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Monday, January 31, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


BHOPAL से इंजीनियर दूल्हा गायब, उज्जैन में दुल्हन इंतजार करती रह गई - MP NEWS

Posted: 31 Jan 2022 09:28 PM PST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से उज्जैन जिले के बामोरा में रहने वाले सिंदल परिवार के यहां बारात आने वाली थी। मंडप से चुका था, मेहमान भी आ चुके थे लेकिन भोपाल वाला इंजीनियर दूल्हा गायब हो गया। हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस में दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। 

अमरेंद्र सिंह एडिशनल एसपी ने बताया कि काजल सिंदल ने BSNL देवास में पदस्थ इंजीनियर अजय उर्फ बंटी पुत्र राजा राम पलासिया के खिलाफ दहेज मांगने की शिकायत की है। बताया गया है कि 29 जनवरी को दोनों की शादी निर्धारित की गई थी। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो गई थी। मेहमान भी आ गए थे। बारात का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन पता चला कि बारात तो भोपाल से निकली ही नहीं। दूल्हे के पिता का कहना है कि उन्हें नहीं मालूम उनका बेटा कहां है। 

एडिशनल एसपी ने बताया कि इस मामले में दूल्हे के परिवार द्वारा भोपाल में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। भोपाल पुलिस का अनुमान है कि अजय पलासिया किसी लड़की के साथ भाग गया है। वह परिवार द्वारा निर्धारित की गई शादी नहीं करना चाहता था। सही बात क्या है, यह तो अजय के मिल जाने के बाद ही पता चलेगा। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

MP College news- परीक्षा पास आ गई अब तक किताबें नहीं छपीं, नई शिक्षा नीति

Posted: 31 Jan 2022 09:02 PM PST

इंदौर।
मध्य प्रदेश के पुराने सरकारी सिस्टम में नई एजुकेशन पॉलिसी ने 457 सरकारी कॉलेजों के लगभग 25000 ऐसे विद्यार्थियों को परेशान कर दिया है जो गरीब हैं, और सरकार की तरफ से उन्हें निशुल्क किताबें नहीं जाती हैं। सरकार ने बड़ी ही धूमधाम के साथ नई शिक्षा नीति को लागू कर दी परंतु कोर्स की किताबों की प्रिंटिंग ही नहीं हुई। इधर यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के लिए टाइम टेबल तैयार कर दिया है। 

मध्य प्रदेश में सरकार ने गरीब छात्रों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। सरकार की योजना तो है और पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया गया है लेकिन लाभ नहीं दिया जा रहा है। स्कॉलरशिप तो पहले से पेंडिंग चल रही है। अब कोर्स की किताबें भी नहीं दी जा रहीं। हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशाेक कड़ेल का कहना है कि अभी तक उनके पास नए कोर्स की किताबें चक्कर ही नहीं आई हैं। जब किताबें प्रिंट होकर आ जाएंगी तब उनके वितरण की व्यवस्था की जाएगी। 

स्टूडेंट्स का सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए कोर्स लागू कर दिए, किताबें नहीं दी तो पढ़ाई कैसे करें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव एवं उनके ऑफिस को मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि वर्तमान सत्र में पढ़ाई हो पाएगी या नहीं। विश्वविद्यालयों ने परीक्षा कार्यक्रम तैयार कर लिए हैं। गरीब विद्यार्थी परेशान हैं। कोई मदद करने वाला नहीं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

लॉकडाउन में प्राइवेट कॉलेजों ने पूरी फीस क्यों वसूली- हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- MP College news

Posted: 31 Jan 2022 08:18 PM PST

जबलपुर
। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल किया है कि लॉकडाउन में जब सब कुछ बंद था, ऑनलाइन पढ़ाई के बदले प्राइवेट स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस प्राप्त करने की अनुमति दी गई थी तो फिर प्राइवेट कॉलेजों ने पूरी फीस क्यों वसूल की। शासन ने बंद कॉलेज के संचालकों को पूरी फीस वसूलने की सुविधा और स्वतंत्रता क्यों प्रदान की। 

जबलपुर के विधि छात्र की याचिका पर जस्टिस सुजय पॉल एवं जस्टिस अरुण शर्मा की खंडपीठ ने राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग, आयुक्त लोक शिक्षण, कलेक्टर जबलपुर व प्राचार्य NES लॉ कॉलेज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में दलील दी गई है कि कोरोना काल में जब निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस ली गई है तो निजी कॉलेजों में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए। 

याचिकाकर्ता सतीश प्रसाद विश्वकर्मा की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोरोना काल में राज्य के निजी स्कूलों को महज ट्यूशन फीस वसूलने की अनुमति दी थी। इस आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग में निजी स्कूलों के लिए  कोरोना काल में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूल करने का ही आदेश जारी कर दिया था। 

जबकि प्राइवेट कॉलेजों द्वारा पूरी फीस वसूल की गई। शासन की तरफ से उन पर कोई नियंत्रण नहीं किया गया। यह भेदभाव भेदभाव पूर्ण रवैया संविधान में दिए गए, "समानता के अधिकार "" Right तो Equality" के विपरीत होने के कारण चुनौती के योग्य है। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

ट्रेन के ब्रेक, फेल क्यों नहीं होते, पढ़िए टेक्नोलॉजी का चमत्कारी उपयोग- GK in Hindi

Posted: 31 Jan 2022 01:37 PM PST

ब्रेक फेल होने के कारण एक्सीडेंट की खबरें आए दिन आती रहती हैं। कई महंगी कारों के भी ब्रेक फेल हो जाते हैं, लेकिन ट्रेन के ब्रेक कभी फेल नहीं होते। सवाल यह है कि ऐसी कौन सी टेक्नोलॉजी का यूज किया जाता है जिसके कारण ट्रेन के ब्रेक कभी फेल नहीं होते। आइए पता लगाते हैं:- 

ब्रेक फेल होने का मतलब क्या होता है 

ब्रेक फेल होने का मतलब होता है ब्रेकिंग सिस्टम का काम नहीं करना। यदि हम अपनी मोटरसाइकिल, स्कूटर, कार, बस या ट्रक अथवा सड़क पर चलने वाले किसी भी वाहन की बात करेंगे तो आम बोलचाल की भाषा में ब्रेक फेल होने का मतलब 'ब्रेक का नहीं लगना' माना जाता है। ड्राइवर कितनी भी कोशिश करें ब्रेक नहीं लगता। इसलिए एक्सीडेंट हो जाता है। लेकिन अपने प्रश्न के उत्तर तक पहुंचने के लिए हमें ध्यान रखना होगा कि ब्रेक फेल होने का मतलब 'ब्रेक का नहीं लगना' नहीं होता बल्कि ' ब्रेकिंग सिस्टम का फेल हो जाना' होता है। 

ट्रेन के ब्रेक में टेक्नोलॉजी का चमत्कारी उपयोग

भारत की ट्रेनों में एयर ब्रेकिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। यह सड़क पर चलने वाले किसी भी वाहन के ब्रेकिंग सिस्टम से अलग है। इसके तहत ब्रेक सिलेंडर में हवा भर दी जाती है, जिसके कारण ब्रेक पैड, पहियों से अलग हो जाते हैं और ट्रेन आसानी से चलती रहती है। अपने वाहनों को रोकने के लिए ब्रेक लगाया जाता है लेकिन ट्रेन को रोकने के लिए ब्रेक हटा दिया जाता है (एयर प्रेशर खत्म कर दिया जाता है, हवा निकाल दी जाती है), इसके कारण ब्रेक पैड पहियों पर चिपक जाते हैं और ट्रेन रुक जाती है। 

सुरक्षा की गारंटी के लिए टेक्नोलॉजी का कितना मजेदार उपयोग किया गया है। जहां दुनिया के तमाम वाहनों को रोकने के लिए ब्रेक लगाया जाता है। ट्रेन को रोकने के लिए ब्रेक हटाया जाता है। यानी कि यदि ब्रेक फेल हो जाएगा (ऐयर ब्रेकिंग सिस्टम फेल हो जाएगा) तो ट्रेन वहीं पर रुक जाएगी। ट्रेन का ब्रेकिंग सिस्टम भी खराब होता है लेकिन एक्सीडेंट नहीं होता इसलिए पब्लिक को पता नहीं चलता। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article 
(इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) 
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इंडिया नेशनल टेक एक्सीलेंस अवार्ड फॉर वूमेन 2022 हेतु आवेदन आमंत्रित- India national News

Posted: 31 Jan 2022 12:53 PM PST

India national take excellence award for women 2022, application invite

भविष्य की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा की कहानियों को आगे बढ़ाने, उन्हें प्रचलित करने, और उनका प्रभाव पैदा करने तथा प्रेरणा देने के लिए कुछ चुनी हुई महिलाओं को प्रतिष्ठित भारत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता पुरस्कार (इंडिया नेशनल टेक एक्सीलेंस अवार्ड फॉर वूमेन) 2022 से सम्मानित करने के लिए भारतीय महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

आजादी का अमृत महोत्सव के विशेष अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार (TST INDIA) के एक वैधानिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (Technology Development Board (TDB)) ने अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण में महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान करने के लिए पुरस्कार की स्थापना की है। यह पुरस्कार इस वर्ष 8 मार्च, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदान किए जाएंगे।

पुरस्कारों को दो श्रेणियों में राष्ट्रीय महिला वैज्ञानिक पुरस्कार और राष्ट्रीय महिला उद्यमी पुरस्कार में उत्कृष्टता के लिए वर्गीकृत किया गया है। दोनों पुरस्कार वरिष्ठ (45 वर्ष और अधिक आयु) और युवा (45 वर्ष से कम आयु) की दो अलग-अलग उप-श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे। वरिष्ठ और युवा श्रेणी के लिए पुरस्कार पाने वालों को क्रमशः ₹3 लाख और ₹1 लाख का नकद पुरस्कार मिलेगा, और प्रत्येक श्रेणी में पुरस्कारों की संख्या दो होगी।

आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार tdb gov in पर जा सकते हैं
आवेदन करने की अंतिम तिथि- 15 फरवरी 2022 शाम 5:00 बजे तक है
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मेरी तो नौकरी ही खो गई, 4 साल से नहीं मिल रही: मनेन्दु पहारिया जिला समन्वयक, समग्र स्वच्छता अभियान

Posted: 31 Jan 2022 12:37 PM PST

भोपाल।
मनेन्दु पहारिया ने बताया कि उनकी नियुक्ति समग्र स्वच्छता अभियान के तहत पन्ना जिला समन्वयक के पद पर हुई थी। सन 2015 में उनकी सेवा समाप्त की गई। सन 2018 में हाईकोर्ट ने सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया था। तब से लेकर अब तक उनकी नौकरी लापता है। पन्ना से लेकर भोपाल तक तमाम दौड़-धूप करने के बावजूद उन्हें उनकी नौकरी नहीं मिल पाई है।

जिला पंचायत पन्ना में संविदा में पदस्थ जिला समन्वयक मनेन्दु पहारिया ने बतलाया की राज्य कार्यालय एवं कलेक्टर पन्ना के आदेशों से अगस्त 2015 में मेरी सेवा समाप्त की गई थी। उक्त दोनों आदेशों को उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 14338-2015 में पारित आदेश दिनांक 22.02.2018 के द्वारा निरस्त कर दिया गया एवं विधि अनुसार निर्णय लेने हेतु राज्य कार्यालय को निर्देश प्रदान किए गए। 

मनेंदु पहारिया द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित आदेश के परिपालन में दिनांक 07-03-2018 को जिला पंचायत पन्ना में अपनी उपस्थिति दी गई। उपस्थिति पर कार्यालय जिला पंचायत पन्ना द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी, भोपाल को पत्र प्रेषित कर मार्गदर्शन चाहा गया। 

मनेन्दु पहारिया ने बतलाया की राज्य स्तर पर आज दिनांक तक मेरे बारे में कोई निर्णय नही लिये जाने के कारण कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना में मुझे नियमित उपस्थित होने के उपरांत भी कोई कार्य दायित्व नही सौंपा जा रहा है, ना ही मुझे पारिश्रमिक प्रदाय किया जा रहा है।

श्री पहारिया ने ये भी बतलाया की वह इस संबंध में कई बार व्यक्तिगत तौर पर पंचायत ग्रामीण विकास विभाग में आयुक्त, स्वच्छता मिशन ग्रामीण के राज्य कार्यक्रम अधिकारी, संयुक्त आयुक्त आदि को कई बार व्यक्तिगत रूप से समक्ष में उपस्थित होकर लिखित मैं आवेदन भी दे चुके है, लेकिन कोई निराकरण नही किया गया। 

मनेन्दु पहारिया द्वारा सेवा समाप्ती के संबंध में सूचना के अधिकार अंतर्गत चाही गई जानकारी में कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना द्वारा प्रेषित पत्र दिनांक 02-11-2021 में स्पष्ट लिखा गया की मनेन्दु पहारिया को सेवा से हटाने का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है साथ ही कलेक्टर विधि शाखा जिला पन्ना को प्रेषित पत्र दिनांक 28-10-2021 में स्पष्ट लेख किया है कि प्रकरण में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया जाना है। 

मनेन्दु पहारिया द्वारा बतलाया गया की इसके पूर्व कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्वच्छ भारत मिशन, भोपाल को प्रेषित पत्र दिनांक 11-02-2021 में स्पष्ट लिखा गया है कि पूर्व में दिनांक 07-03-2018 को भेजे पत्र द्वारा इस प्रकरण में चाहा गया मार्गदर्शन प्राप्त नही हुआ है साथ ही जिला पंचायत में लगभग 07 वर्ष के दौरान इनका कार्य अच्छा रहा है। 

उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय, जिला पंचायत पन्ना द्वारा प्रेषित पत्रों एवं मेरे द्वारा किए गए पत्राचार के फलस्वरुप राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (ग्रामीण), भोपाल के पत्र दिनांक 17-11-2021 में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा निरस्त आदेशों को पुन: प्रभावशील कर देने की बात कही है।

कुल मिलाकर कलेक्टर पन्ना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना के पास भी मनेन्दु पहारिया की संविदा सेवा अवधि समाप्त करने का भी कोई आदेश आज दिनांक तक नही है। 

मनेन्दु पहारिया द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य कार्यक्रम अधिकारी, भोपाल द्वारा उन्हें भेजे जाने वाले समस्त पत्र कलेक्टर पन्ना या मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत पन्ना के माध्यम से ही प्रेषित किए जाते है। 

कार्यालय राज्य कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण द्वारा मनेन्दु पहारिया को कार्यादेश एवं पारिश्रमिक प्रदान न कर विगत 07 वर्ष से मानसिक एवं आर्थिक रुप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता:- मनेन्दु पहारिया, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, पन्ना मोबाइल नंबर- 9425146164

MP TET VARG 3 TOPIC- बुद्धि के सिद्धांत- Principles of Intelligence

Posted: 31 Jan 2022 12:22 PM PST

कई मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि के सिद्धांतों का वर्गीकरण उनके आधारभूत तत्वों की संख्या के हिसाब से किया इसमें मुख्य रूप से हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) का बहु बुद्धि सिद्धांत सबसे अधिक प्रचलित और मान्य है। इसी के आधार पर बहुआयामी बुद्धि की अवधारणा को भी स्वीकार किया गया है परंतु उससे पहले हमें बुद्धि के कुछ प्रमुख सिद्धांत और उन सिद्धांतों को देने वाले मनोवैज्ञानिकों के  नाम मालूम होना भी जरूरी है। 

1. एक तत्व या एक कारक सिद्धांत (Single factor or Unifactor Theory) 

इस सिद्धांत को अल्फ्रेड बिने ने दिया था। जिन्होंने मानसिक आयु की अवधारणा भी दी थी और इसी के साथ उन्हें उन्होंने पहला इंटेलिजेंस टेस्ट भी दिया था। इसी कारण उन्हें फादर ऑफ़ इंटेलिजेंस टेस्ट भी कहा जाता है। 

इस सिद्धांत में उन्होंने बताया कि बुद्धि का केवल एक ही तत्व होता है, जिसे सामान्य कारक या जनरल फेक्टर (G factor) कहा जाता है। अगर किसी व्यक्ति में यह एक एक तत्व उपस्थित है तो वह बुद्धिमान है,वरना वह  व्यक्ति किसी भी काम में अच्छा नहीं हो सकता। इस सिद्धांत की कड़ी आलोचना की गई और वर्तमान में यह सिद्धांत बिल्कुल भी मान्य नहीं है। इस सिद्धांत के समर्थक लुईस टर्मन और विलियम स्टर्न थे। 
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

2. द्वि कारक सिद्धांत (Two factor Theory) - 

यह सिद्धांत चार्ल्स स्पीयरमेन (Charles Spearman) ने दिया। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि के दो कारक होते हैं, एक सामान्य कारक (General Factor) तथा दूसरा विशिष्ट कारक (Specific Factor). इस सिद्धांत के अनुसार सामान्य कारक का होना जरूरी है, तभी कोई विशिष्ट कारक बेहतर हो सकता है तथा प्रत्येक व्यक्ति में सामान्य मानसिक योग्यता के अलावा कुछ ना कुछ विशिष्ट योग्यताएँ भी पाई जाती हैं परंतु सामान्य योग्यता का होना जरूरी है। 

3. बहु कारक सिद्धांत (Multi factor theory) -

इस सिद्धांत को थार्नडाइक ने दिया था। जिन्होंने तीन प्रकार की बुद्धि के बारे में बताया था- अमूर्त बुद्धि, मूर्त बुद्धि और सामाजिक बुद्धि (Abstract Intelligence, Concrete Intelligence and Social Intelligence) जिसे ACS से याद रख सकते हैं।
इसके अलावा उन्होंने बुद्धि के चार के चार स्वतंत्र प्रतिमान (Aspects) दिए जो की स्तर (Level), सीमा (Range), क्षेत्र (Area) और गति (Speed) हैं। 

3. त्रिबुद्धि सिद्धांत (Triarchic Theory)-स्टर्नबर्ग
4. प्रतिदर्श सिद्धांत (Sample Theory) -थॉमसन
5. समूह कारक सिद्धांत (Group Factor Theory)- लूईस एल. थर्सटन
6. पदानुक्रम सिद्धांत या त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure Of Intelligence or 3- D Model) - जे. पी. गिल्फोर्ड
7.तरल ठोस बुद्धि सिद्धांत (Crystal &Fluid Intelligence Theory) -आर. बी. केटल
8.बहु बुद्धि सिद्धांत(Theory Of Multiple Intelligence) - हावर्ड गार्डनर
बहु बुद्धि सिद्धांत और बहुआयामी बुद्धि की चर्चा हम अगले आर्टिकल में करेंगे।
मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंपोर्टेंट नोट्स के लिए कृपया mp tet varg 3 notes in hindi पर क्लिक करें.

किस प्रकार के बयानों को कोर्ट में साक्ष्य के रूप में मान्य किया जाता है- Law of evidence,1872

Posted: 31 Jan 2022 11:46 AM PST

कोर्ट में जब भी कोई आपराधिक मुकदमा चलता है तो दोनों पक्षों की ओर से कई लोगों के बयान दर्ज करवाए जाते हैं। इन लोगों को गवाह कहते हैं। आपने सुना होगा, कई मामलों में कोर्ट पुख्ता प्रमाण (दस्तावेजी साक्ष्य) ना होने के बावजूद, बयान के आधार पर अपराधी को सजा सुनाती है। आइए जानते हैं किस प्रकार के बयान 'मौखिक साक्ष्य' कहलाते हैं। यानी कि उन बयानों को प्रमाण मानते हुए फैसले लिए जाते हैं।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 60 की परिभाषा (सरल एवं संक्षिप्त शब्दों में):-

किसी भी प्रकार के मौखिक साक्ष्य प्रत्यक्ष रूप से होने चाहिए अर्थात:-
1. अगर किसी व्यक्ति ने स्वयं अपराध को होते हुए देखा है तब उस व्यक्ति के बयान को साक्ष्य की मान्यता प्रदान की जा सकती है।
2.अगर किसी ने स्वयं अपराध की घटना या अपराध का षड्यंत्र करते हुए सुना है, ऐसे व्यक्ति के बयान को साक्ष्य माना जाता है। 

3. घटनास्थल का निरीक्षण करने वाले पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति के बयान, साक्ष्य माने जा सकते हैं।
4. किसी विशेषज्ञ द्वारा कोई राय जो किसी रीति के अनुसार सत्य हो, मौखिक साक्ष्य होगी।

विशेष नोट:- न्यायालय अनुश्रुत बातें साक्ष्य नहीं होगी अर्थात किसी व्यक्ति के द्वारा सुनी सुनाई बातों को न्यायालय साक्ष्य के रूप में गृहण नहीं करेगा। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

MP SCHOOL EDUCATION- जिन शिक्षकों को वेतनमान मिल रहा है उन्हें प्रभार भी दिया जाना चाहिए: कर्मचारी संघ

Posted: 31 Jan 2022 12:38 PM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि स्कूल शिक्षा विभागान्तर्गत लगभग 750 हायर सेकेण्डरी एवं 1600 हाई शासकीय हाई में नियमित प्राचार्य की पदस्थापना न होने से वे प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं। 

शिक्षा विभाग में व्याख्याता से हाई स्कूल प्राचार्य एवं हाई स्कूल प्राचार्य से हायर सेकेण्डरी प्राचार्य के पद पर पदोन्नति का प्रावधान है। वर्तमान में शासकीय सेवा में प्रमोशन पर रोक होने के फलस्वरूप सरकारी स्कूल को नियमित प्राचार्य नसीब नहीं हो रहे हैं ।जिसके कारण स्कूल के प्रशासनिक एवं आर्थिक कार्य सजगता से निपटने में कठनाईया आ रही है। नियमित प्राचार्य की पदस्थापना न होने से स्कूलों का शैक्षणिक स्तर में भी गिरावट आ रही है। 

प्रदेश सरकार स्कूलों की स्थिति में सुधार लाने हेतु करोड़ों रूपये प्रतिवर्ष खर्च कर रही है। यदि स्कूल शिक्षा विभाग ऐसे व्याख्याता एवं प्राचार्य हाई स्कूल जो कि वरिष्ठ हैं और उन्हें वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरूप प्राचार्य हाई स्कूल / हायर सेकेण्डरी का वेतनमान प्राप्त हो रहा है, उन्हें प्राचार्य हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी में पदस्थापना की जाती है तो स्कूलों में प्रशासनिक एवं आर्थिक कसावट आने के साथ-साथ शैक्षणिक स्तर में भी अत्याधिक सुधार संभव हो पायेगा। 

संघ के योगेन्द्र दुबे , अरवेन्द्र राजपूत , अवधेश तिवारी , नरेन्द्र दुबे , अटल उपाध्याय, जवाहार केवट , पहलाद उपाध्याय , मुन्ना लाल पटेल , नरेन्द्र सेन , मनोज राय द्व , शहजाद सिंह द्विवेदी , आलोक अग्निहोत्री , मुकेश सिंह , दुर्गेश पाण्डेय , रजनीश पाण्डेय , अजय दुबे , अरूण दुबे , विनोद साहू बलराम नामदेव , अजय राजपूत , गोपाल पाठक , हरीशंकर गौतम , गणेश चतुर्वेदी , के . के . तिवारी , कैलाश शर्मा , लक्ष्मरण परिहार , हर्ष • मनोज दुबे , राजेश चतुर्वेदी आदि ने माननीय मुख्यमंत्री जी एवं प्रमुख सचिव , स्कूल शिक्षा विभाग को ई मेल भेजकर मांग की है कि शासकीय हाई स्कूल / हायर सेकेण्डरी स्कूलों में रिक्त प्राचार्य के पदों पर वरिष्ठ व्याख्याता एवं प्राचार्य हाई स्कूल जिन्हें वरिष्ठ वेतनमान के फलस्वरूप प्राचार्य हाई स्कूल / हायर सेकेण्डरी का वेतनमान प्राप्त हो रहा है उनकी पदस्थापना की जाये। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्लिक करें.

Ishar alloy limited के विज्ञापन पर जिला उद्योग केंद्र की प्रतिक्रिया - INDORE NEWS

Posted: 31 Jan 2022 11:09 AM PST

इंदौर।
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र इंदौर श्री अजय सिंह चौहान ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर डी सांवेर रोड़ में स्थित शासकीय भूमि को मेसर्स ईशर अलाय स्टील लिमिटेड (Ishar alloy limited) को उद्योग की स्थापना हेतु पट्टे पर दी गई थी। भूमि का कुल क्षेत्रफल 16 लाख 20 हजार 160 वर्गफीट है। उक्त भूमि पट्टे पर आवंटित की गई थी और इसका कोई भी हिस्सा उक्त इकाई को कभी बेचा नहीं गया।

इकाई के भवन, संयंत्र एवं मशीनरी की बिक्री के संबंध में दिनॉक 08 दिसम्बर 2021 एवं 08 जनवरी 2022 को कुछ समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित हुआ है। जबकि उक्त भूमि के स्थान पर इकाई का कोई भवन एवं संयंत्र मशीनरी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। 

इकाई को आवंटित भूमि मध्यप्रदेश सरकार के स्वामित्व की है और किसी भी उद्योग को अपनी बकाया राशि की वसूली हेतु नीलामी या अन्याथा से बेचने का अधिकार नहीं है। उक्त भूमि का निराकरण मध्यप्रदेश एमएसएमई भूमि एवं भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 के अनुसार होगा। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.

MPPEB NEWS- ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 का रिजल्ट घोषित, यहां देखें

Posted: 31 Jan 2022 08:04 PM PST

PROFESSIONAL EXAMINATION BOARD, BHOPAL द्वारा Group-02 (Sub Group-04) Sahayak Sanparikshak, Kanishth Sahayak, Data Entry Operator and Other Post Recruitment Test - 2020 Re-Exam Result (ग्रुप 2 (सब ग्रुप4) सहायक संपरिक्षक, कनिष्ठ सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर एंड अदर पोस्ट रिक्रूटमेंट टेस्ट- 2020 री एग्जाम का रिजल्ट) घोषित कर दिया गया है। उम्मीदवार ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। डायरेक्ट लिंक हमने भी उपलब्ध कराई है, जहां से रिजल्ट DOWNLOAD किया जा सकता है। 

MPPEB रिजल्ट कैसे चेक करें /  How to check MPPEB result

Step 1- MPPEB की ऑफिशल वेबसाइट https://peb.mp.gov.in ओपन करें।
Step 2- भाषा चयन करें हिंदी या इंग्लिश।
Step 3- इसके बाद होम पेज ओपन होगा।
Step 4 - Result/ परिणाम पर क्लिक करें।
Step 5 - Group-02 (Sub Group-04) Sahayak Sanparikshak, Kanishth Sahayak, Data Entry Operator and Other Post Recruitment Test - 2020 Re-Exam Result पर क्लिक करें।
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Step 6- इसके बाद एक नया पेज ओपन होगा। यहां अपना एप्लीकेशन नंबर या रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ एंटर करें।
Step 7 - दिए गए आसान से सम को सॉल्व करें और सर्च बटन पर क्लिक करें।
Step 8 - आपका रिजल्ट आपके सामने हैं, download करें, एवं प्रिंट कॉपी अपने पास रखें।

जिला प्रशासन ने SI गौतम की हत्या के प्रयास को दुर्घटना बताया- GWALIOR NEWS

Posted: 31 Jan 2022 07:35 AM PST

ग्वालियर।
जिला प्रशासन ने फूलबाग चौराहे पर कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शनकारियों द्वारा एसआई दीपक गौतम की हत्या के प्रयास को दुर्घटना बताया है। (सरकारी प्रेस नोट यहां पढ़ें)

प्रशासन की तरफ से आम जनता की जानकारी के लिए प्रेस को जारी आधिकारिक प्रेस नोट में बताया गया है कि ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर धरना प्रदर्शन के दौरान समूह को समझाते समय झूमाझटकी में सब इंस्पेक्टर श्री दीपक गौतम पुत्र स्व. श्री कृष्ण गोपाल गौतम उम्र 32 वर्ष अग्नि दुर्घटना से पीड़ित हो गए। पुतला दहन के दौरान अग्नि दुर्घटना घटी। घटना के तत्काल बाद सब इंस्पेक्टर श्री दीपक गौतम को उपचार के लिए अपोलो अस्पताल भर्ती कराया गया।

जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना में जोर देकर दोबारा लिखा गया है कि 'पुतला दहन के दौरान अग्नि दुर्घटना घटी।' जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के शीर्षक (फूलबाग पर धरना प्रदर्शन के दौरान अग्नि दुर्घटना में सब इंस्पेक्टर श्री दीपक हुए घायल) में भी दुर्घटना शब्द का उपयोग किया गया है। जबकि ग्वालियर के पत्रकारों की तरफ से जारी समाचार में बताया गया है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारी पर जलता हुआ पुतला फेंक दिया। एक स्वतंत्र समाचार माध्यम में यह भी दावा किया है कि एसआई गौतम तरफ पेट्रोल भी फेंका गया था। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

राज्यपाल ने गृहमंत्री की प्रशंसा की, भाजपा की राजनीति में नया इवेंट- MP NEWS

Posted: 31 Jan 2022 07:01 AM PST

भोपाल।
कभी पावर में तो कभी पावरफुल के पीछे नजर आने वाले मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार के प्रवक्ता एवं गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल ने सराहना करते हुये कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर बाढ़ पीड़ितों की सहायता की। 

भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक राजनीति के लिए यह एक बड़ा घटनाक्रम है। राज्यपाल द्वारा इस प्रकार से प्रशंसा किया जाना न केवल डॉ मिश्रा का उत्साहवर्धन है बल्कि सरकार में उनकी स्थिति को मजबूत और कद को बढ़ाने वाला बयान है। भाजपा में किसी से छुपा नहीं है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पिछले कुछ समय से गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को अपनी टीम में पसंद नहीं कर रहे हैं। 

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ नरोत्तम मिश्रा इन दिनों कई मोर्चों पर एक साथ संघर्ष कर रहे हैं। डॉ नरोत्तम मिश्रा को अमित शाह की टीम का सदस्य माना जाता है परंतु बंगाल के चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में अमित शाह की टीम के सदस्य कुछ कमजोर से नजर आ रहे हैं। इस लिस्ट में कैलाश विजयवर्गीय सबसे पहला नाम है।  मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.

DAVV NEWS- LLB परीक्षाओं में खुली नकल की शिकायतों के बाद उड़न दस्ते तैनात

Posted: 31 Jan 2022 06:55 AM PST

इंदौर।
उच्च शिक्षा विभाग के दबाव में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर ऑफलाइन परीक्षा तो शुरू करवा दी परंतु व्यवस्थाएं पूरी नहीं थी। 18 जनवरी से शुरू हुई परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए अब जाकर उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं। बताया गया है कि खुली नकल की कई शिकायतें सामने आई थी। पहली मर्तबा विश्वविद्यालय प्रशासन ने विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा पर निगरानी रखने के लिए अलग से उड़नदस्तों को गठित किया है, जो सिर्फ उन परीक्षा केंद्रों का दौरा करेंगे, जहां विधि की परीक्षाएं चल रही हैं। 

बीबीए, बीसीए, एमकाम, एमएससी, एमए, एलएलबी, बीएएलएलबी, बीएससीएलएलबी, बीकाम कोर्स की परीक्षाएं 18 जनवरी से शुरू हुई है जो 10 फरवरी तक चलेंगी। तीन सत्र में ये परीक्षाएं रखी गई हैं, जिसमें 35-37 हजार विद्यार्थी शामिल हुए हैं। इनके लिए 100 से ज्यादा केंद्र बनाए हैं। यहां नकलचियों पर नजर रखने के लिए दस से ज्यादा टीमें बनाई हैं, जिन्हें अलग-अलग शिफ्ट की जिम्मेदारी दी है। विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा के लिए दो विशेष दल बनाए हैं, जो सिर्फ इन्हीं केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। सूत्रों के मुताबिक लंबे समय बाद आफलाइन परीक्षा हो रही हैं। पहले विद्यार्थियों ने ओपन बुक से परीक्षा दी है। इसके चलते अधिकारियों ने नकल की आशंका जताई थी। उड़नदस्तों को विशेषतौर पर संवेदनशील कालेजों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं। 

जीएसीसी, निर्भयसिंह पटेल न्यू साइंस कालेज, होलकर साइंस कालेज, शासकीय विधि महाविद्यालय, ओल्ड जीडीसी, न्यू जीडीसी के अलावा कुछ निजी कालेज भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आधा दर्जन विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा में करीब आठ हजार विद्यार्थी बैठे है। गोपनीय विभाग की उपकुलसचिव रचना ठाकुर ने कहा कि सिर्फ विधि पाठ्यक्रम की परीक्षा पर नजर रखने के लिए दो विशेष दल गठित किए हैं। सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP BOARD 1st-12th की परीक्षाएं कब होंगी, स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया

Posted: 31 Jan 2022 07:49 AM PST

भोपाल
। मुख्यमंत्री द्वारा कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को खोलने के आदेश देने के बाद स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि सभी विद्यार्थी निश्चित दिन में स्कूल जाकर शिक्षकों से उचित मार्गदर्शन ले और पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समय से परीक्षा आयोजित की जाएगी।

मध्यप्रदेश में ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगे या बंद हो जाएंगी, शिक्षा मंत्री ने बताया

मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया है कि स्कूलों के संचालन के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कक्षाओं के संचालन के दौरान कोरोना संबंधी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन कक्षाएँ पूर्व की तरह ही संचालित की जायेगी। 

स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्कूल खोलने के संबंध में चिकित्सा विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है।, शिक्षा मंत्री का बयान के बाद स्पष्ट हो गया है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार होंगी। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

SGSITS INDORE के स्टूडेंट्स की इलेक्ट्रिक कार सुर्खियों में

Posted: 31 Jan 2022 06:49 AM PST

इंदौर।
प्रदेश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट, श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (एसजीएसआइटीएस) के स्टूडेंट द्वारा बनाई गई इलेक्ट्रिक कार सुर्खियों में है। यह कार मात्र 1 महीने में बनकर तैयार हुई है। 2 लोग आराम से यात्रा कर सकते हैं। 30 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड देती है और 150 किलो वजन उठा सकती है।

कार बनाने की टीम में शामिल अक्षत सिन्हा का कहना है कि कार की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। कार में 750 वाट की लिथियम बैटरी लगाई गई है। इसमें डीसी मोटर लगाई है जिसकी सहायता से 150 किलो तक का सामान खींचा जा सकता है। इनोवेशन की बात करें तो कार में शार्ट सर्किट के कारण आग न लगे, इसके लिए एक विशेष सर्किट बनाया गया है। इसके तहत कार की वायरिंग में फाल्ट हो जाता है तो सर्किट के कारण आग नहीं लग पाएगी। 

अक्षत ने बताया कि कार में दो सवारी बैठ सकेगी और एक बार बैटरी को चार्ज करने पर चार से पांच घंटे इस कार को चलाया जा सकता है। अभी कार को ट्रायल के तौर पर परिसर में चलाकर देखा जा रहा है। संस्थान के निदेशक डा. राकेश सक्सेना का कहना है कि खास बात यह है कि कार में सभी सुरक्षा पैमानों का ध्यान में रखा गया है। परिसर का माहौल बेहतर बनाए रखने के लिए यह भी कोशिश की जा रही है कि कम से कम वाहनों को अंदर तक आने दिया जाए। इसमें इलेक्ट्रिक कार महत्वपूर्ण रहेगी। 

एक सप्ताह में इसका ट्रायल लेकर इसका उद्घाटन कर देंगे। कार बनाने वाली टीम में अमनदीप सिंह, वंशिका त्रिपाठी, जागृति बोरिले, तनिषा अग्रवाल, श्रेष्ठा चंद्रा, अमित पालीवाल, आयुष गुप्ता, कल्पिश चौधरी, देव्यांश मंगल और संस्थान के प्रो. रवि जटोला ने सहयोग दिया है। सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

GWALIOR हाईकोर्ट से विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को राहत

Posted: 31 Jan 2022 06:40 AM PST

ग्वालियर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की युगल पीठ ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को राहत प्रदान की है जिनके खिलाफ एकल पीठ ने लोकायुक्त को FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट ने आरोपी अधिकारियों को दोषमुक्त नहीं किया है बल्कि शासन को आदेशित किया है कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाए। मामला सन 1997 का है। एकल पीठ ने 2019 में आदेश दिया था। युगल पीठ ने 2022 में आदेश निरस्त कर दिया।

हाई कोर्ट की एकलपीठ ने 13 दिसंबर 2019 को आदेश दिया था कि एक गरीब किसान की जमीन हड़पने की साजिश दिख रही है। ग्राम मऊ के किसान कमल सिंह से जो अनुबंध किया गया था, वह नियमानुसार नहीं था। लोकायुक्त इस मामले में FIR दर्ज करे। जमीन हड़पने में GDA के कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ बिना दबाव के जांच की जाए। उसके बाद दोषियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जाए। 

इस आदेश को जीडीए, कमल सिंह, 21वीं सदी गृह निर्माण समिति ने रिट अपील दायर कर चुनौती दी थी। जीडीए की ओर से अधिवक्ता राघवेंद्र दीक्षित ने तर्क दिया कि समिति अध्यक्ष से अनुबंध के अनुसार भूमि राजस्व अभिलेख में प्राधिकरण के नाम से कराने के लिए कहा गया था। प्राधिकरण ने समिति को एक माह के भीतर भूखंडों की राशि 8 करोड़ 19 लाख 85 हजार जमा करने के लिए बोला एवं एक माह में उक्त राशि जमा न करने की स्थिति में समिति के खिलाफ प्राधिकरण द्वारा आपराधिक प्रकरण पंजीबद्घ कराने के लिए आदेशित किया था।

यह है मामला

21वीं सदी गृह निर्माण सहकारी समिति ने किसान कमल सिंह से 1997 में 20 बीघा जमीन का अनुबंध किया था। इस अनुबंध के चार दिन बाद समिति ने जीडीए से जमीन का अनुबंध कर लिया। समिति, कमल सिंह व जीडीए के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध हो गया। त्रिपक्षीय अनुबंध में तय हुआ किजीडीए जो जमीन विकसित करेगी, उसके 25 फीसदी प्लाट समिति को देगी, लेकिन जीडीए ने समिति को प्लाट न देते हुए किसान को दे दिए। जीडीए ने समिति को 8 करोड़ 19 लाख 85 हजार का नोटिस दिया था। जिसको लेकर समिति ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर कोर्ट ने एफआइआर के आदेश दिए थे।

कोर्ट ने यह दिए हैं आदेश
- जीडीए ने समिति से वर्तमान कलेक्टर दर से मांगी गई राशि 8 करोड़ 19 लाख 85 हजार रुपये को विधि संगत मानते हुए यथावत रखा है। जीडीए अपने पैसे वापस ले सकती है।
-प्राधिकरण की महाराजपुरा की आवास योजना को ग्राम निवेश अधिनियम के तहत विधि संगत मानते हुए योजना को निरंतर जारी रखने का अदेश दिया है।
- 1997 में अनुबंध हुआ था तब के अधिकारियों की भूमिका की जांच शासन करेगा। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

JABALPUR NEWS- युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने अवैध नियुक्तियां कर दी, निरस्त

Posted: 31 Jan 2022 06:36 AM PST

जबलपुर।
युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष द्वारा की गई 16 जिला उपाध्यक्ष की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष के आदेश पर नियुक्तियों को निरस्त करने की घोषणा की गई। इससे पहले नियुक्तियों को लेकर काफी विवाद हुआ और वीडियो भी वायरल हुए।

29 जनवरी को भोपाल में युवक कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस मामले को लेकर जिला उपाध्यक्ष विजय रजक ने संगठन के समक्ष आपत्ति उठाई। इस बैठक का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें वो आरोप लगा रहे हैं कि जिला संगठन ने बिना पदाधिकारियों की रायशुमारी के पद तय कर दिए। जिस पद पर चार नाम घोषित किए जाते हैं उस पर 20 नाम शामिल हुए हैं। 

इसके अलावा भी कई पदों पर ऐसा ही किया गया है। संगठन की तरफ से जिले के प्रभारी को लेकर विजय रजक वीडियो में कहते दिखे कि जिले के प्रभारी के लिए होटल और दूसरी व्यवस्था कर दी जाए तो उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं होती है। उनके इस आरोप के वीडियो में कई दूसरे कार्यकर्ता ताली बजाकर समर्थन करते नजर आ रहे हैं।

जबलपुर में युवक कांग्रेस के चार उपाध्यक्ष ओं के नाम

अनमोल सिंह ठाकुर, अंकुर गुप्ता, शोभित बोहित और सुमित अहिरवार को प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने जिला उपाध्यक्ष बनाया है। नियुक्ति में साफ लिखा है कि इसके अलावा जो भी अन्य नाम उपाध्यक्ष के लिए मनोनीत किए गए है उन्हें मान्य नहीं किया गया है। जिले में सिर्फ चार उपाध्यक्ष है।

जबलपुर में युवक कांग्रेस के 16 नेताओं की नियुक्तियां निरस्त

भारतीय युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जितिन राज ने शिशिर नन्होरिया, संदीप सेन, शुभम बोहीत, अनमोल सिंह ठाकुर, राजा घनघोरिया, सुमित अहिरवार, राहुल कुचबंधिया, मो.तनवीर खान, अंकुर गुप्ता, रविन्द्र कुशवाहा, नितिन सिंह, आकाश तिवारी, राज विश्वकर्मा, अरशद अली, अमर धरमपुरिया, विनय कुशवाहा, सिद्वांत जैन, नीलेश जैन नीटू, अंकित ठाकुर और वीरू यादव को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। उक्त नाम में सिर्फ चार नाम ही संगठन ने उपाध्यक्ष के लिए मान्य किए हैं।
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संगठन ने सिर्फ चार लोगों को ही उपाध्यक्ष के लिए नियुक्त किया है। शेष अन्य नाम को मान्य नहीं किया गया है। संगठन में चार नाम ही तय हो सकते हैं।
-अंकित डेडा, प्रदेश प्रभारी युवक कांग्रेस

युवक कांग्रेस की भोपाल में बैठक हुई थी जिसमें प्रदेश अध्यक्ष के सामने जिले में हुई भंडारे की तरह हुई नियुक्तियों को आपत्ति दर्ज की थी। इसी के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से 16 उपाध्यक्षों को पद मुक्त किया है। इंटरनेट पर वीडियो किसने जारी किया मुझे नहीं पता।
- विजय रजक, उपाध्यक्ष युवक कांग्रेस जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया jabalpur news पर क्लिक करें.

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारी पर जलता हुआ पुतला फेंका, गंभीर, भर्ती- GWALIOR NEWS

Posted: 31 Jan 2022 06:02 AM PST

ग्वालियर।
विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जलता हुआ पुतला पुलिस अधिकारी (सब इंस्पेक्टर) दीपक गौतम पर फेंक दिया। इस हमले में दीपक गौतम गंभीर रूप से जल गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बयान जारी करके कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। 

ग्वालियर में 70 साल पुरानी सब्जी मंडी की शिफ्टिंग की जा रही थी। इसके विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता सुनील शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया था। अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस पार्टी एवं NSUI के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला जला रहे थे। सब इंस्पेक्टर दीपक गौतम प्रदर्शनकारियों को पुतला जलाने से रोकने के लिए गए थे। 

एसआई दीपक गौतम जब प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे तो उन्होंने जलता हुआ पुतला एसआई दीपक गौतम के ऊपर फेंक दिया। इस घटना में सब इंस्पेक्टर गौतम की वर्दी जल गई एवं बदले की आग से बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती किया गया है। उल्लेखनीय है कि NSUI के जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव 2 दिन पहले जीवाजी विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से भी उलझ गए थे। उपद्रव रोकने के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया था। ग्वालियर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया GWALIOR NEWS पर क्लिक करें.

AG8 BHOPAL- राजीव और हेमंत सोनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश

Posted: 31 Jan 2022 05:48 AM PST

AG8 VENTURES LIMITED, BHOPAL के डायरेक्टर राजीव सोनी एवं CMD हेमंत कुमार सोनी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। RERA MP द्वारा आकृति एक्वासिटी (पी-बीपीएल-17-732) का पंजीयन रद्द कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा ए.जी.-8 वेंचर लिमिटेड,आकृति हाउस,आकृति ईको सिटी,ई-8 एक्सटेंशन,भोपाल के संचालक श्री राजीव सोनी एवं श्री हेमंत कुमार सोनी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही का आदेश दिया गया है। इस संबंध में 28 जनवरी, 2022 को आदेश पारित किया गया और ए.जी.-8 वेंचर लिमिटेड, भोपाल के विरुद्ध 3 करोड़ 50 लाख रुपये का अर्थ-दण्ड लगाया गया है। साथ ही परियोजना आकृति एक्वासिटी (पी-बीपीएल-17-732) का पंजीयन रद्द (प्रतिसंहरित) किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि परियोजना आकृति एक्वासिटी के लगभग 275 आवंटितियों ने प्राधिकरण को शिकायत कर सम्प्रवर्तक से अग्रिम जमा की गई राशि वापस दिलाने एवं क्षतिपूर्ति की माँग की गई। प्राधिकरण ने समस्त तथ्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि प्रमोटर आकृति एक्वासिटी परियोजना के लिये आवंटितियों द्वारा जमा कराई गई राशि की वापसी तथा प्रतिकर भुगतान संबंधी 37 आदेशों का पालन नहीं किया है और 13 आदेशों का पालन आंशिक रूप से किया है। भोपाल की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया bhopal news पर क्लिक करें.

RDVV NEWS- परीक्षा फॉर्म की लास्ट डेट बढ़ाई

Posted: 31 Jan 2022 04:53 AM PST

RDVV- Rani Durgawati VishwaVidyalay (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर) की ओर से की परीक्षा फॉर्म के आवेदन की तिथि को बढ़ा दिया गया है। अब विद्यार्थी दिनांक 3 फरवरी 2022 से 8 फरवरी 2022 तक यह परीक्षा आवेदन पत्र एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भर सकते हैं। 

गौरतलब है कि विलंब शुल्क को ₹100 के साथ 10 फरवरी 2022 तक तथा विलंब शुल्क ₹750 के साथ 12 फरवरी 2022 तक आवेदन किए जा सकते हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के आदेश अनुसार अधिसूचित किया जाता है कि सीबीसीएस (CBCS) पाठ्यक्रम बी.वॉक.,एम.एल.टी. तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर (नियमित/ भूतपूर्व /रिपीट एग्जाम) दिसंबर 2021 के परीक्षा आवेदन पत्र एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भरे जाने की तिथि, शुल्क विवरण घोषित कर दिया गया है। समस्त विभाग अध्यक्ष छात्र छात्राओं को सूचित कर निर्धारित तिथि पर परीक्षा आवेदन पत्र भरवाएं।

इसी प्रकार बी.वॉक. ,बी.सी.टी. तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर (नियमित/ भूतपूर्व/ रिपीट एग्जाम) दिसंबर -2021 के परीक्षा आवेदन पत्र एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भरे जाने की तिथि एवं शुल्क विवरण  विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है समस्त विभाग अध्यक्ष छात्र छात्राओं को सूचित कर निर्धारित तिथि पर परीक्षा आवेदन पत्र भरवाएं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

MP NEWS- वन विभाग का बकरा चोरी, तेंदुआ पकड़ने पिंजरे में बांधा था

Posted: 31 Jan 2022 04:44 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से मजेदार खबर आ रही है। वन विभाग ने आवारा तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में एक बकरा बांधा था। तेंदुआ तो नहीं आया, बकरा चोरी हो गया। वन विभाग के अनुसार बकरी की कीमत ₹3000 है। तेंदुआ तो सिर दर्द था ही। अब बकरा भी चोरी हो गया। 

उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले ही पथरिया विधायक राम बाई का वीडियो वायरल हुआ था। वह वन विभाग के अधिकारियों को लताड़ लगा रही थी। उनका कहना था कि खुला घूम रहा तेंदुआ आम नागरिकों की जान के लिए खतरा है। लोगों में दहशत है। वन विभाग उसे पकड़ने में असफल साबित हो रहा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा था कि यदि आप से नहीं हो पा रहा है तो हमें परमिशन दे दीजिए। 

इसी के बाद वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए एक पिंजरे में बकरा बांधा था। कहा था कि जैसे ही तेंदुआ बकरे को खाने के लिए आएगा, पिंजरे का दरवाजा बंद हो जाएगा। वन विभाग की तकनीक फेल हो गई। पिंजरे से बकरा गायब है और पिंजरे के अंदर तेंदुआ भी नहीं है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

जिला न्यायालयों में स्टेनोग्राफर एवं असिस्टेंट ग्रेड 3 की परीक्षा की तारीख घोषित- mp government jobs

Posted: 31 Jan 2022 07:00 AM PST

जबलपुर
। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, जबलपुर ने ऑनलाइन प्रिलिमनरी एग्जाम की डेट घोषित कर दी है। अब यह एग्जाम 22 फरवरी 2022 को 7 जिला केंद्रों पर आयोजित होगा एवं इसके लिए एडमिट कार्ड 12 फरवरी 2022 से डाउनलोड किए जा सकते हैं। यह परीक्षा स्टेनोग्राफर ग्रेड 2 एंड 3, स्टेनोग्राफर ग्रेड- 3 (कोर्ट मैनेजर स्टाफ) असिस्टेंट ग्रेड- 3 एंड असिस्टेंट ग्रेड- 3 इंग्लिश नोइंग फॉर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट- 2021 के पदों के लिए आयोजित की जा रही है। 

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर ने पत्र क्रमांक 638 द्वारा रजिस्ट्रार वैभव मंडलोई के हस्ताक्षर द्वारा सूचना जारी की है कि मध्य प्रदेश राज्य के जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापनाओं पर शीघ्र लेखक ग्रेड -2 ,शीघ्र लेखक ग्रेड -3 ,शीघ्र लेखक ग्रेड- 3 (कोर्ट मेनेजर स्टाफ) ससहायक ग्रेड -3 एवं सहायक ग्रेड -3 (English Knowing) के पदों की भर्ती 2021 हेतु ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि उनकी ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 22 फरवरी 2022 मंगलवार को जबलपुर ,भोपाल, इंदौर, ग्वालियर ,सागर, सतना एवं उज्जैन जिलों के केंद्रों पर आयोजित कराई जाएगी।

अभ्यार्थी अपने प्रवेश पपत्र(Admit card) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की वेबसाइट www.mphc.gov.in से अपना रजिस्ट्रेशन क्रमांक एवं पासवर्ड दर्ज कर दिनांक 12 फरवरी 2022 ( शाम) से डाउनलोड कर सकते हैं. उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

मध्यप्रदेश में नया आरक्षण रोस्टर लागू, GAD का आदेश जारी- MP NEWS

Posted: 31 Jan 2022 04:17 AM PST

Madhya Pradesh new reservation roster

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने आरक्षण के मामले में बड़ा फैसला लिया है। सीधी भर्ती से भरे जाने वाले सभी प्रकार के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदों पर 73% आरक्षण लागू कर दिया है। 

मध्य प्रदेश की नई आरक्षण तालिका- new reservation table of madhya Pradesh

अनुसूचित जाति को 16% 
अनुसूचित जनजाति को 20% 
अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% 
आर्थिक रूप कमजोर आय वर्ग के लोगों को 10% 
कुल आरक्षण- 73% 

मध्य प्रदेश के सभी विभागों के मुख्य सचिव से लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तक सभी अधिकारियों को भेजे गए पत्र क्रमांक एफ 07-55/2021/ आ.प्र./ एक दिनांक 31 जनवरी 2022 के अनुसार सीधी भर्ती से भरे जाने वाले प्रदेश स्तरीय अथवा जिला स्तरीय पदों के लिए नवीन 100 बिंदु आरक्षण रोस्टर का निर्धारण/ संधारण किया गया है। इस रोस्टर में विस्तार पूर्वक बताया गया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग को दिनांक 8 मार्च 2019 से 27% आरक्षण का लाभ प्राप्त होगा एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिनांक 2 जुलाई 2019 से 10% आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। 

दिशा प्रणय नागवंशी उपसचिव सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन के हस्ताक्षर से जारी पत्र में आदेशित किया गया है कि नवीन आरक्षण रोस्टर का पालन सुनिश्चित किया जाए। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.

मध्य प्रदेश में स्कूल खोलने का फैसला: सीएम शिवराज सिंह- MP NEWS

Posted: 31 Jan 2022 07:50 AM PST

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल खोलने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दिनांक 1 फरवरी 2022 से स्कूल पुनः खोल दिए जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि इस बारे में उन्होंने सभी चिकित्सा विशेषज्ञों से बात कर ली है। स्पष्ट नहीं कहा लेकिन उनके बयान का आशय है कि अब कोई खतरे की बात नहीं है।

मुख्यमंत्री के कार्यालय से जारी सीएम शिवराज सिंह चौहान के आधिकारिक बयान में लिखा है कि 'स्कूल खोलने के संबंध में चिकित्सा विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया है कि 1 फरवरी, 2022 से स्कूल पुनः खोले जायेंगे। कक्षा 1 से 12 तक सभी कक्षाएं 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ संचालित होंगी। आवासीय विद्यालय और छात्रावास भी 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोले जा सकेंगे। 

कोरोनावायरस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में किस समय 60,000 से ज्यादा नागरिक कोरोनावायरस से संक्रमित हैं। राजधानी भोपाल की पॉजिटिविटी रेट 20% से अधिक है जबकि मध्यप्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 10% है। पिछले कुछ दिनों में संक्रमित नागरिकों की संख्या कम हुई है। यह प्रतिदिन 10000 के आसपास चल रही है। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री का बयान 

मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि दिनांक 1 फरवरी 2022 से कक्षा एक से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल 50% उपस्थिति के साथ खोले जाएंगे

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