारों के लिए बड़ा मंच नहीं है बल्कि शहर का एक प्रमुख पर्यटक स्थल भी बन गया है। कटनी स्टोन की मूर्तियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पत्थर पर इस प्रकार की कलाकृति लोगों को अपने-अपने प्रोफेशन में इनोवेशन के लिए इंस्पायर करती हैं। 

वैदिक काल के दार्शनिक गार्गी वाचकन्वी की मूर्ति

मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के तहत कटनी स्टोन का कटनी जिले में चयन किया गया है। जिसके चलते कटनी स्टोन को प्रमोट प्रमोट किया जा रहा है। राजधानी के रवीन्द्र सभागम परिसर में आधारशिला में जबलपुर की शिल्पकार सुप्रिया अंबर द्वारा बनाई गई वैदिक काल की महान दार्शनिक गार्गी वाचकन्वी कलाकृति लोगों का ध्यान खींच रही है। अंबर ने आधारशिला के दौरान फीमेल इंडियन फ्लासिफी के रूप में पहला कल्चर अपनी शिल्पकला के माध्यम से उकेरा था। 

माता लक्ष्मी का प्रतीक पत्थर की कौड़ी

इसी तरह से इंदौर के शिल्पकार जगदीश वेगढ़ ने कटनी के पीले स्टोन पर मां लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाने वाली विशाल कौड़ी का निर्माण किया। तमिलनाडू के शिल्पकार डीवी मुरूगन की कल्चर एंड हेरीटेज पर आधारित शिल्प, हंसराज कुमावत की विदइन शिल्प, रवि कुमार की प्यूरिटी ऑफ रीलेशनशिप, रमनदीप की माइंडस्कैप 2 कलाकृति भी परिसर में स्थापित की गई है।

कटनी का सेंड स्टोन स्पेशल है, विदेशों तक में है डिमांड 

कटनी के सेंड स्टोन की प्रदेश स्तर पर ही नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के बड़े शहरों सहित विदेशों में भी विशेष डिमांड है। देशभर के बड़े-बड़े शहरों के भवनों, चौराहों, पार्कों, धार्मिक स्थलों की कटनी स्टोन की कलाकृतियां शोभा बढ़ा रही हैं, तो वहीं यूरोपीय देशों में कटनी स्टोन के टाइल्स आदि की डिमांड भी अधिक है। मुलायम होने और कई रंगों में पाए जाने के कारण शिल्पकारों को कटनी का स्टोन बेहद पसंद आ रहा है।

कल्चुरी काल के राजाओं की पसंद था कटनी स्टोन 

कटनी स्टोन का इतिहास काफी पुराना है। इतिहासकारों की माने तो कल्चुरी काल में राजाओं की राजधानी जबलपुर के तेवर में स्थापित थी लेकिन कटनी के बिलहरी व कारीतलाई में उनके शिल्प केन्द्र बने हुए थे। जहां पर कटनी स्टोन पर शिल्पकारी कर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजा जाता था। बिलहरी के पुरातन मंदिर, बावड़ियां, तालाबों में आज भी इस बात के प्रमाण देखने को मिलते हैं और कारीतलाई में भी कल्चुरी काल की ऐतिहासिक कलाकृतियां संरक्षित हैं। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

BHOPAL NEWS- टीआई यादव बर्खास्त, हनी ट्रैप रैकेट के संचालन का आरोप

Posted: 26 Jan 2022 07:10 AM PST

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुलिस कमिश्नर मकरंद देउसकर ने इंस्पेक्टर हरीश यादव को बर्खास्त कर दिया है। डिपार्टमेंटल इंक्वायरी में हरीश यादव को हनी ट्रैप रैकेट के संचालन का दोषी माना गया है। मामला उस समय का है जब इंस्पेक्टर हरीश यादव अयोध्या नगर पुलिस थाने में टीआई के पद पर पदस्थ थे। 

सितंबर 2019 में निशातपुरा पुलिस द्वारा कुछ लड़कियों को हनी ट्रैप और ब्लैक मेलिंग के मामले में पकड़ा गया था। लड़कियों ने अपने बयान में बताया कि यह सारा कारोबार इंस्पेक्टर हरीश यादव के संरक्षण में चलता है। बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किए गए एक युवक ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में शिकायत की थी एवं अपनी तरफ से कुछ प्रमाण प्रस्तुत किए थे। मामला गंभीर होने के कारण इंस्पेक्टर हरीश यादव सस्पेंड कर दिया गया था। डिपार्टमेंटल इंक्वायरी में काफी समय लगने के कारण हरीश यादव की पोस्टिंग सागर जिले में हो गई थी। 

विभागीय जांच में बताया गया है कि इंस्पेक्टर हरीश यादव जब भोपाल के अयोध्या नगर पुलिस थाने में टीआई के पद पर पदस्थ थे तब उन्होंने पूरे शहर में इस रैकेट का संचालन किया। उन्होंने कुछ लड़कियों को प्रतिबंधित व्यवहार में पकड़ा और अपने रैकेट में शामिल करके छोड़ दिया। पूरी प्लानिंग के तहत लड़कियां, लोगों को अपने जाल में फंसा कर वीडियो बना लेती थी। यह वीडियो इंस्पेक्टर हरीश यादव को दिया जाता था। इसी के आधार पर लोगों को ब्लैकमेल किया जाता था। 

यह भी बताया गया है कि लोगों के खिलाफ झूठे बलात्कार के मामले दर्ज करवाए जाते थे ताकि शिकार भारी दबाव में आ जाए। उसके बाद मुंह मांगी रकम हासिल की जाती थी। शिकायतकर्ता युवक से ₹500000 की मांग की गई थी। जांच में दावा किया गया है कि कम से कम 10 लोगों को हनीट्रैप का शिकार बनाकर ब्लैकमेल किया गया था।भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

JABALPUR NEWS- प्राइवेट अस्पतालों को अनुमति घोटाला, हाई कोर्ट में याचिका

Posted: 26 Jan 2022 06:39 AM PST

जबलपुर।
मध्यप्रदेश में बिना वेरीफिकेशन के ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जाता लेकिन जबलपुर में बिना वेरिफिकेशन के प्राइवेट अस्पतालों को संचालन की अनुमति दी गई। इस मामले में एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई है। उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।

प्राइमरी स्कूल को भी मान्यता देने से पहले उसका भौतिक सत्यापन किया जाता है। जनहित याचिका में दावा किया गया है कि जबलपुर शहर में बड़े पैमाने पर प्राइवेट अस्पतालों को संचालन की स्वीकृति दे दी गई जबकि उनका भौतिक सत्यापन नहीं किया गया था। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई की। जनहित याचिका लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट विशाल बघेल की ओर से दायर की गई है। 

याचिका में कहा गया है कि प्राइवेट अस्पताल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर अनुमति प्रदान की जा रही हैं, लेकिन इसके लिए उनका भौतिक सत्यापन नहीं किया जा रहा है। उक्त अस्पताल के पास खुद की बिल्डिंग है या नहीं, आग से बचाव की क्या व्यवस्था है, स्टाफ की क्या स्थिति इस संबंध में जांच किए बगैर ही उनके संचालन की अनुमति प्रदान की जा रही है, जो कि अवैधानिक है।

मामले में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, डायरेक्टर हेल्थ सर्विस, रीजनल डायरेक्टर हेल्थ सर्विस, मेयर नगर निगम को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित सेठ ने पक्ष रखा। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

GWALIOR में रखी है भारत के संविधान की मूल प्रति, 308 सदस्यों के हस्ताक्षर

Posted: 26 Jan 2022 07:24 AM PST

ग्वालियर।
भारत के संविधान की एक मूल प्रति ग्वालियर में रखी हुई है। महाराज बाड़ा स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का हाल ही में रिनोवेशन किया गया है और इसी में भारत के संविधान की मूल प्रति रखी हुई है। इसमें कुल 231 पेज हैं और 308 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। 

सेंट्रल लाइब्रेरी महाराज बाड़ा ग्वालियर में भारत के संविधान की मूल प्रति दिनांक 31 मार्च 1956 को लाई गई थी। इस पर बाजार मूल्य ₹120 लिखा हुआ है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर इसे मुख्य रूप से प्रदर्शित किया जाता है। भारत के संविधान पर कुल 308 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे जिनमें संविधान ड्राफ्ट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान निर्माण समिति के अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा के साथ ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, कन्हैया लाल मुंशी, सी राजगोपालाचारी, सरोजनी नायडू, बिजयलक्ष्मी पंडित, दुर्गाबाई देशमुख आदि के नाम शामिल हैं। 

भारत के संविधान से संबंधित रोचक बातें

भारत के संविधान की मूल प्रति सुनहरे पन्नों पर प्रकाशित की गई थी। 
भारत के संविधान की मूल प्रति में 255 आर्टिकल्स को लिथोग्राफी में उतारा गया है। 
मूल प्रति का डिजाइन शांति निकेतन के कलाकार राममनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस ने तैयार किया था। 
भारत के संविधान को तैयार करने में  2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। 
भारत के संविधान के निर्माण पर कुल 64 लाख रुपये का खर्च आया था। 
भारतीय संविधान दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक देश का सबसे बड़ा संविधान है। 
भारत का संविधान देहरादून की प्रेस में छापा गया था। 
भारत के संविधान की 1000 प्रतियां प्रकाशित की गई थी।
संसद भवन में भारत के संविधान की 3 प्रतियां नाइट्रोजन गैस चैंबर में बंद करके रखी गई है ताकि हजारों साल तक सुरक्षित रहें।  ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

GWALIOR NEWS- सिंधिया राजपरिवार के खिलाफ याचिका खारिज

Posted: 26 Jan 2022 05:48 AM PST

ग्वालियर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सिंधिया राजपरिवार (ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं उनकी माता माधवी राजे सिंधिया सहित अन्य) के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की मंशा को संदिग्ध मानते हुए याचिका खारिज कर दी। 

याचिकाकर्ता सुरेंद्र श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया कि महलगांव के सर्वे क्रमांक 916 पर कुत्तेवाली समाधी बनी हुई है। यह जमीन सरकारी है, लेकिन 2009 में गलत तरीके से विक्रय किया है। इस जमीन को सरकारी घोषित किया जाए। इस याचिका में ज्योतिरादित्य सिंधिया व माधवीराजे सिंधिया सहित अन्य लोगों को प्रतिवादी बनाया था। 

याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है, कि याचिका गुप्त व सुनियोजित इरादे से दायर की गई है, क्याेंकि याचिकाकर्ता खुद जमीन को सरकारी घोषित करने की मांग कर रहा है। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

मध्य प्रदेश में 1 फरवरी से स्कूल खुलेंगे या नहीं, पढ़िए शिक्षा मंत्री का बयान- MP NEWS

Posted: 26 Jan 2022 07:36 AM PST

भोपाल।
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 31 जनवरी 2022 तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। यह तारीख नजदीक आ गई है और पूरे प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में दिनांक 1 फरवरी 2022 से स्कूल खुलेंगे या नहीं। इस सवाल का जवाब मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बैतूल में दिया। श्री परमार बैतूल में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। 

मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि 31 जनवरी या इसके ठीक बाद स्कूल खुल सकेंगे। वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप दिनों दिन पूरे प्रदेश में बढ़ता जा रहा है। बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि स्कूलों का संचालन कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोरोना का प्रभाव इसी तरह से बढ़ता रहा तो स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं। वहीं यदि कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम हुआ तो स्कूल खोलने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को लेकर लगातार प्रदेश सरकार मानीटरिंग कर रही है। इसकी समीक्षा की जाएगी और जो भी स्थिति बनेगी उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आनलाइन पढ़ाई नहीं कराई जा सकती है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इतनी व्यवस्था नहीं है कि वह प्रत्येक बच्चे को आनलाइन शिक्षा दे सकें। कुछ बच्चे आनलाइन भी पढ़ाई कर रहे हैं और कुछ बच्चे आफलाइन भी पढ़ाई कर रहे हैं। कुल मिलाकर आनलाइन एक काम चलाऊ व्यवस्था है, इस पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि यह दौर ऐसा है कि स्कूल बंद हैं और पढ़ाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में शिक्षक और विद्यार्थियों को एक-दूसरे के संपर्क में रहने की जरूरत है। यदि विद्यार्थियों को कोई कठिनाई आ रही है तो वह शिक्षक से संपर्क बनाकर उनसे मिलें और अपनी कठिनाई दूर करें। इसी तरह से शिक्षक भी बच्चों के संपर्क में किसी भी माध्यम से रहे ताकि पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न ना हो सके। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

2022 में एक लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी: मुख्यमंत्री की घोषणा - MP NEWS

Posted: 26 Jan 2022 07:36 AM PST

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि 2022 में 1 लाख युवक-युवतियों को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने दावा किया है कि सन 2021 में 44,000 बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दी गई। 

इंदौर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने पिछले 1 साल में सरकारी नौकरियों में 44 हजार सरकारी नौकरियों में हमने भर्तियां की हैं। अगले साल तक 1 लाख युवाओं को शासकीय सेवा में लिया जाएगा, लेकिन सभी को शासकीय नौकरियां नहीं दी जा सकती,इसलिए हम प्राइवेट सेक्टर में भी अवसर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हमारी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हों इसके प्रयास लगातार जारी हैं। अलग-अलग चीजों का निर्माण करके रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसी साल मप्र में 38 हजार करोड़ का निवेश आया है। औद्योगिक ​हब के रूप में मप्र उभर रहा है।
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JABALPUR NEWS- ड्रोन हादसा, दो कलाकार घायल, न मंत्री आए- न कलेक्टर ने हाल पूछा

Posted: 26 Jan 2022 04:55 AM PST

जबलपुर।
घटिया ड्रोन और नौसिखिया ड्रोन पायलट के कारण गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में हादसा हो गया। भारी-भरकम ड्रोन डिंडोरी के कलाकारों की टोली पर जा गिरा। एक युवती और एक युवक घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया। आश्चर्यजनक बात यह है कि घायल कलाकारों को देखने के लिए ना तो प्रभारी मंत्री आए और ना ही कलेक्टर। 

जिस ड्रोन से हादसा हुआ वह कृषि विभाग का था और कृषि विभाग का ही कर्मचारी उसे ऑपरेट कर रहा था। ड्रोन को ऑपरेट करना आसान नहीं होता और यदि वह घटिया क्वालिटी का है तो निश्चित रूप से ड्रोन, हवा में उड़ती हुई मौत होती है क्योंकि उसकी पंखुड़ियों से किसी की भी गर्दन काट सकती है। जबलपुर के गणतंत्र दिवस समारोह में बिल्कुल ऐसा ही हुआ। 

कृषि विभाग का कर्मचारी (जो प्रशिक्षित है या नहीं, अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है) झांकी के दौरान ड्रोन उड़ा रहा था। जब वह उसकी लेंडिंग करा रहा था तभी अचानक ड्रोन नियंत्रण से बाहर हो गया और समारोह के दौरान नृत्य प्रस्तुत कर रहे कलाकारों की मंडली पर जा गिरा। तेजी से घूमती हुई उसकी पंखुड़ियों के कारण एक युवक एवं एक युवती घायल हो गए। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी करने के लिए कहा- MP NEWS

Posted: 26 Jan 2022 07:36 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी करने के लिए कहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान किला मैदान, इंदौर स्थित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

लड़कियां सरकारी नौकरी की तैयारी करें, हम आरक्षण देंगे: सीएम शिवराज सिंह

बेटियों से कहना चाहता हूं कि शासकीय सेवा में मौका मिल जाए तो उसकी तैयारी करें। पीएससी, यूपीएससी की तैयारी करें, सेना में जाएं। हमने तय किया है कि पुलिस में भी 30 प्रतिशत भर्तियां बेटियों की होंगी। शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत बेटियों को मौका देने का निर्णय लिया है। 

लड़कियों को बिजनेस के लिए 50 लाख तक का लोन देंगे: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

शासकीय सेवा के अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बेटियां अपना स्वयं का व्यवसाय भी प्रारंभ कर सकती हैं, जिसके लिए 10 लाख से 50 लाख रुपए तक के लोन की गारंटी सरकार लेगी। आप सफल हुए तो हमारा मुख्यमंत्री बनना और सरकार चलाना सार्थक हो जाएगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP NEWS पर क्लिक करें.

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