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Friday, January 28, 2022

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UP Board Date Sheet 2022 : यूपी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल नई सरकार बनने के बाद होगा जारी, जानें कब आएगी डेटशीट

Posted: 27 Jan 2022 05:38 PM PST

UP Board Date Sheet 2022 : यूपी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल नई सरकार बनने के बाद होगा जारी, जानें कब आएगी डेटशीट

UP Board Date Sheet 2022 : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर परीक्षा की समय सारिणी ( UPMSP UP Board 10th 12th Time Table 2022 ) प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद ही जारी होगी। बोर्ड ने 14 अगस्त को जारी अपने शैक्षणिक कैलेंडर में मार्च अंत से 10वीं-12वीं की परीक्षाएं प्रस्तावित की थी। लेकिन परीक्षा की समय सारिणी पर कोई निर्णय होने से पहले विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। अब नई सरकार के गठन के बाद ही समय सारिणी ( UP Board Exam 2022 dates ) पर मुहर लगेगी। 10 मार्च को मतगणना के बाद एक सप्ताह में सरकार के गठन की उम्मीद और उसके बाद यानि मार्च के तीसरे सप्ताह में समय सारिणी फाइनल होने की उम्मीद जताई जा रही है।


आठ महीने पहले दे दी थी 2020 की समय सारिणी
वर्ष 2020 की 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए समय सारिणी सरकार ने आठ महीने पहले एक जुलाई 2019 को ही जारी कर दी थी। उस समय तर्क दिया गया था कि समय सारिणी जल्द जारी करने से बच्चों को तैयारी का भरपूर समय मिलेगा और नकल पर रोक लगेगी। इसी प्रकार 2019 की समय सारिणी उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने छह महीने पहले 10 सितंबर 2018 को घोषित की थी। पिछले साल कोरोना के कारण तीन बार समय सारिणी जारी करने के बावजूद परीक्षा नहीं कराई जा सकी थी।

एक नजर आंकड़ों पर
- 28 हजार से अधिक स्कूलों के बच्चे देंगे बोर्ड परीक्षा
- 27,83,742 छात्र-छात्राएं हाईस्कूल परीक्षा के लिए हैं पंजीकृत
- 23,91,841 विद्यार्थी इंटरमीडिएट परीक्षा में होंगे सम्मिलित

स्कूल - कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों के साथ शुरू की चर्चा, अन्तिम निर्णय होगा राज्यों के हाथ

Posted: 27 Jan 2022 05:23 PM PST

स्कूल - कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों के साथ शुरू की चर्चा, अन्तिम निर्णय होगा राज्यों के हाथ


कोरोना के डर से बंद पड़े देश भर के स्कूल कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को संक्रमण की रफ्तार के थमते ही फिर से खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। हालांकि इन्हें कब से खोला जाना है इसका फैसला राज्यों को ही करना है।


नई दिल्ली । कोरोना के डर से बंद पड़े देश भर के स्कूल, कालेज सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को संक्रमण की रफ्तार के थमते ही फिर से खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। हालांकि इन्हें कब से खोला जाना है, इसका फैसला राज्यों को ही करना है। लेकिन इससे पहले छात्रों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कुछ जरुरी दिशा-निर्देश दिए जा सकते है। फिलहाल इसकी तैयारी शुरु हो गई है। इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार ने एक फरवरी से कक्षा एक से 12 तक के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं फिर से खोलने की घोषणा की है।


केंद्र ने बच्चों के वैक्सीनेशन की मांगी जानकारी

सभी राज्यों से 15 साल से ज्यादा उम्र वाले छात्रों के वैक्सीनेशन की जानकारी मांगी गई है। वैसे भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार के धीमी पड़ने के साथ जिस तरह से सभी राज्यों में बाजार और दूकानें खुल गई है, ऐसे में स्कूलों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को भी खोलने की भारी दबाव है। खासकर जो बच्चे दसवीं व बारहवीं में है, उनके अभिभावकों की ओर से स्कूलों को खोलने की मांग लगातार की जा रही है। हालांकि इसके बाद भी ज्यादातर राज्य स्कूलों को खोलने को लेकर हिचक रहे है।



स्कूलों में दसवीं और बारहवीं के छात्रों को बुलाया जा सकता है पहले

शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कई राज्यों ने तो इसे लेकर संपर्क भी साधा है। साथ ही कोरोना की पिछली लहरों की तर्ज पर इस बार स्कूलों सहित दूसरे शैक्षणिक संस्थानों को जैसे कोचिंग आदि को खोलने को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। जिसके बाद ही मंत्रालय ने इस दिशा में काम शुरू किया है। फिलहाल जो संकेत मिल रहे है, उनमें अभी सिर्फ नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। बाकी बच्चों को अगले कुछ महीने और स्थिति को देख कर निर्णय लिया जाएगा। वहीं कोचिंग संस्थानों को भी सीमित संख्या के साथ खोलने की अनुमति होगी।



केंद्र सरकार इसे लेकर जारी कर सकती है जरुरी दिशा-निर्देश भी

शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में वैसे भी बोर्ड सहित जेईई मेंस व नीट जैसी परीक्षाएं है। जिसके लिए स्कूलों को खोलना ही होगा। इससे पहले दसवीं और बारहवीं की प्रायोगिक परीक्षाएं भी होनी है। जिसमें छात्रों को बुलाना जरुरी होगा। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि स्कूलों व शैक्षणिक संस्थानों को खोलने में कोई खतरा नहीं है।


 विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमितों में स्कूली बच्चों की आयु वर्ग वालों की संख्या काफी कम है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के डर से स्कूल-कालेजों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई आनलाइन कराई जा रही है, लेकिन क्लास रूम जैसी पढ़ाई से वंचित है। अधिकांश बच्चे इस आनलाइन पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है।

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